Home Blog Page 5640

दहेज के लिए दे दिया तीन तलाक, अब देवर इदरीश से हलाला का बनाया जा रहा दबाव

तीन तलाक़ बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही अब कानून बन चुका है। ऐसे में मुस्लिम महिलाओं में न्याय पाने की उम्मीद जगी है। मंगलवार को राज्यसभा में तीन बिल के पास होने के बाद से ही एक साथ तीन तलाक देना अपराध की श्रेणी में आ गया है। ऐसे में तीन तलाक़ के कई मामले तेजी से रिपोर्ट हो रहे हैं। इसी कड़ी में, बुधवार को ग्रेटर नोएडा के दनकौर में तीन तलाक का एक ऐसा ही मामला रिपोर्ट हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा महज एक लाख रुपए दहेज नहीं दे पाने के कारण तीन तलाक का मामला सामने आया है। बता दें कि दनकौर निवासी हाजी जहूर ने अपनी बेटी समीना और शबाना का निकाह दादरी के नई आबादी निवासी इकबाल व इदरीश से करीब 14 साल पहले की थी। जहूर का आरोप है कि शादी के बाद से ही समीना के पति इकबाल और अन्य लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहे। शुरूआती दौर में बेटी का घर सलामत रहे, इसके लिए पैसे दिए भी। लेकिन बाद में बेटियों से मारपीट भी करने लगे तो कोर्ट में वाद दायर किया गया।

बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ तो मामला शांत हो गया। अभी फिर से दहेज़ की बात उठने लगी तो 27 जुलाई की रात 8 बजे दोनों बेटियों के साथ फिर से मारपीट की गई। इस बीच इकबाल ने समीना को ट्रिपल तलाक दे दिया। फिर मारपीट कर घर में ही बंधक बना लिया। इसका विरोध करने पर पीड़िता की बहन शबाना, जो आरोपित के छोटे भाई इदरीश की पत्नी है, उसे भी तीन तलाक दिलवाने की धमकी दी गई। महिला ने विरोध किया तो दोबारा निकाह के लिए देवर से हलाला का दबाव बनाया जाने लगा। पीड़िता तीन बच्चों की माँ है यह भी बताया जा रहा है।

अगले दिन समीना के पिता ने दादरी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने समीना को उसके मायके वालों के हवाले कर दिया। पीड़िता के पिता हाजी जहूर ने सूरजपुर एसएसपी को लिखित शिकायत की है कि पीड़िता के ससुराल वाले पहले भी उसके साथ मारपीट करते थे। उसने इस मामले में ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत भी की थी, लेकिन बाद में समझौता हो गया था।

फिलहाल, शिकायत में सभी आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई करने की माँग की गई है।

लादेन का बेटा हमजा ढेर: फिर अमेरिका ने क्यों रखा इनाम, सऊदी अरब ने छीनी किसकी नागरिकता?

अल-कायदा सरगना हमजा बिन लादेन मारा गया है। वह 9/11 को अंजाम देने वाले ओसामा बिन लादेन का बेटा था। अमेरिकी मीडिया ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।

उसे कहॉं, कब और कैसे मारा गया यह स्पष्ट नहीं है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से इनाम के एलान और सऊदी अरब द्वारा नागरिकता छीने जाने से पहले ही हमजा मारा गया था।

अमेरिकी विदेश विभाग ने इसी साल फरवरी में हमजा के ठिकाने की जानकारी देने पर 10 लाख डॉलर के इनाम की घोषणा की थी। इसके बाद 1 मार्च को सऊदी अरब ने हमजा की नागरिकता निरस्त कर दी थी।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि इनाम की घोषणा से पहले ही वह मारा गया था। हालॉंकि तब अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के पास उसके मारे जाने की पुष्ट सूचना नहीं थी। अधिकारियों ने अभियान की संवेदनशीलता और खुफिया वजहों से अखबार को ज्यादा विवरण देने से इनकार कर दिया।

अखबार ने पूर्व एफबीआई एजेंट अली सूफान के हवाले से बताया है कि अल-कायदा द्वारा अपने नेता की मौत का ऐलान न कर उसकी शहादत नहीं मनाना हैरान करने वाला है। लेकिन, अमेरिकी सरकार के पास यदि उसके मारे जाने की पुष्ट सूचना है तो इससे अल-कायदा के मंसूबों को तगड़ा झटका लगा है।

डेली मेल के मुताबिक हमजा के ठिकाने का कभी भी पता नहीं लग पाया। ऐसा माना जाता था कि वह ईरान में है, लेकिन उसके अफगानिस्तान, पाकिस्तान और सीरिया में होने की खबरें भी आती रही। कई बार उसने ऑडियो और वीडियो संदेश जारी कर अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों पर हमले की बात कही थी। अपने पिता की हत्या का बदला लेने की भी धमकी दी थी। लादेन को अमेरिकी सील कमांडो ने पाकिस्तान के एबटाबाद में मई 2011 में मार गिराया था। हमजा का आखिरी बयान अल-कायदा ने 2018 में जारी किया था।

माना जाता है कि हमजा 1989 में सऊदी अरब के जेद्दा में पैदा हुआ था। वह लादेन के 20 बच्चों में से 15वां बेटा था। वह लादेन की तीसरी बीवी से पैदा हुआ था। उसका निकाह अल-कायदा आतंकी अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह की बेटी से हुआ था। उसके निकाह का वीडियो लादेन के एबटाबाद ठिकाने से मिला था जिसे 2017 में सीआईए ने रिलीज किया था।

शमी की पत्नी हसीन जहाँ को ससुराल से आधी रात को उठाने के चक्कर में फँस गई UP पुलिस

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहाँ के मामले में फिर से एक नया मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि आधी रात को हसीन की ससुराल से हिरासत में लिए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हसीन जहाँ को हिरासत में लेने वाले पाँच पुलिस कर्मियों के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी करते हुए उन्हें तलब किया है।

बढ़ सकती हैं मोहम्मद शमी की मुश्किलें

रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने इस मामले में अमरोहा जिले के डिडौली थाने के इंचार्ज व चार अन्य पुलिस सब इंस्पेक्टरों को अवमानना का नोटिस जारी किया है। अगर आगे की सुनवाई में पाँचों पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनके परिवार के लोग भी मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि हसीन जहाँ की अर्जी में पुलिस वालों पर शमी व उनके परिवार वालों के दबाव में ही काम करने का आरोप लगाया गया है।

इस अर्जी में डिडौली थाने के एसएचओ व चार सब इंस्पेक्टरों को आरोपी बनाया गया है। दलील यह दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसी महिला के घर पर दबिश व उसकी गिरफ्तारी सूरज डूबने के बाद नहीं हो सकती है। ऐसे में अमरोहा पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। उसे तब हिरासत में लिया गया, जब उसके खिलाफ कोई केस नहीं था और वह आधी रात को घर में सो रही थी। उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया था और पुलिस ने उसके साथ धक्का-मुक्की कर उसे चोट भी पहुँचाई थी।

जस्टिस एमसी त्रिपाठी की बेंच ने हसीन जहाँ की अर्जी पर सुनवाई करते हुए पाँचों आरोपित पुलिसवालों से चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत इस मामले में अब सितम्बर महीने में सुनवाई करेगी।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, क्रिकेटर मोहम्मद शमी का अपनी पत्नी हसीन जहाँ से काफी समय से विवाद चल रहा है। इस दौरान हसीन 28 अप्रैल को अपनी बेटी और मेड के साथ अमरोहा स्थित ससुराल पहुँची तो उनकी ससुराल वालों से कहासुनी हो गई। इस बीच आधी रात को ही अमरोहा के डिडौली थाने की पुलिस शमी के घर से हसीन जहाँ, बेटी और मेड को जबरन थाने उठा ले गई थी। हसीन जहाँ को रात के वक्त पुलिस जीप में बैठाकर थाने लाने और थाने के बाहर हसीन जहाँ व पुलिस वालों में तकरार की तमाम तस्वीरें व वीडियो भी वायरल हो चुके हैं। 

जिसके बाद हसीन जहाँ ने आधी रात को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की और कहा कि यह सब उनके पति मोहम्मद शमी के इशारे पर हुआ था। इसी किस्से के बाद अब कोर्ट ने डिडौली थाने के इंचार्ज व चार अन्य पुलिस सब इंस्पेक्टरों को अवमानना का नोटिस जारी कर दिया है।

करोड़ों रुपए और मंत्री पद का लालच देकर कमलनाथ सरकार मुझे खरीदना चाहती है: BJP विधायक

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस-जेडीएस की सरकार गिरने के बाद अब सबकी नजर मध्य प्रदेश की राजनीति पर बनी हुई है। ऐसे में मध्य प्रदेश के एक भाजपा विधायक ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया है कि वे उन्हें मोटी रकम देकर खरीदने का प्रयास कर रहे हैं।

मीडिया खबरों की मानें तो विजयपुर (श्योपुर) से भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी का कहना है कि कॉन्ग्रेस ने उन्हें भाजपा छोड़कर अपनी पार्टी में आने की पेशकश की थी। साथ ही कॉन्ग्रेस ने उनसे कहा था कि इसके लिए वह जो चाहते हैं, उन्हें सब दिया जाएगा। लेकिन सीताराम ने उनसे कहा, “मैं एक आदिवासी और गरीब हूँ, लेकिन, मैं खुद को नहीं बेच सकता। मैं भाजपा के साथ ही रहूँगा।”

https://platform.twitter.com/widgets.js

मीडिया बातचीत में सीताराम ने बताया, “कॉन्ग्रेस के नेता मुझे अपनी पार्टी में बुलाने की कह रहे हैं। इसके लिए वह मुझे करोड़ों रुपयों का लालच भी दे रहे हैं। मुझे मंत्री बनाने तक के लिए कहा जा रहा है। लेकिन, मैंने साफ कर दिया है कि मैं उनकी पार्टी में नहीं जाने वाला हूँ। मेरी पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है।”

सीताराम ने दावा किया है कि कॉन्ग्रेस के कई मंत्री न केवल उनसे संपर्क कर रहे हैं बल्कि होटल में बुलाकर उनसे बात भी करना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने उन भाजपा नेताओं के लिए भी अपनी बात कही जो भाजपा का साथ छोड़कर कॉन्ग्रेस में जा रहे हैं।

उन्होंने बोला, जो भाजपा विधायक कॉन्ग्रेस में जा रहे हैं, वो गद्दार हैं। पार्टी को कभी धोखा नहीं देना चाहिए। उनके मुताबिक भाजपा बहुत दमदार पार्टी है, वे इसका साथ मरते दम तक नहीं छोड़ेंगे।

भाजपा विधायक का कहना है कि कॉन्ग्रेस ने राज्य में झूठ बोलकर सरकार बनाई है। झूठे वादे किए हैं, क्योंकि उन लोगों को झूठ बोलने की आदत है। वहीं भाजपा ने आदिवासियों को बहुत सम्मान दिया है। इतना ही नहीं उनका कहना है कि उन्हें 3 बार विधायक बना दिया गया है, तो वह क्यों भाजपा छोड़ेंगे।

बीजिंग से मिटाए जाएँगे सभी इस्लामी सिंबल: हलाल, अरबी-फारसी सब कुछ पर प्रतिबंध

चीन की राजधानी बीजिंग में इस्लाम से जुड़े सभी प्रतीकों को हटाए जाने की ख़बर सामने आई है। चीनी प्रशासन हलाल रेस्टोरेंट से लेकर फूड स्टॉल तक, प्रत्येक स्थान पर अरबी भाषा में लिखे शब्दों और इस्लाम संबंधी सभी प्रतीकों को मिटा रहा है।

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस्लाम से जुड़ी छवियों को हटाने के लिए कहा गया था, जैसे कि आधा चाँद और अरबी में लिखा ‘हलाल’ शब्द। बीजिंग में नूडल्स की एक दुकान के मैनेजर को सरकारी कर्मचारियों ने दुकान पर लिखे हलाल शब्द को ढकने के लिए कहा और जब तक ऐसा नहीं किया गया, तब तक वे वहाँ खड़े रहे।

बीजिंग में एक फूड स्टॉल, जिस पर अरबी लिपि अंकित है

मैनेजर ने बताया कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि यह विदेशी संस्कृति है और आपको चीनी सभ्यता को अधिक से अधिक अपनाना चाहिए। अरबी लिपि और इस्लामिक छवियों के ख़िलाफ़ यह अभियान 2016 से ही चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सभी धर्मों को मुख्य धारा की संस्कृति के अनुरूप सुनिश्चित करना है।

हलाल प्रतीक को QR और बार कोड स्टिकर के साथ कवर किया गया

इस अभियान में चीनी शैली के पगोडा के पक्ष में देश भर की कई मस्जिदों पर मध्य-पूर्वी शैली के गुंबदों को हटाया जाना भी शामिल है। ख़बर में यह भी कहा गया है कि ऐसा सिर्फ़ मजहब विशेष के साथ ही नहीं हो रहा है बल्कि अधिकारियों ने कई भूमिगत ईसाई चर्चों को भी बंद कर दिया और सरकार द्वारा अवैध माने जाने वाले कुछ चर्चों के क्रॉस को फाड़ दिया गया है।

ग़ौरतलब है कि चीन पर शिनजियांग में 10 लाख उइगरों को हिरासत में लेने व उइगरों पर अत्याचार करने का आरोप है। इस संदर्भ में हाल ही में 22 देशों के राजदूतों ने चीन की नीतियों की आलोचना करते हुए संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद को एक पत्र लिखा था। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान इस मामले में अपनी आँखें मूंदे बैठा है।

पाकिस्तान, ईरान और सऊदी अरब जैसे कई इस्लामिक देश ऐसे देश हैं, जिन्होंने मजहब पर हो रहे इन कथित अत्याचारों पर चुप्पी साध रखी है। इसकी वजह शायद चीन का इन देशों में भारी निवेश है। चीनी निवेश इन देशों को आर्थिक संकट से उबारने में बहुत महत्वपूर्ण है। इसी के चलते ये इस्लामिक देश चीन की नीतियों का विरोध करने की बजाए उसके समर्थन में खड़े नज़र आते हैं।

BJP ने कुलदीप सेंगर को पार्टी से निकाला, उन्नाव रेप मामले में आरोपित है यह विधायक

उन्नाव रेप मामले में BJP ने कड़ा फैसला लेते हुए विधायक कुलदीप सेंगर को पार्टी से निकाल दिया है। बुधवार (1 अगस्त, 2019) को जब अचानक से बीजेपी के उत्‍तर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को दिल्ली बुलाया गया, तभी से यह कयास लगाया जा रहा था कि रेप आरोपित विधायक कुलदीप सेंगर पर गाज गिर सकती है।

बीजेपी पर इस मामले को लेकर चौतरफा दबाव था। यह दबाव न सिर्फ विरोधी पार्टियों की ओर से था बल्कि पार्टी के भीतर भी लोग सेंगर को निकाले जाने पर सहमत थे। उन्नाव मामले में उधर सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा फैसला लेते हुए संबंधित सभी केस की सुनवाई दिल्ली में करने का आदेश सुना दिया है।

आपको बता दें कि 30 जुलाई को आरोपित बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी ने निलंबित कर दिया था। तब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बताया था कि पार्टी कभी भी सेंगर को बचाने के पक्ष में नहीं रही है।

कार्ति चिदंबरम को घर खाली करने के लिए ED ने थमाया नोटिस, पिछले साल हुई थी कुर्क

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति को ED ने नोटिस जारी करके उनके दिल्ली के जोर बाग स्थित घर को खाली करने का निर्देश दिया है। जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशायल ने उनके इस आवास को भ्रष्टाचार से संबंधित मामले में पिछले साल कुर्क भी किया था। वह आईएनएक्स मामले के दोषी हैं।

मनीलॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत दिए गए एक पूर्व आदेश पर अमल करते हुए कार्ति चिदंबरम को ईडी द्वारा बुधवार (जुलाई 31, 2019) को यह नोटिस जारी किया गया है। इससे पहले ईडी ने गत वर्ष 10 अक्टूबर को नई दिल्ली जोरबाग स्थित 115-ए ब्लॉक 172 की संपत्ति कुर्क की थी। इस कुर्क की पुष्टि 29 मार्च को की गई थी, जिसका जिक्र ED द्वारा जारी किए गए नोटिस में भी है।

गौरतलब है ये मामला साल 2007 में आईएनएक्स मीडिया से मिले धन के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से अनुमति मिलने से संबंधित है। जिसमें 305 करोड़ रुपए की गैर-कानूनी लेन-देन मामले में इंद्राणी मुखर्जी के अलावा पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम भी आरोपी है।

बता दें इस मामले में ईडी ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने इस मामले में नियमों का उल्लंघन करके रिपोर्ट को अपनी मंजूरी दी थी, जिससे कार्ति चिदंबरम को मोटी रकम हासिल हुई थी। हालाँकि, ये बात और है कि अभी चिदंबरम परिवार अपने ऊपर लगे इन आरोपों को नकारता आ रहा है। इस मामले के मद्देनजर केंद्रीय जाँच एजेंसी ने 15 मई को प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।

उन्नाव केस से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई दिल्ली में, कोर्ट में मौजूद रहें CBI ऑफ़िसर: सुप्रीम कोर्ट

उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले में बलात्कार मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए कहा कि इससे संबंधित सभी केस दिल्ली ट्रांसफर हो। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस मामले पर आज 12 बजे सुनवाई होगी। इस दौरान कोर्ट में CBI के ऑफ़िसर को उपस्थित रहने के लिए भी कहा गया है, जो इस बात की जानकारी देंगे कि इस मामले की जाँच में अब तक क्या हुआ है। बता दें कि इस मामले को ट्रांसफर करने की माँग पीड़िता की माँ ने की थी।

उत्‍तर प्रदेश के उन्‍नाव दुष्‍कर्म का मामला पिछले काफ़ी दिनों से सुर्ख़ियों में छाया हुआ है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी काफी गंभीर नज़र आ रहा है। दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार की ओर से चीफ जस्टिस को भेजी गई चिट्ठी पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। 17 जुलाई को प्राप्त हुई चिट्ठी को मुख्य न्यायाधीश के सामने पेश करने में हुई देरी पर कोर्ट ने सेक्रेटरी जनरल से इसका कारण बताने को कहा है।

दरअसल, सड़क दुर्घटना से पहले उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार की तरफ़ से मुख्य न्यायाधीश को सुप्रीम कोर्ट में चिट्ठी भेज कर अभियुक्तों द्वारा धमकी दिए जाने की शिक़ायत की गई थी।

इस मामले में सीबीआई ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर सहित 10 लोगों के खिलाफ नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया है। रेप और पीड़िता के पिता की पिटाई का मामला सामने आने के बाद से सेंगर जेल में है।

पीड़िता के परिजनों ने कार ऐक्सीडेंट को साजिश बताते हुए मामले की सीबीआई जॉंच की मॉंग की थी। बताया जा रहा है कि पीड़िता और उसके परिजनों को सेंगर और उसके समर्थक लगातार धमकी दे रहे थे। जिस ट्रक ने कार में टक्कर मारी थी, उसके नंबर प्लेट पर कालिख पुती थी। ट्रक का मालिक एक सपा नेता का भाई है। सेंगर सपा में भी रह चुका है।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पीड़िता का पत्र नहीं मिलने के मामले में रजिस्ट्रार से जवाब मॉंगा है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट भी तलब की गई है। गोगोई ने कहा है, “हम प्रयास करेंगे कि पीड़िता के लिए इस विध्वंसकारी माहौल में कुछ बेहतर किया जा सके।” गौरतलब है कि पीड़ित परिवार ने 12 जुलाई को चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखकर सेंगर से मिल रही धमकियों का जिक्र किया था।


तीन तलाक बिल: राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, 19 Sep 2018 से लागू, उसके बाद के सभी मामलों में होगा न्याय

तीन तलाक बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद मुस्लिम महिलाओं से एक साथ तीन तलाक को अपराध करार देने वाले ऐतिहासिक विधेयक को बुधवार देर रात राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी मंजूरी दे दी। राष्‍ट्रपति के इस विधेयक पर हस्‍ताक्षर करने के साथ ही मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक अब कानून बन गया है। इस कानून को 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा।

इस बिल को मोदी सरकार ने लोकसभा में 25 जुलाई को और 30 जुलाई मंगलवार को राज्यसभा ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को अपनी स्‍वीकृति दी थी। बिल के क़ानून बनने के बाद ये तय हो गया है कि 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी तीन तलाक़ के मामले सामने आए हैं उन सभी का निपटारा इसी क़ानून के तहत किया जाएगा।

इस बिल के पास होने के साथ ही अब किसी भी तरीके से तीन तलाक़ देना अपराध की श्रेणी में आएगा। इसके अलावा तीन तलाक़ क़ानून के तहत 3 साल की सज़ा और जुर्माने का भी प्रावधान है।

ग़ौरतलब है कि राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े। वोटिंग के वक्त 183 सांसद ही सदन में मौजूद थे। चर्चा के बाद बिल को सेलेक्‍ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्‍ताव पर वोटिंग कराई गई। इससे पहले बिल को राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी को भेजने का प्रस्ताव 84 के मुक़ाबले 100 मतों से ख़ारिज हो गया था।

बिल पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट के ज़रिए सभी सांसदों का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, “पूरे देश के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। आज करोड़ों मुस्लिम माताओं-बहनों की जीत हुई है और उन्हें सम्मान से जीने का हक मिला है। सदियों से तीन तलाक की कुप्रथा से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को आज न्याय मिला है। इस ऐतिहासिक मौके पर मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूँ।”

पीएम मोदी ने अपने अलगे ट्वीट में लिखा, “तीन तलाक बिल का पास होना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। तुष्टिकरण के नाम पर देश की करोड़ों माताओं-बहनों को उनके अधिकार से वंचित रखने का पाप किया गया। मुझे इस बात का गर्व है कि मुस्लिम महिलाओं को उनका हक देने का गौरव हमारी सरकार को प्राप्त हुआ है।”

कब दर्ज होगा 3 तलाक का केस

बता दें कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि यह अपराध संज्ञेय (इसमें पुलिस सीधे गिरफ्तार कर सकती है) तभी होगा, जब महिला खुद शिकायत करेगी। इसके साथ ही खून या शादी के रिश्ते वाले सदस्यों के पास भी केस दर्ज कराने का अधिकार रहेगा। पड़ोसी या कोई अनजान शख्स इस मामले में केस दर्ज नहीं करा सकता है।

समझौते की शर्त

केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने कहा कि यह बिल महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए है। हालाँकि, कानून में समझौते के विकल्प को भी रखा गया है। पत्नी की पहल पर ही समझौता हो सकता है, लेकिन मजिस्ट्रेट के द्वारा उचित शर्तों के साथ। 

जमानत की शर्त

कानून मंत्री के अनुसार, कानून के तहत मजिस्ट्रेट इसमें जमानत दे सकता है, लेकिन पत्नी का पक्ष सुनने के बाद। केंद्रीय मंत्री ने कहा, यह पति-पत्नी के बीच का निजी मामला है। पत्नी ने गुहार लगाई है, इसलिए उसका पक्ष सुना जाना जरूरी होगा। 

गुजारा भत्ता

तीन तलाक पर कानून में छोटे बच्चों की कस्टडी माँ को दिए जाने का प्रावधान है। पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण का अधिकार मैजिस्ट्रेट तय करेंगे, जिसे पति को देना होगा।   

अश्लील वीडियो बनाकर शोएब और असलम ने किया 2 महीने तक 12वीं की छात्रा का गैंगरेप

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 12वीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक यहाँ कसाईबाड़ा निवासी शोएब और असलम पर लड़की का बलात्कार करके उसकी अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने का आरोप है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है।

मीडिया खबरों के मानें तो दोनों आरोपितों ने लड़की को उसके मंगेतर से मिलवाने के बहाने बुलाकर वारदात को अंजाम दिया। दोनों परिचित लड़की के मंगेतर को जानते थे इसलिए लड़की उनके कहने पर उनके पास चली गई। लेकिन दोनों आरोपितों ने इस दौरान मौक़े का फायदा उठाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान इन्होंने लड़की की अश्लील वीडियो बना ली और उसी के नाम पर ब्लैकमेल करके वे आगे 2 महीने तक युवती से गैंग रेप करते रहे।

बाद में लड़कों ने ये वीडियो पीड़िता के मंगेतर को भेज दिया। जब उसके मंगेतर ने इस बारे में लड़की से सारी जानकारी ली तो लड़की ने बताया कि उन लड़कों ने उसे उससे (मंगेतर) से मिलवाने के बहाने बुलाया था। लेकिन जब वो वहाँ पहुँची तो वे उसे डरा धमकाकर जबरदस्ती अपने घर ले गए और उसके साथ गैंग रेप किया। इस दौरान उन लड़कों ने लड़की की फोटो खींची और अश्लील वीडियो बनाया।

इसके बाद उन्होंने अपनी हवस मिटाने के लिए उन तस्वीरों और वीडियो से ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। दोनों आरोपित 2 महीने तक घटना का वीडियो बनाकर लड़की के साथ गैंगरेप करते रहे। लेकिन मंगेतर के पास बात पहुँचने के बाद लड़की उसके साथ नगर कोतवाली थाने पहुँची और दोनों आरोपितों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज करवाया। नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार एसएसपी एन कोलांचि ने बताया है कि पुलिस दोनों आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है।