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IAF ने लॉन्च किया Air Combat गेम, विंग कमांडर अभिनंदन भी आएँगे नज़र

भारतीय वायु सेना के चीफ़ बीरेंद्र सिंह धनोआ ने आज (जुलाई 31, 2019) “Indian Air Force: A cut above” नाम का एयर कॉम्बेट गेम लॉन्च किया। ये गेम एंड्रायड और IOS दोनों डिवाइस में आसानी से खेला जा सकेगा। IAF ने अपने कामकाज के बारे में युवाओं को बताने और उन्हें सेना की नौकरी के प्रति आकर्षित करने के लिए यह गेम बनाया है।

IAF ने ट्वीट कर इस 3डी गेम को लॉन्च करने की जानकारी दी। इससे पहले 20 जुलाई को IAF ने इस गेम को लेकर 1.41 मिनट का वीडियो ट्वीट किया गया था। जिसमें ‘I AM AN WARRIOR’ के नाम पर बालाकोट हमले में अभिनंदन द्वारा दिखाई जांबांजी का जिक्र था। इस गेम में ग्राफिक विजुअल्स और एनिमेशन के जरिए बालाकोट एयर स्ट्राइक और कैप्टन अभिनंदन के पाकिस्तान घुसने की पूरी घटना को दर्शाया गया है। इस गेम में अभिनंदन दुश्मनों का खात्मा करते दिखाए गए हैं।

गेम को फिलहाल मोबाइल के लिए तैयार किया गया है। जिसमें ट्रेनिंग के अलावा सिंगल प्लेयर और फ्री फ्लाइट का मोड शामिल है। खेल के दौरान प्लेयर पायलट होगा और एयरक्राफ्ट को टच कंट्रोल या ऑन-स्क्रीन बटन से कंट्रोल किया जा सकेगा। गेम ट्रेनिंग सेशन के दौरान प्लेयर्स को सिखाया जाएगा कि एयरक्राफ्ट हैंडल कैसे करते हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस गेम की शुरुआत विंग कमांडर अभिनंदन के उसी मिग-21 से होगी, जिसने पाकिस्तान के F-16 को मार गिराया था। इस गेम में अभिनंदन मिग-21 के साथ खड़े नजर आएँगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले यह गेम सिंगल प्लेयर मोड में उपलब्ध होगा और बाद में इसे मल्टी प्लेयर मोड के लिए भी डेवलप किया जाएगा। मल्टी प्लेयर में इस गेम को खेलने वाले पबजी और अन्य खेलों की तरह इसमें भी एक दूसरे से ऑनलाइन जुड़कर कनेक्ट हो पाएँगे। लेकिन अभी फिलहाल कुछ समय तक के लिए सिर्फ़ सिंगल प्लेयर वर्जन जारी किया गया है। बताया जा रहा है मल्टी प्लेयर का फीचर अक्टूबर तक लॉन्च किया जाएगा।

बेटी को जमीन पर पटक शौहर ने दिया तीन तलाक, पीड़िता ने की आत्महत्या की कोशिश

अहमदाबाद में तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिला ने बुधवार को आत्महत्या करने की कोशिश की है। हालाँकि, समय रहते मेडिकल सहायता मिल जाने से पीड़िता की जान बच गई है, लेकिन पुलिस ने उसके शौहर और ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह विडंबना है कि यह मसला राज्यसभा में तीन तलाक को जुर्म करार दिए जाने के एक दिन से कम समय में प्रकाश में आया है। उसने आत्महत्या का प्रयास किस प्रकार से किया, खबर लिखे जाने तक इसकी जानकारी हमें नहीं मिल पाई है।

पीड़िता के अनुसार शौहर ने उनसे पैसे की माँग की। जब पीड़िता पैसे का इंतजाम नहीं कर पाई तो कथित तौर पर शौहर ने दम्पत्ति की बेटी को ज़मीन पर पटक दिया, और पीड़िता को तीन तलाक दे दिया। पीड़िता के अनुसार इस्लामी कानून उन्हें यह तलाक-ए-बिद्दत मंज़ूर करने के लिए मजबूर करता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता फ़िलहाल अस्पताल में मौत से जूझ रही है। दो बच्चों की माँ की तहरीर पर पुलिस ने शौहर और ससुराल के अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फ़िलहाल पुलिस ने महिला की पहचान सार्वजनिक नहीं की है

मंगलवार को ही राज्यसभा में तीन तलाक को अपराध बनाने वाले बिल को चर्चा के बाद वोटिंग के जरिए पास कर दिया गया है। लोकसभा से बीती 26 जुलाई को ही इसे मंजूरी मिल चुकी थी। इस बिल में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाते हुए 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान शामिल है। यह बिल 21 फरवरी को पास किए गए अध्यादेश का स्थान लेगा। इसके बाद भी इस मामले का सामने आना मुस्लिम समाज में तलाक-ए-बिद्दत किस हद तक जड़ें जमाया हुआ है, इसका उदाहरण है।

मुफ़्ती ने कहा- छत पर अता करो नमाज़, अलीगढ़ में सड़क पर नमाज पढ़ने पर है पाबन्दी

अलीगढ़ में सड़क पर नमाज़ समेत सभी मज़हबी कार्यों के लिए जाम लगाने पर सख्ती के प्रशासकीय निर्देश के बाद अलीगढ़ शहर के मुफ़्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने शहर की सभी मस्जिदों को जुम्मे की नमाज़ सड़कों की बजाय मस्जिद के छतों पर करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश मुस्लिमों के प्रतिनिधियों द्वारा जिला प्रशासन से मिलने के बाद आया है। समुदाय के नुमाइंदों ने उन अधिकारियों से मुलाकात की थी, जिन्होंने सड़कों पर सभी मज़हबी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया था।

जगह नहीं होती

मुफ़्ती ने प्रेस से बात करते हुए दावा किया कि हालाँकि सड़क पर नमाज़ का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन लोगों को अकसर ऐसा मस्जिदों में जगह की कमी के चलते करना पड़ता है। “मैंने सभी मस्जिदों तक संदेश पहुँचा दिया है, और वे आवश्यकतानुसार छतों पर प्रबंध करेंगे।” लेकिन उन्होंने साथ में जोड़ा कि विशेष मौकों जैसे ईद और बकरीद की नमाज़ जामा मस्जिद और ईदगाह की सड़कों पर फिर भी होगी, क्योंकि मस्जिदों में लोगों के लिए जगह नहीं है।

पहले से लेनी होगी इजाज़त

जिलाधिकारी सीबी सिंह ने कहा कि ऐसे विशेष मौकों के लिए पहले से अनुमति लेनी होगी, जो दे दी जाएगी। “अगर कोई इस प्रतिबंध को भंग करते पकड़ा गया तो उस उपासना स्थल के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ऐसे कृत्यों का वीडियो सबूत भी लेंगे।”

सिंह ने दावा यह भी किया कि उन्हें मुस्लिम नेताओं और शहर के मेयर मोहम्मद फुरकान का समर्थन है। उन्हें आश्वासन भी मिला है कि समुदाय के लोग इसका पालन करेंगे। अलीगढ़ में इस मीटिंग में शामिल होने वाले हिंदूवादी और दक्षिणपंथी नेताओं ने कहा कि जब तक मुस्लिमों की ओर से इसका पालन होगा, वे कोई भी कदम नहीं उठाएँगे। बजरंग दल, अलीगढ़, के संयोजक गौरव शर्मा ने साथ में कहा, “अगर मुस्लिम जुम्मे की नमाज़ सड़कों पर पढ़ेंगे, तो हम भी सड़कों पर हनुमान चालीसापढ़ेंगे।”

56 इंच: तीन तलाक बिल पर राज्यसभा की बाधा मोदी सरकार ने यूँ की पार

56 इंच का सीना से तात्पर्य उस सा​हस और इच्छाशक्ति से है जो नामुमकिन दिख रहे बदलावों को भी मुमकिन कर देता है। यह दूसरी बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में जब भी इसका जिक्र आता है तो ‘लिबरल’ इंची-टेप लेकर बैठ जाते हैं। लेकिन, इससे बेपरवाह मोदी सरकार ने तीन तलाक पर रोक से संबंधित बिल को राज्यसभा से पास कराकर अपनी उसी इच्छाशक्ति का फिर से परिचय दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाया है जो चीज़ें सरकार की प्राथमिकता है, उसका कोर एजेंडा है, उसके लिए न तो राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है और न ही राज्यसभा में बहुमत न होना इनके आड़े आएगा। तीन तलाक बिल को लेकर बहुत से मोदी-विरोधी इस मुगालते में थे कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक सरकार के पास बहुमत न होने के कारण राज्यसभा में फँस जाएगा और वे इसे सिलेक्ट समिति के पास भिजवाने में कामयाब हो जाएँगे। लेकिन मोदी की राजनीतिक प्रबंधन क्षमता ने बाज़ी पलट दी।

गणित

भाजपा की सहयोगी लेकिन अल्पसंख्यकवाद और तुष्टिकरण में अभी भी ‘इनवेस्टेड’ जदयू बिल के विरोध में थी। इसके कारण 242 सांसदों की वर्तमान संख्या वाली राज्यसभा में सत्ता पक्ष का संख्या बल गिरकर 113 से 107 पर आ गया था। लेकिन मतदान के वक़्त जदयू और तेलंगाना राष्ट्र समिति ने विरोध में वोट डालने के बजाए वॉक-आउट किया, जिससे राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या 236 हो गई। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और कांग्रेस के ऑस्कर फर्नांडीज समेत 14 सांसदों की अनुपस्थिति से सदन की संख्या 216 हो गई और बहुमत के लिए जरूरी संख्या 109 रह गई।

भाजपा के काम यहाँ आई पुरानी सहयोगी और फ़िलहाल ‘न्यूट्रल’ बीजद (बीजू जनता दल)। 4 सांसद बीजद के मिल जाने से बिल के पक्ष में गणित 113 का हो गया। 11 सांसदों वाली अन्नाद्रमुक, 6 सांसदों वाली जदयू, टीआरएस के 6, बसपा के 4 और पीडीपी के दो सांसदों का वॉक-आउट भाजपा के काम आया। इसके अलावा कॉन्ग्रेस, तृणमूल और सपा के भी कुछ सांसदों के ‘बंक’ मारने से सदन की प्रभावी संख्या (जितने लोगों ने अंततः वोट किया) 183 बची। यानि बहुमत के लिए 94 मत चाहिए थे।

वोटिंग

वोटिंग हुई। भाजपा के 78 सदस्यों ने पक्ष और कॉन्ग्रेस के 48 सदस्यों ने बिल के विरोध में मतदान किया। कुल 99-84 के आँकड़े से यह बिल राज्यसभा से पास हो गया। इसके पहले इसे सिलेक्ट समिति को भेज लटकाने का प्रस्ताव 100 के मुकाबले 84 से गिर चुका था

संदेश

यह बिल भाजपा और मोदी का संदेश था- समर्थकों और विरोधियों दोनों के लिए। दोनों को ही समान संदेश- सरकार राज्यसभा में बहुमत में भले न हो, लेकिन जो उसे करना है, जिसे वह उचित समझती है, उसे वह करके रहेगी। उसके पास संख्या बल की कमी हो सकती है, इच्छाशक्ति की नहीं। अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार सरकार अपने कार्य बदस्तूर जारी रखेगी और संख्याबल प्रबंधन की नज़ीर तो इस बिल ने दिखा ही दी है।

भारत-पाक की लड़कियों के लेस्बियन निकाह की तस्वीरें सुंदर सन्देश के साथ सोशल मीडिया पर वायरल

एक समय था जब समान सेक्स से प्रेम और विवाह को समाज में बहुत अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता था और यह एक टैबू था। लेकिन समय बदला और समाज के एक वर्ग ने अपने अधिकारों को लेकर खुलकर बोलना शुरू किया। कुछ वर्षों में इस मामले में काफी चीजें बदल गई हैं। समलैंगिक होने या फिर थर्ड जेंडर होने की बात को समाज से छुपाया जाता था। सुन्दास मलिक और अंजना चक्र इसी तरह की एक कपल है, और इंटरनेट पर अपनी तस्वीरों के कारण चर्चा का विषय हैं।

ये तस्वीरें समलैंगिक रिश्तों की प्रेम कहानी को बयाँ कर रही हैं। समलैंगिक होने के साथ ही इस चर्चा से एक और तथ्य यह जुड़ा हुआ है कि एक लड़की भारतीय है और दूसरी पाकिस्तानी।

सुन्दास मलिक पाकिस्तान की एक मुस्लिम आर्टिस्ट हैं और अंजलि चक्र, भारत की रहने वाली हैं। दोनों के फोटो शूट की तस्वीरें ट्विटर पर @Sarowarrrr नाम के एकाउंट से शेयर की गई हैं। सरोवर एक फ़ोटोग्राफ़र हैं और उन्होंने इन तस्वीरों को कैप्शन दिया है ‘ए न्यूयॉर्क लव स्टोरी।’

एक तस्वीर में ये प्रेमी जोड़ा एक दूसरे को Kiss कर रहे है, तो एक तस्वीर में छतरी में दोनों बारिश में भीग रही हैं। अंजलि चक्र और सुन्दास ने इन तस्वीरों को इंस्टाग्राम पर भी शेयर किया है। तस्वीरों में दोनों ने पारम्परिक साड़ी और गहने पहने हुए हैं। सोशल मीडिया पर दोनों को खूब सराहा जा रहा है।

अंजली चक्र ने अपने रिलेशनशिप के एक साल पूरे होने पर एक तस्वीर शेयर की है और सुंदास को एनिवर्सरी की बधाई दी।

इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए सुंदास मालिक ने लिखा है, “मैं अलग-अलग तरीके का प्यार देखते हुए बड़ी हुई। कुछ अपने परिवार में, कुछ बॉलीवुड की फिल्मों में। जब मैं थोड़ी बड़ी हुई तब मुझे अपनी सेक्सुअलिटी का पता चला। मैंने कभी अपनी तरह के लोगों का प्यार नहीं देखा था। मुझे खुशी है कि मुझे अपने प्यार के साथ रहने का यह मौका मिला है। सालगिरह मुबारक बेबीजान।”

भू माफिया आजम खान पुत्र, Suar MLA अब्दुल्ला गिरफ्तार, जाँच में बाधा डालने का आरोप

समाजवादी पार्टी नेता से भूमाफिया बने सांसद आजम खान के MLA बेटे अब्दुल्ला आजम को पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। मुद्दा यह है कि मदरसा आलिया से चोरी हुई किताबों के मामले में आज दूसरे दिन भी पुलिस जौहर यूनिवर्सिटी में छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने के लिए अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी पहुँचे तो सीओ सिटी उन्हें जाँच में बाधा पहुँचाने के आरोप में गिरफ्तार कर अपने साथ गए।

बता दें कि अब्दुल्ला आजम Suar से विधायक हैं। एसपी डॉ. अजय पाल ने बताया कि काम में बाधा डालने की वजह से उन्हें हिरासत में लिया गया है। कल पुलिस ने जौहर यूनिवर्सिटी से चोरी की 2000 किताबों को बरामद किया था।

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह भी दावा है कि गलत और कोडेड दस्तावेजों की सहायता से पासपोर्ट बनवाने के मामले में उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया है। हालाँकि, उनकी गिरफ्तारी क्यों की गई है? इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

सरकारी और किसानों की कई कृषि योग्य भूमि पर अवैध कब्जे के आरोपों का सामना कर रहे आजम खान के यूनिवर्सिटी में मंगलवार को पुलिस जमीन की पैमाइश कराने पहुँची थी। यहाँ पर उसने लाइब्रेरी में भी छानबीन शुरू की। जहाँ एक मदरसे से चोरी की गई हज़ारों किताबें प्राप्त हुई हैं।

पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ पहले से यूपी पुलिस ने धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया था। बता दें कि पूर्व मंत्री के बेटे की तहरीर पर यह एफआईआर दर्ज की गई है। अब्दुल्ला आजम खान का पासपोर्ट जब्त करने की माँग भी की जा रही है।

बता दें कि हाल ही में भू-माफिया घोषित होने के बाद आज़म खान को एक बाद एक कई झटके लग रहे हैं। उनके खिलाफ जमीन अतिक्रमण के 26 से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं दूसरी ओर रामपुर ज़िला प्रशासन ने जौहर ट्रस्ट को लीज पर दी गई 2 बिल्डिंगों- मदरसा आलिया और दारुल अवाम की लीज को निरस्त करने की संस्तुति शासन से की है।

इसके आलावा हाल ही में बीजेपी की महिला सांसद पर की गई टिप्‍पणी के लिए भी आजम खान की काफी फजीहत हुई और उन्‍हें अपनी विवादित टिप्‍पणी के लिए लोकसभा में सांसद रमा देवी से माफी माँगनी पड़ी थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के मुताबिक, पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम खान पर FIR आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने शिक्षण दस्तावेजों और पासपोर्ट में अलग-अलग जन्मतिथि दर्ज करवाने की शिकायत की थी।

J&K: फारूक अब्दुल्ला पर ED ने कसा शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को पूछताछ की। मामला राज्य क्रिकेट एसोसिएशन में वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। पूछताछ ईडी के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में हुई। इस मामले में जनवरी में भी फारूक से पूछताछ की गई थी।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भारी सुरक्षा के बीच फारूक ED दफ्तर करीब 11 बजे पहुँचे। उनके वकील को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान दफ्तर के बाहर कड़ी सुरक्षा थी और किसी को भी ई़डी कार्यालय परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी गई।

गौरतलब है साल 2012 में 2 पूर्व क्रिकेटरों ने एक पीआईएल दायर की थी। इसके मुताबिक बीसीसीआई ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) को 113 करोड़ रुपए राज्य में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए दिए थे। कथित तौर पर इसमें से 43 करोड़ रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर हेरफेर किए गए। इस दौरान फारूक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे।

सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में सीबीआई को जाँच के आदेश दिए। CBI ने गत वर्ष जुलाई में फारूक के अलावा तीन और लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की थी। जिन अन्य तीन के खिलाफ़ चार्जशीट दायर की गई उनमें क्रिकेट एसोसिएशन के तत्कालीन मुख्य सचिव मोहम्मद सलीम, कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा और जम्मू-कश्मीर बैंक के कर्मचारी बशीर अहमद मिसगार शामिल हैं।

कंगाल पाकिस्तान: इमरान ने दिया नान और रोटी की कीमतें कम करने का हुक्म

डूबने के कगार पर पहुॅंच चुके पाकिस्तान में खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही है। इस बीच, प्रधानमंत्री इमरान खान ने नान और रोटी की कीमतें कम करने का हुक्म दिया है। उन्होंने इस आदेश को तत्काल लागू करने को कहा है।

इमरान की विशेष सहायक फिरदौस आशिक अवान ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, “प्रधानमंत्री इमरान खान ने नान और रोटी की बढ़ती कीमतों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है और उन्हें उनकी पुरानी दरों पर वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है।”

डॉन ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक संघीय कैबिनेट की बैठक में पीएम के हस्तक्षेप के बाद नान और रोटी की कीमतों में कमी लाने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद पत्रकारों को अवान ने बताया, “कैबिनेट बैठक से अलग प्रधानमंत्री ने गैस, नान और रोटी की कीमतों को लेकर भी एक बैठक की।” उन्होंने बताया कि इसका मकसद गैस टैरिफ कम करना था, खासकर तंदूरवालों के लिए।

गौरतलब है कि गैस और आटे की कीमत बढ़ने के कारण पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में नान 12 से 15 रुपए में बेचा जा रहा है। पहले नान की कीमत 8-10 रुपए थी। इसी तरह 7-8 रुपए में मिल रही रोटी अब 10-12 रुपए में बेची जा रही है।

CRPF के खोजी कुत्ते एजॉक्सी ने ढूँढा भूस्खलन में दबा युवक, जवानों ने खोदकर निकाला: देखें वीडियो

सीआरपीएफ ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भूस्खलन में दबे एक व्यक्ति को निकाल कर उसकी जिन्दगी बचाई है। सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार यह युवक बीती रात हुए भूस्खलन की चपेट में आकर मलबे में दबा हुआ था। 

बुधवार (जुलाई 31, 2019) को जब सीआरपीएफ द्वारा हाईवे का निरीक्षण किया गया तो उस दौरान CRPF के डॉग स्क्वाड के एजॉक्सी ने मलबे में संदिग्ध वस्तु होने के संकेत दिए। जमीन से निकाले गए व्यक्ति का नाम प्रदीप कुमार है। सीआरपीएफ की टीम जब माइल स्टोन 147 के निकट से गुजरी तो एजॉक्सी भौंकने लगा और अपने ट्रेनर को वह जबरदस्ती सड़क के दूसरे किनारे ले गया। वहाँ पर पथरीली मिट्टी और कंकरीट के ढेर में युवक दबा पड़ा था।

सीआरपीएफ ने जब मलबा हटाया तो उसमें एक युवक दबा मिला। जिसे तत्काल सीआरपीएफ ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुँचाया।

हाईवे से जो वीडियो सामने आया है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह लगातार ऊपर से पत्थरों की बारिश हो रही है। घाटी में इसी तरह के मौसम की वजह से अभी अमरनाथ यात्रा को रद्द कर दिया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर काफी लंबा जाम लगा हुआ है, स्थानीय प्रशासन फँसे हुए लोगों को निकालने में जुटा हुआ है।

Zomato वालो, हलाल के समय ‘Food has no Religion’ कहाँ गया?

ट्विटर पर एक और सांस्कृतिक लड़ाई शुरू हो गई है। फ़ूड डिलीवरी सर्विस Zomato ने ट्विटर पर खाने के साथ-साथ ज्ञान देना भी शुरू कर दिया है। आज जोमैटो ने बताया कि खाने का कोई मज़हब नहीं होता, बल्कि खाना अपने आप में मज़हब होता है।

जोमैटो के एक ग्राहक ने खाने की डिलीवरी लेने से मना कर दिया क्योंकि खाना पहुँचाने वाला समुदाय विशेष से था, और श्रावण के महीने में वह गैर-हिन्दू के हाथ से खाना नहीं स्वीकार करना चाहता था। इसपर कैंसलेशन फ़ीस काटना ज़ोमाटो का हक़ था, जो उन्होंने काटी। लेकिन साथ ही पलट कर ‘ज्ञान’ देना शुरू कर दिया कि खाने का कोई मज़हब नहीं होता, बल्कि खाना अपने आप में मज़हब होता है।

इतना नैतिक ज्ञान बघारना काफी नहीं था जोमैटो के लिए। उसके संस्थापक दीपिंदर गोयल ने भी नैतिक शिक्षा की क्लास ट्विटर पर लेनी शुरू कर दी। उनके अनुसार वह ‘idea of india’ के प्रति गौरवान्वित हैं और अपने ग्राहकों और साझीदारों की विभिन्नता का भी उन्हें गर्व है। साथ ही उनके कथित ‘मूल्यों’ के आड़े आने वाले किसी भी ग्राहक का बिज़नेस छोड़ने में उन्हें कोई अफ़सोस नहीं है।

खोखले मूल्य

जोमैटो के तथाकथित मूल्य कितने खोखले हैं, इसकी नज़ीर यह है कि जब एक ख़ास मजहब वाले ने गैर-हलाल खाने के लिए शिकायत की, तो जोमैटो उसके चरणों में गिर गया। उस समय उसके ‘मूल्य’ हवा हो गए, जबकि हलाल गैर-हलाल का मुद्दा भी उतना ही मज़हब और आस्था का विषय है, जितना खाना पहुँचाने वाले का हिन्दू होना या न होना।

जिन्हें लग रहा है कि यह एकतरफ़ा राजनीति है, उन्हें यह याद दिलाया जाना ज़रूरी है कि संघियों का आर्थिक बहिष्कार करने की अपीलें भी हुईं हैं इस देश में, और उस समय आज ‘राजनीतिकरण मत करो’ बोलने वाले हमेशा की तरह नदारद थे।

मैं उस व्यक्ति ने जो ट्वीट किया उससे सहमति नहीं रखता। लेकिन तथ्य यह भी है कि ऐसी चीज़ों से निपटने का एक प्रोफेशनल तरीका होता है, सोशल मीडिया पर ज्ञान बाँटने और नैतिकता के ठेकेदार बनने का काम कॉर्पोरेट कंपनियों का नहीं होता।