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‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर देशविरोधी पोस्ट करने वाला सद्दाम कुरैशी गिरफ्तार

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर धार्मिक भावना भड़काने वाले और देशविरोधी पोस्ट करने वाले सद्दाम कुरैशी को नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दरअसल, बिहार के बेतिया में एक शख्स ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप चला रहा था और इस ग्रुप का एडमिन सद्दाम ग्रुप में धार्मिक भावना भड़काने वाला और देशविरोधी पोस्ट किया करता था। साथ ही इसमें अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए आपत्तिजनक पोस्ट किए जा रहे थे।

नगर पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति अपने सेलफोन पर पाकिस्तान जिंदाबाद नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर धार्मिक भावना भड़काने के लिए अनाप-शनाप पोस्ट कर रहा है। इसकी सूचना पर थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी दर्ज कर वरीय पदाधिकारी को इससे अवगत कराया। बाद में पुलिस की टेक्नीकल डिपार्टमेंट की सहायता से ग्रुप एडमिन को ट्रेस किया गया और लोकेशन के आधार पर संतघाट इलाके से शहर के नाजनी चौक निवासी सद्दाम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से ओपो कंपनी का सेलफोन और सिमकार्ड भी जब्त किया गया है।

मामले में पुलिस ने पाकिस्तान जिंदाबाद नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाने, धार्मिक भावना भड़काने, देश की एकता अखंडता पर ठेस पहुँचाने के आरोप के तहत प्राथमिकी दर्ज कर करवाई शुरू कर दी है। सद्दाम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए, 153 बी और 258 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने ये पूरी कार्रवाई बेतिया एसपी जयंतकांत के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाकर की। गिरफ्तार सद्दाम कुरैशी के पाकिस्तान से सम्बन्ध होने की आशंका के मद्देनजर अन्य पहलुओं पर भी जाँच की जा रही है।

99 Vs 84 मतों से राज्यसभा में पारित हुआ तीन तलाक बिल: 3 साल की सजा, जुर्माने का प्रावधान शामिल

राज्यसभा में आज मतदान के बाद ट्रिपल तलाक़ बिल पास हो गया है। राज्यसभा में तीन तलाक को अपराध बनाने वाले बिल को चर्चा के बाद वोटिंग के जरिए पास कर दिया गया है। इस बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े हैं। लोकसभा से बीती 26 जुलाई को ही इसे मंजूरी मिल चुकी थी। इस बिल में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाते हुए 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान शामिल है। लोकसभा में आज उपभोक्ता संरक्षण बिल को चर्चा के बाद पास कर दिया गया।

अब मुस्लिम महिलाओं को व्हाट्सएप्प से लेकर अन्य ऐसे ही किइस माध्यम से तीन तलाक़ से निजात मिल सकेगी। इस कानून के पास होने के बाद अब मुस्लिम समुदाय में ट्रिपल तलाक़ की प्रथा कानूनन अपराध होगा।

मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति दिलाने के मकसद से मंगलवार को राज्यसभा में पेश विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए विभिन्न दलों के सदस्यों ने इसे अपराध की श्रेणी में डालने के प्रावधान पर आपत्ति भी जताई और कहा कि इससे पूरा परिवार प्रभावित होगा।

हालाँकि सत्ता पक्ष ने इस विधेयक को राजनीति के चश्मे से नहीं देखे जाने की नसीहत देते हुए कहा कि कई इस्लामी देशों ने पहले ही इस प्रथा पर रोक लगा दी है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 उच्च सदन में चर्चा के लिये पेश किया और कहा कि उच्चतम न्यायालय के एक फैसले में इस प्रथा को अवैध ठहराया गया। लेकिन उसके बाद भी तीन तलाक की प्रथा जारी है।

यह विधेयक लोकसभा में पिछले सप्ताह ही पारित हुआ है। विधेयक पर हुयी चर्चा में भाग लेते हुए कॉन्ग्रेस सदस्य अमी याज्ञनिक ने कहा कि महिलाओं को धर्म के आधार पर नहीं बाँटा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि सभी महिलाओं के प्रति क्यों नहीं चिंता की जा रही है? उन्होंने कहा कि समाज के सिर्फ एक ही तबके की महिलाओं को समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक कौम में ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वह विधेयक का समर्थन करती हैं लेकिन इसे अपराध की श्रेणी में डालना उचित नहीं है।

याज्ञनिक ने कहा कि जब उच्चतम न्यायालय ने पहले ही इसे अवैध ठहरा दिया तो फिर विधेयक लाने की क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा कि विधेयक में इसे अपराध की श्रेणी में डाल दिया गया है। इससे महिलाओं को अपराधियों के साथ मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई पारिवारिक (फैमिली) अदालत में होनी चाहिए न कि मजिस्ट्रेट अदालत में।

उन्होंने कहा कि विधेयक में प्रावधान किया गया है कि पति और पत्नी के अलावा तीसरा व्यक्ति भी अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। उन्होंने इस प्रावधान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी तीसरे व्यक्ति को पारिवारिक या निजी मामले में हस्तक्षेप की अनुमति कैसे दी जा सकती है? उन्होंने कहा कि कानून का मकसद न्याय और अंतत: गरिमा है लेकिन इसके प्रावधानों के तहत महिला को मजिस्ट्रेट अदालत में अपराधियों के साथ बैठने को बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कानूनी सहायता का भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को तीन तलाक की समस्या से मुक्ति दिलाइए लेकिन ऐसा उनकी गरिमा के साथ होना चाहिए।

चर्चा में भाग लेते हुए जदयू के बशिष्ठ नारायण सिंह ने विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वह न तो विधेयक के समर्थन में बोलेंगे और न ही इसमें साथ देंगे। उन्होंने कहा कि हर पार्टी की अपनी विचारधारा होती है और उसे पूरी आजादी है कि वह उस पर आगे बढ़े। जद (यू) के सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। इससे पूर्व माकपा सदस्य के के रागेश ने 21 फरवरी 2019 को जारी मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अध्यादेश के खिलाफ अपना प्रस्ताव पेश किया।

मैं बस में लड़की छेड़ने के लिए चढ़ता था: कमल हासन के लिए यह मनोरंजक बात है

कमल हासन एक जाने माने अभिनेता हैं और समय-समय पर वो पृथ्वी लोक से लेकर आकाश-पाताल तक की घटनाओं पर ‘ज्ञान’ देते नजर भी आते हैं। लेकिन सही समय, सही मुद्दे और सही व्यक्ति को ज्ञान देते वक़्त वो अक्सर चूक जाते हैं। खासकर तब, जब कमल हासन एक ऐसे शो में, जिसके वो खुद होस्ट हैं, सार्वजानिक स्थानों पर लड़कियों को छेड़ने की बात पर ज्ञान देने की जगह तालियाँ बजाते, उत्साह वर्धन करते हुए और हँसते हुए देखे जा रहे हैं।

यह वायरल वीडियो इसलिए भी चर्चा का केंद्र बन चुका है क्योंकि हिन्दुओं को आजाद भारत का पहला आतंकवादी बताने और उनकी आस्था और प्रतीकों को अपमानित करने का बहना तलाशने वाले कमल हासन अपने सामने दिए जा रहे एक बेहद घटिया और महिला विरोधी बयान पर तालियाँ बजाते और हँसते हुए देखे जा रहे हैं।

आजकल TV पर ‘बिग बॉस 3 तमिल’ चल रहा है। इस शो को ‘साउथ के सुपरस्टार’ कमल हासन होस्ट कर रहे हैं। इस शो को लेकर एक बड़ी कंट्रोवर्सी सामने आई है। इस शो में एक कंटेस्टेंट हैं एक्टर सरवनन, जो कि
तमिल सिनेमा का जाना-माना नाम हैं। इस शो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सरवनन बताते हैं कि वह बस में लड़कियों को छेड़ा करते थे।

एक्टर सरवनन ने कहा कि वो कॉलेज के दिनों में बसों में इसलिए चलते थे कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ कर सके। सरवनन के इस बयान के बाद वहाँ बैठे सभी लोग हँसते हैं और तालियाँ बजाते हैं। सरवनन के बयान के बाद ऑडियंस तो सीटियाँ-तालियाँ बजा ही रही थी, लेकिन उनके साथ ही शो के होस्ट कमल हासन भी जोर-जोर से ठहाके लगाकर हँसते हैं, तालियाँ बजाते हैं।

सरवनन के बयान को मजाकिया अंदाज में लेते हुए कमल हासन कहते हैं, “बस में सफर करना बड़ी बात है। एक ओर लोग हैं जो ऑफिस टाइम से पहुँचने के लिए भगदड़ करते हैं और एक तरफ ऐसे लोग हैं जो सिर्फ लड़कियों से छेड़खानी के लिए बस में चढ़ते हैं।” इसके बाद फिर से शो ठहाकों और तालियों से गूँजने लगता है।

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही ‘मीटू मूवमेंट’ (MeToo) के दौरान अपनी बात रखने वाली सिंगर चिन्मयी ने ट्विटर पर शो के इस वीडियो क्लिप को शेयर करते हुए कलाकार कमल हासन का विरोध करते हुए लिखा- “तमिल चैनल पर आने वाले एक शो में एक आदमी गर्व के साथ दावा कर रहा है कि उसने पब्लिक बस में महिला के साथ छेड़छाड़ की थी। दर्शक इस पर तालियाँ बजा रहे हैं। और ये मजाक है उस आडियंस के लिए, जो महिलाएँ तालियाँ बजा रही हैं उनके लिए, और उस मोलेस्टर के लिए!”

चिन्मयी के इस ट्वीट पर लोग खूब कमेंट कर रहे हैं और उनका साथ दे रहे हैं। चिन्मयी की ही तरह कई अन्य लोग भी कमल हासन के इस बर्ताव पर हैरानी जता रहे हैं और सवाल भी कर रहे हैं। कुछ लोगों को कमल हासन के इस बर्ताव से आपत्ति है तो कुछ लोगों का मानना है कि ऐसी बात कहने वाले एक्टर सरवनन को इस शो से तुरंत निकाल दिया जाना चाहिए।

हालाँकि, कमल हासन का इस पर अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। कारन यह भी हो सकता है कि कमल हासन अपने मुद्दों को सोशल मीडिया पर कथित लिबरल्स से प्रेरित होकर ही उठाते हैं। इसलिए जब तक किसी उनके व्यक्तिगत सोर्स ने उनके कान में यह बात ना फूँकी हो कि कौन-सी बात समाज में क्या सन्देश दे सकती है तब तक शायद उन्हें या एहसास ना होता हो कि उन्हें किस तरह की प्रतिक्रिया देनी है।

हिन्दुओं को पहला आतंकवादी बताकर कमल हासन पहले भी खूब सस्ती लोकप्रियता बटोर चुके हैं। इसी तरह से जलीकट्टू त्यौहार को लेकर भी कमल हासन अक्सर समाचार में बने रहते हैं।

कमल हासन महाभारत को लेकर दे चुके हैं आपत्तिजनक बयान

वर्ष 2017 में कमल हासन द्रौपदी को ‘ऑब्जेक्ट’ की तरह इस्तेमाल किए जाने की बात कहकर महिलाओं के मुद्दों पर अपनी संवेदनशीलता का परिचय दे चुके हैं। कमल ने इंटरव्यू के दौरान पांडवों द्वारा जुए में द्रौपदी को दाँव पर लगाने पर कमेंट किया था। हासन ने एक क्षेत्रीय चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा था, “महाग्रंथ में पांचाली को पुरुषों की हाथ की कठपुतली बताया था, जिन्हें उनके पति दाँव पर लगाते हैं। देश आज भी ऐसी धार्मिक पुस्तक पढ़ता है, जिसमें एक महिला (द्रौपदी) को जुए के लिए इस्तेमाल किया गया।”

बिग बॉस में महिलाओं को छेड़ने की बात पर कमल हासन द्वारा बजाई तालियाँ इस बात का सबूत हैं कि उनकी संवेदनाएँ कितनी ‘सेलेक्टिव’ और ‘ऑकेजनल’ हैं।

महाराष्ट्र: विधानसभा चुनाव से पहले NCP-कॉन्ग्रेस के 4 विधायकों ने दिया इस्तीफा, BJP में होंगे शामिल!

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल-बदल का सिलसिला शुरू हो गया है। राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) और कॉन्ग्रेस पार्टी के कई नेताओं का बीजेपी में शामिल होना जारी है। ताजा सियासी घटनाक्रम में कॉन्ग्रेस के 1 और एनसीपी के 3 विधायकों ने स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इनमें कॉन्ग्रेस के विधायक कालिदास कोलाम्बकर, NCP के विधायक शिवेन्द्र राजे भोसले, वैभव पिचाड और संदीप नाइक शामिल हैं। चारों ने स्पीकर हरिभाऊ बागड़े से मुलाकात कर अलग-अलग इस्तीफा सौंपा।

जानकारी के मुताबिक, चारों विधायक राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में औपचारिक तौर पर बुधवार (जुलाई 31, 2019) को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। कालिदास कोलाम्बकर ने पहले ही घोषणा कर दी है कि कि वह पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होंगे। इसके अलावा NCP के कद्दावर नेता और शरद पवार के करीबी माने जाने वाले मधुकर पिचाड के बेटे वैभव ने कहा कि उन्होंने अपने समर्थकों की एक बैठक बुलाकर उनकी राय जानने की कोशिश की थी। उनके ज्यादातर समर्थक चाहते हैं कि वो बीजेपी में शामिल हो जाएँ। 

गौरतलब है कि हाल ही में महाराष्ट्र में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने दावा किया था कि कॉन्ग्रेस और NCP के तकरीबन 50 विधायक उनके सम्पर्क में हैं और जल्द ही वो बीजेपी में शामिल होंगे। इससे पहले, 26 जुलाई को NCP की महिला विंग की अध्यक्ष चित्रा वाघ ने पार्टी के अंधकारमय भविष्य को देखते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था और पार्टी के मुंबई प्रमुख सचिन अहीर ने पहले से ही शिवसेना का दामन थाम लिया है।

वहीं, पार्टी के नेताओं द्वारा लगातार दिए जा रहे इस्तीफे पर शरद पवार ने 28 जुलाई को कहा था कि बीजेपी उनकी पार्टी को तोड़ रही है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने फडणवीस और बीजेपी के अन्य मंत्रियों पर दूसरे दलों के नेताओं की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने भाजपा पर जाँच एजेंसियों और सरकारी वित्तीय निकायों का दुरुपयोग कर नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया। हालाँकि शरद पवार ने ये भी कहा था कि उनकी पार्टी से जो कोई नेता अलग होता है, वह दोबारा नहीं जीतता है।

राज्यसभा में JDU ने किया तीन तलाक का बहिष्कार, सदस्यों का वॉकआउट: बीजेपी की राह आसान?

राज्यसभा में मंगलवार (जुलाई 30, 2019) को तीन तलाक बिल पेश किए जाने के बाद भाजपा की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने सदन में इसका विरोध किया। जदयू की ओर से वशिष्ठ नारायण सिंह ने सदन में बिल के बहिष्कार का ऐलान किया और अपनी बात कहकर सदन से बाहर चले गए।

सदन में आज वशिष्ठ नारायण सिंह ने अपनी खराब तबीयत का हवाला देकर वैंकया नायडू से जल्द बोलने के लिए वक्त माँगा और उसके बाद उन्होंने बोलना शुरू किया

वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, “विचार की यात्रा कभी खत्म नहीं होती है, जो सपना गाँधी-जयप्रकाश और लोहिया ने देखा था, उसे समाज आज पूरा करने की कोशिश कर रहा है।” उन्होंने सदन में तीन तलाक बिल पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि तीन तलाक, बाल विवाह जैसी चीजें आज समाज में अपनी जड़े जमा चुकी हैं, लेकिन इन्हें दूर करने में समय लगता है। उन्होंने तीन तलाक को महज एक सवाल करार दिया और कहा कि इस पर बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे लोग तीन तलाक बिल के मौजूदा कानून का विरोध करते हैं, इसलिए वे सदस्य सदन से वॉकआउट कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इसके साथ नहीं है। पार्टी की विचारधारा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हर पार्टी की एक विचारधारा है और उसका पालन करने के लिए वह स्वतंत्र हैं।

इसके बाद राज्यसभा में मौजूद जेडीयू के सदस्य सदन से वॉकऑउट कर गए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश किए जाने पर जेडीयू सदस्यों ने सरकार के पक्ष में वोटिंग करने की जगह वॉकआउट किया था।

मुस्लिम महिलाओं की उन्नति और सामाजिक-पारिवारिक साझेदारी के लिए लाए गए इस विधेयक पर चर्चा के दौरान जेडीयू सदस्य राजीव रंजन ने भी कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि इस बिल से समाज को नुकसान होगा।

गौरतलब है कि जेडीयू के वॉकआउट करने से ट्रिपल तलाक को राज्यसभा में पास कराने के लिए बीजेपी की राह आसान हो गई है। अभी तक जेडीयू इस बिल के विरोध में वोट देने की बात कर रही थी। ऐसे में भाजपा के लिए बिल पास करवा पाना मुश्किल हो जाता, लेकिन जेडीयू के वोटिंग में हिस्सा न लेने से भाजपा को राहत की साँस मिली होगी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा उम्मीद कर रही है कि उसे आरटीआई संशोधन बिल में समर्थन करने वाले कुछ अन्य दलों का भी समर्थन मिल सकता है। हालाँकि वाईएसआर कॉन्ग्रेस पार्टी ने ऐलान किया है कि वह इस बिल के विरोध में वोट करेगी।

गंगा के तेज वेग में बही जा रही थी गाय, रिटायर्ड फौजी ने जान पर खेलकर बचाया

तीर्थ नगरी ऋषिकेश के बैराज पुल के सामने एक दिल को छू जाने वाला नजारा देखने को मिला। यहाँ गंगा के तेज वेग में बहकर जा रही गाय को 63 वर्षीय रिटायर्ट फौजी ने अपनी जान पर खेलकर बचाया। रिटायर्ड फौजी का नाम सुरेश पहलवान है। वे अंतरराष्ट्रीय पहलवान लाभांशु के पिता हैं।

जानकारी के मुताबिक सुरेश कल (जुलाई 30,2019) दोपहर को करीब 2 बजे बैराजपुल के पास से गुजर रहे थे कि तभी उन्होंने देखा कि एक गाय जो बैराज पुल पर पानी पीने आई थी वो फिसलकर नदी में गिर गई है और गंगा की धारा उसे अपने बहाकर ले जा रही है।

गाय को तड़पता देख, उन्होंने वहीं किनारे में अपनी बाइक खड़ी की और जान की परवाह किए बिना नदी में कूद गए। 60 वर्षीय सुरेश की हिम्मत देख सड़क से गुजर रहे काँवड़ियों ने भी नदी में कूदकर गाय को बचाने के लिए अपनी ओर से कोशिश की और अंत में किसी तरह गाय को नदी से बाहर निकाल लिया गया।

आजम खान की यूनिवर्सिटी से 300 चोरी की किताबें बरामद: 1774 में बने मदरसे से चोरी हुई थीं ऐतिहासिक किताबें

भू-माफिया सपा सांसद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद जौहर अली विश्वविद्यालय पर मंगलवार (जुलाई 30, 2019) दोपहर पुलिस का छापा पड़ा है। दरअसल मदरसा आलिया की 9,000 किताबें चोरी हुई थीं। जिसका इल्जाम जौहर यूनिवर्सिटी पर लगा था। इसी सिलसिले में आजम की जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा पड़ा है। पुलिस ने विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में जाकर रामपुर के मदरसा आलिया से गायब हुई किताबों को लेकर छानबीन की।

एसपी डॉ अजय पाल ने बताया कि अभी तक तकरीबन 300 चोरी की किताबें मिल चुकी हैं। ये किताबें 100 से 150 साल पुरानी हैं। उन्होंने बताया कि 1774 में स्थापित रामपुर के आलिया मदरसे से चोरी की गईं प्राचीन किताबें भी जौहर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी से बरामद हुई हैं। इस मामले में अब तक यूनिवर्सिटी के 4 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल, जाँच जारी है और कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। परिसर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

यूनिवर्सिटी की मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी में पुलिस दस्तावेज़ों की तलाश कर रही है। बता दें कि जौहर यूनिवर्सिटी में यह छापा उस वक्त पड़ा है, जब पहले से ही आजम खान जमीन कब्जाने के मामले में कई केसों में घिरे हुए हैं। आजम खान पर पहले से ही अजीमनगर थाने में जमीन हड़पने को लेकर कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने आजम खान को रामपुर में लग्जरी रिसॉर्ट हमसफर के लिए सरकारी जमीन कब्जाने को लेकर नोटिस जारी किया है। दूसरी तरफ आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान पर गलत और कोडेड दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

‘जज को खरीद लिया है, फर्जी मुकदमे में सबको जेल भेज देंगे’ – उन्नाव रेप पीड़िता की माँ ने CJI को लिखा पत्र

उन्नाव रेप मामले में पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है और इस बीच इससे जुड़े लगातार कई नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच पीड़िता की माँ के द्वारा सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखी गई एक चिट्ठी भी सामने आई है। ई-मेल से भेजे गए इस पत्र में रेप पीड़िता की माँ ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस समेत तमाम अधिकारियों से आरोपित विधायक और उनके गुर्गों द्वारा दी जा रही धमकी का जिक्र किया गया था। बीते 12 जुलाई को लिखे गए इस पत्र में पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोपितों द्वारा सुलह न करने पर जेल भिजवाने की धमकी का जिक्र किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह भी कहा जा रहा है कि इस चिट्ठी में पीड़िता की माँ ने लिखा था कि 7 जुलाई 2019 को आरोपित शशि सिंह के पुत्र नवीन सिंह, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सिंह सेंगर, कुन्नू मिश्रा और दो अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके घर आकर सुलह न करने की स्थिति में उन्हें फर्जी मुकदमे में फँसाकर सभी को जेल भेजने की धमकी भी दी गई थी।

मुख्य न्यायाधीश को भेजे इस पत्र में रिपोर्ट्स के अनुसार बताया गया था कि विधायक के भाई ने उन्हें धमकी दी थी कि उन्होंने जज को खरीदकर विधायक कुलदीप सेंगर की बेल ले ली है। इसके बाद अब वे मुझे सजा दिलवाएँगे। इसके अलावा पूरे परिवार को जेल में डाल देने की भी धमकी दी गई थी। पीड़िता की माँ ने चिट्ठी लिख इस मामले में एक्शन लेने की बात भी कही थी।

कल ही उन्नाव रेप केस की पीड़िता के रायबरेली के गुरबख्शगंज में एक ट्रक के पीड़िता की कार को टक्कर मारने के मामले में उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। रोड एक्सीडेंट के मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर और 8 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

फिलहाल, सेंगर और उनका भाई मनोज पहले से ही जेल में हैं। रेप पीड़िता के चाचा की तहरीर पर कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307, 506, 120B के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। FIR में कुलदीप सिंह सेंगर, मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र, हरिपाल मिश्र, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह और एडवोकेट अवधेश सिंह समेत 15-20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हो चुका है।

‘लाभप्रद बिज़नेस मॉडल नहीं बना पाया’: ₹650 करोड़ के लिए IT रडार पर थे गायब CCD संस्थापक

कॉफी-रेस्टोरेंट चेन CCD के संस्थापक-मालिक और पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ लापता हैं। बंगलुरु से 375 किलोमीटर दूर मंगलुरु के पास नेत्रवती नदी के उल्लाल पुल पर वह अपनी कार से नीचे तो उतरे, लेकिन वापस अब तक नहीं लौटे हैं। उन्होंने अपने ड्राइवर से कार पुल के दूसरे सिरे पर ले जाकर उनका इंतजार करने के लिए कहा था। जब वह डेढ़ घंटे में भी दूसरे सिरे पर नहीं पहुँचे और उनका फ़ोन भी स्विच ऑफ़ आया, तो उनके ड्राइवर ने पुलिस को खबर दी।

‘भरसक कोशिश की लेकिन…’

इस बीच उनका CCD के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स) को लिखा एक पत्र भी सामने आया है, जिसमें वह लाभप्रद बिज़नेस का मॉडल न खड़ा कर पाने के लिए निदेशक मंडल से माफ़ी माँग रहे हैं। पत्र के अनुसार भरसक कोशिश करते रहने के बाद आज (पत्र लिखते समय) वह हार मान रहे हैं क्योंकि एक निजी इक्विटी पार्टनर उन्हें (सिद्धार्थ को) शेयर दोबारा खरीदने (‘buy back’) के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिसे आंशिक रूप से पूरा करने के लिए 6 महीने पहले उन्होंने एक मित्र से बड़ी रकम उधार ली थी। इसके अलावा अन्य देनदारों के भी भीषण दबाव की बात उन्होंने पत्र में कही है।

उन्होंने हर एक आर्थिक लेनदेन को अपनी जिम्मेदारी बताते हुए कानून से केवल उन्हें ही दोषी ठहराने की अपील की भी पत्र में की है। उनके मुताबिक उनकी टीम, ऑडिटर, कंपनी का वरिष्ठ प्रबंधन और उनका अपना परिवार तक उनकी आर्थिक अनियमितताओं से अनजान थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह नव-उद्यमी (entrepreneur) के तौर पर विफल हो गए हैं, और उनका इरादा किसी को धोखा देने या भ्रम में रखने का नहीं था।

₹650 करोड़ की आय छिपाने का आरोप, आयकर महानिदेशक पर निशाना

अपने पत्र में वीजी सिद्धार्थ ने पूर्व आयकर महानिदेशक पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जबकि आयकर विभाग का आरोप है कि सिद्धार्थ ने ₹650 करोड़ की आय छिपा कर आयकर से बचने की कोशिश की थी। इस मामले में 2017 में 4 दिन की छापेमारी के बाद आयकर विभाग को, रिपोर्टों के मुताबिक, तब बड़ी सफ़लता हाथ लगी थी जब सिद्धार्थ ने CCD की ₹650 करोड़ की छिपी आय का खुलासा किया था। इस मामले में आयकर विभाग ने सिद्धार्थ के 46 लाख निजी शेयर इन देनदारियों से अटैच किए थे। इसके अलावा सिद्धार्थ का दावा है कि CCD की माइंडट्री के साथ डील में भी आयकर विभाग ने उनके शेयर अटैच करके अड़ंगा लगाया था। अपने पत्र का अंत वीजी सिद्धार्थ इस उम्मीद के साथ करते हैं कि निदेशक मंडल और ‘CCD परिवार’ के लोग किसी दिन उनकी परिस्थिति को समझ कर उन्हें माफ़ कर पाएँगे

उन्नाव रेप मामला- क्या, कब और अब: 30 पॉइंट में समझें इस घटना की A से लेकर Z तक की कहानी

उन्नाव रेप मामले में पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे के बाद शक की सुई साजिश की ओर आकर ठहर गई है। इस मामले में टक्कर मारने वाले ट्रक मालिक के तौर पर सपा नेता नंदू पाल के बड़े भाई देवेंद्र का नाम आ चुका है। उधर पीड़िता के चाचा की तहरीर पर BJP विधायक कुलदीप सेंगर समेत 10 पर FIR हो चुकी है। मतलब, साजिश बड़ी और उलझी हुई है। तो आइए जानते हैं इस घटना की A से लेकर Z तक की कहानी।

क्या है मामला

  • 4 जून 2017- भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर एक नाबालिग ने लगाया रेप का आरोप।
  • 11 जून को पीड़िता अचानक गायब हो जाती है। इस संबंध में रिपोर्ट लिखवाई जाती है, पुलिस उसे 20 जून को ओरैया से बरामद करती है और अगले दिन उसे उन्नाव लाया जाता है।
  • पुलिस ने पीड़िता को 22 जून को कोर्ट में पेश किया। जहाँ 164 CRPC के तहत पीड़िता के बयान लिए गए। 
  • पीड़िता ने 164 CRPC के तहत कोर्ट में जो बयान दिया, उसमें 4 जून 2017 की घटना का जिक्र करते हुए विधायक का नाम शामिल नहीं किया गया। 
  • बाद में पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बयान में विधायक का नाम नहीं लेने दिया।
  • शिकायत में पुलिस द्वारा विधायक का नाम न लिखे जाने के कारण लड़की के परिवार वालों को कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।
  • विधायक और उनके साथियों द्वारा इस दौरान लड़की के घरवालों पर रिपोर्ट न लिखवाने का दबाव बनाया जाता रहा।
  • इस बीच विधायक के भाई ने 3 अप्रैल को लड़की के पिता से भी मारपीट की। जिस कारण उनकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। मौत से पहले लड़की के पिता का वीडियो भी वायरल हुआ।
  • इस वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि विधायक के भाई और कुछ अन्य लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में उन्हें मारा-पीटा था।
  • पुलिस की लापारवाही और विधायक की गुंडई से परेशान होकर पीड़िता ने सीएम आवास के बाहर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह करने का भी प्रयास किया।
  • इसके बाद उन्नाव के माखी थाने में भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के ख़िलाफ़ बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ।
  • प्रशासन ने इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंपी और फिर सीबीआई ने पिछले साल अप्रैल में कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया। 
  • कुलदीप और उनके भाई तब से जेल में बंद हैं।
  • इस दौरान पीड़िता की सुरक्षा के लिए 10 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। इनमें 7 हाउस गार्ड के रूप में लगे थे जबकि बाकि 3 रेप पीड़िता के साथ रहते थे।

        सड़क हादसा- दुर्घटना या फिर साजिश?

  • 29 जुलाई 2019- कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की का राय बरेली जाते समय एनएच 32 पर एक्सीडेंट हुआ
  • इस घटना के समय पीड़िता के साथ कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था क्योंकि पीड़िता ने कथित तौर पर उन्हें साथ आने से मना किया था।
  • इस हादसे में लड़की की मौसी और चाची की मौत हो गई। जबकि पीड़िता, उसकी बड़ी बहन और वकील की हालत नाजुक है। जिनकी मौत हुई उनमें से एक रेप केस की गवाह भी थी।
  • योगी सरकार ने घायलों के इलाज और हर संभव मदद की घोषणा की है।
  • इस घटना के बाद पीड़िता के चाचा ने जेल में बंद कुलदीप सेंगर और उनके भाई और 8 अन्य के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज करवाया।
  • मामले के संबंध में तीन लोगों को हिरासत में लेकर इस मामले की जाँच की जा रही है।
  • पीड़िता के चाचा की शिकायत पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या के प्रयास), 506 (धमकी) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत रायबरेली के गुरबख्शगंज थाने में केस दर्ज किया गया है।
  • मामले में डीजीपी ओपी सिंह सहित पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीबीआई की जाँच की सिफारिश की।
  • जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (जुलाई 29, 2019) को इस मामले में सीबीआई जाँच की सिफारिश दे दी।
  • मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने भी रात में एसपी की रिपोर्ट, फॉरेंसिक जाँच में की गई अब तक की पड़ताल, हत्या की एफआईआर आदि से जुड़े अन्य दस्तावेज मँगवाए हैं।
  • 30 जुलाई 2019 – हत्या और हत्या के प्रयास में भी आरोपित बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भारतीय जनता पार्टी ने निलंबित कर दिया है।

जाँच में सपा नेता का निकला ट्रक

  • ट्रक की नंबर प्लेट पर कालिख पुते होने के कारण पहले इस घटना को साजिश माना जा रहा था। लेकिन आज 30 जुलाई को इस मामले में नया खुलासा हुआ।
  • मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला कि ये ट्रक सपा नेता नंदू पाल के बड़े भाई का है और उनके मुताबिक मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। ये सिर्फ़ एक हादसा है।
  • हालाँकि घटना के बाद से देवेंद्र के घर में ताला लगा है और पुलिस उनकी जाँच में जुटी है
  • नंबर प्लेट में कालिख लगाने की वजह पर सफाई देते हुए नंदू ने बताया कि ये सब केवल फाइनेंसर की नजरों से बचने के लिए किया गया। अगर फिर भी आशंका है तो सच्चाई जानने के लिए सीबीआई जाँच करवा ली जाए।

प्रियंका गाँधी की राजनीति

  • प्रियंका गाँधी ने उन्नाव रेप केस मामले में दर्ज हुई एफआईआर की हालिया कॉपी को ट्वीट कर दिया। इस FIR कॉपी में पीड़िता के नाम का भी उल्लेख है।