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ED के बाद IT ने लिया कमलनाथ के भाँजे पर एक्शन, ₹254 करोड़ के बेनामी शेयर जब्त

आयकर विभाग ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भाँजे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आज (जुलाई 30, 2019) रतुल पुरी के 254 करोड़ रुपए के बेनामी शेयर को जब्त कर लिया। रतुल पुरी पर राजीव सक्सेना की मदद से एफडीआई के रूप में पैसा भारत लाने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस मामले के मद्देनजर आयकर अधिकारी ने बताया कि बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन एक्ट के तहत पुरी के नाम पर बेनामी शेयर जब्त करने का प्रोविजनल ऑर्डर भी जारी किया गया था।

वहीं, कार्रवाई करने वाले अधिकारियों का कहना है कि यह राशि उन्हें ऑप्टिमा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में एफडीआई निवेश के जरिए हाासिल हुई। इसके अलावा एक अन्य कंपनी एचईपीसीएल के नाम पर उन्होंने सौर पैनल आयात करने के लिए ज्यादा चालान बनाए और उसके बाद 254 करोड़ रुपए कमाए।

जानकारी के अनुसार यह रतुल की शेल कंपनी है, जिसका संचालन दुबई में राजीव सक्सेना करता था। अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के आरोप में राजीव सक्सेना भी इस समय ईडी की गिरफ्त में है।

गौरतलब है आईटी विभाग द्वारा एक्शन लिए जाने से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कमलनाथ के भाँजे पर आरोप लगा चुकी है कि वो वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में दोनों पक्षों से पैसे ले चुके हैं।

ईडी ने पुरी द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली की अदालत में विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के सामने यह आरोप लगाए।

ईडी ने कहा, “जाँच में खुलासा हुआ है कि रतुल पुरी को इस मामले से जुड़े धन शोधन के दोनों पक्षों से धन प्राप्त हुआ था।” इसमें एक पक्ष बिचौलिया क्रिश्चियन मिशैल का था जबकि दूसरे में सह आरोपित राजीव सक्सेना शामिल था।

तिरुनेलवेली ट्रिपल मर्डर में पुलिस ने DMK नेता के बेटे को किया गिरफ्तार

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में तिहरे सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस के मुख्य आरोपित कार्तिकेयन को गिरफ्तार कर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। कार्तिकेयन द्रमुक (DMK) पार्टी के अडी द्रविड विंग उपसचिव सीनियाम्मल का बेटा है। पुलिस ने कार्तिकेयन को रविवार (जुलाई) को मदुरै में गिरफ्तार किया। आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 380 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि, कार्तिकेयन पूर्व महिला महापौर उमा माहेश्वरी, उनके पति मुरुगशंकरन और उनकी नौकरानी मारी की हत्या का मुख्य आरोपित है। इस हत्याकांड में संलिप्त दो अन्य आरोपितों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जाँच के लिए उसे पलयमकोट्टई के सशस्त्र सुरक्षा पुलिस बल ग्राउंड में लाया गया है। 

पुलिस ने आरोपितों को हत्याकांड वाले क्षेत्र में रोज नगर के भोजनालयों और मंदिर के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पकड़ा है, जिसमें उसकी कार वहाँ से गुजरती दिखाई दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये इस मामले में को सुलझाने में मजबूत कड़ी है। पुलिस ने बताया कि मृतक के घर में तलाशी लेने पर आरोपितों के फिंगरप्रिंट आलमारी पर थे और उन्होंने उस आलमारी से गायब सोने के आभूषण भी आरोपित के पास से बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपित ने अपने स्तर पर सबूतों को मिटाने का हर संभव प्रयास किया था।

गौरतलब है कि, डीएमके नेता और शहर की पूर्व मेयर उमा महेश्वरी, उनके पति व नौकरानी की अज्ञात हमलावरों ने रेड्डीयारपट्टी में मंगलवार (जुलाई 23, 2019) की शाम नृशंस हत्या कर दी। तिहरे हत्याकांड से स्थानीय इलाके में दहशत फैल गई है। इस हत्याकांड के दो दिन बाद ही पुलिस ने शक के आधार पर मदुरई में महिला विंग की उपसचिव सीनीअम्माल से 45 मिनट तक पूछताछ की थी। उन्होंने अपनी तबियत खराब होने और उपचार के लिए बेटे के पास रहने की बात कहते हुए आरोप को पूरी तरह से नकार दिया था।

लेकिन, पुलिस को इस बात की जानकारी मिली थी कि उपसचिव और पूर्व मेयर के बीच चुनाव में टिकट दिलाने के वादे पर हुए लेनदेन को लेकर मनमुटाव चल रहा है। डीएमके प्रमुख स्टालिन और कनीमोझी ने मृतकों के परिवार से मिलकर संवेदना जताई थी और इसे राज्य में कानून व्यवस्था की भयावह स्थिति करार दिया था। फिलहाल सारे मामले में डीएमके कैडर का हाथ होने की बात सामने आने पर डीएमके को झटका लगा है।

भगवान राम की वीरता-साहस की कहानी अमेरिका के सबसे बड़े म्यूज़ियम में, साल भर चलेगी प्रदर्शनी

भारतीय महाकाव्य ‘रामायण’ अमेरिका के सबसे बड़े कला संग्रहालय ‘द मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट’ में साल भर तक चलने वाली एक प्रमुख प्रदर्शनी का केंद्र बिंदु होगा। इस प्रदर्शनी में 17वीं से 19वीं शताब्दी के बीच उत्तर भारत के राजपूत और पहाड़ी दरबारों के लिए रामायण से संबंधित 30 चित्रों को प्रस्तुत किया जाएगा।

‘सीता एंड राम: द रामायण इन इंडियन पेंटिंग’ यह प्रदर्शनी एक साल तक जारी रहेगी, जो आने वाले 10 अगस्त से शुरू होगी।

संग्रहालय के अनुसार, “17वीं और 19वीं शताब्दी के बीच उत्तर भारत के राजपूत और पहाड़ी राज दरबारों के लिए बनाए गए चित्रों को इस प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके केंद्र में पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास संस्कृत कवि वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य रामायण की कल्पना विद्यमान है।”

प्रदर्शनी में 30 उत्कृष्ट चित्रों को प्रस्तुत किया जाएगा, जो राम की वीरता और साहस की कहानी को दर्शाते हैं।

संग्रहालय ने कहा है कि पेंटिंग्स में प्रदर्शित चित्र और वस्त्र लगभग 2,500 साल पुराने संस्कृत ग्रन्थ रामायण से होंगे, जिसमें 24,000 से अधिक छंद शामिल हैं। इसमें भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के वन-गमन से लेकर हनुमान के साथ उनकी भेंट के किस्से शामिल होंगे।

कर्नाटक में नहीं मनेगी टीपू सुल्तान जयंती: येदियुरप्पा सरकार का फैसला

कर्नाटक में सत्ता बदल गई है। राज्य में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी का शासन है। सत्ता बदलने के बाद राज्य में बदलाव नज़र आने लगा है। कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान जयंती को नहीं मनाने का आदेश दिया है। बता दें कि सोमवार (जुलाई 29, 2019) को कैबिनेट की बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया था। भाजपा विधायक बोपैया ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर राज्य में टीपू जयंती के जश्न पर रोक लगाने की माँग की थी। राज्य में कॉन्ग्रेस-जेडीएस की सरकार थी, तो ये समारोह काफी धूमधाम से मनाया जाता था।

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि प्रदेश में टीपू जयंती मनाने की कभी परंपरा नहीं रही है। इसलिए इसे नहीं मनाने का फैसला किया गया है। गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस के शासनकाल में पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने टीपू जयंती मनाने की शुरुआत की थी।

उस वक्त भी बीजेपी समेत कई राजनीतिक-सामाजिक संगठनों ने जयंती मनाने का विरोध किया था। बीजेपी शुरू से ही टीपू जयंती मनाने के खिलाफ है। बीजेपी टीपू सुल्तान को कट्टर मुस्लिम शासक बताती है। पार्टी का कहना है कि टीपू सुल्तान ने मंदिर तोड़े और बड़े पैमाने पर हिंदुओं का धर्मांतरण कराया था।

उन्नाव रेप केस के आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर बीजेपी से निलंबित

चर्चित उन्नाव रेप मामले और अब रोड एक्सीडेंट के बाद हत्या और हत्या के प्रयास में भी आरोपित बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। रेप केस में आरोपों में घिरे कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर पार्टी की काफी फजीहत हो रही थी और विपक्षी राजनीतिक दलों की तरफ से भी दबाव बनाया जा रहा था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि सेंगर पहले से ही पार्टी से निलंबित चल रहे हैं और आगे भी निलंबित रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी कभी भी सेंगर को बचाने के पक्ष में नहीं रही है। इसलिए उन्नाव रेप केस की जाँच सीबीआई को सौंपी गई थी।

बीजेपी की इस कार्रवाई से पहले कल ही उन्नाव रेप केस की पीड़िता के रायबरेली के गुरबख्शगंज में एक ट्रक के पीड़िता की कार को टक्कर मारने के मामले में उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। रोड एक्सीडेंट के मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर और 8 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

फिलहाल, सेंगर और उनका भाई मनोज पहले से ही जेल में हैं। रेप पीड़िता के चाचा की तहरीर पर कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307, 506, 120B के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। FIR में कुलदीप सिंह सेंगर, मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र, हरिपाल मिश्र, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह और एडवोकेट अवधेश सिंह समेत 15-20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हो चुका है।

अमेठी के ‘राजा’ राज्यसभा सांसद ने छोड़ी कॉन्ग्रेस, भाजपा में हो सकते हैं शामिल

अमेठी के भूतपूर्व राजपरिवार के सदस्य और कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह कॉन्ग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आज (मंगलवार, 30 जुलाई) को पार्टी और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने दावा किया कि वह कल भाजपा में शामिल होंगे

जमानत नहीं बचा पाए थे मोदी लहर में

अमेठी के राजपरिवार के सदस्य संजय सिंह ने इस लोक सभा चुनाव में सुल्तानपुर सीट से दावा ठोंका था। लेकिन मोदी लहर में वह अपनी ज़मानत भी नहीं बचा पाए थे। उनका परिवार पारम्परिक रूप से कॉन्ग्रेस समर्थक माना जाता है, हालाँकि उनकी पहली पत्नी गरिमा सिंह भाजपा से अमेठी की विधायक हैं।

भाजपा में बनेगी ‘असहज स्थिति’?

संजय सिंह की विधायक पत्नी गरिमा सिंह और उनके बच्चों का अमेठी राजघराने की लड़ाई में भाजपा ने संजय सिंह और उनकी दूसरी पत्नी अमीता सिंह के खिलाफ समर्थन किया था। पिछले विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी जहाँ अमीता सिंह थीं, वहीं भाजपा ने अमेठी की जनता में संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा के प्रति स्थानीय जनता की सहानुभूति और गरिमा को राजमहल से बेदखल करने से उपजे आक्रोश पर दाँव लगाते हुए गरिमा को टिकट दिया था। राजपरिवार के पारम्परिक भूपति भवन पर 2014 में गरिमा के दावे का भी स्थानीय लोगों ने इकट्ठे होकर समर्थन किया था, जिसमें पुलिस को फायरिंग करनी पड़ गई थी। 2017 में पूर्व प्रधानमंत्री और राजा मांडा वीपी सिंह की रिश्तेदार गरिमा की जीत को भाजपा ने पारिवारिक ड्रामे में संजय सिंह के खिलाफ जनता का जनादेश बताया था। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि अब राजपरिवार के विवाद पर भाजपा का क्या स्टैंड होगा।

मस्जिदों की डिटेल पर J&K में हलचल: कोई PM से मिलेगा, किसी ने राजनीतिक विरोधी से मिलाया हाथ

जम्‍मू कश्‍मीर में 10 हजार अति‍र‍िक्‍त जवानों की तैनाती के बाद प्रशासन ने मस्‍ज‍िदों की जानकारी माँगी है। इसके बाद से ही घाटी में आशंका का माहौल शुरू हो गया है। श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हसीब मुगल की ओर से जारी आदेश में पाँच जोन के पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि वो अपने संबंधित क्षेत्रों की मस्जिदों और उनके प्रबंधन की पूरी जानकारी एक बंद लिफाफे में जल्द से जल्द मुहैया कराएँ, ताकि उसे उच्च अधिकारियों तक पहुँचाया जा सके।

एसएसपी हसीब मुगल ने इसे रुटीन एक्सरसाइज बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल थानों की बेसिक बीट बुक को अपडेट करने के लिए किया जा रहा है। ऐसा समय-समय पर किया जाता है। हालाँकि, उन्होंने ये भी कहा कि इस पत्र को जारी करने का सही समय नहीं है। उनका कहना है कि घाटी में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के आदेश से लोग पहले ही सशंकित हैं और इस चिट्ठी से उनकी चिंताएँ बढ़ सकती हैं।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर का स्क्रीनशॉट

वहीं, गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस आदेश के बाद घाटी में राजनीतिक पार्टियों के बीच हलचल काफी बढ़ गई है, उनके ट्वीट और बयान को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनकी बेचैनी कितनी ज्यादा बढ़ी हुई है। घाटी में आशंका का माहौल शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार प्रदेश को लेकर कोई अहम फैसला ले सकती है। वहाँ की सियासी पार्टियों ने केंद्र सरकार से पूरी स्थिति साफ करने की माँग की है। नैशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात का वक्त भी माँगा है। 

दरअसल, सेना की अतिरिक्त तैनाती के बाद ये अफवाह फैली कि सरकार राज्य से 35A को खत्म करने वाली है। जिसके बाद से पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में सियासी पार्टियों के बीच काफी घबराहट की स्थिति है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 35A की रक्षा के लिए अपने धुर राजनीतिक विरोधी फारूक अब्दुल्ला से साथ देने का आग्रह किया है। महबूबा मुफ्ती ने सोमवार (जुलाई 29, 2019) को कहा कि उन्होंने प्रदेश के विशेष दर्जे की रक्षा के लिए फारूक अब्दुल्ला से सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है।

इस बीच, जम्मू कश्मीर की मस्जिदों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार विजय कुमार ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर अफवाह फैला रहा है, तो इसका जवाब देना जरूरी नहीं है। इस अफवाह का सोर्स क्या है? मेरे लिए यह उचित नहीं होगा कि मैं हर बार इसका जवाब दूँ।”

वहीं, सरकार के फैसले पर आग उगलने वालों को जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सूबे में 10,000 अतिरिक्त जवानों को सिक्यॉरिटी ड्रिल के तहत तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका कोई विशेष मकसद नहीं है, लेकिन जनाधार खोने से डरे नैशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी बेवजह शोर मचा रहे हैं।

कुरैशी की हत्या के बाद उसके भाई रहीस को मारने आरिफ पहुँचा अस्पताल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

कुछ दिन पहले दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने कार सवार मीट कारोबारी की गोली मार कर हत्या कर दी थी। मीट कारोबारी सलीम कुरैशी की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित आरिफ के खिलाफ पहले से ही 43 मामले दर्ज हैं।

17 जुलाई को पंजाबी बाग के रोहतक रोड के ट्रैफिक जंक्शन पर अपनी कार में बैठे कुरैशी की दो मोटरसाइकिल सावर लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। हत्या करने वाला आरिफ, सलीम कुरैशी की बगल वाली सीट पर बैठे उसके भाई रहीस को भी मारना चाहता था, लेकिन वो बचा गया। स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल से लगभग सौ मीटर की दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से दोनों हत्यारों की पहचान की थी और रविवार (जुलाई 28, 2019) को स्पेशल सेल ने आरिफ को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया।

DCP मनीषी चंद्र के मुताबिक, आरिफ ने पुलिस को बताया कि सलीम कुरैशी की हत्या करने के बाद वो उसके भाई रहीस को मारने के लिए पश्चिमी दिल्ली के पश्चिम विहार के एक निजी अस्पताल में गया था, लेकिन रहीस यहाँ भी बच गया, क्योंकि हत्यारे आरिफ को वो हॉस्पिटल में नहीं मिला।

डीसीपी ने कहा कि आरिफ आपराधिक प्रवृत्ति (Repeat Offender) का है। जिसके खिलाफ पहले से ही 43 केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ हत्या के 6 मामले दर्ज हैं और वह गाजीपुर और नांगलोई में अवैध बूचड़खानों से जबरन वसूली में भी शामिल है। साथ ही, हत्या का आरोपित आरिफ बाहरी दिल्ली के नांगलोई और सुल्तानपुरी में कथित रूप से सट्टेबाजी का रैकेट चलाता है। डीसीपी का कहना है कि रहीस माँस व्यापारियों से जबरन पैसा वसूलना चाहता था और इसी वजह से आरिफ और रहीस के बीच दुश्मनी बढ़ गई।

आपसी मुठभेड़ थी सलीम को मारने की वजह

इसके आगे डीसीपी ने बताया कि आरिफ ने कथित तौर पर 25 जून को रहीस पर हमला किया, लेकिन उस दिन वो बच निकला था। इसके बाद उसी दिन रहीस और सलीम ने अपने 20 साथियों के साथ आरिफ के रिश्तेदारों के साथ मारपीट की। रहीस ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी थी।

हालाँकि, उस दिन एक पुलिस मामला दर्ज किया गया था। आरिफ ने उसी दिन अपने रिश्तेदारों पर हुए हमले का बदला लेने का फैसला कर लिया था। आरिफ की दुश्मनी मुख्य रुप से रहीस से थी, मगर उसने उसके भाई सलीम को भी इस हमले में शामिल पाया। जिसके बाद आरिफ ने दोनों को मारने का फैसला किया। रहीस के भाई सलीम की तो उसने हत्या कर दी, लेकिन रहीस बच गया।

MLA अब्दुल्ला ने फर्जी दस्तावेजों से बनवाया पासपोर्ट, भू माफिया आजम खान से है ‘खास कनेक्शन’

हाल ही में भू माफिया घोषित हो चुके समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब्दुल्ला आजम खान पर गलत और कोडेड दस्तावेंजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगा है। यह FIR उत्तर प्रदेश के रामपुर, सिविल लाइन्स थाने में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर दर्ज है।

अलग-अलग दस्तावेजों में अलग है जानकारी

पुलिस के अनुसार, अब्दुल्ला आजम खान पर FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 467, 468, 471 और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने शिक्षण दस्तावेजों और पासपोर्ट में अलग-अलग जन्मतिथि दर्ज करवाने की शिकायत की है।

आजम खान के बेटे अब्दुल्ला अचानक से तब सुर्खियों में आ गए थे जब उन्होंने जया प्रदा को लेकर निशाना साधा था। अब्दुल्ला आजम ने एक बयान देते हुए कहा था- “अली भी हमारे हैं, बजरंगबली भी हमारे हैं। हमें अली भी चाहिए और बजरंगबली भी चाहिए, लेकिन अनारकली नहीं चाहिए।” भू माफिया आजम खान लगातार महिला विरोधी बयानों के कारण चर्चा में बने रहते हैं।

गत बृहस्पतिवार को लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान भी आजम खान ने भाजपा सांसद रमा देवी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। जिसके बाद उन्हें माफ़ी माँगनी पड़ी है।

चलती ट्रेन का TikTok वीडियो बनाते हुए ट्रेन से टकराने के कारण 18 साल के छात्र की दर्दनाक मौत

TikTok पर वीडियो बनाने के कारण आए दिन नए हादसे जन्म ले रहे हैं। ताजा प्रकरण बिहार के वैशाली जिले का है। तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन का टिकटॉक वीडियो बनाने के चक्कर में मंगलवार (जुलाई 30, 2019) को हाजीपुर में एक युवक की जान चली गई। बिहार के 18 साल के इस युवक के लिए टिकटॉक वीडियो बनाना जानलेवा साबित हुआ। वीडियो बनाने में मशगूल युवक को यह तक पता नहीं चला कि ट्रेन एकदम करीब आ गई है और जब तक वह संभलता, तब तक ट्रेन के झटके से उसकी मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

मृतक 18 वर्षीय विवेक कुमार हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के बागमली मोहल्ले के निवासी रामप्रवेश सिंह का इकलौता पुत्र था। वह इंटर का छात्र था। घटना के बाद उसके घर में कोहराम मच गया है। घटना मंगलवार सुबह करीब 9 बजे के आसपास की है।

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, विवेक प्रतिदिन सोनपुर स्थित पुराना गंडक पुल रोड में सुबह-सुबह दौड़ने जाता था। आज, मंगलवार को भी वह अपने कुछ मित्रों के साथ सोनपुर पुराना पुल रोड में दौड़ने गया था। इसी दौरान वह हाजीपुर से पटना जा रही पैसेंजर ट्रेन का टिकटॉक वीडियो बनाने लगा और इसी दौरान ट्रेन से उसके सिर में चोट लगी और उसकी जान चली गई।

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुँच गए और उसे सदर अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। टिकटॉक की दीवानगी में मौत की ये पहली घटना नहीं है। हाल ही में बिहार के दरभंगा जिले में टिकटॉक वीडियो के लिए बाढ़ के पानी में खतरनाक स्टंट करने के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी।