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केरल: कॉलेज में छात्र को चाकू घोंपा, SFI के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज परिसर में शुक्रवार की सुबह तृतीय वर्ष के एक छात्र को चाकू मार दिया गया। छात्र की हालत स्थिर बताई जा रही। इस घटना के पीछे वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई के कार्यकर्ता का हाथ बताया जा रहा है। घटना से गुस्साए छात्रों ने परिसर के गेट पर
एसएफआई के खिलाफ प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

पीटीआई के मुताबिक पीड़ित छात्र की पहचान अखिल के रूप में की गई है। वह राजनीति विज्ञान का छात्र है। पुलिस ने बताया कि छात्र को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके सीने में गंभीर चोट आई है।

ख़बर के अनुसार, कुछ दिन पहले, अखिल और उसके दोस्तों ने कॉलेज कैंटीन में गाना गाया था। इस पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराते हुए उसे ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी। दोनों गुटों के बीच बहस के बाद सुलह के लिए शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया था। आरोप लगाया जा रहा है कि जब छात्र संघ के कार्यालय में वार्ता चल रही थी, उसी बीच अखिल पर अचानक चाकू से हमला किया गया।

घटना से नाराज छात्र कॉलेज गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। हालात को काबू में रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। छात्रों ने SFI नेतृत्व पर वसूली करने और अपने विरोध-प्रदर्शनों व आंदोलनों में भाग लेने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया है।

SFI माक्सर्वादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का छात्र संगठन है। एसएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी सानू ने कहा है कि यूनिवर्सिटी कॉलेज में SFI छात्र संगठन को भंग कर सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएँगे।

AIB की बकचो# वापसी: बच्ची को गाँजा पिला कर चलाना चाहता है कॉमेडी की दुकान

महिलाओं के साथ यौन दुर्व्यवहार के कारण चर्चा में आई एक संस्था AIB (ऑल इंडिया बकचोद) एक बार फिर दर्शकों के बीच वापसी कर चुकी है। ख़ास बात यह है कि AIB की वापसी के बाद उनकी कार्यप्रणाली और मानसिकता में कोई ख़ास बदलाव नजर नहीं आ रहा है। गत वर्ष मनोरंजन के नाम पर भद्दी गालियाँ, फूहड़ता और निम्नस्तरीय कंटेंट परोसने के बाद ऑल इंडिया बकचोद (AIB) में कार्यरत कई लोग #MeToo कैम्पेन में नाम उजागर होने के बाद से संस्था से हटा दिए गए थे और इसके बारे में AIB की ओर से आधिकारिक घोषणा की गई थी।

हाल ही में AIB ‘नए’ लोगों के साथ सोशल मीडिया पर वापसी करती नजर आई है। AIB ने एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसमें स्कूल के बच्चों को स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान गाँजा (नशा) इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। AIB ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसकी लोगों द्वारा काफी आलोचना की गई।

दरअसल, जिस वीडियो को AIB ने शेयर किया, वह कुछ कुछ होता है फिल्म के एक दृश्य के साथ एडिटिंग करने के बाद ‘कॉमेडी’ के नाम पर शेयर की गई।

ट्विटर यूजर @D_silent_poet ने यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि AIB ने एक बेहद घटिया वीडियो के जरिए वापसी करने का प्रयास किया है। अन्य ट्विटर यूज़र्स ने भी इस वीडियो पर आपत्ति दर्ज की है। फिल्म के इस दृश्य में एक बच्ची स्कूल के एक प्रोग्राम में प्रस्तुति दे रही होती है, जिसमें उसके पिता भी ऑडियंस में मौजूद रहते हैं।

स्पष्ट है कि स्कूल जाने वाली एक बच्ची को नशा (वो भी गांजा) करते हुए दिखाकर AIB ना ही हास्य करने में सफल रहा और ना ही ये साबित कर पाने में कि उनकी वापसी पहले से कुछ ज्यादा बेहतर करने के उद्देश्य से हुई है। अपनी भूल को लगातार मनमर्जी और जानबूझकर करना यही साबित करता है कि यह कुछ ऐसे लोगों का समूह है, जिनके पास रचनात्मकता के नाम पर ना ही पहले कुछ विशेष था और ना ही अब। आज के इस एडिटेड वीडियो से AIB ने जता दिया है कि उनसे नैतिक मूल्यों की उम्मीद करना आज भी अतार्किक ही है।

यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण AIB के संस्थापक और सह संस्थापक इसे अनिश्चित काल तक बंद करने की घोषणा कर चुके थे। इससे पहले AIB के सह संस्थापक तन्मय भट पर भी यौन उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं। तन्मय भट का इतिहास भी हास्य और कॉमेडी के नाम पर कुछ साफ़-सुथरा नहीं है।

हालाँकि, तन्मय भट अब AIB का CEO नहीं है फिर भी AIB द्वारा एडिट किए गए इस वीडियो से जाहिर है कि इस संस्था की कॉमेडी की परिभाषा आज भी वही है, जिसके कारण इनका पतन हुआ था। सोशल मीडिया पर विरोध के बाद AIB ने यह वीडियो फेसबुक से हटा दिया है।

टिकट कैंसिलेशन से रेलवे ने कमाए ₹1,536 करोड़ से ज़्यादा: RTI से ख़ुलासा

क्या आप जानते हैं कि टिकट कैंसिलेशन से इंडियन रेलवे हर साल सैकड़ों करोड़ रुपए कमाता है? वित्त वर्ष 2018-19 में टिकट कैंसल किए जाने के बदले यात्रियों से वसूले गए प्रभार से रेलवे के खजाने में लगभग 1,536.85 करोड़ रुपए जमा हुए। यह खुलासा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत हासिल जवाब से हुआ है।

ख़बर के अनुसार, मध्य प्रदेश के नीमच निवासी RTI कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने शुक्रवार (12 जुलाई) को बताया कि उन्हें रेल मंत्रालय के रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) से अलग-अलग अर्जियों पर यह जानकारी मिली है। RTI आवेदन में पूछे गए सवालों के जवाब के अनुसार, रेलवे ने रिज़र्व टिकटों के कैंसिलेशन से 1,518.62 करोड़ रुपए कमाए हैं।

वहीं, अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (UTS) के तहत बुक यात्री टिकटों को रद्द कराए जाने से रेलवे ने 18.23 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया।

इसके अलावा RTI कार्यकर्ता गौड़ ने अपने आवेदन में यह भी पूछा था कि क्या टिकट कैंसल करने के बदले यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्क को घटाने के किसी प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया जा रहा है? उन्होंने बताया, “इस सवाल के जवाब का मुझे अब तक इंतज़ार है। रेल टिकट रद्द करने के बदले यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्क को व्यापक जनहित में जल्द घटाया जाना चाहिए।”

पहलू ख़ान के बेटों के ख़िलाफ़ गाय तस्करी का केस फिर से, कोर्ट से मिली अनुमति

राजस्थान में अलवर की एक अदालत ने ग़ैर-क़ानूनी तरीके से गोवंश की ढुलाई के आरोपित पहलू ख़ान के दो बेटों और एक ट्रक ऑपरेटर के ख़िलाफ़ आगे जाँच करने की अनुमति दे दी है। सहायक लोक अभियोजक प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि बहरोड के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, एसीजेएम ने इस सिलसिले में दायर प्रार्थना-पत्र को स्वीकार कर लिया है।

अलवर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कहा, “अदालत ने गौ तस्करी मामले में आगे की जाँच के लिए पुलिस द्वारा दी दलील स्वीकार कर ली है।” इसके आगे उन्होंने बताया, “पहलू ख़ान के बेटे इरशाद ने डीजीपी राजस्थान को एक आवेदन सौंपा था, जो मामले में निष्पक्ष जाँच की माँग कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने जाँच के लिए एक आवेदन अदालत में जमा किया और आज अदालत ने इसकी मंज़ूरी दे दी है।”

आपको बता दें कि 1 अप्रैल 2017 को नूंह (हरियाणा) के रहने वाले पहलू ख़ान को अवैध मवेशी तस्करी के शक में दिल्ली-अलवर राजमार्ग पर कथित रूप से पीट-पीटकर मार डाला गया था। ख़ान की मौत के तुरंत बाद राजस्थान पुलिस द्वारा हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने पशु तस्करी मामले की जाँच भी शुरू की थी।

अशोक गहलोत ने बोला झूठ: चार्जशीट में गो-तस्कर पहलू खान का नाम नहीं

हाल ही में, राजस्थान पुलिस ने पहलू ख़ान के बेटों के ख़िलाफ़ राजस्थान बोवाइन एनिमल्स (वध पर प्रतिबंध और अस्थायी प्रवासन या निर्यात पर प्रतिबंध), अधिनियम, 1995 के अंतर्गत सेक्शन 5, 7 और 9 के तहत चार्जशीट दायर की थी। राजस्थान पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल करने पर सीएम गहलोत ने झूठ बोला था और कहा था कि चार्जशीट में पहलू ख़ान का नाम नहीं था।

PAK: भारत मोर्चे से हटाए लड़ाकू विमान, तब खोलेंगे एयरस्पेस

बालाकोट एयर स्ट्राइक से सहमे पाकिस्तान ने कहा है कि वह अपना एयरस्पेस तभी खोलेगा, जब भारत मोर्चे से लड़ाकू विमान हटा लेगा। उसने कहा है कि जब तक भारत अग्रिम एयरबेस से लड़ाकू विमान नहीं हटाता, वह कर्मिशयल उड़ानों के लिए अपना एयरस्पेस नहीं खोलेगा।

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट्स ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद 26 फरवरी से ही पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर रखा है।

रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान के उड्डयन सचिव शाहरुख नुसरत जो सिविल एविएशन अथॉरिटी (सीएए) के महानिदेशक भी हैं ने संसदीय समिति को बताया कि पाकिस्तान अपना एयरस्पेस तभी खोलेगा जब भारत अग्रिम एयरबेस से लड़ाकू विमान हटा लेगा। पाकिस्तानी एयरस्पेस के बंद होने के कारण रोजाना करीब 400 विमानों के परिचालन पर प्रभाव पड़ रहा है। इसके कारण जून के अंत तक पाकिस्तान को 700 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। पहले से ही आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान की हालत इससे और चरमराई हुई है।

हालॉंकि इससे भारत के विमानन उद्योग को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। गुरुवार (जुलाई 11, 2019) को नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण, एयर इंडिया को लंबे मार्गों पर ₹430 करोड़ अतिरिक्त खर्च करने पड़े हैं।

नुसरत ने संसदीय समिति को बताया कि भारत सरकार ने हवाई क्षेत्र खोलने का अनुरोध किया था और हमने उन्हें (भारत को) अपनी चिंताओं से अवगत कराया है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से भारत सभी यात्री विमानों का परिचालन वैकल्पिक मार्गों से कर रहा है।

सीएए महानिदेशक ने अपना एयरस्पेस खोलने के भारत दावे पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ” भारतीय हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद थाईलैंड से पाकिस्तान आने वाली उड़ानों को अभी तक बहाल नहीं किया गया है। इसके अलावा मलेशिया के लिए पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की उड़ानें भी निलंबित हैं।”

गौरतलब है कि, पिछले महीने पाकिस्तान ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की विशेष अनुमति दी थी। इससे पहले, पाकिस्तान ने भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को 21 मई को बिश्केक में एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति दी थी।

मुस्लिम लड़की को हिंदू बॉयफ्रेंड के साथ देखकर शफियुल्लाह और इब्राहिम ने किया चाकू और बेल्ट से हमला

कोयंबटूर पुलिस ने बुधवार (जुलाई 10, 2019) को एक मुस्लिम लड़की और उसके बॉयफ्रेंड पर हमला करने के आरोप में दो लोगों- एम शफियुल्लाह और एस मोहम्मद इब्राहिम को गिरफ्तार किया है। खबर के मुताबिक, इन दोनों ने 2 जुलाई को लड़की और उसके दोस्त पर हमला किया था। कारुम्बुकदाई की रहने वाली मुस्लिम लड़की ने 9 जुलाई को इन दोनों लड़कों की शिकायत दर्ज करवाई थी।

जानकारी के मुताबिक, एक निजी कॉलेज से बीए, अंग्रेजी की पढ़ाई पूरी कर चुकी लड़की 2 जुलाई को अपना ट्राँसफर सर्टिफिकेट लेने के लिए अपने कॉलेज गई थी। कॉलेज में, वह अपने बॉयफ्रेंड योगनाथ और अपने दोस्त ढिलीफन से मिलीं। इसके बाद जब वह कोयंबटूर में अपने घर लौटने वाली थी। तभी योगनाथ ने उससे अपनी मोटरसाइकिल पर घर छोड़ने की बात कही। फिर योगनाथ, वो मुस्लिम लड़की और उनके दोस्त एक साथ वहाँ से निकले।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, तीन मुस्लिम युवक ने तीनों को मोटरसाइकल पर जाते हुए देखा और उनका पीछा किया और अथुपलम में उनका रास्ता रोककर खड़े हो गए। जिसके बाद उन्होंने लड़की के ऊपर हमला किया और लड़कों के साथ बाइक पर जाने की वजह से प्रताड़ित किया। इसके बाद वो लड़की को उसके घर ले गए और साथ ही लड़कों को भी घसीट कर वहाँ ले गए। वहाँ पर दो और लोग आ गए और उन्होंने बेल्ट से योगनाथ और उसके दोस्त की बेरहमी से पिटाई की। उन लड़कों ने योगनाथ का फोन छीन लिया और चाकू से उन पर वार किया। फिर रात के 9 बजे के आस-पास ही उन्हें वहाँ से जाने दिया गया।

न्यूज़ मिनट की खबर के अनुसार, 9 जुलाई को दायर की गई शिकायत में, लड़की ने कहा कि हमलावरों ने उससे पूछा कि क्या वह एक मुस्लिम महिला है? इसके बाद उसके साथ दुर्व्यवहार किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए अपशब्द भी कहे। साथ ही लड़की ने ये भी आरोप लगाया कि वे पूछते रहे कि क्या वह लड़के से प्यार करती है? इस सवाल के बाद उन लोगों ने लड़की के दोस्त की पिटाई शुरू कर दी। लड़की का कहना है कि इस घटना से वो काफी डर गई थी, जिसकी वजह से वो पुलिस स्टेशन जाने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।

भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 342, 294 (b), 323, 324, 506 (ii) और तमिलनाडु महिला उत्पीड़न अधिनियम, 2002 की धारा 4 के तहत कुनिमुथुर में कुरुमची नगर में  44 वर्षीय एम शफियुल्लाह और एस मोहम्मद इब्राहिम के खिलाफ पुलिस ने मामले दर्ज किए। जिसके बाद आरोपित को बुधवार को कोयंबटूर से गिरफ्तार कर लिया गया।

TikTok: झील में मस्ती कर रहे थे दो भाई, एक डूबा-दूसरा बनाता रहा Video

हैदराबाद से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ टिकटॉक वीडियो बनाने के फेर में एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

घटना मेडचल जिले के दुलपल्ली झील की है। टिकटॉक वीडियो बनाने के चक्कर में 2 चचेरे भाइयों (प्रशांत और नरसिम्हा) में से एक की पानी में डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने इसकी जानकारी गुरुवार (जुलाई 12, 2019) को दी।

खबरों के मुताबिक प्रशांत और नरसिम्हा झील में नहाने गए थे। वहाँ पहुँचकर दोनों डांस करते हुए सेल्फी लेने लगे। बाद में प्रशांत किनारे आकर टिकटॉक के लिए झील में वीडियो बनाने लगा। इसी दौरान गहरे पानी में जाने के कारण नरसिम्हा डूब गया।

पहले प्रशांत को लगा कि उसका भाई ये सब वीडियो के लिए कर रहा है। लेकिन जब उसे भाई के डूबने का एहसास हुआ तो उसने स्थानीय लोगों से मदद की गुहार लगाई। लेकिन अफसोस! वे उसे बचा नहीं पाए। युवक का शव अगले दिन बुधवार को पानी से बाहर निकाला गया।

घटना से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर इस समय खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों युवक पानी में नाचते और मस्ती करते हुए नजर आ रहे हैं।

15 साल के लड़के ने किया 80 साल की वृद्धा का बलात्कार, सांप्रदायिक तनाव के कारण पुलिस तैनात

बिहार के मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी थाना अंतर्गत जमैला गाँव में 80 वर्षीय वृद्ध महिला के साथ बुधवार रात बलात्कार करने वाले एक नाबालिग लड़के की पिटाई करने के बाद ग्रामीणों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मधुबनी थाना क्षेत्र में 80 साल की एक वृद्धा के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। पुलिस ने नाबालिग आरोपित (मुहम्मद जुबैर – नाबालिग के कारण बदला हुआ नाम) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया है।

मामला दो संप्रदायों से जुड़े होने के कारण गाँव में तनाव है। सांप्रदायिक तनाव की आशंका के कारण पुलिस चौकस है। 80 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बुधवार (जुलाई 10, 2019) रात वह अपने घर के बरामदे में सो रही थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जमैला बाजार गाँव में एक बुजुर्ग महिला बुधवार की रात अपने घर में सो रही थी। इसी मौके का फायदा उठाते हुए देर रात आरोपित लड़का मच्छरदानी में घुसा और उनके साथ बलात्कार किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे पहले मुहम्मद जुबैर ने महिला के मुँह में कपड़ा ठूँस दिया, जिससे वह चिल्ला न सके और विरोध करने पर उसने बुजुर्ग महिला को जान से मारने की धमकी दी। महिला ने जब शोर मचाया तो घर के लोग और ग्रामीण पहुँचे। इसके बाद उन्होंने आरोपित युवक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की।

15 वर्षीय मुहम्मद जुबैर की ग्रामीणों ने पहले पिटाई की और फिर पुलिस को सौंपा। आरोपित नाबालिग को स्थानीय अस्पताल में उपचार कराने के बाद पुलिस ने हिरासत में रखा है। अंधराठाढ़ी के थाना प्रभारी अमित बर्मन ने बताया कि पीड़िता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। पीड़िता को चिकित्सीय जाँच के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेजा गया है।

‘इटैलियन और उनकी संतानों को हटाएँ, ममता बनर्जी संयुक्त कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष बनें’

अपने बयानों के कारण भाजपा को अक्सर परेशानी में डालने वाले BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी एक बार फिर से अपने बयान के कारण चर्चा में आ गए हैं। स्वामी ने कर्नाटक और गोवा की राजनैतिक परिस्थितियों को देखते हुए कॉन्ग्रेस के हाई कमान पर तंज कसा है, साथ ही अपनी पार्टी पर भी निशाना साधा है।

उन्होंने ट्वीट करके लिखा, “गोवा और कश्मीर के हालातों को देखते हुए मुझे लगता है कि यदि देश में भाजपा एकमात्र पार्टी बच गई तो इससे राष्ट्र का लोकतंत्र कमजोर हो जाएगा। इसका हल क्या है? इटैलियन और उनकी संतानों को हटने के लिए कहें, ताकि उसके बाद ममता संयुक्त कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष बनें। राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) को भी इसी राह पर चलना चाहिए और शामिल (कॉन्ग्रेस में) हो जाना चाहिए।”

गौरतलब है स्वामी का यह बयान उस समय चर्चा में आया है जब कर्नाटक और गोवा में अपनी बिगड़ती स्थिति के लिए कॉन्ग्रेस खुलकर भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रही है। इतना ही नहीं, कॉन्ग्रेस नेता गुलाब नबी आजाद तो राज्यसभा में भाजपा पर संविधान की परवाह न करने का आरोप भी लगा चुके हैं।

स्वामी द्वारा दिए गए विवादित बयान ‘बीजेपी में शराब बैन हो‘; ‘बीजेपी के नेता वेस्टर्न कपड़ों में क्यों‘; ‘राजीव की हत्या से सोनिया को फायदा हुआ’ आदि पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं। उस दौरान भी स्वामी के कारण पार्टी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था और अब फिर वैसा ही हो रहा है।

बता दें कि इन दिनों कर्नाटक में जहाँ बागी विधायकों के कारण कॉन्ग्रेस और जेडीएस सरकार पर संकट गहरा गया है, वहीं गोवा में भी कॉन्ग्रेस के 15 में से 10 विधायक भाजपा से जुड़ गए हैं, जिस कारण कॉन्ग्रेस के पास विधानसभा में सिर्फ़ 5 विधायक बचे हैं।

यूपी: 81 पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायरमेंट, वाराणसी जोन से सबसे ज्यादा

उत्तर प्रदेश में 81 अक्षम पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायरमेंट दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 47 वाराणसी जोन, 29 कानपुर रेंज और पाँच बुलंदशहर से शामिल हैं।

आईजी (कानपुर रेंज) मोहित अग्रवाल ने बताया कि कानपुर शहर और कानपुर देहात क्षेत्र के 7 पुलिसकर्मियों को सेवानिवृत्ति दी गई है। इनमे से चार इटावा, कन्नौज, औरैया और तीन फतेहगढ़ से हैं।

उन्होंने बताया, “यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। विभाग की छवि को धूमिल करने वाले पुलिसकर्मियों को जबरन सेवानिवृत्ति दी जाएगी। 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि इस आयु सीमा से नीचे के अक्षम लोगों को भी अलग-अलग प्रावधानों के तहत हटाया जाएगा।”

दरअसल, अक्षम पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर करने के शासन के आदेश के बाद आईजी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। इसमें मोहित अग्रवाल के अलावा एसएसपी (कानपुर) अनंत देव और एसपी (कन्नौज) अमरेन्द्र प्रसाद सिंह शामिल थे। इस कमेटी ने शासन को दागी पुलिसकर्मियों की लिस्ट भेजी थी। इसमें ड्यूटी से गैर-हाज़िर रहने वाले, भ्रष्टाचारी, घूसखोर, काम न करने वाले पुलिसकर्मी शामिल थे।

कानपुर में, एलआईयू के हेड कॉन्स्टेबल उदय प्रताप, कॉन्स्टेबल उदयवीर सिंह, केशव सिंह भदौरिया, समरपाल बनमाली, जगदीश सिंह, संतराम यादव को समिति की सिफ़ारिश पर सेवानिवृत्त किया गया है।

बुलंदशहर में गुरुवार को दो सब-इंस्पेक्टर सहित पाँच पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायरमेंट दे दिया गया।

एसपी (शहर) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सभी पाँच कर्मियों की उम्र 50 वर्ष और उससे अधिक थी, वे भ्रष्ट थे। साथ ही प्रभावी ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी नहीं कर रहे थे।

आईजी (मेरठ रेंज) आलोक सिंह ने सब-इंस्पेक्टर विजय कुमार गौतम और भगवान सिंह के जबरन सेवानिवृत्ति पर, जबकि एसएसपी बुलंदशहर ने हेड कॉन्स्टेबल विनोद कुमार शर्मा, अजोत सिंह और जसवीर सिंह की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए।