Home Blog Page 6007

AAP प्रोपेगेंडा ट्रोल ध्रुव राठी ने अडानी के बारे में फैलाया झूठ, मानहानि के डर से डिलीट किया ट्वीट

आम आदमी पार्टी के प्रोपेगेंडा ट्रोल ध्रुव राठी को एक फिर से फेक न्यूज़ फैलाते हुए और अडानी समूह के बारे में झूठा दावा करते हुए पकड़ा गया। कल (मार्च 21, 2019), राठी ने छत्तीसगढ़ में एक जंगल की एक तस्वीर को ट्वीट करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में सबसे अधिक घने जंगल के 1,70,000 हेक्टेयर जमीन को अडानी को बेच दिया।

हालाँकि, अडानी समूह ने राठी के झूठ को बेनकाब करने के लिए ट्विटर का ही सहारा लिया। कल रात एक ट्वीट में, अडानी ग्रुप ने तथ्यात्मक रूप से गलत ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें कंपनी के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण और गलत दावे किए गए थे। उन्होंने कहा, “हमने जमीन का निर्दिष्ट हिस्सा का अधिग्रहण नहीं किया है और न ही सरकार ने हमें इसे बेचा है। हमारी छत्तीसगढ़ में कोई खान नहीं है।” फिर क्या था, कानूनी कार्रवाई से घबराए राठी ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

यह पहली बार नहीं है जब AAP और उनके प्रोपेगेंडा फैलाने वाले समर्थकों ने अडानी के खिलाफ अपने झूठे दावों के कारण अपने ट्वीट को हटाने के लिए मजबूर हुए हों। पिछले महीने पुलवामा हमलों के मद्देनजर, दिल्ली के शिक्षा मंत्री, मनीष सिसोदिया ने एक गलत दावा किया था कि अडानी समूह पाकिस्तान को बिजली की आपूर्ति कर रहा है। और जब अडानी समूह ने उनके झूठ का पर्दाफाश किया तो सिसोदिया ने ट्वीट को बिना किसी स्पष्टीकरण या फेक न्यूज़ फैलाने के लिए माफी माँगने के, चुपचाप डिलीट कर दिया।

वैसे फेक न्यूज़ फैलाने के मामले में राठी का भी ट्रैक रिकॉर्ड बहुत पुराना है। पिछले साल अक्टूबर में, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और भाजपा स्वयंसेवक विकास पांडे द्वारा राठी पर 15 लाख रुपए का मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था।

गौतम गंभीर औपचारिक रुप से हुए बीजेपी में शामिल

लोकसभा चुनाव के पहले बीजेपी में एक और सितारा शामिल हो गया है। बता दें कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने वित्त मंत्री अरुण जेटली और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की उपस्थिति में औपचारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। गौतम गंभीर आज से एक नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। क्रिकेट में अपना कमाल दिखाने के बाद अब राजनीति में अपनी काबिलियत दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भारतीय क्रिकेट में अपनी सेवाओं के लिए देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से नवाजे गए गंभीर अब राजनीति में आकर देश के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं।

इस अवसर पर अरुण जेटली ने कहा कि गौतम गंभीर के आने से भारतीय जनता पार्टी को बड़ा फायदा होगा। बीजेपी भी गंभीर के टैलेंट का उपयोग करेगी। वहीं पार्टी की सदस्‍यता लेते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्‍यता ली है।

चूँकि गौतम गंभीर दिल्ली के निवासी हैं, इसलिए उनके बीजेपी में शामिल होने के बाद ये अनुमान लगाया जा रहा है कि वह नई दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। गौतम गंभीर के करीबियों ने भी पिछले दिनों इसका संकेत दे दिया था कि वह नई दिल्ली से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।

वहीं अगर गौतम गंभीर के क्रिकेट करियर की बात करें तो पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं। उन्होंने अपने प्रोफेशनल क्रिकेट करियर का आखिरी मैच रणजी ट्रॉफी में आंध्र प्रदेश के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में खेला था। जिसमें उन्होंने 185 गेंदों पर 112 रन की पारी खेली थी। उस मैच में दिल्ली की टीम विजयी हुई थी।

गौतम गंभीर ने टी20 विश्वकप-2007 और एकदिवसीय विश्वकप-2011 में भारतीय टीम की जीत के लिये बड़ा योगदान दिया था। उन्होंने दोनों विश्व कप के फाइनल मैच में भारत की ओर से सर्वाधिक व्यक्तिगत रन भी बनाए थे। भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान अतुलनीय है। हालाँकि इन्होंने क्रिकेट खेलने से सन्यास ले लिया है, लेकिन अभी भी वो कमेंटेटर के रुप में स्पोर्ट से जुड़े हुए हैं।

बीजद के ऋषभ नंदा और इनेलो के रणबीर गंगवा भी BJP में शामिल

लोकसभा चुनाव 2019 अब करीब हैं और दूसरी पार्टी के नेताओं का भाजपा में लगातार शामिल होना भी चालू है। कॉन्ग्रेस के कई बड़े नेता तो पहले ही भाजपा की ओर रुख कर चुके हैं अब कल (21 मार्च 2019) को बीजू जनता दल (बीजद) के राज्यसभा प्रशांत नंदा के पुत्र ऋषभ नंदा भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। साथ ही इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) के विधायक रणबीर गंगवा भी भाजपा में शामिल हो गए।

ऋषभ नंदा भुवनेश्वर के पार्टी मुख्यालय में भाजपा उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुए। वहीं हरियाणा सीएम मनोहरलाल खट्टर, भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ अनिल जैन और भाजपा के प्रधान सुभाष बराला की मौजूदगी में रणबीर गंगवा बीजेपी से जुड़े।

ऋषभ ने एएनआई से हुई बातचीत में बताया कि पार्टी में शामिल होने का उनका मुख्य लक्ष्य राज की प्रगति है। ऋषभ ने कहा, ‘भाजपा ने पिछले पाँच वर्षों में एक मजबूत सरकार देने का उदाहरण पेश किया है। मेरे लिए भाजपा में शामिल होना व्यक्तिगत निर्णय है।’

वहीं रणबीर गंगवा को लेकर मीडिया में खबरें हैं कि भाजपा उनको हिसार लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती है। गंगवा आईएनएलडी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और वह राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। जागरण में छपी खबर के मुताबिक रणबीर ने कहा कि भाजपा में शामिल होने के लिए उन्होंने हिसार के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनिया और प्रदेश भाजपा के महामंत्री संजय भाटिया से संपर्क किया था, जिसके बाद उन्हें सीएम से मिलवाया गया। रणबीर का कहना है कि उन्होंने इंडियन नेशनल लोकदल के मौजूदा हालातों से तंग आकर उसे छोड़ा है।

कॉन्ग्रेस चाटुकार सैम पित्रोदा ने स्वीकार ही लिया कि उन्हें जवानों से ज्यादा पाकिस्तान और आतंकियों की चिंता थी: PM मोदी

गाँधी परिवार के बेहद क़रीबी और इंडियन ओवरसीज कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने लाइमलाइट में आने के लिए ऐसा बयान दे डाला जिससे उनका पाकिस्तान के प्रति प्रेम उमड़ कर सामने आया। दरअसल, उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले के लिए पूरे पाकिस्तान को दोषी ठहराना ग़लत है, साथ ही उन्होंने मुंबई हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस पर भी पूरे पाकिस्तान पर आरोप लगाना ठीक नहीं।

पिछले महीने 14 फ़रवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में 40 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे और इस बड़े हमले के बाद देश में काफी रोष फैल गया था, साथ ही देशभर में इस हमले की कड़ी निंदा हुई थी। इसके अलावा केंद्र सरकार पर दबाव था कि वह इस पर अपना जवाब दे। बाद में भारतीय वायु सेना ने पाक सीमा के भीतर बालाकोट में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को ध्वस्त किया था।

पित्रोदा को पुलवामा हमले के बारे में पूरी जानकारी नहीं है, बावजूद इसके उनका कहना है कि हमले के बाद हमने जिस प्रकार प्रतिक्रिया दी और वायुसेना के विमान भेज दिए वो सही तरीक़ा नहीं था। सैम पित्रोदा ने पुलवामा हमले के लिए कहा कि मात्र कुछ लोगों की ग़लती के लिए पूरे पाकिस्तान देश को सज़ा नहीं देनी चाहिए। इसी तरह मुंबई हमले (26/11) पित्रोदा ने कहा कि 8 लोगों के द्वारा अंजाम दिए गए हमले के लिए पूरे देश पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। पित्रोदा के अनुसार कुछ लोग यहाँ आकर हमला करते हैं और इसका आरोप किसी देश के सभी नागरिकों पर नहीं लगाया जा सकता।

पाकिस्तान के प्रति अपनी सहानुभूति रखने वाले सैम पित्रोदा को प्रधानमंत्री मोदी ने करारा जवाब देते हुए ट्वीट किया कि कॉन्ग्रेस के शाही वंश के वफ़ादार दरबारी आज वही कह रहे हैं जो राष्ट्र पहले से ही जानता था कि कॉन्ग्रेस आतंकवादियों को जवाब देने के लिए तैयार नहीं थी। यह एक न्यू इंडिया है- हम आतंकवादियों को उसी भाषा में जवाब देंगे जो वे समझते हैं और वो भी ब्याज के साथ!

पाकिस्तान के प्रति पित्रोदा का यह रुख़ कॉन्ग्रेस की जिस राजनीति को उजागर करता है वो जगज़ाहिर है। जनता को अपनी ओर आकर्षित करने के तमाम तरीक़ो में से एक तरीका यह भी है, जिससे वो वोट बटोरने की राजनीति को हवा दे रही है। सैम पित्रोदा ने पुलवामा हमले पर अपना बेहूदा बयान देकर बाद में सफाई देते हुए कहा कि ये सब छोटी-मोटी बातें हैं। उन्होंने कहा कि मैं तो सिर्फ़ एक नागरिक के तौर पर सवाल पूछ रहा हूँ।


25 गेंदों में शतक: 11 चौके, 8 छक्के, एक ओवर में 6 छक्के भी

गुरुवार (मार्च 21, 2019) को भारत में जब लोग होली के उत्साह में डूबे हुए थे तब दुबई में विल जैक्स नामक खिलाड़ी क्रिकेट में धुआँधार बल्लेबाजी करके रिकॉर्ड बना रहा था। जिस तरह क्रिकेट के इतिहास में युवराज सिंह और हर्शल गिब्स जैसे खिलाड़ियों ने 6 बॉल पर 6 छक्कों मारकर सबको हैरान कर दिया था बिल्कुल वैसा ही विल जैक्स नामक युवक ने भी कर दिखाया है।

इंग्लैंड की ‘सरे’ टीम के लिए दुबई में T-10 लीग में विल ने जबरदस्त पारी खेलते हुए 30 गेंदों में 105 रन बनाए। इस बीच विल ने 6 गेंदों पर 6 छक्के भी लगाए और पूरी पारी में उनके नाम 8 चौके और 11 छक्के शामिल हुए। विल की मदद से सरे ने 10 ओवरों में 176 रनों की शानदार पारी खेली। जाहिर है जीत ‘सरे’ टीम की ही होनी थी क्योंकि ‘लैंकाशायर’ टीम चाहकर भी इस लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाई और 9 विकेट खोकर उसने सिर्फ 81 रन बनाए।

अपनी पारी पर जैक्स का कहना है, “जब तक मैं 98 पर खेल रहा था, तब मुझे विश्वास नहीं था कि मैं 100 रन पूरे कर लूँगा।” उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन नहीं था कि 6 बॉल पर 6 छक्के उनसे लग सकते हैं। जब चार छक्के लगे तब उनके दिमाग में चल रहा था कि उन्हें दो और ट्राई करने चाहिए। लेकिन जैसा ही पाँचवा छक्का लगा तो उन्होंने सोच लिया कि उन्हें छठा छक्का भी किसी भी कीमत पर लगाना है और अंत में वह अपना लक्ष्य प्राप्त करने में कामयाब हुए।

20 साल के विल जैक्स की इस पारी को देखकर निश्चित लगता है कि वह आने वाले समय में इंग्लैंड की नेशनल टीम में अपनी जगह बनाएँगे और हर लीग में खेलते नज़र आएँगे। हालाँकि, क्रिकेट के जिस रूप में विल ने यह शतक बनाया है उसे आधिकारिक रूप से पहचान नहीं मिली है, लेकिन अगर ऐसा होता तो वह क्रिस गेल के सबसे तेज़ रिकॉर्ड शतक (2013 आईपीएल में 30 गेंदों पर) के विश्व रिकॉर्ड को पछाड़ देते।

बिहार: नवादा सीट को लेकर फँसा पेंच, भाजपा के लिए गिरिराज सिंह के नाराज़ होने के मायने

कहते हैं कि उत्तर प्रदेश, बिहार की राजनीति पूरे भारत मे सबसे अलग है। शायद इसीलिए, केंद्र में सरकार बनाने में इन दोनों राज्यों का बड़ा ही अहम योगदान होता है। आम चुनावों के लिए ही भाजपा ने गुरुवार (मार्च 21, 2019) को लोकसभा की 250 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। भाजपा ने अभी तक बिहार की किसी सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की। ऐसा कहा जा रहा है कि बिहार में सीटों की घोषणा राजग संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला के करेगी क्योंकि बिहार में अभी कुछ सीटों पर मामला फँसा हुआ है।

भाजपा की कुछ सीटें जिन्हें लेकर मामला फँसा हुआ है, उनमें से एक सीट भाजपा के फायरब्रांड नेता, कट्टर हिंदुत्व के पक्षकार और 2014 चुनाव के पहले जब भाजपा दो गुटों (आडवाणी और मोदी) में बँटी हुई थी, तब मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का खुलकर समर्थन करने वाले, बिहार की नवादा सीट से वर्तमान सांसद गिरिराज सिंह की है। मामला कुछ यूँ हुआ कि सीट बँटवारे के समय गिरिराज सिंह की नवादा सीट जो कि भाजपा की सुरक्षित सीट मानी जाती है, सहयोगी दल लोजपा के खाते में चली गई जहाँ से अभी मुंगेर सांसद वीणा देवी के लड़ने की संभावना है।

पार्टी गिरिराज सिंह को बेगूसराय से लड़ाना चाहती है जहाँ उनकी टक्कर वामपंथ के नए पोस्टर बॉय कन्हैया कुमार से होने की संभावना है। अब पेंच कुछ यूँ फँसा है कि गिरिराज सिंह अपनी सीट छोड़ने को तैयार नही है और वो नवादा से ही लड़ना चाहते हैं। उन्होंने मीडिया में ये बयान दिया, “लड़ूंगा तो नवादा से वरना नहीं लड़ूंगा।”

असल में गिरिराज सिंह भूमिहार जाति से ताल्लुक रखते हैं, जो कि बिहार में मुख्यतः ज़मींदार वर्ग माना जाता है। इनका वोट शेयर लगभग 4.5% है लेकिन भूमिहार नेतृत्व के नाम पर अभी बिहार भाजपा में सिर्फ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर और गिरिराज सिंह बचे है। चूँकि 1990 से बिहार में कॉन्ग्रेस पार्टी के पतन के बाद से भूमिहार मुख्य तौर पर भाजपा के मतदाता रहे हैं और 2014 में भी मुख्यतः इनका वोट भाजपा को ही मिला था। फिर भी भाजपा ने सिर्फ एक भूमिहार नेता गिरिराज सिंह को टिकट दिया है इसलिए भाजपा इन्हें नाराज़ करके कोई रिस्क नहीं लेना चाहेगी।

फिलहाल लोजपा भी नवादा पर अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं है और गिरिराज सिंह भी पीछे नहीं हट रहे। हालाँकि गिरिराज सिंह ने एक और बयान में कहा है, “चुनाव लड़ूँ या नही, पार्टी की सेवा की है और करता रहूँगा।” उम्मीद है कि राजग जल्द ही इन मुद्दों को सुलझा कर सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा जल्द करेगी।

जम्मू कश्मीर: 24 घंटे में चार एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने लश्कर के टॉप कमांडर अली समेत 5 आतंकी किए ढेर

होली के त्योहार पर जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के आतंकियों के मंसूबे पर सुरक्षाबलों ने पानी फेर दिया। गुरुवार (21 मार्च 2019) को जम्मू-कश्मीर के चार अलग-अलग जगहों पर हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने पाँच आतंकियों को मार गिराया है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से शुरू हुई मुठभेड़ चार अलग-अलग जगहों पर पिछले 24 घंटों से जारी है। यह मुठभेड़ शोपियां के अलावा बंदीपोरा और बारामूला में भी हुई। बांदीपोरा में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकी मारे गए हैं, जिसमें लश्कर का टॉप कमांडर अली भाई भी शामिल है। वहींं खबरों के मुताबिक दो-तीन आतंकी अभी भी घरों में छिपे हुए हैं।

इसके साथ ही बारामूला जिले में दो और शोपियां में एक आतंकी मारे गए हैं। यानी कि 24 घंटे में हुए चार एनकाउंटर में अब तक पाँच आतंकियों के मरने की खबर है। इस एनकाउंटर में तीन सुरक्षाबल भी घायल हो गए हैं, जिनका आर्मी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इस मामले पर श्रीनगर स्थित रक्षा प्रवक्ता कर्नल कालिया ने बताया कि अभियान में एक अधिकारी और दो जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों को बादामीबाग छावनी स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि कुछ आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सीआरपाएफ और पुलिस ने वारपोरा इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियाँ चलाई, जिसके जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई।

होली खेल रहे BJP विधायक को दिन-दहाड़े गोली मारकर हमलावर हुए फरार

उत्तर प्रदेश में गुरुवार (मार्च 21, 2019) दोपहर 3 बजे लखीमपुर के विधायक योगेश वर्मा को होली मिलन के दौरान कुछ बदमाशों ने गोली मार दी, जिससे वो घायल हो गए। उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ अब उन्हें खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

इस घटना में संतोषजनक बात यह रही कि गोली योगेश के पैर में घुटने के नीचे लगी जिससे उनकी जान बच गई। मामला दर्ज होने के बाद इसकी जाँच शुरू हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि हमलावार मौके पर ही फरार हो गए थे।

लखीमपुर की एसपी पूनम का कहना है कि भाजपा विधायक योगेश वर्मा उस समय अपनी पार्टी के दफ्तर में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ होली खेल रहे थे, जब उन्हें गोली मारी गई। अस्पताल में अभी उनका इलाज चल रहा है और हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पूनम ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है और जाँच जारी है।

इसके अलावा एएनआई द्वारा ट्वीट में लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी एस सिंह ने बताया कि योगेश वर्मा लोगों से मिल रहे थे, उसी दौरान उनकी बहसबाजी शुरू हो गई और उन्हें गोली मार दी गई।

उन्होंने बताया कि योगेश अभी खतरे से बाहर हैं और कुछ भी बता नहीं पा रहे हैं, लेकिन जाँच जारी है। खबरों की मानें तो अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमला करने वाले बदमाश खनन माफिया गिरोह के हो सकते हैं।

बता दें कि पिछले साल नवंबर में राजस्थान के प्रतापगढ़ से भी लगभग इसी तरह का मामला का सामने आया था, जहाँ भाजपा के नेता समरथ कुमावत की बाइक सवार बदमाशों ने क्रूरता से हत्या कर दी थी। यह हमला भी दिन दहाड़े हुआ था जहाँ पहले 4 बदमाशों ने उन्हें गोली मारी थी और फिर तलवार से उनकी गर्दन को अलग कर दिया था।

Oxford Dictionary में ‘चड्डी’ और ‘नारी शक्ति’ जैसे शब्द हुए शामिल, हिंदी की बढ़ी लोकप्रियता

हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों ही मिलीजुली भाषाएँ हैं। जहाँ अंग्रेजी के बहुत से शब्द हिंदी में आ गए हैं वहीं हिंदी के शब्दों ने भी अंग्रेज़ी शब्दकोश में जगह बना ली है। ऑक्सफ़ोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी का भारतीयों से पुराना संबंध है। इसके बारे में भी एक रोचक कहानी है। कहते हैं कि एक बार अंग्रेज़ों के साथ महात्मा गाँधी कहीं जा रहे थे। गाँव के रास्ते में उनकी ‘फोर्ड’ गाड़ी खराब हो गई। हालत ये हो गई कि मोटर को बैलों से खिंचवाना पड़ा। तब गाँधी जी ने मजाक में उसे नाम दिया- ‘ऑक्सफ़ोर्ड’।

बहरहाल, आज हिंदी की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी में चड्डी जैसे शब्द ने भी जगह बना ली है। वैसे तो लूट, गुरु, ठग आदि शब्द पहले से ही ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी में हैं लेकिन अब हिंदी शब्दों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बताया जा रहा है कि चड्डी शब्द मीरा स्याल और संजीव भास्कर के टीवी शो ‘गुडनेस ग्रेशियस मी’ के ज़रिए लोकप्रिय हुआ। इसके अतिरिक्त 650 नई प्रविष्टियों को भी औपचारिक रूप से अंग्रेजी शब्द के तौर पर मान्यता दी गई है।

चड्डी शब्द को ‘शॉर्ट ट्राउजर, शॉर्ट्स (कच्छा) के तौर पर परिभाषित किया गया है। यह आम तौर पर कपड़ों के अंदर पहना जाने वाला वस्त्र है। ‘ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी’ के वरिष्ठ सहायक संपादक जे डेंट ने कहा कि हर नई और संशोधित होने वाली प्रविष्टी के लिए कड़ी मेहनत से शोध किया जाता है। इससे पहले 26 जनवरी को ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने महिलाओं से जुड़े और सबसे ज्यादा चर्चा में आने वाले शब्द ‘नारी शक्ति’ को ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी 2018 का शब्द चुना था।

रिपोर्ट के मुताबिक नारी शक्ति को Oxford Dictionaries 2018 Hindi Word of the Year चुना गया। जनवरी 2019 में जयपुर साहित्य सम्मेलन में इसे वर्ड ऑफ द ईयर की घोषित किया गया था। पैनल डिस्कशन में लंबी चर्चा के बाद इस शब्द को डिक्शनरी ऑफ 2018 में शामिल कर किया।

SFI मेंबर ने कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता पर लगाया बलात्कार का आरोप, नवजात बच्ची संग दर-दर भटक रही

केरल में माकपा के क्षेत्रीय कार्यालय में एक महिला के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। केरल पुलिस में दर्ज की गई शिकायत में 20 वर्षीय एक युवती ने आरोप लगाया है कि केरल के पलक्कड़ जिले में माकपा के क्षेत्रीय समिति कार्यालय में उसके साथ बलात्कार किया गया। शिकायत के बाद जाँच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने शनिवार (16 मार्च 2019) को सड़क के किनारे एक नवजात बच्ची को लावारिस स्थिति में देखा। जिसके बाद पुलिस ने उसकी माँ के बारे में पता लगाया और जब उससे बच्ची को लेकर पूछताछ की गई तो युवती ने सीपीएम कार्यकर्ता पर आरोप लगाते हुए कहा कि तकरीबन 10 महीना पहले पलक्कड़ जिले में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (एम) के स्थानीय दफ्तर में उसके साथ रेप किया गया था।

युवती ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि ये यह घटना उस वक्त की है, जब वो कॉलेज की एक मैगजीन की तैयारी के लिए पार्टी कार्यालय गई थी। हालाँकि सीपीएम नेताओं ने महिला के आरोप को खारिज कर दिया है। पार्टी के नेता के बी सुभाष ने कहा कि चुनाव के समय इस तरह का आरोप पार्टी की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से लगाया जा रहा है। पर साथ ही उन्होंने जाँच करवाने की भी माँग की है।

वहीं इस बारे में माकपा के एक स्थानीय नेता ने बताया कि महिला एसएफआई की कार्यकर्ता है और उसके परिवार का पार्टी के साथ करीबी रिश्ता है। उन्होंने बताया कि अगर कार्यालय में ऐसी कोई घटना हुई है तो पार्टी जाँच करेगी और पुलिस को भी निष्पक्ष जाँच करनी चाहिए।

बता दें कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जाँच अधिकारी पी प्रमोद ने कहा कि उन्होंने आरोपी का नाम एफआईआर में दर्ज कर लिया है, लेकिन महिला की सुरक्षा को देखते हुए उसके नाम का खुलासा नहीं कर सकते।