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मौलवी और मजहबी संगठन के नेता को भूना, दरोगा को भी मार डाला: पाकिस्तान में ताबड़तोड़ हत्याएँ कर फरार हुए ‘अज्ञात’

पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने मंगलवार (2 अप्रैल 2024) को जमीयत उलेमा-ए-इस्लामी फजल से जुड़े एक मौलवी नूर इस्लाम निज़ामी की गोलियों से भून डाला। हत्या के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने नाकेबंदी करके हमलावर की तलाश शुरू कर दी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। वहीं, एक अन्य हमले में एक पुलिस सब इंस्पेक्टर की भी हत्या कर दी गई है।

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान जिले की है। यहाँ पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बॉर्डर क्षेत्र में मीरामशाह इलाका पड़ता है। मंगलवार को यहाँ जमीयत उलेमा ए इस्लामी फजल के नेता और मौलवी नूर इस्लाम निजामी किसी काम से निकले थे। इस बीच अज्ञात हमलावरों ने निजामी को गोलियों से भून दिया। इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

इस घटना के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने बुरी तरह से घायल निजामी को अस्पताल में भर्ती करवाया। यहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने घेराबंदी की और मौके से सबूत जुटाने शुरू कर दिए। अभी तक हमलावरों के बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

इलाके में बेहद प्रभावशाली रहे मौलवी नूर इस्लाम निजामी के शव का पोस्टमार्टम मीरामशाह अस्पताल में करवाया जा रहा है। वजीरिस्तान जिले के पुलिस अधिकारी ने पाकिस्तानी मीडिया से बातचीत के दौरान इस घटना की पुष्टि की और हमलावरों को जल्द ही गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है। पाकिस्तानी मीडिया मौलवी की हत्या को भी टारगेट किलिंग बता रही है।

सब इंस्पेक्टर समीउल्लाह की हत्या

वहीं, एक अन्य घटना में पाकिस्तान के वजीरिस्तान में ही अज्ञात हमलावरों ने एक पुलिस सब इंस्पेक्टर को गोलियों से भून दिया। मृतक का नाम मलिक समीउल्लाह खान बताया जा रहा है। मीर अली क्षेत्र के हसू खेल गाँव की यह घटना भी मंगलवार (2 अप्रैल 2024) को घटी। सब इंस्पेक्टर मलिक समीउल्लाह घटना के समय अपने घर पर मौजूद थे। वो शाम के समय रोजा इफ्तारी करके बाहर निकले थे।

इस दौरान पहले से ही घात लगाए अज्ञात हमलावरों ने उनको गोलियों से भून डाला। हमलावर बाइक से आए थे। घटना को अंजाम देने के बाद मौके से भागने में कामयाब रहे। समीउल्लाह को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सब इंस्पेक्टर समीउल्लाह की हत्या मौलवी निज़ामी के कत्ल के महज कुछ ही घंटे बाद हुई।

मलिक समीउल्लाह के शव को पहले पुलिस मुख्यालय में लाकर रखा गया। उसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में भी अभी तक किसी हमलावर की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पाकिस्तान पुलिस मौके पर पहुँच कर अपनी कार्रवाई में जुटी है। अभी तक इन दोनों हत्याओं की जिम्मेदारी किसी समूह ने नहीं ली है।

शौहर ने करवाया वनभूलपुरा में पुलिस पर हमला, बुर्के वाली बीवी साफिया व्यस्त थी धोखाधड़ी में: मृत व्यक्ति से लिखवा ली थी जमीन, पुलिस ने बरेली से दबोचा

उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 फरवरी 2024 को वनभूलपुरा इलाके में मस्जिद और मदरसा बनाकर किए गए अतिक्रमण को हटाने गई नगर निगम की टीम और पुलिस बल पर कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने हमला कर दिया था। इस हमले में सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह सहित 300 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हिंसा का मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक था, जिसे बाद में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।

अब उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में अब्दुल मालिक की बीवी साफिया मलिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। साफिया को उत्तर प्रदेश के बरेली से मंगलवार (2 अप्रैल 2024) को गिरफ्तार किया गया। उस पर हल्द्वानी के सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट की शिकायत पर 22 फरवरी 2024 को FIR दर्ज हुई थी।

मुकदमा दर्ज होने के बाद साफिया फरार हो गई। हालाँकि, उसके वकीलों ने हाल ही में कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसमें कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। वहीं, साफिया भी लगातार अपना लोकेशन बदल रही थी। आखिरकार उत्तराखंड पुलिस को उसे गिरफ्तार करने में कामयाबी मिल गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हल्द्वानी के सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने अपनी शिकायत में कहा था कि वनभूलपुरा इलाके में आने वाली एक जमीन की खरीद में साफिया ने 6 अन्य लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी और जालसाजी की है। इस जमीन को खरीदने के लिए उसने मृत व्यक्ति को जिंदा बता दिया और उसके नाम से कोर्ट में शपथ पत्र भी दे दिया।

आरोप है कि साफिया ने अपने साथियों के सहयोग से इस जमीन को हथियाने के लिए अधिकारियों और न्यायालय तक कई झूठे शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किए थे। शिकायतकर्ता अधिकारी ने साफिया की इस करतूत को अवैध प्लॉटिंग, अवैध निर्माण, अवैध ट्रांसफर के साथ-साथ आपराधिक साजिश करार दिया है। उन्होंने अधिकारियों और न्यायालय को गुमराह करने वाली हरकत बताया।

सहायक नगर आयुक्त की इस शिकायत पर नैनीताल पुलिस ने 22 फरवरी 2024 को साफिया और उसके 6 सहयोगियों पर FIR दर्ज कर ली थी। यह FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 417 और 120B के तहत दर्ज की गई थी। FIR दर्ज होने के बाद से साफिया फरार थी। नैनीताल पुलिस ने अदालत से साफिया के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट हासिल किया और खोजबीन शुरू कर दी।

आखिरकार, 2 अप्रैल 2024 को उत्तराखंड पुलिस को साफिया मलिक की लोकेशन यूपी के बरेली जिले में मिली। पुलिस टीम ने दबिश दी तो साफिया बरेली के गाँव बिहारीपुर में मिली। साफिया को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। साफिया का शौहर अब्दुल मलिक और उसका बेटा पहले ही जेल में हैं।

Accuse of Haldwani vanbhoolpura Violence Abdul Malik’s wife Safiya arrested for cheating and Fraud

‘हजारों की भीड़, मेरे को ही धकेल रहे इधर से उधर’: लीक हुआ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का वीडियो, कहा – दूसरी बार मेरे साथ ऐसा हो रहा है

अक्टूबर 2022 से ही कर्नाटक के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं। उनके बेटे प्रियांक कर्नाटक में IT-BT (इलेक्ट्रॉनिक्स इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी एवं साइंस एन्ड टेक्नोलॉजी), ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे मंत्रालय संभाल रहे हैं। इन सबके बावजूद मल्लिकार्जुन खड़गे को उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है। अब एक वीडियो लीक हुआ है। इससे स्पष्ट पता चलता है कि पार्टी में गाँधी परिवार ही सर्वेसर्वा है, उनके सलाहकारों के अलावा बाकी सब नेता एक ही पंक्ति में आते हैं।

भाजपा ने आरोप लगाया है कि मल्लिकार्जुन खड़गे कॉन्ग्रेस में उचित सम्मान न मिलने की वजह से दुःखी हैं। दरअसल, जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें मल्लिकार्जुन खड़गे कहते हुए दिख रहे हैं, “पहले ही व्यवस्था करना आपलोग। हजारों लोगों की भीड़ थी, 400-500 लोगों में धकेला-धकेली। अनुशासन नहीं है। मेरे को ही धकेल रहे थे इधर से उधर। बात करते हैं बड़े-बड़े – ऐसा करो, वो करो। ये दूसरी बार हो रहा है।” वीडियो में कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी कार्यक्रम को लेकर नाराज़ दिख रहे हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे 1960 के दशक से ही राजनीति में हैं, जो वो गुलबर्गा में स्टूडेंट यूनियन के लीडर बने थे। 1969 में वो कॉन्ग्रेस में शामिल हुए थे और उन्हें कलबुर्गी में पार्टी का नगर अध्यक्ष बनाया गया था। इस तरह वो 55 वर्षों से कॉन्ग्रेस पार्टी में हैं। फ़िलहाल वो राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। नरेंद्र मोदी के पहले प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल में वो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। मल्लिकार्जुन खड़गे गुरमिटकल से 9 बार विधायक और गुलबर्गा से लगातार 2 बार सांसद रहे हैं।

2019 के लोकसभा चुनावों में उन्हें हार का मुँह देखना पड़ा था। माना जाता है कि सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने उन्हें पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाया है, क्योंकि कॉन्ग्रेस पर वंशवाद के आरोप लग रहे थे। मल्लिकार्जुन खड़गे की दलित पहचान को भुनाने की भी भरपूर कोशिश की गई। लेकिन, अक्सर उन्हें नाराज़ मुद्रा में ही देखा जाता रहा है। अब नया वीडियो सामने आने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि क्या वो सचमुच एक रबड़ स्टाम्प अध्यक्ष हैं, जैसे मनमोहन सिंह एक रबड़ स्टाम्प प्रधानमंत्री थे।

हिंदू देवी-देवताओं का आलिंगन-चुंबन वाला फोटो, अर्धनग्न महिला के हाथ में हनुमानजी का झंडा: फेसबुक के समलैंगिक पेज पर आपत्तिजनक तस्वीरें, पुलिस में शिकायत

हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ अश्लील पोस्ट शेयर कर रहे एक फेसबुक पेज के खिलाफ मध्य प्रदेश के इंदौर में शिकायत दर्ज करवाई गई है। शिकायत में One Message नाम के फेसबुक पेज को बैन करवाने और उसके संचालित करने वालों पर कार्रवाई की माँग उठाई गई है। बुधवार (27 मार्च 2024) को दी गई इस शिकायत में आरोप है कि यह पेज समलैंगिक समूहों को भी प्रमोट करता है।

बुधवार (3 अप्रैल 2024) को ऑपइंडिया ने शिकायतकर्ता से वकील से बात की। उन्होंने इसकी पुष्टि की। दरअसल, इंदौर में सपना नाम की एक लॉ छात्रा ने अपने वकील डॉक्टर रुपाली राठौड़ और कृष्ण कुमार कुन्हारे के माध्यम से इस पेज की शिकायत इंदौर के पुलिस कमिश्नर से की है। कमिश्नर ने क्राइम ब्रांच की साइबर टीम को अलर्ट किया है और मामले की गंभीरता से जाँच करने के आदेश दिए हैं।

सपना ने one message फेसबुक पेज पर अयोध्या में राम मंदिर और भगवा रंग को अश्लीलता से पेश करने का आरोप लगाया है। खुद को हिंदू बताते हुए उन्होंने कह। कि देवी-देवताओं की तस्वीरें उनके लिए पूजनीय हैं। उन्होंने कहा कि इस पेज पर महिलाओं को जन्म से पापी भी बताया गया है। शिकायतकर्ता ने इस हरकत को भारत में हिन्दू धर्म की भावनाओं को भड़काने की साजिश करार दिया है।

सपना ने कहा कि उन्होंने 27 मार्च को फेसबुक पर One Message पेज देखा। इस पेज पर हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं को अपमानित करने की नियत से उनको समलैंगिक दृष्टि से आपत्तिजनक आलिंगन, चुम्बन वाले अश्लील फोटो पोस्ट किए गए गए। एक अर्धनग्न महिला के हाथ में बजरंग बली का झंडा भी थमाया गया था। महिलाओं को जन्म से पापी बताया गया था।

इतना ही नहीं, अयोध्या के श्रीराम जी को लेकर भी एक आपत्तिजनक तस्वीर शेयर की गई है। एक अश्लील कपड़े में भगवा रंग को दिखाकर हिन्दू भावनाओं को आहत किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके जरिए हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश की गई है। खुद को हिंदू बताते हुए उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों से उसकी धार्मिक भावना आहत हुई है।

शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि हिन्दू धर्म के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट डालने के अतिरिक्त One Message फेसबुक पेज पर समलैंगिक जोड़ों को प्रमोट किया जाता है। उन्होंने इसे भारत की एकता और हिन्दू धर्म के खिलाफ एक सोची समझी साजिश बताया और NIA जैसी संस्था से जाँच कराने की माँग की। उन्होंने फेसबुक पेज के आपत्तिजनक स्क्रीनशॉट को भी शिकायत के साथ अटैच किया है।

ऑपइंडिया के पास इस शिकायत की कॉपी मौजूद है। शिकायतकर्ता के वकील कृष्ण कुमार कुन्हारे ने ऑपइंडिया को बताया कि पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन अभी तक विवादित पेज पर हिन्दू विरोधी गतिविधियों पर लगाम नहीं लगी है। हालाँकि, देवताओं के खिलाफ शेयर हुई कुछ तस्वीरें जरूर ब्लर हुईं हैं।

कॉन्ग्रेस नेता ने PM मोदी को दी सिर फोड़ने की धमकी तो लोगों ने कहा – पहला डंडा हमें मारो: चुनाव आयोग में शिकायत: केंद्रीय मंत्री और स्पीकर रहे हैं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत

कॉन्ग्रेस के एक और नेता ने अपने बड़बोलेपन से न सिर्फ पार्टी की फजीहत कराई है, बल्कि भाजपा को हमला का मौका भी दे दिया है। छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाठी की धमकी दे डाली। इसे लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत करने का ऐलान किया है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने कहा है कि जनता इस बयान को लेकर कॉन्ग्रेस को माफ़ नहीं करेगी बल्कि करारा जवाब देगी, प्रधानसेवक के खिलाफ अभद्र टिप्पणी छत्तीसगढ़ और देश की जनता को मंजूर नहीं है।

उन्होंने याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी को गाली देने का कॉन्ग्रेस का पुराना इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पर पड़ने वाली हर गाली को जनता ने गहना बना दिया है, कॉन्ग्रेस को सबक दिखाया है। उन्होंने इस बयान को हिंसक, भड़काऊ और उग्र करार दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ के उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “मैं हूँ मोदी का परिवार। पहली लाठी मुझे मारो। पूरी ताकत से इस बयान का जवाब दिया जाएगा। पूरी ताकत से इस बयान का जवाब दिया जाएगा।”

दरअसल, चरणदास महंत ने राजनांदगाँव में एक जनसभा में कहा था, “हमें सिर फोड़ने वाला आदमी चाहिए। दिन-रात तंग कर के चीन भेजने वाला आदमी चाहिए। कॉन्ग्रेस छोड़ रहे नेताओं को जूते से मारा जाना चाहिए। उन्होंने कठिन समय में पार्टी को अलविदा कहा। उन्हें कभी पार्टी में वापस नहीं लेना है। हमने ही ऐसे नेताओं को सिर चढ़ा रखा था।” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं मोदी के परिवार वाला हूँ, पहला डंडा मुझे मारो। कार्यकर्ताओं ने भी चरणदास महंत के बँगले को घेर कर इस नारे को दोहराया।

छत्तीसगढ़ भाजपा ने भी सरकार द्वारा चलाई जा रही जन-कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए ‘मैं हूँ मोदी का परिवार, पहली लाठी मुझे मारो’ टैगलाइन के साथ अभियान चलाया। वहीं उप-मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पूरी दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करती है, लेकिन छत्तीसगढ़ की धरती से उनके लिए निकृष्ट मानसिकता वाला बयान दिया गया है। उन्होंने इसे ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ और राज्य की संस्कृति का भी अपमान करार दिया।

‘भीषण आर्थिक संकट से गुजर रही कॉन्ग्रेस’: महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण और मिलिंद देवड़ा के बाद अब गिरेगा संजय निरुपम का विकेट, बोले – समय ख़त्म, अब फैसला

ओलंपिक विजेता बॉक्सर विजेंद्र सिंह ने बुधवार (3 अप्रैल, 2024) को कॉन्ग्रेस छोड़ कर भाजपा का दामन थाम लिया। वहीं अब महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण और मिलिंद देवड़ा के बाद पार्टी का एक और विकेट लोकसभा चुनाव 2024 से पहले गिरता हुआ दिख रहा है। संजय निरुपम पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए उन्हें पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से हटा दिया गया है। पार्टी उन पर कार्रवाई का विचार कर रही है, लेकिन उससे पहले खुद संजय निरुपम ने नया ऐलान कर दिया है।

‘मुंबई रीजनल कॉन्ग्रेस कमिटी’ के अध्यक्ष रहे संजय निरुपम ने कहा है कि वो गुरुवार को अपने अगले कदम के बारे में खुलासा करेंगे। इससे पहले पार्टी उन्हें निष्कासित करने पर विचार कर रही है और इस पर पार्टी की अनुशासन समिति को फैसला लेना है। ‘X’ पर पूर्व सांसद ने लिखा, “कॉन्ग्रेस पार्टी मेरे लिए ज़्यादा ऊर्जा और स्टेशनरी नष्ट ना करे, बल्कि अपनी बची-ख़ुची ऊर्जा और स्टेशनरी का इस्तेमाल पार्टी को बचाने के लिए करे। वैसे भी पार्टी भीषण आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है।”

इसके साथ ही संजय निरुपम ने कहा कि उन्होंने जो एक हफ़्ते की अवधि दी थी, वह आज पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को वो खुद ही कोई फैसला ले लेंगे। महाराष्ट्र में MVA (महा विकास अघाड़ी) की साझीदार शिवसेना (UBT) ने अब तक 21 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। संजय निरुपम मुंबई उत्तर पश्चिम से चुनाव लड़ना चाहते थे। यहाँ से शिवसेना (UBT) ने अमोल कीर्तिकर को उतार दिया है। 2009 में संजय निरुपम मुंबई नॉर्थ से जीत चुके हैं।

संजय निरुपम ने कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी कॉन्ग्रेस को दबा रही है, उसने मुंबई में 6 में से 5 सीटें झटक ली हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि ये महानगर में कॉन्ग्रेस को खत्म करने की साजिश है। संजय निरुपम 1996 से 2006 तक राज्यसभा सांसद भी रहे हैं। वो पेशे से पत्रकार रहे हैं, जिन्होंने ‘जनसत्ता’ और शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ में काम किया है। संजय निरुपम कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे हैं और बिहार में पार्टी के सेक्रेटरी प्रभारी भी। 2013-14 में पार्टी की तरफ से लोकसभा में बजट पर बहस की शुरुआत उन्होंने ही की थी।

देश की सुरक्षा के लिए नासूर बन रहे अवैध बांग्लादेशी घुसपैठी: तस्करी, अवैध वीसा स्कैम से लेकर हर तरह के अपराध में शामिल, जानिए इन लोगों के बारे में

बांग्लादेश की सीमा पार करके अवैध घुसपैठियों की भारत में इंट्री थमने का नाम नहीं ले रही है। अक्सर फर्जी दस्तावेजों के सहारे घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी भारत में मानव तस्करी, नशे के कारोबार, चोरी, लूट और हमले जैसे आपराधिक कार्यों में संलिप्त पाए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ इन घुसपैठियों को चिह्नित करके इनकी धर-पकड़ में जुटी हुई हैं।

पिछले 12 दिनों की कार्रवाई में जाँच एजेंसियों को अवैध घुसपैठियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस और ATS ने पिछले कुछ दिनों में कई बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है। इन घुसपैठियों के पास से फर्जी कागजातों सहित अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। अब सुरक्षा एजेंसियाँ इनके रैकेट की पड़ताल में जुटी हुई हैं।

नवी मुंबई से 5 घुसपैठी गिरफ्तार

31 मार्च 2024 को महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने अवैध तौर रह रहे 5 बांग्लादेशियों को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान 22 वर्षीय अहत जमाल शेख, 40 वर्षीय रेबुल समद शेख, 25 वर्षीय रोनी सोरिफुल खान, 28 वर्षीय जुलु बिलाल शरीफ और 49 साल के मोहम्मद मुनीर मोहम्मद सिराज मुल्ला के तौर पर हुई थी।

ATS को इन सभी घुसपैठियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। ये सभी नवी मुंबई के घनसोली इलाके में जनाई कंपाउंड और शिवाजी तलाओ इनाम की जगह पर छिपकर रह रहे थे। ये पाँचों बांग्लादेशी राजमिस्त्री का काम करते थे। पुलिस ने इन पर विदेशी अधिनियम 1946 और पासपोर्ट अधिनियम 1950 के तहत कार्रवाई की गई है।

असम में झाड़-फूँक करने वाला बांग्लादेशी गिरफ्तार

31 मार्च 2024 को ही असम पुलिस ने 1 बांग्लादेशी को अवैध तौर पर भारत में रहते हुए पकड़ा था। घुसपैठी की पहचान ओसामा बिन हसन साजिब के तौर पर हुई थी। ओसामा बांग्लादेश के शेरपुर जिले का रहने वाला है, जो चोरी-छिपे मनकाचर इलाके में रह रहा था। यहाँ के झंझनी गाँव में रहने वाले ख़लीलूर मियाँ ने ओसामा को अपने घर में शरण दी थी।

ओसामा ने लगभग 8 महीने पहले मेघालय के महेंद्रगंज बॉर्डर से भारत में इंट्री की थी। इन 8 महीनों में वह मेघालय के कुछ क्षेत्रों के अलावा असम के मनकाचर इलाके में झाड़-फूँक करने वाले मौलवी के तौर पर काम करता रहा। विलेज डिफेन्स पार्टी नाम के एक स्थानीय संगठन ने पुलिस को गाँव में ओसामा हसन साजिब की मौजूदगी की सूचना दी थी।

असम पुलिस द्वारा गिरफ्तार हसन साजिद, चित्र साभार- इंडिया टुडे/NE)

उसे शरण देने वाले खलीलुर मियाँ को भी गिरफ्तार किया गया है। जाँच में यह भी पता चला था कि बांग्लादेशी घुसपैठी के भारतीय कागजात बनवाने की साजिश में ख़लीलुर मियाँ के साथ उसका बेटा मोफिदुल इस्लाम भी शामिल था। मोफिदुल इस्लाम फिलहाल फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

त्रिपुरा में 7 बांग्लादेशी घुसपैठी गिरफ्तार

23 मार्च 2024 को अगरतला स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने अवैध रूप से भारत में इंट्री करने के आरोप में बांग्लादेश के 7 नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इनमें 2 महिलाएँ और 10 माह का एक बच्चा भी शामिल है। तब बदरघाट में तैनात रेलवे पुलिस प्रभारी तापस दास ने बताया था कि 2 पुरुषों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए महिलाओं का वेश बना रखा था।

त्रिपुरा से गिरफ्तार बांग्लादेशी, चित्र साभार- ईस्टमोजो

पकड़े जाने पर इन सभी ने खुद के बांग्लादेशी होने की बात कबूली थी। अकेले अगरतला रेलवे स्टेशन से अब तक 20 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि अगरतला से ये सभी घुसपैठी चेन्नई जाना चाहते थे। इनके पास से मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए थे।

तब पुलिस ने बताया था कि जाँच के दौरान पता चला है कि बांग्लादेशी घुसपैठी चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में बसने की साजिश रच रहे हैं। भारत में घुसपैठ के लिए ये बांग्लादेशी ज्यादातर पूर्वोत्तर के राज्यों की सीमाओं का प्रयोग करते हैं।

त्रिपुरा में BSF ने 3 बांग्लादेशी घुसपैठियों सहित 1 भारतीय को दबोचा

आगामी लोकसभा चुनाव से पहले 29 मार्च 2024 को एक और बड़ी कार्रवाई में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने त्रिपुरा से 3 बांग्लादेशियों को पकड़ा था। इनका साथ दे रहे एक भारतीय को भी गिरफ्तार किया गया था। BSF की 43वीं बटालियन तस्करी की गतिविधियों के खिलाफ गश्त पर थी, तब देर रात एक गुप्त सूचना मिली।

त्रिपुरा से गिरफ्तार बांग्लादेशी, चित्र साभार- नार्थईस्ट टुडे

सूचना पर BSF ने दक्षिण जिले के राजनगर पीआर बारी पुलिस के साथ मिलकर दबिश दी थी। समरेंद्रनगर इलाके में भारत की सीमा को अवैध रूप से पार करते हुए 3 लोगों को पकड़ा गया। तलाशी में इनके पास से तमाम फर्जी कागजात बरामद किए गए। जाँच के दौरान इन घुसपैठियों को भारत में इंट्री करवाने के आरोप में एक भारतीय नागरिक को भी पकड़ा गया था।

आगरा से 5 बांग्लादेशी गिरफ्तार

21 मार्च 2024 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने आगरा में एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। तब यहाँ 5 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें 2 महिलाएँ भी शामिल थीं। ये सभी पिछले 3 वर्षों से अवैध तौर पर आगरा के ताजगंज इलाके में रह रहे थे। पूछताछ में पता चला कि इन्हें अज़ीज़ुल गाज़ी नाम का एक व्यक्ति भारत में लेकर आया था।

आगरा से गिरफ्तार बांग्लादेशी, चित्र साभार- इंडिया टुडे

पुलिस ने अजीजुल गाजी और उसकी बीवी जन्नत को गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों ने अवैध बांग्लादेशियों को पैसे के बदले बॉर्डर पार करवाने की बात स्वीकार की थी। तलाशी के दौरान इन बांग्लादेशियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, रेलवे टिकट और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। अजीजुल की बीवी जन्नत का भी पासपोर्ट पुलिस ने जब्त कर लिया था।

वीजा रैकेट चलाने वाले 2 बांग्लादेशी दिल्ली में गिरफ्तार

10 मार्च 2024 को दिल्ली में 2 बांग्लादेशी घुसपैठी गिरफ्तार किए गए थे। इनमें से 20 साल का मोहम्मद अकीदुल इस्लाम तो दूतावासों के एजेंट के तौर पर काम कर रहा था। अकीदुल ने रोमानिया का वीजा हासिल करने के लिए भारत में मिला अपना मेडिकल वीजा बदलकर टूरिस्ट वीजा बना डाला था। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब रोमानियाई दूतावास के एक अधिकारी ने शिकायत दर्ज करवाई थी।

बताया गया कि अजीजुल ने मेडिकल वीजा के आधार पर 19 जनवरी को भारत में इंट्री की थी। भारत में आकर उसने मेडिकल के बजाय पर्यटक वीजा दिखाने के लिए अपना फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया था। इसके बाद अजीजुल रोमानिया के वीजा के लिए आवेदन दिया था। जाँच के दौरान रोमानियाई दूतावास के अधिकारियों ने पाया कि अजीजुल द्वारा लगाया गया पर्यटक वीज़ा फर्जी है।

इस मामले की जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि अजीजुल के साथ जालसाजी के इस काम में 38 वर्षीय बांग्लादेशी मुकर्रम भी शामिल है। मुकर्रम दूतावासों के एजेंट के तौर पर काम करता था। उसे अवैध तौर पर भारत में इंट्री करने की कोशिश करते हुए 29 फरवरी 2024 को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था।

दिल्ली जल बोर्ड घोटाले का पैसा अधिकारियों और आम आदमी पार्टी को मिला, ईडी ने करोड़ों की संपत्तियाँ की जब्त

ईडी ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया है कि दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर घोटाले में भ्रष्टाचार का पैसा न सिर्फ अधिकारियों की जेबों में गया, बल्कि उसे आम आदमी पार्टी को भी दिया गया, वो भी राजनीतिक चंदे के रूप में। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार (02 अप्रैल 2024) को आप के खिलाफ भ्रष्टाचार के नए आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के एक पूर्व मुख्य अभियंता ने विभाग में अपने सहयोगियों को 2 करोड़ रुपये की रिश्वत राशि ‘हस्तांतरित‘ की थी। वहीं, ईडी ने छापेमारी करके अब तक 8.80 करोड़ रुपए की संपत्तियाँ भी जब्त की हैं।

इस बीच, ईडी द्वारा दायर की गई चार्जशीट का दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लिया है और उसे गुरुवार (04 अप्रैल 2024) के लिए सूचीबद्ध किया है। इसके सात ही कोर्ट ने देवेंदर मित्तल और तेजिंदर पाल सिंह को पेश होने के लिए समन जारी किया है, साथ ही जेल में बंद जगदीश अरोड़ा और अनिल अग्रवाल को पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट भी किया है।

इस बीच, तत्कालीन मुख्य अभियंता जगदीश कुमार अरोड़ा और उनकी पत्नी अलका अरोड़ा, इंटीग्रल स्क्रू इंडस्ट्रीज के मालिक अनिल कुमार अग्रवाल की 8.80 करोड़ रुपये की कुल कीमत वाली विभिन्न अचल और चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ईडी ने कहा है कि जगदीश अरोड़ा और अन्य के मामले में पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत उप-ठेकेदार और एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (डीजेबी के ठेकेदार) अचल संपत्तियां दिल्ली में स्थित हैं, जिन्हें कुर्क किया गया है।

दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में ईडी अपनी चार्जशीट दायर कर चुकी है। इसमें बताया गया है कि जल बोर्ड के तत्कालीन चीफ इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा ने जल बोर्ड के फ्लो मीटर कॉन्ट्रैक्ट को एनकेजी कंपनी को 38 करोड़ रुपए की बढ़ी हुई लागत पर दिए, जबकि, कंपनी तकनीकी पात्रता मानदंडों को भी पूरा नहीं करती थी। ईडी की जाँच में यह भी पता लगा है कि कंपनी ने जाली, नकली और झूठे दस्तावेज जमा करके बीड प्राप्त की थी। जल बोर्ड द्वारा प्राप्त 24 करोड़ रुपए की भुगतान में केवल 14 करोड़ रुपए की अनुबंध कार्य पर खर्च किए गए। बाकी बची राशि को रिश्वत के लिए निकाल लिया गया।

गौरतलब है कि दिल्ली जल बोर्ड मामले में सबसे पहले सीबीआई ने केस दर्ज किया था। इसके बाद इस मामले को आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस को टेकओवर किया था। सीबीआई ने 9 जुलाई 2022 को कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन किया और इस सर्च ऑपरेशन में कई महत्वपूर्ण सबूत मिले। इसके ईडी ने 23 जुलाई 2023 को नोएडा, हरियाणा के गुरुग्राम के साथ-साथ केरल, चेन्नई में भी आरोपियों से जुड़े अन्य लोकेशन पर छापेमारी की, जिसमें कई महत्वपूर्ण सबूत मिले।

थप्पड़ मारा, बेइज्जत किया, बेटे को मिलने नहीं दिया… मशहूर शेफ कुणाल कपूर को बीवी से मिला तलाक, HC ने दी मंजूरी

भारत के जाने-माने शेफ और जी-20 में अपने हाथ से बनाकर खाना परोसने वाले कुणाल कपूर को अपनी पत्नी से आखिरकार तलाक मिल गया। कोर्ट ने क्रूरता को आधार बनाकर इस तलाक को मंजूरी दी। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सुरेश कुमार केत और नीना बंसल कृष्णा ने इस संबंध में मंगलवार को फैसला सुनाया। उन्होंने माना कि कपूर की पत्नी से उनका रिश्ता ठीक नहीं था।

मीडिया में प्रकाशित जानकारी बताती है, शेफ कुणाल कपूर की शादी साल 2008 में हुई थी और वह साल 2012 में एक बेटे के प‍िता बने थे। बाद में उनके और उनकी पत्नी के रिश्ते में खटास आने लगी, दोनों अलग हुए, कुणाल ने पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

कुणाल का आरोप था कि उनकी पत्नी उन्हें और उनके परिवार को धमकाने के लिए पुलिस को फोन कर देती थी। सार्वजनिक स्थानों पर उन्हें अपमानित भी करती थी। कुणाल कपूर ने आगे 2016 की एक घटना का उदाहरण दिया।

उन्होंने बताया कि 2016 में जब वह मास्टरशेफ इंडिया की शूटिंग कर रहे थे उस समय उनकी पत्नी ने स्टूडियो में बेटे के साथ आकर हंगामा खड़ा कर दिया था। जब दोनों अलग हुए तो वो बच्चे को मिलने भी नहीं देती थी और उनसे पैसे माँगती थी वो अलग।

उन्होंने ये भी दावा किया कि वो जब से फेमस हुए उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ झूठी खबरें फैलानी शुरू कर दी थी। उनके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाती थी और एक बार तो उन्होंने शूटिंग पर जाने से पहले उन्हें थप्पड़ भी मारा था।

कुणाल की पत्नी एकता ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने परिवार और पति की मदद के लिए अपने करियर से समझौता किया, लेकिन घरवाले उन्हें ताने मारते रहते थे और छोटी-छोटी वजहों पर सुनाते थे।

कोर्ट ने दोनों की दलीलों पर गौर किया और तलाक को मंजूरी देते हुए कहा कि कानून के मुताबिक पति या पत्नी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से लापरवाह, अपमानजनक और निराधार आरोप लगाना क्रूरता के बराबर है। कोर्ट ने माना कि कुणाल कपूर की पत्नी का आचरण गरिणा और सहानुभूति से रहित था।

कोर्ट ने कहा कि जब एक पति या पत्नी का एक-दूसरे के प्रति ऐसा स्वभाव होता है, तो यह विवाह के असली मतलब को अपमानित करता है और इसका कोई संभावित कारण मौजूद नहीं है कि उसे साथ रहने की पीड़ा सहते हुए रहने के लिए क्यों मजबूर किया जाए।

बीवी और गर्लफ्रेंड को संपूर्ण संतुष्टि, मर्दों के वीर्य विस्फोट में 5 से 7 गुना विलंब: पोर्न स्टार के साथ रणवीर सिंह का नया विज्ञापन

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह और पॉर्न स्टार जॉनी सीन्स एक बार फिर से एक विज्ञापन में साथ दिखे हैं। रणवीर सिंह की ही कंपनी ‘बोल केयर’, जिसे पुरुषों के हेल्थ एवं वेलनेस कंपनी के रूप में प्रचारित किया जाता है, उसके एक वीडियो में दोनों साथ नज़र आए। कंपनी का कहना है कि ये वीडियो ‘सेक्सुअल वेलनेस’ के लिए बनाया गया है। रणवीर सिंह इस वीडियो में दर्शकों से सवाल करते हैं कि क्या आपके अंदर का ज्वाला झट से फट जाता है, क्या आपकी कुल्फी खाने से पहले ही पिघल जाती है?

इसके बाद रणवीर सिंह अपने एक ‘अनोखे प्रोडक्ट’ का प्रचार करते हुए पूछते हैं कि क्या आपका मॉनसून समर में ही आ जाता है? उन्होंने अपने इस प्रोडक्ट को चमत्कारी फॉर्मूला बताते हुए कहा कि ये मर्दों के वीर्य विस्फोट में 5 गुना विलंब लाता है। उन्होंने कहा कि ये प्रोडक्ट इसीलिए है ताकि आपका मैथुन चले लंबा और आपकी अर्धांगिनी/गर्लफ्रेंड को मिले संपूर्ण संतुष्टि। इसके बाद रणवीर सिंह ने अपने एक ‘संतुष्ट ग्राहक’ की बात की और वीडियो में जॉनी सीन्स को दिखाया।

इसमें जॉनी सीन्स कुछ बोलते हैं और बैकग्राउंड में अनुवादक कहता है, “मेरा नाम जॉनी सीन्स है। लाख कोशिशों के बावजूद मैं सावित्री को शारीरिक सुख नहीं दे पाता। वो मुझे ‘जॉनी सूंस’ बुला कर चिढ़ाती थी। जब से मैंने बोल्डकेयर का डिले स्प्रे इस्तेमाल करना शुरू किया है, सावित्री मुझे ‘जॉनी-जॉनी, यस डैडी’ कहती है।” इसके बाद रणवीर सिंह वीडियो में एक एक्सपर्ट को लेकर आते हैं, जो डॉक्टर की वेशभूषा में जॉनी सीन्स ही हैं और उनका नाम ‘जॉनी साइंस’ दिखाया गया है।

रणवीर सिंह उनसे पूछते हैं कि ये लगाते कैसे हैं? इसके बाद जॉनी सीन्स अपना पैंट खोलने लगते हैं, जिस पर रणवीर सिंह उन्हें रोकते हैं और पूछते हैं कि इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं? इस पर जवाब आता है कि बिलकुल डयोड्रेन्ट की तरह, बस बगल में लगाने की जगह ‘अगल’ में लगाइए। रणवीर सिंह ने जब पूछा कि क्या ये काम करता है, तो उन्होंने जवाब दिया – ऑफकोर्स, इसने MBA थोड़े किया है। इसके बाद दोनों हँसते हैं, फिर रणवीर सिंह अपने प्रोडक्ट का प्रचार करने लगते हैं।