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‘मस्जिद में रेप, हथियारों एवं महिलाओं की तस्करी’: प्रताड़ित होकर इस्लाम छोड़ चुकी लड़की ने CM योगी को लिखी चिट्ठी, कहा- जुमे की नमाज के बाद होती है बच्चियों की सेक्स पार्टी

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में 21 मार्च 2024 को एक मौलाना और एक हाजी सहित कुल 8 लोगों पर गैंगरेप की FIR दर्ज हुई है। एक साल पहले घर वापसी करके हिन्दू बनी पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बलात्कारियों में से 4 लोग रिश्ते में उसके मामा हैं। इस पीड़िता का एक और पत्र सामने आया है। इसमें वह एक मस्जिद के अंदर होने वाली गैरकानूनी हरकतों की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है।

यह पत्र 12 मार्च 2024 को लिखा गया है, जिसमें मस्जिद के अंदर जुमे की नमाज़ के बाद लड़कियों से रेप उनकी सप्लाई जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला यूपी के रामपुर जिले के थानाक्षेत्र शहजाद नगर का है। यहाँ की रहने वाली पीड़िता ने रामपुर शहर के बेगम बाग़ इलाके में आने वाली एक मस्जिद के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी के अनुसार, उस मस्जिद में पीड़िता की माँ का साल 1992 के बाद 5 वर्षों तक गैंगरेप हुआ है। पीड़िता का कहना है कि मस्जिद में लगातार रेप होने की वजह से उसकी अम्मी को अब पैड पहनना पड़ता है। पीड़िता ने माँ को 24 घंटों में महज एक बार खाना दिए जाने का भी आरोप लगाया। इस मस्जिद का इमाम रईस नाम का शख्स है।

पीड़िता ने इम्तियाज हुसैन, बरेलवी जमात के मौलाना लतीफ़, वाहिद रज़ा, लईक, ताहिरा, अरमाना, इरफ़ान हाजी, असरार हुसैन, रईस मौलाना और इरफ़ान मौलाना पर उसकी माँ को बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाया। पीड़िता ने आगे कहा कि इनका एक गैंग है, जो लड़कियों की सप्लाई भी करता है। उसका आरोप है कि जुमे की नमाज़ के बाद मस्जिद में बहुत बड़ी पार्टी की जाती है।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि इस पार्टी में छोटी-छोटी बच्चियों को नशा देकर उनके साथ रेप किया जाता है। इम्तियाज, मौलाना रईस और उसका पूरा गैंग जामिया मदरसा रामपुर, बरेली और अलीगढ़ में लड़कियों को जेहादी भी बनाता है। कुछ लड़कियों को बेचे जाने का भी जिक्र शिकायती पत्र में है। इस गैंग पर चरस, अफीम और अवैध हथियार भी सप्लाई करने के आरोप लगाए गए हैं।

बकौल शिकायतकर्ता, मस्जिद में न सिर्फ उसकी माँ के साथ लगातार रेप हुआ, बल्कि उसकी एक बहन को के साथ भी आरोपितों ने रेप किया और बाद में उसे लापता कर दिया। उसकी बहन का आजतक पता नहीं चला है। शिकायत के अंत में पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मस्जिद और मदरसों की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है और कहा है कि वहाँ बक्सों में हथियार रखे रहते हैं।

मुँह काला करने के लिए खुले मरदसे

पीड़िता का एक वीडियो बयान भी ऑपइंडिया के पास है। इसमें पीड़िता ने सवाल किया है कि अगर मस्जिद में महिलाओं का जाना मना है तो वहाँ इतनी लड़कियाँ कैसे पहुँच गईं। पीड़िता का दावा है कि इस मस्जिद में कुरान का अपमान भी किया जाता है। इसका वीडियो भी उसके पास है। वीडियो में यह भी सवाल किया गया है कि क्या मस्जिद के अंदर किसी लड़की से सेक्स जायज है?

बकौल पीड़िता, आरोपितों का आपराधिक इतिहास है और उन्होंने पहले कई हिन्दुओं की हत्याएँ भी की हैं। खुद को भी रेप पीड़िता बताते हुए लड़की ने कहा कि आरोपितों का संगठन नैनीताल तक एक्टिव है। आरोप है कि मस्जिद में रात की अंतिम नमाज़ के बाद लड़कियों का आना-जाना शुरू हो जाता है जिन्हें सुबह की नमाज़ से पहले ही निकाल दिया जाता है।

पीड़िता ने अपने वीडियो बयान में आरोप लगाया है कि मौलानाओं ने अपना मुँह काला करने के लिए ही मदरसों को खोल रखा है। साथ ही लड़की ने यह भी कहा कि ये तमाम खुलासे करने की वजह से उसकी जान खतरे में है। लड़की ने कभी भी अपनी हत्या हो जाने की आशंका जताई है। पीड़िता ने सीएम योगी और पीएम मोदी से न्याय की उम्मीद जताई है।

कमरे में कंडोम और सेक्सवर्धक दवाएँ

पीड़िता के वकील की तरफ से ऑपइंडिया को कई वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं। इन वीडियो में लड़की अपने और उसकी अम्मी के साथ घटी वारदात के बारे में जानकारी देती है। वहीं, इनमें से कुछ वीडियो मस्जिद के अंदर के भी हैं। इन वीडियो में कई हथियार और कारतूस इमाम के बिस्तर पर पड़े नजर आ रहे हैं। कुछ अश्लील किताबें भी बिस्तर पर बिखरी हुई हैं।

एक अन्य वीडियो में एक लड़की मस्जिद के इमाम रईस से पॉलीथिन खोलने के लिए कहती थी। तब पॉलीथिन से कंडोम बाहर निकल कर गिरे। पीछे से आ रही आवाज में बताया जा रहा है कि इमाम की पॉलीथिन में सेक्सवर्धक दवाएँ भी हैं। लड़की द्वारा बनाए गए विजुअल में कुछ ऐसे कमरों का भी दावा किया जा रहा है, जहाँ लड़कियों का यौन शोषण किया जाता है।

‘मेरा काम निकल गया…’: खुद को लव जिहाद पीड़िता बताने वाली लड़की का वीडियो वायरल, बोली- सूफ़ियान ने किया रेप और ब्लैकमेल, इस्लाम अपनाने का डाला दबाव

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक लड़की खुद को लव जिहाद का पीड़ित बता रही है। वीडियो में वह सुसाइड करने की भी बात कह रही है। लड़की सूफियान शेख नाम के एक मुस्लिम युवक पर एक साल तक रिलेशन में रखने और बाद में धोखा देने एवं ब्लैकमेल करने का आरोप लगा रही है। लड़की ने सूफियान नाम के शख्स के अलावा इस मामले में उसके अम्मी-अब्बू और बहनों को भी शामिल बताया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह वीडियो महाराष्ट्र का बताया जा रहा है। हालाँकि, ऑपइंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

ibc24 की रिपोर्ट में यह वीडियो महाराष्ट्र के एक शहर का बताया जा रहा है। इसी रिपोर्ट में हैशटैग के तौर पर #JusticeForMaharashtraGirl प्रयोग किया गया है। वहीं 8 मिनट के वायरल वीडियो में 18 वर्षीया पीड़िता ने सबसे पहले शुरुआत में ही बताया कि जब तक यह वीडियो लोगों के पास पहुँचेगा तब तक वो शायद जिन्दा न रहे। पीड़िता ने खुद हिन्दू परिवार का बताया और कहा कि उसके साथ भी लव जिहाद की घटना को अंजाम दिया गया। पीड़िता ने कहा कि सूफियान उसके साथ लिव-इन रिलेशन में रहा और उसके बाद उसका शारीरिक और आर्थिक शोषण किया।

लड़की ने आगे दावा किया है कि उसके और सूफियान के रिश्ते के बारे में लड़के की अम्मी, अब्बू और 3 बहनें भी जानती थीं। कुछ दिनों बाद सूफियान पीड़िता से पैसों की माँग करने लगा। न देने पर वो प्राइवेट फोटो और वीडियो को वायरल करने की भी धमकी देने लगा। पीड़िता ने कहा कि सूफियान ना सिर्फ उसके साथ रेप करता था, बल्कि मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था और इसमें उसके घरवाले भी उसका साथ देते थे। जब सूफियान के परिजनों को पता चला कि वह कार्रवाई करने जा रही है तो उसके घर वालों ने सूफियान को नागपुर भेज दिया।

पीड़िता ने आगे बताया कि सूफियान उससे बोला, “मेरा तेरे से काम निकल गया है। अब मैं जो भी बोलूँगा वो तुझे करना पड़ेगा।” लड़की का यह भी दावा है कि सूफियान के चंगुल में उसकी तरह कई और लड़कियाँ भी फँसी हुई हैं। पीड़िता ने इस बात के लिए भी दुःख जताया कि उसने सूफियान के चक्कर में अपने परिवार के बारे में भी नहीं सोचा। सूफियान के घर वालों पर आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया। लड़की ने इसके लिए हामी भी भर दी थी। इसके बावजूद सूफियान ने ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।

लड़की ने सूफियान के परिवार के साथ अपनी प्रताड़ना में उसके कुछ रिश्तेदारों और 7-8 दोस्तों को भी शामिल बताया है। पीड़िता ने गुजारिश की है कि उसकी मौत को आत्महत्या के बजाय सूफियान और उसके परिजनों द्वारा की गई हत्या माना जाए। पीड़िता ने अपनी पुरानी सोच के बारे में बताते हुए कहा कि उसे किसी जाति-धर्म आदि से कोई मतलब नहीं होता था। उसे लगता था कि 3 बहनों का भाई सूफियान कभी उसके साथ गलत नहीं करेगा। हालाँकि वीडियो बनाते हुए पीड़िता की यह सोच बदल चुकी है।

लड़की ने आगे बताया कि अगर वो अपने परिवार से ये बात बताती तो शायद घर की इज्जत देखते हुए यह बात बाहर न जाती। हालाँकि पीड़िता ने अपनी तरफ से आरोपितों को सजा दिलाने के लिए खुद को तैयार बताया। उसने बाकी लोगों से भी अपने वीडियो को शेयर करने की और अपना साथ देने की भी अपील की है। यह वीडियो कब का और कहाँ का है इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। उस लड़की अथवा आरोपितों का क्या हुआ, इसकी भी जानकारी नहीं मिली है। फ़िलहाल ऑपइंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।

तारक मेहता का उल्टा चश्मा के प्रोड्यूसर यौन उत्पीड़न के दोषी: ‘रोशन भाभी’ से कहा था- बड़ी सुंदर लग रही हो… पकड़कर किस कर लूँ

पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता के प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी को छोटे परदे की अभिनेत्री जेनिफ़र मिस्त्री को ₹5 लाख और उनका बकाया देने का आदेश दिया गया है। यह जेनिफ़र ने मोदी पर मई 2023 में यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद इस मामले में यह कार्रवाई सामने आई है।

महाराष्ट्र सरकार की स्थानीय शिकायत कमिटी ने इस मामले को सुनते हुए असित मोदी को आदेश दिया है कि वह जेनिफ़र मिस्त्री को ₹5 लाख दें। इसके साथ ही वह उनका काम का बकाया पैसा दें। उन्हें इस पैसे पर ब्याज देने को भी कहा गया है। यह धनराशि कुल मिलाकर लगभग ₹25 लाख होती है। असित मोदी को महिला उत्पीड़न का दोषी पाया गया है।

जेनिफ़र ने ई-टाइम्स से कहा कि उनके पक्ष में यह आदेश 15 फरवरी, 2024 को मिल गया था। उन्हें अपने काम से जुड़ा पैसा अभी तक नहीं मिला है, इसलिए वह इस बात को मीडिया में ला रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पैसे की बात हो गई लेकिन कोई दंड नहीं दिया गया। उन्होंने पुलिस पर भी काम ना करने का आरोप लगाया।

इस निर्णय को लेकर उन्होंने जहाँ पैसे को लकर आए आदेश को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की तो वहीं प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी पर कोई कार्रवाई ना होने को लेकर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मेरे हक़ में इसीलिए फैसला आया है क्योंकि मैं सही थी।

जेनिफ़र मिस्त्री बन्सीवाल सब टीवी चैनल के पॉपुलर शो तारक मेहता शो में रोहन सोढ़ी उर्फ़ रोहन भाभी का रोल निभाती थी। उन्होंने मई 2024 में शो के प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। जेनिफर ने असित मोदी के अलावा शो के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जतिन बजाज और प्रोजेक्ट हेड सोहेल रमानी के खिलाफ भी आरोप लगाए थे। जेनिफर ने कहा था कि सोहेल रमानी और जतिन बजाज के दुर्व्यवहार के कारण उन्हें शो छोड़ना पड़ा था।

उन्होंने कहा था कि शो के निर्माता असित मोदी ने कई बार उनका यौन उत्पीड़न किया है। उन्होंने कहा था कि 2019 में टीम शूटिंग के सिलसिले में सिंगापुर गई थी। उस वक्त असित बार-बार कॉल कर अपने कमरे में बुलाते थे। शादी की सालगिरह वाली रात भी असित ने फोन किया था और कहा था कि अब सालगिरह मनाया जा चुका है कोई गिल्ट भी नहीं होगी। आज तक के अनुसार जेनिफर से एक बार असित मोदी ने कहा था कि तुम बहुत सुंदर लगती हो। मन करता है कि तुम्हें पकड़कर किस कर लूँ।

एक्ट्रेस ने बताय था, “एक बार असित मोदी ने कहा- रात को तुम्हारी रूम पार्टनर नहीं है तो आ जाओ मेरे रूम में व्हिस्की पीते हैं। जब लगा कि दाल नहीं गलने वाली, तो मुझे कम स्क्रीन स्पेस मिलने लगी। पिछले साल भी असित मोदी को जब मैंने छुट्टी के लिए फोन किया तो उन्होंने मुझे कहा रो मत, पास होती तो हग करता, फ्लर्ट करता।” बकौल जेनिफर फ्लर्ट करने के बाद असित मोदी कहते थे कि मैं मजाक कर रहा था। लेकिन बाद में अभिनेत्री के वकील ने उन्हें समझाया कि चुप रहना सही नहीं होगा और उन्हें इस मामले को उठाना चाहिए।

जेनिफर के अनुसार एक बार असित ने सेट पर ही गेट बंद कर उन्हें रोकने की कोशिश की थी। यह आरोप लगाने के कुछ दिन बाद जेनिफ़र ने कहा था कि उनके साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाए गए थे। उन्होंने कहा था, “कुछ मीडिया वाले ऐसी खबरें फैला रहे हैं कि असित ने मेरे साथ यौन संबंध बनाए थे, ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा,”जो लोग बोल रहे हैं कि असित मोदी ने मेरे साथ यौन संबंध बनाए हैं, मैं कहना चाहती हूँ कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने बस मेरे से ऐसी चीजें बोली हैं। पुलिस जाँच कर रही है।”

TMC के गुंडों से भिड़ने वाली संदेशखाली की रेखा पात्रा को PM मोदी ने किया फोन, कहा- आप शक्ति स्वरूपा, जरूर जीतेंगी: शेख शाहजहाँ एंड गैंग ने दिए थे घाव

बंगाल के बशीरहाट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा/BJP) की प्रत्याशी संदेशखाली की एक पीड़िता को बनाया गया है। प्रत्याशी का नाम रेखा पात्रा है जिन्हें आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कॉल करके हिम्मत दी। इस दौरान पीएम ने रेखा की चुनावी प्रचार की तैयारियों के बारे में जाना। साथ ही अन्य मुद्दों पर बात करते हुए पीएम ने उन्हें ‘शक्ति स्वरूपा’ बताया।

कॉल पर हुई बातचीत अब मीडिया प्लेटफॉर्मों पर है। इसमें सुनाई पड़ता है कि पीएम रेखा से कहते हैं- “आप बहुत बड़ा काम करने जा रही हैं, आपको कैसा लग रहा है।” इस पर रेखा कहती है- “बहुत अच्छा लग रहा है। आपका हाथ हम पर है। हमें लग रहा है श्रीराम भगवान का हाथ हम पर है।”

पीएम उन्हें कहते हैं कि उनका हाथ किसी पर नहीं, बल्कि माताओं और बहनों का हाथ पीएम मोदी पर है। आगे प्रधानमंत्री पूछते हैं कि बंगाल की विपरीत राजनीति में बीजेपी द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने पर उन्हें कैसा लगा और कैसा माहौल है।

इस पर रेखा ने जवाब दिया कि वो बहुत खुश हैं। शुरू में कुछ टीएमसी की महिलाएँ दुखी थीं, लेकिन अब सब ठीक है। वह कहती हैं, “जिन्होंने हमारा विरोध किया वो भी हमारी माता-बहनें है।” इस पर पीएम ने उन्हें कहा कि उनके विचार बहुत ऊँचे हैं। लोगों को उनकी बात सुनकर बहुत अच्छा लगेगा। उन्होंने रेखा को हिम्मत दी कि वो जरूर चुनाव जीतेंगी, जरूर चुनकर दिल्ली आएँगी।

आगे पीएम मोदी ने रेखा पात्रा से कहा, “संदेशखाली में आपने इतनी बड़ी लड़ाई लड़ी है। आप एक प्रकार से शक्ति स्वरूपा हैं। आपने इतने ताकतवर लोगों को जेल भेज दिया। आपको अंदाजा है कि आपने कितने बड़े साहस का काम किया है?”

इस पर रेखा ने कहा कि उन्हें संदेशखाली की महिलाओं का साथ था इसलिए वो ये सब कर पाईं। उन्होंने पीएम को पिता-भाई के रूप में बताया और उम्मीद की कि टीएमसी के खिलाफ लड़ाई में पीएम उनका साथ देंगे। इस पर पीएम ने उनकी हिम्मत बढ़ाई और कहा कि ये लड़ाई बंगाल के सम्मान की है। उन्होंने रेखा पात्रा को आश्वासन दिया कि वो हर तरह से साथ रहेंगे। व्यक्तिगत रूप से भी उनकी चिंता करेंगे।

उन्होंने रेखा पात्रा का उत्साह देखते हुए कहा, “बंगाल शक्ति पूजा, दुर्गा पूजा की भूमि है। आप उसी शक्ति का पर्याय हैं। आपका काम बहुत बड़ा है। संदेशखाली की महिलाओं की आवाज को दुनिया के सामने उठाना वो कोई सामान्य बात नहीं है। आपका उत्साह देखकर लग रहा है कि इस बार बंगाल में नारी शक्ति हमें जरूर आशीर्वाद देगी।” उन्होंने रेखा पात्रा से कहा कि वो भाजपा की योजनाओं के बारे में लोगों को बताएँ क्योंकि टीएमसी ने वहाँ तक वो योजनाएँ जाने ही नहीं दी हैं। जो योजनाएँ पहुँचीं है उनका नाम बदल दिया जाता है।

गौरतलब है कि कल बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपने उम्मीदवारों की पाँचवीं लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में 19 उम्मीदवारों के नाम हैं। इसमें ही बशीरघाट लोकसभा सीट से रेखा पात्रा को उम्मीदवार बनाया गया था। बशीरघाट में ही वो संदेशखाली इलाका में है, जो पिछले दिनों टीएमसी के गुंडों की वजह से चर्चा में रहा था और जहाँ से टीएमसी के शाहजहाँ शेख और उसके साथियों के खिलाफ अभियान शुरू हुआ था।

‘क्या फालतू का जय श्रीराम बोलता है, अल्लाह हू अकबर बोल’: मुंबई में 11 साल के हिंदू बच्चे ने वॉचमैन का किया अभिवादन, भड़के लोगों ने घर में घुस की मारपीट

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 5 लोगों द्वारा सोमवार (25 मार्च 2024) की रात को एक नाबालिग हिन्दू बच्चे से जबरन ‘अल्लाह हु अकबर’ के नारे लगवाने का मामला सामने आया है। आरोपित 11 वर्षीय बच्चे द्वारा ‘जय श्रीराम’ कहकर अभिवादन करने से नाराज थे। आरोपितों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंबई के मीरा रोड थानाक्षेत्र की पुलिस इसकी जाँच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपितों की पहचान के लिए इलाके के CCTV फुटेज आदि खँगाल रही है। सभी आरोपित भी नाबालिग बताए जा रहे हैं। घटना से नाराज हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और जय श्रीराम का उद्घोष किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को 11 वर्षीय बच्चे के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कि रात लगभग 9 बजे के आसपास उनका बेटा दूध लेने के लिए बाहर गया हुआ था। वापस आते हुए पीड़ित ने हर दिन की तरफ सोसाइटी के वॉचमैन का ‘जय श्रीराम’ से अभिवादन किया। इसके बाद वह अपने घर चला जाता है। इसी दौरान रोड की दूसरी तरफ खड़े कुछ नाबालिग उसे रोकने की कोशिश करने लगे, लेकिन वह बच्चा अपनी सोसायटी में चला आया।

उस बच्चे के पीछे-पीछे ये आरोपित बच्चे की सोसाइटी में घुसने लगे। ये लोग दिखने में नाबालिग थे और इनकी संख्या 5 बताई जा रही है। जिस दौरान ये लोग सोसायटी में घुसे, उस वक्त वॉचमैन अपनी केबिन में नहीं था। इस घटना का CCTV फुटेज भी वायरल हुआ है, जिसमें पाँचों आरोपित जबरन गेट खोलकर अंदर घुसते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान इन लोगों ने बायोमैट्रिक लॉक भी तोड़ डाला।

अंदर घुसकर इन सभी आरोपितों ने ‘जय श्रीराम’ कहने वाले बच्चे को पकड़ लिया और ‘अल्लाह हु अकबर’ का नारा लगाने का उस दबाव बनाने लगे। आरोपितों की इस हरकत से पीड़ित काफी डर गया। बच्चे का कहना है कि आरोपितों ने उससे कहा, “जय श्रीराम वगैरह क्या बोलता है। ये सब फालतू की चीज होती है। अल्लाह हु अकबर बोल।”

कुछ मीडिया रिपोर्ट में आरोपितों द्वारा नाबालिग हिंदू बच्चे की पिटाई करने की भी बात कही है। जब सोसायटी के लोगों ने ऐसा करते हुए देखा तो उसकी तरफ आए। इसी दौरान पाँचों आरोपित वहाँ से भाग गए। इसके बाद सोसायटी के लोगों ने बच्चे के पिता को इसके बारे में जानकारी दी। पीड़ित बच्चे का पिता उसे लेकर थाने पहुँचा और मामले की शिकायत दी।

शिकायत में पीड़ित के पिता ने आरोपितों की हरकत से अपनी धार्मिक भावनाएँ आहत होने की बात कही है। ऑपइंडिया के पास इस शिकायत कॉपी मौजूद है। हालाँकि, मीरा रोड थाने के अधिकारी इसे बच्चों के बीच का मामला बता रहे हैं। फ़िलहाल पीड़ित बच्चे के पिता की शिकायत पर 5 अज्ञात आरोपितों पर FIR दर्ज कर ली गई है।

इन सभी पाँचों आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 448, 295A और 143 के तहत कार्रवाई की गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना से नाराज सोसाइटी वालों ने सड़क पर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

अमेरिका में भरभराकर गिरा 2.5 किमी लंबा पुल, टकरा गया था श्रीलंका जा रहा 950 फीट लंबा जहाज: स्टील का बना था बाल्टीमोर का ब्रिज, देखें Video

अमेरिका के मैरीलैंड प्रांत के बाल्टीमोर शहर में फ्रांसिस स्कॉट ब्रिज से एक जहाज टकरा गया। इससे यह ब्रिज टूट कर नदी में गिर गया। इस दुर्घटना में कई लोग नदी में समा गए। राहत और बचाव टीमें इस जगह पर पहुँच कर लोगों को बचाने और नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।

जानकारी के अनुसार, बाल्टीमोर शहर में पताप्स्को नदी पर बने हुए इस फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज से मंगलवार रात 1:27 मिनट (स्थानीय समय) पर यह बड़ा जहाज टकराया। यह जहाज बड़ी मात्रा में माल लेकर नदी पार कर रहा था। जहाज के टकराने के कुछ ही देर के बाद यह ब्रिज भरभरा कर कर गिर गया।

इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें दिखता है कि एक जहाज इस ब्रिज के एक पिलर से आकर टकराता है और कुक सेकंड में एक-एक करके ब्रिज के हिस्से नदी में गिरने लगते हैं। इसके बाद पूरा ब्रिज नदी में समा जाता है।

बताया गया है कि इस ब्रिज के गिरने के कारण कई गाड़ियाँ और इस ब्रिज पर काम कर रहे कई लोग नदी में समा गए। यहाँ पहुँची राहत एवं बचाव टीमें लगातार लोगों को ढूँढने में जुटी हुई हैं। राहत और बचाव टीम 7 लोगों को इस नदी और मलबे के बीच ढूंढ रही हैं। इनके इस नदी में समाने की सूचना है। दो लोगों को बचाया भी गया है।

जो जहाज इस ब्रिज से टकराया वह शहर से बाहर की तरफ जा रहा था। लगभग 950 फीट लम्बे इस जहाज का नाम डाली था। यह सामान लेकर श्रीलंका के कोलम्बो जा रहा था। इस जहाज का संचालन मेर्स्क नाम की कम्पनी करती है। यह दुनिया की बड़ी जहाज कम्पनियों में से एक है।

जानकारी के अनुसार, इस जहाज पर 22 लोग थे। कम्पनी ने इस बात की पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में जहाज पर सवार कोई भी कामगार घायल नहीं हुआ है। जहाज ब्रिज से टकराने के बाद पानी में खड़ा है। उसके आसपास राहत बचाव टीमे पहुँच रही हैं। अभी दुर्घटना के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है।

इस दुर्घटना के बाद मैरीलैंड प्रांत में आपातकाल की घोषणा की गई है। स्थानीय मेयर समेत तमाम बड़े अधिकारी घटनास्थल पर हैं। बताया गया है कि अमेरिका का राष्ट्रपति भवन भी इस पर नजर बनाए हुए है। अमेरिका के ट्रांसपोर्ट मंत्री ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है।

गौरतलब है कि जहाज के टकराने से गिरने वाला यह ब्रिज वर्ष 1977 में खोला गया था। इसकी लंबाई 1.6 मील (2.5 किलोमीटर) है। इसका नाम अमेरिका का राष्ट्र गान लिखने वाले फ्रांसिस स्कॉट के नाम पर रखा गया है। माना जाता है वह इसके किनारे बैठ कर रचनाएँ लिखते थे।

चार लेन वाला यह ब्रिज स्टील और कंक्रीट से बना हुआ था। यह एक टोल ब्रिज था। इसकी पूरी जिम्मेदारी मैरीलैंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के पास थी। हालाँकि, जहाज के टकराने के बाद यह नदी में समा गया। यह भी सामने आया है कि इसका कुछ हिस्सा अभी भी बचा हुआ है।

गाड़ी से जा रहे थे चीनी इंजीनियर, विस्फोटक लदा वाहन भिड़ाकर उड़ा दिया: पाकिस्तान में फिदायीन हमले में 6 की मौत, 24 घंटे में दूसरा अटैक

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक बड़ा आत्‍मघाती हमला सामने आया है। धमाका गला जिले के बेशम शहर में चीनी काफिले पर हुआ। इसमें 5 चीनी नागरिक समेत 6 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने विस्फोटकों से भरे वाहन को चीनी नागरिकों की गाड़ी से भिड़ाकर ये हमला किया।

पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया डॉन के अनुसार, गाड़ी में चीनी इंजीनियर बैठे हुए थे, ये सभी इस्लामाबाद से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दासू में जा रहे थे जहाँ एक बाँध बनाने के काम चल रहा था और वहीं चीनी इंजीनियरों ने अपना शिविर बनाया हुआ था।

इस संबंध में क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद अली गंडापुर ने बताया, “हमले में पाँच चीनी नागरिक और उनके पाकिस्तानी ड्राइवर मारे गए।” पुलिस का कहना है कि उन्होंने शवों को अस्पतालों में पहुँचा दिया है। मामले की जाँच हो रही है कि आखिर ये फिदायीन हमलावर आए कहाँ से और कैसे उन्होंने ये हमला किया। अभी तक यही पता चला है कि विस्फोट के बाद गाड़ी खाईं में गिर गई और उसमें आग लग गई।

याद दिला दें कि इससे पहले साल 2021 में एक बस में विस्फोट करके 9 चीनी नागरिकों को मौत के घाट उतारा गया था। उस घटना में 13 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में साल 2022 के नवंबर में दो लोगों को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई गई थी।

बता दें कि पाकिस्तान में यह हमला नौसैनिक हवाई अड्डे पर हमले के कुछ घंटों बाद हुआ। उस घटना में जहाँ एक फौजी के मारे जाने की खबर आई है और 5 हमलावरों को मौत के घाट उतारने की बात कही जा रही है। तो वहीं इस घटना में 5 चीनी नागरिक समेत 1 पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत की बात सामने आई है। कुछ विजुअल्स भी सामने आए हैं जिनमें गाड़ियों से धुआँ निकलता दिखाई दे रहा है। ये हमला किसने किया अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन नौसेना के एयरबेस पर हमला बलोच लिबरेशन आर्मी द्वारा किया गया था।

धार के भोजशाला में ASI का सर्वे जारी, फोटो-वीडियो बनाने पर रोक: हिंदुओं ने की पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा एवं सरस्वती स्रोत का किया पाठ

मध्य प्रदेश के धार जिले में मंगलवार (26 मार्च 2024) को बड़ी संख्या में हिन्दू श्रद्धालुओं ने भोजशाला पहुँच कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ और सरस्वती स्तुति के साथ हवन और आरती हुई। इस बीच हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के आदेश पर भोजशाला का वैज्ञानिक सर्वे जारी है। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की टीम ने लगातार पाँचवें दिन भोजशाला में पहुँचकर साक्ष्य जुटाए। सर्वे के दौरान किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार (26 मार्च 2024) की सुबह से श्रद्धालुओं का भोजशाला में पहुँचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। यहाँ हर मंगलवार को हिन्दू समुदाय के लोग पूजा-अर्चना करते हैं। बताया जा रहा है कि इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा लगभग 4 गुना अधिक है। भोजशाला के गर्भगृह में माता वाग्देवी की तस्वीर रखी गई। फिर यहाँ फूल और अक्षत चढ़ा कर पूजन किया गया। इसके बाद सरस्वती स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ होने के साथ आरती और हवन किया गया।

श्रद्धालुओं में महिलाओं की भी बड़ी तादाद रही। उन्होंने यहाँ भजन गया। श्रद्धालुओं के प्रवेश के दौरान भोजशाला पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए। गेट पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ मेटल डिटेक्टर भी लगाए गए हैं। मुख्य मार्ग पर बैरिकेड किया गया है, जिसमें से एक-एक व्यक्ति को प्रवेश करवाया जा रहा है। दर्शन करने आए लोगों के मोबाइल फोन बाहर ही जमा करवा लिए गए हैं। इस बीच ASI की टीम द्वारा भोजशाला के सर्वे का काम लगातार जारी है।

ASI की टीम ने भोजशाला में मौजूद स्तम्भ पर एक प्राचीन आकृति पर खास रसायन लगाकर उसका स्केच कागज पर लिया। इसी स्तम्भ को खुरच कर इसका हल्का सा मटेरियल भी लिया गया है। श्रद्दालुओं द्वारा ASI की टीम की कार्रवाई का वीडियो बनाकर वायरल ना किया जा सके, इसके लिए भोजशाला में व्यू कटर भी लगवाया गया है। बताते चलें कि ASI की टीम मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के आदेश पर लगातार 5 दिनों से भोजशाला का सर्वेक्षण कर रही है। यहाँ खुदाई के साथ मौजूद साक्ष्यों की कार्बन डेटिंग भी करवाई जा रही है।

बता दें कि भोजशाला 11वीं सदी का एक स्मारक है, जो ASI द्वारा संरक्षित हैं। हिंदू इसे वाग्देवी (माँ सरस्वती) का मंदिर मानते हैं और मुस्लिम इसे कमाल मौलाना मस्जिद कहते हैं। भोजशाला का विवाद दशकों पुराना है, लेकिन साल 2022 में इंदौर हाई कोर्ट में दायर एक याचिका के बाद अब इसमें नया मोड़ आ गया है। याचिका में माँ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करने और पूरे परिसर की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी करवाने की माँग की गई थी।

जिन कंपनियों पर पड़ी ED-CBI की रेड, उन्होंने कार्रवाई के बाद 62% चंदा विपक्षी दलों को दिया: इलेक्टोरल बॉन्ड पर फैक्ट से मेल नहीं खाता विपक्ष का दावा

चुनावी बॉन्ड ने देश की राजनीतिक बहस में कुछ दिनों से प्रमुख स्थान बना रखा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ विपक्षी आरोप लगा रहे हैं कि उसने कॉर्पोरेट घरानों से चंदा लेने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया। हालाँकि, इंडियन एक्सप्रेस के एक विश्लेषण से पता चला है यह आरोप असलियत से कहीं दूर हैं। भाजपा पर लगातार आरोप लगाया कि उसने ED की जाँच राडार पर रहने वाली कम्पनियों से चंदा लिया। हालाँकि, तथ्य इसके विपरीत कहानी दर्शा रहे हैं।

यह विश्लेषण उन 26 कंपनियों के विषय में किया गया है जिन्होंने चुनावी बॉन्ड खरीदे और ED, आयकर विभाग कैसी एजेंसियों के जाँच में आया। इन 26 कम्पनियों में से 16 ने जाँच एजेंसियों के राडार पर आने के बाद ही चुनावी बॉन्ड से चंदा दिया। इसके अलावा, 6 कंपनियों के खिलाफ जाँच जब शुरू हुई तो उन्होंने अपना चंदा बढ़ा दिया।

हालाँकि, इनके द्वारा दिए गए चंदे के विश्लेषण से एक काफी विचित्र तथ्य निकल कर आया है। इन कम्पनियों के चंदे का 37.34% हिस्सा भाजपा को मिला, जबकि बड़ा हिस्सा यानि 62.66 % हिस्सा विपक्षी दलों जैसे कि TMC, JDU, BJD और DMK आदि को मिला।

इसके अलावा, डाटा से पता चलता है कि जाँच के दायरे में आने वाली कम्पनियों से भाजपा को मिला चंदा पहले से ममिल रहे चंदे की लाइन पर ही था। इसके अलावा विपक्षी पार्टियों को भी पैसा मिला, इससे मालूम होता है कि पैसे का बड़ा लेनदेन हुआ है। हालाँकि, इससे निशाने पर लेकर वसूलने वाली बात साबित नहीं होती।

इसके लिए फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स का उदाहरण लिया जा सकता है, यह कम्पनी ED की जाँच का सामना कर चुकी है। जब ED की जाँच इस पर शुरू हुई तब इसने चुनावी बॉन्ड खरीदने चालू किए। फ्यूचर गेमिंग के खरीदे बॉन्ड का बड़ा हिस्सा TMC को मिला, DMK को भी बड़ा हिस्सा मिला। भाजपा को इस कंपनी से चुनावी बॉन्ड चंदे में सिर्फ ₹100 करोड़ मिले। एक और इसी तरह की कम्पनी हल्दिया एनर्जी ने जांच के बाद बांड खरीदे। इस कम्पनी ने TMC और भाजपा, दोनों को चंदा दिया।

सबसे ज्यादा चन्दा देने वाली कम्पनियों का एक पैटर्न भी सामने आया। यह पैटर्न है कि इन कम्पनियों ने जाँच का सामना करने पर अपना चंदा तो बढ़ाया लेकिन यह चंदा भाजपा यानी केंद्र में बैठी पार्टी को ना जाकर विपक्षी पार्टियों के पास गया।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के हवाले से भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस विषय में कुछ बिंदु उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि यहाँ वह डाटा है जो बताता है कि कि आरोप खोखले हैं। 2014-22 के बीच ईडी ने 3,000 छापे मारे थे 3,000 छापों में, एजेंसी की कार्रवाई का सामना करने वाली केवल 26 कंपनियों ने चुनावी बॉन्ड्स खरीदे। इन 26 कंपनियों में से केवल 16 ने एजेंसी की कार्रवाई के “तुरंत बाद” चुनावी बॉन्ड खरीदे।

उन्होंने लिखा कि एजेंसी की की कार्रवाई का सामना करने वाली कंपनियों से बीजेपी को सिर्फ 37% पैसा मिला है। जबकि चुनावी बॉन्ड में भाजपा की कुल हिस्सेदारी 47% है। इसलिए भाजपा को उन कंपनियों से कम पैसा मिला जिन पर छापे मारे पड़े और बाकी उन कम्पनियों से जिन पर छापे पड़े। जिन कंपनियों पर छापे पड़े उन्होंने अपना 63% पैसा विपक्ष को और 37% भाजपा को दिया है। ऐसे में यह वसूली तो नहीं दिखती लेकिन हाँ इससे विपक्ष पर जरुर कुछ प्रश्न उठते हैं।

ऑपइंडिया ने किया चुनावी चंदे का विश्लेषण

चुनाव आयोग द्वारा दिए गए आँकड़ों से साफ़ पता चलता है कि लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन की फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने TMC को ₹542 करोड़, DMK को ₹503 करोड़ दिए। जबकि भाजपा को कंपनी से केवल ₹100 करोड़ मिले। कंपनी ने कुल ₹1,368 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे थे। इसके खिलाफ जाँच जुलाई 2019 में चालू हुई जबकि इसे बॉन्ड अक्टूबर 2019 में खरीदे थे।

फ्यूचर गेमिंग के बाद मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड सबसे अधिक बॉन्ड खरीदने वाली कम्पनी है। इसने ₹1,107 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। इस कम्पनी के विरुद्ध आयकर की जाँच अक्टूबर 2019 में शुरू की गई थी। इस पार्टी से सबसे ज्यादा चन्दा BRS, DMK, YSRCP, TDP और कॉन्ग्रेस के बाद भाजपा को मिला।

इसी तरह एक और कम्पनी हल्दिया एनर्जी ने कार्रवाई से पहले ₹22 करोड़ और कार्रवाई के बाद ₹355 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। इसमें देखने वाली बात यह है कि 2020 में CBI की कार्रवाई से पहले भाजपा को ₹16 करोड़ के बॉन्ड इस पार्टी से मिले और TMC को ₹6 करोड़ के बॉन्ड मिले। जबकि इस कार्रवाई के बाद TMC को ₹275 करोड़ और बीजेपी को ₹65 करोड़ के बॉन्ड मिले।

इसी तरह जिंदल स्टील्स पर अप्रैल 2022 में कार्रवाई हुई। इसने कार्रवाई के बाद ₹123 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। इनमें BJD को ₹100 करोड़ के बॉन्ड मिले, कॉन्ग्रेस को ₹20 करोड़ और भाजपा को सिर्फ ₹3 करोड़ के बॉन्ड मिले। अप्रैल 2022 के बाद जिंदल ग्रुप की अन्य कंपनियों ने भाजपा को ₹72.5 करोड़ के बॉन्ड किए लेकिन फिर भी यह बाकि पार्टियों के चंदे के बराबर नहीं पहुँचा।

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से मामले BRS को सबसे ज्यादा चंदा मिला। जबकि चेन्नई ग्रीन वुड्स से भी BRS को सर्वाधिक चंदा मिला। रश्मी ग्रुप ने BJD और और TMC तथा हेटेरो फार्मा ने BRS को सबसे ज्यादा पैसा दिया। अरबिंदो फार्मा ने BRS, ऋत्विक प्रोजेक्ट्स ने कॉन्ग्रेस, शिरडी साई इलेक्ट्रिकल्स ने TDP को सबसे ज्यादा पैसे दिए। हीरो मोटोकॉर्प, यूनाइटेड फॉस्फोरस, रैमको सीमेंट, वेलस्पन, डिविस लैब्स और एनसीसी के मामले में, बीजेपी को पैसा मिला। इन आँकड़ों से यह साफ़ हुआ कि कम्पनियों से देश की सभी पार्टियों को पैसा दिया।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बॉन्ड स्कीम को रद्द करने के बाद इस विषय में सारी जानकारी को चुनाव आयोग को देने का आदेश दिया गया। चुनाव आयोग ने यह जानकारी अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित की है।

नग्न पैर… घुटनों के बल बैठ कर जाह्नवी कपूर ने चढ़ी एक-एक सीढियाँ, फिर तिरुपति बालाजी के किए दर्शन: ऑरी ने शेयर किया Video, कहा- भगवान के दर्शन के लिए हक कमाना जरूरी

बॉलीवुड अभिनेत्री व श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर ने हाल में अपने रूमर्ड बॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया और दोस्त ऑरी के साथ तिरुपति बालाजी के दर्शन किए। इस पूरी यात्रा का एक छोटा सा व्लॉग ऑरी ने अपने यूट्यूब चैनल पर डाला है।

इस व्लॉग में ऑरी ने दिखाया है कि वो, जाह्नवी कपूर, शिखर पहाड़िया बालाजी जाते हैं। इस दौरान जाह्नवी तिरुपति बालाजी की चढ़ाई पैदल करती हैं और अंतिम पड़ाव में मंदिर की सीढ़ियाँ घुटनों पर बैठकर चढ़ती हैं। उनकी यह वीडियो देखने के बाद लोग उनकी आस्था और श्रद्धा को नमन कर रहे हैं।

वीडियो के बीच में जाह्नवी अपने फैंस से कहती हैं- सबको इस मंदिर में आकर वाइब्स महसूस करनी चाहिए। इसके साथ ही वो कहती है- “भगवान से मिलने का हक कमाना जरूरी है। हम इसे कमाने की कोशिश कर रहे हैं।”

जाह्नवी ने बताया कि वो 50वीं बार तिरुपति बालाजी गईं जबकि शिखर ने बताया कि वो नौंवी बार दर्शन के लिए जा रहे हैं। वहीं ऑरी ने पहली बार मंदिर में भगवान के दर्शन किए। इस यात्रा के दौरान सभी लोग भारतीय परिधान में नजर आए।

पूरे व्लॉग में जाह्नवी ने सूट पहना हुआ था और आखिर में वो साउथ की ड्रेस में दिखीं। वहीं ऑरी ने साउथ वाली लुंगी पहने दिखे लेकिन उसके पारदर्शी होने के कारण उनके शॉर्ट्स साफ नजर आ रहे थे जिसके कारण शिखर ने उनका फ्लाइट में बहुत मजाक बनाया।

गौरतलब है कि जाह्नवी 6 मार्च को 27 साल की हो गई हैं। इस मौके को खास बनाने के लिए वह शिखर और ऑरी के साथ तिरुपति बालाजी गई थीं। वहीं उन्होंने घुटनों पर बैठकर सीढ़ियाँ चढ़ीं। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि इससे वह वह आध्यात्मिक रूप से मंदिर के करीब महसूस करती हैं। इसी ट्रिप के दौरान जाह्नवी भगवान वेंकटेश के दर्शन के लिए भी गईं।

वर्क फ्रंट की बात करें तो जाह्नवी जल्द ही बड़े मियाँ और छोटे मियाँ फिल्म में नजर आने वाली हैं। फिल्म आगामी 11 अप्रैल 2024 को रिलीज होगी। इसके अलावा वह ‘देवरा’ में दिखाई देंगी। उनकी राजकुमार राव के साथ मिस्टर एंड मिसेज भी आने वाली है।