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शराब घोटाले के समय जिस मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे सीएम केजरीवाल, वो हुआ गायब: ED ने बताया- इसके पहले 170 गैजेट हैं लापता

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूछताछ के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कहा कि उन्हें याद नहीं है कि उनका पुराना मोबाइल फोन कहाँ है। इस मोबाइल फोन को सीएम केजरीवाल कथित तौर पर तब इस्तेमाल कर रहे थे, जब दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति तैयार की जा रही थी। उन्हें ED ने गुरुवार (21 मार्च) को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उन्हें 28 मार्च तक ED की हिरासत में भेजा है।

सूत्रों के हवाले से टाइम्स नाऊ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल जिस फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, वह गायब हो गया है। जाँच के शुरुआत से ही ED का कहना है कि इस केस की अहम चीजें नष्ट कर दी गई हैं।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि यह सेल फोन ऐसे गायब होने वाला 171वाँ गैजेटों है। इस मोबाइल फोन में दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति योजना से संबंधित प्रासंगिक जानकारी हो सकती है। केंद्रीय जाँच एजेंसी ED के मुताबिक, इससे पहले 170 मोबाइल फोन का पता नहीं चल सका है।

हालाँकि, ईडी ने 17 फोनों को ट्रैक करने के बाद उनमें से जुटाई गई जानकारी का मिलान किया है। एजेंसी ने आरोपपत्र में मनीष सिसोदिया को आरोपित बनाया है। इस आरोप पत्र में उन 17 मोबाइल फोनों से प्राप्त डेटा को भी शामिल किया गया है। जाँचकर्ताओं का कहना कि सबूत मिटाने के लिए फोन को नष्ट किया जा सकता है।

एजेंसी की चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि अधिकांश जानकारी और सबूत आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल फोन से प्राप्त किए गए थे। एजेंसी का मानना है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें से ज्यादातर ने मई और अगस्त 2022 के बीच अपने लैपटॉप और मोबाइल फोन बदल दिए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय उस फोन से कुछ डेटा हासिल करना चाहता है जिसका इस्तेमाल सीएम केजरीवाल कथित तौर पर शराब नीति मामले के एक अन्य आरोपित समीर महेंद्रू से बात करने के लिए करते थे। माना जाता है कि मुख्यमंत्री ने महेंद्रू से फोन पर बात की थी और उन्हें बताया था कि विजय नायर ‘उनका लड़का’ है और वह ‘उन पर भरोसा कर सकते हैं’।

ईडी की चार्जशीट में AAP के मीडिया प्रभारी विजय नायर पर ‘साउथ ग्रुप’ के लिए मध्यस्थ के रूप में काम करने का आरोप लगाया गया है। इस ग्रुप ने कथित तौर पर दिल्ली में स्पिरिट रिटेल उद्योग में पहुँच हासिल करने के लिए केजरीवाल सरकार को 100 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। दिल्ली की एक अदालत में ED ने 22 मार्च को दावा किया कि केजरीवाल इस घोटाले के प्रमुख साजिशकर्ता हैं।

ED ने अरविंद केजरीवाल पर यह आरोप लगाया है कि वह व्यक्तिगत रूप से पॉलिसी के निर्माण, भुगतान की माँग के साथ-साथ आपराधिक आय के प्रसंस्करण में शामिल थे। हालाँकि, सीएम केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय के इन दावों का खंडन किया है और कहा है कि कोई भी सबूत उन्हें अब बंद हो चुके कार्यक्रम के तहत कथित धोखाधड़ी से नहीं जोड़ता है।

जिस महिला प्रोफेसर का वामपंथी गुंडों ने बनाया था ‘कब्र’, अब लोकसभा चुनाव में वहीं लेफ्ट को पढ़ाएँगी ‘पाठ’: केरल की अलाथुर से BJP ने टीएन सरासू को बनाया उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पाँचवीं सूची जारी की है, उसमें केरल की अलाथुर लोकसभा सीट से रिटायर्ट प्रोफेसर टीएन सरासू (Pr. TN Sarasu) का भी नाम है। वो साल 2016 में रिटायर हुई थी और 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई थी। उनके रिटायरमेंट के समय वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े गुंडों ने कॉलेज परिसर में ‘कब्र’ बना दी थी और उनकी फोटो लगाकर उस पर माला-फूल चढ़ा दिए थे। अब वही टीएन सरासू वामपंथियों के गढ़ में उन्हें चुनौती दे रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रो टीएन सरासू 134 साल पुराने केरल के पलक्कड़ में स्थित सरकारी विक्टोरिया कॉलेज की प्रिंसिपल रह चुकी हैं। वो साल 2016 में जब रिटायर हुई थी, तो वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई से जुड़े गुंडों ने रिटायरमेंट गिफ्ट के तौर पर उनकी ‘कब्र‘ बनाई थी। उनका रिटायरमेंट 31 मार्च 2016 को हुआ था और उसी दिन छात्रों के वेश में वामपंथी गुंडों ने उस हरकत को अंजाम दिया था। तब प्रो टीएन सरासू ने इसे आल केरल गवर्नमेंट कॉलेट टीचर्स एसो के इशारे पर हुआ बताया था। ये एसोसिएशन लेफ्ट विंग से जुड़ा है।

बीजेपी ने रविवार (24 मार्चर 2024) को लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की जो पाँचवीं लिस्ट जारी की है, उसमें प्रो. टीएन सरासू का नाम भी है। टीएन सरासू को वामपंथियों का गढ़ मानी जाने वाली अलाथुर लोकसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा गया है। उनके सामने मौजूदा सांसद और यूडीएफ उम्मीदवार राम्या हरिदास हैं, तो केरल स्टेट देवास्वोम मंत्री और एलडीएफ की कैंडिडेट के राधाकृष्णन से भी पार पाने की चुनौती उनके सामने हैं। उनके मैदान में आने से अलाथुर लोकसभा सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

प्रो टीएन सरासू को उनके कड़क स्वभाव और अनुशासन के कारण जाना जाता है। उन्होंने अपने 27 साल के करियर में विक्टोरिया कॉलेज में सख्त प्रशासक और उदार प्रोफेसर की छवि बनाई थी। हालाँकि साल 2016 में जब उनका रिटायरमेंट आया, तो रिटर्न गिफ्ट के तौर उन्हें उनकी ही कब्र मिली।

‘भाव’ पूछ रही थी सुप्रिया श्रीनेत, कंगना रनौत ने की बोलती बंद: थू-थू के बाद कॉन्ग्रेस नेता की सफाई- मेरा अकाउंट ‘हैक’ हुआ, पैरोडी अकाउंट पर चाहती हैं एक्शन

भाजपा की तरफ से हिमाचल प्रदेश की मंडी से लोकसभा उम्मीदवार घोषित होने के बाद कंगना रनौत के खिलाफ ऑनलाइन गालियाँ देने का अभियान चलाया गया। उनके लिए बेहद अभद्र शब्द इस्तेमाल किए गए। इस पूरे अभियान में कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत भी शामिल रहीं। हालाँकि, बाद में वह बचती नजर आईं।

रविवार (24 मार्च, 2024) को भाजपा द्वारा जारी की गई सूची में अभिनेत्री कंगना रनौत का नाम हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा से घोषित किया गया। कंगना मंडी की ही निवासी हैं। हालाँकि, उनको टिकट मिलने के कुछ घंटों के बाद ही उनको गालियाँ देने और ट्रोल करने का अभियान चालू हो गया।

कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर कंगना की एक फोटो डालते हुए लिखा, “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा?”

सुप्रिया का कंगना पर पोस्ट

सुप्रिया के यह पोस्ट करने के बाद उनकी जम कर आलोचना हुई है। कंगना रनौत ने उन पर प्रश्न उठाते हुए ट्विटर लिखा, “प्रिय सुप्रिया जी, एक कलाकार के रूप में अपने 20 वर्ष के करियर में मैंने हर तरह की महिला की भूमिका निभाई है। क्वीन फिल्म में एक भोली लड़की से लेकर धाकड़ फिल्म में एक जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में एक राक्षसी तक, रज्जो में एक वेश्या से लेकर थलैवी में एक क्रांतिकारी नेता तक।”

उन्होंने आगे लिखा, “हमें अपनी बेटियों को पूर्वाग्रहों के बंधनों से मुक्त करना होगा, हमें उनके शरीर के अंगों के बारे में जानने से ऊपर उठना होगा और सबसे बढ़कर हमें सेक्स वर्कर की चुनौतियों को गाली की तरह उपयोग नहीं करना चाहिए, हर महिला अपनी सम्मान की हकदार है।”

सुप्रिया पर अन्य लोगों ने भी हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “यह भद्दे से भी भद्दा है। सुप्रिया श्रीनेत के कंगना रनौत पर कहे गए शब्द अपमानजनक हैं। सुप्रिया को तुरंत हटाया जाना चाहिए। क्या प्रियंका गाँधी बोलेंगी। क्या खरगे जी उन्हें हटाएँगे।”

सुप्रिया के पोस्ट पर भाजपा नेता तेजिंदर बग्गा ने कहा कि कॉन्ग्रेस का महिला विरोधी चेहरा फिर से सामने आ गया है।

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय भी ने उन पर प्रश्न खड़े किए।

सुप्रिया के इस पोस्ट पर प्रश्न उठाए जाने पर उन्होंने इसे हटा लिया और ट्विटर पर सफाई पेश की। उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट लिख कर अकाउंट का एक्सेस किसी और के हाथ में होने और साथ ही एक पैरोडी अकाउंट पर दोष मढ़ने का प्रयास किया। कुल मिलाकर इस ट्वीट के लिए उन्होंने अकाउंट हैक होने की तरफ इशारा किया।

उन्होंने लिखा, “मेरे मेटा अकाउंट (फेसबुक और इंस्टा) का एक्सेस रखने वाले किसी व्यक्ति ने एक काफी घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट की, जिसे हटा दिया गया है। जो भी मुझे जानता है उसे पता होगा कि मैं किसी महिला के लिए ऐसा कभी नहीं कहूँगी। हालाँकि, मुझे अभी पता चला है कि मेरे नाम से एक पैरोडी अकाउंट ट्विटर पर चलाया जा रहा है, इससे ही पूरी शरारत शुरू हुई और इसकी रिपोर्ट की जा रही है।”

सुप्रिया श्रीनेत की इन टिप्पणियों पर चौतरफा उनकी आलोचना हो रही है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और राष्ट्रीय महिला आयोग से उन पर एक्शन लेने की माँग की जा रही है। पोस्ट डिलीट करके उन्होंने सफाई पेश की है लेकिन लोग पूछ रहे हैं कि आखिर उनके द्वारा ऐसा पोस्ट हुआ ही क्यों।

गिफ्ट लेकर सवाल पूछने पर गई सांसदी, अब लोकसभा चुनाव में ‘राजमाता’ से टक्कर: कृष्णा नगर में बुरी फँसी TMC की महुआ मोइत्रा, जानिए कौन हैं BJP की अमृता रॉय

भाजपा ने पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से राजमाता अमृता रॉय को उम्मीदवार बनाया है। वह तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की उम्मीदवार महुआ मोइत्रा से मुकाबला करेंगी। महुआ को लोकसभा से कदाचार के कारण निकाल दिया गया था। अमृता रॉय को टिकट देकर भाजपा ने इस सीट पर बड़ा दांव खेला है।

अमृता रॉय का नाम भाजपा द्वारा रविवार (24 मार्च, 2024) को जारी की गई सूची में घोषित किया गया है। अमृता रॉय कृष्णा नगर के ही राजपरिवार से सम्बन्ध रखती हैं। वह वर्तमान में कृष्णा नगर की राजमाता हैं। कृष्णानगर सीट पर राजबाड़ी (राजपरिवार) का अच्छा प्रभाव है।

राजमाता अमृता रॉय ने 20 मार्च, 2024 को भाजपा की सदस्यता ली थी। उनसे पार्टी लगातार बातचीत कर रही थी। बताया गया है कि अमृता रॉय की उम्मीदवारी के पीछे जिला यूनिट का हाथ है। जिला भाजपा ने राजमाता से सम्पर्क साध कर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था।

62 वर्षीय अमृता रॉय, सौमिष चन्द्र रॉय की पत्नी हैं। सौमिष चन्द्र रॉय कृष्णानगर की राजबाड़ी के 39वें वंशज हैं। यहाँ इस वंश के कृष्णचन्द्र रॉय का आज भी सम्मान है। वह 18वी शताब्दी में इस वंश के राजा थे। उनको प्रशासनिक सुधारों के लिए जाना जाता है।

राजमाता अमृता रॉय ला मार्टिनियर स्कूल और लोरेटो कॉलेज से पढ़ी हुई हैं और पेशे से एक फैशन कंसल्टेंट रही हैं। अभी तक यहाँ का राजपरिवार राजनीति से दूर रहा है लेकिन अब राजमाता ने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार उनके इस निर्णय में साथ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा इस सीट से किसी ऐसे उम्मीदवार को उतारना चाहती थी जो पहले से जनता के बीच अपनी पहचान रखता हो। राजमाता अमृता रॉय लगातार सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होती रहती हैं। दुर्गा पूजा से लेकर राजपरिवार के कई कार्यक्रमों में वह शामिल रहती हैं।

कृष्णानगर सीट 2009 से ही तृणमूल कॉन्ग्रेस के पास है। 2019 में यहाँ से महुआ मोइत्रा जीती थीं। उन्होंने भाजपा के कल्याण चौबे को हराया था। हालाँकि, हार जीत का अंतर मात्र 5% वोटों का रहा था। भाजपा तब से ही यहाँ अपना संगठन मजबूत करने में जुटी है।

महुआ मोइत्रा की भी छवि पर इस बीच फर्क पड़ा है। वह संसद की आचार समिति द्वारा कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से महंगे गिफ्ट लेकर संसद में प्रश्न पूछने की दोषी पाई गई थीं। उन्हें दिसम्बर, 2023 में संसद से निष्कासित कर दिया गया था। हालाँकि, पार्टी ने उन पर फिर से भरोसा दिखाते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया हिया।

इस्लाम छोड़ हिंदू बनी 23 साल की लड़की, मामा ने मौलाना के साथ मिलकर किया रेप: ट्रेन में नंगा बिठाया, बोली पीड़िता- व्यभिचार का अड्डा है मस्जिद

देश की राजधानी दिल्ली में घर वापसी करके हिन्दू बनी एक लड़की ने अपने रिश्तेदारों के खिलाफ गैंगरेप की शिकायत दर्ज करवाई है। पेशे से मेकअप आर्टिस्ट व फैशन डिजाइनर पीड़िता का दावा है कि उसने एक मस्जिद के मौलाना द्वारा लड़कियों का बलात्कार अपनी आँखों से देखने के बाद इस्लाम छोड़ने का निर्णय लिया था। पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप करने वालों में उसके 4 मामा और एक मौलाना शामिल हैं। बाद में हथियार लेकर बुर्का पहने 4 लड़कों ने पीड़िता को नग्न अवस्था में दिल्ली में छोड़ दिया। घटना 13 मार्च 2024 की है। पुलिस ने 17 मार्च को FIR दर्ज की है।

इस घटना की FIR पुरानी दिल्ली थाना क्षेत्र में दर्ज हुई है। शिकायत में 23 वर्षीया पीड़िता ने बताया है कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की रहने वाली है। फ़िलहाल 3 वर्षों से वह मुंबई में रह कर मेकअप आर्टिस्ट और फैशन डिजाइनिंग का काम करती थी। पीड़िता ने बताया कि उसके अब्बा की मौत साल 2012 में हो चुकी है। घर में माँ और एक जुड़वाँ बहन है। अब्बा के मौत के बाद पीड़िता मुरादाबाद जिले के गाँव दीपपुर में पली-बढ़ी। यह उसके मामा का गाँव है। यहाँ पीड़िता को बचपन में मदरसे में पढ़ाया गया।

शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया है कि मुरादाबाद में उसके नाना अनवर हुसैन और मामा महबूब अली के नाम पर लगभग 350 बीघा जमीन है। नाना और मामा की मौत के बाद पीड़िता की माँ ही इस जमीन की वारिस है। इस जमीन पर पीड़िता की माँ के चचेरे भाई इम्तियाज, इरफ़ान, अफसर और असरार हुसैन की नजर है। इन चारों ने पीड़िता की माँ को लगभग 14 वर्षों से अपने कब्ज़े में कर रखा था। जब पीड़िता को मुंबई में नौकरी मिली तो वो अपनी अम्मी को चारों के चंगुल से छुड़ाकर लगभग 9 माह पहले अपने साथ ले गई।

पीड़िता 29 फरवरी 2024 को अपनी जमीन के कागजात तैयार करवाने मुंबई से मुरादाबाद आई। वह 13 मार्च 2024 को कचहरी से तमाम कागजात निकलवाकर जा रही। इस दौरान पीड़िता के रिश्ते में मामा लगने वाले इम्तियाज, इरफ़ान, अफसर और असरार हुसैन ने रास्ते से उसका अपहरण कर लिया। ये सब पीड़िता को बंधक बनाकर अपने गाँव ले गए। यहाँ इन्होंने पीड़िता को बेल्ट के अलावा थप्पड़ों और लात-घूंसों से बेरहमी से मारा। बाद में चारों ने बारी-बारी पीड़िता से गैंगरेप किया।

शिकायत में आगे आरोप है कि बंधक बनने के ही दौरान चारों आरोपितों के परिचित लतीफ, मौलाना इरफ़ान, हाजी आसिफ और ज़ाकिर आदि भी वहाँ आए थे। इन सभी ने भी पीड़िता से 2 दिनों तक लगातार गैंगरेप किया। पीड़िता को रेप के दौरान उन स्थानों पर मारा गया, जहाँ उसने हिंदू देवता के टैटू बनवा रखे थे। गैंगरेप के बाद आरोपितों ने पीड़िता के सारे कपड़े उतार दिए और नग्न हालत में उसे दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। इस दौरान बुर्का पहने 4 लड़के भी पीड़िता के साथ बैठाए गए, जिनके पास हथियार होने का दावा किया गया है।

ट्रेन पुरानी दिल्ली में रुकी और पीड़िता जैसे-तैसे उसमें से निकलकर भाग कर अपनी जान बचा पाई। दिल्ली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर सभी आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 376 डी, 342, 365 और 34 के तहत कार्रवाई की गई है। घटना क्षेत्र उत्तर प्रदेश का रामपुर होने की वजह से आगे की कार्रवाई के लिए केस को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के थाना शहजाद नगर भेज दिया गया है।

लड़की का आरोप है कि उसे ट्रेन में बिठाने के पीछे पटरी पर फेंक कर मार डालने की साजिश थी। अपनी जान बचाने के लिए पीड़िता ने भगवान कृष्ण का धन्यवाद भी किया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पीड़िता की वकील संगीता तलवार ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सभी आरोपित फरार हैं।

साल भर पहले की थी घर वापसी

पीड़िता के दावे वाले कई वीडियो ऑपइंडिया के पास मौजूद हैं। एक वीडियो में पीड़िता ने दावा किया है कि वो 1 साल पहले घर वापसी करके हिन्दू बन चुकी है। उसने बताया कि उसने अपनी आँखों से नादरबाग की मड़ैया इलाके में स्थित जामिया मस्जिद के इमाम को लड़कियाँ सप्लाई करते और उनके साथ रेप करते देखा था। पीड़िता ने आगे बताया कि उसने इमाम के यहाँ कई कंडोम भी पड़े देखे थे, जिसका उसने वीडियो भी बनाया है।

पीड़िता का यह भी दावा है कि उस गाँव में हिन्दुओं की मौत के बाद उनको जलाने के बजाय दफनाया जाता है। वीडियो में लड़की ने बताया है कि उसने मस्जिद में होने वाले अवैध कामों के खिलाफ भी शिकायत दी है। एक वीडियो में इमाम को हिन्दू धर्म अपनाने वालों के लिए इस्लाम में कड़ी सजा बताते हुए भी सुना जा सकता है। एक अन्य वीडियो में मौलाना को पीड़िता पर तौबा करने के लिए भी कहते सुना जा सकता है।

495 साल बाद जन्मभूमि पर रामलला ने खेली होली, रंगोत्सव में उड़ाया गया स्पेशल गुलाल: देखिए तस्वीरें, अयोध्या और भक्त रंग से सराबोर

अयोध्या में होली इस बार बेहद खास रही। भगवान रामलला ने 495 वर्षों के बाद अपने जन्मस्थान पर भव्य महल में होली खेली। इस दौरान श्रद्धालुओं ने रंगोत्सव मनाया। रंगों का त्योहार ‘रंगोत्सव’ पहली ‘रंगभरी एकादशी’ पर राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद हनुमानगढ़ी मंदिर में भगवान को रंग लगाकर शुरू हुआ। सोमवार (25 मार्च 2024) को होली के मौके पर राम मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे। इस विशेष मौके के लिए विशेष गुलाल भी मँगाया गया था।

अयोध्या में होली की सुबह सबसे पहले मठ मंदिरों में विराजमान भगवान को अबीर गुलाल अर्पित कर होली खेलने की अनुमति माँगी गई। इसके बाद पूरी अयोध्या रंग उत्सव के उल्लास में डूब गई। रामलला के दरबार में पुजारियों ने रामलला के ऊपर पुष्पों की वर्षा कर अपने आराध्य के साथ होली खेली। उनके राग भोग और श्रृंगार के क्रम में उन्हें अबीर गुलाल अर्पित किया गया। 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। पुजारी ने भी रामलला को होली के गीत सुनाए।

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला की पहली होली के दौरान उन्हें खूब सजाया गया। माथे पर गुलाल लगाया गया। रामलला ने होली के मौके पर गुलाबी पोशाक पहनी। वहीं, राम जन्म भूमि परिसर में रामलला के दर्शन को पहुँचे श्रद्धालु भी होली के गीतों पर नाचते, झूमते, गाते नजर आए। इसी तरह पूरी रामनगरी में होली का उल्लास छाया रहा।

रामलला के लिए बनाया गया स्पेशल गुलाल

बता दें कि CSIR-NBRI के वैज्ञानिकों ने 2 खास हर्बल गुलाल तैयार किए थे, जिसमें से एक कचनार से बना है। कचनार से बना गुलाल ही रामलला को लगाया गया। कचनार को त्रेतायुग में अयोध्या का राज्य वृक्ष माना जाता था और यह हमारे आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की सुस्थापित औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल आदि गुण भी होते हैं। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ये गुलाल दिया गया था। उन्होंने इस गुलाल को विशेष बताया था।

‘मंडी में रं&… रेट सही मिलता है’: BJP का टिकट मिलने के बाद कंगना रनौत को गाली दे रहे कॉन्ग्रेसी-इस्लामवादी, नेशनल हेराल्ड की महिला संपादक भी पीछे नहीं

भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से अभिनेत्री कंगना रनौत को उम्मीदवार बनाया है। कंगना को टिकट मिलने के बाद उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है। टिप्पणी करने वालों में कॉन्ग्रेस के पदाधिकारी और इस्लामी नामों वाले अकाउंट हैं।

रविवार (24 मार्च, 2024) को जारी की गई भाजपा उम्मीदवारों की पाँचवी सूची में कंगना रनौत का नाम हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से घोषित किया गया। कंगना रनौत मंडी लोकसभा की खुद निवासी हैं। हालाँकि, उनको टिकट मिलने के बाद सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियों की बाढ़ आ गई।

खुद को नारीवादी और पत्रकार बताने वाली मृणाल पांडे ने एक्स पर लिखा, “शायद यूँ कि मंडी में सही रेट मिलता है?”

मृणाल पांडे का ट्वीट
मृणाल पांडे का ट्वीट

चौतरफा छीछालेदर के बाद कॉन्ग्रेसी मुखपत्र नेशनल हेराल्ड की संपादक मृणाल पांडे ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है।

कॉन्ग्रेस की ही राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के अकाउंट से लिखा गया, “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा?”

यह पोस्ट भी श्रीनेत के अकाउंट से हटा दिया गया है। इस पर सुप्रिया श्रीनेत ने सफाई दी है कि उनके फेसबुक और इन्स्टाग्राम अकाउंट को किसी और का भी एक्सेस था और उसने यह पोस्ट की। उन्होंने कहा है कि वह ऐसा पोस्ट कभी नहीं करती।

गुजरात कॉन्ग्रेस के किसान मोर्चा के संयुक्त संयोजक HS अहीर ने कंगना के बारे में अभद्र शब्द का इस्तेमाल किया।

खुद को मुसलमान बताने वाले एक अकाउंट ने यही शब्द उपयोग किया।

इंडियन मुस्लिम नाम वाले अकाउंट ने भी यही ट्वीट किया

एक और कॉन्ग्रेसी मनीष ने मंडी शब्द के सहारे कंगना पर निशाना साधना चाहा।

कंगना का विरोध करने वालों ने भाषाई स्तर की बिलकुल भी परवाह नहीं की। एक और ट्विटर यूजर ने कंगना की एक फोटो के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

यह पहली बार नहीं है कि ट्रोल किसी को निशाने पर ले रहे हों। लगातार ऐसा होता आया है। कंगना के विरुद्ध ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वह भाजपा से उम्मीदवार बन गई हैं और इससे पहले भी हिन्दुओं के मुद्दों पर मुखर रूप से बोलती रही हैं।

मंडी लोकसभा सीट अभी कॉन्ग्रेस के पास है। हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह इस सीट से सांसद हैं। वह 2021 में यहाँ से उपचुनाव जीत कर सांसद बनी थीं। हालाँकि, उन्होंने अबकी से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। अभी कॉन्ग्रेस ने इस सीट से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। ऐसे में कंगना की राह और भी आसान हो सकती है।

कंगना ने टिकट मिलने के बाद चुनाव तैयारी भी चालू कर दी है। वह अपने क्षत्र में लगातार चुनाव अभियान में जुटी हुई हैं। उन्होंने भाजपा नेतृत्व को टिकट देने के लिए धन्यवाद भी दिया है।

सरकारी कॉलेज के क्लासरूम में मुस्लिम छात्रों ने पढ़ी नमाज, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई: सोलापुर का Video वायरल

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का एक वीडियो रविवार (24 मार्च 2024) को वायरल हुआ, जिसमें कई मुस्लिम छात्रों को एक सरकारी कॉलेज की कक्षा के अंदर नमाज पढ़ते देखा जा सकता है। बताया जाता है कि छात्रों ने रमजान के दौरान 21 और 22 मार्च को सोलापुर के पॉलिटेक्निक गवर्नमेंट कॉलेज में नमाज अदा की थी। ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त वीडियो में मुस्लिम छात्रों का एक ग्रुप क्लासरूम में नमाज पढ़ते दिख रहा है। इसकी शिकायत अन्य छात्रों ने की, लेकिन नमाज पढ़ने वाले छात्रों के खिलाफ कॉलेज प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया।

सूत्रों के मुताबिक, मुस्लिम छात्रों ने शुरुआत में कॉलेज अधिकारियों से रमज़ान की नमाज़ में शामिल होने के लिए कॉलेज परिसर से जल्दी निकलने की अनुमति माँगी थी। हालाँकि, कॉलेज ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें बाहर नहीं जाने दिया। वैसे, ये नियम सभी छात्रों पर लागू होते हैं। इसके बाद इन छात्रों ने क्लासरूम में ही नमाज पढ़ी।

कॉलेज के अन्य छात्रों के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने इस घटना के खिलाफ आवाज उठाई। कार्यकर्ताओं ने संकेत दिया कि अगर नमाज प्रथा बंद नहीं की गई तो वे भी कक्षाओं में हिंदुओं के धार्मिक काम करना शुरू कर देंगे। हालाँकि, अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ऑपइंडिया ने इस घटना के संबंध में एबीवीपी के एक कार्यकर्ता से बात की, जिन्होंने कहा कि आमतौर पर कॉलेज में सांप्रदायिक शांति रहती है, हालाँकि, अब उन्होंने कॉलेज परिसर में नमाज शुरू कर दी है, वह भी बिना अनुमति के, जोकि गंभीर मामला है। कॉलेज फैकल्टी ने भी ऑपइंडिया से घटनाक्रम की पुष्टि की। साथ ही बताया कि अभी तक आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

एक शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “छात्रों ने रमज़ान की नमाज़ में शामिल होने के लिए कॉलेज से जल्दी निकलने की मौखिक अनुमति माँगी थी। कॉलेज का समय आमतौर पर शाम 6 बजे समाप्त होता है। उन्होंने 2 घंटे पहले निकलने की इजाजत माँगी थी। लेकिन, कॉलेज के नियम-कायदों का हवाला देकर अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद छात्रों ने बिना अनुमति के कक्षा में नमाज पढ़ी। ऐसा सिर्फ दो दिन के लिए हुआ। बाद में छुट्टियाँ शुरू हो गईं, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद कॉलेज अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।” हालाँकि उन्होंने कहा कि छात्र छुट्टी पर चले गए हैं।

इस मामले में प्रिंसिपल से भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अभी तक उनका बयान नहीं मिल पाया है। उनके बयान को हम बाद में इस खबर में अपडेट करेंगे। यह समाचार मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है। मूल खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

कोचिंग जा रही हिंदू छात्रा को फराज-फैज ने रोका, ट्यूबवेल पर ले जाकर आमिर संग किया गैंगरेप: लहूलुहान हालत में नग्न मिली पीड़िता, अंबेडकर नगर पुलिस ने तीनों को दबोचा

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में एक हिन्दू लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। यहाँ 20 वर्षीया लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में आमिर, फैज़ और मोहम्मद फ़राज़ को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता को ट्यूबवेल में में बंधक बनाकर भी रखा गया और विरोध करने पर गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए पिटाई की गई थी। लहूलुहान हालात में पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना शनिवार (23 मार्च 2024) की है।

यह मामला अम्बेडकरनगर जिले के थाना क्षेत्र हंसवर का है। यहाँ शनिवार को पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि 23 मार्च को उनकी बेटी साइकिल से हीरापुुर बाजार में कोचिंग पढ़ने के लिए जा रही थी। रास्ते में उनकी बेटी को हंसवर के मुंडेरा गाँव के रहने वाले फैज़ और फराज मिले। इन दोनों ने पीड़िता को जबरन अपनी बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद फराज पीड़िता को सुनसान जगह पर बनी अपनी ट्यूबवेल पर ले गया। यहाँ पर पीछे से आमिर भी पहुँच गया।

आरोप है कि ट्यूबवेल पर आमिर, फराज और फैज़ ने बारी-बारी से पीड़िता से गैंगरेप किया। जब पीड़िता ने इस हरकत का विरोध किया तो उसे गंदी-गंदी गालियाँ दी गईं। बाद में तीनों आरोपितों ने मिलकर पीड़िता की पिटाई भी की। गैंगरेप के बाद फ़राज़ और फैज़ ने पीड़िता को आमिर के साथ ट्यूबवेल में ही अंदर बंद कर दिया। इन दोनों ने बाहर से ताला लगा दिया और भाग निकले। इस बीच घटना की जानकारी पीड़िता के परिजनों को हुई। वो घटनास्थल पर पहुँचे और बाहर से लगा ताला खोला।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, अंदर पीड़िता लहूलुहान हालत में पड़ी थी। कमरे के अंदर ही आमिर भी नग्न अवस्था में मिला। परिजनों के पहुँचने पर पीड़िता ने रो-रो कर आपबीती बताई। शिकायत में तीनों आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की भी माँग की गई है। पुलिस ने आमिर, फैज़ और फराज के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर IPC की धारा 376- डी, 342, 323, 504 व 506 के तहत कार्रवाई की गई है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी मौजूद है। B.Sc सेकेंड ईयर में पढ़ने वाली छात्रा से गैंगरेप के आरोप में पुलिस ने 24 मार्च 2024 (रविवार) को तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी हीरापुर बाजार के पास सुबह 3:40 बजे कहीं भागने की फिराक में थे। पीड़िता की काउंसिलिंग और मेडिकल परीक्षण करवाया गया है। घटना में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

असम में कॉन्ग्रेस को फिर से झटका, 1 और MLA ने छोड़ी पार्टी: कर्नाटक में BJP का कुनबा बढ़ा, जनार्दन रेड्डी पार्टी में वापस

कॉन्ग्रेस को असम में तगड़ा झटका लगा है। कॉन्ग्रेस के एक और विधायक भरत चन्द्र नारा ने राज्य में पार्टी से किनारा कर लिया है। उधर दक्षिण में भाजपा का किला और मजबूत हुआ है। कर्नाटक में KRPP पार्टी का भाजपा में विलय हो गया है। साथ ही इसके विधायक जी जनार्दन रेड्डी पार्टी में शामिल हो गए हैं।

असम के लखीमपुर जिले में नौबोइछा विधानसभा सीट से विधायक भरत चन्द्र नारा ने अपना इस्तीफ़ा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे को लिखा है। इससे पहले उन्होंने राज्य के मीडिया प्रभारी के पद से इस्तीफ़ा दिया था। बताया जा रहा है कि भरत नारा अपनी पत्नी रानी नारा को लोकसभा टिकट ना मिलने से नाराज थे।

भरत की पत्नी रानी नारा लखीमपुर लोकसभा सीट से टिकट माँग रही थी। वह इस सीट से दो बार सांसद भी रह चुकी हैं। वह आखिरी बार इस सीट से 2009 में सांसद चुनी गई थीं। वह UPA सरकार में जनजातीय मामलों की राज्यमंत्री थीं। रानी नारा इस बार फिर से कॉन्ग्रेस के टिकट से लखीमपुर लोकसभा लड़ने की इच्छुक थी।

कॉन्ग्रेस ने इस बार लखीमपुर लोकसभा सीट से उदय शंकर हजारिका को उम्मीदवार बनाया है। वह भाजपा से कॉन्ग्रेस में आए हैं। इसी कारण से नाराजगी में भरत नारा ने कॉन्ग्रेस छोड़ने का निर्णय लिया है। असम में इसी के साथ कॉन्ग्रेस की हालत और खराब हो गई है। इससे पहले भी कई कॉन्ग्रेस विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं।

कर्नाटक में मजबूत हुई भाजपा

जहाँ कॉन्ग्रेस को एक ओर झटके लग रहे हैं वहीं भाजपा लगातार मजबूत हो रही है। कर्नाटक में भाजपा को और मजबूती मिली है। कर्नाटक में कर्नाटक राज्य प्रगति पक्ष (KRPP) के अकेले विधायक और बाहुबली नेता जी जनार्दन रेड्डी ने भाजपा में पार्टी का विलय कर दिया है।

रेड्डी ने अपनी पत्नी और तमाम समर्थकों के साथ भाजपा का दामन थाम लिया है। रेड्डी ने यह भी कहा है कि उन्हें कोई पद नहीं चाहिए। रेड्डी बेल्लारी क्षेत्र का बड़ा नाम हैं। वह कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। रेड्डी के भाई सोमशेखर रेड्डी और करुणाकरण रेड्डी भी विधायक और सांसद रह चुके हैं।

रेड्डी ने कहा कि उन्होंने भाजपा में शामिल होने को लेकर अपने समर्थकों से बातचीत की थी। उनके समर्थक उनके साथ हैं। रेड्डी के पार्टी में शामिल होने के समय कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेन्द्र और बी एस येदिरुय्प्पा भी मौजूद रहे।