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आगरा में होली खेल रहे लोगों पर हमला, औरतें भी थीं शामिल: दावा- ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रही थी हमलावर भीड़, हारून-साजिद सहित 34 नामजद

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सोमवार (25 मार्च 2024) को होली खेल रहे हिन्दुओं पर मुस्लिम भीड़ द्वारा हमले की खबर है। कहा जा रहा है कि हमलावरों में महिलाएँ भी शामिल थीं। हमले के दौरान धारदार हथियार प्रयोग किए गए और होलिका माता को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। इस हिंसा में 2 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने 34 नामजदों के साथ 40-50 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

घटना आगरा के थाना क्षेत्र रकाबगंज की है। यहाँ के रहना वाले विश्वजीत पात्रा नाम के व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में कहा गया है कि दोपहर 2 से 2:30 के बीच कुतुलपुर इलाके के ईदगाह एसआर हॉस्पिटल के सामने वाली गली में कुछ लोग होली खेल रहे थे। तभी मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। हमले के दौरान पत्थरबाजी की गई। हमलावरों के हाथों में धारदार हथियार, लाठी और डंडे थे। हिंसक भीड़ द्वारा ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने की बात भी कही जा रही है।

अचानक हुए इस हमले से अफरातफरी मच गई। भीड़ के शिकार विश्वजीत और मिथुन नाम के 2 व्यक्तियों को चोटें आईं। इनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। हमलावरों में जमील, सलीम, रहीस, शौकत, बंटी, भइये, ईशाद, चाँद, चमन और उसके घर की औरतें, शाहीन, शहीद, हारून और उसके 2 भाई, इमरान, आसिन, पप्पन, शिक्की, रहमानी और उसके बेटे, गोश्त वाले हारून, इमरान, शकील, शमीम, आमिर, रिहान, आरिफ, चाँद मोहम्मद, टारजन, फतोले, बॉबी, गुड्डू और चाय वाले साजिद आदि नामजद किए गए हैं। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

नामजद आरोपितों के अलावा FIR में 40-50 अज्ञात हमलावरों का भी जिक्र है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ IPC की धारा 147, 148, 336, 352, 324 और 295- A के तहत कार्रवाई की है। घटना की जानकारी मिलते ही हिन्दू संगठनों के सदस्य थाने पहुँचे। उन्होंने सभी आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि इन्ही हमलावरों ने दीपावली पर भी हिन्दुओं पर हमला किया था। बजरंग दल पदाधिकारियों का आरोप है कि हिन्दुओं को मुस्लिमों द्वारा अलग-अलग दस्ते बना कर पीटा गया है। उन्होंने इसे सोची-समझी साजिश करार दिया।

दारू घोटाले में K कविता को नहीं मिली जमानत, दिल्ली की अदालत ने 9 अप्रैल तक के लिए भेजा जेल: ED ने कहा- आरोपितों से आमना-सामना बाकी

दिल्ली की अदालत ने तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की बेटी और बीआरएस की नेता के. कविता को 9 अप्रैल 2024 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कविता को गिरफ्तार किया था। रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद ED ने कविता को कोर्ट में पेश किया था।

रिमांड की अवधि समाप्त होने पर ED ने मंगलवार (26 मार्च 2024) को कविता को न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किया। कोर्ट ने ईडी के आवेदन को स्वीकार करते हुए कविता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बता दें कि कविता ने अपने बेटे की परीक्षा को आधार बनाकर कोर्ट से अंतरिम जमानत की माँग की थी।

प्रवर्तन निदेशालय ने राऊज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि रिमांड अवधि के दौरान कविता का बयान दर्ज किया गया, उनसे पूछताछ की और कई व्यक्तियों और डिजिटल रिकॉर्ड से उसका सामना कराया गया। सुनवाई के दौरान जज ने जाँच अधिकारी को निर्देश दिया कि वह आरोपित से आगे की पूछताछ और आमना-सामना देरी किए बिना कराएँ।

अदालत ने कविता की अपने पति, बेटे, भाई, बहन, भाभी तथा अपने निजी सहायक (पीए) सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने की अर्जी भी मंजूर कर ली। कविता ने घर का बना खाना खाने की अनुमति भी माँगी थी। एक अलग अर्जी में उन्होंने कहा था कि उनकी चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए इसकी इजाजत दी जाए।

अदालत में पेशी के लिए पहुँची कविता ने मीडिया से कहा, “यह मनी लॉन्ड्रिंग केस नहीं है, यह पॉलिटिकल लॉन्ड्रिंग केस है। एक आरोपित ने भाजपा ज्वॉइन कर लिया तो दूसरे आरोपित को भाजपा का टिकट मिल गया। एक आरोपित ने इलेक्टोरल बान्ड के जरिए करोड़ों रुपए भाजपा को दिए। ये झूठा मुकदमा है और हम इसमें निर्दोष साबित होंगे। जय तेलंगाना।”

इससे पहले 23 मार्च 2024 को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने भारत राष्ट्र समिति की नेता कविता की ED रिमांड 26 मार्च 2024 तक बढ़ाई थी। तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य 46 वर्षीय कविता को ED ने हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित उनके आवास से 15 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह जेल में हैं।

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि कविता ‘साउथ ग्रुप’ का हिस्सा थीं। इस ग्रुप ने 2021-22 के लिए दिल्ली आबकारी नीति के तहत शराब कारोबार के लाइसेंस के बदले में दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को 100 करोड़ रुपए की रिश्वत दी थी। हालाँकि, यह नीति अब रद्द की जा चुकी है।

भारत की कॉपी कर हम कर सकते हैं विकास, उनके कारण ही हिंद महासागर में तरक्की: श्रीलंका के राष्ट्रपति, पूछा- यदि जीरो नहीं देता तो दुनिया कहाँ होती

श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि भारत की वजह से हिन्द महासागर क्षेत्र में तेज तरक्की होती रहेगी। उन्होंने भारत की डिजिटल पेमेंट में उपलब्धियों की भी प्रशंसा की। उन्होंने भारत में शून्य की खोज को लेकर भी बात की। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने यह बातें एक कार्यक्रम में कहीं।

राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे कोलम्बो में आयोजित डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर मीट को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम कोलम्बो में स्थित भारतीय दूतावास और श्रीलंका के तकनीक मंत्रालय ने मिल कर आयोजित करवाया है।

राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा, “भारत ने शून्य की खोज की, दुनिया आज कहाँ होती अगर शून्य की खोज भारत ने नहीं की होती। हम उस बात की कॉपी करेंगे जो भारत ने किया है। इससे हमें अपने विकास में 4-5 वर्षों की बढ़त मिलेगी।”

उन्होंने कहा कि डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में वह आगे बढना चाहते हैं। ऐसे में भारत इसके लिए सबसे अच्छा सहयोगी होगा। उन्होंने कहा कि वह अपने देश में डिजिटल पब्लिक इन्फ्रा को बढ़ाने के लिए भारत की मदद लेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत उनका सहयोग करेगा।

भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर भी उन्होंने बात की। उन्होंने कहा, “श्रीलंका को एक अच्छी अर्थव्यवस्था बनना होगा। हम उस इलाके में हैं जो अगले दशकों में तरक्की का केंद्र होगा, यह बदलाव जापान और चीन की तरफ से हिन्द महासागर में होगा। भारत इस दौरान तेज तरक्की करेगा और श्रीलंका इसके पास में होगा।”

राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति से फायदा लेने की बात कही है। उन्होंने श्रीलंका में IIT का नया कैम्पस बनाने के लिए भारत को धन्यवाद दिया और इसे भी सहयोग का एक क्षेत्र बताया। उन्होंने यह भी कहा कि जब हमें सहायता चाहिए थी तो भारत सबसे अच्छा सहयोगी निकल कर आया। भारत का भुगतान सिस्टम UPI वर्तमान में श्रीलंका में भी चलता है। भारत श्रीलंका को उसका खुद का डिजिटल इन्फ्रा बनाने में भी सहायता कर रहा है।

गौरतलब है कि भारत श्रीलंका को आर्थिक सहायता से लेकर अन्य कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहा है। श्रीलंका में 2022 के दौरान भारी आर्थिक संकट आया था जिसके बाद भारत ने 4.8 बिलियन डॉलर (लगभग ₹40,000 करोड़) का कर्ज और तेल, राशन तथा दवाइयाँ दी थी। भारत श्रीलंका को आर्थिक स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज पाने में भी सहायता कर रहा है। भारत, आर्थिक संकट के बाद से श्रीलंका के साथ खड़ा है।

सुप्रिया श्रीनेत पर FIR की तैयारी, हिमाचल के पूर्व CM बोले- मातृ शक्ति का अपमान कॉन्ग्रेस का काम: पैरोडी अकाउंट पर BJP का दावा- एक ही हैं दोनों के एडमिन

हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को प्रत्याशी बनाया तो कॉन्ग्रेस अपने ओछेपन पर उतर आई। पार्टी की महिला नेता सुप्रिया श्रीनेत के अकॉउंट से उनके लिए बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। जब विवाद हुआ तो कॉन्ग्रेस महिला नेता ने सफाई दी कि उन्हें उस पोस्ट की जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक जिन लोगों के पास उनके अकॉउंट का एक्सेस है उनमें से किसी ने ऐसी हरकत की थी। हालाँकि भाजपा उनकी सफाई और माफी से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने इस मामले में FIR दर्ज करने को कहा है।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा- “सुप्रिया श्रीनेत ने बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और भद्दी टिप्पणी की है। इसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और उनको ये मालूम नहीं है कि हिमाचल देवभूमि के नाम से जाना जाता है और मंडी को ‘छोटा काशी’ कहते हैं। यहाँ 300 से ज्यादा मंदिर है। ऐसी जगह के बारे में ऐसे शब्द करना बहुत बड़ी गलती की है।”

उन्होंने सुप्रिया श्रीनेत की सफाई पर हैरानी जताई कि इतने गंभीर मामले पर वो कैसे सफाई दे रही हैं। उन्होंने पूछा कि अगर ये हरकत किसी और की है तो क्या उसपर एक्शन लिया गया।

उन्होंने इस टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वो इस मामले को कानूनी रूप से देख रहे हैं और मामला दर्ज करवाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा जो टिप्पणी सुप्रिया श्रीनेट ने की है, उन्होंने भले ही उस पर माफी माँग ली है, लेकिन ये कॉन्ग्रेस की आदत बन गई है। ये सिर्फ महिलाओं का अपमान करना, मातृ शक्ति का अपमान करना और बार-बार ऐसी हरकत करते रहना जानते हैं। इनकी आदत को ठीक करने की जरूरत है। उनकी इस हरकत से मंडी के लोग नाराज हैं इसका खामियाजा कॉन्ग्रेस को भुगतना पड़ेगा।

वहीं भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस मामले पर सवाल उठाया कि अगर उनके अकॉउंट से पैरोडी अकॉउंट की चीजें पोस्ट हो रही हैं तो इसका साफ मतलब है कि दोनों के अकॉउंट एक हैं। उनके अलावा कई बीजेपी नेताओं ने इस मुद्दे पर कॉन्ग्रेस की और सुप्रिया श्रीनेत की निंदा की है।

बता दें कि सुप्रिया श्रीनेत के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी कार्रवाई की माँग की है। इस बीच श्रीनेत ने वीडियो पोस्ट कर कहा, “मेरे मेटा अकाउंट (फेसबुक और इंस्टा) का एक्सेस रखने वाले किसी व्यक्ति ने एक काफी घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट की, जिसे हटा दिया गया है। जो भी मुझे जानता है उसे पता होगा कि मैं किसी महिला के लिए ऐसा कभी नहीं कहूँगी। हालाँकि, मुझे अभी पता चला है कि मेरे नाम से एक पैरोडी अकाउंट ट्विटर पर चलाया जा रहा है, इससे ही पूरी शरारत शुरू हुई और इसकी रिपोर्ट की जा रही है।”

गौरतलब है कि रविवार (24 मार्च, 2024) को अभिनेत्री कंगना रनौत को भाजपा ने हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया था। कंगना रनौत के चुनाव प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों और ट्रोल का अभियान चलाया गया था।

कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर कंगना की एक फोटो डालते हुए लिखा, “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा?” इसके बाद ये पूरा विवाद शुरू हुआ।

ED कस्टडी से ऑर्डर ‘भेज’ केजरीवाल ने मंत्री आतिशी को फँसाया? बीजेपी ने कहा- दर्ज हो FIR, सौरभ भारद्वाज बोले- अब हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए आया है CM का आदेश

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत से मंगलवार (26 मार्च 2024) को एक बार फिर आदेश जारी किया। इस बार उन्होंने निर्देश दिया है कि मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त दवाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इस बार की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दी है। इसके पहले सीएम केजरीवाल ने दिल्ली में गर्मी को को देखते हुए पानी के टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था करने का आदेश दिया है।

दरअसल, दिल्ली शराब नीति घोटाले में ED द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद सीएम केजरीवाल ने कहा था कि वे जेल से ही सरकार चलाएँगे। इसके बाद उन्होंने रविवार (24 मार्च 2024) को अपना पहला आदेश जारी किया था। यह निर्देश जल मंत्रालय से संबंधित था। उन्होंने मंगलवार को दूसरा निर्देश जारी किया, जो सौरभ भारद्वाज के स्वास्थ्य मंत्रालय से संबंधित है। इसको लेकर भाजपा हमलावर है।

भाजपा जेल में होने के कारण अरविंद केजरीवाल से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की माँग कर रही है। भाजपा ने मंगलवार (26 मार्च 2024) को सीएम केजरीवाल के इस्तीफे की माँग को लेकर दिल्ली सचिवालय की ओर विरोध मार्च निकाला। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछारें कीं।

इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘अरविंद केजरीवाल इस्तीफा दो’, ‘इस्तीफा दो इस्तीफा दो, केजरीवाल इस्तीफा दो’, ‘गली-गली में शोर है केजरीवाल चोर है’ के नारे लगाए। हालाँकि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस्तीफा देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। वे पहले ही कह चुके हैं कि जेल से सरकार चलाएँगे।

उधर, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी के मुखिया और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चिट्ठी को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और ED से शिकायत की है। उन्होंने इस चिट्ठी को गैरकानूनी, असंवैधानिक और मुख्यमंत्री कार्यालय का दुरूपयोग बताया है।

सिरसा ने कहा, “आज मैंने दिल्ली के उपराज्यपाल और प्रवर्तन निदेशालय को आतिशी जी और उनके साथियों के खिलाफ कंप्लेन की है। इन्होंने मुख्यमंत्री जी के नाम से एक अवैध चिट्ठी दिखाई और ये कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री का ऑर्डर है। इस ऑर्डर को मुख्यमंत्री जी ने ED की कस्टडी में जेल में रहते हुए ये ऑर्डर पास किया है। ये पूरी तरह से गैर-कानूनी और असंवैधानिक था।”

उन्होंने आगे कहा, ये मुख्यमंत्री कार्यालय का पूरी तरह दुरूपयोग है। ये आपराधिक साजिश है दिल्ली के लोगों के साथ, दिल्ली के मुख्यमंत्री के दफ्तर के साथ। दिल्ली के लोगों की चुनी हुई सरकार के द्वारा अपने मुख्यमंत्री के पद का दुरूपयोग किया जा रहा है। ED की कस्टडी में रहते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोई ऑर्डर नहीं पास कर सकते। इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है।”

सिरसा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल के नाम से जो ये गलत काम किया गया है, मैंने उपराज्यपाल जी से आग्रह किया है कि तुरंत इसकी इंक्वायरी की जाए और मुकदमा दर्ज की जाए। मुख्यमंत्री जी का ऑफिस गैर-कानूनी तरीके से चलाने में, उसे हाईजैक करने में, आपराधिक साजिश रचने में आतिशी जी और जो-जो लोग इन्वॉल्व थे उन्हें एक्सपोज किया जाए।”

बता दें कि सीएम केजरीवाल के ऑर्डर को लेकर दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था और कहा था कि सीएम केजरीवाल ने जेल से एक निर्देश दिया है। टाइप की हुई एक चिट्ठी दिखाते हुए उन्होंने कहा था कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के लोगों को लेकर जेल में रहते हुए भी चिंतित हैं।

इस कथित नोट में लिखा था, “मुझे पता चला है कि दिल्ली के इलाकों में पानी और सीवर की काफी समस्या हो रही है। इसको लेकर मैं चिंतित हूँ। चूँकि मैं जेल में हूँ, इस वजह से लोगों को जरा भी तकलीफ नहीं होनी चाहिए। गर्मियाँ आ रही हैं। जहाँ पानी की कमी है, वहाँ उचित संख्या में टैंकरों का इंतजाम कीजिए। मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारियों को आदेश दीजिए ताकि जनता को किसी तरह की परेशानी ना हो।”

नोट में आगे लिखा था, “जनता की समस्याओं का तुरंत और समुचित समाधान होना चाहिए। जरूरत पड़ने पर उपराज्यपाल महोदय का भी सहयोग लें। वे भी आपकी मदद जरूर करेंगे।” आतिशी ने बताया था कि सीएम केजरीवाल ने यह नोट अपने वकील के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा था। बता दें कि सीएम केजरीवाल को 28 मार्च तक ईडी की रिमांड पर हैं।

‘ह#@म की औलाद… रोजा नहीं रख पाई’ : सोहा अली खान को होली खेलता देख इस्लामी कट्टरपंथियों का फूटा गुस्सा, पूरे खानदान को दी गाली

बॉलीवुड अभिनेत्री और सैफ अली खान की बहन सोहा अली खान को होली खेलने के कारण ट्रोल होना पड़ा। इस्लामी कट्टरपंथी उनके डाले पोस्ट पर उन्हें उलटा-सीधा बोलते दिखे। उनसे पूछा गया कि वो मुस्लिम घर में जन्म लेकर रमजान में होली कैसे मना रही हैं।

दरअसल, सोहा ने अपने इंस्टा पर अपने पति कुणाल खेमू और अपनी बच्ची के साथ होली खेलने की रील शेयर की। इस रील में उनके साथ परिवार के अन्य लोग भी थे। सब एक दूसरे पर रंग डालते हुए होली, पानी डालते हुए होली खेल रहे थे।

इसके कैप्शन में उन्होंने लगा, “मुझे खुशी से रंग लगाओ क्योंकि होली है।” उनकी यह पोस्ट देख लोगों ने उन्हें होली की शुभकामनाएँ दीं। वहीं दूसरी ओर इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें भद्दी बातें कहते दिखे।

उन्हें कहा गया, “रमजान में तुमसे रोजा नहीं रखा जाता, लेकिन होली खेल लेती हो।” इसी तरह एक यूजर ने कहा, “तुम्हारे अब्बा ने काफिर से निकाह करके वैसे ही परिवार बर्बाद कर दिया और उसका नतीजा तुम और तुम्हारे भाई-बहन हैं जो इस्लाम से दूर हैं। उन्हें इसका जवाब कब्र में देना होगा।”

हैदर नाम के यूजर ने कहा- “वाह, तुम तो मुशरीक हो गईं। छोटी बच्ची को भी बना रही हो। तुम्हें तुम्हारे दादा और अल्लाह को कयामत के समय जवाब देना होगा।”

एक अन्य यूजर ने कहा- “तुम्हारे पास अब भी मौका है तौबा करने का वरना तुम्हें तुम्हारे किए का पछतावा होगा। अल्लाह के पास लौट जाओ। अपने मजहब को समझो।”

इसके अलावा सोहा अली के पोस्ट पर उन्हें मुस्लिम नाम रखने के लिए कोसा गया। उन्हें बेशर्म आदि कहा गया। उनसे कहा गया कि उनका फर्ज रमजान रखने का था न कि होली खेलने का। स्क्रीशॉट्स में उन्हें- हर@म की औलाद तक कहा गया।

बता दें कि ये पहली बार नहीं है कि मुस्लिम हीरो/हीरोइन को हिंदू त्योहार बनाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा घेरा जाता है। ऑपइंडिया ने हाल में रिपोर्ट किया था कि कैसे सारा अली खान को मंदिर जाने पर ट्रोल किया जाता है और शाहरुख खान के गणेश चतुर्थी मनाने पर उनकी ट्रोलिंग होती है।

मोदी सरकार को घेरने चले थे जयराम रमेश, स्मृति ईरानी ने फैक्ट रख कर दिया नंगा: बताया- निर्भया फंड का एक पैसा खर्च नहीं की UPA सरकार

केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस सांसद जयराम रमेश को करारा जवाब दिया है। जयराम रमेश ने उनके मंत्रालय की आलोचना में एक लंबा पोस्ट लिखा था। मंत्री ईरानी ने भाजपा सरकार की उप्ल्बधियाँ और UPA की कमियाँ गिना दी।

कॉन्ग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोमवार (25 मार्च, 2024) को एक्स (ट्विटर) पर एक लंबा सा पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार में 10 वर्षों में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने काम नहीं किया। उन्होंने इसके नीचे तमाम मुद्दे गिनवाए जिसमें आंगनबाड़ी सेविकाओं से लेकर NCRB के आँकड़े थे।

उनके इस दावे को केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ध्वस्त कर दिया। उन्होंने ट्विटर पर ही जवाब देते हुए लिखा, “जब मूर्ख दूसरों को मूर्ख बनाने का प्रयास करते हैं तो वह खुद की मूर्खता का ज्यादा प्रदर्शन करते हैं। एक दरबारी एक राजकुमार की बड़ाई के चक्कर में अपनी ही नाकामी प्रदर्शित कर दी।”

इसके बाद केन्द्रीय मंत्री ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के कामों को गिनाया। उन्होंने बताया कि महिलाओं के विशेष रूप से स्थापित किए गए निर्भया फंड का एक रुपया भी 2014 में UPA सरकार के अंत तक खर्च नहीं किया गया था। मंत्री ईरानी ने बताया कि मोदी सरकार में निर्भया फंड से 40 प्रोजेक्ट चालू हुए हैं। इसके लिए ₹7215 करोड़ का आवंटन हुआ है।

उन्होंने जयराम रमेश पर हमला बोलते हुए कहा कि UPA सरकार में एक इमरजेंसी हेल्पलाइन भी नहीं जारी की जा सकी थी। उन्होंने कहा कि जबसे 2015 में निर्भया हेल्पलाइन बनी है, तब से इससे 70 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता मिली है। इसके अलावा भी उन्होंने कई प्रोजेक्ट गिनाए।

केन्द्रीय मंत्री ईरानी ने आगे बताया कि 2014-15 के बाद महिलाओं के लिए जारी किया जाने वाला बजट काफी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान बजट में 215% की वृद्धि हुई है। उन्होंने कई योजनाओं के बढ़ाए गए बजट के आँकड़े सामने रखे।

जयराम रमेश ने आंगनवाडी कार्यकार्ताओं की हालत पर भी प्रश्न उठाए थे। केन्द्रीय मंत्री ईरानी ने बताया कि सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹1500 बढ़ाया है। उन्होंने आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के हितों को लेकर किए गए और भी काम गिनाए जिसमें पीएम गरीब कल्याण योजना और आयुष्मान योजना में इनका शामिल किया जाना था।

केन्द्रीय मंत्री ईरानी ने स्पष्ट किया कि बीते कुछ सालों में महिलाओं की देश की वर्कफोर्स में भी वृद्धि हुई है। मुद्रा लोन जैसी योजनाओं की सबसे बड़ी लाभार्थी वही हैं। स्मृति ईरानी ने राहुल गाँधी का नाम लिखे बगैर उन्हें राजकुमार बताया और कहा कि वह जमीन से अपना सम्बन्ध खो चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री के जवाब के बाद जयराम रमेश ने इस विषय पर कोई ट्वीट नहीं किया।

हिंदुत्व को किया बदनाम, भारत विरोधी प्रोपगेंडा फैलाना है काम… जानें कौन हैं द गार्जियन के छँटे हुए पत्रकार, जिन्हें मिली थी काजल हिंदुस्तानी के इंटरव्यू की जिम्मेदारी

साल 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले वामपंथी अखबार ‘द गार्जियन’ हिंदूवादी कार्यकर्ता काजल हिंदुस्तानी के पीछे इंटरव्यू के लिए हाथ धो कर पड़ा था। इसकी जानकारी हाल में काजल के ट्वीट से हुई। अजीब बात ये है कि इस इंटरव्यू को लेने की जिम्मेदारी हिंदूविरोधी पत्रकारिता के लिए कुख्यात तीन पत्रकारों को सौंपी गई थी, जो कि मार्च से पहले यानी लोकसभा चुनाव से पहले इसे निपटाना चाहते थे।

काजल हिंदुस्तानी ने इस मामले की जानकारी ‘द गार्जियन’ की दक्षिण एशियाई संवाददाता हन्ना एलिस-पीटरसन के ट्वीट पर जवाब देते हुए दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “प्रिय बहन। पहली बात तो, मेरे पास वे चैट हैं जहाँ मुझे बताया गया था कि आपकी टीम UK से उड़ान भर रही है। मुझे ये नहीं बताया गया कि आप भारत में ही हैं। दूसरी बात, तुम मार्च तक ही मेरा इंटरव्यू लेने के लिए क्यों आतुर हो? तीसरा, मैं फिर भी तैयार थी लेकिन आपकी हड़बड़ी से मुझे लगा कि कुछ गलत हो रहा है और अब आपकी हिंदुओं पर कवरेज देख समझ आ रहा है कि ऐसा क्यों?”

गौरतलब है कि काजल हिंदुस्तानी हिंदुओं के मुद्दे जैसे लव जिहाद आदि पर आवाज उठाती रही हैं वहीं द गार्जियन हमेशा से हिंदुओं का पक्ष दबाने का काम करता रहा है। जिन तीन पत्रकारों को काजल का इंटरव्यू लेने की जिम्मेदारी दी गई थी वो भी काजल हिंदुस्तानी की सोच के विरोधी रहे हैं, फिर उन्हें उनका इंटरव्यू किस मकसद से लेना था ये बात समझ से परे है।

बता दें कि काजल हिंदुस्तानी के इंटरव्यू के लिए जिन तीन पत्रकारों को चुना गया था, उनके नाम- हन्ना एलिस-पीटरसन, अहमर खान और क्यारी इवेंजेलो है। ये सभी भारत के खिलाफ प्रोपगेंडा चलाने में पीछे नहीं रहे है।

जनवरी 2020 में जब पूरी भारत में CAA विरोधी हिंसक प्रदर्शन हो रहे थे तब हन्ना एलिस-पीटरसन ‘द गार्जियन’ में सीएए के बारे में आधी-अधूरी जानकारी डालने में व्यस्त थीं। नीचे स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं कि उनका ध्यान दुनिया को ये दिखाने पर रहा है कि भारत के मुस्लिमों की कितनी दयनीय स्थिति है। उनका ध्यान कभी बांग्लादेश, अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों पर होते अत्याचार पर नहीं गया।

Screengrab of the tweets by Hannah Ellis-Petersen

कर्नाटक से उठा स्कूल में हिजाब बैन का मामला हो या अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के समय नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास, वामपंथी पत्रकार किसी भी मामले में हिंदुओं को बदनाम करने में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने तो साल 2020 में हुए दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों में इस्लामी कट्टरपंथियों के जुर्म को धो-पोंछने का काम किया था। हन्ना एलिस-पीटरसन ने ‘द गार्जियन’ के लिए कई भड़काऊ लेख भी लिखे हैं।

इन सभी के अतिरिक्त इसी वामपंथी पत्रकार ने साल 2022 में इंग्लैंड के लेसिस्टर शहर में भड़की हिंसा को भी ‘हिंदू राष्ट्रवाद’ से बिना किसी सबूत के जोड़ दिया था। हालाँकि, बाद में उनके हिंदूफोबिक रिपोर्टिंग की पोल खुली जब इस मामले में सेंटर फॉर डेमोक्रेसी, प्लुरलिज्म एंड ह्यूमन राइट्स (सीडीपीएचआर) ने पुलिस वर्जन और गवाहों से की बातचीत पर रिपोर्ट बनाई। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि इस्लामी समूहों ने लेसिस्टर में भ्रामक अफवाह उड़ाई थी और इस हिंसा में हिंदुओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ था, उन्हें ढूँढ-ढूँढकर टारगेट किया गया था, जिसके कारण कई ने पलायन भी कर डाला।

हन्ना एलिस-पीटरसन का दुष्प्रचार केवल हिन्दू विरोधी और मज़हबी चरमपंथ को ढँकने तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने तो अपने एक लेख में बिना किसी सबूत के कुंभ मेले में आए हिंदू श्रद्धालुओं तक को ‘कोविड सुपरस्प्रेडर्स’ बता डाला था, जबकि इन्हीं वामपंथी पत्रकार ने कोविड-19 के तब्लीगी जमात के सदस्यों को क्लीन चिट दे डाली थी।

पत्रकार ने ‘डॉक्यूमेंट क्रॉपर’ बने और राफेल सौदे के बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए कुख्यात एन राम ने भारत में कोविड-19 को ले कर भ्रम फैलाने वाली इन खबरों की साल 2021 में खुल कर तारीफ की थी।

‘लव जिहाद’ पर भ्रम फैलाने वालों में द गार्जियन का दूसरा पत्रकार भी

काजल हिंदुस्तानी के इंटरव्यू के प्रयास में जुटे द गार्जियन के दूसरे पत्रकार का नाम अहमर खान है। अहमर खान CAA को ले कर अफवाह उड़ाने, मोदी सरकार को मुस्लिम विरोधी घोषित करने और हर्ष मंदर जैसे वामपंथी लोगों का समर्थन व्यक्त करने के लिए जाना जाता है।

Screengrab of the tweets by Ahmer Khan

इसके अलावा अहमर खान की खासियत यह भी है कि वो लव जिहाद के मामलों में पहचान छिपाकर हिंदू लड़कियों को धोखे से प्रेम में फँसाने, फिर उनका जबरन धर्मांतरण करवाने वाले आरोपित आरोपित का खुलकर बचाव करते हैं। उनके लिए लव जिहाद जैसी कोई चीज नहीं है, ये बस एक साजिश है। उन्होंने इस पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है।

उनके द्वारा शूट हुईं कुछ डॉक्यूमेंट्री के नाम ‘भारत के उत्तर प्रदेश में लव जिहाद’, ‘द हिंदू एक्सट्रीमिस्ट्स एट वॉर विद इंटरफेथ लव’ और ‘लव जिहाद: भारत की घातक धार्मिक साजिश का सिद्धांत’ शामिल हैं।

अक्टूबर 2021 में अहमर ने लव जिहाद को लेकर एक ट्वीट भी किया था। उन्होंने लिखा, “हमने भारत में अंतरधार्मिक प्रेम के साथ युद्धरत हिंदू कट्टरपंथियों की डॉक्यूमेंट्री बनाने में कई महीने बिता दिए। य निगरानी करने वाले लोग हिंदू महिलाओं को मुस्लिमों के साथ संबंध रखने से मना करते हैं और उनकी जगह हिंदू दूल्हों की व्यवस्था करते हैं।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “लव जिहाद में दावा किया जाता है कि मुस्लिम पुरुष हिंदू महिलाओं को बहका रहे हैं और उन्हें इस्लाम कबूल कराने के लिए शादी का लालच देते हैं। ये दावे निराधार हैं।”

लव जिहाद के अरोपितों के बचाव में हमेशा खड़े रहने वाले अहमर का कॉन्ग्रेस पार्टी के आधिकारिक मुखपत्र यानी नेशनल हेराल्ड ने दिसंबर 2021 में इंटरव्यू भी किया था। इस इंटरव्यू में अहमर ने जम कर विक्टिम कार्ड खेला था। तब उन्होंने दावा किया, “जो कुछ हो रहा है वह अल्पसंख्यक समुदाय के लिए विश्वास से परे है। यह देश के व्यापक हित के लिए भी ठीक नहीं है।”

काम पर जुटा है और पत्रकार

हिंदूवादी कार्यकर्ता काजल हिंदुस्तानी का इंटरव्यू लेने के लिए द गार्जियन ने जिस तीसरे पत्रकार को रेडी किया था उनका नाम क्यारी इवेंजेलो है। यह पत्रकार अभी हाल ही में वामपंथियों के इशारे पर इजरायल विरोधी भावनाओं को भड़काता हुआ पाया गया था।

क्यारी इवेंजेलो हन्ना एलिस-पीटरसन और अहमर खान के साथ ‘लव जिहाद’ पर एकडॉक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग कर चुका है। इवेंजेलो ने कर्नाटक में ‘ऑनर किलिंग’ के एक मामले को ‘हिंदुत्व ताकतों की साजिश’ बताने की भी कोशिश की थी।

जनवरी 2021 में यही पत्रकार राजनीति से प्रेरित दिल्ली की सीमाओं पर हुए कृषि विरोधी कानून विरोधी प्रदर्शनों में भी एक्टिव था।

भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर में काइरी इवेंजेलो और अहमर खान ने रिपोर्टिंग के नाम पर उन्माद फैलाया था। उनके प्रोपोगेंडा डॉक्यूमेंट्री को एमी अवार्ड्स के लिए भी नामित किया गया था।

बताते चलें कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ द गार्जियन और उसकी ही विचारधारा के अन्य समाचार पत्र, भारत में दुष्प्रचार बढ़ाने के लिए सक्रिय हो चुके हैं। आशंका है कि इस दौरान हिंदुओं को भड़काने और भारत की छवि को धूमिल करने जैसी खबरों की तादाद में इजाफा हो इसलिए द गार्जियन भी अपनी तैयारी में लगा है और इसी के चलते संभवत: उन लोगों ने काजल हिंदुस्तानी का इंटरव्यू लेने के लिए इतना जोर दिया ताकि इंटरव्यू के वक्त वो कुछ ऐसा उगलवा सकें जिससे विवाद हो और उन्हें अपने एजेंडे का मसाला मिला। द गार्जियन की ऐसी कोशिशें भारत के सभी राजनीतिक वर्गों से जुड़े लोगों तक अपनी पहुँच बढ़ाने वाली चाल का भी हिस्सा हो सकता है।

2 साल की नसरीन की मांसपेशियाँ टूटी, आँख और चेहरे पर चोट के निशान, खून बहने से हुई मौत: अब्बा फैज को पुलिस ने पकड़ा, केरल का मामला

केरल के मलप्पुरम में एक 2 वर्ष की बच्ची नसरीन की बेरहमी से पिटाई से हत्या कर दी गई। बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत से पहले उसे काफी मारा पीटा गया, उसके सर में खून का थक्का जम गया, इसके बाद उसकी मौत हो गई। हत्या के आरोप में बच्ची के पिता फैज को गिरफ्तार किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल के मलप्पुरम जिले के कलिकाव इलाके में रहने वाले मोहम्मद फैज ने रविवार (24 मार्च, 2024) को अपनी दो वर्ष की बेटी नसरीन को अस्पताल में भर्ती करवाया था। फैयाज ने यहाँ डॉक्टरों से कहा कि उसकी बेटी ने कुछ खाया है जो कि फंस गया और उसकी हालत गंभीर हो गई।

अस्पताल में नसरीन की मौत हो गई थी। इसके बाद उसका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। शुरूआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि नसरीन के चेहरे और छाती पर चोट के गहरे निशान थे। सर पर भी गहरी चोट थी। कई मांसपेशियाँ भी टूटी हुई थी। बताया गया कि नसरीन के हाथ पर खून भी था, सिगरेट से जलाने के निशान भी थे।

नसरीन की मौत के बाद उसका पिता मोहम्मद फैज फरार हो गया था। घटना के विषय में पुलिस ने अप्राकृतिक मौत की FIR दर्ज की थी। नसरीन की माँ के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया था कि फैज ने बच्ची की बेरहमी से पिटाई की जिसके कारण उसकी मौत हुई। उन्होंने बताया कि बच्ची की बेरहमी से पिटाई के बाद उसे एक बिस्तर पर फेंक दिया गया।

रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि बच्ची अस्पताल लाए जाने से पहले ही मर चुकी थी। बच्ची का पिता फैज पुलिस कार्रवाई से बचने को उसे अस्पताल लाने का स्वांग रच रहा था। वह पहले भी बच्चे को नुकसान पहुँचाने की बात करता था। पुलिस ने इन आरोपों के बाद फैज को गिरफ्तार करने के लिए उसकी तलाश की थी।

उसको पुलिस ने पुल्लनकोड इलाके से गिरफ्तार कर लिया। उससे इस मामले में पूछताछ जारी है। पुलिस अंतिम रिपोर्ट का इन्तजार कर रही है, जिसके बाद वह आगे की कार्रवाई करेगी।

पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े नौसेना एयरबेस पर हथगोलों से हमला, बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली जिम्मेदारी: 5 महीने के अंदर दूसरा अटैक, एक ऑडियो भी वायरल

पाकिस्तान के तुर्बत स्थित दूसरे सबसे बड़े नेवल एयरबेस PNS सिद्दीकी पर हमला हुआ है। हमले के पीछे बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) का हाथ सामने आया है। मीडिया में आई जानकारी बता रही है कि हमले में ऑटोमैटिक हथियारों और हथगोलों का इस्तेमाल हुआ। अटैक के बाद नौसेना ने भी जवाबी कार्रवाई की और 4 हमलावर मारे गए। कथिततौर पर कुल हमलावर 6 थे जिनमें 2 मौके से भाग निकले।

बता दें कि पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों ने इस संबंध में जानकारी दी कि तुर्बत एयरपोर्ट की सीमा में हमलावर आए थे। फौज की कार्रवाई में उन्हें मार गिराया गया। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर प्रसारित एक नोटिस के अनुसार हमले की जिम्मेदारी बीएलए ने ले ली है। उन्होंने बताया है कि समूह की आत्मघाती यूनिट मजीद ब्रिगेड के लड़ाकों ने एयरबेस पर अटैक किया।

एक ऑडियो भी सामने आई है जिसमें दावा किया जा रहा है कि मजीद ब्रिगेद के हमलावर कह रहे हैं- “हम पाकिस्तान के नेवल एयरबेस में घुसकर गए हैं और अपनी-अपनी पोजिशन भी हमने ले ली है। पाकिस्तान के खिलाफ जंग जारी है।”

मालूम हो कि पिछले कुछ वक्त में पाकिस्तानी सेना पर कई हमले हुए हैं। 20 मार्च को 8 हमलावरों ने ग्वादर में एक बिल्डिंग पर हमला करके दो सुरक्षाकर्मियों कौ मौत के घाट उतार दिया था। उससे पहले भी ग्वादर में भी गाड़ी से जाते समय पाकिस्तानी फौजियों पर हमले हुए थे। उसमें 14 फौजियों की जान गई थी। 4 नवंबर 2023 को पाकिस्तान के मियांवली स्थित एयर फोर्स बेस पर ताबड़तोड़ गोलीबारी और बम धमाके हुए थे। हमले के पाँच महीने बाद फिर एयरबेस को निशाना बनाया गया।

बलोच लिबरेशन आर्मी

बता दें कि बलोच लिबरेशन आर्मी एक तरह पाकिस्तान शासन से खफा उन लोगों का संगठन है जो मुल्क के खिलाफ विद्रोह कर चुके हैं। इनका मानना है कि विभाजन के वक्त इनके प्रांत को जबरन पाकिस्तान में शामिल किया गया जबकि वो खुद को एक आजाद मुल्क के तौर पर चाहते थे।

माना जाता है कि ये संगठन 1970 में अस्तित्व में आया था जब जुल्फिकार अली भुट्टो की सरकार के खिलाफ बगावत शुरू हुई थी। हालाँकि बाद में ये कुछ समय गायब रही और इसकी वापसी हुई फिर से साल 2000 में। माना जाता है कि संगठन की आधिकारिक स्थापना इसी साल हुई थी। इसके बाद से कई ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं जब इस संगठन ने पाकिस्तान फौज को अपना निशाना बनाया हो।