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‘नहीं पता किसने दिया चंदा, आफिस के बॉक्स में डाल गए’: इलेक्टोरल बॉन्ड पर TMC का जवाब, नीतीश कुमार की JDU को भी ‘गुमनाम’ दे गए लिफाफा

चुनावी बॉन्ड स्कीम के रद्द होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने सभी पार्टियों से इसका डेटा सार्वजनिक करने को कहा था। ऐसे में कई पार्टियाँ असमंजस में पड़ गईं तभी, तृणमूल कॉन्ग्रेस और जेडीयू ने अपने दानदाताओं का नाम छिपाए रखने के लिए नई तरकीब निकाली। इन पार्टियों ने बताया है कि इन्हें नहीं पता इनकी पार्टियों को करोड़ों किसने डोनेट किए। किसी ने कहा कि उनके कार्यालय के बाहर कोई लिफाफे में छोड़ गया तो कोई कह रहा है कि उनके दानपेटी में कोई चुपके से करोड़ों चंदा डाल गया जिसका उन्हें पता नहीं चला।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कॉन्ग्रेस ने तो कहा कि कुछ अज्ञात लोगों ने कोलकाता स्थित उन्हें कार्यालयों में सीलबंद लिफाफे छोड़े थे इसलिए उन्हें नहीं पता कि उन्हें डोनेशन देने वालों का नाम क्या है। टीएमसी ने ये वजह देकर अपने दानदाताओं की पहचान का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने 16 जुलाई, 2018 और 22 मई, 2019 के बीच चुनावी बॉन्ड के जरिए सामूहिक रूप से लगभग 75 करोड़ रुपए का योगदान दिया।

पार्टी का कहना है कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके कोलकाता स्थित कार्यालयों में ये बॉन्ड भेजे थे और कुछ ने सीलबंद लिफाफे ड्रॉप बॉक्स में छोड़े थे इसलिए उन्हें नहीं पता कि उन्हें डोनेशन देने वालों का नाम क्या है। टीएमसी ने ये वजह देकर अपने दानदाताओं की पहचान का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने बताया कि 16 जुलाई, 2018 और 22 मई, 2019 के बीच चुनावी बांड के जरिए सामूहिक रूप से लगभग 75 करोड़ रुपए का योगदान दिया।

इसी तरह से जदयू ने भी जवाब दिया। उन्होंने अपने 30 मई 2019 को जमा कराए हलफनामे कहा था 3 अप्रैल 2019 को पटना में कोई आया और उन्हें सील लिफाफा देकर चला गया जब उसे खोला तो उसमें 1-1 करोड़ रुपए वाले 10 इलेक्ट्रॉल बॉन्ड थे। जेडीयू ने कहाउन्हें नहीं पता कि ये दानदाता कौन थे।

उन्होंने कहा, “न हमें पता है कि दान किसने दिया और न हमने जानने की कोशिश की। उस समय सुप्रीम कोर्ट का आदेश अस्तित्व में नहीं था। सिर्फ भारत सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना चलती थी।” पार्टी ने इस बयान के साथ ही दो दानदाताओं के नाम भी उजागर किए। एक का नाम अजमेर की श्री सीमेंट लिमेटेड है जिन्होंने 2 करोड़ दान दिए, और दूसरी हरियाणा के भारतीय एयरटेल लिमिटेड है जिन्होंने 1 करोड़ रुपए दान किए।

वहीं टीएमसी ने अपने एक भी दानदाता का नाम नहीं बताया है। उन्होंने बस कहा है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के यूनिक नंबर से शायद दानदाताओं का पता चले, उन्हें तो जानकारी नहीं है।

दिवाकर के प्यार में अब्बा संग ईरान से मुरादाबाद आई फिजा, हो गई सगाई-जल्द बजेगी शहनाई: रामलला का दर्शन करने जाएँगी अयोध्या

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का यूट्यूबर दिवाकर चर्चा में है। वजह है उसकी होने वाली पत्नी फिजा। दरअसल, फिजा ईरान की रहने वाली है। वह अपने अब्बा के साथ इस समय भारत आई हुई है। दिवाकर के साथ उसने सगाई कर ली है। दोनों रामलला का दर्शन करने के लिए अयोध्या भी जाने वाले हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार फिजा अपने अब्बा के साथ 20 दिनों के लिए भारत आई हुई है। उसके अब्बा मसूद अख्तर के अनुसार उन्होंने गैर मुल्क में बेटी की विवाह से जुड़ी औपचारिकताएँ ईरान में पूरी कर ली है। भारत में भी इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद दिवाकर और फैजा की शादी हो जाएगी।

ईरान के हमादान शहर के रहने वाले मसूद अख्तर अखरोट के किसान हैं। उनकी बेटी और दिवाकर के बीच बातचीत इंस्टाग्राम के जरिए करीब दो साल पहले शुरू हुई थी। पहले दोनों अच्छे दोस्त बने फिर उनमें प्यार हो गया। इसके बाद दोनों ने शादी का फैसला किया।

फिजा के भारत आने से पहले दिवाकर भी ईरान जा चुके हैं। फिजा इस समय अपने अब्बा के साथ मुरादाबाद में दिवाकर के घर ही ठहर हुई हैं। दोनों की सगाई शुक्रवार (15 अप्रैल 2024) को हुई। मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वे ट्रेवेल ब्लॉग चलाते हैं। वहीं फिजा पोस्ट ग्रेजुएशन की छात्रा हैं।

फिजा और दिवाकर के रिश्ते को लेकर दोनों के घर वाले भी राजी हैं। जुलाई 2023 में दिवाकर टूरिस्ट वीजा पर फिजा से मिलने ईरान के हमादान शहर गए थे। इसके बाद फरवरी 2024 में फिजा अपने अब्बा मसूद अख्तर के साथ मुरादाबाद आई। फिजा को उम्मीद है कि इसी यात्रा के दौरान उनका विवाह दिवाकर से हो जाएगा।

दिवाकर और फिजा ने बताया कि उनके बीच में अलग-अलग धर्म व मत होना किसी भी प्रकार से समस्या की वजह नहीं है। दोनों ने एक दूसरे को अपने धर्म और मजहब के हिसाब से जीने की छूट दे रखी है। जल्द ही यह जोड़ा अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि का दर्शन और आगरा के ताजमहल का दीदार करने की तैयारी कर रहा है।

रमजान में हिंदू ने खोला ढाबा तो सोहेल की अगुवाई में भीड़ ने कर दिया हमला, धारदार हथियारों से वार; पैसे भी लूटे: बांग्लादेश की घटना

बांग्लादेश के सिलहट में एक मुस्लिम कट्टरपंथी ने एक हिन्दू की खाने-पीने की दुकान पर इसलिए हमला कर दिया क्योंकि उसने रमजान के दौरान दिन में दुकान खोली हुई थी। यह घटना जुम्मे के दिन यानी शुक्रवार (15 मार्च 2024) को हुई।

जानकारी के अनुसार, मुस्लिम हमलावर का नाम सोहेल हुसैन है। वह बांग्लादेश की सत्ताधारी अवामी लीग के छात्र संगठन, ‘छात्र लीग’ का नेता बताया जा रहा है। हिन्दू पीड़ित की दुकान सिलहट के MAG ओस्मानी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (SOMCH) के बाहर है।

बांग्लादेश के हिन्दू पीड़ित का नाम राजीव कुमार डे है। राजीव कुमार डे से सोहेल और उसके गुर्गों ने रमजान के शुरू होने के समय चन्दा भी माँगा था जो कि उन्होंने देने से मना कर दिया था, इसी बात से सोहेल उन पर हमला करने का मौक़ा ढूंढ रहा था।

रमजान के दौरान डे ने दिन में भी अपनी दुकान खुली रखी थी और रोजेदारों (रमजान के दौरान रोजा रखने वाले) के कारण आगे पर्दा टांगा हुआ था। डे ने बताया कि उन्होंने दुकान इस अपस्ताल में आने वाले हिन्दू रोगियों और तीमारदारों के लिए खोली हुई थी।

राजीव कुमार डे रोज शाम को मुस्लिमों को इफ्तारी (रोजा खोलने के लिए खाया जाने वाला खाना) भी बेंचते हैं। शुक्रवार (15 मार्च,2024) को सोहेल अपने गुंडों को लेकर डे की दुकान पर पहुँचा और रमजान पर उन पर मुस्लिमों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया।

सोहेल ने उन्हें धमकाते हुए आरोप लगाया कि हिन्दू व्यक्ति मुसलमानों को इफ्तारी नहीं बेंच सकता। इसके बाद सोहेल और उसके साथियों ने राजीव कुमार डे पर एक धारदार हथियार के साथ हमला कर दिया और दुकान में तोड़फोड़ की।

राजीव कुमार पर बांग्लादेश रमजान में हमला हुआ
राजीव कुमार पर बांग्लादेश में हमला हुआ

हमले में राजीव कुमार डे को काफी गंभीर चोटें आईं हैं। उन्हने सिलहट के ही MAG ओस्मानी कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। सोहेल और उसके गुर्गों के हमले में राजीव कुमार डे इतनी बुरी तरीके से घायल हुए कि उनके सर पर 18 टाँके लगाने पड़े। सोहेल और उसके गुर्गों ने इस दौरान दुकान से सब पैसा भी लूट लिया।

इन हमलवारों ने दुकान को तहस नहस कर दिया। इस मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई है। पुलिस ने इस घटनास्थल का मुआयना जरूर किया है लेकिन अभी तक सोहेल के खिलाफ किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने अभी तक कोई मामला भी दर्ज नहीं किया है।

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है कि बांग्लादेश में सत्ताधारी छात्र लीग के लोगों ने हिन्दुओं पर अत्याचार किया हो। इससे पहले जनवरी 2023 में ही सामने आया था कि एक कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष इब्राहिम मियाँ ने एक हिन्दू परिवार की जमीन छीन ली थी।

शारदा पीठ से लेकर कन्याकुमारी तक जिनकी पूजा, उनसे लड़ने चले राहुल गाँधी: सिंधु घाटी में भी शक्ति पूजा, जनजातीय समाज भी करता है साधना

सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ 20वीं सदी में हिन्दू छायावाद के बहुत बड़े कवि हुए हैं। उनकी एक कविता ‘राम की शक्ति पूजा’ कालजयी रचनाओं में से एक मानी गई। इसमें रावण के संहार से पहले श्रीराम द्वारा देवी दुर्गा की आराधना किए जाने की कथा बताई गई है। ये बंगाली पुस्तक ‘कृत्तिवास रामायण’ से प्रेरित है, जिसे 15वीं सदी में कृत्तिवास ओझा ने लिखा था। मान्यता है कि राम को भी रावण के वध के लिए शक्ति का आशीर्वाद लेना पड़ा था। ‘निराला’ की ये पंक्तियाँ देखिए:

“साधु, साधु, साधक धीर, धर्म-धन धन्य राम !”
कह, लिया भगवती ने राघव का हस्त थाम।

“होगी जय, होगी जय, हे पुरूषोत्तम नवीन।”
कह महाशक्ति राम के वदन में हुई लीन।

इन पंक्तियों से आप समझ सकते हैं कि कैसे भगवान श्रीराम की प्रशंसा करते हुए माँ दुर्गा ने उनका हाथ पकड़ लिया, अर्थात् युद्ध में उनका साथ देने का वचन दिया। इन पंक्तियों का अर्थ है कि महाशक्ति, अर्थात् माँ भगवती श्रीराम के शरीर में उनकी ऊर्जा बन कर लीन हो गई। पूरे देश में, खासकर पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा धूम-धाम से मनाई जाती है। ‘निराला’ बचपन से वहीं रहे थे, ऐसे में भारत के स्वतंत्रता संग्राम के बीच जनमानस में ऊर्जा का संचार करने के लिए उन्होंने इस कविता का सहारा लिया।

हमारी लड़ाई शक्ति से है: राहुल गाँधी

अब आते हैं मुद्दे पर। असल में कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने रविवार (17 मार्च, 2024) को मुंबई में अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का समापन किया। इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जो हर एक हिन्दू के लिए आहत करने वाला है। राहुल गाँधी ने कहा, “हिन्दू धर्म में शक्ति शब्द होता है। हम शक्ति से लड़ रहे हैं, एक शक्ति से लड़ रहे हैं।” यहाँ एक बात याद करने लायक है। सितंबर 2022 में जब ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू हुई थी, तब पादरी जॉर्ज पोनैय्या तमिलनाडु के कन्याकुमारी में राहुल गाँधी से मिले थे।

उस दौरान वो लोग जीसस क्राइस्ट के ‘वास्तविक ईश्वर’ होने पर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान पादरी कहता है कि जैसे हिन्दू धर्म में शक्ति वगैरह हैं, बहुत सारे ईश्वर हैं, जबकि ईसाइयत में सिर्फ एक गॉड है। अब राहुल गाँधी का ताज़ा बयान सामने आया है। राहुल गाँधी ने आगे ये भी कहा कि प्रश्न उठता है कि ये शक्ति क्या है, राजा की आत्मा EVM में है, ED-CBI-IT में है। जिस देश में नवरात्री धूम-धाम से मनाई जाती है, वहाँ राहुल गाँधी इस तरह का अनर्गल बयान दे रहे हैं।

हालाँकि, तेलंगाना के जगित्याल में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर करारा जवाब देते हुए कहा कि 4 जून को (लोकसभा चुनाव मतगणना वाले दिन) ये फैसला हो जाएगा कि शक्ति का विनाश करने वाले जीतते हैं या शक्ति की पूजा करने वाले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके लिए माताएँ-बहनें शक्ति स्वरूपा हैं और वो अपने जीते-जी इन्हें खत्म करने का मंसूबा पूरा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि हम शक्ति की आराधना करते हैं, हम पर शक्ति का आशीर्वाद है।

भारत में शक्ति पूजा का इतिहास

हिन्दू धर्म में ‘शाक्त’ एक संप्रदाय ही नहीं, बल्कि दर्शन है। सनातन में शैव विष्णु की भी पूजा करते हैं और वैष्णव शिव की भी। बस संप्रदाय या पंथ के हिसाब से उनके मुख्य इष्टदेव/देवी एक होते हैं, बाकी सबकी पूजा-आराधना भी चलती रहती है। ‘शाक्त’ दर्शन में माना जाता है कि एक बिंदु से इस जगत की उत्पत्ति हुई है और ये फिर उसी में समा जाएगा, उसी बिंदु को शक्ति कहा गया। ईश्वर का ही नारी तत्व शक्ति है। शिव और शक्ति के मिलन से ब्राह्मण की उत्पत्ति होती है, संचालन होता है।

अगर आप जनजातीय समाज को देखेंगे तो पाएँगे कि वहाँ भी देवी की पूजा होती है, जिसका अर्थ है कि भारत में शक्ति-पूजा की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। पश्चिम बंगाल में अधिकतर देवी मंदिर ‘अलौकिक निर्देश’ के बाद बने हैं। जैसे, किसी को सपना आया कि फलाँ जगह देवी की मूर्ति है, और उसने खोज कर वहाँ एक छोटा सा मंदिर बनवाया। ‘शाक्त’ संप्रदाय का ही एक हिस्सा तंत्र साधना है। पश्चिम बंगाल में देवी माँ पत्थर के रूप में ही कई जगह स्थापित हैं, अलग-अलग आकार और रूप में।

अभी हमने ‘राम की शक्ति पूजा’ की बात की। महाभारत काल में भी इससे जुड़ी एक कथा है। भगवान श्रीकृष्ण के माता-पिता यशोदा व वसुदेव की एक कन्या भी हुई थी, मथुरा के राजा कंस ने जिसकी हत्या कर दी थी। उनकी पूजा भगवान श्रीकृष्ण की प्राणरक्षिका देवी के रूप में होती रही है। इससे मथुरा से लेकर द्वारका तक उनकी पूजा होती है। शाक्त संप्रदाय में शक्ति से ही मोक्ष की अवधारणा है, ऐसे में शक्तियों के लिए अनुष्ठान किए जाते हैं, इसकी अलग-अलग विधियाँ हैं।

भारत में जिन भी देवियों की पूजा सैकड़ों स्वरूपों में की जाती है, उन्हें आदिशक्ति या परमशक्ति का रूप ही माना जाता है। स्वयं जगद्गुरु शंकराचार्य ने ‘महिषासुर मर्दिनी स्त्रोत्र’ की रचना की है, जिसे आज भी सुना और गाया जाता है। मार्कण्डेय पुराण में ऋषि मार्कण्डेय ने देवी की महिमा का बखान किया है, जिस अंश को दुर्गा सप्तशती के रूप में जाना जाता है। नवरात्र में घर-घर में इसका पाठ होता है। देश में 108 शक्तिपीठ हैं, जिनके बारे में मान्यता है कि देवी सती के शरीर के अंग यहाँ-यहाँ गिरे हैं।

इनमें से 18 शक्तिपीठों को ‘अष्टदश महा’ कहा गया है, जो सबसे महत्वपूर्ण हैं। कश्मीर में शारदा पीठ से लेकर असम में कामाख्या मंदिर और तमिलनाडु में कन्याकुमारी तक सभी शक्तिपीठ ही हैं। गुजरात में चंद्रभागा से लेकर ओडिशा के जगन्नाथपुरी में विमला तक, शक्तिपीठों में माँ के अलग-अलग रूप हैं। शक्ति के बिना ब्रह्मा, विष्णु और महेश भी अपना कार्य नहीं कर सकते। सरस्वती, लक्ष्मी और पार्वती क्रमशः उनकी पत्नियाँ, यानी उनकी शक्ति या ऊर्जा के रूप में ही पदस्थापित हैं।

शक्ति पूजा की प्राचीनता का अंदाज़ा आप इसी से लगा सकते हैं कि सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेषों में भी इसके प्रमाण मिले हैं। देवी की पूजा योनि के रूप में भी की जाती है, क्योंकि जिस बिंदु से ये सारा ब्राह्मण निकला है उसकी संकल्पना एक योनि के रूप में भी की गई है। सनातन धर्म में इसे पवित्र माना गया है। सृजन का स्रोत माना गया है। वैदिक युग में अदिति, पृथ्वी और सरस्वती का जिक्र है। उषा को सूर्य की शक्ति माना गया है। ऋग्वेद में भी देवी-सूक्त है।

जानबूझकर हिन्दू धर्म को निशाना बनाते हैं राहुल गाँधी?

राहुल गाँधी के सोशल मीडिया हैंडलों से जब भी किसी हिन्दू पर्व-त्योहार की शुभकामना दी जाती है तो किसी भी देवी-देवता की तस्वीर नहीं लगाई जाती है। जैसे, रामनवमी पर तीर-धनुष और जन्माष्टमी पर बाँसुरी की तस्वीर डाल कर इतिश्री कर ली जाती है। यही राहुल गाँधी चुनावों के वक्त मंदिरों में भ्रमण करते हैं, जबकि गाहे-बगाहे हिन्दू धर्म को लेकर उनकी मंशा जाहिर होती रही है। UPA काल में तो केंद्र सरकार ने भगवान राम को ही कोर्ट में काल्पनिक करार दिया था।

राहुल गाँधी का ताज़ा बयान न सिर्फ हिन्दू विरोधी, बल्कि नारी विरोधी भी है। हर हिन्दू जीवन में एक बार वैष्णो देवी जाना चाहता है, दुर्गम क्षेत्र में जाकर माँ के दर्शन करता है – उसका राहुल गाँधी ने अपमान किया है। शक्ति के बिना तो शिव की परिकल्पना ही नहीं की जा सकती है। नारी तत्व के बिना सृजन हो ही नहीं सकता। हिन्दू धर्म में हर मान्यता के पीछे विज्ञान है, जिसे राहुल गाँधी नहीं समझ रहे या समझ कर भी नासमझ बन रहे। कुछ भी हो, लोकसभा चुनाव 2024 से पहले उनका ये बयान उन्हें भारी पड़ेगा। यही चैत्र नवरात्र भी आने ही वाला है।

‘हनुमान चालीसा’ बजाने पर भीड़ ने दुकान में घुस मुकेश को पीटा, व्यापारियों के विरोध के बाद हुई FIR: कर्नाटक पुलिस ने सांप्रदायिक एंगल से किया इनकार

कर्नाटक के बेंगलुरु में एक हिंदू दुकानदार की पिटाई का मामला सामने आया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुकेश नाम का यह दुकानदार हनुमान चालीसा बजा रहा था। घटना रविवार (17 मार्च 2024) की है। व्यापारियों की एकजुटता के बाद पुलिस ने इस मामले में 6 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर, 3 को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में सांप्रदायिक एंगल को खारिज किया है।

कथित तौर पर ‘अजान’ के समय अपनी दुकान में ‘हनुमान चालीसा’ बजाने पर मुकेश की पिटाई की गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना बेंगलुरु के नगराथपेट इलाके की है। यहाँ सिद्दन्ना लेआउट के पास मुकेश की मोबाइल शॉप है।

बताया जा रहा है कि रविवार की शाम लगभग 6 बजे मुकेश अपनी दुकान में म्यूजिक सिस्टम पर हनुमान चालीसा सुन रहे थे। इसी दौरान करीब आधा दर्जन युवक उनकी दुकान पर पहुँच गए। उन्होंने अजान का वक्त बताते हुए मुकेश से हुनमान चालीसा बंद करने को कहा। मुकेश ने इससे इनकार किया तो दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई।

कथित तौर पर बहस के बाद इन लोगों ने मुकेश की पिटाई कर दी। यह लड़ाई दुकान से बाहर निकल कर सड़क तक पहुँच गई। झगड़े में मुकेश के कपड़े भी फट गए। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में हनुमान चालीसा बंद करवाने आए युवकों को आक्रामक अंदाज में हाथों के इशारे करते देखा जा सकता है।

मुकेश ने इस घटना की पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि हमलावर अक्सर उनसे पैसे माँगा करते थे। पैसे देने से मना करने पर उन सभी ने बदला लेने की नीयत से हमला किया। पुलिस के अनुसार 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से तीन को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान सुलेमान, शाहनवाज और रोहित के तौर पर बताई गई है। ऑपइंडिया को पुलिस ने बताया है कि इस घटना में कोई सांप्रदायिक वजह नहीं है। पीड़ित और आरोपित पहले से परिचित हैं।

एशियानेट की रिपोर्ट के अनुसार मुकेश को सिर में एक स्पीकर से मारा गया है, जिससे उन्हें चोटें आईं हैं। कथित तौर पर घटना के बाद पुलिस मुकेश की शिकायत पर FIR दर्ज करने से बच रही थी। लेकिन जब इसके विरोध में व्यापारी एकजुट हो थाने के आगे जमा हो गए तो पुलिस को केस दर्ज करनी पड़ी।

राहुल गाँधी ने किया ‘शक्ति’ का अपमान, अब लग रही हर ओर से लताड़: लोग बोले- ईसाई मिशनरी से ज्ञान लेकर मत बोलो

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने हाल में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान हिंदू धर्म का अपमान करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने भाषण में शक्ति शब्द पर बात रखी। अब वैसे तो हिंदी भाषा में ‘शक्ति’ शब्द का अर्थ ‘ताकत’ व ‘ऊर्जा’ दोनों से है। लेकिन, राहुल गाँधी ने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि वो हिंदू धर्म वाले ‘शक्ति’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं और हर सनातन मानने वाला यह जानता है कि धर्म में माँ दुर्गा को ‘शक्ति’ बताया जाता है। यही वजह है कि राहुल की टिप्पणी के बाद हिंदू उनसे नाराज हैं। वहीं भाजपा नेता उनके विरोध में उतर आए हैं। पीएम मोदी ने भी इस टिप्पणी का जवाब राहुल को दिया है।

राहुल गाँधी ने किया शक्ति का अपमान

राहुल गाँधी ने महाराष्ट्र में शिवाजी पार्क के पास अपनी न्याय यात्रा में पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा “हिंदू धर्म में शक्ति शब्द होता है। हम शक्ति से लड़ रहे हैं, एक शक्ति से लड़ रहे हैं। अब सवाल उठता है, वो शक्ति क्या है? जैसे किसी ने यहाँ कहा- राजा की आत्मा ईवीएम में है। सही है, सही है। राजा की आत्मा ईवीएम में है। हिंदुस्तान की हर संस्था में है। ईडी में है, सीबीआई में है, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में है।” आगे उन्होंने कहा, “मैं नाम नहीं लूँगा लेकिन इसी राज्य के एक वरिष्ठ नेता कॉन्ग्रेस छोड़ते हैं और मेरी माँ से रोकर कहते हैं कि मुझे शर्म आ रही है कि इस शक्ति से लड़ने की हिम्मत नहीं है, मैं जेल नहीं जाना चाहता। ऐसे हजारों लोग डराए गए हैं। शिवसेना, NCP-SCP के लोग यूँ ही चले गए? वे सब डरकर बीजेपी में गए हैं।”

उन्होंने अपने भाषणा में बार-बार शक्ति को अपमानित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “लोगों को लगता है कि कॉन्ग्रेस एक राजनीतिक पार्टी या एक व्यक्ति से चुनाव लड़ रही है। लेकिन हकीकत में हम हम शक्ति से लड़ रहे हैं।

राहुल गाँधी को लगी लताड़

राहुल गाँधी के ऐसे बयान के बाद पीएम मोदी ने इस बयान को हिंदू विरोधी बताया। उन्होंने कहा- सनातन धर्म में माँ दुर्गा का रूप माना गया है। माँ दुर्गा को शक्ति, आदिशक्ति या परम शक्ति भी कहा गया है। उन्हें वो ऊर्जा माना गया है जिससे संपूर्ण ब्रह्माण्ड चलता है।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी अपने ट्वीट में ‘शक्ति’ के नामों से अवगत कराते हुए राहुल के बयान को नारीविरोधी बताया और कहा कि इंडी गठबंधन यही असल चरित्र है।

इसी तरह सोशल मीडिया के एक्टिव यूजर्स ने भी राहुल गाँधी को लताड़ा। उन्हें बताया कि हिंदू धर्म में शक्ति से नहीं लड़ा जाता है। दुष्टों से लड़ा जाता है। हिंदू धर्म के बारे में मिशनरी से ज्ञान मत लो।

एक यूजर पूछती हैं- ये आदमी हिंदू धर्म की बात ही क्यों करता है जब इसे हिंदू धर्म का कुछ पता नहीं। वहीं दूसरा यूजर कहता है कि क्या ये आदमी सच में शक्ति के खिलाफ लड़ रहा है? फिर बोलेगा जीत क्यों नहीं रहे।

बता दें कि साल 2022 में राहुल गाँधी ऐसे ही ‘शक्ति’ पर एक पादरी से ज्ञान लेते दिखे थे। उन्होंने पादरी जॉर्ज पोन्नैया से पूछा था कि क्या जीसस भगवान के रूप हैं। इस पर पादरी ने उन्हें समझाया था कि “वह (जीसस) मानव के तौर पर जन्मे असली भगवान हैं। शक्ति (हिंदू देवी) और अन्य की तरह नहीं।” साल 202

21 मार्च शाम 5 बजे तक इलेक्टोरल बॉन्ड पर सब कुछ बताएँ: सुप्रीम कोर्ट ने SBI को दी डेडलाइन, कहा- चुनिंदा जानकारी मत दीजिए

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को आदेश दिया है कि वह इलेक्टोरल बॉन्ड से सम्बंधित कोई भी जानकारी अपने पास ना रखे। सुप्रीम कोर्ट ने बॉन्ड से जुड़ी सारी जानकारी को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि बैंक के चेयरमैन जानकारी सार्वजनिक करने के सम्बन्ध में एक हलफनामा भी दायर करें।

सुप्रीम कोर्ट की CJI चन्द्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड्स के विषय में दिया गया निर्णय था कि सभी जानकारियाँ सार्वजनिक की जाएँ, इस मामले में स्टेट बैंक को जानकारी चुन चुन कर बाहर नहीं निकालनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि बैंक इस बात का इन्तजार ना करे कि हम उसे कोई जानकारी सार्वजनिक करने को कहें।

सुप्रीम कोर्ट के सामने स्टेट बैंक की तरफ से पेश हो रहे वकील हरीश साल्वे ने कहा कि यदि इलेक्टोरल बॉन्ड के नम्बर दिए जाने हैं तो हम वह भी दे देंगे। बैंक ने इस मामले में कहा कि उनके पास जो भी जानकारी इस सम्बन्ध में है, वह उसे सार्वजनिक कर देंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए बैंक को 21 मार्च तक का समय दिया है।

वकील हरीश साल्वे ने बताया कि बॉन्ड पर पड़ा हुआ अल्फान्यूमेरिक नम्बर सिर्फ बॉन्ड के असली होने की पुष्टि करता है, इससे यह नहीं पता चलेगा कि बॉन्ड किस्से खरीदा गया या किसे दिया गया। फर्जी बॉन्ड ना बेचे जाएँ, इसके लिए यह नम्बर इन पर डाला गया था।

इस मामले में केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट का ध्यान इस फैसले को लेकर चल रहे बवाल पर डलवाया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के बाहर इस निर्णय पर किए जा रहे दावों को लेकर कहा कि इस जानकारी के आधार पर कुछ भी कहा जा रहा है।

मेहता ने यह भी कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड को चुनावी फंडिंग में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लाया गया था। इस बारे में फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी को लेकर उन्होंने कोर्ट से निर्देश जारी करने को कहे। हालाँकि, कोर्ट ने इस सम्बन्ध में कोई निर्देश नहीं दिए।

गौरतलब है कि कोर्ट ने 15 फरवरी को एक आदेश देकर स्टेट बैंक से उन सभी इलेक्टोरल बॉन्ड्स की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा था को कि किसी के द्वारा खरीद कर पार्टियों को दिए गए थे। इसको लेकर कुछ जानकारी पहले स्टेट बैंक ने साझा की थी जबकि बाकी जानकारी बाद में सामने आई थी।

इस बार कोर्ट के आदेशानुसार वह जानकारी सार्वजनिक करनी होगी जो कि यह बताएगी कि किस चंदा देने वाले ने कसी पार्टी को कितना पैसा कब दिया। यह जानकारी 21 मार्च, 2024 को शाम पाँच बजे तक स्टेट बैंक को चुनाव आयोग को देनी होगी। चुनाव आयोग इसे प्रकाशित करेगा।

‘शक्ति स्वरूपा हैं माताएँ-बहनें, उनके विनाश की बात कर रहे INDI वाले’: राहुल गाँधी पर PM मोदी का पलटवार, तेलंगाना में बोले – हम शक्ति की आराधना करने वाले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तारीखों के ऐलान के साथ ही धुआँधार रैलियों की शुरुआत कर दी है। सोमवार (18 मार्च, 2024) को वो तेलंगाना के जगित्याल में पहुँचे। राहुल गाँधी ने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के समापन के दौरान मुंबई में कहा था कि उनकी लड़ाई ‘शक्ति’ से है। पीएम मोदी ने इस बयान पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि क्या भारत की धरती पर कोई शक्ति के विनाश की बात कर सकता है क्या, क्या ये हमें मंजूर है?

इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सब शक्ति की आराधना करते हैं, पूरे हिंदुस्तान करते हैं। उन्होंने जिक्र किया कि कैसे चंद्रयान-3 के लैंडिंग पॉइंट को शिव-शक्ति नाम देकर उन्हें इस सफलता को समर्पित किया, जबकि ये लोग शक्ति के विनाश के बिगुल फूँक रहे हैं। प्रधानमंत्री ने माताओं-बहनों को शक्ति-स्वरूपा बताते हुए कहा कि क्या ऐसे लोगों को शक्ति का विनाश करने का मौका दिया जा सकता है? उन्होंने लोगों से पूछा कि शक्ति स्वरूपा माताओं-बहनों की सुरक्षा होनी चाहिए या नहीं?

उन्होंने कहा कि I.N.D.I. गठबंधन का घोषणापत्र जारी हो गया है – एक तरफ शक्ति का विनाश करने की बात करने वाले लोग हैं, दूसरी तरफ शक्ति की आराधना करने वाले। पीएम मोदी ने कहा कि मुकाबला 4 जून को हो जाएगा कि कौन शक्ति का विनाश करता है और कौन शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 13 मई को तेलंगाना में होने वाला मतदान ‘विकसित भारत’ के लिए होगा और जब भारत विकसित होगा तो तेलंगाना भी विकसित होगा।

पीएम मोदी ने कहा, “मेरे लिए हर माँ शक्ति का रूप है, हर बेटी शक्ति का रूप है। मैं इनको शक्ति के रूप में पूजता हूँ और मैं इन शक्ति स्वरूपा माताओं-बहनों की रक्षा के लिए जान की बाज़ी लगा दूँगा। एक ओर वो कॉन्ग्रेस पार्टी है, जिसने तेलंगाना के सपनों को कुचला है। दूसरी ओर वो BRS है, जिसने यहाँ के लोगों की भावनाओं का इस्तेमाल किया, सत्ता पाई और बाद में जनता से ही विश्वासघात कर दिया। तेलंगाना निर्माण के पहले 10 वर्षों तक BRS ने तेलंगाना को जमकर लूटा और अब कांग्रेस ने तेलंगाना को अपना ATM state बना लिया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRS और कॉन्ग्रेस एक दूसरे के लिए चाहे कितनी भी कवर फायर कर लें, इनकी एक एक लूट का हिसाब होता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट ऐलान किया कि मोदी, तेलंगाना के लोगों को लूटने वालों को छोड़ेगा नहीं – ये मोदी की गारंटी है। पीएम ने कहा कि परिवारवादियों का पूरा इतिहास उठाकर देख लीजिए, देश में जितने भी बड़े घोटाले हुये हैं, उनके पीछे कोई न कोई परिवारवादी पार्टी ही मिलेगी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने तेलंगाना में हाइवे बनाने पर 25,000 करोड़ रुपए खर्च किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि कैसे आज़ादी के बाद से लेकर 2014 तक तेलंगाना में 2500 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग था, अकेले भाजपा सरकार ने 10 वर्षों में 2000 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के शिवमोगा में भी रैली करेंगे। इसके बाद तमिलनाडु के कोयम्बटूर में उनका रोडशो प्रस्तावित है। 1 दिन पहले ही उन्होंने आंध्र प्रदेश के पलांदु में रैली की है। ‘इंडिया टुडे कन्क्लेव’ में उन्होंने साफ़ कर दिया कि उनका तीसरा कार्यकाल बड़े नीतिगत निर्णयों का होगा।

राहुल गाँधी का ये बयान हिन्दू विरोधी है क्योंकि शक्ति को सनातन धर्म में माँ दुर्गा का रूप माना गया है। माँ दुर्गा को शक्ति, आदिशक्ति या परम शक्ति भी कहा गया है। उन्हें वो ऊर्जा माना गया है जिससे संपूर्ण ब्रह्माण्ड चलता है। दुर्गा चालीसा में भी पंक्ति है – “शक्ति रूप को मरम न पायो। शक्ति गई तब मन पछतायो॥”, यानि शंकराचार्य ने भी ये महसूस होने के बाद शक्ति की आराधना की थी। दुर्गा सप्तशती में कहा गया है – “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता”, अर्थात माँ दुर्गा सब में शक्ति के रूप में विद्यमान हैं।

‘एल्विश यादव की रेव पार्टी में साँप के जहर का था इंतजाम, सप्लायरों से मेल-मुलाकात भी थी’: रिपोर्ट्स में दावा- यूट्यूबर ने कबूला गुनाह​

यूट्यूबर एल्विश यादव बिग बॉस ओटीटी सीजन 2 जीतने के बाद से विवादों में लगातार घिरे हुए थे। अब नोएडा पुलिस ने उन्हें रेव पार्टियों में साँप का जहर सप्लाई करने के मामले में गिरफ्तार करके 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं दूसरी ओर खबरें आ रही हैं कि एल्विश यादव ने पुलिस पूछताछ में अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने अपने द्वारा आयोजित की गई रेव पार्टी के लिए आरोपितों से मिलकर साँप और साँप के जहर की व्यवस्था की थी। उन्होंने ये भी माना है कि वह अन्य रेव पार्टियों में आरोपितों से मिले थे।

(ये दावा नवभारत टाइम्स, आजतक समेत कई मीडिया खबरों में है।)

रात में सो नहीं पाए एल्विश यादव

बता दें कि 17 मार्च को इस पूरे मामले में एल्विश यादव को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। उनकी गिरफ्तारी से नाराज उनके फैंस उनके समर्थन में सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर रहे हैं। वहीं वकीलो ने भी बेल के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार या मंगलवार तक जमानत के लिए आवेदन कोर्ट में भेजा जाएगा।

रिपोर्टों में ही मौजूद जानकारी बताती है कि एल्विश को जेल में पहली रात ठीक से नींद नहीं आई। जेल के नियमानुसार उन्हें तीन कंबल दी गई थी, जिसे वह जमीन पर बिछाकर सोए। खाने में उन्हें पूड़ी, सब्जी और हलवा दिया गया जिसे एल्विश ने खाया भी।

एल्विश यादव पर केस

गौरतलब है कि एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज केस में एनडीपीएस की धारा 29 जोड़ी गई है। इस कानून के तहत कार्रवाई ड्रग से जुड़े मामलों में होती है और दोषी पाने पर 20 साल की सजा हो सकती है और भारी जुर्माना भी भर पड़ सकता है।

एल्विश पर मुकदमा ‘पीपुल्‍स फार एनिमल संस्‍थान’ के पदाधिकारी गौरव गुप्‍ता ने दर्ज कराया था। एफआईआर छह लोगों के खिलाफ थी। इसमें आरोप था कि रेव पार्टियों में साँपों का जहर सप्लाई करने में एल्विश भी जुड़े हैं। इसके बाद नोएडा पुलिस ने जाँच शुरू की और पार्टी से मिले सैंपल चेक कराए। रिपोर्ट में सामने आया कि वो सैंपल कोबरा-करैत प्रजाति के थे। इस रिपोर्ट के आने के एक माह बाद ही एल्विश की गिरफ्तारी की खबर आई है।

AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर से जाएँगे जेल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- तुरंत करिए सरेंडर: मनी लॉन्ड्रिंग में ‘स्वास्थ्य’ के आधार पर साल भर से जमानत पर थे

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व कैबिनेट मंत्री और AAP विधायक सत्येन्द्र जैन को स्वास्थ्य आधार पर नियमित जमानत देने से मना कर दिया है। कोर्ट ने उनसे तत्काल आत्मसमर्पण करने को कहा है। जैन पिछले लगभग एक वर्ष से स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत पर थे।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पंकज मित्तल की बेंच ने उनकी याचिका को खारिज करने का निर्णय सुनाया। बेंच ने जैन की याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल प्रशासन के सामने पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा, “सभी याचिकाएँ खारिज की जाती हैं, इसी के साथ सत्येन्द्र जैन को आत्मसमर्पण करना होगा।”

सुप्रीम कोर्ट ने मई 2023 में सत्येन्द्र जैन को स्वास्थ्य कारणों के चलते अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद उनकी जमानत को कई बार बढ़ाया गया था। मई 2022 में सत्येन्द्र जैन को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह जेल में बंद रहे थे।

सत्येन्द्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने 2015 से 2017 के बीच अपने मंत्रिपद का दुरूपयोग करके सम्पत्ति अर्जित की। उन पर आरोप है कि उन्होंने करोड़ों की सम्पत्ति 2015 से 2017 के बीच बनाई। उन पर यह भी आरोप है कि पैसे की धाँधली तीन कम्पनियों के जरिए की गई, जिसमें सत्येन्द्र जैन की पत्नी डायरेक्टर थीं।

साल 2017 में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने सत्येन्द्र जैन एवं अन्य पर 2010-2012 के दौरान ₹11.78 करोड़ और 2015-16 के दौरान ₹4.63 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। साल 2015-16 में ही वे दिल्ली सरकार में मंत्री बने थे। CBI ने अपने आरोप में कहा है कि प्रयास इंफोसल्यूशन, इंडो मेटालिम्पेक्स, अकिंचन डेवलपर्स और मंगलायतन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से सत्येन्द्र जैन ने मनी लॉन्ड्रिंग की थी।

सत्येन्द्र जैन ने इस शेल कंपनियों के माध्यम से कोलकाता स्थित कुछ विभिन्न शेल कंपनियों के एंट्री ऑपरेटरों को पैसे दिए थे। इसके बाद एंट्री ऑपरेटरों ने जैन से जुड़ी कंपनियों में शेयरों के माध्यम से ‘शेल कंपनियों के माध्यम से लेयरिंग’ करने के बाद निवेश के रूप में पैसे को कथित तौर पर फिर से भेज दिया था। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आने के बाद बाद में ED ने मामला दर्ज किया था।