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BJP ने 10 MLC उम्मीदवारों की सूची घोषित की: बिहार में 3 और यूपी में 7 नामों की घोषणा, झारखंड के राज्यसभा की 1 सीट पर प्रदीप वर्मा को उतारा

बीजेपी ने बिहार और उत्तर प्रदेश के विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया है। बिहार से बीजेपी ने मंगल पांडेय, डॉ लाल मोहन गुप्ता और अनामिका सिंह को उम्मीदवार बनाया है। उत्तर प्रदेश से बीजेपी ने विजय बहादुर पाठक, महेंद्र कुमार सिंह, अशोक कटारिया, मोहित बेनीवाल, धर्मेंद्र सिंह, रामतीरथ सिंघल, संतोष सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही झारखंड से राज्यसभा चुनाव के लिए भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी गई है।

बीजेपी ने इन 3 लोगों को बनाया उम्मीदवार

बीजेपी ने बिहार से विधान परिषद के लिए मंगल पाण्डेय, डॉ लाल मोहन गुप्ता और अनामिका सिंह के नाम घोषित किए हैं। वहीं, मौजूदा एमएलसी और सीनियर नेता शाहनवाज हुसैन को पार्टी ने टिकट नहीं दिया है, उनके बारे में माना जा रहा है कि वो लोकसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार बन सकते हैं। आगामी 21 मार्च को बिहार विधान परिषद के लिए 11 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं।

यूपी में इन 7 लोगों को टिकट

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के लिए जिन सात लोगों को उम्मीदवार बनाया है, उनमें बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल का नाम शामिल है। इसके अलावा इस लिस्ट में विजय बहादुर पाठक, डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, अशोक कटारिया, धर्मेंद्र सिंह, रामतीरथ सिंघल और संतोष सिंह का नाम भी शामिल हैं।

झारखंड की राज्यसभा सीट के लिए भी उम्मीदवार की घोषणा

बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने झारखंड में होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा की है। बीजेपी ने झारखंड से डॉ प्रदीप वर्मा को उम्मीदवार बनाया है।

बता दें कि बिहार में एमएलसी चुनाव के लिए 11 सीटें खाली हैं। जिसमें बीजेपी के अलावा जेडीयू से नीतीश कुमार, खालिद अनवर, हम पार्टी से संतोष सुमन के नाम हैं, तो आरजेडी से राबड़ी देवी, अब्दुल बारी सिद्दीकी, फैसल अली, उर्मिला ठाकुर और सीपीआईएमएल से शशि यादव शामिल हैं।

नाइजीरिया में 287 छात्र-छात्राओं का फिर अपहरण, सरकार ने सेना भेजी: कुछ दिन पहले ही इस्लामी आतंकी संगठन बोको हरम ने 200 बच्चों का किया था अपहरण

अफ्रीकी देश नाइजीरिया के उत्तर पश्चिमी प्रान्त के एक स्कूल से सशस्त्र हमलावरों ने 287 बच्चों का अपहरण कर लिया। जिन बच्चों का अपहरण किया गया है वह सभी 8-15 वर्ष के आयु के हैं। उन्हें मोटरसाइकिल पर आए हमलावर उठा ले गए। इन बच्चों को मुक्त करवाने के लिए नाइजीरिया के राष्ट्रपति ने सेना भेजी है।

जानकारी के अनुसार, नाइजीरिया के उत्तर पश्चिमी हिस्से के कुरीगा कस्बे में बृहस्पतिवार (7 मार्च, 2024) को यह घटना हुई। जब बच्चों का अपहरण किया गया तब वह रोजाना सभा में खड़े थे। इसी दौरान हमलावर आकर उन्हें उठा ले गए। बीबीसी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले इन बच्चों की संख्या के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं थी लेकिन बाद में पता चला कि कुल 312 बच्चों का अपहरण हुआ था जिसमें से 25 सकुशल वापस आ गए। हमलावरों के कब्जे में अभी भी 287 बच्चे हैं। इनमें से 187 बच्चे सेकंडरी स्कूल जबकि 125 प्राथमिक स्कूल से थे।

हमलावरों ने एक बच्चे को गोली भी मार दी थी। उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत भी हो गई। बच्चों को बचाने के लिए जो भी लोग गए थे उन पर इन हमलावरों ने गोलियाँ बरसा दी। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बताया गया है कि यह हमलावर बोको हराम से अलग हुई एक शाखा अनासारु के सदस्य हैं। बोको हराम नाइजीरिया का एक आतंकी संगठन है। हालाँकि, अभी तक किसी भी संगठन ने इस अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है। माना जा रहा है कि इन बच्चों का अपहरण फिरौती वसूलने के लिए किया गया है।

इन बच्चों के साथ ही एक शिक्षक का भी इन हमलावरों ने अपहरण किया है। रिपोर्ट बताती है कि कुरीगा कस्बे के लगभग हर परिवार का एक बच्चा इस अपहृत बच्चों में शामिल है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला टिनुबू ने इन बच्चों को मुक्त करवाने के लिए सेना भेज दी है। सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल भी यहाँ पहुँच चुका है। राज्य के राज्यपाल ने लोगों को आश्वासन दिया है कि हर बच्चे को बचा लिया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियाँ काम कर रही हैं।

हालाँकि, यह कोई पहली बार नहीं है जब नाइजीरिया में इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का अपहरण हुआ है। इसी हफ्ते हमलावरों ने लगभग 200 बच्चों और महिलाओं को नाइजीरिया के उत्तरपूर्वी हिस्से से अपहरण कर लिया था। इनका अपहरण तब हुआ जब यह जलाने वाली लकड़ी इकट्ठा कर रहे थे। इससे पहले भी लगातार बच्चों और महिलाओं का अपरहण होता रहा है। गौरतलब है कि नाइजीरिया में बीते वर्षों में इस्लामिक आतंकवाद के कारण स्थितियाँ काफी बिगड़ी हैं।

PM मोदी का अपमान मुइज्जु सरकार को पड़ गया भारी: मालदीव में भारतीय पर्यटकों की संख्या में 33% की भारी गिरावट, अर्थव्यवस्था भी चरमराई

मालदीव के कुछ मंत्रियों की भारत विरोधी करतूतों का असर वहाँ के पर्यटन पर दिखाई देने लगा है। मालदीव की वेबसाइट अधाधू ने वहाँ आने वाले यात्रियों नया आँकड़ा जारी किया है। इस आँकड़े के मुताबिक, मालदीव की यात्रा पर जाने वाले भारतीय पर्यटकों की तादाद पिछले साल के मुकाबले इस साल तेजी से गिरी है। आँकड़ों की मानें तो इसमें लगभग 33 प्रतिशत की गिरावट आई है।

ये हालात तब पैदा हुए हैं, जब नई दिल्ली और माले के बीच कूटनीतिक संबंध ठीक नहीं चल रहे हैं। अधाधू वेबसाइट पर मालदीव के पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आँकड़े दिखाए गए हैं। इन आँकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 4 मार्च 2023 तक तक कुल 41,054 भारतीय पर्यटकों ने मालदीव का दौरा किया था, लेकिन महज एक साल में यह संख्या काफी घट गई है।

ताजा आँकड़ों के मुताबिक, 2 मार्च 2024 तक महज 27,224 भारतीय टूरिस्ट ही मालदीव गए। मालदीव की वेबसाइट अधाधू ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले यह संख्या 13,830 कम है। दरअसल, 1 साल पहले तक मालदीव के पर्यटन बाजार में भारत दूसरे नंबर पर था। तब वहाँ के पर्यटन व्यवसाय में 10% हिस्सा भारतीय पर्यटकों का हुआ करते थे। अब यह हिस्सेदारी महज 6 प्रतिशत बची है।

इसी के साथ मालदीव के बाजार में दूसरे नंबर पर रहने वाला भारत अब खिसक कर 6वें नंबर पर आ चुका है। वर्तमान हालातों को देख कर कुछ विशेषज्ञ यह मानते हैं कि आने वाले समय में इन आँकड़ों में और अधिक गिरावट आ सकती है। इस तरह पर्यटन भर पूरी तरह टिकी मालदीव की अर्थव्यवस्था अब भरभराकर गिरने की कगार पर पहुँच गई है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब मालदीव सरकार के तीन मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा पर अपमानजनक टिप्पणी कीं। उस ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस द्वीप समूह को पर्यटन के रूप में विकसित करने का आह्वान किया था। इस आह्वान पर मालदीव के मंत्रियों की पीएम मोदी और भारत पर अशोभनीय टिप्पणी की थीं, जिसके बाद राजनयिक विवाद खड़ा हो गया था।

भारत ने दिल्ली स्थित मालदीव के राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध जताया था। इस विरोध का असर भी दिखा था और अभद्र टिप्पणियाँ करने वाले तीन मंत्रियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया था। मालदीव की यह कार्रवाई भारत की जनता को नाकाफी लगी। भारत में मालदीव के बॉयकॉट का अभियान चलाया गया, जिसमें फिल्म जगत सहित कई क्षेत्रों की हस्तियों ने मालदीव की आलोचना की थी।

साल 2024 की शुरुआत में मालदीव के औद्योगिक संस्थानों ने भारतीयों के बहिष्कार का गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई थी। दरअसल, विवाद शुरू होने के बाद कई यात्रियों ने मालदीव की अपनी एडवांस बुकिंग कैंसिल करवानी शुरू कर दी थी। मालदीव एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एजेंट्स एंड टूर ऑपरेटर्स (MATATO) ने भारतीयों द्वारा रद्द की गई बुकिंग के असर को लेकर एक सर्वे भी किया था।

हालाँकि, MATATO ने अभी तक अपनी सर्वे रिपोर्ट अधाधू की तरह सार्वजानिक नहीं की है। साल 2021-23 तक हर वर्ष भारत से लगभग 2,00,000 से अधिक पर्यटक मालदीव जाया करते थे। बदले हालातों में अब सबसे ज्यादा चीनी पर्यटक मालदीव जा रहे हैं। इस साल 54,000 से अधिक पर्यटकों के साथ मालदीव की यात्रा करने वाले देशों में चीन सबसे ऊपर है।

कॉन्ग्रेस शासित तेलंगाना में पूजा करने गए लोगों पर लाठीचार्ज, महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया: महाशिवरात्रि पर कोमुरावेल्ली मंदिर में जलाभिषेक के लिए गए थे श्रद्धालु

तेलंगाना के सिद्दिपेट जिले में श्रद्धालुओं पर पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। ये श्रद्धालु महाशिवरात्रि के मौक पर जल अर्पित करने पहुँचे थे। ये मामला सिद्दिपेट जिले का है, जहाँ के कोमुरावेल्ली मंदिर में श्रद्धालु महाशिवरात्रि के अवसर पर जलाभिषेक के लिए पहुँचे थे। कोमुरावेल्ली मंदिर में श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटनाक्रम शुक्रवार (8 मार्च 2024) की है, जब तेलंगाना के सिद्दिपेट जिले के प्रतिष्ठित कोमुरावेल्ली मंदिर में श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज की घटना सामने आई। इस घटनाक्रम में जैसे ही श्रद्धालु महाशिवरात्री मनाने के लिए एकत्र हुए, पुलिस अधिकारियों की बदइंतजामी के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुजारियों द्वारा पारंपरिक पूजा करने के बाद भक्तों की भीड़ का दबाव बढ़ गया। दरअसल, कोमुरावेल्ली के मंदिर में पांरपरिक रूप से पीली बंदरी अनुष्ठान किया जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिर के आसपास लगे बैरिकेड्स को पार करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने की जगह सीधे लाठीचार्ज कर दिया।

इस लाठीचार्ज के दौरान पुलिस ने आक्रामक तरीके का सहारा लिया और महिलाओं को भी निशाना बना डाला। यहाँ पुलिस को पहले से जानकारी थी कि मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने वाली है, लेकिन प्रशासन ने व्यवस्था बनाने की जगह लाठियों के दम पर श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस लाठीचार्ज में काफी मात्रा में श्रद्धालु घायल हो गए।

तेलंगाना बीजेपी के कोषाध्यक्ष शांतिकुमार ने सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, “रेवंत रेड्डी की सरकार का हिंदुओं पर अत्याचार! तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के कोमुरावेली मंदिर में पुलिस ने निर्दोष श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज किया। पुलिस ने महिला श्रद्धालुओं को भी नहीं बख्शा। यह हिंदुओं के मौलिक अधिकारों पर हमला है। राज्य में हिंदुओं के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार क्यों, रेवंत रेड्डी?”

इस मामले में एक्स यूजर सिन्हा ने पोस्ट किया, “कांग्रेस शासित तेलंगाना में कोमुरावेल्ली मंदिर के अंदर हिंदू भक्तों को इस तरह पीटा जा रहा है, जैसे वो अपराधी हो। वो न तो सड़कों को जाम कर रहे थे और न ही लोगों के लिए असुविधाएँ बढ़ा रहे थे। वो तो सिर्फ मंदिर के अंदर पूजा कर रहे थे।”

बता दें कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी की अगुवाई में कॉन्ग्रेस की सरकार है। ऐसे में लोगों को इस तरह की खबरें अचंभित नहीं करती हैं। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद लोग रेवंत रेड्डी की सरकार से निराशा जता रहे हैं।

मद्रास HC ने ‘जाति-वर्ण’ वाले फैसले में किया बदलाव, कहा था: वर्तमान जाति व्यवस्था 100 साल से भी कम पुरानी, इसे वर्ण व्यवस्था से जोड़ना ठीक नहीं

मद्रास हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार (7 मार्च, 2024) को तमिलनाडु के राज्य मंत्री उदयानिधि स्टालिन के सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान की निंदा की थी। मद्रास हाई कोर्ट ने कहा था कि वर्तमान जाति व्यवस्था एक सदी से भी कम पुरानी है और उसे पुरातन वर्ण व्यवस्था से नहीं जोड़ा जा सकता। अब कोर्ट ने अपने इस आदेश में बदलाव किए हैं और कहा है कि जातियों का वर्गीकरण एक नई और हालिया व्यवस्था है।

पुराने आदेश में मद्रास हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति अनीता सुमंत ने कहा था कि जाति व्यवस्था में समस्या है लेकिन यह व्यवस्था एक सदी से भी कम पुरानी है और इसका दोष पुरातन वर्ण व्यवस्था पर नहीं मढ़ा जा सकता। अब कोर्ट के संशोधित आदेश में लिखा गया है, “जातियों का वर्गीकरण, जैसा कि हमें आज दिखता है, काफी नई और हालिया सोच है।”

असली आदेश में में क्या था?

मद्रास हाई कोर्ट ने अपने पुराने आदेश में कहा था कि तमिलनाडु में 370 पंजीकृत जाति हैं और जातियों के बीच की समस्याओं को भी देखा गया है। उन्होंने आगे कहा कि अलग-अलग जातियों के लोगों के बीच यह मतभेद कुछ हद तक उन्हें दिए जाने वाले फायदों के कारण हैं।

उन्होंने कहा, “यह न्यायालय इस बात से सहमत है कि समाज में जाति के आधार पर अभी भी असमानताएँ मौजूद हैं और उन्हें दूर किया जाना चाहिए। हालाँकि, जाति व्यवस्था की उत्पत्ति, जैसा कि हम आज इसे देखते हैं, एक सदी से भी कम पुरानी है। तमिलनाडु में 370 पंजीकृत जातियाँ हैं। राज्य में एक या दूसरी जाति के प्रति निष्ठा का दावा करने वाले समूहों द्वारा खींचतान और दबाव चलता आया है। अलग-अलग जातियों के लोगों के बीच यह मतभेद कुछ हद तक उन्हें उपलब्ध दिए गए फायदों के कारण भी है।”

किस मामले में कोर्ट ने यह कहा?

यह आदेश हिंदू मुन्नानी संस्था द्वारा उदयानिधि स्टालिन, तमिलनाडु के राज्य मंत्री पीके शेखरबाबू सांसद ए राजा के खिलाफ दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया था। इस याचिका में विवादित बयानों के बावजूद उनके पद पर बने रहने पर प्रश्न उठाए गए थे। गौरलतब है कि 2 सितंबर, 2023 को चेन्नई में एक कार्यक्रम में उदयानिधि स्टालिन ने कहा था कि कुछ चीजों का न केवल विरोध होना चाहिए बल्कि उन्हें समाप्त कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा था, “जिस तरह डेंगू, मच्छर, मलेरिया और कोरोनो वायरस को खत्म किया जाना चाहिए, उसी तरह हमें सनातन धर्म को भी खत्म करना होगा।” उनके इस बयान के बाद पूरे देश भर में आक्रोश देखा गया गया था।

उनके इस बयान पर एक संगठन हिंदू मुन्नानी के पदाधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए मद्रास हाई कोर्ट में तीन याचिकाएँ दायर कीं थीं। उन्होंने स्टालिन, शेखरबाबू और ए राजा से स्पष्टीकरण दिए जाने की माँग करते हुए कहा था सनातन धर्म के विलुप्त होने का आह्वान करने वाले एक सम्मेलन में भाग लेने के बाद भी यह लोग सार्वजनिक पद पर क्यों बने हुए हैं।

क्या था कोर्ट इस मामले पर रुख?

उदयानिधि ने इस मामले में कोर्ट के सामने कहा कि उनका बयान हिंदुओं या हिंदू धर्म पर नहीं बल्कि जाति व्यवस्था पर था। बुधवार(6 मार्च, 2024) को कोर्ट ने इस मामले को सुनते हुए स्टालिन की टिप्पणी की निंदा की। हालाँकि, कोर्ट उन्हें मंत्रिपद से हटाने की माँग नहीं मानी। कोर्ट ने कहा कि वह तब तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं कर सकता जब तक कि उन्हें इस पद के लिए अयोग्य घोषित नहीं कर दिया जाता।

कोर्ट ने कहा कि सनातन धर्म के बारे में उल्टे सीधे बयान गलत सूचना को बढ़ावा देना है। हाई कोर्ट ने कहा कि उदयानिधि स्टालिन का मौजूदा जाति व्यवस्था को लेकर सनातन धर्म पर हमला करना ठीक नहीं था। कोर्ट ने कहा, “सनातन धर्म को दी गई यह संज्ञा सर्वथा गलत है क्योंकि यह ऐसी जीवनशैली को बढ़ावा देता है जो कि सात्विकता, आगे बढ़ने और पवित्र है।”

कोर्ट ने की अन्य कई महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ

कोर्ट ने कहा कि इतिहास में लोगों ने जाति के नाम पर एक-दूसरे पर प्रश्न उठाए हैं। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे काम स्वीकार नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने इतिहास में हुए अन्याय को लेकर कहा कि इनके लिए डैमेज कंट्रोल की आवश्यकता है, जिससे बराबरी आए।

कोर्ट ने कहा, ”यह कोर्ट स्पष्ट रूप से इस बात पर राजी है कि समाज में आज जाति के नामा पर गैर बराबरी मौजूद है और उन्हें दूर किया जाना चाहिए। लेकिन, जाति व्यवस्था की उत्पत्ति, जैसा कि आज हमारे सामने है, एक सदी से भी कम पुरानी है। क्या इन दुखद परिस्थितियों के लिए पूरी तरह से प्राचीन वर्ण व्यवस्था को दोषी ठहराया जा सकता है? इसका उत्तर ना है।

कोर्ट ने माना न्यायालय ने माना कि वर्ण व्यवस्था वर्गीकरण के लिए जन्म के बजाय व्यक्ति के व्यवसाय को आधार मानती है। कोर्ट ने कहा “वर्ण व्यवस्था जन्म के आधार पर नहीं, बल्कि व्यवसाय के आधार पर वर्गीकरण करती है। इस व्यवस्था को सदियों पहले समाज को आसानी से चलाने के लिए बनाया गया था, तब समाज की आवश्यकताओं के आधार पर प्रमुख व्यवसायों की पहचान की गई थी। आज ऐसी व्यवस्था कितनी कारगर है, यह बात विवादास्पद है।”

टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए बीसीसीआई का बड़ा ऐलान, अब खिलाड़ियों को मिलेगी मोटी रकम, BCCI ने घोषित किया इंसेंटिव प्लान

भारत के लिए टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए इंसेंटिव की घोषणा की गई है। ताकि खिलाड़ी खेल के इस लंबे प्रारूप के बारे में भी गंभीरता से सोचें। कुछ समय पहले टेस्ट मैचों से कन्नी काटने वाले श्रेयस अय्यर और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों के कदमों के बाद बीसीसीआई ने ये कदम उठाया है। दरअसल, टेस्ट मैच पूरे 5 दिन खेले जाते हैं, लेकिन समय और मेहनत के हिसाब से अब तक कम पैसे मिलते थे। ऐसे में खिलाड़ी फर्स्ट क्लास और टेस्ट क्रिकेट की जगह क्रिकेट के छोटे प्रारूप यानी टी-20 और वनडे पर ध्यान लगाते थे। ऐसा न हो और सभी बेहतरीन खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान दें, इसके लिए बीसीसीआई ने इंसेन्टिव देने का प्लान बनाया है।

खिलाड़ी हो जाएँगे मालामाल, पहले से कई गुना ज्यादा मिलेगी रकम

इस बीच बीसीसीआई ने टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए इंसेंटिव की घोषणा की है। जिसके बाद खिलाड़ियों पर पैसों की बारिश होने लगेगी। इसमें तीन शर्तें हैं। पहली शर्त ये है कि अगर एक सीजन में 9 टेस्ट मैच खेले जाते हैं, तो 4 या कम टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को कोई इंसेंटिंव नहीं मिलेगा, लेकिन अगर खिलाड़ी अगर पूरे सीजन के 9 टेस्ट मैचों में 50 प्रतिशत यानि 5 से 6 मैच खेलते हैं तो मैच फीस 30 लाख प्रति मैच इंसेंटिव के तौर पर मिलेंगे।

इस प्लान के तहत प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहे बगैर 5 से 6 मैच तक बैठे रहते हैं तो उन्हें 15 लाख इंसेंटिव के तौर पर प्रति मैच मिलेंगे। इसके अलावा अगर कोई खिलाड़ी 9 मैचों के सीजन में 75 प्रतिशत यानि 7 से ज्यादा मैच खेलता हो तो मैच फीस 45 लाख प्रति मैच इंसेंटिव के तौर पर मिलेंगे. वहीं, सात मैचों के दौरान प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहे बगैर वह बेंच पर ही बैठा रहता है तो उसे 22.5 लाख इंसेंटिव के तौर पर प्रति मैच मिलेंगे।

धर्मशाला टेस्ट में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन

इस बीच, भारत-इंग्लैंड के बीच धर्मशाला में खेले गए पाँच मैचों के आखिरी मैच को भारतीय टीम ने पारी और 64 रनों से जीत लिया है। धर्मशाला टेस्ट मैच में भारत ने पहली पारी में कुलदीप यादव के 5 विकेट और अश्विन के 4 विकेट की बदौलत इंग्लैंड को पहली पारी में 218 रन पर समेट दिया था। इसके बाद भारत ने शुभमन गिल (110) और रोहित शर्मा (103) के शतकों से पहली पारी में 477 रनों का विशाल स्कोर बनाकर इंग्लैंड पर 259 रनों की बढ़त हासिल कर डाली थी। इंग्लैंड की दूसरी पारी में अपना 100वाँ टेस्ट मैच खेलने वाले अश्विन ने 5 विकेट झटके और इंग्लैंड की पूरी पारी को महज 195 रनों पर समेट दिया। इस तरह से टीम इंडिया ने धर्मशाला टेस्ट मैच को पारी और 64 रनों के अंतर से जीत लिया और 4-1 से सीरीज पर कब्जा कर लिया।

इस मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कुलदीप यादव को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस मैच में 112 रन देकर 7 विकेट लिए, तो बल्ले से भी 30 रनों का योगदान दिया। वहीं, पूरी सीरीज में 2 दोहरे शतकों और तीन अर्धशतकों की मदद से 712 रन बनाने वाले यशस्वी जायसवाल को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।

धर्मशाला टेस्ट में भारतीय टीम ने पारी और 64 रनों से इंग्लैंड को हराया, 4-1 से टीम इंडिया ने सीरीज पर किया कब्जा, बने कई बड़े रिकॉर्ड

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई 5 टेस्ट मैचों की सीरीज भारतीय टीम ने 4-1 से जीत ली है। धर्मशाला में खेले गए पाँचवें और आखिरी टेस्ट मैच को टीम इंडिया ने पारी और 54 रनों से जीतते हुए कई रिकॉर्ड बना डाले। इस मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कुलदीप यादव को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस मैच में 112 रन देकर 7 विकेट लिए, तो बल्ले से भी 30 रनों का योगदान दिया। वहीं, पूरी सीरीज में 2 दोहरे शतकों और तीन अर्धशतकों की मदद से 712 रन बनाने वाले यशस्वी जायसवाल को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।

बल्ले और गेंद से धाकड़ प्रदर्शन

इस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने जलवा तो बिखेरा ही, बल्लेबाजों ने भी शानदार पारियाँ खेली। शीर्ष 5 बल्लेबाजों ने 50 रन से अधिक का स्कोर बनाया, जिसमें रोहित शर्मा और शुबमन गिल ने शतकीय पारियाँ खेली। भारतीय टीम ने इंग्लैंड के 218 रनों के जवाब में 477 रन बनाए थे। इसमें यशस्वी जायसवाल ने 57, रोहित शर्मा ने 103, शुबमन गिल ने 110, देवदत्त पड्डिकल ने 65 और सरफराज खान ने 56 रन बनाए। वहीं, रविद्र जडेजा-ध्रुव जुरेल ने 15-15 रन तो कुलदीप यादव ने 30 और जसप्रीत बुमराह ने 20 रनों का योगदान दिया। इंग्लैंड के लिए शोएब बशीर ने 5 विकेट लिए, लेकिन उन्हें 173 रन खर्च करने पड़े, तो जेम्स एंडरसन और टॉम हार्टली ने 2-2 विकेट लिए। वहीं बेन स्टोक्स ने करीब साल भर बार गेंदबाजी करते हुए रोहित शर्मा को आउट किया।

भारत ने पहली पारी के आधार पर 259 रनों की बढ़त बनाई थी, लेकिन इंग्लैंड की दूसरी पारी महज 195 रनों पर सिमट गई। जो रुट ने सर्वाधिक 84 रन बनाए। भारत के लिए अश्विन ने 5 विकेट लिए, तो बुमराह-कुलदीप ने 2-2 विकेट लिए वहीं, जडेजा ने भी एक विकेट लिया।

धर्मशाला मैच का संक्षिप्त हाल

धर्मशाला टेस्ट मैच में भारत ने पहली पारी में कुलदीप यादव के 5 विकेट और अश्विन के 4 विकेट की बदौलत इंग्लैंड को पहली पारी में 218 रन पर समेट दिया था। इसके बाद भारत ने शुभमन गिल (110) और रोहित शर्मा (103) के शतकों से पहली पारी में 477 रनों का विशाल स्कोर बनाकर इंग्लैंड पर 259 रनों की बढ़त हासिल कर डाली थी। इंग्लैंड की दूसरी पारी में अपना 100वाँ टेस्ट मैच खेलने वाले अश्विन ने 5 विकेट झटके और इंग्लैंड की पूरी पारी को महज 195 रनों पर समेट दिया। इस तरह से टीम इंडिया ने धर्मशाला टेस्ट मैच को पारी और 64 रनों के अंतर से जीत लिया और 4-1 से सीरीज पर कब्जा कर लिया।

धर्मशाला टेस्ट मैच में बने कई रिकॉर्ड

इस मैच के साथ ही रविचंद्रन अश्विन और इंग्लैंड के जॉनी बेयरेस्टो ने अपने करियर में 100-100 टेस्ट मैच खेलने की उपलब्धि पाई।

इस टेस्ट मैच में जेम्स एंडरसन ने 700 टेस्ट विकेट का आँकड़ा छुआ, ऐसा करने वाले वो पहले तेज गेंदबाज हैं।

इस टेस्ट मैच के साथ ही अश्विन ने अनोखा कारनामा किया। उन्होंने अपने पहले, 25वें, 50वें और 100वें टेस्ट मैच में पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया, वो ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी हैं।

इस टेस्ट मैच में जीत के साथ ही भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की रेस में एक बार फिर से आगे बढ़ गई है। भारतीय टीम ने 9 मैचों में 6 मैचों में जीत, 2 हार और 1 ड्रॉ के साथ कुल 74 अंक हासिल कर लिए हैं। जो कुल अंकों का 68.51 प्रतिशत है।

इस सीरीज के सभी पाँच मैचों के परिणाम

पहला टेस्ट मैच: हैदराबाद में इंग्लैंड ने पहला टेस्ट मैच 28 रनों से जीता

दूसरा टेस्ट मैच: विशाखापत्तनम में भारतीय टीम ने दूसरा टेस्ट मैर 106 रनों से जीता और सीरीज में बराबरी पाई

तीसरा टेस्ट मैच: राजकोट में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच को भारतीय टीम ने 434 रनों के बड़े अंतर से जीता

चौथा टेस्ट मैच: राँची में भारतीय टीम ने 5 विकेट से चौथा टेस्ट मैच जीता

पाँचवाँ टेस्ट मैच: धर्मशाला में भारतीय टीम ने पारी और 64 रनों से मैच जीता और सीरीज पर 4-1 से कब्जा किया।

मोहम्मद इसराफिल ने मुन्ना महतो बन नाबालिग को इंस्टा पर फाँसा, नेपाल से भगाकर लाया उत्तराखंड: मंदिर में शादी का किया दिखावा, नैनीताल पुलिस ने दबोचा

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में लव जिहाद का एक नया मामला सामने आया है। यहाँ नेपाल निवासी एक मुस्लिम युवक एक नेपाली लड़की के साथ आकर रह रहा था। पीड़िता 16 साल की नाबालिग है। आरोपित ने लड़की को धोखे में रखते हुए मंदिर में शादी कर ली है। 24 वर्षीय युवक का नाम मोहम्मद इसराफिल उर्फ दारा अंसारी है। उसे एक NGO की शिकायत के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।

इसके साथ ही पुलिस ने बुधवार (6 मार्च 2024) को लड़की को भी बरामद कर लिया। मामला भीमताल क्षेत्र की है। मिशन मुक्ति फाउंडेशन NGO की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मोहम्मद इसराफिल नेपाल के परसाबीरगंज का निवासी है। उसने नेपाल के शिवपुर में रहने वाली 16 वर्षीय एक नाबालिग लड़की से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की। इस दौरान उसने अपना नाम मुन्ना महतो बताया था।

इसराफिल ने लड़की को शादी के सपने दिखाए। इसके बाद पीड़िता उसके झाँसे में आ गई। इसके बाद 11 दिसंबर 2023 को मोहम्मद इसराफिल अंसारी लड़की को लेकर अपने साथ उत्तराखंड भाग आया।जब लड़की अपने घर से लापता हुई तो उसके परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी। लगभग 1 माह बाद लड़की की माँ को एक व्हाट्सएप नंबर से कॉल की गई।

कॉलर ने पीड़िता की माँ से कहा कि अपनी बेटी को भूल जाओ। नेपाली अभिभावकों ने इसकी शिकायत बिहार के बेतिया क्षेत्र में पड़ने वाले सशत्र सीमा बल (SSB) यूनिट को दी। इस काम में NGO मिशन मुक्ति फाउंडेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह ने पीड़ित परिवार की मदद की। SSB यूनिट से नैनीताल के एसएसपी को पत्र लिखकर पीड़िता को बरामद करने में मदद माँगी।

इस बीच लड़की को नेपाल से नैनीताल लाए इसराफिल ने हिन्दू बनकर धोखे में रखा। उसने भीमताल में अपना ठिकाना बनाया और पीड़िता से घोड़ाखाल के एक मंदिर में शादी भी कर ली। इस दौरान आरोपित ने पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद कई बार रेप किया। एक दिन इसराफिल अपना फोन घर पर छोड़ कर चला गया था, तभी उसके नंबर पर एक कॉल आई, जो इसराफिल के रिश्तेदार की थी।

यह फोन पीड़िता ने उठाया। कॉलर ने इसराफिल अंसारी से बात कराने को कहा। तब जाकर पीड़िता को इसराफिल के मुन्ना महतो नहीं, बल्कि मुस्लिम होने की जानकारी हुई। हालाँकि, पीड़िता के पास निकलने का कोई विकल्प नहीं बचा था। इस बीच नैनीताल पुलिस ने इसराफिल के खिलाफ अपनी जाँच शुरू कर दी थी। आखिरकार पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई।

पुलिस ने 6 मार्च 2024 को भीमताल क्षेत्र से उसे हिरासत में ले लिया और पीड़िता को बरामद कर लिया। इसराफिल के खिलाफ बलात्कार, पॉक्सो एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। पीड़िता ने बताया कि इसराफिल कई बार उससे केरल चलने की बात करता था। पुलिस आरोपित का पूरा मकसद पता करने में जुटी है।

कनाडा में गैंगवार: भारतीय मूल के व्यवसायी के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, गैंगस्टर गोल्डी बरार का हाथ होने की आशंका

भारतीय गैंगस्टर गोल्डी बरार के गिरोह के एक सदस्य ने कनाडा में एक भारतीय मूल के व्यवसायी के घर पर गोलीबारी की। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक नकाबपोश व्यक्ति को आवास पर गोलीबारी करते देखा गया जा सकता है। कहा जा रहा है कि यह वीडियो तीन दिन पहले यानी 6 मार्च 2024 को रिकॉर्ड किया गया था।

हालाँकि, इस गैंग ने इस हमले की अभी जिम्मेवारी नहीं ली है। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार ने ही 28 वर्षीय पंजाबी कलाकार सिद्धू मूसेवाला की हत्या कराई थी। मूसेवाला की मई 2022 में पंजाब के मनसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

गोल्डी बरार भारत और कनाडा दोनों देशों में वांछित है। वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य है। सूत्रों ने बताया कि गोल्डी बरार गिरोह और उसके प्रतिद्वंद्वी कनाडा में जबरन वसूली के लिए अक्सर गोलीबारी में शामिल रहते हैं। वह आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा है और माना जाता है कि वह कनाडा के ब्रैम्पटन में रहता है।

जनवरी 2024 में उसे आतंकवादी के रूप में नामित करने के लिए भारत सरकार द्वारा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम लागू किया था। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि गोल्डी बरार हत्या, जबरन वसूली और धमकी भरे फोन कॉल करने सहित कई अपराधों से जुड़ा हुआ है।

उस पर भारत में बंदूकें और गोला-बारूद की तस्करी के लिए ड्रोन तैनात करने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, उस पर लक्षित हत्याएँ (Target Kiling) को अंजाम देने का अंदेश है। वह इस तरह की हत्याओं के जरिए राष्ट्रीय शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश में लगा है, खासकर पंजाब में।

भारत सरकार द्वारा 1 जनवरी 2024 को उसे आतंकी घोषित करने के बाद इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है। उसके खिलाफ 12 दिसंबर 2022 को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। तब से दोनों देशों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

गोल्डी बराड़ पंजाब के श्री मुक्तसर साहेब का रहने वाला है। साल 1994 में जन्मा गोल्डी कनाडा के ब्राम्पटन में रहकर भारत में अपना सिंडिकेट चलाता है। वो खालिस्तानी आतंकियों के साथ जुड़कर भारत विरोधी काम भी कर रहा है। इंटरपोल के अनुसार, 29 वर्षीय गोल्डी बराड़ हत्या, आपराधिक साजिश और अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल है। उसके खिलाफ पहले ही एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। उसे पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस कनाडा तक गई थी लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका है।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही गैंगस्टर लखबीर सिंह लांडा को भी गृह मंत्रालय ने आतंकी घोषित किया था। उसका भी लिंक बब्बर खालसा इंटरनेशनल से हैं। गोल्डी बराड़ का भी उससे लिंक है। वो पाकिस्तान में रहने वाले आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के साथ काम करता है। लांडा पर तरनतारन जिले के पुलिस स्टेशन पर आरपीजी हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है।

पकड़ा गया ₹2000 करोड़ के ड्रग रैकेट का सरगना जाफर सादिक: CM स्टालिन, उदयानिधि के साथ थी तस्वीरें, जयपुर से हुई गिरफ्तारी

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हाल ही में उजागर किए गए ₹2000 करोड़ के ड्रग रैकेट के सरगना जाफ़र सादिक को गिरफ्तार किया है। DMK का पूर्व पदाधिकारी जाफ़र बीते 15 दिनों से फरार था। उसे राजस्थान के जयपुर में एक होटल से गिरफ्तार किया गया है।

गौरतलब है कि फरवरी, 2024 में दिल्ली पुलिस और NCB ने एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ करके दिल्ली से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पता चला था कि इस पूरे रैकेट का सरगना तमिलनाडु का रहने वाला जाफ़र सादिक है जो कि सत्ताधारी DMK का पदाधिकारी था।

वह एक फिल्म निर्माता भी है। सादिक की तमिलनाडु CM स्टालिन और उनके बेटे उदयानिधि के साथ तस्वीरें भी सामने आई थी। सादिक इस खुलासे के बाद से ही फरार था। एजेंसियाँ उसकी तलाश कर रही थीं। अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

दिल्ली में मारे गए इस छापे में स्यूडोफेड्राइन नाम की एक ड्रग बरामद हुई थी। सामने आया था कि यह रैकेट इस ड्रग को अलग अलग खाने के सामान में छुपा कर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भेज रहा था, जहाँ इसकी कीमत करोड़ों में है। यह ड्रग समुद्र के रास्ते भेजी जाती थी।

यह भी सामने आया था कि बीते तीन वर्षों में 3500 किलो से अधिक ड्रग इन देशों को भेजी जा चुकी है। अब तक 45 बार इन देशों ड्रग भेजी गई थी। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजर में कीमत कम से कम ₹2000 करोड़ बताई जा रही थी। इस पूरे रैकेट के तार सादिक से जुड़े थे।

CM स्टालिन के साथ दिखा था जाफ़र सादिक

जाफ़र सादिक एक तमिल फिल्म निर्माता है। वह अब तक 4-5 फिल्म बना चुका है। उसने एक फिल्म ‘मंगाई’ बनाई थी। इसका एक गाना उदयानिधि की पत्नी के हाथों लॉन्च किया गया था। इससे पहले वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी मिला था। वह सीएम स्टालिन से 17 दिसम्बर 2023 को मिला था। सादिक ने इस दौरान उन्हें ₹10 लाख चेक सौंपा था। यह चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए था। यह दान उसने तूफ़ान मिचौन्ग के बाद दिया था।

वह सिर्फ सीएम स्टालिन से ही नहीं बल्कि उनके बेटे और तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयानिधि स्टालिन से भी मिला था। उन्हें इसने ₹2 लाख का चेक सौंपा था, जो मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए था। इस दान को लेकर उदयानिधि ने सादिक की प्रशंसा में एक पोस्ट भी लिखा था, वह अब डिलीट कर दिया गया है।

DMK का पदाधिकारी था जाफ़र सादिक

जाफ़र सादिक तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK से जुड़ा हुआ था और इसकी NRI विंग का मैनेजर था। उसे ड्रग आरोपों के बाद पार्टी ने निकाल दिया गया था उसकी कई DMK सांसदों और विधायकों के साथ फोटो हैं।

भाजपा ने DMK को घेरा

जाफ़र सादिक की गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु भाजपा ने DMK को घेरा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा है कि सादिक DMK नेताओं का करीबी था और यह जानना जरुरी है कि क्या उसने उन्हें मनी लांड्रीग में सहायता की है।

इससे पहले भी के अन्नामलाई ने प्रश्न उठाते हुए कहा था कि जबसे राज्य में DMK सत्ता में आई है तब से ड्रग्स का प्रकोप बढ़ गया है।