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शाहरुख खान ने कहा ‘जय श्री राम’, अब कट्टरपंथी दे रहे माँ-बहन की गंदी-गंदी गाली: अंबानी के बेटे की प्री वेडिंग का वीडियो वायरल

अनंत अम्बानी और राधिका मर्चेंट की शादी से पहले आयोजित प्री वेडिंग कार्यक्रम इस समय सोशल मीडिया की सुर्खियाँ बनी हुई हैं। इस मौके पर जहाँ रिहाना का डांस चर्चा में रहा तो वहीं अब शाहरुख़ खान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शाहरुख़ खान प्री वेडिंग में शामिल हुए लोगों का ‘जय श्री राम’ बोल कर अभिवादन करते सुने जा सकते हैं। भले ही मौके पर मौजूद लोगों ने ख़ुशी में शोर मचा कर शाहरुख़ खान के अभिवादन का जवाब दिया हो लेकिन सोशल मीडिया के कई मुस्लिम यूजर्स को यह जयकारा रास नहीं आया है। कुछ कट्टरपंथी अब शाहरुख़ खान को गंदी-गंदी गालियाँ दे रहे हैं।

यह वीडियो रविवार (3 मार्च 2024 ) को मानव मंगलानी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया है। समाचार लिखे जाने तक वीडियो को लगभग 38 हजार लोग देख चुके हैं। वीडियो की शुरुआत में ही मंच पर आते ही शाहरुख़ खान ने सभी को जय श्री राम बोला।

शाहरुख़ खान के ‘जय श्री राम’ बोलने पर वहाँ बैठे लोगों ने भी शोर मचा कर उत्साह बढ़ाया। अपने सम्बोधन के बीच में शाहरुख़ खान ने तीन मूर्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने अंबानी परिवार की महिलाओं का संबोधन माता लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती का विशेषण देते हुए किया।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई मुस्लिम यूजर्स अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग वीडियो के साथ छेड़खानी का आरोप लगा रहे हैं तो कई लोग शाहरुख़ खान को गालियाँ देते देखे जा सकते हैं। im_shekh_29 ने आरोप लगाया है कि वीडियो एडिट की गई है। उनका कहना है कि शुरुआत में शाहरुख़ खान ने अस्सलाम वाले कुम बोला था, जिसे गलत दिशा देने के लिए काट दिया गया।

चित्र साभार- instagram/im_shekh_28

सद्दाम खान का आरोप है कि शाहरुख़ खान ने 50 करोड़ रुपए लिया है। सद्दाम ने अपने कमेंट में हँसी की इमोजी भी डाली है।

चित्र साभार- इंस्टाग्राम/saddam_sid_khan

शहनूर ने गुस्सा दिखाते हुए लिखा है कि शाहरुख़ खान को जय श्री राम बोलने के अलग पैसे मिले हैं। उन्होंने अपने कमेंट में शाहरुख़ को ‘दल्ला’ शब्द से सम्बोधित किया है। वहीं एक अन्य यूजर लाइव लव डाई ने एक फोटो शेयर की है। किसी फिल्म के दृश्य वाले इस फोटो में एक अभिनेता दूसरे को माँ की गाली देने की तस्वीर दिख रही है।

चित्र साभार- इंस्टाग्राम/mr.shahnoor

नादिर रंगरेज का मानना है कि जय श्री राम बोल कर शाहरुख़ खान ने औकात दिखा दी है।

चित्र साभार- instagarm/ नादिर रंगरेज

हालाँकि भले ही कई कट्टरपंथी शाहरुख़ खान के बारे में सोशल मीडिया पर तमाम अपशब्द बोल रहे हैं लेकिन नेटीजेंस उनका समर्थन भी कर रहे हैं। शाहरुख खान के अभिवादन के जवाब में संतोष श्रीवास्तव, आदेश विश्वकर्मा, रामवेद आदि ने भी शाहरुख़ को जय श्री राम बोला है।

‘मोदी हिंदू नहीं है, माँ की मौत पर बाल नहीं मुंडवाया’: पटना की रैली में तू-तड़ाक पर उतरा लालू यादव, कहा- जिसका परिवार नहीं, वो क्या जाने परिवारवाद

लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए राजनीति अपने चरम पर पहुँच गई है। बिहार के जंगलराज के पर्याय माने जाने वाले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संस्थापक लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। लालू ने कहा कि पीएम मोदी हिंदू नहीं हैं, क्योंकि उनकी माँ के देहांत के वक्त उन्होंने अपना सिर नहीं मुंडवाया था।

पीएम पद की गरिमा का मानमर्दन करते हुए लालू यादव पीएम मोदी के तू-तड़ाक शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा, “मोदी क्या है? मोदी कोई चीज नहीं है। मोदी के पास तो परिवार ही नहीं है। अरे भाई तुम बताओ ना कि तुम्हारे परिवार में कोई संतान क्यों नहीं हुआ। ज्यादा संतान होने वाले लोगों को बोलता है कि परिवारवाद है, परिवार के लिए लड़ रहा है।”

लालू यादव ने आगे कहा, “तुम्हारे पास तो परिवार ही नहीं है। तुम तो हिंदू भी नहीं हो। मोदी की माताजी का जब निधन हुआ तो सबने देखा कि मोदी ने माँ की मौत के बाद भी बाल-दाढ़ी नहीं बनवाया। किसी का माँ मरती है तो बेटा बाल अपना छिलवाता है। तुम क्यों नहीं छिलवाए, जब तुम्हारी माँ का निधन हुआ?” उन्होंने कहा कि जो बिहार फैसला लेता है, वही देश के लोग अनुकरण करते हैं।

लालू यादव ने आगे कहा, “तेजस्वी महागठबंधन सरकार के दौरान लाखों रोजगार दिया। हम रोज पूछते थे आज कितना रोजगार दिया? तेजस्वी अच्छा काम किया। साल 2017 में जब नीतीश महागठबंधन से एनडीए में गए थे तो नीतीश को हम गाली नहीं दिए। हम कहे थे पलटूराम है। इसके बाद हम उनको फिर महागठबंधन में दोबारा लिए। हम लोग से गलती हुई।”

लालू यादव ने कहा, “मैं टीवी में देखता हूँ कि कोई माला पहना रहा है, कोई फूल पहना रहा है… शर्म नहीं आती है क्या नीतीश कुमार को ये सब देखकर? देख रहे हैं कि उनका शरीर भी काम नहीं कर रहा है आजकल। आज के गाँधी मैदान का जुटान देखकर और भी पता नहीं कौन बीमारी पैदा ले लेगा।”

दरअसल, बिहार की राजधानी पटना में रविवार (3 मार्च 2024) को राजद द्वारा आयोजित जनविश्वास रैली विपक्षी दलों राहुल गाँधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता पहुँचे। इसमें तेजस्वी यादव के साथ लालू यादव भी पहुँचे। इसी रैली में बोलते हुए लालू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने कमंडल और मंडल कमीशन का भी जिक्र किया।

लालू प्रसाद ने कहा, “ये कहता है कि भगवान में प्राण प्रतिष्ठा कर दिया। बताओ कि बिना प्राण प्रतिष्ठा के ही भगवान अब तक थे?” मंडल कमीशन को लेकर उन्होंने कहा, “मंडल कमीशन का नतीजा है कि आज हर पिछड़ा वर्ग, दलित, वंचित और गरीब सत्ता के दरवाजे पर खड़ा है। यह नरेंद्र मोदी क्या चीज है?” बता दें कि मंडल कमीशन को वीपी सिंह ने पीएम रहते लागू किया था।

‘8 करोड़ दो या 41 करोड़… शादी में नहीं गाएँगे गाना’: लता मंगेशकर ने दिया था जवाब, आशा भोंसले का सुनाया किस्सा फिर से चर्चा में

दिवंगत गायिका और भारत रत्न लता मंगेशकर को लेकर आशा भोंसले द्वारा किया गया खुलासा एक बार फिर से चर्चा में है। आशा भोंसले ने बताया था कि एक बार लता मंगेशकर ने 10 लाख डॉलर (अभी 8 करोड़ 28 लाख रुपए कीमत) की पेशकश के बावजूद एक शादी में गाने से इंकार कर दिया था।

ऐसा ऑफर करने वाले ने इतनी बड़ी रकम के लिए लता मंगेशकर से महज 2 घंटे गाने की माँग की थी। हालाँकि जवाब में दिवंगत गायिका ने कहा था कि अगर उन्हें 50 लाख डॉलर (अभी की कीमत के अनुसार 41 करोड़ 42 लाख रुपए) भी ऑफर किया जाए तो भी वो इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आशा भोंसले ने यह खुलासा डांस के रियलिटी शो डीआईडी लिटिल मास्टर्स 5 में किया था। तब उन्होंने बताया, “उन्हें (लता) एक शादी में गाने के लिए 1 मिलियन डॉलर की पेशकश हुई थी। उनसे कहा गया कि सिर्फ दो घंटे दर्शन दीजिए। इस पर गायिका ने उत्तर दिया, “अगर आप मुझे 5 मिलियन डॉलर भी देंगे तो भी मैं नहीं आने वाली।”

आशा भोंसले ने यही बात इससे पहले लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार समारोह में भी कही थी। तब आशा भोंसले ने कहा था कि तमाम पेशकर को ठुकराते हुए लता दीदी ने आयोजकों और आमंत्रित करने वालों को साफ़ इंकार कर दिया था।

बकौल आशा भोंसले तब लता मंगेशकर ने स्पष्ट जवाब देते हुए कहा था कि आप कितना भी पैसा दे दो लेकिन हम शादियों में गाना नहीं गाते। यह जवाब सुन कर उन्हें बुलाने गया व्यक्ति काफी निराश भी हुआ था।

आशा भोंसले के इस खुलासे पर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने लता मंगेशकर के इस निर्णय को प्रेरणादायक बताया है। कंगना रनौत ने अपना भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी कई बार तमाम महंगे ऑफर ठुकराते हुए शादी-ब्याह में डांस नहीं किया।

बताते चलें कि लता मंगेशकर ने ईशा अंबानी और आनंद पीरामल की शादी के लिए एक ख़ास संदेश के तौर पर गायत्री मंत्र और एक गणेश स्तुति रिकॉर्ड कर के भेजी थी। उनकी यह रिकॉर्डिंग कई अनुष्ठानों के दौरान बजाई भी गई। गौरतलब है कि लता मंगेशकर का 2022 में 92 साल की उम्र में मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण निधन हो गया था।

17 घंटों में ही पलट गए पवन सिंह: वंदन-चंदन-अभिनंदन से किया था धन्यवाद… अब कह रहे आसनसोल से नहीं लड़ पाऊँगा

भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार पवन सिंह ने आसनसोल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने ने मना कर दिया है। उन्हें बीजेपी ने आसनसोल लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा था। आसनसोल में उनका सामना टीएमसी के शत्रुघ्न सिन्हा से होने की उम्मीद लगाई जा रही थी, लेकिन पवन सिंह ने आसनसोल से लोकसभा चुनाव लड़ने से ही मना कर दिया है।

पवन सिंह ने चुनाव लड़ने से मना करते हुए एक्स पर लिखा, “भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दिल से आभार प्रकट करता हूँ। पार्टी ने मुझ पर विश्वास करके आसनसोल का उम्मीदवार घोषित किया, लेकिन किसी कारणवश मैं आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाऊँगा…”

खास बात ये है कि बीजेपी ने जब 195 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी और पवन सिंह की उम्मीदवारी की घोषणा की थी, तब पवन सिंह ने जोरदार तरीके से पार्टी को धन्यवाद कहा था और पार्टी का वंदन-चंदन-अभिनंदन करने वाला ट्वीट भी किया था, लेकिन महज 17 घंटों के अंदर ही उन्होंने चुनाव मैदान से हटने की घोषणा कर दी है।

जेपी नड्डा ने दिल्ली बुलाया

इस बीच, एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने पवन सिंह को बातचीत करने के लिए दिल्ली बुलाया है। बीजेपी ने पवन सिंह को पश्चिम बंगाल के आसनसोल से मैदान में उतारा था। आसनसोल से वर्तमान में तृणमूल कॉन्ग्रेस के शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं। ऐसे में यहाँ दो कलाकारों के बीच मुकाबला होने की उम्मीद थी, लेकिन पवन सिंह के चुनाव मैदान से हटने की घोषणा से बीजेपी को अब दूसरे उम्मीदवार के नाम पर विचार करना होगा।

अपने ही पुराने गानों की वजह से फजीहत?

पवन सिंह को भोजपुरी फिल्मों का सुपरस्टार माना जाता है। उनकी बड़ी फैन फॉलोविंग है। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की महिलाओं के ऊपर गाए गए उनके पुराने गानों की वजह से उन्हें टीएमसी निशाना बनाने लगी थी। ऐसे में पवन सिंह ने मैदान से हटने में ही भलाई समझी। टीएमसी नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी इस ओर इशारा किया था। पार्टी के राज्य सभा सांसद साकेत गोखले ने पवन सिंह के पीछे हटने पर बीजेपी को निशाने पर लिया।

अभिषेक बनर्जी ने पवन सिंह के चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान पर कहा है कि यह पश्चिम बंगाल के लोगों की अदम्य भावना और शक्ति की जीत है। बता दें कि टीएमसी ने पवन सिंह पुराने गानों में बंगाल की महिलाओं के चित्रण पर सवाल खड़े किए थे। कुछ ही घंटों में यह विवाद काफी बढ़ गया था। टीएमसी ने इस बंगाल की महिला सम्मान से जोड़ दिया था। ऐसे में उन्होंने मैदान से ही हटने में भलाई समझी।

बता दें कि साल 2014 और 2019 में बीजेपी के टिकट पर बाबुल सुप्रियो ने यहाँ से चुनाव जीते थे। उन्होंने साल 2021 में बीजेपी को छोड़ दिया था। इसके बाद इस सीट पर टीएमसी की ओर से बॉलीवुड एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने उपचुनाव जीता था। सिन्हा पहले बीजेपी में थे, और कई बार सांसद रहे थे। हालाँकि वो बिहार की पटना-साहिब सीट से चुनाव लड़ते थे।

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राजस्थान में देवेंद्र झाझरिया को चुरू से बीजेपी ने बनाया उम्मीदवार, दुनिया भर में परचम लहराने वाले चैंपियन के बारे में जानिए सब कुछ

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए 195 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है, उसमें राजस्थान के चुरू लोकसभा सीट से देवेंद्र झाझरिया का भी नाम है। देवेंद्र झाझरिया बेहद जीवट रखने वाले व्यक्ति हैं। वो पैरालंपिक खेलों में हिंदुस्तान के सबसे सफल खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने 2 पैरालंपिक गोल्ड मेडल, एक सिल्वर मेडल और एक कांस्य पदक जीता है। बचपन में महज 8 साल की उम्र में ही अपना हाथ गवाँ देने वाले देवेंद्र झाझरिया भाला फेंक के खिलाड़ी हैं। एथेंस पैरा ओलम्पिक में स्वर्ण पदक, इंचियोन दक्षिण कोरिया पैरा एशियन गेम्स में रजत और चीन के ग्वाऊ च्युयानलिंग में कांस्य पदक जीतकर विश्वभर में भारत का नाम रौशन किया।

जिंदगी की मुश्किल चुनौतियों का हंसकर सामना करने वाले 42 साल के झाझरिया थार रेगिस्तान के प्रवेश द्वार के तौर पर जाने जाने वाले चुरू से अपनी राजनीति पारी का भी आगाज कर रहे हैं। राजस्थान के इस क्षेत्र को गर्मी और सर्दी के मौसम में अपने रिकॉर्ड तापमान के लिए भी जाना जाता है। बचपन में त्रासदी झेलने वाले झाझरिया ने सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए काफी संघर्ष किया। अब उन्हें चुरु की उस लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है, जहाँ बीजेपी साल 1999 से लगातार जीतती रही है।

पद्म श्री, पद्म भूषण और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित

देवेंद्र झाझरिया इस चुनाव में सबसे डेकोरेटेड खिलाड़ी हैं, जिन्हें चुनाव मैदान में उतारा गया है। उन्हें साल 2012 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जिन्हें पहले पैरा-एथलीट के रूप में यह उपलब्धि हासिल हुई थी। 2017 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म भूषण से भी उन्होंने भारत के सर्वोच्च खेल सम्मानों को प्राप्त किया। उन्हें साल 2004 में अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। खास बात ये है कि एफ46 भाला फेंक 2008 और 2012 पैरालंपिक का हिस्सा नहीं था, वर्ना उनके पदकों की संख्या और भी ज्यादा होती।

देवेंद्र झाझरिया की पत्नी भी खिलाड़ी

देवेंद्र झाझरिया की पत्नी का नाम मंजू है। वो राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी रह चुकी हैं। वो हर कदम पर अपने पति का साथ देती हैं। वहीं, देवेंद्र झाझरिया के पिता की कैंसर से मृत्यु हो गई थी। साल 2020 में नेशनल गेम्स के दौरान वो पदक जीतने के बाद अपने पिता की याद में रो पड़े थे।

चुरू लोकसभा सीट का इतिहास

चुरू को बीजेपी की सबसे सुरक्षित सीटों में से एक माना जाता है। बीजेपी के लिए साल 1991 में पहली बार राम सिंह कासवान ने ये सीट जीती थी, इसके बाद दो चुनाव में कॉन्ग्रेस को जीत मिली, लेकिन 1999 में राम सिंह कासवान ने ये सीट फिर से जीत ली और इसके बाद उन्होंने 2004 और 2009 में भी जीत दर्ज की। साल 2014 और 2019 में राहुल कासवान ने ये सीट बीजेपी के कब्जे में रखी। राहुल कासवान राम सिंह कासवान के ही बेटे हैं। पिता-पुत्र की इस जोड़ी की विरासत को संभालने की जिम्मेदारी अब देवेंद्र झाझरिया के पास है।

बीजेपी की 25 सीटों में से 15 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा

बीजेपी ने 25 लोकसभा सीटों वाले राजस्थान के लिए 15 उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। पहली लिस्ट के अनुसार, राजस्थान में पांच लोकसभा सांसदों के टिकट इस बारे काटे गए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जहां कोटा से चुनाव लड़ेंगे, वहीं बीजेपी ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुए दो नेताओं को भी टिकट दिया है। बता दें कि साल 2014 में भाजपा ने राजस्थान की सभी 25 सीटों पर जीत हासिल की थी। साल 2019 में बीजेपी ने गठबंधन के तहत नागौर सीट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के हनुमान बेनीवाल के लिए छोड़ दी थी, जहाँ बेनीवाल ने जीत हासिल की, वहीं, BJP ने बाकी 24 सीटें जीती थी। इस तरह से राजस्थान में एनडीए ने क्लीनस्वीप किया था।

सीएम सुक्खू एक नंबर के झूठे: कॉन्ग्रेस के बागी विधायक बोले- पार्टी के 9 MLA उनके संपर्क में, स्थिर सरकार की बात झूठ

हिमाचल प्रदेश में सब कुछ सही नहीं है। अब तक कॉन्ग्रेस कहती आई है कि प्रदेश में सब ठीक है, लेकिन सब ठीक नहीं है। कॉन्ग्रेस के बागी नेता राजेंद्र राणा ने शनिवार (2 मार्च 2024) को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ‘एक नंबर का झूठा’ बताया और कहा कि ना तो लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सुक्खू को बताया था कि वे पंचकूला में कॉन्ग्रेस के बागियों से मिल रहे हैं और ना ही मुख्यमंत्री ने उन्हें भेजा था।

राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य सिंह ने उन्हें वापस आने या समझौता करने के लिए कभी नहीं कहा। राजेंद्र राणा ने कहा कि उन्हें अपनी सरकार से शिकायतें हैं, क्योंकि सरकार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने में नाकाम रही है।

दरअसल, सीएम सुक्खू ने शुक्रवार (1 मार्च 2024) को कहा था कि उन्हें विक्रमादित्य सिंह ने बताया था कि कॉन्ग्रेस के कुछ बागियों ने उनसे संपर्क किया था और वे वापस आना चाहते हैं। इसके बाद सुक्खू ने कहा कि वे शीर्ष नेतृत्व से बात करके इसकी जानकारी देंगे।

वहीं, पार्टी के बागी राजेंद्र राणा ने कहा कि उन्होंने प्रदेश की जनता के हितों के लिए क्रॉस वोटिंग की थी। उन्होंने कहा कि वे अपमान झेलने के बजाय घर बैठना पसंद करेंगे। राजेंद्र राणा ने कहा कि सीएम का यह दावा की सरकार स्थिर है, झूठा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के 9 विधायक उनके संपर्क में हैं।

दरअसल, सोलन जिले के कसौली में सीएम सुक्खू ने कहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी के छह काले साँपों ने अपना सम्मान बेच दिया और गरीबों के कल्याणकारी योजनाओं वाले बजट पर वोट ना देकर कॉन्ग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की। भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने वाले कॉन्ग्रेस के छह विधायकों को सदन की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने 29 फरवरी को कहा था, “कॉन्ग्रेस के निशान पर चुनाव लड़ने वाले छह विधायकों ने अपने खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। मैं घोषणा करता हूँ कि छह लोग तत्काल प्रभाव से हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्य नहीं रहेंगे।”

जिन विधायकों की सदस्यता रद्द की गई थी, उनमें धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा, कुटलैहड़ के विधायक देवेंद्र भुट्टो, बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा और लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर शामिल हैं। इन विधायकों के पास अब हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प है।

हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने ट्रिब्यूनल के चेयरमैन के तौर पर पिटीशन की सुनवाई की और 30 पन्नों का फैसला दिया। बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने छह बागी विधायकों के खिलाफ याचिका दायर की थी। व्हिप के मुताबिक बजट पास करने के वक्त बागी विधायक सदन में मौजूद नहीं रहे। 

केरल में सरकारी नौकरों को सैलरी नहीं, न रिटायर लोगों को पेंशन… जिनके खातों में पैसा, वो भी फ्रीज: राज्य में आर्थिक संकट, 3.5 लाख कर्मचारी प्रभावित

केरल सरकार इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रही है। इसी वजह से वहाँ के सरकारी कर्मचारियों को सैलरी मिलने में देरी हो रही। पहले राज्य कर्मचारियों का वेतन 1 तारीख को आना था। देरी की वजह से अब यह 4 मार्च को आने की उम्मीद है। वेतन मिलने में हो रही इस देरी का कारण बैंकों में सरकारी ट्रेजरी से समय से पैसा न पहुँचना बताया जा रहा है। इस व्यवधान की वजह से समय से वेतन पाने की उम्मीद लगाए लगभग 3.5 लाख कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल में चल रहे आर्थिक संकट के चलते कर्मचारी ट्रेजरी सेविंग्स बैंक (ईटीएसबी) का खाता फ्रीज हो चुका है। सरकारी खजाने को फिर से भरने के लिए फ़िलहाल प्रयास शुरू किए जा चुके हैं। कर्मचारियों को वेतन देने के अलावा अन्य जरूरी कामों को पूरा करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों से आने वाले भंडार और लाभांश को राज्य सरकार के खजाने में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए हैं। इन अतिरिक्त प्रयासों के चलते ही राज्य कर्मचारियों के वेतन 4 मार्च को आने की उम्मीद है।

सैलरी में हो रही इस देरी की वजह से केरल के सरकारी कर्मचारियों में निराशा है। वो अपनी ही सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इन हालातों के बीच सचिवालय एक्शन काउंसिल ने भी रोष जताते हुए अपना बयान जारी किया है। काउंसिल ने इस देरी के लिए प्रदेश सरकार के गलत मैनेजमेंट को जिम्मेदार बताया है। केरल सरकार के खिलाफ ऐसी बयानबाजी कर्मचारियों के मन में बढ़ रहे असंतोष का प्रतीक मानी जा रही है।

फिलहाल इस पूरे मामले पर राज्य सरकार का ट्रेजरी और वित्त विभाग मौन साध कर बैठा है। वह इस समय के पीछे तकनीकी कारणों का हवाला दे रहा है। हालाँकि राज्य कर्मचारी सरकार की इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं। वो सरकार की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

केरल के सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि वेतन उनके ईटीएसबी खातों में तो दिख रहा है लेकिन वो उसे निकाल नहीं सकते। असंतुष्ट कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने कुछ लोगों की नाराजगी दूर करने के लिए सैलरी खातों में आ जाने का भ्रम पैदा किया है। सैलरी के अलावा पेंशन पाने वाले रिटायर हो चुके कर्मचारी भी अपने पेंशन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। केरल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।

माना जा रहा है कि सैलरी आने का भ्रम पैदा करके वर्तमान सरकार केरल में चल रहे आर्थिक संकट को जानबूझ कर छिपाने का प्रयास कर रही है। वेतन आने में देरी होने से प्रभावितों में गृह, राजस्व, ट्रेजरी, जीएसटी और सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसकी वजह से इस मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है। फ़िलहाल आने वाले समय में यदि ऐसे ही हालत बने रहे तो माना जा रहा है कि यह राज्य कर्मचारियों के मन में और अधिक असंतोष को पैदा करेगा।

जैसे मर गया अब्बा अतीक अहमद, वैसे ही बेटों को भी मरने का डर… कोर्ट से लगाई गुहार: जेल से अदालत के बीच माँगी ‘कड़ी सुरक्षा’

जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के 2 बेटों उमर और अली अहमद को भी उनके अब्बा जैसा अंजाम होने की फ़िक्र सता रही है। इन दोनों ने अदालत से गुहार लगाई है कि उनको पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।

उमर अहमद लखनऊ और अली फिलहाल प्रयागराज की नैनी जेल में बंद है। उमेश पाल हत्याकांड में उमर और अली अहमद को भी पुलिस ने संलिप्त माना है। वहीं अतीक के 2 अन्य कथित नाबालिग बेटों की भी उमेश पाल की हत्या केस में भूमिका की जाँच करवाई जा रही है। इन सभी पर उमेश पाल हत्याकांड के अलावा भी कई अन्य मुकदमे विचाराधीन हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अतीक के लखनऊ जेल में बंद बेटे उमर और नैनी जेल में बंद अली अहमद का वॉरंट बी (जिस केस में अपराधी जेल में बंद हो, उससे अलग मामले का वॉरंट, ताकि जमानत मिलने पर भी आरोपित को जेल से छोड़ा न जाए) पुलिस ने दाखिल किया है। अब दोनों की SC/ST कोर्ट में पेशी होनी है। पेशी के बाद पुलिस उमेश पाल हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल करेगी।

माना जा रहा है कि उमेश पाल हत्याकांड की इस चार्जशीट में अली और उमर अहमद को भी साजिश रचने वालों के तौर पर आरोपित किया जा सकता है। इसी पेशी से पहले अली और उमर अहमद ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने आशंका जताई है कि उन पर भी ठीक वैसा ही हमला हो सकता है, जैसा उनके अब्बा अतीक और चाचा अशरफ पर हुआ था।

अतीक के 2 अन्य नाबालिग बेटे अपनी बुआ के घर रह रहे हैं। उमेश पाल हत्याकांड में इन दोनों की भी मिलीभगत है या नहीं, पुलिस इसकी जाँच में जुटी है। दोषी पाए जाने पर इन दोनों का भी नाम आरोपपत्र में शामिल किया जा सकता है।

अतीक का 5वाँ बेटा असद पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। वहीं अस्पताल में एक हमले के दौरान मारे गए अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता व अशरफ की बेगम जैनब फिलहाल फरार चल रही हैं। पुलिस को इन दोनों की उमेश पाल हत्याकांड में तलाश है। अतीक अहमद के तमाम रिश्तेदारों को मिला कर अब तक उमेशपाल हत्याकांड में कुल 26 लोगों को आरोपित किया जा चुका है।

इन 26 साजिशकर्ताओं में 12 फ़िलहाल जेल में हैं। जेल काट रहे आरोपितों के नाम अखलाख अहमद, सौलत हनीफ खान, विजय मिश्र, राकेश, कैश अहमद, सदाकत खान, उमर अहमद, अली अहमद, इक़बाल अहमद, नियाज अहमद, शाहरुख़ और मोहम्मद अरशद हैं। इसके अलावा इसी केस में 7 आरोपित फरार चल रहे हैं। इनके नाम गुड्डू मुस्लिम, शाइस्ता परवीन, साबिर, जैनब फातिमा, खालिद जफर, आयशा नूरी और अरमान हैं।

इन सभी के अलावा उमेश पाल हत्याकांड में शामिल 7 अन्य आरोपित मुठभेड़ व अन्य हमलों में मारे जा चुके हैं। इनके नाम असद अहमद, अतीक अहमद, अशरफ, उस्मान उर्फ़ विजय चौधरी, नफीस बिरयानी, गुलाम और अरबाज़ हैं।

TMC गुंडों के सामने तनकर खड़ी रहने वाली प्रिया साहा को बीजेपी का टिकट: जानें ‘स्ट्रीट फाइटर’ की खूबियाँ, इसलिए बनीं पार्टी की पसंद

बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 195 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में 28 महिलाओं को टिकट दिया गया है। इन्हीं उम्मीदवारों में से एक प्रिया साहा भी हैं, जिन्हें बोलपुर से मैदान में उतारा गया है। बोलपुर एससी सीट है। उन्हें पहली बार लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा गया है। प्रिया साहा को टीएमसी के गुंडों के सामने जमकर खड़े रहने के लिए जाना जाता है। वो स्ट्रीट फाइटर रह चुकी हैं, उनकी ये खूबी उनकी पर्सनालिटी में भी झलकती है।

विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं प्रिया

प्रिया साहा पश्चिम बंगाल में बीजेपी के युवा और निडर चेहरों में से एक है। महज 35 साल की उम्र में वो बीरभूम जिले की सैंथिया (एससी) विधानसभा सीट से साल 2021 में विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। वो नजदीकी मुकाबले में 2021 का चुनाव हार गई थी। उनके घर पर टीएमसी के गुंडों ने हमला भी किया था और परिजनों के साथ मारपीट भी की थी। उन्हें टीएमसी के लोग मैदान से हटने के लिए धमका रहे रहे थे। इसके बावजूद वो मैदान पर न सिर्फ डटी रही, बल्कि टीएमसी को कड़ी टक्कर भी दी थी।

पश्चिम बंगाल से 3 महिलाओं को टिकट

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल से 3 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। मालदा दक्षिण सीट से श्रीरूपा मित्रा चौधुरी को बीजेपी ने मैदान में उतारा है। वो मौजूदा समय में मालदा की इंग्लिश बाजार विधानसभा सीट से विधायक हैं। वो लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। उन्हें मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में भी जाना जाता है। वहीं, बीजेपी ने हुगली लोकसभा सीट से एक बार फिर से लॉकेट चटर्जी को मैदान में उतारा है। लॉकेट चटर्जी मौजूदा लोकसभा सांसद भी हैं। वो बीजेपी की पश्चिम बंगाल शाखा की महासचिव भी हैं। लॉकेट चटर्जी को ममता बनर्जी के कट्टर विरोधियों में से माना जाता है।

बीजेपी ने इन महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा

लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी की पहली सूची में जिन 28 महिलाओं को टिकट दिया गया है, उसमें असम की गुवाहाटी सीट से बिजुली कलिता मेधि, छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चंपा सीट से कमलेश जांगड़े, कोरबा से सुश्री सरोज पांडे, महासमुंद से रूप कुमारी चौधरी, दिल्ली की नई दिल्ली सीट से सुश्री बांसुरी स्वराज, पश्चिमी दिल्ली से कमलजीत सहरावत, गुजरात की बनासकांठा सीट से डॉक्टर रेखा बेन हितेश भाई चौधरी, जामनगर से पूनमबेन माडम, झारखंड की कोडरमा सीट से अन्नपूर्णा देवी, सिंहभूम से गीता कोड़ा, केरल की कासरगोड सीट से एम एल अश्विनी, पोन्नानी से निवेदिता सुब्रमण्यन का नाम है।

बीजेपी ने अलपुझा से शोभा सुरेंद्रन, मध्य प्रदेश की भिंड सीट से संध्या राय, सागर से लता वानखेड़े, शहडोल से हिमाद्री सिंह, रतलाम से अनीता नागर सिंह चौहान, राजस्थान की नागौर सीट से ज्योति मिर्धा, तेलंगाना की हैदराबाद सीट से डॉक्टर माधवी लता, उत्तराखंड की टेहरी गढ़वाल सीट से माला राज्य लक्ष्मी शाह, उत्तर प्रदेश की मथुरा सीट से हेमा मालिनी, धौरहरा से रेखा वर्मा, अमेठी से स्मृति ईरानी, फतेहपुर से साध्वी निरंजन ज्योति, लालगंज से नीलम सोनकर, पश्चिम बंगाल की मालदा दक्षिण सीट से श्रीरूपा मित्रा चौधुरी, हुगली से लॉकेट चैटर्जी, बोलपुर से प्रिया साहा को मिला टिकट

विजयनगर ट्रेन एक्सीडेंट के वक्त मोबाइल पर क्रिकेट मैच देख रहे थे ड्राइवर: रेल मंत्री ने आंध्र प्रदेश में हुए हादसे का किया खुलासा, जाँच रिपोर्ट का इंतजार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार (2 मार्च 2024) को खुलासा किया कि आंध्र प्रदेश में टकराई दो यात्री ट्रेनों में से एक ट्रेन के ड्राइवर और सहायक ड्राइवर फोन पर क्रिकेट मैच देख रहे थे। यह हादसा 29 अक्टूबर 2023 को विजयनगरम जिले के कंटाकपल्ली में हावड़ा-चेन्नई लाइन पर शाम करीब 7 बजे हुआ था। उस दौरान रायगढ़ पैसेंजर ट्रेन ने विशाखापत्तनम-पलासा ट्रेन को पीछे से टक्कर मार दी थी, जिसमें 14 यात्रियों की मौत 50 यात्री घायल हो गए थे।

समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए मंत्री ने कहा, “आंध्र प्रदेश में यह हादसा इसलिए हुआ, क्योंकि लोको पायलट और सह-पायलट दोनों का ध्यान क्रिकेट मैच के कारण विचलित हो गया था। अब हम ऐसे सिस्टम स्थापित कर रहे हैं, जो ऐसे किसी भी विचलन का पता लगा सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि पायलट और सहायक पायलट का पूरा ध्यान ट्रेन चलाने पर केंद्रित है।”

रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने विजयनगरम ट्रेन दुर्घटना की जाँच की है। इस जाँच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। दुर्घटना के अगले दिन रेलवे ने प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि रायगढ़ पैसेंजर ट्रेन के चालक और सहायक चालक दुर्घटना के लिए जिम्मेदार थे, क्योंकि मानदंडों का उल्लंघन करते हुए ट्रेन दो दोषपूर्ण ऑटो सिग्नल पार कर गई थी। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई थी।

आंध्र में रेल दुर्घटना से ठीक चार महीने पहले भारत की सबसे विनाशकारी रेल दुर्घटनाओं में से एक ओडिशा के बालासोर में रेल दुर्घटना हुई थी। 2 जून 2023 को ओडिशा के बालासोर के बहनागा बाजार स्टेशन पर हुए इस दर्दनाक हादसे में 296 लोगों की मौत हो गई थी और 1,200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। दुर्घटना वाले दिन कोरोमंडल एक्सप्रेस एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई थी।

बालासोर में ट्रेन दुर्घटना के परिणामस्वरूप पटरी से उतरकर कुछ डिब्बे बगल की पटरियों पर गिर गए थे। कुछ मिनट बाद यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन उन पटरियों पर आई और पटरी से उतरे डिब्बों से टकरा गई। इसके कारण उसके डब्बे क्षतिग्रस्त हो गए और वे भी पटरी से उतर गए। इस दुर्घटना में बड़े पैमाने पर जानमाल की हानि हुई थी।

बालासोर हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को सरकार मुआवजा देने का ऐलान किया थी। रेल मंत्रालय की ओर से हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की गई थी। वहीं, हादसे में घायल लोगों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की बात कही गई थी। जिन लोगों को मामूली चोट लगी हैं, उन्हें 50 हजार रुपए देने की बात कही गई थी।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। ये राशि पीएमएनआरएफ (PMNRF) फंड से दिए जाएँगे। इस तरह मृतकों को 12 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपए देने की घोषणा की गई है।