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Parle-G बिस्किट के पैकेट पर Zervaan J Bunshah का चेहरा: अब नहीं दिखेगी हँसती-मुस्कुराती Parle-G Girl? कंपनी ने क्यों किया पोस्ट, जानिए पूरी बात

पारले जी बिस्किट के पैकेट पर अब क्या सच में हँसती-मुस्कुराती फ्रिंज हेयर स्टाइल वाली क्यूट बच्ची नजर नहीं आएगी? क्या पारले-जी बनाने वाली कंपनी ने Parle-G Girl की जगह किसी और को अपना चेहरा चुन लिया है? सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ज़ेरवान जे बन्शाह (Zervaan J Bunshah) का चेहरा क्या अब पारले जी बिस्किट के पैकेट पर दिखेगा? बहुत सारे सवाल हैं क्योंकि खुद पारले-जी बनाने वाली कंपनी ने सोशल मीडिया पर इसको लेकर कुछ पोस्ट किया है।

ज़ेरवान जे बन्शाह (Zervaan J Bunshah) की फोटो के साथ पारले जी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, “जब तक आप यह समझें कि पारले-जी के मालिक को क्या कहा जाए, तब तक आप एक कप चाय के साथ अपने पसंदीदा बिस्किट के मजे लीजिए। क्या कहते हैं बूनशाह जी?”

पारले जी के ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट से बिस्किट के पैकेट पर Parle-G Girl की जगह किसी और की तस्वीर होने पर सोशल मीडिया में चर्चे होने लगे। पोस्ट तुरंत वायरल हो गई। तो क्या सच में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ज़ेरवान जे बन्शाह (Zervaan J Bunshah) पारले जी का ऑफिशियल चेहरा होंगे? आइए जानते हैं।

दरअसल पारले जी की यह मजेदार फेसबुक पोस्ट कंटेंट क्रिएटर ज़ेरवान जे बन्शाह के वायरल वीडियो के जवाब में थी। कंपनी ने इस पोस्ट में कहीं भी यह नहीं कहा है कि वो पारले जी बिस्किट के पैकेट से Parle-G Girl को बदलने जा रहा है। मजाकिया पोस्ट पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया गया।

यह सब शुरू हुआ बन्शाह के एक वीडियो पोस्ट से। उन्होंने अपने एक वीडियो में इंस्टा फॉलोअर्स से एक दिलचस्प सवाल पूछा था, “अगर आप पारले के मालिक से मिलेंगे, तो क्या आप उन्हें पारले सर, मिस्टर पारले या पारले जी कहकर बुलाएँगे?”

इस वीडियो पर इंस्टाग्राम यूजर्स ने ढेर सारे रिएक्शन दिए। वीडियो अच्छा खासा वायरल हो गया। इस वीडियो ने पारले-जी का भी ध्यान खींचा और बिस्किट निर्माता कंपनी ने भी ज़ेरवान जे बन्शाह (Zervaan J Bunshah) का चेहरा लगाते मजाकिया कॉमेंट पोस्ट कर दिया। पारले-जी की ओर से जवाब पाकर बन्शाह खुश हो गए। उन्होंने लिखा कि बचपन में उन्हें पारले-जी बिस्कुट कितना पसंद था।

पारले जी बिस्किट के पैकेट पर ज़ेरवान जे बन्शाह का चेहरा होगा, यह बात इंटरनेट यूजर्स के कॉमेंट्स के कारण लोगों को लगने लगा। किसी ने बन्शाह को लकी कहा। तो किसी ने लिखा, “अब हम पारले जी बिस्किट के हर पैकेट पर बन्शाह की तस्वीर चाहते हैं।” सच्चाई का हालाँकि इससे कोई लेना-देना नहीं। यह एक मजाकिया वीडियो के जवाब में मजाकिया कॉमेंट से बढ़कर और मार्केटिंग स्ट्रेटजी के अलावा कुछ और नहीं।

ED की चार्जशीट में प्रियंका गाँधी वाड्रा का नाम, ऑपइंडिया ने 5 साल पहले किया था ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा का नाम अपनी चार्जशीट में डाला है। जिस केस की चार्जशीट में प्रियंका गाँधी का नाम सामने आया है, उस पर ऑपइंडिया ने अपने पाठकों को साल 2019 में ही एक्सक्लूसिव रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में स्पष्ट बताया गया था कि कैसे प्रियंका गाँधी ने साल 2006 में एचएल पाहवा नाम के प्रॉर्पटी डीलर से पहले जमीन कम दाम में खरीदी और फिर कुछ समय बाद उसे पाँच गुना दाम से ज्यादा पर उसी प्रॉपर्टी डीलर को वो भूमि बेच दी।

अब इसी मामले पर ईडी ने अपनी चार्जशीट दायर की है। केस में पहली बार कॉन्ग्रेस महासचिव का नाम उछला है। समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने आरोप-पत्र में कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा को नामित किया है। 2006 में उन्होंने रियल एस्टेट एजेंट एचएल पाहवा से हरियाणा के फरीदाबाद में 40 कनाल (5 एकड़) की कृषि भूमि खरीदी और फरवरी 2010 में उन्हें उसी जमीन को बेचने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया गया है।

प्रियंका गाँधी भी एचएल पाहवा से कुछ समय पहले जमीन की खरीदारी कर चुकी हैं। जिसके बारे में हम पहले बता चुके हैं कि किस तरह 28 अप्रैल 2006 को, प्रियंका गाँधी वाड्रा ने एचएल पाहवा से 2 चेक में ₹15,00,000 देकर जमीन खरीदी थी। और फिर 17 फरवरी 2010 को, इसे वापस एचएल पाहवा को कई चेक के माध्यम से ₹84,15,006 में बेच दिया। एच एल पाहवा ने प्रियंका गाँधी को 22 मई 2009 से 11 सितंबर 2009 के बीच में 5 किश्तों में पैसे दिए। इसके पीछे का कारण पैसों की कमी को बताया गया।

ईडी की चार्जशीट ऑपइंडिया को सूत्रों से मिली

इस मामले में सवाल हमने इस बात पर उठाया था कि एक व्यक्ति (प्रॉपर्टी डीलर एच एल पाहवा) जो आए दिन जमीनों की खरीद-बिक्री करता है और अपनी ही जमीन को बेचकर दोबारा उसे 5 गुना अधिक दामों पर खरीदता है, उसके पास देने के लिए पैसे नहीं होंगे क्या?

ईडी की चार्जशीट ऑपइंडिया को सूत्रों से मिली

हमने आपका गौर इस पहलू पर भी दिलवाया था कि एचएल पाहवा ने अक्सर जमीनों को नकद में खरीदा था और ऐसे मामले भी देखे गए थे जहाँ उसने नेगेटिव कैश बैलेंस होने के बावजूद भी जमीन की खरीददारी की। शायद कुछ लोग ऐसा सोचें कि नेगेटिव कैश बैलेंस के साथ कैसे जमीन की खरीददारी हुई तो बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय की फाइलों ने बताया है कि पाहवा को सीसी थम्पी द्वारा ₹54 करोड़ दिए गए थे। सीसी थम्पी का वाड्रा परिवार से क्या कनेक्शन है इसे विस्तार से जानने के लिए आप ऑपइंडिया की पुरानी रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग केस में दायर हुई चार्जशीट में प्रियंका गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का भी नाम है। यहाँ भी उसी मामले का जिक्र है जिसके बारे में ऑपइंडिया अपने पाठकों को 2019 वाली रिपोर्ट्स में खुलासा कर चुका है कि कैसे रॉबर्ट वाड्रा ने फरीदाबाद के अमीरपुर में जमीन के 3 टुकड़े खरीदी (करीबन 40.08 एकड़) और बाद में उसे एचएल पाहवा को ही बेचा।

ऑपइंडिया द्वारा इस मामले पर की गई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं:

डिफेंस दलालों के साथ राहुल गाँधी के रिश्तों का खुलासा: वाड्रा, जमीन से लेकर राफेल-यूरोफाइटर तक का है घालमेल

राहुल और प्रियंका को ज़मीन बेचने वाले पाहवा से ED करेगी पूछताछ, कॉन्ग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ीं

EXCLUSIVE: दो और ज़मीन सौदे के दस्तावेज़, गाँधी-वाड्रा परिवार व दलाली के रिश्तों का खुलासा पार्ट-2

जहाँ 98% मुस्लिम, वहाँ रोहिंग्या घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं: भड़का छात्रों का गुस्सा, कहा- इन्हें बाहर फेंको

इंडोनेशिया के बांदा अचेह राज्य में अवैध रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़क गया है। समुद्र के रास्ते नावों में भर-भर कर लगातार देश में घुसपैठ कर रहे रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ यहाँ के छात्र-छात्राओं ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन में विद्यार्थियों ने रोहिंग्याओं को देश से बाहर फेंकने की माँग की है।

इस मामले को लेकर सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने 27 दिसम्बर 2023 को इंडोनेशिया के अचेह राज्य की राजधानी बंडा अचेह में स्थित एक सामुदायिक केंद्र की इमारत पर धावा बोल दिया। इस इमारत में म्यांमार और बांग्लादेश से घुसपैठ करके इंडोनेशिया में आए हुए हजारों रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे थे। प्रदर्शन करने वाले इन विद्यार्थियों ने हरी जैकेट पहनी हुई थी।

छात्र-छात्राओं ने इन घुसपैठी रोहिंग्याओं के विरुद्ध नारे लगाए और उनसे देश छोड़ने के लिए कहा। इसके बाद गुस्साए छात्र-छात्राओं ने कुछ रोहिंग्या को दो ट्रक में भर कर एक अन्य जगह भी शिफ्ट कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो अब वायरल हो रहा है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में हिजाब पहनी हुई छात्राएँ भी शामिल थीं।

ये छात्र-छात्राएँ लगातार इंडोनेशिया में अवैध रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर आने वाली नावों का विरोध कर रहे हैं। अचेह राज्य में इन्होंने पिछले माह भी प्रदर्शन किया था। इनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थियों के लिए काम करने वाली एजेंसी उनके राष्ट्र के खिलाफ साजिश रच रही है।

रोहिंग्या घुसपैठियों की इंडोनेशिया में आवक बीते कुछ महीनों से बहुत तेजी से बढ़ी है। ये लोग नावों में भर-भर कर बांग्लादेश और म्यांमार से समुद्र के रास्ते इंडोनेशिया में घुसपैठ कर रहे हैं और वहाँ अवैध रूप से रह रहे हैं। स्थानीय जनता अब इन अवैध घुसपैठियों से त्रस्त हो चुकी है।

गौरतलब है कि रोहिंग्या घुसपैठियों की बढ़ती संख्या के पीछे मानव तस्करों का भी हाथ माना जा रहा है। हाल ही में इंडोनेशिया के प्रधानमंत्री जोको विडोडो ने भी कहा था कि उनके देश में बढ़ती रोहिंग्या मुस्लिमों की संख्या के पीछे मानव तस्करी का हाथ है।

रोहिंग्या मुस्लिम मूल रूप से म्यांमार के हैं। ये म्यांमार की सरकार के खिलाफ लम्बे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। रोहिंग्या मुस्लिमों की आतंकी गतिविधियों की वजह से म्यांमार की सेना इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसके कारण ये म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश, भारत और अन्य देशों को भाग रहे हैं।

जिस राज्य अचेह में ये प्रदर्शन हो रहे हैं, वहाँ की 98.5% जनता मुस्लिम है और रोहिंग्या भी मुस्लिम हैं। हालाँकि, यहाँ इस्लामी भाईचारा काम नहीं आ रहा है और यहाँ के समुद्री तट पर आने वाली घुसपैठी रोहिंग्याओं की नौकाओं को यहाँ के निवासी वापस भेज रहे हैं और यहाँ की जमीन पर उतरने पर मारने-पीटने की धमकी भी दे रहे हैं।

कुछ वर्षों पहले तक यहाँ भी घुसपैठी रोहिंग्या को शरण मिलती थी, लेकिन इनके आचरण के चलते अब इनके विरुद्ध यहाँ भी माहौल बन गया है। दरअसल, जिन रोहिंग्या मुस्लिमों को यहाँ शरण दी गई वे शरणार्थी कैम्प से भाग गए। कुछ ने स्थानीय लोगों के साथ बदतमीजी भी की।

इंडोनेशिया की सरकार ने भी इन रोहिंग्या घुसपैठियों की कोई मदद करने से इनकार कर दिया है। सरकार का कहना है कि ये घुसपैठिये इंडोनेशिया के लोगों की अच्छाई का फायदा उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री विडोडो का कहना है कि उनकी दयालुता के आधार कुछ लोग पैसा बना रहे हैं।

जकार्ता पोस्ट ने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि पिछले महीने के दौरान 1,200 से अधिक रोहिंग्या मुस्लिम ने आचेह प्रांत में प्रवेश किया।

‘मेरा चाट (तलवा) सकती हो’: आयशा खान ने अंकिता लोखंडे को कहा, मुनव्वर फारूकी बिग बॉस में बुला चुका है कंबल के अंदर

रियलिटी शो बिग बॉस-17 में हर दिन चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। इस क्रम में अब शो के तीन कंटेंस्टेंट अंकिता लोखंडे, आयशा खान और मुनव्वर फारूकी सुर्खियों में हैं। शुरू में मुनव्वर फारूकी की एक्स गर्लफ्रेंड आयशा खान का ‘पवित्र रिश्ता’ फेम अंकिता लोखंडे के साथ काफी अच्छा बॉन्ड दिख रहा था, लेकिन शो के दौरान आयशा ने अंकिता को कुछ ऐसा कहा कि वो भड़क उठीं। बाद में आयशा खान को उनसे माफी पड़ी।

दरअसल हुआ ये था कि अंकिता, आयशा, ईशा मालवीय और समर्थ बिग बॉस के घर में गार्डन एरिया में बैठे थे। इस दौरान अंकिता की नजर आयशा के पैरों के गंदे तलवों पर पड़ती है। इस पर वो मजाक में आयशा को कहती हैं “कितने सुंदर पैर हो रखे हैं।” इसके जवाब में आयशा तुरंत पलट कर कहती हैं, “चाट सकते हैं आप।”

इस पर अंकिता को गुस्सा आ जाता है और वो आयशा को चेतावनी भरे लहजे में कहती हैं, “मेरे सामने ऐसे बात नहीं करना।” इस पर आयशा अंकिता से ये कहते हुए माफी माँगती है, “मैं ऐसे तो खुद को भी बोल देती हूँ।” इस पर अंकिता कहती हैं कि उन्हें इस तरह के कॉमेंट्स बिल्कुल पसंद नहीं हैं।

अंकिता के इस अंदाज को लेकर नेटिजन्स उनकी तारीफ कर रहे हैं कि वो जैसी बाहर से हैं वैसे अंदर से भी हैं। वो डबल फेस नहीं हैं, कम से कम उन्होंने आयशा को तमीज सिखाने का तो माद्दा रखा।

बताते चलें कि ये वहीं आयशा खान है जो शो में आने से पहले मुनव्वर फारूकी की लानत-मलामत करती नजर आई थीं। लेकिन अब इनकी कॉमेडी के नाम पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाला मुनव्वर फारूकी से शो में इनकी नजदीकियाँ बढ़ती नजर आ रही है।

शो में आने से पहले जो आयशा ये खान कह रही थीं कि फारूकी के साथ में उनकी हिस्ट्री है। जैसा वो दिखाते हैं वैसा कहीं से भी नहीं है।” उन्होंने ये तक कह डाला था, “गलतियों की माफी होती है गुनाहों की नहीं। जो उन्होंने किया है वो गुनाह है, जब मैं शो में जाऊँगी तो मैं उनकी माफी चाहती हूँ।”

अब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यही आयशा और मुनव्वर बिग बॉस के घर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। शो के कंटेस्टेंट समर्थ ने विकी जैन, ईशा मालवीय और मन्नारा चोपड़ा के सामने आयशा और मुनव्वर के बॉन्ड की पोल खोली है।

समर्थ उनके सामने दावा करते हैं कि आयशा दिल वाले कमरे में थी और अपने साथ सोए मुनव्वर को उठाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन मुनव्वर उठकर कंबल हटाकर इशारा कर आयशा को अपने साथ सोने के लिए बुला रहे थे। यही नहीं अपनी इस बात को पुख्ता साबित करने के लिए समर्थ सबके सामने अपनी मम्मी की कसम भी खाते दिखते हैं।

तमिलनाडु के नेता और एक्टर कैप्टन विजयकांत का निधन: DMDK पार्टी के थे मुखिया, PM मोदी ने जताया दुख

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा नाम और हाल तक DMDK पार्टी के मुखिया रहे ‘कैप्टन विजयकांत’ का बृहस्पतिवार (28 दिसम्बर, 2023) को निधन हो गया। वह चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, जहाँ उन्होंने अंतिम साँस ली। वह पूर्व में तमिल सिनेमा के बड़े स्टार रह चुके थे।

71 वर्षीय विजयकान्त का पूरा नाम नारायणन विजयराज अलगारस्वामी था। वह तमिल सिनेमा में 1980 और 1990 के दशक में बड़ा नाम रहे थे। वह 2011 से लेकर 2016 तक तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे थे।

विजयकांत 26 दिसम्बर को चेनई के MIOT अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्हें साँस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद उनका कोविड रिजल्ट भी पॉजिटिव आया था। उन्हें तबियत बिगड़ने के बाद वेंटीलेटर पर रखा गया था। उन्हें इससे पहले भी दो बार कोरोना हो चुका था।

विजयकांत की मौत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दुख जताया है। उन्होंने विजयकांत को जनहित में समर्पित रहने वाला राजनेता बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा स्थान रिक्त हो जाएगा।

तमिलनाडु भाजपा के मुखिया के अन्नामलाई ने भी दुख जताया है। उन्होंने विजयकांत को तमिल का शानदार कलाकार बताते हुए गरीबों की आवाज बुलंद करने वाला बताया। तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष ई पलानीस्वामी ने भी उनके निधन पर दुख जताया है।

विजयकांत: फिल्म से लेकर राजनीति तक ‘कैप्टन’

विजयकांत ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत 1979 में की थी। उन्हें 1991 में आई एक फिल्म ‘कैप्टन प्रभाकरण’ से कैप्टन का तमगा उनके फैन्स ने दिया था। इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फ़िल्में दी। उन्होंने अपने करियर में 150 से अधिक फिल्मों में काम किया था।

विजयकांत ने 2005 में अपनी पार्टी देशीय मुरपोक्कु द्रविड़ मुन्नेत्र कड़ग़म का गठन किया था। यह पार्टी राज्य की DMK और AIADMK के विकल्प के तौर पर बनाई गई थी। विजयकांत की पार्टी ने तमिलनाडु में 2011 में जयललिता के साथ गठबंधन करके 29 सीट जीती थी और राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।

इसी के परिणाम में 2011 से 2016 के बीच विजयकांत नेता प्रतिपक्ष रहे थे। उनकी पार्टी ने 2014 लोकसभा चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन किया था। हालाँकि, हाल के वर्षों में उनकी पार्टी का कोई ख़ास प्रदर्शन नहीं रहा है। विजयकांत ने 14 दिसम्बर, 2023 को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक का पद की जिम्मेदारी अपनी पत्नी प्रेमलता विजयकांत को दे दी थी।

जितने करीब नहीं बैठ पाते दूसरे देशों के ‘राष्ट्रपति’ उससे ज्यादा नजदीक पुतिन ने भारत के विदेश मंत्री को बैठाया: PM मोदी से मिलने को बेताब, रूस आने का दिया न्योता

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मॉस्को में मुलाकात की है। इस दौरान दोनों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री जयशंकर इस समय रूस के पाँच दिवसीय दौरे पर हैं, यहाँ उन्होंने अपनी यात्रा के तीसरे दिन राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात की।

राष्ट्रपति पुतिन की विदेश मंत्री जयशंकर से यह मुलाक़ात कई मायनों में विशिष्ट रही और भारत रूस की दोस्ती को दर्शाने वाली रही। सामान्यतः राष्ट्रपति पुतिन किसी भी देश के विदेश मंत्री से नहीं मिलते हैं। विदेश मंत्रियों से मुलाकात का जिम्मा रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव के जिम्मे है।

हालाँकि, भारत से नजदीकियों के चलते यह प्रोटोकॉल दरकिनार किया गया और वह विदेश मंत्री जयशंकर उनसे मिले। इस दौरान उनकी और राष्ट्रपति पुतिन की बातचीत के दौरान बैठने के इंतजाम की तस्वीरें भी वायरल हुईं और इनके अलग-अलग अर्थ निकाले गए।

राष्ट्रपति पुतिन और विदेश मंत्री जयशंकर बातचीत की मेज पर (चित्र साभार: Sidhant/X)
राष्ट्रपति पुतिन और विदेश मंत्री जयशंकर बातचीत की मेज पर (चित्र साभार: Sidhant/X)

दरअसल, जब विदेश मंत्री जयशंकर और राष्ट्रपति पुतिन मिले तो वह बातचीत की मेज पर आमने सामने बैठे थे। साधारणतः, राष्ट्रपति पुतिन की अन्य वैश्विक नेताओं से मुलाक़ात में वह उन्हें एक मेज के दूसरे सिरे पर बैठाते हैं, जो कि काफी दूर होता है। इसको लेकर कई बार सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ चुकी है।

राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति मेक्रों की मुलाकात (चित्र साभार: Reuters)
राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति मेक्रों की मुलाकात (चित्र साभार: Reuters)

उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ भी ऐसी ही तस्वीर सामने आ चुकी है जिसमें वह मेज के एक सिरे और राष्ट्रपति मैक्रों दूसरे सिरे पर बैठे हैं। ईरान के राष्ट्रपति और जर्मनी के चांसलर के साथ भी उनकी ऐसी ही तस्वीरें देखने को मिली थी।

राष्ट्रपति पुतिन और विदेश मंत्री जयशंकर के बीच भारत-रूस रिश्तों को लेकर कई मुद्दों पर बातचीत हुई। विदेश मंत्री जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी का भारत रूस के रिश्तों की गहराई को दिखाते हुए लिखा गया एक पत्र भी राष्ट्रपति पुतिन से साझा किया।

इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने राष्ट्रपति पुतिन को बताया कि दोंनों देशों के बीच का व्यापार अब 50 बिलियन डॉलर (लगभग ₹45,000 करोड़) पार कर चुका है और यह केवल शुरुआत है। इस दौरान विदेश मंत्री ने रूस के साथ कुडनकुलम परमाणु संयंत्र को लेकर रूस के साथ हुए समझौते का जिक्र भी किया।

वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने भारत और रूस के रिश्तों में बढ़त को लेकर ख़ुशी जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा भी की कि वह इन कठिन समय में लगातार बिना किसी दबाव में आए काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पुराना दोस्त बताते हुए रूस आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा- “मुझे अपने दोस्त प्राइम मिनिस्टर मोदी को रूस में देख बहुत खुशी होगी” विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद भी 2024 में रूस आना चाहते हैं।

राष्ट्रपति पुतिन से मिलने से पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव के साथ बैठक की और एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया और भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान आए निर्णयों पर प्रसन्नता जताई। विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस को अच्छे और बुरे समय में साथ देने वाला दोस्त बताया।

गौरतलब है कि भारत और रूस के रिश्ते बीते कुछ वर्षों में और भी मजबूत हुए हैं। यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष के चलते पश्चिमी देशों ने रूस का बायकाट कर रखा है। हालाँकि, भारत ने इस युद्ध को लेकर एक बार भी रूस की खुल कर आलोचना नहीं की है। भारत ने युद्ध के बाद से पश्चिमी देशों और अमेरिका के दबाव के बाद भी रूस से लगातार कच्चा तेल खरीदना भी जारी रखा है। भारत ने इस नीति को ‘सामरिक स्वायतत्ता’ का नाम दिया है।

घरवालों से नाराज होकर रात को सड़क पर निकली दलित महिला, रियाज ने साथियों संग मिलकर गैंगरेप किया: 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में रियाज उर्फ मुगल-ए-आजम ने एक शादीशुदा दलित महिला का अपने साथियों के साथ अपहरण किया और फिर उसके साथ गैंगरेप किया। ये वारदात 25 दिसंबर 2023 की रात को अंजाम दी गई। अब पुलिस ने रियाज और उसके 4 साथियों को सामूहित दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक, विवाहिता का अपने परिजनों से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था, वो गुस्से में गाँव से बाहर सड़क तक चली गई थी, लेकिन जब उसका गुस्सा शांत हुआ और वो वापस लौटने लगी तो रियाज और उसके साथियों ने उसका अपहरण कर लिया और गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया।

ये वारदात बाराबंकी के देवा थाना इलाके की है। ऑपइंडिया को मिली एफआईआर कॉपी के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने बताया कि 25 दिसंबर की रात करीब 9 बजे उनकी बेटी का अपने ससुराल की एक महिला से विवाद हो गया, जिसके बाद वह गुस्से में आकर अपना घर छोड़कर सड़क की ओर चल दी। जब उसका गुस्सा शांत हुआ तो उसने घर लौटने का फैसला किया। इसी बीच उसे रास्ते में देवा निवासी आरोपित मुगल-ए-आजम उर्फ ​​रियाज और उसके तीन साथी मिले। जिन्होंने उसका सफेद रंग की कार में अपहरण किया और उसे देवा बीएसएनएल टॉवर के पास ले जाकर एक इमारत में बंधक बना लिया।इसके बाद आरोपितों ने बारी-बारी से पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।

पीड़ित महिला रात 1:30 बजे अपने पिता को फोन करने में कामयाब रही और उन्हें घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता के भाई ने पुलिस को बुलाने के लिए 112 नंबर डायल किया। हालाँकि, जब तक पुलिस पहुँची, अपराधी भाग चुके थे। पीड़िता के पिता ने इस संंबंध में मंगलवार को देवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों आरोपितों के खिलाफ धारा 376 (बलात्कार), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किया।

इस बीच, बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) सीएन सिन्हा ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपित रियाज को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपित ने अपने साथियों की पहचान बताई, जिनकी पहचान भूरे, शब्बू और इस्माइलुद्दीन के रूप में हुई है। पुलिस ने बाद में सभी को गिरफ्तार कर लिया है।

सिन्हा के मुताबिक, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जाँच की और अपराधियों के खिलाफ सबूत भी मिले। इसके बाद अन्य तीन आरोपितों को भी पकड़ लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता की मेडिकल जाँच कराकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

‘और इन्हें राम का रोल मिला है…’: रणबीर कपूर ने दारू के साथ लगाया ‘जय माता दी’ का जयकारा, लोग भड़के; पूरे कपूर परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज

बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर के खिलाफ मुंबई के एक थाने में धार्मिक भावनाएँ आहत करने के मामले में शिकायत दर्ज हुई है। उनके साथ उनके परिवार पर भी शिकायत की गई है।

पूरी कार्रवाई रणबीर कपूर और आलिया की एक वीडियो वायरल होने के बाद हुई। इस वीडियो में वो क्रिसमस के मौके पर केक पर दारू डलवा रहे थे और फिर आग लगाते हुए ‘जय माता दी’ कहते सुनाई पड़े थे।

वीडियो को फिल्मफेयर ने अपने इंस्टा अकॉउंट पर शेयर किया जिसके कैप्शन में भी लिखा गया, “कपूर परिवार के क्रिसमस लंच के दौरान केक जलाते समय रणबीर ने ‘जय माता दी’ के जयकारे के साथ सभी को हँसाया!”

वीडियो में देख सकते हैं कि रणबीर कपूर जब केक पर शराब डलने के बाद जय माता दी कहते सुनाई पड़ते हैं तभी उनके परिवार के अन्य लोग भी जय माता दी कहते सुनाई पड़ते हैं।

इस वीडियो को देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स को गुस्सा आया। इसी क्रम में वकील संजय तिवारी ने भी दावा किया कि इससे उनकी धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। इसी बाबत उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के वकील आशीष राय और पंकज मिश्रा के जरिए इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कार्रवाई की माँग की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायत पत्र में कहा गया, “हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले शुद्ध चीजों और सामग्री की आहूति देकर अग्नि देवता का आह्वान किया जाता है। लेकिन रणबीर कपूर ने इसके लिए अशुद्ध चीजों, जैसे कि शराब का इस्तेमाल किया, जोकि हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है।” शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसा कृत्य जानबूझकर किया गया। एक्टर और उनके परिवार के खिलाफ आईपीसी की धारा 295, 509, और 34 के तहत FIR दर्ज होनी चाहिए।

रणबीर करने वाले हैं भगवान राम का रोल, लोगों ने सवाल उठाए

बता दें कि नितेश तिवारी की रामायण आधारित फिल्म में भगवान राम का रोल रणबीर कपूर द्वारा निभाने की बात सामने आई थी। ऐसे में ये खबर जोरों से फैलाई गई कि वह माँस-मदिरा सब छोड़ देंगे फिल्म तक। लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद उनके फैंस को खासा धक्का लगा है।

इसी वीडियो के नीचे कई लोगों ने जय माता दी बोलने पर आपत्ति जताई। लोगों ने सवाल किया कि मना क्रिसमस रहे हो और केक पर दारू डालकर फिर जय माता दी क्यों बोल रहे हो। एक यूजर ने कहा कि रणबीर ने तो कहा था कि उन्होंने रामायण शूटिंग की वजह से ड्रिंक, स्मोक और बीफ खाना बंद कर दिया। ये बंद किया है क्या। एक यूजर ने ये वीडियो देख कहा- और इसको राम का रोल मिला है।

‘MPhil अब अवैध पाठ्यक्रम, इसमें एडमिशन ना लें छात्र’: UGC ने छात्रों को किया आगाह, नामांकन लेने वाले विश्वविद्यालयों को भी चेतावनी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रों को विश्वविद्यालयों से मास्टर ऑफ फिलॉसफी (M.Phil) करने को लेकर आगाह किया है। यह चेतावनी यूजीसी द्वारा एमफिल पाठ्यक्रम को रद्द करने के बाद आई है। इसके बाद कुछ विश्वविद्यालय इस पाठ्यक्रम में छात्रों का नामांकन ले रहे हैं। बता दें कि UGC ने पहले एमफिल को अवैध घोषित कर दिया था। इसके बाद 2023-24 के लिए एमफिल के प्रवेश पर रोक लगा दिया था।

UGC की आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है, “यह यूजीसी के संज्ञान में आया है कि कुछ विश्वविद्यालय एमफिल (मास्टर ऑफ फिलॉसफी) कार्यक्रम के लिए नए आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं। इस संबंध में यह ध्यान में लाना आवश्यक है कि एमफिल डिग्री कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है।”

अधिसूचना में यूजीसी (पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रियाएँ) विनियम 2022 के विनियमन संख्या 14 पर जोर दिया गया है। यह रेग्युलेशन स्पष्ट रूप से उच्च शिक्षण संस्थानों को एमफिल कार्यक्रमों में पेश है। यूजीसी ने नवंबर 2022 में एमफिल कार्यक्रम को रोक दिया था।

यूजीसी की सलाह ने विश्वविद्यालयों से आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए एमफिल प्रवेश बंद करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। इसके साथ ही छात्रों को एमफिल कार्यक्रमों में दाखिला न लेने की सलाह दी है।

यूजीसी के सचिव मनीष जोशी ने कहा, “पीएचडी के नियमों की अधिसूचना से पहले शुरू हुए एमफिल पाठ्यक्रम प्रभावित नहीं होंगे। वर्तमान छात्रों को एमफिल की डिग्री प्राप्त करने के लिए पाठ्यक्रम पूरा करने दिया जाएगा।”

इसके लिए आधिकारिक सूचना यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट ugc.gov.in पर उपलब्ध है। कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा एमफिल (मास्टर ऑफ फिलॉसफी) कार्यक्रम के लिए नए आवेदन आमंत्रित करने के बाद यूजीसी ने 26 दिसंबर को आधिकारिक सूचना जारी की।

यह निर्णय 2022-23 शैक्षणिक वर्ष से लागू हुआ है। इसका उद्देश्य अनुसंधान मार्गों को सुव्यवस्थित करना और एकीकृत मास्टर-पीएचडी कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है। संशोधित यूजीसी नियमों के अनुसार, विश्वविद्यालयों को एमफिल पाठ्यक्रम पेश करने से प्रतिबंधित किया गया है और उन्हें 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के लिए प्रवेश बंद करना होगा।

एमफिल या मास्टर ऑफ फिलॉसफी एक शैक्षणिक कार्यक्रम है, जो शोध करने के इच्छुक व्यक्ति को विशेषज्ञता के क्षेत्रों में शोध करने के लिए जरूरी था। इस पोस्ट ग्रेजुएट शैक्षणिक कार्यक्रम की अवधि 2 वर्ष की थी। मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, कानून, शिक्षण जैसे संकायों में एमफिल किया जा सकता था।

प्राण-प्रतिष्ठा से पहले राम जन्मभूमि पर चल रहा यज्ञ, रेलवे स्टेशन अब कहलाएगा ‘अयोध्या धाम’: भव्य मंदिर में क्या-क्या होगा सब कुछ चंपत राय ने बताया

राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होनी है, लेकिन उससे पहले से ही वहाँ अनुष्ठान इत्यादि शुरू हो गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चारों वेदों की सभी शाखाओं का पारायण और यज्ञ अनवरत चल रहा है। देश के सभी प्रांतों से मूर्धन्य वैदिक विद्वानों और यज्ञाचार्यों को इस अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा आमंत्रित किया जा रहा है। ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट ने बताया है कि यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठा तक अनवरत चलता रहेगा।

वहीं ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी राम मंदिर के संबंध में कई नई जानकारियाँ साझा की हैं। उन्होंने बताया कि पानी सरयू नदी से ली जाएगी और फिर ट्रीट की जाएगी, या फिर जमीन से पानी ली जाएगी जो फिर भूमि में ही जाएगा। उन्होंने कहा कि 70 एकड़ में अधिक से अधिक 30% कंस्ट्रक्शन है, मतलब 20 एकड़ में कुछ न कुछ निर्माण हो रहा है और 50 एकड़ भूमि में हरियाली है, घास है, पेड़-पौधे हैं और सैकड़ों वर्ष पुराने वृक्ष भी हैं, ऐसा घना जंगल भी है जहाँ सूर्य की किरणें धरती पर आती भी नहीं।

उन्होंने कहा कि ग्राउंड वॉटर का लेवल कभी नीचे नहीं जाएगा, ये मेंटेन रहेगा। उन्होंने कहा कि जीरो डिस्चार्ज की पॉलिसी है, नाली का कोई पानी सरयू नदी में नहीं जाएगा। वर्षा का जल भूमि के नीचे जाएगा। चंपत राय ने बताया कि अगर 25,000 यात्री आते हैं तो उनका सामान रखने के लिए लॉकर है – जूता-चप्पल, मोबाइल, पर्स, छोटे बैग्स। इसके लिए ‘पिलग्रिमेज फैसिलिटी सेंटर (PFC)’ बनाया गया है। उन्होंने नक़्शे के माध्यम से बताया कि कहाँ क्या व्यवस्था है।

वहीं पर एक छोटा सा अस्पताल भी होगा। पंखा, पानी, चिकित्सालय, लॉकर वगैरह सब यहीं होंगे। आराम करने के लिए भी व्यवस्था होगी। गर्मियों में नंगे पाँव चलने पर पैर न जलें, इसकी व्यवस्था होगी। वॉशरूम के लिए भी एक बड़ा परिसर तैयार किया गया है। चंपत राय ने बताया कि ये कॉम्प्लेक्स केवल तीर्थयात्रियों के लिए होगा, ये ट्रस्ट का है। इसका वेस्टेज नगर निगम के सीवर में नहीं जाएगा। 2 सीवर ट्रीटमेंट प्लांट यहीं पर बनाए जा रहे हैं।

VHP नेता चंपत राय ने आगे बताया कि वर्षा का जल भी नगरनिगम की नालियों में ड्रेनआउट नहीं होगा, जीरो डिस्चार्ज की पॉलिसी है। चंपत राय ने बताया कि ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भारत सरकार ने किया था। वहीं अब अयोध्या रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर ‘अयोध्या धाम जंक्शन’ कर दिया गया है। अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप ये निर्णय लिया गया है। साथ ही उन्होंने स्टेशन की तस्वीरें भी शेयर की हैं।

चंपत राय ने बताया कि मंदिर के चारों तरफ 732 मीटर का परकोटा बनाया जा रहा है। दक्षिण भारत के मंदिरों में ऐसा होता आया है। इसकी दीवार 14 फ़ीट की होगी। इसके 4 कोनों पर 6 मंदिर होंगे – सूर्य, शंकर, भगवती, गणेश, विष्णु और हनुमान। लिफ्ट और रैम्प भी बनाया गया है। बुजुर्गों-दिव्यांगों के लिए ये व्यवस्थाएँ होंगी। वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी और अहिल्या की मूर्ति भी होगी। 5 वर्ष के भगवान राम, यानी रामलला की मूर्ति 51 फ़ीट की होगी।