Home Blog Page 1285

मुंबई में धमाकों की धमकी देने के मामले में आदिल रफीक समेत 3 वडोदरा से गिरफ्तार, कहा था- RBI हेडक्वार्टर सहित 11 बैंकों में प्लांट हैं बम

मुंबई में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) हेडक्वार्टर समेत 11 बैंकों के दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन लोगों को पकड़ा है। इसमें से एक की पहचान आदिल रफीक के तौर पर हुई है। दूसरा उसका रिश्तेदार और तीसरा उसके रिश्तेदार का दोस्त है। इन लोगों को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार किया गया है।

मंगलवार (26 दिसंबर 2023) को आरबीआई को एक ईमेल भेजकर उसके हेडक्वार्टर, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई समेत 11 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। धमकी देने वाले कहा था कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तुरंत इस्तीफा दें, वर्ना 11 ठिकानों पर जो बम रखे गए हैं उनमें धमाका होगा और सभी ठिकाने एक साथ बर्बाद हो जाएँगे।

क्राइम ब्रांच ने गुजरात के वडोदरा से पकड़ा

आरबीआई ने ई-मेल की सूचना तुरंत ही सुरक्षा एजेंसियों को दी। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने धमकी भेजने वालों को गुजरात के वडोदरा से खोज निकाला। मुख्य आरोपित का नाम आदिल रफीक है। दूसरा आदिल का रिश्तेदार और तीसरा उसका दोस्त है। क्राइम ब्रांच हिरासत में लेकर इन तीनों से पूछताछ की जा रही है। धमकी भरा ईमेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए डिवाइस का भी पता लगाया जा रहा है।

बता दें कि 26 दिसंबर को आरबीआई को भेजे गए ईमेल में धमकी दी गई थी कि आरबीआई न्यू सेन्ट्रल ऑफिस बिल्डिंग फोर्ट, एचडीएफसी हाउस चर्चगेट और बीकेसी के आईसीआईसीआई बैंक टॉवर्स में 11 बम रखे गए हैं। ये सभी दोपहर 1.30 बजे फटेंगे। अगर ऐसा नहीं चाहते, तो हमारे हिसाब से काम करना होगा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास को एक प्रेस रिलीज जारी करना होगा।

इस ईमेल में कहा गया था कि RBI के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने मिलकर भारत के सबसे बड़े घोटाले को अंजाम दिया है। साथ ही इस घोटाले में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शामिल होने की बात भी कही गई थी। इन दोनों के अलावा वित्तीय मामलों के कुछ बड़े अधिकारियों और बड़े नेताओं के भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया गया था। ईमेल भेजने वाले ने कहा था कि उनके पास इसे साबित करने के लिए प्रूफ भी हैं। ऐसे में दोनों लोग प्रेस रिलीज जारी कर ‘घोटाले’ के बारे में सब कुछ सच-सच बताएँ। साथ ही इस कथित घोटाले में शामिल सभी लोगों को सज़ा देने की माँग भी की गई है। माँग न मानने पर एक-एक कर 11 धमाके करने की धमकी दी गई थी।

संजय सिंह वाला पैनल नहीं, अब 3 सदस्यीय एडहॉक कमिटी चलाएगी WFI: भूपेंद्र सिंह बाजवा को बनाया अध्यक्ष, जानिए और कौन-कौन से नाम

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) में चल रही उठा-पठक के चलते एक बार फिर WFI की देखरेख और संचालन का जिम्मा एडहॉक कमेटी के हवाले हो गया है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) ने WFI के लिए बुधवार (27 दिसंबर, 2023) को तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई है।

कमेटी में भूपेन्द्र सिंह बाजवा को अध्यक्ष, MM सोमाया को सदस्य और मंजूषा कँवर को एक अन्य सदस्य नियुक्त किया गया है। दरअसल, WFI की नई संस्था के निलंबन के बाद केंद्रीय खेल मंत्रालय के निर्देश पर ये एडहॉक कमेटी बनाई। अब ये कमेटी ही WFI के विभिन्न कामों और गतिविधियों की देखेगी।

इन कामों में खिलाड़ियों का चुनाव, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए खिलाड़ियों के नाम भेजना, खेल स्पर्धाओं का आयोजन, निगरानी और बैंक खातों का प्रबंधन शामिल है। खेल मंत्रालय ने रविवार (24 दिसंबर, 2023) को संजय सिंह की अध्यक्षता में बने WFI के नवनिर्वाचित बोर्ड को सख्त लहजे में चेताया था।

केंद्रीय खेल मंत्रालय ने कहा था कि संस्था अभी भी ऐसे पूर्व पदाधिकारियों के प्रभाव में थी, जिन्हें यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद निलंबित कर दिया गया था। दरअसल, बृजभूषण शरण सिंह को WFI के अध्यक्ष पद से बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट जैसे खिलाड़ियों के पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद इस्तीफा देना पड़ा था।

WFI में साल 2023 की शुरुआत से ही जारी है। इसके केंद्र में भी बृजभूषण शरण सिंह ही रहे थे। इन एथलीटों ने बृज भूषण सिंह के प्रशासन के तहत लगातार उत्पीड़न और धमकी की कई चौंकाने वाली घटनाओं का खुलासा किया था। इन खुलासों के बाद IOC और खेल मंत्रालय ने इस मामले में दखल देते हुए उस वक्त मौजूद WFI बोर्ड को निलंबित कर दिया।

इसके बाद कई महीनों तक WFI नए अध्यक्ष की बाट जोहता रहा। फिर फिर 21 दिसंबर, 2023 को WFI अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनावों में संजय सिंह ने बाजी मारी। इस चुनाव में पड़े कुल 47 में से 40 वोट उन्हें पड़े और वो WFI अध्यक्ष बन गए। संजय सिंह को WFI के नए अध्यक्ष बनने के बाद भारतीय पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि जिसे WFI का अध्यक्ष बनाया गया है वो बृजभूषण के लिए बेटे से भी प्यारा है। वहीं बजरंग पूनिया ने कहा कि संजय सिंह को अध्यक्ष बनाने का जो फैसला हुआ है उससे लड़कियों को इंसाफ नहीं मिलेगा। एथलीटों के मुताबिक, संजय न केवल बृजभूषण के बिजनेस पार्टनर थे बल्कि उनके करीबी विश्वासपात्र भी थे। इससे मामला और गर्मा गया।

संजय की नियुक्ति के बाद विरोध में बजरंग पुनिया ने नई दिल्ली में कर्तव्य पथ के फुटपाथ पर अपना पद्मश्री पुरस्कार छोड़ दिया और विनेश फोगट ने अपने खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कारों को लौटाने की कसम खाई। इसका नतीजा ये हुआ कि नवनिर्वाचित WFI के गोंडा में अंडर-21 और अंडर-15 जूनियर लेवल रेसलिंग चैंपियनशिप आयोजित करने के फैसले पर 24 दिसंबर, 2023 को युवा और खेल मामलों के मंत्रालय ने रोक लगा दी।

मंत्रालय ने कहा है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कुश्ती के जूनियर खिलाड़ियों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का ऐलान करते वक्त निर्धारित नियम कानूनों को दरकिनार किया। इसे लेकर कैसरगंज के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव हुआ और नए अध्यक्ष संजय सिंह उनके रिश्तेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वो क्षत्रिय समाज से आते हैं, जबकि संजय सिंह भूमिहार बिरादरी से हैं।

बृज भूषण शरण सिंह ये तक कहा कि उन्होंने कुश्ती से संन्यास ले लिया है, और रेसलिंग अब उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी रेसलिंग से उनका अच्छा या बुरा कोई जुड़ाव नहीं रहेगा, लेकिन 12 वर्ष उन्होंने काम किया। बीजेपी नेता ने कहा था कि अब वो इस विवाद से हट गए हैं और नई फेडरेशन भी बन गई है।

NSG-NIA कर रही इजरायली दूतावास के पास धमाके की जाँच, CCTV में दो संदिग्ध कैद: ‘सर अल्लाह रेजिस्टेंस’ ग्रुप का लेटर मिला

इजरायली दूतावास के पास हुए धमाके में सुरक्षा एजेंसियाँ जल्द ही अपराधियों तक पहुँच सकती हैं। सीसीटीवी फुटेज में 2 संदिग्ध दिखे हैं, उनकी तलाश की जा रही है। हालाँकि, इनका इस धमाके से संबंध है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। इस बीच, फॉरेंसिंक टीम और डॉग स्क्वॉड ने पूरे इलाके की जाँच की है। घटनास्थल से एक लेटर मिला है, जिसमें ‘सर अल्लाह रेजिस्टेंस’ ग्रुप का नाम दिया हुआ है।

सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस धमाके से जुड़े सभी दहशतगर्दों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस बीच, NIA ने जाँच का जिम्मा संभाल लिया है। NSG भी डॉग स्क्वॉयड के साथ पहुँचा है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप से जुड़े जाँचकर्ताओं ने मौके पर पहुँच कर सभी एंगल से जाँच शुरू कर दी है। यह धमाका एम्बेसी से 260 मीटर नंदास हाउस के गेट नंबर -4 पर हुआ था। इस जगह पर CCTV कैमरा नहीं था।

एनएसजी की फॉरेंसिंक टीम और डॉग स्क्वॉड ने की जाँच

एनएससी की फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल का मुआयना किया है और हरेक कोने की जाँच की है। समाचार एजेंसी एएनआई ने इस बारे में एक वीडियो जारी किया है। इसमें डॉग स्क्वॉड की टीम और फॉरेंसिक टीम जाँच करती दिख रही हैं। इलाके की सीसीटीवी फुटेज में 2 संदिग्ध दिखे हैं। जल्द ही सभी आरोपितों को पकड़ लिया जाएगा।

इजरायल ने जारी की यात्रा सलाह

उधर इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इजरायली दूतावास के बाहर हुए इस हमले के बाद अपने नागरिकों के लिए यात्रा सलाह जारी की है। सुरक्षा परिषद इसे एक संभावित आतंकी हमला मानकर चल रही है। इसने अपने नागरिकों से भारत और विशेष कर दिल्ली के भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी है।

इजरायल ने अपने नागरिकों को ऐसी जगहों पर जाने से बचने को कहा है जो कि इजरायली और यहूदी समुदाय के आने जाने वाली जगहें मानी जाती हैं। सुरक्षा परिषद ने अपनी सलाह में इजरायली नागरिकों ने भारत में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

इजरायली दूतावास के पास हुआ था धमाका

बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित इजरायली दूतावास के पास 26 दिसम्बर 2023 की शाम को एक धमाका हुआ था। धमाके के बाद मौके पर पहुँची दिल्ली पुलिस को यहाँ से एक पत्र बरामद हुआ है। इसमें जिहाद और अल्लाह हू अकबर जैसे नारों और गाजा में चल रहे युद्ध का जिक्र है।

दिल्ली पुलिस ने इलाके को सील करके आसपास जाँच की और पाया कि यह धमाका उतना ताकतवर नहीं था। दिल्ली पुलिस की जाँच टीम ने इसी प्लॉट से एक पत्र भी बरामद किया है। पत्र इजरायल के राजदूत को संबोधित करके लिखा गया है। पत्र की भाषा काफी अभद्र है और इसमें गालियों का भी उपयोग किया गया है।

यह पत्र एक पन्ने का है और इसे टाइप करके लिखा गया है। यह पत्र इजरायल के झंडे में लपेटकर यहाँ छोड़ा गया था। पत्र में गाजा पट्टी में हो रही इस्लामी आतंक विरोधी कार्यवाही रोकने की धमकी दी गई है। इसमें इस्लामी नारों जैसे कि ‘अल्लाह-हू-अकबर’ और ‘जिहाद’ जैसे शब्दों का उपयोग किया गया है। इस पत्र में इजरायल के खिलाफ जिहाद जारी रखने की धमकी दी गई है।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था। इसके बाद इजरायल गाजा में लगातार आतंक विरोधी अभियान चला रहा है। यह धमाका इसी की प्रतिक्रिया में बताया जा रहा है। हालाँकि यह पहली बार नहीं है जब नई दिल्ली में स्थित इजरायली दूतावास को निशाना बनाया गया हो।

इससे पहले जनवरी 2021 में भी इजरायली दूतावास के बाहर एक धमाका हुआ था। इस धमाके में जान-माल की कोई क्षति नहीं हुई थी, लेकिन कुछ गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने इजरायली दूतावास और यहूदियों के धार्मिक स्थलों समेत अन्य जगह पर सुरक्षा को धमाके के बाद बढ़ा दिया है।

कन्नड़ के नाम पर बेंगलुरु में हिंसा: दुकानों पर हमले, उखाड़ रहे बिलबोर्ड… लोगों ने पूछा – कर्नाटक में कौन करेगा निवेश?

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार में क्षेत्रवाद और भाषाई अतिवाद तेज़ी से बढ़ता हुआ दिख रहा है। बुधवार (27 दिसम्बर, 2023) को इसकी हद हो गई जब कथित कन्नड़ ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दुकानों पर हमला बोल कर कई जगह उनके बिलबोर्ड कन्नड़ में ना लिखे होने के कारण क्षतिग्रस्त कर दिए और खूब उत्पात मचाया

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका के आयुक्त तुषार गिरी नाथ के एक फैसले के कारण बवाल मचा हुआ है। तुषार गिरी नाथ का कहना है कि बेंगलुरु की सभी दुकानों, शॉपिंग मॉल और अन्य सभी प्रतिष्ठानों को अपने दुकान के नाम के बोर्ड 60% हिस्सा कन्नड़ भाषा में लिखना होगा। ऐसा ना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके लिए तुषार गिरी नाथ ने 15 दिनों का समय दिया है। हालाँकि, कन्नड़ भाषा के लिए संघर्ष करने का दावा करने वालों ने इसे लेकर आज ही कोहराम मचा दिया। कन्नड़ क्षेत्रवाद का दावा करने वाले एक समूह कर्नाटक रक्षणा वेदिके ने बेंगलुरु में जम कर उत्पात मचाया।

लाल और पीले साफे पहने इसके कथित कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरु में तमाम प्रतिष्ठानों के बिलबोर्ड उखाड़ दिए। अंग्रेजी में लिखे दिखने वाले अधिकांश बिलबोर्ड को इन्होंने उखाड़ा और दुकानों में तोड़फोड़ की। इस दौरान राज्य की पुलिस देखती रही और इन्हें रोक नहीं पाई।

इस गुंडागर्दी के अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में दिखता है कि मात्र छोटी दुकानों को ही नहीं बल्कि हर प्रकार के प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया। इसमें स्टारबक्स कॉफ़ी, थर्ड वेव कॉफ़ी और अन्य कई ब्रांड के स्टोर पर जाकर तोड़फोड़ की। ‘कर्नाटक रक्षणा वेदिके’ के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान प्रतिष्ठानों के मालिकों को धमकाया भी।

बेंगलुरु में हुई आज तोड़फोड़ को लेकर कई लोग सोशल मीडिया पर रोष प्रकट कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी हिंसा में कोई राज्य में निवेश करने क्यों आएगा? वहीं कर्नाटक पुलिस ने कुछ बेकाबू प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है।

कुछ दिन पहले भी इन कार्यकर्ताओं द्वारा कई दुकानदारों को परेशान करने के वीडियो सामने आए थे। इन्होंने गाड़ियों पर स्पीकर लगा कर दुकान पर कन्नड़ में बिलबोर्ड लगाने को कहा था। इसके बाद अब इन्होंने तोड़फोड़ की।

गौरतलब है कि कर्नाटक चुनाव के समय भी कन्नड़ भाषा सीखने का मुद्दा काफी उठाया गया था। इस दौरान कई ऐसे वीडियो भी सामने आए थे जिनमें कन्नड़ ना बोलने वालों को सड़क पर रोक कर परेशान किया गया था। अब इस मामले ने दोबारा जोर पकड़ लिया है।

जिस ‘द आर्चीज’ से शाहरुख खान की बेटी ने किया डेब्यू, वह मनोज वाजपेयी को नहीं आई पसंद; खुद की बेटी बोली- आपकी परेशानी क्या है पापा

बॉलीवुड ऐक्टर मनोज बाजपेयी एक उम्दा अभिनेता होने के साथ ही एक फैमिली मैन भी हैं। एक इंटरव्यू के दौरान जोराम फेम एक्टर ने खुलासा किया कि हाल ही में उन्होंने 11 साल की बेटी अवा के साथ जोया अख्तर की नई फिल्म ‘द आर्चीज़’ देखी। हालाँकि, कुछ ही देर में पापा-बेटी का ये मज़ेदार मूवी सेशन नोक-झोंक में बदल गया और इसकी वजह भी शाहरुख की लाडली की ये फिल्म ही रही।

जूम के इस इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पेशे की मसरूफियत की वजह से वो अक्सर परिवार को वक्त नहीं दे पाते हैं। इस पर अवा उनकी अच्छी क्लास लगाती है। बेटी की इसी डाँट की डोज पर उन्होंने उसके साथ वक्त बिताने के बारे में सोचा। इस दौरान अवा ‘द आर्चीज़’ फिल्म देख रही थी। नीचे दिए वीडियो में आप मनोज बाजपेयी के इस बयान को टाइम स्लॉट 1:15:00 से देख सकते हैं।

बाजपेयी ने कहा, “मेरी बेटी एक फिल्म देख रही थी, ‘द आर्चीज़’। ज्यादा बच्चे तो आजकल अँग्रेजी बोलते हैं। मैं उसको डाँट रहा था कि तुम हिंदी बोला करो। तब तक मैं 45 मिनट तक ये फिल्म देख चुका था। ये फिल्म मेरे बड़े होने का हिस्सा नहीं है। मेरे बचपन का हिस्सा ‘मोटू-पतलू’, ‘राम बलराम’ हैं। हमारे वक्त में ये सब कुछ हुआ करते थे। मैंने आर्चीज़ का महज एक कॉमिक पढ़ा होगा, मुझे बेट्टी, वेरोनिका याद होगा, जो उसने (अवा) नहीं पढ़ी हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “किसी भी वक्त में मुझे आर्चीज़ देखने का मन नहीं था। मैं अपनी बेटी के वजह से इसे देख रहा था। मैंने कहा कि देखो इसके किरदार हिंदी में बोल रहे हैं। तुमको भी इनकी तरह हिंदी बोलनी पड़ेगी।” हालाँकि, मनोज इस मौके इस्तेमाल अवा को हिंदी भाषा बोलने की अहमियत सिखाने के लिए कर रहे थे, लेकिन उनका बेटी को ये नसीहत देना उन पर भारी पड़ गया।

बाजपेयी ने खुलासा किया कि इस पर उनकी बेटी पलट कर उन्हें डाँटने लगी। इसके बदले अवा ने उनकी ये कहकर क्लास लगा दी कि वो परिवार के साथ पर्याप्त वक्त नहीं बिताते। अवा ने उन्हें जवाब दिया, “आपकी परेशानी क्या है पापा? प्लीज मुझे मूवी देखने दीजिए।” इस पर अभिनेता ने यह कहकर चुटकी ली कि जब भी वह अपनी बेटी को डाँटने की कोशिश करते हैं तो उनकी बेटी भी उन्हें डाँट देती है।

उन्होंने आगे कहा, “आर्चीज मेरे मेंटल सेटअप का कभी नहीं रहा, लेकिन अब मैं आर्ची कॉमिक्स पढ़ना चाहता हूँ पहले तो।” बता दें कि ‘द आर्चीज़’ मशहूर आर्ची कॉमिक्स का भारतीय रूपांतरण है। यह फिल्म 7 दिसंबर 2023 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई। इसे जोया अख्तर ने निर्देशित किया है। फिल्म को टाइगर बेबी प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी है। इस फिल्म में सुहाना खान, ख़ुशी कपूर और अगस्त्य नंदा जैसे स्टार किड्स हैं।

‘देश की अखंडता के खिलाफ काम करने वाले एक व्यक्ति को भी नहीं बख्शेंगे’: बैन किया गया ‘मुस्लिम लीग JK’, अमित शाह बोले – इस्लामी शासन चाहता था मसरत आलम का गुट

भारत सरकार ने ‘मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर’ (मसरत आलम गुट/MLJK-MA) को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 3(1) के तहत गैर-कानूनी संगठन घोषित कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये गुट जम्मू कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल है, ऐसे में सरकार इस पर बैन लगा रही है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

अमित शाह ने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी जानकारी दी। उन्होंने लिखा है कि ‘मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर’ (मसरत आलम गुट) संगठन और इसके सदस्य जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल हैं और जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और लोगों को भड़काकर वहाँ इस्लामी शासन स्थापित करने को समर्थन देने में लिप्त हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार का संदेश एकदम स्पष्ट है कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसे कानून के तहत कठोरतम सज़ा दी जाएगी।

केंद्र सरकार ने बताया है कि इस संगठन के खिलाफ विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (यूएपीए), 1967, भारतीय दंड संहिता, 1860, आर्म्स एक्ट, 1959 और रनबीर दंड संहिता, 1932 की विभिन्न धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। बता दें कि मुस्लिम लीग मसरत आलम ग्रुप की अध्यक्षता मसरत आलम भट करता है। वो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाता है। मसरत आलम अलगाववादी गुट ‘हुर्रियत कॉन्फ्रेंस’ का अध्यक्ष भी है। पहले हुर्रियत का अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी हुआ करता था, जिसकी मौत हो चुकी है।

गौरतलब है कि भारत सरकार आतंकवाद के खिलाफ लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में सिर्फ इसी साल 2023 में केंद्रीय गृह मंत्रालय 4 संगठनों को आतंकी संगठन, 6 व्यक्तियों को आतंकवादी और 2 संगठनों को देश विरोधी संगठन घोषित कर चुका है।

‘इंशाअल्लाह, जल्द एक और पुलवामा होगा’: देवबंद के मदरसे के छात्र ने आतंकी हमले की दी धमकी, यूपी पुलिस और ATS ने उठाया

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद कस्बे में स्थित एक मदरसे में पढ़ने वाले एक मुस्लिम छात्र ने 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले को दोहराने की धमकी दे डाली है। पुलिस ने मदरसे के इस छात्र को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, देवबंद के एक मदरसे में पढ़ने वाले तल्हा मजहर ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “बहुत जल्द ही इंशाअल्लाह दूसरा पुलवामा भी होगा।” उसका यह ट्वीट वायरल हो गया और पुलिस प्रशासन हरक़त में आ गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस और यूपी ATS ने इस छात्र को देवबंद से हिरासत में ले लिया। इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इससे अब गहराई से पूछताछ की जा रही है। जानकारी सामने आई है कि दूसरे पुलवामा की धमकी देने वाला तल्हा मजहर झारखंड के जमेशदपुर का रहने वाला है और देवबंद में इस्लाम की तालीम लेता है।

तल्हा मजहर की इस पोस्ट के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और ATS उसके अन्य सोशल मीडिया अकाउंट को भी खँगाल रही है। यहाँ पता लगाया जा रहा है कि उसने धमकी किस आधार पर दी है। सहारनपुर पुलिस ने इस मामले में बयान भी जारी किया है।

सहारनपुर के पुलिस अधीक्षक ने कहा, “देवबंद में पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि एक युवक ने आपत्तिजनक ट्वीट किया है। जिस पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है और पूछताछ के लिए एक संयुक्त टीम बनाई गई है। पूछताछ से जो तथ्य सामने आएँगे उनके आधार कार्रवाई होगी।”

गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के एक काफिले पर इस्लामी आतंकियों ने हमला कर दिया था। काफिले की गाड़ी से विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी टकरा दी थी, जिसमें 40 जवानों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही इसमें कई जवान घायल भी हो गए थे। यह बहुत बड़ा आतंकी हमला था।

जो सोमनाथ गिराने की करता था बात, अब अपने ही मुल्क में कुत्तों की तरह घसीटा जा रहा: वीडियो में देखिए कैसे Pak पुलिस ने शाह महमूद कुरैशी को जेल में ठूँसा

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को पाकिस्तान की पुलिस ने घसीट कर जेल के अंदर डाल दिया। यह पूरा वाकया कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। शाह महमूद कुरैशी इमरान खान की सरकार में पाकिस्तान के विदेश मंत्री थे। उसने सोमनाथ मंदिर को गिराने की कसम खाई थी।

शाह महमूद कुरैशी, इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इन्साफ के उपाध्यक्ष भी हैं। इस समय पाकिस्तान की फ़ौज इमरान खान की पार्टी और नेताओं पर दमनचक्र चला रही है। शाह महमूद कुरैशी को जेल में फेंकने का वीडियो भी सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, पूर्व पाकिस्तानी विदेशी मंत्री रावलपिंडी की अडियाला जेल में साइफर केस में बंद हैं। इस साइफर का सम्बन्ध अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत और पाकिस्तानी सरकार के बीच बातचीत से है जिसे कथित तौर पर शाह महमूद कुरैशी ने लीक किया था।

शाह महमूद कुरैशी 27 दिसम्बर, 2023 को अडियाला जेल के बाहर इसी मामले में जमानत पा कर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इसी बीच जेल के पुलिसवालों ने उन्हें बोलने से रोक दिया और जब शाह महमूद नहीं माने तो उन्हें पुलिसवाले पकड़ कर उठा ले गए। इस दौरान शाह महमूद कुरैशी चिल्लाते रहे। कुरैशी को जमानत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर दुबारा जेल में बंद कर दिया गया। शाह महमूद को घसीटा भी गया। कुरैशी को किस मामले में दुबारा गिरफ्तार किया गया यह भी नहीं बताया गया। कुरैशी ने खुद पर राजनीति के कारण एक्शन लिए जाने का आरोप लगाया है।

शाह महमूद कुरैशी 2018 से 2022 के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री थे और भारत तथा प्रधानमंत्री मोदी को लेकर काफी उलटे सीधे बयान देते रहते थे। अगस्त 2019 में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर भी उन्होंने काफी अनाप-शनाप बयान दिए थे।

शाह महमूद ने एक बार हिंदुत्व को खतरा बता दिया था तो वहीं एक दिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विमान को पाकिस्तानी एयरस्पेस नहीं देने का ऐलान किया था। उनके बयानों की वजह से ही सऊदी अरब और अन्य अरब देश पाकिस्तान से दूर हो गए थे। कुरैशी ने तालिबान को भी शांतिपूर्ण संगठन बता दिया था।

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का एक वीडियो वायरल हो चुका है, जिसमें वह महमूद गजनवी की तरह सोमनाथ मंदिर को गिराने की बात करते हैं। वीडियो में कुरैशी ने खुद को महमूद गजनवी का वंशज बताते हुए गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर (somnath temple) को गिराने की बात कर रहे हैं।

इमरान खान की सरकार अप्रैल 2022 में सेना ने पाकिस्तान से बाहर कर दी थी और अब इमरान खान समेत उनकी तहरीक-ए-इन्साफ पार्टी (PTI) के नेताओं को पकड़ पकड़ कर जेल में डाला जा रहा है। शाह महमूद कुरैशी PTI के बड़े नेताओं में से एक थे इसलिए उन्हें भी जेल में डाला गया है।

मुस्लिम लड़की के चक्कर में युसूफ बन गए नायब तहसीलदार आशीष गुप्ता, पत्नी-बच्चों को छोड़कर कर लिया निकाह: पहली पत्नी की शिकायत पर मौलवी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में नायाब तहसीलदार आशीष गुप्ता नमाज मौदहा क्षेत्र में तैनाती के दौरान वो एक मस्जिद में चुपके-चुपके नमाज पढ़ने लगे। नमाजी टोपी में उनकी तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। जाँच में पता चला कि आशीष गुप्ता अब मोहम्मद यूसुफ बन गए हैं। पहले से शादीशुदा आशीष गुप्ता के दो बच्चे हैं, लेकिन रुखसार के चक्कर में उन्होंने घर बार छोड़ दिया।

अब लोगों में ‘लड़की का चक्कर…. बाबू भईया’ टाइप चर्चाएँ हो रही हैं। आशीष उर्फ यूसुफ की पहली पत्नी आरती ने अब आशीष के साथ ही रुखसार, उसके अब्बू, मौसा और निकाह कराने वाले मौलवी को भी लपेटे में ले लिया है और इन सबके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। इस मामले में मौलवी और उसके मौका को गिरफ्तार कर लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, मौदहा तहसील में तैनात नायब तहसीलदार आशीष गुप्ता ने पहली पत्नी को बिना तलाक दिए ही रुखसार से निकाह किया है। निकाह के लिए उन्हें इस्लाम भी अपनाना पड़ा। आशीष की पत्नी आरती की शिकायत के बाद हमीरपुर की एसपी दीक्षा शर्मा के आदेश पर इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौदहा क्षेत्र में तैनात नायब तहसीलदार आशीष गुप्ता कई दिनों से मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे। नमाजी टोपी में उनकी तस्वीरें कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। वो काचरिया बाबा मस्जिद में जाते था। इस बात की जानकारी प्रशासन को हुई तो तहसीलदार बलराम गुप्ता की अगुवाई में जाँच की गई।

उन्होंने बताया कि आशीष उर्दू सीखने के लिए मस्जिद में जाते थे, लेकिन जब गहन जाँच हुई तो पता चला कि लड़की का चक्कर है। आशीष धर्म परिवर्तन करके मोहम्मद यूसुफ बन चुके हैं और रुखसार नाम की लड़की से निकाह भी कर लिया है। अब इस मामले में आरती की शिकायत पर मामला दर्ज हो गया है और गिरफ्तारियाँ शुरू हो गई हैं।

एसपी दीक्षा शर्मा ने बताया कि मंगलवार को सदर कोतवाली में एक महिला द्वारा शिकायत दी गई थी। इसमें कहा गया था कि उनके पति नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं और उन्होंने तलाक दिए बिना दूसरी शादी कर ली है। शादी के लिए मौलवी द्वारा उनका धर्म परिवर्तन कराया है। सभी के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

धर्म परिवर्तन कर मोहम्मद यूसुफ बने आशीष गुप्ता कानपुर के रहने वाले हैं। वो 2 सितंबर 2023 को ही मौदहा तहसील में आए हैं। अब पता चल रहा है कि इन्हीं तीन माह में उन्होंने निकाह भी कर लिया है। इस पूरे मामले में हिंदूवादी संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। बजरंग दल ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

गाजा का समर्थन करने वाले उस्मान ख्वाजा को केशव महाराज से दिक्कत, कारण – बैट पर लिखा है ‘ॐ’: इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख ICC पर निकाला गुस्सा

पाकिस्तान में जन्मे ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने इंस्टाग्राम से 25 दिसंबर ‘क्रिसमस की शुभकामनाएँ’ तो दी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कंट्रोल काउंसिल (ICC) पर अपना गुबार निकालने से खुद को नहीं रोक पाएँ। इंस्टाग्राम पर उन्होंने ICC पर तंज कसा ही, साथ ही दक्षिण अफ़्रीकी हिंदू क्रिकेटर केशव महाराज को भी बीच में घसीटने से बाज नहीं आए।

दरअसल ‘गाजा मेरे दिल के करीब है’ कहने वाले उस्मान ख्वाजा ICC ने पाकिस्तान के साथ हुए प्रैक्टिस और टेस्ट मैच में फिलिस्तीन के समर्थन में उतरने पर कड़ी फटकार लगाई थी। उस्मान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर क्रिसमस डे को अपने दबे गुस्से के इजहार करने के लिए चुना। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर आईसीसी पर तंज कसते हुए हैशटैग ‘इंकॉन्सटिटेंट’ और ‘डबल स्टैंडर्ड’ हैशटैग का इस्तेमाल किया है।

उन्होंने ICC पर दोहरा रवैया रखने का आरोप लगाते हुए संस्था को गलत साबित करने की कोशिश की है। इतना ही नहीं, इस पोस्ट के लिए उन्होंने गाना भी छाँटकर चुना है। उनकी इस पोस्ट के बैकग्राउंड में कान्ये वेस्ट (Kanye West) का ‘कैन नॉट टेल मी नथिंग’ गाना बज रहा था तो कैप्शन में लिखा था, “सभी को मेरी क्रिसमस। कभी-कभी आपको बस हँसना ही पड़ता है। बॉक्सिंग डे पर मिलते हैं! असंगत, दोहरा मापदंड।”

एक तरह से उस्मान ख्वाजा ने ICC पर आरोप लगाया कि इसी तरह की चीजों पर दूसरे खिलाड़ियों को छोड़ दिया गया, जबकि उन पर कार्रवाई की गई। अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने 2 अन्य क्रिकेटरों के साथ दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेटर केशव महाराज को भी बीच में घसीट लिया है। इस पोस्ट में उन्होंने हिंदू धर्म से आने वाले केशव की बल्ले पर ‘ॐ’ स्टिकर लिखी फोटो डाली है।

वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथी मार्नस लाबुशेन और वेस्टइंडीज के बल्लेबाज निकोलस पूरन के बल्ले पर ईगल, बाइबिल की वर्सेज और ‘क्रॉस’ स्टिकर लगी फोटो डालते हुए उन्होंने ICC पर हमला बोला है। इस पोस्ट के जरिए ख्वाजा ने तर्क देने की कोशिश की कि या तो उन्हें फिलिस्तीनियों का ‘गैर-राजनीतिक’ तौर पर समर्थन करने दिया जाना चाहिए था या फिर आईसीसी को मैच के दौरान खिलाड़ियों के निजी संदेश देने के मामले पर पारदर्शिता बरतनी चाहिए।

इस पोस्ट में ख्वाजा ने साफ इशारा किया है कि आईसीसी को अपने फैसलों को एक शख्स पर सीमित न रखते हुए इसे बड़े पैमाने पर लागू करना चाहिए। उनकी पोस्ट में डाली गई केशव महाराज की बल्ले पर ‘ॐ’ वाली, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मार्नस लाबुशेन और वेस्टइंडीज निकोलस पूरन की बल्ले पर बाइबिल की वर्सेज वाले स्टिकर फोटो डालने से साफ है कि वो उन पर प्रतिबंध लगाने की वकालत कर रहे हैं।

बताते चलें कि क्रिकेट विश्व कप 2023 के दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान को 1 विकेट से हरा दिया था। इस मैच में भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी केशव महाराज ने खूब वाहवाही लूटी थी। वो धैर्य के साथ खेले ही नहीं बल्कि मैच के दौरान ही केशव महाराज ने बजरंग बली को याद भी किया। इस पर उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अपने ‘ॐ’ लिखे बैट से चौका भी लगाया।

बताते चलें कि 36 साल के उस्मान ख्वाजा मूल रूप से पाकिस्तानी मूल के हैं। वो 1986 में पाकिस्तान में पैदा हुए थे। जबकि यहाँ इस बात पर गौर करना जरूरी है कि ‘ॐ’ को आईसीसी नियमों के तहत प्रतिबंधित नहीं किया गया है क्योंकि इसका प्रदर्शन किसी राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय वजह को बढ़ावा देने के लिए नहीं है।

ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने पोस्ट में आईसीसी के उस नियम को भी शेयर किया जो क्रिकेटरों को अपने कपड़ों या अन्य साजोसामान पर निजी संदेश लिखने या उनके प्रदर्शन करने से रोकता है। ख्वाजा की हालिया पोस्ट पर डाले गए आईसीसी के इस नियम के मुताबिक, “खिलाड़ियों और टीम के अधिकारियों को निजी संदेश देने और दिखाने वाली किसी भी तरह की सामग्री को अपने कपड़े और अन्य सामानों पर इस्तेमाल करने की मंज़ूरी नहीं दी जाएगी। फिर भले ही ऐसे संदेश कपड़ों पर चिपकाए गए ही क्यों न हों।”

इसमें आगे कहा गया है कि इस तरह के संदेशों को खास तरह के कपड़ों या अन्य वस्तुओं (उदाहरण के लिए आर्मबैंड) के इस्तेमाल के जरिए शब्दों, प्रतीक, ग्राफिक मैसेज, फोटोज और निजी संदेशों के जरिए भी नहीं प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही टीम अधिकारी बोर्ड और ICC क्रिकेट संचालन विभाग दोनों से मंजूरी लेना जरूरी होगा। उन संदेशों के लिए मंजूरी नहीं दी जाएगी जो राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय गतिविधियों या कारणों से जुड़े हैं।

दरअसल ‘गाजा मेरे दिल के करीब है’ कहने वाले उस्मान ख्वाजा ने पाकिस्तान के खिलाफ पर्थ में हुए टेस्ट मैच से पहले प्रैक्टिस मैच में फिलिस्तीन के समर्थन वाले जूते पहने थे। ICC ने उनके इन जूतों को पहन प्रैक्टिस या फिर आगामी टेस्ट मैच में जाने को लेकर प्रतिबंध लगा दिया। वो अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और पाकिस्तान के खिलाफ पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच के वक्त काली पट्टी बाँधकर क्रिकेट खेलने मैदान में उतर आए।

उन पर आईसीसी के नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया गया था। उनकी इस हरकत पर आईसीसी ने उन्हें कसकर फटकार लगाई थी। दरअसल, ऐसा कर के ख्वाजा का इरादा इज़रायल-हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीनियों को समर्थन देने का था। बताते चलें कि पूर्व खिलाड़ियों, परिवार के सदस्यों या अन्य शख्सियतों की मौत पर शोक जताने के लिए खिलाड़ी काली पट्टी पहनते हैं, लेकिन इसे पहनने से पहले उन्हें राष्ट्रीय बोर्ड और आईसीसी से मंजूरी की जरूरत नहीं होती है।

उस्मान ख्वाजा ने बाद में अपनी सफाई में कहा था, “मेरा कोई एजेंडा नहीं था। मैं धर्म को भी इससे बाहर रखता हूँ। मैं ऐसा इसलिए करता हूँ क्योंकि ये मेरे दिल के अंदर जाकर लगा है। मैं जब इंस्टाग्राम पर देखता हूँ कि छोटे-छोटे बच्चों की मौत हो रही है। यह सब मेरे दिल को गमजदा करता है।”