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जैन मुनि को गंदी-गंदी गालियाँ, भक्तों को जान से मारने की धमकी: यूपी पुलिस ने आसिफ को दबोचा

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में जैन मुनि के साथ एक मुस्लिम युवक द्वारा अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम आसिफ है जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आसिफ पर आरोप है कि उसने जैन मुनि सुधा सागर को गालियाँ दीं। जब आसपास मौजूद लोगों ने आसिफ को रोकने का प्रयास किया तो उसने जैन समाज के लोगों को भी जान से मारने की धमकी दी। घटना शनिवार (17 दिसंबर, 2023) की है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। आसिफ की हरकत से जैन समाज के लोगों में नाराजगी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला आगरा के थाना क्षेत्र रकाबगंज का है। यहाँ जैन समाज के पदाधिकारी प्रवेश जैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में प्रवेश ने बताया कि संत सुधा सागर का प्रवास आगरा के छीपीटोला इलाके के निर्मल सदन में चल रहा है। जैन मुनि सुधा सागर को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त है। हर दिन की तरह सुबह लगभग 10:45 पर जैन मुनि आहार मंदिर में दर्शन के लिए गए। इसी दौरान आगरा के ही आदर्श नगर इलाके में रहने वाले निसार का बेटा आसिफ उधर से गुजरा।

आरोप है कि आसिफ ने बेवजह जैन मुनि सुधा सागर से बदतमीजी की और उनको गालियाँ दीं। जब वहाँ मौजूद जैन समाज के लोगों ने आसिफ को रोकने की कोशिश तो उसने बाकी सभी को जान से मार डालने की भी धमकी दी। बाद में आसिफ वहाँ से भाग गया। घटना से नाराज जैन समाज के लोग रकाबगंज थाने पर जमा हुए। प्रवेश जैन ने आसिफ की इस हरकत को जैन समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बताया। साथ ही आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग भी की है।

पुलिस ने इस शिकायत पर FIR दर्ज कर के आसिफ पर IPC की धारा 504 और 506 के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। सोमवार (18 दिसंबर, 2023) को आगरा पुलिस ने इस मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि सुसंगत धाराओं में आरोपित की गिरफ्तार कर ली गई है। साथ ही इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

अरविंद केजरीवाल हाजिर हों… ED ने दिल्ली के CM को भेजा समन: पिछली बार बहाना मार कर बच निकले थे, इस बार विपश्यना को बना सकते हैं ‘हथियार’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से शराब घोटाले में पूछताछ होगी। ईडी ने अरविंद केजरीवाल को समन भेज कर गुरुवार (21 दिसंबर, 2023) को समन भेज कर पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा है। जाँच एजेंसी ने AAP संयोजक को दूसरा नोटिस भेजा है। इससे पहले ईडी ने 2 नवंबर को भी अरविंद केजरीवाल को नोटिस भेजा था, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने उस नोटिस को गैर-कानूनी बताया था और पूछताछ में शामिल होने से इनकार कर दिया था। हालाँकि, इस बार भी वो बहाना बनाकर निकलना चाहते हैं, इसके लिए वो विपश्यना में जाने का समय बताने वाले हैं।

दिल्ली शराब घोटाले में ईडी के साथ ही सीबीआई भी जाँच कर रही है। सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल से अप्रैल महीने में पूछताछ की थी। सीबीआई ने 16 अप्रैल को उनसे साढ़े 9 घंटे की पूछताछ की थी, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए हैं। ऐसे में कोई डर वाली बात नहीं है। हालाँकि अब ईडी ने उन्हें दूसरी बार नोटिस भेजा है और 21 दिसंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। उसने PMLA के तहत पूछताछ की जाएगी।

बता दें कि शराब घोटाले और पैसों के लेन-देन के मामले में मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के धुरंधर नेता जेल में हैं और उन्हें जमानत नहीं मिल पाई है। ईडी ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि संजय सिंह और मनीष सिसोदिया से जुड़ा मनी ट्रेल मिल चुका है।

2 नवंबर को बहाना बनाकर बच निकले थे केजरीवाल

बता दें कि 2 नवंबर को अरविंद केजरीवाल ने ईडी के नोटिस को नजरअंदाज कर दिया था और सिंगरौली में रोड शो करने के लिए मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गए। समन को ‘अवैध’ बताते हुए, केजरीवाल ने ईडी के समन का जवाब देते हुए कहा कि वह पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होंगे क्योंकि उनके पास अन्य कार्यक्रम निर्धारित हैं। उन्होंने दावा किया था कि राज्य में चुनाव नजदीक आने के कारण वह एक स्टार प्रचारक हैं और इसलिए चुनावी प्रतिबद्धताएं उन्हें सम्मन में शामिल होने की अनुमति नहीं देंगी।

विपश्यना का बहाना बनाएँगे अरविंद केजरीवाल?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार अरविंद केजरीवाल विपश्यना का बहाना बनाने वाले हैं। अरविंद केजरीवाल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हर साल की आखिर में 10 दिनों के लिए विपश्यना पर निकल जाते हैं। इस बार भी उन्हें विपश्यना के लिए जाना है। जानकारी के मुताबिक, वह 19 दिसंबर को विपश्यना के लिए रवाना होंगे। वो 19 से 30 दिसंबर तक विपश्यना में रहेंगे।

आप ने बीजेपी पर बोला हमला

आम आदमी पार्टी ने इस मामले में बीजेपी को घेरा है। आम आदमी पार्टी के नेता संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसे आम आदमी पार्टी ने अपने ऑफिसियल एक्स हैंडल पर पोस्ट भी किया है। इसमें लिखा है, “मोदी दजी को सबसे ज्यादा अरविंद केजरीवाल जी से डर लगता है, वो उन्हें चुनाव में हरा नहीं सकते तो षडयंत्र का सहारा लेते हैं। जो मोदी जी के सामने सरेंडर कर देता है, उन्हें सारे केस में क्लीन चिट दे देते हैं। आज अगर मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन बीजेपी शामिल हो जाएं, तो उन्हें भी क्लीन चिट दे देंगे।”

बीजेपी बोली, गलत नहीं तो डर क्यों रहे हैं अरविंद केजरीवाल

इस मामले में बीजेपी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। दिल्ली बीजेपी के सचिव हरीश खुराना ने कहा कि कानून के मुताबिक ही ईडी ने समन भेजा है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल को ईडी के सामने पूछताछ के लिए जाना चाहिए। हरीश खुराना ने कहा कि अगर आपने कुछ गलत नहीं किया, तो आपको डर किस बात का लग रहा है। उन्होंने कहा कि आपने अगर गलत किया है, जो दस्तावेज कहते हैं तो उस पर आपका डर लाजिमी है। मुझे लगता है कि अरविंद कोजरीवाल को इस बार जाना चाहिए और ईडी जो सवाल पूछे उसका जवाब देना चाहिए।”

साल 2021 की शराब नीति से जुड़ा है मामला

बता दें कि 22 मार्च 2021 को मनीष सिसोदिया ने नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति 2021-22 लागू की गई थी। इसी के साथ दिल्ली सरकार शराब के कारोबार से बाहर गई थी और शराब का कारोबार निजी हाथों में सौंप दिया गया था। दिल्ली सरकार का दावा था कि इससे शराब के मामले में माफिया राज खत्म हो जाएगा और दिल्ली सरकार का रेवेन्यू बढ़ जाएगा। लेकिन बाद में पता चला कि ये एक बड़ा घोटाला था, जिसके दम पर मनीष सिसोदिया से लेकर कई बड़े नेताओं ने पैसे बनाए थे।

विरोध बढ़ने पर 28 जुलाई 2022 को दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी थी।

पुलवामा और उरी हमलों में आया जिस आतंकी का नाम, उसे अज्ञातों ने ठोक दिया: Pak में हाफिज सईद के साथी की हत्या, राजनीति में सक्रिय है ‘खान बाबा’ का परिवार

पाकिस्तान में अज्ञात लोगों द्वारा रहस्यमयी हालात में वॉन्टेड आतंकियों की हत्याओं का सिलसिला जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, रविवार (17 दिसंबर, 2023) की शाम को अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैय्यबा (LET) के एक और आतंकवादी हबीबुल्लाह की गोलियों से भून कर हत्या कर दी। आतंकी हबीबुल्लाह खान बाबा नाम से भी जाना जाता था। उसकी हत्या खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र के टैंक जिले में हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हबीबुल्लाह उर्फ़ खान बाबा कई नाम बदल कर रहता था। वह कथित तौर पर कश्मीर के उरी और पुलवामा आतंकी हमलों में शामिल रहा था। सैन्य ठिकानों को निशाना बना कर हुए इन हमलों में भारत के कई सैनिकों को वीरगति प्राप्त हुई थी। मारा गया खान बाबा नेशनल असेंबली (MNA) के पूर्व सदस्य और इमरान खान की पार्टी PTI के नामी नेता दावर खान कुंडी का चचेरा भाई है। ’24 न्यूज HD’ टीवी चैनल के मुताबिक, हमलावरों ने टैंक के एक गाँव रुनवाल में हबीबुल्लाह पर गोलियाँ बरसाईं।

हमले में बुरी तरह से घायल हबीबुल्लाह को अस्पताल ले जाया गया। हालाँकि, उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। पाकिस्तानी अख़बार ‘डॉन’ की एक पुरानी रिपोर्ट में बताया गया है कि कुंडी परिवार के कई सदस्य पाकिस्तान की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इनमें से एक अमानुल्लाह कुंडी तो पाकिस्तान की सरकार में मंत्री भी रहे हैं। अमानुल्लाह की जनवरी 2023 में मौत हो गई है। फ़िलहाल पुलिस मामले की जाँच के साथ हमलावरों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। हालाँकि अभी उसे सफलता नहीं मिल पाई है।

मारा गया हबीबुल्लाह लश्कर ए तैयबा के लिए पाकिस्तान में आतंकियों की भर्ती करता था। यही आतंकी भारत में घुसपैठ कर के हमलों को अंजाम देते थे। कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हबीबुल्लाह की कथित हत्या इस तरह की 23 वीं घटना है। पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में अलग-अलग जगहों पर अज्ञात बंदूकधारियों ने अलग-अलग आतंकवादियों को मार गिराया है। इन सबमे सबसे हालिया हत्या लश्कर-ए-तय्यबा के संस्थापक और 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के करीबी सहयोगी अदनान अहमद की रही है।

अदनान अहमद को कुछ सप्ताह पहले ही कराची शहर में गोलियों से भून दिया गया था। यहाँ यह बात भी गौरतलब है कि सुबह से सोशल मीडिया में भारत के मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम को भी जहर दिए जाने की खबर वायरल है। इन खबरों के बीच पाकिस्तान के कई हिस्सों में इंटरनेट बैन होने की भी जानकारी सामने आई है।

ASI ने ज्ञानवापी ढाँचे की सीलबंद सर्वे रिपोर्ट वाराणसी कोर्ट को सौंपी, हिंदू पक्ष ने माँगी कॉपी: 21 दिसंबर को सुनवाई

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है। हिंदू पक्ष ने सीलबंद रिपोर्ट पेश किए जाने पर आपत्ति जताई है। मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने रिपोर्ट को सीलबंद रखने और उसके किसी हिस्से को मीडिया में लीक होने से रोकने की अपील की थी।

हिंदू पक्ष ने इस मामले के सभी पैरोकारों को रिपोर्ट की एक-एक कॉपी देने की माँग की है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, एएसआई ने वाराणसी जिला जज एके विश्वेश के सामने अपनी रिपोर्ट पेश की। एएसआई ने जब सीलबंद रिपोर्ट सौंपी, तब हिंदू पक्ष ने अदालत से रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की प्रार्थना की और इसमें शामिल सभी पक्षों को रिपोर्ट की प्रतियाँ उपलब्ध कराने के लिए निर्देश देने की माँग की।

बता दें कि वाराणसी जिला जज ने 21 जुलाई 2023 को ज्ञानवापी का वैज्ञानिक सर्वे करने का निर्देश दिया था। यह पता करने के लिए कहा था कि क्या मस्जिद को किसी मंदिर की जगह पर बनाया गया है? क्या मस्जिद के निचले हिस्से में पहले से मौजूद रहे किसी मंदिर का भी अंश है?

सुप्रीम कोर्ट में इस सर्वे के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2023 को इस सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने वुजुखाना इलाके को, जिसमें कथित तौर पर शिवलिंग मिला था, उस इलाके का सर्वे नहीं करने के लिए कहा था। एएसआई से कहा गया था कि वो सर्वे तो करे, लेकिन किसी भी जगह की न तो खुदाई करे और न ही किसी जगह को नुकसान पहुँचे।

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका हाई कोर्ट के 3 अगस्त के फैसले खिलाफ दायर की गई थी। हाई कोर्ट ने भी वैज्ञानिक सर्वे पर रोक की माँग खारिज कर दी थी। बता दें कि ज्ञानवापी को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई में कहा था कि यह मस्जिद नहीं है। उन्होंने कहा कि इसमें त्रिशूल सहित हिंदू धर्म के अन्य निशान हैं। इसलिए इस परिसर को मस्जिद नहीं कहा जा सकता।

सीएम योगी ने कहा था, “ज्ञानवापी के अंदर देव प्रतिमाएँ हैं। यह प्रतिमा हिंदुओं ने नहीं रखी है। अगर ज्ञानवापी को मस्जिद कहेंगे तो विवाद तो होगा ही।” उन्होंने कहा कि सरकार ज्ञानवापी विवाद का समाधान चाहती है। मुस्लिम समाज को आगे आकर इस ऐतिहासिक गलती सुधारना चाहिए।

मई 2022 में पूर्व एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्रा ने अदालत में रिपोर्ट में देकर खुलासा किया था कि ज्ञानवापी ढाँचे की पश्चिमी दीवार पर शेषनाग और हिंदू देवी-देवताओं की कलाकृति है। दीवार के उत्तर से पश्चिम की ओर शिलापट्ट पर सिंदूरी लेप की उभरी हुई कलाकृति है। इसमें देवों के रूप में चार मूर्तियाँ दिख रही हैं।

तसव्वर हसन की दीवार में दब कर मर गईं 4 महिलाएँ-2 बच्चे, प्रोपेगेंडाबाज ‘हिंदू शादी के DJ’ को दे रहे दोष: जानिए सच

सोशल मीडिया पर सोमवार (18 दिसंबर, 2023) से उत्तर प्रदेश का बता कर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ महिलाएँ जमीन पर घायल अवस्था में पड़ी दिख रहीं हैं और आसपास चीख-पुकार मची हुई है। वीडियो को शेयर करने वाले अधिकतर इस्लामी या वामपंथी हैंडल हैं। उनका दावा है कि UP की एक शादी में DJ की आवाज बहुत अधिक होने के चलते एक दीवार ढह गई और हादसा हो गया।

खुद को पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले शहवाज अंजुम ने 27 सेकेंड के इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “शादी में DJ की तेज़ आवाज़ से दीवार गिर गई और ये हादसा हो गया।” इस वीडियो में लग रहा है कि कुछ महिलाओं की जान जा चुकी है। कई अन्य घायल दिख रहीं हैं जिन्हे जल्दी अस्पताल ले जाने की बात चल रही है।

आए दिन हिन्दू विरोधी पोस्ट करने वाले विक्रम ने भी यही वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश में शादी में हाई वॉल्यूम DJ बजाने के कारण गिरी दीवार। कई लोग जख्मी। DJ को देश भर में बैन कर देना चाहिए। यह अत्यंत खतरनाक है।”

‘भीम आर्मी’ के मुखिया चंद्रशेखर ‘रावण’ की प्रशंसक वंदना सोनकर ने भी यही वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश में ही रहे एक शादी मे DJ बजाया जा रहा था जिसका डेसिबल ज्यादा होने की वजह से दीवार गिर गई। इसमें बुरी तरह से महिलाएँ घायल हो गईं।”

यही वीडियो रियाज़ खान ने भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश की वीडियो बताई जा रही है। शादी मे DJ बजाया गया था ओर डेसिबल ज्यादा होने की वजह से दीवार गिर गई। इससे कई महिलाओं को गंभीर चोट आई है। शादी में DJ जगराता में DJ इन लोगों का बिना DJ बजाय कोई काम नहीं होता है। इन लोगों की वजह से दिल के बीमार मरीज मर जाते है या सहते हैं।”

तसव्वर हसन और गयासुद्दीन हैं औरतों-बच्चों की मौत के जिम्मेदार

ऑपइंडिया ने इस मामले की पड़ताल की। यह घटना उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में आने वाले घोसी थाना क्षेत्र की है। हादसा 8 दिसंबर 2023 को शाम लगभग 3 बजे हुआ। तब घोसी के ही बालेंदु गुप्ता की हल्दी की रस्म पूरी करने महिलाएँ मांगलिक गीत गाते हुए गली से गुजर रहीं थीं। जैसे ही महिलाएँ तसव्वर हसन के घर के बगल से गुजरीं, उनकी दीवार भरभरा कर महिलाओं पर गिर पड़ी। इस दर्दनाक हादसे में 4 महिलाएँ और 2 बच्चों की मौत हो गई जबकि लगभग 20 अन्य घायल हो गए।

मृतकों में चंदा देवी, पूनम शर्मा, माधव, पूजा, मीरा और सुशीला देवी शामिल हैं। इस मामले की FIR घोसी नगर पंचायत के क्लर्क राकेश कुमार पांडेय ने दर्ज करवाई। FIR में उन्होंने तसव्वर हसन के साथ गयासुद्दीन को नामजद किया। शिकायत में उन्होंने बताया कि तसव्वर हसन की जर्जर दीवाल के पास गयासुद्दीन ने गिट्टी और मोरंग आदि जमा कर के रखा हुआ था। मार्ग पड़ने की वजह से बार-बार गयासुद्दीन और तसव्वर से सामन हटवाने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने लापरवाही दिखाई।

FIR कॉपी

तसव्वर ने अधिकारियों द्वारा अपनी दीवार बनवा लेने के भी कई बार मिले निर्देशों को अनदेखा किया। FIR में हादसे में हुई मौतों का जिम्मेदार तसव्वर और गयासुद्दीन की लापरवाही को बताया गया है। आखिरकार पुलिस ने तसव्वर हसन और गयासुद्दीन पर IPC की धरा 304 और 268 के तहत केस दर्ज किया। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है। इस बीच ताजा समाचार के मुताबिक गयासुद्दीन और तसव्वर हसन की जमानत याचिका सेशन जज रामेश्वर ने ख़ारिज कर दी है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

कॉन्ग्रेस ने माँगा चंदा, समर्थकों ने गालियों से भर दी तिजोरी: ‘डोनेट फॉर देश’ वालों को अपने ही बता रहे मूर्ख-आलसी-अकर्मण्य

कॉन्ग्रेस पार्टी ने समर्थकों से चंदा इकट्ठा करने के लिए ‘डोनेट फॉर देश’ नाम का अभियान शुरू किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद 1.38 लाख रुपए देकर इस अभियान की शुरुआत की। लेकिन, पार्टी के साथ ‘खेला’ हो गया। खेला इसीलिए, क्योंकि कॉन्ग्रेस ने जिस नाम का अभियान शुरू किया उस नाम का डोमेन नेम किसी और ने रजिस्टर कर लिया। न सिर्फ रजिस्टर कर लिया, बल्कि वहाँ भाजपा को डोनेट करने का लिंक भी डाल दिया।

इसके बाद कॉन्ग्रेस जिन समर्थकों से डोनेशन की अपेक्षा कर रही थी, वही अब उसे गाली दे रहे हैं। उदाहरण के लिए खुद को ‘सेक्युलर-लिबरल’ बताने वाले संदीप मनुधाने का ट्वीट ही देख लीजिए। उन्होंने कॉन्ग्रेस के इस अभियान के शुरू होते ही इसकी 3 खामियाँ गिना दीं – पार्टी की खोखली प्लानिंग, आलाकमान द्वारा कोई निगरानी नहीं और व्यावहारिक ज्ञान की कमी। उन्होंने इसे अशुभ संकेत बताते हुए कहा कि अगर ‘धूर्त विरोधियों’ द्वारा आपका सबसे बड़ा क्राउडफंडिंग प्रोग्राम हाईजैक कर लिया जाता है, ये आपकी नाकामी को दिखाता है, विरोधियों की नहीं।

उन्होंने आगे लिखा कि आज की Realpolitik (नैतिकता की जगह परिस्थिति और व्यवहार के हिसाब से चलने वाली राजनीति) में स्वागत है। सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा के डरे होने का दावा करते हुए फर्जी डोनेशन लिंक बना कर कॉन्ग्रेस समर्थकों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। इस पर भी संदीप ने रिप्लाई दी कि उन्होंने वही किया जो कॉन्ग्रेस में नीतियाँ बनाने वालों ने नज़रअंदाज़ किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए ज़रूरी डोमेन्स को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

वहीं एक अन्य यूजर ने तो ये तक सलाह दे डाली कि चूँकि ‘डोनेट फॉर देश’ अभियान को हाईजैक कर लिया गया है, इसीलिए कॉन्ग्रेस पार्टी अपने डोनेशन कैम्पेन का नाम बदल कर कुछ और रख दे। साथ ही अख़बारों से लेकर मीडिया तक में इसका प्रचार करने की सलाह दे डाली।

बता दें कि यदि कोई भी व्यक्ति Donatefordesh.Org वेबसाइट को खोलता है तो इस पर भाजपा को चंदा देने का पेज खुलता है। यहाँ नाम, मोबाइल नम्बर और ईमेल आईडी देकर भाजपा को चंदा देने का फॉर्म खुलता है। वहीं Donatefordesh.Com और Donatefordesh.in भी कॉन्ग्रेस नहीं ले पाई

संसद में क्लीन ड्राइव: हंगामा करने पर लोकसभा और राज्यसभा के 78 सांसद सस्पेंड, इस सत्र में अब तक 92 MP पर हुई है कार्रवाई

सोमवार (18 दिसंबर 2023) को 78 सांसदों को हंगामा करने के कारण सस्पेंड किया गया है। लोकसभा के 33 और राज्यसभा के 45 सांसदों पर कार्रवाई हुई है। इस तरह से संसद के शीतकालीन सत्र में सस्पेंड होने वाले सांसदों की संख्या बढ़कर 92 हो गई है। आज की कार्रवाई से पहले भी 14 सांसद सस्पेंड हुए थे।

कुछ सांसदों को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक सस्पेंड किया गया है। इसमें विपक्ष के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल जैसे बड़े नाम भी हैं।

अब तक लोकसभा और राज्यसभा से 46-46 सांसद सस्पेंड

लोकसभा में सोमवार को 33 सांसदों को सस्पेंड किया गया। 13 सांसदों को 15 दिसंबर 2023 को सस्पेंड किया गया था। इस तरह से लोकसभा से कुल 46 सांसद इस सत्र में सस्पेंड किए जा चुके हैं। वहीं, राज्यसभा से 45 सांसद सोमवार को सस्पेंड किए गए। इससे पहले उच्च सदन से डेरेक ओ ब्रायन सस्पेंड हुए थे। इस तरह से सस्पेंड होने वाले कुल सांसदों की संख्या 92 तक पहुँच गई है।

खास बात ये है कि राज्यसभा में जिन 45 सांसदों को सस्पेंड किया गया है, उसमें से 11 सांसदों को प्रिविलेज कमेटी की रिपोर्ट आने तक निलंबित किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के लिए 3 माह तक का समय रहता है। वहीं, 34 सांसदों को पूरे शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित किया गया है। टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन पहले ही शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित हो चुके हैं। इस तरह से राज्यसभा के कुल 46 सांसदों पर अब तक गाज गिर चुकी है।

राज्यसभा से सस्पेंड होने वालों में रणदीप सुरजेवाला, प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, मनोज झा, रामनाथ ठाकुर, अनिल हेगड़े, वंदना चव्हाण, रामगोपाल यादव, अमी याग्निक, नारायण भाई राठवा, शक्ति सिंह गोहिल, रजनी पाटिल, सुखेंदु शेखर, नदिमुल हक, एन षणमुगम, नसीर हुसैन, फुलो देवी नेताम, इमरान प्रतापगढ़ी, मौसम नूर, समिरुल इस्लाम, रंजीत रंजन, कनिमोझी, फैयाज अमजद, जावेद अली खान, जोस के मणि, महुआ मांझी और अजीत कुमार के अलावा अन्य नाम भी हैं।

लोकसभा में भी सस्पेंड होने वाले सांसदों की संख्या 46 पहुँच गई है। कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन, टीएमसी के सौगत रॉय और कल्याण बनर्जी और डीएमके के टीआर बालू, ए राजा और दयानिधि मारन सहित 33 विपक्षी सांसदों को लोकसभा से निलंबित किया गया है। सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पेश किया। पहले स्थगन के बाद जब सदन दोपहर तीन बजे दोबारा शुरू हुआ तो सभापति के तौर पर मौजूद भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि सदस्य नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

इसके बाद भी जब सांसद नहीं माने, तो फिर सभापति ने कार्रवाई कर दी। सस्पेंड होने वाले सांसदों में अधीर रंजन चौधरी, ए राजा, दयानिधि मारन, टी. सुमति, कल्याण बनर्जी, अपारूपा पोद्दार, प्रसून बनर्जी, ईटी मोहम्मद बशीर, जी. सेल्वम, सीएन अन्नादुरई, असीत कुमार मल, कौशलेंद्र कुमार, एंटो एंटनी, एसएस पलानीमनिकम, अब्दुल खालिक, थिरुनावुक्करासर, प्रतिमा मंडल, काकोली घोष, के.मुरलीधरन, सुनील मंडल, एस. रामालिंगम, के. सुरेश, अमर सिंह, राजमोहन उन्नीथन, गौरव गोगोई, टीआर बालू, के कानी नवास, के वीरस्वामी, एनके प्रेमचंद्रन, सौगत रॉय, शताब्दी रॉय, के जयकुमा के नाम शामिल हैं।

इस मामले में कॉन्ग्रेस ने तीखा विरोध किया है। कॉन्ग्रेस ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर कहा है, “तारीख- 18 दिसंबर 2023। दिन- सोमवार। एक बार फिर सदन में सवाल पूछने पर विपक्ष के सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है। ये है मोदी सरकार की तानाशाही। संसद की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर विपक्ष के सांसद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से जवाब माँग रहे हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सवाल पूछना विपक्ष का हक है और जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। यह जनता की आवाज दबाने का एक दमनकारी रवैया है और हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं, लड़ते रहेंगे। मोदी सरकार को जवाब देना ही होगा।”

‘हम सनातन के अंग, श्रीराम की आने की खुशी में लगाएँगे लंगर’: जिन निहंग सिखों ने पहली बार बाबरी में किया हवन, उनके वंशजों ने की घोषणा

अयोध्या में सिख समाज दो माह तक लंगर लगाएगा। इसकी अगुवाई बाबा हरजीत सिंह रसूलपुर करेंगे। बाबा रसूलपुर बाबा फकीर सिंह खालसा की आठवीं पीढ़ी के हैं। बाबा फकीर सिंह खालसा की अगुवाई में निहंग सिखों ने सबसे पहले अयोध्या में बाबरी ढाँचे पर कब्जा किया था। बाबा ने कहा कि सिख समाज भी सनातन का हिस्सा है और उनके पूर्वजों ने इसकी रक्षा के लिए कुर्बानी दी है।

इस दौरान बाबा हरजीत सिंह ने खालिस्तानियों और हिंदू-सिख के बीच दरार पैदा करने वालों को भी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हम पूरी दुनिया को बताना चाहते हैं कि सिख और सनातन एक हैं। जो हमारा देश है, वह अलग नहीं है। जो हमें तोड़ने की बातें कर रहे हैं, उन्हें इसके माध्यम से एक अच्छा मैसेज देना चाह रहे हैं।” उन्होंने आगे, “इस राम मंदिर को मुस्लिमों से जिन्होंने सबसे पहले कब्जा लिया था, वे हमारे पूर्वज थे।”

“हम भी सनातन का हिस्सा”

अयोध्या में लंगर लगाने का निर्णय लेने वाले निहंग सिखों की अगुवाई करने वाले बाबा रसूलपुर ने कहा कि वह अयोध्या में लंगर लगाकर भगवान राम के प्रति अपने पूर्वजों की भक्ति को आगे बढ़ाएँगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा ने कहा, “अब जब 22 जनवरी को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है तो मैं कैसे पीछे रह सकता हूँ।” उन्होंने कहा कि वह निहंगों के साथ 22 जनवरी को अयोध्या में लंगर चलाएँगे।

मीडिया से बातचीत की शुरुआत बाबा हरजीत सिंह ने ‘वाहे गुरु जी की खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह’ और ‘जय श्रीराम’ के साथ की। उन्होंने कहा, “मैं समाज को गुरु तेग बहादुर सिंह की कुर्बानी को याद दिलाना चाहता हूँ। उन्होंने आज के दिन सनातन को बचाने के लिए बलिदान दिया था। उन्होंने चाँदनी चौक पर सनातन को बचाने के लिए शहादत दी।”

बाबा ने आगे कहा, “मैं पूरी दुनिया को बताना चाहता हूँ कि हम भी सनातन का हिस्सा हैं। यही हमारा धर्म है। हम ही वो हैं, जिन्होंने सनातन को बचाया। अयोध्या में श्री रामलला जी 22 जनवरी को पधार रहे हैं। हम सिख और हिंदू भाई इस खुशी को मिलकर मनाएँगे।”

बाबा रसूलपुर ने कहा, “हमारे बुजुर्ग थे जत्थेदार बाबा फकीर सिंह जी खालसा निहंग सिंह रसूलपुर। मैं उनकी विरासत में आठवीं पीढ़ी से हूँ। हम इसकी खुशी में अयोध्या में लंगर लगाने जा रहे हैं। मैं सबको यही बताने की कोशिश कर रहा हूँ कि हम सब साथ हैं।”

बाबा हरजीत सिंह ने कहा, “मेरा किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है और मैं केवल सनातन परंपराओं का वाहक हूँ। निहंगों और सनातन धर्म के बीच सद्भाव बनाए रखने के दौरान मुझे आलोचना का सामना करना पड़ा, क्योंकि एक तरफ मैं अमृतधारी सिख हूँ लेकिन दूसरी तरफ मैं अपने गले में रुद्राक्ष की माला पहनता हूँ”।

30 नवंबर 1858 को निहंगों ने किया था बाबरी पर कब्जा

अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े इतिहास के पन्नों में 30 नवंबर 1858 का दिन बेहद खास है। इसी दिन बाबा फकीर सिंह खालसा की अगुवाई में 25 सिख निहंगों ने बाबरी ढाँचे पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने कई दिनों तक बाबरी पर कब्जा बनाए रखा था और राम नाम का पाठ किया था। उन्होंने बाबरी ढाँचे पर राम नाम भी लिख दिया।

बाबरी पर गैर-मुस्लिमों के कब्जे का पहला प्रमाण यही है। इसको लेकर अवध के थानेदार शीतल दुबे ने बाबरी के अधिकारी की शिकायत पर 25 निहंग सिखों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। बाबा हरजीत सिंह रसूलपुर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में अवध के थानेदार की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।

राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी के पेज नंबर 164 पर इस एफआईआर का जिक्र है। इसमें कहा गया है कि दो दर्जन निहंग सिखों ने बाबा फकीर सिंह खालसा के नेतृत्व में 30 नवंबर 1858 को बाबरी ढाँचे पर कब्जा कर लिया था और हवन यज्ञ करने के साथ ही दीवारों पर राम नाम लिखा था।

‘योगी बाबा मेरी रक्षा करें, अब कभी नहीं करूँगा गोकशी’: नाम-पते के साथ गले में तख्ती लटका कर सरेंडर करने पहुँचा मोहम्मद आलम, यूपी पुलिस ने लगाया था गैंगस्टर एक्ट

बदायूँ में एक गोतस्कर ने गले में तख्ती डाल कर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। गोतस्करी मोहम्मद आलम अपनी रक्षा की गुहार लगाते हुए थाने में पहुँचा था। वह गोकशी के मामले में आरोपित था। अपने नाम-पते के साथ थाने में आत्मसमर्पण करने पहुँचे इस गोतस्कर की फोटो अब वायरल हो रही है।

जानकारी के अनुसार, बदायूँ के थाना सहसवान के गाँव खैरपुर खैराती का रहने वाला मोहम्मद आलम गोकशी के कई मामलों में आरोपित है। गोकशी की घटनाओं को लेकर उस पर कई मामले दर्ज किए गए थे। आलम पर हाल ही में पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।

जब आलम पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हो गया तो वह फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। कड़ी कानूनी कार्रवाई के डर से वह 18 दिसम्बर, 2023 को बदायूँ के हाजा थाने पर पहुँचा और आत्मसमर्पण कर दिया।

आलम अपने गले में एक तख्ती डाल कर पहुँचा था। इस तख्ती पर लिखा था, “मैं, मोहम्मद आलम पुत्र नूर मोहम्मद निवासी खैरपुर खैराती थाना सहसवान बदायूँ गैंगस्टर के मामले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर रहा हूँ। अब कभी गोकशी नहीं करूँगा, योगी बाबा मेरी रक्षा करें।”

आलम पर आधे दर्जन से अधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। उसके गैंग में 5 लोग थे जो गोतस्करी और गोकशी करते थे, इनमें से पुलिस पहले ही 4 को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। आलम के फरार होने के बाद जब उसके घर सहित अन्य ठिकानों पर दबिश पड़ी तो उसने पुलिस के सामने ही आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अब आलम को कोर्ट में पेश करेगी और आगे की कार्रवाई करेगी।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय में उत्तर प्रदेश में गोतस्करों पर कड़ी कार्रवाई हुई है। कुछ गोतस्कर पुलिस के साथ एनकाउंटर में घायल हुए हैं जबकि कई की संपत्तियाँ जब्त कर करवाई गई हैं। इसी कार्रवाई के डर से आलम ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

‘मुझे प्यार हुआ पिया हौले हौले’: बोधगया मंदिर में महिला पुलिसकर्मियों ने कर दिया ‘रील कांड’, ठुमकों के बाद हुईं सस्पेंड

बिहार के गया जिले में 2 महिला पुलिसकर्मियों का रील (Reel) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह रील बोधगया मंदिर परिसर में बनाया गया है। वीडियो में महिला पुलिसकर्मी ‘ओ मेरी जान…’ गाने पर ठुमके लगा रही हैं। पुलिस ने बताया है कि यह रील कई दिनों पुराना है और शनिवार (16 दिसंबर 2023) से वायरल हो रहा है। जाँच के बाद दोनों महिला सिपाहियों को सस्पेंड कर के उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

वायरल हो रही रील लगभग 44 सेकेण्ड की है। इसमें वर्दी में 2 महिला पुलिसकर्मी को एक-दूसरे के साथ रोमांटिक अंदाज में वीडियो शूट करवाते देखा जा सकता है। बोधगया मंदिर में की गई इस शूटिंग में पीछे बैकग्राउंड में कई गाने डाले गए हैं। इनमें से ‘ओ मेरी जान, बोल मेरी जान’, ‘मेरा दिल अब पास है तेरे, तेरा दिल अब पास है मेरे’ और ‘मुझे प्यार हुआ पिया हौले हौले हौले’ आदि गाने प्रमुख हैं। शूटिंग में मंदिर में लगे घंटे भी दिखाए जा रहे हैं। इसमें एक महिला सिपाही पुरुष हीरो के किरदार में है, जबकि दूसरी हीरोइन के।

वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर नेटिजंस ने अलग-अलग राय दी है। कुछ लोगों ने इसे गलत बताकर दोनों पर कार्रवाई की माँग की है। वहीं, कुछ लोगों ने ‘पुलिस के अंदर भी दिल होता है’ जैसे कमेंट करके दोनों महिला पुलिसकर्मियों पर एक्शन ना लेने की अपील की है। सिद्धांत कुमार वर्मा ने कहा, “पुलिस विभाग मे 50% महिला का परिणाम। चोर-डकैत तो इनसे पकड़ा जाएगा नहीं, मुजरा ही करें।”

चित्र साभार- @firstbiharnews पर आए कमेंट

वायरल हुए इस वीडियो का संज्ञान बिहार पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने भी लिया है। गया पुलिस ने रविवार (17 दिसंबर 2023) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जानकारी दी है कि यह वीडियो काफी पुराना है। रील बना रहीं दोनों महिला पुलिसकर्मी बिहार विशेष सशस्त्र बल महिला बटालियन सासाराम की हैं। इन दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।

चित्र साभार- गया पुलिस

पुलिस अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया अपनी जाँच में दोनों महिला पुलिसकर्मियों द्वारा अपने कर्तव्य में लापरवाही पाया है।