Monday, July 15, 2024
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अरविंद केजरीवाल हाजिर हों… ED ने दिल्ली के CM को भेजा समन: पिछली बार बहाना मार कर बच निकले थे, इस बार विपश्यना को बना सकते हैं ‘हथियार’

इस मामले में बीजेपी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। दिल्ली बीजेपी के सचिव हरीश खुराना ने कहा कि कानून के मुताबिक ही ईडी ने समन भेजा है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल को ईडी के सामने पूछताछ के लिए जाना चाहिए।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से शराब घोटाले में पूछताछ होगी। ईडी ने अरविंद केजरीवाल को समन भेज कर गुरुवार (21 दिसंबर, 2023) को समन भेज कर पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा है। जाँच एजेंसी ने AAP संयोजक को दूसरा नोटिस भेजा है। इससे पहले ईडी ने 2 नवंबर को भी अरविंद केजरीवाल को नोटिस भेजा था, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने उस नोटिस को गैर-कानूनी बताया था और पूछताछ में शामिल होने से इनकार कर दिया था। हालाँकि, इस बार भी वो बहाना बनाकर निकलना चाहते हैं, इसके लिए वो विपश्यना में जाने का समय बताने वाले हैं।

दिल्ली शराब घोटाले में ईडी के साथ ही सीबीआई भी जाँच कर रही है। सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल से अप्रैल महीने में पूछताछ की थी। सीबीआई ने 16 अप्रैल को उनसे साढ़े 9 घंटे की पूछताछ की थी, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए हैं। ऐसे में कोई डर वाली बात नहीं है। हालाँकि अब ईडी ने उन्हें दूसरी बार नोटिस भेजा है और 21 दिसंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। उसने PMLA के तहत पूछताछ की जाएगी।

बता दें कि शराब घोटाले और पैसों के लेन-देन के मामले में मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के धुरंधर नेता जेल में हैं और उन्हें जमानत नहीं मिल पाई है। ईडी ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि संजय सिंह और मनीष सिसोदिया से जुड़ा मनी ट्रेल मिल चुका है।

2 नवंबर को बहाना बनाकर बच निकले थे केजरीवाल

बता दें कि 2 नवंबर को अरविंद केजरीवाल ने ईडी के नोटिस को नजरअंदाज कर दिया था और सिंगरौली में रोड शो करने के लिए मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गए। समन को ‘अवैध’ बताते हुए, केजरीवाल ने ईडी के समन का जवाब देते हुए कहा कि वह पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होंगे क्योंकि उनके पास अन्य कार्यक्रम निर्धारित हैं। उन्होंने दावा किया था कि राज्य में चुनाव नजदीक आने के कारण वह एक स्टार प्रचारक हैं और इसलिए चुनावी प्रतिबद्धताएं उन्हें सम्मन में शामिल होने की अनुमति नहीं देंगी।

विपश्यना का बहाना बनाएँगे अरविंद केजरीवाल?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार अरविंद केजरीवाल विपश्यना का बहाना बनाने वाले हैं। अरविंद केजरीवाल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हर साल की आखिर में 10 दिनों के लिए विपश्यना पर निकल जाते हैं। इस बार भी उन्हें विपश्यना के लिए जाना है। जानकारी के मुताबिक, वह 19 दिसंबर को विपश्यना के लिए रवाना होंगे। वो 19 से 30 दिसंबर तक विपश्यना में रहेंगे।

आप ने बीजेपी पर बोला हमला

आम आदमी पार्टी ने इस मामले में बीजेपी को घेरा है। आम आदमी पार्टी के नेता संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसे आम आदमी पार्टी ने अपने ऑफिसियल एक्स हैंडल पर पोस्ट भी किया है। इसमें लिखा है, “मोदी दजी को सबसे ज्यादा अरविंद केजरीवाल जी से डर लगता है, वो उन्हें चुनाव में हरा नहीं सकते तो षडयंत्र का सहारा लेते हैं। जो मोदी जी के सामने सरेंडर कर देता है, उन्हें सारे केस में क्लीन चिट दे देते हैं। आज अगर मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सत्येंद्र जैन बीजेपी शामिल हो जाएं, तो उन्हें भी क्लीन चिट दे देंगे।”

बीजेपी बोली, गलत नहीं तो डर क्यों रहे हैं अरविंद केजरीवाल

इस मामले में बीजेपी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। दिल्ली बीजेपी के सचिव हरीश खुराना ने कहा कि कानून के मुताबिक ही ईडी ने समन भेजा है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल को ईडी के सामने पूछताछ के लिए जाना चाहिए। हरीश खुराना ने कहा कि अगर आपने कुछ गलत नहीं किया, तो आपको डर किस बात का लग रहा है। उन्होंने कहा कि आपने अगर गलत किया है, जो दस्तावेज कहते हैं तो उस पर आपका डर लाजिमी है। मुझे लगता है कि अरविंद कोजरीवाल को इस बार जाना चाहिए और ईडी जो सवाल पूछे उसका जवाब देना चाहिए।”

साल 2021 की शराब नीति से जुड़ा है मामला

बता दें कि 22 मार्च 2021 को मनीष सिसोदिया ने नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति 2021-22 लागू की गई थी। इसी के साथ दिल्ली सरकार शराब के कारोबार से बाहर गई थी और शराब का कारोबार निजी हाथों में सौंप दिया गया था। दिल्ली सरकार का दावा था कि इससे शराब के मामले में माफिया राज खत्म हो जाएगा और दिल्ली सरकार का रेवेन्यू बढ़ जाएगा। लेकिन बाद में पता चला कि ये एक बड़ा घोटाला था, जिसके दम पर मनीष सिसोदिया से लेकर कई बड़े नेताओं ने पैसे बनाए थे।

विरोध बढ़ने पर 28 जुलाई 2022 को दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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