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शादीशुदा हिन्दू महिला के संबंध बनाना चाहता था फारुख पठान, मना करने पर ‘सिर तन से जुदा’ करने आया: परिवार को कत्ल की धमकी देकर हुआ फरार

गुजरात के खेड़ा जिले में एक मुस्लिम युवक द्वारा हिन्दू महिला पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शादीशुदा पीड़िता ने आरोपित फारुख पठान से रिश्ता रखने से मना करना कर दिया था। गंभीर हालत में पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर के फरार फारुख की तलाश और जाँच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार (14 दिसंबर 2023) की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला खेड़ा के गलाटेश्वर तालुका का है। यहाँ के गाँव सनदरा में 33 साल की पीड़िता अपने 8 साल के बेटे के साथ रहती है। साल 2010 में महिला की शादी पड़ोसी गाँव के एक युवक से हुई थी। थोड़े समय बाद दोनों के वैवाहिक जीवन में अनबन शुरू हो गई। आखिरकार महिला 3 साल पहले अपने बच्चे के साथ मायके में आकर माता-पिता के साथ रहने लगी। इसी बीच लगभग 2 माह से फारुख नाम का युवक उसके पीछे पड़ गया। फारुख पीड़िता पर शारीरिक संबंध बनाने का भी दबाव डालने लगा।

पीड़िता ने कई बार फारुख को मना किया लेकिन उस पर कोई असर नहीं पड़ा। वह पीड़िता का पीछा करता रहा। गुरुवार (14 दिसंबर) सुबह करीब सात बजे फारूक अचानक पीड़िता के पास पहुँचा। उसने पीड़िता को गंदी-गंदी गालियाँ दी और जातिसूचक शब्द बोले। थोड़ी देर में फारुख ने पीड़िता की गर्दन पर ब्लेड से हमला किया। पीड़िता ने इस हमले को अपने हाथ से रोका जिस से उसका हाथ कट गया। फारुख ने अपने वार जारी रखे जिससे पीड़िता की कलाई पर गंभीर चोटें आईं।

पीड़िता की चीखें सुन कर घर में मौजूद उसकी भाभी वहाँ पहुँचीं। उन्होंने जब बीच-बचाव की कोशिश की तो फारुख ने उनको भी धमकी दी। फारुख ने पीड़िता और उसकी भाभी से साफ कहा कि अगर किसी ने भी उसकी बातचीत बंद करवाई तो वो पूरे परिवार का कत्ल कर देगा। जब फारुख ने घर के बाकी परिजनों को आते देखा तो वो घटनास्थल से भाग निकला। ब्लेड के हमले में घायल पीड़िता को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ से उसे अहमदाबाद के एसवीपी हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया है।

पीड़िता के परिजनों ने सेवालिया थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इस शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 326, 504 और 506(2) के तहत FIR दर्ज की है। घटना के बाद आरोपित फारुख पठान फरार हो गया है जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

ऑपइंडिया से बातचीत में पीड़िता के रिश्तेदार ने बताया कि फारुख पठान लगभग डेढ़ माह से परेशान कर रहा था। वह महिला से जबरन संबंध बनाना चाहता था। जब पीड़िता ने मना कर दिया तब उसका गला काटने की कोशिश की गई। खुद के बचाव में महिला का हाथ कट गया। हमें बताया गया कि एक बार फारुख ने स्कूल जाते समय पीड़िता के बेटे का भी अपहरण कर के पूरे परिवार की हत्या की धमकी दी थी। वहीं हिन्दू संगठनों ने इस घटना को लव जिहाद बता कर प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। अहमदाबाद बजरंग दल के कार्यकर्ता भावेश कंसारा ने ऑपइंडिया को बताया कि आरोपित के परिजन पीड़िता के घर वालों पर सुलह का दबाव बना रहे थे। हालाँकि पीड़िता के घर वालों ने सुलह से इंकार कर दिया है।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था का कबाड़ा कर गए अशोक गहलोत: प्रदेश पर छोड़ा ₹5.37 लाख करोड़ का कर्जा, GDP सुधारने पर ध्यान तक नहीं दिया

राजस्थान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। नए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 15 दिसम्बर 2023 को राजस्थान के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं। उन्होंने कुछ बड़े निर्णय भी ले लिए हैं। हालाँकि, अभी आगे की राह बहुत लम्बी है विशेषकर तब जब अशोक गहलोत की अगुवाई वाली पिछली कॉन्ग्रेस सरकार राजस्थान की अर्थव्यवस्था तबाह करके गई है।

राजस्थान में पिछले 3 दशक से यह चलन रहा है कि पाँच वर्ष पर सरकार बदल जाती है। हालाँकि, जब-जब राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार सत्ता में आई है, तब-तब प्रदेश की अर्थव्यवस्था का बेड़ा गर्क हुआ है। इस बार भी आँकड़े यही बता रहे हैं।

जहाँ एक ओर राजस्थान पर भारी कर्ज है और वह देश में अपनी जीडीपी के मुकाबले सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाले राज्यों में शामिल है, वहीं दूसरी ओर पिछले 5 वर्षों में उसकी जीडीपी में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं दिखी। इसके अलावा गहलोत सरकार की आमदनी अठन्नी-खर्चा रुपैया की नीति के चलते राज्य भारी आर्थिक संकट में भी फँस गया है।

अशोक गहलोत के राज में कर्ज तले दब गया राजस्थान

राजस्थान इस समय कर्ज के भारी बोझ में दबा हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट बताती है कि वित्त वर्ष 2022-23 के अंत तक राजस्थान पर ₹5.37 लाख करोड़ का कर्ज है। जब अशोक गहलोत को वर्ष 2018 में सत्ता मिली थी, तब यह कर्ज मात्र ₹2.81 लाख करोड़ था। अशोक गहलोत ने बीते पाँच वर्षों में ₹2.55 लाख करोड़ का नया कर्ज राजस्थान पर चढ़ाया है।

लगातार रेवड़ी योजनाओं को लाने और वोट के लिए सरकारी खजाना कॉन्ग्रेस सरकार ने खूब लुटाया। यह बात ध्यान देने वाली है कि जब अशोक गहलोत को 2018 में सत्ता मिली थी तब वह पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार द्वारा लिए गए लगभग ₹1.63 लाख करोड़ के कर्ज को बहुत अधिक बता रहे थे। अब वह स्वयं राज्य को कर्ज के दलदल में डाल गए हैं।

राजस्थान की वित्तीय स्थिति काफी खराब है। इस राज्य पर उसकी जीडीपी का 40% कर्ज है। देश में राज्य और केंद्र के लिए कर्जे की सीमा तय करने वाले FRBM कानून के तहत यह किसी भी राज्य में 20% से अधिक नहीं होना चाहिए। लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार की फिजूलखर्ची से यह दोगुना हो गया है।

जीडीपी बढ़ी नहीं, कर्ज लगातार ऊपर

ऐसा भी नहीं है कि अशोक गहलोत यह कर्ज लेकर राज्य के विकास को कोई नई गति दे पाए हों। उलटे उनके राज में राजस्थान की अर्थव्यवस्था बहुत सामान्य रफ़्तार से बढ़ी है। वर्ष 2013 में जब कॉन्ग्रेस की सरकार राज्य से गई थी, तब राजस्थान की जीडीपी ₹4.93 लाख करोड़ थी।

भाजपा सरकार में साल 2018 तक यह बढ़कर ₹6.28 लाख करोड़ हो गई। इसके बाद 2018 से 2023 के बीच राज्य की जीडीपी ₹7.99 लाख करोड़ रही। दोनों काल में राज्य की जीडीपी 27.2% बढ़ी। लेकिन इतनी ही बढ़त के लिए कॉन्ग्रेस सरकार ने कहीं ज्यादा कर्ज लिया।

आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया

कॉन्ग्रेस की सरकार ने बीते पाँच सालों में आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया की नीति अपनाई है। राज्य का राजकोषीय घाटा (सरकार की कमाई और खर्चे के बीच का अंतर) बीते पाँच वर्षों में बेतहाशा बढ़ा है। वर्ष 2018 में जब भाजपा सरकार सत्ता से बाहर हुई थी तब यह ₹25,342 करोड़ था जो कि अशोक गहलोत के जाते-जाते साल 2023 में दोगुना से भी अधिक होकर ₹58,212 करोड़ हो चुका है। यह घाटा राजस्थान की जीडीपी का लगभग 4.3% है। नियम कहता है कि यह 3% से अधिक नहीं होना चाहिए।

राज्य की पाँच वर्षों तक आर्थिक हालत बिगाड़ने के बाद अब अशोक गहलोत सत्ता से बाहर गए हैं। ऐसे में नए मुख्यमंत्री भजनलाल को काफी संभलकर काम करना होगा। उन्हें एक ओर कर्जे घटाने होंगे, दूसरी तरफ रूकी पड़ी अर्थव्यवस्था में भी जान डालनी होगी। इसके अलावा कानून व्यवस्था को ठीक करना आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी होगा।

ब्रह्मांड की कोई ताकत अनुच्छेद 370 वापस नहीं ला सकती: बोले पीएम मोदी, राम मंदिर को लेकर कहा- श्रीराम का दर्शन सौभाग्य की बात

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को चुनौती देने वाली याचिका का सुप्रीम कोर्ट पहले ही निस्तारण कर चुका है और इसे हटाने को वैध बता चुका है। वहीं, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसको लेकर बयान दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में फिर से अनुच्छेद 370 ब्रह्मांड की कोई ताकत नहीं बहाल कर सकती।

दैनिक जागरण को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी स्पष्ट कर चुका है कि एक देश में दो विधान नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि धारा 370 का हटना राजनीति से ज्यादा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को लिए जरूरी था। इन क्षेत्रों में विकास और वहाँ के लोगों के जीवन की सुगमता के लिए इसे हटाना आवश्यक था।

पीएम ने कहा, “इसे कुछ परिवारवादियों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण मुट्ठी में बंद कर लिया था। जम्मू-कश्मीर का आमजन न तो किसी स्वार्थ भरी राजनीति का हिस्सा है और ना है और ना ही बनना चाहता है। वो अतीत की परेशानियों से निकलकर देश के हर नागरिक की तरह बिना भेदभाव के अपने बच्चों का भविष्य और अपना वर्तमान सुरक्षित करना चाहता है।”

नरेंद्र मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद आज जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दोनों की सूरत बदल गई है। वहाँ टेररिस्ट नहीं, बल्कि टूरिस्ट का मेला है। वहाँ अब पत्थरबाजी नहीं, फिल्मों की शूटिंग चल रही है। वहाँ अब सिनेमा हॉल चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को हर कश्मीरी परिवार पसंद कर रहा है।

अनुच्छेद 370 को लेकर लोगों में भ्रम फैलाने वाले विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भी राजनीतिक स्वार्थ में जो लोग अनुच्छेद 370 को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, उन्हें मैं दो टूक कहूँगा- अब ब्रह्मांड की कोई शक्ति अनुच्छेद 370 की वापसी नहीं करा सकती।”

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि 22 जनवरी को भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में जाने में न्योता मिला है। यह उनके लिए सौभाग्य का दिन है। तुलसीदास की एक चौपाई को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम के दर्शन से जीवन सफल हो जाता है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “मेरे 22 जनवरी का ये अवसर ‘हर घर अयोध्या, हर घर राम’ आने का है। ये हिंदुस्तान के 140 करोड़ हृदयों की खुशी और मन के संतोष का अवसर है। यह ये खुशी सिर्फ मोदी की नहीं है।” उन्होंने कहा कि इस अवसर पर वे प्रधानसेवक के बजाय एक सामान्य नागरिक के तौर पर जा रहे हैं।

दिल्ली मेट्रो के गेट में फँसी साड़ी, महिला ट्रैक पर घिसटती हुई गई: रीना देवी की दर्दनाक मौत

दिल्ली के इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर एक महिला की मेट्रो ट्रेन में साड़ी फँसने से मौत हो गई। गुरुवार (14 दिसंबर 2023) को हुई इस घटना के दौरान महिला घिसटती हुई काफी दूर तक चली गई थी। घायल अवस्था में महिला को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहाँ शनिवार (16 दिसंबर 2023) उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया है हालाँकि हादसे की जाँच की जा रही है। शुरुआती जाँच में पता चला है कि मेट्रो के दरवाजे का सेंसर काम न करना इस हादसे की वजह बना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे की शिकार होने वाली रीना नाम की महिला नांगलोई से मोहन नगर जा रही थी। तब रीना के साथ उनका 14 वर्षीय बेटा भी मौजूद था। इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर रीना ट्रेन बदलने जा रही थी। तभी मेट्रो का गेट बंद होना शुरू हो गया। इस दौरान पीड़िता की साडी मेट्रो गेट में फँस गई। कुछ ही सेकेंड बाद ट्रेन चल दी और रीना उसी के साथ घिसटती हुई काफी दूर तक चली गई। जब तक मेट्रो को रोका जाता तब तक रीना बुरी तरह से घायल हो चुकी थी।

आनन-फानन में 35 वर्षीया रीना को गंभीर अवस्था में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया। रीना के रिश्तेदार विक्की के मुताबिक सिर में गंभीर चोट आने की वजह से पीड़िता को सफदरजंग अस्पताल में रीना को ICU वार्ड में रखा गया था। न्यूरो स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद रीना को बचाया नहीं जा सका। शनिवार को रीना ने अंतिम साँस ली। रीना के पति की मौत लगभग 7 साल पहले ही हो चुकी थी। 1 बेटी व 1 बेटे की माँ रीना अपने दोनों बच्चों को खुद से पाल रहीं थीं।

दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन के प्रवक्ता अनुज दयाल ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया है कि मामले की जाँच मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त कर रहे हैं। अभी तक की जाँच में सामने आया है कि मेट्रो में लगा सेंसर महिला के कपड़ों को ट्रेस नहीं कर पाया। वहीं अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया है। हालाँकि दिल्ली पुलिस के एक प्रवक्ता के मुताबिक उनकी नजर केस पर है और जरूरत पडने पर कानूनी राय ली जाएगी।

हिरोइन ने सेक्स नहीं करने दिया तो शादी का वादा कर बनाए संबंध, बाद में मुकरा: पूर्व कॉन्ग्रेस सांसद का भाई और अरबपति कारोबारी पर FIR

अरबपति कारोबारी और JSW समूह के एमडी सज्जन जिंदल पर एक अभिनेत्री ने बलात्कार का मामला दर्ज करवाया है। उन पर अभिनेत्री से जबरदस्ती मुंबई स्थित एक पेंटहाउस में बलात्कार करने का आरोप लगा है। इस मामले में FIR कोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार, अभिनेत्री ने अपनी FIR में बताया है कि वह और सज्जन जिंदल अक्टूबर 2021 में दुबई में एक आईपीएल मैच के दौरान VIP दर्शक बॉक्स में मिले थे। इसके बाद वह दोनों एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल के बेटे की शादी में जयपुर में मिले।

अभिनेत्री ने FIR में बताया है कि जब वह सज्जन जिंदल से दुबई में मिली थी उस दौरान उसका भाई भी वहाँ मौजूद था जो जिंदल के साथ भारत में कोई व्यापारिक सहयोग आगे बढ़ाना चाहता था। अभिनेत्री का कहना है कि उसका भाई दुबई में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है।

अभिनेत्री का आरोप है कि इसके बाद सज्जन जिंदल और उसके बीच बातचीत बढ़ गई और इस बातचीत में सज्जन उसे ‘बेबी’ और ‘बेब्स’ आदि कहने लगे। धीरे-धीरे जिंदल अभिनेत्री से अकेले में मिलने का भी दबाव बनाने लगे। अभिनेत्री का कहना है कि जिंदल उनके साथ एक ‘रोमांटिक रिलेशनशिप’ बनाना चाहते थे।

अंग्रेजी समाचार मिड डे ने बताया है कि जिंदल ने इस अभिनेत्री से अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी भी साझा की थी। हालाँकि अभिनेत्री का कहना है कि उसने इस कार्ड से कोई खर्चा नहीं किया। इसके बाद बांद्रा स्थित ताज होटल में भी सज्जन जिंदल इस अभिनेत्री से मिले जहाँ उन्होंने अभिनेत्री के संबंध बनाने का प्रयास किया। हालाँकि अभिनेत्री ने इससे मना कर दिया।

अभिनेत्री का कहना है कि दिसम्बर 2021 में सज्जन जिंदल उसे एक ड्राइव पर लेकर गए और उसे एक बंगला, एक गाड़ी और उसके लिए एक नया कारोबार शुरू करने की पेशकश की। इस पर अभिनेत्री ने उनसे शादी का प्रस्ताव रखा। जिस पर सज्जन जिंदल ने हामी नहीं भरी।

सज्जन जिंदल लगातार अभिनेत्री से अन्तरंग संबंध बनाने को कहते थे लेकिन अभिनेत्री का कहना है कि उसने शादी से पहले इन सबकी अनुमति नहीं दी। जनवरी 2022 में सज्जन जिंदल ने अभिनेत्री को पेडर रोड स्थित अपना नया पेंटहाउस दिखाने के लिए बुलाया।

यहाँ सज्जन ने अभिनेत्री के साथ जबरदस्ती की और जब वह गुस्सा हो गई तो शांत करवाने के लिए वह शादी का वादा करने लगे। इसके बाद अभिनेत्री वहाँ से चली आई। अभिनेत्री का कहना है कि सज्जन जिंदल से जब उसने इस बारे में बात करनी चाही तो उन्होंने उसका नम्बर ब्लाक कर दिया।

अभिनेत्री के मुताबिक, फरवरी 2023 में जाकर उन्होंने इस सम्बन्ध में शिकायत दी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट का रास्ता अख्तियार किया और अब सज्जन जिंदल के विरुद्ध बांद्रा कुर्ला काम्प्लेक्स थाने में FIR दर्ज की गई है। सज्जन जिंदल के विरुद्ध धारा 376 (बलात्कार) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस FIR का एक पेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सज्जन जिंदल का नाम और शिकायत करने वाली अभिनेत्री की जानकारी लिखी हुई है। हालाँकि, Opindia इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

सज्जन जिंदल भारत के प्रभावशाली कारोबारी परिवार से आते हैं। उनका परिवार स्टील, बिजली, खनन और अन्य कई सेक्टर से जुड़ा हुआ है। उनके भाई नवीन जिंदल कॉन्ग्रेस से दो बार सांसद रहे हैं। जिंदल विवाहित हैं और उनकी पत्नी संगीता जिंदल JSW फाउंडेशन की चेयरमैन हैं। उनका एक बेटा पार्थ जिंदल है।

दुनिया के सबसे बड़े ऑफिस कॉम्प्लेक्स का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, पेंटागन से भी है बड़ा: बनेगा हीरा व्यापार का केंद्र, सूरत एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का भी शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (17 दिसंबर 2023) को अपने गृहराज्य गुजरात के दौरे पर हैं। पीएम ने सूरत एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद सूरत के डायमंड सेंटर पहुँचे और उसका उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी के साथ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे।

पीएम मोदी ने डायमंड सेंटर का जायजा भी लिया। यह दुनिया का सबसे बड़ा ऑफिस कॉम्प्लेक्स है। सूरत डायमंड बोर्स (SDB) नाम का यह कॉम्प्लेक्स सूरत शहर के नजदीक स्थित खजोद गाँव में बनाया गया है। 67 लाख वर्गफुट में बना यह कॉम्प्लेक्स अमेरिका के पेंटागन से भी बड़ा है। यह हीरा शोध एवं व्यापार सिटी का हिस्सा है।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सूरत डायमंड बोर्स हीरे के अंतर्राष्ट्रीय कारोबार के लिए भारत का सबसे बड़ा केंद्र होगा। यह कच्चे और पॉलिश किए गए हीरे के साथ-साथ अन्य आभूषणों के व्यापार का केंद्र होगा। इस कॉम्प्लेक्स में आभूषण के खुदरा व्यापार के लिए आभूषण मॉल है। इसके साथ अति सुरक्षित तिजोरियों का भी इंतजाम किया गया है। परिसर में 4000 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं और अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।

हीरा एवं अन्य आभूषणों के व्यापार में किसी तरह की दिक्कत ना हो, इसके लिए आयात-निर्यात के लिए अत्याधुनिक सीमा शुल्क निकासी गृह और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग जैसी सुविधाएँ दी गई हैं। SDB के मीडिया संयोजक दिनेश नवादिया ने कहा कि मुंबई के कई हीरा व्यापारी उद्धाटन से पहले अपने ऑफिस का कब्जा ले लिया है। इन्हें नीलामी के बाद प्रबंधन ने आवंटित किया था।

सूरत डायमंड बोर्स बिल्डिंग की कीमत करीब 3000 करोड़ रुपए है। इसमें लगभग 4,500 हीरा व्यापारियों के कार्यालय हैं। ड्रीम सिटी के अंदर 35.54 एकड़ के भूखंड पर बनी इस वृहद संरचना में 300 वर्गफुट से लेकर 1 लाख वर्गफुट तक के कार्यालय हैं। इस परिसर में नौ टावर हैं, जो 15 मंजिल तक ऊँचे हैं। सूरत डायमंड बोर्स से लगभग 1.5 लाख नए रोजगार से अवसर पैदा होंगे।

बता दें कि यह परिसर अमेरिका के सैन्य मुख्यालय पेंटागन से भी बड़ा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा ऑफिस कॉम्प्लेक्स है। इस साल अगस्त में एसडीबी की इमारत को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स‘ ने दुनिया की सबसे बड़ी कार्यालय इमारत के रूप में मान्यता दी है।

दूसरी तरफ, सूरत हवाईअड्डे को नया टर्मिनल भवन मिलने के बाद यात्रियों को सुविधा होगी। यह भवन 1200 घरेलू यात्रियों और 600 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालेगा। व्यस्त स्थिति में यह 3,000 यात्रियों तक संभाल सकेगा। बीते शुक्रवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सूरत एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे सूरत को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा भी मिल गया।

टर्मिनल विस्तार परियोजना में टर्मिनल की बिल्डिंग और एप्रन का विस्तार आदि शामिल है। इसके विस्तार के बाद यात्रियों को 20 चेकइन काउंटर, 5 एरोब्रिज, 13 इमिग्रेशन काउंटर की सुविधाएँ भी मिलेंगी। यह टर्मिनल भवन 8474 वर्गमीटर में थी, जिसे बढ़ाकर 25520 वर्गमीटर कर दिया गया है। टर्मिनल में गुजरात और सूरत शहर की संस्कृति को चित्रों के जरिए दर्शाया गया है। हवाई अड्डे की इस परियोजना की लागत लगभग 353.25 करोड़ रुपए है।

सब्जी बेच जो लड़ रहा हिंदू धर्म की लड़ाई, उनके भाई को जलाया… भतीजी अब कैसे बनेगी डॉक्टर? आर्थिक संकट में बिट्टू बजरंगी का परिवार

फरीदाबाद की डाबुआ कॉलोनी में बुधवार (13 दिसंबर 2023) की रात हिंदूवादी कार्यकर्ता बिट्टू बजरंगी के छोटे भाई महेश को जिन्दा जलाने का प्रयास किया गया था। इस हमले में महेश पांचाल की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें इलाज के लिए तीसरे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। 60% तक जल चुके 35 वर्षीय महेश एक बेटी के पिता हैं। यह बेटी ही बिट्टू के परिवार की एकलौती चिराग है। आर्थिक रूप से बेहद गरीब बिट्टू बजरंगी का परिवार सब्जी बेच कर गुजारा करता है। ऑपइंडिया की टीम ने बिट्टू बजरंगी के परिवार से गुरुवार (14 दिसंबर 2023) को मुलाकात की।

जब हम बिट्टू बजरंगी से मिलने पहुँचे तो उनका पूरा परिवार फरीदाबाद के प्राची अस्पताल में मौजूद मिला। बिट्टू के पिता और माता का देहांत काफी समय पहले हो चुका है। बिट्टू ने शादी नहीं की है। इसकी वजह वो धर्म के लिए खुद को समर्पित कर देना बताते हैं। बिट्टू के जिस भाई महेश को थिनर डाल कर आग लगाई गई, वो अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती हैं। गेट पर पुलिस वालों की तैनाती दिखी। प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा डॉक्टरों को छोड़ कर किसी को भी महेश से मिलने की इजाजत नहीं है।

अस्पताल के गेट पर हमें लगभग 5 वर्षीय एक बच्ची खेलती दिखाई दी। हमने नाम पूछा तो बच्ची ने दीपिका बताया। पापा के नाम के तौर पर दीपिका ने महेश बताया। उम्र कम होने की वजह से महेश की बेटी को अपने पापा के साथ हुई वारदात की गंभीरता का एहसास नहीं था। दीपिका ने खुद को कक्षा KG की छात्रा बताया। पापा के नाम पर दीपिका ने करिया बताया, जो घर में महेश का पुकारू नाम है। तभी दीपिका की माँ यानी महेश की पत्नी भी वहाँ आ गईं। हमसे बातचीत की शुरुआत करने से पहले ही महेश की पत्नी जोर-जोर से रोने लगीं।

दीपिका ने हमें ABCD सुनाया। जब हमने पूछा कि वो बड़ी हो कर क्या बनेगीं तो जवाब आया – ‘डॉक्टर’। हमने डॉक्टर ही बनने की वजह पूछी तो दीपिका ने बीमार लोगों को इंजेक्शन लगाने की बात कही। अपने पिता की हालत पर भी दीपिका ने कहा कि वो पहला इंजेक्शन अपने पापा को लगाएँगी।

दीपिका की माँ ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ने में काफी तेज है लेकिन पहले बिट्टू की गिरफ्तारी और अब उनके पति पर हमले जैसी घटनाओं से बिटिया की पढ़ाई काफी बाधित हो रही है। साथ ही महेश के इलाज में तमाम पैसे खर्च हो जाने की वजह से अब इस परिवार पर आर्थिक संकट भी है।

ऑपइंडिया ने बिट्टू से उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बात की। बिट्टू ने हमें बताया कि उनके स्वर्गीय पिता ने जैसे-तैसे छोटे-मोटे काम करके फरीदाबाद में एक छोटा सा घर बनवा लिया था, जिसमें आज उनका परिवार रहता है। पिता की मृत्यु के बाद बिट्टू और उनके भाई महेश मिल कर सब्जी बेच कर परिवार का गुजारा करने लगे।

बिट्टू के हिन्दू संगठनों से जुड़ जाने की वजह से परिवार चलाने की जम्मेदारी उनके भाई महेश पर आ गई। महेश की शादी पलवल के पास एक गाँव में हुई है। 5 साल पहले वो एक बच्ची के पिता बने। यही बच्ची अब बिट्टू बजरंगी के घर की इकलौती चिराग है।

घटना के दिन महेश अपनी उसी सब्जी की दुकान पर मौजूद थे, जहाँ उनको थिनर डाल कर जला दिया गया। अस्पताल में हमें महेश के ससुराल के लोग भी मिले, जो बदहवासी की हालत में थे। 16 दिसंबर की शाम को ऑपइंडिया से बात करते हुए बिट्टू बजरंगी ने बताया कि उनके भाई की हालत में लगभग 10% की सुधार है। साथ ही उन्होंने बताया कि घर पर आई आफत के चलते उनकी भतीजी की पढ़ाई रुक गई है।

अपनी एक फेसबुक पोस्ट में बिट्टू बजरंगी ने स्थानीय नेताओं पर भी खुद को अनदेखा करने का आरोप लगाया है। आरोपितों में अभी तक अरमान खान के अतिरिक्त कोई अन्य नाम प्रकाश में नहीं आ पाया है। मामले की जाँच SIT कर रही है।

गुप्तांग काटा, जीभ निकाली, आँख नोचकर झाड़ी में फेंकी: बिहार के गोपालगंज में BJP नेता के ‘पुजारी’ भाई की निर्मम हत्या, गुस्साई भीड़ पर पुलिस ने की लाठीचार्ज

बिहार के गोपालगंज में एक पुजारी की निर्मम हत्या की खबर सामने आई है। उसकी हत्या गोली मार कर दी गई और शव को भी क्षत-विक्षत कर दिया गया। हत्यारों ने पुजारी की आँखे निकाल ली, गुप्तांग और जीभ काट दिए और शव को झाड़ियों में फेंक दिया।

न्यूज 18, आजतक और जागरण जैसे मीडिया संस्थानों में प्रकाशित खबर के अनुसार, जिला गोपालगंज के थाना दानापुर के मांझा गाँव के रहने वाले मनोज कुमार अपने गाँव में ही बने मंदिर में पूजा करते थे। वह यहाँ के पुजारी थे और यहीं रहते थे। वह 11 दिसम्बर, 2023 की शाम से गायब थे। पुलिस को भी इस मामले की सूचना दी गई थी लेकिन पुलिस उन्हें सप्ताह भर तक नहीं ढूँढ पाई और खानापूर्ति करती रही।

आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जाँच करने से पता चला था कि वह रात 12 बजे मंदिर का कमरा बंद करके बाहर निकले थे और इसके बाद गायब हो गए। मनोज कुमार के भाई अशोक कुमार साह भाजपा के मंडल अध्यक्ष और गाँव के पूर्व मुखिया हैं।

मनोज कुमार के गायब होने के बाद जब पुलिस को इसकी सूचना दी गई तो उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया और लगभग एक सप्ताह तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। 16 दिसम्बर, 2023 को मनोज कुमार शव गाँव के पास ही झाड़ियों में पड़ा मिला।

मनोज कुमार के शव के साथ काफी बर्बरता की गई थी। मनोज कुमार को गर्दन के पास गोली मारी गई थी। उनकी आँखे निकाल ली गई थी और गुप्तांग को काट दिया गया था। शव पर और भी मारपीट के निशान थे। शव मिलने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए।

ग्रामीणों ने पुलिस की इस विफलता पर गोपालगंज से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 27 जाम कर दिया। कुछ आक्रोशित ग्रामीणों ने आगजनी और पथराव भी किया। पुलिस ने इस भीड़ को शांत करने के लिए लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की। आक्रोशित ग्रामीण हत्यारों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे थे।

गोपालगंज पुलिस ने इस मामले में कहा है कि इस मामले में सीसीटीवी के आधार पर कुछ तथ्य स्थापित कर लिए गए हैं। इस मामले की जाँच के लिए एक पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जाँच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इससे पहले भी जुलाई 2023 में बिहार से एक पुजारी की हत्या की खबर सामने आई थी जिसे बिहार पुलिस ने हार्ट अटैक बताया था।

बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहा है। बिहार की नीतीश सरकार कानून व्यवस्था के मामले विफल रही है। हाल ही में आई राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2021 के मुकाबले वर्ष 2022 में बिहार में 23% अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2022 में अपराध के 3.47 लाख मामले दर्ज हुए हैं जो कि 2021 के दौरान 2.82 लाख थे। वहीं वर्ष 2021 के दौरान प्रदेश में हत्या के 2799 मामले सामने आए थे जो कि वर्ष 2022 में बढ़कर 2930 हो चुके हैं।

‘आदित्य ठाकरे जाएँगे जेल’: BJP नेता ने कहा, बॉलीवुड हीरो-रेप-मर्डर मामले से बताया कनेक्शन

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में महाराष्ट्र भाजपा के बड़े नेता नारायण राणे ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि यदि इस मामले की सच्चाई खुल कर बाहर आ गई तो उद्धव ठाकरे के बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे को जेल की यात्रा करनी पड़ेगी।

नारायण राणे ने कहा है कि सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या की गई थी। जब उनकी हत्या हुई थी तो राज्य में महा विकास अघाड़ी (शिवेसना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी गठबंधन) की सरकार थी। नारायण राणे के अनुसार इस हत्या में एक मंत्री भी शामिल था।

नारायण राणे का कहना है कि तब इस मामले की तब जाँच नहीं की गई थी और अब जब जाँच हो रही है तो इसके नतीजों के सामने आने के बाद आदित्य ठाकरे को जेल जाना होगा। गौरतलब है कि हाल ही में दिशा सालियान की मौत की जाँच करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक SIT का गठन किया है।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत का मृत शरीर 14 जून 2020 को उनके मुंबई स्थित फ्लैट में लटका मिला था। इससे ठीक एक सप्ताह पहले ही उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मलाड की एक बिल्डिंग से गिर कर मौत हो गई थी। इस मामले में आदित्य ठाकरे का नाम भी उछला था।

एक सप्ताह के भीतर हुई इन दोनों मौतों पर काफी प्रश्न उठाए गए थे। दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के कारण के बारे में भी सही जाँच ना होने की बात कही गई थी। सालियान की मौत को लेकर पिछले वर्ष उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने एक SIT का गठन करने का ऐलान किया था।

इस मामले की जाँच करने वाली SIT में मुंबई पुलिस के डिप्टी कमिश्नर अजय बंसल और इंस्पेक्टर चिमाजी अधव शामिल होंगे। अधव मामले की जाँच करेंगे जबकि बंसल इस जाँच की देखरेख करेंगे। इस जाँच को पूरा करने के लिए अभी कोई समयसीमा नहीं तय की गई है।

इस SIT के गठन के समय नारायण राणे के पुत्र और विधायक नितीश राणे ने कहा, “मैं पहले दिन से कह रहा हूँ कि उसकी (दिशा सालियान) दुर्घटना के कारण नहीं हुई थी। राजनीति के कुछ बड़े नाम उसकी मौत के पीछे हैं। इसके सभी दोषियों का जल्द ही खुलासा होगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुझे निजी तौर पर इस SIT के विषय में बताया है।”

क्या था दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत का कनेक्शन

दिशा सालियान सेलिब्रिटी मैनेजर का काम करती थी। सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रही थी। कथित तौर पर मलाड के गैलेक्सी रीजेंट बिल्डिंग की 14वीं मंजिल से गिरकर उनकी जान चली गई थी। इस मामले को शुरुआत से ही संदिग्ध बताया जा रहा। दिशा सालियान के साथ गैंगरेप और हत्या के दावे किए गए थे। पोस्टमार्टम में दो दिन की देरी पर भी सवाल उठे थे। अभिनेत्री कंगना रनौत ने तो सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की मौत के मामले में सीधे-सीधे आदित्य ठाकरे से सवाल पूछे थे।

10 लोग पीछा करते हैं, छूने की कोशिश… आजादी सिर्फ जन्नत में, पाकिस्तान में नहीं: हिरोइन आयशा उमर, 3 साल की उम्र में हुआ था यौन शोषण

पाकिस्तान में अंदरूनी हालात कितने खराब हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस देश में महिलाएँ हर जगह असुरक्षित हैं। ये कहना है मशहूर पाकिस्तानी एक्ट्रेस आयशा उमर का, जो ‘कराची से लाहौर’ और ‘रहबारा’ में अपनी भूमिकाओं के लिए लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा है कि ‘आजादी सिर्फ जन्नत में है, पाकिस्तान में नहीं।’ हाल ही में आयशा उमर ने एक पॉडकास्ट में हिस्सा लिया था, जिसमें उन्होंने ईमानदारी से कई सवाल के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि उनका महज 3 साल की उम्र में पहली बार यौन शोषण हुआ था।

पॉडकास्ट में अदनान फैसल के साथ बातचीत के दौरान आयशा ने पाकिस्तान में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के बारे में चिंता व्यक्त की और कहा, “मैं यहाँ सुरक्षित महसूस नहीं करती। मैं सड़क पर चलने में सक्षम होना चाहती हूँ। बाहर खुली हवा में चलने में सक्षम होना एक बुनियादी मानवीय आवश्यकता है। आपके कार्यालय में ये सभी महिलाएँ, क्या आप लोग सड़क पर चल सकते हैं? क्या यह दुखद नहीं है? मैं कार में नहीं बैठना चाहती, मैं साइकिल चलाना चाहती हूँ। मैं बाइक क्यों नहीं चला सकती?”

अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न की बात करते हुए आयशा ने कहा कि महिलाओं का हर जगह उत्पीड़न होता है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी बात करूँ तो मैं सिर्फ तीन साल की थी, जब पड़ोसी के रसोइये ने मुझे गलत तरीके से छुआ। वह समय कब आएगा, जब मैं अपने देश में आजादी से घूम सकूँगी? बिना अपहरण के डर के, बिना बलात्कार के डर के, बिना ठगे जाने के डर के? स्वतंत्रता और सुरक्षा एक बुनियादी इंसानी जरूरत है।”

आयशा ने पाकिस्तान में एक ऐसा माहौल बनाने की जरूरत के बारे में बात की, जहाँ महिलाएँ सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस कर सकें। उन्होंने कहा, “दुनिया के हर देश में अपराध है। लेकिन लोग कम से कम सड़क पर तो चल सकते हैं। आप पार्क में भी नहीं जा सकते, जब तक कि दस लोग आपका पीछा न कर रहे हों या आपको आवाज न दे रहे हों। वे अजीब बातें कहते हैं, वे आपको छूने की कोशिश करते हैं। अब बताइए, क्या किया जाए?”

आयशा उमर ने खुल कर कहा कि इस हालात के जिम्मेदार पाकिस्तान की लीडरशिप है, जिसने लंबे समय से ऐसा माहौल तैयार करने में मदद की। आयशा का ये मूल पॉडकास्ट आप यहाँ देख सकते हैं। इसमें 5:10 मिनट के बाद इस गंभीर विषय पर चर्चा सुनी जा सकती है।

पाकिस्तानी अभिनेत्री आयशा उमर की उनके इस इंटरव्यू के लिए तारीफ हो रही है, जिसमें उन्होंने हर मुद्दे पर बेबाक राय रखी। उन्होंने पाकिस्तान में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में खुलकर बात की। अब उनके इस वीडियो पॉडकास्ट के छोटे-छोटे हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो खुद पाकिस्तान में असुरक्षित महसूस करती हैं।

आयशा उमर के पॉडकास्ट के वायरल हो रहे वीडियो पर लोग उनके समर्थन में कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “पाकिस्तान में कोई भी सार्वजनिक स्थान सुरक्षित नहीं है, महिलाओं, बच्चों या यहाँ तक कि पुरुषों के लिए भी नहीं। हाँ, कैंट एरिया में जहाँ आम आदमी एंट्री भी नहीं कर सकता, वो आर्मी के कुछ लोगों के लिए सुरक्षित जगह है।”

पाकिस्तान के हालात पर एक व्यक्ति ने लिखा, “महिलाओं को छोड़ो, मुझे लगता है कि पुरुष भी इस देश में सुरक्षित नहीं हैं।” वहीं दूसरे शख्स ने लिखा, “आजादी सिर्फ जन्नत में है।”