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भिंडरावाले का खालिस्तानी आतंकी भतीजा पाकिस्तान में मरा: प्लेन बमबारी, टिफिन ब्लास्ट, स्लीपर सेल… ऐसे करवाता था हमला

पाकिस्तान में रहकर भारत के खिलाफ ‘खालिस्तान लिबरेशन फोर्स’ चलाने वाले भिंडरावाले के भतीजे लखबीर सिंह रोडे का पाकिस्तान में निधन हो गया। लंबे समय से शुगर की बीमारी से पीड़ित 72 साल के लखबीर की मौत हार्ट अटैक के कारण बताई जा रही है। अब उसका अंतिम संस्कार पाकिस्तान में ही होगा।

भारत में प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन का प्रमुख लखबीर सिंह रोडे, खालिस्तानी जरनैल सिंह भिंडरावाले का भतीजा था। उसे भारत ने UAPA के तहत आतंकियों की लिस्ट में रखा हुआ था। जिसके बाद ये भारत से फरार हुआ तो पाकिस्तान चला गया। वहाँ रहते हुए पाकिस्तान के खिलाफ स्लीपर सेल बना रहा था। साल 2002 में भारत ने पाकिस्तान को आतंकियों की लिस्ट दी जिसमें 20 आतंकवादियों के प्रत्यर्पण की बात थी। इसमें लखबीर का नाम भी था।

लखबीर रोडे पर आरोप हैं कि वो भारत में गैरकानूनी तरीके से हथियार और विस्फोटक सामग्री पहुँचाता था। उसने भारत में गैंगस्टर्स की मदद से कई हमले कराए थे। 1985 में एयर इंडिया जेट पर बमबारी कराने में भी रोडे पर साजिश रचने का आरोप था।

इतना ही नहीं 15 सितंबर 2021 को पंजाब के फाजिल्का में जो टिफिन बम ब्लास्ट हुआ था उसमें भी लखबीर का ही हाथ था। इसके अलावा 2021-2023 में हुई 6 आतंकी घटनाओं में लखबीर का हाथ था।

कुछ वक्त पहले मोहाली में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने भी रोडे के विरुद्ध एक्शन लेते हुए मोगा जिले में आतंकी लखबीर की जमीन को जब्त किया था। यह जमीन बाघापुराना तहसीस के स्मालसर के पास कोठे गुरुपुरा गाँव में थी। रोडे के 2 बेटे और 1 बेटी भी हैं जो इस समय कनाडा में रहते हैं। लखबीर ने अपना काम कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी और अमेरिका में अपने संगठनों की ब्रांच चलाकर वो वहाँ से भी काम करता था।

अब अपने ही निकाल रहे I.N.D.I. गठबंधन की हवा, बैठक से NAM ने किया किनारा: 4 राज्यों में हार के बाद साथी छटक रहे कॉन्ग्रेस का हाथ

5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में से 4 राज्यों में कॉन्ग्रेस की बड़ी हार हुई। ऊपर से विपक्षी दलों ने मिल कर जो I.N.D.I. गठबंधन बनाया था, वो भी बिखर गया। मध्य प्रदेश में गठबंधक के घटक दल सपा, जदयू और AAP अलग-अलग लड़े। अब इस बुरी हार के बाद कॉग्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार (6 दिसंबर, 2023) को I.N.D.I. गठबंधन की अगली बैठक का ऐलान कर दिया। बता दें कि पटना, बेंगलुरु और मुंबई में गठबंधन की 3 बैठकें हो चुकी हैं।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद विपक्षी दलों में हड़कंप मचा हुआ है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के CM नीतीश कुमार और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 6 दिसंबर को होने वाली इस बैठक से दूरी बना ली है। बता दें कि नीतीश कुमार ने ही कोलकाता, भुवनेश्वर और लखनऊ से लेकर चेन्नई तक घूम-घूम कर गठबंधन के लिए आधार तैयार किया था। अब यही क्षेत्रीय दल सीट बँटवारे से भी भाग रहे हैं।

ये बैठक दिल्ली में बुलाई गई है। पिछली बैठकों में बड़ा उत्साह समर्थकों में भी देखने को मिल रहा था, लेकिन इस बार सब गायब है। बड़े नेताओं ने इस गठबंधन से अब दूरी बनानी शुरू कर दी है। संसद का शीतकालीन सत्र भी शुरू हो चुका है। ऐसे में संसद में विपक्षी दल अलग-थलग हो चुके हैं। ममता बनर्जी तो यहाँ तक कह चुकी हैं कि उन्हें बैठक के बारे में कुछ पता तक नहीं है, ऐसे में उन्होंने उस दिन उत्तर बंगाल में एक कार्यक्रम रख लिया। उधर अखिलेश यादव ने भी नाम लिए बगैर कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि अब परिणाम आते ही अहंकार भी खत्म हो गया है।

वहीं नीतीश कुमार की जगह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और जल संसाधन मंत्री संजय झा बैठक में शिरकत करेंगे। जदयू नेता निखिल कुमार ने दबाव बनाते हुए कहा है कि नीतीश कुमार को चेहरा बना कर गठबंधन उनके हिसाब से चलना चाहिए। हालाँकि, राजद की तरफ से पार्टी अध्यक्ष लालू यादव और उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बैठक में जा सकते हैं। वहीं TMC और AAP का जोर सीट शेयरिंग पर है। एक बात साफ़ है, अब तक लग रहा था कॉन्ग्रेस ने इस गठबंधन को हाईजैक कर लिया है लेकिन इस हार के बाद उसका कद घट रहा है।

CID शो के ‘हँसमुख’ फ्रेडरिक अब नहीं रहे…. लिवर डैमेज से हुआ 57 साल की उम्र में निधन

सोनी चैनल पर टेलिकास्ट हुए फेमस क्राइम शो ‘CID’ में हँसने-हँसाने वाले फ्रेडरिक का किरदार निभाने वाले दिनेश फडनिस का 57 वर्ष की उम्र में लिवर डैमेज होने के कारण निधन हो गया। उन्होंने 4 दिसंबर को रात में 12:08 पर उन्होंने आखिरी सांस ली।

बता दें कि इससे पहले 3 दिसंबर को खबर आई थी कि दिनेश को हार्ट अटैक आया है इस वजह से उन्हें अस्पताल भर्ती कराया गया है और वो वेंटिलेटर पर हैं। हालाँकि उनके दोस्त दयानंद शेट्टी ने तब इस खबर को भ्रामक जानकारी बता दिया।

बाद में पता चला कि लिवर डैमेज के कारण उन्हें मुंबई के तुंगा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्हें पहले वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन उनकी हालत देख उसे हटा दिया गया। बाद में उनके निधन की खबर आई। उनका अंतिम संस्कार 5 दिसंबर को ही होगा।

सीआईडी में दया का किरदार निभाने वाले दिनेश के दोस्त दयानंद शेट्टी ने ही मीडिया में उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ये सच है दिनेश अब नहीं रहे। उनका निधन देर रात लगभग 12:08 पर हुआ। आज (5 दिसंबर 2023) उनका अंतिम संस्कार है। सीआईडी सीरियल के ज्यादातर लोग उनके घर मौजूद हैं।

बता दें कि दिनेश के पीछे उनकी पत्नी और छोटी बेटी तनु है। उन्होंने लंबे समय तक सीआईडी में काम किया। इसके अलावा वह तारक मेहता का उलटा चश्मा जैसे शो में भी दिखते रहे। मगर जो ख्याति उन्हें फ्रेडरिक बनकर मिली, वो कहीं नहीं थी। कुछ फिल्मों में वह कैमियों रो ल में भी दिखे थे।

मोदी सरकार में दंगे 50% कम, PM इंदिरा के बाद सबसे कम: BJP राज्यों में 90% तक घटे, कॉन्ग्रेसी राज्य में 30% ज्यादा दंगे

पिछले 6 दशकों की बात करें तो वर्ष 2022 भारत का सबसे शांतिपूर्ण साल रहा है। मतलब जब से इंदिरा गाँधी देश की प्रधानमंत्री बनीं थी, उस वर्ष से लेकर अब तक 2022 वो साल है, जिसमें देश भर में सबसे कम दंगे हुए हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने दी है। वर्ष 2022 में देश में दंगों की 37,816 वारदातें हुई हैं।

दंगों की तादाद में बीते पाँच वर्षों में 35% से ज्यादा की कमी आई है। वहीं वर्ष 2021 के मुकाबले वर्ष 2022 में दंगों की संख्या में 9.5% की कमी आई है। वर्ष 2021 में देश में दंगों की संख्या 41,954 थी। पिछले पाँच वर्षों में साल दर साल दंगों में कमी आती गई है।

बीते पाँच वर्षों में दंगे 35% तक कम हो गए (स्रोत: NCRB के आधिकारिक आँकड़े)

दंगों को कम करके कानून व्यवस्था मजबूत करने में जहाँ भाजपा शासित राज्यों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, वहीं कॉन्ग्रेस शासित राज्य इसमें फिसड्डी साबित हुए हैं। बीते पाँच वर्षों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और असम जैसे राज्यों ने जहाँ दंगों को घटाने में सफलता पाई है, वहीं अभी तक छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कॉन्ग्रेस के शासनकाल में दंगे बढ़ गए।

पिछले पाँच वर्षों में दंगों में कमी लाने में सबसे बड़ी सफलता उत्तर प्रदेश, गुजरात और असम ने पाई है। गुजरात में 2018 के मुकाबले 2022 में दंगों की संख्या में 90% तो असम में 80% की कमी आई है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन के दौरान दंगों में 50% की कमी लाने में सफलता मिली है।

इन सबके उलट वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ में आई कॉन्ग्रेस की सरकार के राज में दंगे बढ़ गए। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के वर्ष 2018 में आने वाले वर्ष में दंगों की 665 वारदातें हुई थीं। वर्ष 2022 में उनके सत्ता छोड़ने से एक वर्ष पहले तक यह घटनाएँ 30% बढ़कर 961 पहुँच गईं।

भाजपा शासित राज्यों ने दंगे कम करने में सफलता पाई (स्रोत: NCRB के आधिकारिक आँकड़े)

यह बात ध्यान देने वाली है कि जिन भाजपा शासित राज्यों में दंगों में कमी आई है, वहाँ कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अपराधियों के अवैध घरों पर बुलडोजर चलाए गए हैं। लगातार उनकी संपत्तियों को कुर्क किया गया है और दंगाइयों की फोटो जनता के बीच लगाई गई है।

ग्राफ में प्रदर्शित राज्यों के अलावा अन्य राज्यों में भी देश में दंगों की संख्या में कमी आई है। एक और तथ्य यह भी सामने आया है कि उत्तर प्रदेश अब देश में सर्वाधिक दंगों वाला राज्य नहीं है। देश में दंगों की सर्वाधिक वारदातें महाराष्ट्र में दर्ज की गई हैं। हालाँकि, 2022 में इनमें भी सरकार ने कमी लाने में सफलता पाई है।

देश में दंगों के आँकड़ों को देखा जाए तो एक विश्लेषण यह बताता है कि आजादी के बाद से लगातार देश में दंगों में बढ़ोतरी होती थी। जब इंदिरा गाँधी प्रधानमंत्री थीं, तब वर्ष 1981 में यह आँकड़ा 1.10 लाख के पार हो गया था। देश में दंगों की घटनाओं में सबसे पहले तेज गिरावट पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राज में देखने को मिली थी।

हालाँकि, UPA की सरकार में एक बार फिर से देश में दंगे बढ़ गए थे। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद से देश में लगातार दंगों की संख्या में कमी आ रही है। इसी कारण से हर नया साल देश का सबसे शांतिपूर्ण साल बन रहा है।

मोदी सरकार में कम हो गए दंगे (स्रोत: NCRB के आधिकारिक आँकड़े)

कॉन्ग्रेस के सत्ता के आखिरी पूर्ण वर्ष 2013 में देश में दंगों का आँकड़ा 72,126 था जो कि प्रधानमंत्री मोदी के शासन के दौरान घट कर लगभग आधे पर आ चुका है। इस प्रकार मोदी सरकार के शासन के दौरान देश में दंगों की घटनाओं में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है।

रेवंत रेड्डी तेलंगाना का CM, राज भवन में हो गई थी तैयारी… शपथ लेने से पहले कॉन्ग्रेसियों ने ही लगा दिया अड़ंगा

तेलंगाना में कॉन्ग्रेस की बहुमत से जीत होने के बाद कहा जा था कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी प्रदेश में अगले सीएम होंगे। लेकिन अब खबर ये है कि वहाँ कॉन्ग्रेस के जीते विधायकों ने रेवंत रेड्डी के सीएम बनने पर अड़ंगा लगाया है।

मीडिया खबरों में बताया जा रहा है कि, रेवंत रेड्डी के शपथ वाले दिन राज भवन में तैयारी हो गई थी। लेकिन उसी समय बीच में आकर कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस कार्यक्रम को टालने की माँग उठाई।

रेवंत रेड्डी का विरोध करने वालों में मल्लू भाटी विक्रमारका, उत्तम कुमार रेड्डी, श्रीधर बाबू और कोमाटी रेड्डी थे। इनकी माँग के कारण कार्यक्रम टाल दिया गया। अब मल्लिकार्जुन खड़गे फैसला लेंगे की क्या रेवंत रेड्डी सीएम बनेंगे या नहीं।

बताया गया है कि अब रेवंत रेड्डी के मुख्यमंत्री बनने का निर्णय दिल्ली में चर्चा होने के बाद आएगा। इस चर्चा में कर्नाटक के AICC के ऑब्जर्वर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और तेलंगाना में ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी के इंचार्ज मणिकराव ठाकरे भी शामिल होंगे। लेकिन इससे पहले ये दोनों तेलंगाना में विधायकों की आम सहमति जानेंगे। ये लोग तेलंगाना में जीतकर आए 64 विधायकों की व्यक्तिगत बातें सुनेंगे फिर चर्चा करके अपना फैसला लेंगे।

गौरतलब है कि पिछले साल भी रेवंत रेड्डी के विरोध की खबरें मीडिया में आई थीं। कॉन्ग्रेस के कई बड़े नेता ने रेड्डी पर आरोप लगाया था कि वो पार्टी में किसी बड़े नेता की नहीं सुनते सिर्फ अपनी-अपनी चलाते हैं। ऐसे में उनके साथ वो काम नहीं कर सकते। उस समय भी उनके खिलाफ उठी आवाजों को लेकर लंबी बैठकें हुई थीं।

डूबते शहर, तैरती गाड़ियाँ और जान बचाते लोग : ‘मिचौंग’ तूफान का चेन्नई में विकराल रूप, 8 की मौत; दूसरे प्रदेशों में रेड अलर्ट जारी

‘मिचौंग’ तूफान का कहर आंध्र प्रदेश से लेकर तमिलनाडु में दिख रहा है। बताया जा रहा है कि ये आज आंध्र प्रदेश के बापटला तट पर टकराएगा। इस दौरान इसकी रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। फिलहाल यह पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु पर मंडरा रहा है।

चेन्नई में तूफान से मौतें

चेन्नई में इसने तबाही मचाई हुई है। 17 शहर पानी में डूबे हुए हैं। रविवार (3 नवंबर 2023) से लेकर वहाँ अब तक 400-500mm वर्षा हो चुकी है। हालत ये हैं कि घरों में पानी घुस गया है जबकि कार और बाइकें सड़कों पर तैर रही हैं। कहा जा रहा है कि 70-80 सालों में बारिश का ऐसा हाल नहीं देखा गया था। 2015 में भी स्थिति खराब हुई थी मगर तब केवल 330mm वर्षा हुई। इस बार हालत इतनी खराब है कि चेन्नई में 8 लोगों की जान चली गई है।

स्थिति संभालने के लिए तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में NDRF की 21 टीमें तैनात की गईं। 204 ट्रेनें और 70 फ्लाइट्स कैंसिल करके कोस्ट गार्ड, आर्मी और नेवी के जहाज और एयरक्राफ्ट को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट

वहीं तूफान के कारण आंध्र प्रदेश हाई अलर्ट पर है। राज्य सरकार ने तिरुपति, नेल्लोर, प्रकाशम, बापटला, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा और काकीनाड़ा में रेड अलर्ट जारी कर रखा है। सुरक्षा नजरिए से यहाँ NDRF और SDRF की 5-5 टीमें तैनात हैं। तूफान प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद करने के लिए, उन्हें निकालने के लिए 181 राहत कैंप खोले जा चुके हैं। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के सुरक्षित स्थानांतरण पर ध्यान दिया जाए और देखा जाए कोई कम्युनिकेबल डिसीज न फैले।

कहाँ दिखा मिचौंग का प्रभाव

बता दें कि ‘मिचौंग’ तूफान बंगाल की खाड़ी में 1 दिसंबर को उठा था। धीरे-धीरे ये भारत की ओर बढ़ा और आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी में इसका असर दिखने लगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार यानी 5 दिसंबर की सुबह तक ये आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय इलाकों से टकराएगा और बुधवार तक इसका असर रहेगा।

ऐसे में जब तक मिचौंग शांत नहीं होता तब तक इसका प्रभाव आंध्र प्रदेश के अलावा ओडिशा, पुडुचेरी-तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़, बंगाल, कर्नाटक, अंडमान एंड निकोबार और केरल पर पड़ता दिखेगा। तेलंगाना सरकार ने तो तूफान को लेकर अलर्ट जारी किए हुए हैं। वहीं पुडुचेरी के समुद्री इलाकों के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके अलावा बाकी इलाकों में हल्की बारिश की आशंकरा है।

बिपरजॉय तूफान

याद दिला दें कि इससे पहले जून महीने में बिपरजॉय तूफान ने गुजरात में तबाही मचाई थी। 15 जून को वो कच्छ जिले से जखौ पोर्ट पर टकराया और 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलने लगीं। इस तूफान का असर गुजरात और मुंबई के तटीय इलाकों में देखने को मिला था जिसके कारण 9 लोगों की मौत भी हो गई थी।

जिस ‘अफगान दरबार’ को बंद कराने पहुँचे बालमुकुंद आचार्य, उसका मालिक ताहिर खुद बोला – ‘मेरे पास लाइसेंस नहीं’: भाजपा MLA को चैलेन्ज दे रही थी भीड़, बदनाम कर रहा गिरोह

राजस्थान की राजधानी जयपुर के हवामहल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधायक बने आचार्य बालमुकुंद ने अपने क्षेत्र में खुली मांस की अवैध दुकानों को बंद करवाने का अभियान छेड़ रखा है। एक वायरल वीडियो में उन्होंने प्रशासन को 4 दिसंबर की शाम तक मोहलत दी। पुलिस ने विधायक बालमुकुंद से कार्रवाई के लिए 2 दिनों की मोहलत माँगी है। इस बीच आचार्य बालमुकुंद की इस कार्रवाई का कुछ स्थानों पर मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों ने विरोध किया। वहीं सोशल मीडिया पर भी कट्टरपंथी, लिबरल और वामपंथी गैंग उनको कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करने लगा।

अपने नाम के पीछे त्यागी लगाने वाले मुस्लिम पत्रकार वसीम अकरम त्यागी ने विधायक बालमुकुंद द्वारा की जा रही कार्रवाई को गलत ठहराने की कोशिश की। वसीम अकरम ने लिखा , “बालमुकुंदाचार्य अपने साथ गुंडे लेकर मुस्लिमों की दुकान बंद कराने पहुँचा था। ये गुंडे मुस्लिमों को भद्दी गालियाँ दे रहे हैं।” वसीम अकरम ने नरेंद्र मोदी और राजस्थान पुलिस को टैग करते हुए कार्रवाई की माँग की है। साथ ही उसने विधायक आचार्य बालमुकुंद को आने वाले समय का नासूर भी बता डाला।

दिल्ली के कॉन्ग्रेस नेता मोहम्मद समीर ने विक्टिम कार्ड खेला है। उन्होंने आचार्य बालमुकुंद द्वारा की जा रही कार्रवाई की जद में आने वाले अवैध दुकानदारों को गरीब समुदाय विशेष का दर्जा दे डाला है। कार्रवाई को उन्होंने हमला का नाम दिया। कॉन्ग्रेस नेता समीर ने भाजपा को जिताने पर नाराजगी जताते हुए आगे कहा कि उनको राजस्थान से कोई हमदर्दी नहीं है।

खुद को ‘किसान पुत्र’ और लेखक बताने वाले हंसराज मीणा ने आरोप लगाया है कि विधायक आचार्य बालमुकुंद उसके मुस्लिम भाइयों को माँ-बहन की गालियाँ दे रहे हैं। हंसराज ने विधायक बालमुकुंद को गुंडा बताते हुए उन पर कार्रवाई की माँग की है। हालाँकि, हंसराज मीणा द्वारा शेयर किए गए वीडियो में दूसरा पक्ष भी विवाद की मुद्रा में दिखाई दे रहा है और पुलिस बीच-बचाव करती नजर आ रही है। जिस स्थान पर यह विवाद हुआ वहाँ एक दुकान का बोर्ड अरबी भाषा में लिखा दिखाई पड़ा।

पत्रकार कविश अज़ीज़ ने अफगानी दरबार होटल का एक वीडियो शेयर किया है जहाँ विधायक बालमुकुंद पहुँचे थे। कविश अजीज के मुताबिक राजस्थान में चुनाव जीतते ही भाजपा विधायक बालमुकुंद ने मुस्लिमों की मीट की दुकान बंद कराना शुरू कर दिया।

दूसरी तरफ से दिया जा रहा था चैलेन्ज

अपने नाम में त्यागी लगाने वाले वसीम अकरम ने 57 सेकेंड का जो वीडियो शेयर कर के भाजपा विधायक आचार्य बालमुकुंद पर मुस्लिमों को माँ-बहन की गालियाँ देने का आरोप लगाया है वह आधा अधूरा है। इस मामले में पूरा वीडियो @nareshvashishth नाम के हैंडल ने शेयर किया है जो कि 2 मिनट 8 सेकेंड का है। वीडियो के पहले हिस्से में विधायक बालमुकुंद पुलिस से खुलेआम बिना लाइसेंस चल रहे अवैध बूचड़खानों की शिकायत करते नजर आ रहे हैं।

इसी वीडियो में आचार्य बालमुकुंद ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पप्पू कसाई से दोस्ती की थी। उन्होंने इसी दोस्ती की वजह से कसाइयों का अवैध काम चलने की बात कही। उन्होंने हाथ जोड़ कर कहा, “ये सनातनी लोग हैं। ये अवैध काम चलने नहीं देंगे चाहे कोई भी हो।” साथ ही उन्होंने कहा कि जिसे काम करना है वो लाइसेंस ले कर ईमानदारी से काम करे।

इस बीच सामने एक गली दिखी जहाँ पुलिस की सख्ती के बावजूद लोगों का जमावड़ा हो गया था। यह जमावड़ा सड़क पर ही किया गया था जिस से लोगों को आने-जाने में भी दिक्कत आ रही थी। जमावड़े से नारेबाजी जैसी आवाजें भी आने लगीं। पुलिस जमावड़ा लगाई भीड़ को वापस जाने के लिए कहती रही लेकिन उन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। दूसरी तरह से पुलिस के साथ खड़े विधायक बालमुकुंद और उनके सहयोगियों को ललकारा जा रहा था।

इसी के जवाब में आचार्य बालमुकुंद के साथ मौजूद लोगों ने भी दूसरी तरफ खड़े लोगों को अपनी तरफ आने के लिए कहा। इसी तनातनी के बीच कुछ लोगों की ने गाली-गलौज की। हालाँकि, गालियाँ विधायक बालमुकुंद ने नहीं दीं। पुलिस ने बीच-बचाव किया तो खुद विधायक बालमुकुंद वहाँ से चले गए जबकि दूसरी तरफ लोगों का जमावड़ा इसके बावजूद बना रहा।

अफगान होटल वाले के पास नहीं था लाइसेंस

महिला पत्रकार कविश अज़ीज ने अपने ट्वीट में जिस ‘अफगानी दरबार’ होटल का जिक्र किया है उसके मालिक ताहिर से ऑपइंडिया ने बात की। मुर्गे का मांस बेचने वाला यह होटल जयपुर के सुभाष चौक पर है। हमसे बातचीत में ताहिर ने कबूल किया कि उनके पास होटल चलाने का वैध लाइसेंस फिलहाल नहीं है। ताहिर का कहना था कि उन्होंने इसके लिए अप्लाई कर रखा है। ‘अफगान होटल’ के मालिक ने हमसे यह भी कहा कि उनके साथ विधायक बालमुकुंद ने कोई मारपीट आदि नहीं की।

ताहिर के अफगान होटल के पास ही आचार्य बालमुकुंद ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को जयपुर खाली कर देने के लिए कहा था। ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान ताहिर ने बताया कि उनके यहाँ मुर्गे का मीट बनाने वाले लगभग सभी कारीगर पश्चिम बंगाल के हैं। होटल का नाम अफगानी दरबार रखने की वजह पूछने पर इसके मालिक ने इसे एक डिश से हुआ नामकरण बताया। अंत में ताहिर ने कहा, “विधायक गुंडागर्दी कर रहे हैं जो सही नहीं जाएगी।”

फटे पेट, टूटी हड्डियाँ, खून सने अंडरवियर… हमास आतंकियों ने महिलाओं से कुछ ऐसे किया रेप: कुदाल से कर दिया किसी का सिर कलम, तो किसी के साथ 10 ने मिल कर किया बलात्कार

हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर को इजरायल में घुस कर वहाँ के आम नागरिकों को निशाना बनाया था। यहूदी मुल्क पर 5000 रॉकेट दागे गए थे और 1500 नागरिकों का नरसंहार कर दिया गया था। एक जर्मन महिला टैटू आर्टिस्ट की हत्या के बाद उसे नग्न कर हथियारों के साथ ‘अल्लाहु अकबर’ नारे लगाते हुए जुलूस निकाले जाने का वीडियो अब भी लोगों के जेहन में ताज़ा है। अब इजरायल के पुलिस-प्रशासन और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस हमले का एक और काला सच उजागर किया है।

हमास के इस्लामी आतंकियों ने न सिर्फ महिलाओं का बलात्कार किया, बल्कि पुरुषों को भी अप्राकृतिक यौनाचार का शिकार बनाया। यौन शोषण के पीड़ितों के लिए काम करने वाली संस्था के प्रवक्ता येल शेरेर ने बताया कि महिलाओं एवं पुरुषों के खिलाफ दुष्कर्म के सबूत मिले हैं, प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इसकी पुष्टि की है। साथ ही उन्हें शारीरिक हिंसा का भी शिकार बनाया गया। हमास के आतंकियों ने जानबूझकर यौन अपराधों की साजिश पहले से ही रच ली थी, ताकि आम लोगों को आतंकित किया जा सके।

महिलाओं के साथ इस कदर बलात्कार हुआ था कि उनके पेट तक फट गए थे। खूब से सने अंडरवियर मिले हैं। ऐसे सैकड़ों तस्वीरें, वीडियो क्लिप्स और बयान मिले हैं जिनसे यौन अपराधों की भयावहता का पता चलता है। एक महिला ने जब कपड़े उतारने से मना कर दिया तो उसका सिर कलम कर दिया गया। कुदाल से काटे जाने के बाद उसका सिर जमीन पर लुढ़कता रहा। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भी निंदा हो रही है, जिन्होंने इन घटनाओं को मानवता के खिलाफ अपराध के रूप में मान्यता नहीं दी। इन आपराधिक घटनाओं की जाँच में 6-8 महीने लग सकते हैं।

‘वंडर विमन’ का किरदार अदा करने वाली गल गैडोट ने भी इसे लेकर आवाज़ उठाई है। एक अन्य पीड़ित महिला के बारे में पता चला है, जिसके बारे में पता चला है कि वो एक परी की तरह सुंदर थी। 8-10 हमास आतंकियों ने मिल कर उसका सामूहिक बलात्कार किया। वो लगातार चिल्ला रही थी, “बंद करो ये सब, मुझे मार डालो। तुम जो कर रहे हो उसके बाद मैं खुद ही मर जाऊँगी।” महिलाओं से इस कदर बलात्कार किया गया कि उनके हाथ-पाँव की हड्डियाँ तक तोड़ डाली गईं।

पीछे पड़ी थी लिबरल कट्टरपंथी गैंग, फिर भी गोशामहल ने चुना हिन्दू शेर… जीत के बाद बोले राजा सिंह – हिन्दू राष्ट्र के लिए लड़ूँगा

T राजा सिंह, जिन्हे टाइगर राजा सिंह नाम से जाना जाता है – तेलंगाना भाजपा के उन 8 विधायकों में से एक हैं जो 2023 विधानसभा चुनाव में जीत कर विधानसभा पहुँचे हैं। फायरब्रांड कहे जाने वाले राजा सिंह को ‘टाइगर’ की पदवी हिन्दू समाज के लिए संघर्ष करने की वजह से दी गई है। देश भर के वामपंथी, लिबरल और कट्टरपंथियों के निशाने पर लगातार रहे राजा सिंह की भाजपा के टिकट पर यह लगातार तीसरी जीत है। उन्होंने BRS के नंदकिशोर व्यास को 21,457 वोटों से हराया।

मोहम्मद जुबैर और राजदीप भी शामिल थे दुष्प्रचार में

राजा सिंह के खिलाफ विधानसभा चुनावों से काफी पहले ही मार्च 2023 से ही दुष्प्रचार शुरू हो चुका था। इस कुप्रचार की कमान फैक्ट चेकिंग के नाम पर फेक न्यूज़ फैलाने वाले मोहम्मद जुबैर ने सँभाली हुई थी। जुबैर इस्लामी कट्टरपंथियों की करतूतों पर पर्दा डालने वाली वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ का को-फाउंडर है। 29 मार्च 2023 को जुबैर ने टी राजा सिंह के खिलाफ ट्वीट की एक श्रृंखला डाली थी। इसमें जुबैर ने राजा सिंह के भाषणों के कुछ हिस्सों को बीच में से काट कर उन्हें मुस्लिम विरोधी साबित करने की भरसक कोशिश की थी।

अपने लक्षित ट्वीट की सीरीज में जुबैर ने राजा सिंह की गिरफ्तारी न होने पर भी सवाल खड़े किए थे। हालाँकि, जुबैर बाद में भी अपने मिशन पर लगा रहा। 2 अक्टूबर, 2023 को एक बार फिर से जुबैर ने राजा सिंह के राजस्थान में दिए गए भाषण के कुछ हिस्से काट कर उनको मुस्लिम विरोधी बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की माँग की।

मोहम्मद जुबैर की ही तरह वाशिंगटन पोस्ट के लिए लेख लिखने वाली तथाकथित पत्रकार राना अय्यूब ने भी राजा सिंह के खिलाफ 8 महीने पहले ही मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने राजा सिंह के महाराष्ट्र में दिए गए भाषण की क्लिप के आधार पर बनी ऑल्टन्यूज़ की आर्टिकल को शेयर किया। इस दौरान उन्होंने राजा सिंह को मुस्लिम विरोधी साबित करने की कोशिश की।

राजा सिंह के खिलाफ कुप्रचार में वामपंथी पत्रकार राजदीप सरदेसाई भी पीछे नहीं रहे। 31 मार्च, 2023 को उन्होंने हैदराबाद में राजा सिंह द्वारा निकाली गई रामनवमी शोभा यात्रा के कुछ हिस्सों को शेयर किया। राजदीप ने राजा सिंह के भाषण के एक हिस्से को हेट स्पीच करार दिया था।

खुद को मॉब लिंचिंग और भारत में इस्लामोफोबिया पर रिसर्च करने वाला बताते हुए मोहम्मद आसिफ खान ने भी राजा सिंह के खिलाफ चल रहे अभियान में हिस्सेदारी की। 24 मार्च को मोहम्मद आसिफ ने राजस्थान पुलिस को टैग करते हुए राजा सिंह को गिरफ्तार न किए जाने की वजह पूछी थी।

लगातार हिन्दू विरोधी खबरों को शेयर करने वाले X हैंडल ‘हिंदुत्व वाच’ ने भी राजा सिंह के खिलाफ सिलसिलेवार ट्वीट किए। 10 अप्रैल, 2023 को इस हैंडल से राजा सिंह एक बयान के कुछ अंशों को शेयर किया गया था। तब राजा सिंह को एक कार्यक्रम में शामिल होने से रोक दिया गया था। इसके जवाब में राजा सिंह ने अपना एक वीडियो जारी कर के अपनी बात कही थी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक महिला ने तो राजा सिंह के मर्डर तक का ऐलान कर दिया था। तब महिला ने राजा सिंह के मोहल्ले से खुद को खड़ा करने की भी अपील की थी।

क्यों हो रहा था विरोध

दरअसल, हिन्दू धर्म के खिलाफ लगातार चुटकुले सुनाने वाले कथित कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी का अगस्त 2023 में एक शो हैदराबाद में प्रस्तावित था। राजा सिंह ने इस शो के आयोजन का विरोध किया। इसी दौरान 22 अगस्त, 2022 को उन्होंने एक वीडियो भी जारी की जिसे मुस्लिम वर्ग ने ईशनिंदा करार दे दिया। राजा सिंह के खिलाफ हैदराबाद में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों को काबू करने पुलिस वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। राजा सिंह को गिरफ्तार भी कर लिया गया और जल्द ही उनको जमानत भी मिल गई।

राजा सिंह को मिली जमानत के विरोध में 25 अगस्त, 2023 को एक बार फिर से कई मुस्लिमों ने हैदराबाद में हंगामा किया। तेलंगाना कॉन्ग्रेस के सचिव राशिद खान ने आग लगाने का भी ऐलान कर दिया। कार्रवाई की आशंका को देखते हुए राजा सिंह ने एक वीडियो जारी किया और जल्द ही अपनी गिरफ्तारी होने की भी बात कही। अगस्त 2023 के अंतिम सप्ताह में राजा सिंह को एक बार फिर से पुलिस ने Ph.D एक्ट के तहत उनके आवास से गिरफ्तार किया।

इसी दौरान एक पुलिस अधिकारी को ये कहते सुना गया, “मुहम्मद सिर्फ मुस्लिमों के नहीं, सबके प्रोफेट हैं। हम पुलिस वाले उसको (राजा सिंह की गिरफ्तारी को) ईगो पर ले रहे हैं।”

‘हिन्दुओं ने जिताया, हिन्दू राष्ट्र के लिए करूँगा काम’

राजा सिंह ने सोमवार (4 दिसंबर, 2023) को एक वीडियो जारी कर के अपनी विधानसभा और देश के विभिन्न हिस्सों में अपने सभी समर्थकों को धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मैं ये जीत पूरे हिन्दू समाज को देता हूँ जिन्होंने पूरे भारत देश से मेरी विधानसभा को निवेदन किया था। मैं हिन्दू होने के नाते हिंदुत्व की बात करता ही रहूँगा। हिन्दू राष्ट्र के लिए लड़ाई लड़ता रहूँगा।”

राजा सिंह ने अपनी जीत का श्रेय हिन्दू समाज को दिया। उन्होंने कहा कि जिस गोशामहल की जनता ने उनको चुनाव जिताया है वो उन सभी की सेवा में हमेशा हाजिर रहेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले भी राजा सिंह ने कहा था कि उनको सिर्फ हिन्दुओं के वोट चाहिए।

बताते चलें कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले प्रचार के दौरान हैदराबाद से कई वीडियो वायरल हुए थे। इन्हीं में से एक वीडियो में वहाँ के एक बुजुर्ग को कहते सुना गया था कि ओवैसी भाइयों का जीजा है टी राजा सिंह, उसका नाम सुन इनका पेशाब निकलता है।

‘एक भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी घुसपैठिए को नहीं रहने देंगे’: जीत के साथ ही BJP के बालमुकुंद आचार्य ने शुरू किया मांस की अवैध दुकानों को हटाने का काम

राजस्थान विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी के हवा महल सीट से नवनिर्वाचित विधायक बालमुकुंद आचार्य ने सड़कों से अवैध मांस की दुकानों को हटाने का अल्टीमेटम दिया है। इस बाबत उन्होंने अधिकारियों को फ़ोन भी किया है और स्वयं जा कर अवैध तौर पर चल रहीं दुकानों को बंद भी करवाया। विधायक की माँग पर अमल करने के लिए पुलिस ने 2 दिन का समय माँगा है। सोमवार (4 दिसंबर, 2023) को आचार्य बालमुकुंद के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिसमें वो अपने क्षेत्र में अवैध दुकानें न चलने देने का एलान कर रहे हैं।

भाजपा विधायक आचार्य बालमुकुंद का पहला वायरल वीडियो 30 सेकेण्ड का है। इस वीडियो में वो कई लोगों से घिरे नजर आ रहे हैं। उनके एक हाथ में कुछ कागजात हैं। दूसरे हाथ में फोन स्पीकर पर है जिसकी दूसरी तरफ से किसी संबंधित अधिकारी की आवाज आ रही है। विधायक ने अधिकारी से सवाल किया कि क्या खुले में सड़क पर मांसाहार बेचा जा सकता है ? अधिकारी ने ‘बिलकुल नहीं’ का जवाब दिया। अगले सवाल के तौर पर भाजपा MLA ने अधिकारी से पूछा कि क्या वो खुलें में मांस बिक्री का समर्थन करते हैं तो अधिकारी ने फिर से जवाब में ‘न’ कहा।

अंत में आचार्य बालमुकुंद ने अधिकारी को शाम तक सड़क पर दिखने वाले तमाम नॉन वेज बेचने वाले ठेलों को हटाने के लिए कहा। इसके जवाब में अधिकारी ने ‘ठीक है’ कहा। बीजेपी MLA ने यह भी कहा कि वो शाम को अपने आदेश पर हुए अमल की रिपोर्ट फिर से माँगेंगे। वहीं एक अन्य वीडियो में आचार्य बालमुकुंद को एक नॉनवेज बेचने वाली दुकान के आगे खड़ा देखा जा सकता है। इस वीडियो में उन्हें कुछ पुलिसकर्मियों से बहस भी करते सुना जा सकता है।

वीडियो में दिख रहे मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने भाजपा विधायक से नॉनवेज ठेलों को हटाने के लिए 2 दिनों का समय माँगा।

एक अन्य वीडियो में आचार्य बालमुकुंद को ये कहते सुना गया कि वो जयपुर में कोई भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी घुसपैठी नहीं रहने देंगे। अफगानी नाम की एक नॉनवेज शॉप पर उनको अधिकारी से लाइसेंस लाने के लिए भी कहते सुना गया।

बताते चलें कि हवामहल सीट से भाजपा के आचार्य बालमुकुंद ने कॉन्ग्रेस के आर आर तिवाड़ी को हरा कर जीत दर्ज की थी। यह मुकाबला काँटे का था जिसके अंत में आचार्य बलमुकुन्द 900 वोटों से विजेता बने थे।