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103 KM का पुल तैयार, 251 किमी के रास्ते पर पिलर खड़ा… देश के पहले बुलेट ट्रेन की रफ्तार कैसी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताई

देश के पहले बुलेट ट्रेन परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच दौड़ेगी। इस परियोजना के तहत करीब 100 किलोमीटर का एलिवेटेड स्ट्रक्चर और करीब 250 किमी रूट में पिलर तैयार हो चुका है। इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है।

नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) इस प्रोजेक्ट के प्रबंधन का काम देख रही है। अश्विनी वैष्णव ने 23 नवंबर 2023 को एक्स/ट्विटर पर किए एक पोस्ट में बताया है कि 21 नवंबर तक 251.40 किमी रास्ते में पिलर खड़ा करने का काम पूरा हो चुका है। साथ ही 103.24 किमी का एलिवेटेड सुपर स्ट्रक्चर भी तैयार हो गया है।

एलि​वेटेड सुपर स्ट्रक्चर को वायाडक्ट भी कहते हैं। यह एक खास तरह का पुल होता है घाटी या खाई को पार करने के लिए बनाया जाता है। इसे मेहराबों, खंभों और तटबंधों सहारे खड़ा कर उस पर सड़क या रेलवे ट्रैक बिछाया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक NHSRCL ने एक बयान में बताया है कि 100 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट के निर्माण को पूरा करने के लिए 40 मीटर लंबे ‘फुल स्पैन बॉक्स गर्डर्स’ और ‘सेगमेंटल गर्डर्स’ लगाने जरूरी थे।

गुजरात में वायाडक्ट इस रूट में कई नदियों को परा किया जाना है। ये नदियाँ नवसारी और वलसाड जिले में हैं। इनके नाम पूर्णा, मिंधोला, अंबिका, वेंगानिया, पार और औरंगा हैं। एनएचएसआरसीएल ने बयान में कहा है, “प्रोजेक्ट का पहला गर्डर (निर्माण में इस्तेमाल होने वाला बीम) 25 नवंबर 2021 को लॉन्च किया गया था। वायाडक्ट का पहला एक किलोमीटर 30 जून 2022 को छह महीने में बनकर तैयार हो गया था। 22 अप्रैल 2023 को 50 किलोमीटर वायाडक्ट का निर्माण पूरा किया गया। इसके बाद छह महीने में 100 किलोमीटर का वायाडक्ट पूरा हो गया।”

एनएचएसआरसीएल का कहना है कि वायाडक्ट्स के निर्माण के साथ-साथ 250 किलोमीटर का घाट का काम पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, वायडक्ट्स के किनारे शोर अवरोधक लगाए गए हैं। इसके अलावा जापान के शिंकानसेन जैसा ही पहला रेनफोर्सड कंक्रीट (आरसी) ट्रैक बेड सूरत में बिछाया जा रहा है।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की नींव सितंबर 2017 में अहमदाबाद में रखी गई थी। उम्मीद जताई जा रही है कि ये ट्रेन लगभग दो घंटे में 500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट की कुल लागत 1.08 लाख करोड़ रुपए है। इसके लिए 10,000 करोड़ रुपए केंद्र सरकार और 5,000 करोड़ रुपए गुजरात और महाराष्ट्र सरकार दे रही है।

पंजाब में खाटू श्याम की शोभा यात्रा में शामिल महिलाओं पर मुस्लिम बच्चों ने फेंके टॉयलेट क्लीनर, पड़े चकत्ते

पंजाब के पटियाला जिले के नाभा क्षेत्र में गुरुवार (23 नवंबर, 2023) को खाटू श्याम शोभा यात्रा में भाग लेने वाली हिंदू महिलाओं के साथ मुस्लिम समुदाय के बच्चों के एक समूह ने दुर्व्यवहार किया। बच्चों ने महिलाओं पर टॉयलेट क्लीनर फेंक दिया जिसके बाद बताया जा रहा है कि महिलाओं को कुछ गंभीर एलर्जी और चकत्ते की समस्या सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नाभा में हिंदू समुदाय ने खाटू श्याम जन्मोत्सव के मौके पर शोभा यात्रा का आयोजन किया था। इस अवसर पर निकाली गई रैली में सैकड़ों हिंदुओं ने भाग लिया और वे इसे उत्सव के रूप में मना रहे थे लेकिन जैसे ही शोभा यात्रा सदर बाज़ार क्षेत्र में पहुँची तो उसमें भाग लेने वाली कुछ महिलाओं के साथ मुस्लिम बच्चों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। उन पर टॉयलेट क्लीनर फेंक दिया गया।

दरअसल, इस मामले में मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति की दुकान के बच्चों ने पास के शौचालय से टॉयलेट क्लीनर उठाया और महिलाओं पर फेंक दिया, जिससे उन्हें चकत्ते और एलर्जी हो गई। वहीं इस मामले में शिकायत के बाद नाभा पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया और शिकायत दर्ज की।

पंजाब के नाभा SHO ने पटियाला पुलिस द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में घटना की पुष्टि की और कहा कि बच्चे मुस्लिम समुदाय के थे।

इस मामले में एसएचओ ने कहा, “रैली शांतिपूर्वक सदर बाजार क्षेत्र से गुजर रही थी। मुस्लिम समुदाय के कुछ बच्चों ने रैली में आई महिलाओं पर टॉयलेट क्लीनर फेंक दिया। बच्चों ने टॉयलेट क्लीनर को एक मुस्लिम व्यक्ति की दुकान से बाहर फेंका था। माना जाता है कि बच्चे उसके रिश्तेदार थे। जिससे महिलाओं को गंभीर एलर्जी हो गई है। फ़िलहाल, कोई अफवाह नहीं फैलानी चाहिए। इस मामले में जाँच चल रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कुछ होने पर तुरंत पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं लोगों से शांति बनाए रखने और इस मामले में कोई भी अफवाह न फैलाने का अनुरोध करता हूँ।”

नई दिल्ली में अफगानिस्तान का दूतावास बंद, कहा- वैध सरकार बनने तक हमारा झंडा लहराने दे भारत: तालिबानी शासन के बाद से था निष्प्रभावी

राष्ट्रपति अशरफ घनी के नेतृत्व वाली अफगानिस्तान की पूर्ववर्ती सरकार से संबंधित दूतावास ने दिल्ली में स्थित अपने राजनयिक मिशन को स्थायी तौर पर बंद करने की घोषणा कर दी है। ‘इस्लामी रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान’ के दूतावास के नाम से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि भारत और तालिबान सरकार की ओर से लगातार मिल रही चुनौतियों के कारण यह निर्णय लिया गया है।

बता दें कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान ने 15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अशरफ घनी ने अफगानिस्तान छोड़ दिया था। वहीं, घनी सरकार में उपराष्ट्रपति रहे अमरुल्लाह सालेह ने कहा था कि तालिबान के साथ उनका संघर्ष अंतिम साँस तक जारी रहेगा।

भारत में अफगानिस्तान का दूतावास पूर्ववत जारी रहा। कब्जे के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान नाम ‘इस्लामी रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान’ से बदलकर ‘इस्लामिक एमिरेट्स ऑफ अफगानिस्तान’ कर दिया था। हालाँकि, भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के साथ राजनयिक संबंध रखने की घोषणा अब तक नहीं की है।

दरअसल, पूर्ववर्ती सरकार से संबंधित अफगान दूतावास ने 30 सितंबर 2023 को दिल्ली में अपने दूतावास का संचालन बंद कर दिया था और अब इसे स्थायी तौर पर बंद कर दिया है। दूतावास ने अपने बयान में कहा कि उसे अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है। पिछले 2 वर्षों 3 महीनों में भारत में अफगान समुदाय की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है।

दूतावास ने कहा कि इस अवधि में अफगानिस्तान छोड़ने की कोशिश करने वाले लोगों को बहुत ही सीमित नए वीजा जारी किए गए। इस कारण से अफगान शरणार्थियों, छात्रों और व्यापारियों के देश छोड़ने के कारण अगस्त 2021 के बाद से यह संख्या लगभग आधी रह गई है।

अफगान दूतावास ने आगे कहा कि मिशन बंद करने के निर्णय को कुछ लोग आंतरिक संघर्ष के रूप में लेबल करने का प्रयास कर सकते हैं। दूतावास ने यह भी कहा कि कुछ लोग यह भी कह सकते हैं कि राजनयिकों ने तालिबान के प्रति अपनी निष्ठा बदल ली है, लेकिन यह निर्णय नीति और हितों में व्यापक बदलाव का परिणाम है।

दूतावास ने आगे कहा, “नई दिल्ली में हमारे मिशन के दौरान अफगान नागरिकों के समर्थन के लिए हम भारत के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। काबुल में वैध सरकार की अनुपस्थिति और सीमित संसाधनों एवं शक्तियों के बावजूद हमने भारत में मौजूद अपने नागरिकों की बेहतरी के लिए अथक प्रयास किए।”

इससे पहले 30 सितंबर 2023 को दूतावास ने कहा था, “हम मेजबान सरकार (भारत) से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने, संसाधनों एवं कार्मिकों की कमी के कारण अफगानिस्तान के सर्वोत्तम हितों की सेवा करने की अपेक्षाओं को पूरा करने में सफल नहीं हो रहे हैं। इसलिए हम 1 अक्टूबर 2023 से अपना परिचालन बंद कर रहे हैं।”

तालिबान की वर्तमान सरकार को लेकर नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास ने कहा, “जो लोग किसी अन्य समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं, वे तालिबान का समर्थन करते हैं तो यह भारत सरकार का निर्णय होगा। हालाँकि, हमने भारत सरकार से कहा है कि जब तक अफगानिस्तान में कोई वैध सरकार नहीं आती है, तब तक हमारे गौरवशाली झंडे को फहराते रहने का सम्मान दिया जाए।”

दूतावास ने यह भी कहा, “हमने भारत सरकार से यह भी कहा कि राजनयिक संबंधों पर वियना कन्वेंशन 1961 के मानदंडों के आधार पर दूतावास को तब तक बंद रखा जाए, जब तक अफगानिस्तान में कोई वैध सरकार काबिज नहीं होती। आज से भारत में ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान’ का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई राजनयिक नहीं होगा। अगर कोई ऐसा दावा करता है तो उसे ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान’ का प्रतिनिधि नहीं माना जाए।”

दूतावास ने यह भी कहा कि भारत साल 2001 से अफगानिस्तान की पूर्ववर्ती सरकार का रणनीतिक साझेदार रहा है। हालाँकि, बदली हुई भू-राजनीतिक स्थितियों में शक्तियों के संतुलन के लिए की आवश्यकता को वह समझता है। इसलिए वह अपने मिशन को बंद करते हुए इसकी संपत्तियों को भारत को सौंपने का निर्णय लिया है। उसने भारत से इन संपत्तियों और भारत में रह रहे लोगों की सुरक्षा की अपील की।

दूतावास ने कहा कि अगर कोई उसके मिशन में अब वहीं लोग बचे हो सकते हैं, जो तालिबान के संबद्ध या उसके प्रतिनिधि होंगे। दूतावास ने यह भी कहा कि अपनी संपत्तियों को भारत सरकार के हवाले कर दिया है और यह भारत पर निर्भर है कि इसे वह अपने पास रखता है या उसे तालिबान से संबद्ध राजनयिकों के हवाले करता है।

पाकिस्तानी हिरोइन शादी करके बन गई भारत की बहू, अल्लाह और इस्लाम के नाम पर कट्टर मुस्लिम दे रहे गाली

पाकिस्तान की मशहूर अदाकाराओं में से एक मदीहा इमाम ने पिछले दिनों एक भारतीय फिल्म मेकर से शादी की थी। उनके पति का नाम ‘मोजी बासर’ है जो नॉर्थ-ईस्ट इंडिया से ताल्लुक रखते हैं। शादी के बाद हाल में मदीहा अपने ससुराल पहली बार अरुणाचल प्रदेश (जिला- लेपा-राड़ा, शहर-बासर) आईं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर ससुराल में हुए वेलकम की तस्वीरों को साझा किया जिसे देख कई यूजर्स ने उनकी तारीफ की जबकि इस्लामी कट्टरपंथी इसे देख बिदक गए।

यासिर खान की इंस्टा आई डी से उनके लिए लिखा गया- इस्लाम को बदनाम करने वालों का ठिकाना जहन्नुम है।

शिजा जमशेद ने मदीहा की फोटो पर लिखा- “बहुत बेगैरत है तू। जब निकाह ही नहीं हुआ तो शाह कैसे हुई। ये बस जिना है शर्म आनी चाहिए। जहन्नुम में सड़ोगे।”

खान नादिम ने पूछा- मुस्लिम मर गए थे क्या, हिंदू से शादी कर ली।

गुलफिशां ने कहा- “सैयद भी हैं आप मुस्लिम भी फिर हिंदू से शादी क्यों की। अपने यहाँ गैर मुस्लिम से तो निकाह जायज नहीं। सैयदजादी की शादी सैयद के अलावा किसी से नहीं हो सकती। आप सैयद नहीं हो।”

इसपर एक यूजर ने कहा कि गूगल चेक करो जरा ये हिंदू बन गई है। दूसरे ने कहा- उफ्फ अल्लाह जिसको न चाहे उसे ऐसे ही खुद से दूर कर देता है।

अयात पठान ने कहा, “इसने भारतीय से शादी क्यों की। मुझे नहीं पता था कि इसका पति इंडियन हैं। ये पागल है या फिर कुछ और। मैं तुमको अनफॉलो कर रहा हूँ। हैरान हूँ कि इसने मुस्लिम से शादी क्यों नहीं की।”

गौरतलब है कि पाकिस्तानी एक्ट्रेस मदीहा ने इसी साल मई महीने में मोजी बासर से शादी की थी। इसकी तस्वीरें भी उन्होंने सोशल मीडिया पर डाली थी। उन्होंने लिखा था- “1 मई 2023 को शादी कर ली। हमें अपनी दुआओं में याद रखिएगा क्योंकि हम जीवन का नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने पिछले माह दुबई में अपना वलीमा भी याच में आयोजित किया था।

2 साल की बेटी के साथ सोई थी बसंती, पति ने कोबरा से डसवा कर मार डाला: जिसे सब समझ रहे थे साँप के काटने से मौत, वह डेढ़ महीने बाद निकली हत्या

ओडिशा के गंजम जिले में 7 अक्टूबर 2023 की सुबह बसंती और उसकी दो साल की बेटी मरी हुईं मिली। माना गया कि जहरीले साँप के काटने से दोनों की मौत हो गई। करीब डेढ़ महीने बाद इस मामले में जो कुछ सामने आया है, वह हैरान करने वाला है। दरअसल, कोबरा से डसवा कर दोनों की हत्या की गई थी।

यह हत्यारा बसंती का 25 साल का पति गणेश पात्रा है। उसे पुलिस ने 21 नवंबर को गिरफ्तार किया। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मौत के बाद बसंती के पिता ने गणेश पर अपनी बेटी और नातिन की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की ​थी। इसके बाद पुलिस ने साँपों के एक विशेषज्ञ से संपर्क किया और हत्या का खुलासा हुआ।

गणेश ने पुलिस को बताया था कि अपनी पत्नी और बेटी को डसने वाले कोबरा को उसने पीट-पीटकर मार डाला था। जबकि विशेषज्ञ का कहना था कि एक ही कमरे में दो लोगों को डसने के बाद, उसी कमरे में कोबरा का मौजूद रहना असामान्य है। साथ ही साँप के डसने के बाद मदद के लिए चीख-पुकार नहीं मचाना भी एक्सपर्ट को खटका।

इसी आधार पर पुलिस ने गंजम जिले के कबीसूर्यनगर थाना क्षेत्र के अधेईगाँव निवासी गणेश पात्रा को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक बसंती के साथ 2020 में उसकी शादी हुई थी। लेकिन पारिवारिक विवाद चल रहा था। बसंती ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस भी दर्ज कराया था। अनबन के बाद दोनों अलग भी रहने लगे थे। लेकिन बीते तीन महीने से फिर साथ रहने लगे थे।

पुलिस के मुताबिक गणेश और बसंती की शादी 2020 में हुई थी। पत्नी बासंती ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। दोनों में अनबन रहने से अलग रहते थे, लेकिन बीते तीन महीने से साथ रह रहे थे। पुलिस को शक है कि पारिवारिक विवाद और सरकार से मुआवजे (साँप काटने से मौत पर 4 लाख रुपए) में 8 लाख रुपए लेने की नीयत से उसने पत्नी और बेटी की हत्या को अंजाम दिया।

गंजम के एसपी जगमोहन मीना के मुताबिक बसंती के पिता ने अपने दामाद पर बेटी और नातिन को जहरीले साँप से डसवा कर हत्या का आरोप लगाया था। इसके बाद ओडिशा के बाहर एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले गणेश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था।

बसंती और उसकी बेटी के दाएँ पैर के टखने की हड्डी के ठीक ऊपर साँप के काटने के निशान थे। एक ही जगह निशान भी पुलिस के संदेह का कारण था। अब पुलिस जाँच कर रही है कि कहीं कोबरा से डसवाने से पहले गणेश ने पत्नी और बेटी को बेहोश तो नहीं कर दिया था। पुलिस के मुताबिक पात्रा ने 6 अक्टूबर, 2023 को पोलासरा में सपेरे बसंत आचार्य यह कहकर कोबरा लिया था कि उसे घर में एक अनुष्ठान करना है। सपेरे से संपर्क करने के लिए उसने अपने पिता के नाम से 26 सितंबर 2023 एक सिम लिया था।

सपेरे ने उसे जार में बंद कर कोबरा दिया था। गणेश ने घटना वाली रात कोबरा को उस कमरे में छोड़ दिया जिसमें उसकी पत्नी और बेटी सोए हुए थे और खुद अलग कमरे में सो गया। पुलिस मामले में सपेरे की भूमिका की भी जाँच कर रही है।

वैसे इस तरह का यह पहला केस नहीं है। साल 2020 में केरल के कोल्लम में पति ने पत्नी के बेडरूम में जहरीला साँप छोड़ दिया था। वहीं 30 मार्च 2012 में पुलिस ने बरहामपुर में 67 साल की विधवा को कोबरा का जहर देकर मारने के आरोप में उसके बेटे सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया था।

जिस हिरोइन को बेडरूम में ले जाना चाहता था, रेप की थी मंशा… उससे मंसूर अली खान ने माँगी माफी, बेल नहीं मिली तो गुम हुई हेकड़ी 

खलनायक मंसूर अली खान ने हाल ही में अपने साथी अभिनेत्री तृषा कृष्णन के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर भारी आलोचना और जमानत याचिका खारिज होने के बाद सार्वजनिक रूप से माफी माँगी है। इस विवाद के कारण पुलिस ने मंसूर अली खान पर यौन उत्पीड़न के साथ-साथ एक महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। 

बता दें कि इस मामले में चेन्नई के थाउजेंड लाइट्स ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन ने मंसूर को एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस के तहत अभिनेता गुरुवार (23 नवंबर, 2023 ) को व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और अपने खिलाफ दर्ज मामले को लेकर सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

मंसूर अली खान ने माँगी तृषा से माफी

वहीं तमाम विवाद के बाद भी मंसूर अली ने शुरू में तृषा से माफी माँगने से इनकार कर दिया था। हालाँकि, अब फिल्मों के खलनायक मंसूर अली के सुर बदले नजर आ रहे हैं। इस मामले में तमिल इंडस्ट्री की खबर रखने वाले रमेश बाला ने सोशल मीडिया एक्स पर किए पोस्ट में मंसूर का बयान लिखा है, “मेरी को-स्टार तृषा, कृपया मुझे माफ कर दें। ईश्वर मुझे मौका दें कि मैं आपकी शादी में आशीर्वाद दे सकूँ। आमीन।”

बता दें कि यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जहाँ कुछ यूजर्स मंसूर अली खान के माफी माँगने को उनके अहंकार की हार बता रहे हैं तो वहीं, कुछ का गुस्सा मंसूर अली के पुराने बयान को लेकर अभी भी बरकरार है। 

हालाँकि, इस माफी के साथ लोकेश कनगराज के निर्देशन में बनी फिल्म ‘लियो’ के दो को-स्टार्स मंसूर अली खान और तृषा कृष्णन के बीच का विवाद थम गया है। बता दें कि मंसूर अली खान पर तृषा कृष्णन पर अश्लील टिप्पणी करने के कारण मामला दर्ज हुआ था। खान ने तृषा कृष्णन के साथ हाल ही में आई लियो फिल्म में काम किया था। जिसके पश्चात उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह टिप्पणियाँ की थी।

क्या कहा था मंसूर अली खान ने 

मंसूर अली खान ने कहा था, “मुझे जब मालूम हुआ कि मैं तृषा के साथ काम कर रहा हूँ तो मुझे लगा कि यह एक बेडरूम सीन होगा। मुझे लगा कि मैं फिल्म में तृषा को उठाकर बेडरूम में ले जाऊँगा जैसा मैंने और भी कई अभिनेत्रियों के साथ पहले फिल्मों में किया है। मैंने पहले भी कई रेप सीन किए हैं और मेरे लिए यह कोई नई बात नहीं है। लेकिन, इन लोगों ने कश्मीर में शूटिंग के दौरान मुझे तृषा को देखने तक नहीं दिया।”साउथ अभिनेता ने अभिनेत्री पर कई विवादित टिप्पणियां कीं, जिसे लेकर दोनों के बीच जबर्दस्त जुबानी जंग देखने को मिली। विवाद बढ़ता चला गया और मामले में चेन्नई के थाउजेंड लाइट्स ऑल वुमेन पुलिस स्टेशन ने मंसूर को एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस के तहत अभिनेता 23 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और अपने खिलाफ दर्ज मामले को लेकर सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। तमाम विवाद के बाद भी मंसूर ने तृषा से माफी मांगने से इनकार कर दिया था। हालांकि, अब अभिनेता के सुर बदले नजर आ रहे हैं। मंसूर से जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर आते ही छा गया है।

वहीं इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंसूर अली खान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। फिल्म लियो के निर्देशक लोकेश कनगराज, गायिका चिन्मयी, अभिनेता-राजनेता खुशबू, अभिनेत्री मालविका मोहनन, तेलुगु सुपरस्टार चिरंजीवी और दक्षिण भारतीय फिल्म कलाकार संघ ने भी हाल ही में मंसूर अली खान की टिप्पणियों की निंदा की थी।

 तृषा कृष्णन ने भी की थी आलोचना 

मंसूर अली के घटिया बयान से तृषा बेहद आहत हुईं और उन्होंने अभिनेता को लताड़ लगाते हुए एक्स पर पोस्ट कर लिखा था, “एक हालिया वीडियो मेरे संज्ञान में आया है, जहाँ मंसूर अली खान ने मेरे बारे में भद्दे और घृणित तरीके से बात की है। मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूँ और इसे लैंगिक भेदभावपूर्ण, अपमानजनक, स्त्रीद्वेषी, घृणित और खराब मानती हूँ। वह कामना करते रह सकते हैं, लेकिन मैं आभारी हूँ कि मैंने कभी उनके जैसे दयनीय व्यक्ति के साथ स्क्रीन स्पेस साझा नहीं किया और मैं यह सुनिश्चित करुँगी कि मेरे बाकी फिल्मी करियर में भी ऐसा कभी न हो। उनके जैसे लोग मानव जाति का नाम खराब करते हैं।”

गौरतलब है कि अभिनेत्री तृषा कृष्णन के बारे में अश्लील टिप्पणियाँ करने वाले तमिल अभिनेता मंसूर अली खान गुरुवार (23 नवंबर, 2023 ) को चेन्नई में पुलिस के सामने पेश हुए थे। इससे पहले उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था। उन्होंने पहले पेश होने से मना किया था लेकिन याचिका ख़ारिज हो जाने के बाद पहुँच गए। वहीं अब उनके सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की खबर आई है। 

मुस्लिमों के लिए स्पेशल पार्क बनाएगी BRS, तेलंगाना में मतदान से पहले इस्लामी तुष्टिकरण में जुटे के CM केसीआर

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने सत्ता के लिए तुष्टिकरण की हदें पार कर दी हैं। उन्होंने सत्ता में फिर से लौटने पर मुस्लिम युवाओं के लिए एक अलग आईटी पार्क खोलने की घोषणा की है। उन्होंने गुरुवार (23 नवंबर 2023) को कहा कि उनकी सरकार मुस्लिमों को पेंशन भी दे रही है और उनके लिए आवासीय स्कूल भी खोले हैं। उन्होंने मुस्लिमों से BRS पार्टी को ही वोट देने की अपील की।

तेलंगाना के महेश्वरम में एक रैली को संबोधित करते हुए सीएम केसीआर ने कहा, “हम मुस्लिम युवाओं के बारे में सोच रहे हैं। हैदराबाद के पास उनके लिए एक विशेष आईटी पार्क बनवाएँगे। यह आईटी पार्क पहाड़ी शरीफ के पास बनेगा।” उन्होंने कहा कि तुक्कुगुड़ा क्षेत्र में 52 नए उद्योग लगाए गए हैं। यहाँ फॉक्सकॉन इंडस्ट्री आ गया है और इससे लाखों लोगों को नौकरी मिलेगी।

हिंदू और मुस्लिमों को अपनी दो आँखें बताते हुए भारत राष्ट्र समिति (BRS) पार्टी के प्रमुख और तेलंगाना के सीएम KCR ने कहा, “आज हमारी सरकार मुस्लिमों को भी पेंशन दे रही है। हमने आवासीय स्कूल खोले हैं, जिनमें मुस्लिम छात्र भी पढ़ते हैं। हम मुस्लिम युवाओं के बारे में सोच रहे हैं और उनके लिए हैदराबाद में आईटी पार्क बनाएँगे।”

मुस्लिमों पर तेलंगाना सरकार द्वारा किए जा रहे खर्चों के बारे में बताते हुए KCR ने कहा, “BRS की सरकार ने पिछले 10 सालों में अल्पसंख्यकों के विकास पर 12,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। वहीं, कॉन्ग्रेस ने अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों के विकास पर सिर्फ 2,000 करोड़ रुपए खर्च किए थे।”

उन्होंने कहा कि जब तक केसीआर जिंदा है, तब तक तेलंगाना धर्मनिरपेक्ष राज्य बना रहेगा। केसीआर ने कहा कि तेलंगाना शांतिपूर्ण राज्य है और यहाँ कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। तेलंगाना को अलग राज्य बनवाने का श्रेय लेते हुए केसीआर ने कहा कि उनकी सरकार में 24 घंटे मुफ्त बिजली दे रही है और हर घर तक नल का पानी पहुँचाया है।

महेश्वरम से BRS के नेता और तेलंगाना के शिक्षा मंत्री सविता इंद्ररेड्डी चुनाव मैदान में हैं। इनके फेवर में चुनाव प्रचार करने के लिए के चंद्रशेखर राव महेश्वरम पहुँचे थे। बता दें कि राज्य में 30 नवंबर 2023 को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान है। वोटों की गिनती 3 दिसंबर 2023 को होगी।

बता दें कि सितंबर 2023 में केसीआर की सरकार ने तेलंगाना में कपड़े धोने वाले और नाई का काम करने वाले मुस्लिमों को हर माह 250 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा की थी। इस तरह की छूट अब तक एससी कम्यूनिटी के लोगों को ही हासिल थी, लेकिन हैदराबाद के सांसद और AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के निवेदन पर राज्य सरकार ने मुस्लिमों के लिए भी ये छूट जारी की।

वहीं, नवंबर 2023 के शुरुआत में यूनाइटेड मुस्लिम फोरम (UMF) ने सदस्यों ने BRS को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि बीआरएस सरकार ने तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए ईमानदारी से काम किया और देश के दूसरे राज्यों की तुलना में अल्पसंख्यकों के लिए सबसे ज्यादा बजट भी आवंटित किया है। उन्होंने कहा था कि ‘शादी मुबारक योजना’ अल्पसंख्यक समुदायों की औरतों की मदद कर रहा है।

दरअसल, शादी मुबारक योजना के माध्यम से केसीआर सरकार प्रत्येक मुस्लिम परिवार को 1,00,116 रुपए की वित्तीय सहायता देती है। साल 2014 में जब यह योजना शुरू की गई थी तो सहायता राशि 51,000 रुपए थी, लेकिन 6 साल में यह राशि लगभग दोगुनी हो गई है। बता दें कि साल 2020 तक 6 सालों में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण से संबंधित योजनओं के लिए सरकारी खजाने से 5,639.44 करोड़ रुपए खर्च गए।

‘दुनिया को भारत दिखाएगा रास्ता, हम सबको आर्य बनाएँगे’ : थाईलैंड के विश्व हिंदू सम्मेलन में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

थाईलैंड के बैंकॉक में हो रहे ‘विश्व हिंदू कॉन्ग्रेस 2023’ को आज (24 नवंबर 2023) RSS प्रमुख मोहन भागवत ने  संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरा विश्व एक परिवार है और वह सभी को आर्य बनाएँगे। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद लोग खुश नहीं है। उन्होंने पुनर्विचार शुरू कर दिया है और भारत की ओर देख रहे हैं कि भारत उनको रास्ता दिखाएगा।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “आज की दुनिया अब शांति के पथ से लड़खड़ा रही है। इसने दो हजार वर्षों से खुशी, आनंद और शांति लाने के लिए कई सारे प्रयोग किए हैं। इतना ही नहीं, भौतिकवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद की कोशिश की है। सब भौतिक सुख प्राप्त कर लिया है, लेकिन फिर भी संतुष्टि, साधना नहीं है। हमने भौतिकवादी ज्ञान लिया लेकिन हम और हिंसक होते गए… इसलिए कोई शांति और सुख नहीं है।”

वह बोले कि कोरोना काल के बाद दुनिया ने दोबारा सोचना शुरू किया है और ऐसा लगता है कि वो इस बात पर एकमत हैं कि भारत ही उनको रास्ता दिखाएगा। क्योंकि भारत की यह परंपरा रही है और भारत ने ऐसा पहले भी किया है। हमने हमेशा इसका प्रमाण दिया है। अब उन्हें हमसे उम्मीद है। और वही हमारे समाज और राष्ट्र का भी उद्देश्य है।

विश्व हिंदू कॉन्ग्रेस को संबोधित करते हुए बोले- “दुनिया एक परिवार है और हम सभी को आर्य बनाएँगे, जो एक संस्कृति है।” वह बोले, “लोग भौतिक सुख पाने के लिए एक-दूसरे से लड़ने और हावी होने की कोशिश करते हैं। हमने ऐसी असुर विजय का अनुभव किया है… जब वो आए और हमारे समाज के साथ क्रूर हुए, फिर भी 500 साल रहे। दूसरा- धन विजय जो हमने 100 से 150 साल तक देखा। लेकिन जब जब हमने दया की बात की तो ये हुई धर्म विजय। ये विजय धर्म पर होती है। इसकी प्रक्रिया भी धर्म के नियमों से चलती है और नतीजा भी फिर धर्म के अनुसार ही आता है।”

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “विश्व मुस्लिम परिषद के महासचिव भारत आए थे और वहाँ अपने भाषणों में उन्होंने कहा था कि अगर हम विश्व में शांति और सद्भाव चाहते हैं, तो भारत के साथ जुड़ना जरूरी है। इसलिए यह हमारा कर्तव्य है। यही कारण है कि हिंदू समाज अस्तित्व में आया।” 

गिरफ्तारी के समय बिरयानी खा रहा था दिल्ली का नाबालिग हत्यारा, कहा- यह मेरा चौथा मर्डर: 60+ बार चाकू मारने के बाद लाश पर था नाचा

देश की राजधानी दिल्ली की सड़क पर सिर्फ 350 रुपए लूटने के लिए 17 वर्षीय लड़के की 60 से अधिक बार चाकू मारकर हत्या करने के आरोपित 16 वर्षीय नाबालिग लड़के को जब पुलिस ने गिरफ्तार किया वह थोड़ी ही दूरी पर एक दुकान में बिरयानी खा रहा था। वहीं इस मामले में पकड़े जाने के बाद हत्यारे ने यह भी दावा किया कि यह उसकी चौथी हत्या है। फ़िलहाल, पूरा मोहल्ला इस जघन्य हत्या से खौफजदा है। लोग गलियों में जाने से भी डर रहे हैं वहीं कुछ तो इलाके में बढ़ते अपराध से इलाका ही छोड़ कर चले गए हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जाँच से जुड़े एक अधिकारी ने गुरुवार (23 नवंबर, 2023 ) को बताया, “अपराध करने के बाद भी वह गिरफ्तारी से पहले घंटों तक बिना किसी डर के इलाके में घूमता रहा और एक स्टॉल पर खाना (बिरयानी) खा रहा था।” अधिकारी ने कहा है कि इस जघन्य हत्या के मामले में पुलिस अदालत से अपील करेगी कि इसे दुर्लभतम मामला माना जाए और नाबालिग आरोपित को कड़ी सजा दी जाए।

माँ ने टैटू से की बेटे के शव की पहचान, माँगी फाँसी की सजा 

वहीं मृतक नाबालिक की माँ ने गुरुवार को कहा कि उनका बेटा पैसे लेकर किराने का सामान खरीदने गया था, मगर घर नहीं लौटा। बाद में बेटे की हत्या की जानकारी मिलने पर, उन्होंने उसके शव की पहचान कलाई पर ‘मेरी जान मॉम’ लिखे टैटू से की। 

मृत लड़के की माँ ने कहा,  “मेरा बेटा मंगलवार शाम 6 बजे आटा और दूध खरीदने के लिए बाहर गया था। मैंने उसे पैसे दिए थे, लेकिन वह वापस नहीं आया। मैंने कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह कहाँ है?”

उन्होंने कहा कि मैं रातभर उसका इंतजार करती रही। लेकिन पुलिस ने मुझे अगली सुबह बताया कि मेरे बेटे को चाकू मार दिया गया है। उन्होंने कुछ पहचान चिह्न माँगे और मैंने बताया कि उसके पास एक टैटू है, जिस पर लिखा है, “मेरी जान मॉम।”

मारे गए लड़के की माँ ने अपने मृत बेटे के लिए न्याय की माँग करते हुए कहा कि आरोपित हत्यारे को फाँसी की सजा दी जानी चाहिए। उन्‍होंने कहा, “मैं अपने लड़के के लिए न्याय चाहती हूँ, खासकर उस क्रूर तरीके को देखते हुए, जिसमें उसे मारा गया।” 

‘मैंने यह चौथी हत्या की’ : नाबालिग हत्यारे का दावा

उन्होंने कहा, “एक वीडियो क्लिप में आरोपित ने दावा किया है कि उसने यह चौथी हत्या की है। मैं न्याय की माँग करती हूँ… उसे मौत की सजा दी जानी चाहिए। लेकिन पुलिस ने कहा कि वह किशोर है। वह एक साल में जेल से रिहा हो जाएगा और छूटते ही किसी और के बेटे की हत्या कर सकता है।”

गौरतलब है कि यह जघन्य हत्या उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में जनता मजदूर कॉलोनी में हुई। पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्व) जॉय तिर्की ने कहा कि नाबालिग आरोपित को पकड़ लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल चाकू उसके कब्जे से बरामद कर लिया गया है। डीसीपी ने कहा कि हत्या के पीछे का कारण लूटपाट थी। आरोपित लड़के ने पहले उसका गला दबाया और जब वह बेहोश हो गया, तो उसने 350 रुपए लूटने से पहले उस पर कई बार चाकू से वार किया। उन्होंने कहा कि लहूलुहान लड़के को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। 

बता दें कि आरोपित हत्यारे16 वर्षीय नाबालिग की पहचान जाहिर नहीं की गई है। वहीं लड़के को गिरफ्तार किए जाने के दो दिन बाद जब गुरुवार को CCTV फुटेज सामने आया तो दृश्य दहलाने वाले थे। आरोपित हत्या के बाद उसके मृत शरीर पर नाचते हुए इस जघन्य हत्या का जश्‍न मना रहा था। रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि हत्या के दौरान कुछ लोगों ने किशोर को बचाने की कोशिश की तो नाबालिग हत्यारे ने उन्हें भी चाकू लेकर दौड़ा लिया था।

सीसीटीवी फुटेज में आरोपित नाबालिग को शव को एक संकरी गली में घसीटते और उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए पीड़ित की गर्दन पर बार-बार चाकू मारते देखा जा सकता है। वीडियो में वह बेजान शरीर के सिर पर कई बार लात भी मारता दिखा है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है वहीं जिन प्रत्यक्षदर्शियों ने इस हत्या को अपनी आँखों से देखा है वह बेहद डरे हुए हैं। 

फाँसी की सजा पाए भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को मिल सकती है राहत, कतर की कोर्ट ने अपील को किया स्वीकार, कथित जासूसी के आरोप में हैं गिरफ्तार

भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को मिली मौत की सजा को लेकर कतर की कोर्ट ने भारत की अपील को स्वीकार कर लिया है। इस अपील पर कतर की कोर्ट जल्दी ही सुनवाई शुरू कर सकता है। बता दें कि कतर कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2023 को इन भारतीयों को कथित जासूसी के आरोप में मौज की सजा दी थी। इस पर भारत ने हैरानी और चिंता जाहिर की थी।

सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अपील व्यक्तिगत क्षमता से की गई है, लेकिन भारत सरकार ने इसमें मदद की है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (23 नवंबर 2023) को कहा कि फैसला गोपनीय है। प्रथम दृष्ट्या अदालत ने फैसला सुनाया, जिसे भारत की कानूनी टीम के साथ साझा किया गया। इसके बाद भारत ने कानूनी विकल्पों पर विचार करते हुए अपील दायर की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत इस मामले को लेकर कतर के अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है और सरकार पूर्व नौसैनिकों को सभी कानूनी और दूतावास संबंधी सहायता देना जारी रखेगी। वहीं, भारत सरकार सजा पाए इन सभी भारतीयों के परिजनों के भी संपर्क में है।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि मामला गोपनीय है। यानी इस पूरी प्रक्रिया में फैसले को कतरी पक्ष ने गोपनीय रखा है। न ही कतर के अधिकारियों ने और न ही भारत ने पूर्व सैनिकों के खिलाफ आरोपों को सार्वजनिक किया है। हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट में ये बार-बार कहा जा रहा है कि कतर ने कथित जासूसी के आरोप में इन पूर्व सैनिकों को सुनाई है।

दरअसल, इन पूर्व सैनिकों को 30 अगस्त 2022 को दोहा से गिरफ्तार किया गया था। इन गिरफ्तार करने के बाद कतर की सरकार ने आज तक नहीं बताया कि इन लोगों को किस कारण से गिरफ्तार किया गया है। हालाँकि, मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इन पूर्व सैनिकोें पर इजरायल के जासूसी करने का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया है।

कतर की क्यों कैद में हैं पूर्व अधिकारी

नौसेना के ये सभी पूर्व अधिकारी कतर की राजधानी दोहा की एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे थे। ये कंपनी टेक्नोलॉजी और कंसल्टेंसी का काम करती है। 30 अगस्त 2022 को कतर की खुफिया एजेंसियों ने इन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए इन्हें हिरासत में ले लिया था।

शुरुआत में इन पूर्व अधिकारियों पर व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप बताया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि इन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मिडिल-ईस्ट की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी पूर्व अधिकारियों को इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया है। हालाँकि, कतर की तरफ से इस बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। 

भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त ये सभी अधिकारी पिछले 5 सालों से दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड कंसल्टेंसी नाम की एक कंपनी में काम कर रहे थे। यह कंपनी मिडिल-ईस्ट में स्थित एक देश के मिलिट्री अधिकारी की बताई जाती है। यह कंपनी कतर की नौसेना को ट्रेनिंग और कंसल्टेंसी देने का काम करती है।

इन अधिकारियों के साथ ओमान के एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर खमीस अल अजमी को भी हिरासत में लिया गया था। हालाँकि, खमीस अल अजमी को 18 नवंबर 2022 को ही रिहा कर दिया गया, बाकी सभी भारतीय अधिकारियों को अभी भी हिरासत में रखा गया है।

भारतीय अधिकारियों पर आरोप

दरअसल, भारतीय नौैसेना के पूर्व अधिकारी कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश कतर की एक निजी फर्म दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम करते थे।

डिफेंस सर्विस प्रोवाइडर ऑर्गनाइजेशन दाहरा का स्वामित्व रॉयल ओमानी एयरफोर्स के एक रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर खामिस अल-अजमी के पास है। यह प्राइवेट फर्म कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएँ उपलब्ध कराती थी। अजमी को भी भारतीयों के साथ 30 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें फीफा वर्ल्ड कप के पहले नवंबर 2022 में रिहा कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक इन भारतीयों को इजरायल के लिए एक सबमरीन प्रोग्राम की जासूसी करने का दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कतर ने साल 2020 में इटली में बनी हाईटेक सबमरीन खरीदने के लिए एक समझौता किया था। ट्राइस्टे स्थित जहाज बनाने वाली कंपनी ‘फिनकेंटियरी एसपीए’ के साथ यह समझौता हुआ था।

कतर ने समझौते के तहत चार कॉर्वेट (जहाज़ का एक प्रकार) और एक हेलीकॉप्टर का ऑर्डर भी दिया था। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को कतर में नौसेना का एक बेस बनाना था। इसके साथ ही नौसैनिक बेड़े की देखरेख भी करनी थी। इसके लिए कतर ने जिस दाहरा कंपनी को यह काम दिया, उसमें ये सभी भारतीय काम कर रहे थे।

कतर के अधिकारियों का आरोप है कि ये 8 भारतीय अधिकारी इस प्रोग्राम की गोपनीय जानकारी इज़रायल से साझा कर रहे थे। कतर की इंटेलिजेंस एजेंसी ‘कतर स्टेट सिक्योरिटी’ ने दावा किया था कि उसने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारियों के उस सिस्टम को इंटरसेप्ट कर लिया था, जिससे वो कथित रूप से जासूसी कर रहे थे। हालाँकि, कतर ने भारत के साथ कोई भी सबूत साझा नहीं किया है।