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जिस नाजिया के इश्क में था दिलीप, उसके ही घर में पंखे से लटका मिला: फोन कर मिलने बुलाया, फिर परिवार संग मिल मार डाला 

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में प्रेम प्रसंग के मामले में मुस्लिम युवती से प्यार कर बैठे हिन्दू किराना व्यवसायी के बेटे को फोन कर युवती ने घर बुलाया। इसके बाद उसके परिजनों ने गला घोंटकर मार डाला। युवक का शव पंखे से लटकता हुआ पाया गया। कहा जा रहा है कि मुस्लिम युवती के परिजनों ने हिन्दू युवक के शव को फाँसी के फंदे पर लटका कर खुद ही युवक के घर वालों को खबर दी। घटना सोमवार (20 नवंबर, 2023) की रात की है। युवती का नाम नाज़िया और मृतक का नाम दिलीप उर्फ़ मिंटू है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला जेठवारा थाना क्षेत्र के गोपालापुर गाँव का है। जहाँ पारस नाथ जायसवाल किराना का कारोबार करते हैं। उनका 28 वर्षीय बेटा दिलीप कुमार जायसवाल उर्फ मिंटू भी उनके साथ ही काम करता था। मिंटू गाँव पर्वतपुर पूरे नगिया की रहने वाली नाजिया बानो से प्यार करता था। सोमवार की रात नाजिया ने फोन कर उसे अपने घर बुलाया था। इसके बाद मुस्लिम प्रेमिका के परिवार वालों ने मिंटू को गला घोट कर मार डाला और उसकी लाश पंखे पर टंगा हुआ पाया गया।

मृतक के परिवार वालों को घटना की सूचना नाजिया के भाई आसिफ ने दी। आसिफ ने मिंटू के भाई को फोन कर कहा कि अपने भाई को यहाँ से ले जाओं वरना मार डालेंगे। वहीं जब मिंटू के भाई वहाँ पहुँचे तो शव पंखें से लटका हुआ था।

दिलीप की हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मामले के हिंदू-मुस्लिम से जुड़े होने की वजह से किसी भी अनहोनी से बचने के लिए तीन थानों बाघराय, महेशगंज व जेठवारा की पुलिस इलाके में पहुँची।

जेठवारा पुलिस ने दिलीप की हत्या के आरोप में उसके भाई प्रदीप की तहरीर पर आसिफ, शौकत अली, मोइन, नाजिया बानो, नईम, मोहम्मद सईद, सईद की पत्नी, शौकत की पत्नी और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस युवती समेत 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं मंगलवार (21 नवंबर, 2023) की सुबह एसपी सतपाल अंतील और एएसपी पश्चिमी रोहित मिश्रा भी वहाँ मौका मुआयना के लिए पहुँचे थे। एसपी अंतिल का कहना था कि तकनीकी व फॉरेंसिक जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार, मृतक दिलीप की लाश के पोस्टमार्टम के बाद उसके खाने में जहरीला पदार्थ मिले होने की आशंका से विसरा भी प्रिजर्व किया गया। बता दें कि मृतक दिलीप तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बहन की शादी हो चुकी है। बड़ा भाई राजीव जायसवाल सपरिवार मुंबई में रहता है।

वहीं पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उसकी लाश घर पहुँची। उसके दूसरे भाई प्रदीप जायसवाल, भाभी आरती, पिता पारसनाथ उसकी लाश से लिपट बिलख-बिलख कर रोने लगे। ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक दिलीप और प्रेमिका नाजिया के प्यार के बारे में दोनों परिवारों को पता था।

इस रिश्ते को लेकर वहाँ रहने वाले कई लोगों ने आपत्ति भी जताई थी, लेकिन दोनों प्रेमी-प्रेमिका किसी बंदिश को मानने के लिए राजी नहीं थे। दिलीप जायसवाल घर से एक किलोमीटर दूर रामगंज बाजार में पिता के साथ किराने की दुकान पर बैठा करता था।

मृतक के बड़े भाई प्रदीप के मुताबिक, दिलीप सोमवार की रात दुकान बंद कर रात करीब 7:30 बजे घर आया। प्रदीप ने आगे बताया कि दिलीप के खाने के बाद ही उसके मोबाइल पर किसी ने फोन किया। वो फोन पर बात करते हुए ही घर से बाहर चला गया और काफी देर तक घर नहीं लौटा।

प्रदीप का कहना है कि रात करीब पौने 11 बजे उनके मोबाइल पर रामगंज बाजार के रहने वाले आसिफ ने फोन किया। आसिफ ने उनसे कहा कि तुम्हारा भाई दिलीप एक युवती के साथ एक कमरे में पकड़ा गया है, जल्दी आओ नहीं तो उसे लोग मार डालेंगे।

घबराए प्रदीप जायसवाल रामगंज बाजार पहुँचे। उन्हें वहाँ पहुँचने के बाद दिलीप की लाश आसिफ के घर पर दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी मिली थी। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को दी अपनी तहरीर में प्रदीप ने आरोप लगाया है कि आसिफ की चचेरी बहन नाजिया बानो ने उनके भाई को अपने घर बुलाया था और उसकी हत्या कर दी।

रिजल्ट नीदरलैंड के इलेक्शन का, चर्चा में नूपुर शर्मा: जानिए क्यों, कौन हैं उनके ‘हमदर्द’ गीर्ट वाइल्डर्स जिनके PM बनने के आसार

यूरोपीय देश नीदरलैंड के चुनाव नतीजों ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) को चर्चा में ला दिया है। वजह हैं गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders)। वाइल्डर्स की पहचान एक ऐसे नेता के तौर पर है जो इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ मुखर हैं।

बीते साल जब ‘ऑल्ट न्यूज’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने नूपुर शर्मा को टारगेट किया था, तब वाइल्डर्स ने बीजेपी की इस पूर्व नेता का समर्थन किया था। जुबैर के उकसावे के बाद से नूपुर शर्मा को जिहादी हत्या की धमकी दे रहे हैं। वे सार्वजनिक जीवन से दूर रहने को मजबूर हैं।

हालिया चुनावों के बाद गीर्ट वाइल्डर्स के नीदरलैंड के प्रधानमंत्री बनने के आसार हैं। दक्षिणपंथी वाइल्डर्स की पार्टी को एग्जिट पोल में सर्वाधिक सीट मिलती दिख रही है। 22 नवम्बर 2023 को नीदरलैंड के आम चुनावों के लिए सामने आए एग्जिट पोल में यह स्पष्ट हो गया है कि वाइल्डर्स की कंजर्वेटिव पार्टी फॉर फ्रीडम (PVV) सर्वाधिक 35 सीटें जीतने की ओर है। उनकी पार्टी नीदरलैंड में इस्लाम के प्रसार के विरुद्ध रही है। ऐसे में इन नतीजों का पूरे यूरोप पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।

PVV नीदरलैंड में मस्जिदों, कुरान और हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की माँग करती रही है। अब 150 सीटों वाली नीदरलैंड की संसद में यह सबसे अधिक सीटों वाला दल बनने की और अग्रसर है। उनकी पार्टी को यूरोप के अन्य दक्षिणपंथी नेताओं और पार्टियों की तरफ से बधाई मिल रही है।

माना जा रहा है कि PVV सरकार बनाने में सबसे आगे होगी। सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। उसे 35 सीटें मिल सकती हैं। यह 2021 के मुकाबले दोगुनी है। हालाँकि, स्पष्ट बहुमत ना होने के कारण उसे अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करना होगा। लेकिन इस बात की पूरी संभावना है कि गठबंधन का नेतृत्व करते हुए गीर्ट वाइल्डर्स प्रधानमंत्री बनेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में अभी 8-10 महीने का समय लगने की संभावना है।

कौन हैं गीर्ट वाइल्डर्स?

गीर्ट वाइल्डर्स एक दक्षिणपंथी डच नेता हैं। वह अपने इस्लाम विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं। वह वर्ष 2004 के बाद से लगातार पुलिस सुरक्षा में रहते हैं। उनके एक बार मोरक्को के लोगों को कूड़ा बोलने पर काफी विवाद हुआ था।

वाइल्डर्स पिछले ढाई दशकों से नीदरलैंड की राजनीति में सक्रिय हैं, वह 1998 के बाद से डच संसद में हैं। उनका ताल्लुक एक सामान्य माध्यम वर्गीय परिवार से है। वह 1981 से 1983 के बीच इजरायल में भी रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मध्य एशियाई देशों की यात्रा की, जिस दौरान उनके इस्लाम विरोधी विचार बने।

वाइल्डर्स को अवैध प्रवासियों के प्रति उनके कठोर रवैए और डच हितों को सबसे आगे रखने के लिए जाना जाता है। उन्होंने जुलाई 2022 में भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा और बांग्लादेशी हिंदुओं का मुद्दा भी डच संसद में उठाया था। उन्होंने अक्टूबर 2022 में भी नूपुर शर्मा के समर्थन में ट्वीट किया था।

गीर्ट वाइल्डर्स ने हिन्दुओं से सहिष्णुता छोड़ने का अपील भी की थी।

डच सांसद ने भारत में हिंदुओं पर हमले की घटनाओं का भी जिक्र किया था। उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा एक हिंदू दर्जी (कन्हैया लाल) का सिर कलम करने की घटना पर भी प्रकाश डाला था।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर भी वे सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय से बांग्लादेश में हिंदू घरों, पूजा स्थलों और दुकानों में आग लगानी वाली घटना पर विचार करने को कहा था। मालूम हो कि 15 जुलाई 2022 को बांग्लादेश में लोहागारा के सहपारा इलाके में कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने हिन्दुओं के एक मंदिर, किराने की दुकान और कई घरों को तोड़ दिया था।

हलाल के नाम पर चल रहा जिहाद, UP की तरह बिहार में भी लगे बैन: गिरिराज सिंह की CM नीतीश कुमार को चिट्ठी, कहा- कारोबार का हो रहा इस्लामीकरण

उत्तर प्रदेश में ‘हलाल प्रोडक्ट्स’ पर बैन लगने के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी अपने प्रदेश बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस कदम को उठाने की माँग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है। उन्होंने इस पत्र में कहा कि हलाल सर्टिफिकेशन और कारोबार के पीछे एक षड्यंत्र चल रहा है। ऐसे में हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स को बिहार में भी बैन करना चाहिए।

अपने पत्र में उन्होंने कहा कि बिहार राज्य में अनेक खाद्य पदार्थों एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों जैसे खाद्य तेल, नमकीन, ड्राई फ्रूट, मिठाइयाँ, कॉस्मेटिक्स, दवाओं एवं मेडिकल उपकरणों का हालात कारोबार हो रहा है जबकि इस प्रकार की सामग्रियों के मानक से संबंधित प्रमाणन के लिए FSSAI जैसे मान ही वैध हैं।

उन्होंने लिखा कि उक्त चीजों में हलाल कारोबार के अंतर्गत जिन चीजों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है, उनका कारोबारी इस्लामीकरण हो रहा है, कुछ संस्थाएँ हलाल सर्टिफिकेट देने की स्वयंभू हो गई हैं और सामान बनाने वाली कंपनियों को मोटी रकम देकर हलाल सर्टिफिकेट दे रही हैं। इस बात की आशंका निराधार नहीं है कि हलाल सर्टिफिकेशन और कारोबार के पीछे एक बड़ा षड्यंत्र है।

उन्होंने पत्र में कहा भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र में हलाल कारोबार न सिर्फ संविधान के खिलाफ है और देशद्रोह भी। एक आँकड़े के अनुसार, पूरे विश्व में हलाल प्रमाणन संबंधी व्यावसायिक गतिविधियों का आकार लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर तक है तथा अर्थव्यवस्था इस स्वरूप के आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने की भी बात प्रकाश में आ रही है, जिसकी गहन जाँच किए जाने की आवश्यकता है।

आगे उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उठाए गए कदम का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे यूपी सरकार ने अंकुश लगाया है वैसे ही बिहार में भी ऐसे ही शक्तियों पर अंकुश लगाया जाए। भाजपा नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र में कहा, “मेरा आपसे अनुरोध है कि बिहार जैसे बड़े राज्य में हलाल उत्पादों के नाम पर चल रहे एक प्रकार के जिहाद के विरूद्ध प्रतिबंध लगाते हुए सख्त कार्रवाई की जाए।”

UP में लगा ‘हलाल’ पर बैन

बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हलाल सर्टिफाइड उत्पादों पर बैन लगा दिया गया था। यूपी सरकार ने तय किया था कि राज्य की सीमा के भीतर हलाल उत्पादों के उत्पादन, वितरण, भण्डारण पर संपूर्ण बैन लागू हो। इसके लिए आधिकारिक तौर पर आदेश भी जारी किया गया था।

उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था हलाल सर्टिफिकेट किसी उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित नहीं है। ऐसे निशान गुणवत्ता को लेकर भ्रम की स्थिति ही पैदा करते हैं। जिन उत्पादों पर इस तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनका उल्लेख राज्य सरकार द्वारा जारी पत्र में साफ तौर पर किया गया है।

महुआगेट के बाद संसद पोर्टल का बदला नियम, अब अपने PA को भी OTP-पासवर्ड नहीं दे सकते सांसद: तृणमूल MP पर कारोबारी को लॉगिन देने का आरोप

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा पर लोकसभा पोर्टल का लॉगिन कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से साझा करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस खुलासे के बाद संसद पोर्टल और इसके एप का नियम बदल दिया गया है। अब सांसद अपने निजी सचिव और सहायक के साथ भी ओटीपी और पासवर्ड साझा नहीं कर सकते।

महुआ मोइत्रा पर पोर्टल की आईडी और पासवर्ड दुबई में रहने वाले कारोबारी हीरानंदानी से साझा करने के आरोप हैं। कथित तौर पर उन्होंने हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर लोकसभा में अडानी समूह के विरुद्ध प्रश्न पूछे थे। इसको लेकर उनके विरुद्ध भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की थी।

महुआ मोइत्रा ने स्वयं स्वीकार किया था कि उन्होंने अपनी संसद पोर्टल की जानकारियाँ हीरानंदानी के साथ साझा की थी। जाँच में यह सामने आया था कि दुबई से 47 बार उनकी आईडी से लॉगिन किया गया। लोकसभा की आचार समिति ने उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है।

इस प्रकरण के बाद लोकसभा सचिवालय ने पोर्टल पर सांसदों के लॉगिन आईडी को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट बताती है कि सचिवालय ने सांसदों के सचिवों (PA) से संसद पोर्टल का एक्सेस ले लिया है। उल्लेखनीय है कि कई सांसद सांसद तकनीकी रूप से बेहद सक्षम नहीं हैं। लिहाजा लॉगिन को लेकर वे अपने सहायकों पर आश्रित रहते हैं। यही कारण है कि अब तक पोर्टल और एप लॉगिन तक उनकी पहुँच थी। लेकिन ताजा बदलावों के बाद अब सांसद के अलावा कोई भी लॉगिन में सक्षम नहीं होगा। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है।

गौरतलब है कि लोकसभा का यह पोर्टल सांसदों के प्रश्न पूछने, नोटिस जमा करने, ईमेल करने और यात्रा सम्बन्धी खर्चों को जमा करने में सहूलियत प्रदान करता है। लेकिन महुआ मोइत्रा पर निजी जानकारी साझा करने का आरोप लगने की वजह से इससे जुड़े नियम सख्त कर दिए गए हैं।

जिसने जिताया क्रिकेट वर्ल्ड कप, उसने ही श्रीलंका को किया शर्मिंदा: बोले राष्ट्रपति- जय शाह से माँगी माफी, पता था ICC हमारे बोर्ड को सस्पेंड करेगी

श्रीलंका के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा, जिनके नेतृत्व में 1996 में श्रीलंका ने वर्ल्ड कप जीता था, उन्होंने हाल में BCCI के सचिव जय शाह पर उल-जुलूल बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जय शाह श्रीलंकाई क्रिकेट बर्बाद कर रहे हैं। हालाँकि उनके बयान पर जब विवाद हुआ तो उन्होंने इसपर माँग ली। उनके बाद वहाँ की सरकार ने भी सॉरी बोला और अब देश के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने भी इस पर बयान दिया है।

उन्होंने फर्स्टपोस्ट को दिए इंटरव्यू में इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा, “जय शाह श्रीलंका का क्रिकेट नहीं देखते। उन्हें बस लगता है कि जय शाह क्रिकेट बोर्ड को सपोर्ट कर रहे हैं। मैंने जय शाह से इस मामले पर बात की और माफी भी माँगी कि इस मामले में उनका नाम घसीटा गया।”

रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंकाई टीम के आईसीसी से बर्खास्त होने पर कहा, “मेरी स्थिति यह है कि कानूनी संस्था जो भी हो, मैं समर्थन करूँगा। यदि यह समूह कानूनी संस्था है तो मैं उनका समर्थन करूंगा। यदि दूसरा समूह कानूनी संस्था है तो मैं उनका समर्थन करूँगा। यदि कोई तीसरा समूह है जो कानूनी निकाय है, तो मैं उनका समर्थन करूँगा। यह मेरे द्वारा तय नहीं किया गया है, यह आईसीसी द्वारा तय किया गया है।”

ICC से श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड बर्खास्त

बता दें कि श्रीलंकाई टीम का सफर वर्ल्ड कप में बेहद निराशाजनक था। टीम को बड़ा झटका तब लगा था जब वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद आईसीसी ने सरकारी हस्तक्षेप के चलते श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड को बर्खास्त कर दिया था। आईसीसी के इस फैसले के बाद अर्जुन रणतुंगा ने बीसीसीआई के सचिव जय शाह पर आरोप लगाया था। वहीं राष्ट्रपति रानिल ने कहा कि उन्हें पता था कि श्रीलंका बोर्ड को सस्पेंड किया जाएगा।

उन्होंने बताया, “बोर्ड ऑफ कंट्रोल पहले ही आईसीसी को लिख चुका था कि श्रीलंका को सस्पेंड किया जाए। नेताओं ने मुझे कई पत्र दिए थे लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा। मगर, मैं जानता था कि श्रीलंका को आईसीसी सस्पेंड कर देगा।” राष्ट्रपति बोले कि वो लोग कोर्ट से फैसले के इंतजार में है। जैसे ही ऐसा होगा वो लोग आईसीसीसे से बात करेंगे कि श्रीलंका को भी मैच होस्ट करने दिया जाए।

वह बोले, “जहाँ तक ​​क्रिकेट बोर्ड का सवाल है, मंत्रियों की एक समिति उनके पास जा रही है, जो कानून की सिफारिश करेगी। उन्होंने बोर्ड के सदस्यों के साथ-साथ अंतरिम समिति के सदस्यों से भी बात की है, लेकिन मैं ऐसा कानून लाना चाहता हूँ जो मंत्री की हस्तक्षेप करने और राजनीति में दखल देने की शक्ति छीन लेगा।”

रणतुंगा की किस टिप्पणी पर हुआ था विवाद?

अर्जुन रणतुंगा ने कहा था, “जय शाह श्रीलंका क्रिकेट को चला रहे हैं। जय शाह के दबाव के कारण श्रीलंका क्रिकेट बर्बाद हो रहा है। भारत में एक आदमी श्रीलंकाई क्रिकेट को बर्बाद कर रहा है। वह केवल अपने पिता के कारण शक्तिशाली हैं, जो भारत के गृह मंत्री हैं।”

उनके इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद अब श्रीलंकाई सरकार को माफी माँगनी पड़ी है। इस बारे में शुक्रवार (17 नवंबर 2023) को संसद में बात करते हुए श्रीलंका के मंत्री हरिन फर्नांडो और कंचना विजेसेकरा ने रणतुंगा के उस बयान को लेकर खेद व्यक्त किया।

श्रीलंका सरकार के दोनों मंत्रियों ने कहा कि श्रीलंका में जो कुछ भी चल रहा है, उसकी जवाबदेही स्थानीय प्रशासकों की है, न कि बाहरी लोगों की। संसद में मंत्री कंचना विजेसेकरा ने कहा, “हम एक सरकार के रूप में एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष जय शाह के प्रति अपना खेद व्यक्त करते हैं। हम अपने संस्थानों की कमियों के लिए जय शाह या अन्य देशों पर अंगुली नहीं उठा सकते।”

वहीं, पर्यटन मंत्री फर्नांडो ने आईसीसी से इस बैन को हटाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आईसीसी के इस बैन से देश पर असर पड़ेगा, क्योंकि अगले साल अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का आयोजन होना है। अगर ये बैन जारी रहा तो कोई भी देश श्रीलंका का दौरा नहीं करेगा और श्रीलंकाई क्रिकेट को आईसीसी से कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसकी वजह से श्रीलंका में क्रिकेट के प्रबंधन की कमर टूट जाएगी।

गुरुद्वारे पर कब्जे को लेकर भिड़े निहंग गुट, फायरिंग में पुलिस कॉन्स्टेबल की मौत: पंजाब के कपूरथला की घटना

पंजाब के कपूरथला जिले के एक गुरुद्वारा पर मालिकाना हक को लेकर बुधवार (22 नवंबर 2023) की रात निहंग सिखों के दो समूहों में झड़प हो गई। इस दौरान मौके पर पहुँची पुलिस बल पर एक निहंग सिख ने फायरिंग कर दी। इसमें एक कॉन्सटेबल की मौत हो गई। वहीं 5 अन्य पुलिस वाले घायल हो गए।

घटना के बाद इस इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने अब तक निहंग समूह के 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब लगभग तीन दर्जन निहंगों ने गुरुद्वारा अकालपुर बुंगा में घुस कर कब्जा करने की कोशिश की। दूसरे निहंग समूह ने इसका विरोध किया। इससे दोनों निहंग समूहों के बीच झड़प हो गई।

कपूरथला एसपी तेजबीर सिंह हुंडाल के मुताबिक, “सुल्तानपुर लोधी इलाके के इस गुरुद्वारे पर जब पुलिस पहुँची और परिसर खाली करने को कहा तो निहंगों ने फायरिंग कर दी। इससे वहाँ तनाव का माहौल बन गया।” गुरुद्वारा परिसर को खाली कराने के दौरान एक निहंग सिख की फायरिंग में एक पुलिस कॉन्सटेबल की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए।

बताते चले कि निहंग सिख योद्धाओं का एक समूह है। ये अपनी उत्पत्ति सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह के 1699 के खालसा निर्माण से हुई मानते हैं। ये नीले कपड़े और सजी हुई पगड़ी पहनते हैं। ये अक्सर अपने साथ तलवार और भाले जैसे हथियार रखते हैं।

निहंगों ने इस तरह का रवैया पहली बार नहीं दिखाया है। इस साल जुलाई में लुधियाना के गाँव जरखड़ के गुरुद्वारा मंजी साहिब की गोलक पर कब्जा करने के लिए फायरिंग की गई थी। इससे पहले निहंग प्रदर्शनकारियों ने 2020 में कोविड लॉकडाउन के दौरान पटियाला के एक पुलिस अधिकारी का हाथ काट दिया था।

‘ओवैसी भाइयों का जीजा है टी राजा सिंह, उसका नाम सुन इनका पेशाब निकलता है’: हैदराबाद के बुजुर्ग ने AIMIM नेता की टोपी उछाली

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) की जमीन हैदराबाद में खिसकती दिख रही है। मुस्लिमों का ही एक बड़ा वर्ग ओवैसी बंधुओं (अकबरुद्दीन ओवैसी और असदुद्दीन ओवैसी) की खिलाफत कर रहा है। उन पर भाजपा विधायक टाइगर राजा सिंह से खौफ खाने और मुस्लिमों से धोखे का आरोप लगा रहा है।

सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बुजुर्ग कह रहे हैं कि टी राजा सिंह ओवैसी भाइयों का जीजा है। उनका नाम सुनकर दोनों भाइयों की पेशाब निकल जाती है। यह वीडियो फेसबुक पर ट्रुथ ऑफ़ मिरर(Truth Of Mirror) नाम के चैनल ने अपलोड किया है। इसे अब तक 1 लाख से अधिक लोग बार देखा जा चुका है।

इस वीडयो में टोपी पहने हुए बुजुर्ग कहते हैं, “मामू (मुख्यमंत्री केसीआर) भी चोर है, भांजा (ओवैसी) भी चोर है। नकटा मामू, चपटा भांजा है ये। ये लोग मोदी के चरण छूते हैं।” वे ओवैसी पर 1 लाख बोगस वोटर बनवाने का आरोप भी लगाते हैं।

आगे बुजुर्ग कहते हैं, “हैदराबाद का सबसे बड़ा गुंडा, गुंडों का चेयरमैन ओवैसी है। हैदराबाद में जितने भी मर्डर होते हैं, उनके मर्डरर जाकर ओवैसी का हाथ चूमते हैं। उनके खिलाफ कोई कुछ बोलता है तो उसके गुंडे घरों पर आ जाते हैं।”

तेलंगाना में सत्ता परिवर्तन पर इस बुजुर्ग का कहना है, “कॉन्ग्रेस की अम्मा सोनिया गाँधी है, वो (असदुद्दीन ओवैसी) अम्मा का दूध पीते हुए UPA-1, UPA-2 में था, राजशेखर रेड्डी (आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री) की धोती कौन धोता था, किरण कुमार कॉन्ग्रेस का सीएम, उसकी धोती कौन धोता था, असदुद्दीन ओवैसी।”

हैदराबाद की गोशामहल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक टाइगर राजा सिंह पर बोलते हुए इस व्यक्ति ने कहा, “असदुद्दीन के क्षेत्र में एक हल्का है गोशामहल। उसके अन्दर बीजेपी का एक MLA है राजा सिंह। वो इनसे बोलता पान खाकर, मैं तेरे घर को आता हूँ। लड़ता नहीं उसके खिलाफ। उसके खिलाफ उम्मीदवार नहीं खड़ा करता। राजा सिंह का नाम सुन असदुद्दीन का पेशाब निकल जाता है। असदुद्दीन और राजा सिंह मिले हैं। दोनों साले-बहनोई हैं। राजा सिंह कहता है, मैं तुम्हारा जीजा हूँ, तुम दोनों भाई मेरे साले।”

इस व्यक्ति ने केसीआर और ओवैसी पर मुस्लिमों पर धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहाँ ओवैसी अनुच्छेद 370 हटाने और UAPA जैसे कानूनों का विरोध करते हैं, वहीं केसीआर की भारत राष्ट्र समिति उनका समर्थन करती है। उन्होंने केसीआर पर अपनी बेटी के कविता को ED से बचाने के लिए भाजपा से समझौते का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि केसीआर ने अपनी बेटी को शराब घोटाला में ED से बचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से समझौता कर लिया। भाजपा और BRS यहाँ मिल कर चुनाव लड़ रही है और ओवैसी भी इसी में साथ हैं।

गौरतलब है कि तेलंगाना में 30 नबम्बर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। कई मुस्लिम समूहों ने इस बार कॉन्ग्रेस को समर्थन दिया है। ओवैसी बंधु केसीआर की पार्टी BRS के साथ गठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ रहे हैं।

अच्छा हुआ भारत वर्ल्ड कप हारा… वरना क्रिकेट की हार होती: पाकिस्तानी क्रिकेटर (पूर्व) अब्दुल रज्जाक, ऐश्वर्या राय को भी इसी ने दी थी ‘गाली’

वर्ल्ड कप 2023 की ट्रॉफी टीम इंडिया के हाथ से निकलने के बाद जहाँ पूरा भारत दुखी है वहीं पाकिस्तान में इस बात की खुशी मनाई जा रही है। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर अब्दुल रज्जाक जो पिछले दिनों कई कारणों से विवाद में रहे उन्होंने टीम इंडिया की हार पर कहा है कि अच्छा हुआ भारत हारा। उनके मुताबिक अगर ऐसा नहीं होता तो पूरा क्रिकेट इंडिया की ओर हो जाता और क्रिकेट हार जाता।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए वर्ल्ड कप खेल के नतीजे आने के बाद अब्दुल रज्जाक ने एक पाकिस्तानी शो ‘हँसना मना है’ पर यह बात कही। 1:37 सेकेंड के बाद रज्जाक को कहते सुना जा सकता है-

“सच बात कहें तो आज क्रिकेट की जीत हुई है। उन्होंने परिस्थितियों को अपने हिसाब से इस्तेमाल किया। अगर आज इंडिया जीत जाती तो फिर क्रिकेट की हार होती। क्रिकेट ने आज बताया है कि मैं वो क्रिकेट हूँ जो बहादुर होते हैं, जो ताकतवर होते हैं, मानसिक रूप से जान लगाते हैं मैं उनके साथ हूँ। खुशी इस बात की है कि अगर आज इंडिया जीत जाती तो हमें बहुत ज्यादा अफसोस होता क्योंकि वो परिस्थितियों का इस्तेमाल कर रही थी।”

अब्दुल रज्जाक शो में दिखाने की कोशिश करते हैं जैसे कुछ गड़बड़ पिचों में थी। वह कहते हैं कि बिलकुल फेयर पिच होनी चाहिए। दोनों टीमों के लिए बैलेंस होना चाहिए। आज भी भारत ने फायदा लिया, अगर कोहली 100 रन मार देते तो भारत विश्व कप जीत जाता। और अगर भारत जीत जाता तो ये खेल के लिए बहुत दुखद क्षण होता। उन्होंने परिस्थितियों का इस्तेमाल अपने हिसाब से किया।

रज्जाक ने कहा- “मैंने पहले कभी इतनी खराब पिच आईसीसी के फाइनल के लिए नहीं देखी। क्रिकेट के लिए यह अच्छा है कि भारत हार गया।”

बता दें कि भारत ऑस्ट्रेलिया फाइनल मैच में टीम इंडिया ने 240 रन बनाए थे। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने 42 गेंद शेष रहने पर लक्ष्य को पा लिया था। ट्रैविस हेड ने 120 गेंदों का सामना करते हुए 137 रनों की पारी खेली थी। जबकि भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (47रन) और विराट कोहली (54 रन) पर आउट हो गए थे।

अब्दुल रज्जाक ने महिलाओं पर की अभद्र टिप्पणियाँ

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर अब्दुल रज्जाक पिछले दिनों अभिनेत्री ऐश्वर्या राय पर भद्दी टिप्पणी करने और उसके बाद उसके लिए माफी माँगने की वजह से चर्चा में थे। उनकी कई वीडियोज वायरल हुई थीं जिसमें वो महिलाओं के बारे में बोलकर अपनी दूषित सोच का प्रमाण दे रहे थे। उन्होंने पाकिस्तानी क्रिकेटर निदा डार के ऊपर तंज कसा था और एक शो में कहा था कि निकाह के बाद उनके 5-6 संबंध रहे हैं।

चीन ने एक ही प्रान्त में 1300 मस्जिदों को कर दिया बंद: किसी को मिट्टी में मिलाया तो किसी को घोषित किया अवैध, बोली कम्युनिस्ट सरकार – नहीं सहेंगे कट्टरवाद

चीन सैकड़ों मस्जिदों को बंद कर रहा है। ये तो मस्जिदों के स्वरूप को ही बदल दिया जा रहा है, या उन्हें बंद कर दिया जा रहा है। निंगजिया और गांसु प्रांतों में ये कार्रवाई की जा रही है। शिनजियांग के बाद चीन की सबसे बड़ी मुस्लिम जनसंख्या यहीं रहती है। वहाँ मजहबी अल्पसंख्यकों के चीनीकरण’ के क्रम में ये सब किया जा रहा है। ‘ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW)’ के शोधकर्ताओं ने कहा है कि चीन के इन क्षेत्रों में मस्जिदों की संख्या एकदम से घट गई है। 2016 में शी जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही इस तरह की कार्रवाइयाँ चालू है।

अप्रैल 2018 में ही एक आदेश जारी कर के कहा गया था कि चीन को ऐसी मजहबी इमारतों को ध्वस्त करने पर जोर देना चाहिए और इनके निर्माण की गति कम होनी चाहिए। 2019 और 2021 के बीच सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों की जाँच के दौरान पता चला कि कई मस्जिदों के गुम्बद और मीनारें ही गायब हैं। 3 की तो मुख्य इमारत को ही जमींदोज कर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया है कि अकेले निंगजिया प्रांत में ही 1300 मस्जिदों को बंद कर दिया गया है।

2020 से पहले जो हुआ, उनके तो आँकड़े भी उपलब्ध नहीं हैं। झोंगवेई में 2019 में 214 मस्जिदों को बंद किया गया था। 58 के साथ छेड़छाड़ की गई थी और 37 को अवैध बता कर प्रतिबंधित कर दिया गया था। जिन्गुई में 130 इस्लामी संरचनाओं को ‘ठीक’ किया गया था। मस्जिदों के साथ छेड़छाड़ का अर्थ ये है कि 2.5 किलोमीटर की दूरी पर मस्जिद हैं तो उन्हें आपस में मिला दिया जाता है। मुस्लिमों की नई पीढ़ी अपने मजहब में रुचि न रखे, इसीलिए ये सब किया जा रहा है।

HRW का कहना है कि चीन में व्यवस्थागत तरीके से इस्लाम को खत्म किया जा रहा है। इस पर चीन सरकार का कहना है कि देश में हर मजहब को मानने की अनुमति है, लेकिन कानून के पालन के साथ। साथ ही चीन सरकार ने स्पष्ट किया है कि कट्टरवाद को नहीं बख्शा जाएगा। इसी तरह शिनजियांग में 16,000 में से 65% मस्जिदों को बंद कर दिया गया है। इसी तरह युन्नान प्रान्त में मई 2023 में सैकड़ों मुस्लिमों के प्रदर्शन को दबा दिया गया था।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पहुँचने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे नरेंद्र मोदी: ब्रज रज उत्सव का बनेंगे हिस्सा, मनेगी मीराबाई की 525वीं जयंती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी गुरुवार 23 नवंबर, 2023 को श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा का दौरे पर होंगे। वो वहाँ जाने वाले देश के पहले पीएम होंगे। उनके स्वागत और आगवानी के लिए वहाँ तैयारियाँ जोर-शोर से हो रही है। दरअसल, पीएम मोदी वहाँ करीब तीन घंटे रहेंगे। वहीं CM योगी वहाँ प्रधानमंत्री की आगवानी करेंगे।

माना जा रहा है कि अयोध्या और काशी के बाद पीएम का फोकस अब मथुरा पर है। उनके दौरे से पहले वहाँ बुधवार (22 नवंबर, 2023) को एसपीजी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके लिए वहाँ पुलिस और पीएसी के 4 हजार जवानों की तैनाती की गई।

गौरतलब है पीएम का ये दौरा वहाँ ऐसे वक्त में हो रहा है जब यूपी की योगी आदित्यनाथ वाली बाँके बिहारी मंदिर के कॉरिडोर निर्माण को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार (21 नवंबर, 2023) को हरी झंडी दिखाई है। इस आदेश के बाद अब इस कॉरिडोर की राह में आने वाले अतिक्रमण को हटाने का रास्ता साफ़ हो गया है।

कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण के मुताबिक, पीएम पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि दर्शन करने जाएँगे। इसके बाद ब्रज रज उत्सव में जाएँगे। उनका शाम 4 बजे तक मथुरा पहुँचने और करीब सवा 6 बजे वापस जाने का कार्यक्रम है।

वहीं मथुरा के डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह के मुताबिक, पीएम के बाँके बिहारी के दर्शन करने की पूरी संभावना है। पीएम का हेलीकॉप्टर आर्मी हेलीपैड पर उतरने के बाद वो वहाँ से सीधे बाँके बिहारी के दर्शन को जा सकते हैं।

इस दौरे के दौरान पीएम मोदी का ब्रज रज उत्सव रेलवे ग्राउंड में बने मंच से करीब 40 मिनट का संबोधन भी होगा। पीएम के वहाँ मीराबाई की 525वीं जयंती पर प्रशासन द्वारा तैयार कराई गई करीब 5 मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी देखने का कार्यक्रम भी है।

इसके बाद पीएम सांसद हेमा मालिनी की उनके ग्रुप के साथ मीराबाई के जन्मोत्सव पर दी जाने वाली नाट्य प्रस्तुति भी देखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के रेलवे ग्राउंड में ब्रजरज मेला उत्सव में रहने के दौरान वहाँ के आसपास के घरों की छतों पर स्नाइपर की तैनाती की गई है।

पीएम के मथुरा दौरे से पहले एडीजी आगरा जोन अनुपमा कुलश्रेष्ठ और आगरा मंडल कमिश्नर ऋतु माहेश्वरी ने सुरक्षाकर्मियों के साथ ब्रिफिंग भी की। वहीं पीएम के स्वागत के लिए मथुरा के चौराहों को लाइटिंग और फूलों से सजाया गया है। नगर निगम धूल और प्रदूषण से बचाव के लिए सड़कों की धुलाई के साथ पानी की बौछारें कर रहा। मथुरा में सड़क किनारे पेंटिंग भी की गई है।