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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सिलयों के हमले में जवान के पैर के चीथड़े उड़े, दूसरे को लगे छर्रे: बस्तर सुरक्षाबलों ने 10 किलो का IED किया निष्क्रिय

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने IED ब्लास्ट किया है, जिसमें बस्तर फाइटर्स के दो जवान घायल हो गए हैं। इनमें से एक हालत गंभीर है और उसे इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से राजधानी रायपुर भेजा गया है। वहीं, दूसरे जवान का इलाज दंतेवाड़ा के जिला अस्पताल में हो रहा है। इससे पहले बस्तर में सुरक्षाबलों ने 10 किलोग्राम IED बरामद किया था।

दरअसल, बस्तर फाइटर्स के जवान अरनपुर से जगरगुंडा के बीच बन रही सड़क की सुरक्षा में निकले थे। इसके बाद घात लगाए नक्सलियों ने जवानों को देखकर हमला कर दिया। IED प्रेशर बम की चपेट में आने से एक जवान के पैर के चीथड़े उड़ गए हैं। घायल जवान का नाम रौशन बताया जा रहा है। वहीं, दूसरा जवान घायल है।

ये जवान मंगलवार (21 नवंबर 2023) को इलाके में निकले थे और बुधवार (22 नवंबर 2023) को वापसी के दौरान यह घटना हुई। अभी कामरगुड़ा से जगरगुंडा के बीच बची हुई पाँच किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। नक्सली सड़क के काम को प्रभावित करने के लिए IED विस्फोट करके जवानों को निशाना बना रहे हैं।

इस सड़क पर नक्सली पहले भी कई बार हमला करके जवानों को नुकसान पहुँचा चुके हैं। नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में नक्सली जवानों को निशाना बनाने के लिए रास्तों पर जगह-जगह IED प्लांट कर नुकसान पहुचाने की कोशिश करते रहते हैं। कामरगुडा के अलावा, नक्सलियों ने यह हमला दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा पर किया है।

दरअसल, मंगलवार को ही सुरक्षाबलों ने बस्तर में नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए 10 किलोग्राम के कमांड IED के निष्क्रिय कर दिया था। किरंदुल थाना क्षेत्र के लोहा गाँव पहाडी, धोबी घाट और 11c माइनिंग के पास IED की सूचना बस्तर फाइटर्स जवान को मिली थी। इसे दंतेवाड़ा BDS और सीआईएसएफ किरंदुल की टीम ने मौके पर पहुंचकर निष्क्रिय कर दिया।

घटनास्थल पर नक्सलियों ने 5 किलोग्राम का एक नग, 2 किलोग्राम के 2 नग और 1 किलोग्राम का 1 नग यानी कुल 10 किलोग्राम का कमांड IED लगा रखा था। बताया जा रहा है की CISF की एक पार्टी इलाके में गश्त के लिए निकली थी। धोबी घाट और 11c mining जाने वाले तिराहा के आगे लोहा गाँव जाने वाले रास्ते में पहाड़ी पर सुरक्षाबलों को जमीन से ऊपर उठे हुए कुछ तार दिखे।

इसके बाद सुरक्षाबलों की सतर्क हो गई। उसने इस संबंध में दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी। इस पर CISF पार्टी एवं BDS दंतेवाड़ा की टीम मौके पर पहुँच गई इलाके का निरीक्षण कर IED को निष्क्रिय कर दिया। हालाँकि, बुधवार की शाम होते-होते एक अन्य जगह पर दो सुरक्षाबल नक्सलियों की व्यूह में फँसकर घायल हो गए।

मंगलवार (21 नवंबर 2023) को नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में भी एक IED ब्लास्ट किया था। इस ब्लास्ट में एक ग्रामीण बुरी तरह झुलस गया था। उसे बेहतर इलाज के लिए तेलंगाना के भद्राचलम में रेफर किया गया है।

Mcdonald’s के आउटलेट पर छापा, हलाल सर्टिफिकेट वाले कई आइटम जब्त: यूपी में बैन के बाद शुरू हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई, सारे आउटलेट्स पर पड़ेगी रेड

उत्तर प्रदेश में हलाल प्रमाण-पत्र वाले उत्पादों पर लगे प्रतिबंध का अब असर दिखने लगा है। यूपी की राजधानी लखनऊ में Mcdonald’s के आउटलेट में छापेमारी की गई है। इसका कारण ये है कि मैकडोनाल्ड में हलाल प्रमाण-पत्र वाले उत्पादों का इस्तेमाल किया जा रहा था। बुधवार (22 नवंबर, 2023) को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वहाँ छापेमारी की। उस दौरान वहाँ से रैपर बेस बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल पिज्जा बनाने में किया जा रहा था।

FSDA (फ़ूड सेफ्टी एन्ड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन) विभाग की टीम ने सारे सामान को जब्त किया। सीज किए जाने की कार्रवाई के दौरान सहायक आयुक्त ने जानकारी दी कि अब Mcdonald’s के सारे आउटलेट पर टीमों को भेज कर जाँच कराई जा रही है कि कहाँ-कहाँ हलाल सर्टिफिकेट वाले उत्पादों का इस्तेमाल किया जा रहा है। गोमती नगर, अलीगंज, विकास नगर, महानगर, आलमबाग, ठाकुरगंज, चौक और रायबरेली रोड पर जाँच के लिए टीमों को भेजा गया है।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने हलाल उत्पादों के क्रय-विक्रय और संग्रहण पर रोक लगाई हुई है। हजरतगंज कोतवाली में ऐसी कंपनियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है, साथ ही कई जगहों पर छापे पड़े हैं। FSDA जल्द ही एक फोन नंबर भी जारी करेगा, जहाँ कॉल कर के आम लोग भी हलाल संबंधित सूचनाएँ दे सकते हैं। इन सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मैकडोनाल्ड से टॉर्टिला रैप के 68 पैकेट सीज किए गए हैं।

साथ ही बंथरा करौली स्थित ब्लिंकिट स्टोर में साल्टेड बादाम, पार्टी स्नैक और मिक्स वेजीटेबल के पैकेटस जब्त किए गए हैं। अन्य जिन स्थानों पर छापेमारी हुई है, वो हैं – गोमती नगर स्थित स्पेंसर्स रिटेल फन मॉल, रुचि खंड आशियाना स्थित ग्रोसर्स स्टोर, रिलायंस स्टोर, अशरफ जनरल स्टोर, श्याम प्रोविजन स्टोर, राजू किराना स्टोर, नारायण प्रोविजन स्टोर सुभाष तेल और निशातगंज स्थित वनस्पति स्टोर, इंदिरानगर का आल अबाउट डिजर्ट, बृजवासी बेकरी, भपटामऊ का श्री जनरल स्टोर, आलमबाग स्थित मुकेश डिपार्टमेंटल स्टोर, गोल्डन बेकरी, कृष्णानगर का स्मार्ट प्वाइंट, चंदर नगर स्थित शकूजा मार्ट और हजरतगंज का केशव स्टोर।

कश्मीर में भारतीय सेना के 3 जवान बलिदान! घने जंगल वाले इलाके में सुरक्षा बलों ने आतंकियों से मुठभेड़, ड्रोन और हेलीकॉप्टर से रखी जा रही नज़र

जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों के साथ सुरक्षा बलों की मुठभेड़ में भारतीय सेना के दो अधिकारियों और एक जवान के बलिदान होने और एक मेजर के घायल होने की खबर है। वहीं मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को ढेर कर दिया है। घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान धर्मसाल के बाजीमल इलाके में मुठभेड़ के दौरान यह हादसा हुआ। दरअसल, जंगली इलाका होने के चलते सुरक्षा बलों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षाबलों ने मौके पर दो आतंकियों को घेर लिया है। बताया  जा रहा है कि धर्मसाल के बाजीमाल इलाके में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई।  जो अभी भी जारी है। 

अभी भी जारी है मुठभेड़

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुबह से जारी इस मुठभेड़ में भारतीय सेना के दो अधिकारी और एक जवान बलिदान हो गए हैं। इनमें राष्ट्रीय राइफल के एक कैप्टन, स्पैशल फोर्स के एक कैप्टन और एक जवान शहीद हुए हैं। वहीं सेना के एक मेजर गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें तुरंत हेलीकॉप्टर के जरिए सेना के कमान अस्पताल उधमपुर ले जाया गया है। जहाँ उनका इलाज चल रहा है। 

घने जंगलों में छिपे हैं आंतकी

दरअसल, राजौरी के कालाकोट थाने के अंतर्गत गाँव बाजी के जंगलों में दो से तीन आतंकियों के छिपे होने का इनपुट सुरक्षा बलों को मिला था। इस इनपुट के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान ही आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी जिस के बाद उस इलाके में मुठभेड़ शुरू हुई। 

ड्रोन और हेलीकॉप्टर से रखी जा रही नजर

इस ऑपरेशन में सुरक्षाबल ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से इलाके में आतंकवादियों पर नजर रखे हुए हैं। लेकिन जंगल का इलाका होने की वजह से सुरक्षाबलों के लिए यह जगह बड़ी चुनौती है। दोनों ओर से गोलबारी हो रही है।  बता दें कि तीन दिन पहले राजौरी के बुद्धल गाँव में सुरक्षाबलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया था जिसके बाद लगातार तलाशी अभियान चल रहा था। 

सतारा में गोरक्षकों पर पशु तस्करों का हमला; हिन्दू संगठन के सदस्य को घोंपी गई चाकू… फर्जी कागजात से हो रही थी मवेशियों की तस्करी

महाराष्ट्र के सतारा जिले में 20 नवंबर 2023 (सोमवार) को वाघेश्वर अडाके नाम के एक 29 वर्षीय गोरक्षक पर गोतस्करों ने हमला कर दिया। हमलावर एक ट्रक में 35-40 भैंसों को वध के लिए ले जा रहे थे। इस हमले में चाकू का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने इस मामले में 2 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज की है। ऑपइंडिया की पड़ताल में आरोपितों द्वारा इस्तेमाल ट्रक किसी तौफीक कुरैशी के नाम पर रजिस्टर्ड मिला।

शिकायत के अनुसार, घटना सोमवार (20 नवंबर 2023) सुबह करीब 10:30 बजे की है। तब सतारा जिले के फलटन इलाके में गोरक्षकों को अवैध कटान के लिए पशुओं को ले जा रहे एक वाहन की सूचना मिली। इसी सूचना पर बजरंग दल के सदस्यों ने ट्रक (एमएच 23 डब्ल्यू 2670) को रोका और पाया कि उसमें 35-40 भैंसों को अमानवीय तरीके से ठूंस कर भरा गया था।

अभी हिन्दू संगठन के सदस्य इस घटना के बारे में पूछताछ ही कर रहे थे कि पंढरपुर की ओर से एक सफेद स्विफ्ट कार (एमएच 10 सीए 2876) घटनास्थल पर पहुँची। इस कार में सवार लोगों ने हिन्दू संगठन के सदस्यों को गालियाँ देते हुए उनसे धक्का-मुक्की शुरू कर दी। कार सवार लोगों ने पशुओं के काटने का लाइसेंस होने का दावा करते हुए चाकू निकाल ली और हमला बोल दिया।

यह चाकू बाघेश्वर अंकुश आडके की बाँह पर जा लगा। हमले के बाद सभी हमलावर कार से फरार हो गए। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। ऑपइंडिया से बातचीत में स्थानीय हिंदू संगठन के सदस्य अक्षय तवरे ने बताया कि पशुओं को ले जा रहा ट्रक तौफीक इम्तियाज कुरैशी के नाम पर रजिस्टर्ड था।

FIR Copy

जाँच में यह भी निकलकर आया कि तौफीक को मिले लाइसेंस में पशुओं को ले जाने और ले आने के लिए अधिकतम सीमा 10 तय की गई। हालाँकि, ट्रक में इसके 4 गुना अधिक भैंसे भरी हुई थीं। अक्षय ने दावा किया कि आरोपित कुरैशी ने अपने लाइसेंस को 10 साल के लिए वैलिड बताने के लिए फर्जी कागजात दिखाए, जबकि 2016 में बना लाइसेंस भी महज 1 साल के लिए ही वैध था।

पीड़ित अक्षय ने हमें बताया कि गायों के साथ अन्य मवेशियों को बचाने के लिए उस क्षेत्र में गोरक्षकों को आए दिन हिंसा का शिकार होना पड़ता है। 3 माह के अंदर उस इलाके में यह गोरक्षकों पर यह दूसरा हमला है। ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक बाघेश्वर अंकुश को चाकू मारने वाले आरोपितों को पुलिस ने हिरासत में ले कर पूछताछ शुरू कर दी है।

जब हमने ट्रक और पशु कटान के लाइसेंस में हुए फर्जीवाड़े पर बात की तो पुलिस अधिकारी ने इसकी जाँच PSI सागर अरगडे द्वारा किए जाने की जानकारी दी। हमने PSI को भी सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। PSI का वर्जन आने पर उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

इस खबर को सिद्धि सोमानी ने मूलतः अंग्रेजी वेबसाइट पर लिखा है। विस्तार से पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

भारत ने फिर से शुरू की कनाडा के लिए ई-वीजा सर्विस: G-20 के वर्चुअल सम्मेलन से पहले मोदी सरकार का फैसला, खालिस्तानियों के कारण बिगड़े थे संबंध

भारत ने कनाडा के नागरिकों के लिए बुधवार (22 नवंबर, 2023) को E-Visa (इलेक्ट्रिक वीजा) सर्विस फिर से शुरू कर दी है। दरअसल, भारत ने बीते दो महीनों से ये सेवा बंद कर रखी थी। दरअसल, भारत ने कनाडा के खिलाफ ये कार्रवाई पीएम जस्टिन ट्रूडो के वहाँ की संसद में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत का हाथ होने की बात कहने के बाद लिया था।

कनाडाई पीएम के इस बयान के बाद से ही दोनों देशों के राजनियक रिश्तों में तनाव चल रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हो रहे G-20 के वर्चुअल सम्मेलन के मौके पर ये खबर आना भारत की तरफ से दिया गया एक अच्छा संकेत समझा जा रहा है।

इस समिट में कनाडाई पीएम ट्रूडो भी शिरकत कर रहे हैं। भारत की तरफ से कनाडा के लिए ई-वीजा सेवाओं को बहाल करने का कदम दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

ओटावा ने भारत के इस फैसले को कनाडा के लोगों के लिए अच्छी खबर के तौर पर स्वागत किया है। गौरतलब है कि इससे पहले बीते महीने भारत सरकार ने कनाडा के नागरिकों पर E-Visa पर लगाए एक महीने के प्रतिबंध के बाद कुछ श्रेणियों की वीज़ा सेवाओं को फिर से बहाल किया था। इनमें प्रवेश वीज़ा, बिजनेस वीज़ा, मेडिकल वीज़ा और कॉन्फ्रेंस वीज़ा श्रेणियाँ शामिल थीं।

भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक, कनाडा में 1 लाख 78 हजार 410 NRI रहते हैं और 15 लाख, 10 हजार 645 भारतीय मूल के लोग यानी पीआईओ रहते हैं।

कनाडा के नागरिकों के लिए ई वीजा फिर से बहाल करने से कनाडा की नागरिकता ले चुके भारतीयों के लिए भारत आने में सहूलियत हो जाएगी। इन लोगों को वीजा लेकर ही भारत आने की इजाजत है। कनाडा से भारत आने वाले कनाडाई लोगों के लिए भी ये राहत की खबर हैं।

गौरतलब है कि भारत और कनाडा राजनयिक विवाद जून में शुरू हुआ था। तब ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात हमलावरों ने खालिस्तानी आंतकी हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद ही कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बगैर किसी सुबूत के संसद में भारत सरकार के एजेंटों और निज्जर की हत्या के बीच संबंध होने का आरोप लगाया था।

मदरसे के हाफिज ने 8 साल की बच्ची से किया रेप, मिली आजीवन कारावास और ₹50 हजार जुर्माने की सजा: 13 दिन में चार्जशीट और 40 दिन में फैसला

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले की एक अदालत ने मंगलवार (21 नवंबर 2023) को 8 साल की नाबालिग बच्ची से रेप करने वाले हाफिज इरफ़ान को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका है। जुर्माने की राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के तौर पर दी जाएगी। आरोपित एक मदरसे में बच्चों को दीनी तालीम देता था। सजा सिर्फ 40 दिनों में सुनाई गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाफिज इरफ़ान का मामला मुज़फ्फरनगर के पॉक्सो स्पेशल कोर्ट में सुना गया। सुनवाई सेशन जज बाबूराम ने की। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। इसके अगले दिन इरफ़ान की सजा पर बहस हुई। सुनवाई के महज 40 दिनों के अंदर सोमवार को ही अदालत ने हाफिज इरफ़ान को दोषी करार दे दिया था।

इस दौरान हाफिज इरफान के वकील ने कोर्ट से रहम की अपील की। वहीं, अभियोजन पक्ष ने हाफिज के कृत्य को बेहद गंभीर बताते हुए उसके लिए फाँसी की माँग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मदरसा टीचर को उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हाफिज इरफ़ान पर तल्ख़ टिप्पणी भी की। कोर्ट ने कहा कि अगर शिक्षण संस्थान का शिक्षक ही ऐसी हरकत करेगा तो आगे से कोई भी अपनी बेटियों को वहाँ पढ़ने के लिए नहीं भेजेगा। अदालत ने आगे कहा कि अगर ऐसे मामले में दोषियों पर रहम किया गया तो समाज में गलत संदेश जाएगा और लोगों का शिक्षकों पर से विश्वास कम होगा।

क्या था मामला

यह घटना 23 सितंबर 2023 की है। पीड़िता की माँ ने थाना बुढ़ाना में अपनी बच्ची के साथ दुष्कर्म की FIR दर्ज करवाई। FIR में मदरसे में दीनी तालीम देने वाले हाफिज इमरान को नामजद किया गया था। पीड़िता की माँ ने अपनी शिकायत में बताया था कि इरफ़ान ने उसकी बेटी को झाड़ू लगाने के बहाने कमरे में बुलाकर दुष्कर्म किया था। इससे बच्ची बेहोश गई।

हाफिज पीड़िता को मरा समझकर वहाँ से भाग गया। घटना के बाद पीड़िता बेहतर इलाज के लिए 7 दिनों तक मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती रही थी। पुलिस ने इस घटना में मात्र 13 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। चार्जशीट IPC की धारा 376 व पॉक्सो एक्ट में दाखिल हुई थी। हाफिज को तब से जमानत नहीं मिली और वो जेल में ही रहा। वहीं, इस मामले में कोर्ट ने 40 दिन में सजा सुना दी है।

‘मेरी HMT चोरी की Rolex से बेहतर है’: जय अनंत देहाद्राई ने तस्वीर से पूर्व पार्टनर महुआ मोइत्रा पर साधा निशाना, TMC नेता ने कसा तंज तो मिला करारा जवाब

पिछले कुछ सप्ताह से अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई और तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा के बीच का विवाद सुर्ख़ियों में बना हुआ है। अब जय अनंत देहाद्राई ने एक तस्वीर शेयर कर के टीएमसी सांसद पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर HMT कंपनी की घड़ी पहने हुए तस्वीर शेयर की और लिखा, “मेरी HMT चोरी की Rolex से ज़्यादा अच्छी है।” बता दें कि इस ट्वीट से उन्होंने महुआ मोइत्रा पर तंज कसा है।

महुआ मोइत्रा घूस के बदले संसद में सवाल पूछने के मामले की आरोपित हैं और इस मामले में संसद की एथिक्स कमिटी ने उनसे पूछताछ भी की है। महुआ मोइत्रा पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से महँगे तोहफे और कैश लेकर अडानी समूह को निशाना बनाने के लिए संसद में सवाल पूछने के आरोप हैं। वहीं वकील जय अनंत देहाद्राई ने उन पर अपने कुत्ते ‘हेनरी’ के अपहरण का आरोप लगाया था, जिसे अब लौटा दिया गया है। महुआ मोइत्रा सोशल मीडिया पर लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं।

‘X’ पर पश्चिम बंगाल के AITC के आईटी एवं सोशल मीडिया सेल के स्टेट जनरल सेक्रेटरी नीलांजन दास ने जय अनंत देहाद्राई के इस तस्वीर पर तंज कसा। उन्होंने अधिवक्ता की रोलेक्स घड़ी पहने हुए तस्वीरें शेयर की और लिखा, “आप रोलेक्स में भी अच्छे लगते हो। हीही, ये खुद खरीदा?” इस पर अधिवक्ता ने उन्हें जवाब देते हुए कहा, “क्या तुम्हें ये पसंद नहीं आया? ये एक शानदार रोलेक्स सबमैरीनर है। मैंने इसे अपनी आय से खरीदा है, जो मैंने केस लड़-लड़ कर कमाए हैं।”

उन्होंने आगे जवाब दिया कि इस घड़ी के साथ इसका क्रय बिल भी है। इससे पहले उन्होंने दावा किया था कि संसद में जो सवाल पूछे गए थे वह दुबई में तैयार हुए थे। इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी को गाली देने वाला भाषण दिल्ली केनिंग लेन में लिखे गए थे। उन्होंने कहा था, “आदतन झूठी को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि सवाल कैसे ‘मिस्‍ट्री टाइपिस्‍ट’ को भेजे गए। टेलीपैथी? सवाल दुबई में ‘बनाए’ गए। नरेंद्र मोदी के खिलाफ भाषण कैनिंग लेन में तैयार हुए। जब भूलने की बीमारी खत्म होगी, तो फर्नीचर और रोलेक्स को छोड़कर 2 करोड़ रुपए भी मिलेंगे।”

‘मैं वापस आ रहा हूँ, आमि KKR’ : गौतम गंभीर ने की कोलकाता नाईट राइडर्स में वापसी, ‘लखनऊ सुपर जायन्ट्स’ को कहा अलविदा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने आईपीएल की टीम लखनऊ सुपर जायन्ट्स से अलग होने का निर्णय लिया है। वह अपनी पुरानी टीम कोलकाता नाईट राइडर्स में वापस आ रहे हैं। वह अभी तक लखनऊ के कोच थे। इस विषय में उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर जानकारी दी है।

गौतम गंभीर वर्ष 2021 से ही लखनऊ सुपर जायन्ट्स के कोच थे। आईपीएल में लखनऊ फ्रैंचाइज़ी को वर्ष 2021 में आरपी संजीव गोएन ग्रुप ने खरीदा था और इसको आईपीएल में नई टीम के तौर पर शामिल किया गया था। बता दें कि गम्भीर इससे शुरुआत से ही जुड़े हुए हैं।

इससे पहले वह वर्ष 2011-2017 के बीच वह कोलकाता नाईट राइडर्स के कप्तान थे और उन्होंने टीम को 2012, 2014 सीजन में खिताबी जीत दिलाई थी। गंभीर ने 2017 में कोलकाता टीम छोड़ दी थी और दिल्ली डेयर डेविल्स में कप्तान बन गए थे। हालाँकि, 2018 में ही उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

गंभीर ने लखनऊ छोड़ने पर एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा है, “मेरी लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ यात्रा समाप्त हो गई है। मुझे लखनऊ के ख‍िलाड़‍ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ और टीम से जुड़े प्रत्येक शख्स से सपोर्ट मिला। मैं डॉ संजीव गोयनका को थैंक्स कहना चाहूँगा। टीम के लिए शुभकामनाएँ।”

अब वह कोलकाता टीम के नए कोच बनेंगे जबकि लखनऊ ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर को अपना कोच नियुक्त किया है। गंभीर ने कोलकाता में कोच के तौर पर लौटने पर कहा है, “मुझे बहुत ज्यादा चीजें भावुक नहीं करती लेकिन कोलकाता के साथ जुड़ना अलग बात है।”

आगे उन्होंने कहा, “मैं वहीं वापस आ गया हूँ जहाँ से शुरुआत हुई थी। आज मेरे दिल में एक अलग आग है क्योंकि मैं कोलकाता नाईट राइडर्स की जर्सी दोबारा पहनने वाला हूँ। मैं ना केवल कोलकाता नाईट राइडर्स में वापस आ रहा हूँ बल्कि ‘सिटी ऑफ़ जॉय’ के शहर कोलकाता वापस आ रहा हूँ। मैं वापस आ गया हूँ, मैं भूखा हूँ, मैं नम्बर 23 हूँ। मैं KKR हूँ।”

कोलकाता नाईट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान ने गंभीर के टीम में वापस आने पर कहा है कि उनके ‘कप्तान’ अब ‘मेंटर’ के रूप में वापस आ रहे हैं। वह हमेशा से ही परिवार का हिस्सा रहे हैं। उनको हमेशा से ही मिस किया जा रहा था।

एक और शरणार्थी संकट से जूझेगा भारत, विद्रोह के बाद टूट की कगार पर म्यांमार! भाग-भाग कर भारत में शरण ले रहे फौजी, जानिए पड़ोसी देश में क्या चल रहा

हाल के कुछ दिनों से पड़ोसी देश म्यांमार से बड़ी संख्या में शरणार्थी भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिज़ोरम में घुस रहे हैं। इन शरणार्थियों में बड़ी संख्या में म्यांमार के फौजियों की भी है। ये सभी लोग म्यांमार की सेना और विद्रोही समूहों के बीच जारी लड़ाई से बच कर भागे हैं। बीते एक माह से यह लड़ाई और भीषण हो गई है।

मिजोरम में बड़ी संख्या में शरणार्थी आने के कारण अब यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या भारत एक और शरणार्थी संकट के मुहाने पर खड़ा है? म्यांमार में लड़ रहे विद्रोहियों के हाथ में देश का बड़ा हिस्सा सैन्य शासन से निकलकर उनके हाथों में आ चुका है। देश के राष्ट्रपति भी चिंता जता चुके हैं कि अगर समय रहते इन्हें नहीं रोका गया तो देश टूट सकता है।

क्यों म्यांमार में लड़ रहे हैं सेना और सशस्त्र समूह?

दरअसल, म्यांमार में वर्ष 2021 में सेना ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार का तख्तापलट कर दिया था। म्यांमार की सेना (Junta) तब से देश में शासन चला रही है। म्यांमार की सेना ने आंग सान सू की अगुवाई वाली सरकार को सत्ता से बाहर करके उस पर नियंत्रण कर लिया था।

म्यांमार में वैसे भी सैन्य शासन का पुराना इतिहास रहा है। साल 1962 से लेकर साल 2011 तक वहाँ सैन्य शासन में रहा है। म्यांमार में लोकतांत्रिक सुधारों की माँग आंग सान सू की लंबे समय से करती आ रही हैं। साल 2011 में उन्होंने सफलता भी पाई थी और देश में पहली बार आम चुनाव हुए थे।

चुनावों में आंग सान सू की पार्टी को जोरदार जीत मिली थी। इसके पश्चात 2010 और 2020 में भी उनकी पार्टी को जीत मिली थी। लोकतांत्रिक सरकार के कारण देश पर सेना की पकड़ ढीली होती जा रही है। इसके बाद सेना ने साल 2021 में सैन्य तख्तापलट करके लोकतांत्रिक सुधारों को रोक दिया। तब से वहाँ सैन्य शासन है।

जहाँ पहले सेना के शासन के विरुद्ध कोई बड़े आन्दोलन नहीं होते थे, वहीं 2021 के तख्तापलट के बाद स्थितियाँ बदल गई हैं। 2021 के तख्तापलट के बाद लोकतंत्र समर्थकों के एक धड़े ने सेना के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह कर दिया। हालाँकि, उन्हें शुरुआत में कोई विशेष सफलता नहीं मिली, लेकिन अब म्यांमार के बड़े हिस्सों को कब्जों में ले रहे हैं।

म्यांमार की सेना के खिलाफ चल रहे इस अभियान को लड़ाई में शामिल समूहों ने नेशनल यूनिटी गवर्मेंट का नाम दिया है। इसमें पीपल्स डिफेन्स फ़ोर्स, चिनलैंड डिफेंस फ़ोर्स, बर्मा कम्युनिस्ट पार्टी समेत अन्य कई लड़ाके समूह शामिल हैं। इनकी माँग है कि देश में सेना को सत्ता समेत अन्य कामकाज से बाहर किया जाए।

अब यह शरणार्थी संकट क्यों खड़ा हुआ?

वर्तमान शरणार्थी संकट के पीछे सेना और इन विरोधी समूहों की लड़ाई है। भारत की 1,600 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा म्यांमार से लगती है। वर्ष 2021 के तख्तापलट के बाद लगातार छोटी-छोटी संख्या में शरणार्थी भारत आ रहे थे।

अक्टूबर माह में म्यांमार में सैन्य शासन के विरुद्ध लड़ने वाले तीन सशस्त्र समूहों- तांग नेशनल लिबरेशन आर्मी, अराकान आर्मी और म्यांमार नेशनल डेमोक्रेटिक अलायन्स आर्मी ने ‘ऑपरेशन 1027’ नाम से एक अभियान चालू किया था। इन्होंने अपने गठबंधन का नाम ‘थ्री ब्रदरहुड अलायन्स’ रखा है।

तब से लगातार म्यांमार-चीन सीमा पर स्थित शान राज्य और भारत सीमा पर स्थित चिन (Chin) राज्य में विद्रोही समूहों ने बड़े हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। इन्होंने सेना को भी बड़ा नुकसान पहुँचाया है। म्यांमार के इन विद्रोही समूहों ने शान राज्य में सेना की सैकड़ों पोस्ट पर हमला करके इन पर कब्ज़ा कर लिया है।

अलायन्स का कहना है कि उसने अब तक 150 मिलिट्री पोस्ट और 6 शहरों पर अपना कब्जा जमा लिया है। म्यांमार के सैनिक यहाँ से भाग रहे हैं। भाग ना पाने वाले सैनिक या तो मारे जा रहे हैं या फिर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। एक जानकारी के अनुसार, अब तक 400 से अधिक सैनिक विद्रोही समूहों के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

चिन राज्य में इन विद्रोही समूहों ने हाल ही में हमला करके 2 सैन्य पोस्ट पर कब्जा कर लिया था। इसके डर से बड़ी संख्या में सैनिक और आम नागरिक भाग कर भारत में घुस रहे हैं। इन्हें अभी शरणार्थी कैम्पों में रखा गया है। यहाँ इन्हें खाना-पानी दिया जा रहा है।

म्यांमार के कम-से-कम 26,000 लोग भारत में शरण माँग रहे हैं। 2021 में भी बड़ी संख्या में लोग म्यांमार से भागकर भारत आए थे, लेकिन स्थितियाँ थोड़ी सुधरने पर उन्हें वापस भेज दिया गया था। बड़ी संख्या में म्यांमार के नागरिकों का भारत में इलाज चल रहा है। यदि यह समस्या जल्द नहीं सुलझती है तो शरणार्थियों की संख्या बढ़ सकती है।

सरफराज खान ने मुक्के और पत्थरों से पीट-पीट कर ले ली 77 साल के बुजुर्ग की जान, गलत तरीके बाइक चलाने पर टोकने से भड़का, CCTV फुटेज से हुआ खुलासा

कर्नाटक के बेंगलुरु में एक 77 साल के बुजुर्ग को बाइक सवार सरफराज खान ने पीट-पीट कर मार डाला। दरअसल, बुजुर्ग की गलती इतनी थी कि सड़क पर गलत तरीके से वाहन चलाते दिखे एक बाइक सवार को उन्होंने टोक दिया था। इस बात की कीमत उन्हें अपनी अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बुजुर्ग की गलती महज इतनी थी कि उन्होंने पैलेस गुट्टाहल्ली इलाके के पास लापरवाही से गाड़ी चलाने के लिए एक मोटरसाइकिल सवार सरफराज खान को डाँट लगा दी थी। इससे गुस्साए सरफराज ने उन्हें पीट-पीट कर मार डाला। उन पर ये हमला तब हुआ जब वो अपनी डायबिटीज की दवाई खरीदने के लिए एक मेडिकल शॉप पर जा रहे थे। मृतक बुजुर्ग की पहचान मुनेश्वरा ब्लॉक निवासी कृष्णप्पा के तौर पर की गई।

ऐसे हुआ खुलासा

बता दें कि इस घटना का खुलासा 16 नवंबर, 2023 को पुलिस के सड़क दुर्घटना का केस दर्ज करने के बाद हुआ था। पुलिस ने यह मानते हुए कि केस दर्ज किया था कि ये बुजुर्ग बीती रात को मेडिकल शॉप जाते वक्त अपने स्कूटर से गिर गए। लेकिन इस बुजुर्ग की मौत का सच बाद में सामने आया। मृतक बुजुर्ग के बेटे सतीश कुमार को उनकी मौत को लेकर कुछ गड़बड़ी होने का शक था। इसी वजह से उन्होंने अपने घर के पास के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की। जहाँ उनके पिता मरे मिले थे क्योंकि वो जगह उनके घर के पास ही थी।

जब उन्होंने ये फुटेज देखी तो वो हैरान रह गए। उन्होंने देखा कि एक शख्स उनके पिता के साथ बहस करते हुए उन पर हमला कर रहा था। इस सीसीटीवी फुटेज को आधार बना व्यालिकावल पुलिस ने 17 नवंबर, 2023 को हत्या का मामला दर्ज किया।

इसके बाद पुलिस ने इस इलाके के आगे के सीसीटीवी खंगाले और आरोपित की पहचान 35 साल के सरफराज खान के तौर पर की। वो एक वेल्डर और मैकेनिक है। वो पहले मृतक बुजुर्ग के इलाके में ही रहा करता था।

पुलिस के मुताबिक, मौजूदा वक्त में वो आरटी नगर इलाके में रहने लगा था। वो अक्सर अपने दोस्तों से मिलने और उनके साथ पार्टी करने के लिए पैलेस गुट्टाहल्ली आता रहता था। बुधवार 15 नवंबर की रात भी वह पैलेस गुट्टाहल्ली की तरफ जा रहा था।

इसी दौरान कृष्णप्पा करीब 8:30 बजे अपने स्कूटर से मेडिकल स्टोर के लिए निकले थे। पुलिस के मुताबिक, खान ने अपनी बाइक कृष्णप्पा के स्कूटर से टकरा दी। इससे उनका संतुलन लगभग बिगड़ गया और वो गिरने ही वाले थे।

इसे लेकर कृष्णप्पा ने गुस्से में खान से सही से बाइक चलाने को कहा। इससे भड़के खान ने कृष्णप्पा पर मुक्कों की बरसात करने के साथ ही उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। पुलिस ने आगे बताया कि सरफराज खान के एक दोस्त रतन ने बुजुर्ग कृष्णप्पा पर हो रहे हमले को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हुआ।

इस हमले की वजह से कृष्णप्पा सड़क पर गिर गए। इसके बाद आरोपित सरफराज और उसका दोस्त रतन दोनों वहाँ से चले गए। एक राहगीर ने पुलिस को सूचित किया और कृष्णप्पा को पास के अस्पताल में ले जाया गया। हालात नाजुक होने पर महावीर जैन अस्पताल ले जाया गया। जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

यदि मृतक के बेटे सतीश कुमार ने सीसीटीवी फुटेज की दोबारा से जाँच नहीं की होती, तो खान शायद सजा से बच गया होता। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”हम जल्द से जल्द खान के खिलाफ हत्या का मामला दाखिल करेंगे।”