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बाबर आज़म के अब्बा ने कहा – ‘कप्तानी छोड़ दो पाकिस्तान की’, इंग्लैंड वाले मैच से पहले करने लगे कोलकाता में धुआँधार शॉपिंग

ICC वनडे विश्व कप 2023 से पाकिस्तान ‘लगभग’ बाहर हो चुका है। ‘लगभग’ इसीलिए, क्योंकि सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने के लिए अपने आखिरी मैच में उसे इंग्लैंड के खिलाफ इतने रन से जीतना पड़ेगा और इतने कम ओवर में चीज करना पड़ेगा जो संभव नहीं दिखता। पाकिस्तान में अपनी ही क्रिकेट टीम की जम कर आलोचना हो रही है। कप्तान बाबर आज़म भी सवालों के घेरे में हैं। पाकिस्तानी टीम जब अपने वतन वापस लौट कर जाएगी, तब उनके साथ क्या होगा ये भी देखने लायक होगा।

मॉल में शॉपिंग के मजे ले रहे पाकिस्तानी खिलाड़ी

हालाँकि, टीम अभी भारत में ही बैठ कर खा-पी रही है और कप्तान बाबर आज़म धुआँधार शॉपिंग में लगे हुए हैं। यहाँ तक कि टीम के बाएँ हाथ के स्पिनर इमाम-उल-हक़ भी बाबर आज़म के साथ पश्चिम बंगाल की राजधानी स्थित झूठ सिटी मॉल में शॉपिंग करते हुए पाए गए। गुरुवार (9 नवंबर, 2023) को दोनों खिलाड़ी साड़ियाँ खरीदते हुए दिखे और इस दौरान वो अपने परिवार के साथ वीडियो कॉल पर ही कनेक्टेड थे। इस दौरान उन्होंने गॉगल्स और कुछ अन्य आइटम्स भी खरीदे।

इससे पहले खबर आई थी कि बाबर आज़म ने 7 लाख रुपए की डिजाइनर शेरवानी और गहने खरीदे हैं। हालाँकि, उनका प्रबंधन देखने वाली एजेंसी ने इसे नकार दिया था। ‘स्टार कॉर्पोरेशन’ ने इसे झूठी रिपोर्ट बताते हुए कहा कि खुद क्रिकेटर के लिए ये हैरानी भरा है। साथ ही इसे प्रोपेगंडा और भ्रामक करार दिया था। इससे पहले उस्मान मीर, मोहम्मद हैरिस और वसीम जूनियर टीम होटल के नज़दीक स्थित एक शॉपिंग मॉल में चीजें खरीदते हुए पाए गए थे।

ये लोग ‘मणि स्क्वायर’ नामक मॉल में खरीददारी करते हुए दिखे थे। कई क्रिकेट प्रशंसक इस दौरान वहाँ जुट गए। अब्दुल्ला शफीक और ज़मान खान भी शॉपिंग कर रहे थे। बता दें कि अगर पाकिस्तान को सेमीफाइनल में पहुँचना है तो उसे इंग्लैंड को 287 रनों से हराना होगा। अगर पाकिस्तान पहले गेंदबाजी करती है तो उसे इंग्लैंड को मात्र 50 रन या इससे कम पर ऑलआउट करना होगा। वहीं अगर बार आज़म की टीम पहले बल्लेबाजी करती है तो उसे 3 ओवर में 100 रन मारने पड़ेंगे।

कप्तान के पद से इस्तीफा देंगे बाबर आज़म?

उधर अब ये अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या पाकिस्तानी टीम की वर्ल्ड कप में इस दुर्गति के बाद अब बाबर आज़म इस्तीफा देंगे? पाकिस्तानी मीडिया संस्थान ‘Geo TV’ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान से भारत लौटते ही बाबर आज़म इस्तीफा दे देंगे। इस संबंध में वो PCB (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) के अध्यक्ष रमीज़ रज़ा और अपने अन्य करीबियों से सलाह-मशविरा भी कर रहे हैं। 29 वर्षीय पाकिस्तानी क्रिकेटर अपने भविष्य को लेकर जानकारों से राय ले रहे हैं।

इतना ही नहीं, बाबर आज़म ने अपने अब्बा से भी इस संबंध में राय माँगी है कि उन्हें पाकिस्तानी टीम का कप्तान बने रहना चाहिए या नहीं। क्या उनके अब्बा ने उन्हें कप्तानी छोड़ने के लिए कह दिया है? उनके कुछ करीबी लोग उन्हें तीनों फॉर्मेट में कप्तान के पद से इस्तीफा देने की सलाह दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में समस्या आ सकती है, इसीलिए उन्हें ऐसा कहा जा रहा है। कहा जा रहा है कि वो भारत में रहते ही इस संबंध में फैसला लेना चाहते थे, लेकिन अब वो पाकिस्तान पहुँचने के बाद इसकी घोषणा करेंगे। इसमें उनके अब्बा की राय सबसे ज़्यादा मायने रखेगी।

रश्मिका मंदाना की डीपफेक Video केस में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, महिला आयोग ने नोटिस देकर पूछा था- कब होगी गिरफ्तारी

अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। दरअसल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक यूनिट ने इसे लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यहीं नहीं पुलिस टीम बनाकर ने आनन-फानन में इस केस की जाँच भी शुरू कर दी है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (10 नवंबर,2023) को ये एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ”रश्मिका मंदाना के डीपफेक एआई-जनरेटेड वीडियो को लेकर आईपीसी, 1860 की धारा 465 और 469 और आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 66सी और 66ई के तहत दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है और इसकी जाँच की जा रही है।”

जानकारी के अनुसार, इस केस को लेकर दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने खुद संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब-तलब करते हुए उसे नोटिस जारी किया था। पूछा गया था कि आखिर अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। इस नोटिस में फिक्र जताते हुए डीसीडब्ल्यू ने कहा था कि जानकारी में आया है कि किसी महिला एक्ट्रेस की फोटो के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ की गई है। इसे लेकर कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है और ये बेहद गंभीर बात है।

इस केस को लेकर डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस से 17 नवंबर तक एफआईआर की कॉपी, आरोपितों की डिटेल्स के साथ इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।

डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष मालीवाल ने इसे लेकर अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट भी किया, “एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना की AI Generated Deep Fake वीडियो का संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। अब तक इस मामले में कोई गिरफ़्तार नहीं हुआ है। इस नक़ली वीडियो बनाने वाले के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “हमारे नोटिस के बाद दिल्ली पुलिस ने इस फ़ेक वीडियो केस में FIR दर्ज कर ली है। जल्द आरोपित गिरफ्तार होंगे।” बताते चलें कि हाल ही में तेलुगु फिल्म ‘पुष्पा’ फेम रश्मिका मंदाना का एआई टेक्नीक से बना स्विमसूट पहने एक वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ था। असल में स्विम सूट पहने ये मंदाना नहीं बल्कि एक ब्रिटिश-इंडियन इन्फ्लुएंसर ज़ारा पटेल है। AI की Deepfake तकनीक के जरिए उनके चेहरे पर रश्मिका मंदाना का चेहरा लगा दिया गया था।

इसे लेकर सबसे पहले अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट डालकर विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने इस लेकर कानूनी कार्रवाई की माँग की थी। सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी इस वीडियो को लेकर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे सभी डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे को कभी टूटने नहीं देगी।

अपने इस वीडियो को लेकर रश्मिका मंदाना ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था, “मुझे अपने ऑनलाइन फैलाए जा रहे डीप फेक वीडियो पर बात करते और इसे शेयर करते हुए बेहद दुख हो रहा है। ईमानदारी से कहूँ तो ऐसा कुछ, न केवल मेरे लिए, बल्कि हममें से हर एक के लिए बेहद डरावना है, जो आज तकनीकी के बेजा इस्तेमाल की वजह से खतरे में हैं।”

Abundance in Millets: नरेंद्र मोदी पर फिल्माया गाना 2024 ग्रैमी अवॉर्ड्स में, लिरिक्स लिखने में PM ने भी किया सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर आधारित एक गीत को ‘बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस’ (Best Global Music Performance) श्रेणी में 2024 ग्रैमी अवार्ड्स के लिए नामांकित किया गया है। दरअसल, ग्रैमी ने 2024 की ग्रैमी नामांकन की सूची जारी की है, और इसमें फाल्गुनी शाह और उनके पति गौरव शाह का गाना ‘एबंडेंस इन मिलेट्स’ (Abundance In Millets) भी शामिल है।

गाने के लिए ग्रैमी नामांकन (GRAMMY Nominations) में कहा गया है, एबंडेंस इन मिलेट्स, फालू और गौरव शाह (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिल्माया गया)।

बता दें कि मिलेट्स (बाजरा) के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एबंडेंस इन मिलेट्स गीत जारी किया गया था क्योंकि दुनिया वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में मना रही है। वहीं मिलेट्स को केंद्र में रखकर शाह दंपति ने जो गाना गाया है, उसमें अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष पर पीएम मोदी के भाषण का एक हिस्सा भी शामिल है। गाने के बीच-बीच में पीएम मोदी को बाजरे को हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनाने के बारे में बात करते हुए सुना जाता है। 

म्यूजिक वीडियो में गाने के बोलों में बाजरा की खेती, इसकी पौष्टिकता और इसके भूख को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की भूमिका को केंद्र में रखा गया है।

गीत गाने के अलावा, फालू (फाल्गुनी शाह) और गौरव शाह ने केन्या ऑटी, ग्रेग गोंजालेज और सौम्या चटर्जी के साथ मिलकर गीत की रचना और लेखन भी किया। यह गाना अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में लिखा गया था।

यदि या सॉन्ग पुरस्कार जीतता है, तो यह फालू के लिए दूसरा ग्रैमी होगा, क्योंकि उन्होंने अपने 2021 एल्बम ए कलरफुल वर्ल्ड के लिए 2022 में ग्रैमी पुरस्कार जीता था। उन्होंने कहा कि बाजरा के बारे में गीत लिखने का विचार उन्हें तब आया जब वह पिछले साल ग्रैमी अवॉर्ड जीत के बाद नई दिल्ली में पीएम मोदी से मिलीं।

मिलेट्स गाने पर उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे और मेरे पति गौरव शाह के साथ यह गाना लिखा है।”

उन्होंने कहा कि परिवर्तन लाने और मानवता के उत्थान के लिए संगीत की शक्ति पर चर्चा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें सुझाव दिया कि उन्हें भूख खत्म करने के संदेश के साथ एक गीत लिखना चाहिए। पीएम ने उन्हें बताया कि भारत बाजरा को बढ़ावा देता है क्योंकि यह एक सुपर अनाज है और इसमें अत्यधिक स्वास्थ्य और पोषण मूल्य है।

इसके बाद फालू ने पूछा कि क्या पीएम मोदी गाना लिखने में सहयोग करेंगे, जिस पर उन्होंने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि वह शुरुआत में पीएम मोदी के साथ गाना लिखने को लेकर घबरा रही थीं, लेकिन उन्होंने पूरा सहयोग दिया और सब कुछ बहुत ही सहजता से संपन्न हुआ। 

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लैंड जिहाद: इस्लामी कट्टरपंथी घरों पर कर रहे जबरन कब्जा, सस्ते में जमीन-जायदाद बेचने को मजबूर ‘काफिर’

बांग्लादेश में हिंसा के शिकार अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों को धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्हें अपने घर और जमीन-जायदाद को सस्ते दामों पर बेचकर भागने के लिए विवश किया जा रहा है। इस्लामी कट्टरपंथी इन हिंदू परिवारों को लगातार निशाना बना रहे हैं। इनमें उनकी बहू-बेटियों के साथ बलात्कार और हत्या तक शामिल है।

बांग्लादेश में आने वाले चुनावों को लेकर भी हिंदुओं पर हमले बढ़ गए हैं, क्योंकि वे कट्टरपंथी खालिदा जिया के बजाय शेख हसीना का समर्थन करते हैं। इस कारण खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BPP) से जुड़े कट्टरपंथी अक्सर उन्हें निशाना बनाते हैं। हालाँकि, शेख हसीना की पार्टी से जुड़े कट्टरपंथी भी हिंदुओं को निशाना बनाने में पीछे नहीं रहते।

कालबेला न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अल्पसंख्यक समुदाय को इस्लामी कट्टरपंथियों से अक्सर खतरे का सामना करना पड़ता है। इसलिए कई हिंदू परिवार देश के अन्य हिस्सों में पलायन कर रहे हैं। दरअसल, खुलना संभाग के शैलकुपा उपजिला में कट्टरपंथियों ने सत्येन्द्रनाथ साहा नाम के एक मृत हिंदू व्यक्ति के आवास पर कब्जा करके उसके स्थान पर चार मंजिला इमारत बना लिया।

शैलकुपा उपजिला के ‘जुबो लीग’ के अध्यक्ष शमीम हुसैन मुल्ला और उनके अब्बू सबदर हुसैन मुल्ला पर इस हिंदू परिवार की संपत्ति पर कब्जा करने का आरोप लगा है। बता दें कि ‘जुबो लीग’ सत्तारूढ़ शेख हसीना के नेतृत्व वाली बांग्लादेश अवामी लीग पार्टी की युवा शाखा है। इस उपजिला से हिंदुओं का पलायन लगातार जारी है।

मामले पर बात करते हुए सत्येन्द्रनाथ साहा की बहू ने बताया कि ‘जुबो लीग’ के नेता ने उनके घर और काली मंदिर पर जबरन कब्जा कर लिया है। स्थानीय सांसद मोहम्मद अब्दुल हई से शिकायत के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हई झेनाइदाह निर्वाचन क्षेत्र से बांग्लादेश अवामी लीग पार्टी के नेता हैं।

कालबेला न्यूज़ के अनुसार, सत्येन्द्रनाथ साहा का मामला उन अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों की अनगिनत कहानियों में से एक है, जिनकी संपत्ति पर प्रभावशाली मुस्लिम नेताओं ने कब्जा कर लिया। ‘भूमि जिहाद’ के इस संगठित रूप में शामिल सभी लोग राजनेता हैं। शैलकुपा के हिंदू निवासियों को अपने घरों बेचने के लिए विवश करने के लिए घरों में तोड़-फोड़ के साथ उन्हें हर तरह से डराया धमकाया गया।

डराने-धमकाने के लिए मूर्तियों को तोड़ा और मंदिरों को अपवित्र किया गया

सोमवार (6 नवंबर 2023) को शैलकुपा उपजिला के बिजुलिया गाँव में इस्लामी कट्टरपंथियों ने एक मंदिर को अपवित्र करते हुए उसमें स्थापित देव प्रतिमाओं को तोड़ दिया। घटना के बारे में जानकारी मिलने के बाद स्थानीय हिंदुओं ने पुलिस को इसके बारे में बताया। मंदिर तोड़ने का ऐसा ही मामला अक्टूबर 2022 में भी हुआ था।

इस घटना को आवामी लीग से जुड़े छात्र लीग के नेता की देखरेख में अंजाम दिया गया। एक स्थानीय हिंदू महिला ने बताया, “पिछले साल उन्होंने देवी काली की मूर्ति तोड़ दी और देवता का सिर तोड़कर फेंक दिया। देश में चुनाव होने वाला है। मुझे उम्मीद है कि इस बार ऐसी घटनाएँ दोबारा नहीं होंगी। मुझे उम्मीद है कि हम यहाँ शांति से रह सकेंगे।”

हिंदुओं ने बांग्लादेश अवामी लीग से कार्रवाई की माँग की

इस साल अप्रैल में शैलकुपा में पूजा समिति ने बांग्लादेश अवामी लीग से हिंदू समुदाय के खिलाफ किए गए अत्याचारों पर निष्क्रियता के लिए मोहम्मद अब्दुल हई को चुनाव टिकट नहीं देने का आग्रह किया था। अब स्थानीय हिंदू नेताओं ने शेख हसीना से अनुरोध किया है कि वे उन लोगों को टिकट ना दें जिनका मंदिर को अपवित्र करने, घरों को जलाने आदि में शामिल लोगों को बचाने का इतिहास है।

कालबेला न्यूज के अनुसार, शैलकुपा उपजिला में हिंदुओं को पिछले डेढ़ दशकों से शक्तिशाली इस्लामी कट्टरपंथियों से इलाका छोड़कर भागने की धमकी का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह 13 अक्टूबर 2023 को हिंदुओं पर हमले को लेकर हिंदू समुदाय कोमिलानगर में प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान भी उन पर हमले किए गए। इनमें कई लोगों को चोटें आईं।

बता दें कि पिछले कुछ सालों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले बढ़ गए। चाहे वह खालिदा जिया की पार्टी हो या शेख हसीना की, सबकी पार्टी के कट्टरपंथी नेताओं के निशाने पर हिंदू समुदाय है। हिंदुओं के त्योहारों पर उन पर हमले किए जाते हैं। घर की महिलाओं को बेइज्जत और अपहरण किया जाता है और कुछ मामलों में हत्या कर दी जाती है। पूजा स्थलों को अपवित्र करना जैसे रोज का काम हो गया हो।

विदेशी टीम के क्रिकेटरों ने बोला ‘जय श्रीराम’, Video में दिखाया ‘हिंदू प्रेम’ : कट्टरपंथी दे रहे गाली

आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 के बीच विदेश की ओर से खेल रहे दो हिंदू क्रिकेटरों की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इनमें एक का नाम केशव महाराज (साउथ अफ्रीका टीम के खिलाड़ी) है और दूसरे का नाम रचिन रवींद्र (न्यूजीलैंड के खिलाड़ी) है।

दोनों ही क्रिकेटरों की वीडियो देखने के बाद भारतीय यूजर्स उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे… कारण है- दोनों खिलाड़ियों के नाम अब भले ही विदेशी टीमों के साथ जुड़ा है , लेकिन वह अपनी संस्कृति और धर्म को नहीं भूले और न ही उन्हें जय श्रीराम बोलने-लिखने में सोचना पड़ता है।

केशव महाराज ने बोला जय श्रीराम

केशव महाराज ने हाल में वर्ल्ड हिंदू कॉन्ग्रेस 2023 में शामिल न हो पाने पर अपनी एक वीडियो बनाई। इस वीडियो में केशव महाराज कहते नजर आ रहे हैं कि दुर्भाग्य से वो इस सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाएँगे। लेकिन ये कार्यक्रम शानदार हो वो इसकी कामना करते हैं।

अपनी बात कहने के बाद उन्होंने –जय श्रीराम बोला।

इसे सुनते ही उनकी वीडियो के नीचे जय श्रीराम लिखकर उनका अभिवादन किया जाने लगा। इससे पहले उनकी हिंदू धर्म के प्रति आस्था के किस्से पहले ही मशहूर हैं।

रचिन रवींद्र की दादी के साथ वीडियो

इसी तरह रचिन रवींद्र की वीडियो जो इस समय सोशल मीडिया पर बहुत वायरल है इसके वो अपने बेंगलुरु वाले घर पर दादी के साथ दिख रहे हैं। वीडियो में दादी उनकी नजर उतारती दिखती हैं। वह भगवान की फोटो के सामने जाकर रचित से कहती भी हैं- ये मेरे करीबी रिश्तेदार हैं। कृष्णा मेरे करीबी रिश्तेदार हैं। इसपर रचित मुस्कुराते हैं और दादी को देखते रहते हैं।

वीडियो को शेयर करने के लिए रचिन रवीन्द्र नाम के अकॉउंट से लिखा गया है- जय श्रीराम। ऐसा अद्भुत परिवार पाकर धन्य हूँ। दादा-दादी देवदूत हैं जिनकी यादें और आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहते हैं।

उनकी वीडियो देखने के बाद भारतीय उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। लेकिन वहीं कट्टरपंथी हैं जो रचित की दादी के प्रेम को काला जादू बता रहे हैं। नौशाद बलूच नाम का यूजर लिखता है- नानी काला जादू कर रही हैं ताकि सेमीफाइनल में वह फ्लॉप हो जाए।

इसी तरह राहुल गाँधी की प्रोफाइल पिक लगाने वाले सलीम शेख कहता है आज से ये भक्तों का नया पापा।

बता दें कि रचित रवींद्र और केशव महाराज इस समय वर्ल्ड कप के चलते भारत में ही हैं। दोनों क्रिकेटरों को पहले से उनके हिंदू धर्म के प्रति प्रेम के कारण काफी सराहा जा चुका है। केशव महाराज जहाँ अपने बैट पर ओम लिखने और अपने हनुमान भक्त होने के कारण चर्चाओं में रह चुके हैं तो वहीं रचित रवींद्र भी अब अपनी वीडियो और जय श्रीराम लिखकर

Bumble पर मिली लड़की, मँगवाई ₹15000 का दारू-चखना, बिल बनवा कर गायब: कई लोगों से ऐसी ठगी, आप भी इस्तेमाल करते हैं डेटिंग एप्स?

आजकल टिंडर, बम्बल और हैप्पन जैसे डेटिंग एप्स काफी लोकप्रिय हैं। किसी व्यक्ति को गर्लफ्रेंड बनानी है, किसी लड़की के साथ हैंगआउट करना हो या फिर किसी अपरिचित लड़की को दोस्त बनाना है तो इसके लिए इन एप्स का खासा इस्तेमाल किया जाता है। कई बार लोग जीवनसाथी की तलाश में इस एप को खँगालते हैं। लेकिन, क्या आपको पता है कि ऐसे एप अब धोखाधड़ी का भी माध्यम बन रहे हैं? आप सावधान रहें, उसके लिए कुछ लोगों के अनुभव पढ़ लीजिए।

‘ABP न्यूज़’ में काम करने वाले 25 वर्षीय पत्रकार अर्चित गुप्ता ने हाल ही में Bumble से जुड़ा अपना एक अनुभव साझा किया है, जो डराने वाला है। उन्होंने बताया कि वो सिंगल हैं और उन्होंने इस एप के माध्यम से किसी ऐसी लड़की की तलाश करने की सोची जिसकी उनके साथ जम सके। इस दौरान दिव्या शर्मा नामक एक लड़की उनकी दोस्त भी बनी। फिर उसने राजौरी गार्डन में मिलने के लिए बुलाया। उस लड़की ने उन्हें ये एहसास दिलाया कि वो एक अर्थपूर्ण रिश्ते की तलाश में है।

अर्चित गुप्ता ने बताया कि वो लड़की उन्हें लेकर ‘द रेस लाउंज एन्ड बार’ नामक एक बार में गई। अर्चित उस जगह को लेकर आश्वस्त नहीं थे, फिर भी उन्हें वहीं बैठाया गया। उसने खुद के लिए कुछ ड्रिंक्स ऑर्डर किए। अर्चित गुप्ता ने बताया है कि वो शराब नहीं पीते, इसीलिए उन्होंने रेड बुल (एनर्जी ड्रिंक) ऑर्डर किया। एक हुक्का, 2-3 ग्लास वाइन, 1 वोडका शॉट, एक चिकन टिक्का, और एक पानी के बोतल का बिल 15,886 रुपए आया। बिल देख कर वो हैरान रह गए।

आखिरकार उन्हें इस बिल का भुगतान करना पड़ा। उन्होंने बताया है कि चूँकि बार वालों के मशीन के साथ कुछ समस्या थी, उन्होंने लगभग 4 बार उनके कार्ड को टैप किया। अर्चित गुप्ता ने बताया कि बाहर जाने से पहले वो वॉशरूम गए और लौटा तो देखा कि बिल उनके टेबल पर नहीं था। इसके बाद लड़की ने इस जगह को छोड़ने की जिद की और कहने लगी कि उसका भाई उसे लेने आ रहा है। पत्रकार जब घर पहुँचे तो पता चला कि उनके साथ धोखा हो चुका है।

जिस लड़की का नाम ‘दिव्या शर्मा’ Bumble पर दिखा रहा था, उसका नाम Truecaller ‘आफिया’ बता रहा था। इसके बाद उस लड़की ने उनका फोन कॉल उठाना बंद कर दिया। उन्होंने ‘Moneycontrol’ में छपे एक लेख का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि कई बार और क्लब लड़कियों को सिर्फ इसी काम के लिए हायर करते हैं। उन्होंने कहा कि बात सिर्फ पैसे की नहीं है, ये भावनात्मक और मानसिक रूप से प्रताड़ना का मामला है, वो भी जब आप सोच रहे होते हैं कि सामने वाला व्यक्ति विश्वास के लायक है।

अर्चित गुप्ता ने उक्त लाउंज को लेकर समीक्षाएँ भी पढ़ीं। इसमें कुछ लोगों ने बताया है कि उन्हें ज़्यादा बिल पे करने के लिए बाध्य किया गया। उन्होंने बताया कि ऐसे जाल फैला कर कई लड़कों को फाँसा गया है। बिल का भुगतान कराने के लिए बाउंसरों की मदद भी ली जाती है। उन्होंने इसे एक बड़ा रैकेट करार देते हुए कहा कि कई क्लब और बार इससे जुड़े हुए हैं। उक्त बार के रिव्यू में यशिका कत्याल नामक एक लड़की ने भी उसमें न जाने की सलाह देते हुए लिखा है कि ये लोग दिखाते कोई और मेनू हैं, लेकिन बिल किसी अन्य मेनू के हिसाब से बनाते हैं और फिर भुगतान के लिए बाध्य कर देते हैं।

अभिषेक झा नामक व्यक्ति ने भी राजौरी गार्डन में स्थित इस बार को लेकर कहा है कि एक्साइज डिपार्टमेंट को इसकी जाँच करनी चाहिए। ज़ैन कबीर नामक व्यक्ति ने लिखा है कि बार के मैनेजर और वेटर से लेकर इनके द्वारा हायर की गई लड़कियाँ – सब मिले हुए होते हैं। कई बार लड़की ऑर्डर देकर कहीं चली जाती है और अकेले बचे लड़के को बिल देना पड़ता है। उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। इसी तरह अभिनव मिश्रा नामक शख्स ने भी अपना अनुभव साझा किया है।

उनके साथ जुलाई 2023 में ये घटना हुई है। वो भी राजौरी गार्डन स्थित ‘The Race Lounge and Bar’ में ही गए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें भी डेटिंग एप पर मिली एक लड़की वहाँ लेकर गई थी। जिन आइटम्स के बिल अधिकतम 3000 रुपए होने चाहिए थे, उसके लिए उनसे 11,000 रुपए वसूले गए। बिल में GST तक का जिक्र नहीं था। उन्होंने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि सबूत के रूप में उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग भी है।

वहीं ‘Moneycontrol’ की जिस स्टोरी का जिक्र किया गया है, वो ज़्यादा पुरानी नहीं बल्कि सितंबर 2023 की ही है। ये लेख एक Reddit पोस्ट पर आधारित था, जिसमें एक व्यक्ति ने बताया था कि कैसे इस जाल में फँस कर वो एक महिला के साथ उक्त बार में गया और उसे 14,000 रुपए का बिल पे करना पड़ा। उसने जब लड़की को बताया कि ये जगह फ्रॉड लग रही है तो वो वॉशरूम गई और लौट कर अपने पिता का फोन कॉल आने की बात कह कर निकल गई। उक्त शख्स ने बताया था कि ‘कैफे स्टूडियो’ नामक उसी बार में एक अन्य व्यक्ति ने भी अपने साथ धोखा होने की बात उसे बताई थी।

पढ़ने जाता था स्कूल, बना दिया ईसाई: मुंबई के रैपर लोका ने खोली मिशनरी स्कूलों में चल रही ब्रेनवाशिंग की पोल

गीतकार लोका के नाम से विख्यात रैपर ने पॉडकास्ट अनट्रिगर्ड विद अमिनजाज़ में ईसाई मिशनरियों के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया है। बचपन के मूल नाम अभिनय लोक बिस्टा से लोका बने गीतकार ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि बचपन में ही हॉस्टल और कॉन्वेंट स्कूलों में उन्होंने अनजाने में बपतिस्मा ले लिया था और लगभग ईसाई ही बन गए थे लेकिन अपनी माँ की वजह से बच गए। 

लोका ने अपने बचपन के दिनों के बारे में बात करते हुए बताया कि अगर उनकी माँ उनके बचाव में नहीं आतीं तो  उन्होंने बपतिस्मा ले लिया था और लगभग ईसाई मजहब अपना लिया था।  लोका बताते हैं, “मैं जेवियर्स हॉस्टल में था। तभी ईसाई मिशनरी के लोगों ने उन्हें बपतिस्मा दिया और लगभग ईसाई बना दिया। जब उनकी माँ को इन षडयंत्रों के बारे में पता चला, तो वह आईं और उन्हें उसी दिन निकालकर बाहर ले गईं। 

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने जानबूझकर और अपनी इच्छा से ईसाई मत अपनाया? तब लोका ने अपनी ब्रेनवॉशिंग और ईसाई हथकंडों पर कहा, “नहीं, वे अनुमति नहीं माँगते हैं या आपको खुले तौर पर कुछ नहीं बताते हैं कि वे आपको ईसाई बना रहे हैं। यह बहुत छिपे तौर पर बारीकी से होता है। जब तक मेरी माँ को इसके बारे में पता चला, तब तक मैं पहले ही 3 क्रिसमस मना चुका था और रोज़री बॉय बन गया था।

इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों और छात्रावासों में ईसाइयत का प्रचार-प्रसार बड़े पैमाने पर होता है, जहाँ मिशनरी छात्रों को ईसाई मत में परिवर्तित करने के लिए अलग-अलग हथकंडे इस्तेमाल करते हैं।

यहाँ वह पूरा पॉडकास्ट है जिसमें लोका ने इस तरह की साजिशों का खुलासा किया है। 

गौरतलब है कि लोका मुंबई के प्रभावशाली हिप-हॉप कलाकारों में से एक हैं। उनके कई रैप सांग बेहद पॉपुलर है, जिसमें ‘ऑटोबायोग्राफी’, ‘क्या बोलते ब्रो’, ‘माफिया’ के अलावा और भी बहुत कुछ शामिल हैं। 

जब सुप्रीम कोर्ट से 11 साल के लड़के ने कहा- ‘मैं जिंदा हूँ’, उसके मर्डर पर नाना और मामा पर चल रहा था केस

सुप्रीम कोर्ट में एक अजब केस पेश आया, जब 11 साल के एक बच्चे ने अपनी हत्या के मामले में आरोपित बनाए गए नाना और चार मामाओं को बेकसूर बताया है। पीलीभीत के इस लड़के ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उसके पिता ने इन लोगों पर झूठा केस दर्ज कराया था। इसको लेकर कोर्ट ने यूपी सरकार और एसपी को नोटिस जारी किया है।

दरअसल बीते हफ्ते इस केस की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही थी। सुनवाई के दौरान जज उस समय हैरान रह गए, जब यह बच्चा खुद कोर्ट में हाजिर होकर बताया कि उसकी हत्या नहीं हुई है। उसने कहा कि कि वह जिंदा है और उसकी हत्या का केस झूठा है। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार कर ली।

लड़के ने कोर्ट के सामने ये भी दावा किया कि उसके पिता ने उसके ननिहाल के लोगों पर ये झूठा केस दर्ज कराया था। इस याचिका को मंजूर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “अगले आदेश तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।” कोर्ट ने इस केस को लेकर यूपी सरकार, पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक और न्यूरिया पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को भी नोटिस जारी किया है।

इस मामले में बच्चे के वकील कुलदीप जौहरी ने टीओआई को बताया, “लड़के की माँ की शादी फरवरी 2010 में उसके पिता हुई थी। और अधिक दहेज की माँग को लेकर उसके पिता ने उसकी माँ को बेरहमी से पीटा था। मार्च 2013 में पिटाई की वजह से उसकी माँ की मौत हो गई। इसके बाद से लड़का अपने किसान नाना के साथ रह रहा था।”

बेटी की मौत के बाद बच्चे के नाना ने अपने दामाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 304-बी (दहेज हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज कराई। इस दौरान लड़के के पिता ने उसके नाना से बेटे की कस्टडी देने की माँग की। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामले दर्ज करवाए।

वकील जौहरी के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में लड़के के पिता ने अपने ससुर और उनके चार बेटों यानी अपने अपने साले पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद ही पुलिस ने बच्चे के नाना और चार मामा को IPC की धारा 302 (हत्या), 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया।

वकील जौहरी ने बताया, “उसके मुवक्किल ने एफआईआर को रद्द करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। नतीजा उन्हें लड़के के साथ उसके जीवित होने के सबूत के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पेश होना पड़ा।” इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई जनवरी 2024 में तय की है।

‘IIT बॉम्बे के क्लासरूम में सिखाते हैं हिन्दू घृणा’ – छात्रों ने पुलिस से की शिकायत, हमास आतंकियों का समर्थन, अब देवदत्त पटनायक के लेक्चर पर बवाल

IIT बॉम्बे में देवदत्त पटनायक के एक लेक्चर को लेकर वहाँ उनका विरोध हो रहा है। देवदत्त पटनायक अक्सर सोशल मीडिया पर लोगों को गाली देने के लिए जाने जाते रहे हैं और हिन्दू धर्मग्रंथों की गलत-सलत व्याख्या करना उनका पेशा है। आईआईटी बॉम्बे में छात्र कह रहे हैं कि देवदत्त पटनायक के लेक्चर की यहाँ कोई ज़रूरत नहीं है। ‘विवेक विचार मंच’ नामक छात्र संस्था ने मुंबई के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख कर कहा है कि एक गुट कॉलेज परिसर के माहौल को दूषित करने में लगा हुआ है।

वहीं IIT बॉम्बे के छात्रों ने एक प्रोफेसर और एक गेस्ट लेक्चरर के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दायर की है। एक लेक्चर के दर्जन इन्होंने हमास और इस्लामी आतंकियों का समर्थन किया। सोमवार (6 नवंबर, 2023) को कोरसुरक का हिस्सा बता कर ये लेक्चर आयोजित किया गया है। वहीं अब देवदत्त पटनायक का विरोध हो रहा है। दीपावली के कारण कई छात्र अपने घर गए हुए हैं, ऐसे में इसका फायदा उठा कर इस तरह के लेक्चर आयोजित किए जा रहे हैं।

पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि विभाजनकारी नीतियाँ अपना कर छात्रों को उकसाया जा रहा है। छात्रों ने हमास समर्थक प्रोफेसरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की माँग की है। ह्यूमनिटीज एन्ड सोशल साइंस विभाग में पढ़ रहे ओमकार सुपेकर ने प्रोफेसर शर्मिष्ठा साहा और सुधन्वा देशपांडे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ये ‘जन नाट्य मंच’ से जुड़ा हुआ है। फिलिस्तीन पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाए जाने का कार्यक्रम भी तय किया गया था।

इसी में उक्त प्रोफेसर ने देशपांडे को लेक्चर देने के लिए बुलाया था। छात्रों ने बताया कि इसके खिलाफ आवाज़ उठाने के बावजूद उनकी माँग पर ध्यान नहीं दिया गया। एक Ph.D छात्र ने बताया कि क्लासरूम में विरोध प्रदर्शनों का आयोजन, सरकार की आलोचना और हिन्दू धर्म को बदनाम करना आम हो गया है। बता दें कि देवदत्त पटनायक कह चुके हैं कि वो ‘बलात्कार के बदले बलात्कार’ वाली थ्योरी में यकीन करते थे।ट्रॉल होने के बाद उन्हें इसके लिए माफ़ी माँगनी पड़ी थी।

IIT बॉम्बे में हमास के समर्थन का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले प्रोफेसर अचिन वनैक को इसके लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन विरोध के बाद ‘अचानक आई परिस्थितियों’ का हवाला देते हुए इसे रद्द कर दिया गया था। इजरायल-फिलिस्तीन के ऐतिहासिक पहलुओं पर बात करने के नाम पर हमास समर्थक प्रोफेसर को बुलाया गया था, लेकिन फिर लेक्चर रद्द कर दिया गया। अचिन को इससे पहले जिंदल यूनिवर्सिटी में बुलाया गया था। वो भारतीय सेना को आतंकवादी बता चुका है।

दियरा घाट: पहली बार जहाँ मनी थी दीपावली, भगवान श्री राम ने किया था दीपदान; शामिल हुए थे अयोध्या के लोग भी

दिवाली पर अयोध्या में दीये जलाने का एक नहीं कई विश्व रिकॉर्ड बन रहे, हर साल टूट कर फिर नए रिकॉर्ड गढ़े जा रहे। दीपावली पर अयोध्या का महत्व हर हिंदू के लिए अप्रतीम है। भगवान श्रीराम के साथ इसकी जो कड़ियाँ जुड़ी हैं, वो हम सब को एक साथ जोड़ती है। आज बात लेकिन उस जगह की, जहाँ दिवाली सबसे पहली बार मनी थी, जहाँ भगवान श्री राम ने किया था दीपदान की शुरुआत। दियरा घाट (Diyara Ghat) है वो ऐतिहासिक जगह, अयोध्या से नजदीक ही है!

जहाँ से दीपदान की शुरुआत मानी जाती है, वह दियरा घाट अयोध्या से सटे सुलतानपुर जिले में है। सुलतानपुर का प्राचीन नाम कुशभवनपर था। इसे भगवान राम के सुपुत्र कुश ने बसाया था, इसलिए इसका नाम कुशभवनपुर पड़ा। जिला मुख्यालय से लगभग तीस किलोमीटर दूर ‘आदि गंगा’ कही जाने वाली गोमती नदी के तट पर दियरा घाट स्थित है, जहाँ पर अयोध्या से पहले दीपावली या दिवाली मनाई गई थी।

मान्यताओं के अनुसार रावण और लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद यहाँ पहुँचे भगवान श्रीराम ने ही पहला दीपदान किया था। लंका से श्रीराम, लक्ष्मण, सीता की सकुशल वापसी की खुशी में यहाँ हुए दीपदान में स्थानीय निवासियों के अलावा अयोध्या से अपने भगवान राम की अगवानी करने आए अयोध्यावासी भी दीपदान में शरीक हुए थे। अगल-बगल के ग्रामीण इस बात को लेकर आज भी बड़े गौरवांवित महसूस करते हैं कि दीप पर्व की शुरुआत उनके यहाँ से मानी जाती है।

हरिशयनी में प्रभु ने किया था विश्राम

दीपदान से पहले भगवान श्रीराम ने धोपाप में स्नान किया था। उसके बाद दियरा में दीपदान किया। प्रभु श्रीराम ने इसके बाद हरिशयनी गाँव में विश्राम किया था। मान्यता है कि हरि (श्रीराम) के शयन से ही इस गाँव का नाम पड़ा। इस सबका जिक्र यहाँ के जिला गजेटियर में भी किया गया है। आज भी हरिशयनी गाँव के लोग भगवान राम के मेजबान के तौर पर खुद को किस्मत का धनी समझते हैं।

योगी सरकार आने के बाद बदली सूरत, उम्मीद थोड़ी और की!

दियरा घाट दीपावली की शुरुआत का एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। इस घाट के विकास से दीपावली पर्व की भव्यता और लोकप्रियता में और भी वृद्धि होगी। सरकार को इस घाट के विकास के लिए पहल करनी चाहिए।

अयोध्या में दीपावली पर दीपदान के आयोजनों को लेकर सुर्खियाँ बटोरती सरकार पर सुलतानपुर के दियरा घाट की उपेक्षा के आरोप स्थानीय लगाते हैं। हालाँकि योगी सरकार आने के बाद से दियरा के दिन बहुरे तो हैं, लेकिन बहुत सारे काम किए जाने बाकी हैं। आपको बता दें कि दियरा में घाट तक पक्की सड़क बनाई गई है।

दियरा घाट पर आज क्या होता है?

आज भी दियरा घाट पर दीपावली की पूर्व संध्या पर दीपदान का आयोजन किया जाता है। हालाँकि, यह आयोजन बहुत ही साधारण होता है। स्थानीय लोग यहाँ पर इकट्ठा होकर दीपदान करते हैं और भगवान श्री राम की पूजा करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को इस स्थल के विकास के लिए पहल करनी चाहिए ताकि यह स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सके। लोगों का कहना है कि इस स्थल पर एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। साथ ही यहाँ एक दीपदान स्थल भी बनाया जाना चाहिए, इससे दीपावली पर्व को और भी भव्य तरीके से मनाया जा सकेगा।