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ख़त्म हुआ इंतज़ार, उत्तराखंड में UCC लेकर आ रही सरकार: दीपावली बाद विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी, महिलाओं को मिलेगा अधिकार

उत्तराखंड में ‘समान नागरिक संहिता (UCC)’ के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार विधानसभा का विशेष सत्र में UCC का बिल पारित कराएगी। अगर ये पास हो गया तो उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहाँ UCC लागू होगा। लोगों की सलाह लेकर और इस पर विचार-विमर्श कर के ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में ये समिति बनाई गई थी।

शादी, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने के मामलों में क्या नियम-कानून होंगे, ये सब इसी कानून के हिसाब से तय होगा। इस ड्राफ्ट में इस संबंध में सुझाव दिए गए हैं। कहा जा रहा है कि दीपावली के बाद ये विशेष सत्र बुलाया जाएगा। रिपोर्ट के अध्ययन के लिए समय लेने के बाद ये विशेष सत्र बुलाया जाएगा। सदन में इस पर चर्चा के बाद इसे पारित कराया जाएगा, फिर राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद ये कानून बन जाएगा। हाल ही में उत्तराखंड के 23वें स्थापना दिवस पर भी सीएम धामी ने इस तरफ इशारा किया था।

उन्होंने जानकारी दी थी कि UCC का ड्राफ्ट लगभग तैयार है। उत्तराखंड की तरह ही गुजरात में भी समान नागरिक संहिता लाए जाने की तैयारी चल रही है। इधर 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने UCC लाए जाने का वादा किया था। एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आम जनता के भी सुझाव माँगे गए थे। अन्य देशों के ऐसे कानूनों का भी अध्ययन किया गया। उत्तराखंड के नए कानूनों में पारिवारिक संपत्ति में महिलाओं के हिस्से से लेकर लैंगिक समानता पर भी जोर होगा।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर की मानें तो इस ड्राफ्ट में लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल करने का प्रावधान नहीं है। समिति ने 18 की उम्र रखने की ही वकालत की है। संपत्ति अधिकार से लेकर बच्चों तक के मामले में सभी धर्मों/मजहबों के लिए समान कानून लागू होगा। हालाँकि, ये विवाह के रस्मों या फिर अन्य रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। उत्तराखंड के इस कानून के आधार पर देश में भी UCC को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

राजस्थान में पुलिस वाले ने ही किया 4 साल की बच्ची से रेप, वसुंधरा राजे ने गहलोत सरकार को घेरा, कहा- ‘कॉन्ग्रेस की निष्क्रिय सरकार की विदाई जरूरी’

राजस्थान के दौसा जिले में एक बार फिर खाकी शर्मसार हुई है। जिस वर्दी पर सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वही भक्षक के रूप में नजर आई है। दरअसल, दौसा जिले में शुक्रवार (10 नवंबर, 2023) को एक पुलिस उप-निरीक्षकर द्वारा 4 साल की मासूम बच्ची के साथ रेप किए जाने की घटना सामने आई है। 

नाबालिग से बलात्कार के इस मामले के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। यह पूरा मामला लालसोट विधानसभा क्षेत्र के राहुवास गाँव का है। एएसपी दौसा बजरंग सिंह के अनुसार, आरोपित की पहचान भूपेन्द्र के रूप में हुई है।

वसुंधरा राजे ने कॉन्ग्रेस को घेरा

वहीं इस घटना पर अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान की गहलोत सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। वसुंधरा राजे ने इस शर्मसार करने वाली घटना को लेकर सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, “बीते पाँच वर्षों में कॉन्ग्रेस ने राजस्थान को जो कुशासन दिया है, उसी का नतीजा है कि बेटियों से दरिंदगी की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दौसा में चार वर्ष की मासूम के साथ रेप की वारदात ने राजस्थान को एक बार फिर शर्मसार किया है। इस बेटी की चीखें तब तक प्रदेशवासियों के कानों में गूँजती रहेगी, जब तक कि अपराधियों को सजा नहीं मिल जाती और जब तक इस निष्क्रिय सरकार की विदाई नहीं हो जाती।”

क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट के अनुसार, एसपी वन्दिता राणा ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह को राहुवास थाने में ड्यूटी के लिए भेजा था। जहाँ सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह एक दूसरे पुलिसकर्मी के किराए के कमरे में रह रहा था। वहीं इस मामले में यह आरोप है कि एक चार साल की मासूम बच्ची जब उस किराए के रूम के पास खेलते-खेलते आई तो सब इंस्पेक्टर की बुरी नजर उस मासूम बच्ची पर पड़ी और इसके बाद वह उस मासूम बच्ची को अपने रूम में ले गया और उसके साथ दरिंदगी की। 

घटना के बाद जैसे ही बच्ची के परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो पूरे राहुवास क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। लोगों ने आरोपित इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के लिए थाने पहुँचकर घेराव किया। ग्रामीणों ने आरोपित सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करने और राहुवास थाने के पूरी स्टाफ को हटाने की माँग करते हुए नारेबाजी करने लगे। वहीं आरोपित के जमकर पिटाई की बात भी सामने आई है।

इस मामले में बीजेपी नेता किरोड़ी लाल मीणा भी पुलिस थाने पहुँचे जहाँ सैकड़ों की संख्या में गुस्साए प्रदर्शनकारी पुलिस और गहलोत सरकार के खिलाफ नारे लगाते दिखे। उन्होंने भी पुलिस से कार्रवाई की माँग की। 

उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, ”लालसोट में एक पुलिसकर्मी द्वारा दलित बच्ची के साथ बलात्कार की घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। पीड़ित मासूम बच्ची को न्याय दिलाने में मदद के लिए मैं मौके पर पहुँचा हूँ। अशोक गहलोत सरकार की अक्षमता के कारण निरंकुश हो चुकी पुलिस चुनाव जैसे संवेदनशील मौके पर भी अत्याचार करने से बाज नहीं आ रही है।”

वहीं इस मामले पर गुस्सा जाहिर करते हुए बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “राजस्थान के दौसा में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है, जहाँ हाल ही में प्रियंका गाँधी वाड्रा गई थीं। राजस्थान पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर ने चार साल की बच्ची से रेप किया है। जब पिता थाने में केस दर्ज कराने जाता है तो उसे पीटा जाता है…आज ‘रक्षक’ भी ‘भक्षक’ बन गया है।”

आरोपित पुलिस इंस्पेक्टर गिरफ्तार

मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता और हंगामे में तब्दील होता देख बच्ची के परिजनों के द्वारा दी गई शिकायत के बाद FIR दर्ज कर सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे मामले में राजस्थान पुलिस पर जहाँ सवाल उठ रहे हैं वहीं पुलिस ने परिजनों को जाँच के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 

‘हिम्मत है तो आ जा’: चुनौती देकर डर गया विराट कोहली का फैन, जहाँ बुलाया वहाँ सचमुच पहुँच गया गांगुली का फैन – सड़क पर पहुँची ऑनलाइन फाइट

क्या आपने सोशल मीडिया के किसी झगड़े को सड़क पर जाते देखा है? खासकर तब, जब दोनों ही पक्ष एक-दूसरे से अपरिचित हों। और हाँ, किसी व्यक्तिगत मुद्दे नहीं बल्कि क्रिकेट को लेकर। ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। ये सब शुरू होता है क्रिकेट की खबरें ट्विटर पर शेयर करने वाले जॉन्स की ट्वीट से। उन्होंने रोहित शर्मा की तस्वीर लगा कर सौरभ गांगुली का एक बयान शेयर किया। इस ट्वीट के नीचे ऐसा कुछ हुआ कि सभी की नज़रें इसी पर टिक गईं।

BCCI के अध्यक्ष रहे सौरभ गांगुली ने अपने बयान में कहा था, “रोहित शर्मा टीम इंडिया की कप्तानी नहीं चाहते थे क्योंकि इससे उन पर सभ फॉर्मेट खेलने का बहुत दबाव था। बात वहाँ तक पहुँच गई थी जहाँ मैंने कहा कि अगर आप हाँ नहीं कहेंगे तो मैं आपके नाम की घोषणा कर दूँगा। मैं खुश हूँ कि वो आज आगे बढ़ कर टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और इसके परिणाम आप देख ही सकते हैं।” इसके बाद इसमें 2 किरदारों की एंट्री होती है, जिसमें से एक है अमृत प्रधान और एक ने अपना नाम सिर्फ ‘A’ लिख रखा है।

हाँ, ‘A’ विराट कोहली का फैन था और उसने अपनी डीपी भी उनकी ही लगा रखी थी। सौरभ गांगुली और विराट कोहली के बीच काफी विवाद भी हो चुका है और कोहली फैंस ने गांगुली पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कोहली को कप्तानी से हटने के लिए विवश किया। ‘A’ ने गांगुली को गाली देते हुए एक मीम शेयर किया, जिसमें तंज कसा गया था कि 40 की उम्र में जहाँ MS धोनी ने आईपीएल जीत लिया, वहीं 38 की उम्र में गांगुली को अपने ख़राब फॉर्म की वजह से टीम से हटना पड़ा था।

इस पर अमृत प्रधान ने उसे चुनौती दी कि हिम्मत है तो कहीं मिल कर ये बात बोलो। ‘A’ ने गाली का इस्तेमाल करते हुए लोकेशन भेजने के लिए कहा। अमृत प्रधान ने बताया – नई दिल्ली। फिर ‘A’ ने पूरा लोकेशन भेजने के लिए कहा, अमृत प्रधान ने बताया – ब्लॉक D, साकेत। फिर ‘A’ ने अपने दोस्त शाहनवाज़ को टैग करते हुए लिखा कि वो अपने ग्रुप के साथ वहाँ पहुँचेगा, लेकिन अमृत प्रधान ने इसे उसके डर जाने की निशानी बताते हुए कहा कि वो अकेले वहाँ पर आएँगे।

फिर ‘A’ ने दावा किया कि वो अकेले वहाँ पर पहुँचेगा। लैंडमार्क माँगने पर अमृत प्रधान ने बताया ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’। ‘A’ ने समय भी दे दिया कि वो साढ़े 7 तक वहाँ पहुँच जाएगा। इसी बीच शाहनवाज़ भी अमृत प्रधान को ट्रॉल करने आ गया और पूछने लगा कि क्या वो ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ में वॉचमैन है? अमृत ने उसे भी ललकारा और कहा कि दोस्त के साथ तुम भी आ जाओ। ‘A’ ने 7:28 तक, यानी दिए गए समय से 2 मिनट पहले ही वहाँ पहुँचने की बात कही।

फिर श्रेयांश नामक एक व्यक्ति ने बीच में आकर पूछा कि वो कहाँ तक पहुँचा? इस पर अमृत प्रधान ने लिखा कि उनका तो घर ही यहीं है। ‘A’ ने रिलाई किया, “सीधा-सीधा बोल तू डर गया।” अमृत प्रधान ने जवाब दिया कि वो तैयार हैं और सुबह-सुबह उन्होंने बारबेल भी मारा है। इस पर ‘A’ ने जवाब दिया कि उसने अभी इंक्लाइन प्रेस मारा है। अमृत प्रधान ने लिखा कि अगर वो नहीं आया तो वो वफ़ल खाने चला जाएगा। उसने बताया कि उनकी कल फ्लाइट भी है दिल्ली से कोलकाता। साथ ही टिकट की तस्वीर भी शेयर की।

फिर विराट कोहली का फैन ‘A’ कहने लगा कि अमृत प्रधान डर गए हैं। उसने लिखा, “चल इस बार तुझे माफ़ किया। दोबारा ऐसा मत करना।” इसके बाद जो हुआ वो चौंकाने वाला था। अमृत प्रधान सचमुच उस जगह पर पहुँच चुके थे। फिर उन्होंने उस जगह से अपना वीडियो बना कर भी शेयर किया। शाम का समय था और दिवाली की लड़ियाँ भी उसमें आसपास दिख रही हैं। वीडियो में अमृत प्रधान अंगूठे के इशारे से और सिर हिला कर बताते हैं कि वहाँ उनके अलावा कोई नहीं आया।

इसके बाद निर्भीक अमृत प्रधान की तारीफ होने लगी। यहाँ तक कि फ़ूड एग्रीगेटर प्लैटफॉर्म Swiggy ने भी इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “जब अमृत प्रधान माउंटेन ड्यू पीते हैं तो माउंटेन ड्यू भी निर्भीक हो जाता है।” इसके बाद लोग भी हैरान होकर कहने लगे कि अरे ये तो सचमुच पहुँच गया, ‘ई-लफड़ा’ ऑनलाइन से ऑफलाइन चला गया। अमृत प्रधान के बारे में बता दें कि बायो में उन्होंने खुद को सुप्रीम कोर्ट का वकील बताया है। इस प्रकरण के बाद ‘A’ को इनबॉक्स में इतनी गालियाँ पड़ी कि उसने अपने नोटिफिकेशन को फ़िल्टर कर दिया।

जिस शख्स को जिंदा खाने के लिए मगरमच्छ ने दबोचा, उसने मगरमच्छ की ही आँख खा ली: कहा – मोटी चमड़ी जैसा लगा, जान बचा के भागा मगरमच्छ

ऑस्ट्रेलिया में एक अजीबोगरीब घटना घटी है। यहाँ कॉलिन डेवारॉक्स नाम के एक किसान ने मगरमच्छ के चंगुल से खुद को छुड़ाने के लिए उसकी ही पलक को अपने दाँत से काट दिया। मामला पिछले महीने का है। पशु पालने वाले कॉलिन डेवरॉक्स फिनिस नदी के पास बाड़ लगाने के लिए जा रहे थे, तभी मगरमच्छ ने उनपर हमला किया। हमले के बाद कॉलिन के पाँव की हालत गंभीर है। उनका अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नदी के पास बाड़ लगाने के लिए जाते वक्त कॉलिन बिल्लाबोंग नामक झील के पास रुककर मछलियाँ देख रहे थे कि तभी अचानक उनके दाहिने पैर को 10फीट लंबे मगरमच्छ ने पकड़ लिया। उन्होंने सबसे पहले अपने बाएँ पैर से मगरमच्छ की पसलियों में लात मारने की कोशिश की। लेकिन मगरमच्छ ने उनका पाँव नहीं छोड़ा बल्कि पकड़ मजबूत करके उन्हें पानी में खींचता ले गया। ऐसे में कॉलिन ने बिन कुछ सोचे खुद को बचाने के लिए मगरमच्छ की आँखों पर अपने दाँत गड़ाए और उसकी चंगुल से छूटने में सफल हुए।

डेवरॉक्स बताते हैं, “वो बहुत अजीब स्थिति थी, लेकिन तभी मेरे दाँत उसकी पलक पर लगे, वो बहुत मोटी थी, जैसे चपड़ा। लेकिन मैंने दोबारा झटका दिया तो उसने मुझे छोड़ दिया और कुछ देर मेरा पीछा करके वहाँ से चला गया।”

इसके बाद कॉलिन खुद एक तौलिया और कुछ रस्सियों के सहारे झील से निकलकर बाहर आए। फिर उनका भाई उन्हें 130 किलोमीटर दूर रॉयल डार्विन अस्पताल लेकर गया। घटना को याद करते हुए कॉलिन कहते हैं कि बाड़ बाँधने का काम उन्होंने जिंदगी पर किया लेकिन इस घटना ने उनकी आँख खोल दी।

रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कि डेवेरॉक्स के पैर में मगरमच्छ के पकड़ने से गंभीर घाव हो गए हैं। घटना को एक माह बीत जाने के बाद भी वह अब तक अपना इलाज करा रहे हैं। नवंबर में उनके पैर में स्किन ग्राफ्ट लगाया गया था। डॉक्टरों को उम्मीद है कि डेवेराक्स को इस सप्ताह अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस मगरमच्छ ने उन पर हमला किया वह किसी और को नुकसान नहीं पहुँचाएगा क्योंकि उसे वहाँ से हटा दिया गया।

‘मेरी हत्या की साजिश रच रहा है कॉन्ग्रेसी मेयर एजाज ढेबर’: BJP विधायक की शिकायत पर साजिद खान गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ में ₹2000 करोड़ के शराब घोटाले में आरोपित है ढेबर ब्रदर्स

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भाजपा के नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के साथ मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने मोहम्मद साजिद खान उर्फ चिंटू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को कोतवाली पुलिस ने नूरजहाँ होटल के बाहर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मोहम्मद साजिद के खिलाफ मारपीट और धमकी आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की है।

दरअसल, विधानसभा चुनाव के दौर से गुजर रहे छत्तीसगढ़ के बैजनाथ पारा में गुरुवार (9 नवंबर 2023) को भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान विधायक के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। विधायक ने कॉलर पकड़कर मारने की कोशिश करने का आरोप था। इस दौरान मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने विधायक को घेर लिया।

भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बताया, “मुझे बचाने के लिए मेरे पीएसओ मुझे घसीट कर पीछे मदरसा ले गए तो मैं बचा। मुझे लगता है कि उनकी कोशिश मेरी हत्या करने की थी। कॉन्ग्रेस के नेता शासन-प्रशासन के संरक्षण में हमारे चुनाव प्रचार को रोकने और मेरी हत्या करने की कोशिश कर रहे हैं। वे गुंडागर्दी कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे बताया, “मैंने अपने दौरे के बारे में जानकारी पुलिस को दे दी थी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था रखने के लिए भी कहा था। मुझे लगता है ये अनवर ढेबर और ऐजाज ढेबर के लोग थे, जो महंत रामसुंदर दास के पीछे रहकर पूरे चुनाव का संचालन कर रहे हैं। ये लोग चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से नहीं होने देना चाहते हैं।”

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “हमने पहले भी इस मामले में शिकायत की है। हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को धमकाने की कोशिश की जा रही है। उनसे कहा जा रहा है कि कॉन्ग्रेस का काम करो नहीं तो हम तुम्हारा घर तुड़वा देंगे। हम तुम्हारा धंधा बंद कर देंगे और नौकरी से निकलवा देंगे।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस नेता एजाज ढेबर शहर के मेयर हैं। अनवर ढेबर उनका बड़ा भाई और होटल का कारोबार करता है। छत्तीसगढ़ में लगभग 2000 करोड़ रुपए का शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दोनों ED की रडार पर हैं। यह सिंडिकेट शराब की हर बोतल पर अवैध रूप से पैसा लेता था। अनवर ये पूरा सिंडिकेट कॉन्ग्रेस के नेताओं और नौकरशाहों की मदद से चलाता है।

इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने का घेराव करके प्रदर्शन किया। उसके बाद शाम भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह भी कोतवाली थाने पहुँचे। इसके बाद पुलिस ने कई धाराओं में साजिद खान और कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल रायपुर दक्षिण विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी हैं। वे सात बार के विधायक हैं। वे मुस्लिम बहुल इलाके बैजनाथ पारा में प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान उन पर ये हमला किया गया। पुलिस ने साजिद खान को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उसके अन्य साथी अभी भी फरार है। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।

बाबर आज़म के अब्बा ने कहा – ‘कप्तानी छोड़ दो पाकिस्तान की’, इंग्लैंड वाले मैच से पहले करने लगे कोलकाता में धुआँधार शॉपिंग

ICC वनडे विश्व कप 2023 से पाकिस्तान ‘लगभग’ बाहर हो चुका है। ‘लगभग’ इसीलिए, क्योंकि सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने के लिए अपने आखिरी मैच में उसे इंग्लैंड के खिलाफ इतने रन से जीतना पड़ेगा और इतने कम ओवर में चीज करना पड़ेगा जो संभव नहीं दिखता। पाकिस्तान में अपनी ही क्रिकेट टीम की जम कर आलोचना हो रही है। कप्तान बाबर आज़म भी सवालों के घेरे में हैं। पाकिस्तानी टीम जब अपने वतन वापस लौट कर जाएगी, तब उनके साथ क्या होगा ये भी देखने लायक होगा।

मॉल में शॉपिंग के मजे ले रहे पाकिस्तानी खिलाड़ी

हालाँकि, टीम अभी भारत में ही बैठ कर खा-पी रही है और कप्तान बाबर आज़म धुआँधार शॉपिंग में लगे हुए हैं। यहाँ तक कि टीम के बाएँ हाथ के स्पिनर इमाम-उल-हक़ भी बाबर आज़म के साथ पश्चिम बंगाल की राजधानी स्थित झूठ सिटी मॉल में शॉपिंग करते हुए पाए गए। गुरुवार (9 नवंबर, 2023) को दोनों खिलाड़ी साड़ियाँ खरीदते हुए दिखे और इस दौरान वो अपने परिवार के साथ वीडियो कॉल पर ही कनेक्टेड थे। इस दौरान उन्होंने गॉगल्स और कुछ अन्य आइटम्स भी खरीदे।

इससे पहले खबर आई थी कि बाबर आज़म ने 7 लाख रुपए की डिजाइनर शेरवानी और गहने खरीदे हैं। हालाँकि, उनका प्रबंधन देखने वाली एजेंसी ने इसे नकार दिया था। ‘स्टार कॉर्पोरेशन’ ने इसे झूठी रिपोर्ट बताते हुए कहा कि खुद क्रिकेटर के लिए ये हैरानी भरा है। साथ ही इसे प्रोपेगंडा और भ्रामक करार दिया था। इससे पहले उस्मान मीर, मोहम्मद हैरिस और वसीम जूनियर टीम होटल के नज़दीक स्थित एक शॉपिंग मॉल में चीजें खरीदते हुए पाए गए थे।

ये लोग ‘मणि स्क्वायर’ नामक मॉल में खरीददारी करते हुए दिखे थे। कई क्रिकेट प्रशंसक इस दौरान वहाँ जुट गए। अब्दुल्ला शफीक और ज़मान खान भी शॉपिंग कर रहे थे। बता दें कि अगर पाकिस्तान को सेमीफाइनल में पहुँचना है तो उसे इंग्लैंड को 287 रनों से हराना होगा। अगर पाकिस्तान पहले गेंदबाजी करती है तो उसे इंग्लैंड को मात्र 50 रन या इससे कम पर ऑलआउट करना होगा। वहीं अगर बार आज़म की टीम पहले बल्लेबाजी करती है तो उसे 3 ओवर में 100 रन मारने पड़ेंगे।

कप्तान के पद से इस्तीफा देंगे बाबर आज़म?

उधर अब ये अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या पाकिस्तानी टीम की वर्ल्ड कप में इस दुर्गति के बाद अब बाबर आज़म इस्तीफा देंगे? पाकिस्तानी मीडिया संस्थान ‘Geo TV’ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान से भारत लौटते ही बाबर आज़म इस्तीफा दे देंगे। इस संबंध में वो PCB (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) के अध्यक्ष रमीज़ रज़ा और अपने अन्य करीबियों से सलाह-मशविरा भी कर रहे हैं। 29 वर्षीय पाकिस्तानी क्रिकेटर अपने भविष्य को लेकर जानकारों से राय ले रहे हैं।

इतना ही नहीं, बाबर आज़म ने अपने अब्बा से भी इस संबंध में राय माँगी है कि उन्हें पाकिस्तानी टीम का कप्तान बने रहना चाहिए या नहीं। क्या उनके अब्बा ने उन्हें कप्तानी छोड़ने के लिए कह दिया है? उनके कुछ करीबी लोग उन्हें तीनों फॉर्मेट में कप्तान के पद से इस्तीफा देने की सलाह दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में समस्या आ सकती है, इसीलिए उन्हें ऐसा कहा जा रहा है। कहा जा रहा है कि वो भारत में रहते ही इस संबंध में फैसला लेना चाहते थे, लेकिन अब वो पाकिस्तान पहुँचने के बाद इसकी घोषणा करेंगे। इसमें उनके अब्बा की राय सबसे ज़्यादा मायने रखेगी।

रश्मिका मंदाना की डीपफेक Video केस में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, महिला आयोग ने नोटिस देकर पूछा था- कब होगी गिरफ्तारी

अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। दरअसल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक यूनिट ने इसे लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यहीं नहीं पुलिस टीम बनाकर ने आनन-फानन में इस केस की जाँच भी शुरू कर दी है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (10 नवंबर,2023) को ये एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ”रश्मिका मंदाना के डीपफेक एआई-जनरेटेड वीडियो को लेकर आईपीसी, 1860 की धारा 465 और 469 और आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 66सी और 66ई के तहत दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है और इसकी जाँच की जा रही है।”

जानकारी के अनुसार, इस केस को लेकर दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने खुद संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब-तलब करते हुए उसे नोटिस जारी किया था। पूछा गया था कि आखिर अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। इस नोटिस में फिक्र जताते हुए डीसीडब्ल्यू ने कहा था कि जानकारी में आया है कि किसी महिला एक्ट्रेस की फोटो के साथ गलत तरीके से छेड़छाड़ की गई है। इसे लेकर कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है और ये बेहद गंभीर बात है।

इस केस को लेकर डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस से 17 नवंबर तक एफआईआर की कॉपी, आरोपितों की डिटेल्स के साथ इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।

डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष मालीवाल ने इसे लेकर अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट भी किया, “एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना की AI Generated Deep Fake वीडियो का संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। अब तक इस मामले में कोई गिरफ़्तार नहीं हुआ है। इस नक़ली वीडियो बनाने वाले के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “हमारे नोटिस के बाद दिल्ली पुलिस ने इस फ़ेक वीडियो केस में FIR दर्ज कर ली है। जल्द आरोपित गिरफ्तार होंगे।” बताते चलें कि हाल ही में तेलुगु फिल्म ‘पुष्पा’ फेम रश्मिका मंदाना का एआई टेक्नीक से बना स्विमसूट पहने एक वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ था। असल में स्विम सूट पहने ये मंदाना नहीं बल्कि एक ब्रिटिश-इंडियन इन्फ्लुएंसर ज़ारा पटेल है। AI की Deepfake तकनीक के जरिए उनके चेहरे पर रश्मिका मंदाना का चेहरा लगा दिया गया था।

इसे लेकर सबसे पहले अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट डालकर विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने इस लेकर कानूनी कार्रवाई की माँग की थी। सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी इस वीडियो को लेकर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे सभी डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे को कभी टूटने नहीं देगी।

अपने इस वीडियो को लेकर रश्मिका मंदाना ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था, “मुझे अपने ऑनलाइन फैलाए जा रहे डीप फेक वीडियो पर बात करते और इसे शेयर करते हुए बेहद दुख हो रहा है। ईमानदारी से कहूँ तो ऐसा कुछ, न केवल मेरे लिए, बल्कि हममें से हर एक के लिए बेहद डरावना है, जो आज तकनीकी के बेजा इस्तेमाल की वजह से खतरे में हैं।”

Abundance in Millets: नरेंद्र मोदी पर फिल्माया गाना 2024 ग्रैमी अवॉर्ड्स में, लिरिक्स लिखने में PM ने भी किया सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर आधारित एक गीत को ‘बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस’ (Best Global Music Performance) श्रेणी में 2024 ग्रैमी अवार्ड्स के लिए नामांकित किया गया है। दरअसल, ग्रैमी ने 2024 की ग्रैमी नामांकन की सूची जारी की है, और इसमें फाल्गुनी शाह और उनके पति गौरव शाह का गाना ‘एबंडेंस इन मिलेट्स’ (Abundance In Millets) भी शामिल है।

गाने के लिए ग्रैमी नामांकन (GRAMMY Nominations) में कहा गया है, एबंडेंस इन मिलेट्स, फालू और गौरव शाह (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिल्माया गया)।

बता दें कि मिलेट्स (बाजरा) के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एबंडेंस इन मिलेट्स गीत जारी किया गया था क्योंकि दुनिया वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में मना रही है। वहीं मिलेट्स को केंद्र में रखकर शाह दंपति ने जो गाना गाया है, उसमें अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष पर पीएम मोदी के भाषण का एक हिस्सा भी शामिल है। गाने के बीच-बीच में पीएम मोदी को बाजरे को हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनाने के बारे में बात करते हुए सुना जाता है। 

म्यूजिक वीडियो में गाने के बोलों में बाजरा की खेती, इसकी पौष्टिकता और इसके भूख को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की भूमिका को केंद्र में रखा गया है।

गीत गाने के अलावा, फालू (फाल्गुनी शाह) और गौरव शाह ने केन्या ऑटी, ग्रेग गोंजालेज और सौम्या चटर्जी के साथ मिलकर गीत की रचना और लेखन भी किया। यह गाना अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में लिखा गया था।

यदि या सॉन्ग पुरस्कार जीतता है, तो यह फालू के लिए दूसरा ग्रैमी होगा, क्योंकि उन्होंने अपने 2021 एल्बम ए कलरफुल वर्ल्ड के लिए 2022 में ग्रैमी पुरस्कार जीता था। उन्होंने कहा कि बाजरा के बारे में गीत लिखने का विचार उन्हें तब आया जब वह पिछले साल ग्रैमी अवॉर्ड जीत के बाद नई दिल्ली में पीएम मोदी से मिलीं।

मिलेट्स गाने पर उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे और मेरे पति गौरव शाह के साथ यह गाना लिखा है।”

उन्होंने कहा कि परिवर्तन लाने और मानवता के उत्थान के लिए संगीत की शक्ति पर चर्चा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें सुझाव दिया कि उन्हें भूख खत्म करने के संदेश के साथ एक गीत लिखना चाहिए। पीएम ने उन्हें बताया कि भारत बाजरा को बढ़ावा देता है क्योंकि यह एक सुपर अनाज है और इसमें अत्यधिक स्वास्थ्य और पोषण मूल्य है।

इसके बाद फालू ने पूछा कि क्या पीएम मोदी गाना लिखने में सहयोग करेंगे, जिस पर उन्होंने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि वह शुरुआत में पीएम मोदी के साथ गाना लिखने को लेकर घबरा रही थीं, लेकिन उन्होंने पूरा सहयोग दिया और सब कुछ बहुत ही सहजता से संपन्न हुआ। 

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लैंड जिहाद: इस्लामी कट्टरपंथी घरों पर कर रहे जबरन कब्जा, सस्ते में जमीन-जायदाद बेचने को मजबूर ‘काफिर’

बांग्लादेश में हिंसा के शिकार अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों को धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्हें अपने घर और जमीन-जायदाद को सस्ते दामों पर बेचकर भागने के लिए विवश किया जा रहा है। इस्लामी कट्टरपंथी इन हिंदू परिवारों को लगातार निशाना बना रहे हैं। इनमें उनकी बहू-बेटियों के साथ बलात्कार और हत्या तक शामिल है।

बांग्लादेश में आने वाले चुनावों को लेकर भी हिंदुओं पर हमले बढ़ गए हैं, क्योंकि वे कट्टरपंथी खालिदा जिया के बजाय शेख हसीना का समर्थन करते हैं। इस कारण खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BPP) से जुड़े कट्टरपंथी अक्सर उन्हें निशाना बनाते हैं। हालाँकि, शेख हसीना की पार्टी से जुड़े कट्टरपंथी भी हिंदुओं को निशाना बनाने में पीछे नहीं रहते।

कालबेला न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अल्पसंख्यक समुदाय को इस्लामी कट्टरपंथियों से अक्सर खतरे का सामना करना पड़ता है। इसलिए कई हिंदू परिवार देश के अन्य हिस्सों में पलायन कर रहे हैं। दरअसल, खुलना संभाग के शैलकुपा उपजिला में कट्टरपंथियों ने सत्येन्द्रनाथ साहा नाम के एक मृत हिंदू व्यक्ति के आवास पर कब्जा करके उसके स्थान पर चार मंजिला इमारत बना लिया।

शैलकुपा उपजिला के ‘जुबो लीग’ के अध्यक्ष शमीम हुसैन मुल्ला और उनके अब्बू सबदर हुसैन मुल्ला पर इस हिंदू परिवार की संपत्ति पर कब्जा करने का आरोप लगा है। बता दें कि ‘जुबो लीग’ सत्तारूढ़ शेख हसीना के नेतृत्व वाली बांग्लादेश अवामी लीग पार्टी की युवा शाखा है। इस उपजिला से हिंदुओं का पलायन लगातार जारी है।

मामले पर बात करते हुए सत्येन्द्रनाथ साहा की बहू ने बताया कि ‘जुबो लीग’ के नेता ने उनके घर और काली मंदिर पर जबरन कब्जा कर लिया है। स्थानीय सांसद मोहम्मद अब्दुल हई से शिकायत के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हई झेनाइदाह निर्वाचन क्षेत्र से बांग्लादेश अवामी लीग पार्टी के नेता हैं।

कालबेला न्यूज़ के अनुसार, सत्येन्द्रनाथ साहा का मामला उन अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों की अनगिनत कहानियों में से एक है, जिनकी संपत्ति पर प्रभावशाली मुस्लिम नेताओं ने कब्जा कर लिया। ‘भूमि जिहाद’ के इस संगठित रूप में शामिल सभी लोग राजनेता हैं। शैलकुपा के हिंदू निवासियों को अपने घरों बेचने के लिए विवश करने के लिए घरों में तोड़-फोड़ के साथ उन्हें हर तरह से डराया धमकाया गया।

डराने-धमकाने के लिए मूर्तियों को तोड़ा और मंदिरों को अपवित्र किया गया

सोमवार (6 नवंबर 2023) को शैलकुपा उपजिला के बिजुलिया गाँव में इस्लामी कट्टरपंथियों ने एक मंदिर को अपवित्र करते हुए उसमें स्थापित देव प्रतिमाओं को तोड़ दिया। घटना के बारे में जानकारी मिलने के बाद स्थानीय हिंदुओं ने पुलिस को इसके बारे में बताया। मंदिर तोड़ने का ऐसा ही मामला अक्टूबर 2022 में भी हुआ था।

इस घटना को आवामी लीग से जुड़े छात्र लीग के नेता की देखरेख में अंजाम दिया गया। एक स्थानीय हिंदू महिला ने बताया, “पिछले साल उन्होंने देवी काली की मूर्ति तोड़ दी और देवता का सिर तोड़कर फेंक दिया। देश में चुनाव होने वाला है। मुझे उम्मीद है कि इस बार ऐसी घटनाएँ दोबारा नहीं होंगी। मुझे उम्मीद है कि हम यहाँ शांति से रह सकेंगे।”

हिंदुओं ने बांग्लादेश अवामी लीग से कार्रवाई की माँग की

इस साल अप्रैल में शैलकुपा में पूजा समिति ने बांग्लादेश अवामी लीग से हिंदू समुदाय के खिलाफ किए गए अत्याचारों पर निष्क्रियता के लिए मोहम्मद अब्दुल हई को चुनाव टिकट नहीं देने का आग्रह किया था। अब स्थानीय हिंदू नेताओं ने शेख हसीना से अनुरोध किया है कि वे उन लोगों को टिकट ना दें जिनका मंदिर को अपवित्र करने, घरों को जलाने आदि में शामिल लोगों को बचाने का इतिहास है।

कालबेला न्यूज के अनुसार, शैलकुपा उपजिला में हिंदुओं को पिछले डेढ़ दशकों से शक्तिशाली इस्लामी कट्टरपंथियों से इलाका छोड़कर भागने की धमकी का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह 13 अक्टूबर 2023 को हिंदुओं पर हमले को लेकर हिंदू समुदाय कोमिलानगर में प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान भी उन पर हमले किए गए। इनमें कई लोगों को चोटें आईं।

बता दें कि पिछले कुछ सालों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले बढ़ गए। चाहे वह खालिदा जिया की पार्टी हो या शेख हसीना की, सबकी पार्टी के कट्टरपंथी नेताओं के निशाने पर हिंदू समुदाय है। हिंदुओं के त्योहारों पर उन पर हमले किए जाते हैं। घर की महिलाओं को बेइज्जत और अपहरण किया जाता है और कुछ मामलों में हत्या कर दी जाती है। पूजा स्थलों को अपवित्र करना जैसे रोज का काम हो गया हो।

विदेशी टीम के क्रिकेटरों ने बोला ‘जय श्रीराम’, Video में दिखाया ‘हिंदू प्रेम’ : कट्टरपंथी दे रहे गाली

आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 के बीच विदेश की ओर से खेल रहे दो हिंदू क्रिकेटरों की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इनमें एक का नाम केशव महाराज (साउथ अफ्रीका टीम के खिलाड़ी) है और दूसरे का नाम रचिन रवींद्र (न्यूजीलैंड के खिलाड़ी) है।

दोनों ही क्रिकेटरों की वीडियो देखने के बाद भारतीय यूजर्स उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे… कारण है- दोनों खिलाड़ियों के नाम अब भले ही विदेशी टीमों के साथ जुड़ा है , लेकिन वह अपनी संस्कृति और धर्म को नहीं भूले और न ही उन्हें जय श्रीराम बोलने-लिखने में सोचना पड़ता है।

केशव महाराज ने बोला जय श्रीराम

केशव महाराज ने हाल में वर्ल्ड हिंदू कॉन्ग्रेस 2023 में शामिल न हो पाने पर अपनी एक वीडियो बनाई। इस वीडियो में केशव महाराज कहते नजर आ रहे हैं कि दुर्भाग्य से वो इस सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाएँगे। लेकिन ये कार्यक्रम शानदार हो वो इसकी कामना करते हैं।

अपनी बात कहने के बाद उन्होंने –जय श्रीराम बोला।

इसे सुनते ही उनकी वीडियो के नीचे जय श्रीराम लिखकर उनका अभिवादन किया जाने लगा। इससे पहले उनकी हिंदू धर्म के प्रति आस्था के किस्से पहले ही मशहूर हैं।

रचिन रवींद्र की दादी के साथ वीडियो

इसी तरह रचिन रवींद्र की वीडियो जो इस समय सोशल मीडिया पर बहुत वायरल है इसके वो अपने बेंगलुरु वाले घर पर दादी के साथ दिख रहे हैं। वीडियो में दादी उनकी नजर उतारती दिखती हैं। वह भगवान की फोटो के सामने जाकर रचित से कहती भी हैं- ये मेरे करीबी रिश्तेदार हैं। कृष्णा मेरे करीबी रिश्तेदार हैं। इसपर रचित मुस्कुराते हैं और दादी को देखते रहते हैं।

वीडियो को शेयर करने के लिए रचिन रवीन्द्र नाम के अकॉउंट से लिखा गया है- जय श्रीराम। ऐसा अद्भुत परिवार पाकर धन्य हूँ। दादा-दादी देवदूत हैं जिनकी यादें और आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहते हैं।

उनकी वीडियो देखने के बाद भारतीय उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। लेकिन वहीं कट्टरपंथी हैं जो रचित की दादी के प्रेम को काला जादू बता रहे हैं। नौशाद बलूच नाम का यूजर लिखता है- नानी काला जादू कर रही हैं ताकि सेमीफाइनल में वह फ्लॉप हो जाए।

इसी तरह राहुल गाँधी की प्रोफाइल पिक लगाने वाले सलीम शेख कहता है आज से ये भक्तों का नया पापा।

बता दें कि रचित रवींद्र और केशव महाराज इस समय वर्ल्ड कप के चलते भारत में ही हैं। दोनों क्रिकेटरों को पहले से उनके हिंदू धर्म के प्रति प्रेम के कारण काफी सराहा जा चुका है। केशव महाराज जहाँ अपने बैट पर ओम लिखने और अपने हनुमान भक्त होने के कारण चर्चाओं में रह चुके हैं तो वहीं रचित रवींद्र भी अब अपनी वीडियो और जय श्रीराम लिखकर