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जिसकी बाँहों में बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हीरोइनें, कौन है वो ऑरी? सारा बोलीं बहुत एनर्जी वाला है, अनन्या कहती हैं बहुत कुछ करता है

फिल्म निर्माता करण जौहर के शो ‘कॉफी विथ करण’ वें संस्करण अभी चालू है, जिसमें हाल ही में अभिनेत्रियाँ सारा अली खान और अनन्या पांडेय पहुँची थीं। इस एपिसोड का एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमें ऑरी नाम के एक व्यक्ति की चर्चा हो रही है। इसके बाद से ही लोग सवाल पूछ रहे हैं कि ये ऑरी है कौन? ऑरी करता क्या है? कई बॉलीवुड की अभिनेत्रियों के साथ ऑरी की तस्वीरें हैं। इन तस्वीरों में वो अभिनेत्रियों के काफी करीब नज़र आता है। कुछ लोग उसे ड्रग्स सप्लायर तक बता दे रहे।

एक सवाल के जब के दौरान सारा अली खान ने ऑरी का जिक्र कर दिया, जिसके बाद करण जौहर ने भी पूछ दिया कि ऑरी कौन है? इस पर सारा अली खान ने कहा कि भला कौन नहीं जानता है कि ऑरी कौन है? अनन्या ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उन्हें एक व्यक्ति को समझाना पड़ा था कि ऑरी कौन है, क्योंकि वो उसे नहीं जानता था। बकौल अनन्या, समझाने के बाद उक्त व्यक्ति ने कहा कि ऑरी को प्यार तो सब करते हैं, लेकिन उसे समझ नहीं पाते।

इस पर करण जौहर ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को सनसनी कहते हैं। अनन्या पांडेय ने हामी भरते हुए कहा कि उन्हें भी सबसे यही बताने को कहा गया है। लेकिन, फिर करण जौहर ने कहा कि ये कोई प्रोफेशन नहीं हुआ, लोगों के पास कोई न कोई काम होता है। आखिर वो करता क्या है? सारा अली खान ने इसका जवाब दिया कि वो एक मजाकिया इंसान है, उसके भीतर काफी ऊर्जा है। अनन्या पांडेय ने भी हामी भरते हुए कहा कि ऑरी मजाकिया इंसान है, कैप्शन के मामले में वो अच्छा है।

सारा अली खान ने कहा कि वो अपनी तस्वीरों या वीडियो के लिए उससे कैप्शन माँगती रहती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वो अच्छे कपड़े भी पहनता है। हालाँकि, इसके बावजूद करण जौहर को इस सवाल का कोई जवाब नहीं मिला कि ऑरी करता क्या है। उन्होंने फिर पूछा कि वो क्या करता है। अनन्य पांडेय ने जवाब दिया, “वो बहुत कुछ करता है। वो खुद पर काम करता है।” सारा अली खान फिर प्रतिक्रिया देती हैं, “वो खुद पर भी काम करता है।”

ऑरी के बारे में बताते चलें कि भूमि पेडनेकर, करीना कपूर, जाह्नवी कपूर, न्यासा देवगन, नीता अम्बानी और दीपिका पादुकोण जैसी हस्तियों के साथ उसकी तस्वीरें हैं। ऑरी ने लिंक्डइन पर लिख रखा है कि वो रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अध्यक्ष के दफ्तर में स्पेशल प्रोजेक्ट मैनेजर है। उसने फाइन आर्ट्स एन्ड कम्युनिकेशन डिजाइन में स्नातक कर रखा है। उसने ये कोर्स न्यूयॉर्क स्थित पार्सन्स स्कूल ऑफ डिजाइन से पूरा किया था। एक इंटरव्यू के दौरान उसने बताया था कि वो खुद पर काम करता है, जिम जाता है, सेल-रिफ्लेक्शन करता है, योग करता है, मसाज के लिए जाता है और वो काम कर रहा है, खुद पर काम कर रहा है।

वो खुद को गायक, गीतकार और फैशन डिजाइनर भी बताता है। साथ ही ऑरी ने खुद को क्रिएटिव डायरेक्टर, स्टाइलिस्ट, एग्जीक्यूटिव अस्सिस्टेंट, शॉपिंग करने वाला, फुटबॉल का खिलाड़ी बताते-बताते कहा कि उसे खुद नहीं पता कि वो क्या-क्या है। उसने कहा था कि उसे महसूस होता है कि जीवन का अर्थ है आपके पास सपने होना, अपने सपनों को बड़ा करना, उन्हें पंख देना, और मौके का फायदा उठाना। उसने कहा था कि वो ऐसा व्यक्ति है जिसे अगर आप अपने घर की दीवार पर कुछ पेंट करने कहेंगे तो वो पूरा घर पेंट कर देगा।

अंत में बता देते हैं कि ऑरी का असली नाम ओरहान अवात्रामणि है। स्टार किड्स के साथ उसे बाँहों में बाँहें डाले कई बार देखा गया है। सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस भी उसके पोस्ट्स पर कमेंट करती हैं। उसे एक बड़े कारोबारी का बेटा भी बताया जाता है। वो अमीरी, टॉम फोर्ड, विजन ऑफ सुपर और प्रादा जैसे ब्रांड्स के साथ भी जुड़ा हुआ है। हॉलीवुड में किम कार्दशियन और काइली जेनर तक के साथ वो दिख चुका है। अब ‘MenXP’ के एक वीडियो में ऑरी खुद बताएगा कि वो करता क्या है। इसका टीजर भी जारी किया गया है।

दिवाली में पटाखों पर अब बॉम्बे हाईकोर्ट का चाबूक: पहले 3 घंटे की दी थी इजाजत, अब उसे भी घटा दिया, दिया दिल्ली का उदाहरण

“दिल्ली वाले ना बनें, मुंबईकर ही रहें…” – दिवाली से पहले शुक्रवार (10 नवंबर, 2023) प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने ये बड़ी टिप्पणी की है। दरअसल, दिवाली पर पटाखों को बढ़ते प्रदूषण की वजह मानते हुए कोर्ट ने स्वयं संज्ञान लिया है। हालाँकि, कोर्ट ने अपने आदेश में दिवाली पर पटाखे चलाने पर पूरी तरह बैन न लगाकर, उसके समय सीमा को कम कर दिया है। इस आदेश में मुंबई और आसपास के इलाकों में अब दिवाली के दिन सिर्फ दो घंटे ही पटाखे जला सकते हैं

हाई कोर्ट ने कहा कि दिवाली के दिन सिर्फ रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकते हैं। इससे पहले कोर्ट ने 7 से 10 बजे तक 3 घंटे की इजाजत दी थी, पर वायु प्रदूषण को देखते हुए कोर्ट ने नई समय सीमा तय की है। साथ ही बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक कमिटी बनाने का आदेश भी दिया है, जिसमें आईआईटी के लोग भी शामिल होंगे। यह टीम एयर पॉल्यूशन पर नजर रखेगी और आने वाले दिनों में एक रिपोर्ट बनाकर कोर्ट को देगी। 

“दिल्ली वाले ना बनें, मुंबईकर ही रहें”

बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिवाली पर प्रदूषण का स्वयं संज्ञान में लेते हुए कहा कि वह 6 नवंबर, 2023 के अपने आदेश में संशोधन कर रही है। नए आदेश के अनुसार अब पटाखे चलाने का समय रात 8 बजे से 10 बजे तक तय कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि महानगर में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब बना हुआ है। हम एक आपात और गंभीर स्थिति में हैं। लगातर कई प्रयास किए गए हैं लेकिन शायद कुछ और करने की जरूरत है। 

कोर्ट ने कहा कि 6 नवंबर के आदेश के अन्य सभी निर्देश 19 नवंबर तक लागू रहेंगे। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि पटाखे जलांने में आई गिरावट तो ठीक है लकिन हमें मुंबईकर ही बने रहना है। दिल्ली की राह पर नहीं चलना है। प्रदूषण पर निगरानी के लिए वैधानिक व्यवस्था बनाने की जरूरत है। कोर्ट ने यह भी कहा कि कोर्ट इसकी एक्सपर्ट नहीं है, इस विषय पर गहराई से अध्ययन की जरूरत है। यह समस्या हर साल आती है। 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी किए निर्देश

गौरतलब है कि दिवाली पर सिर्फ पटाखों पर ही गाज नहीं गिरी है बल्कि वायु प्रदूषण को रोकने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कई निर्देश जारी किए हैं। निर्माण कार्य के दौरान कंट्रक्शन मैटेरियल के वाहनों को ढँकना अनिवार्य होगा। महाराष्ट्र के 10 शहरों की प्रदूषण की रिपोर्ट महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पेश करनी होगी। जिसके लिए एक समिति बनानी होगी, जिसमें तीन सदस्य होंगे। यह समिति साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार करेगी जो कि बृहन्मुंबई नगर पालिका की रोज की रिपोर्ट पर आधारित होगी, जिसे बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने रखा जाएगा। 

मनीष कश्यप से NSA हटा, तमिलनाडु के मदुरै कोर्ट ने जमानत भी दी: फिलहाल बिहार की जेल में बंद हैं यूट्यूबर

बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप को तमिलनाडु की मदुरै कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) की धाराएँ भी हटा दी हैं। हालाँकि, कश्यप को अभी जेल में ही रहना होगा। उन पर कई मामले दर्ज हैं। तमिलनाडु और बिहार पुलिस ने उनके खिलाफ अपने यूट्यूब चैनल पर गलत तथ्य दिखाकर लोगों को उकसाने का मामला दर्ज किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कश्यप के खिलाफ जिन-जिन धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे, उनमें IPC की धारा 153ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने का अपराध), धारा 295ए (विशेष रूप से किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने के लिए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य करना) और धारा 505 (2) (जनता में भय या उपद्रव फैलाने के लिए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य करना) शामिल हैं।

दरअसल, NSA हटाने को लेकर मनीष के भाई त्रिभुवन तिवारी ने मदुरै कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को इस मामले में सुनवाई करते हुए जिला कलेक्टर के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार के गृह सचिव से जवाब माँगा था। आखिरकार कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। दरअसल, कश्यप पर तमिलनाडु में 13 और बिहार में 4 मामले दर्ज हैं।

बता दें कि मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू कर दी थी। इस दौरान उनके घर की कुर्की-जब्ती भी की गई थी। कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के दौरान ही उन्होंने 18 मार्च 2023 को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें तमिलनाडु पुलिस अपने साथ लेकर चली गई। फिलहाल कश्यप बिहार की जेल में बंद हैं।

दरअसल, मनीष कश्यप ने तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का कथित फर्जी वीडियो शेयर किया था। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज किया था। मनीष कश्यप के खिलाफ पटना आर्थिक अपराध इकाई ने 4 केस दर्ज किए हैं। इसमें 3 बिहारी मजदूरों की तमिलनाडु में पिटाई के फर्जी वीडियो मामले में है।

वहीं, तमिलनाडु पुलिस ने कुल 13 केस दर्ज किए हैं। इनमें 6 मामले में मनीष कश्यप नामजद आरोपी हैं। इसको लेकर तमिलनाडु पुलिस ने 6 अप्रैल 2023 को यूट्यूबर कश्यप पर NSA लगाया था। इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था और लोगों ने इसे राजनीतिक दमन बताया था।

 ‘हीरो मोटोकॉर्प’ के चेयरमैन पवन मुंजाल पर कार्रवाई,  ED ने जब्त की ₹25 करोड़ की संपत्ति: ये है मामला 

दोपहिया वाहनों के क्षेत्र में बड़ी कंपनी ‘हीरो मोटोकॉर्प’ के सीएमडी और चेयरमैन पवन कांत मुंजाल की लगभग 24.95 करोड़ की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जब्त की है। ईडी ने शुक्रवार (10 नवंबर, 2023) को मुंजाल की दिल्ली की इन तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है।

उन पर ये कार्रवाई मनी लॉन्डरिंग की जाँच को लेकर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद हीरो मोटोकॉर्म के शेयरों में गिरावट देखी गई है। ईडी के मुताबिक जब्ती और कुर्की का कुल मूल्य लगभग 50 करोड़ रुपए है।

गौरतलब है कि ईडी ने अगस्त में मुंजाल और उनकी कंपनियों के खिलाफ पीएमएलए मामला दर्ज करने के बाद छापेमारी की थी। ये मामला राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के आरोप पत्र का संज्ञान लेने के बाद दायर किया गया था।

इसमें पवन कांत मुंजाल पर अवैध तौर से भारत से विदेशी मुद्रा ले जाने का आरोप लगाया गया था। ईडी ने कहा, “अभियोजन पक्ष की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 54 करोड़ रुपए के बराबर विदेशी मुद्रा अवैध तरीके से भारत से बाहर ले जाई गई थी।”

बता दें की ईडी की इस कार्रवाई के बाद हीरो मोटोकॉर्प के शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। इनमें 70 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। गौरतलब है कि दोपहिया वाहनों के क्षेत्र में बड़ी कंपनी ‘हीरो मोटोकॉर्प’ के साल 2022 में 1000 करोड़ रुपए के फर्जी खर्च पकड़े गए थे।

गौरतलब है कि आयकर विभाग की छापेमारी (IT Raid) के बाद ये खुलासा हुआ था। इसके अलावा IT विभाग ने 100 करोड़ रुपए की अतिरिक्त गड़बड़ियाँ भी पकड़ी थी। इनमें दिल्ली के एक फार्महाउस के लिए किए गए ट्रांजैक्शन भी शामिल थे। आईटी विभाग ने बुधवार (23 मार्च, 2022) को इसे लेकर उनके कई ठिकानों पर छापेमारी अभियान चलाया था।

बच्चों ने कहा- ‘जय श्रीराम’ तो टीचर ने मंच पर बुलाकर पीटा, NCPCR ने माँगा जवाब: मध्य प्रदेश के कॉन्वेंट स्कूल की घटना

मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित ‘भारत माता कॉन्वेंट स्कूल’ में छात्रों द्वारा ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने पर स्कूल प्रबंधन भड़क गया। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को मंच पर बुलाया और वहीं उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद मामला गरम हो गया। सूचना पाकर मौके पर हिंदू संगठन भी पहुँचे और नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद पूरा स्कूल छावनी में तब्दील हो गया। इस दौरान पीड़ित बच्चों के परिजन भी मौके पर पहुँच गए।

जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में एक कॉन्वेंट स्कूल में गुरुवार (9 नवंबर 2023) को हंगामा मच गया। एक छात्र ने आरोप लगाया है कि जब उसने स्कूल में जय श्रीराम का नारा लगाया तो टीचर ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना के बाद स्कूल में जमकर हंगामा हुआ। मामला इतना तूल पकड़ गया कि छात्र संगठन भी स्कूल पहुँच गए। सूचना पर पुलिस भी पहुँची। कुछ ही देर में स्कूल छावनी में तब्दील हो गया।

घटना के समय स्कूल में कार्यक्रम चल रहा था। ऐसे में नारा सुन कॉन्वेंट स्कूल के प्रशासन को ये नागवार गुजरा और जिन छात्रों ने जय श्रीराम के नारे लगाए थे उनकी मंच पर बुलाकर पिटाई कर दी गई।

इस मामले पर गंजबासौदा एसडीएम और एसडीओपी समेत पुलिस भी सूचना मिलते ही भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुँच गई थी। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मामले को शांत कराना शुरू किया। एसडीएम और एसडीओपी के सामने बयान लिए गए और मामले की जाँच शुरू की गई। उचित कार्रवाई की बात कहकर आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया गया।

गंजबासौदा के एसडीम विजय राय ने कहा, “हमने संबंधित अधिकारी को जाँच के निर्देश दिए हैं। जाँच के बाद नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन का भी बयान अभी दर्ज किया जाना है। इस मामले का राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कलेक्टर और एसपी को नोटिस जारी किया है।

पहले भी विवादों में रहा है ये कॉन्वेंट स्कूल

जानकारी के मुताबिक, गंजबासौदा के भारत माता कॉन्वेंट स्कूल के प्रशासन पर पहले भी गंभीर आरोप लगे हैं। इसी स्कूल में छात्रों को तिलक लगाने, हाथ में कलावा बाँधने को लेकर प्रताड़ित किया जाता रहा है। यही नहीं, इस मिशनरी स्कूल पर छात्रों के धर्मांतरण का भी आरोप लग चुका है, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने इस स्कूल में तोड़फोड़ भी की थी। स्थानीय प्रशासन ने पहले भी इस कॉन्वेंट स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन अभी तक इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कुमार विश्वास की सुरक्षा में तैनात जवान बदले गए, डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना को लेकर माँगनी पड़ी थी माफी

बुधवार (8 नवंबर, 2023) को हुए रोड रेज के एक मामले में कवि कुमार विश्वास की सुरक्षा से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को बदल दिया गया है। दरअसल, हिंसा की जाँच तक पहले के सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया है। यह तब हुआ जब हाल ही में कुमार विश्वास की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों और एक डॉ के बीच झड़प का मामला सामने आया था।

बता दें कुमार विश्वास को केंद्र सरकार की तरफ से वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। ये सुरक्षा उन्हें दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर खालिस्तान समर्थकों का समर्थन करने के आरोप के बाद बीते साल दी गई थी। इसके तहत सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा इकाई का एक छोटा सा ‘वाई’ श्रेणी का सशस्त्र सुरक्षा कवर उन्हें दिया गया था।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार (10 नवंबर, 2023) को कवि कुमार विश्वास की वीआईपी सुरक्षा यूनिट में तैनात सीआरपीएफ के कमांडो को दो दिन पहले हुई रोड रेज की कथित घटना की जाँच तक ड्यूटी से हटा दिया गया है। हालाँकि, इनके बाद इन कमांडो के दूसरे बैच ने उनकी जगह ले ली है।

इस मामले की समीक्षा के बाद सीआरपीएफ महानिदेशक एस एल थाओसेन ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया है। गौरतलब है कि रोड रेज की यह कथित घटना बुधवार को कुमार विश्वास के उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के वसुंधरा घर से अलीगढ़ जाते वक्त हुई थी।

जानकारी के मुताबिक, कवि डॉ. कुमार विश्वास के काफिले में शामिल सुरक्षाकर्मियों की कार को साइड देने के दौरान टकर लगने से मामला मारपीट तक जा पहुँचा था। इस दौरान एक डॉक्टर पल्लव वाजपेयी ने आरोप लगाया था कि कुमार विश्वास की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने उनके साथ मारपीट की थी।

वही दूसरी तरफ कुमार विश्वास ने आरोप लगाया था कि दूसरी कार में सवार शख्स ने यूपी पुलिस के सिपाही और केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया। वहीं पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र का कुमार विश्वास के लगाए हमले के आरोप पर प्रारंभिक जाँच में पुष्टि न होने का बयान आया।

उसके बाद इसे लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया गया था। कुमार विश्वास ने इसके बाद सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट डालकर माफी माँग ली थी।

नीतीश कुमार के खाने में कौन मिला रहा है ‘विष’? जीतनराम मांझी ने गिनाए लक्षण, पासवान बोले- तेजस्वी यादव के CM बनने के बँटे लड्डू

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने जातीय गणना और उसके आधार पर आरक्षण बढ़ाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी तो भरे सदन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें जलील कर दिया था। इतना ही नहीं, भाषाई मर्यादा को पार करते हुए सीएम नीतीश ने मांझी से तू-तड़ाक तक कर डाला था। अब मांझी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार की मानसिक हालत ठीक नहीं है।

राष्ट्रीय जनता दल और तेजस्वी यादव पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए जीतनराम मांझी ने कहा कि एक साजिश के तहत सीएम नीतीश कुमार को पिछले कई दिनों से विषैला पदार्थ खिलाया जा रहा है, ताकि किसी को जल्दी मुख्यमंत्री बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री को विषैला पदार्थ खिलाया जा रहा है।

वहीं, भाजपा के विधायक लखेंद्र पासवान ने कहा कि बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की साजिश है कि बहुत जल्द नीतीश कुमार जी को पागल करके पागलखाने भेज दें। पासवान ने कहा, राजद का विधायक लड्डू लेकर आया और कहा कि लड्डू खाइए, क्योंकि छठ के बाद बिहार के मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव होने वाले हैं।”

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर के संस्थापक मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछली तीन घटनाएँ बता रही हैं कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्हें कोई विषैला पदार्थ खिला रहा है। पहली घटना को लक्षण के रूप में गिनवाते हुए मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार ने अशोक चौधरी के पिता महावीर चौधरी पर माल्यार्पण करने की जगह अशोक चौधरी पर ही माल्यार्पण कर दिया।

दूसरी घटना को गिनवाते हुए उन्होंने कहा कि सदन में नीतीश कुमार ने महिलाओं के बारे में जो बयान दिया था, वह बेहद घटिया था। यह हद हो गई थी। मांझी ने आगे कहा, “उसके बाद गुरुवार (9 नवंबर 2023) को जिस तरह से उन्होंने मुझे जलील किया, उससे वे साबित करते हैं कि कहीं-न-कहीं नीतीश कुमार को विषैला खाना खिलाया जा रहा है।”

दरअसल, नीतीश कुमार द्वारा सदन में जलील होने के बाद मांझी ने इसे महादलितों का अपमान बताया है। नीतीश कुमार के विरोध में दलित समुदाय आ गया है और उनसे इस्तीफे की माँग की है। वहीं, मांझी ने इसको लेकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है और कहा है कि वे दिवाली बाद राष्ट्रपति से मिलेंगे और बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग करेंगे।

बता दें कि जीतनराम मांझी सदन में आरक्षण की व्यवस्था की खामियों को लेकर अपनी बात रख रहे थे, तभी नीतीश कुमार तमतमा कर उठे और जीतनराम मांझी को खरी खोटी सुनाने लगे। सीएम नीतीश कुमार ने तो यहाँ तक कह दिया कि ‘इसे (जीतनराम मांझी को) कोई सेंस नहीं है। इसे तो मैंने अपनी मूर्खता के चलते मुख्यमंत्री बना दिया था’।

बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन में नीतीश कुमार का व्यवहार चर्चा में है। मांझी को लेकर नीतीश कुमार ने कहा, “इसको कुछ आइडिया नहीं है। ये तो मेरी गलती है कि मैंने इस आदमी को बना दिया मुख्यमंत्री। इसको कोई सेंस नहीं है। अइसे ही बोलते रहता है। कोई मतलब नहीं है। हम कह रहे थे कि आप लोगों के साथ ही रहिए, भाग के चला आया 7 पार्टी में। यही जानकर हमने भगा दिया उधर।”

भाजपा विधायकों की तरफ से आवाज उठने पर भी नीतीश कुमार नहीं रुके। नीतीश कुमार ने आगे कहा, “अरे सुनो बैठो ना यार, बैठिए, भूलिए मत, जब 2013 में आप लोगों को छोड़ दिए थे… अरे चुप ना रहो यार। कुछ जानते हो? हम इसको (माँझी की तरफ इशारा करके) (मुख्यमंत्री) बना दिए। इसके बाद जितने लोग मेरा पार्टी के थे, सब हमको दो ही महीने में कहने लगा कि गड़बड़ है, इसको हटाइए। अंत में हमको बाध्य किया तो फिर हम सीएम बन गए। कहता रहता है कि ये भी मुख्यमंत्री था। ये क्या मुख्यमंत्री था? ये तो मेरी मूर्खता से मुख्यमंत्री बना।”

नीतीश कुमार ने पत्रकारों की तरफ इशारा करके कहा कि वो मांझी को भाव ना दिया करें। नीतीश कुमार बोले, “आप बिना मतलब के इसको (मांझी) को रोज पब्लिश करते हो। कोई सेंस है इसमें?” इस बीच जब भाजपा विधायक हंगामा करने लगे तो नीतीश कुमार ने कहा, “एक मेरा सुझाव है कि आप ही लोगों के पीछे ये (मांझी) घूम रहा है। ये गवर्नर बनना चाहता है। ये हम लोगों के साथ था तो भी उल्टा-पुल्टा बोलता था। लगा दीजिए गवर्नर इसको… यही बनना चाहता है ये।”

गुस्से में मानो नीतीश कुमार गुस्से में सब कुछ भूल बैठे हों। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार चौधरी ने हस्तक्षेप किया और कहा कि क्यों नहीं एक महादलित को मुख्यमंत्री बना देते तो उन्होंने भाजपा को भी लपेटे में लेने की कोशिश की। उन्होंने अपील को अनसुना करते हुए कहा, “आप बनाए थे? कौन बनाया? तुम जानते हो, हम्हीं ने बनाया। अरे गर्वनर काहे नहीं बना देते।”

नीतीश ने आगे कहा, “यह गर्वनर बनने के चक्कर में ही रोज चक्कर लगाता है। इसके परिवार का लोग इसके खिलाफ है। आप जान लीजिए ये कोई काम का आदमी नहीं है। अरे इसको ले जाइए न। नारा लगा रहे हो? क्या जानते हो, इसको कौन मुख्यमंत्री बनाया। मैं चाहता हूँ कि तुम इन लोगों के साथ रहो।”

मैं भुइयाँ मुसहर, इसीलिए नीतीश कुमार ने किया जलील

इस घटना को लेकर सदन के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “मैं नीतीश कुमार से हर मामले में सीनियर हूँ, फिर भी उन्होंने हमारा अपमान किया। नीतीश कुमार ने अपनी लाज बचाने के लिए सीधे-साधे आदमी का इस्तेमाल किया। मैं मुसहर हूँ, इसलिए मुझे सदन में जलील किया गया।”

मांझी ने कहा, “नीतीश कुमार 1985 में विधायक बने। हम 1980 में विधायक बने। उनकी उम्र 74 साल है। मेरी उम्र 80 साल है। मैं उनसे सीनियर हूँ। इसके बावजूद वो तुम-ताम करते हैं। विधानसभा में तुम-ताम करना कहाँ तक उचित है। इसलिए मुझे लगता है कि वो मानसिक संतुलन खो बैठे हैं।”

नीतीश कुमार द्वारा गवर्नर बनाए जाने के ताने पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि उन्हें साल 2017 में ही राज्यपाल बनने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उन्होंने जनता के बीच में रहकर जनसेवा की राह चुनी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने गवर्नर बनने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

‘इस्लाम में 4 निकाह जायज, मेरी बेगम बनो’: शादीशुदा लड़की और उसकी बहन पर धर्मांतरण का दबाव बना रहा था रहीम खान

इंदौर में रहीम खान नाम के एक व्यक्ति ने अपनी हिंदू महिला दोस्त की शादीशुदा बेटी को ब्लैकमेल करते हुए उसका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की है। रहीम खान ने शादीशुदा औरत से कहा कि अपने पति को छोड़ो और मेरी बेगम बन जाओ। इस्लाम में 4 शादियाँ जायज हैं। तुम अपनी 12 साल छोटी बहन का भी धर्मपरिवर्तन करा लो। यही नहीं, उसने पीड़ित का फोन चुरा लिया और उसके फोन से उसकी माँ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कर भद्दी बातें लिखी हैं।

ये मामला इंदौर के कनाडिया थाना क्षेत्र के साईंनाथ कालोनी का है। पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी माँ का मित्र रहीम खान छोटी बहन के जन्मदिन पर उसके घर आया था। ये मामला 23 अक्टूबर का है। यहाँ उसने चार्जिंग पर लगा उसका फोन उठा लिया और उसकी माँ की तस्वीरें अपने फोन में ले ली। उसने उसकी माँ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कर भद्दी बातें लिखी।

महिला ने बताया कि आरोपित रहीम खान बड़ला (खजराना) का रहने वाला है। अब वो महिला पर दबाव डाल रहा है कि वो अपने पति को छोड़ दे और उसकी बेगम बन जाए। उसका कहना है कि इस्लाम में 4 शादियाँ जायज हैं, ऐसे में वो अपनी छोटी बहन का भी धर्म परिवर्तन करा दे।

पीड़िता ने बताया कि रहीम खान उससे शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बना रहा था। रहीम उस पर दबाव डाल रहा है कि वो अपने पति से तलाक ले ले और उसके साथ निकाह कर ले। पीड़िता का आरोप है कि आरोपित उसकी 12 वर्ष छोटी बहन को भी इस्लामअपनाने के लिए धमका रहा था।

कनाडिया पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपित रहीम खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ जबरन मतांतरण के मामले में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में एसीपी कुंदन मंडलोई ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है।

झोपड़ी में घुसे जवान, ग्रेनेड का पिन निकालने वाला था आतंकी… 25 साल पहले साथियों की जान बचाने वाला सैनिक कश्मीर में बलिदान

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी फौज ने सीजफायर का उल्लंघन करके गुरुवार (9 नवंबर 2023) को बेवजह हमला किया। इस हमले में बीएसएफ के बहादुर जवान लाल फैम कीमा बलिदान हो गए।

2021 में बॉर्डर पर सीजयफायर लागू होने के बाद के बाद ये पहली कैजुएलटी है जो कश्मीर के सांबा जिले में हुई। गोली लगने से कीमा के काफी चोटें आई थीं ऐसे में उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया

50 वर्षीय कीमा मिजोरम के एजवाल के रहने वाले थे। उनके पीछे उनकी पत्नी और 3 बच्चे रह गए हैं। इसके अलावा जो उनके पीछे छूटा है वो उनकी बहादुरी का किस्सा है जिसमें उन्होंने आतंक विरोधी अभियान में एक दर्जन साथियों की जान बचाई थी।

ये किस्सा 1998-99 का है। एक ऑपरेशन के दौरान पीर पंजाल रेंज के ऊपर गूल गाँव में एक मिट्टी के घर के अंदर आतंकी छिपे थे, तब लाल फैम उसी टीम का हिस्सा थे जिन्हें आतंकियों का सामना करना था। उस समय वो कीमा ही थे जिन्होंने अपने साथियों की रक्षा करने के लिए एक आतंकी पर ताबड़तोड़ अपनी लाइट मशीन गन चलाई थी।

कीमा के जाने के बाद उनकी ये कहानी उनके तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर ने शेयर की है। जिसकी चर्चा मीडिया में है। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने बताया कि उस समय आतंकी एक मिट्टी के घर में थे और सभी जवानों को मारने के लिए आतंकियों ने गोलीबारी और ग्रेनेड से हमला करके खुद को उड़ा लिया था। उस समय घर के अंदर से धुआँ निकल ही रहा था कि बीएसएफ की टीम झोपड़ी के अंदर पहुँच गए। उन्हें 3 आतंकी मृत मिले। लेकिन लाल फैम ने देख लिया था कि एक आतंकी अपने ग्रेनेड से पिन निकाल रहा है। ऐसे में वो चिल्लाए- तुम ग्रेनेड का पिन निकालेगा… और इसके बाद वो ताबड़तोड़ फायरिंग करते रहे।

सीओ याद करते हैं कि कैसे उस घर में घुसकर सारे जवान तलाशी में व्यस्त हो गए थे लेकिन सिर्फ कीमा की सतर्कता के कारण वहाँ दर्जनों जवानों की जान बची थी। अगर वो नहीं देखते तो उस दिन न जाने क्या होता, कितने सैनिकों को अपनी जान गँवानी पड़ती।

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने 8-9 नवंबर की आधी रात गोली बारी की थी। बीएसएफ डीजी नितिन अग्रवाल ने कहा कि सीमा पर तैनात जवानों ने सीजफायर उल्लंघन का कड़ा जवाब दिया है जिससे पाकिस्तानी फौजियों का भी काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। अब तक वह 2-3 बार ऐसा कर चुका है।

कंगाल पाकिस्तान के पास पासपोर्ट छापने के लिए पेपर भी नहीं, बोले आकाश चोपड़ा- कुदरत का निजाम काम नहीं कर रहा

कंगाल पाकिस्तान में लेमिनेशन वाले कागज की भी कमी हो गई है। जिससे पाकिस्तानियों को विदेश जाना मुश्किल हो गया है। आर्थिक संकट से जूझ रहा ये मुल्क इस कागज की कमी होने से पासपोर्ट नहीं बना पा रहा है जिससे वहाँ अब इसके लिए भी अफरा-तफरी मची हुई है और नए पासपोर्ट पर पूरी तरह रोक लगी हुई है।

आलम ये है कि पाकिस्तान के आव्रजन और पासपोर्ट महानिदेशालय (डीजीआई एंड पी) के अधिकारी इस मसले पर जनता को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। केवल हालात के जल्द सही होने की बात कह कर वो लोगों को टाल रहे हैं।

इसे लेकर सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की खिल्ली भी उड़ रही है। लोग चुटकी ले रहे हैं । वहीं क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी पाकिस्तान के मजे लेते हुए लिखा, “विमान उड़ाने के लिए ईंधन नहीं। पासपोर्ट प्रिंट करने के लिए लेमिनेशन पेपर नहीं। क़ुदरत का निज़ाम खास तौर से अच्छा काम नहीं कर रहा है।”

दरअसल, मसला ये है कि पाकिस्तानी पासपोर्ट बनाने के लिए ये लेमिनेशल पेपर फ्रांस से आयात किया जाता है। अब पाकिस्तान के आर्थिक हालात तो जग जाहिर है उधारी के चक्कर में कंगाल हो चुका है।

ऐसा भी हुआ कि विदेशों से माल लेकर आए कंटेनर बंदरगाहों में ही फँस गए क्योंकि पाकिस्तान के पास कंटेनरों के लिए पैसा ही चुकाने को नहीं था। दूर जाने की जरूरत नहीं इस साल के शुरुआती महीने में ही विदेशों से माल लेकर पाकिस्तानी बंदरगाहों पर पहुँचे 9000 से अधिक कंटेनर फँस गए थे।

कुछ ऐसा ही हाल पासपोर्ट में इस्तेमाल होने वाले लेमिनेशन पेपर की कमी को देख कर भी लग रहा है। पाकिस्तान के आव्रजन और पासपोर्ट महानिदेशालय (डीजीआई एंड पी) के मुताबिक, पासपोर्ट में इस्तेमाल होने वाले लेमिनेशन पेपर की कमी है और ये आमतौर पर फ्रांस से आयात किया जाता है। इसी वजह से देश भर में विदेशी यात्रा पर जाने वाले दस्तावेज़ की कमी हो गई है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में ये पहली घटना नहीं है। यहाँ 2013 में भी DGI & P के प्रिंटरों को पैसा न देने और लेमिनेशन पेपर्स की कमी की वजह पासपोर्ट की छपाई ऐसे ही रुक गई थी।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, डीजीआईएंडपी के पेरेंट् मंत्रालय, आंतरिक मंत्रालय के मीडिया महानिदेशक कादिर यार तिवाना कहते हैं कि सरकार संकट से निपटने की पूरी कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, “हालात जल्द ही काबू में होंगे और पासपोर्ट जारी करना सामान्य रूप से जारी रहेगा। विभाग ने पहले ही बैकलॉग (पहले से पासपोर्ट बनाने के लिए आए आवेदन) में लगातार कमी देखी गई है।”

वहीं, जोनल ऑफिस सदर, कराची में निदेशक पासपोर्ट और आव्रजन, सईद अहमद अब्बासी से जब पासपोर्ट बनने के वक्त के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा कि आधिकारिक तौर पर वह जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं।

मौके की नजाकत इस दौरान पेशावर के पासपोर्ट कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान ने साफ कर दी। इस अधिकारी ने नाम न लेने की शर्त पर कहा कि वो पहले के 3,000 से 4,000 पासपोर्ट के मुकाबले हर दिन अब केवल 12 से 13 पासपोर्ट बना पा रहे हैं।

अब वहाँ आलम ये है कि पासपोर्ट की कमी ने विदेश यात्रा पर जाने का मंसूबा पाले हजारों पाकिस्तानियों को प्रभावित किया है। सबसे अधिक प्रभावित विदेश में रोजगार या पढ़ाई के लिए जाने वाले पाकिस्तानी युवाओं पर पड़ा है।

दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में दाखिले का वक्त नजदीक होने से कई छात्रों ने इस संकट के लिए पाकिस्तान सरकार नाकाबिल और जिम्मेदार ठहराया है।

पेशावर की एक छात्रा हीरा ने कहा कि उसका इटली का छात्र वीजा हाल ही में मंजूर हुआ था और उसे अक्टूबर में वहाँ होना था। उन्होंने कहा, “हालाँकि, पासपोर्ट न मिलने से मुझसे वहाँ जाने का मौका छीन लिया गया।” उन्होंने कहा कि यह गलत है कि वह सरकारी विभाग की नाकाबिलियत की कीमत चुका रही हैं।

उधर दूसरी तरफ पेशावर के रहने वाले मुहम्मद इमरान ने कहा कि वह पासपोर्ट विभाग की लगातार देरी से थक गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग आवेदकों को सच्चाई बताने की जगह लगातार टाल रहा है।