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‘Playboy’ मैगजीन ने मिया खलीफा को निकाला, चैनल भी किया डिलीट: रेडियो होस्ट भी कर चुका है छुट्टी, हमास आतंकियों को बता चुकी है ‘स्वतंत्रता सेनानी’

‘Playboy’ मैग्जीन ने सोमवार (9 अक्टूबर,2023) को लेबनानी पॉर्न स्टार मिया खलीफा को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ‘प्लेबॉय’ क्रिएटर कम्युनिटी को एक मेल में कंपनी ने कहा कि उसने इज़रायल पर हमास के हमले के बारे में की ‘घिनौनी और निंदनीय’ टिप्पणियों पर उसके साथ सारे रिश्ते खत्म कर दिए हैं।

इस लेटर में ‘प्लेब्वॉय’ ने कहा, “हम आज आपको मिया खलीफा के साथ ‘प्लेबॉय’ के रिश्ते को खत्म करने के अपने फैसले के बारे में बताने के लिए लिख रहे हैं, जिसमें हमारे क्रिएटर प्लेटफॉर्म पर मिया के ‘प्लेबॉय’ चैनल को हटाना भी शामिल है। पिछले कुछ दिनों में, मिया ने इज़रायल पर हमास के हमलों और निर्दोष लोगों और बच्चों की हत्या का जश्न मनाते हुए घिनौनी और निंदनीय टिप्पणियाँ की हैं।”

‘प्लेब्वॉय’ ने इस बात पर जोर देते हुए लिखा, “हम स्वतंत्र अभिव्यक्ति और रचनात्मक राजनीतिक बहस को प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन नफरती भाषण के लिए हमारी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी है। हम उम्मीद करते हैं कि मिया यह समझेगी कि उसके शब्दों और कामों के क्या नतीजे होंगे।”

लेटर का स्क्रीनशॉट फोटो साभार: एम्बर लिन/फेसबुक

मैग्जीन ने मिया के कॉन्ट्रेक्ट खत्म करने के लिए भेजा गया लेटर भी शेयर किया। इसमें लिखा है, “प्लेबॉय हमेशा से अभिव्यक्ति की आज़ादी का समर्थक रहा है। हमने सभी लोगों के किसी भी सरकारी दखलअंदाजी से आजाद होकर बोलने के हक के लिए अदालतों में लड़ाई लड़ी है। 70 साल से हमने अपनी मैग्जीन के पन्नों में, अपनी वेबसाइटों पर हमारी संगोष्ठियों में नेताओं के विचारों, रचनाकारों और कलाकारों के अलग-अलग नजरिए को उजागर किया है जिन्हें हमने अपने मीडिया के कई प्रारूपों पर मंच दिया है।”

उन्होंने आगे कहा, “घिनौने और अमानवीय भाषण के लिए हमारी कंपनी में और न ही हमारे प्लेटफॉर्म पर कोई जगह है। इजरायल में निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों पर बलात्कार, अंग-भंग, हत्या और यातना सहित हमास के हमलों का जश्न मनाने वाले आपके हालिया बयान घिनौने और निंदनीय हैं। परिणामस्वरूप, हम आपको ‘प्लेबॉय’ क्रिएटर प्लेटफ़ॉर्म से स्थायी तौर से हटा रहे हैं और आपके साथ हमारे अन्य सभी कारोबारी सौदे खत्म कर रहे हैं।”

लेटर का स्क्रीनशॉट फोटो साभार: एम्बर लिन/फेसबुक

इसमें आगे कहा गया है, “हम बिल्कुल साफ करना चाहते हैं: हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आपके अधिकार का सम्मान करते हैं। हम यह भी उम्मीद करते हैं कि आप यह समझें कि आप अपनी वाणी का इस्तेमाल कैसे करते हैं इसके क्या नतीजे होते हैं। आज, हम आपके नफरत फैलाने वाले व्यवहार के लिए आपके साथ सभी रिश्ते तोड़ रहे हैं। हम अपने क्रिएटर समुदाय को भी अपने फैसले के बारे में बताएँगे।” ऑपइंडिया ने भी पाया कि प्लेबॉय से मिया खलीफा का चैनल हटा दिया गया है।

‘प्लेब्वॉय’ अकेला नहीं है मिया के खिलाफ एक्शन लेने वाला

मिया खलीफा को सिर्फ ‘प्लेबॉय’ से ही नहीं निकाला गया है। इससे पहले कनाडाई ब्रॉडकास्टर और रेडियो होस्ट टॉड शापिरो ने भी उसे नौकरी से निकाल दिया था। उन्होंने ‘X’ हैंडल से ट्वीट किया, “यह बहुत ही भयावह ट्वीट है मिया खलीफ़ा। खुद को तुरंत प्रभाव से निकाल दिया गया समझें। बिल्कुल घिनौना, नफर से परे। कृपया खुद को बेहतर करें और एक बेहतर इंसान बनें। यह तथ्य कि आप मौत, बलात्कार, मारपीट और बंधक बनाने को नज़रअंदाज कर रहे हैं, वास्तव में घिनौना है। कोई भी लफ्ज आपकी अज्ञानता को बयाँ नहीं कर सकता।”

उन्होंने कहा, “हम इंसानों को एक साथ आने की जरूरत है, खासकर त्रासदी के हालात में। मैं आपके लिए एक बेहतर इंसान बनने की प्रार्थना करता हूँ। हालाँकि, यह साफ लगता है कि आपके लिए बहुत देर हो चुकी है।” शापिरो ने अपनी पोस्ट में मिया के ट्वीट का जिक्र किया है। इसमें मिया ने हमास के आतंकवादियों का जिक्र ‘फिलिस्तीन में स्वतंत्रता सेनानियों’ के तौर पर किया।

दिलचस्प बात यह है कि नौकरी से निकाले जाने के बाद बगैर किसी का नाम लिए मिया ने शाप्रियो के जवाब में ट्वीट किया, “मैं कहूँगी कि फ़िलिस्तीन का समर्थन कर के मैंने कमाई के कई मौके खो दिए हैं। हालाँकि, मैं खुद पर ज़्यादा गुस्सा हूँ क्योंकि मैंने कभी इस पर गौर किया ही नहीं कि मैं यहूदियों के साथ काम कर रही हूँ।”

फोटो साभार एक्स हैंडल मिया

मिया खलीफा ने शापिरो की कंपनी को ‘शि*ट’ और घटिया कहा था और साथ ही ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा भी दिया था।

बाद में मिया खलीफा ने इस ट्वीट के लिए सफाई देते हुए कहा, “मैं बस यह पक्का करना चाहती हूँ कि मेरे लोगों के पास खुली हवा वाली जेल की दीवारों को तोड़ने के 4k फुटेज हों, उन्हें अपने घरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर किया गया था। कृपया दोबारा मेरा नाम लेने से पहले अपनी ओछी सोच वाली कंपनी के बारे में फ़िक्र करें। मैं जुल्म से लड़ने वाले सभी लोगों के साथ खड़ी हूँ, अभी भी और हमेशा, अपने छोटे से प्रोजेक्ट में मेरे निवेश के लिए मेरे से भीख माँगने से पहले अपना रिसर्च करें, मैं लेबनान से हूँ, तुम चाहते हो कि मैं उपनिवेशवाद के पक्ष में रहूँ, तुम मूर्ख हो।”

आगे उसने दावा किया कि 4k फुटेज के लिए कहना किसी भी तरह से हिंसा को उकसाने और बढ़ाने जैसा नहीं है।

मिया खलीफा एक लेबनानी-अमेरिकी पॉर्न स्टार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है। वो हमास का समर्थन करने वाले देश लेबनान में पैदा हुई। वहीं लेबनान के शिया इस्लामी आतंकवादी समूह हिजबुल्ला ने इज़रायल के खिलाफ युद्ध में हमास के साथ शामिल होने की इच्छा जाहिर की है।

हिजबुल्ला को जवाब देते हुए इजरायल ने इस आतंकी संगठन को चेतावनी दी कि वे IDF के साथ खिलवाड़ न करें अन्यथा उन्हें गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। उधर अमेरिका ने लेबनानी आतंकी संगठन को इजरायल के खिलाफ नया मोर्चा न खोलने की चेतावनी भी दी है।

हमास के इजरायली क्षेत्र पर आतंकवादी हमला शुरू करने के बाद से मिया खलीफा खासी सक्रिय हैं। 7 अक्टूबर को ही उसने एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि जो कोई भी फिलिस्तीन के पक्ष में नहीं है, वह इतिहास के गलत पक्ष में है। लोगों ने इसका उन्हें माकूल जवाब देते हुए कहा कि मिया एक पॉर्न स्टार हैं और उन्हें कम से कम ‘नैतिकता’ पर ज्ञान देने की जरूरत नहीं है। ये भी ध्यान देने की बात है कि पॉर्न फिल्मों में काम करने की वजह से खलीफा अपने देश लेबनान वापस नहीं जा सकती।

घर को आग लगाने आए थे हमास के आतंकी, पर नहीं डरा कुत्ता, गोली लगने के बाद भी झपटने को दौड़ा… देखिए Video

इस्लामी आतंकी संगठन हमास इजायल पर हमले के दौरान इंसानों के साथ ही जानवरों को भी अपनी हिंसा का शिकार बना रहा है। हमास के आतंकियों ने इजरायल में घुस कर एक घर की रक्षा कर रहे एक कुत्ते को गोली मार दी।

इस पूरी घटना का वीडियो आतंकी की वर्दी पर लगे बॉडीकैम में भी रिकॉर्ड हो गया। इस वीडियो को हमास ने अपनी बहादुरी प्रदर्शित करने के लिए प्रसारित किया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और अब हमास की इस कृत्य के लिए आलोचना हो रही है।

जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर को इजरायल में हमले के लिए घुसे हमास के आतंकी किब्बुत्ज़ के एक इलाके में पहुँचे थे। वीडियो में दिखाई देता है कि इलाका पूरा सुनसान है और केवल एक कुत्ता ही वहाँ पर रखवाली के लिए मौजूद है।

वीडियो में दिखता है कि हमास के आतंकी को देखते ही कुत्ता उसकी तरफ हमले के लिए दौड़ता है। कुत्ते के हमले से बचने के लिए घबराया आतंकी अपनी असॉल्ट राइफल से उसको गोली मारता है। कुत्ता घायल होने के बाद भी उसकी तरफ दौड़ता है लेकिन हमास का आतंकी और भी ज्यादा गोलियाँ बरसा कर उसे मार डालता है।

कुत्ते को मारने के बाद आतंकी निर्जन घर में घुसते हैं और फ्रिज खोलकर देखते हैं। इसके बाद वह घर में आग लगा देते हैं। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर को किए गए हमास के हमले में अब तक 900 लोगों की मौतें हो चुकी हैं जबकि लगभग 3000 लोग घायल हैं।

जिस इलाके में आंतकियों ने इस घटना को अंजाम दिया, सिर्फ उस एक क्षेत्र में इजरायली NGO को 108 शव बरामद हुए हैं। इन शवों में महिलाओं और बच्चों के भी शव शामिल हैं। यह घटना किब्बुत्ज़ बेरी की है।

एक्स (पहले ट्विटर) पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि जिस इलाके में यह 108 शव बरामद हुए हैं उसकी कुल आबादी ही 1000-1100 के आसपास थी। ऐसे में आतंकियों ने कस्बे की कुल आबादी के 10% लोगों को मार दिया।

इजरायल के किब्बुत्ज में ही हमास के आतंकियों ने एक म्यूजिक फेस्टिवल में हमला किया था जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोगों को बंधक बनाया गया था। हमास के इस्लामी आंतकियों ने इसी म्यूजिक फेस्टिवल से एक जर्मन महिला शानी लौक को अगवा करके मार दिया था और उसके नग्न शव के साथ गाज़ा में परेड निकाली थी।

मदरसे में पढ़ने गई 13 साल की बच्ची, अगली सुबह गन्ने के खेत में मरी मिली: मुँह में भरी थी मिट्टी, कपड़े थे फटे

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक 13 साल की बच्ची का शव मिला है। वह 8 अक्टूबर 2023 को घर से मदरसे के लिए निकली थी। अगली सुबह उसका शव गन्ने के खेत में मिला। उसके कपड़े फटे हुए थे। मुँह में मिट्टी भरी हुई थी।

मामला तिकुनिया थाना क्षेत्र के बसंतापुर ग्राम की है। रेप के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार बच्ची 8 अक्टूबर को मदरसे में पढ़ने के लिए घर से निकली थी। जब देर शाम तक वह मदरसे से नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस में मामला दर्ज करवाया।

अगले दिन दिन उसका शव एक गन्ने के खेत में पड़ा हुआ मिला। बताया जा रहा है कि उसके कपड़े फटे हुए थे। सर समेत पूरे शरीर पर चोटों के निशान थे। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है मृत लड़की की माँ ने कहा कि उसकी बेटी के मुँह में मिट्टी भरी हुई थी। इस घटना से इलाके में काफी गुस्सा है। जाँच के लिए घटनास्थल पर पहुँचे लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक गणेश साहा की गाड़ी लोगों ने घेर ली थी। पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया है।

नाबालिग का शव जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तीन डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा। इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी।

मृत लड़की के परिवार वालों ने पुलिस पर इस मामले में समय पर कार्रवाई ना करने का आरोप लगाया है। पुलिस के घटनास्थल पहुँचने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। पीड़ित परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से जल्द से जल्द न्याय दिलाने की माँग की है। पुलिस अधीक्षक ने बताया है कि अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध मामला दर्ज कर क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में टीमें लगाई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

BC अमानतुल्लाह खान के घर समेत कई ठिकानों पर ED की छापेमारी, केजरीवाल ने बना रखा है वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष: AAP विधायक पर हैं मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान के घर और ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है। ‘दिल्ली वक्फ बोर्ड’ के अध्यक्ष के रूप में उस पर घोटालों के आरोप हैं, जिसकी वजह से उसे जेल भी जाना पड़ा था। इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की अब तक ED जाँच कर रही है। ईडी के अधिकारी मंगलवार (10 अक्टूबर, 2023) सुबह से ही अमानतुल्लाह के घर और ठिकानों को छान रहे हैं।

घोटालों के मामले में एसीबी और सीबीआई ने दर्ज किए थे केस

अमानतुल्लाह खान दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष है। उस पर आरोप है कि गलत तरीके से उसने 32 गुर्गों को वक्फ बोर्ड में नौकरियाँ दी। इस मामले में उसके खिलाफ दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने दो केस दर्ज किए थे। इन्हीं केसों के मामले में ये छापेमारी चल रही है। आरोप है कि अमानतुल्लाह खान ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के पद रहते हुए पैसों की हेराफेरी भी की है। हालाँकि, इतने सारे आरोपों के बावजूद अब तक अरविंद केजरीवाल सरकार ने उसे वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाए रखा है।

जेल भी गया था अमानतुल्लाह खान

अमानतुल्लाह खान दिल्ली की चर्चित ओखला विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी का विधायक है। उसके आदेश पर 32 लोगों को वक्फ बोर्ड में नौकरियाँ दी गई थी। वक्फ बोर्ड के सीईओ ने इसकी शिकायत की थी। अमानतुल्लाह खान पर आरोप है कि उसने वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टीज को किराए पर देकर संपत्तियों का दुरुपयोग किया है। दिल्ली सरकार से मिले पैसों में भी हेर-फेर का आरोप उस पर है।

सितंबर 2022 में जेल गया था अमानतुल्लाह

अमानतुल्लाह खान के ठिकानों पर सितंबर 2022 में एसीबी की टीमों ने छापेमारी की थी। 4 ठिकानों पर छापेमारी में करीब 24 लाख रुपए, दो अवैध पिस्टल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ था। इस मामले में एसीबी की टीम से बदसलूकी भी हुई थी। बरामदगी के आधार पर अमानतुल्लाह को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी।

BC घोषित हो चुका है अमानतुल्लाह खान

आपको बता दें कि दिल्ली के जामिया नगर पुलिस स्टेशन ने 28 मार्च, 2022 को ओखला विधानसभा के आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को ‘बैड कैरेक्टर’ घोषित करने का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव को 30 मार्च 2022 को मंजूरी दे दी गई थी। प्रस्ताव में कहा गया था कि खान के खिलाफ विभिन्न मामलों में 18 एफआईआर दर्ज हैं। इस मामले में उसने इस साल जनवरी में दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन हाई कोर्ट ने उसकी अपील को रद्द कर दिया था। कागजों में अमानतुल्लाह खान ‘बैड कैरेक्टर यानि BC‘ व्यक्ति है।

आम आदमी पार्टी के कई नेता जेल में पीस रहे चक्की

आम आदमी पार्टी के नई नेता जेलों में हैं। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए मनीष सिसोदिया दिल्ली के शराब घोटाले में जेल में हैं। उन्हें जमानत तक नहीं मिल पा रही है। इसी मामले में कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले संजय सिंह कुछ दिन पहले ही जेल भेजे गए हैं। पंजाब में इनके स्वास्थ्य मंत्री रहे विजय सिंगला भी जेल भेजे जा चुके हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के केस में सत्येंद्र जैन लंबे समय तक जेल की हवा खाए हैं, तो इस पार्टी के तमाम नेताओं के खिलाफ गंभीर मामलों में जाँच चल रही है।

‘इंडिया’ को अलविदा कह पत्रकार ने उठाए हथियार, भारतीय नर्स ने कहा- इस कठिन घड़ी में इजरायल को छोड़कर भाग नहीं सकती

इस्लामी संगठन हमास के हमलों के बाद इजरायल के एक पत्रकार ने भी हथियार उठा लिए हैं। हनन्या नफ्ताली ने एक पोस्ट में बताया है कि वह देश की रक्षा के लिए जा रहे हैं। दूसरी ओर एक भारतीय नर्स ने इस कठिन समय में इजरायल को छोड़ने से इनकार किया है। कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर वह अपनी सेवाएँ भी देंगी।

कर्नाटक के उडुपी जिले की रहने वाली 41 वर्षीय नर्स प्रमिला प्रभु राजधानी तेल अवीव में रहती हैं। उनके घर के पास भी हमास ने रॉकेट हमले किए हैं। उन्हें हर बार चेतावनी जारी होने के बाद अपने घर के भीतर बने बंकर में जाना पड़ता है। बावजूद उन्होंने इजरायल को छोड़ने से इनकार किया है।

इजरायल में प्रमिला 7 वर्षों से कार्य कर रही हैं। उनका कहना है कि तेल अवीव हमले के बाद से ही पूरी तरह से बंद है। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें इतनी हिंसा पहले कभी देखने को नहीं मिली है। वह इजरायल में 25-30 अन्य लोगों के साथ रहती हैं। इनलोगों ने लम्बे समय के लिए जरूरत का सामान इकट्ठा कर रखा है।

हिंसा के बीच भारत लौटने के प्रश्न पर उन्होंने कहा उनका कहना है कि भारत ने उन्हें जन्म दिया है और इजरायल ने जीवन, इसलिए वह इस कठिन परिस्थितियों में इन लोगों को नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह इजरायल की सरकार के निर्देशानुसार अपनी सेवा देना को भी तैयार हैं।

प्रमिला का परिवार उडुपी में ही रहता है। वह उनकी सुरक्षा के लिए चिंतित हैं। परिवार लगातार प्रमिला को फ़ोन और मैसेज करके उनका हालचाल ले रहा है। प्रमिला के बच्चे भारत में ही रह रहे हैं। इससे पहले रविवार को इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमले में एक भारतीय नर्स शीजा आनंद घायल हो गई थी। केरल के कन्नूर की रहने वाली शीजा इजरायल के अश्कलेन शहर में रह काम कर रही थीं। उनका अब इलाज चल रहा है।

इससे पहले रविवार को इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमले में एक भारतीय नर्स शीजा आनंद घायल हो गई थी। केरल के कन्नूर की रहने वाली शीजा इजरायल के अश्कलेन शहर में रह काम करती हैं।

पत्रकार ने देश रक्षा के लिए उठाए हथियार

इस्लामी आतंकी संगठन हमास द्वारा हमले के बाद इजरायल ने अपने नागरिकों को सैन्य सेवा के लिए बुला लिया है। इसी के अंतर्गत इजरायली पत्रकार हनन्या नफ्ताली भी अपने देश की सेवा के लिए गए हैं।

हनन्या भारत के बड़े समर्थक हैं और सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हैं। उनके एक्स (पहले ट्विटर) पर लगभग 3 लाख फालोवर हैं। उनकी पत्नी का नाम भी ‘इंडिया’ है। सेना में सेवा के लिए जाने से पहले उन्होंने एक सन्देश अपने समर्थकों के लिए एक्स पर लिखा है।

हनन्या ने लिखा है, “मुझे अपने देश की सेवा और रक्षा करने के लिए बुलाया गया है। मैंने अपनी पत्नी ‘इंडिया’ को अलविदा कहा, उसने मुझे ईश्‍वर के आशीर्वाद और सुरक्षा के साथ भेजा है। अब से मेरी जगह पर वह पोस्ट करेगी। उसके साथ अच्छा बर्ताव करें।”

नहर में मिली थी जिस मोहन की लाश, उसे हबीबुर्रहमान ने कुल्हाड़ी से काटा था: पुलिस ने पकड़ा तो बोला – 3 साल पहले मेरी दाढ़ी नोची थी, अब दी सजा

उत्तर प्रदेश के कौशांबी के एक हिन्दू युवक को एक मुस्लिम शख्स की दाढ़ी नोचने पर जान से हाथ धोना पड़ा है। दरअसल, 20 सितंबर, 2023 को मोहन नाम के इस युवक की लाश नहर से बरामद हुई। इसके बाद इस वजह से ही मृतक की हत्या होने का खुलासा हुआ है।

हत्या का संदेह उसकी पत्नी के खिलाफ होने पर उस पर केस दर्ज किया था, लेकिन जाँच के बाद मुख्य आरोपित हबीबुर्रहमान उर्फ नन्हे गिरफ़्त में आया। पुलिस पूछताछ में आरोपित ने खुलासा किया कि मोहन लाल के घर की कुछ लड़कियाँ उसके खेत से घास लेने आती थीं, जो उसे पसंद नहीं था।

आरोपित के मुताबिक, एक दिन उसने उन लड़कियों को पीटा और अपने खेत से भगा दिया। अगले दिन लड़कियों के भाई मृतक मोहन ने उसे खेत के पास अकेला पाकर उसकी दाढ़ी नोच ली। इस अपमान से वह बदले की आग से जल उठा। यही वजह रही कि उसने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर मोहन की हत्या कर दी।

इस घटना के 18 दिन बाद पुलिस ने हत्या के तीनों आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302/201/120बी/34 आर्म्स एक्ट 4/25 के तहत कौशांबी के थाना सराय अकिल में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपित ने ये भी बताया कि मोहनलाल मरने के समय तड़प रहा था, लेकिन उसने माफ़ी नहीं माँगी।

सर्किल ऑफिसर योगेन्द्र कृष्ण नारायण के मुताबिक, पुलिस ने 20 सितंबर, 2023 को टप्पा गाँव के पास बिन्नई नहर में एक युवक का शव बरामद किया। शव की पहचान खरका मोहल्ले के मोहनलाल के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में हत्या की बात सामने आई। इसके बाद केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी गई।

उन्होंने बताया कि जाँच के दौरान पता चला कि पीड़ित परिवार का पड़ोसी गाँव पठान निवासी हबीबुर्रहमान उर्फ नन्हे से विवाद था। इसमें पीड़ित पक्ष ने मुकदमा दर्ज कराया था। मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपित सहित उसके दो साथियों इस्लाम और दिनेश के साथ हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, चाकू और मृतक की एक जोड़ी चप्पल के साथ पकड़ा गया है।

आरोपित हबीबुर्रहमान ने पुलिस कस्टडी में बयान दिया, “मोहन ने मेरी दाढ़ी नोच ली थी, इसलिए मैंने उसे कुल्हाड़ी से काट डाला। वो गाली देता तो चल जाता, हाथ-पैर चलाता तब भी सही था, लेकिन उसने दाढ़ी पकड़कर मुझे घसीटा, ये बहुत गलत किया। इसकी उसको मैंने सज़ा दी है। कुछ गलत नहीं किया।”

पुलिस की जानकारी के मुताबिक रतऊ लाल का बेटा मोहन लाल मजदूरी कर अपना परिवार पालता था। हत्या की शाम वह अपनी पत्नी से पैसे लेकर आरा मशीन पर लकड़ी खरीदने गया था, लेकिन वह घर नहीं लौटा। मोहन के पिता रतऊ प्रसाद के मुताबिक, 3 साल पहले उनकी बेटियाँ रूबी, रुचि, आंचल और करिश्मा नन्हे मियाँ के खेत की मेड़ पर चारा काट रही थीं। मियाँ ने चारों बेटियों को डंडे से पीटा। जब लड़कियों ने यह बात अपने भाई मोहन को बताई तो मोहन ने छोटी मिया को पीटा और उसकी दाढ़ी नोच ली।

गौरतलब है कि 20 सितंबर को मृतक मोहन की लाश नहर से बरामद होने पर माँ-बाप ने हत्या का आरोप बहू गुड्डी और उसके प्रेमी पर लगाया था। यही नहीं उनकी बेटे की लाश के सामने ही बहू से हाथापाई हुई थी। इसके बाद ही मृतक मोहनलाल के परिवारवालों की तहरीर पर बहु पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

म्यूजिक फेस्टिवल को हमास आतंकियों ने बनाया श्मशान, हमले का देखिए Video: चश्मदीद ने बताया- मेरी दोस्त साँस नहीं ले पा रही थी, उसे मार दी गोली

इजरायल पर इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को अचानक हमला किया था। इस दौरान एक म्यूजिक फेस्टिवल में 260 लोगों की हत्या की गई। गाजा से सटे किबुत्ज रीम के पास चल रही इस पार्टी को आतंकियों ने श्मशान में बदल दिया।

इस हमले के जो वीडियो सामने आए हैं, हमले में जिंदा बचे लोगों ने जो आपबीती सुनाई है, उससे इस्लामी आतंकियों की बर्बरता का पता चलता है। महिलाओं का उनकी दोस्तों के शव के सामने रेप किया गया। लोगों को बेहद नजदीक से गोली मारी गई। जान बचाने के लिए कई लोग लाश तक बन गए थे। हमले के बाद इजरायली सुरक्षा बलों को हमास के आतंकियों की गाड़ियों से गोला-बारूद और और कुरान की प्रतियाँ मिली हैं।

इसी म्यूजिक फेस्टिवल में शामिल रही शानी लौक नाम की महिला के शव का नग्न परेड आतंकियों ने निकाला था। इस हमले में सहर बेन सेला भी घायल हो गए थे। उन्होंने इजरायल के चैनल 12 को बताया है कि कैसे उस दिन आतंकियों ने पूरे इलाके को घेकर खून-खराबा किया था।

सहर ने बताया है कि फेस्टिवल में सुबह सबसे पहले संगीत बंद हुआ और फिर आपातकालीन सायरन बजने लगे। कार्यक्रम के प्रबन्धन के लिए मौजूद पुलिसकर्मियों ने बताया कि आतंकी हमला हुआ है। इसके बाद सभी भागने लगे। सहर ने बताया कि वह अन्य 30 लोगों के साथ गाड़ियों में सुरक्षित एक बंकर की तरफ गए। इसके बावजूद वे लोग बच नहीं सके। आतंकी भी बंकर में घुस आए। उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

सहर ने बताया, “मैं बंकर में शरण लेने वाले लोगों की दूसरी लाइन में खड़ा था, उन्होंने सभी को गोली मार दी। मैं इसलिए बच गया क्योंकि हम सबको मारने आए आतंकी की बन्दूक जाम हो गई। मुझे पैर और सर पर चोट लगी। आतंकियों ने हमारे ऊपर ग्रेनेड भी फेंके।” उन्होंने बताया कि ग्रेनेड हमले के बाद उनकी एक दोस्त बंकर के भीतर साँस नहीं ले पा रही थी। वह बाहर की तरफ दौड़ी, लेकिन एक आतंकी ने उसे सामने से गोली मार दी।

सहर का एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनको काफी चोटें आई है। हमले का उनकी मानसिक अवस्था पर भी प्रभाव पड़ा है। वह चैनल से बाते करते हुए भावुक भी हो गए। इस म्यूजिक फेस्टिवल पर हमले के अब कई वीडियो सामने आ रहे हैं। इनमें दिखता है कि हमास के इस्लामी आतंकियों ने लोगों को चारों तरफ से घेर कर हमला किया था। हमले के डर से लोग इधर-उधर भागते भी दिख रहे हैं।

हमास के हमलों में 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 2600 से अधिक लोग घायल हैं। जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा के भीतर 1200 से ज्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में लगभग 600 फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक टीवी संबोधन में कहा है, “हम युद्ध नहीं चाहते थे। हम पर जबरदस्ती बर्बर तरीके से जंग लादी गई। इजरायल ने यह जंग शुरू नहीं की है, लेकिन हम इसे खत्म जरूर करेंगे। हमास ने इजरायल पर हमला करके ऐतिहासिक भूल की है।” उन्होंने कहा, “एक समय था जब यहूदी लोगों के पास कोई देश नहीं था, वो खुद को बचा नहीं सकते थे। अब ऐसा नहीं है। अब हम हमास और इजरायल के अन्य दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाएँगे जो कि वह दशकों तक नहीं भूलेंगे।”

‘डोरोन’ बन इजरायल के दुश्मनों का किया सफाया, अब हमास आतंकियों से लोगों को बचाने के मिशन पर निकले: ‘फौदा’ एक्टर ने ज्वाइन किया ‘ब्रदर्स इन आर्म्स’

क्या नेता, क्या अभिनेता… इस्लामी आतंकी संगठन हमास के बर्बर हमलों के बाद इजरायल में हर कोई मोर्चे पर जुट गया है। देश के लिए लड़ने और देशवासियों को बचाने के मिशन में खुद को झोंक दिया है। इसी कड़ी में मशहूर टीवी सीरिज ‘फौदा’ के एक्टर लियोर रज (Fauda actor Lior Raz) ने वॉलंटियर ग्रुप ‘ब्रदर्स इन आर्म्स’ को ज्वाइन किया है।

इजरायल के दक्षिणी शहर सेडरॉट से एक्टर ने एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वे इजरायल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष योहानन प्लेस्नर और पत्रकार एवी यिस्सचारोव के साथ दिख रहे हैं।

वीडियो शेयर करते हुए लियोर रज ने लिखा है, “लोगों को बचाने के लिए मैं ‘ब्रदर्स इन आर्म्स’ वॉलंटियर ग्रुप में शामिल होकर दक्षिण की तरफ निकला हूँ। हमें दो परिवारों को निकालने के लिए बमबारी वाले शहर सेडरॉट भेजा गया है।” वीडियो में एक्टर को एक रॉकेट हमले से बचने के लिए दीवार के पीछे शरण लेते हुए भी देखा जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि ‘फौदा’ एक मशहूर वेबसीरिज है। यह इजरायली सेना के अंडरकवर कमांडो पर आधारित है। इसमें लियोर रज ने डेरोन का किरदार निभाया है। सीरिज में वे इजरायल के दुश्मनों का सफाया करते नजर आते हैं।

गौरतलब है कि इजरायल ने हमास के हमलों के बाद तीन लाख रिजर्व सैनिकों को मोर्चे पर लगाया है। रिजर्व ड्यूटी में ऐसे इजरायली नागरिकों को लगाया जाता है जो अपनी सैन्य सेवा पूरी कर चुके हैं। इजरायल में सैन्य सेवा सबके लिए अनिवार्य है। इससे पहले इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट का एक वीडियो सामने आया था जिसमें उन्हें अपनी बटालियन के साथ देखा गया था।

हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर अचानक हमला किया था। इन हमलों में 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 2600 से अधिक लोग घायल हैं। जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा के भीतर 1200 से ज्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में लगभग 600 फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक टीवी संबोधन में कहा है, “हम युद्ध नहीं चाहते थे। हम पर जबरदस्ती बर्बर तरीके से जंग लादी गई। इजरायल ने यह जंग शुरू नहीं की है, लेकिन हम इसे खत्म जरूर करेंगे। हमास ने इजरायल पर हमला करके ऐतिहासिक भूल की है।” उन्होंने कहा, “एक समय था जब यहूदी लोगों के पास कोई देश नहीं था, वो खुद को बचा नहीं सकते थे। अब ऐसा नहीं है। अब हम हमास और इजरायल के अन्य दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाएँगे जो कि वह दशकों तक नहीं भूलेंगे।”

‘फ# इजरायल, फ# यहूदी’: सिडनी के ओपेरा हाउस पर हमास समर्थकों का उपद्रव, ‘अल्लाहू अकबर’ के नारों के साथ पुलिस पर फेंकी आग; देखिए Video

इस्लामी आतंकी संगठन हमास की बर्बरता देखने के बाद दुनिया के अधिकतर देश इजरायल के साथ एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं। दूसरी ओर दुनिया भर के इस्लामी कट्टरपंथी हमास का समर्थन करते हुए यहूदियों और इजरायल को लेकर अपनी नफरत का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में ‘अल्लाहू अकबर’ के नारों के साथ ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में ओपेरा हाउस पर कट्टरंपथियों ने कब्जे की कोशिश की।

इजरायल के साथ एकजुटता दिखाने के लिए ओपेरा हाउस को 9 अक्टूबर 2023 की शाम इजरायल के झंडे के रंग में रोशन किया गया। इसके विरोध में कट्टरपंथी वहाँ इकट्ठा हो गए और मार्च किया। ओपेरा हाउस पर कब्जे की कोशिश करते हुए आपत्तिजनक नारे लगाए। हमास के हमलों का आतिशबाजी कर जश्न मनाया।

ऑस्ट्रेलियाई यहूदी एसोसिएशन द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक वीडियो में कट्टरपंथी भीड़ मार्च करने के बाद सिडनी ओपेरा हाउस पर आग से हमला करती हुई दिखाई दे रही है। इनके उपद्रव के कारण ओपेरा हाउस को इजरायली झंडे के रंग में रोशन करने में एक घंटे की देरी हुई।

डेली मेल ऑस्ट्रेलिया की एक रिपोर्ट के अनुसार कुछ उपद्रवी नकाबपोश थे और उन्होंने ओपेरा हाउस में एंट्री करने से रोकने के लिए खड़े 100 से अधिक पुलिसकर्मियों पर जलती हुई आग फेंकी।

आतंकवादियों से सहानुभूति रखने वालों को अपमानजनक, अभद्र और यहूदी-विरोधी भाषा बोलते हुए सुना जा सकता है। भीड़ ने इजरायली झंडे को रौंदने और फाड़ने के बाद उसमें आग लगाने की कोशिश की। ‘F*** इजरायल’, ‘F*** यहूदी’, ‘F*** अल्बानीज़’ के साथ ही ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाए।

इस दौरान इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने ‘फ्री फिलिस्तीन’ जैसे संदेश वाले बैनर लहराए। न्यू साउथ वेल्स से ग्रीन पार्टी की चीनी मूल की सांसद ने हमास समर्थकों का समर्थन करते हुए और ट्वीट किया है।

हमास समर्थकों के उपद्रव के दौरान पुलिस ने कम से कम तीन लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने हिंसक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए यहूदी लोगों को सिडनी ओपेरा हाउस के आसपास के इलाकों में न जाने की चेतावनी दी थी।

जानकारी के मुताबिक, फिलिस्तीन एक्शन ग्रुप, सिडनी ने ‘मुस्लिम उत्पीड़न के खिलाफ रैली’ का आयोजन किया था, जो ओपेरा हाउस तक मार्च करने से पहले टाउन हॉल में एकत्रित हुई। इस दौरान कथित तौर पर उनमें से कई लोगों ने ‘मुसलमानों पर अत्याचार करना बंद करो’ जैसे नारों वाले बैनर और पोस्टर ले रखे थे।

वहीं, ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथनी अल्बानीज ने हमास और आतंकी समर्थकों से तुरंत रैली को रद्द करने के लिए कहा। अल्बानीज ने हिंसा के समर्थकों की तीखी निंदा की। लेकिन उनकी निंदा और अपील से हमास समर्थकों पर कोई फर्क नहीं पड़ा, बल्कि उन्होंने अल्बानीज के लिए जमकर अपशब्द कहे।

‘हमास ने शुरू किया, खत्म हम करेंगे’: बोले नेतन्याहू- ऐसा सबक सिखाएँगे कि दशकों तक याद रखेंगे इजरायल के दुश्मन, 3 लाख रिजर्व सैनिक बुलाए

इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमलों के बाद इजरायल की जवाबी कार्रवाई अब निर्णायक चरण में है। इजरायल ने गाजा पट्टी से सटे उन सभी इलाकों पर नियंत्रण कर लिया है, जहाँ आतंकी घुसे थे। गाजा पट्टी को सील कर उसकी सेना ने घेराबंदी कर रखी है। हवाई हमले जारी हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल के दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा जो दशकों तक वे याद रखेंगे।

एक टीवी संबोधन में नेतन्याहू ने कहा है, “हम युद्ध नहीं चाहते थे। हम पर जबरदस्ती बर्बर तरीके से जंग लादी गई। इजरायल ने यह जंग शुरू नहीं की है, लेकिन हम इसे खत्म जरूर करेंगे। हमास ने इजरायल पर हमला करके ऐतिहासिक भूल की है।” उन्होंने कहा, “एक समय था जब यहूदी लोगों के पास कोई देश नहीं था, वो खुद को बचा नहीं सकते थे। अब ऐसा नहीं है। अब हम हमास और इजरायल के अन्य दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाएँगे जो कि वह दशकों तक नहीं भूलेंगे।”

नेतन्याहू ने हमास और इस्लामिक स्टेट को एक जैसा बताया है। उन्होंने कहा कि हमास ने परिवारों को उनके घरों में मार दिया, जो लोग बाहर किसी समारोह में शामिल हो रहे थे उनकी हत्या की गई और महिलाओं तथा बच्चों का अपहरण किया।

इस बीच इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा पर हवाई कार्रवाई चालू कर दी है। अब तक इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा के भीतर 1200 से ज्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में लगभग 600 फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं। इजरायल ने अपने नागरिकों से अगले 72 घंटों के लिए बंकरों में रहने का इंतज़ाम करने को कहा है। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि इजरायल गाजा में सेना भेजेगा।

इजरायल ने हमले के 48 घंटों के भीतर 3 लाख से अधिक रिज़र्व सैनिकों को वापस बुलाया है। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विश्व भर के नेताओं का इजरायल का समर्थन करने के लिए धन्यवाद किया है।

वहीं इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने कहा है कि अगर इजरायल ने और हमले किले तो वह बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों को एक एक कर मारना चालू कर देगा। हमास के प्रवक्ता अबू उबैदा ने कहा है कि इन हत्याओं को वह टीवी पर भी दिखाएँगे।

गाजा से सटे एक इलाके से 100 से अधिक लाशें बरामद की गई हैं। मरने वालों में बच्चे और महिलाएँ भी हैं। गौरतलब है कि हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर अचानक हमला किया था। इन हमलों में 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 2600 से अधिक लोग घायल हैं।