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बारिश में धुल गया मैच, लेकिन भारत जीत गया गोल्ड मेडल: एशियन गेम्स में महिलाओं के बाद अब भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने किया कमाल

एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। टीम इंडिया पहली बार क्रिकेट में उतरी थी और सफलता हासिल कर ली। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम भी गोल्ड मेडल जीत चुकी है। इस तरह से एशियन गेम्स में भारत के खाते में अब तक 27 गोल्ड समेत 102 पदक आ चुके हैं।

चीन के हांगझोउ में खेले जा रहे 19वें एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम पूरे टूर्नामेंट में विजयी रही। फाइनल में यही सिलसिला बरकरार रहने की उम्मीद थी। हालाँकि, बारिश के चलते मैच पूरा नहीं हो सका। इस कारण रैंकिंग के आधार पर भारत को जीता मानते हुए गोल्ड मेडल दिया गया है।

अफगानिस्तान के खिलाफ हुए इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। हालत यह थी कि शुरुआती 3 ओवर में ही 12 रन 3 विकेट गिर चुके थे। इसके बाद शहीदुल्लाह और जजाई ने मिलकर टीम का स्कोर आगे बढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन भारतीय गेंदबाजों के आगे वह जोड़ी भी अधिक समय तक नहीं टिक सकी।

11 ओवर में 52 रन पर 5 विकेट खोने के बाद अफगानिस्तान ने लगातार संघर्ष करने की कोशिश की। 18.2 ओवर में अफगानिस्तान टीम 5 विकेट के नुकसान पर 112 रन बना चुकी थी। तभी बारिश आ गई। इसके बाद मैच शुरू न हो सका। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, शाहबाज अहमद और रवि विश्नोई ने एक-एक विकेट हासिल किया। 2021 में T20 और 2022 में ODI में भारत के लिए डेब्यू करने वाले ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में भारत को ये सफलता मिली है।

एशियन गेम्स में भारत ने जड़ा सैकड़ा

एशियन गेम्स में भारत ने 27 गोल्ड, 35 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज के साथ अब तक 102 मेडल अपने नाम किए हैं। इस वर्ष भारतीय ने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए ये मेडल जीते हैं। इससे पहले साल 2018 में आयोजित एशियन गेम्स में भारत ने 16 गोल्ड के साथ कुल 70 मेडल जीते थे। एशियन गेम्स 2023 की मेडल टैली देखें तो 189 गोल्ड के साथ चीन पहले, 47 गोल्ड के साथ जापान दूसरे और 38 गोल्ड के साथ कोरिया तीसरे नंबर पर, 26 गोल्ड के साथ भारत चौथे नंबर पर है।

शेर मोहम्मद ने बच्ची से बलात्कार कर के लिया बकरियों की पिटाई का ‘बदला’, अब पेड़ से लटकी मिली लाश: पॉक्सो के तहत केस दर्ज होने के बाद से था फरार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 60 साल के बुजुर्ग शेर मोहम्मद की पेड़ से लटकती लाश मिली है। शेर मोहम्मद पर उनके पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने अपनी 5 साल की नाबालिग बच्ची से रेप का आरोप लगाया था। पुलिस ने शेर मोहम्मद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज की थी। यह मामला एक ही समुदाय के बीच का बताया जा रहा है। शेर मोहम्मद के घर वालों ने बच्ची के घर वालों पर अपने परिजन की हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। घटना गुरुवार (5 अक्टूबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र की है। यहाँ के एक गाँव में रहने वाले 60 साल के शेर मोहम्मद पर उनके ही पड़ोसी ने अपनी 5 वर्षीया नाबालिग बच्ची से रेप का आरोप लगाया था। शिकायत में बताया गया है कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान वो अचानक ही लापता हो गई। खोजबीन के दौरान पीड़ित परिजनों ने शेर मोहम्मद के घर पहुँचने का दावा किया। उन्होंने बताया कि उस समय शेर मोहम्मद बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था। बच्ची की तबीयत खराब होने और उनके लहूलुहान होने की जानकारी देते हुए पीड़ित परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया।

आखिरकार मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शेर मोहम्मद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज कर के उसकी तलाश शुरू कर दी। पूछताछ के लिए शेर मोहम्मद के घर से कुछ लोगों को थाने भी बुलवाया गया। इस बीच आरोपित फरार हो गया था। 6 अक्टूबर को शेर मोहम्मद की लाश गाँव के पास ही एक पेड़ पर लटकी मिली। इस नए मोड़ की जाँच करती पुलिस ने प्रथम दृष्टया ये माना है कि आरोपित ने पुलिस की कार्रवाई के डर या पश्चाताप से आत्महत्या कर ली है।

वहीं शेर मोहम्मद के घर वालों ने बच्ची के परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया है। मृतक के घर वालों ने आरोप लगाया कि उनकी बकरियाँ पड़ोसी के घर अक्सर चरते हुए चली जाया करती थीं। इस बात से पड़ोसी शेर मोहम्मद से नाराज रहता था। घटना के दिन भी शेर मोहम्मद की बकरियाँ पड़ोसी के घर पहुँच गईं थीं। आरोप है कि इन बकरियों को पड़ोसी ने मारा-पीटा। शेर मोहम्मद ने अपनी बकरियों की पिटाई का विरोध किया। इस बात पर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। शेर मोहम्मद के घर वालों के अनुसार इसी बात से गुस्सा हो कर पड़ोसी परिवार ने उनके ऊपर अपने घर की 5 वर्षीया बच्ची से दुष्कर्म का झूठा केस कर दिया था।

पुलिस ने शेर मोहम्मद का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शेर मोहम्मद के घर वालों ने पीड़िता बच्ची के घर वालों पर अपने परिजन की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जाँच कर रही है।

‘इजरायल ही जीतेगा यह युद्ध’: 5000+ रॉकेट दाग नामोनिशान मिटाने के लिए घुसे फिलिस्तीनी आतंकियों को चुकानी होगी भारी कीमत

हमास के आतंकियों ने शनिवार (7 अक्टूबर, 2023) की सुबह गाजा से इजराइल की ओर अचानक हमला बोल दिया है। इजरायल पर 5000 से ज़्यादा रॉकेटों की बौछार की गई है। इस हमले में 6 की मौत के साथ ही सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है। इजरायली रक्षा बल ने आतंकियों के घुसने की पुष्टि की है। वहीं आतंकी संगठन  हमास ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इजराइली सेना ने इस हमले को लेकर दिए बयान में कहा कि बड़ी संख्या में फलस्तीनी आतंकियों ने गाजा पट्टी से इजराइल में घुसपैठ की है। 

वहीं इजरायल पर हमले की जानकारी देते हुए पत्रकार आदित्य राज कौल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “हमास इस्लामी आतंकवादी समूह का दावा है कि उसने कई आईडीएफ सैनिकों का अपहरण कर लिया है जिन्हें गाजा ले जाया जा रहा है। इज़राइल के ओफाकिम, नेटिवोट और सेडरोट में आतंकियों ने कई घरों पर कब्जा कर लिया और उन्हें बंधक बना लिया। इजराइल के कई इलाकों में आपात स्थिति की घोषणा हो गई है।”

जानकारी के मुताबिक, गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी हमलावरों की ओर से सुबह दक्षिणी और मध्य इजराइल पर रॉकेट हमले किए जाने से शनिवार तड़के गाजा के आसपास के दक्षिणी इलाकों और बड़े तेल अवीव क्षेत्र में रॉकेट की चेतावनी देने वाले सायरन काफी देर तक बजते रहे। विस्फोटों को तेल अवीव के आसपास और येरूशलेम के बाहर के शहरों में सुना गया है।

कब हुआ आतंकी हमला

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक रॉकेट के कारण इजरायल के कई हिस्सों में सायरन बजने लगे। भारतीय समय के मुताबिक शनिवार की सुबह 9 बजे हमला शुरू हुआ। वहीं इजरायल के स्थानीय समय के मुताबिक सुबह के 6.30 बज रहे थे और ज्यादातर इजरायली इस दौरान सोए हुए थे।

युद्ध की स्थिति की घोषणा

भारी मात्रा में आतंकी घुसपैठ के बीच इजराइल ने शनिवार सुबह ही युद्ध की घोषणा कर दी है। एक बयान में, इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हलेवी एक मूल्यांकन कर रहे हैं और कार्य योजनाओं को मंजूरी दे रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि पीएम और रक्षा मंत्री तेल अवीव में रक्षा बलों के मुख्यालय में सुरक्षा का मूल्यांकन कर रहे हैं। रक्षा मंत्री का कहना है इस युद्ध में इजरायल की जीत होगी।

वहीं मीडिया रिपोर्ट ले अनुसार, हमास ने बताया कि उसकी सैन्य शाखा के प्रमुख मोहम्मद दीफ ने शनिवार शाम तक एक अहम घोषणा करने की योजना बनाई है। दीफ ने एक रिकॉर्डेड मैसेज जारी किया और इसे ऑपरेशन को अल अक्सा स्टॉर्म नाम दिया गया। इसमें कहा गया कि 5000 रॉकेटों के साथ दुश्मन के ठिकानों हवाई अड्डों और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

हमास को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

इस आतंकी हमले के बाद इजरायल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “एक घंटे पहले हमास के आतंकी संगठन ने हमला किया। उन्होंने रॉकेट दागे और इजरायली क्षेत्र में घुसपैठ की। इजरायली डिफेंस फोर्स नागरिकों की रक्षा करेगी और हमास के आतंकी संगठन को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। सेना गाजा पट्टी में आतंकियों को निशाना बना रही है।”

एक महिला की मौत, 16 घायल

गौरतलब है कि हमले में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए बचाव और राहत सेवाओं के प्रभारी मैगन डेविड एडोम ने कहा कि आज सुबह दक्षिणी और मध्य इज़राइल पर रॉकेट हमलों में 6 की मौत हो गई और 100 के करीब घायल बताए जा रहे हैं।

बता दें कि दक्षिणी गेडरोट क्षेत्र में सीधे रॉकेट हमले में 60 वर्षीय एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। बचाव सेवाओं के चिकित्सकों ने कहा कि अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं और अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

चाँद पर मानव भेजने के लिए तैयार है भारत: इस महीने के अंत में ISRO करेगा मानवरहित उड़ान का परीक्षण, ‘क्रू एस्केप सिस्टम’ का होगा टेस्ट

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद (ISRO) अपने महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए इस महीने के अंत में मानवरहित उड़ान परीक्षण शुरू करेगा। इसकी जोर-शोर से तैयारी चल रही है। इसके पहले चंद्रमा के सतह पर सफल लैंडिंग कर भारत उसके दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। परीक्षण यान से अंतरिक्ष यात्रियों को निकालने की प्रणाली ‘क्रू एस्केप सिस्टम’ के परीक्षण की भी योजना है। 

विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक एस उन्नीकृष्णन नायर ने कहा कि तैयारियाँ जोरों से चल रही हैं। यान प्रणाली के सभी हिस्से प्रक्षेपण के लिए श्री हरिकोटा पहुँच गए हैं। उन्हें जोड़ने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर महीने के अंत में इसे प्रक्षेपित करने के लिए तैयार हैं।

करीब 900 करोड़ रुपए की लागत का यह मिशन अगले साल यानी 2024 में लॉन्च होगा। इससे पहले इसके लिए तीन वाहन परीक्षण किए जाने हैं। इनमें पहला वाहन परीक्षण मिशन टीवी-डी1, दूसरा टीवी-डी2 मिशन और तीसरा परीक्षण एलवीएम3-जी1 होगा। यह पूरी तरह मानवरहित मिशन होगा।

भारत के मानव मिशन के हिस्सा के रूप में गगनयान के परीक्षण वाहन को जल्द ही लॉन्च किया जाएगा, ताकि क्रू एस्केप सिस्टम का परीक्षण पूरा किया जा सके। इसके लिए फ्लाइट टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन-1 (टीवी-डी1) की तैयारी चल रही है।

इस मानवरहित मिशन में रोबोट और ह्यूमनॉइड को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा, उसके जरिए क्रू की सुरक्षा संबंधी डेटा जुटाया जाएगा। गगनयान के तीसरे वाहन परीक्षण एलवीएम3-जी1 के तहत जिस ह्यूमनॉइड को भेजा जाएगा, उसके जरिए क्रू के सामने आने वाली तमाम चुनौतियों की जानकारी जुटाई जाएगी।

इसके बाद भारत अपना मानव अभियान भेजेगा। ISRO चार अंतरिक्ष यात्रियों को इस अभियान के लिए प्रशिक्षण दे रहा है। इस अभियान के तहत तीन अंतरिक्ष यात्रियों को 400 किलोमीटर की कक्षा में पहुँचाकर वापस सुरक्षित धरती पर लाया जाएगा। 

रोज ₹200 करोड़ की कमाई: जानिए कैसे आम लोगों को फँसाता था वो सट्टेबाजी एप, जिससे जुड़े सोनू सूद और सोनाक्षी सिन्हा से लेकर 34 बॉलीवुड हस्तियों के तार

महादेव सट्टेबाजी एप सुर्खियों में बना हुआ है। बीते महीने प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस एप से जुड़े 39 जगहों पर तलाशी के दौरान सोने की छड़ें, आभूषण और कुल 417 करोड़ रुपए की नकदी बरामद की थी। बीते हफ्ते ही इस एप के विज्ञापनों में नज़र आने वाले बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए तलब किया।

जाँच एजेंसी ने अब तक इस केस में चार गिरफ्तारियाँ की हैं। इस एप के दो मास्टरमाइंड और प्रमोटर अभी भी दुबई में है। इस साल फरवरी में संयुक्त अरब अमीरात में 200 करोड़ रुपए की शादी के नकद भुगतान के बाद ये एप जाँच एजेंसियों के निशाने पर आया था।

हर दिन 200 करोड़ रुपए की काली कमाई के इस धंधे में अब बॉलीवुड की 34 हस्तियों की गर्दन फँस गई है। आखिर कैसे ये कमाई होती थी और किस तरह से अभिनेता-अभिनेत्रियाँ इस सट्टेबाजी के एप से जुड़ते चले गए, आगे बताते हैं।

कैसे कमाए जाते थे 1 दिन में 200 करोड़ रुपए

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के नियमों और अधिकारियों को दरकिनार कर बड़ी रकम जुटाने में कामयाबी के पीछे की कहानी नए ग्राहकों को लुभाने से शुरू होती है। इसे छत्तीसगढ़ के भिलाई के सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से चलाते थे। ये रोज नई वेबसाइटें और चैट ऐप्स बनाकर नए कस्टमर इस एप से जोड़ते जाते थे। इसके लिए ये अक्सर सोशल मीडिया ऐप्स पर पेड एड चलाते थे। इसमें ये लोगों को मुनाफे का लालच दे अपने नंबरों पर उनसे टेक्स्ट मैसेज करवाने की कोशिश करते।

ईडी के मुताबिक, इन नंबरों पर केवल व्हाट्सएप्प के जरिए ही संपर्क किया जा सकता है। इसके बाद एप का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव झाँसे में आने वाले लोगों को एक नई यूजर आईडी बनाने को कहता। इसके बाद ये इस पर दो नंबर भेजते। इसमें से एक नंबर पर पैसा जमा कर सट्टा लगाया जाता।

वहीं दूसरे नंबर पर कस्टमर केयर से संपर्क करने और लोगों के हासिल किए गए प्वाइंट के पैसे के भुगतान के लिए किया जाता। सबसे दिलचस्प बात ये है कि पैसे इकट्ठा करने या भुगतान करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सभी खाते धोखाधड़ी से खोले गए बेनामी खाते थे।

महादेव एप की सभी सट्टेबाजी और गेम में इस तरह से धाँधली की जाती कि उनकी कंपनी को पैसे का नुकसान न हो। अधिकतर नए यूजर शुरू में फायदा होने की वजह से उनके खातों में पैसा जमा करना जारी रखते थे, लेकिन लंबे वक्त तक ऐसा करने से हमेशा उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ता था।

कॉल सेंटरों, पुलिस, नौकरशाहों और राजनेताओं का गठजोड़

महादेव एप के अवैध बैंक खातों का ही नहीं बल्कि कॉल सेंटरों का तगड़ा नेटवर्क था। इसके मलेशिया, थाईलैंड, भारत और यूएई में सैकड़ों कॉल सेंटर थे, जो सहायक एप, वेबसाइट बनाने और के कस्टमर के साथ बातचीत करने के लिए 24 घंटे पूरे हफ्ते चलते थे। ईडी की जाँच में खुलासा हुआ है कि सट्टेबाजी एप पर रोजाना हजारों करोड़ रुपए का लेनदेन होता था।

ईडी ने दावा किया कि कंपनी रोज 200 करोड़ रुपए का मुनाफा कमा रही थी। ईडी की जाँच में पता चला कि संयुक्त अरब अमीरात से चलने वाला महादेव ऑनलाइन बुकिंग ऐप अपने सहयोगियों को 70-30 लाभ के अनुपात पर पैनल और शाखाओं की फ्रेंचाइजी देकर चलाता था।

सट्टेबाजी की आमदनी को विदेशी खातों में भेजने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला ऑपरेशन किए जाते थे। भारत के ही अहम शहरों में इसके करीब 30 कॉल सेंटर खोले गए थे। इन्हें सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के दो बहुत करीबी सहयोगी अनिल दम्मानी और सुनील दम्मानी सँभालते थे। दोनों दम्मानी भाइयों को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है।

यही नहीं, इस सिंडिकेट को चालू रखने के लिए पुलिस, राजनेताओं और नौकरशाहों को भी हिस्सेदारी दी गई थी। अनिल दम्मानी हवाला से आने वाले कुछ पैसे पुलिस, राजनेताओं और नौकरशाहों तक भेजता था। इसी वजह से ये ऐप जाँच एजेंसियों के रडार पर नहीं आए। पूछताछ में अनिल दम्मानी ने ईडी ने को बताया कि बीते दो साल में उसने अपने भाई के साथ मिलकर 60 से 65 करोड़ रुपए का अवैध लेनदेन किया है।

तगड़ा है बॉलीवुड कनेक्शन

महादेव सट्टेबाजी घोटाला मामले में एक्टर, सिंगर, डांसर सहित करीब 34 बॉलीवुड हस्तियाँ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जाँच के दायरे में आ गई हैं। इन मशहूर हस्तियों के नामों की लिस्ट रिपब्लिक टीवी ने शुक्रवार (6 अक्टूबर, 2023) को शेयर की थी।

रणबीर कपूर, श्रद्धा कपूर, कपिल शर्मा, हिना खान और हुमा कुरैशी सहित कई अन्य एक्टर से ईडी पूछताछ कर रहा है। इसकी वजह फरवरी 2023 में दुबई की शादी में परफॉर्म करने के लिए इनका हवाला लेनदेन से भुगतान पाना है। ईडी ने कहा कि शादी में परफॉर्म करने के लिए 17 बॉलीवुड हस्तियों को चार्टर्ड विमान से दुबई लाया गया था।

घोटाले के आरोपित सौरभ चंद्राकर की शादी में शामिल होने वाली मशहूर हस्तियों में आतिफ असलम, राहत फतेह अली खान, अली असगर, विशाल ददलानी, टाइगर श्रॉफ, एली अवराम, भारती सिंह, सनी लियोन, भाग्यश्री, कृति खरबंदा, नेहा कक्कड़, नुसरत भरुचा और कृष्णा शामिल थे।

इन सभी को कथित तौर पर हवाला के जरिए करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया था। वहीं रणबीर कपूर पर सिंडिकेट के चलाए जा रहे एक एप को प्रमोट करने का भी आरोप है। इसी एप प्रमोशन मामले में श्रद्धा कपूर भी ईडी की जाँच के दायरे में आई हैं।

इसके अलावा रफ्तार एमसी दीप्ति साधवानी, सुनील शेट्टी, सोनू सूद, संजय दत्त, हार्डी संधू, सोनाक्षी सिन्हा, सुनील ग्रोवर, रश्मिका मंधाना, सारा अली खान, गुरु रंधावा, सुखविंदर सिंह, टाइगर श्रॉफ, नुसरत बरूचा, डीजे चेतस, महिला अरोड़ा, नोरा फतेही, अमित त्रिवेदी, मौनी रॉय, आफताब शिवदासानी, सोफी चौधरी, डेज़ी शाह, उर्वशी रौतेला, नरगिस फाखरी,नेहा शर्मा, इशिता राज, शमिता शेट्टी, प्रीति झंगियानी, स्नेहा उल्लाल, सोनाली सहगल, इशिता दत्ता, एलनाज और अरबाज़ खान की गर्लफ्रेंड जियोर्जिया एड्रियानी शामिल हैं।

‘जगिए नहीं तो कश्मीर जैसा हाल होगा, कुंभकर्ण के बाद सबसे अधिक हिंदू सोया’: धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की फिर भरी हुंकार

राजस्थान के अलवर में हनुमंत कथा कह रहे बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री शुक्रवार (6 अक्टूबर 2023) को पूर्व मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह के आवास फूल बाग पैलेस पहुँचे। वहाँ चाँदी के सिंहासन पर बैठकर उन्होंने धर्म सभा की। इस दौरान शास्त्री ने कहा कि जितेेंद्र सिंह समस्त प्रजा को भगवत तुल्य मानते आए हैं। हिंदू राष्ट्र की बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर हिंदू जागृत नहीं हुए तो कश्मीर जैसा हाल हो जाएगा।

पैलेस में पहुँचकर धीरेंद्र शास्त्री ने वहाँ बने ठाकुरजी के मंदिर में दंडवत प्रणाम किया। वहाँ जुटे लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हिंदुओं जाग जाओ, वरना हालात कश्मीर जैसे हो जाएँगे। तुम्हारी बहन-बेटी का हाल भी साक्षी जैसा होगा। तुम्हारे घर भी जलाए जाएँगे। इसलिए जाग जाओ। किसी को नीचा मत दिखाओ, लेकिन सनातन को आगे बढ़ाओ।”

हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाश्वर ने कहा, “हिंदू हो तो अपने घरों पर ध्वज फहराओ। सिर पर तिलक लगाओ। देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए अड़ जाओ। मैं जिंदा रहा तो हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प जल्दी पूरा होगा। मेरे पागलों, तुम मेरा साथ दो, हम मिलकर तुम्हें हिंदू राष्ट्र देंगे। तुम्हें घर से बाहर निकलना पड़ेगा।”

शास्त्री ने आगे कहा, “वीर बजरंगी जब लंका में राम नाम का झंडा गाड़ सकते हैं तो हम क्या अपने दिलों में राम नाम की भक्ति नहीं जगा सकते हैं? लोग सोचते हैं कि राम नाम लेंगे तो लोग सनातनी कहेंगे। राम नाम लेकर हम किसी की बुराई नहीं कर रहे हैं। हमें केवल राम नाम की भक्ति से मतलब है।”

उन्होंने कहा कि अगर कुंभकर्ण से ज्यादा कोई सोया है तो सनातनी सोया है। धर्म परिवर्तन करने वालों को उन्होंने मूर्ख कहा। उन्होंने कहा कि अगर वे दीर्घायु हुए तो हिंदू राष्ट्र का सपना साकार होते अपनी आँखों से देखेंगे। अपनी शादी को लेकर उन्होंने कहा कि ‘शेरवानी तैयार रखिए। जल्दी शादी करूँगा।’

इस दौरान उन्होंने खुद को साधारण इंसान बताया। शास्त्री ने कहा कि वे कोई महात्मा या भगवान नहीं हैं। वे बस बाला जी के हैं। उन्होंने कहा है, “धर्म परिवर्तन जो करता है, वह मूर्ख है। जो बहकावे में आ जाते हैं, उनका घर वापसी होनी चाहिए।” उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की।

राजनीतिक पार्टी के समर्थन के सवाल पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “मेरा किसी पार्टी से कोई नाता नहीं है। यह तो आपकी नजर का खेल है। साधु, सूर्य, चंद्रमा किसी भी पार्टी का नहीं होता, सबका होता है।”

‘एक बार इस्लाम अपना लिया तो हमेशा के लिए मुस्लिम बन गए’: अपने मूल ईसाई धर्म में लौटना चाहता था शख्स, मलेशिया की शरिया कोर्ट ने नहीं दी इजाजत

इस्लामी मुल्क मलेशिया की अदालत ने क्रिश्चियन से मुस्लिम बने एक शख्स को वापस अपने मूल धर्म में जाने पर रोक लगा दी है। मलेशिया की हाईकोर्ट ने इस्लाम त्यागने के शख्स के आवेदन को खारिज कर दिया। ऐसा ही एक और मामला अगस्त में भी आया था।

दरअसल, 45 वर्षीय व्यक्ति ने साल 2010 में एक मुस्लिम महिला से शादी की। महिला से शादी करने के लिए उसने इस्लाम अपनाया था। निकाह के पाँच साल बाद ही यानी 2015 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद 2016 में उस शख्स ने इस्लाम छोड़ने के लिए शरिया अदालत में एक आवेदन दायर किया।

शख्स की याचिका के बाद उसे इस्लाम के ‘परामर्श सत्र’ में भाग लेने का आदेश दिया गया। उसने सत्र में भाग लिया। इसके बाद भी वह इस्लाम छोड़ना चाहता था। इसके बाद मुल्क की शरिया अदालत ने इस्लाम छोड़ने के उसके आवेदन को खारिज कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि व्यक्ति को आगे भी परामर्श सत्र से गुजरना होगा।

शरिया अदालत के इस फैसले पर व्यक्ति ने अपील की। शरिया अपील अदालत में उस व्यक्ति की अपील भी खारिज कर दी गई। इसके बाद उसने शरिया अदालत के फैसलों को रद्द करने की माँग करते हुए सिविल अदालतों का रुख किया। उसने कहा कि वह अपने मूल धर्म ईसाई को मानने का हकदार है।

इस पर फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति वान अहमद फरीद वान सलेह ने कहा कि सिविल अदालतें शरिया अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों की समीक्षा नहीं कर सकती हैं। न्यायाधीश ने कहा, “मैं अपील न्यायालय के फैसले से बँधा हुआ हूँ। यह (शरिया अदालत का फैसला) गैर-न्यायसंगत है।”

इस साल की शुरुआत में अपील अदालत द्वारा दिए गए इसी तरह के फैसले का हवाला देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि अपील अदालत ने फैसला सुनाया था कि सिविल अदालत के पास स्पष्ट रूप से शरिया अदालत के फैसले की समीक्षा करने की कोई शक्ति नहीं है। इसे उलटने या उससे अलग होने या फिर से मुकदमा करने की तो बात ही छोड़ दें।

बता दें कि ऐसा ही एक फैसला इस साल अगस्त में आया था, जब अपने शौहर से तलाक के बाद एक महिला अपने मूल धर्म ईसाई में जाने के लिए आवेदन किया तो उसे खारिज कर दिया गया। महिला ने साल 1995 में इस्लाम अपना कर एक मुस्लिम शख्स से निकाह किया था। इसके बाद साल 2013 में दोनों का सहमति से तलाक हो गया।

महिला ने सिविल हाईकोर्ट से छह आदेशों की माँग की थी, जिसमें यह घोषणा भी शामिल थी कि वह ईसाई धर्म को मानने वाली व्यक्ति है और राज्य के इस्लामी कानून उस पर लागू नहीं होते हैं। देश की शरिया अदालत ने भी उसकी माँग को खारिज कर दिया था। इसके बाद महिला ने सिविल हाईकोर्ट से शरिया अदालत के फैसले को रद्द करने की माँग की थी।

महिला ने कहा कि उसने 30 मार्च 1995 को पेनांग इस्लामिक धार्मिक मामलों के विभाग में मुस्लिम बनने की शपथ ली थी, क्योंकि यह उसके लिए एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी करने के लिए आवश्यक था, न कि इस्लाम में विश्वास के कारण। इस्लाम अपनाने के बाद उसने मुस्लिम नाम अपना लिया था।

ट्रेन में पति-पत्नी पर कर दिया पेशाब, दम भर पी रखी थी शराब: जुर्माना भरने के बाद आरोपित रिहा

फ्लाइट के बाद अब ट्रेन में साथी पैसेंजर पर पेशाब करने का मामला सामना आया है। घटना यूपी में संपर्क क्रांति ट्रेन में बुधवार (4 अक्टूबर, 2023) को हुई है। इसमें सफर कर रहे वैज्ञानिक बुजुर्ग कपल ने जब एक शख्स के ट्रेन में शराब पीने को लेकर एतराज जताया तो उसने उन पर पेशाब कर दी।

इस घटना की शिकायत रेलवे को दी गई। ट्रेन के टिकट चेकर (टीटीई) के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोपित को रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) ने झाँसी रेलवे स्टेशन पर उतार लिया। उसे हिरासत में लेकर मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। ये ट्रेन उत्तर प्रदेश के मानिकपुर जंक्शन और दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन के बीच चलती है।

उत्तर मध्य रेलवे के चीफ पीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि सीनियर सिटीजन जीएन खरे और उनकी पत्नी ट्रेन के बी3 एसी कोच में निचली बर्थ पर थे। उसी डिब्बे में यात्रा कर रहे रितेश कथित तौर पर शराब के नशे में था। इस दौरान उसने पेशाब कर दी और इसकी कुछ बूंदें बुजुर्ग कपल पर गिर गईं।

उन्होंने बताया कि आरोपित झाँसी से 164 किलोमीटर दूर यूपी के महोबा से दिल्ली जा रहा था। इस घटना के बाद कोच के सह-यात्रियों ने टीटीई को सूचना दी, जिसके तुरंत बाद कोच को साफ किया गया। उन्होंने आगे बताया कि मध्य प्रदेश के हरपालपुर से हज़रत निज़ामुद्दीन का सफर कर रहे कपल की शिकायत पर टीटीई ने झाँसी के रेलवे नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी थी।

वहीं उत्तर मध्य रेलवे के पीआरओ मनोज सिंह ने बताया कि जब ट्रेन झाँसी पहुँची तो आरपीएफ ने रितेश को उतार लिया और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपित पर रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत आरोप लगाया गया, जो नशे और उपद्रव से संबंधित है। झाँसी में आरपीएफ के प्रभारी आर कौशिक ने कहा कि रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक, जुर्माना भरने के बाद आरोपित को रिहा कर दिया गया।

‘दूसरे लोगों को भी टाइप-7 बंगला आवंटित किया गया है, लेकिन मेरा छिन लिया गया’: कोर्ट के निर्णय पर AAP सांसद राघव चड्ढा ने रोया दुखड़ा

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा को दिल्ली में आवंटित टाइप-7 का सरकारी बंगला खाली करना पड़ा सकता है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार (6 अक्टूबर) अपने पुराने आदेश को वापस ले लिया है। इस आदेश में राज्यसभा सचिवालय को कहा गया था कि राघव चड्ढा से बंगला खाली न करवाया जाए। मार्च में सचिवालय ने चड्ढा को बंगला खाली करने का नोटिस दिया था।

दरअसल, कोर्ट ने इस साल अप्रैल में उन्हें इस सरकारी आवास से बेदखल किए जाने पर रोक लगा दी थी। इस रोक को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज सुधांशु कौशिक ने गुरुवार (6 अक्टूबर 2023) को हटा लिया। अदालत ने कहा कि राघव चड्ढा को आवंटित आवास एक विशेषाधिकार मात्र है, जो उन्हें एक सांसद के रूप में दिया गया है। इस पर वे कब्जे के अधिकार का दावा नहीं कर सकते। 

इस मामले में चड्ढा ने अजीबो-गरीब तर्क दिया है। AAP सांसद ने कहा, “मेरे कई पड़ोसी पहली बार सांसद बने हैं, जिनमें श्री सुधांशु त्रिवेदी, श्री दानिश अली, श्री राकेश सिन्हा और सुश्री रूपा गांगुली शामिल हैं। इन्हें भी इनकी पात्रता से ऊपर वाले आवास आवंटित है। मुझे भी इनके समकक्ष का ही आवास आवंटित किया गया।”

दरअसल, राज्यसभा सचिवालय का कहना है कि पहली बार सांसद बने राघव चड्ढा को टाइप-6 बंगला आवंटित करने का अधिकार है। टाइप-7 बंगला उन सदस्यों को है, जो पहले केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री या लोकसभा अध्यक्ष रह चुके हैं।

उधर, पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का कहना है कि राज्यसभा सचिवालय नियमों को ताक पर रखकर ये कार्रवाई की है। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये सब भाजपा के आदेश पर राजनीतिक उद्देश्यों और निजी स्वार्थों के लिए किया गया है, ताकि आम आदमी पार्टी की आवाज को दबाई जा सके।

राघव चड्ढा ने कहा कि यह बंगला नियमानुसार उन्हें आवंटित किया गया था और इसे बिना किसी सूचना के रद्द किया गया है। यह राज्यसभा सचिवालय का मनमाना रवैया है। उन्होंने कहा कि वे वे वर्तमान में राज्यसभा के सदस्य हैं और उनका कार्यकाल अभी 4 साल बाकी है। उन्होंने कहा कि इस तरह से आवास छिनना 70 से अधिक वर्षों के इतिहास की अप्रत्याशित घटना है।

दरअसल, राघव चड्ढा को 6 जुलाई 2022 को राज्यसभा सांसद के रूप में पंडारा पार्क में टाइप-6 बंगला आवंटित किया गया था। इसके बाद उन्होंने 29 अगस्त 2022 को राज्यसभा के सभापति से अनुरोध किया कि उन्हें टाइप-7 बंगला दी जाए। इसके बाद उन्हें राज्यसभा पूल से पंडारा रोड पर एक और बंगला आवंटित किया गया था।

इस साल 3 मार्च को राज्यसभा सचिवालय ने इस आवंटन को रद्द कर दिया। आवंटन रद्द करने के आदेश के खिलाफ राघव चड्ढा कोर्ट पहुँच गए। कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में चड्ढा के आवास आवंटन को निलंबित करने पर रोक लगा दी। इसके बाद अब अपने पुराने आदेश में संशोधन करते हुए कोर्ट ने आवास को खाली करने का आदेश दे दिया।

बंगला खाली कराने पर हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री परिणिति चोपड़ा से शादी करने वाले आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने हर्जाने की माँग की है। उन्होंने कहा कि बिना नोटिस दिए बंगला खाली कराने से उन्हें मानसिक पीड़ा हुई है। इसलिए उन्होंने राज्यसभा सचिवालय से 5.5 लाख रुपए हर्जाने की भी माँग की है।

UP में जमीन से जुड़ा कोई भी लफड़ा-विवाद 90 दिन में सुलटाओ: योगी सरकार का आदेश, जो ऑफिसर करेंगे देरी, उन पर गिरेगी गाज

देवरिया नरसंहार के बाद भूमि विवाद के मामलों को लेकर योगी सरकार एक्शन मोड में है। यूपी शासन 60 दिनों का विशेष अभियान संचालित करने जा रहा है, जिसमें जमीनी मामलों को लेकर लम्बे समय से लंबित केसों का निस्तारण किया जाएगा।

लंबित जमीनी मामलों के समाधान के इस अभियान में IGRS, समाधान दिवस व जनसुनवाई से जुड़े तमाम प्रार्थना पत्रों की जाँच व उस पर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। ऐसे मामलों को निस्तारित करने की अधिकतम समय सीमा 3 माह तय की गई है। यह आदेश गुरुवार (5 सितंबर 2023) को जारी किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार को उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग की। इस मीटिंग में उन्होंने संबंधित जिलों में लंबित जमीनी मामलों को प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव ने सभी अधिकारियों को जिला स्तर पर 60 दिवसीय अभियान चला कर भूमि संबंधित लंबित तमाम मामलों की समीक्षा करके उनके निबटारे का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद के निबटारे में जिस भी स्तर पर देरी होगी, उसके लिए संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार मान कर कार्रवाई की जाएगी।

प्रमुख सचिव की मीटिंग में जमीन से जुड़े मामलों को निस्तारित करने की अधिकतम समय सीमा 90 दिन तय हुई। इसमें निर्विवाद वरासत व उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में 45 दिनों के अंदर समाधान करने को कहा गया। इसके अलावा नामांतरण के विवादित मामलों के समाधान की अधिकतम समय सीमा 90 दिन रखी गई है।

इन सभी के अतिरिक्त जोत के बँटवारे से जुड़े लंबित केसों को छह महीने के अंदर ही निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवधि में मामलों का निबटारा न कर पाने वाले अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शासन का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी गरीब या व्यापारी आदि की जमीन पर कोई भी अन्य व्यक्ति कब्ज़ा न जमा पाए।

इस मीटिंग में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो अपने जिले में अभी न्यायालयों व आइजीआरएस प्रकरणों में हुई कार्रवाई की समीक्षा हर दिन खुद ही करें। राजस्व से जुड़े मामलों को हफ्ते में 5 दिनों तक देखने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

पुलिस बल को भी पैमाइश में हर प्रकार का सहयोग करने का आदेश दिया गया। सभी कमिश्नरों को अपने क्षेत्र में राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण की मॉनिटरिंग सोमवार और गुरुवार को करने के लिए कहा गया है। खुद मुख्य सचिव हफ्ते में हर मंगलवार को प्रदेश में राजस्व संबंधी वादों के निस्तारण की समीक्षा करेंगे।