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नाबालिग बेटी के साथ छेड़खानी का विरोध करने पर पिता की हत्या, जाहिद ने गर्दन में घोंप दी चाकू: बेंगलुरु की घटना

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में नाबालिग बेटी से छेड़खानी का विरोध करने पर एक पिता की हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान 41 वर्षीय अनवर हुसैन के रूप में हुई है। उनकी हत्या का आरोप 22 वर्षीय जाहिद पर लगा है। अनवर की हत्या गर्दन पर चाकू मार कर की गई है। पुलिस ने जाहिद को गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार (2 सितंबर 2023) की बताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना बेंगलुरु के शांतिनगर इलाके की है। यहाँ अनवर हुसैन अपने परिवार के साथ रहते थे। वह माल ढोने वाला वाहन चला कर परिवार का गुजर बसर करते थे। आरोप है कि इसी इलाके का निवासी बिजली मकैनिक (मिस्त्री) जाहिद पिछले लम्बे समय से अनवर की बेटी से छेड़खानी कर रहा था।

कई दिनों तक सहने के बाद आखिरकार लड़की ने अपने अब्बा को जाहिद की करतूतों की जानकारी दी। अनवर ने पहले कई बार जाहिद को उसकी हरकतों से बाज आने की चेतवानी दी थी। हालाँकि जाहिद पर इस चेतावनी का कोई फर्क नहीं पड़ा और उसकी हरकतें जारी रहीं।

2 सितंबर (शनिवार) को एक बार फिर से जाहिद ने लड़की को परेशान किया। जानकारी मिलने पर लड़की के अब्बा अनवर हुसैन आरोपित के घर गए। वहाँ उन्होंने ज़ाहिद के अम्मी-अब्बू से उसकी शिकायत की। थोड़ी ही देर बाद घटनास्थल पर ही दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।

इसी बहस के दौरान जाहिद ने चाकू निकाल कर अनवर हुसैन के गर्दन पर वार कर दिया। अचानक हुए हमले से घायल अनवर वहीं जमीन में गिर पड़े। उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया। इधर मौका देख कर जाहिद वहाँ से भाग निकला।

बता दें कि अस्पताल में डॉक्टरों ने अनवर हुसैन को बचाने की काफी कोशिश की लेकिन ज्यादा खून बह जाने से उनकी मौत हो गई। मामले की सूचना थाना अशोक नगर पुलिस को दी गई और पुलिस ने जाहिद के खिलाफ केस दर्ज कर के उसकी तलाश शुरू कर दी। अगले दिन 3 सितंबर (रविवार) को जाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।

अधीर रजंन चौधरी खुद बनना चाहते थे ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ कमेटी का हिस्सा, नाम आने के बाद कॉन्ग्रेस नेता ने किया था इनकार: रिपोर्ट

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर केंद्र की मोदी सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। इसके सदस्यों में कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का भी नाम है। लेकिन नोटिफिकेशन जारी होने के बाद चौधरी ने इसका हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है। अब यह बात सामने आई है कि शुरुआत में कॉन्ग्रेस नेता ने इसके लिए सहमति दी थी।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार नोटिफिकेशन जारी होने के पहले अधीर रंजन चौधरी ने इस समिति का हिस्सा बनने के लिए अपनी सहमति दी थी। सरकारी सूत्रों के हवाले से 3 सितंबर 2023 को जारी एक रिपोर्ट में एजेंसी ने यह जानकारी दी है।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर आठ सदस्यीय कमेटी का नोटिफिकेशन कानून मंत्रालय ने 2 सितंबर को जारी किया था। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली इस समिति में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोक सभा में कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, पूर्व वित्त आयोग के चैयरमैन एनके सिंह, संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरीश साल्वे, पूर्व चीफ सीवीसी संजय कोठारी सदस्य का नाम था। वहीं, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को कमेटी में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।

अधीर रंजन चौधरी ने वापस लिया था नाम

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अधीर रंजन चौधरी ने यह कहते हुए नाम वापस ले लिया था कि इसका सदस्य बनने से कोई लाभ नहीं होगा। इसके नतीजों को पहले से फिक्स्ड बताया था। चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजे पत्र में कहा था, “मुझे उस कमेटी में काम करने से इनकार करने में कोई झिझक नहीं है, जिसकी शर्तें इसके परिणामों की गारंटी के लिए तैयार की गई हैं। मुझे डर है कि यह पूरी तरह से धोखा है।”

कॉन्ग्रेस नेता ने पत्र में कहा था कि इस तरह का प्रयास देश के संविधान के साथ धोखा और उसे अपमानित करने वाला है। उन्होंने कहा कि इस कमेटी में राज्यसभा में मौजूदा नेता प्रतिपक्ष को भी जगह न देना संसदीय व्यवस्था और लोकतंत्र का अपमान है। ऐसी स्थिति में मेरे पास आपके निमंत्रण को अस्वीकार करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

लेकिन एएनआई की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि चौधरी पहले इस समिति का हिस्सा बनना चाहते थे। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद जो कदम उन्होंने उठाया है वह कॉन्ग्रेस की राजनैतिक पैंतरेबाजी का हिस्सा है।

उत्तराखंड के दो मुस्लिम भाइयों ने की घर वापसी: हिंदू थी माँ, लेकिन शौहर ने दिया था धोखा; अरमान और इस्माइल की दोनों बहनों के पति भी हिंदू

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में अरमान और इस्माइल नाम के 2 मुस्लिम भाइयों ने घर वापसी की है। रविवार (3 सितंबर 2023) को दोनों ने आर्य समाज मंदिर में वैदिक मंत्रो के बीच हिन्दू धर्म अपना लिया है। अब अरमान का नया नाम आर्यन व इस्माइल का अंकुश है। अरमान और इस्माइल की माँ हिन्दू थीं जिनका कहना है कि उन्होंने कभी अपने बच्चों को मस्जिद नहीं भेजा। ऑपइंडिया से बात करते हुए अरमान ने बताया कि वो जन्म से ही मन से हिन्दू थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 20 वर्षीय अरमान और 24 वर्षीय इस्माइल सैनिक क्षेत्र लैंसडौन के पास सदर बाजार के निवासी हैं। शुक्रवार (1 सितंबर 2023) को दोनों भाइयों ने खुद को बालिग बताते हुए कोटद्वार के नजीबाबाद रोड स्थित आर्य समाज मंदिर में घर वापसी के लिए आवेदन किया। आर्य समाज मंदिर ने दोनों के कागजातों की जाँच की और रविवार को दोनों का शुद्धि संस्कार करवाया। शुद्धि संस्कार के दौरान दोनों का यज्ञोपवीत संस्कार हुआ। बाद में दोनों ने वेदमंत्रों के बीच हवन भी किया।

इस मौके पर हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। विधि-विधान के बाद दोनों भाइयों ने सनातन धर्म में प्रवेश पर ख़ुशी जताई। अरमान और इस्माइल की जहरीखाल इलाके में कपड़ों की दुकान है।

30 साल पहले माँ का निकाह, 10 साल बाद बेसहारा

ऑपइंडिया ने घर वापसी करने वाले अरमान (अब आर्यन) से बात की। उन्होंने बताया कि उनकी माँ हिन्दू हैं। उनका नाम सीता देवी है और वो लैंसडाउन की ही मूल निवासिनी हैं। सीता देवी ने लगभग 30 साल पहले शम्मी नाम के मुस्लिम व्यक्ति से निकाह किया था। शादी के बाद सीता देवी 2 बेटियों और 2 बेटों की माँ बनीं। शम्मी ने इन सभी के नाम इस्लामी रखे। बेटियों के नाम सोना और शीबा हैं। जबकि बेटों के नाम इस्माइल और अरमान हैं। भावुक हो कर अरमान ने हमें बताया कि लगभग 20 साल पहले उनके जन्म के बाद उनके अब्बा उनकी माँ को 4 बच्चों सहित बेसहारा छोड़ कर कहीं चले गए।

दोनों बहनों की शादी भी हिन्दुओं से ही

अपनी माँ के संघर्षों के बारे में ऑपइंडिया को बताते हुए अरमान ने कहा कि उन्होंने कपड़ों की फेरी लगा कर चारों संतानों को पाला। 58 वर्षीया सीता देवी ने बचपन से ही सभी संतानों को हिन्दुओं के संस्कार दिए, हालाँकि उनके पति शम्मी बच्चों को इस्लामी तौर-तरीके सिखाते थे।। अरमान के मुताबिक उनकी दोनों बहनों की शादी भी हिन्दुओं से ही हुई है। फ़िलहाल अरमान और उनके बड़े भाई अभी कुँवारे हैं। उनका कहना है कि वो भी अपने लिए हिन्दू लड़की देख रहे हैं।

बहनों ने बचपन में पढ़ी नमाज़

अरमान ने हमें बताया कि उनकी बड़ी बहनों को उनके अब्बा ने शुरू में इस्लामी संस्कार दिए थे। लड़कियों को नमाज़ आदि भी पढ़ाया करते थे। लेकिन उनके चले जाने के बाद सभी भाई बहन पूर्ण रूप से माँ के सनातनी रंग में ढल गए। जब हमने अरमान के अब्बा शम्मी के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई भी जानकारी न होना बताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वो शम्मी के बारे में जानना भी नहीं चाहते। अरमान के मुताबिक उनके बड़े भाई इस्माइल ने बताया है कि शम्मी ने किसी दूसरी महिला से निकाह कर लिया था। फिलहाल, शम्मी जीवित भी हैं या नहीं इसकी अरमान को जानकारी नहीं है।

मुस्लिमों को पता ही नहीं चल पाया

अरमान ने ऑपइंडिया को बताया कि लगभग 20 साल से उनके हिन्दू जैसे तौर-तरीके देख कर मुस्लिमों को आभास ही नहीं हुआ कि वो लोग कौन हैं। अरमान और उनका परिवार अपनी जाति के तौर पर थापा लिखता था। घर वापसी के बाद कोई दबाव आदि न होने की जानकारी देते हुए अरमान ने हमें बताया, “अगर उन्हें (मुस्लिमों को) पहले से पता होता तब तो विरोध करते।” बकौल अरमान उनकी माँ ने कपड़े की दुकान का भी नाम हिन्दू धर्म पर आधारित रखा था। अरमान ने अगले साल काँवड़ यात्रा में शामिल होने की इच्छा भी जताई।

किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद सठिया गए हैं लालू यादव, इसलिए राहुल गाँधी को माना नेता: I.N.D.I.A. में नीतीश कुमार की अनदेखी पर भड़के MLA गोपाल मंडल

भारत में विपक्षी दलों का नया गठबंधन बना है, जिसे I.N.D.I.A. नाम दिया गया है। 26 से 28 दलों का ये गठबंधन कई मुद्दों पर सहमति बनाकर चलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसकी नींव डालने वाले नीतीश कुमार को अबतक कोई पद नहीं मिला है। हालाँकि नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के नेताओं का मानना है कि वही प्रधानमंत्री बनेंगे। नीतीश कुमार की पार्टी के नेता और कभी ट्रेन में अंडरवियर में घूमकर वीडियो वायरल करा चुके एमएलसी गोपाल मंडल भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि मेहनत नीतीश ने की, कोई और कैसे प्रधानमंत्री बन सकता है।

नीतीश कुमार ने की कड़ी मेहनत

गोपाल मंडल ने कहा कि लालू यादव की किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद वो सठिया गए हैं, तभी राहुल गाँधी को नेता मान बैठे हैं। उनके बयान देने से कुछ नहीं हो जाता। जदयू नेता गोपाल मंडल ने कहा कि नीतीश कुमार ने कड़ी मेहनत की और भाजपा और पीएम मोदी के खिलाफ काम करने के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ लेकर आए, सिर्फ किसी के कहने से कोई पीएम नहीं बन जाता। उनका इशारा साफ लालू यादव और राहुल गाँधी की तरफ था।

किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद सठिया गए लालू यादव

उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव गरीबों के मसीहा हैं और हमारे लोगों के वरिष्ठ नेता हैं लेकिन सिर्फ इसलिए कि लालू प्रसाद यादव ने राहुल गाँधी का नाम ले लिया तो इसका मतलब ये नहीं कि वे यानि राहुल गाँधी पीएम बन जाएँगे। उनका (लालू यादव का) किडनी प्लांट हुआ है और वे सठिया गए हैं।

देखें पूरा वीडियो…

बता दें कि विपक्षी दलों के गठबंधन को अमलीजामा पहनाने में वाकई नीतीश कुमार ने काफी मेहनत की। पटना में इन दलों के पहले जुटान की अगुवाई भी की। ये अलग बात है कि उनकी नजर जिस संयोजक पद पर थी, उस पद को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है। वो बिना पद के हैं। वहीं, गोपाल मंडल वो नेता हैं, जिनका ठीक दो साल पहले ट्रेन से यात्रा का एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में वो अंडरवियर में घूमते नजर आए थे। इस मामले में काफी विवाद भी हुआ था।

दानिश के माथे पर शादाब ने गोद दिया ‘जय भोलेनाथ’, हंगामे पर उतर आए मुस्लिम: बिजली विभाग में काम करता है आरोपित, गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मानसिक रूप से कमजोर दानिश उर्फ़ बाबू नाम के एक युवक के माथे पर जय भोलेनाथ गोदने का मामला सामने आया है। पीड़ित के परिजनों ने घटना के विरोध में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। आरोपित का नाम मोहम्मद शादाब उर्फ़ शोभी है जो बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी है। जय भोलेनाथ लिखने के लिए किसी नुकीले औजार का प्रयोग किया गया है। पुलिस आरोपित को हिरासत में ले कर पूछताछ कर रही है। घटना रविवार (3 सितंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना बरेली थानाक्षेत्र के प्रेम नगर की है। यहाँ के मोहल्ला शाहबाद में दानिश का परिवार किराए पर रहता है। मकान मोहम्मद शादाब का है जो विजली विभाग में अस्थाई संविदा कर्मचारी है। दानिश दिमागी तौर पर कमजोर है। उसके परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि रविवार को शादाब ने किसी नुकीली चीज से दानिश के माथे पर जय भोलेनाथ लिख दिया। दानिश को देख कर उसके घर वालों ने हिन्दू समुदाय का नारा बताते हुए हंगामा किया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुँच गई।

दानिश के परिजनों का आरोप है कि आरोपित शादाब ने दानिश की गरीबी का मजाक उड़ाया है। घटना की जानकारी आस-पास के लोगों को हुई तो वो भी शादाब के घर पहुँच गईं। इन सभी ने घर के अलावा बगल के चौराहे पर भी हंगामा किया और शादाब पर कार्रवाई की माँग की। इन महिलाओं में दानिश के रिश्तेदार भी थे। पीड़ित दानिश की माँ आरोपित के घर में बर्तन माँजने और झाड़ू-पोंछें का काम करती है।

आरोप है कि दानिश के घर वालों ने जब उलाहना दी तब शादाब की माँ शबनम ने इसे मजाक में की गई हरकत बताया। बाद में आरोपित के परिजनों ने हंगामा कर रहे लोगों से कहा, “जाओ जो कर पाओ कर लो।” शिकायत में शादाब पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का भी आरोप है। फ़िलहाल पुलिस ने शादाब को हिरासत में ले लिया है। आरोपित से पूछताछ की जा रही है।

जिनके ‘काउंटडाउन’ के बाद चंद्रयान-3 ने भरी थी उड़ान, वह आवाज खामोश हुईं: ISRO वैज्ञानिक एन वलारमथी का निधन 

भारतीय अंतरिक्ष और अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक और एजेंसी के रॉकेट काउंटडाउन लॉन्च के पीछे की वह प्रतिष्ठित आवाज जिसे आप हर लॉन्च मिशन में सुनते थे थम गई है। इसरो वैज्ञानिक एन वलारमथी का 64 वर्ष की आयु में चेन्नई में निधन हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (3 सितंबर, 2023 ) को उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। बता दें 14 जुलाई को चंद्रयान-3 के लॉन्चिंग के समय भी जिस काउंट डाउन को पूरे देश ने सुना, वह घोषणा भी उन्होंने ही की थी। वलारमथी की प्रतिष्ठित आवाज अब श्रीहरिकोटा से इसरो के भविष्य के मिशनों की काउंट डाउन की घोषणा नहीं करेगी, जिसने न सिर्फ वैज्ञानिक समुदाय और बल्कि आम जनता को भी दुखी कर दिया है। सभी सोशल मीडिया X पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। 

इंडिया टुडे के पत्रकार शिव अरूर ने इसरो वैज्ञानिक के निधन की खबर देते हुए पोस्ट किया, “अलविदा, वलारमथी महोदया। यह उनकी आवाज़ थी जिसे आपने पिछले कुछ वर्षों में इसरो के सभी रॉकेट प्रक्षेपणों की काउंट डाउन करते हुए सुना था। उनका अंतिम कार्य जुलाई में चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण की उलटी गिनती करना था। दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। आपके परलोक का महान सफर शानदार हो !””

वहीं एन वलारमथी के न होने की खबर पाकर इसरो के मैटेरियल और रॉकेट विनिर्माण विशेषज्ञ और निदेशक डॉ. पी वी वेंकट कृष्णन (सेवानिवृत्त) ने एक्स पर पोस्ट किया, “वलारमथी मैडम की आवाज श्री हरिकोटा से इसरो के भविष्य के मिशनों की काउंट डाउन  के लिए नहीं होगी। चंद्रयान-3 उनकी अंतिम काउंट डाउन थी। एक अप्रत्याशित निधन। बहुत दुख हो रहा है। प्रणाम!”

वहीं एक दूसरे यूजर ने एक्स पर लिखा, “वलारमथी मैडम की आवाज श्रीहरिकोटा से इसरो के भविष्य के मिशनों की उलटी गिनती के लिए नहीं होगी। चंद्रयान 3 उनकी अंतिम उलटी गिनती की घोषणा थी। एक अप्रत्याशित निधन।”

बता दें कि वह इसरो की प्री-लॉन्च काउंट डाउन घोषणाओं के पीछे की आवाज थीं और उन्होंने आखिरी घोषणा 30 जुलाई को की थी, जब पीएसएलवी-सी 56 रॉकेट एक वाणिज्यिक मिशन के रूप में 7 सिंगापुरी उपग्रहों को लेकर रवाना हुआ था। वहीं उनके बारे में यह जानकारी भी सामने आई है कि सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में रेंज ऑपरेशंस प्रोग्राम कार्यालय के हिस्से के रूप में, वह पिछले 6 वर्षों से सभी लॉन्चों के लिए काउंट डाउन की घोषणाएँ कर रही थीं। 

गौरतलब है कि 23 अगस्त को, भारत ने तब इतिहास रच दिया जब चंद्रयान -3 का लैंडर मॉड्यूल चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरा, जिससे भारत ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाला पहला देश बन गया। कुल मिलाकर, अमेरिका, चीन और रूस के बाद भारत चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया।

‘जुमे की नमाज के बाद प्रगति मैदान के लिए निकलो’: G20 समिट से पहले खालिस्तानी पन्नू ने कश्मीरी मुस्लिमों को भड़काया, हाई अलर्ट पर दिल्ली

दिल्ली में जी-20 के शिखर सम्मेलन में विघ्न पहुँचाने के लिए गुरपतवंत सिंह पन्नू आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा है और कश्मीरियों को भड़का रहा है। पन्नू ने आईएसआई के ‘के-2’ फॉर्मूले की तर्ज पर ऑडियो मैसेज जारी कर पड़ोसी मुल्क को गलती से ही सही, एक्सपोज कर दिया है। उसने कश्मीरी लोगों से दिल्ली में आकर हमला करने की अपील की है, ताकि खालिस्तानी और कश्मीरी मोर्चे को एक किया जा सके।

आईएसआई के ‘के-2’ फॉर्मूले जैसा बोला पन्नू

आईएसआई ‘के-2’ फॉर्मूला को कश्मीर-खालिस्तान फॉर्मूला बताता है और दोनों के गठजोड़ के दम पर भारत को अस्थिर करने की कोशिश करता रहता है। दरअसल, खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस के चीफ आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने जी-20 को लेकर जो ऑडियो मैसेज जारी किया है, उसमें वो कश्मीरी मुस्लिमों को घाटी छोड़कर दिल्ली आने और जी-20 समिट के दौरान दिल्ली को ब्लॉक करने के लिए उकसा रहा है।

जुम्मे की नमाज के साथ प्रगति मैदान कूच करने को बोल रहा आतंकी

इस ऑडियो मैसेज में पन्नू जुम्मे की नमाज के बाद मुस्लिमों को प्रगति मैदान की तरफ मार्च करने को बोल रहा है, साथ ही इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खालिस्तानी झंडा लहराने की भी धमकी दे रहा है। बता दें कि इस ऑडियो मैसेज को खुफिया एजेंसियों ने गंभीरता से लिया है, 26 अगस्त को पन्नू के इशारे पर दिल्ली के 5 मेट्रो स्टेशन पर खालिस्तान के समर्थन में और एंटी इंडिया स्लोगन भी लिखे गए थे। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान खालिस्तानी आतंकवादियों की हमले की साजिश की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। शिखर सम्मेलन 9 से 12 सितंबर तक दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसमें दुनिया के प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, खालिस्तानी आतंकवादी शिखर सम्मेलन स्थल, जहाँ प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटल, और दिल्ली के अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना चाहते हैं। आतंकवादियों को ड्रोन का इस्तेमाल हमले को अंजाम देने के लिए करने की भी योजना है।

सुरक्षा बलों ने दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी है और सभी प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त बलों को तैनात किया है। वे संवेदनशील इलाकों में नियमित जाँच और गश्त भी कर रहे हैं। सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाई अलर्ट भी जारी किया है, और सुरक्षा बलों से अधिकतम सतर्कता बरतने के लिए कहा है।

‘मुझे खुद पर शर्म आती है’: शादीशुदा शाकिब के लिए मुस्लिम बनने को भी तैयार थी पिंकी, अब मिली लाश! इंस्टाग्राम पर ‘बन्नी’ बन कर की थी दोस्ती

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पिंकी गुप्ता नामक लड़की ने 31 अगस्त, 2023 की रात फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका के परिजनों ने शाकिब नामक युवक पर लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। इस मामले में सामने आया है कि शाकिब शादीशुदा था। उसने पिंकी से मुलाकात के दौरान अपना नाम बन्नी बताया था। वहीं लड़की के सुसाइड नोट से पता चला है कि वह शाकिब के लिए धर्म परिवर्तन करने के लिए भी तैयार थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक पिंकी के भाई का कहना है कि शाकिब लव जिहादी है। उसने अपना नाम बन्नी बताकर पिंकी से दोस्ती की थी। पिंकी बीते 4 साल से शाकिब से रिलेशनशिप में थी। शाकिब शादीशुदा था। लेकिन उसने पिंकी से यह बात छिपाई थी। पिंकी साकिब के लिए अपना घर छोड़ चुकी थी। उसके साथ ही रह रही थी। लेकिन जब उसे उसके शादीशुदा होने की बात पता चली तो वह टूट गई थी।

भाई का यह भी आरोप है कि शाकिब और उसका अब्बा मुस्तफा खान दोनों मिलकर पिंकी को प्रताड़ित करते थे। उसे उकसाते थे। इस बारे में उसने कई बार घर में फोन कर अपनी माँ और पिता को बताया था। शाकिब, और उसके अब्बा की हरकतों से परेशान होकर पिंकी ने अपनी जान दे दी। पिंकी के भाई का भी कहना है, “शाकिब का अब्बा मुस्तफा पिंकी से कहता था, तू आत्महत्या कर ले और मेरे बेटे को छोड़ दे।”

‘अमर उजाला’ की रिपोर्ट के अनुसार, पिंकी की भाभी का आरोप है कि शाकिब जब पहली बार पिंकी से मिला था तब उसने उसे अपना नाम बन्नी बताया था। इंस्टाग्राम पर उसकी आईडी भी इसी नाम से है। वह खुद को कुँवारा बताता था। जब पिंकी ने भाभी को बताया था कि बन्नी का असली नाम शाकिब है तो उसने उसे समझाया भी था। लेकिन शाकिब ने उसका ब्रेनवॉश कर दिया था। इसलिए वह किसी की बात नहीं सुनती थी।

पुलिस की पूछताछ में आरोपित शाकिब ने कहा है कि वह और पिंकी 4 साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। पिंकी उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन वह पहले से शादीशुदा था। इसलिए पिंकी को एक दोस्त की रखना चाहता था। शाकिब का दावा है कि वह पिंकी को समझाने की कोशिश करता था, लेकिन वह समझने को तैयार नहीं थी।

शाकिब ने यह भी कहा है कि पिंकी अपने घरवालों को बता दिया था कि वह शाकिब से शादी करना चाहती है। यही नहीं, उसने अपने घरवालों से रिश्ते तोड़कर किराए के मकान पर शाकिब के साथ रह रही थी।

पुलिस को पिंकी के कमरे से सुसाइड नोट मिला है। इसमें पिंकी ने लिखा है, “मुझे खुद पर शर्म आती है। तुम्हारे लिए तुम से और खुद से लड़ रही थी। लोगों ने मुझे बहुत समझाया, लेकिन मुझे तुम्हारे आगे कुछ दिखाई न दिया। मैंने अपना धर्म तक बदलने की सोची। तुम्हारी हर चीज स्वीकार करने की सोची। ये सोचती रही कि कैसे भी ये बंदा मेरा हो जाए, लेकिन तुम फिर भी नहीं समझे। मुझसे अब ये सब बर्दाश्त नहीं होता… Good Bye शाकिब।”

क्या है मामला

मामला गाजियाबद के कौशाम्बी थाने का है। यहाँ वैशाली इलाके में रहने वाले राजू गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि उनकी 23 वर्षीया बहन पिंकी वैशाली सेक्टर 3 में रहती थी। पिंकी बीते 4 सालों से गाजीपुर निवासी शाकिब से लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। राजू ने शाकिब और उसके अब्बा पर पिंकी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

पुलिस ने राजू गुप्ता की तहरीर पर शाकिब और मुस्तफा खान के खिलाफ इंडियन पीनल कोड- IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज कर ली है। इस मामले पर जानकारी देते हुए ACP इंदिरापुरम ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना 31 अगस्त को रात 11 से 11:30 के बीच मिली।

ऑपइंडिया ने शिकायतकर्ता राजू गुप्ता से इस मामले में बात की। राजू गुप्ता ने बताया कि उनकी बहन कौशाम्बी के शॉप्रिक्स मॉल स्थित जिस रेड रॉक्स जिम में नौकरी करती थी, वहाँ शाकिब एक्सरसाइज करने आता था। यही पर दोनों की जान-पहचान हुई थी, जो बाद में लिव इन रिलेशनशिप तक पहुँच गई।

शाकिब का मूल काम दिल्ली के गाजीपुर में डेयरी का है। दर्ज FIR पर राजू गुप्ता ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अगर चोटें आईं तो वो उस हिसाब से शाकिब कर कार्रवाई करवाएँगे। दूसरा आरोपित शाकिब का अब्बा मुस्तफा खान फिलहाल अभी नहीं पकड़ा गया है।

छोटी बहन ने बॉयफ्रेंड शेख सुल्तान के साथ मिल के कर दी दीप्ति की हत्या: प्रेमी के परिजनों के कहने पर नकदी-जेवर चोरी की रची साजिश, फिर साथ भागने का था प्लान

तेलंगाना के जगित्याल में इंजीनियर बांका दीप्ति की हत्या की वारदात का खुलासा हो गया है। इस मामले में ‘लव जिहाद’ एंगल सामने आया है, जिसमें पुलिस ने दीप्ति की हत्या के मामले में उसकी छोटी बहन चंदाना और उसके प्रेमी उमर शेख सुल्तान और उसके परिजनों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने दीप्ति की बहन को इस बात के लिए तैयार किया कि वो घर से नकदी और जेवर लेकर भाग आए और आराम से उमर शेख सुल्तान के साथ निकाह करके जिंदगी जिए, लेकिन दीप्ति को चोरी का पता चल गया था।

जानकारी के मुताबिक, तेलंगाना राज्य के जगित्याल जिला स्थित कोरटला में बांका दीप्ति अपने घर में ही मृत पाई गई थी। दीप्ति की हत्या 29 अगस्त को हुई थी। अब पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दीप्ति की छोटी बहन चंदाना और उसका प्रेमी उमर शेख सुल्तान शामिल हैं।

जगित्याल एसपी ए भास्कर ने बताया कि चंदाना ने भी हैदराबाद स्थित एक निजी कॉलेज से बी.टेक किया था। उसका उसी के साथ पढ़ने वाले आंध्र प्रदेश के नेल्लोर निवासी उमर शेख सुल्तान के साथ प्रेम संबंध हो गया था। सुल्तान हैदराबाद में ही रहता है। वो चंदाना से मिलने कोरटला आता रहता था।

एसपी भास्कर के मुताबिक, 19 अगस्त को दोनों की मुलाकात हुई थी, जिसमें चंदाना ने कहा था कि शादी होनी मुश्किल है। माता-पिता इसके लिए राजी नहीं होगे। इसके बाद उमर की अम्मी आलिया महबूब, उसकी बहन फातिमा और उसके दोस्त हाफिज ने चंदाना से बातचीत की और उसे भागने के लिए तैयार किया।

इसके दो दिन बाद चंदाना ने उमर शेख को जानकारी दी कि घर में काफी नकदी और जेवर मौजूद है। फिर उन लोगों ने चोरी की योजना बनाई। फिर चंदाना ने बहन दीप्ति को 28 की रात खूब शराब पिलाई और जब वो सो गई तो उमर शेख को घर में बुला लिया। दोनों चोरी करने ही वाले थे कि दीप्ति की आँख खुल गई, जो दीप्ति के लिए जानलेवा साबित हुई।

चोरी करते रंगे हाथों पकड़े जाने पर चंदाना और उमर ने दीप्ति का मुँह प्लास्टर से बाँध दिया और उसके हाथों को दुपट्टे से बाँध दिया। साँस रुकने से उसकी मौत हो गई, जिसके बाद उन्होंने प्लास्टर और दुपट्टा हटा दिया ताकि ऐसा लगे कि वह शराब पीने के बाद मर गई थी। वे सोने और नकदी के साथ भाग गए। हालाँकि, पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर उमर और चंदाना को महाराष्ट्र भागते समय निजामाबाद जिले के अरमूर-बाल्कोंडा के बीच एक ढाबे में पकड़ लिया। इसके बाद उमर शेख की अम्मी, बहन और दोस्त को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पाकिस्तान में डॉक्टरों ने ही किया हिन्दू लड़की का सामूहिक बलात्कार! किडनी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थी, ड्रग्स देकर गैंगरेप के कारण हो गई मौत

पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहे। अब सिंध प्रांत में मुस्लिम डॉक्टरों द्वारा बलात्कार किए जाने के बाद हिंदू लड़की की मौत हो गई। पीड़िता किडनी का इलाज कराने के लिए हॉस्पिटल में भर्ती हुई थी। जहाँ डॉक्टरों ने नशीला पदार्थ खिलाकर घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंध प्रांत के मोहम्मद खान तांडो शहर की रहने वाली 23 वर्षीय हिंदू लड़की किडनी की बीमारी से जूझ रही थी। इलाज के लिए उसे इंडस मेडिकल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहाँ इस्लामिक कट्टरपंथी डॉक्टरों ने लड़की को नशीला पदार्थ खिला दिया। इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उसके साथ बलात्कार किया।

गंभीर बीमारी से जूझ रही लड़की को नशीला पदार्थ देने और उसके साथ बलात्कार होने से उसकी हालत और भी खराब हो गई। इस बारे में जानकारी मिलने पर आरोपित मुस्लिम डॉक्टर मौके से फरार हो गए। लड़की की हालत बिगड़ने के बाद उसे हैदराबाद के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। साउथ एशियन डाइजेस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हुई।

इस घटना की जानकारी मिलने आने के बाद मृतक लड़की के माता-पिता और रिश्तेदारों ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन किया। फिलहाल इस मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा मृतक लड़की के परिजनों की शिकायत के आधार पर शिकायत दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। आरोपितों की गिरफ्तारी या उन पर किसी भी तरह की कार्रवाई से जुड़ी खबर अब तक सामने नहीं आई।

पाकिस्तान में हिंदुओं पर आए दिन हो रहा अत्याचार

पाकिस्तान में हिंदुओं को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे पहले सिंध प्रांत में ही एक हिंदू महिला को जबरन इस्लाम मजहब अपनाने के लिए कहा जा रहा था। महिला ने जब धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो उसका अपहरण कर लिया गया और फिर तीन दिनों तक उसके साथ रेप किया गया था। महिला ने घटना के संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर अपनी आपबीती बताई थी।

इसी तरह सिंध प्रांत में कुछ मुस्लिम युवकों ने अलमख भील की बेटी के साथ छेड़खानी की थी। इसके बाद आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए अलमख भील ने हिंदू संगठन पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद (PDI) से सहायता माँगी थी। इसके बाद मुस्लिम युवकों ने सिर कलम कर अलमख भील की हत्या कर दी थी।