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‘अजीज कुरैशी को BJP ने बनाया उर्दू अकादमी का अध्यक्ष’: कॉन्ग्रेसी ‘इतिहासकार’ के प्रोपेगंडा का जानिए सच, पूर्व राज्यपाल ने कहा था – अब तलवार से होगा मुकाबला

83 वर्षीय कॉन्ग्रेस नेता अजीज कुरैशी ने मंगलवार (22 अगस्त, 2023) को न सिर्फ ‘जय गंगा मैया’ बोले जाने और प्रतिमाओं को स्थापित किए जाने को ‘डूब मरने वाली बात’ करार दिया, बल्कि उन्होंने ये तक कह दिया कि अगर 1-2 करोड़ मुस्लिम कौम के लिए मर भी जाएँ तो कोई दिक्कत नहीं। यूपीए के दूसरे कार्यकाल के दौर में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मिजोरम के राज्यपाल रह चुके अजीज कुरैशी मध्य प्रदेश के सतना से सांसद भी रहे हैं और राज्य में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं।

भले ही वो नेता कॉन्ग्रेस के हैं और उन्हें इतने बड़े-बड़े पद कॉन्ग्रेस पार्टी ने दिए, लेकिन पार्टी के वफादारों ने इसके लिए भी भाजपा को ही दोष देना शुरू कर दिया है। इतिहास की कई पुस्तकें लिख चुके कॉन्ग्रेस के वफादार अशोक पांडेय ने अजीज कुरैशी के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “कॉन्ग्रेस नेता या फिर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा नियुक्त मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी के अध्यक्ष?” अशोक पांडेय के बारे में बता दें कि उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी के कई बड़े-बड़े हैंडलों द्वारा फॉलो किया जाता है। अशोक पांडेय का ट्वीट देखिए:

अब आपको बताते हैं कि सच्चाई क्या है। असल में गाँधी, सावरकर और कश्मीर पर पुस्तकें लिख चुके अशोक पांडेय की शोध क्षमता का भी पता चलता है इससे, क्योंकि जिस व्यक्ति को आजकल की खबरों के बारे में सच्चाई नहीं पता, वो व्यक्ति इतिहास की पुस्तकें भला कैसे लिखता होगा? सच्चाई ये है कि अजीज कुरैशी को मध्य प्रदेश की उर्दू एकेडमी का अध्यक्ष तब बनाया गया था, जब राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार थी और कमलनाथ मुख्यमंत्री हुआ करते थे।

याद दिला दें कि दिसंबर 2018 से लेकर मार्च 2020 तक कमलनाथ राज्य के मुख्यमंत्री थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत के बाद उनकी सरकार गिर गई थी। अजीज कुरैशी को राज्य की उर्दू एकेडमी का अध्यक्ष बनाने का ऐलान 23 जनवरी, 2020 को किया गया था और अगले दिन उन्होंने प्रभार ग्रहण कर लिया था। उस समय चर्चा ये चली थी कि राज्यसभा के लिए उनका काम काट कर उन्हें ये पद ग्रहण करने के लिए मनाया गया था।

ये खबर भी सामने आई थी कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खुद अजीज कुरैशी के घर उन्हें मनाने के लिए पहुँचे हुए थे और तब जाकर वो माने थे। अब झूठ फैलाया जा रहा है कि अजीज कुरैशी को भाजपा ने पद दिया। वहीं जैसे ही शिवराज सिंह चौहान ने बतौर मुख्यमंत्री वापसी की और भाजपा की सरकार आई, ‘मध्य प्रदेश उर्दू एकेडमी’ के अध्यक्ष अजीज कुरैशी और सचिव हिसाम फारूकी को हटाए जाने का ऐलान कर दिया गया। तब वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष का काम देख रहे निसार अहमद को भी हटा दिया गया था।

इसी तरह, हज और मसाजिद कमिटी में भी कॉन्ग्रेस ने अपने-अपने लोगों को बिठा दिया था। अजीज कुरैशी के कार्यकाल के दौरान ही उर्दू एकेडमी के दफ्तर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तस्वीरें हटा दी गई थीं। इसके विरोध में भाजपा नेताओं ने अकादमी का घेराव भी किया था। आज अशोक पांडेय कह रहे हैं कि भाजपा ने अजीज कुरैशी को अकादमी का अध्यक्ष बनाया था। जबकि तब भाजपा ने आरोप लगाया था कि मजहबी आधार पर संस्थानों में विकृत मानसिकता का परिचय दिया जा रहा है।

हालाँकि, विवाद बढ़ने के बाद प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तस्वीरें दोबारा से लगा दी गई थीं। अब यही अजीज कुरैशी भड़काऊ बयान दे रहे हैं। वो कह रहे हैं कि 22 करोड़ मुस्लिमों ने चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं, इनमें से 1-2 करोड़ अगर मर भी जाते हैं तो कोई बात नहीं। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के कुछ लोग आज बात करते हैं हिंदुत्व की, यात्रा की, जय गंगा मैया, जय नर्मदा मैया। शर्म की बात है। मुझे कोई डर नहीं है, निकाल दो पार्टी से।” उन्होंने ये भी कहा कि पानी हद से ऊपर गुजरेगा तो तलवार निकलेगी और तलवार से मुकाबला होगा।

मिजोरम की नदी पर बन रहा रेलवे का पुल गिरा, 17 की मौत: मौके पर काम कर रहे थे 40 मजदूर, PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

उत्तर-पूर्वी राज्य मिजोरम में एक रेलवे पुल के ध्वस्त हो जाने के कारण 17 मजदूरों की मौत हो गई है। उक्त रेलवे का पुल अभी निर्माणाधीन था। ये पुल कुरूंग नदी पर स्थित है और बैराबी को साईरंग से जोड़ता है। बुधवार (23 अगस्त, 2023) को सुबह करीब 10 बजे ये घटना हुई। इस दौरान वहाँ काम कर रहे मजदूर मलबे के नीचे दब गए। बताया जा रहा है कि 30 और मजदूर मलबे के निचे दब गए, जिन्हें निकाले जाने की प्रक्रिया जारी है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। फ़िलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। ये इलाका मिजोरम की राजधानी आइजोल से 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उस दौरान वहाँ 40 से भी अधिक मजदूर काम कर रहे थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तक 17 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई अन्य अभी तक गायब हैं। ‘यंग मिजो एसोसिएशन’ का साईरंग ब्रांच रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा हुआ है। जो पुल ध्वस्त हुआ है, वो उत्तर-पूर्व के सभी राज्यों को को जोड़ने वाले रूट का हिस्सा था।

भारतीय रेलवे इस दिशा में प्रयास कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों से इसका निर्माण कार्य चल रहा था। दुर्घटना क्यों हुई, इसके कारणों का अभी पता लगाया जा रहा है। ‘नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR)’ के पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर सब्यसाची डे ने कहा कि वास्तव में वहाँ दुर्घटना के वक्त कितने लोग थे, इसका भी पता लगाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मिजोरम में हुई दुर्घटना पर दुःख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और घायलों के तुरंत स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF)’ से मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए बतौर मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही घायलों को भी 50-50 हजार रुपए दिए जाने का ऐलान किया गया है। मिजोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरमथंगा ने कहा कि वो उन लोगों का धन्यवाद करते हैं, जो बड़ी संख्या में राहत कार्य के लिए निकले। साथ ही उन्होंने घटनास्थल की तस्वीर और वीडियो भी शेयर किया।

इसके कुछ ही देर बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऐलान किया कि मिजोरम में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा, वहीं गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख रुपए और अन्य घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएँगे। उन्होंने यह जानकारी भी दी है कि NDRF, रेलवे अधिकारियों और राज्य प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है।

वक्फ बोर्ड की 123 प्रॉपर्टी वापस लेगी मोदी सरकार, दिल्ली की जामा मस्जिद को नोटिस: मनमोहन सिंह की सरकार ने किया था ‘दान’

केंद्र की मोदी सरकार ने राजधानी स्थित नई दिल्ली जामा मस्जिद को नोटिस भेजा है। 18 अगस्त 2023 को जारी इस नोटिस में कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार मस्जिद का निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा, दिल्ली वक्फ बोर्ड (Delhi Waqf Board) की 123 संपत्तियों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के आदेश के बाद नई दिल्ली जामा मस्जिद की दीवार पर एक नोटिस चिपकाया गया। नोटिस में कहा गया था कि इस संपत्ति पर अपना दावा करने वाले लोग निरीक्षण के दौरान अपने दावे को साबित करने के लिए तैयार रहें। उन्हें संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और नक्शे जमा करने होंगे।

इस नोटिस को लेकर जामा मस्जिद के इमाम मुहिबुल्लाह नदवी ने कहा है कि मस्जिद को कोई खतरा नहीं है। उनके पास मस्जिद से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज हैं। नदवी ने कहा है कि जामा मस्जिद के निरीक्षण के दौरान मीडिया भी रहेगी तो अच्छा होगा।

वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों को कब्जे में लेगी मोदी सरकार

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड से जुड़ी 123 संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने का फैसला किया है। इन संपत्तियों में मस्जिद, कब्रिस्तान और दरगाह शामिल हैं। इसको लेकर मंत्रालय ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान को नोटिस भी जारी किया था। यही नहीं मंत्रालय ने सभी 123 संपत्तियों के बाहर नोटिस भी चस्पा कराए थे।

इस पर मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय ने कहा था कि रिटायर्ड जस्टिस एसपी गर्ग की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति बनाई। समिति ने अपनी रिपोर्ट में गैर-अधिसूचित वक्फ संपत्तियों के मुद्दे पर कहा था कि उसे दिल्ली वक्फ बोर्ड से कोई प्रतिनिधित्व या आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है। समिति की सिफारिश पर केंद्र ने इन संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेने का फैसला किया।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ दिल्ली वक्फ बोर्ड ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका में वक्फ बोर्ड की 123 संपत्तियों के निरीक्षण और तोड़फोड़ पर रोक लगाने की माँग की गई थी, लेकिन मई 2023 में हाईकोर्ट ने यह याचिका खारिज दी थी।

बता दें कि ये सभी संपत्तियाँ कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दी गई थीं। इन संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को देने को लेकर ‘विश्व हिंदू परिषद’ ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अगस्त 2014 में हाईकोर्ट ने आदेश का पालन करते हुए मंत्रालय ने हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस एसपी गर्ग की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति का गठन किया था।

इस समिति ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के सभी हितधारकों और प्रभावितों का पक्ष को सुनने के बाद केंद्र सरकार से इन संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश पर अमल करते हुए केंद्र सरकार ने इन संपत्तियों को अपने अधिकार में लेने का निर्णय किया है।

जब डूबेगा सूरज, तब चंद्रमा पर होगा भारत का उदय: चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग के लिए देश-विदेश में हवन-पूजन, दक्षिण अफ्रीका से जुड़ेंगे PM मोदी

23 अगस्त 2023 की शाम जब सूरज डूब रहा होगा, तब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था (ISRO) चंद्रमा पर इतिहास लिखने की ओर अग्रसर होगा। चंद्रयान-3 शाम के 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर लैंड करेगा। दुनिया भर की नजरें इस समय पर टिकी है और सफल लैंडिंग के लिए देश-विदेश में हवन-पूजन हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पल का साक्षी बनने के लिए दक्षिण अफ्रीका से जुड़ेंगे।

इसरो का यह मिशन सफल रहा तो चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरने वाला भारत पहला देश बन जाएगा। इसरो ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बताया है, “मिशन तय समय पर है। बिना व्यवधान के आगे बढ़ रहा है। सिस्टम की नियमित जाँच चल रही है। MOX/ISTRAC पर लैंडिंग ऑपरेशन का सीधा प्रसारण 23 अगस्त की शाम 05:20 बजे शुरू होगा।”

इसरो ने शुभकामनाओं के लिए आभार जताते हुए कहा है कि इस ऐतिहासिक पल को दुनिया भर में इसरो की वेबसाइट (https://isro.gov.in), यूट्यूब (https://youtube.com/watch?v=DLA_64yz8Ss), फेसबुक (https://facebook.com/ISRO) और डीडी नेशनल टीवी पर देखा जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसरो के इस मिशन के लिए देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हवन और पूजा के दौर जारी है। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में विशेष भस्म आरती की गई। अमेरिका के न्यू जर्सी के मॉनरो में ओम श्री साईं बालाजी मंदिर में भारतीय समुदाय के लोगों ने इस मिशन की कामयाबी के लिए पूजा की।

आखिरी 15 मिनट पर टिका लैंडिग का सारा आधार

आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से 14 जुलाई 2023 को दोपहर 2.35 बजे चंद्रयान-3 मून मिशन को लॉन्च किया गया था। 3.84 लाख किलोमीटर की दूरी नापकर बुधवार 23 अगस्त की शाम को यह चंद्रमा पर पहुँचेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग कराई जा रही है। इसमें कम से कम 15 से 17 मिनट का वक्त लगना है, लेकिन यही वो मुश्किल भरा वक्त है जिस पर पूरा मिशन टिका हुआ है। इस ड्यूरेशन को ’15 मिनट्स ऑफ टेरर’ यानी डर के 15 मिनट्स’ कहा जा रहा है। लैंडिग के इस अहम वक्त में अगर विक्रम लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल उतरने में कामयाब रहा तो भारत दुनिया में ऐसा करने वाला पहला देश बन जाएगा।

चंद्रमा पर उतरने से दो घंटे पहले, लैंडर मॉड्यूल और चंद्रमा की स्थितियों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि उस वक्त इसे उतारना सही होगा या नहीं। यदि सब कुछ अनुकूल नहीं रहा तो लैंडिंग 27 अगस्त को कराई जाएगी।

चंद्रयान-3 का दूसरा और फाइनल डीबूस्टिंग ऑपरेशन रविवार ( 20 अगस्त) की रात 1 बजकर 50 मिनट पर पूरा किया गया था। इसके पूरा होने के बाद लैंडर की चंद्रमा से कम से कम दूरी 25 किलोमीटर और अधिकतम दूरी 134 किलोमीटर रह गई है। डीबूस्टिंग में स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार को धीमा किया जाता है।

शाम को Chandrayaan-3 लैंडिंग का भी है राज

चंद्रयान-3 की शाम को दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग कराने की भी वजह है। उस वक्त धरती पर शाम का वक्त होगा, लेकिन चंद्रमा पर सूरज उदय होगा। इसरो चीफ डॉ एस सोमनाथ के मुताबिक, यह वक्त इसलिए चुना गया है कि ताकि लैंडर को 14 से 15 दिन सूरज की रोशनी मिल सके। इससे लैंडर के जरिए सारे साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स करने में आसानी होगी। तस्वीरें भी साफ आ सकेंगी।

उन्होंने बताया कि विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वो सूरज की रोशनी से ऊर्जा लेकर चंद्रमा पर 1 दिन बिता सके। दरअसल चंद्रमा पर एक दिन धरती के 14 दिन के बराबर होता है। भारत 2026 से पहले चंद्रमा के अँधेरे वाले क्षेत्रों को खोजने के लिए जापान के साथ एक ज्वाइंट लूनर पोलर एक्सप्लोरेशन (Lupex) मिशन भी प्लान कर रहा है।

साउथ पोल है खास

अगर भारत का चंद्रयान-3 मिशन कामयाब होता है तो इससे बर्फ के रूप में मौजूद पानी (lunar Water Ice) के बारे में जानकारी में इजाफा होने की उम्मीद है। चंद्रमा पर इसी जमे हुए पानी की मौजूदगी की वजह से अंतरिक्ष एजेंसियाँ और निजी कंपनियाँ इसे चंद्रमा कॉलोनी, चंद्रमा पर खनन और मंगल ग्रह पर संभावित मिशनों की तरह देखती हैं। सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन ही ऐसे तीन देश हैं जिन्होंने चंद्रमा पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग की है। अमेरिका ने 10 जनवरी 1968 में सर्वेयर-7 स्पेसक्राफ्ट को चंद्रमा के साउथ पोल के पास उतारा था। यह जगह चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्पॉट से काफी दूर है।

इसरो चीफ डॉ एस सोमनाथ के मुताबिक, दक्षिणी ध्रुव के पास मैंजिनिस-यू (Manzinus-U) क्रेटर के पास चंद्रयान को उतारा जाएगा। चंद्रयान-3 के लिए एक चुनौती तापमान भी है। दक्षिणी ध्रुव पर तापमान माइनस 200 डिग्री सेल्यियस या उससे भी कम हो जाता है। इसरो से पहले साउथ पोल पर रूस का लूना-25 लैंड करने वाला था, लेकिन 20 अगस्त को वह हादसे का शिकार हो गया और मिशन फेल हो गया।

हीथ स्ट्रीक का निधन, जिम्बाब्वे क्रिकेट के सबसे बड़े ऑलराउंडर की मौत… सचिन से छक्का खाने वाले हेनरी ओलंगा ने फैलाई फेक न्यूज

हीथ स्ट्रीक (Heath Streak) का निधन हो गया है।
कैंसर के कारण हीथ स्ट्रीक की मौत हो गई।
जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान 49 साल के हीथ स्ट्रीक अब इस दुनिया में नहीं रहे।

ऐसी खबरें अगर आप पढ़ रहे हैं तो इसे अफवाह मानिए। यह अफवाह किसी और ने नहीं बल्कि जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और हीथ स्ट्रीक (Heath Streak) के साथी हेनरी ओलंगा के एक ट्वीट के कारण उड़ी।

हेनरी ओलंगा का ट्वीट, जिससे उड़ी हीथ स्ट्रीक के निधन की अफवाह

हेनरी ओलंगा ने 22 अगस्त 2023 को एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने हीथ स्ट्रीक के निधन की घोषणा की। शोक भी जताया। अब वो ट्वीट डिलीट कर लिया है उन्होंने।

एक दिन बाद 23 अगस्त 2023 को हेनरी ओलंगा ने एक और ट्वीट किया। इसमें एक मैसेज को स्क्रीनशॉट है। मैसेज हीथ स्ट्रीक (Heath Streak) की ओर से है। इसमें हीथ स्ट्रीक कह रहे हैं कि उनके रन आउट वाले ट्वीट को तुरंत रिवर्ट किया जाए मतलब निधन वाले ट्वीट को बदला जाए, डिलीट किया जाए।

इस ट्वीट के साथ हेनरी ओलंगा ने यह भी लिखा कि हीथ स्ट्रीक को थर्ड अंपायर ने वापस बुला लिया है, वो जीवित हैं।

आपको बता दें कि हेनरी ओलंगा जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी रहे हैं। एक समय अपने हेयर स्टाइल के लिए जाने जाते थे। एक मैच में सचिन को आउट करने और अगले मैच में ताबड़तोड़ छक्का खाने – इनसे जुड़ी एक मेमरी यह भी है।

’20 साल पहले कराई नसबंदी, लड़की प्रेग्नेंट हो ही नहीं सकती’: दोस्त की बेटी से रेप करने वाले का दावा, दिल्ली पुलिस ने कराई मर्दानगी की जाँच

दोस्त की बेटी से रेप करने के आरोपित प्रेमोदय खाखा की दिल्ली पुलिस ने पोटेंसी टेस्ट कराई है। आम बोलचाल की भाषा में इसे मर्दानगी की जाँच भी कहते हैं। इस टेस्ट के जरिए यह पता लगाया जाता है कि व्यक्ति नपुंसक है या नहीं। क्योंकि कई बार रेप के आरोपित खुद को नपुंसक बताकर बचने की कोशिश करते हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 22 अगस्त 2023 को खाखा का दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में मेडिकल जाँच के साथ-साथ पोटेंसी टेस्ट भी कराया गया। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने खाखा और उसकी बीवी सीमा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

दिल्ली की केजरीवाल सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर रहे खाखा की बीवी पर पीड़िता का गर्भपात कराने का आरोप है। लेकिन खाखा के वकील ने दावा किया है कि लड़की के गर्भवती होने के आरोप झूठे हैं, क्योंकि खाखा करीब 20 साल पहले ही नसबंदी करा चुका है।

रेप केस की जाँच से जुड़े एक अधिकारी के हवाले से हिंदुस्तान ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि प्रेमोदय खाखा ने 2005 में नसबंदी कराने के दावे को साबित करने के लिए पुलिस को दस्तावेज भी सौंपे हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की भी पड़ताल करेगी।

क्या है मामला

खाखा पर अक्टूबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 के बीच पीड़िता के यौन शोषण का आरोप है। 17 साल की पीड़िता का जब पहली बार शोषण हुआ तब वह 14 साल की थी। अक्टूबर 2021 में पीड़िता के पिता की मृत्यु हो गई थी। इस सदमें से उसे उबारने के लिए खाखा उसे अपने घर ले गया था। दोनों परिवार पहले से परिचित थे और पीड़िता खाखा को ‘मामा’ कह कर बुलाती थी। बताया जा रहा है कि नवंबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 तक कई बार उसके साथ खाखा ने बलात्कार किया।

अब पता चला है कि दोनों परिवार 1998 में चर्च के माध्यम से संपर्क में आए थे। वो चर्च में रविवार की प्रार्थना अटेंड करना जाते थे, उसी दौरान इनकी मुलाकात हुई और वो करीब आए। कथित तौर पर पीड़िता के गर्भवती होने पर प्रेमोदय खाखा की बीवी सीमा ने उसे गर्भपात की गोलियाँ खिलाई। इससे उसकी तबियत खराब हो गई। लड़की को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ उसने डॉक्टर को पूरी आपबीती सुना दी।

इसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने पॉक्सो, यौन शोषण, जान से मारने की धमकी, जबरन गर्भपात, मारपीट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। खाखा के बारे में यह भी पता चला है कि उसके खिलाफ 3 अन्य महिलाओं ने भी वर्कप्लेस पर उत्पीड़न की शिकायत दी थी। आरोप है कि उसके विभाग ने इस मामले को रफा-दफा कर दिया। ऑपइंडिया के पास 23 फरवरी, 2019 को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली के WCD विभाग को भेजा गया वो पत्र मौजूद है, जिसमें लिखा गया है कि जवाब माँगे जाने के बावजूद विभाग ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

सोशल मीडिया से पता चलता है कि प्रेमोदय खाखा कट्टर ईसाई है। एक फेसबुक पोस्ट में उसने लिखा है, “मेरी कोई आशा न होती यदि मैं इस बात से अनजान होता कि किसी ने मेरे सब कर्मों का फल क्रूस पर बलिदान होकर भुगत लिया।” उसने इंट्रो में बाइबिल का एक उद्धरण लगा रखा है। बाइबिल के ‘जॉन’ में 14वें चैप्टर की 21वीं वर्स के इस उद्धरण का मतलब है, “जिसके पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूँगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूँगा।”

कैमरे पर बॉडीगार्ड के साथ सेक्स करता दिखा तालिबान का मुल्ला अखुंद, समलैंगिक रिश्ते पर आम लोगों को पत्थर मार-मार कर दी जाती है मौत

अफगानिस्तान में तालिबानी शासन में समलैंगिक लोगों को पत्थर मार-मारकर मौत देने का कानून है। लेकिन तालिबान के एक नेता का समलैंगिक सेक्स का वीडियो सामने आने के बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह कथित वीडियो मुल्ला अहमद अखुंद का बताया जा रहा है। वह दा अफगानिस्तान ब्रेशना शेरकोट (DABS) का प्रमुख है।

कथित वीडियो में मुल्ला के साथ हमबिस्तर दिख रहा युवक उसका बॉडीगार्ड बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद भी तालिबान सरकार ने अखुंद को किसी प्रकार की सजा नहीं दी है। साथ ही वह अब भी अपने पद पर बना हुआ है।

वायरल वीडियो में मुल्ला अहमद अखुंद बिस्तर पर खड़े होकर कपड़े उतारता नजर आ रहा है। इसके बाद वह लेट जाता है। वहीं उसका बॉडीगार्ड भी कपड़े उतारकर अखुंद के साथ लेटा दिखाई दे रहा है। आमज न्यूज ने कहा है कि अखुंद जिस बॉडीगार्ड के साथ ‘हमबिस्तर’ नजर आ रहा है, वह 21 साल का है। साथ ही वह तालिबानी सरकार के उप रक्षा मंत्री मुल्ला फाजिल की कंपनी में भी देखा गया था। वह ब्रेशना शेरकट में तालिबान नेता के साथ काम करता था।

इस वीडियो के सामने आने के बाद से तालिबानी नेताओं के संबंधों और चरित्र को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। लोगों का कहना है कि महिलाओं पर प्रतिबंध लगाने वाला तालिबान खुद मौज कर रहा है। नेटिजन्स की भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। जितेन गजरिया नामक यूजर ने लिखा, “यह विडंबना है कि इस्लाम में समलैंगिकता के लिए मौत की सजा देना वाले तालिबान का टॉप कमांडर अपने बॉडीगार्ड के साथ संबंध बनाता पकड़ा गया।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “मुझे नहीं पता कि ऐसी खबर सामने क्यों आ रही है। तालिबान के अधिकांश लोग अपनी किशोरावस्था से ही समलैंगिक संबंध रखते हैं। अफगान समाज में लड़कों के साथ दुर्व्यवहार आम बात है। ‘बच्चा बाजी’ एक आम बात है। यह एक सड़ा हुआ समाज है। मदरसों में ऐसे लड़के होते हैं जिनके साथ 9 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इन्हें बिना दाढ़ी वाले लड़के पसंद हैं।”

एक यूजर ने लिखा, “तालिबानी एक-दूसरे के साथ सो रहे हैं। यह अफगान परंपरा है। तालिबान एक कट्टरपंथी समलैंगिक आतंकवादी संगठन है। अब यह समझा जा सकता है कि महिलाओं और अन्य जातीय समूहों के खिलाफ इनमें नफरत कहाँ से आती है।”

एक ओर जहाँ तालिबानी सरकार ने अपने नेता मुल्ला अहमद अखुंद को किसी प्रकार की सजा नहीं दी है, वहीं जनवरी 2023 में समलैंगिकता के आरोप में कोड़े मारने और हाथ काटने की बात सामने आई थी। ऐसे में तालिबानी हुकूमत पर दोहरा रवैया अपनाने का भी आरोप लग रहा है।

रमेश बाबू प्रज्ञानानंद: परीक्षा में आएगा सवाल, याद कर लीजिए इस नाम को – शतरंज विश्व कप के फाइनल में 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन से खेला ड्रॉ

रमेश बाबू प्रज्ञानानंद (Rameshbabu Praggnanandhaa) – इस नाम को याद रख लीजिए। प्रतियोगी परिक्षाओं में यह सवाल आने वाला है। क्यों? क्योंकि 18 साल के इस लड़के ने इतिहास रच दिया है। फाइड शतरंज विश्व कप 2023 (FIDE Chess World Cup 2023 Final) के फाइनल में प्रज्ञानानंद ने वर्ल्ड नंबर वन मैग्नस कार्लसन के साथ पहला गेम ड्रॉ खेला।

सफेद मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानानंद ने कहीं अधिक अनुभवी और बेहतर रेटिंग वाले कार्लसन को ड्रॉ खेलने के लिए मजबूर किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच 35 चाल की गेम हुई। 23 अगस्त को फाइनल का दूसरा मैच खेला जाएगा, जिसमें मैग्नस कार्लसन सफेद मोहरों के साथ शुरुआत करेंगे।

भारतीय ग्रैंड मास्टर रमेश बाबू प्रज्ञानानंद (Rameshbabu Praggnanandhaa) ने सोमवार (21, अगस्त 2023) को अमेरिकी ग्रैंड मास्टर फैबियानो कारूआना को हराकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह फाइड शतरंज विश्व कप 2023 (FIDE Chess World Cup 2023 Final) के फाइनल में पहुँच गए। जहाँ उनका मुकाबला विश्व के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen) से होगा। भारत के महान शतंरज खिलाड़ी और पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आंनद ने भी प्रज्ञानानंद की तारीफ की है।

फाइड शतरंज विश्व कप 2023 का आयोजन अजरबैजान के बाकू में हो रहा है। जहाँ 18 वर्षीय रामबाबू प्रज्ञानानंद ने फैबियानो कारूआना के साथ दो मैचों की क्लासिकल सीरीज 1-1 से बराबरी पर समाप्त की थी। हालाँकि इसके बाद रोमांचक टाइब्रेकर मुकाबले में प्रागनानंदा ने कारूआना को 3.5-2.5 से पछाड़ते हुए फाइनल में जगह बना ली।

बॉबी फिशर और मैग्नस कार्लसन के बाद प्रज्ञानानंद शतरंज विश्व कप के फाइनल में पहुँचने तीसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। इसके अलावा प्रज्ञानानंद बीते दो दशक में भारत की ओर से फाइनल खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी होंगे। इससे पहले विश्वानाथन आनंद ने साल 2000 और 2002 में पहले दो विश्व कप जीते थे।

प्रज्ञानानंद के फाइनल में पहुँचने पर विश्वानाथन आनंद ने खुशी जताई है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “प्राग फाइनल में पहुँच गया है। उसने टाईब्रेकर में फैबियानो कारूआना को हराया। अब उनका मुकाबला मैग्नस कार्लसन से होगा। क्या प्रदर्शन है।”

फाइड शतरंज विश्व कप फाइनल में रमेश बाबू प्रज्ञानानंद का मुकाबला नार्वे के मैग्नस कार्लसन से होगा। यह मुकाबला मंगलवार (22 अगस्त, 2023) को शाम 4:30 से खेला जाएगा। इस मुकाबले को FIDE Chess के यूट्यूब चैनल पर लाइव देखा जा सकता है। बता दें कि ग्रैंड मास्टर मैग्नस कार्लसन 5 बार के फाइड शतरंज विश्व कप विजेता हैं। साथ ही 4 बार के विश्व रैपिड शतरंज चैंपियन और मौजूदा 6 बार के विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैंपियन हैं। कार्लसन 1 जुलाई 2011 से अब तक विश्व शतरंज रैंकिंग में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी बने हुए हैं।

रमेश बाबू प्रज्ञानानंद और मैग्नस कार्लसन के बीच होने वाले मुकाबले में दोनों के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है। प्रज्ञानानंद कार्लसन को इससे पहले हरा चुके हैं। उन्होंने 22 फरवरी, 2022 को महज 16 साल की उम्र में तत्कालीन विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को एयरथिंग्स मास्टर्स रैपिड शतरंज टूर्नामेंट के दौरान रैपिड राउंड में हराया था। इसके अलावा उन्हें ब्लिट्ज में भी मात दे चुके हैं।

10 अगस्त 2005 को जन्मे रमेश बाबू प्रज्ञानानंद चेन्नई के रहने वाले हैं। वह साल 2016 में महज 10 साल, 10 महीने और 19 दिन की उम्र में इंटरनेशनल मास्टर बन गए। वह सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल मास्टर बनने वाले खिलाड़ी हैं। दो साल बाद यानी साल 2018 में वह सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने थे।

इससे पहले प्रज्ञानानंद ने साल 2013 में 7 साल की उम्र में विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप अंडर-8 का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद साल 2015 में अंडर-10 का खिताब जीता। प्रज्ञानानंद की बहन वैशाली रमेश बाबू भी शतरंज खिलाड़ी हैं। वह भी अंडर-12 और अंडर-14 की विश्व चैंपियन रह चुकी हैं। उन्होंने साल 2016 में विमेन इंटरनेशनल मास्टर का खिताब जीता था।

महिलाओं ने बाँधी राखी, संतों ने गाई माता की स्तुति, स्थानीय कलाकारों ने किया परंपरागत नृत्य: दक्षिण अफ्रीका में PM मोदी का भव्य स्वागत, मंदिर के मॉडल का किया अवलोकन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BRICS (भारत, रूस, ब्राजील, चीन और दक्षिण अफ्रीका) में शामिल होने के लिए दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग पहुँच गए हैं। वहाँ महिलाओं ने रखी बाँध कर उनका स्वागत किया। साथ ही उनका स्थानीय परंपरागत ढंग से भी स्वागत किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी का ब्राजील में आध्यात्मिक स्वागत भी हुआ। संतों ने इस दौरान माँ दुर्गा की स्तुति का गान कर के उनका स्वागत किया। इस दौरान माँ सरस्वती की स्तुति भी की गई। संतों ने हरमोनियम बजा कर उनका स्वागत किया।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सायरिल रमफोसा ने कहा है कि वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में आधारभूत सुधार किए जाने की आवश्यकता है, ताकि वो विकासशील देशों द्वारा सामना की जा रही चुनौतियों के प्रति तेजी दिखाएँ और त्वरित प्रतिक्रिया दें। उन्होंने ‘BRICS बिजनेस फोरम’ में ये बयान दिया और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डिसिल्वा ने कहा है कि हम अमेरिका के खिलाफ समूह नहीं बना रहे, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ (गरीब देशों)’ को एकजुट कर रहे।

दक्षिण अफ्रीका पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहान्सबर्ग में निर्माणाधीन स्वामीनारायण मंदिर के मॉडल का अवलोकन भी किया। इसका निर्माण 2025 तक पूरा हो जाएगा। ‘आर्य समाज साउथ अफ्रीका’ की अध्यक्ष आरती नानकचंद शानंद ने पीएम मोदी को राखी बाँधी। उन्होंने कहा कि भाई से भी ज़्यादा पीएम मोदी हमारे पिता की तरह हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव से देखते हैं और उनकी उपस्थिति से ऐसा लगता है कि हमसे उनका ताल्लुक है।

बताते चलें कि 2009 में ब्रिक्स की स्थापना हुई थी और 2015 में इसने ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ की स्थापना की। विकासशील देशों और उभरते हुए बाजारों में इंफ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए संसाधनों को जुटाया जा सके। पहले इसे ‘ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक’ के रूप में जाना जाता था। ब्रिक्स चाहता है कि ‘वर्ल्ड बैंक’ और ‘इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF)’ में पश्चिमी आधिपत्य को खत्म किया जा सके। G20, नाटो और यूरोपियन यूनियन जैसे पश्चिमी संघों से मुकाबले के लिए कई अन्य देश हैं जो ब्रिक्स में शामिल होना चाहते हैं।

‘हमें कुरान देता है एक से अधिक शादी की इजाजत’: सपा सांसद शफीकुर्रहमान ने बहुविवाह बैन किए जाने का किया विरोध, कहा – इस्लाम में हस्तक्षेप का देंगे जवाब

समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने बहुविवाह को जायज ठहराया है। बता दें कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बहुविवाह को प्रतिबंधित किए जाने को लेकर जनता से सुझाव माँगा है। इसके बाद चर्चा शुरू है कि क्या पूरे देश में बहुविवाह को प्रतिबंधित करने वाला कानून लागू किया जा सकता है? अब यूपी के संभल से लोकसभा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा है कि एक शादी करना या एक से अधिक शादी करना – ये सब व्यक्ति अपने-अपने धर्म के रीति-रिवाजों के हिसाब से करता है।

शफीकुर्रहमान बर्क ने दावा किया कि इस्लाम में एक से अधिक विवाह करना एक मजहबी कार्य है और कुरान में भी बहुविवाह की अनुमति दी गई है। उन्होंने पूछा कि एक मजहबी मामले को राजनीति में क्यों घसीटा जा रहा है और इससे क्या फायदा होगा? इतना ही नहीं, उन्होंने आगे कहा कि इस देश में सभी धर्मों के लोग रहते हैं, हिन्दू-मुस्लिम और दलित भी हैं, छोटे-बड़े सभी हैं तो उनके धार्मिक कार्यों को राजनीति में क्यों लाया जाए? बता दें कि शफीकुर्रहमान विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं।

‘ABP न्यूज़’ की खबर के अनुसार, इस बार भी उन्होंने कहा है कि बाकी धर्मों के मामले वो धर्म वाले जानें लेकिन इस्लाम के जो मजहबी मामले हैं उनमें हस्तक्षेप करने या उन पर पाबंदी लगाने का इन्हें कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर ये कानून लाएँगे तो हम जवाब देंगे।’ वहीं कॉन्ग्रेस नेता अजीज कुरैशी के भड़काऊ बयान पर उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के ऊपर हमेशा जुल्म हुए हैं और उन्हें आज तक इंसाफ नहीं मिला। शफीकुर्रहमान ने ‘चंद्रयान 3’ को लेकर कहा कि वैज्ञानिक APJ अब्दुल कलम ने विज्ञान की रौशनी दूर-दूर तक फैलाई।

याद दिला दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मिजोरम के राज्यपाल रह चुके अजीज कुरैशी ने कहा कि कॉन्ग्रेस के दफ्तर में मूर्तियाँ बिठाना और हिंदुत्व की बातें करना डूब मरने वाली बात है। साथ ही उन्होंने ‘गंगा मैया की जय’ नारे को भी आपत्तिजनक करार दिया। उन्होंने घुड़की दी कि अगर ये सब कहने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी उन्हें निकाल देती है तो निकाल दे। साथ ही उन्होंने भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि 22 करोड़ मुस्लिमों ने चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं, इनमें से 1-2 करोड़ अगर मर भी जाते हैं तो कोई बात नहीं।