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कॉन्ग्रेस विधायक मम्मन खान के इलाके में पुलिस और गौतस्करों के बीच मुठभेड़, 21 गोवंश बरामद: पाँव में गोली लगने के बाद तौफीक धराया

हरियाणा के नूँह में हिंसा से चर्चा में आए कॉन्ग्रेस विधायक मम्मन खान की विधानसभा क्षेत्र फिरोजपुर झिरका में गौतस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। जहाँ एक तरफ 31 जुलाई को नूहं में हुई हिंसा की आग अभी थमी भी नहीं थी कि अब गौतस्करों का आतंक चालू हो गया है। शनिवार (12 अगस्त, 2023) को हुए इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से कई राउंड फायर किए गए।

इसमें तौफीक नाम का एक गौतस्कर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि दूसरा आरोपित मौके से भागने में कामयाब रहा।

हथियारों से लैश थे गौतस्कर, दोनों तरफ से हुई कई राउंड फायरिंग

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैफिक एसएचओ दयानंद अपनी टीम के साथ नाइट डोमिनेशन के दौरान दिल्ली-वडोदरा-मुंबई-एक्सप्रेस वे पर अगोंन गाँव के पास मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस को राजस्थान के गौ रक्षा दल के कुछ कार्यकर्ताओं से सूचना मिली कि एक कंटेनर गाड़ी दिल्ली-वडोदरा-मुंबई-एक्सप्रेसवे पर राजस्थान की तरफ से आ रही है जिसमें काफी मात्रा में गोवंश भरे हुए हैं। जिसे गौकशी के लिए ले जा रहे हैं।

गो रक्षक दल के सदस्य भी तस्करों की गाड़ी का पीछा कर रहे थे। इसी बीच पुलिस द्वारा नाकेबंदी की गई। जैसे ही गाड़ी दिल्ली वडोदरा एक्सप्रेसवे पर गाँव के पास आई वैसे ही पुलिस ने रोकने का इशारा किया लेकिन गौ तस्करों ने गाड़ी नहीं रोकी। बल्कि जान से मारने की नियत सीधे पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। 

क्या कहते हैं ट्रैफिक थाना प्रभारी

ट्रैफिक थाना प्रभारी दयानंद ने बताया कि घटना सुबह 3 बजे की है। उन्होंने काफी दूर तक गौतस्करों की गाड़ी का पीछा किया लेकिन वह नहीं रुके। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए तस्करों की गाड़ी से आगे निकल कर उन्हें रोकने की कोशिश की। ऐसे में गौतस्कर अपने आप को घिरता देख कंटेनर से नीचे उतरकर भागने लगे। इस दौरान उन्होंने गौतस्करों को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह फायरिंग करते हुए भागते रहे।

इसके बाद ट्रैफिक एसएचओ दयानंद ने अपनी रिवॉल्वर निकालकर जवाबी फायरिंग में एक गौतस्कर के पैर में गोली मारी, जिससे वह घायल होकर वहीं गिर गया और पुलिस ने उसे दबोच लिया। वहीं दूसरा गौतस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों के रास्ते भागने में कामयाब रहा।

घायल गौतस्कर का नाम तौफीक बताया जा रहा है। जिसकी पहचान थाना उटावड़ जिला पलवल निवासी के रूप में हुई है। जिसे उपचार के लिए नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। 

कंटेनर से 21 गोवंश बरामद

गौरतलब है कि पुलिस की ओर से कंटेनर की तलाशी के दौरान 21 गोवंश बरामद किए गए है। इसमें 7 गाय 14 बैल शामिल हैं। जिनके पैर व मुँह क्रूरता से रस्सियों से बँधे हुए थे। वहीं पुलिस ने गौतस्करों के चंगुल से छुड़ाए गए गौ धन को स्थानीय गौशाला में रखवा दिया। डीएसपी सतीश कुमार वस्त का कहना है कि जल्द ही दूसरा गौतस्कर भी पुलिस गिरफ्त में होगा।पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

5 मुस्लिम बहुल सीटें अब SC-ST के लिए रिजर्व: असम में लोकसभा-विधानसभा सीटों का नए सिरे से परिसीमन, खुश हुआ बोडो जनजाति समुदाय

चुनाव आयोग ने शुक्रवार (11 अगस्त 2023) को असम में विधानसभा और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की अंतिम रिपोर्ट जारी कर दी। इसके साथ राज्य के 14 लोकसभा और 126 विधानसभा क्षेत्रों का नए सिरे से सीमांकन हो गया है। वहीं, एक लोकसभा और 19 विधानसभा सीटों के नाम भी बदल गए हैं। परिसीमन से मुस्लिमों में खलबली मच गई है।

जिन सीटों के नाम बदले गए हैं, एक लोकसभा सीट का नाम काजीरंगा होगा। इसके अलावा, 19 में से एक विधानसभा क्षेत्र मानस कहलाएगा। ये नाम राज्य के दो बाघ समृद्ध यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के नाम पर रखे गए हैं। वहीं, पंचायत एवं शहरी निकाय स्तर पर किसी तरह तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

नई परिसीमन में राज्य की 28 विधानसभा सीटों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (ST/SC) के लिए आरक्षित घोषित कर दिया गया है। इनमें से पाँच विधानसभा सीटों के मुस्लिम बहुल होने के कारण यहाँ से हमेशा अल्पसंख्यक समुदाय से विधायक चुने जाते रहे हैं। अब ये आरक्षित कैटेगरी में आ गए हैं।

चुनाव आयोग ने बयान में कहा कि राज्य की 19 विधानसभा और 2 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं, राज्य में एक लोकसभा और 9 विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इससे पहले विधानसभा में ST के लिए आरक्षित सीटें 16 और SC के लिए 8 सीटें थीं।

बोडोलैंड क्षेत्र में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 11 से बढ़ाकर 15 कर दी गई है। मानकचार विधानसभा क्षेत्र का नाम बदलकर बीरसिंह जरुआ, साउथ सलमारा का नाम मानकचार, मानिकपुर का सृजनग्राम, रूपसी का पकाबेटबारी, गोबरधन का मानस, बदरपुर का करीमगंज नॉर्थ, नॉर्थ करीमगंज का करीमगंज साउथ, साउथ करीमगंज का पत्थरकंडी कर दिया गया है।

निर्वाचन आयोग ने कहा कि सबसे निचली प्रशासनिक इकाई को ग्रामीण क्षेत्रों में ‘गाँव’ और शहरी क्षेत्रों में ‘वार्ड’ के रूप में लिया गया है। इसके अनुसार, गाँव और वार्ड को पहले जैसा ही रखा गया है और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। जिन मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को आरक्षित घोषित किया गया है, वहाँ से अब मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

इसमें कहा गया कि रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले 1,200 से अधिक आवेदन पर विचार किया गए। आयोग को प्राप्त सुझावों और आपत्तियों में से 45 फीसदी का अंतिम आदेश में समाधान किया गया। बताते चलें कि साल 1976 के बाद से असम में पहली बार परिसीमन किया गया है।

परिसीमन को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि अंतिम अधिसूचना में लोगों की माँगों के अनुरूप राज्य सरकार की ओर से रखे गए कुछ सुझावों को स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा, “हमारे कुछ अनुरोध मान लिए गए हैं।” सीएम सरमा ने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के चुनावी वादों में परिसीमन भी शामिल था।

असम के बोडो समुदाय ने चुनाव आयोग के इस निर्णय का स्वागत किया है। निखिल बोडो छात्र संस्था, बोडो जातीय परिषद, बोडो साहित्य सभा, बोको क्षेत्रीय बोडो जातीय परिषद, दुलाराई बोडो हरिमु अफाद, दुलाराई बाथो महासभा और बोडो महिला कल्याण परिषद ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस पर खुशी जाहिर की। वहीं, कुछ राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं।

यूपी को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने की ओर CM योगी आदित्यनाथ: JNU में होगी इस पर बृहद चर्चा, साथ ही लॉन्च होगी रिसर्च पुस्तिका

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में यूपी की अर्थव्यवस्था पर एक बृहद चर्चा होने वाली है। साथ ही वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी पर एक शोध पुस्तिका भी लॉन्च की जाएगी। इस पुस्तिका का नाम ‘योगी एट ट्रिलियन अभियान: उत्तर प्रदेश सुदृढ़ अर्थव्यवस्था की ओर’ है, जिसका विमोचन किया जाने वाला है। नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में बुधवार (16 अगस्त, 2023) को इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के रास्ते से होकर ही गुजरेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से उत्तर प्रदेश में किये जा रहे प्रयासों को लेकर पहली शोध पुस्तिका का विमोचन आगामी 16 अगस्त को शाम साढ़े 4 बजे नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा।

जेएनयू प्रोफेसर पूनम कुमारी द्वारा संपादित मूलत: अंग्रेजी में “योगी ऐट वन ट्रिलियन ड्राइव: एक्सलरेटिंग यूपी टू ए ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी” और इसके हिन्दी अनुवादित शोध पुस्तिका “योगी ऐट ट्रिलियन अभियान: उत्तर प्रदेश सुदृढ़ अर्थव्यवस्था की ओर” का विमोचन केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल डॉ वीके सिंह करेंगे। इस दौरान इंदिरा गाँधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स के अध्यक्ष प्रोफेसर रामबहादुर राय, दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन ऑफ कॉलेज प्रो बलराम पाणि, जेएनयू की कुलपति प्रो शांतिश्री डी. पंडित और एस एटेंसी रिसर्च सेंटर, बैंगलूरु के निदेशक संजीव निश्त्तल मौजूद रहेंगे।

शोध पुस्तिका में देश और दुनिया के चोटी के प्रोफेसर्स द्वारा अपने शोध से इस बात पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है कि कैसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री के विजन को मिशन के रूप में लेते हुए ना केवल उत्तर प्रदेश को लेकर देश-दुनिया के परसेप्शन को बदल रहे हैं, बल्कि 2027 तक यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के उनके लक्ष्य का भी इसमें सूक्ष्मता के साथ परीक्षण किया गया है।

तिरंगे और राष्ट्रगान के खिलाफ फतवा देने वाला मौलवी गिरफ्तार: उसकी ही प्रताड़ना के कारण 3 मुस्लिम युवकों ने पी ली थी फिनायल, व्हाट्सएप्प पर था ‘शरीयत’ ग्रुप

गुजरात पुलिस ने ‘तिरंगा को सलाम नहीं करना चाहिए’ और ‘राष्ट्रगान नहीं गाना चाहिए’ जैसे संदेशों को वायरल करने के आरोपित मौलवी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान मौलवी वासिफ रज़ा के तौर पर हुई है जो पोरबंदर का रहने वाला है। इन फतवों का विरोध करने वाले 3 मुस्लिम युवकों को इतना प्रताड़ित किया गया था कि उन्हें फिनायल पीने पर मजबूर होना पड़ा था। मौलवी की गिरफ्तारी शनिवार (12 अगस्त) को हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौलवी ने पुलिस के आगे यह कबूल कर लिया है कि वायरल ऑडियो क्लिप उसी की है। हालाँकि, शुरू में उसने इस से इनकार किया था। आरोपित मौलवी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए पोरबंदर के पुलिस प्रमुख भागीरथ सिंह जडेजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस में बताया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा ‘बहार-ए-शरीयत’ नाम का व्हाट्सएप ग्रुप चलाया जाता था।

इसी में नगीना मस्जिद के मौलवी वासिफ रज़ा और कुछ अन्य लोग एडमिन हैं। इस ग्रुप में लोग वॉइस क्लिप से सवाल पूछते हैं। बाद में उसका जवाब मौलवी देता है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल शुक्रवार (अगस्त 11, 2023) की देर रात पोरबंदर के रहने वाले शकील कादरी सैयद, सोहिल इब्राहिम परमार और इम्तियाज हारून सिपाही ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो बनाकर फिनाइल पी लिया। हालात बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल में उन्होंने बताया कि मौलवी द्वारा द्वारा राष्ट्रगान न गाने और तिरंगे को सलामी न देने की ऑडियो वायरल होने के बाद वो मस्जिद में गए। यहाँ उन्होंने मौलवी के बयान का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। तीनों पीड़ित युवकों से मारपीट करने में मौलवी और उसके कुछ साथी शामिल थे।

पीड़ित युवकों ने यह भी बताया कि ऑडियो क्लिप पर सवाल उठाने के चलते न सिर्फ मौलवी द्वारा उन्हें बदनाम किया जा रहा बल्कि इस्लाम से ख़ारिज करने की भी धमकी दी जा रही है। मौलवी ने उलटे तीनों युवकों के खिलाफ ही पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी थी। इस बात से तीनो युवक परेशान थे और उन्होंने फिनायल पी कर आत्महत्या की कोशिश की। मौलवी वासिफ की जिस ऑडियो क्लिप पर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है वो 29 जनवरी 2023 की बताई जा रही है।

केरल में आतंकी संगठन PFI के कई ठिकानों पर NIA की छापेमारी, तड़के सुबह शुरू हुई कार्रवाई: जब्त हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति

केंद्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने रविवार (13 अगस्त 2023) को केरल के मलप्पुरम में प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्यों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। केंद्रीय एजेंसी ने मलप्पुरम और कन्नूर के कई ठिकानों पर एक साथ सुबह होने से पहले छापेमारी शुरू कर दी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के पूर्व कार्यकर्ताओं के चार आवासों पर छापेमारी की गई है। इनमें वेंगारा निवासी हम्सा, तिरूर निवासी याहुट्टी, तनूर निवासी हनीफा और रंगत्तूर निवासी जाफर का ठिकाना शामिल है।

इसके अलावा, NIA कन्नूर में भी कुछ ठिकानों पर छापेमारी की। कन्नूर के कोडापाराम्बा, कन्नूर शहर और पल्लीप्राम में तीन घरों पर तलाशी ली गई। एनआईए की टीम ने कथित तौर पर रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे तलाशी शुरू की और सुबह साढ़े नौ बजे तक तलाशी पूरी कर ली।

इससे पहले, 1 अगस्त 2023 को एनआईए ने कई जगहों पर छापेमारी की थी और मंजेरी में ग्रीन वैली अकादमी, मुन्नार विला विस्टा प्राइवेट लिमिटेड, त्रिवेंद्रम एजुकेशन एंड सर्विस ट्रस्ट और वल्लुवनाद हाउस को सील कर दिया था। ये संस्थान पीएफआई प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम कर रहे थे।

इसके अलावा, केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार (5 जुलाई 2023) को PFI की करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की थी। इसमें 2.53 करोड़ की अचल संपत्ति थी। जब्त की गई संपत्तियों में 338.03 वर्ग मीटर के चार विला भी शामिल थे। ये बिके नहीं थे। इसके अलावा, मुन्नार विला विस्टा परियोजना से 6.75 एकड़ खाली भूमि भी कुर्क की गई है।

इसे PFI का एमके अशरफ संचालित कर रहा था। अशरफ PFI का प्रदेश उपाध्यक्ष था। मनी लॉन्ड्रिंग केस में अशरफ को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। बताते चलें कि साल 2006 में PFI का गठन किया गया था और इसका मुख्यालय दिल्ली में था।

सितंबर 2022 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने PFI पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और इसके अधिकांश नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। PFI देश भर में कई हत्या के मामलों में आरोपित है। इसके अलावा, वह साल 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र में बदलने की दिशा में काम कर रहा था।

छात्र ने नहीं सुनाई तो भड़क गया मौलवी, इतना पीटा कि कराना पड़ा आँख का ऑपरेशन: हॉन्गकॉन्ग के मदरसे की घटना

हॉन्गकॉन्ग के एक मदरसे में मौलवी द्वारा छात्र को की पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मौलवी मूल रूप से पाकिस्तान निवासी छात्र द्वारा कुरान की आयत न सुना पाने से नाराज था। पिटाई से पीड़ित 13 वर्षीय छात्र को गंभीर चोटें आईं हैं जिसकी आँख को काफी नुकसान पहुँचा है। मामले की शिकायत पुलिस में की गई है। पुलिस घटना की जाँच कर रही है। घटना शनिवार (5 अगस्त 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस मदरसे में छात्र की पिटाई हुई है वहाँ ज्यादातर पाकिस्तान मूल के बच्चे इस्लामी शिक्षा लेते हैं। घटना के दिन मदरसे में पढ़ाने वाले मौलवी ने छात्र से कुरान की आयत सुनाने को कहा। छात्र द्वारा आयत न सुना पाने के नाराज आरोपित ने छात्र की पिटाई की। इस पिटाई से छात्र की बाईं आँख को काफी नुकसान पहुँचा। घटना के अगले दिन रविवार (6 अगस्त) को पीड़ित ने अपने परिजनों को आँख में दर्द होने की जानकारी दी। छात्र ने अपने परिवार से मौलवी द्वारा अपनी पिटाई का भी जिक्र किया।

बताया जा रहा है कि पहले पीड़ित छात्र के परिजन उसे हॉन्गकॉन्ग के चाई वान इलाके के ईस्टर्न अस्पताल ले कर गए। डॉक्टरों ने आँख की चोट को गंभीर बताते हुए सर्जरी की। डॉक्टरों के मुताबिक 6 माह बाद एक बार फिर से पीड़ित की आँखों की सर्जरी की जाएगी। घायल छात्र के परिजनों ने आरोपित मौलवी के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है। पुलिस के मुताबिक वह पीड़ित के परिजनों सहित मदरसे के अधिकारियों के सम्पर्क में है और जाँच के साथ-साथ जरूरी कार्रवाई कर रही है।

वहीं हांककांग के इस्लामिक काउंसिल ने इस घटना की निंदा की है। काउंसिल के देश के मुस्लिमों से मदरसों में CCTV लगवाने और ऐसे मामलों पर लगाम लगाने का वादा किया है। इसी संस्था के संस्थापक अदील मलिक के मुताबिक वो पीड़ित को न्याय दिलाएँगे। वहीं शहर के इमाम मुफ़्ती मोहम्मद अरशद का दावा है कि छात्र की आँख में पहले से कुछ दिक्कत थी। हालाँकि उन्होंने आरोपित मौलवी द्वारा पीड़ित की पिटाई से इंकार नहीं किया। मुफ़्ती मोहम्मद अरशद ने मदरसे के टीचरों को बच्चों को पढ़ाने के लिए एक ट्रेनिंग दिए जाने की जरूरत पर जोर दिया है।

‘Jailer’ ने 3 दिन में बटोरे ₹220 करोड़, उधर बद्रीनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचे सुपरस्टार रजनीकांत: आश्रम में साधकों से संवाद, सत्संग में लिया हिस्सा

भारतीयों के दिलों में राज करने वाले सुपरस्टार रजनीकांत की नई फिल्म जेलर (Jailer) गुरुवार (10 अगस्त, 2023) को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। मिड वीक रिलीज होने के बावजूद फिल्म ने कमाई के रिकॉर्ड तोड़ते हुए मात्र 4 दिनों में ₹250 करोड़ का आँकड़ा पार कर लिया है। वहीं जेलर की सुपर सक्सेस को रजनीकांत अपने अंदाज में एन्जॉय करने के लिए अध्यात्म की राह पर रमे हैं। फिल्म की रिलीज के पहले से ‘थलाइवा’ बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकल गए हैं।

इसके पहले गुरुवार (10 अगस्त, 2023) को उन्होंने उत्तराखंड के ऋषिकेश पहुँचकर स्वामी दयानंद आश्रम में समय बिताए, जहाँ उन्होंने आश्रम के साधकों से अपने जीवन को लेकर बातचीत की। 

भगवान बद्रीविशाल के किए दर्शन 

सुपरस्टार रजनीकांत ने शनिवार (12 अगस्त, 2023 ) को बद्रीनाथ धाम पहुँच कर मंदिर में दर्शन किए। कहा जा रहा है कि उन्होंने भगवान बद्री विशाल से जनकल्याण की प्रार्थना की। वहीं, रजनीकांत को मंदिर में देख लोगों में उनसे हाथ मिलाने की होड़ भी लगी रही। 

रजनीकांत को तुलसी की माला भेंट की

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने धाम पहुँचने पर अभिनेता रजनीकांत का स्वागत करते हुए उन्हें भगवान बद्रीविशाल के आशीर्वाद स्वरूप प्रसाद एवं तुलसी की माला भेंट की। रिपोर्ट्स की मानें तो शाम के समय बद्रीनाथ धाम पहुँचे रजनीकांत ने सायंकालीन पूजा, स्वर्ण आरती में शामिल होकर भगवान बद्रीनारायण के दर्शन किए। उसके बाद उन्होंने रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी से भेंट की। इस दौरान फिल्म अभिनेता रजनीकांत ने कहा कि बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर वह अभिभूत हैं। उन्होंने शनिवार को बद्रीनाथ में ही रात बिताई। 

स्वामी दयानंद आश्रम में साधकों से की चर्चा 

सुपरस्टार रजनीकांत उत्तराखंड प्रेम जग-जाहिर है। वह हर साल उत्तराखंड जरूर आते हैं। इस बार भी दो साल बाद रिलीज हुई फिल्म ‘जेलर’ के पहले ही जब वह आध्यात्मिक साधना के ऋषिकेश पहुँचे तो सीधा आश्रम निकल गए। जहाँ वह स्वामी दयानंद आश्रम में एक साधक की तरह रह रहे। आश्रम में शुक्रवार (11 अगस्त, 2023) को प्रातकालीन सत्संग के दौरान करीब 40 मिनट तक रजनीकांत ने साधकों से अपने जीवन की कई ऐसी बातें साझा की जो अब तक सामने नहीं आई थीं। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रजनीकांत ने साधकों को बताया कि साल 1991 में जब वह पूरी तरह से फिल्मी दुनिया में व्यस्त थे तब पहली बार स्वामी दयानंद सरस्वती से उनका परिचय हुआ। इस मुलाकात में ब्रह्मलीन संत ने उन्हें अत्यधिक प्रभावित किया। 

धर्मपत्नी के कहने पर पहली बार सुना था स्वामीजी का प्रवचन

रजनीकांत ने बताया, “साल 1991 तक आध्यात्मिक दुनिया से मेरा कोई सरोकार नहीं था। हाँ, इतना जरूर है कि मेरी धर्मपत्नी लता स्वामीजी की अनुयायी थीं। उन्होंने ही उन्हें स्वामीजी के प्रवचन में एक बार शामिल होने का आग्रह किया। धर्मपत्नी के आग्रह पर मैंने चेन्नई में स्वामी दयानंद सरस्वती को सुना। तब अनुयायियों की भारी भीड़ के बावजूद सत्संग हॉल में सन्नाटा पसरा हुआ था। सब एकाग्र होकर स्वामीजी को सुन रहे थे, जिनमें मैं भी शामिल था। स्वामीजी के वेदांत, अध्यात्म, मानव सेवा और धर्म के प्रति विचारों को सुनने के बाद मैं काफी प्रभावित हुआ और इससे मेरे जीवन की धारा ही बदल गई। 

फिल्म जेलर रिलीज से पहले ही निकले आध्यात्मिक साधना पर 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रजनीकांत अपनी फिल्म जेलर रिलीज होने से पहले ही उत्तराखंड आ गए थे। रजनीकांत बुधवार (9 अगस्त, 2023) की शाम को बेंगलुरु की फ्लाइट से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुँचे थे और वहाँ से ऋषिकेश के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि सुपरस्टार रजनीकांत का 15 अगस्त तक उत्तराखंड में ही रहने का प्लान है।

10 अगस्त को रिलीज हुई थी ‘जेलर’ 

रजनीकांत की नई ऐक्शन थ्रिलर फिल्म गुरुवार (10 अगस्त, 2023) को ही रिलीज हो चुकी है। इसका ट्रेलर भी कुछ दिन पहले ही जारी हुआ था। फिल्म के रिलीज होने से पहले ही जहाँ रजनीकांत के फैंस में फिल्म को लेकर काफी उत्साह देखा गया। वहीं शनिवार तक फिल्म ने कमाई का एक नया कीर्तिमान बना दिया। 3 दिनों में फिल्म ने 220 करोड़ रुपए कमा लिए हैं, वही चौथे दिन 250 करोड़ रुपए का आँकड़ा आसानी से पार कर लिया।

गौरतलब है कि सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर’ मूल रूप से तेलुगू और तमिल भाषा में ही रिलीज हुई है। इसे हिंदी में रिलीज नहीं किया गया है। बावजूद इसके फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला और पहले दिन से ही बिजनेस धमाकेदार रहा। फिल्म में तमन्ना, राम्या कृष्णन, वसंत रवि और मीरा मेनन जैसे कलाकार हैं। वहीं जैकी श्रॉफ और मोहनलाल का कैमियो है।

पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे… अब देना होगा 1 करोड़ रुपए का हर्जाना: मुहर्रम में देशद्रोही घटना पर यूपी पुलिस-प्रशासन टाइट

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में इसी महीने 1 अगस्त को पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी का वीडियो वायरल हुआ था। यह नारेबाजी 29 जुलाई को निकले दशवीं मुहर्रम के जुलूस के दौरान हुई थी। तब पुलिस ने 33 आरोपितों पर FIR दर्ज करके जेल भेज दिया था। अब इन 33 आरोपितों में से 13 के खिलाफ जिला प्रशासन ने जमीन पर अवैध कब्ज़े की नोटिस जारी की है। शनिवार (12 अगस्त 2023) को जारी इस नोटिस में कब्ज़ा हटाने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। इसी के साथ सबको मिला कर लगभग 1 करोड़ रुपए का हर्जाना भी लगाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला मीरगंज थानाक्षेत्र के गाँव गोधना और किशुनदासपुर का है। यहाँ बुधवार (9 अगस्त) को राजस्व टीमें आरोपितों की जमीनों की पैमाइश के लिए पहुँचीं। सुरक्षा के लिए टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद था।

पैमाइश के दौरान पाया गया कि मुहर्रम के जुलूस में पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाने वाले 13 आरोपितों ने ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्ज़ा किया है। जमीन की पैमाइश के बाद शनिवार (12 अगस्त) को मछलीशहर के नायब तहसीलदार संतोष कुमार यादव ने सभी आरोपितों के घर वालों को नोटिस थमा दिया।

इस नोटिस में जमीन कब्ज़ाने के सभी 13 आरोपितों को 15 दिनों के अंदर अतिक्रमण खुद ही हटा लेने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ सबको मिला कर कुल 1 करोड़ रुपए का हर्जाना भी लगाया गया है। हर्जाने की यह राशि न्यूनतम 32 हजार से अधिकतम 19.80 लाख रुपए के बीच में है।

सभी आरोपितों को यह हर्जाना 15 दिनों के अंदर जमा करना होगा। तय समय सीमा में खुद से कब्ज़ा न हटाने और हर्जाने की राशि जमा न करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बताते चलें कि 1 अगस्त 2023 को पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने साहिल अली, ईदू, कैफ, मोहम्मद कैश, मोहम्मद शरीफ, सलीम, दिलशाद, सज्जाक के बेटे संजय, तालिम, नौशाद, मोहम्मद अली, वसीम, अफ़ज़ल, मोहम्मद कैफ, इबरार, आफ़ताब, इरशाद, मुश्ताक, दिलशाद अली, शेर अली, रफीक, इश्तियाक, एजाज, इबनैन, मजीद, सरफराज, कैफ, असलम, महताब, अब्दुल अजीज, मोहम्मद शमीम, इजाज अहमद और मोहम्मद फिरोज को गिरफ्तार किया था। आरोपितों में जौनपुर के साथ प्रयागराज के भी निवासी हैं।

कनाडा में लक्ष्मी नारायण मंदिर में खालिस्तानियों ने की तोड़फोड़: आतंकी हरदीप सिंह निज्जर को बताया ‘शहीद’, पोस्टर में जनमत संग्रह की बात

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में खालिस्तानियों द्वारा एक बार फिर हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। मामला शनिवार (12 अगस्त, 2023) की रात का है, जब खालिस्तानियों ने मंदिर में तोड़फोड़ की।  इसके बाद जाते वक्त मंदिर के गेट पर बीते दिनों मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के पोस्टर चिपका गए। इस पोस्टर में खालिस्तान जनमत संग्रह की बात है। खालिस्तानियों की इस पूरी करतूत का खुलासा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई। 

लक्ष्मी नारायण मंदिर पर खालिस्तानी हमला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के जिस मंदिर को निशाना बनाया गया है, वह सर्रे शहर का लक्ष्मी नारायण मंदिर है। यह ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत का सबसे पुराना और सबसे बड़ा हिंदू मंदिर बताया जाता है। मंदिर में तोड़फोड़ के बाद उसके गेट पर चिपकाए गए खालिस्तान जनमत संग्रह के पोस्टर पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की भी तस्वीर लगी है। पोस्टर में लिखा गया है:

“कनाडा में 18 जून को हुई हत्या की घटना में भारत की भूमिका की जाँच की जा रही है। खालिस्तान समर्थक इस पर जमनत संग्रह कराने जा रहा है।”

कौन था खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर

हरदीप सिंह निज्जर कनाडा के सर्रे शहर में गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब का प्रमुख था। उसकी 18 जून की शाम को दो अज्ञात लोगों ने गुरुद्वारा परिसर में घुसकर हत्या कर दी थी। हरदीप निज्जर गुरुद्वारा साहिब का प्रमुख होने के साथ-साथ खालिस्तानी आतंकी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख भी था। वह कनाडा में भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाले मुख्य अलगाववादी आतंकियों में से एक था। 

हरदीप की हत्या के बाद खालिस्तानियों ने आरोप लगाया है कि उसको ठिकाने लगाने में भारत का हाथ है। कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने हालाँकि ये मानने से इनकार कर दिया है। कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही हरदीप को चेताया था कि उसे निशाना बनाया जा सकता है। इसलिए, वह लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहता था। 

कनाडा में मंदिर हमले की तीसरी घटना

गौरतलब है कि कनाडा में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने और तोड़फोड़ की इस साल हुई ये तीसरी घटना है। इसी साल 31 जनवरी को ही कनाडा के ब्रैम्पटन में एक प्रमुख हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई थी। इसके ऊपर भारत-विरोधी भड़काऊ बातें लिखी गई थीं। 

इसके बाद इस साल अप्रैल में भी कनाडा के ओंटारियो में एक और हिंदू मंदिर को खालिस्तानियों ने निशाना बनाया था। इस पर भी भारत-विरोधी नारों को लिखा गया। हालाँकि, इस मामले में कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया था, जिसमें दो लोगों को मंदिर की दीवार पर स्प्रे पेंट के जरिए भारत विरोधी नारा लिखते हुए देखा गया था। वहीं खालिस्तानियों की इस हरकत से वहाँ रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच खासा नाराजगी थी। 

26 जनवरी को तब किया था लाल किले पर हमला, इस साल 15 अगस्त निशाने पर: स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी साजिश की आशंका, सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट

लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। इसी बीच केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मणिपुर के कुकी या मैतेई समूहों की ओर से विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। आशंका जताई गई है कि कुछ अराजक तत्व देश की आजादी के जश्न में बाधा डालने की साजिश रच सकते हैं। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में खुफिया एजेंसियों ने विशेष सुरक्षा समूह (SPG), सीआईएसएफ, दिल्ली पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के साथ स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए आयोजित एक बैठक में कई संभावित खतरों पर चर्चा की। खुफिया इनपुट के आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किला पर तिरंगा फहराने और राष्ट्र को संबोधित करने के दौरान देश-विरोधी तत्वों द्वारा तख्तियाँ लहराने, विरोध में नारे भी लगाने की भी आशंका जाहिर की गई। 

रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने कहा कि बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि इस साल स्वतंत्रता दिवस सितंबर में दिल्ली में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन से एक महीने से भी कम समय पहले पड़ रहा है। ऐसे में इस समारोह से पहले या उसके दौरान किसी भी प्रतिकूल घटना का देश की छवि पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

खुफिया एजेंसियों ने यह भी बताया कि विभिन्न समूह अपने मुद्दों को सुर्खियों में लाने के लिए महत्वपूर्ण घटनाओं से पहले या उसके दौरान विरोध प्रदर्शन का सहारा पहले भी लेते रहे हैं। दिल्ली के बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसान दो साल पहले 2021 में 26 जनवरी के अवसर पर ऐसा कर चुके हैं, जब उन्होंने लाल किले की प्राचीर पर निशान साहिब फहरा दिया था। 

सुरक्षा एजेंसियों ने जिन मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन की आशंका जाहिर की, उनमें किसानों की माँग, समान नागरिक संहिता, श्रम/सेवाओं से संबंधित मुद्दों के अलावा इस साल के आयोजन के लिए सुरक्षा के नजरिए से बताए गए प्रमुख मुद्दों में मणिपुर के हालात भी शामिल हैं। 

गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ खतरे की जानकारी साझा करते समय, उन्हें विरोध प्रदर्शनों पर हर अपडेट हासिल करने के लिए कहा गया है। उन्हें भीड़ और आंदोलन पर नजर रखने के लिए पड़ोसी राज्यों के पुलिस विभागों के साथ भी समन्वय करने को कहा गया है। साथ ही हालिया नूहं हिंसा को देखते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने सोशल मीडिया के बारे में भी चेतावनी दी है, जिसका इस्तेमाल हालिया कुछ वर्षों से कट्टरपंथ, लोगों को संगठित करने, मशहूर लोगों को धमकियाँ देने और ऐसे कामों के लिए इनाम देने के लिए तेजी से किया जा रहा है। 

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा चर्चा किए गए अन्य प्रमुख मुद्दों में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तान स्थित एक ऑपरेटिव का मामला भी शामिल था, जिसने अपने सहयोगियों को दिल्ली में कुछ स्थानों की टोह लेने का निर्देश दिया था। इसमें राष्ट्रीय जाँच एजेंसी और दिल्ली पुलिस का मुख्यालय भी शामिल था।