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कारोबारी के बँगले पर चाचा-भतीजा की मुलाकात: शरद पवार और भतीजे अजीत के बीच 1 घंटे तक चली ‘सीक्रेट मीटिंग’, NCP के दोनों धड़ों ने साधी चुप्पी

महाराष्ट्र की सियासत में फिर बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। दरअसल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के साथ ‘सीक्रेट मीटिंग’ की है। यह मीटिंग पुणे के बिजनेसमैन अतुल चोरड़िया के बंगले पर हुई। माना जा रहा है कि चाचा-भतीजे की यह मुलाकात दो फाड़ हो चुकी एनसीपी को एक करने के लिए हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शरद पवार और अजित पवार शनिवार (12 अगस्त, 2023) को पुणे पहुँचे। यहाँ दोनों ने कोरेगाँव पार्क क्षेत्र के लेन 3 में स्थित अतुल चोरड़िया के बंगले पर मुलाकात की। अजित और शरद पवार के बीच 1 घण्टे से अधिक समय तक मीटिंग चली। इस दौरान शरद पवार के साथ जयंत पाटिल भी मौजूद थे। कहा जा रहा है कि यह मीटिंग पहले एक होटल में होनी थी। हालाँकि फिर बिजनेसमैन के घर में हुई।

मीटिंग के बाद शरद पवार बंगले से बाहर निकल आए। वहीं, इसके करीब एक घण्टे बाद अजित पवार भी यहाँ से चले गए। इस मुलाकात को लेकर एनसीपी के दोनों धड़ों की ओर से कोई भी बयान सामने नहीं आया है। हालाँकि राजनीति हलकों में यह ‘सीक्रेट मीटिंग’ एनसीपी को एक करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि इससे पहले भी अजित पवार और शरद पवार के बीच मुलाकात हो चुकी है। 1 अगस्त को पुणे में ही आयोजित एक कार्यक्रम में दोनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मंच साझा किया था। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

वहीं, इससे पहले 18 जुलाई को एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के साथ अजित पवार ने शरद पवार से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में अजित और प्रफुल्ल ने शरद पवार से एनसीपी को एकजुट करने का आग्रह किया था। वहीं 14 जुलाई को अजित पवार अपनी चाची और शरद पवार की पत्नी प्रतिभा पवार से मिलने उनके घर पहुँचे थे। इसके अलावा, अजित पवार गुट के कई अन्य नेता भी शरद पवार से मुलाकात कर एनसीपी को एक रखने की बात कर चुके हैं।

बता दें कि 2 जुलाई को अजित पवार ने एनसीपी के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इस दौरान उनके साथ एनसीपी के 8 विधायकों को भी मंत्री बनाया गया था। वहीं बाद में अजित पवार को वित्त मंत्रालय भी दिया गया था। अजित पवार के एनडीए में शामिल होने के बाद से NCP दो फाड़ हो चुकी है। यही नहीं, एनसीपी को लेकर चाचा-भतीजे (शरद-अजित) के बीच चल रही लड़ाई चुनाव आयोग भी पहुँच चुकी है। दोनों गुटों ने अपने विधायकों के समर्थन के साथ पार्टी के चिन्ह ‘घड़ी’ और नाम ‘राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी’ पर अपना-अपना दावा ठोंक रखा है।

नौशाद ने OYO होटल में गर्लफ्रेंड रेशमा रवि को मार डाला: कहा – ‘उसके काला जादू की वजह से मुझे हुई शारीरिक कमजोरी, सुबह उठने पर मुँह से निकलता था खून’

केरल के कोच्चि में रेशमा रवि रेशमा रवि नामक लड़की की हत्या करने के आरोप में नौशाद नामक युवक को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि नौशाद ने रेशमा को मिलने के लिए OYO होटल के कमरे में बुलाया था। जहाँ दोनों के बीच बहस हुई। इसी दौरान नौशाद ने चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने इस घटना का वीडियो आरोपित के फोन से बरामद किया। घटना बुधवार (9 अगस्त, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हत्या का यह मामला कोच्चि जिले के कलूर इलाके में स्थित OYO होटल का है। मृतक रेशमा चंगनास्सेरी की रहने वाली है। वहीं, आरोपित नौशाद कोझिकोड के बलुस्सेरी का रहने वाला है। नौशाद OYO होटल में केयर टेकर का काम करता था। आरोपित से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि नौशाद और रेशमा की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों करीब आ गए थे।

पुलिस ने यह भी कहा है कि रेशमा, नौशाद पर साथ रहने के लिए एक फ्लैट लेने का दबाव बना रही थी। लेकिन, नौशाद इसके लिए तैयार नहीं था। इस पर रेशमा ने अपने दोस्तों के सामने नौशाद की शारीरिक क्षमता को लेकर मजाक उड़ाया था। यही नहीं, पूछताछ में नौशाद ने दावा किया है कि रेशमा उस पर कालू जादू कर रही थी। इस कारण वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गया था। काले जादू के कारण ही वह जब रेशमा के साथ रात में सोकर उठता था तो उसके मुँह से खून निकलने लगता था।

इन सबके चलते नौशाद परेशान था। इसलिए बदला लेने के लिए बुधवार (9 अगस्त, 2023) को रेशमा से मिलने के लिए उसे होटल में बुलाया। इसके बाद उसे होटल के सेकंड फ्लोर में स्थित एक कमरे में ले गया। जहाँ नौशाद ने उसके साथ पूछताछ करते हुए मारपीट शुरू कर दी। नौशाद का दावा है कि इस दौरान रेशमा उसे बार-बार ‘मार डालने’ के लिए उकसा रही थी। इसके बाद उसने चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी।

‘मनोरमा’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि हत्या करने के बाद नौशाद ने होटल के मैनेजर को फोन कर बताया कि उसने रेशमा की हत्या कर दी है। सूचना मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुँची तब रेशमा जीवित थी। उसे इलाज के लिए एंबुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया जाया गया। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस को नौशाद के मोबाइल से एक वीडियो मिला है। इसमें पूरी वारदात रिकॉर्ड हुई है। वीडियो में रेशमा खुद को मारने के लिए कहती दिखाई दे रही है। वहीं नौशाद मुँह से खून निकलने और जादू-टोने की बात करता दिखाई दे रहा है।

क्या है ‘हरामी नाला’, जहाँ इंफ़्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में लगी मोदी सरकार: कैसे पड़ा इसका नाम, भारत के लिए क्यों बनता है परेशानी का सबब

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (12 अगस्त, 2023) को गुजरात के कच्छ में भारत-पाकिस्तान सीमा वाले इलाके में कई इंफ़्रास्ट्रक्चर योजनाओं का शिलान्यास किया। इससे BSF को बड़ी मदद मिलेगी। BSF के लिए एक ‘Mooring प्लेस’ विकसित किया जाएगा, जहाँ गश्ती वाले नाव वगैरह के मेंटेनेंस का काम भी होगा। ये 257 करोड़ रुपए में विकसित किया जाएगा। अमित शाह ने ‘हरामी नाला’ क्षेत्र में चिड़ियामोड़-बियारबेट लिंक रोड और OP टॉवर का भी उद्घाटन किया।

28.2 किलोमीटर की ये सड़क 106.2 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी। वहीं BSF के लिए जो टॉवर बन रहा है, उसमें 3 करोड़ रुपए लगेंगे। इसके बन जाने के बाद पाकिस्तान से होने वाली घुसपैठ पर 24 घंटे सुरक्षा बलों की कड़ी नज़र रहेगी। साथ ही सड़क बन जाने से सुरक्षा बलों के मूवमेंट में भी तेजी आएगी। मोदी सरकार भारत के सभी सीमावर्ती इलाकों में इंफ़्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में लगी हुई है।

कैसे पड़ा ‘हरामी नाला’ का नाम, इलाका चुनौतीपूर्ण

इस दौरान आपने मन में ये सवाल ज़रूर उठ रहा होगा कि आखिर ये ‘हरामी नाला’ है क्या, और इसका नाम इस तरह का क्यों है। क्योंकि ‘हरामी’ के गाली वाला शब्द भी है। सन् 2019 में भी इसकी खासी चर्चा हुई थी, जब इधर से पाकिस्तानी आतंकियों के घुसपैठ की साजिश की ख़ुफ़िया जानकारी सामने आई थी। ये इलाका गुजरात, राजस्थान और पाकिस्तान की सीमा से लगता है। आइए, आपको बताते हैं कि आखिर ये है क्या और इसका ऐसा नाम क्यों है।

सीधे-सीधे शब्दों में परिभाषित किया जाए तो ‘हरामी नाला’ कच्छ में भारत-पाकिस्तान को बाँटने वाला समुद्र का हिस्सा है जो 22 किलोमीटर लंबा है। राजस्थान के बाड़मेर का कुछ हिस्सा भी इसे छूता है। इसे ‘नाला’ कहा जाता है क्योंकि ये समुद्र का दलदल वाला हिस्सा है। पानी भी बड़ी मात्रा में है। कीमती झींगा मछली यहाँ पाई जाती है। इसका शिकार वर्जित है, फिर भी लालच में उन्हें पकड़ा जाता रहा है। पानी का स्तर मौसम और समुद्री वेग के हिसाब से कम-ज़्यादा होता रहता है।

पाकिस्तान से घुसपैठ इस रास्ते के सबसे आसान हुआ करती थी। पाकिस्तानी आतंकियों से लेकर पाकिस्तानी जासूस तक, इसके माध्यम से समय-समय पर घुसपैठ करते रहे हैं। इसी कारण इसे ‘हरामी नाला’ कहा जाने लगा। तस्करों के लिए भी भारत में एंट्री के लिए ये इलाका जन्नत जैसा हो गया। पाकिस्तानी मछुआरे अक्सर यहाँ से पकड़े जाते रहे हैं। कई बार खाली नावें बरामद होती हैं। कड़ी सुरक्षा के बावजूद ये इलाका बहुत परेशान करता है।

2008 में 26/11 आतंकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों का समूह, जिनमें अजमल कसाब भी शामिल था – वो सब इसी ‘हरामी नाले’ के माध्यम से नाव से आए थे। भारत से पाकिस्तान शायद ही कोई इस इलाके के माध्यम से गया हो, लेकिन पाकिस्तान से आकर यहाँ से गुजरात-महाराष्ट्र में एंट्री ली जाती रही है। ‘हरामी नाला’ एक ऐसा समुद्री चैनल जो धारा बदलने के लिए भी कुख्यात है।

‘हरामी नाला’ का भूगोल, पाकिस्तान ठोकता है दावा

सर क्रीक और वियान वारी क्रीक भारत में इस इलाके में 6 प्रमुख खाड़ियों में से एक है। वियान वारी क्रीक भारत की तरफ से पाकिस्तान में उत्तर से प्रविष्ट होता है, पूर्व की तरफ जाता है और फिर भारत में घुसता है। यहीं पर ये ‘हरामी नाला’ बन जाता है। फिर ये 2 हिस्सों में बँट जाता है, जिसका से एक पाकिस्तान जाता है और यही भारत के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण है। इसे ‘सर क्रीक एरिया’ भी कहा जाता है। पाकिस्तान इस इलाके पर अपना दावा ठोकता रहा है।

‘हरामी नाला’ वाले इलाके का भूगोल समझिए

सन् 1914 में ‘बॉम्बे गवर्नमेंट रिजॉल्यूशन’ नाम का एक करार हुआ था, जिसमें विभिन्न राज्यों के बीच सीमाओं का निर्धारण किया गया था। पाकिस्तान पूरे के पूरे क्रीक (खाड़ी) पर दावा ठोकता रहा है। हालाँकि, भारत जलीय सीमाओं के निर्धारण के अंतरराष्ट्रीय कानून थालवैग्स समझौते का पालन करता है। इसके तहत अगर जलीय इलाका आवाजाही के योग्य है तो बीचोंबीच से सीमा का निर्धारण होना चाहिए।

छात्रों का सिलेबस तैयार करेगी दिग्गजों की टीम, NCERT ने 19 हस्तियों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी: महादेवन-मूर्ति से लेकर देबरॉय-सान्याल तक शामिल

एनसीईआरटी (NCERT) ने स्कूल का सिलेबस तैयार करने के लिए मशहूर सिंगर शंकर महादेवन, इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय समेत 19 नामचीन हस्तियों की एक समिति का गठन किया है। NIEPA के चांसलर मएनसीईआरटीश चंद्र पंत को इस समिति की अध्यक्षता सौंपी गई है।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि एनसीईआरटी का सिलेबस तैयार करने के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शिक्षण शिक्षण सामग्री समिति (NCTC), नामक एक स्वायत्त संस्था बनाई गई है। इस संस्था के तहत 19 सदस्यीय समिति का गठन किया जा रहा है। यह समिति कक्षा 3 से लेकर 12वीं तक की किताबों और शिक्षण सामग्री को अंतिम रूप देगी।

इस समिति में कई बड़े नामों को शामिल किया गया है। जहाँ एक ओर राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान (NIEPA) के चांसलर महेश चंद्र पंत NCTC के अध्यक्ष होंगे। वहीं प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मंजुल भार्गव को सह-अध्यक्ष बनाया गया है। समिति की सदस्य सुधा मूर्ति इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष होने के साथ ही यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सास हैं। वहीं, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय व सदस्य संजीव सान्याल व संस्कृत भारती के सह-संस्थापक और भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष चमू कृष्ण शास्त्री तथा सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. शेखर मांडे को भी इस सूची में शामिल किया गया है।

इसके अलावा, कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर पद्म श्री सुजाता रामादोराई, बेंगलुरु के प्रकाश पदुकोण बैडमिंटन अकादमी के डायरेक्टर यू. विमल कुमार, आईआईटी गाँधी नगर के विजिटिंग प्रोफेसर माइकल डैनिनो तथा हरियाणा कैडर की रिटायर्ड IAS और हरियाणा लोकप्रशासन संस्थान की पूर्व महानिदेशक तथा पूर्व मुख्य शिक्षा सचिव सुरीना राजन भी NCERT की इस समिति की सदस्य होंगीं। साथ ही नीति अध्ययन केंद्र चेन्नई के अध्यक्ष डॉ. एमडी श्रीनिवास, NSTC के कार्यक्रम कार्यालय प्रमुख गजानन लोंढे, एससीईआरटी सिक्किम के डायरेक्टर राबिन छेत्री, एनसीईआरटी प्रोफेसर प्रत्यूषा कुमार मंडल, NCERT के प्रोफेसर दिनेश कुमार, प्रोफेसर कीर्ति कपूर और प्रोफेसर रंजना अरोड़ा शामिल हैं।

सस्पेंड हुआ अभिसार शर्मा वाले ‘NewsClick’ का ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल: चीन से करोड़ों की फंडिंग का हुआ था खुलासा, समर्थन में गिरोह

जिस ‘NewsClick’ पर अभिसार शर्मा दिखाई देते हैं, उस मीडिया संस्थान के ट्विटर हैंडल को सस्पेंड कर दिया गया है। एलन मस्क के स्वामित्व वाले ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) ने ‘न्यूज़क्लिक’ के हैंडल को निलंबित कर दिया है। मीडिया संस्थान ने @newsclickin यूजरनेम के साथ ट्विटर हैंडल बनाया था, जो अब मौजूद नहीं है। ट्विटर ने कहा है कि प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन करने के कारण इस अकाउंट को निलंबित कर दिया गया है।

उधर ‘न्यूज़क्लिक’ के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ, जिनके एक दिल्ली स्थित फ़्लैट को ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने जब्त किया है, उन्होंने चीन से फंडिंग लेने के आरोपों को गलत बताया है। मीडिया का गिरोह भी इस संस्थान के बचाव में आ चुका है। ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI)’, इंडियन विमेंस प्रेस कॉर्प्स, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स और ‘प्रेस एसोसिएशन’ जैसे संगठन खुल कर के न्यूज़क्लिक के बचाव में उतर आए हैं।

हालाँकि, न्यूज़क्लिक का YouTube हैंडल अभी भी सक्रिय है जिसका सहारा लेकर उसने सब ज़्यादा प्रोपेगंडा फैलाया है। इसके वहाँ पर 39.50 लाख फॉलोवर्स हैं। वहाँ वो 10,000 से भी अधिक वीडियो डाल चुका है। संसद में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ‘न्यूजक्लिक’ को देशद्रोही और टुकड़े-टुकड़े गैंग का हिस्सा बताया। आरोप है कि ‘न्यूजक्लिक’ को 38 करोड़ रुपए मिले हैं। अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने भी अपनी रिपोर्ट में न्यूज़क्लिक को चायनीज फंडिंग के बारे में बताया था।

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, यह बहुत कम लोगों को पता है कि गैर-लाभकारी संगठनों और शैल कंपनियों की आड़ में उद्योगपति नेविल रॉय सिंघम चीन के सरकारी मीडिया के साथ मिलकर काम करता है और चीन के प्रोपेगेंडा को दुनिया भर में फैलाने के लिए फंडिंग कर रहा है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने लेख में कहा है कि नेविल रॉय सिंघम भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों में प्रगतिशील होने की वकालत करने के बहाने चीनी सरकार के मुद्दों को लोगों के बीच फैलाने में कामयाब रहा है।

लक्षद्वीप के स्कूली ड्रेस से हिजाब-स्कार्फ बाहर: कॉन्ग्रेसी नेता से लेकर शरद पवार के सांसद सब विरोध में, कहा- मुस्लिमों के अधिकारों का उल्लंघन

लक्षद्वीप प्रशासन ने स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया है। इसमें मुस्लिम छात्राओं के लिए हिजाब या स्कार्फ को लेकर कोई बात नहीं कही गई है। कॉन्ग्रेस ने शनिवार (12 अगस्त, 2023) को नया ड्रेस कोड लागू करने के लिए लक्षद्वीप प्रशासन की निंदा की है। पार्टी ने कहा कि वह इसका विरोध करेगी। वहीं, लक्षद्वीप के NCP सांसद मोहम्मद फैजल ने इसे सरकार का तानाशाही फैसला करार दिया है।

कॉन्ग्रेस ने कहा- हिजाब और स्कार्फ पर बैन लगाने की साजिश

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व सांसद हमदुल्ला सईद ने शुक्रवार (11 अगस्त, 2023) को लक्षद्वीप में मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रशासन के आदेश में हिजाब और स्कार्फ को लेकर बात नहीं कही गई है। यह व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसके खिलाफ उन्होंने राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नया ड्रेस कोड मुस्लिम बहुल द्वीपसमूह के लोगों की आंतरिक संस्कृति और जीवन शैली को नष्ट करने जैसा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार और लक्षद्वीप प्रशासन लगातार जनविरोधी नीतियों को लागू करने का प्रयास कर रहे हैं, जो द्वीपों की संस्कृति और लोकाचार के खिलाफ हैं।

सांसद मोहम्मद फैजल ने इसे लड़कियों के स्कार्फ और हिजाब पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि शराब नीति के मसौदे और समान ड्रेस कोड के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह का कानून लागू किया जाता है तो यह द्वीपवासियों द्वारा सदियों से पालन होने वाले रीति-रिवाजों, धार्मिक विश्वासों और पहनावे के पैटर्न को जड़ से खत्म कर देगा।

वहीं, शिक्षा विभाग द्वारा 10 अगस्त 2023 को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि ड्रेस के नए पैटर्न को छात्रों, अभिभावकों, जन प्रतिनिधियों द्वारा सराहा गया है। शिक्षा विभाग ने वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए उसी पैटर्न को अपनाने का फैसला किया है। सभी प्रिंसिपल को निर्देश दिया गया है कि सभी छात्र निर्धारित पोशाक में ही स्कूल आएँ। इससे एकता और भाईचारे की भावना के साथ छात्रों में अनुशासन बढ़ेगा।

इस नए सर्कुलर के तहत कक्षा पाँच तक के छात्रों का ड्रेस कोड हाफ पैंट (चेक) और स्काई ब्लू हाफ शर्ट होगा, जबकि लड़कियों के लिए स्कर्ट और स्काई ब्लू शर्ट है। वहीं, छठीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों का ड्रेस कोड फुल पैंट और स्काई ब्लू हाफ शर्ट और छात्राओं के लिए नेवी ब्लू स्कर्ट और स्काई ब्लू शर्ट है।

बताते चलें कि लक्षद्वीप एक केंद्रशासित प्रदेश है। यहाँ मुस्लिमों की आबादी सबसे अधिक है। यहाँ पर 96 प्रतिशत आबादी मुस्लिम हैं, जबकि हिंदू एवं ईसाई अल्पसंख्यक हैं। यही कारण है कि मुस्लिम नेता नई शराब नीति और ड्रेस कोड का विरोध कर रहे है। 

मुश्किल में फँसी प्रियंका गाँधी वाड्रा, 50% कमीशन वाले ट्वीट पर एक्शन मोड में BJP, बोली- सबूत दो नहीं तो कार्रवाई होगी

कॉन्ग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा मुश्किल में फँसती नजर आ रही हैं। दरअसल, प्रियंका ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के नाम सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक चिट्ठी को लेकर ट्वीट किया था। इस चिट्ठी के जरिए प्रियंका ने शिवराज सरकार पर ठेकेदारों से 50% कमीशन लेने का आरोप लगाया था। इस पर मध्य प्रदेश बीजेपी कार्रवाई की बात कर रही है।

प्रियंका गाँधी वाड्रा ने एक अखबार की कटिंग शेयर कर लिखा था, “मध्य प्रदेश में ठेकेदारों के संघ ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शिकायत की है कि प्रदेश में 50% कमीशन देने पर ही भुगतान मिलता है। कर्नाटक में भ्रष्ट BJP सरकार 40% कमीशन की वसूली करती थी। मध्य प्रदेश में BJP भ्रष्टाचार का अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर आगे निकल गई है। कर्नाटक की जनता ने 40% कमीशन वाली सरकार को बाहर किया। अब मध्य प्रदेश की जनता 50% कमीशन वाली भाजपा सरकार को सत्ता से हटाएगी।”

सोशल मीडिया पर वायरल चिट्ठी और प्रियंका गाँधी के इस ट्वीट पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुटकी लेते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “आदमी है नहीं, संस्था का पता, लापता। संस्था फर्जी, चिट्ठी फर्जी। सूत न कपास, कॉन्ग्रेसियों में लट्ठम लट्ठ।” वहीं इस ट्वीट के साथ शेयर किए वीडियो में सीएम शिवराज ने कहा है कि उन्होंने इंटेलिजेंस को इस चिट्ठी की जाँच करने के लिए कहा था। इसमें सामने आया कि यह चिठ्ठी फर्जी है और इसमें लिखा पता भी फर्जी ही है।

वहीं, सूबे के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ट्वीट कर कहा, “मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस मुद्दाविहीन होकर घृणित मानसिकता के साथ राजनीति कर रही है। प्रदेश कॉन्ग्रेस के नेताओं ने पहले राहुल गाँधी जी से झूठ बुलवाया, अब प्रियंका गाँधी जी से झूठा ट्वीट करवाया। प्रियंका जी, आपने जो ट्वीट किये हैं उसके प्रमाण दो, अन्यथा हमारे पास कार्यवाही के सारे विकल्प खुले हैं।”

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कॉन्ग्रेस पर मध्य प्रदेश की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने लिखा, “मिस्टर बंटाधार और करप्शननाथ को सत्ता की इतनी भूख है कि उन्होंने झूठे पत्र के आधार पर मध्य प्रदेश की छवि खराब करने का असफल प्रयास किया है। पहले उनके भाई ने झूठ बोलकर जनता को ठगा, अब प्रियंका झूठ परोस रही हैं। कॉन्ग्रेस नेताओं के इस कृत्य के खिलाफ भाजपा कानूनी कार्रवाई करेगी।”

वहीं, शेयर किए गए वीडियो में उन्होंने कहा है, “इस साइबर क्राइम के खिलाफ भाजपा कड़ा एक्शन लेगी। प्रियंका गाँधी को जवाब देना पड़ेगा कि यह पत्र कहाँ से आया। झूठे पत्र के आधार पर आपने देश को गुमराह किया है।”

प्रियंका को संसद में होना चाहिए, उनके पास योग्यता है: रॉबर्ट वाड्रा

प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने PTI से हुई बातचीत में प्रियंका की तारीफ की। उन्होंने कहा है, “मुझे लगता है कि प्रियंका गाँधी को संसद में होनी चाहिए। निश्चित ही उन्हें लोकसभा में होना चाहिए। उनके पास सारी खूबियाँ हैं वो संसद में बहुत बढ़िया काम करेंगी। वह लोकसभा में होने की योग्यता रखती हैं। अगर वो संसद जाती हैं तो मुझे खुशी होगी। उम्मीद करता हूँ कि कॉन्ग्रेस पार्टी उन्हें स्वीकार करेगी और उनके लिए बढ़िया योजना तैयार करेगी।”

अनवर-उल-हक काकर बने पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री: बलूचिस्तान में विद्रोह थामने के लिए चली चाल?

पाकिस्तान में मची राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अनवर-उल-हक काकर को पाकिस्तान का कार्यवाहक प्रधानमंत्री चुना गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद के लिए काकर का नाम राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को भेजा गया था। इस पर राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दे दी।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विपक्ष के निवर्तमान नेता राजा रियाज से कार्यवाहक प्रधानमंत्री का नाम शनिवार (12 अगस्त, 2023) तक तय करने के लिए कहा था। दोनों नेताओं ने मिलकर कार्यवाहक प्रधानमंत्री के लिए अनवर-उल-हक काकर को चुना। पीएमओ द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राजा रियाज ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में काकर की नियुक्ति के संबंध में एक सलाह भेजी। इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 224 ए के तहत इस सलाह को अपनी सहमति दे दी।

वहीं इससे पहले, शाहबाज शरीफ से हुई मुलाकात को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर मीडिया से बात करते हुए राजा रियाज ने कहा था, “हमने पहले फैसला किया था कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री छोटे प्रांत से होना चाहिए। साथ ही कोई बिना विवाद वाला व्यक्तित्व होना चाहिए। हमारा उद्देश्य छोटे प्रांतों में अभाव की भावना को दूर करना था। आखिरकार हम इस आम सहमति पर पहुँच गए हैं कि अनवर-उल-हक काकर कार्यवाहक प्रधानमंत्री होंगे।”

गौरतलब है कि बुधवार (9 अगस्त, 2023) को पाकिस्तानी संसद भंग कर दी गई थी। इसके बाद से शाहबाज शरीफ और राजा रियाज ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री चुनने के लिए बैठकों का दौर शुरू किया था। इसके बाद शरीफ ने शुक्रवार (11 अगस्त, 2023) को कहा था कि वह और रियाज शनिवार तक इस पद के लिए किसी नेता का नाम तय कर लेंगे। इस राजनीतिक विचार-विमर्श में पहले के गठबंधन में शामिल दलों को भी शामिल किया जाएगा।

कौन हैं अनवर-उल-हक काकर

पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर साल 2018 में बलूचिस्तान से निर्दलीय सांसद बने थे। बतौर सांसद उनका कार्यकाल 2024 में समाप्त होना है। इसके साथ ही, वह प्रवासी पाकिस्तानियों और मानव संसाधन विकास पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं। साथ ही व्यापार सलाहकार समिति, वित्त और राजस्व, विदेशी मामलों और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सदस्य के रूप में भी काम किया है।

साल 2018 में बलूचिस्तान अवामी पार्टी (BAP) के गठन के बाद वह इसी पार्टी के नेता के रूप में संसद में रहे। पाकिस्तान में होने वाले अगले चुनाव तक काकर प्रधानमंत्री रहेंगे। बताते चलें कि बलूचिस्तान के लोग आज़ादी के लिए आंदोलन करते रहे हैं और पाकिस्तान सेना द्वारा उन पर काफी अत्याचार किया जाता है। ऐसे में हो सकता है कि दुनिया के सामने बलूचिस्तान का प्रतिनिधित्व दिखाने और वहाँ विद्रोह को कम करने के लिए ये फैसला लिया गया हो।

‘नाइट आउट’ पर गई बेटी तो निहंग ने काट डाला, शव को बाइक से बाँध कर घसीटा: कोर्ट में कहा – मैंने सज़ा देकर पेश की नज़ीर, ताकि सीखें अन्य लड़कियाँ

पंजाब के अमृतसर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक निहंग ने अपनी 16 वर्षीय बेटी के चरित्र पर शक होने पर उसकी कृपाण से हत्या कर दी। लेकिन, इसके बाद निहंग पिता का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उसने बेटी के शव को उसी के दुपट्टे से अपनी मोटरसाइकिल से बाँध कर एक नजीर पेश करने के लिए उसे अपने गाँव के चारों ओर घसीटा। कहा जा रहा है उसने करीब 350 मीटर तक शव घसीटने के बाद रेलवे फाटक के पास फेंक दिया।

हालाँकि, पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। 

क्या है पूरा मामला 

अमृतसर जिले के थाना तरसिक्का के गाँव मुच्छल का ये पूरा मामला है। वहाँ निहंग सिख दलबीर सिंह उर्फ बाऊ की 16 वर्षीय बेटी सुमनदीप कौर बीते बुधवार (9 अगस्त, 2023) को बिना बताए घर से चली गई थी। परिवार के लोगों ने सुमनदीप कौर की काफी तलाश की लेकिन वो कहीं नहीं मिली। फिर अचानक वो गुरुवार (10 अगस्त, 2023) की दोपहर वापस लौट आई। उसे देखते हुए उसका पिता दलबीर सिंह उर्फ बाऊ गुस्से से आग-बबूला हो गया।

ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेटी के किसी और के घर में रात गुजारने से उसका पिता नाराज था। जिसके बाद वो अपनी बेटी सुमनदीप कौर को अपनी दुकान पर ले गया और वहाँ उसने कृपाण से उसपर ताबड़तोड़ वार किए, वो तब तक वार करता रहा जब तक सुमनदीप कौर ने दम नहीं तोड़ दिया। उसके बाद निहंग सिख बेटी के शव को अपनी मोटरसाइकिल पर घसीटता हुआ दिखाई दे रहा है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

वहीं सीसीटीवी के एक अलग फुटेज में पिता को ऑनर किलिंग के बाद अपनी बेटी के शव को रेलवे ट्रैक पर फेंकते हुए भी देखा जा सकता है।

आरोपित पिता दलबीर सिंह उर्फ बाऊ बेटी के शव को फेंककर फरार हो गया था। वहीं यह पूरी घटना एक दुकान पर लगे सीसीटीवी में कैद गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी जिसके बाद डीएसपी जंडियाला गुरु कुलदीप सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे और शव को कब्जे में ले लिया। 

वहीं बेटी के इस जघन्य हत्या के एक दिन बाद आरोपित निहंग सिख लबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहाँ उसने न्यायाधीश से कहा कि वह गाँव के अन्य माता-पिता की तरह नहीं बनना चाहता, जो कुछ अनुचित करने पर अपनी बेटियों को ज्यादा से ज्यादा उन्हें कमरे में बंद कर देंगे। उसने आगे कहा, “मैं एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हूँ और मुझे अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है।”

मीडिया रिपोर्ट में आगे निहंग सिख के हवाले से कहा गया है कि उसने 16 वर्षीय बेटी को जो सज़ा दी, उसका उद्देश्य अन्य लड़कियों को उनकी बेटी द्वारा किए गए ऐसे दुराचरण के कृत्य को दोहराने से रोकना था। वहीं कोर्ट ने उसे एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

निहंग सिख ने परिवार को भी दी थी धमकी

इस मामले में आरोपित हत्यारे दलबीर सिंह के पिता जोगिंदर सिंह का कहना है कि उसने परिवार के अन्य लोगों से कहा था कि जो भी उसकी बेटी को बचाने के लिए आगे आएगा वो उसे भी जान से मार देगा। 

एसएचओ अवतार सिंह का कहना है कि भले ही परिवार किसी लड़के पर आरोप लगा रहा है लेकिन वो पूरी तरह से मामले की जाँच कर रहे है। मृतक युवती के शव पर किरपान के वार के छह निशान दिखाई दे रहे है। वहीं शव को घसीटा गया तो वो पूरी तरह से छलनी हो गया था। बता दें कि मृतका सुमनदीप कौर 5 भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसने 12वीं तक पढ़ाई की थी।

भाजपा नेता सना उर्फ हिना खान को मारकर पप्पू ने नदी में फेंका, नहीं मिल पाया शव: 1 अगस्त को जबलपुर से हुई थीं लापता, जाँच जारी

महाराष्ट्र भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की नगर महामंत्री सना उर्फ हिना खान की मध्य प्रदेश के जबलपुर में हत्या कर दी गई है। वह करीब एक सप्ताह से लापता थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपित पति अमित साहू उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपित ने बताया है कि उसने सना की हत्या कर शव को हिरण नदी में फेंक दिया था। हालाँकि, सना खान का शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस को इस हत्या में किसी और के भी शामिल होने का अंदेशा है।  

पुलिस ने ऐसे सुलझाई लापता होने की गुत्थी 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी नेता सना खान 1 अगस्त 2023 को अपनी माँ को बताकर जबलपुर के लिए निकली थीं। परिजनों का दावा है कि वह ढेर सारे बेशकीमती जेवरात पहन कर निकलीं थीं। 2 अगस्त को सना ने अपने एक रिश्तेदार इमरान को फोन कर जबलपुर पहुँचने की सूचना दी।

कहा जा रहा है कि इसी दिन शाम को सना ने इमरान से फोन पर बातचीत करते हुए अपने पति अमित द्वारा मारपीट की बात कही। तब से ही उनका फोन बंद आ रहा था। वहीं, इस मामले की जानकारी इमरान ने उनकी माँ को दे दी थी। इसके बाद सना खान 1 अगस्त 2023 से लापता थीं।

सना के परिजनों ने जबलपुर में आकर सना की तलाश शुरू की। लेकिन, जब उनका कुछ पता नहीं चला तो परिजनों ने उनकी हत्या की आशंका जताते हुए इस मामले में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पति पर ही हत्या का आरोप लगाया, जिसके आधार पर जबलपुर और नागपुर पुलिस ने मिलकर सना की खोज शुरू की। मोबाइल के लोकेशन के आधार पर सना खान और अमित की तलाश की जा रही थी।

आखिरकार, शुक्रवार (11 अगस्त 2023) को पुलिस की तलाश खत्म हो गई। इस पूरे मामले में जबलपुर और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सप्ताह भर में ही पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि सना खान की हत्या हो गई है और मुख्य आरोपित अमित उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस पूछताछ में अमित ने सना खान की हत्या की बात को कबूल कर लिया है। अमित ने पुलिस को बताया है कि सना को उसने पहले अपने मकान में ही डंडा मारकर मौत के घाट उतार दिया था। हत्या के बाद सना की लाश को उसने जबलपुर से तकरीबन 45 किलोमीटर दूर हिरण नदी के पुल से नीचे फेंक दिया। 

हत्या के कारण का नहीं हुआ खुलासा 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस आरोपित अमित को लेकर घटनास्थल पर जाँच-पड़ताल कर रही है, लेकिन उसके सामने बड़ी चुनौती सना की लाश को ढूँढना है। पुलिस के मुताबिक, सना और अमित पति-पत्नी थे। उनके बीच लंबे समय से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते सना खान नागपुर से जबलपुर अमित से मिलने आई थी। इस मुलाकात के दौरान ही दोनों के बीच विवाद हुआ।

हालाँकि, इस पूरे मामले में पुलिस अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँची है कि आरोपित पति ने भाजपा नेता की हत्या किस कारण से की है। पुलिस को इसमें किसी और के भी शामिल होने का अंदेशा है। इसको ध्यान में रखते हुए आगे की जाँच की जा रही है। हालाँकि, हत्या की एक बड़ी वजह पैसे को लेकर विवाद भी बताया जा रहा है। 

6 माह पहले ही अमित उर्फ पप्पू साहू से हुई थी शादी

सीएसपी तुषार सिंह ने बताया कि नागपुर के मानकपुर इलाके से ताल्लुक रखने वाली सना खान ने 6 महीने पहले ही बिलहरी निवासी ढाबा संचालक पप्पू से शादी की थी। उन्होंने बताया कि 35 वर्षीय सना और पप्पू दोनों पहले से शादीशुदा हैं। सना का एक बच्चा है, जिसे छोड़कर वह पप्पू के पास जबलपुर आ गई थी। उधर, सना खान से नजदीकी का पता चलते ही पप्पू का उसकी पत्नी से विवाद होने लगा था। इसके बाद वह अपनी पत्नी से अलग रहने लगा।