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जब धर्म नहीं बदला तो नमाज क्यों पढ़ना चाहती हो: हाई कोर्ट ने उस लड़की से पूछा जिसका ‘मुस्लिम दोस्त’, सुरक्षा के साथ चाहती थी इजाजत

इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को चर्चा में लाने वाली फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) के बाद कई पीड़िताओं ने आगे आकर बताया है कि ‘मुस्लिम दोस्त’ ने उनका ब्रेन वाॅश किया था। अब उत्तराखंड की एक हिंदू युवती, जिसका ‘मुस्लिम दोस्त’ है चर्चा में है। इस युवती ने उत्तराखंड हाई कोर्ट से पिरान कलियर दरगाह (Piran Kaliyar Dargah) में नमाज पढ़ने और सुरक्षा की इजाजत माँगी थी। हाई कोर्ट ने इसकी इजाजत देते हुए हरिद्वार पुलिस को उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई गुरुवार (11 मई 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिरान कलियर दरगाह में नमाज पढ़ने को लेकर याचिका दाखिल करने वाली लड़की 22 वर्षीय भावना मूल रूप से मध्य प्रदेश के नीमच जिले की रहने वाली है। उसका दोस्त हरिद्वार का 35 वर्षीय फरमान है। दोनों ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर जस्टिस मनोज कुमार तिवारी और जस्टिस पंकज पुरोहित की बेंच ने सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता लड़की से पूछा कि जब उसने धर्म नहीं बदला है तो वह नमाज क्यों पढ़ना चाहती है? इस पर लड़की ने कोर्ट से कहा कि वह दरगाह से प्रभावित है, इसलिए वह यहाँ नमाज पढ़ना चाहती है। लड़की ने कोर्ट से यह भी कहा है कि दोनों ने न तो शादी की है और न ही वह धर्मांतरण करना चाहती। वह हिंदू धर्म को मानती है और बिना किसी डर या दबाव के कलियर दरगाह में इबादत करना चाहती है।  

इसके बाद उत्तराखंड हाई कोर्ट ने लड़की और उसके दोस्त को दरगाह में नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी। साथ ही कोर्ट ने हरिद्वार पुलिस को सुरक्षा के निर्देश दिए। हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि नमाज पढ़ने जाने से पहले लड़की को एक पत्र लिखकर संबंधित थाने के एसएचओ को जानकारी देनी होगी ताकि वह सुरक्षा उपलब्ध करा सकें। मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी।

याचिक में भावना ने दक्षिणपंथी संगठनों से खुद को और पाने परिवार को खतरा बताते हुए हरिद्वार के कलेक्टर और एसएसपी को निर्देशित कर सुरक्षा उपलब्ध कराने की माँग की थी। बता दें कि भावना और फरमान हरिद्वार की एक फार्मा कंपनी में नौकरी करते हैं।

गुजरात के 68 जजों के प्रमोशन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, वे जज भी शामिल जिन्होंने राहुल गाँधी को माना था दोषी: कहा- नियमों का पालन नहीं हुआ

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुजरात (Gujarat) की निचली अदालत के 68 न्यायिक अधिकारियों के जिला जज के रूप में प्रमोशन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही इन जजों को उनके पहले वाले पद पर वापस भेजने का आदेश दिया है। इन 68 जजों में हरीश वर्मा भी हैं, जिन्होंने मानहानि केस में राहुल गाँधी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।

जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार वाली सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच की इस फैसले के बाद गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लग गई है। दरअसल, इन जजों को प्रमोट करने की सिफारिश गुजरात हाईकोर्ट ने की थी। इसके बाद गुजरात की भाजपा सरकार ने इन जजों के प्रमोशन की अधिसूचना भी जारी कर दी थी।

अपने फैसले में जस्टिस शाह ने कहा, “राज्य सरकार ने याचिका लंबित रहने के दौरान अधिसूचना जारी की है। हम हाईकोर्ट की सिफारिश और राज्य सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाते हैं और जजों को उनके मूल पद पर वापस भेजते हैं।”

जस्टिस शाह ने आगे कहा कि प्रमोशन मेरिट एवं वरिष्ठता के सिद्धांत तथा योग्यता परीक्षा पास करने के बाद की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह हाईकोर्ट की सिफारिश और राज्य सरकार की अधिसूचना अवैध है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थगन आदेश उन जजों की सूचियों पर भी लागू होगा, जिनका नाम 68 जजों के नामों के अलावा हैं।

बता दें कि जस्टिस एमआर शाह 15 मई 2023 को सेवानिवृत होने वाले हैं। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच के पास जाएगा। देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ जिस बेंच को यह मामला सौंपेंगे, उसमें अब आगे इसकी सुनवाई होगी।

बता दें कि 68 जजों के प्रमोशन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सीनियर सिविल जज कैडर के दो अधिकारियों ने अपनी याचिका में कहा था कि 65 प्रतिशत कोटा नियम के तहत इन जजों का प्रमोशन किया गया, जो कि अवैध है। याचिका में दलील दी गई थी कि प्रमोशन मेरिट कम सीनियरिटी के सिद्धांत पर और योग्यता टेस्ट पास करने पर की जानी चाहिए।

याचिका दाखिल करने वाले न्यायिक अधिकारी रवि कुमार मेहता और सचिन प्रजापराय मेहता ने अपनी अर्जी में कहा कि कई ऐसे जज हैं, जिन्होंने पदोन्नति के लिए हुई परीक्षा में ज्यादा अंक हासिल किए हैं। इसके बावजूद उनका सिलेक्शन नहीं किया गया और उनसे कम अंक पाने वाले जजों को प्रमोट किया गया।

बता दें कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित था और पिछले महीने सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात हाईकोर्ट और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था। जिस समय सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किया गया, उस समय इन जजों के प्रमोशन की फाइल राज्य सरकार के पास लंबित थी। इसके बावजूद एक हफ्ते के अंदर राज्य सरकार ने जजों के प्रमोशन की अधिसूचना जारी कर दी।

बताते चलें कि प्रमोशन वाली सूची में राहुल गाँधी को मोदी उपनाम से जुड़े मानहानि के मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाने वाले ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरीश हसमुखभाई वर्मा और गुजरात यूनिवर्सिटी मानहानि मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन जारी करने वाले जज भी शामिल हैं। 

दरअसल, न्यायिक अधिकारी रवि और सचिन ने भी प्रमोशन से संबंधित यह परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में रवि को 200 में से 135.5 अंक मिले थे, जबकि सचिन को 148.5 अंक हासिल हुए थे। वहीं, राहुल गाँधी को सजा सुनाने वाले जज को सिर्फ 127 अंक मिले थे। इसके अलावा भी कई ऐसे जज हैं, जिन्हें रवि और सचिन से कम अंक मिले। इसके बावजूद इन्हें प्रमोट किया गया। 

‘The Kerala Story के निर्देशक की आँख निकालने वाले को ₹21 लाख का इनाम’: तमन्ना हाशमी का ऐलान, बिहार में ‘हक़-ए-हिंदुस्तान’ ने जलाए फिल्म के पोस्टर

जब से फिल्म ‘The Kerala Story’ का ट्रेलर आया है, तभी से इससे जुड़े लोगों को धमकियाँ मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। अब फिल्म रिलीज भी हो गई है। पहले हफ्ते में इसने भारत में 82 करोड़ रुपए का नेट कारोबार भी कर लिया है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म शुक्रवार (12 मई, 2023) को 100 करोड़ रुपए के आँकड़े को भी पार कर गई। इधर बिहार के मुजफ्फरपुर में फिर से फिल्म के निर्देशक को धमकी मिली है। साथ ही फिल्म के पोस्टर भी जलाए गए।

‘हक़-ए-हिंदुस्तान’ मोर्चा ने ऐलान किया है कि जो भी ‘The Kerala Story’ के निर्देशक की आँख निकालेगा, उसे 21 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। ये ऐलान मोर्चा के अध्यक्ष तमन्ना हाशमी ने किया है। ये मोर्चा खुद को सामाजिक संस्था बताता रहा है। तमन्ना हाशमी ने ये भी कहा कि इस फिल्म के जरिए मुस्लिमों को बदनाम करने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे उन्माद फैलाने वाली फिल्म बताते हुए माँग की कि बिहार में इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

बुधवार (10 मई, 2023) को शहीद खुदीराम बोस स्मारक के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन में मोर्चा के लोगों ने ये बातें कही। बता दें कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश में फिल्म को टैक्स-फ्री किया जा चुका है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और अभिनेत्री अदा शर्मा से मुलाकात की। ‘The Kerala Story’ में दिखाया गया है कि कैसे केरल में एक साजिश के तहत हिन्दू लड़कियों को ‘लव जिहाद’ के जाल में फँसा कर उनका निकाह और इस्लामी धर्मांतरण किया जाता है, फिर उनकी तस्करी कर के ISIS का सेक्स स्लेव बना दिया जाता है।

इससे पहले फिल्म के एक क्रू मेंबर को एक अनजान नंबर से मैसेज आया था। मैसेज करने वाले व्यक्ति ने धमकाते हुए लिखा था,  “अकेले घर से बाहर मत निकलना। तुमने फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया।” फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से की थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया करवाई। फिल्म को देखने के लिए लोगों को फ्री राइड देने का एलान करने वाले ऑटो ड्राइवर साधु मगर को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल रहीं हैं। 

सैलरी ₹30 हजार-घर में TV ₹30 लाख का, 100 से ज्यादा कुत्ते-20 लग्जरी कार… सोलर पैनल चेक करने के नाम पर घुसी टीम, ठाठ देख भौंचक

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकायुक्त की टीम ने असिस्टेंट इंजीनियर हेमा मीणा के घर समेत 3 ठिकानों पर छापेमारी की। हेमा मीणा का मासिक वेतन 30 हजार रुपए है, लेकिन उनके घर में 30 लाख रुपए का टीवी मिला। 100 से अधिक कुत्तों समेत करीब 7 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है। लोकायुक्त ने यह कार्रवाई गुरुवार (11 मई 2023) को की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हेमा मीणा मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में संविदा पर असिस्टेंट इंजीनियर हैं। लोकायुक्त को आय से अधिक संपत्ति को लेकर शिकायत मिली थी। इसके बाद टीम ने भोपाल से करीब 19 किलोमीटर दूर बिलखरिया स्थित उनके घर, रायसेन स्थित फार्म हाउस और ऑफिस पर छापेमारी की। हेमा मीणा के जिस घर पर लोकायुक्त ने कार्रवाई की, वह उनके पिता के नाम पर है। यह घर 20 हजार वर्ग फीट में फैला हुआ है और इसमें 40 कमरे हैं। इसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आँकी गई है।

वॉकी-टॉकी पर स्टाफ से बात करती थी हेमा मीणा

लोकायुक्त टीम को हेमा मीणा की करोड़ों रुपए की संपत्ति का पता चला है। सबसे अधिक चर्चा का विषय 30 लाख रुपए की कीमत वाला टीवी है। मीणा के घर पर यह टीवी बॉक्स में पैक कर रखा हुआ था। इसके अलावा, उनके फार्म हाउस में लोकायुक्त टीम को 100 से अधिक कुत्ते मिले हैं। इनमें से कई कुत्ते विदेशी नस्ल के हैं। इनकी कीमत भी लाखों में आँकी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि इन कुत्तों का खाना बनाने के लिए करीब ढाई लाख रुपए की रोटी मेकर मशीन भी मिली है। मीणा के फार्म हाउस में 60 से अधिक गायें भी मिली हैं।

हेमा मीणा के घर में बने बड़े से गैराज में थार समेत 20 लग्जरी कारों का जखीरा मिला। इस घर में काम करने वाले कर्मचारियों से बात करने के लिए वह वॉकी-टॉकी का उपयोग करती थीं। यही नहीं, हेमा मीणा ने अपने पिता के नाम पर जमीन भी खरीद रखी है। लोकायुक्त ने भोपाल के अलावा रायसेन और विदिशा के कई गाँव में जमीन खरीदी से जुड़े कागजात बरामद किए हैं। इसके अलावा, खेती से जुड़े उपकरणों में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, धान बुवाई की मशीन समेत कई मशीनों की खरीदी के भी दस्तावेज मिले हैं।

13 साल से सरकारी नौकरी में हैं हेमा मीणा

हेमा मीणा मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के चपना गाँव की रहने वाली हैं। उनके पिता सामान्य किसान हैं। उनका अपने पति से तलाक हो चुका है। साल 2016 से वह पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन में बतौर असिस्टेंट इंजीनियर काम कर रहीं हैं। इससे पहले वह कोच्चि में काम करती थी। वह बीते 13 सालों से सरकारी नौकरी में है। इस हिसाब से उनके पास 20-22 लाख रुपए के आसपास संपत्ति होनी चाहिए थी। लेकिन उनकी संपत्ति में 232 प्रतिशत का इजाफा हुआ और वह 7 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति की मालकिन बन गईं। लोकायुक्त की टीम ने अभी हेमा मीणा के बैंक खातों और जेवरों की कीमत का मूल्यांकन नहीं किया है। यह सब करने में लोकायुक्त टीम को 2-3 दिन का समय लग जाएगा।

पशुपालन अधिकारी बन घुसी लोकायुक्त टीम

हेमा मीणा के ठिकानों में छापेमारी करने के लिए लोकायुक्त की 50 सदस्यीय टीम उनके घर पहुँची थी। हालाँकि घर में मौजूद गार्ड्स और अन्य कर्मचारियों ने उन्हें अंदर से रोकने की कोशिश की। इस पर लोकायुक्त टीम ने खुद को पशुपालन विभाग का अधिकारी बताते हुए घर में एंट्री ली। कहा कि सोलर पैनल की जाँच करनी है। घर में प्रवेश करने के बाद टीम ने मीणा को एक कमरे में बैठा दिया और उनका फोन जब्त कर लिया।

‘दक्षिण अफ्रीका वाले EVM का कर्नाटक में इस्तेमाल’: चुनाव आयोग ने काॅन्ग्रेस का दावा किया खारिज, कहा- नियम पता होने चाहिए, अफवाह फैलाने वाले सूत्र पता करें

कर्नाटक चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस को ईवीएम के ऊपर संदेह जताना महंगा पड़ गया। निर्वाचन आयोग ने कॉन्ग्रेस को पत्र लिखकर बताया कि पार्टी के आरोप गलत हैं कि ईवीएम को चुनाव से पहले दक्षिण अफ्रीका भेजा गया। आयोग ने कहा कि न तो ईवीएम साउथ अफ्रीका भेजी गई है और न ही वहाँ पर ईवीएम का इस्तेमाल होता है। दक्षिण अफ्रीका के निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर राष्ट्रीय और प्रांतीय चुनावों की बुकलेट के जरिए इसका आसानी से पता किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में चुनाव से दो दिन पहले 8 मई को कॉन्ग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की थी कि साउथ अफ्रीका में पूर्व में इस्तेमाल की गई ईवीएम का इस्तेमाल कर्नाटक चुनाव में होने वाला है। पार्टी ने यह आरोप लगाते हुए ईसी से स्पष्टीकरण माँगा था। अब चुनाव आयोग के पोल पैनल ने इस पत्र पर सख्ती से जवाब देते हुए कॉन्ग्रेस को प्रक्रिया समझाई है।

निर्वाचन आयोग ने बताया कि कर्नाटक चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सारी ईवीएम नई हैं। ये बात इंडियन नेशनल कॉन्ग्रेस भी जानती है। आयोग ने कहा कि जब भी ईवीएम आती है तो उस पूरे प्रक्रिया का वीडियोग्राफी होती है और हर पॉलिटिकल पार्टी के लोगों को वहाँ चश्मदीद बनने के लिए बुलाया जाता है। कॉन्ग्रेस बहुत अच्छे से जानती है कि ईवीएम कहाँ से आई हैं।

कॉन्ग्रेस को फटकार लगाते हुए ईसीआई ने कहा कि कॉन्ग्रेस इतने समय से राष्ट्रीय पार्टी है और विभिन्न चुनावों में भाग लिया है, उनसे तो कम से कम उम्मीदा की जाती है कि उन्हें ईसीआई के प्रोटोकॉल्स के बारे में पता होगा। आयोग ने बताया कि न केवल प्रतिनिधियों को बुलाकर दिखाया जाता है कि ईवीएम आई कहाँ से, बल्कि उन्हें ईवीएम की यूनिक आई़डी की लिस्ट भी दी जाती है। इतना ही नहीं उसे असेंबल करने से पहले उसे रैंडम चेक किया जाता है। उसे चालू किए जाने के बाद फिर उसे पार्टी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में चेक किया जाता है।

अपने पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा कि उन्होंने जितने एसओपी बताए उन सबको कर्नाटक चुनाव के समय फॉलो किया गया और जहाँ तक उनके पास रिकॉर्ड है इस पूरे प्रोसेस में कॉन्ग्रेस के प्रतिनिधि मौजूद थे। ईसीआई ने इतनी पारदर्शिता के बाद भी कॉन्ग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर उन्हें फटकारा और कहा कि सूत्रों के हवाले से ये कहना कि ईवीएम साउथ अफ्रीका में इस्तेमाल हुई, बहुत हैरान करने वाला है।

चुनाव आयोग ने कहा कि विभिन्न सूत्रों का नाम लेकर फैलाई गई खबर का कोई औचित्य नहीं है, जो कॉन्ग्रेस को जानकारी के तौर पर दी गई। ऐसे में पार्टी को पता करना चाहिए ये झूठ किसने कैसे फैलाया ताकि पार्टी की साख पर आँच न आए। आयोग ने कहा कि वो उम्मीद करते हैं झूठी खबर फैलाने वाले सूत्र के एक्शन लेकर इस बारे में कमीशन को 15 मई 2023 को 5 बजे से पहले बताया जाएगा।

कर्नाटक प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को ईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने लेटर भेज बताया कि आयोग के निर्देशों के मुताबिक जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला स्तर पर एफएलसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को एफएलसी ओके ईवीएम और वीवीपीएटी की सूची की फोटोकॉपी दी जाती है। लेटर के अनुसार हैदराबाद से ईसीआईएल द्वारा नव निर्मित ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग ही इस चुनाव में किया गया है।

बेटी के साथ छेड़खानी होने पर हिंदू पिता ने उठाई आवाज, इस्लामी कट्टरपंथियों ने सिर कलम करके की हत्या: पाकिस्तान की घटना, कोई गिरफ्तार नहीं

पाकिस्तान में हिंदुओं को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। यहाँ के सिंध प्रांत में बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर इस्लामी कट्टरंथियों ने गला काटकर हिंदू व्यक्ति की हत्या कर दी। मृतक की पहचान अलमख भील के रूप में हुई।

रिपोर्ट्स में पाकिस्तान अनटोल्ड के हवाले से कहा गया है कि घटना सिंध प्रांत के संघार जिले के शाहदादपुर की है। जहाँ, कुछ मुस्लिम युवकों ने अलमख भील की बेटी के साथ छेड़खानी की थी। इस छेड़खानी के बाद आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए अलमख ने हिंदू संगठन पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद (PDI) से सहायता माँगी थी। इसके बाद मंगलवार (9 मई 2023) को मुस्लिम युवकों ने सिर कलम कर अलमख भील की हत्या कर दी।

फिलहाल इस मामले में, पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़की आरोपितों की पहचान नहीं कर सकी है। बता दें कि पाकिस्तान स्थित हिंदू संगठन PDI हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्मांतरण को लेकर लगातार विरोध करता रहा है। यह हिंदू संगठन पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत में काफी सक्रिय है।

पाकिस्तान में प्रताड़ित हैं हिंदू…

गौरतलब है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर आए दिन हमले होते हैं। हालाँकि कुछ खबरें ही दुनिया के सामने आ पाती हैं। इससे पहले 30 मार्च 2023 को पाकिस्तान के कराची में हिंदू डॉक्टर बीरबल गेनानी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने क्लीनिक से घर लौट रहे थे इसी दौरान हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसा दीं। इस घटना पर पुलिस ने टारगेट किलिंग का संदेह जताया था।

इसी तरह 7 मार्च 2023 को भी पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मशहूर डॉक्टर धर्म देव राठी की उनके ड्राइवर ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। वह अपने घर में मृत पाए गए। घटना उस वक्त हुई थी, जब डॉ. धर्म देव राठी अपने क्लीनिक से घर लौट रहे थे। इस दौरान किसी बात को लेकर उनके ड्राइवर हनीफ और डॉ. राठी के बीच बहस हो गई। इस बहस के बाद घर पहुँचते ही हनीफ ने चाकू से हमलाकर राठी की हत्या कर दी और फिर फरार हो गया। इस घटना में रसोईया दिलीप ठाकुर भी घायल हुआ था। बाद में पुलिस ने आरोपित हनीफ को गिरफ्तार कर लिया था।

एलन मस्क नहीं रहेंगे ट्विटर CEO, 6 हफ्तों में मिलेगी नई बॉस: कहा- महिला संभालेगी कमान, लिंडा याकारिनो के नाम के चर्चे

ट्विटर खरीदकर उसमें कई तकनीकी बदलाव करने के बाद अब एलन मस्क ने ऐलान किया है कि वो सोशल मीडिया साइट का सीईओ पद कुछ दिन में छोड़ देंगे। 12 मई को किए अपने ट्वीट में एलन मस्क ने बताया कि उन्होंने ट्विटर के लिए एक नई सीईओ नियुक्त कर ली है जो 6 हफ्ते बाद ज्वाइन करेंगी।

उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “मुझको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैंने ट्विटर के लिए नई सीईओ नियुक्त कर ली है। वह छह सप्ताह में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी।” उन्होंने लिखा, “मैं सीईओ के पद से इस्तीफा देने जा रहा हूँ। अब ट्विटर के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी के रूप में काम करूँगा।” मस्क ने जानकारी दी है कि पद से इस्तीफा देने के बाद भी वह उत्पादों और सॉफ्टवेयर की देखरेख करते रहेंगे।

बता दें कि एलन मस्क ने यह बात शुरू में भी बताई थी कि वह ट्विटर पर शीर्ष पर बने नहीं रहने वाले। अब उन्होंने इसे लेकर घोषणा भी कर दी है। मस्क ने भले ही नए सीईओ का नाम नहीं बताया है मगर कुछ रिपोर्ट्स में नए सीईओ के तौर पर कॉमकास्ट एनबीसी यूनिवर्सल की टॉप सेल्स एक्जिक्यूटिव लिंडा याकारिनो का नाम सामने आ रहा है। कहा ये भी जा रहा है कि इस पद के लिए लिंडा लगातार प्रयासों में लगी थीं।

ट्विटर के शीर्ष में बदलाव की जानकारी के अलावा गुरुवार को ही ट्विटर ने मैसेज सुविधा की सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए एन्क्रिप्टेड डीएम का फीचर लॉन्च किया था। इससे पहले ट्विटर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेज को सपोर्ट नहीं करता था। ट्विटर ने इस नए फीचर के साथ कुछ लिमिटेशन भी तय की हैं। कंपनी ने कहा कि केवल वेरीफाइड यूजर्स ही इस फीचर का इस्तेमाल चैट में कर सकते हैं। अभी वाली ट्विटर ऐप का अपडेट इस एन्क्रिप्टेड ग्रुप मैसेज को सपोर्ट नहीं करता।

चुम्मा लेने के लिए जगह चाहिए, BBC का ₹99 में ‘कपल्स केबिन’ का ऑफर: इंदौर के कैफे का विज्ञापन वीडियो वायरल, केस

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कैफे का विज्ञापन सोशल मीडिया पर वायरल है। लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और विरोध शुरू कर दिया। विज्ञापन में कैफे संचालक दीपेश जैन प्रेमी जोड़ों को प्राइवेट केबिन देकर किस करने की जगह देने का पैगाम दे रहा था। लोगों के विरोध के बाद पुलिस ने कैफे संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल संचालक दीपेश फरार है।

रिपोर्टों के मुताबिक कैफे संचालक ने कैफे में केबिन बनवाए हुए हैं। इन्हीं कैबिन को किराए पर देने के ऑफर पर बवाल मचा हुआ है। कैफे का नाम बीबीसी कैफे है जो इंदौर के छत्रीपुरा थाने के पास स्थित है। कैफे के वायरल विज्ञापन के अनुसार प्रेमी जोड़े यहाँ 99 रुपए प्रति घंटे की दर से प्राइवेट केबिन बुक कर सकते हैं। दीपेश जैन ने कलाकारों द्वारा इस विज्ञापन की शूटिंग करवाई थी। इसके बाद वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपलोड कर दिया था।

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि नौजवानों में अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि कैफे में पहले से ही कपल्स को विशेष सुविधाएँ दी जाती थीं। बताया तो यह भी जा रहा है कि इंदौर में कई ऐसे कैफे हैं जहाँ कपल्स को एकांत दिया जाता है।

वीडियो का क्यों हो रहा है विरोध?

वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि एक लड़का-लड़की सार्वजनिक जगह पर बैठे हुए हैं। लड़की, लड़के को अश्लील इशारा करती है और कहती है कि अब वे किस कर सकते हैं। इसके बाद दोनों किस करने के लिए एकांत तलाशने लगते हैं। दोनों एक लिफ्ट में जाते हैं, लेकिन वहाँ कोई और आ जाता है। फिर दोनों ऑटो में सवार होते हैं, यहाँ भी ऑटो ड्राइवर उन्हें देखता रहता है। इसी बीच लड़की को कैफे के बारे में जानकारी मिलती है। जहाँ सिर्फ 99 रुपए में एक प्राइवेट केबिन मिलता है। लड़की अपने साथ लड़के को कैफे की तरफ ले जाती है। इसी वीडियो को लोग अश्लीलता को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं।

कहीं बंदूक के बल पर निकाह-कहीं दोस्त से करवाया रेप, किसी पर इस्लाम कबूलने का दबाव-किसी को दुबई में बनाया मुस्लिमः चार राज्य-4 हिंदू युवती, पीड़ा एक जैसी

फिल्म द केरल स्टोरी (The Keral Story) ने गैर मुस्लिम लड़कियों के इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को चर्चा में ला दिया है। पर ऐसा नहीं है कि खतरा केवल केरल तक सीमित है। हर जगह हिंदू लड़कियाँ लव जिहादी का शिकार हो रहीं हैं। हरियाणा में किसी से बंदूक के बल पर निकाह किया जा रहा है तो बिहार का मोहम्मद तालिक उत्तर प्रदेश की लड़की का दुबई में धर्मांतरण करवाता है और फिर छोड़ देता है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर का अमन शाह हिंदू पहचान रखकर लड़की फँसाता है तो यूपी के आगरा की लड़की को उसकी मुस्लिम सहेली इस ट्रैप में धकेल देती है।

ग्वालियर: हिंदू बनकर प्यार फिर इस्लाम कबूलने का दबाव

ग्वालियर में अमन शाह ने अमन वाल्मिकी नाम रखकर हिंदू लड़की से दोस्ती की। फिर शादी का झाँसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा। लड़की ने दूरी बनाने की कोशिश की। पर अमन शाह ने पीछा नहीं छोड़ा। आरोप है कि उसने लड़की के साथ मारपीट की। एक मुस्लिम सहेली के जरिए उसका ब्रेनवॉश करवाने की कोशिश की। बात नहीं बनी तो उसने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता ने कंपू थाना में शिकायत दर्ज कराई है। अमन को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आगरा: अरमान ने दोस्तों से रेप करवाया

आगरा की एक हिंदू युवती की दोस्ती फिरोजाबाद के अरमान से उसकी मुस्लिम सहेली ने करवाई। युवती की माँ को जब इसका पता चला तो बेटी को समझाने की कोशिश की। माँ की फटकार से नाराज युवती घर छोड़कर चली गई। अरमान ने युवती के साथ शादी कर ली और हिंदू बनकर किराए के मकान मे रहने लगा। कुछ दिन बाद अरमान के दोस्त भी उससे दुष्कर्म करने लगे। विरोध करने पर युवती के साथ मारपीट की जाती। बुधवार (10 मई 2023) को पुलिस ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

UP की लड़की-बिहार का लड़का, दुबई में धर्मांतरण

बिहार के मोतिहारी के तुरकौलिया थाना क्षेत्र के सेमरा बेलवतिया के मोहम्मद तालिक ने नोएडा में पढ़ाई के दौरान एक युवती को प्रेम जाल में फँसाया। युवती यूपी के बुलंदशहर की रहने वाली है। दोनों के बीच दोस्ती हुई। तालिक साल 2018 में दुबई चला गया। साल 2019 में युवती भी दुबई पहुँच गई। धर्मांतरण के बाद उसने युवती से निकाह कर लिया। युवती इसके बाद इलाज के सिलसिले में नोएडा लौटी। साल 2022 में जब वह दुबई पहुँची तो तालिक गायब था। संपर्क करने की कोशिश पर युवती को जान से मारने की धमकी दी। मामला तब खुला जब तालिक की तलाश में लड़की उसके मोतिहारी के घर पहुँच गई। तालिक के परिजनों को हिरासत में लेकर बिहार पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

रेवाड़ी: प्रेम बनकर फँसाया, बंदूक के बल पर निकाह

हरियाणा के रेवाड़ी में मौसम खान ने प्रेम बनकर धारूहेड़ा की लड़की से दोस्ती की। 18 नवंबर 2020 को उसने लड़की को भगाया और हरिद्वार पहुँच गया। यहाँ उसने लड़की के साथ दुष्कर्म किया। 20 नवंबर को ताहिर खान, समेत कई लोगों ने लड़की का अपहरण कर लिया और उसे नूँह के ऊटोन गाँव ले गए। यहाँ युवती का जबरन धर्म बदला गया और प्रेम बने मौसम खान के साथ बंदूक के बल पर निकाह करवाया गया। पीड़िता को घर में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान मौसम खान के छोटे भाई ने भी उसके साथ कई बार दुष्कर्म भी किया। करीब 3 साल तक प्रताड़ित होने के बाद मौका देखकर पीड़िता भागने में कामयाब हुई। मौसम खान और उसके परिजनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद का मिसाइल कमांडर और उसका डिप्टी ढेर, इजरायल पर गाजा पट्टी से दागे 547 रॉकेट

इजयराल और फिलिस्तीन के बीच जारी विवाद में गाजा पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक हुई। इस दौरान इस्लामिक जिहाद की रॉकेट ईकाई का टॉप कमांडर अली हसन उर्फ अबु मुहम्मद समेत 25 से 27 लोग मारे गए। टॉप कमांडर के मारे जाने के बाद गाजा पट्टी की ओर से इजरायल पर 547 रॉकेट दागे गए। खबर है कि इनमें से 368 रॉकेटों ने सीमा पार किया जबकि बाकी बचे गाजी में ही गिर गए।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, फिलिस्तीन के आतंकी संगठन के 4 लोग अब तक बमबारी में मारे जा चुके हैं। अली हसन गली की मौत गुरुवार को हुई। इस संबंध में इजरायल डिफेंस फोर्स ने ट्वीट करके जानकारी दी कि उन्होंने अली गली को को निशाना बनाया था। उसके अलावा गाजा के दो अन्या इस्लामिक जिहाद ऑपरेटिव मारे गए हैं।

कुछ देर पहले इजरायल डिफेंड फोर्स के ट्वीट के मुताबिक उनकी एयरस्ट्राइक में अबू डेका भी मारा गया। वह इस्लामिक जिहाद की रॉकेट फोर्स का डिप्टी कमांडर था। इजरायल की जनता पर पिछले दिनों हुई बमबारी में उसका हाथ था।

गाजा में फिलिस्तीनी मंत्रालय के अनुसार जो 25-27 लोग मारे गए उनमें से 15 की मौत 11 मई को हुई, 7 की 10 मई को और 3 की पिछले हफ्ते। इन मौतों के अलावा बताया जा रहा है कि गाजा पर शुरू हुई एयरस्ट्राइक के बाद 76 लोग घायल हुए हैं। इजरायल की डिफेंस फोर्स ने आतंकवाद को सबके लिए खतरा बताया हुए लिखा कि इस्लामिक जिहाद द्वारा लॉन्च किए गए रॉकेटों में से 25% गाजा में ही गिर गए थे, इस वजह से वहाँ की जनता भी चोटिल हुई।

गौरतलब है कि गाजा पर एयरस्ट्राइक के दौरान जो कमांडर मारा गया उसे रॉकेट चलाने का 20 साल का अनुभव था। मरने से पहले उसे अल कुद्स ब्रिगेड की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 1975 में पैदा हुआ अली हसन गली 90 के दौर में इस्लामिक जिहाद से जुड़ा था। वो न केवल रॉकेट लॉन्च करने की ट्रेनिंग आतंकियों को देता था बल्कि खुद भी रॉकेट लॉन्चर बनाता था। उसे मारने के बाद आईडीएफ ने उसकी फोटो जारी की है। साथ ही आतंकियों को निशाना बनाने वाली कुछ वीडियोज भी शेयर की हैं।