Home Blog Page 1830

बेंगलुरु में 10km तक गूँजे ‘मोदी-मोदी’ के नारे, ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत: कर्नाटक में PM का लगातार दूसरे दिन रोड शो, 28 सीटों पर पड़ेगा असर

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन बेंगलुरु में रोड शो किया। 10 किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान पीएम मोदी का स्वागत मोदी-मोदी के नारे और फूलों की बारिश के साथ हुआ। इससे पहले शनिवार (6 मई 2023) को भी PM ने बेंगलुरु में करीब 26 किलोमीटर लंबा रोड शो किया था।

दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार अब अंतिम दौर में है। ऐसे में पार्टियाँ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच बनाने की कोशिश कर रहीं हैं। इसी सिलसिले में बीजेपी ने ‘नम्मा बेंगलुरु, नम्मा हेम’ (हमारा बेंगलुरु, हमारा गौरव) के नाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो आयोजित किया। यह रोड शो केम्पेगौड़ा स्टैच्यू से शुरू होकर ट्रनिटी सर्कल तक चला। इस रोड शो का असर आसपास की 28 विधानसभा सीटों में पड़ने की संभावनाएँ जताई जा रहीं हैं।

पीएम मोदी के इस रोड शो में सड़क के दोनों ओर भारी भीड़ देखी गई। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में प्रधानमंत्री के लिए जनता का उत्साह देखा जा सकता है। लोगों ने ढोल नगाड़ों, फूलों की बारिश और मोदी-मोदी के नारों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। यही नहीं, PM के इस रोड शो के लिए लोक कलाकारों ने कई तरह के कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। वहीं, कुछ लोग भाजपा का झंडा हाथों में लेकर नाचते हुए भी नजर आए।

रोड शो के बाद जनसभा को संबोधित

इस मेगा रोड शो के बाद PM मोदी शिवमोगा ग्रामीण और बेंगलुरु सेंट्रल में जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद शाम करीब 7 बजे वह नंजनगुड़ के श्री श्रीकंटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लेने पहुँचेगें।

कॉन्ग्रेस पर बोला था हमला

शनिवार (6 मई 2023) को 26 किलोमीटर रोड शो करने के बाद पीएम मोदी ने बादामी में जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि ये चुनाव न वो लड़ रहे हैं, न उम्मीदवार…इसे कर्नाटक की जनता लड़ रही है। पीएम ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था, “कॉन्ग्रेस ने तय किया है कि वो अपनी पुरानी आदतें नहीं छोड़ेगी। वो तुष्टिकरण, तालाबंदी और गाली को ही चुनावी मुद्दा बनाएगी। तुष्टिकरण वोटबैंक का, तालाबंदी बीजेपी की गरीब कल्याण नीतियों पर, गाली OBC और लिंगायत समाज को… कॉन्ग्रेस की इस कूटनीति से पूरा कर्नाटक नाराज है।”

हाई कोर्ट ने रोक लगाने से किया था इनकार

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो पर रोक लगाने के लिए एक याचिका दायर की गई थी। शुक्रवार (5 मई 2023) को हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि भारत में चुनाव त्योहार की तरह होते हैं। साथ ही कोर्ट ने मौखिक रूप से स्पष्ट किया कि कोई अप्रिय घटना होने पर आयोजक जिम्मेदार होंगे। हालाँकि, यह टिप्पणी आदेश का हिस्सा नहीं थी। ज्ञात हो कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सभी 224 सीटों पर 10 मई को मतदान होना है। चुनाव परिणाम 13 मई को सामने आएँगे।

तमिलनाडु के सिनेमाघरों में नहीं दिखाई जाएगी ‘द केरल स्टोरी’: MLA जवाहिरुल्लाह ने CM स्टालिन से की थी बैन की माँग, मध्य प्रदेश में टैक्स-फ्री

एमके स्टालिन (MK Stalin) के नेतृत्व वाली तमिलनाडु की सरकार में लव जिहाद (Love Jihad) पर बनी फिल्म केरला स्टोरी (The Kerala Story) को दिखाने से रोक दिया गया है। इसके लिए राज्य में कानून-व्यवस्था का हवाला दिया। अब यह फिल्म राज्य के सिनेमाघरों में नहीं दिखाई जाएगी।

तमिलनाडु मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने अनाउंस किया है कि वे रविवार (7 मई 2023) से पूरे राज्य में ‘द केरल स्टोरी’ की स्क्रीनिंग रोक दी गई। एसोसिएशन के कहा है कि यह फिल्म ‘लॉ एंड ऑर्डर के लिए खतरा हो सकती है। हालाँकि, यह भी कहा जा रहा है कि राज्य में फिल्म को ठंडा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसलिए एसोसिएशन ने यह फैसला लिया।

तमिलनाडु में नाम तमिलर काची (NTK) ने शनिवार (6 मई 2023) को चेन्नई में ‘द केरल स्टोरी’ की रिलीज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। फिल्म के प्रोड्यूसर, एक्टर और डायरेक्टर के खिलाफ तमिलर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्काईवॉक मॉल के पास विरोध प्रदर्शन किया।

इसके अलावा, मनिथनेय मक्कल काची (MMK) के अध्यक्ष और विधायक एमएच जवाहिरुल्लाह ने गुरुवार (4 मई 2023) को तमिलनाडु की स्टालिन सरकार से इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था। उन्होंने इसे दशहत फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई फिल्म बताया था।

जवाहिरुल्लाह ने कहा था कि फिल्म निराधार दावे करती है और इसे एक विशेष धर्म और एक राजनीतिक विचारधारा का अपमान करने के मकसद से बनाया गया है। उन्होंने माँग की थी कि राज्य सरकार को फिल्म और अन्य ऐसी फिल्मों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, जो दहशत पैदा करने के मकसद से बनाई गई हैं।

बता दें कि ‘द केरल स्टोरी’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की जा रही थी। कुछ लोगों ने इसके लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया।हालांकि, केरल हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

जस्टिस एन नागरेश और जस्टिस सोफी थॉमस की पीठ ने 5 मई 2023 को सुनवाई के दौरान कहा कि फिल्म में इस्लाम या मुस्लिमों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। यह फिल्म आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के बारे में है। पीठ ने कहा, “इस्लाम के खिलाफ क्या है? धर्म के खिलाफ कोई आरोप नहीं है। आरोप आईएसआईएस के खिलाफ है।”

अदालत ने आगे कहा था, “किसी भी याचिकाकर्ता ने फिल्म नहीं देखी है। फिल्म के ट्रेलर को देखकर लगता है कि इसमें किसी समुदाय विशेष के लिए कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।” पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि ऐसी कई फिल्में हैं, जिनमें हिंदू संन्यासियों को तस्कर या बलात्कारी के रूप में दिखाया गया है। हिंदी में भी हैं और मलयालम में भी। कोई विरोध नहीं करता।

इस पर अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि अगर एक गलत की अनुमति दी गई, इसका मतलब ये नहीं कि दूसरे को भी दी जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा, “आप अंतिम समय पर आए हैं।” बता दें कि केरला स्टोरी 5 मई 2023 को देश भर के सिनेमा घरों में रिलीज हुई है।

फिल्म के रिलीज होने के साथ विरोध को देखते हुए केरल के कई जिलों में इसके शो को कैंसिल कर दिया गया। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार (6 मई 2023) को राज्य में इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा की है।

बता दें कि इस फिल्म को देश भर में पसंद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कर्नाटक की एक रैली में इस फिल्म का जिक्र किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जोरदार बिजनेस कर रही है। दो दिन में फिल्म ने देश भर 20 करोड़ रुपए से अधिक का कलेक्शन किया है।

इमरान खान की तुलना कर दी पैगम्बर से…भीड़ ने मंच से खींचकर मौलाना को बेरहमी से मारा: कत्ल के बाद लगाए नारा-ए-तकबीर के नारे, वीडियो वायरल

पाकिस्तान के खैबर प्रान्त में एक राजनैतिक रैली के दौरान एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। 40 वर्षीय मृतक मौलाना बताया जा नाम निगार आलम है। निगार पर आरोप है कि उसने इमरान खान की तुलना पैगम्बर से की थी। इस मॉब लिंचिंग के दौरान मौके पर पुलिस मौजूद थी लेकिन वो भीड़ से मौलाना को बचाने में नाकामयाब रही। क़त्ल के बाद मौलाना की लाश पर नारा-ए-तकबीर और अल्लाह-हू-अकबर के नारे भी लगे। घटना शनिवार (6 मई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के समय रात में पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की एक रैली हो रही थी। इस रैली में PTI कार्यकर्ता अपने मुखिया इमरान खान का समर्थन कर रहे थे। इसी दौरान मौलाना निगार आलम ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री की शान में कसीदे गढ़ने शुरू कर दिए। निगार से कहा कि वो इमरान खान की ईमानदारी के इतने कायल हैं कि उनका सम्मान एक पैगम्बर की तरह करते हैं। अपने बयान के बाद निगार सभा में आए अन्य लोगों से बात करने में व्यस्त हो गए।

मर्दन इलाके में हो रही इस बीच उसी रैली में शामिल कुछ लोग मौलाना निगार की बयानबाजी से भड़क गए। उन्होंने अपने साथ कई अन्य लोगों को भी भड़का दिया। इसी के बाद एक भीड़ निगार खान को पीटने के लिए आगे बढ़ी। मौके पर मौजूद पुलिस वालों ने जब हमलावरों को रोकना चाहा तो भीड़ और ज्यादा भड़क गई। अल्लाहु अकबर और नार-ए-तकबीर का नारा लगाते हमलावरों ने मौलाना निगार को बेरहमी से पीटा। मौत के बाद भी उनकी अर्धनग्न लाश पर लोग लाठियाँ बरसाते रहे। मौलाना की लाश को भी घसीटा गया। इस हिंसा का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक मृतक पर हमले के लिए देवबंदी विचारधारा के मौलवियों ने लोगों को उकसाया। शुरुआत में उन्होंने मौलाना पर ईशनिंदा के तहत FIR दर्ज करने की माँग की थी। बताया यह भी जा रहा है कि मृतक ने उसी दिन PTI ज्वाइन की थी और पहले ही दिन उसकी हत्या कर दी गई।

‘राहुल गाँधी कर्नाटक को दे रहे गारंटी…उनकी गारंटी कौन लेगा?’: असम के CM सरमा ने कसा तंज, बोले- सोनिया गाँधी 20 सालों से उनके लिए अकेले लड़ रहीं

कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election 2023) के लिए प्रचार करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Assam CM Himanta Biswa Sarma) ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी (Congress Leader Rahul Gandhi) पर निशाना साधा है।

सीएम सरमा ने मंगलुरु की एक रैली में रविवार (7 मई 2023) को बोलते हुए कहा कि राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए उनकी माँ सोनिया गाँधी (Sonia Gandhi) पिछले 20 वर्षों से संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी कर्नाटक के लोगों को गारंटी दे रहे हैं। उनकी गारंटी कौन देगा।

असम के मुख्यमंत्री ने कहा, “राहुल गाँधी कर्नाटक की जनता को गारंटी दे रहे हैं, लेकिन राहुल गाँधी की गारंटी कौन लेगा… राहुल गाँधी को खड़ा करने के लिए सोनिया गाँधी पिछले 20 साल से अकेले लड़ रही हैं। अब यह शख्स (राहुल गांधी) कर्नाटक आकर लोगों को गारंटी दे रहा है?”

सरमा ने कहा की अमेठी के लोग अभी भी सोच रहे हैं कि कैसे उन्होंने हर बार एक परिवार को चुना और एक बार हारने के बाद वे वहाँ से निकल गए। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी पिछले पाँच साल से अमेठी नहीं गए हैं। उन्होंने रैली में आई जनता से पूछा, “क्या आप उस व्यक्ति की गारंटी ले सकते हैं, जो अपनी गारंटी नहीं ले सकता है।”

उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एक जगह कुछ और बोलते हैं और दूसरी जगह जाकर कुछ और बोलते हैं। सीएम सरमा ने कहा कि उनकी माँ सोनिया गाँधी भी राहुल गाँधी को लेकर अब चिंतित रहती हैं। बता दें कि कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव होने वाला है और 13 मई को परिणाम जारी किया जाएगा। 

असम के सीएम सरमा ने आगे कहा कि जब PFI पर प्रतिबंध लगाया गया था तो कई दलों ने इसकी निंदा की थी। कॉन्ग्रेस अपनी ‘धर्मनिरपेक्षता’ के चलते निंदा नहीं कर पाई तो उसने इसकी तुलना बजरंग दल से कर दी। कॉन्ग्रेस नेता सिद्धारमैया पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जब सिद्धारमैया की सरकार थी, तब उन्होंने PFI के खिलाफ मामले वापस लिए और उन्हें जेल से रिहा किया था।

पोर्न साइट पर अपनी अश्लील वीडियो देख 72 साल के बुजुर्ग ने की आत्महत्या: ‘बड़े पापा’ कहने वाली लड़की गिरफ्तार, पुलिस को मोबाइल से मिले कई ‘सेक्स’ वीडियो

असम जोरहाट जिले में पोर्न साइट पर अपनी वीडियो देख कर 72 साल के एक बुजुर्ग ने आत्महत्या कर ली है। वीडियो में बुजुर्ग कॉलेज में पढ़ने वाली एक लड़की के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। मृतक अविवाहित था। आरोप है कि उसे हनी ट्रैप में फँसाया गया था। इस आत्महत्या के बाद गाँव की महिलाओं ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जाँच की जा रही है।

मामला जोरहाट जिले के गाँव ढेकेलिया का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपिता का नाम दर्शना भराली है। अरोपिता बुर्जुग को बड़े पापा कह कर बुलाती थी। आरोप है कि उसने 72 वर्षीय बुजुर्ग को अपने घर तब बुलाया था जब वो अकेली थी। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वभाव से सीधा-साधा बुजुर्ग लड़की की बातों में आकर उसके घर चला गया। इसके बाद लड़की ने बुजुर्ग को अपनी बातों में सेक्स के लिए फँसाया। लड़की ने इस घटना का चुपके से वीडियो भी बना डाला था।

ग्रामीणों का आरोप है कि दर्शना ने बुजुर्ग को सिर में दर्द की दवा के बहाने नशे की गोलियाँ दे दी थीं जिस से मृतक को अपने साथ हो रही घटना का एहसास भी नहीं हुआ। दावा इस बात का भी किया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले मृतक ने ग्रामीणों को अपनी परेशानी बताई थी। तब उन्होंने काह था कि दर्शना उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। आखिरकार बुजुर्ग का वीडियो पोर्न साइट पर अपलोड कर दिया गया। इस बात से आहत हो कर बुजुर्ग ने अपनी जान दे दी। मौत के बाद पुलिस को मृतक के मोबाइल से उसका अश्लील वीडियो मिला है।

घटना की जानकारी होने पर ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने दर्शना पर कार्रवाई की माँग को ले कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जाँच में लड़की के कुछ अन्य लोगों के साथ भी सेक्स के वीडियो बरामद हुए हैं। लड़की जिस कॉलेज की छात्रा है वहाँ पढ़ने वाले एक छात्र के साथ भी उसकी अश्लील वीडियो मिली थी। तब लड़की ने छात्र पर ही अपने वीडियो को लीक करने का आरोप लगा दिया था। हालाँकि छात्र ने अपनी सफाई में खुद को दर्शना द्वारा फँसाए जाने की बात कही थी। कुछ ग्रामीणों का ये भी मानना है कि लड़की पढ़ने में काफी तेज है। उन्होंने आशंका जताई कि कोई दर्शना को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

पहलवानों के समर्थन में जुटे खाप और किसान नेता: पीएम मोदी और सांसद बृजभूषण का पुतला फुँकने का किया ऐलान, जंतर-मंतर से बॉर्डर तक सुरक्षा कड़ी

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ धरने पर बैठे पहलवानों के समर्थन में रविवार (7 मई 2023) को जाट समुदाय की खाप पंचायतें दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुँची। इसके अलावा, राकेश टिकैत भी समर्थन में आए हैं। हालात को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा को कड़ा कर दिया है।

टिकैत की नेतृत्व वाली संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी घोषणा की है कि पहलवानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हजारों किसान जंतर मंतर जाएँगे। टिकैत के साथ दर्शन पाल और हनन मुल्ला जैसे SKM के नेता भी मौजूद हैं। इसके अलावा, भारतीय किसान मोर्चा उगराहां के नेता भी पहलवानों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुँचे हैं।

इसको देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी क्षेत्र की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। दिल्ली पुलिस ने विरोध स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों में रेत से भरे डंपिंग ट्रकों के साथ सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा जाँच और गश्त बढ़ाने के साथ-साथ दंगा नियंत्रण दल को भी तैनात किया है।

इस दौरान किसान नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पुतले जलाने की भी घोषणा की है। बीकेयू उगराहां के किसान नेता जोगिंदर उगराहां ऐलान किया है कि उनका संगठन 11 मई से 18 मई के बीच देश भर में मोदी सरकार और बृजभूषण की अर्थी जलाएगा। उधर, DU जाट एसोसिएशन ने ट्वीट किया, “बहन-बेटियों के सम्मान में खाप पंचायत मैदान में।”

पालम खाप के अध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने जंतर-मंतर पर कहा, “जब तक इन बच्चों (प्रदर्शनकारी पहलवानों) को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। इस विरोध को हम कैसे आगे बढ़ाएँगे, यह आज हम सभी मिलकर तय करेंगे।” किसान नेता अपने साथ महिलाओं का भी जत्था लेकर जंतर मंतर पहुँचे हैं।

उधर, कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अगर उनके खिलाफ यौन शोषण का एक मामला भी साबित हो जाएगा तो वे फाँसी पर लटक जाएँगे। उन्होंने कहा, अगर किसी अन्य महिला या पुरुष पहलवानों से पूछो कि क्या ये बृजभूषण वास्तव में रावण है, क्या ये दुराचारी है।” भाजपा सांसद ने कहा कि मामला दिल्ली पुलिस के विचाराधीन है। इसलिए वे सारी बातों पर वे खुलकर नहीं बोल सकते।

विरोध करने वाले पहलवानों में से एक बजरंग पुनिया ने देश के लोगों से आज शाम 7:00 बजे कैंडल मार्च निकालने की अपील की। ट्वीट कर पुनिया ने कहा, ”…पूरे देशवासियों से अपील है कि भारत की हमारी बेटियों के न्याय की इस लड़ाई में वे पूरे देश में कैंडल मार्च निकालेंगे।”

‘हिन्दू भारत छोड़ो, हिन्दू मकान खाली करो’: बांदा में घर की दीवारों पर लिखे मिले आपत्तिजनक नारे, पुलिस ने अज्ञात लोगों पर की FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कुछ जगहों पर आपत्तिजनक शब्दों से साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया है। दीवालों पर कालिख से ‘हिन्दू को भारत’ छोड़ने की धमकी जैसे शब्द लिखे गए हैं। मामला संज्ञान में आते ही शनिवार (6 मई 2023) को पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। आरोपितों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस मोहल्ले में ये हरकत की गई है वो मुस्लिम बाहुल्य है और वहाँ हिन्दुओं की आबादी काफी कम है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला बांदा जिले के कोतवाली नगर इलाके का है। यहाँ मर्दाननाका क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य माना जाता है। इसी मोहल्ले में रामलाल प्रजापति अपने परिवार के साथ रहते हैं। आरोप है कि शनिवार को उसके घर की दीवाल और पास बने शौचालय पर कुछ लिखा दिखा। पढ़ने पर उसमें लिखा था- ‘हिन्दू भारत छोड़ो’ और ‘हिन्दू घर खाली करो’। कुछ ही देर में मोहल्ले वाले वहाँ जुटने लगे। मामले की सूचना पुलिस को मिली तो वो भी तुरंत मौके पर पहुँची।

पुलिस ने दीवाल को साफ़ करवाया और लिखे गए शब्द मिटाए गए। जब इस हरकत की जानकारी हिन्दू संगठनों को मिली तो वो भी मौके पर जमा होने लगे। हिन्दू संगठनों के तमाम कार्यकर्ताओं ने पुलिस ने केस दर्ज कर के कड़ी कार्रवाई की माँग की। उन्होंने प्रशासन से मर्दाननाका इलाके में रहने वाले हिन्दुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने को कहा। वहीं बांदा पुलिस ने खुद वादी बनते हुए मामले में अज्ञात लोगों FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

बांदा पुलिस के एडिशनल एस पी के मुताबिक मौके पर सभी अधिकारी पहुँचे हैं और केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि आरोपित की पहचान कर के कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

टेक्सास के मॉल में घुसा बंदूकधारी, बच्चों से लेकर बुजुर्गों पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई: 9 की मौत, 7 घायल… पुलिस कार्रवाई में हुआ ढेर

अमेरिका के टेक्सास में एक बार फिर गोलीबारी की घटना हुई है। इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान एक हमलावर भी मारा गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना एलन प्रीमियम आउटलेट्स मॉल की है। यहाँ दोपहर साढ़े 3 बजे के आसपास अंजान शख्स ने अचानक आकर गोली चलानी शुरू कर दी। हमले में गोली का शिकार बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हुए। पुलिस ने हमले में शामिल एक हमलावर को मार गिराया है और दूसरे संदिग्ध की तलाश जारी है।

कुछ वीडियोज हैं जिनमें हमलावर को गाड़ी से उतर मॉल में घुसते और लोगों पर गोलीबारी करते देखा जा सकता है। कथिततौर पर वह मॉल में 3 दर्जन से ज्यादा बार फायरिंग करता है कि तभी मॉल के पास वाले एक इलाके में पुलिस अधिकारी को गोलीबारी सुनाई पड़ती है। वह फौरन अन्य पुलिसकर्मियों को सूचित करता है और मौके पर पहुँचकर अधिकारी हमलावर को मार गिराते हैं।

हमलावर को मारे जाने तक वह 9 लोगों को मौत के घाट उतार चुका था। वीडियोज में लोगों को मॉल से भागते हुए देखा जा सकता है। वहीं एक दर्दनाक वीडियो सामने आई है जिसमें हमलावर द्वारा मारे गए लोगों की बॉडी एक किनारे पड़े नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि हमलावर ने हमला करने के दौरान ये कहा कि हर गोरा आदमी मरना चाहिए।

गौरतलब है कि टेक्सास में गोलीबारी की यह पहली घटना नहीं है। साल 2019 में टेक्सास के एक शॉपिंग मॉल में भारी गोलीबारी की घटना में 20 लोगों के मारे जाने की खबर आई थी। साथ ही 26 लोग घायल हुए थे। गोलीबारी की यह घटना अल पासो इलाके के सीएलो विस्ता मॉल में हुई थी। रिपोर्ट्स में बताया गया कि मॉल में कई हमलावर थे। इसके अलावा साल 2022 में भी टेक्सास में 18 साल एक युवक ने AK-47 से अपनी दादी को गोली मारी थी। फिर स्कूल पहुँचकर अंधाधुंध फायरिंग की थी। 

‘साले…सिपाही हो न…गाली देने का मन करता है तुम लोगों को’ : मैनपुरी की जेल अधीक्षिका का वीडियो वायरल, DG ने दिए जाँच के आदेश

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की जेल सुपरिटेंडेंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जेल सुपरिटेंडेंट का नाम कोमल मंगलानी है। वायरल वीडियो में कोमल अपने अधीनस्थ स्टाफ को गंदी-गंदी गालियाँ देती सुनाई दे रहीं है। DG जेल ने शनिवार (6 मई 2023) को वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले में जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं अपनी सफाई के रूप में कोमल मंगलानी ने खुद को निर्दोष बताते हुए वीडियो को काट-छाँट कर वायरल करने का आरोप लगाया है।

यह वीडियो आंबेडकर जयंती के दिन हुए कार्यक्रम का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में जेल अधीक्षिका कोमल मंगलानी हाथ में माइक ले कर एक मंच पर खड़ी दिखाई दे रहीं हैं। उनके पीछे एक पोस्टर लगा हुआ है। पोस्टर में जिला कारगर मैनपुरी परिसर लिखा हुआ है। इसके नीचे बड़े-बड़े शब्दों में ‘संविधान शिल्पी व महान समाज सुधारक भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर’ लिखा दिखाई दे रहा है। इसी पोस्टर में डॉ अम्बेडकर का बड़ा सा फोटो लगा हुआ है। मंच पर भगवान बुद्ध और डॉ अम्बेडकर के चित्र भी रखे हुए हैं जिस पर माल्यार्पण किया गया है।

वीडियो में सामने मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए अचानक ही कोमल मंगलानी गालियाँ देने लगीं। उन्होंने कहा, “बहन… कौन है ये। कौन बात कर रहा है वहाँ पे? साले तेरे को समझ में नहीं आ रहा है ? बुला इसको।” इस दौरान जेल सुपरिंटेंडेंट ने किसी यादव का नाम लिया। कोमल यहीं नहीं रुकी। उन्होंने आगे कहा, “गाली देने का मन करता है तुम लोगों को। इतनी वाहियात किस्म की श्रेणी है ये। मुफ्त का खाना खाने आए हैं। मुफ्त का खाना खा कर चले जाएँगे। इतनी सोच है हमारी। सिपाही हैं न, इतना ही सोच सकते हैं।”

DG ने दिए जाँच के आदेश

वायरल वीडियो का उत्तर प्रदेश के DG जेल ने संज्ञान लिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कोमल मंगलानी पर जाँच बिठाए जाने की जानकारी दी है। जेल अधीक्षिका सहारनपुर अमिता दुबे को जाँच कर के रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कार्यक्रम में जेल अधीक्षिका चंदा न मिलने से नाराज थीं। बताया जा रहा है कि सामने मौजूद स्टाफ से जेल अधीक्षक ने यह भी कहा कि 50, 100 रुपए तो आप बंदी को थप्पड़ मार कर ले लेते हैं पर बड़े शर्म की बात है कि जिन्होंने हमारे संविधान के लिए इतना कुछ किया उनके लिए आपके पास पैसे नहीं है।

बढ़ा विवाद तो दी सफाई

हालाँकि वायरल हो रहे वीडियो पर जेल अधीक्षिका कोमल मांगलानी का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। कोमल ने वीडियो को एडिटेड बताया है।

वर्दी में बनाई हैं रील्स

जेल अधीक्षिका कोमल मंगलानी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ वीडियो भी साझा की हैं जिसमें एक रील वर्दी पहनते हुए म्यूजिक मिक्सिंग के साथ है। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में वर्दी वालों द्वारा रील्स बनाए जाने पर काफी विवाद खड़ा हुआ था।

फ़िलहाल सोशल मीडिया पर कोमल मंगलानी का वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। कई नेटीजेंस जेल अधीक्षिका के शब्दों को आपत्तिजनक बताते हुए कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

सपा सांसद हाथ जोड़ घिघिया रहे थे… मुख्तार अंसारी पत्रकार को मार रहा था: ओसामा बिन लादेन मानते थे उसके गुर्गे, था वो गोतस्कर

कभी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत का सबसे बड़ा नाम लेकिन सफेदपोश माफिया मुख़्तार अंसारी फिलहाल जेल की सजा काट रहा है। उसे सजा हुई है भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड केस में। 44 सालों का आपराधिक इतिहास और उम्र के लगभग बराबर केसों में नामजद इस माफिया की तमाम सुनी-अनसुनी बातों की पड़ताल करने हम अप्रैल के अंतिम व मई के पहले सप्ताह में गाजीपुर, मऊ, चंदौली और वाराणसी जिलों में रहे।

इस दौरान मऊ के स्थानीय निवासी और भाजपा नेता गणेश सिंह ने हमें मुख़्तार अंसारी का एक ऐसा वाकया सुनाया, जिसमें उसके द्वारा पत्रकारों पर जुल्म किया गया था। गणेश सिंह ने इसी बातचीत में मुख़्तार अंसारी के दयावान, धर्मनिरपेक्ष और गरीबों का मसीहा आदि होने की वामपंथी मीडिया के दावों की पोल भी खोली।

मुख्तार ही मऊ दंगों का गुनहगार

2005 दंगों में मुख़्तार की भूमिका पर किए गए सवाल के जवाब में गणेश सिंह ने मुख़्तार अंसारी को ही दंगों का मुख्य गुनहगार बताया। गणेश सिंह ने कहा, “पहले भी मऊ में दंगे हुए थे लेकिन 2005 का दंगा उसी (मुख़्तार अंसारी) की ही वजह से हुआ था। तब मऊ के मुसलमानों को लगा था कि ये एक बड़ा मसीहा है। ये उत्तर प्रदेश और मऊ के लिए ओसामा बिन लादेन बन कर आया है।”

मऊ दंगों के दौरान मुख़्तार अंसारी के जिप्सी पर बैठ कर गोली चलाने के वीडियो को गणेश सिंह ने तत्कालीन प्रशासन के लिए खुली चुनौती बताया।

गो तस्करी करवाता था मुख़्तार

मुख़्तार अंसारी को धर्मनिरपेक्ष छवि का आदमी बताने वाली कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को गणेश सिंह ने हास्यास्पद बताया। उनके अनुसार मुख़्तार अंसारी गोतस्करी का संरक्षक था। उन्होंने बताया कि मांस की बिक्री मऊ और मुख़्तार अंसारी के गृह क्षेत्र गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से हुआ करती थी।

पत्रकारों को भी पीटा था बेरहमी से

एक अन्य वाकये का जिक्र करते हुए गणेश सिंह ने बताया कि मुख़्तार अंसारी के कहर के शिकार पत्रकार भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि PWD ऑफिस में उसके द्वारा हुई ठेकेदारों की पिटाई का वीडियो बना रहे पत्रकारों को राइफल की बट से पीटा गया था। उदहारण के लिए गणेश सिंह ने पत्रकार द्वारका गुप्ता का नाम लिया। बकौल गणेश सिंह पत्रकार द्वारका गुप्ता अब इस दुनिया में नहीं हैं।

उन्होंने बताया, “पत्रकार द्वारका ने हिम्मत करके उसका (मुख़्तार) का हाथ पकड़ लिया था। इसके बाद मुख़्तार ने 24 घंटे तक द्वारका गुप्ता को बंधक बनाए रखा। इस दौरान तत्कालीन समाजवादी पार्टी सांसद चंद्रदेव राजभर और सपा के ही जिला पंचायत अध्यक्ष रामभवन होटल माधव में 24 घंटे तक हाथ जोड़ कर घिघियाये कि पत्रकार को छोड़ दो पर मुख़्तार नहीं माना। वहीं बगल में SP ऑफिस और कोतवाली थी। जब मुख़्तार द्वारका को पीट कर अघा गया, तब उन्हें छोड़ा।”

मुख़्तार अंसारी समाजसेवक नहीं, लूटेरा था

कुछ वामपंथी मीडिया संस्थानों द्वारा मुख़्तार अंसारी को लेकर छापी और दिखाई जाने वाली गरीबों की मदद जैसी खबरों को स्थानीय निवासी गणेश सिंह ने निराधार बताया।

गणेश सिंह ने बताया कि मुख़्तार ने सिर्फ अपने अपराध में शामिल साथियों की मदद की है, जिसे कुछ मीडिया वालों ने समाज की मदद के तौर पर दिखाने का प्रयास किया है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। बकौल गणेश सिंह मुख़्तार अंसारी का काम केवल गरीबों की जमीनों को लूटना और टेंडर आदि क़ब्ज़ाना था।

अब्बास की गिरफ्तारी पर बँटी थीं मिठाईयाँ

गणेश सिंह ने मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को भी अपने अब्बा के नक्शे कदम पर चलने वाला बताया। उन्होंने दावा किया कि चित्रकूट जेल में अब्बास और उसकी बीवी की गिरफ्तारी के बाद मऊ जिले में कई लोगों ने मिठाइयाँ बाँट कर ख़ुशियाँ मनाई थीं।

6 महीने में अधिकारियों का हिसाब-किताब वाली बात को गणेश सिंह ने समाजवादी पार्टी पार्टी के सत्ता में आने की संभावना के चलते बोला जाना बताया। गणेश सिंह ने यह भी बताया कि सपा सरकार में मुख़्तार अंसारी जेल से ही अपना साम्राज्य चलाया करता था और वहीं से सारे अवैध काम करता था।

गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी के कुकर्मों का चिट्ठा खोलने ऑपइंडिया के पत्रकार राहुल पांडेय कई दिनों ग्राउंड पर थे। वहाँ उन्होंने मुख्तार के खौफ की कई कहानियाँ दंगों के चश्मदीदों से जानीं। इस दौरान यह भी पता चला कि कैसे मुख्तार के डर से पुलिस सूअर पकड़ने पानी में घुस जाती थी मगर अपराधी पकड़ने नहीं जाती थी। इसी के साथ उसके अपराध करने के बाद थाने से फाइलों को भी गायब कराने के भी खुलासे हुए हैं। आप लिंक पर क्लिक करके उनकी रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।