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टाइम्स नाऊ की महिला पत्रकार को अंतरिम जमानत: जाति वाले एंगल पर पंजाब पुलिस ने घेरा, जाति वाले एंगल पर ही हाईकोर्ट ने पुलिस को दिया झटका

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर भावना किशोर को अंतरिम जमानत दे दी है। भावना किशोर मामले की सुनवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जाति वाले एंगल पर टिप्पणी की। कोर्ट ने सवालिया लहजे में कहा कि जो पत्रकार बाहर से रिपोर्टिंग करने आई, उसको किसी स्थानीय आदमी की जाति के बारे में कैसे पता चल जाएगा?

टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर भावना किशोर के वकील चेतन मित्तल ने कोर्ट में तर्क दिया कि भावना की गिरफ्तारी गैरकानूनी है। पूरे मामले को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत का आदेश दिया। इस मामले में हालाँकि सोमवार (8 मई, 2023) को रेग्युलर बेल पर सुनवाई होगी।

इससे पहले निचली अदालत ने रिपोर्टर भावना किशोर को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। भावना को 19 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश निचली अदालत ने दिया था।

टाइम्स नाऊ नवभारत की पत्रकार भावना किशोर और पंजाब पुलिस

पंजाब पुलिस ने टाइम्स नाऊ नवभारत की पत्रकार भावना किशोर को हिरासत में लिया था। वजह बताई गई – पत्रकार को एक एक्सीडेंट केस में पुलिस ने पकड़ा। भावना किशोर ने किसी शख्स पर जातिगत टिप्पणी भी की, इसलिए SC-ST एक्ट भी लगाया गया।

भावना की गिरफ्तारी के बाद हालाँकि सोशल मीडिया पर लगातार उनकी रिहाई की माँग उठी। राजनीतिक पार्टियों ने भी पंजाब पुलिस के इस एक्शन को लेकर सवाल उठाए।

गुरु ग्रंथ साहिब की घर में बेअदबी, ‘अंगों’ को टेप से चिपकाया: अमृतसर में सत्कार कमेटी के ‘छापे’ के बाद केस दर्ज, पवित्र ग्रंथ को गुरुद्वारे पहुँचाया गया

पंजाब के अमृतसर की ग्रामीण पुलिस ने धार्मिक भावना आहत करने के मामले में बाज सिंह नामक एक शख्स पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि सत्कार कमेटी की छापेमारी में उसके घर में गुरु ग्रंथ साहिब सरूप के कुछ पृष्ठ फटे मिले।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुच्छल गाँव निवासी व सत्कार कमेटी का नेतृत्व करने वाले बलबीर सिंह ने जब आरोपित बाज सिंह के घर में जाकर देखा तो वहाँ गुरु ग्रंथ साहिब के अंग (पन्ने) फाड़कर रखे हुए थे जिसे बाद में टेप से चिपकाया गया था।

वहीं गुटका (सिखों के भजन की कॉपी) को किसी तरल पदार्थ में भिगो के रखा हुआ था। जब छापे में ये चीजें कमेटी ने देखी तो सिखों के पवित्र ग्रंथ को वहाँ से हटाकर छाबा के बाबा नौध सिंह समध गुरुद्वारे में रखवाया गया।

आरोपित की पहचान बाज सिंह के तौर पर हुई है। उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा 295 के तहत केस दर्ज हैं। वह गुरुवाली गाँव का रहने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, चाटीविंड पुलिस थाने के स्टेशन हाउस अधिकारी अजय पाल सिंह ने इस मामले में बताया कि उन्होंने केस दर्ज करके मामले की जाँच को शुरू कर दिया है। आगे जरूरी कार्रवाई की जाएगी

बोध गाँव के बलबीर सिंह और जसपाल सिंह ने कमेटी के साथ शिकायत दी है कि 8 साल पहले गुरुवाली गाँव में बाज सिंह को घर दिया गया था। लेकिन जब जसपाल सिंह ने उसे वो घर खाली करने को कहा तो उसने ऐसा करने से मना कर दिया। ढाई साल पहले बाज सिंह गुरु ग्रंथ साहिब सरूप घर ले आया ताकि कोई उसे वहाँ से न निकाल सके।

बलबीर सिंह कहते हैं कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उसे पहले ही निर्देश दिए थे कि वो सरूप का ढंग से प्रयोग करेगा और मान-सम्मान रखेगा। हालाँकि जब उसके घर गए तो देखा गया कि उसने सिख रेहत मर्यादा को पार किया हुआ था। अब इस मामले को लेकर चाटीविंड के पुलिस थाने में शिकायत दे दी गई है।

रात में छिछोरों ने किया पीछा, कार को कई बार टक्कर मारी: KKR के कप्तान नीतीश राणा की पत्नी के साथ दिल्ली में बदसलूकी, 2 गिरफ्तार

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में हिस्सा ले रही कोलकाता नाईट राइडर्स (KKR) टीम के कप्तान नीतीश राणा की पत्नी साची मारवाह से दिल्ली में बदसलूकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाइक सवार 2 युवकों ने साची पर गंदे कमेंट किए। इस दौरान आरोपितों ने साची की कार को टक्कर भी मारी। साची ने इस घटना की जानकारी अपने इंस्टाग्रम प्रोफ़ाइल से शेयर की है। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना गुरुवार (4 मई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार की रात साची मारवाह रात के समय ऑफिस से घर जा रहीं थीं। इस दौरान स्कूटी सवार 2 युवक उनकी कार के पीछे लग गए। दोनों युवकों ने साची की कार में कई बार टक्कर मारी। साची का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस को कॉल भी किया जिस पर जवाब आया, “आप घर सुरक्षित पहुँच गई हो तो जाने दो। अगली बार नंबर नोट कर लेना।” साची ने दिल्ली पुलिस के इस जवाब पर तंज भी कसते हुए लिखा- “अगली बार मैं उनका फोन नंबर भी ले लूँगी।”

बताया जा रहा है कि साची मारवाह ने इसके बाद दिल्ली पुलिस को अपनी शिकायत ई-मेल की। मेल के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज खँगाले और थाना कीर्ति नगर पुलिस द्वारा दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों पर IPC की धारा 354, 354 D, 427 और 506 के तहत केस दर्ज किया है। हालाँकि कार्रवाई के बाद साची ने दिल्ली पुलिस को धन्यवाद भी दिया है।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान चैतन्य शिवम और विवेक के रूप में हुई है। दोनों ही दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। चैतन्य और शिवम की उम्र 18 साल बताई जा रही है। दोनों पर एक रेड लाइट पर साची की कार को रोक लेने और उस पर हाथ मारने का भी आरोप है। गौरतलब है कि साची और नितीश राणा की शादी साल 2019 में हुई थी। पेशे से साची इंटीरियर डिजायनर हैं।

‘मैंने खरीदा था केजरीवाल के घर का सामान… फर्नीचर इटली-फ्रांस से मँगाए थे’ : महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने लिखा LG को पत्र, बताया- आवास तक चाँदी की क्रॉकरी पहुँचाई थी

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में तिहाड़ जेल में बंद 200 करोड़ रुपए के ठगी के आरोपित सुकेश चंद्रशेखर ने एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया है। सुकेश ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर कहा है कि सीएम केजरीवाल के बंगले में हो रहे पुनर्निर्माण से लेकर फर्नीचर और क्रॉकरी तक के पैसे उसने दिए हैं।

सुकेश ने अपने पत्र में दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल के बंगले में जो फर्नीचर लगे हैं, उसे AAP नेता सत्येंद्र जैन और अरविंद केजरीवाल ने खुद चुने थे। उसने कहा कि फर्नीचर और क्रॉकरी की तस्वीरें उसने खुद व्हाट्सएप और फेस टाइम के जरिए भेजा था। 

सुकेश ने खत में यह भी दावा किया है कि केजरीवाल के बंगले में जो फर्नीचर लगे हैं वह सत्येंद्र जैन और केजरीवाल के खुद चुने थे। उनके फोटो मैंने उन्हें व्हाट्सएप और फेस टाइम चैट के जरिए सीएम और जैन के मोबाइल पर भेजा था। सुकेश ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के लिए उसने 45 लाख रुपए का ऑलिव ग्रीन रंग का 12 सीटर डाइनिंग टेबल मँगवाया था।

सुकेश ने कहा कि सीएम केजरीवाल के लिए जिन सामानों को खरीदा, उनमें बेडरूम के लिए 34 लाख रुपए का ड्रेसिंग टेबल, 18 लाख रुपए के 7 आइने, 28 लाख के 30 पीस तकिया-गलीचे और 45 लाख की पामराई की 3 दीवार घड़ियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ मूर्तियाँ भी खरीदी गईं।

सुकेश ने यह भी दावा किया है कि एक एक साउथ इंडियन ज्वेलर से अरविंद केजरीवाल ने 90 लाख रुपए की चाँदी की क्रॉकरी मँगाई थी। इनमें चाँदी के 15 प्लेट और 20 गिलास, कुछ कटोरे और चम्मच शामिल हैं। इसके बदले उसे करोल बाग प्रोजेक्ट में अलॉटमेंट दी थी।

सुकेश ने LG को लिखे पत्र में कहा कि उसने सारे फर्नीचर सीधे अरविंद केजरीवाल के दफ्तर भेजे थे। वहाँ से उसके स्टाफ रिषभ शेट्टी ने उनके आवास में लगाया था। उसने कहा कि ये सारे फर्नीचर इटली और फ्रांस से मँगाए गए थे। सुकेश का कहना है कि इसका सबूत वह जाँच एजेंसी को उपलब्ध करा सकता है।

बता दें कि हाल में यह खुलासा हुआ था कि जब दिल्ली के लोग कोरोना से संक्रमित होकर लाचार महसूस कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 45 करोड़ रुपए खर्च करके अपने आधिकारिक बँगले को भव्य बना रहे थे। उसमें टॉयलेट से लेकर पर्दे पर लाखों रुपए खर्च किए गए।

‘टाइम्स नाउ नवभारत’ ने जानकारी दी थी कि CM आवास में 8-8 लाख रुपए के पर्दे लगाए गए हैं। केवल पर्दों पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। कुल 23 पर्दों का ऑर्डर दिया गया था, जिनमें से कुछ अभी लगने बाकी हैं और कुछ लगाए दिए गए हैं। शुरुआत में 8 पर्दे लगाए गए, जिनकी कीमत 45 लाख रुपए थी। दूसरे चरण में 15 पर्दों का ऑर्डर दिया गया, जो 51 लाख रुपए के थे।

उनके बँगले की तस्वीरें भी सामने आई हैं। अपने आवास की साज-सज्जा पर 45 करोड़ रुपए खर्चने के बाद अब उसका विस्तार करने जा रहे हैं। सिविल लाइंस के फ्लैगस्टॉफ में स्थित उनका बंगला फिलहाल 4.7 एकड़ में है, जिसे बढ़ाकर अब 7.3 एकड़ में करने का निर्णय लिया गया है। हालाँकि, मामला सामने आने के बाद LG ने जाँच के आदेश दिए हैं।

‘तुष्टिकरण, तालाबंदी और गाली …कॉन्ग्रेस के चुनावी मुद्दे’ : कर्नाटक में गरजे PM मोदी, बोले- इनके कुकर्मों के कारण देश दशकों तक रहा पीछे

कर्नाटक में अपना मेगा रोड शो करने के बाद बादामी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। इस सभा में उन्होंने पहले कर्नाटक के लोगों को धन्यवाद दिया और फिर कहा कि इस जोश को देखकर ये तय हो गया है कि राज्य में डबल इंजन सरकार आएगी।

उन्होंने कहा कि ये चुनाव न वो लड़ रहे हैं, न उम्मीदवार…इसे कर्नाटक की जनता लड़ रही है। पीएम ने एक बार फिर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कॉन्ग्रेस ने तय किया है कि वो अपनी पुरानी आदतें नहीं छोड़ेगी। वो तुष्टिकरण, तालाबंदी और गाली को ही चुनावी मुद्दा बनाएगी। तुष्टिकरण वोटबैंक का, तालाबंदी बीजेपी की गरीब कल्याण नीतियों पर, गाली OBC और लिंगायत समाज को… कॉन्ग्रेस की इस कूटनीति से पूरा कर्नाटक नाराज है।”

पीएम ने कहा, “सिद्धारमैया समझ चुके हैं कि आपके क्षेत्र में कोशिश करना उनके लिए व्यर्थ है। लेकिन कभी आप उनसे मिलें तो पूछिए कि यहाँ के लोग पहले बुनियादी सुविधाओं से क्यों वंचित थे? उनके जीवन में कोई विकास और परिवर्तन क्यों नहीं हुआ था? भाजपा ने जनता के लिए जो किया है उसकी कॉन्ग्रेस ने कल्पना भी नहीं की होगी।”

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि डबल इंजन की सरकार में 3 लाख परिवार पहली बार पानी की सुविधा पहली बार मिली। इतना ही नहीं कनेक्टिवटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में भी डबल इंजन सरकार ने काम किया। जो इंटरनेट डाटा कभी 300 रुपए प्रति जीबी हुआ करता था वो आज के समय में 10 रुपए प्रति जीबी हो गया है।

उन्होंने कॉन्ग्रेस में हुए भ्रष्टाचार को लेकर पूछा, कॉन्ग्रेस का ये कौन सा पंजा है जो 1 रुपए में से 85 पैसे खा जाता है? कॉन्ग्रेस के इन्हीं कुकर्मों के कारण हमारा देश इतने दशकों तक पिछड़ा बना रहा। जिन बीमारियों को कॉन्ग्रेस ने अपने बरसों के शासन में मजबूत किया अब बीजेपी उन्हीं बीमारियों का परमानेंट इलाज कर रही है।

उन्होंने कर्नाटक की जनता से कहा कि अगर राज्य में भाजपा आती है तो राज्य नंबर 1 बनेगा। इसके साथ उन्होंने कहा कॉन्ग्रेस के लोग आज भी देश-दुनिया में भारत को Mother of Democracy कहने की हिम्मत नहीं करते, ये सिर्फ भारत के लोकतंत्र पर हमला करते हैं। यही गुलामी की मानसिकता है जिससे आज भारत बाहर आ रहा है। बीजेपी सरकार अपनी संस्कृति और अपनी विरासत के लिए समर्पित है।

पाकिस्तान में आतंकी संगठन ‘खालिस्तान कमांडो फोर्स’ के चीफ परमजीत सिंह पंजवार की गोली मारकर हत्या: बाइकसवार 2 हमलावरों ने घटना को दिया अंजाम

आतंकी संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) के चीफ परमजीत सिंह पंजवार की शनिवार (6 मई 2023) को पाकिस्तान के लाहौर में हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने जौहर कस्बे की सनफ्लावर सोसाइटी में घुसकर उसे गोली मार दी। भारत में प्रतिबंध के बाद वह मलिक सरदार सिंह के नाम से 1990 से ही पाकिस्तान में रह रहा था।

जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह 6 बजे बाइक पर आए दाे लोगों ने यह हमला किया और फरार हो गए। इस हमले में पंजवार के दो सुरक्षाकर्मियों के भी मारे जाने की खबर है। परमजीत पाकिस्तान से ही खालिस्तानी गतिविधियों को हवा देने के साथ-साथ ड्रग्स और हथियारों की तस्करी करता था।

परमजीत सिंह पंजवार भारत विरोधी गतिविधियों में 90 के दशक से पहले से ही सक्रिय था। बताया जाता है कि वह 1986 में अपने चचेरे भाई लाभ सिंह के साथ KCF में शामिल हुआ था। इसके पहले वह सोहल में एक केंद्रीय सहकारी बैंक में काम करता था।

भारतीय सुरक्षा बलों ने लाभ सिंह को मार गिराया। उसके बाद 1990 के दशक में खालिस्तान कमांडो फोर्स की कमान परमजीत सिंह के हाथों में आ गई। सरकार की नजर उस पर पड़ी तो वह पाकिस्तान भाग गया और वहीं रहने लगा। हालाँकि, पाकिस्तान इससे इंतजार करता रहा है। परमजीत की पत्नी और बच्चे जर्मनी में रहते हैं।

परमजीत पंजाब के तरनतारन जिले के झब्बाल थाने में आने वाले पंजवार गाँव का रहने वाला था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2020 में 9 आतंकियों की लिस्ट जारी की थी, जिसमें उसका नाम 8वें पर था। इस लिस्ट में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के चीफ वाधवा सिंह बब्बर का नाम भी है, जो तरनतारन में ही दासूवाल गाँव का रहने वाला है।

परमजीत ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से पंजाब में ड्रग और हथियारों की तस्करी करता था। इन पैसों का इस्तेमाल वह खालिस्तान कमांडो फोर्स के संचालन में करता था। परमजीत पाकिस्तान में ही रह रहे BKI के चीफ वाधवा सिंह और इंडियन सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) के प्रमुख लखबीर सिंह रोडे के साथ मिलकर पंजाब में खालिस्तान मूवमेंट को हवा दे रहा था।

लगभग 33 सालों से पाकिस्तान में बैठे परमजीत की ताजा फोटो पुलिस के पास नहीं है। पुलिस के पास उसकी 35 साल पुरानी तस्वीरें ही है, जो उसके घर से बरामद हुई थी। पंजाब के ही डरोली कलां का रहने वाला करणवीर सिंह और नामी गैंगस्टर लक्की पटियाला भी BKI से जुड़े हुए हैं। इनमें करणवीर सिंह वाधवा सिंह के साथ पाकिस्तान में मौजूद है, जबकि लक्की पटियाला आर्मेनिया पहुँच गया है।

अक्टूबर 2020 में पंजाब के तरनतारन में शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या के पीछे परमजीत का ही हाथ था। बलविंदर सिंह संधू ने पंजाब में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। इसके लिए उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। 30 जून 1999 में चंडीगढ़ में पासपोर्ट कार्यालय के पास हुए बम विस्फोट में भी परमजीत का हाथ था। इस ब्लास्ट में 4 लोग घायल हो गए थे।

The Kerala Story देखने जा रहे, Free में ले जाऊँगा: ऑटो ड्राइवर ने किया ऐलान, मिल रही सर तन से जुदा और कन्हैयालाल जैसा करने की धमकी

महाराष्ट्र के पुणे में ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) फिल्म देखने जाने वालों से किराया न लेने का ऐलान करने वाले ऑटो ड्राइवर को मौत की धमकियाँ मिलने लगी हैं। पीड़ित का नाम साधु मगर है, जिनका सिर तन से जुदा करने का ऐलान कट्टरपंथी करने लगे हैं। आरोप है कि मैसेज और कॉलिंग के जरिए साधु का हाल राजस्थान के कन्हैयालाल जैसा करने की भी धमकी दी जा रही है। ये धमकियाँ विदेशी नंबरों से आ रही हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है और धमकियों के सबूत भी दिए हैं।

दरअसल पुणे में ऑटो चलाने वाले साधु मगर ने 2 मई 2023 को एक पोस्टर बना कर ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) देखने जाने वाले यात्रियों से पैसे न लेने का एलान किया था। इस पोस्टर के जारी होने के बाद जहाँ उनकी कई लोगों ने तारीफ की तो दूसरी तरफ उन्हें फोन पर जान से मार डालने की धमकियाँ भी दी जाने लगी हैं। आरोप है कि धमकियाँ देश के तमाम हिस्सों सहित विदेशी नम्बरों से भी आ रही हैं। जब पीड़ित ने धमकी वाले नंबरों को ब्लॉक करना शुरू किया तब नंबर बदल-बदल कर कॉल आने लगे।

आखिरकार पीड़ित साधु मगर ने थाने में इसकी शिकायत की। सबूत के तौर पर पीड़ित ने धमकियों की रिकॉर्डिंग भी पुलिस अधिकारी को सुनाई। ऑपइंडिया से बात करते हुए साधु मगर ने बताया कि धमकी देने वालों ने उन्हें उदयपुर के कन्हैयालाल की याद दिलाई और उन्हीं के जैसा हाल करने का एलान किया है।

पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में पीड़ित ने 15 अलग-अलग नम्बरों का जिक्र किया है। उन्होंने शिकायत में व्हाट्सएप के कुछ स्क्रीनशॉट भी लगाए हैं। साधु मगर का कहना है कि पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बाद कुछ स्थानीय हिन्दू संगठन उनके साथ आए हैं।

पुलिस ने साधु की शिकायत पर जाँच करने और कार्रवाई का भरोसा दिया है। साधु मगर मूल रूप से महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के रहने वाले हैं। पहले वह एक कम्पनी में काम किया करते थे। 3 साल पहले उन्होंने खुद का ऑटो खरीद कर चलाना शुरू कर दिया था। साधु मगर भारतीय सेना के जवानों से भी भाड़ा नहीं लेते हैं।

नाबालिग को गोद लिया लेकिन बेटी का प्यार देने के बजाय किया शोषण: डॉक्टर वलीउल इस्लाम गिरफ्तार, बीवी संगीता दत्ता फरार

असम पुलिस ने बाल शोषण के मामले में डॉक्टर वलीउल इस्लाम को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शुक्रवार (5 मई 2023) को हुई है। इसी मामले में डॉक्टर की पत्नी संगीता दत्ता फरार हैं। संगीता को फरार होने में मदद के आरोप में डॉक्टर की एक नौकरानी को भी हिरासत में लिया गया है।

मनोचिकित्स्क डॉक्टर वलीउल इस्लाम और उनकी पत्नी पर गुवाहाटी में एक नाबालिग लड़की को नियमित प्रताड़ित करने का केस दर्ज था। आरोप है कि डॉक्टर दम्पति पीड़िता को अपार्टमेंट की छत पर बाँध दिया करते थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला गुवाहाटी का है। यहाँ एक डॉक्टर दम्पति वलीउल इस्लाम और संगीता दत्ता द्वारा कथित तौर पर एक नाबालिग बच्ची को गोद लिया गया था। आरोप है कि वो बच्ची को अक्सर प्रताड़ित किया करते थे। इस प्रताड़ना में बच्ची के हाथ बाँध कर उसे धूप में छत पर खड़ा कर देना शामिल था। डॉक्टर के एक पड़ोसी द्वारा इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने शुक्रवार को डॉक्टर दम्पति के घर पर दबिश दी थी।

आरोपित दम्पति गुवाहाटी के मणिपुर बस्ती में रहता है। इस मामले को उठाते हुए बाल अधिकार कार्यकर्ता और बाल अधिकार संगठन, UTSAH के प्रमुख, मिगुएल दास कुआह ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें बच्ची की प्रताड़ना की जानकारी पहले भी मिली थी लेकिन आरोपितों के पड़ोसी द्वारा की गई शिकायत से इसकी पुष्टि भी हो गई। बच्ची का फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें धूप में बैठी बच्ची को लोहे की पाइप से बाँध कर रखा गया है।

साभार: pratidintime.com

बताया जा रहा है कि अपने ऊपर केस दर्ज होने के बाद फरार चल रहीं डॉक्टर संगीता ने एक वीडियो जारी करते हुए सफाई दी है। अपने वीडियो में डॉक्टर संगीता ने खुद को साजिश का शिकार बताते हुए किसी के द्वारा इसे अपने करियर को खत्म करने की साजिश करार दिया है। डॉक्टर संगीता ने खुद और अपने शौहर पर लगे तमाम आरोपों को भी बेबुनियाद बताया है। फिलहाल पुलिस डॉक्टर संगीता दत्ता की तलाश कर रही है।

एक्सिडेंट, जाति को लेकर गाली, SC-ST एक्ट… टाइम्स नाऊ पत्रकार मामले में पंजाब पुलिस, चैनल ने कहा – बेल नहीं मिले, इसलिए सारा खेल

पंजाब की लुधियाना पुलिस ने टाइम्स नाऊ नवभारत की पत्रकार भावना किशोर को हिरासत में लेने के कुछ समय बाद एक प्रेस नोट रिलीज किया। इस नोट में बताया गया है कि लुधियाना पुलिस ने शुक्रवार (5 अप्रैल 2023) को 3 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके ऊपर तेज स्पीड में गाड़ी चलाकर एक महिला को टक्कर मारने और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने का आरोप है। इन तीनों की पहचान भावना कुमारी, मृत्युंजय कुमार और ड्राइवर परमिंदर सिंह के तौर पर हुई है।

पंजाब पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता गगन ने कहा कि वो मोहल्ला क्लिनिक के उद्घाटन समारोह में जा रही थीं कि तभी एक इनोवा कार ने तेजी में आकर उन्हें टक्कर मार दी, जिसके कारण उनके हाथ में चोट लग गई और उनका सैमसंग का फोन भी नीचे गिरकर टूट गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस घटना के बाद गाड़ी से दो लोग (मृत्युंजय कुमार और भावना कुमारी) उतरे और झगड़ा करने लगे। इस दौरान अपमानजनक भाषा का प्रयोग भी किया गया।

अब इस केस को पुलिस ने आईपीसी की धारा 279, 337 और 427 के तहत दर्ज किया है। इसके अलावा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3,4 के तहत डिविजन नंबर 3 पुलिस थाने में दर्ज किया है।

भावना की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लगातार उनकी रिहाई की माँग उठ रही है। आनंद रंगनाथन ने इसकी वीडियो शेयर करके लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल ख़ड़ा किया है।

पत्रतकार सुधीर चौधरी ने भी भावना की रिहाई की माँग उठाई है और सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने की अपील की है।

बता दें कि टाइम्स नाऊ ने अपनी महिला पत्रकार पर हुई इस कार्रवाई को ऑपरेशन शीशमहल का बदला बताया है। टाइम्स नाऊ ने अपने शो में भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन शीशमहल के बाद उनके पत्रकारों से बदसलूकी की जा रही है। पहले उन्हें पीटा गया, उनके रास्ते रोके गए और अब एक पत्रकार को बीच रास्ते में हिरासत में ले लिया गया। चैनल ने बताया कि भावना को लुधियाना पुलिस ने हिरासत में लिया है। एक एफआईआर हुई है। उनपर बेवजह SC/ST एक्ट लगा दिया गया है।

चैनल के मुताबिक भावना के खिलाफ ऐसी धाराएँ इसलिए लगाई गई हैं ताकि उनकी बेल खारिज हो जाए। चैनल ने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में टाइम्स नेटवर्क का कुछ नहीं कर पाई इसलिए पंजाब में कार्रवाई कर रही है। चैनल ने सवाल पूछा कि आखिर उनकी पत्रकार को एक एक्सीडेंट केस में पुलिस ने कैसे पकड़ा जबकि हकीकत में वह गाड़ी चला ही नहीं रहीं थीं। इसके बाद उनपर जातिगत टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया… जिस पर चैनल ने पूछा कि आखिर उनकी पत्रकार किसी अंजान शख्स की जाति पर कैसे टिप्पणी करेंगी जब वो उससे पहली बार टकराईं ही रास्ते में थीं।

मणिपुर हिंसा: 54+ लोगों की मौत के पीछे बांग्लादेशी और रोहिंग्या कनेक्शन, भाग रहे लोगों की असम सरकार कर रही मदद

उत्तर-पूर्वी भारत के राज्य मणिपुर में दो समूहों के बीच हिंसा (Manipur Violence) के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। पड़ोसी राज्य असम मणिपुर को हर संभव मदद और जरूरी सहायता पहुँचा रहा है। इस हिंसा में रोहिंग्या मुस्लिम और अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए का भी कनेक्शन है।

आदिवासियों और बहुसंख्यक मैतेई समुदाय के बीच हिंसा के कारण 54 से अधिक लोग मारे गए हैं। वहीं, 10,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं। रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि कुल 13,000 लोगों को बचाया गया और सुरक्षित आश्रयों में स्थानांतरित कर दिया गया।

हिंसा से डरकर लोग पड़ोसी राज्य असम की ओर भाग रहे हैं। अब तक 1200 से अधिक लोग असम में शरण ले चुके हैं। इनमें से ज्यादातर कुकी समुदाय के लोग हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जिला प्रशासन को मणिपुर से आए लोगों का ध्यान रखने के लिए आदेश दिया है।

हालाँकि, सरकार की कड़ाई के कारण अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होते जा रहे हैं। कुछ-कुछ इलाकों में दुकानें भी खुल गई हैं। राज्य में अर्धसैनिक बलों की 14 कंपनियाँ तैनात की गई हैं। इसके साथ ही केंद्र की ओर से और कुछ कंपनियाँ भेजी गई हैं। इसके अलावा, अलग-अलग इलाकों में सेना और रैपिड एक्शन फोर्स फ्लैग मार्च कर रही हैं।

बताते चलें कि हिंसा का केंद्र राजधानी इम्फाल से 63 किलोमीटर दूर चुराचंदपुर जिला है। हिंसा पर काबू पाने के लिए 1000 से अधिक जवानों CRPF के जवानों को तैनात भेजा गया है। कुछ-कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों और पुलिस थानों से हथियार भी छीन लिए हैं। सरकार ने उन्हें लौटाने के लिए 48 घंटे का समय दिया है।

वहीं, इंफाल में कर सहायक के रूप में तैनात लेमिनथांग हाओकिप को प्रदर्शनकारियों से उनके आधिकारिक आवास से घसीट कर बाहर निकाला और पीट-पीटकर मार डाला। चुराचांदपुर में छुट्टी पर अपने गाँव आए CRPF के एक कोबरा कमांडो की हथियारबंद हमलावरों ने शुक्रवार (5 मई 2023) को गोली मारकर हत्या कर दी। कोबरा बटालियन के डेल्टा कंपनी के कॉन्स्टेबल चोनखोलेन हाओकिप की दोपहर में हत्या की गई। 

इसके अलावा, भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे (Vungzagin Valte) पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मणिपुर के डीजीपी पी डोंगल ने बताया, “भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। उन्हें राज्य से बाहर एयरलिफ्ट किया गया है। उनकी हालत स्थिर है। हमें सख्त आदेश मिला है कि अगर कोई गलती करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सेना को फ्लैग मार्च के आदेश मिले हैं।”

दरअसल, पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में तीन प्रमुख समुदाय हैं। बहुसंख्यक मैतेई और दो आदिवासी समुदाय- कुकी और नागा। मैतेई राज्य की कुल आबादी के 53 प्रतिशत हैं। ये राज्य के आर्थिक और राजनीतिक रूप से सबसे प्रभावशाली समुदाय है। वहीं, कुकी और नागा राज्य की आबादी के 40 प्रतिशत हैं।

मैतेई इंफाल घाटी और राज्य के मैदानी इलाकों में रहते हैं। मणिपुर में कुल 10 प्रतिशत ही मैदानी भाग है। वहीं, कुकी और नागा जनजातियाँ इंफाल घाटी से सटे पहाड़ी इलाकों में रहती हैं। राज्य का 90 प्रतिशत भाग पर्वतीय है। जनजातियाँ राज्य में कहीं भी बस सकती हैं, लेकिन मैतेई पहाड़ी इलाकों में नहीं बस सकते। कभी पहाड़ी क्षेत्रों में 60 सशस्त्र उग्रवादी समूह सक्रिय थे।

मैतेई आर्थिक और राजनीतिक रूप से सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली हैं। राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार हो, लेकिन दबदबा सिर्फ मैतेई का है। मौजूदा मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह भी इसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। कुकी और नागा समुदाय सरकार पर उनके प्रति सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हैं।

हिंसा का कारण बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का फैसला और सरकारी भूमि का सर्वेक्षण है। मैतेई को जनजाति का दर्जा देने का विरोध कुकी और नागा समुदाय कर रहे हैं। आजादी के बाद से कुकी और नागा समुदायों को आदिवासी का दर्जा मिला हुआ है।

मैतेई बहुसंख्यक हैं और पड़ोसी देशों से हो रहे लगातार घुसपैठ को लेकर वे चिंतित हैं। उनका कहना है कि म्यांमार और बांग्लादेश के अवैध प्रवासी पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर बस रहे हैं। इससे उनकी सांस्कृतिक पहचान को खतरा उत्पन्न हो गया है।

दरअसल, उत्तर पूर्व भारत म्यांमार के साथ 1,643 किलोमीटर की सीमा साझा करता है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, म्यांमार के लगभग 52,000 शरणार्थी पूर्वोत्तर राज्यों में बसे हुए हैं। इनमें से 7800 मणिपुर में शरणार्थी हैं। इन्हें शरणार्थी का दर्जा मिला हुआ है।

इसके अलावा, म्यांमार और बांग्लादेश से बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी भी मणिपुर में बसे हुए हैं। इनके आँकड़े सरकार का पास नहीं हैं। मैतेई संगठनों का दावा है कि म्यांमार और बांग्लादेश से बड़े पैमाने पर अवैध आप्रवास के कारण उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।