Monday, July 22, 2024
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₹300 करोड़ की घूस: CBI ने सत्यपाल मलिक को पूछताछ के लिए बुलाया, केजरीवाल ने पूर्व गवर्नर के फर्जी अकाउंट से BJP को घेरा

पिछले साल अप्रैल में सीबीआई ने मलिक द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए समूह चिकित्सा बीमा योजना के ठेके देने और जम्मू-कश्मीर में किरू पनबिजली परियोजना से संबंधित 2,200 करोड़ रुपए के नागरिक कार्य में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर दो प्राथमिकी दर्ज की थी। एक FIR में सीबीआई ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के साथ-साथ ट्रिनिटी को आरोपित बनाया है।

केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने 21 अप्रैल 2023 को जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक को रिलायंस बीमा से संंबंधित 300 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। इस दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार और CBI पर हमला बोलने के लिए सत्यपाल मलिक के नाम वाली एक फर्जी अकाउंट के एक ट्वीट का हवाला दिया।

सत्यपाल मलिक ने आजतक को बताया कि सीबीआई उनसे इस मामले में कुछ जानकारी चाहती है। इसलिए सुविधानुसार 27 या 28 अप्रैल 2023 को पेश होने के लिए मौखिक रूप से कहा। बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में सीबीआई ने रिलायंस इंश्योरेंस केस में पूछताछ के लिए बुलाया था।

उधर, अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की आलोचना करने के लिए एक फर्जी अकाउंट से किए गए ट्वीट का हवाला दिया। बेफिटिंग फैक्ट्स के ट्विटर हैंडल से पता चला कि अरविंद केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला करने के लिए जिस ट्विटर अकाउंट का सहारा लिया, वह फेक अकाउंट है।

अरविंद केजरीवाल ने लिखा, “पूरा देश आपके साथ है। खौफ के इस दौर में आपने बहुत साहस दिखाया है, सर। वो कायर है, सीबीआई के पीछे छिपा है। जब जब इस महान देश पर संकट आया, आप जैसे लोगों ने अपने साहस से उसका मुकाबला किया। वो अनपढ़ है, भ्रष्ट है, गद्दार है। वो आपका मुकाबला नहीं कर सकता। आप आगे बढ़ो सर। आप पर गर्व है।”

उन्होंने जिस ट्वीट का हवाला दिया, वह ट्विटर हैंडल @Satyapalmalik_ द्वारा पोस्ट किया गया था, जो कि एक फर्जी अकाउंट है। इस ट्वीट में लिखा था, “मैंने सच बोलकर कुछ लोगों के पाप उजागर किए हैं। शायद, इसलिए बुलावा आया है। मैं किसान का बेटा हूँ, घबराऊँगा नहीं। सच्चाई के साथ खड़ा हूँ।”

ट्विटर हैंडल Befitting Facts ने इस फर्जी अकाउंट के ट्वीट के जरिए अरविंद केजरीवाल का पर्दाफाश किया। बेफिटिंग फैक्ट्स ने ट्वीट किया, “यह आपके वादों की तरह ही यह भी एक फर्जी अकाउंट है। कुछ तो शर्म करो आप। एक राज्य के मुख्यमंत्री हो। किसी भी अकाउंट का हवाला देने से पहले उसे सत्यापित करो।”

हाल ही में करण थापर को दिए इंटरव्यू में मलिक ने इसका जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, तब आरएसएस और बीजेपी नेता राम माधव ने रिलायंस इंश्योरेंस द्वारा प्रस्तावित योजना को पारित कराने की कोशिश करने के लिए उनसे मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने इसे रद्द कर दिया था। सत्यपाल मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे तब राम माधव ने ‘अंबानी’ से संबंधित दो फाइलें पास करने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की थी।

इंटरव्यू के दौरान कई विवादास्पद टिप्पणियाँ करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा, “शुरुआत में मैंने इस योजना को पास किया था, लेकिन बहुत से लोगों ने मुझे इसे वापस लेने के लिए कहा। पहली बात तो यह हुई कि सरकारी कर्मचारी इस योजना के आने से वास्तव में नाखुश थे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस योजना के लिए सभी सरकारी कर्मचारियों को सालाना 8,500 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। सेवानिवृत्त अधिकारियों को 20,000 रुपये से अधिक देने थे।”

हालाँकि, संघ के नेता राम माधव ने इन आरोपों से इनकार किया है और सत्यपाल मलिक को मानहानि का नोटिस भेजा है। मलिक को भेजे गए अपने कानूनी नोटिस में राम माधव ने कहा, “मलिक ने राजनीतिक दायरे में प्रासंगिक बने रहने के लिए असत्य और मानहानिकारक बयान दिए।”

सिर्फ AAP ही नहीं, कॉन्ग्रेस ने भी मलिक को भेजे गए समन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कॉन्ग्रेस ने सीबीआई के इस समन की आलोचना करते हुए ट्वीट किया, “आखिरकार पीएम मोदी से रहा नहीं गया। सत्यपाल मलिक जी ने देश के सामने उनकी कलई खोल दी। अब सीबीआई ने मलिक जी को बुलाया है। यह तो होना ही था। एक चीज और होगी…’गोदी मीडिया’ अब भी चुप रहेगा, लिखकर ले लीजिए।”

कॉन्ग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला करने के लिए इस खबर का खूब इस्तेमाल किया। कॉन्ग्रेस नेता सलमान निजामी ने तब ट्वीट किया कि कोई बोली नहीं लगी और ‘मोदी सरकार’ ने एलआईसी के बजाय रिलायंस को चुना। इस खबर के सामने आने पर राहुल गाँधी ने अंबानी के साथ कथित संबंध को लेकर भी पीएम मोदी पर हमला बोला था।

अब सत्यपाल मलिक को सीबीआई ने रिलायंस इंश्योरेंस मामले में बीजेपी और आरएसएस पर आरोप लगाने के लिए समन भेजा है। इसलिए भाजपा विरोधी होने के नाते AAP और कॉन्ग्रेस को समन का स्वागत करना चाहिए। इसके बजाय, वे यह मानकर मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं कि सम्मन सत्यपाल मलिक के खिलाफ है।

पिछले साल अप्रैल में सीबीआई ने मलिक द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए समूह चिकित्सा बीमा योजना के ठेके देने और जम्मू-कश्मीर में किरू पनबिजली परियोजना से संबंधित 2,200 करोड़ रुपए के नागरिक कार्य में लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर दो प्राथमिकी दर्ज की थी। एक FIR में सीबीआई ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के साथ-साथ ट्रिनिटी को आरोपित बनाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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