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‘शाकाहारी हूँ, धर्म भ्रष्ट किया’: न्यूज एंकर ने मँगाया पनीर तो ‘नजीर फूड्स’ ने भेजा चिकन, पुलिस शिकायत Zomato पर भी एक्शन की माँग

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सुदर्शन न्यूज़ चैनल की एक एंकर ने जोमैटो और ‘नजीर फूड्स’ के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में कनिका अरोड़ा नाम की एंकर ने इन दोनों पर को धोखे से खुद को मांसाहार खिलाने आरोप लगाया है। खुद को शाकाहारी बताते हुए पीड़िता का आरोप है कि उन्हें पनीर रोल के ऑर्डर के बाद भी चिकन रोल भेज दिया गया। एंकर ने इन दोनों कंपनियों को अपना धर्म भृष्ट होने का जिम्मेदार बताया है। घटना सोमवार (17 अप्रैल, 2023) की है।

मामला नोएडा के थाना क्षेत्र सेक्टर 49 का है। ‘सुदर्शन न्यूज़’ के सेक्टर 57 स्थित मुख्यालय में कनिका बतौर न्यूज़ एंकर काम करती हैं। पुलिस में मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को दी गई शिकायत में उन्होंने बताया है कि सोमवार की रात लगभग 10:40 पर उन्होंने Zomato के माध्यम से ‘नजीर फूड्स’ को पनीर रोल का ऑर्डर दिया था। नजीर फूड्स द्वारा कनिका को पनीर रोल के बदले चिकन रोल भेज दिया। कनिका ने खुद को शुद्ध शाकाहारी बताते हुए ‘नजीर फूड्स’ और जोमैटो पर अपने धर्म को भ्रष्ट करने का आरोप लगाया है।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि पीड़िता द्वारा सवाल जवाब करने पर नजीर फूड्स ने उन्हें अपना किचन दिखाने से भी मना कर दिया। शिकायत के अंत में पीड़िता ने ‘नजीर फूड्स’ और जोमैटो पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। सुदर्शन न्यूज़ ने अपने एक शो में नजीर फूड्स और जोमैटो पर पहले भी अन्य ग्राहकों के साथ ऐसी हरकतें करने का आरोप लगाया है। सुदर्शन न्यूज़ द्वारा ‘नजीर फूड्स’ का लाईसेंस रद्द करने की भी माँग की जा रही है।

‘सुदर्शन न्यूज़’ ने अपने एक शो में कनिका द्वारा ऑर्डर की गई रसीद और भेजे गए खाने को भी दिखाया है। इस मामले में ऑपइंडिया ने जब ‘नजीर फूड्स’ का पक्ष जानने के लिए उनके नंबर पर सम्पर्क किया तो किसी ने कॉल नहीं उठाई। ऑपइंडिया से बात करते हुए थाना सेक्टर 49 के प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि फ़िलहाल अभी तक उनके पास कोई भी पक्ष नहीं आया है। उन्होंने कहा कि वो बाद में इस मामले पर कुछ बता पाएँगे।

PM मोदी की नकल के चक्कर में कॉमेडियन श्याम रंगीला ने किया कानून का उल्लंघन, भरना पड़ा ₹11000 का जुर्माना: जयपुर में बनाया ‘जंगल सफारी’ का वीडियो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री कर मशहूर हुए श्याम रंगीला (कॉमेडियन) पर वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन करने पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगा है। दरअसल, रंगीला ने जयपुर के झालाना जंगल लेपर्ड सफारी में पीएम मोदी की जंगल सफारी की नकल उतारते हुए वैसा ही वीडियो बनाया था। इस दौरान वह नीलगाय को हाथ से खाना खिलाते हुए नजर आए। यह वन अधिनियम 1953 और ‘वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972’ के प्रावधानों का उल्लंघन था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्याम रंगीला को वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन करने के कारण नोटिस जारी किया गया था। सोमवार (17 अप्रैल, 2023) को वह जयपुर क्षेत्रीय वन अधिकारी के सामने पेश हुए और 11,000 रुपए का जुर्माना भरा। अगर तय समय पर श्याम रंगीला पेश नहीं हुए होते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती थी। ऐसे मामलों 3 से लेकर 7 साल तक की जेल हो सकती है।

श्याम रंगीला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांदीपुर जंगल सफारी की नकल करते हुए जयपुर के झालाना जंगल में 12 अप्रैल, 2023 को एक वीडियो शूट किया था। इस वीडियो में उन्होंने पीएम मोदी की तरह कपड़े, टोपी और चश्मा पहना हुआ था। इसे रंगीला ने अपने ट्विटर अकाउंट और यूट्यूब चैनल पर भी शेयर किया था। वीडियो में वह जंगल में गाड़ी से नीचे उतरकर अपने हाथ से नीलगाय को कुछ खिलाते हुए नजर आया था। वन्य जीवों को खाद्य पदार्थ खिलाने से कई गंभीर रोग और इन्फेक्शन हो सकता है, जिससे उनकी जान को खतरा होता है। वन्य जीवों को खाद्य पदार्थ नहीं खिलाने को लेकर झालाना जंगल में चेतावनी सूचना बोर्ड भी लगाए हुए हैं। इसके बावजूद श्याम रंगीला ने नीलगाय को खाद्य पदार्थ खिलाया।

जयपुर क्षेत्रीय वन अधिकारी जनेश्वर चौधरी ने बताया, “वे हमारे सामने पेश हुए और उन्होंने मानवीय भूल मानते हुए अपने कृत्य के लिए माफी माँगी, जिसके बाद उन्हें 11 हजार रुपए के जुर्माने के साथ छोड़ दिया गया। इसके साथ ही उन्हें भविष्य में कभी वन्य जीवों को खाद्य पदार्थ नहीं खिलाने की चेतावनी भी दी गई।”

बता दें कि इससे पहले श्याम रंगीला ने 2019 में अक्षय कुमार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए गए साक्षात्कार की नकल की थी। रंगीला ने YouTube पर यह वीडियो अपलोड किया था। इसमें उन्होंने पीएम मोदी की भूमिका निभाई थी और उसका एक अन्य साथी साक्षात्कर्ता की भूमिका में अक्षय कुमार बना हुआ था। दोनों ने पीएम मोदी और अक्षय कुमार के इंटरव्यू का अपने मसखरे अंदाज़ में स्पूफ बनाया था।

बरेली की सबीना बनी सोनम, सोमपाल से अगस्त्य मुनि आश्रम में की शादी: पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सबीना नाम की एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया है। उसने सोमपाल से शादी की है। सबीना अब सोनम के नाम से जानी जाएगी। दोनों का विवाह सोमवार (17 अप्रैल 2023) को बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम सम्पन्न हुआ। विवाह करवाने वाले पंडित केके शंखधर ने ऑपइंडिया को बताया कि दोनों काफी समय से एक दूसरे से परिचित थे।

बताया जाता है कि सबीना और सोमपाल के घर वाले इस रिश्ते के खिलाफ हैं। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सबीना मूल रूप से बरेली के बिशारतगंज की रहने वाली हैं। उनका पति सोमपाल कुंडरिया खुर्द का रहने वाला है। दोनों काफी समय से प्यार में थे। जब सबीना ने अपने घर में इस रिश्ते के बारे में बताया तो काफी विरोध हुआ। इस बीच सोमपाल के परिजनों को भ्ज्ञी रिश्ते की भनक लग चुकी थी। उन्होंने भी इस पर एतराज किया। परिजनों के तैयार नहीं होने पर दोनों ने मंदिर में शादी का फैसला किया।

इसके बाद सबीना और सोमपाल ने बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम के पंडित केके शंखधर से सम्पर्क किया। पंडित शंखधर जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद दोनों की शादी करवाने के लिए तैयार हो गए। उन्होने सबीना और सोमपाल से बालिग होने के प्रमाण-पत्र लिए। आखिरकार सोमवार को सबीना और सोमपाल शादी के बंधन में बँध गए। बताया जा रहा है कि सबीना ने अपने पति के लिए ‘ये दोस्ती तेरे नाम से शुरू तेरे नाम पर खत्म’ गाना भी गाया। फ़िलहाल सबीना और सोमपाल को अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है। दोनों ने ही बरेली पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

पंडित शंखधर ने ऑपइंडिया के साथ इस विवाह के फोटो और वीडियो भी शेयर किए हैं। उन्होंने बताया कि लड़की के घर के बगल लड़के की रिश्तेदारी है, जहाँ वो अक्सर आया-जाया करता था। इसी दौरान दोनों में प्यार हुआ और उन्होंने शादी कर ली है। बकौल पंडित शंखधर घर वालों ने थाना बिशारतगंज में लड़के के खिलाफ FIR दर्ज करवा रखी है, जिस बावत लड़की कोर्ट में अपने 164 के बयान के लिए गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी अगस्त्य मुनि आश्रम में अमरीना ने राधिका बन कर पप्पू से, नाजिश ने निहारिका बन कर नीलेश से और शहनाज ने सुमन बन कर अजय से शादी की थी। कुछ समय पहले ऑपइंडिया से बात करते हुए पंडित के के शंखधर ने अपनी जान का भी खतरा बताया था। उन्होंने बताया था कि आश्रम में 64 से अधिक मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू लड़कों से शादी की है, जिसके चलते वे कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।

यूथ काॅन्ग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास ने मुझे प्रताड़ित किया, लिंग के आधार पर किया भेदभावः असम की महिला नेता का दावा, कहा- राहुल गाँधी को बताया, फिर भी कुछ नहीं हुआ

असम यूथ कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष डॉ अंगकिता दत्ता ने यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार (18 अप्रैल, 2023) को दोपहर 3:55 में की गई ट्वीट में लिखा, “मेरा परिवार 4 पीढ़ियों से कॉन्ग्रेस पार्टी में है। मैंने 2 बार पार्टी के आंतरिक चुनावों में हिस्सा लिया है, बूथ कमिटी बनाई है और पुलिस से पिटाई भी खाई है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक किया, फिर LLB किया।”

उन्होंने आगे अपनी बात को जारी रखते हुए लिखा है, “मैंने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से PhD की डिग्री प्राप्त की। हम पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए चुप्पी साधे रहते हैं। लेकिन, श्रीनिवास द्वारा प्रताड़ना कम नहीं होती।” उन्होंने बताया है कि श्रीनिवास BV ने उन्हें कई बार प्रताड़ित किया है। डॉ अंगकिता दत्ता ने जानकारी दी है कि इस संबंध में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उन्होंने राहुल गाँधी को भी बताया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV ने उन्हें लगातार प्रताड़ित किया है और उनके स्त्री होने के कारण उनसे भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि उनके सिद्धांत और उनकी सहीक्षिक पृष्ठभूमि उन्हें अब और चुप रहने की अनुमति नहीं देती। उनकी मानें तो पार्टी आलाकामन के सामने ही कई बार ऐसा हुआ, फिर भी उन्होंने कुछ एक्शन नहीं लिया। उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV खुद को इतना शक्तिशाली समझते हैं कि उन्हें लगता है कि बड़े नेताओं के आशीर्वाद से वो संगठन में एक महिला को प्रताड़ित कर सकते हैं, नीचा दिखा सकते हैं।

उन्होंने राहुल गाँधी को टैग करते हुए अपने पोस्ट में लिखा, “मुझे राहुल गाँधी पर काफी विश्वास था और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान श्रीनिवास BV की हरकतों के बारे में बताने के लिए मैं जम्मू गई थी। मैंने उन्हें बताया कि श्रीनिवास ने मेरे लिए कैसी भाषा का इस्तेमाल किया। अप्रैल आ गया है और अब तक इस मामले में कोई जाँच नहीं हुई है।” बता दें कि जनवरी के अंतिम हफ्ते में यात्रा जम्मू में थी। उन्होंने बताया कि वो इसीलिए चुप रहीं क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी एक्शन लेगी, लेकिन कोई इन्क्वारी कमिटी नहीं बनी।

असम यूथ कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष डॉ अंगकिता दत्ता ने यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

डॉ अंगकिता दत्ता ने राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को टैग करते हुए लिखा, “पूरे देश में मैं अकेली महिला हूँ, जो यूथ कॉन्ग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष है। फिर भी मुझे इस तरह प्रताड़ित किया गया। अगर मेरे साथ ऐसा हो सकता है, फिर मैं किस मुँह से दूसरे महिलाओं को पार्टी में शामिल होने के लिए कहूँगी?” उन्होंने कहा कि श्रीनिवास BV जैसे नेताओं के कारण कॉन्ग्रेस अब सुरक्षित जगह नहीं रही। इस प्रकरण पर कॉन्ग्रेस आलाकमान का कोई बयान सामने नहीं आया है।

दंगा मुक्त हुआ UP, अब कोई माफिया किसी को धमकी नहीं दे सकता: CM योगी, अतीक-अशरफ की हत्या के बाद पहला सार्वजनिक संबोधन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में अब कोई माफिया किसी को धमका नहीं सकता है। जो कभी उत्तर प्रदेश की पहचान के लिए संकट थे, अब उनके लिए संकट पैदा होता जा रहा है। वे लखनऊ के लोकभवन में मंगलवार (18 अप्रैल 2023) को आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रयागराज में 15 अप्रैल को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के मारे जाने के बाद सीएम का यह पहला सार्वजनिक संबोधन था। उससे पहले अतीक के बेटे असद और उसके गुर्गे गुलाम को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वालों को साल 2017 से पहले की स्थिति याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2012 से 2017 के बीच में 700 से अधिक दंगे हुए थे। वर्ष 2007 से 2012 के बीच 364 से ज्यादा दंगे हुए थे। लेकिन वर्ष 2017 से 2023 के बीच एक भी दंगा उत्तर प्रदेश में नहीं हुआ। इस बीच एक भी दिन कर्फ्यू लगाने की नौबत नहीं आई।

सीएम योगी ने कहा कि पहले कुछ जनपदों (जिलों) के नाम से लोग डरते थे। आज लोगों को उन जनपदों के नाम से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश निवेशकों की पूँजी को सुरक्षित रखने में सक्षम है। यूपी के गाँवों तक स्ट्रीट लाइटें जगमगा रही हैं। पहले इसी यूपी के लिए कहा जाता था कि जहाँ से अँधेरा शुरू हो जाए समझ लो यूपी आ गया। पहले सड़कों पर पड़े गड्ढे प्रदेश की पहचान हुआ करती थी। लेकिन आज राज्य भर में बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी है। इसके कारण निवेशक रुचि दिखा रहे हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री मेगा एकीकृत वस्त्र एवं परिधान (पीएम मित्र) योजना के अंतर्गत लखनऊ और हरदोई के बीच एक हजार एकड़ में टेक्सटाइल पार्क बनाया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार और यूपी सरकार के बीच एमओयू साइन किया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी की जोड़ी ने उत्तर प्रदेश के लिए कल्पना से बढ़कर काम किया है। आज यूपी का चित्र और चरित्र दोनों बदल गया है।

गर्भवती हैं इलियाना डिक्रूज, ट्रोल्स पूछ रहे- पिता का नाम: प्रशंसक बोले- करण जौहर से किसी ने पूछा था उनके बच्चों की माँ का नाम

बॉलीवुड अभिनेत्री इलियाना डिक्रूज (Ileana D’Cruz) जल्द ही माँ बनने वाली हैं। उन्होंने मंगलवार (18 अप्रैल 2023) को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल पर प्रेग्नेंसी की गुड न्यूज शेयर की। एक्ट्रेस ने एक बेबी ड्रेस भी शेयर की है। इस पर लिखा है, “एंड सो द एडवेंचर बिगिन्स।” इसके साथ ‘ममा’ पेंडेंट की तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा, “कमिंग सून। मेरी नन्ही जान तुमसे मिलने का इंतजार नहीं कर सकती।” हालाँकि, अपनी पोस्ट में उन्होंने अपने होने वाले बच्चे के पिता का नाम नहीं बताया है।

इलियाना के प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट के बाद जहाँ उनके फैंस उन्हें जमकर बधाई दे रहे है, वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग उनके बच्चे के पिता का नाम पूछ रहे हैं।

एक यूजर ने इलियाना डिक्रूज की प्रेग्नेंसी पर सवाल उठाते हुए लिखा कि किसका है ये पाप। कृपया इस तरह की पश्चिमी संस्कृति से युवाओं को विचलित न करें।

इस तरह देखते ही देखते सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस द्वारा होने वाले बच्चे के पिता का नाम न बताने पर घमासान मच गया। वहीं, अब इलियाना डिक्रूज के फैंस और कुछ लोग उनके सपोर्ट में उतर आए हैं। इलियाना डिक्रूज से शुरू हुई इस बहसबाजी में धीरे-धीरे बॉलीवुड के कई और सेलेब्स का नाम घसीट लिया गया।

शाकीब अहमदी इलियाना डिक्रूज की इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखता है, “लोग पिता का नाम क्यों पूछ रहे हैं, किसी ने नहीं पूछा कि माँ कौन थी, जब करण जौहर और तुषार कपूर के बच्चे हुए थे, तो दोस्तों आराम करो।”

इलियाना डिक्रूज की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

पत्रकार मुग्धा कपूर ने लिखा, “लानत है आप ट्रोल्स पूछ रहे हैं कि पिता कौन है।”

शर्मिला ने लिखा कि मानसिक रूप से बीमार समाज.. यह उसकी पसंद और उसकी जिंदगी है। हम कैसे किसी को जज कर सकते हैं।

इलियाना डिक्रूज की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

साक्षी माहेश्वरी ने लिखा, “कृपया उन्हें अपने जीवन के इस खूबसूरत पल का आनंद लेने दें और उनके छोटे बच्चे को आशीर्वाद दें। बच्चे के पिता के बारे में पूछना बंद करो। वह किसी के बेवकूफी भरे सवालों का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं।” इसी तरह एक अन्य इंस्टाग्राम यूजर ने भी कहा कि बच्चे के पिता और एक्ट्रेस के वैवाहिक जीवन पर सवाल उठाने के बजाए उनकी खुशी व अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।

इलियाना डिक्रूज की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

बता दें कि इलियाना डिक्रूज पहली सेलिब्रिटी नहीं हैं, जिन पर प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट के दौरान पिता का नाम नहीं बताने के लिए हमला किया गया। इससे पहले सोशल मीडिया पर अभिनेत्री व टीएमसी सांसद नुसरत जहाँ पर भी निशाना साधा गया था।

‘₹1.22 करोड़ का हिसाब दो’: ओरछा के राजा राम मंदिर को IT अधिकारी मोहम्मद इरफ़ान का नोटिस, क्या भगवान से भी वसूला जा सकता है टैक्स? – समझें क्या कहता है कानून

मध्य प्रदेश के ओरछा में श्रीराम राजा मंदिर को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किया है। आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 1,22,55,572 रुपए की नकद जमा राशि का स्पष्टीकरण माँगा है। नोटिस में कहा गया है कि वित्तीय लेन-देन करने के बावजूद मंदिर ने निर्धारण वर्ष 2016-17 के लिए आईटी रिटर्न दाखिल नहीं किया था। ‘सुदर्शन न्यूज’ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर 18 अप्रैल, 2023 को यह नोटिस साझा किया।

इसके साथ लिखा, “श्रीरामराजा मंदिर को मोहम्मद इरफान ने नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि 1 करोड़ 22 लाख का हिसाब दो। ओरछा का श्रीराम राजा मंदिर शासकीय है और आयकर से मुक्त है, लेकिन आयकर विभाग का अधिकारी मोहम्मद इरफान ये मानने को तैयार नहीं है।”

इस्कॉन (Iscon) के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने भी आज अपने ट्विटर हैंडल पर इस नोटिस को शेयर किया। उन्होंने लिखा, “आयकर विभाग के अधिकारी मोहम्मद इरफान ने ओरछा के श्रीराम मंदिर को मिले 1 करोड़ 22 लाख रुपए के दान को आय बताकर उस पर टैक्स देने के लिए नोटिस भेजा है। हालाँकि, यह मंदिर सरकारी है और इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आता, लेकिन वह अपने पद का दुरुपयोग कर रहा है।”

इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या मंदिर को टैक्स चुकाने के लिए कहा जाना चाहिए या नहीं, इस मामले में कानून स्पष्ट है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कानून में देवी और देवताओं का प्रतिनिधित्व कैसे किया जाता है। कानून के अनुसार, देवी-देवता एक सामान्य व्यक्ति की तरह ही वादी हैं। उन्हें न्यायिक संस्थाएँ कहा जाता है। कानून दो प्रकार के व्यक्तियों को पहचानता है, एक मनुष्य और दूसरा कृत्रिम रूप से बनाए गए व्यक्ति (न्यायिक व्यक्ति), जिन्हें कानूनी व्यक्ति भी कहा जाता है।

कृत्रिम रूप से बनाए गए व्यक्ति के मामले में पहचान का उपयोग कंपनियों, ट्रस्टों, समाज, निजी व्यवसायों और कंपनियों के लिए किया जाता है। उल्लेखनीय है कि अदालतों ने पूरे पशु साम्राज्य को ‘लीगल इंटिटी’ के रूप में घोषित किया है। यदि हम उत्तराखंड उच्च न्यायालय के जुलाई 2018 के फैसले को देखें, तो उसने पूरे पशु साम्राज्य को इस तथ्य के आधार पर एक लीगल इंटिटी के रूप में घोषित किया है कि उन सभी के पास एक जीवित व्यक्ति के समान अधिकारों और कर्तव्यों के साथ एक अलग व्यक्तित्व है।

विशेष रूप से जब हिंदू देवी-देवताओं की बात आती है, तो एक व्यक्ति के रूप में उन्हें मान्यता अंग्रेजों के समय से चली आ रही है। 1887 में देवी-देवताओं को एक मित्र, शेबैत और प्रबंधक के माध्यम से व्यक्तियों के रूप में मान्यता दी गई थी और यह उल्लेख किया गया था कि उनके पास भी अधिकार हैं। उस समय की प्रिवी काउंसिल ने डाकोर मंदिर (Dakor Temple) मामले में फैसला सुनाया था, “हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति एक न्यायिक विषय है और जिस पवित्र विचार को वह मूर्त रूप देती है उसे एक कानूनी व्यक्ति का दर्जा दिया जाता है।”

देवताओं को ही नहीं, बल्कि नदियों को भी अधिकार मिलने वाले व्यक्ति के रूप में माना गया है। सुप्रीम कोर्ट में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाम सोमनाथ दास और अन्य के 2000 के मामले में कहा गया था, “न्यायिक व्यक्ति शब्द ही एक व्यक्ति के कानून में होने की मान्यता को दर्शाता है जो अन्यथा नहीं है। दूसरे शब्दों में, यह एक व्यक्तिगत प्राकृतिक व्यक्ति नहीं है, बल्कि एक कृत्रिम रूप से बनाया गया व्यक्ति है, जिसे कानून के रूप में मान्यता दी जानी है। देवताओं, कॉर्पोरेशन, नदियों और जानवरों सभी को अदालतों द्वारा न्यायिक व्यक्तियों (Juristic Persons) के रूप में माना गया है।

भगवान कृष्ण, भगवान अयप्पा और राम लला से संबंधित मामलों में हिंदू देवताओं को अदालत में एक प्रबंधक/शबैत/अभिभावक द्वारा प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति के रूप में मान्यता दी गई है। हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी मूर्तियों को एक व्यक्ति के रूप में माना जा सकता है। केवल वे मूर्तियाँ जिन्हें सार्वजनिक रूप से स्थापित किया गया है, या प्राण प्रतिष्ठा की गई है वे एक न्यायिक इकाई के रूप में अधिकार प्राप्त करती हैं। गैर-इकाई और इकाई के बीच के अंतर का उल्लेख सर्वोच्च न्यायालय ने अपने 1969 के फैसले में किया था। अदालत ने कहा था, “सभी मूर्तियाँ ‘न्यायिक व्यक्ति’ होने के योग्य नहीं होंगी, यह केवल तभी होगा, जब इसे जनता के लिए सार्वजनिक स्थान पर स्थापित किया जाता है।”

धर्म के साथ बदलती है परिभाषा

हिंदू देवताओं को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में मान्यता दी गई है, जिसके पास संपत्ति हो सकती है, अधिकार और दायित्व हो सकते हैं। लेकिन यह कानून अन्य धर्मों के लिए समान नहीं है। सिख धर्म में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को एक जीवित गुरु माना जाता है और इस प्रकार कानून ग्रंथ साहिब को एक न्यायिक इकाई के रूप में देखता है। हालाँकि, प्रत्येक ग्रंथ साहिब एक न्यायिक व्यक्ति नहीं हो सकता, जब तक कि वह एक गुरुद्वारे में अपनी स्थापना के माध्यम से एक न्यायिक भूमिका नहीं लेता है। सर्वोच्च न्यायालय के 2000 के फैसले में देखा गया, “ईसाई और इस्लाम मजहब के मामले में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इस प्रकार, इन दोनों धर्मों का कोई न्यायिक अस्तित्व नहीं है। इस्लाम के मामले में, केयरटेकर नमाज करने वाली जगह का संचालन करते हैं और चर्चों के मामले में वे संगठन, जो ट्रस्ट या समाज के रूप में पंजीकृत हैं, बिल्डिंग्स की देखभाल करते हैं।”

ध्यान दें कि भारत में अधिकांश मंदिर वार्षिक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं। आवश्यक हो तो टैक्स का भुगतान भी करते हैं। कैश डिपॉजिट के बारे में स्पष्टीकरण माँगने के लिए आईटी विभाग द्वारा जारी किया गया नोटिस एक नियमित नोटिस हो सकता है, जिसे विभाग समय-समय पर व्यक्तियों को भेजता है। नोटिस में इस बात का जिक्र नहीं था कि विभाग ने बताई गई राशि पर टैक्स माँगा है। जैसा कि मंदिर प्रशासन ने कथित तौर पर आईटी रिटर्न में लेनदेन को शामिल नहीं किया था। नोटिस में केवल स्पष्टीकरण माँगा गया है कि इसे आय के रूप में क्यों माना जाना चाहिए।

गुजरात के मंदिर में एक भजन ऐसा भी… मंच पर पशु-पक्षियों के भोजन के लिए भक्तों ने लगा दिया रोटियों का ढेर: देखिए Video

आपने ऐसे कई वीडियो देखे होंगे जिसमें भजन गायक के चारों तरफ पैसों का अंबार लगा हो। पर शायद ही ऐसा वीडियो देखा हो जिसमें भजन गायक के चारों तरफ रोटियों का ढेर लगा हो। ऐसा ही एक वीडियो गुजरात से आया है। पाटन के रोटलिया हनुमान मंदिर में प्रसिद्ध लोकगायक कीर्तिदान गढ़वी का भजन कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए रोटी ही टिकट थी। भक्त इच्छानुसार एक से 10 रोटियाँ लेकर कार्यक्रम में प्रवेश कर रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल इस भजन कार्यक्रम के वीडियो में पर रोटियों का अंबार लगा हुआ दिख रहा है।

बताया जा रहा है कि रोटलिया हनुमान मंदिर की स्थापना के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर लोक दायरो (भजन और कथा) का आयोजन किया गया था। 16 अप्रैल 2023 को आयोजित इस कार्यक्रम से पहले गायक कीर्तिदान गढ़वी ने लोगों से रोटी लाने की अपील की थी। उनकी अपील पर लोग रोटियाँ लेकर पहुँचे। कार्यक्रम शुरू होने के बाद मंच पर रोटियों का ढेर लग गया। इन रोटियों से गाय, कुत्तों समेत अन्य पशुओं और पक्षियों के लिए भोजन उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम का एक वीडियो कीर्तिदान गढ़वी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से भी शेयर किया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान 50 हजार से ज्यादा रोटियाँ जमा की गईं। बता दें कि रोटलिया हनुमान मंदिर दुनिया का पहला ऐसा मंदिर है, जहाँ प्रसाद के रूप में सिर्फ रोटला (रोटियों से मोटी और बड़ी) और रोटी ही चढ़ाई जाती हैं। मंदिर में विराजमान बजरंग बली को सिर्फ रोटला या रोटी का भोग लगाया जाता है।

भक्तों द्वारा लाई गई रोटी का भोग लगने के बाद इन्हें एक बड़े बर्तन में जमा किया जाता है। इसके बाद प्रसाद सभी जीव-जन्तुओं को बाँटा जाता है। इसमें गाय, कुत्ते समेत अन्य पशु और पक्षियाँ भी शामिल हैं। मंदिर में मनोकामना पूरी होने के बाद भी भक्त स्वेच्छा से 5 से लेकर 101 रोटियाँ चढ़ाते हैं। यहाँ अन्य किसी तरह का प्रसाद स्वीकार नहीं किया जाता।

अमेरिका में गुरुद्वारों के पास गोलीबारी निकली गैंगवॉर, 17 गिरफ्तार अपराधियों में अधिकतर सिख: AK 47-मशीनगन जैसे हथियार बरामद, कई भारत में भी वॉन्टेड

अमेरिकी पुलिस ने साल 2022 से 2023 के बीच कैलिफोर्निया के कई गुरुद्वारों और उसके आस-पास हुई गोलीबारी की घटनाओं के मामले में 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपितों को 20 से अधिक स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद पकड़ा गया है। पुलिस ने इस छापेमारी के दौरान पिस्टल, AK 47 और मशीनगन जैसी घातक हथियार भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपितों में अधिकतर सिख समुदाय के लोग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई सोमवार (17 अप्रैल, 2023) को की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार लोगों में कम से कम 4 भारतीय बताए जा रहे हैं जिनके पास भारतीय पासपोर्ट बरामद हुआ है। इसमें से 2 लोग माफिया गैंग से जुड़े हैं जो भारत के कई केसों में वॉन्टेड हैं। बाकी आरोपित जन्म से ही अमेरिका के सिख समुदाय के लोग है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार लोग दूसरी गैंग से अदावत में गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया करते थे। गोलीबारी की ये घटनाएँ अमेरिका के सट्टर, सैक्रामेंटो, साइन जोकिन, सोलानो, योलो और मर्सेड काउंटी में हुई थीं। पुलिस ने इन घटनाओं में हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज किया था।

पुलिस ने कुछ गिरफ्तार आरोपितों के नाम भी प्रकाशित किए हैं। इसमें से अमरदीप सिंह, गुरविंदर सिंह, नितीश कौशल, हरमनदीप सिंह, गुरमिंदर सिंह, देवेंदर सिंह, गुरशरण सिंह और गुरचरण सिंह प्रमुख हैं। इसके अलावा एक अन्य स्थान वुडलैंड पर हुई गोलीबारी के मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम पवित्तर सिंह, हुसनदीप सिंह, हरकीरत सिंह, सहजप्रीत सिंह और तीरथ राम हैं। इसमें से पवित्तर सिंह और हुसनदीप सिंह पर भारत भारत में केस दर्ज हैं और दोनों वहाँ से भगोड़े घोषित हैं। इन सभी के अलावा पुलिस ने 2 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है जिन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

गिरफ्तार आरोपितों द्वारा की गई 2 प्रमुख घटनाओं में पहली घटना 27 अगस्त, 2022 की है। तब स्टॉकटन के एक गुरुद्वारा में गोलीबारी हुई थी। इसके अलावा मार्च 2023 को सैक्रामेंटो के एक अन्य गुरूद्वारे में भी गोलीबारी हुई थी। जाँच के दौरान पुलिस ने बताया कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुई तमाम गोलीबारी के पीछे 2 गैंग की आपसी टशन थी। इन समूहों के नाम AK 47 और मिंटा हैं इन आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका के अधिकारियों ने कैलिफोर्निया को सुरक्षित बताया है।

‘NCP के साथ हूँ और रहूँगा’: अजित पवार ने BJP में जाने के अटकलों पर लगाया विराम, बोले- किसी भी विधायक का हस्ताक्षर नहीं लिया है

NCP नेता और पार्टी के मुखिया शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के साथ जाने की अटकलों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि उनके बारे में जो भी प्रचारित किया जा रहा है, उसमें कोई सच्चाई नहीं है। अजित पवार फ़िलहाल महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्होंने कहा कि वो NCP के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। पूर्व उप-मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि उन्होंने किसी भी विधायक के हस्ताक्षर नहीं लिए हैं।

साथ ही अजित पवार ने कहा कि अब सभी अफवाहों को रुक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके और उनके साथियों के खिलाफ झूठे रिपोर्ट्स शेयर किए जा रहे हैं। उनके चाचा शरद पवार ने भी इन अटकलों को विराम लगाते हुए कहा कि किसी ने भी विधायकों की बैठक नहीं बुलाई है और अजित पवार पार्टी की गतिविधियों में व्यस्त थे। उधर अजित पवार ने ये भी कहा कि वो वही करेंगे, जो उनकी पार्टी कहेगी। चर्चा है कि शरद पवार द्वारा दी जाने वाली इफ्तार पार्टी में भी वो शामिल हो सकते हैं।

उधर ये भी सामने आया है कि महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष अपना जापान दौरा बीच में ही छोड़ कर मुंबई लौट रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि स्पीकर राहुल नार्वेकर जापान से लौट आएँगे। NCP नेता अनिल पटल ने भी अजित पवार के साथ मुलाकात के बाद कहा है कि ‘दादा’ पार्टी के साथ हैं और किसी के साथ उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। उधर महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंता ने कहा कि उनकी पार्टी अजित पवार का स्वागत करने को तैयार है, अगर वो एनसीपी छोड़ते हैं तो।

उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के नेता संजय राउत ने भी अजित पवार के भाजपा के साथ जाने की अटकलों को नकारा है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि अगर कुछ विधायक भाजपा से हाथ मिलाते भी हैं तो MVA की तीनों पार्टियाँ साथ रहेंगी। हालाँकि, मीडिया में NCP के नेताओं के हवाले से चलाया जा रहा था कि कुछ भी हो सकता है, क्योंकि राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। कुछ विधायकों का कहना है कि शरद पवार ही अंतिम निर्णय लेंगे।