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‘सुरक्षा भूल जाओ… मौत आनी है तो आनी है’: टीम इंडिया के पाकिस्तान दौरे में ‘अल्लाह’ तक को खींच लाए जावेद मियांदाद, पहले भी कहा था- जहन्नुम में जाए भारत

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर व दाऊद इब्राहिम के समधी जावेद मियांदाद विवादस्पद बयान देने के लिए जाने जाते हैं। हालाँकि इस बार उन्होंने भारत से गुहार लगाई है कि वो भारतीय टीम पाकिस्तान खेलने आए। उन्होंने नादिर अली के शो में बात करते हुए कहा कि भारत को पाकिस्तान आने से मना नहीं करना चाहिए। मौत आनी है तो आ ही जाएगी।

जावेद मियांदाद ने यह बात भारत द्वारा पाकिस्तान में मैच खेलने से मना करने की बात कही। नादिर अली ने उन्हें बताया भारत ने ऐसा निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया है उन्हें यहाँ डर लग रहा है। इस पर मियाँदाद ने कहा सुरक्षा भूल जाओ। हम मानते हैं कि मौत आनी है तो आनी है। जिंदगी और मौत तो अल्लाह के हाथ में है। अगर वे आज हमें बुलाएँगे तो हम जाएँगे। लेकिन उन्हें भी यहां आना चाहिए। पिछली बार हम उनके यहाँ गए थे इस बार उनको आना चाहिए।”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “अगर बीसीसीआई हमें बुलाता है तो हम जरुर जाएँगे। लेकिन उन्हें भी पाकिस्तान का दौरा करना होगा। पिछली बार हम उनके यहाँ गए थे। इस बार उन्हें पाकिस्तान आना चाहिए। जब दोनों देश एक दुसरे के यहां आएंगे जाएंगे तो रिश्ते भी बहाल होंगे। हम जब भारतीय क्रिकेट प्रेमियों से मिलते हैं तो हमें कोई रंजिश नजर नहीं आती है।”

उल्लेखनीय है कि भारत के बारे में बात करते हुए जावेद मियांदाद के सुर इस बार बदले जरूर दिखे लेकिन उनके ये कहने पर कि मौत तो आनी ही है…पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले वो भारत के लिए काफी अनाप-शनाप बोल चुके हैं। जब बीसीसीआई ने भारत के पाकिस्तान जाने पर इनकार किया था उस समय भी जावेद ने कहा था “अगर भारत क्रिकेट खेलने के लिए पाकिस्तान नहीं आना चाहता है तो वह जहन्नुम में जाए।”

उन्होंने आगे कहा था, ”मैंने हमेशा पाकिस्तान का समर्थन किया है। आप जानते हैं कि जब भी कोई समस्या आती है तो मैं भारत को नहीं बख्शता हूँ। लेकिन, बात यह है कि हमें अपने हिस्से को देखने की जरूरत है। हमें इसके लिए लड़ना चाहिए। हमें किसी बात की परवाह नहीं है क्योंकि हमें मेजबानी करनी है। यह आईसीसी का काम है। यदि ICC इसे नियंत्रित नहीं कर सकता है तो उसके गवर्निंग बॉडी होने का कोई मतलब नहीं है। उन्हें हर टीम के लिए समान नियम लागू करने की जरूरत है। अगर इस तरह की टीमें नहीं आती हैं तो उन्हें प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए। इंडिया होगा, अपने लिए होगा। हमारे लिए नहीं है।”

‘मुझे छूटने दो फिर बताता हूँ’: बेटे के एनकाउंटर के बाद भी हेकड़ी दिखा रहा अतीक अहमद; रिपोर्ट में दावा अधिकारियों को धमकाया, कहा- बताऊँगा गद्दी क्या चीज है

माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmed) का बेटा असद अहमद यूपी एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस एनकाउंटर में बेटे के मारे जाने के बाद से अतीक अहमद बौखलाया हुआ है। बताया जा रहा है कि उसने असद अहमद का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों को धमकी दी है।

टाइम्स नाउ ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि अतीक अहमद ने असद अहमद के एनकाउंटर में शामिल उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को खुली धमकी दी है। अतीक ने कहा है, “जिस पुलिस अफसर ने मारा है। बस मुझे छूटने दो। फिर बताऊँगा गद्दी क्या चीज है।”

बता दें कि इससे पहले सोशल मीडिया में इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि असद अहमद के एनकाउंटर की सूचना मिलने के बाद अतीक अहमद खुद को संभाल नहीं पा रहा था। जिस वक्त एनकाउंटर हुआ अतीक प्रयागराज कोर्ट में था। इसी दौरान वह फूट-फूटकर रोने लगा और चक्कर खाकर गिर गया।

गौरतलब है कि UP ATS ने गुरुवार (13 अप्रैल 2023) को अतीक अहमद के बेटे असद अमहद के साथ ही गुलाम को भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। ये दोनों उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपित थे। हत्या के बाद ही दोनों फरार हो गए थे। यूपी पुलिस लगातार दोनों की तलाश में जुटी हुई थी। लेकिन ये दोनों छिपते हुए भाग रहे थे। यही नहीं दोनों पुलिस काफिले पर हमला कर अतीक को छुड़ाने का प्लान बना रहे थे।

पुलिस को असद और गुलाम के इस नापाक मंसूबे की भनक लग गई। इसके बाद पुलिस ने जाँच करते हुए झाँसी में दो लोगों को रोका जिन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस की मुठभेड़ में दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने असद और गुलाम के पास से विदेशी हथियार भी बरामद किए थे।

उमेश पाल हत्याकांड

24 फरवरी 2023 को दिनदहाड़े गोलियों और बमों से हमला कर उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उमेश पाल के सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को भी गोलियों से भून दिया था। पेशे से वकील रहे उमेश पाल बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे। राजूपाल की हत्या 2005 में कर दी गई थी। राजूपाल की हत्या का आरोप अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद पर है। राजू पाल हत्या मामले के गवाह उमेश पाल को अतीक अहमद ने अगवा भी करवाया था। इस मामले में कोर्ट ने पिछले दिनों उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

उमेश पाल हत्याकांड के आरोपित

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने अतीक अहमद समेत 18 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है। इनमें ज्यादातर लोग अतीक के परिवार वाले हैं। आरोपितों में अतीक के अलावा उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, भाई अशरफ अहमद, असद के अलावा अन्य चार बेटे, बहन आयशा, बहनोई डॉ. अखलाक, गुड्डू मुस्लिम, शदाकत, अरमान, विजय चौधरी उर्फ उस्मान, मोहम्मद गुलाम, अरबाज, साबिर, कैस अहमद, राकेश, अरशद कटरा, नियाज, इकबाल अहमद, शाहरुख समेत कुछ अज्ञात लोग शामिल हैं।

उमेश पाल की हत्या में शामिल 4 आरोपितों को अबत क एनकाउंटर में मार गिराया गया है। इनमें अतीक का तीसरा बेटा असद, शूटर उस्मान, अरबाज और मोहम्मद गुलाम शामिल हैं। इसके अलावा अतीक के परिवार की मदद करने वाले 3 आरोपितों और करीबियों के घर पर बुलडोजर भी चल चुका है। बुल्डोजर की कार्रवाई एनकाउंटर में ढेर हुए मोहम्मद गुलाम के घर पर भी हुई थी।

‘जय श्रीराम’ के नारों के बीच अमित शाह ने थामा त्रिशूल, बंगाल से 2024 में 35 सीटें माँगी: कहा- BJP सरकार ही रोक सकती है घुसपैठ-गो तस्करी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुँचे। दौरे के पहले दिन अमित शाह ने बीरभूम में जनसंपर्क समावेश रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सीएम ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। अमित शाह ने बंगाल की जनता से 2024 के आम चुनावों में 35 से ज्यादा सीटें देने की अपील की। रामनवमी की शोभा यात्रा पर हुए पथराव और उसके बाद हुई हिंसा पर भी अमित शाह ने ममता बनर्जी को घेरा। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें त्रिशूल भेंट किया।

रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी का एक ही लक्ष्य है और वह है अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को बंगाल का मुख्यमंत्री बनाना। गृहमंत्री ने कहा, “यह संभव नहीं होगा। बंगाल का अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा।” उन्होंने कहा कि आपने विधानसभा चुनावों में 77 सीटों के साथ हमें 38 फीसदी वोट दिया। 2024 के चुनाव में बाकी की कसर पूरी कर दीजिए। और बंगाल में 35 से ज्यादा सीटें देकर मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनाइए।

अमित शाह ने कहा, “दीदी और भतीजे के जुर्म से निजात का एक मात्र रास्ता भारतीय जनता पार्टी है। बंगाल में घुसपैठ और गौ तस्करी रोकने का रास्ता भाजपा सरकार है।” उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद असम में घुसपैठ और गौ-तस्करी पर लगाम लग चुका है। गृह मंत्री ने कहा कि 2024 के चुनावों में 35 सीटें मिलते ही 2025 में ममता बनर्जी सरकार चली जाएगी।

अमित शाह ने अपने भाषण के दौरान रामनवमी के दौरान हुई हिंसा का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में 35 सीटें दें और बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाएँ उसके बाद रामनवमी के जुलूस पर हमला करने की किसी की हिम्मत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बंगाल बम धमाको का सेंटर बन चुका है।

कार्यक्रम के दौरान भाजपा के 8-10 कार्यकर्ताओं ने अमित शाह को त्रिशूल भेंट किया। इस दौरान मंच से जय श्री राम, भारत माता की जय, अमित शाह जिंदाबाद और नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे थे। त्रिशूल ग्रहण करने के बाद अमित शाह ने हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया। बता दें अमित शाह शुक्रवार शाम को प्रदेश के भाजपा नेताओं के साथ बैठक करेंगे और राज्य की स्थिति का जायजा लेंगे। शनिवार (15 अप्रैल) को वे दक्षिणेश्वर मंदिर जाएँगे और पूजा अर्चना करेंगे।

जमीन छीना, पति गायब, बेटे पर फायरिंग, घर में घुसकर कई बार पीटा… अतीक अहमद से 33 साल से लड़ रहीं जयश्री को जानते हैं आप

उनका नाम सूरजकली कुशवाहा उर्फ जयश्री है। उनकी उम्र 60 साल है। उनके पति सालों से गायब हैं। बेटे पर फायरिंग हो चुकी। खुद उन पर कई बार हमला हो चुका है। फिर भी वे 33 साल से उस माफिया अतीक अहमद से लड़ रहीं हैं जो कभी उत्तर प्रदेश में खौफ का पर्याय था।

यूपी के प्रयागराज में धूमनगंज इलाके के झलवा की रहने वाली जयश्री के पति बृजमोहन कुशवाहा के पास 12 बीघा से अधिक जमीन थी। इस पर बढ़िया खेती होती थी। परिवार का पालन-पोषण हो रहा था। लेकिन एक दिन अचानक सब कुछ बदल गया। जयश्री के पति गायब हो गए। जमीन पर अतीक का कब्जा हो गया। जयश्री कहती हैं कि अतीक के अब्बू फिरोज के पास लाल रंग का एक ट्रैक्टर था। इस ट्रैक्टर से किसानों के खेतों की जुताई-बुवाई होती थी। यही ट्रैक्टर उनके खेत में भी चलता था। लेकिन उनकी जमीन देखकर अतीक के मन में लालच जाग गया। अतीक का करीबी लेखपाल मानिकचंद श्रीवास्तव एक दिन जयश्री के पास आया और कहा कि उनकी जमीन शिवकोटी सहकारी आवास समिति के नाम पर दर्ज हो गई है।

दरअसल, अतीक ने शिवकोटी सहकारी समिति बनाकर जयश्री की पूरी जमीन अपने नाम करवा ली थी। यही नहीं अतीक ने इसमें दो लोगों को सचिव बनाया और इस जमीन को बेचना शुरू कर दिया। जयश्री के अनुसार 1989 में एक दिन उनके पति अचानक से गायब हो गए। वह कहाँ गए किसी को पता नहीं। इसके कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि जमीन अब उनकी नहीं रही। जमीन जयश्री और उनके परिवार के जीवनयापन का सबसे बड़ा सहारा था। इसलिए उन्होंने गाँव वालों से सहायता माँगी और अपनी जमीन वापस पाने के लिए कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर दी। इस बीच उन्हें यह पता चल गया था कि जमीन हड़पने का पूरा खेल अतीक अहमद का था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

उन्होंने बताया कि जब उनकी जमीन हड़पी गई, तब अतीक अहमद विधायक था। उसने उन्हें कई बार अपने कार्यालय में बुलाया। अतीक के बुलावे पर जब वह पहली बार गईं तो उसने कहा कि तुम्हारा पति मेरा बहुत खास था। अब नहीं रहा। इसलिए अब तुम्हारे परिवार जिम्मेदारी मेरी है। अपनी जमीन दे दो और घर में रहो। जयश्री ने इनकार किया तो अतीक भड़क गया। कहा कि जिस तरह तुम्हारे पति को गायब करवाया है, उसी तरह तुमको भी गायब करवा दूँगा।

जयश्री के अनुसार इसके बाद अतीक के गुर्गों ने कई बार घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की। उसके गुर्गे उन्हें लगातार धमकी देते रहे। लेकिन उन्होंने हमेशा ही अतीक का डटकर मुकाबला किया। वे अपने भाई प्रह्लाद कुशवाहा की करेंट लगने से हुई मौत के लिए भी अतीक अहमद को जिम्मेदार ठहराती हैं। उनका कहना है कि बीते 30 सालों में उनपर 7 बार हमला हुआ। अतीक के गुर्गों ने सैंकड़ों बार उन्हें धमकियाँ दीं। साल 2016 में उनके घर के सामने बेटे और परिवार पर हमला हुआ। इसमें उनके बेटे को गोली लगी थी। लेकिन बेटे की जान बच गई।

जयश्री के अनुसार वह कई सालों तक कोर्ट और थाने के चक्कर काटती रहीं। लेकिन अतीक के खिलाफ कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही थी। साल 1991 में उन्हें अतीक के खिलाफ पहली FIR करवाने में कामयाबी हासिल हुई। लेकिन साल 2001 में आरोपों को निराधार बताकर केस बंद कर दिया गया। 2005 में जयश्री को बड़ी सफलता मिली। सीलिंग एक्ट से अनुमति नहीं मिलने के कारण शिवकोटी सहकारी आवास समिति का नामांतरण रद्द हो गया। इसके बाद जमीन उनके नाम पर दर्ज कर दी गई। साल 2007 में सूबे के सियासत में परिवर्तन हुआ। इसके बाद अतीक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ।

जयश्री के वकील केके मिश्रा का कहना है कि इस मामले में कुल 4 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। लेकिन सभी मामलों में अब तक पुलिस विवेचना भी पूरी नहीं हो पाई है। पुलिस ने अतीक और अशरफ के अलावा किसी अन्य आरोपित के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल नहीं की है। जयश्री और उनके परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर प्रशासन ने दो जवान तैनात किए हैं। हालाँकि जयश्री के बेटों ने लाइसेंसी हथियार के साल 2020 में आवेदन दिया था, जो अब तक नहीं मिला है।

क्या दिल्ली में अब नहीं मिलेगी फ्री बिजली? AAP सरकार ने उपराज्यपाल पर ठीकरा फोड़ झाड़ा पल्ला, LG ऑफिस ने कहा- प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नौटंकी न करें

क्या दिल्ली में अब फ्री बिजली की सुविधा बंद हो जाएगी? यह सवाल आप (AAP) सरकार की मंत्री आतिशी मार्लेना के एक प्रेस काॅन्फ्रेंस के बाद खड़ी हो गई है। उन्होंने उपराज्यपाल पर ठीकरा फोड़ते हुए बिजली उपभोक्ताओं को मिल रही सब्सिडी खत्म होने की बात कही। वहीं, उपराज्यपाल के कार्यालय ने इस प्रेस काॅन्फ्रेस को नौटंकी और आरोपों को निराधार बताया है। वैसे कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि आतिशी की प्रेस काॅन्फ्रेंस के कुछ घंटों बाद एलजी ने बिजली सब्सिडी वाली फाइल को मंजूरी दे दी है। यदि ऐसा होता है तो उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर पहले की तरह ही छूट मिलती रहेगी।

अरविंद केजरीवाल सरकार की ऊर्जा मंत्री आतिशी ने शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को कहा कि दिल्ली के लोगों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी पर रोक लग गई है। आज से दिल्ली वालों को फ्री बिजली नहीं मिल पाएगी। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल की सरकार बिजली की सब्सिडी देती है। इसके तहत 200 यूनिट तक बिजली फ्री होती है। 200 से 400 यूनिट तक 50 फीसदी बिजली का बिल माफ होता है, जिसके तहत वकीलों को, किसानों को, 1984 के दंगों के पीड़ितों को बिजली की सब्सिडी दी जाती है। आज से दिल्ली के लोगों को दी जाने वाली सब्सिडी वाली बिजली बंद कर दी जाएगी। यानी कल से जो बिजली के बिल दिल्ली के उपभोगताओं को मिलेंगे, उसमें उन्हें सब्सिडी नहीं मिलेगी। अब तक जिनको ज़ीरो बिल आता था, कल (15 अप्रैल 2023) से उन्हें बढ़े हुए बिल मिलना शुरू हो जाएँगे। जिनको 50 प्रतिशत छूट मिलती थी, उन्हें भी बढ़े हुए बिल मिलना शुरू हो जाएँगे।”

सब्सिडी खत्म होने का कारण बताते हुए आतिशी ने कहा, “दिल्ली सरकार ने बिजली सब्सिडी जारी रखने का फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया था। लेकिन उस सब्सिडी की फाइल दिल्ली के एलजी अपने पास रखकर बैठ गए हैं। वो फाइल LG को भेजने के बाद उनके ऑफिस ने रोक कर रख ली है। जब तक फाइल एलजी के ऑफिस से वापस नहीं आती है, तब तक AAP सरकार सब्सिडी का पैसा रिलीज नहीं कर सकती है।”

‘आप’ सरकार के दावों पर दिल्ली एलजी ऑफिस (LG Office) की ओर से भी जवाब आया है। LG हाउस के अधिकारी ने कहा कि ऊर्जा मंत्री को सलाह दी जाती है कि एलजी के खिलाफ अनावश्यक राजनीति और निराधार झूठे आरोपों से बचें। उन्हें झूठे बयानों से लोगों को गुमराह करना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा है, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और ऊर्जा मंत्री को दिल्ली की जनता को जवाब देना चाहिए कि इस संबंध में फैसला 4 अप्रैल तक लंबित क्यों रखा गया, जबकि समय सीमा 15 अप्रैल थी? एलजी को 11 अप्रैल को ही क्यों फाइल भेजी गई? 13 अप्रैल को चिट्ठी लिखकर और आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नौटंकी करने की क्या जरूरत है?”

दिल्ली के CM केजरीवाल तक पहुँची शराब घोटाले की जाँच, CBI ने 16 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया: सिसोदिया पहले से ही जेल में हैं बंद

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। खबर आ रही है कि मनीष सिसोदिया के बाद अब CBI दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती है। इसके लिए सीबीआई ने केजरीवाल को समन भेजा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार आरोपित दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत अन्य लोगों से पूछताछ के बाद अब CBI ने केजरीवाल को समन जारी किया है। इस समन में, सीबीआई ने केजरीवाल को रविवार (16 अप्रैल 2023) को पूछताछ के लिए बुलाया है।

बता दें कि इसी घोटाले में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी 26 फरवरी 2023 को हुई थी। उसके बाद से उन्हें जमानत नहीं मिल पाई है। राउज एवेन्यू कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर अब 18 अप्रैल को सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई में ईडी ने सिसोदिया को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। साथ ही कहा था कि आबकारी नीति पर जनता की सहमति दिखाने के लिए उन्होंने फर्जी ईमेल कराए थे।

15 प्वाइंट्स में समझें दिल्ली का शराब घोटाला

1.) नवंबर 2021 में लागू की गई दिल्ली सरकार की नई शराब नीति के तहत राज्य में कुल 849 दुकानें खोली गईं। इस शराब नीति से पहले 60 प्रतिशत दुकानें सरकारी और 40% प्राइवेट होती थीं। वहीं, घोटाले के लिए तैयार की गई शराब नीति में सभी दुकानें प्राइवेट कर दी गईं। इससे सरकार को सीधी तरह नुकसान हुआ।

2.) दिल्ली सरकार ने शराब बेचने के लिए मिलने वाले लाइसेंस की फीस कई गुना बढ़ा दी। L-1 लाइसेंस पहले ठेकेदारों को 25 लाख रुपए में मिल जाता था। हालाँकि नई शराब नीति लागू होने के बाद इसके लिए ठेकेदारों को 5 करोड़ रुपए देने पड़े। इसी तरह अन्य लाइसेंस के लिए भी फीस कई गुना तक बढ़ा दी गई। इससे छोटे ठेकेदार लाइसेंस नहीं ले सके। इसका सीधा फायदा बड़े व्यपारियों को मिला।

3.) उप मुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया के कहने पर आबकारी विभाग द्वारा L-1 बिडर को 30 करोड़ रुपए वापस कर दिए। दिल्ली एक्साइज पॉलिसी में किसी भी बिडर का पैसा करने का नियम नहीं है। लेकिन सिसोदिया के कहने पर भी यह भी हुआ।

4.) कोरोना काल में शराब कंपनियों को हुए नुकसान की भरपाई करने के नाम पर केजरीवाल सरकार ने लाइसेंस फीस में बड़ी छूट दी। वास्तव में सरकार ने कंपनियों की 144.36 करोड़ रुपए की लाइसेंस फीस माफ कर दी थी।

5.) विदेशी शराब और बियर के पर मनमाने ढंग से 50 रुपए प्रति केस की छूट दी गई। यह छूट कंपनियों को फायदा देने के लिए दी गई थी।

6.) दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति के तहत राज्य को 32 जोन में बाँटा था। इसमें से 2 जोन के ठेके एक ऐसी कंपनी को दिए गए जो ब्लैक लिस्टेड थी।

7.) शराब बेचने वाली कंपनियों के बीच कार्टेल पर प्रतिबंध होने के बाद भी केजरीवाल सरकार ने शराब विक्रेता कंपनियों के कार्टेल को लाइसेंस दिए थे। इसके तहत शराब कंपनियों को शराब पर डिस्काउंट देने और एमआरपी पर बेचने के बजाय खुद कीमत तय करने की छूट मिल गई। इसका फायदा भी शराब बेचने वालों को हुआ।

8.) नई शराब नीति को लेकर कैबिनेट की बैठकों में मनमाने ढंग से फैसले लिए गए। यही नहीं, नियमों को ताक पर रखते हुए कैबिनेट नोट सर्कुलेशन के बिना ही प्रस्ताव पास करा दिए गए।

9.) शराब विक्रेताओं को फायदा पहुँचाने के उद्देश्य से ड्राई डे की संख्या घटा दी गई। यह संख्या पहले 21 थी, वहीं नई शराब नीति के तहत दिल्ली में ड्राई डे महज 3 दिन ही था।

10.) शराब ठेकेदारों को पहले 2.5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। वहीं नई शराब नीति के तहत इसे बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया। इससे शराब ठेकेदारों को फायदा हुआ। वहीं सरकारी खजाने को नुकसान झेलना पड़ा।

11.) केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के 2 जोन में शराब निर्माता कंपनी को रिटेल में शराब बेचने की अनुमति दी। वहीं, नियम यह है कि शराब निर्माता और रिटेल विक्रेता अलग-अलग होगा।

12.) उपराज्यपाल से अनुमति लिए बिना ही दो बार आबकारी नीति को आगे बढ़ाया गया। साथ ही मनमाने ढंग से छूट दी गई। इसका शराब कंपनियों ने फायदा उठाया। कैबिनेट की बैठक बुलाकर ही सारे फैसले ले लिए गए।

13.) दिल्ली सरकार ने बिना किसी ठोस आधार के टेंडर में नई शर्त जोड़ते हुए कहा था कि हर वार्ड में कम से कम दो दुकानें खोलनी पड़ेंगीं। इसके लिए दिल्ली के आबकारी विभाग ने भी केंद्र सरकार से अनुमति लिए बिना ही अतिरिक्त दुकानें खोलने की अनुमति दे दी। इसका शराब निर्माता कंपनियों ने फायदा उठाया।

14.) सोशल मीडिया, बैनर्स और होर्डिंग्स के जरिए शराब को बढ़ावा देने वालों पर दिल्ली सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह दिल्ली एक्साइज नियम 2010 के 26 और 27 नियम का उल्लंघन है।

15.) नई आबकारी नीति लागू करने के लिए केजरीवाल सरकार ने जीएनसीटी एक्ट-1991, ट्रांजैक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स 1993, दिल्ली एक्साइज एक्ट 2009 और दिल्ली एक्साइज रूल्स 2010 का सीधे तौर पर उल्लंघन किया।

फंड देने के बहाने की छेड़छाड़…विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी: एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने लगाया फाइनेंसर पर आरोप, केस दर्ज

बॉलीवुड प्रोड्यूसर-डायरेक्टर साजिद खान (Sajid Khan) और राज कुन्द्रा (Raj Kundra) पर यौन शोषण का आरोप चुकी एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा एक बार फिर चर्चा में हैं। शर्लिन ने शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को मुंबई के जुहू थाने में एक फाइनेंसर के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया। आरोपित का नाम सुनील लोढ़ा है।

अभिनेत्री ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपित ने वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए पैसे देने के बहाने उसके साथ छेड़छाड़ की, जब उन्होंने उसका विरोध किया, तो उसने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। मुंबई पुलिस के अनुसार, आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 506, 509 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जाँच जारी है।

मूवी टॉकीज की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में शर्लिन चोपड़ा (Sherlyn Chopra) ने अपने अगले म्यूजिक वीडियो की फंडिंग के लिए बिजनेसमैन सुनील लोढ़ा से मुलाकात की थी। शर्लिन ने दावा किया कि सुनील लोढ़ा ने एक्ट्रेस को म्यूजिक वीडियो के लिए फंड करने का वादा करके उनके साथ छेड़छाड़ की। वह इस मामले में चुप नहीं रहेंगी और आज फाइनेंसर का पर्दाफाश करेंगी। एक्ट्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना के बारे में खुलकर बताएँगी।

बता दें कि शर्लिन चोपड़ा ने इससे पहले साजिद खान और शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने ‘बॉस 16’ में साजिद खान को रखने पर सलमान खान पर भी निशाना साधा था। शर्लिन ने 10 अक्टूबर 2022 को ट्विटर पर एक आर्टिकल शेयर करते हुए कहा था, “अब समय आ गया है कि सलमान खान स्टैंड लें। साजिद खान ने मुझे अपना प्राइवेट पार्ट दिखाकर 0-10 के स्केल पर रेटिंग करने को कहा था। मैं ‘बिग बॉस 16’ के घर में जाकर साजिद खान को रेटिंग देना चाहती हूँ। मैं चाहती हूँ कि पूरी दुनिया इसकी गवाह बने। सलमान खान जी प्लीज स्टैंड लीजिए।” उन्होंने यह भी कहा था, “अगर साजिद ने सलमान खान के करीबी या किसी जानने वाली लड़की के साथ छेड़छाड़ की होती, तो क्या वह साजिद को ‘बिग बॉस’ के घर में एंट्री करने देते?

6 साल में 183 ढेर, 10933 एनकाउंटर: योगी राज में UP पुलिस ने मिट्टी में मिलाए कई माफिया, मेरठ जोन में मारे गए सबसे ज्यादा क्रिमिनल

जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके शूटर गुलाम को यूपी एसटीएफ ने 13 अप्रैल को 2023 को एक एनकाउंटर में मार गिराया। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक 183 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए हैं। इस सरकार के 6 साल में 10 हजार से ज्यादा एनकाउंटर हुए हैं। असद-गुलाम एनकाउंटर के बाद मीडिया से बात करते यूपी के स्पेशल एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार और स्पेशल टास्क फोर्स के एडीजी अमिताभ यश ने यह जानकारी दी।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार साल 2017 में बनी थी। मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम शुरू किया गया। इसके तहत अलग-अलग तरीकों से अपराधियों पर शिकंजा कसा गया। मार्च 2017 से लेकर 14 अप्रैल 2023 तक प्रदेश में कुल 10,933 मुठभेड़ हो चुके हैं। इन मुठभेड़ों में 183 अपराधी मार गिराए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान जख्मी होने के बाद 5046 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के बाद कुल मिलाकर 23, 348 अपराधी पकड़े गए हैं।

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा मुठभेड़ मेरठ जोन में हुआ है। पिछले 6 सालों में यहाँ 3205 मुठभेड़ हुए हैं। इनमें 64 अपराधियों को मार गिराया गया है। वहीं 1708 अपराधी घायल हुए हैं। मेरठ जोन में 6 सालों में 1 पुलिसकर्मी बलिदान भी हुआ है, जबकि 401 घायल हुए हैं। पुलिस ने जोन से 5967 अपराधियों को पकड़ा है। मेरठ के बाद आगरा में 1844 एनकाउंटर हुए हैं, जिसमें 14 अपराधी मारे गए हैं। इस दौरान 4654 अपराधी गिरफ्तार किए गए। आगरा के बाद बरेली में 1497 मुठभेड़ की घटनाएँ हुई हैं। इनमें 7 अपराधी मारे गए हैं और 3410 को गिरफ्तार किया गया है। इस जोन में भी एक पुलिसकर्मी बलिदान हुए हैं।

आँकड़ों के मुताबिक पिछले 6 वर्षों में अपराधियों के खिलाफ इस तरह के अभियानों में कुल 13 पुलिसकर्मी बलिदान हुए हैं। 1443 पुलिस के जवान घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सीएम योगी के पहले कार्यकाल के दूसरे वर्ष यानी 2018 में सबसे ज्यादा एनकाउंटर हुए। वहीं सबसे कम एनकाउंटर 2022 में हुए। उल्लेखनीय है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता में वापसी करने में सफल रही थी। इसकी सबसे बड़ी वजह कानून-व्यवस्था में सुधार और अपराधियों के खिलाफ की गई सख्ती ही थी।

नॉर्थ-ईस्ट को PM मोदी ने दिया पहला AIIMS, ₹14300 करोड़ के प्रोजेक्ट्स भी: कहा- पहले वाले क्रेडिट के भूखे थे इसलिए, पूर्वोत्तर उनके लिए बहुत दूर था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे पर हैं। यहाँ उन्होंने असम को AIIMS गुवाहाटी समेत 14300 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दशकों तक देश में राज करने वाले लोग कहते हैं कि उन्हें क्रेडिट नहीं मिलता।

पीएम मोदी शुक्रवार (14 अप्रैल 2023) को असम के गुवाहाटी में पूर्वोत्तर भारत को पहले एम्स की सौगात दी। प्रधानमंत्री ने AIIMS गुवाहाटी के अलावा नलबाड़ी, नागाँव और कोकराझार के 3 मेडिकल कॉलेजों का भी वर्चुअली उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने ‘असम एडवांस्ड हेल्थ केयर इनोवेशन इंस्टीट्यूट’ तथा पलाशबाड़ी और सुआलकुची को जोड़ने वाले ब्रह्मपुत्र नदी पर पुल और शिवसागर के ‘रंग घर’ के सौंदर्यीकरण की आधारशिला रखी। कुल मिलाकर इस दौरे पर प्रधानमंत्री ने 14300 करोड़ रुपए की विकासकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है, “आजकल एक नई बीमारी देखने को मिल रही है। मैं देश में कहीं भी जाता हूँ और पिछले 9 वर्षों में हुए विकास की चर्चा करता हूँ तो कुछ लोगों को बहुत परेशानी हो जाती है। ये नई बीमारी है। वो शिकायत करते हैं कि दशकों तक उन्होंने भी देश पर राज किया है। लेकिन उन्हें क्रेडिट क्यों नहीं मिलता। क्रेडिट के भूखे लोगों और जनता पर राज करने की भावना ने देश का बहुत नुकसान किया है।”

पीएम ने आगे कहा, “जनता तो जनार्दन का रूप होती है। ईश्वर का रूप होती है। पहले वाले क्रेडिट के भूखे थे। इसलिए, पूर्वोत्तर उनके लिए बहुत दूर था। पराए पन का भाव उन्होंने पैदा कर दिया था। हम तो सेवा भाव से आपके सेवक होने की भावना से समर्पण भाव से आपकी सेवा करते हैं। आज नॉर्थ-ईस्ट में लोगों ने विकास की बागडोर आगे बढ़कर खुद संभाल ली है। भारत के विकास के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार ने बीते वर्षों में 15 नए AIIMS पर काम शुरू किया। इनमें से अधिकतर में इलाज और पढ़ाई दोनों सुविधा शुरू हो चुकी है। AIIMS गुवाहाटी भी इसका परिणाम है कि सरकार जो संकल्प लेती है उसे सिद्ध करके दिखाती है। यह असम की जनता का प्यार है जो उन्हें खींचकर ले आता है। बीजेपी की सरकारों में नीति, नीयत और निष्ठा किसी स्वार्थ से नहीं बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम, देशवासी प्रथम’ इसी भावना से नीतियाँ तय होती हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है, “बीजेपी वोटबैंक की बजाए देश की मुश्किलों को कम करने पर ध्यान दे रही है। सरकार ने लक्ष्य बनाया है ताकि हमारी बहनों को इलाज के लिए दूर ना जाना पड़े। यह भी तय किया कि किसी गरीब को पैसे के अभाव में अपना इलाज न टालना पड़े। सरकार का प्रयास है कि देश के गरीब परिवारों को भी घर के पास ही बेहतर इलाज मिले।”

बनेगा विश्व रिकॉर्ड…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे पर यहाँ के प्रसिद्ध बिहू महोत्सव में भी भाग लेंगे। इस महोत्सव में 11000 से अधिक कलाकार पीएम के सामने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। साथ ही एक ही स्थान पर दुनिया के सबसे बड़े बिहू नृत्य का प्रदर्शन करते हुए अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कराने का प्रयास करेंगे। इस नृत्य कार्यक्रम में राज्य के 31 जिलों के कलाकार हिस्सा लेंगे।

‘जब तक बाबा CM हैं अपराधी छोड़ दें UP’: असद-गुलाम एनकाउंटर पर हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास, यूपी STF को देंगे इनाम

अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और शूटर मोहम्मद गुलाम का एनकाउंटर करने वाली यूपी एसटीएफ की टीम को अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास 51 हजार रुपए का पुरस्कार देंगे। उन्होंने वीडियो जारी कर इसकी घोषणा की है। अपराधियों के एनकाउंटर के लिए उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को बधाई भी दी है।

महंत राजू दास ने अपने यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो में माफियाओं से प्रदेश छोड़कर चले जाने की बात कही। उन्होंने कहा, “जिस तरह उत्तर प्रदेश में माफियाओं की कमर तोड़ी जा रही है, मैं उत्तर प्रदेश के माफियाओं से अपील करना चाहता हूँ कि जब तक बीजेपी की सरकार है और बाबा (योगी आदित्यनाथ) मुख्यमंत्री हैं तब तक या तो प्रदेश छोड़कर चले जाएँ या शांत हो जाएँ।”

हनुमानगढ़ी के पुजारी ने एनकाउंटर करने वाली एसटीएफ की टीम के लिए 51000 रुपए के इनाम की घोषणा की। महंत राजू दास ने सरकार से बचे हुए आरोपितों के भी एनकाउंटर की माँग की। उन्होंने कहा, “जहाँ संविधान का राज हो वहाँ अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया कि बमों से हमले किए गए। इन हमलों में पुलिस वाले और आम लोग मारे गए।”

बता दें कि 24 फरवरी 2023 को दिन दहाड़े उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान उमेश पाल के साथ उनके दो सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे। पेशे से वकील रहे उमेश पाल बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे। राजूपाल की हत्या 2005 में कर दी गई थी। राजूपाल की हत्या का आरोप अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद पर है।

उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने अतीक अहमद समेत 18 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है। इनमें ज्यादातर लोग अतीक के परिवार वाले हैं। उमेश पाल की हत्या में शामिल 4 आरोपितों को अबत क एनकाउंटर में मार गिराया गया है। इनमें अतीक का तीसरा बेटा असद, शूटर उस्मान, अरबाज और मोहम्मद गुलाम शामिल हैं।