आईआईटी बॉम्बे के छात्र दर्शन सोलंकी की आत्महत्या मामले में जाँच में जुटी एसआईटी ने रविवार (9 अप्रैल 2023) को बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने 19 साल के एक साथी छात्र को गिरफ्तार किया है। छात्र का नाम अरमान इकबाल खत्री (कुछ रिपोर्ट के मुताबिक अमन खत्री) है। आरोप है कि अरमान ने ही दर्शन को आत्महत्या के लिए उकसाया। उसका नाम सुसाइड नोट में भी लिखा था।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, पुलिस अधिकारी ने इस मामले में कहा, “हमने अरमान का बयान दर्ज किया था, लेकिन वह वो बात नहीं बता रहा है, जिसके कारण उनके बीच विवाद हुआ। इसलिए हमने उसे अब गिरफ्तार किया है ताकि पूछताछ की जा सके और घटनाओं का सही क्रम मालूम हो सके।”
पुलिस जाँच में यह भी सामने आया है कि दर्शन द्वारा की गई एक सांप्रदायिक टिप्पणी के बाद अरमान इकबाल ने उसे धमकी दी थी और कटर दिखाकर डराया था। दोनों एक ही फ्लोर पर रहते थे।
जनसत्ता की खबर के मुताबिक, अन्य छात्रों ने पुलिस को बताया कि ये टिप्पणी वाली घटना आत्महत्या से लगभग पाँच दिन पहले की है। दर्शन के सांप्रदायिक टिप्पणी करने पर अरमान नाराज था और उसे कटर दिखाकर धमकी देता था कि वह उसे नहीं बख्शेगा। घटना के बाद से सोलंकी खौफ में जी रहा था। उसने कई मौकों पर माफी भी माँगी और गले भी मिले। लेकिन सोलंकी का डर नहीं खत्म हुआ। सुसाइड से एक दिन पहले वो इतना घबरा रखा था कि उसे बुखार भी आ गया था।
सुसाइड के पीछे जातिगत भेदभाव बताई गई वजह
उल्लेखनीय है कि मीडिया में इस केस के पीछे वजह जातिगत भेदभाव बताया जा रहा था। हालाँकि फिलहाल ऐसी कोई भूमिका सामने नहीं आई है। ये मामला दर्शन सोलंकी और अरमान इकबाल खत्री के बीच हुए विवाद से संबंधित लग रहा है। अन्य छात्रों की मानें तो दर्शन सोलंकी अपने घर अहमदाबाद जाना चाहता था पर उसे ये भी डर था कि इकबाल खत्री उसे वहाँ भी नुकसान पहुँचा देगा।
दर्शन सोलंकी आत्महत्या
बता दें कि दर्शन सोलंकी आईआईटी बॉम्बे का छात्र था। उसने 12 फरवरी को हॉस्टल के 7वें फ्लोर से कूदकर जान दी थी। 3 मार्च को इस मामले में एसआईटी गठित हुई। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला जिस पर अरमान के लिए लिखा था- “अरमान ने मुझे मार डाला।” छानबीन में सुसाइड नोट दर्शन सोलंकी द्वारा लिखित ही पाया गया। 29 मार्च को दर्शन के पिता ने महाराष्ट्र सीएम, डिप्टी सीएम, मुंबई पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर शिकायत दी कि उन्हें इस मामले में एफआईआर करने पर पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके बाद यह मामला क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर किया गया। 35 लोगों से पूछताछ हुई। इसी दौरान दर्शन सोलंकी और अरमान के बीच हुए विवाद का खुलासा हुआ और अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।
अयोध्या में बन रहे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर को और भव्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब मंदिर परिसर में पंचदेव मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही भगवान राम के जन्मोत्सव रामनवमी पर सूर्य की किरणें सीधे रामलला की मूर्ति पर पड़ें। इसके लिए अंतरिक्ष विभाग तथा अन्य संस्थाओं के वैज्ञानिक काम कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में बन रहे रामलला के मंदिर परिसर में पंचदेव मंदिर का निर्माण होना है। इस मंदिर में भगवान गणेश, माँ भवानी, भगवान शंकर, भगवान हनुमान, सूर्य देवता के साथ ही भगवान राम के वनवास के दौरान उनके संपर्क में आई विभूतियाँ भी विराजमान होंगी। इसमें माता शबरी, जटायु, निषाद राज, अगस्त्य मुनि, ऋषि विश्वामित्र, ऋषि वशिष्ठ, महर्षि वाल्मीकि और देवी अहिल्या जैसे नाम शामिल हैं।
इस मंदिर के निर्माण को लेकर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल का कहना है कि पंचदेव मंदिर का निर्माण तीन चरण में होना है। पहले चरण के निर्माण की नींव पड़ चुकी है। पंचदेव मंदिर के निर्माण के बाद श्रद्धालु रामलला के दर्शन और परिक्रमा कर पंचदेव मंदिर में भी पूजा अर्चना कर सकेंगे। इस मंदिर का निर्माण मंदिर के परकोटे में होना है। मंदिर का निर्माण 2025 तक पूरा होने का अनुमान है।
वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य परमानंद गिरि महाराज कहा है कि मंदिर के प्रथम चरण का निर्माण दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा। जनवरी 2024 में भगवान सूर्य के उत्तरायण में होने के बाद गर्भगृह में रामलला की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। माना जा रहा है कि जनवरी 2024 के तीसरे या चौथे सप्ताह में रामलला मंदिर में विराजमान होंगे।
रामनवमी में सूर्य की किरणें रामलला पर पड़ें इसके लिए हो रही तैयारी
ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने यह भी कहा है कि रामनवमी पर भगवान सूर्य की किरणें रामलला की प्रतिमा पर पड़े इसके लिए तैयारियाँ की जा रहीं हैं। अंतरिक्ष विभाग तथा अन्य संस्थाओं के वैज्ञानिक इस पर काम कर रहे हैं। इसके हिसाब से रामलला की मूर्ति की ऊँचाई भी तय होगी।
मध्य प्रदेश के दमोह में बजरंग बली की प्रतिमा खंडित किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी और तनाव फ़ैल गया है। स्थानीय निवासियों ने इस हरकत को धार्मिक भावनाएँ भड़काने की साजिश करार दिया है। मामले की शिकायत पुलिस में की गई है। पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। घटना शनिवार (8 अप्रैल, 2023) की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला दमोह के पटेरा थाना क्षेत्र का है। यहाँ पिपरिया साहनी गाँव के रहने वाले संजय पालीवाल के खेत में एक सार्वजनिक मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर आसपास के लोगों की आस्था का केंद्र बताया जाता है। इस मंदिर में अन्य देवताओं के साथ बजरंग बली की भी मूर्ति स्थापित है। ग्रामीण रोज सुबह यहाँ पूजा-अर्चना किया करते हैं। घटना के दिन शनिवार की सुबह जब उसी गाँव के राज किशोर राजपूत मंदिर में पूजा करने गए तब उन्हें हनुमान मूर्ति टूटी हालत में मिली।
कुछ ही देर में यह खबर गाँव और आसपास फ़ैल गई। लोग मंदिर पर पहुँच कर घटना पर नाराजगी जताने लगे। मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो वो भी मौके पर पहुँची। लोगों को समझाया-बुझाया जाने लगा लेकिन ग्रामीण आरोपित को तलाश कर उस पर कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे थे। इसी दौरान मंदिर के पास रहने वाले एक जनजातीय व्यक्ति ने रात में मंदिर में कुछ हलचल होने की भी बात स्वीकारी। लोगों ने इस करतूत को धार्मिक भावनाएँ भड़काने की हरकत बताया है।
आरोपित द्वारा बजरंग बली की प्रतिमा के चेहरे पर वार किया गया है। फ़िलहाल मामले की शिकायत पुलिस को लिखित तौर पर दी गई है। पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है और आरोपित को जल्द गिरफ्तार किए जाने का भरोसा दिया है। कार्रवाई की माँग को ले कर कुछ लोग थाने भी पहुँचे थे। फिलहाल FIR अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ की गई है।
बिहार के पूर्णिया जिले में एक नाबालिग बच्ची के साथ रेप किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की उम्र 10 वर्ष है जिसके प्राइवेट पार्ट में ब्लीडिंग होने पर मिट्टी और बालू डाल दी गई। आरोपित का नाम दिलखुश जर्रा है जिसकी उम्र 26 वर्ष है। पुलिस ने दिलखुश को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का इलाज चल रहा है। घटना शुक्रवार (7 अप्रैल, 2023) की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला पूर्णिया के डगरुआ थाना क्षेत्र का है। यहाँ के एक गाँव चाँदी पंचायत में दिलखुश की दरिंदगी की शिकायत बच्ची के पिता ने घटना की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि घटना के दिन उनकी बच्ची अपनी 5-6 सहेलियों के साथ घर के पास खेल रही थी। इस दौरान पीड़िता के ही पड़ोस में रहने वाला दिलखुश वहाँ आया। उसने पहले आस-पास देखा और किसी बड़े को न देख कर बच्ची को अपनी तरफ खींचने लगा। दिलखुश की हरकत देखते हुए बाकी बच्चे डर से वहाँ से भाग निकले।
मिली जानकारी के मुताबिक, बाकी बच्चों को भगाने के लिए दिलखुश ने उन पर बालू फेंक दिया। बाद में बच्ची को अकेला पा कर उसने पीड़िता का मुँह दबाया और खेतों की तरफ ले जाने लगा। आखिरकार बच्ची को गेहूँ के खेत में ले जा कर दिलखुश ने उसके साथ रेप किया। बच्ची ने दिलखुश से खुद को छुड़ाने की काफी कोशिश की लेकिन वो नाकाम रही। जब दरिंदगी की वजह से बच्ची के प्राइवेट पार्ट से खून निकलने लगा तब दिलखुश ने उसमें मिट्टी और बालू डाल दिया।
पीड़िता से दरिंदगी कर के दिलखुश फरार हो गया। इधर आरोपित द्वारा भगा दिए गए अन्य बच्चों ने पीड़िता के घर पहुँच कर पूरी बात बताई। लड़की के परिजन जब तलाश करते हुए खेत पर गए तब उन्हें पीड़िता कराहती हुई बेसुध हालत में मिली। मामले की सूचना पुलिस को दी गई और बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दिलखुश को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता के परिजनों ने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा आतंकियों के सफाए का काम जारी है। शाहपुर में सेना ने पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे एक आतंकी को मार गिराया है, जबकि दो अन्य घायल हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर में अब सिर्फ 50 आतंकी रह गए हैं, जो इनकी संख्या का अब तक का सबसे निचला स्तर है।
दरअसल, रविवार (9 अप्रैल 2023) को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LOC) पर सेना को घुसपैठ की जानकारी मिली। इसके बाद सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया। दोनों तरफ से घंटों तक मुठभेड़ होती रही। आखिर सेना ने कामयाबी हासिल करते हुए एक आतंकी को मार गिराया। इस ऑपरेशन में दो आतंकी घायल हो गए हैं।
Poonch, J&K | One terrorist killed and two others were injured in an operation conducted by Indian Army at Shahpur.
बता दें कि रविवार की तड़के सुबह 2 बजे के आसपास पाकिस्तान की तरह से 3 आतंकियों ने घुसपैठ करने की कोशिश की थी। सीमा पर हलचल होता देख सेना सतर्क हो गई और इस दौरान फायरिंग में एक आतंकी को मार गिराया। वहीं, दो आतंकी भागने भाग निकले। इसके बाद सेना ने इलाके को घेर लिया। मुठभेड़ में दोनों घुसपैठिए घायल हो गए हैं।
इस तरह जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का लगभग पूरी तरह सफाया होने वाला है। इंडिया टुडे के राज्य के एक प्रमुख पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म होने के कगार पर है। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में आतंकवाद शुरू होने के बाद पहली बार ऑपरेशन में आतंकवादियों की संख्या 70 से नीचे आई है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक आंतरिक आकलन में स्थानीय आतंकवादियों की संख्या सिर्फ 29 बताई गई है। इनमें सिर्फ तीन पुराने आतंकवादी हैं। इनके नाम हैं – फारूक अहमद भट उर्फ नली जावेद अहमद मट्टू और रियाज अहमद उर्फ शेतारी। वहीं, विदेशी आतंकियों की संख्या 20 से 24 बताई गई है।
वहीं, केंद्र के हिसाब से जम्मू कश्मीर में काम कर रहे विदेशी आतंकियों की संख्या 30 से 35 है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि साल 2017 में घाटी में आतंकियों की संख्या 350 थी, जो घटकर दहाई अंक में आ गई है। इसके लिए उन्होंने सुरक्षा बलों की सतर्कता को जिम्मेदार ठहराया।
दिलबाग सिंह ने कहा, “हमने चारों तरफ से आतंकी इकोसिस्टम को घेर लिया है। चाहे वह पथराव हो या अलगाववादियों, फाइनेंसरों पर कार्रवाई हो या सीमा पार से ड्रोन के जरिए आने वाले हथियारों को जब्त करना हो। पुलिस और सुरक्षाबलों ने काफी हद तक आतंकवाद पर काबू पाने में कामयाबी हासिल की है।”
200 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडिस को पत्र लिखा है। इस पत्र में चंद्रशेखर ने लिखा है कि लक्स कोजी के नए ऐड को देखने के बाद उसे जैकलीन की याद आती है। साथ ही उसने जैकलीन को ईस्टर की बधाई दी है।
दरअसल, ठगी के मामले में सुकेश चंद्रशेखर दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है। इस जेल से वह अक्सर पत्र लिखता रहा है। उसके पत्र कभी मीडिया के लिए होते हैं तो कभी दिल्ली के उप-राज्यपाल तो कभी बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के लिए। ऐसे ही एक पत्र में उसने लिखा है, “बेबी, तुम्हें ईस्टर की शुभकामनाएँ। यह तुम्हारे पसंदीदा त्योहारों में से एक है। ईस्टर के लिए तुम्हें खूब सारा प्यार।”
सुकेश ने पत्र में आगे लिखा है, “मैं उन दिनों को याद करता हूँ जब तुम मेरे साथ थी। मुझे तुम्हारे अंदर के उस बचपने की भी बहुत याद आती है जब तुम अंडे को तोड़ देती थी और उनसे कैंडी निकलती थीं। बेबी, क्या तुम्हें अंदाजा है कि तुम कितनी सुंदर हो? तुम्हारे जैसा खूबसूरत इस पूरी धरती पर नहीं है। माई बनी रैबिट, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। तुम और मैं हमेशा साथ रहने के लिए बने हैं। मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा।”
महाठग ने आगे लिखा है, “बेबी बुरा समय जल्द ही खत्म होगा और अच्छा समय शुरू होने वाला है। सभी लोग इस समय को देखेंगे। बेबी मैं तुमसे वादा करता हूँ चाहे जो जाए, यही होगा। एक पल भी ऐसा नहीं है जब मैं तुम्हारे बारे में नहीं सोचता। मुझे पता है कि तुम भी मुझे मिस करती होगी। मैं वादा करता हूँ कि अगला ईस्टर तुम्हारा अब तक का सबसे अच्छा ईस्टर होगा। ऐसा ईस्टर तुमने अपनी पूरी जिंदगी में नहीं मनाया होगा। बेबी कल जब मैंने तुम्हारा लक्स कोजी का विज्ञापन देखा, तब मैं हमारे बारे में सोच रहा था। यह विज्ञापन तो सिर्फ एक संयोग है। लेकिन बेबी तुम बहुत ब्यूटीफुल हो। यह विज्ञापन भी हमारे बारे में ही है। बेबी।”
लेटर के आखिर में सुकेश ने गाने का जिक्र करते हुए लिखा है, “तुम मिले, दिल खिले और जीने को क्या चाहिए। बेबी तुम मेरे दिल की धड़कन हो। मुझे इतना अधिक प्यार करने के लिए धन्यवाद। हैप्पी ईस्टर अगेन माई बेबी। भगवान मम्मी-पापा और परिवार को आशीर्वाद दें। लव यू माई बेबी, माई जैकी बोम्मा।”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स उद्भाग के साथ आम आदमी को अपने बात रखने का और एक बड़े वर्ग तक पहुँचने का मंच मिला। लेकिन, एक किस्म के ब्रीड ने इसे विष-वमन करने का मंच भी बना दिया। कभी मुस्लिमों के ठेकेदार बन कर तो कभी दलितों के ठेकेदार बन कर ये लोग भड़काऊ बातें करते हैं। हिन्दू धर्म को गाली देना इनका पसंदीदा पेशा है। कुछ इसी तरह अब ‘Dhakad TV’ के अरुण गौतम ने स्वामी रामभद्राचार्य को बदनाम करने का प्रयास किया है।
चित्रकूट के रामभद्राचार्य किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। रामभद्राचार्य से वामपंथी और इस्लामी गिरोह की खीझ समझी जा सकती है, क्योंकि उन्होंने राम मंदिर के लिए लंबी लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने 15 जुलाई, 2003 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक एफिडेविट दायर कर बताया था कि गोस्वामी तुलसीदास ने ‘दोहा शतक’ में बाबर की करतूतों और उसके शागिर्द मीर बाक़ी द्वारा राम मंदिर ध्वस्त किए जाने का जिक्र किया है, इसकी निंदा की है।
रामानंदी संप्रदाय के रामभद्राचार्य एक बड़े विद्वान हैं, जिन्होंने कई ग्रंथों पर टीकाएँ लिखी हैं। वो दृष्टिहीन हैं, लेकिन कहा जाता है कि उनके आध्यात्मिक चक्षु खुले हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिर से विजय की वो भविष्यवाणी कर चुके हैं। अब उन्होंने कारसेवकों पर गोली चलाए जाने की घटना का जिक्र क्या कर दिया, वामपंथी गिरोह को मिर्ची लग गई है। रामभद्राचार्य पर हमले का असली कारण यही है कि हिन्दू उनका सम्मान करते हैं, उनके लाखों अनुयायी हैं।
ये तो सबको पता है कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने ही कारसेवकों पर होली चलाने का आदेश दिया था, जिसके बाद कई रामभक्त मारे गए थे। इसके बाद से ही उन्हें ‘मौलाना मुलायम’ कहा जाने लगा। ये मुस्लिम तुष्टिकरण की हद थी। इसी तरह बसपा संस्थापक कांशीराम और मुलायम ने जब गठबंधन किया था, तब उनके समर्थकों ने ‘मिले मुलायम-कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्री राम’ का नारा उछाल कर हिन्दू धर्म को बदनाम किया था।
अब एक बार फिर से समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस नारे को हवा दिया है, जिन्होंने रामचरितमानस पर भी ओछी टिप्पणी की थी। इसी धारा को आगे बहाते हुए अरुण गौतम ने रामभद्राचार्य की दृष्टिहीनता का मजाक बनाते हुए उन्हें ‘आँखों से और मानसिक रूप से विकलांग’ बता दिया। वीडियो में उसने रामभद्राचार्य को ‘डर के साए में जीने वाला प्राणी’ बताते हुए ‘गुंडा’ करार दिया और कहा कि मुलायम-कांशीराम के डर से ‘जय श्री राम’ नहीं बोल पा रहे थे।
उसे रामभद्राचार्य के नारे ‘मरे मुलायम-कांशीराम, प्रेम से बोलो जय श्री राम’ के नारे से दिक्कत थी। इससे संत का आशय यह था कि मुलायम सिंह यादव और कांशीराम नहीं रहे, लेकिन ‘जय श्री राम’ आज भी गूँजायमान है। इसे अरुण गौतम ने डर समझ लिया और उनके हिम्मत को चुनौती देने लगा। उसने रामभद्राचार्य को ‘सड़क छाप गुंडा’ और ‘आतंकी’ तक करार दिया। साथ ही उन पर मंच पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए उनके अनुयायियों को ‘अक्ल के अंधों’ कहा।
साथ ही उसने रामभद्राचार्य की विद्वता का भी मजाक बनाया। बता दें कि स्वामी रामभद्राचार्य को कई ग्रन्थ याद हैं। जबकि, खुद को दलितों के ठेकेदार मानने वाला अरुण गौतम ने दावा किया कि 7 से 70 की उम्र तक रामायण लगातार सुनने पर किसी को भी याद हो जाएगा। उसने संतों को ‘लुटेरा’ कह कर संबोधित किया और धार्मिक किताबों को उनका हथियार बताया। उसने संतों को शोषक भी करार दिया और पाकिस्तान के आतंकियों से भी गए-गुजरे व खतरनाक बताया।
उसने संतों के लिए ‘दुष्ट’ शब्द का प्रयोग करते हुए OBC समाज के लोगों को ही एक तरह से बेवकूफ बता दिया। उसने OBC और SC/ST वर्ग के लोगों को सबसे बड़ा मूर्ख करार देते हुए उन्हें भड़काया कि वो साधु-संतों के प्रवचन में न जाएँ और न ही उनके लिए कार्यक्रम आयोजित करें। हिन्दुओं को बाँटने की कोशिश करने वाले अरुण गौतम के यूट्यूब चैनल पर कई लोगों ने उसका समर्थन किया, ये बड़े आश्चर्य की बात है।
सबसे बड़ी बात कि रामभद्राचार्य को ‘डरपोक’ बताने वाले अरुण गौतम के वीडियो पर जब लोगों ने पुलिस को टैग करना शुरू कर दिया तो वो ट्विटर से वीडियो डिलीट कर के निकल गया। हालाँकि, उसके यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो अब भी मौजूद है। क्या भारत भूमि पर अब भारत की परंपरा और संस्कृति के वाहकों को ही गाली दी जाएगी और वो खुला घूमता फिरेंगे? रामभद्राचार्य के लिए इस तरह की भाषा की निंदा की जानी चाहिए।
तुलसी पीठ के रामभद्राचार्य 73 वर्ष के हैं, ऐसे में अरुण गौतम ने उनकी उम्र का भी लिहाज नहीं किया। दिव्यांगों के लिए वो विश्वविद्यालय चलाते हैं, ऐसे में वो समाज के उत्थान में भी एक बड़ा योगदान दे रहे हैं। प्राचीन ग्रंथों पर उन्होंने कई टीकाएँ लिखी हैं, रिसर्च पेपर लिखे हैं। रामभद्राचार्य द्वारा लिखे गए पुस्तकों की संख्या 100 से ऊपर है। वो कई भाषाओं के ज्ञाता हैं और रामकथा में पारंगत हैं। मात्र 2 महीने की उम्र में ही उनकी दृष्टि चली गई थी। इसके बावजूद उन्होंने राम मंदिर मामले में अदालत में गवाही दी।
वो समाजवादी पार्टी की ही सरकार थी, जिसने अगस्त 2013 में स्वामी रामभद्राचार्य को हाउस अरेस्ट में डाल दिया था। उन्हें अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा के लिए जाने से रोक दिया गया था। मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए अखिलेश यादव की सरकार ने कानून-व्यवस्था का बहाना बनाया। हालाँकि, न्यायालयने उन्हें रिहा करने का आदेश देकर अखिलेश यादव की सपा सरकार को झटका दिया। खुद अटल बिहारी वाजपेयी भी रामभद्राचार्य की विद्वता और व्याकरण पर उनकी पकड़ के कायल थे।
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो एक शादी समारोह का है जिसमें दुल्हन हाथ में रिवाल्वर ले कर ताबड़तोड़ फायरिंग करती दिख रही है। दुल्हन के बगल बैठा दूल्हा इस वीडियो में काफी असहज दिखाई दे रहा है। नेटीजेंस ने इस वीडियो पर अलग-अलग तरह से मजे लिए हैं। वहीं हाथरस पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला हाथरस जंक्शन थानाक्षेत्र के गाँव नगला शेखा का है। यहाँ सालेमपुर के एक गेस्ट हाउस में शादी समारोह था। 5 सेकेण्ड के इस वायरल वीडियो में लड़की के पीछे काले रंग की शर्ट में खड़े एक व्यक्ति ने दुल्हन को रिवाल्वर पकड़ाई। मंच पर अपने पति के साथ बैठी दुल्हन ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस दौरान लगभग 4 गोलियाँ दागी गईं। फायरिंग के बाद लड़की ने हथियार फिर से पीछे खड़े व्यक्ति के दे दिया।
प्रकरण स्थानीय पुलिस के संज्ञान में है, थाना हाथरस जंक्शन पुलिस द्वारा थाना हाथरस जंक्शन पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रेत्तर विधिपूर्ण कार्यवाही की जा रही है ।
दरअसल उत्तर प्रदेश के कानून के मुताबिक, हर्ष फरयिंग गैर कानूनी है। हाथरस पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर देने की जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के साथ नेटीजेंस अलग-अलग तरह के कमेंट कर रहे हैं। राहुल कुमार विश्वकर्मा ने इस वीडियो के साथ कैप्शन के तौर पर ‘पिस्टल धारी दुल्हन’ लिखा है। पत्रकार मंजीत सिंह के मुताबिक दुल्हन का रूप देख कर दूल्हा सहम गया था। दिव्यांशु मणि त्रिपाठी ने वीडियो में दिख रही लड़की को ‘ठाँय-ठाँय वाली दुल्हन’ बताया है। वरुण गोयल के मुताबिक, ‘दूल्हे में काटो तो खून नहीं’ का भाव है।
देश में बाघों के सरंक्षण के लिए शुरू किए गए प्रोजेक्ट टाइगर को 50 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (9 अप्रैल, 2023) को कर्नाटक में स्थित बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान पहुँचे। यहाँ उन्होंने कहा है कि देश में बाघों की संख्या बढ़कर 3167 हो गई है। वहीं, कॉन्ग्रेस पीएम मोदी पर ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ का श्रेय लेने का आरोप लगा रही है। हालाँकि अब सवाल यह है कि क्या वास्तव में पीएम मोदी ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ का श्रेय ले रहे हैं?
दरअसल, कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम पर आरोप लगाते हुए ट्वीट किया है, “आज बांदीपुर में प्रधानमंत्री 50 साल पहले लॉन्च किए गए प्रोजेक्ट टाइगर का पूरा श्रेय लेंगे। वह पर्यावरण, वन, वन्यजीव और वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातियों की रक्षा के लिए बनाए गए सभी कानूनों को खत्म करते हुए बहुत तमाशा करेंगे। यह सब सुर्खियों में रहेगा। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है।”
Today at Bandipur the PM will take full credit for Project Tiger that was launched 50 years ago. He will do much tamasha while he dismantles all laws enacted to protect environment, forest, wildlife & tribals living in forest areas. Headlines he will grab, but reality is opposite
यही नहीं, कर्नाटक कॉन्ग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की फोटो ट्वीट कर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा है, “नरेंद्र मोदी 70 साल से कॉन्ग्रेस ने क्या किया है। कॉन्ग्रेस सरकार ने 1973 में बांदीपुर बाघ संरक्षण परियोजना लागू की थी। यहीं आज आप सफारी का आनंद ले रहे हैं। प्रोजेक्ट टाइगर का परिणाम है कि आज बाघों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। उनसे खास अपील- बांदीपुर अडानी को मत बेचिए।”
“70 ವರ್ಷದಿಂದ ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಏನು ಮಾಡಿದೆ” ಎನ್ನುವ @narendramodi ಅವರೇ, ಇಂದು ನೀವು ಸಫಾರಿ ಮೋಜು ಮಾಡುತ್ತಿರುವ ಬಂಡೀಪುರದ ಹುಲಿ ಸಂರಕ್ಷಣಾ ಯೋಜನೆಯನ್ನು 1973ರಲ್ಲಿ ಜಾರಿಗೊಳಿಸಿದ್ದು ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಸರ್ಕಾರವೇ. ಅದರ ಪರಿಣಾಮವೇ ಇಂದು ಹುಲಿಗಳ ಸಂಖ್ಯೆ ಗಣನೀಯ ಏರಿಕೆ ಕಂಡಿದೆ.
देश में बाघों की संख्या बढ़ाने में कॉन्ग्रेस का योगदान?
देश की आजादी के बाद पहली बार साल 1950 में बाघों की गणना की गई थी। उस समय सामने आए आँकड़ों के अनुसार देश में बाघों की संख्या 40,000 थी। इसके बाद अगले 20 सालों में बाघों की संख्या घटकर 1800 में पहुँच गई। यह वह दौर जब देश की सत्ता जवाहर लाल नेहरू और गुलजारी नंदा, लाल बहादुर शास्त्री से होते हुए इंदिरा गाँधी तक के हाथों में पहुँच गई थी। देश में कॉन्ग्रेस के शासन के दिन बढ़ते जा रहे थे। लेकिन बाघों की संख्या लगातार गिरती जा रही थी।
इसके बाद साल 1973 में इंदिरा गाँधी ने ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ लॉन्च किया। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य देश में बचे हुए बाघों का सरंक्षण करना था। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को देखकर ऐसा लगा कि बाघों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी होने वाली है। ऐसा हुआ भी, साल 1980 तक बाघों की संख्या 3000 तक पहुँच गई। लेकिन, इसके बाद 1990 में यह संख्या गिरकर 3000 और साल 2006 में महज 1411 रह गई। इसके बाद साल 2010 में देश में बाघों की संख्या 1706 और 2014 में 2226 थी।
इन आँकड़ों से साफ है कि देश में 70 सालों तक राज करने का दंभ भरने वाली कॉन्ग्रेस सरकार के शासन में बाघों की संख्या 40 हजार से घटकर एक समय 1411 तक पहुँच गई थी।
पीएम मोदी सिर्फ क्रेडिट ले रहे हैं?
यह पहली बार नहीं है जब कॉन्ग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर क्रेडिट लेने का आरोप लगाया हो। वैसे कॉन्ग्रेस नेताओं का झूठे आरोप लगाने और फिर माफी माँगने का इतिहास पुराना है। बहरहाल, पीएम मोदी प्रोजेक्ट टाइगर का क्रेडिट ले रहे हैं या नहीं इसकी सच्चाई जानने के लिए एक बार फिर साल 2014 के आँकड़ों पर नजर डालनी होगी। दरअसल, साल 2014 में देश में बाघों की संख्या 2226 थी। वहीं, अगले 4 सालों यानि साल 2018 में यह संख्या बढ़कर 2967 पहुँच गई।
अब बांदीपुर नेशनल पार्क में प्रधानमंत्री द्वारा जारी किए गए ताजा आँकड़ों के अनुसार, देश में बाघों की संख्या 3167 हो गई है। यानी कि बीते 9 सालों में देश भर में 941 बाघ बढ़े हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि जिनके सत्ता में रहते हुए बाघों की संख्या में लगातार गिरावट हुई वह सिर्फ सियासी फायदे के लिए झूठे आरोप मढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्च किया IBCA
अवैध वन्यजीव व्यापार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंटरनेशनल बिग कैट्स अलायंस (IBCA)’ लॉन्च किया है। यह अलायंस बिग कैट प्रजातियों को शरण देने वाले आसपास के देशों की सदस्यता के साथ दुनिया की सात प्रमुख बड़ी बिल्लियों बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, प्यूमा, जगुआर और चीता के संरक्षण और उनकी सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगा।
कॉन्ग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने एक बार फिर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Rajasthan CM Ashok Gehlot) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पायलट ने सीएम गहलोत पर भाजपा नेताओं के साथ साठगाँठ करने और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक दिन का अनशन रखने की घोषणा की है।
सचिन पायलट ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर राजस्थान सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर वह जयपुर में 11 अप्रैल को एक दिन का अनशन रखेंगे। यह अनशन समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती पर जयपुर के शहीद स्मारक पर करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में जो भी घोटाले हुए उसे गहलोत सरकार ने दबा दिया।
पायलट ने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जो कहती है, वह करके दिखाती है। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार बनी थी तो भ्रष्टाचार को लेकर कई बातें कही गई थी, लेकिन उन पर अभी कार्रवाई नहीं की गई है।
राजस्थान के प्रभावशाली गुर्जर नेता पायलट ने कहा कि राज्य में जब वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी तो कई भ्रष्टाचार हुए थे। इसको लेकर अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जन-जन तक बात पहुँचाई थी। उस दौरान कॉन्ग्रेस ने वादा किया था कि पार्टी सत्ता में आती है तो भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसका यह परिणाम हुआ कि 2018 में वसुंधरा की सरकार बदल गई।
उन्होंने कहा कि सवा साल पहले उन्होंने सीएम गहलोत को चिट्ठी लिखी थी और वादों के अनुसार भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्होंने कहा था कि साढ़े तीन साल हो गए लेकिन खान माफिया, भूमाफिया, शराब माफिया, ललित मोदी सहित किसी भी भ्रष्टाचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
पायलट ने कहा कि उनकी चिट्ठी का कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा कि यह चिट्ठी उन्होंने पार्टी को भी लिखी थी, लेकिन पार्टी की तरफ से भी कोई जवाब नहीं आया। अब 6-7 महीने बचे हैं, उसके बाद जनता के बीच जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा इससे पहले कुछ कार्रवाई हो जानी चाहिए।
पायलट ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग कर रही है। कॉन्ग्रेस के लीडरशिप को टारगेट कर रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर लोगों में यह संदेश जाएगा कि 45,000 करोड़ रुपए का खान घोटाला होने के बावजूद गहलोत सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है, क्योंकि उनकी मिलीभगत है।