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‘पहले आतंक फैलाते थे जो माफिया, आज उनकी पैंट गीली हो जाती है’: कानून व्यवस्था पर बोले CM योगी – रामनवमी पर 35 लाख श्रद्धालु अयोध्या आए, एक तिनका नहीं हिला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि लोग पहले कानून व्यवस्था का खिलवाड़ बनाते थे। लेकिन आज जब कोर्ट उन्हें सज़ा सुनाती है तो उनकी पैंट गीली हो जाती है। योगी आदित्यनाथ ने यह बात शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को कही।

दरअसल, गोरखपुर औद्योगिक प्राधिकरण के सेक्टर 8 में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास पेप्सिको की फ्रेंचाइजी मेसर्स वरुण बेवरेजेज के 1071 करोड़ रुपए की लागत वाला प्‍लांट लग रहा है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इस प्लांट की जमीन का भूमिपूजन करने पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा है, “जिस उत्तर प्रदेश में आज से 6 साल पहले दंगे होते थे। अराजकता फैलती थी। वह उत्तर प्रदेश आज बदल चुका है।” इस बयान को वीडियो में 8 मिनट के बाद से सुना जा सकता है।

सीएम योगी ने आगे कहा, “रामनवमी में देश के अलग-अलग राज्यों में दंगे हो रहे थे। लेकिन जहाँ भगवान राम का जन्म हुआ उस उत्तर प्रदेश में लोग अमन-चैन के साथ खुशहाली के साथ त्योहार मना रहे थे। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में 35 लाख श्रद्धालु आए थे। लेकिन एक तिनका भी नहीं हिला। 1000 से अधिक शोभायात्राएँ निकली थीं। हिंदू और मुस्लिम शोभायात्रा में पुष्प वर्षा कर रहे थे। यही नया बदलाव हुआ है। उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते, बम नहीं बरसते बल्कि पुष्प वर्षा होती है।”

सीएम योगी ने कहा कि जो लोग शांतिपूर्ण ढंग से रहते हैं समाज उनका कैसे स्वागत करता है। यह सभी लोगों ने रामनवमी में देखा होगा।

उन्होंने आगे कहा है, “हनुमान जयंती पर उत्तर प्रदेश में 500 शोभायात्राएँ निकाली गईं। सब कुछ शांतिपूर्ण ढँग से हुआ। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए तो कहना ही क्या है…जो लोग पहले उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को धता बताते थे। आज आप देख रहे होंगे उनके सामने स्वयं की जान के लाले पड़ रहे हैं। जब कोर्ट उन्हें सजा सुनाती है तो उनकी पैंट गीली हो जाती है। जनता भी यह देखती है कि कैसे माफिया पहले जनता को तबाह करते थे। आज उनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई है। सबके जान के लाले पड़े हैं। यहाँ कानून का राज होगा। किसी को भी कानून से बाहर जाकर काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस सरकार का यह संकल्प है।”

1 साल में ₹85000 करोड़ का मोबाइल निर्यात करने वाला देश बना भारत: सीधा दोगुना हो गया एक्सपोर्ट, भारत में बिक रहे 97% मोबाइल फोन स्वदेश निर्मित

भारत ने मोबाइल फोन के निर्यात के मामले में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के आँकड़ों के अनुसार, इस अवधि में भारत ने 85,000 करोड़ रुपए के मोबाइल फोन एक्सपोर्ट किए हैं। बता दें कि भारत सरकार ने देश में मोबाइल फोन की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स का निर्माण भी स्वदेशी और स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है। 2023 में एक्सपोर्ट्स का ये आँकड़ा 1 लाख करोड़ रुपए को पार कराने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये लक्ष्य भी रखा है कि निर्यात के मामले में अगले साल जब 5 उत्पादों की गिनती हो तो उसमें मोबाइल फोन भी शामिल हो। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर भी ये बता चुके हैं। पिछले साल के ताज़ा आँकड़े ‘India Cellular and Electronics Association (ICEA)’ ने जारी किए हैं। इससे पिछले साल के मुकाबले ये आँकड़ा लगभग दोगुना हो गया है। इसका कारण है मोदी सरकार की नीतियाँ।

असल में स्थानीय स्तर पर मोबाइल फोन्स के निर्माण कार्य के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएँ भी चला रही हैं। निर्माताओं में छूट दिए जा रहे हैं। ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेन्टिव्स (PLI)’ लॉन्च किए गए हैं। भारत में बने मोबाइल फोन सबसे ज्यादा UAE, अमरीका, नीदरलैंड्स और UK के अलावा इटली में भी निर्यात किए जा रहे हैं। भारत विश्व में अब दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन गया है। भारत में जितने भी मोबाइल फोन बिक रहे हैं, उनमें से 97% स्वदेश निर्मित ही हैं।

इतना ही नहीं, 2027 तक तो Apple के 45-50% मोबाइल फोन भारत में ही बनने वाले हैं। इसके बाद भारत चीन के मुकाबले खड़ा हो जाएगा, जहाँ 80-85% iPhone बन रहे हैं। चीन से बाहर मोबाइल निर्माता निकल रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा फायदा भारत और वियतनाम को ही मिलने वाला है। Apple ने तो अकेले दिसंबर के महीने में भारत से 1 बिलियन डॉलर के मोबाइल फोन निर्यात किए हैं। iPhone 12 से लेकर 14 प्लस तक भारत में बन रहे हैं।

‘यह सदी भारत की, याद रखिए अमृत काल के 5 प्रण’: रामकृष्ण मठ की 125वीं वर्षगाँठ पर बोले PM मोदी – तमिल भाषा-संस्कृति और चेन्नई का माहौल पसंद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में रामकृष्ण मठ की 125वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रामकृष्ण मठ का मैं बहुत सम्मान करता हूँ। मठ ने मेरे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खुशी का एक कारण यह भी है कि रामकृष्ण मठ चेन्नई में अपनी 125वीं वर्षगाँठ मना रहा है। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि मैं तमिल भाषा तमिल संस्कृति और चेन्नई का माहौल पसंद करता हूँ।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि कन्याकुमारी में ही तपस्या करते हुए स्वामी जी ने जीवन के लक्ष्य की खोज की थी। इससे उनके जीवन में जो बदलाव आया उसका असर शिकागो तक देखा गया। पीएम ने आगे कहा कि स्वामी विवेकानंद बंगाल से थे लेकिन जब वे तमिलनाडु पहुँचे तो उनका नायक की तरह भव्य स्वागत किया गया। ऐसा भारत को स्वतंत्रता मिलने से कई वर्ष पहले हुआ था। देश के लोगों के मन में भारत की एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना हजारों साल पहले से स्पष्ट है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया भर के एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह सदी भारत की है। हर भारतीय ऐसा महसूस भी करता है। इस अमृतकाल का उपयोग पाँच विचारों या पंच प्राणों को अपनाकर उपलब्धियों को हासिल करने के लिए किया जा सकता है। पीएम मोदी ने 5 विचारों के बारे में भी बताया जिसके अनुसार पहला है- विकसित भारत का लक्ष्य, दूसरा है- गुलामी की मानसिकता के सभी निशानियों को हटाना, तीसरा- अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करना, चौथा- आपसी एकता को और मजबूत करना और पाँचवाँ है- अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करना।

प्रधानमंत्री ने भारत में सशक्त होती महिलाओं के बारे में कहा कि आज का भारत महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास में विश्वास रखता है। चाहे वह स्टार्टअप हो या फिर खेल, रक्षा क्षेत्र हो या फिर उच्च शिक्षा, महिलाएँ सभी रुकावटों को पार करके नए-नए कीर्तिमान बना रही हैं।

बता दें कि शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण भारत के दौरे पर रहे। पहले हैदराबाद में उन्होंने सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद पीएम मोदी ने बीबीनगर एम्स का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त पीएम ने पाँच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और सिकंदारााबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी। पीएम ने यहाँ एक विशाल रैली को भी संबोधित किया।

‘आपके चिकन पकौड़े का कारोबार दिन दूनी-रात चौगुनी तरक्की करे’: बर्थडे पर पूरे दिन ट्रोल हुए ‘पकौड़ा किंग’ अजीत अंजुम, नेटीजन्स ने कहा- इतनी बेइज्जती

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर शनिवार (08 अप्रैल 2023) को नेटीजन्स ने यूट्यूबर अजीत अंजुम को जमकर ट्रोल किया। इतना ही नहीं दिन भर #PakodakingAjitAnjum ट्रेंड करता रहा। अजीत अंजुम के लिए पकोड़ा किंग जैसे विशेषण इस्तेमाल किए गए। इस हैशटैग के साथ हजारों ट्वीट किए गए।

ट्विटर पर यूजर्स ने ‘प्रोपगेंडा’ पत्रकार की तस्वीरों को पकोड़े बेचने वालों की तरह दिखाते हुए मीम्स की बौछार कर दी। शेयरिंग जीन्स (sharing_genes) नाम के यूजर ने लिखा कि किसी ट्विटर ट्रेंड को देखकर मैं इतना कभी नहीं हँसा।

कुछ लोग अजीत अंजुम को जन्मदिन की बधाई भी दे रहे थे। दरअसल शनिवार (08 अप्रैल) को उनका जन्मदिन भी था और इसी दिन ट्विटर यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया। लोग जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए भी मजेदार मीम्स शेयर कर रहे थे। मनोज कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि यह तो गजब बेइज्जती है वह भी जन्मदिन के दिन।

कुछ यूजर्स ने पकोड़े तलने वाली तस्वीरें के साथ उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं।

डॉक्टर वेट नाम के यूजर ने लिखा, “जनाब अंजुम साहब को यौमे पैदाइश (जन्मदिन) पर दिली मुबारकबाद, अल्लाह ताला आपको सेहतमंद और उम्रदराज रखें और आपके चिकन पकौड़े का कारोबार यूँ ही दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता रहे।”

निंदा टर्टल (Ninda Turtle) नाम के एक यूजर ने हैशटैग के साथ लिखा, “स्टार्ट अप इंडिया पहल के माध्यम से पकोड़ा किंग अजीत अंजुम की सफलता की कहानी।

ट्विटर पर कुछ यूजर्स ने अजीत अंजुम के नाम से किया हुआ एक ट्वीट शेयर किया। जिसमें वे दावा कर रहे हैं कि यदि उत्तर प्रदेश में योगी फिर से जीत गए तो मैं पत्रकारिता छोड़कर दिल्ली की बल्लीमारान में चिकन पकौड़े की दुकान खोल लूँगा।

इस ट्रेंड के पीछे की कहानी की शुरुआत यहीं से होती है। दरअसल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद सोशल मीडिया पर अचानकर इस तरह के ट्वीट शेयर किए जाने लगे। संभवतः चुनाव के नतीजों के बाद यूजर्स भाजपा विरोधी पत्रकार होने का आरोप लगाकर उन्हें चिढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। अजीत अंजुम इन ट्वीट्स पर सफाई देने लगे। जिसके बाद उन्हें ट्रोल करने वालों की संख्या बढ़ती गई।

गुजरात चुनावों के बाद भी ऐसा ही हुआ। एक अन्य ट्वीट शेयर किया जाने लगा। जिसमें दावा किया गया था कि यदि गुजरात में भाजपा जीत गई तो अजीत अंजुम अपने गृह जिले बिहार के बेगूसराय चले जाएँगे और वहाँ झींगा मछली बेचेंगे।

इन ट्वीट्स से परेशान होकर अजीत अंजुम ने 6 अप्रैल को अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो जारी किया। इसमें वे सफाई देते रहे कि उन्होंने इस तरह के दावे नहीं किए बल्कि भाजपा आईटी सेल वाले और हिंदुवादी कार्यकर्ताओं ने इस तरह के ट्वीट्स फैलाए हैं। अजीत ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी पार्टी के जीत हार की भविष्यवाणी नहीं की। इस बहाने उन्होंने भाजपा आईटी सेल वालों और ट्रोल करने वालों को जमकर कोसा।

वीडियो आने के बाद से यूजर्स ने अजीत अंजुम को एक बार फिर से ट्रोल करना शुरू कर दिया। यहाँ तक कि उनके जन्मदिन वाले दिन सबसे ज्यादा मीम्स और एडिट तस्वीरें शेयर की गईं।

‘संभव ही नहीं है EVM से छेड़छाड़’: NCP के अजित पवार ने विपक्षी एकता को फिर दिया झटका, बोले – हार की वजह न मिलने पर ईवीएम पर उठाते हैं सवाल

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) विधायक अजित पवार ने EVM मामले में अपनी पार्टी के सहयोगी दलों से अलग राय रख दी है। EVM से छेड़छाड़ के तमाम आरोपों को उन्होंने निराधार बताते हुए कहा कि ऐसा करना सम्भव ही नहीं है। अजित पवार ने यह भी कहा कि EVM पर सवाल वही उठाते हैं जो इलेक्शन हार जाते हैं। साथ ही पवार ने कॉन्ग्रेस, तृणमूल और JMM पार्टी की सरकारों के गठन में भी EVM से हुए चुनाव को याद रखने की नसीहत दी। अजित पवार ने यह बयान शनिवार (8 अप्रैल, 2023) को दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, EVM पर अजित पवार की राय पूछने पर उन्होंने EVM से चुनाव प्रणाली को ‘चेक और बैलेंस’ व्यवस्था बताया। उनका कहना था कि EVM से छेड़छाड़ संभव ही नहीं है। चुनाव परिणामों को जनता का सच्चा आदेश बताते हुए अजित पवार ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर EVM पर इसलिए भरोसा है क्योंकि अगर इसमें कोई खराबी होती तो छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें न बनी होतीं।

अजित पवार के मुताबिक अगर कोई EVM में हेरफेर साबित कर दे तो यह देश की सबसे बड़ी गड़बड़ी मानी जाएगी। हालाँकि, उन्होंने आगे कहा कि शायद ही कोई ऐसा कर पाए। अजित के मुताबिक, चुनाव हारने के बाद कुछ लोग यह नहीं समझ पाते कि उनकी हार की वजह क्या है तो ऐसे में वो तमाम लोग EVM पर ही सवाल खड़े करने लगते हैं।

गौरतलब है कि अजित पवार NCP चीफ शरद पवार के भतीजे है। उन्होंने उन मीडिया संस्थानों पर नाराजगी जताई जो कुछ समय पहले उनके महाविकास अघाड़ी से दूरी बनाने की खबर चला रहे थे। अपनी ही पार्टी के कार्यक्रमों दूरी की वजह अजित पवार ने लगातार दौरों के चलते हुई थकान में आराम को बताया। अजित पवार ने मीडिया से अपने बारे में भ्रामक खबरें न चलाने की भी अपील की है।

बंगाल हिंसा की जाँच करने पहुँची फैक्ट फाइंडिंग कमेटी, पुलिस ने बीच में रोका: टीम ने पूछा- सरकार छिपाना क्या चाहती है?

रामनवमी शोभायात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार उल्लंघन की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी पीड़ितों से मिलना चाहती थी। लेकिन बंगाल पुलिस ने उन्हें मिलने से रोक दिया। इसको लेकर कमेटी ने ममता बनर्जी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर सरकार क्या छुपाना चाहती है? पीड़ितों से अकेले मिलने जाने को भी धारा 144 के दायरे में लाया जा रहा है।

दरअसल, रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुगली जिले के रिसड़ा में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में कई लोग घायल हुए थे। मानवाधिकार उल्लंघन की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी इस हिंसा के पीड़ितों से मिलने जा रही थी। इसको लेकर कमेटी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई थी। इस विज्ञप्ति में कहा गया था कि कमेटी के सदस्य शनिवार (8 अप्रैल 2023) को रिसड़ा के बड़ी मस्जिद के सामने संध्या बाजार ऑड एसएसकेएम हॉस्पिटल का दौरा करेंगे।

एएनआई के अनुसार, इसको लेकर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य रिसड़ा पहुँचे थे। जहाँ हिंसा पीड़ितों से मिलने जा रहे सदस्यों को पश्चिम बंगाल पुलिस ने रोक दिया। इसको लेकर कमेटी की सदस्य भावना बजाज ने कहा है, “हम लोगों को पुलिस ने रोक दिया है। सरकार क्या छुपाना चाहती है? हम पीड़ितों से सिर्फ मिलना चाहते हैं लेकिन हमको आगे जाने नहीं दिया जा रहा है। इस घटना को कितना समय हो गया है। क्या राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं है? मैं पीड़ितों से अकेले मिलने जा रही हूँ तो मैं 144 के दायरे में कैसे आ रही?”

बता दें कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव रामनवमी के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हिंसक झड़पें हुई थीं। इस हिंसा में दर्जनों लोग घायल हुए थे। वहीं, कुछ लोगों के मारे जाने की भी खबर सामने आई थी। इसी तरह हुगली जिले के रिसड़ा में हिंसा की शुरुआत 2 अप्रैल की शाम भाजपा रामनवमी शोभायात्रा में हुए पथराव के साथ हुई थी। इसके बाद सड़कों पर खड़ी गाड़ियाँ भी आग के हवाले कर दी गईं थीं। इस हिंसा में महिलाएँ और बच्चे घायल हुए थे।

इसके बाद 3 अप्रैल की रात को रिसड़ा रेलवे स्टेशन के गेट नंबर 4 पर एक पुलिस वैन में आग लगा दी गईं थी। इसके अलावा स्टेशन में पत्थरबाजी और बमबाजी की भी खबरें सामने आईं थीं। दंगाइयों ने ईंट, पत्थर और काँच की बोतल बरसाते हुए हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया था। स्थिति से निपटने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े थे।

अतीक अहमद की बहन आयशा ने किया उमेश के शूटरों को भगाने का काम: UP पुलिस ने आरोपित बनाया, भगोड़ी बीवी शाइस्ता पर ईनाम राशि ₹50 हजार

प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में यूपी पुलिस ने मुख्य आरोपित और कुख्यात गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जेल में बंद अतीक के बैरक को बदलकर उसे खूंखार कैदियों के साथ सेल में डाल दिया गया है। वहीं, उसकी भगोड़ी बीवी शाइस्ता परवीन पर इनाम की राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है।

इधर उत्तर पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अतीक की बहन आयशा नूरी को आरोपी बनाया है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आयशा ने शूटरों को भगाने में अहम भूमिका निभाई है। वह गोलीबारी की साजिश में भी शामिल रही थी। पुलिस उसे कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

पिछले दिनों अतीक के बहनोई डॉक्टर अखलाक अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में उसकी बहन की भी संलिप्तता पाई गई है। जाँच में पता चला कि आयशा नूरी और अख़लाक़ ने 5 मार्च 2023 को हत्याकांड के मुख्य शूटर गुड्डू मुस्लिम से मेरठ स्थित अपने घर पर मुलाकात की थी।

इस दौरान दोनों ने शूटर गुड्डू मुस्लिम का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था। अखलाक अहमद ने तो गुड्डू मुस्लिम को गले लगा दिया था। इसके बाद शूटर वहाँ छिपा रहा। इसके बाद आयशा नूरी ने गुड्डू को शहर से भागने में मदद की और इसके लिए पैसे भी दिए।

अगले दिन 6 मार्च को आयशा नूरी अपनी बेटी उजनैला नूरी के साथ प्रयागराज पहुँची। वहाँ उसने शूटर गुड्डू मुस्लिम की बीवी जैनब फातिमा और बेटी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयशा ने दावा किया था कि उसके भाई अतीक अहमद और अशरफ निर्दोष हैं और दोनों की जान को खतरा है।

आयशा ने अपने अपराधी परिवार को पीड़ित दिखाने के लिए यहाँ तक आरोप लगाया था कि यूपी पुलिस के कुछ सीनियर पुलिस अधिकारी उसके भाइयों को मुठभेड़ में मार गिराने की साजिश रच रहे हैं। बताते चलें कि आयशा नूरी की कार कौशांबी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र में लावारिस अवस्था में मिली थी। इसके बाद संदीपन घाट के SHO और SI को निलंबित कर दिया गया था।

अतीक को सेल में किया गया शिफ्ट

बताते चलें कि बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के प्रमुख गवाह रहे उमेश पाल को साल 2006 में अतीक और उसके गुर्गों ने अपहरण कर लिया था। इस मामले में अदालत ने अतीक अहमद और उसके गुर्गे दिनेश पासी एवं शौलत हनीफ खान को कोर्ट उम्रकैद की सजा सुनाई है।

इसके बाद गुजरात के साबरमती जेल में बंद अतीक को नई जेल से पुरानी जेल में शिफ्ट कर गया है। साबरमती जेल में सजायाफ्ता कैदियों को पुरानी जेल में रखने का प्रावधान है, जबकि विचाराधीन कैदी नई जेल में रहते हैं। पुरानी जेल बेहद सेक्योर एरिया है और यह यह हाई सिक्योरिटी एरिया के अंतर्गत आता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अतीक को Solitary Confined Cell में रखा गया है, ताकि वह किसी और के संपर्क में नहीं आ सके। इस सेल का साइज काफी छोटा होता है। कैदी को ज्यादातर समय इसी सेल में रहना होता है। बड़े और खूंखार अपराधियों को जेल की ऐसी ही सेल में रखा जाता है। यहाँ सारे खूंखार कैदी बंद हैं।

बीवी शाइस्ता पर बढ़ी इनाम की राशि

अतीक और उसके जीजा पुलिस की गिरफ्त में तो आ गए, लेकिन उसकी बीवी और बेटे फरार हैं। पुलिस ने पहली बार शाइस्ता से पूछताछ की थी, उसके बाद से ही वह गिरफ्तारी की आशंका होने पर वह फरार हो गई है। वहीं, अतीक का बेटा असद खुद उमेश पाल की हत्या में शामिल रहा है। तब से वह अन्य शूटरों के साथ लापता है।

पुलिस की गिरफ्त से बचकर छिपती फिर रही शाइस्ता के बारे में जानकारी देने वालों को पुलिस ने अब 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। पुलिस ने इनाम की राशि को दोगुना कर दिया है। इससे पहले शाइस्ता पर पुलिस ने 25,000 रुपए का इनाम रखा था।

पुलिस की जाँच में पता है कि शाइस्ता परवीन ने अपने बेटे असद के साथ मिलकर शूटआउट प्लान तैयार किया था। इसके लिए उसने 16 iPhone भी खरीदे थे। शाइस्ता ने अंतिम समय में शूटरों के मैसेज भी भेजा था और कहा था कि इंशाल्लाह परिवार की वापस लाना है।

4 साल की बच्ची से ओवैस ने दुकान में किया दुष्कर्म, शोर मचने पर फरार: UP पुलिस ने 24 घंटे में पकड़ा, पहले 7 साल की बच्ची को बना चुका है निशाना

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 4 साल की एक नाबालिग बच्ची से दरिंदगी का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम ओवैश है जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस दरिंदगी को एक टेलरिंग शॉप के अंदर अंजाम दिया गया जहाँ आरोपित काम करता था। बच्ची की चीख सुन कर आस-पास के लोग जमा हुए तो ओवैस भाग निकला था। जिस दुकान पर ओवैस काम करता है वह भी सरकारी जमीन पर बनी बताई जा रही है। आरोपित इससे पहले भी दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका है। घटना शुक्रवार (7 अप्रैल 2023) की है।

मामला मुजफ्फरनगर के थाना चरथावल का है। मुजफ्फरनगर पुलिस के SP सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने आरोपित ओवैस की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल को पीड़ित पिता ने अपनी बेटी के साथ रेप के प्रयास की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। तहरीर मिलने पर पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू की और 24 घंटों के अंदर ओवैस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि ओवैस शातिर अपराधी है जो इस से पहले भी बच्चों को अपना शिकार बना चुका है।

ओवैस के अब्बा का नाम मेहराज है। पुलिस का कहना है कि थाना चरथावल में ओवैस के खिलाफ पहले से ही एक केस दर्ज है। पिछले केस में ओवैस ने 7 साल की एक बच्ची को अपना शिकार बनाया था। ओवैस अपने पहले केस में जमानत पर था। SP सिटी के मुताबिक पुलिस का प्रयास होगा कि महज 7 दिनों के अंदर तमाम सबूतों को जमा करके अदालत में चार्जशीट पेश कर दिया जाए। साथ ही 1 महीने के अंदर आरोपित को सजा दिलाने के लिए DSP व SHO को केस की बारीकी से पैरवी करने के निर्देश दिए गए हैं। यह अतिरिक्त सक्रियता बच्चियों के खिलाफ आदतन अपराधी ओवैस को किसी अन्य बच्ची को शिकार बनाने से रोकने के लिए है।

इस मामले पर जानकारी देते हुए पीड़िता बच्ची के पिता ने कहा कि घटना के दिन उनकी बेटी अपने ताऊ के घर जा रही थी। रास्ते में एक दर्जी की दुकान है। उस दुकान में काम करने वाला ओवैस बच्ची को उठा कर दुकान के अंदर ले गया। आरोप है कि यहाँ पीड़िता के साथ रेप किया गया। शोर मचाने पर आस-पास के लोग जमा हुए। इस दौरान मौक़ा पा कर ओवैस भाग निकला। पीड़ित पिता के मुताबिक आरोपित ओवैस की उम्र लगभग 20 साल है।

जिस टेलरिंग शॉप पर ओवैस काम करता था उसका नाम अलाबा टेलर्स है। ऑपइंडिया के अलबा टेलर्स के मालिक को कॉल किया तो उनका फोन बंद आया।

राम भक्तों के खून का बदला लिया जाएगा… कारसेवकों पर चली गोलियों को याद कर बोले रामभद्राचार्य – मुझे 8 दिन जेल में बंद रख कर पीटा, टूट गई कलाई

तुलसी पीठाधीश्वर जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने राम कथा के दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन और 90 के दशक की घटनाओं को याद किया। आगरा के कोठी मीना बाजार में कथा के पाँचवे दिन जगदगुरु ने कहा कि याचना नहीं अब रण होगा, संग्राम महाभीषण होगा। 1990 की घटना हम भूले नहीं हैं और न कभी भूल पाएँगे। हमने किसी का अपमान नहीं किया लेकिन हमारे धर्मग्रंथों का अपमान हुआ। हिंदुत्व का भी अपमान हुआ।

रामभद्राचार्य ने कहा, “निहत्थे राम भक्तों पर गोलियाँ चलाई गईं थी। सरयू मैया खून से लाल हो गई थीं। कोठारी बंधुओं को घर से लाकर गोली मारी गई। हमको ऐसी समरसता नहीं चाहिए। मेरे लिए कहा जा रहा मैं भाजपा का एजेंट हूँ मैं भाजपा का एजेंट नहीं हूँ। भाजपा मेरी एजेंट हो सकती है।” हिंदुओं के आश्वासन देते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि जहाँ भी हिंदुत्व को चुनौती मिलेगी मैं त्रिदंड लेकर वहाँ मौजूद रहूँगा और प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दूँगा।

इसके बाद रामभद्राचार्य ने कहा कि जब हमको कहा गया कि ‘मिले मुलायम काँशीराम, हवा में उड़ गए जय श्री राम’ तो हमने कुछ नहीं कहा। जब कल मैंने कह दिया, ‘मरे मुलायम-काँशीराम प्रेम से बोलो जय श्री राम’। तो मिर्ची क्यों लग रही। मैं नेताजी(मुलायम सिंह) और काँशीराम का आदर करता हूँ पर अब तो चले गए वह लोग हमने उनका अपमान नहीं किया।

तुलसी पीठाधीश्वर ने कहा कि राम भक्तों के खून का बदला लिया जाएगा। मैं कोई सौहार्द नहीं बिगाड़ रहा हूँ। मैं खुलकर कह रहा हूँ कि सबको यहाँ रहना है और जिसे भारत में रहना है उसे वंदे मातरम कहना है। सब रघुवर की संतान होकर रहो, बाबर की संतान होकर नहीं। उन्होंने पूछा कि क्या हमने रहीम जी को चित्रकूट में स्थान नहीं दिया? क्या रसखान को वृंदावन में स्थान नहीं मिला? इसलिए भारत में आक्रांता की संतान बनकर मत रहो। भारत के विकास में अपना योगदान दो। हम स्वागत करेंगे।

इसके बाद रामभद्राचार्य ने एक बार फिर से अयोध्या की घटना का जिक्र किया उन्होंने कहा कि इन लोगों को जरा भी दया नहीं आई। मेरा शरीर भौतिक दृष्टि से असमर्थ था। मुझे जेल में बंद कर दिया। डंडे मारे। मेरे दाहिने हाथ की कलाई टूट गई। मुझे 8 दिनों तक बंद रखा गया। जगदगुरु ने कहा कि मैंने अयोध्या में प्रतिज्ञा की थी। जब राम मंदिर बन जाएगा तब अयोध्या में कथा कहूँगा।

इसके बाद जगदगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि हमको अब पाक अधिकृत कश्मीर चाहिए। उन्होंने कहा कि हम आपको वचन देते हैं, मेरे ही काल में राम जन्मभूमि मिली, कृष्ण जन्मभूमि मिलेगी, विश्वनाथ मिलेंगे और गंगा-यमुना स्वच्छ होगी। इस यूट्यूब लिंक में रामभद्राचार्य के इन कथनों को 35वें मिनट से 40वें मिनट के बीच सुना जा सकता है।

जाने दो उसे RSS में… हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर राहुल गाँधी ने कहा था, पिद्दी वाले किस्से के बाद गुलाम नबी आज़ाद ने सुनाया नया वाकया

कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने असम के वर्तमान मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर एक खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि जब सरमा भी कॉन्ग्रेस में थे और बाद में नाराज होकर पार्टी छोड़ दिया था। इस पर राहुल गाँधी ने कहा था, “जाने दो”। गुलाम नबी आजाद ने अपनी किताब में इन सबका जिक्र किया है।

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गाँधी पार्टी के किसी भी नेता को बड़ी आसानी से ‘जाने दो’ कह दिया करते थे। इस संबंध में उन्होंने एक इंटरव्यू में कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता और हिमंता बिस्वा सरमा के साथ हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिमंता हाईकमान से नाराज थे और पार्टी छोड़ने वाले थे। उस समय वे असम के कॉनग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे।

गुलाम नबी आजाद ने एक इंटरव्यू में इस किताब को लेकर बताया कि पार्टी हाईकमान को जब इसकी सूचना मिली कि हिमंता पार्टी छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, फिर भी उन्हें मनाने कि कोशिश नहीं की गई। आखिरकार हिमंता ने साल 2015 में कॉन्ग्रेस को छोड़ दिया। सरमा ने गुलाम नबी के इस किस्से पर प्रतिक्रिया दी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने ट्विटर लिखा, “संकट को हल करने के गुलाम नबी आजाद जी के असफल प्रयास के बावजूद मैं अगले 12 महीनों तक कॉन्ग्रेस पार्टी में बना रहा। उन 12 महीनों की कहानी काफी दिलचस्प है। मैंने आखिरकार अगस्त 2015 में कांग्रेस पार्टी छोड़ दी।”

हिमंता द्वारा राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के दौरान के हालात को याद करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा, “बजट सत्र के बाद मई-जून का महीना रहा होगा। मुझे अहमद पटेल का लैंडलाइन पर फोन आया। उन्होंने कहा कि मैडम आपसे बात करेंगी। सोनिया गाँधी जी ने फोन लिया और मेरी बात शुरू हुई।”

गुलाम नबी आजाद ने आगे बताया कि सोनिया गाँधी ने उनसे कहा, “आप कहाँ हैं? मैंने कहा कि मैं श्रीनगर हूँ। वो बोलीं कि मैं तो आपको दिल्ली में खोज रही हूँ। आप तुरंत दिल्ली आ जाएँ। अगर जहाज न हो तो मैं दिल्ली से भेज देती हूँ। मैंने कहा कि नहीं-नहीं यहाँ गर्मियों में हर 10-20 मिनट में जहाज मिलती है।”

कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता आजाद ने बताया कि इसके बाद सोनिया गाँधी ने उनसे कहा कि असम में राजनीतिक संकट खड़ी हो गई है। हिमंता 40-45 विधायकों के साथ राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंप दिया है। सरकार गिर रही है। सोनिया गाँधी ने उनसे कहा, “मुझे मालूम चला कि हिमंता और राज्यपाल से आपके मधुर रिश्ते हैं। आप उनको मनाने की कोशिश कीजिए।”

गुलाम नबी आगे कहते हैं, “मैंने सोनिया गाँधी को पूरी स्थिति बता दी और कहा कि अगर आप कहें तो हम लोग असम जाकर सीएम को बदल दें। इस पर उन्होंने हामी भर दी। हम सुबह असम के लिए रवाना होने वाले थे।”

इसके बाद गुलाम नबी आजाद ने जो बात बताई वह राहुल गाँधी की राजनीतिक अपरिपक्वता को दर्शाता है। आजाद ने आगे बताया कि उसी दिन शाम को राहुल गाँधी का उनके पास फोन आया। गुलाम नबी बताते हैं, “राहुल जी ने कहा कि सुना है आप सीएम बदलने जा रहे हैं। हमने जवाब दिया कि हाँ। तब राहुल जी ने कहा कि मत जाइए। पहले मेरे पास आइए।”

गुलाब नबी जब राहुल गाँधी के पास पहुँचे तो देखा कि वहाँ असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और उनका बेटा गौरव गोगोई बैठकर चाय पी रहे थे। राहुल गाँधी ने गुलाम नबी से कहा, “आप सीएम के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।” तब गुलाम नबी ने कहा, “नहीं मैडम ने जो टास्क दिया है, उसे पूरा करने जा रहे हैं।”

गुलाम नबी ने आगे बताया कि उन्होंने राहुल गाँधी से कहा, “हिमंता के पास नंबर ज्यादा है। वो पार्टी छोड़कर चला जाएगा तो…… तब राहुल गाँधी बोले कि जाने दो। जिसको RSS में जाना है, जाने दो।” आजाद ने बताया कि राहुल गाँधी का ताकिया कलाम है ‘जाने दो, जाने दो उसे आरएसएस में’। 

सरमा को लेकर राहुल गाँधी की की नजरिया का एक और किस्सा है। असम में बड़े नेता होने के बावजदू सरमा को गोगोई सरकार में पर्याप्त सम्मान नहीं मिला। इसके बाद वे राहुल गाँधी से मिलने की लगातार कोशिश करने लगे। कई मुश्किल प्रयासों के बाद अंतत: उन्हें राहुल गाँधी से मिलने का समय मिला।

जब सरमा राहुल गाँधी से मिलने गए तो राहुल गाँधी उनकी बात सुनने के बजाय अपने कुत्ते ‘पिद्दी’ को बिस्किट खिलाते रहे थे। बाद में सरमा ने ये भी दावा किया कि राहुल गाँधी का कुत्ता पिद्दी जिस प्लेट से बिस्किट खा रहा था, कॉन्ग्रेस के कुछ नेता भी उसी प्लेट से बिस्किट खाते रहे।