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पुलिस ने डीजे पर लगा दिया बैन, ट्रेलर भी जब्त कर लिया, फिर भी रामनवमी की विसर्जन यात्रा पर पत्थरबाजी: झारखंड के जमशेदपुर में घटना, 5 घायल

अब झारखंड के जमशेदपुर में रामनवमी के त्योहार के दौरान पत्थरबाजी की खबरें सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल और बिहार में भी इस तरह के मामले देखने को मिले थे। ताज़ा घटना शुक्रवार (31 मार्च, 2023) की है। हल्दीपोखर इलाके में रामनवमी की शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी की गई। हालाँकि, पुलिस कह रही है कि अब स्थिति शांतिपूर्ण है। जुगसलाई क्षेत्र में लोगों ने रामनवमी की शोभा यात्रा निकाले जाने का विरोध किया, जिसके बाद तनाव उत्पन्न हो गया।

पत्थरबाजी के बाद तनाव और ज्यादा बढ़ गया। शोभा यात्रा रोके जाने से हिन्दू भी आक्रोशित हो गए और उन्होंने स्थानीय बाटा चौक पर बैठ कर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। साथ ही रेलवे फाटक के ऊपर स्थित रेलवे ब्रिज को भी जाम कर दिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से नारेबाजी की जाने लगी। गुस्साए लोगों ने सड़क पर टायर जला कर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई।

जमशेदपुर के डीएम और एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा। बताया जा रहा है कि पत्थरबाजी करने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग थे। रंकिणी मंदिर से 50 कदम दूर हुए पथराव में हल्दीपोखर पूर्वी की मुखिया देवी कुमारी भूमिज, सीओ इम्तियाज अहमद, पूर्व मुखिया सैय्यद जबीउल्लाह, सैप के हवलदार नंदलाल हाजरा, पुलिस जवान संदेश राम घायल हो गए हैं। अस्पताल में इन सबका इलाज चल रहा है

ये घटना विसर्जन के दौरान हुई है। बाद में पुलिस की मौजूदगी में झंडे का विसर्जन किया गया। विसर्जन जुलूस में ट्रेलर और डीजे को पुलिस ने बैन कर दिया था, इस कारण हिन्दुओं ने शाम तक विसर्जन जुलूस नहीं निकाला। पुलिस ने एक ट्रेलर जब्त भी कर लिया। विजय बजरंग अखाड़ा हल्दीपोखर संगठन के बैनर तले हनुमान मंदिर से यात्रा निकाली गई थी। रंकिणी मंदिर के पास मुस्लिम भीड़ आ धमकी और पत्थर फेंकने लगी।

‘मेरे साथ बंगाल में पुलिस अधिकारी ने की मारपीट’ : NCPCR अध्यक्ष का आरोप, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा था- यहाँ मत आओ

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बंगाल पुलिस के अधिकारी बिस्वाक मुखर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। NCPCR अध्यक्ष ने ट्वीट कर बताया कि वो जब तिलजिला थाने में बच्ची की मौत को लेकर उसके घर पहुँचे तो उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उनका आरोप है कि पुलिस ने एनसीपीसीआर की पूछताछ की चोरी-छिपे रिकॉर्डिंग की और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट हुई।

बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल के तिलजला में बच्ची के बलात्कार व हत्या एवं मालदा में स्कूल के अंदर ६ वीं कक्षा की छात्रा के बलात्कार के मामलों की जाँच के लिए प्रियंक कानूनगो ने 31 मार्च और 1 अप्रैल की तारीख बताई थी। उन्होंने कहा था कि दो दिन पूर्व सूचना देने के बावजूद तक राज्य सरकार ने जाँच हेतु व सुरक्षा हेतु अधिकारियों कA जानकारी नहीं दी। ऐसे में NCPCR वहाँ जाएगा।

रिपोर्ट्स की मानें तो एनसीपीसीआर के राज्य में आने की सूचना पर राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुदेशना राय ने दिल्ली को पत्र भेजकर कहा था कि तिलजला बाल हत्या मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को शहर आने की जरूरत नहीं है। हालाँकि एनसीपीआर के अध्यक्ष फिर भी वहाँ पहुँचे और उसके बाद अध्यक्ष ने बदसलूकी का मामला दर्ज कराया।

‘मीडिया से लेकर DU की साइट तक…हर जगह मौजूद है PM मोदी की डिग्री’ : गुजरात HC ने लगाई केजरीवाल को फटकार, ₹25 हजार का जुर्माना भी ठोका

गुजरात हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री माँगने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejariwal) पर 25000 रुपए का जुर्माना लगाया है। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (31 मार्च 2023) को अपने फैसले में कहा कि पीएम मोदी का प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है।

इसके साथ ही गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस बीरेन वैष्णव ने मुख्य सूचना आयोग (CIC) के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें PMO के साथ-साथ गुजरात विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों को पीएम मोदी की स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री का डिटेल देने का निर्देश दिया गया था।

अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि पीएम की डिग्री मीडिया, सोशल मीडिया और यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह जानते हुए भी इस विवाद को जानबूझकर पैदा किया कि डिग्री आरटीआई के दायरे में नहीं आती है।

न्यूजपर्सन अंकुर सिंह ने जिस कॉपी को गुजरात हाईकोर्ट के जजमेंट की कॉपी बताकर शेयर किया। है, उसमें इसका जिक्र किया गया है। गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि केजरीवाल ने अदालती कार्यवाही के दौरान विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई पीएम की डिग्री की प्रामाणिकता पर सवाल नहीं उठाया।

कोर्ट ने कहा कि आरटीआई के जरिए डिग्री का डिटेल माँगकर केजरीवाल अवांछित विवाद पैदा करना चाहते थे। वे अच्छी तरह से जानते हैं कि विश्वविद्यालय आरटीआई के तहत तीसरे पक्ष को डिग्री नहीं दे सकता।

अरविंद केजरीवाल को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि उन्होंने आरटीआई अधिनियम के इरादे और उद्देश्य का मज़ाक उड़ाया। केजरीवाल ने एक ऐसे मुद्दे पर विवाद पैदा करने के लिए आरटीआई अधिनियम का अंधाधुंन दुरुपयोग किया, जो आरटीआई के दायरे में आता ही नहीं है।

दरअसल, 2016 में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पीएम मोदी की स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री का विवरण माँगा गया था। इसका जवाब देते हुए केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), गुजरात विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया था कि पीएम की डिग्री के बारे में जानकारी दे।

केंद्रीय सूचना आयोग के इस निर्देश को गुजरात यूनिवर्सिटी ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। गुजरात हाईकोर्ट ने इसी मामले में अरविंद केजरीवाल को फटकार लगाते हुए उन पर जुर्माना लगाया है। कोर्ट का फैसला आने के बाद केजरीवाल ने एक ट्वीट किया है।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “क्या देश को ये जानने का भी अधिकार नहीं है कि उनके PM कितना पढ़े हैं? कोर्ट में इन्होंने डिग्री दिखाए जाने का ज़बरदस्त विरोध किया। क्यों? और उनकी डिग्री देखने की माँग करने वालों पर जुर्माना लगा दिया जायेगा? ये क्या हो रहा है? अनपढ़ या कम पढ़े लिखे PM देश के लिए बेहद ख़तरनाक हैं।”

उधर, हाईकोर्ट के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) की गुजरात इकाई ने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ अपील करेगी। AAP गुजरात के कानूनी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रणव ठक्कर ने कहा कि इस फैसले के साथ ही नागरिकों ने प्रधानमंत्री की डिग्री के बारे में जानकारी माँगने का अधिकार खो दिया।

RSS को ‘कौरव’ कहने पर राहुल गाँधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज, संघ कार्यकर्ता ने दी याचिका: ‘मोदी सरनेम विवाद’ में पटना कोर्ट में होना होगा पेश

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पहले सांसदी गई। उसके बाद आवास खाली करने का नोटिस मिला। अब उनके खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया है। यह राष्ट्रीय सेवक संघ (RSS) की तुलना कौरवों से करने से संबंधित है।

आरएसएस के एक कार्यकर्ता ने यह राहुल गाँधी के खिलाफ मानहानि का यह परिवाद उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित द्वितीय न्यायिक मजिस्ट्रेट शिव सिंह की अदालत में दाखिल किया है। इस पर न्यायालय ने सुनवाई की तिथि 12 अप्रैल 2023 तय की है। 

रुद्र विहार जगजीतपुर कनखल निवासी कमल भदौरिया ने न्यायालय में यह परिवाद दाखिल किया है। इसमें कमल भदौरिया ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में धारा 370 हटाने, मुस्लिम महिलाओं को अधिकार देते हुए तीन तलाक पर कानून बनाने, राम मंदिर की नींव रखने समेत कई कार्य हुए।

परिवाद में कमल ने कहा कि देश में कहीं पर भी कोई विपत्ति आती है तो संघ अहम भूमिका निभाता है। इसके बावजूद राहुल गाँधी ने 9 जनवरी 2023 को कुरुक्षेत्र अंबाला में संघ को 21वीं सदी का कौरव बताया था। उन्होंने कहा था कि ‘आज के कौरव खाकी हाफ पैंट पहनते हैं और हाथ में लाठी लिए होते हैं’।

कमल ने आगे कहा है कि राहुल गाँधी ने कहा था कि यह देश पुजारियों का नहीं, बल्कि तपस्वियों का है। इस बयान को उन्होंने भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया। परिवाद दाखिल करने के बाद कोर्ट ने राहुल गाँधी को 12 अप्रैल को पेश होने का नोटिस भी जारी कर दिया है।

वहीं, मोदी सरनेम को लेकर राहुल गाँधी को पटना की अदालत ने भी 12 अप्रैल को हाजिर होने के लिए कहा है। राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि उनके मामले में राहुल गाँधी को धारा 317 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए पटना के एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में 12 अप्रैल 2023 को उपस्थित होना है। इसका नोटिस भेज दिया गया है।

सुशील मोदी ने कहा कि धारा 500 के तहत किसी व्यक्ति या समुदाय की मानहानि करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा सूरत कोर्ट की तरह ही बिहार में भी उन्हें 2 साल की सजा हो सकती है। सुशील मोदी ने कहा कि राहुल को इस मामले में 6 जुलाई 2019 को पटना की अदालत में हाजिर होकर जमानत लेनी पड़ी थी।

हावड़ा हिंसा का मामला पहुँचा कोलकाता हाईकोर्ट: BJP नेताओं ने उठाई NIA जाँच की माँग, अमित शाह को लिखे गए पत्र

पश्चिम बंगाल में रामनवमी (30 मार्च 2023) के अवसर पर हावड़ा और उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर में शोभायात्रा को निशाना बनाया गया। पथराव के बाद हिंसा और आगजनी जैसी घटनाएँ समाने आई हैं। शुक्रवार (31 मार्च) को भी हावड़ा में हिंसा जारी है। जुमे की नमाज के बाद पथराव किए गए। दूसरी तरफ बंगाल में हिंसा की घटनाओं को लेकर लीडर ऑफ अपोजिशन शुभेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की। वहीं भाजपा नेता सुकांता मजूमदार द्वारा घटना की जानकारी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी दी गई है।

इसकी जानकारी खुद भाजपा नेता ने ट्विटर पर दी। उन्होंने लिखा, “मैंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में (calcutta high court) में हावड़ा और नॉर्थ दिनाजपुर के डालखोला में रामनवमी के जुलूसों पर हिंसा और हमले की घटनाओं के संबंध में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। मैंने कोर्ट से हालात पर काबू पाने और निर्दोष लोगों के प्राणों की रक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती और हिंसा के मामलों की एनआईए जाँच कराने की माँग की है।”

अगले ट्वीट में उन्होंने जानकारी दी कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) ने जनहित याचिका दायर करने की इजाजत दे दी है। इसे सोमवार (3 अप्रैल 2023) को सूची में सबसे ऊपर रखने का निर्देश दिया है।

उनके अलावा सुकांता बंगाल भाजपा अध्यक्ष मजूमदार ने केंद्रीय गृरमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें भी उन्होंने केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ जैसे एनआईए से मामले में जाँच करने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि बंगाल में दूसरे दिन भी कट्टरपंथियों की तरफ से पत्थरबाजी और हिंसा की गई। शुक्रवार यानी जुमे के दिन (31 मार्च) हावड़ा में पत्थरबाजी की घटना के कई वीडियो सामने आए। एक वीडियो में लोगों का एक गुट नजर आ रहा है और सड़क पर भारी मात्रा में ईंट-पत्थर बिखरे हुए दिख रहे हैं।

बता दें रामनवमी के दिन इस्लामपुर शहर के डालखोला इलाके में दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। मुस्लिम बहुल इलाके में हुई झड़प में एक शख्स की मौत हो थी गई जबकि 5-6 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। इसके साथ-साथ हावड़ा के शिबपुर में असामाजिक तत्वों ने रामनवमी के जुलूस पर पत्थरबाजी की। पथराव के बाद हिंसा भड़कने पर कई वाहनों में आग लगा दी गई।

बिहार-बंगाल में बढ़ा बवाल, धारा 144 लागू: पथराव रोकने के लिए सुरक्षाबल तैनात, कट्टरपंथियों ने हिंदुओं के घर-दुकानों में आग लगाई

रामनवमी के मौके पर बिहार-बंगाल के कई इलाकों में कट्टरपंथियों द्वारा शोभायात्रा पर हमला किया गया। वहीं, बंगाल के हावड़ा में रामनवमी के दिन हिंदुओं के खिलाफ शुरू हुई हिंसा अगले दिन जुमे पर भी जारी है। शुक्रवार (31 मार्च 2023) को भी हिंसा के बाद हावड़ा में धारा 144 लागू कर दिया गया है। वहीं, बिहार के नालंदा और सासाराम में भी हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं।

बिहार के नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र के गगन दीवान के पास हिंदुओं के साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, लोगों पर पथराव और वाहनों में आगजनी भी हुई। इसके बाद हिंदुओं की तरफ से भी प्रतिक्रिया दी गई। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस और प्रशासन मौजूद है।

वहीं, सासाराम में रामनवमी के जुलूस के बाद दो गुटों में मारपीट हो गई। इस दौरान पथराव करने की भी सूचना है। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। सासाराम शहर में धारा 144 कर दिया गया है।

ADM चंद्रशेखर के अनुसार, “दो गुटों के बीच तनाव है। पथराव भी हुआ है। कुछ घरों में आग भी लगा दी गई। आग बुझाई जा रही है। प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर उन्हें शांत कराया गया।” उन्होंने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। स्थिति को नियंत्रित करने में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

वहीं, रामनवमी के दिन हिंसा के बाद अगले दिन यानी 31 दिसंबर 2023 को भी हावड़ा में हिंदुओं पर पत्थरबाजी की गई। हालात को देखते हुए इलाके में धारा 144 लगा दिया गया है। वहीं, मुंबई में हुए हमले में 21 लोगों को गिरप्तार किया गया है।

अहमदाबाद में AAP ने लगवाए ‘मोदी हटाओ-देश बचाओ’ के पोस्टर, 8 कार्यकर्ता गिरफ्तार: अरविंद केजरीवाल पर ₹25 हजार का जुर्माना

गुजरात में अहमदाबाद समेत कई स्थानों पर प्रधानमंत्री के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे। इनपर लिखा था मोदी हटाओ, देश बचाओ। गुजरात पुलिस ने पोस्टर चस्पा करने के आरोप में 8 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने पीएम मोदी के खिलाफ पोस्टर वार छेड़ा हुआ है। इसी सिलसिले में गुजरात के कई इलाकों में पोस्टर लगाए गए थे।

गुजरात पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द लिखकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। पोस्टर गुरुवार (30 मार्च 2023) को लगाए गए थे। पोस्टर लगने के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक अहमदाबाद से नटवरभाई पोपटभाई, जतिनभाई, कुलदीप शरदकुरमा भट्ट, बिपिन भाई, चंद्रकांत पटेल, अजय चौहान, अरविंद गोरजीभाई चौहान जीवन भाई वासुभाई और परेश तुलसिया को पकड़ा है।

गुजरात की आम आदमी पार्टी चीफ इसुदान गढ़वी ने ट्वीट कर गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होने कहा है कि जिन्हें गिरफ्तार किया गया है वो हमारे पार्टी वर्कर्स हैं। गढ़वी ने कहा, “यह भाजपा की तानाशाही का नमूना है।” बता दें आम आदमी पार्टी की तरफ से देशभर में पोस्टर अभियान चलाया जा रहा है। कैंपेन के तहत अंग्रेजी समेत देश के 11 भाषाओं हिंदी, उर्दू, गुजराती, पंजाबी, तेलुगु, बंगाली, उड़िया, कन्नड़, मलयालम और मराठी में पोस्टर जारी किए गए हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में भी आप कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ पोस्टर लगाए थे। मामले में 100 एफआईआर दर्ज किए गए थे। सभी मामले प्रिंटिंग प्रेस एक्ट और प्रॉपर्टी डिफेसमेंट एक्ट के तहत दर्ज किए गए थे।

दूसरी तरफ गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात यूनिवरस्टी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को झटका दिया है। सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी की एमए की डिग्री सार्वजनिक करने की माँग की थी। कोर्ट ने इस माँग को तुच्छ और भ्रामक करार देते हुए आप संयोजक पर 25 हजार का जुर्माना ठोंक दिया।

हावड़ा हिंसा में ‘टाइम्स नाऊ’ के पत्रकार घायल, खून से लथपथ तस्वीर सामने आई: BJP नेता का आरोप- ‘TMC गुंडों’ ने किया सुनियोजित हमला

पश्चिम बंगाल में रामनवमी के मौके पर हावड़ा सहित कई जगहों पर हिंसा हुई। रामनवमी के एक दिन बाद यानी शुक्रवार (31 मार्च 2023) को भी हावड़ा में यह हिंसा जारी है। पत्थरबाजी की घटना के कई वीडियो सामने आए हैं। इस दौरान यहाँ पथराव की घटना को कवर करने कर रहे टाइम्स नाउ नवभारत के पत्रकार कुंदन सिंह घायल हो गए। सोशल मीडिया पर उनका खून से लथपथ वीडियो वायरल हो गया है।

बीजेपी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने अपने ट्विटर हैंडल पर कुंदन सिंह की खून से लथपथ तस्वीर साझा की है। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने लिखा, “टाइम्स नाउ नवभारत के रिपोर्टर कुंदन सिंह हावड़ा में दंगों को कवर कर रहे थे, तभी टीएमसी के गुंडों ने उन पर हमला कर दिया… यह एक सुनियोजित हमला है, न केवल रामनवमी शोभा यात्रा पर, बल्कि मीडिया पर भी, जो दंगों को कवर कर रही है… राजनीतिक संरक्षण का आश्वासन देने वाली, भीड़ बेखौफ अपना काम कर रही है।

बीजेपी के राकेश सिंह ने भी कुंदन सिंह की तस्वीर शेयर कर ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य वीडियो पोस्ट किया है। इसके साथ उन्होंने लिखा, “हम एक ऐसे मुकाम पर पहुँच गए हैं, जहाँ एक मौजूदा मुख्यमंत्री खुले तौर पर हिंदुओं को मुस्लिम इलाकों में न घुसने की चेतावनी दे रही हैं। आखिरी बार ऐसा 1940 के दशक में हुआ था और इसका परिणाम यह हुआ कि भारत ने एक मुस्लिम क्षेत्र को छोड़ दिया। जो लोग इतिहास से नहीं सीखते वे इसे दोहराने को आतुर होते हैं।”

बता दें कि रामनवमी के अवसर पर हावड़ा सहित कई जगहों पर शोभायात्रा निकाली गई थी। इस शोभायात्रा पर असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की थी। इसके साथ ही आगजनी की भी घटना सामने आई थी। घटना हावड़ा के शिबपुर की है। शिबपुर इलाके में स्थिति आज और हिंसक हो गई है। ममता ने इसका ठीकरा भाजपा पर फोड़ा था।

रामनवमी से पहले ममता बनर्जी ने हिंदुओं को मुस्लिम इलाकों में न जाने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि ये रमजान का महीना है। ऐसे में मुस्लिम इलाकों में रामनवमी का जुलूस न निकालें। अगर ऐसा हुआ तो फिर आरोपितों को कोर्ट छोड़ेगा नहीं।

फोन करके बकी गालियाँ, जान से मारने को बोला: US में पंजाब CM की बेटी को खालिस्तानियों ने दी जान से मारने की धमकी, वकील ने कहा- ऐसे लोग सिख धर्म पर धब्बा

‘वारिस पंजाब दे’ के भगोड़े प्रमुख अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई से बौखलाए खालिस्तानी समर्थकों ने अमेरिका में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की बेटी को जान से मारने की धमकी दी है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भारतीय विदेश मंत्रालय से भगवंत मान की बेटी सीरत कौर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की है।

स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने शुक्रवार (31 मार्च 2023) को ट्वीट किया, “पंजाब के सीएम भगवंत मान की बेटी को अमेरिका में जान से मारने की धमकी मिलने की खबरें पढ़ीं। यह कायरतापूर्ण कार्य है। मैं अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास से उनकी (मान की बेटी) सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करती हूँ।”

कुछ दिन पहले, पटियाला की एक वकील ने दावा किया कि कुछ खालिस्तान समर्थकों ने अमेरिका में रह रही भगवंत मान की बेटी सीरत कौर को फोन किया, उसे गाली दी और जान से मारने की धमकी दी। वकील हरमीत बराड़ ने कहा, “क्या आपको बच्चों को धमकाने और गाली देने से खालिस्तान मिल जाएगा? आप इस तरह से बच्चों डरा-धमकाकर और गालियाँ देकर खालिस्तान लेने जा रहे हैं। ऐसे लोग सिख धर्म पर धब्बा हैं।” मालूम हो कि भगवंत मान की पूर्व पत्नी इंदरप्रीत कौर ग्रेवाल अपनी बेटी सीरत कौर (21) और बेटे दिलशान (18) के साथ अमेरिका में रहती हैं। इंदरप्रीत ने भी इस घटना की पुष्टि की है।

सीरत कौर मान ने अपना बचपन पंजाब और चंडीगढ़ में बिताया है। अपने माता-पिता भगवंत मान और इंद्रप्रीत कौर के अलग होने के बाद वह 2015 में अमेरिका चली गईं। उन्होंने ऑबर्न माउंटेनव्यू हाई स्कूल (Auburn Mountainview High School) से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। उन्होंने अमेरिका के एक विश्वविद्यालय से Public Health में बीए किया है।

बता दें कि पंजाब में अमृतपाल सिंह पर पुलिस की कार्रवाई के कारण दुनिया भर में कट्टरपंथी सिख नाराज़ हैं। भारत सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब सरकार ये कार्रवाई कर रही है। हाल ही में खालिस्तानियों ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर दिया। उन्होंने सिटी पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर भी तोड़ दिए थे। इतना ही नहीं, भारतीय वाणिज्य दूतावास के परिसर के भीतर खालिस्तानी झंडे भी लगा दिए गए।

शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज, अब हाईकोर्ट जाएँगे AAP नेता

शराब घोटाले में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को एक बार फिर झटका लगा है। सीबीआई की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है।

दिल्ली के राउज एवेन्यू में एमके नागपाल की अध्यक्षता वाली एक विशेष सीबीआई अदालत ने जमानत याचिका को मंजूर किया। एक सप्ताह पहले इस मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। उस दौरान CBI ने अदालत में गवाहों के बयान पेश किए थे। 

राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद मनीष सिसोदिया अब दिल्ली हाईकोर्ट जाएँगे। आबकारी नीति में कथित अनियमितता को लेकर सीबीआई ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। उन्हें केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था।

सीबीआई की दलील से पहले मनीष सिसोदिया ने ट्रायल कोर्ट में जमानत याचिका दायर करते हुए कहा था कि उन्हें हिरासत में रखने से मकसद पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि इस मामले में सीबीआई पहले ही सारी रिकवरी कर चुकी है।

उन्होंने कहा था, “मैंने सीबीआई की जाँच में पूरा सहयोग किया। उन्होंने जब बुलाया, उनके पास हाजिर हुआ।” उन्होंने यह भी कहा था कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने के कारण समाज में उनकी जड़ें गहरी हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें जमानत दी जाए। 

तब, सीबीआई के वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि उन्हें जमानत दी गई तो वे जाँच को प्रभावित कर सकते हैं। उनका प्रभाव और हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर है। सीबीआई ने यह भी कहा था कि मनीष सिसोदिया का यह दावा कि उन्होंने मोबाइल इसलिए तोड़ दिए थे क्योंकि वो अपग्रेड करना चाहते थे, सच नहीं है।

बता दें कि दिल्ली का उपमुख्यमंत्री रहते हुए मनीष सिसोदिया के पास आबकारी विभाग भी था। इस दौरान आम आदमी पार्टी की सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव किया था। इसमें कुछ लोगों को फायदा पहुँचाने का आरोप लगा है।