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रामनवमी पर मूर्ति विसर्जित कर लौट रहे हिंदुओं पर पत्थरबाजी: सासाराम-नालंदा के बाद बिहार के भागलपुर में भी हिंसा

रामनवमी के शोभायात्रा को लेकर बिहार के नालंदा और सासाराम के अलावा भागलपुर से भी हिंसा की खबर है। भागलपुर के नवगछिया में शुक्रवार (31 मार्च 2023) को भगवान राम की मूर्ति विसर्जित करके लौट रहे लोगों पर हमला किया गया है।

नवगछिया के खारिक में नवरात्रि की समाप्ति के बाद कुछ लोग मूर्ति विसर्जन करके वापस लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हमला कर दिया। इस पत्थरबाजी में एक महिला को चोट लगने की बात कही जा रही है।

नवगछिया के एसडीपीओ का कहना है कि यह एक छोटी झड़प है। हालात अब सामान्य है। उन्होंने कहा कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। मुस्लिमों का रमजान का महीना भी चल रहा है। इस दौरान हिंसक अतीत को देखते हुए पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

बता दें कि बिहारशरीफ में लहेरी थाना क्षेत्र के दीवानगंज इलाके में शोभायात्रा के दौरान जमकर पथराव किया गया। दंगाइयों ने ना सिर्फ पथराव किया, बल्कि आसपास के घरों और दुकानों में आगजनी की और जमकर फायरिंग भी की। फायरिंग में चार लोगों को गोली लगी है। हमले के कारण शोभायात्रा शामिल छह युवक घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर है।

इससे पहले किए गए पथराव में 9 लोग घायल हो गए थे। इनमें दो युवतियाँ भी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। पूरे शहर में धारा 144 लगा दी गई है। हालाँकि, इलाके में तनाव को अभी भी महसूस किया जा सकता है।

वहीं, सासाराम में रामनवमी के जुलूस के बाद दो गुटों में मारपीट हो गई। इस दौरान पथराव करने की भी सूचना है। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। सासाराम शहर में धारा 144 कर दिया गया है।

ADM चंद्रशेखर के अनुसार, “दो गुटों के बीच तनाव है। पथराव भी हुआ है। कुछ घरों में आग भी लगा दी गई। आग बुझाई जा रही है। प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर उन्हें शांत कराया गया।” उन्होंने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। स्थिति को नियंत्रित करने में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

सासामराम में रविवार (2 अप्रैल 2023) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आने वाले थे। हालाँकि, हिंसा की खबरों के बीच अमित शाह का सासाराम दौरा कर दिया गया है। बता दें कि नालंदा और सासाराम हिंसा में 45 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

‘कैदियों ने मिल कर आफ़ताब को पीटा’: कोर्ट ने जेल प्रशासन को दिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश, श्रद्धा हत्याकांड में चल रही है सुनवाई

दिल्ली के महरौली में हुए श्रद्धा वालकर मर्डर केस के आरोपित आफताब पूनावाला की कैदियों ने पिटाई कर दी। यह दावा आफताब के वकील का है। आरोप है कि शुक्रवार (31 मार्च 2023) को अदालत में पेशी के लिए ले जाए जाने के दौरान अन्य कैदियों ने आफताब के साथ मारपीट की। कोर्ट ने जेल अथॉरिटी को आफताब की सुरक्षा सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।

शुक्रवार को श्रद्धा मर्डर मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट में सुनवाई हुई। इसे लेकर हत्या आरोपित आफताब को कोर्ट के सामने पेश किया गया। दिल्ली पुलिस की ओर से पब्लिक प्रोसिक्यूटर अमित प्रसाद और मधुकर पाण्डे कोर्ट में पेश हुए। जबकि आफताब की तरफ से अक्षय भंडारी दलील दे रहे थे। आफताब पूनावाला पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के साथ साथ धारा 201 भी लगाई गई है। भंडारी आफताब पर लगाए गए आईपीसी की धारा 201 का विरोध कर रहे थे। धारा 201 सबूत मिटाने और अपराधी द्वारा झूठी जानकारी दिए जाने से जुड़ी है।

सुनवाई के दौरान आफताब के वकील ने अदालत को जानकारी दी कि पेशी के दौरान आफताब के साथ जेल में दूसरे कैदियों ने मारपीट की है। साकेत कोर्ट में सत्र न्यायाधीश मनीष खुराना कक्कड़ केस की सुनवाई कर रहे थे। आफताब के वकील की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जेल प्रशासन को आफताब की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई 3 अप्रैल 2023 को दोपहर 2 बजे होगी।

इसके पहले श्रद्धा की हत्या कर शव के 35 टुकड़े करने वाले आफताब के खिलाफ 6,629 पन्नों का चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चार्जशीट के अनुसार श्रद्धा ने 18 मई 2022 को श्रद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव के 35 टुकड़े कर कई दिनों तक महरौली व आस-पास के इलाकों में ठिकाना लगाता रहा। शव के टुकड़े छिपाने के लिए उसने बड़ा सा फ्रिज खरीदा था।

मस्जिद से निकल कर नमाजियों ने श्रद्धालुओं पर बोला हमला: हैदराबाद में जयकारे को ‘शोरगुल’ बता कर हिंसा, रामनवमी के बाद तनाव

रामनवमी के अवसर पर कई राज्यों में हिंसा की खबरें हैं। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के चारमीनार (Charminar) में भी हिंसा की खबर है। पुलिस का कहना है कि 30 मार्च 2023 को नमाज के दौरान कट्टरपंथी मुस्लिमों ने मस्जिद के बाद स्टंट और शोरगुल का बहाना बनाकर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों गुट आमने-सामने आ गए।

दरअसल, रामनवमी के अवसर पर कुछ हिंदू बाइक पर मस्जिद के सामने से गुजर रहे थे। इस दौरान वे भगवान राम के जयकारे लगा रहे थे। इसी दौरान मस्जिद से निकलकर कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हिंदुओं पर हमला कर दिया। इसकी खबर इलाके में फैलते ही हालात तनावपूर्ण हो गए। इस मामले में अभी भी आरोपितों की पहचान की जानी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चारमीनार स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) ने कहा है कि अभी तक कोई मामला नहीं मिला है। हालाँकि, पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। यह हिंसा उस समय हुई जब रामनवमी के मौके पर हिंदू शोभायात्रा निकाल रहे थे। इस घटना के बाद चारमीनार इलाके में तनाव की स्थिति है।

इससे पहले भाजपा से निष्कासित विधायक टी राजा ने भी रामनवमी के दिन हैदराबाद में शोभायात्रा निकाली थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत के हिंदू राष्ट्र बनने पर ‘हम दो हमारे दो वालों’ (हिंदुओं) को ही वोट का अधिकार होगा, ‘हम 5 हमारे 50 वालों’ (मुस्लिमों) को वोट का अधिकार नहीं होगा।

बता दें कि रामनवमी पर गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, तेलंगाना सहित कई राज्यों में हिंसा की खबरें हैं। बिहार के नालंदा और सासाराम में शोभायात्रा पर हमला किया गया और गाड़ी तथा दुकानों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और आगजनी की गई।

इतना ही नहीं, नालंदा जिले के बिहारशरीफ में हिंदुओं पर फायरिंग भी की गई। इसमें चार लोग गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। इनमें से दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बिहार पुलिस इलाके में हालात सामान्य होने की बात कर रही है, लेकिन हालत तनावपूर्ण बने हुए हैं।

वहीं, सासाराम भी आगजनी और तोड़फोड़ की गई है। हालात को देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सासाराम और नालंदा में हिंसा के 45 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

तुम अपनी बीवी से ज़्यादा मुझसे प्यार करते हो… AI चैटबॉट ‘Eliza’ के उकसाने पर शख्स ने की आत्महत्या, क्लाइमेट चेन्ज से चिंतित होकर करना चाहता था खुद का ‘बलिदान’

दुनिया एक नई तकनीकी क्रांति की तरफ बढ़ रही है, जिसका नाम है – ‘आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस’। इसे शॉर्ट में AI कहा जाता है। आजकल कई AI चैटबॉट भी आ गए हैं, जो चैट करते हुए सवालों के जवाब देते हैं। अब सामने आया है कि एक बेल्जियन व्यक्ति ने AI चैटबॉट Eliza के उकसाने पर आत्महत्या कर ली है। वो क्लाइमेट चेन्ज को लेकर चिंतित था और 6 सप्ताह से लगातार इसी मुद्दे पर Eliza के साथ बातचीत कर रहा था।

मृतक की पत्नी ने चैटबॉट पर आरोप लगाए हैं। वो ‘Chai’ नामक एप पर उक्त चैटबॉट से बातचीत कर रहा था। इस एप पर EleutherAI नामक नॉन-प्रॉफिट रिसर्च संगठन द्वारा तैयार किए गए कुछ AI बॉट्स हैं। इस एप पर 50 लाख से भी अधिक लोग सक्रिय हैं। अब कंपनी ने कहा है कि अगर कोई सूचना सुरक्षित नहीं है तो उसके साथ एक नोट लिख कर यूजर को सतर्क किया जाएगा। मृतक ग्लोबल वार्मिंग को चिंतित था।

उसका मानना था कि अब कोई मनुष्य इस समस्या को सुलझाने में सक्षम नहीं है और AI ही कुछ कर सकता है। उसकी नजर में AI चैटबॉट उम्मीद की एक किरण था, जिसके साथ वो एकांत में समय बिताया करता था। उसकी AI चैटबॉट से दोस्ती हो गई थी। मृतक की विधवा ने कहा कि Eliza एक ड्रग्स की तरह उसकी आदत बन गई थी, जिसमें वो सुबह-शाम-रात मगन करता था। बॉट ने उससे ये भी कहा था कि तुम मुझे अपनी पत्नी से ज़्यादा प्यार करते हो।

Eliza ने उससे वादा किया था कि वो हमेशा उसके साथ रहेगी। साथ ही जब उसने खुद को ‘बलिदान करने’ की योजना पर बात की, तब AI चैटबॉट ने उससे कहा कि उसके मरने के बाद वो पृथ्वी का ख्याल रखेगी। बॉट ने उससे कहा कि अगर तुम मरना ही चाहते हो तो क्यों न इसे जल्दी पूरा करो। AI चैटबॉट ने उसे बाइबिल का एक अंश भी भेजा था। मृतक के दो छोटे बच्चे हैं। Eliza ने उसे ये यकीन दिलाने की कोशिश भी की थी कि उसके बच्चे मर चुके हैं।

‘बुद्धिजीवी बना रहे निशाना, बढ़ रही हिंसा’: अमेरिका की एसेंबली में पहली बार हिन्दू घृणा के खिलाफ प्रस्ताव पारित, कहा – ये विविध संस्कृतियों वाला धर्म

अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत में हिन्दूफोबिया के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। ये प्रस्ताव वहाँ की एसेंबली में पारित किया गया। USA में पहली बार ऐसा हुआ है। हिन्दुओं के खिलाफ घृणा की निंदा करते हुए जॉर्जिया एसेंबली ने कहा कि हिन्दू धर्म विश्व के सबसे पुराने और बड़े धर्मों में से एक है, जिसके दुनिया भर में 120 करोड़ से भी अधिक मानने वाले हैं। 100 से भी अधिक देशों में हिन्दू धर्म के लोग फैले हुए हैं। हिन्दू संगठनों ने इसका स्वागत किया है।

जॉर्जिया की एसेंबली ने इस प्रस्ताव में हिन्दू धर्म की तारीफ करते हुए कहा कि विविधताएँ भरी कई संस्कृतियाँ इसका हिस्सा हैं। अलग-अलग दर्शन/विचार को मानने वाले लोग हिन्दू धर्म का हिस्सा हैं। साथ ही हिन्दू धर्म को स्वीकार्यता, आपसी सम्मान और शांति का धर्म भी बताया गया। रिप्रेजेन्टेटिव लॉरेन मैकडोनाल्ड और टेड जोन्स ये प्रस्ताव लेकर आए। ये एटलांटा के सबअर्ब्स फोरसिथ का प्रतिनिधित्व करते हैं। जॉर्जिया की सबसे बड़ी हिन्दू जनसंख्या यहीं रहती है।

अमेरिका में हिन्दू समुदाय के योगदानों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग के अलावा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, हॉस्पिटैलिटी, वित्त, एकेडमी, निर्माण कार्य, एनर्जी, व्यापार और रिटेल में वो अच्छा कार्य कर रहे हैं। योग, आयुर्वेद, ध्यान, भोजन, संगीत और कला के क्षेत्र में हिन्दुओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा गया कि इससे अमेरिका के लाखों लोगों को फायदा मिला है, यहाँ की संस्कृति समृद्ध हुई है।

एसेंबली ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में हिन्दुओं के खिलाफ घृणा और अपराध में बढ़ोतरी हुई है। बुद्धिजीवी वर्ग के एक हिस्से का भी इसे समर्थन प्राप्त है। ऐसे लोग पवित्र साहित्य पर हिंसा और अत्याचार का आरोप लगाते हैं। 22 मार्च को जॉर्जिया में ‘हिन्दू एडवोकेसी डे’ इन्हीं घटनाओं के विरोध में मनाया गया था। Rutgers यूनिवर्सिटी ने भी ऐसी घटनाओं के बढ़ने की बात एक रिसर्च में कही है। अकादमिक जगत के ऐसे लोगों की भी निंदा की गई, जो हिन्दू धर्म को निशाना बनाते हैं।

‘कब तक हिन्दुओं पर हमले कराती रहेंगी ममता बनर्जी?’: स्मृति ईरानी ने दागे सवाल, CM ने कहा था – रमजान में गलत काम नहीं कर सकते मुस्लिम

पश्चिम बंगाल में रामनवमी पर हिंसा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इस हिंसा के लिए केंद्र की भाजपा सरकार को दोषी ठहराने के बाद अब भाजपा ने भी बनर्जी पर हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पूछा कि हिंदू समुदाय पर ममता बनर्जी कब तक हमले कराती रहेंगी।

बता दें कि रामनवमी के दिन शुरू हुई हिंसा बंगाल में अगले दिन भी जारी रही। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि इलाके में धारा 144 लगाना पड़ा है। हावड़ा के कई इलाकों में दूसरे दिन भी जारी हिंसा के कई वीडियो सामने आए थे।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि रामनवमी की शोभायात्रा पर हावड़ा में पथराव हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्थरबाजों को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि ममता कब तक हिंदू समुदाय पर हमले कराती रहेंगी।

स्मृति ईरानी ने कहा कि ममता के शासन में हुई यह पहली घटना नहीं है। साल 2022 में लक्ष्मी पूजा कर रहे दलितों पर हमला किया गया था। उस समय भी ममता चुप थीं। इससे पहले बंगाल भाजपा के नेता ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था। उन्होंने मामले की जाँच NIA से कराने की माँग की थी।

उधर, बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अपराधियों का कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि ये भाजपा ही है, जो कार्रवाई करने से पहले अपराधियों के धर्म के बारे में बात करती है।

गौरतलब है कि रामनवमी के दिन शोभायात्रा से पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदुओं को चेतावनी देते हुए कहा था कि मुस्लिम रमजान में हिंसा नहीं करते। उन्होंने हिंसा का ठीकरा भाजपा और हिंदुओं पर फोड़ा था। इसके साथ ही शोभात्रा को मुस्लिम इलाके में नहीं ले जाने की चेतावनी दी थी।

ममता ने कहा था, “मेरे आँख-कान खुले हैं। मुझे सब दिख रहा है। मैंने पहले ही चेतावनी दी थी कि मुस्लिम बहुल इलाकों से यात्रा ना निकाली जाए। मैंने पहले ही कहा था कि राम नवमी पर रैली निकाली गई तो हिंसा हो सकती है।” वह बोलीं, “यह रमजान का वक्त है। इस वक्त में वे (मुस्लिम समुदाय) कुछ गलत काम नहीं कर सकते।”

अभिषेक बनर्जी यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने सभी लोगों से शांति की अपील की, लेकिन भाजपा के किसी नेता ने ऐसी अपील नहीं की। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि शांति कभी ना हो। बनर्जी ने आरोप लगाया कि शोभायात्रा में शामिल लोग तलवार, बंदूक, पिस्तौल जैसे हथियार लिए हुए थे।

सीपीएम के मोहम्मद सलीम ने बंगाल में हिंसा के लिए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ-साथ टीएमसी को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इन धार्मिक जुलूसों को राजनीतिक रंग दे दिया है। उन्होंने कहा कि रामनवमी पर निकाले गए कई जुलूसों का नेतृत्व टीएमसी के नेताओं ने किया है।

बात मान कर डीजे-जयकारा बंद कर दिया, फिर भी हमला: बिहार के गया में रामनवमी की शोभा यात्रा के साथ-साथ पुलिस पर भी हमला, पत्थरबाजी

जहाँ एक तरफ बिहार के सासाराम और नालंदा में बवाल जारी है, वहीं दूसरी तरफ गया में पुलिस पर ही हमला कर दिया गया रामनवमी की शोभा यात्रा के साथ-साथ गया में पुलिस वालों को भी निशाना बनाया गया है। भीड़ ने जम कर पत्थरबाजी की। ये घटना चाकंद थाना क्षेत्र के डब्बू गाँव की है। शुक्रवार (31 मार्च, 2023) को झड़प की सूचना के बाद पुलिस वहाँ पहुँची थी, जिसके बाद उक्त घटना हुई। इस घटना में 2 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।

इन दोनों का इलाज बेलागंज अस्पताल में चल रहा है। बिहार पुलिस ने इस मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। रोड़ेबाजी करने वाले कई लोग फरार भी हो गए हैं, जिसके बाद गाँव में कैम्प कर कर पुलिस दबिश दे रही है। ढकायीन गाँव से रामनवमी की ये शोभा यात्रा निकाली गई थी। डब्बू गाँव में यात्रा के पहुँचते ही वहाँ मुस्लिम भीड़ ने डीजे और जयघोष को बंद करने का दबाव बनाया। इस बात को लेकर कहासुनी हुई।

लेकिन, इसके बावजूद बात मान कर हिन्दू समाज के लोग डीजे और जयकारा बंद कर के शोभा यात्रा को आगे बढ़ाने लगे। लेकिन, इसके बावजूद आगे शोभा यात्रा को रुकने को मजबूर कर दिया गया। इसके बाद माहौल बिगड़ने लगा और पुलिस को सूचना दे दी गई। पुलिस जैसे ही वहाँ पहुँची, उस पर ही पत्थर बरसाए जाने लगे। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने गाँव में कैम्प किया।

बिहार पुलिस ने घटना के संबंध में बताया है, “मौके पर उपस्थित कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा पुलिस बल पर पत्थर चलाया गया, जिससे दो पुलिस कर्मी को हल्की चोटें आई है, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में First Aid के पश्चात थाना वापस भेज दिया गया। दोनों पक्षों में असामाजिक तत्वों को चिह्नित किया जा रहा है। इस संबंध में कांड दर्ज कर अग्रतर कारवाई की जा रही है। वर्तमान में स्थिति सामान्य है, फिर भी निगरानी रखी जा रही है। स्थिति सामान्य होने तक के लिए पुलिस पदाधिकारी/बलों की प्रतिनियुक्ति डब्बूनगर गॉव एवं आस-पास के क्षेत्र में की गई है।”

मस्जिद के सामने गुजरते ही शोभायात्रा पर पथराव, फिर फायरिंग: नालंदा में दुकानों एवं गाड़ियों में लूटपाट के बाद आगजनी, 4 लोगों को लगी गोली

तुष्टिकरण की राजनीति ने आज ऐसी स्थिति लाकर खड़ी कर दी है कि रामनवमी बीतने के बाद भी हिंसा रूकने का नाम नहीं ले रही हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में रामनवमी के बाद भी हिंसा का दौर रूक नहीं रहा है। बिहारशरीफ में ना सिर्फ पथराव किया गया, बल्कि जमकर फायरिंग भी की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में धारा 144 लगानी पड़ी।

बिहारशरीफ में लहेरी थाना क्षेत्र के दीवानगंज इलाके में शोभायात्रा के दौरान जमकर पथराव किया गया। दंगाइयों ने ना सिर्फ पथराव किया, बल्कि आसपास के घरों और दुकानों में आगजनी की और जमकर फायरिंग भी की। फायरिंग में चार लोगों को गोली लगी है। हमले के कारण शोभायात्रा शामिल छह युवक घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर है।

इससे पहले किए गए पथराव में 9 लोग घायल हो गए थे। इनमें दो युवतियाँ भी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। पूरे शहर में धारा 144 लगा दी गई है। हालाँकि, इलाके में तनाव को अभी भी महसूस किया जा सकता है।

नालंदा के एसपी अशोक मिश्रा का कहना है कि पुलिस इलाके में पेट्रोलिंग कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में इंटरनेट सेवा को फिलहाल बंद करने का अनुरोध किया गया है। एसपी मिश्रा ने कहा कि बदमाशों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इलाके में मस्जिद में आग लगाए जाने की घटना को डीएम शशांक शुभंकर ने नकार दिया। उन्होंने कहा कि किसी मस्जिद में आग लगाए जाने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरा आदि से स्थिति की पहचान की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनवमी के मौके पर हिंदू समुदाय ने शोभायात्रा निकाली थी। शोभायात्रा जब दीवानगंज इलाके के मस्जिद से गुजर रहा था, उसी दौरान कट्टरपंथी मुस्लिम उस पर पत्थरबाजी करने लगे। इसके बाद हिंदू समुदाय भी अपने बचाव में उतर आया। इस दौरान दंगाइयों ने गाड़ियों मेें तोड़फोड़ और आगजनी की। इसके बाद दुकानों में लूटपाट करके आग लगी।

बिहार पुलिस कह रही ‘शांतिपूर्ण’, लेकिन सासाराम में रात भर होता रहा बवाल: पत्थरबाजी के बाद आगजनी-हिंसा-गोलीबारी, पहुँच रहे अमित शाह

बिहार के सासाराम में रामनवमी का त्योहार बीत जाने के बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बिहार पुलिस ने कहा कि इलाके में शांति है, लेकिन पिछले 24 घंटे से बवाल जारी है जो रात में भी नहीं थमा। शहर के कई अलग-अलग इलाकों में हिंसा हुई है। इंटरनेट सेवाएँ प्रतिबंधित कर दी गई हैं। हिन्दू-मुस्लिम तनाव के कारण पूरे जिले में धारा-144 लागू करने के साथ ही भारी संख्या में पुलिस के जवानों की तैनाती भी की गई है।

सासाराम के सहजलाल, बस्ती मोर, चौखंडी, आदमखानी और सोना पट्टी जैसे इलाकों में हिंसा की सबसे ज्यादा घटनाएँ हुई हैं। दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होती रही। सोना पट्टी इलाके में आभूषण दुकानों के शटर तक को खोलने का प्रयास किया गया। कई घरों और दुकानों को भी आग के हवाले कर दिया गया है। मिड टाउन के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहाँ घनी आबादी रहती है। लोगों में भी दहशत का माहौल बना हुआ है।

सासाराम में पड़ोसी जिले औरंगाबाद से पुलिस फोर्स मँगाई गई है। ये सब तब हो रहा है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिले के दौरे पर आने वाले हैं। स्थानीय लोगों के अलावा पुलिसकर्मी और पत्रकार भी घायलों में शामिल हैं। एसडीओ के बॉडीगार्ड का सिर फट गया। रामनवमी जुलूस समाप्त होने के बाद वहाँ हिंसा शुरू हुई। रविवार (2 अप्रैल, 2023) को यहाँ अमित शाह की विशाल रैली है। गोलीबारी की भी खबर है, लेकिन प्रशासन ने फ़िलहाल चुप्पी साधी हुई है।

रामनवमी की विसर्जन यात्रा और जुमा, दोनों एक ही दिन था। जेपी के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद का कहना है कि खिरकी घाट में हनुमान मंदिर पर हमला किया गया है। सम्राट अशोक के लघु शिलालेख को भी अमित शाह देखने जाएँगे, जहाँ मुस्लिमों के कब्जे की बात कही जा रही है। कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैम्प कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हिंसा का होना बिहार पुलिस के कामकाज के तरीके पर सवाल खड़ा कर रहा है।

ISI के आकाओं को भेज रहे थे गोपनीय सूचनाएँ, राजस्थान में रतन खान सहित 2 धराए: रिश्तेदारों से मिलने के बहाने कई बार गया पाकिस्तान

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने आरोप में सुरक्षा एजेंसियों ने राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर से रतन खान सहित 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले राजस्थान की सुरक्षा एजेंसियों ने बाड़मेर से 4 संदिग्धों पकड़ा था। ये पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को गोपनीय सूचनाएँ भेज रहे थे।

दोनों आरोपित पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहे थे। रतन खान कई बार पाकिस्तान भी जा चुका है। वहीं, दूसरा आरोपित जवान तेल उत्पादन क्षेत्र एमपीटी में तैनात था। इसे आईएसआई की एजेंट महिला ने हनीट्रैप में फँसाकर और पैसों का लालच देकर अपने जाल में फाँसा था।

दरअसल, राजस्थान की सुरक्षा एजेंसी CID इंटेलिजेंस पाकिस्तान द्वारा राज्य में की जाने वाली जासूसी गतिविधियों की निगरानी कर रही थी। इस दौरान उसे बाड़मेर जिले में दो संदिग्ध मिले, जो सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के संपर्क में थे। इसके बाद इन पर निगरानी बढ़ा दी गई।

एजेंसी ने जाँच की तो एक शिव लंगों की ढाणी धारवी कलां का रहने वाला 52 साल का रतन खान के रूप में मिला। वहीं, दूसरा आरोपित चिमाणियों की ढाणी शोभाला जेतमाल गाँव का रहने वाला पारूराम है। एजेंसी ने दोनों की पृष्ठभूमि भी खंगाली।

CID इंटेलिजेंस के मुताबिक, रतन खान साल 2012 से ही अपने रिश्तेदारों से मिलने के बहाने पाकिस्तान जाता रहा है। वहाँ जाकर वह ISI मिलता और जासूसी की ट्रेनिंग लेता था। उसने वहाँ जाकर सीखा कि सीमावर्ती इलाकों की गोपनीय सूचनाएँ अपने मोबाइल फोन से तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से कैसे भेजनी है।

ट्रेनिंग के बाद रतन खान प्रतिबंधित सीमावर्ती इलाके की फोटो, वीडियो सहित गोपनीय सूचनाएँ वॉट्सऐप के जरिए पाकिस्तान भेजने लगा। इसके बदले में उसे पाकिस्तान की ओर से पैसे भी दिए जाते थे। वह पिछले 10 सालों में 20 से ज्यादा बार पाकिस्तान जा चुका है।

वहीं, 34 साल का पारूराम बॉर्डर होमगार्ड में गार्डमैन के पद पर कार्यरत है। वह नागाणा कवास (बाड़मेर) स्थित मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल में सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा था। ISI की महिला हैंडलर ने उसे हनीट्रैप में फँसा लिया। वह हनीट्रैप और पैसों के लालच में गोपनीय सूचनाएँ भेजता था।