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‘हिजाब नहीं पहना तो छोड़ेंगे नहीं’ : ईरान में खुला सिर लेकर घूम रही माँ-बेटी गिरफ्तार, कट्टरपंथी ने गुस्से में खोपड़ी पर दही फेंकी

ईरान में हिजाब न पहनने पर दो माँ-बेटी को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। वीडियो सामने आई है जिसमें दोनों महिला बिन सिर ढके एक दुकान में घुसीं और एक व्यक्ति ने गुस्से में उनसे बहसबाजी के बाद उनके सिर पर दही उड़ेल दी।

बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद ईरान में लड़कियों को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं दही उड़ेलने वाले आदमी को भी सड़क पर बदसलूकी करने के लिए पकड़ा गया है। कथिततौर पर इस घटना के बाद ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने कहा कि ईरान में हिजाब कानून है और इसका पालन करना अनिवार्य है।

इसके अलावा ईरानी मुख्य न्यायाधीश गोलेमहोसिन मोहसेनी एजे ने कहा है कि जितना अधिक महिलाएँ ईरान में अनिवार्य ड्रेस कोड की को नहीं मानेंगी उन पर सख्त कानूनी की जाएगी। उन्होंने कहा जो औरतें मुल्क में बगैर हिजाब के सार्वजनिक जगहों पर दिखाई देंगी उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ बगैर किस रहम के मुकदमा चलाया जाएगा।

बता दें कि ईरान में चले लंबे हिजाब विरोधी प्रदर्शन के बाद यह घटना सामने आई है। फुटेज में दिखाई पड़ रहा है कि कैसे दोVAX महिलाएँ बिन हिजाब के सिर ढके दुकान में कुछ लेने आती हैं लेकिन वहीं रास्ते से गुजरता शख्स उन्हें कुछ बोलने लगता है। थोड़ी ही देर में बहस करके करते वो दही उठाकर लड़कियों के सिर पर डाल देता है।

उल्लेखनीय है कि ईरान में लड़कियों का हिजाब पहनना अनिवार्य है। पिछले साल ऐसे ही जरा सा सिर दिखाई पड़ने पर एक युवती को मोरल पुलिस द्वारा पीट-पीटकर अधमरा किए जाने के बाद उसकी मौत अस्पताल में हो गई थी। 22 साल की लड़की का नाम महसा अमिथनी था। अमिनी की मौत के बाद ईरान समेत पूरे विश्व हिजाब विरोधी प्रदर्शन हुए। हजारों को इस दौरान पकड़ा गया और चार प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा भी हुई।

70 साल, ₹4.82 लाख करोड़ के घोटाले: ‘कॉन्ग्रेस फाइल्स’ के पहले एपिसोड में खुली भ्रष्टाचार की पोल, बताया इतने पैसे में क्या सब हो सकता था

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कॉन्ग्रेस राज में हुए घोटालों को लेकर एक वीडियो जारी किया है। ‘कॉन्ग्रेस फाइल्स’ नामक इस वीडियो में भाजपा ने आरोप लगाया है कि देश में 70 सालों तक राज करने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने शासन काल में 48,20,69,00,00,000 रुपए का घोटाला किया है।

दरअसल, कॉन्ग्रेस पर घोटाले और भ्रष्टाचार करने का आरोप लंबे समय से लगता रहा है। कॉन्ग्रेस सरकार में हुए घोटालों की एक लंबी लिस्ट है। इसको लेकर ही भाजपा ने ‘कॉन्ग्रेस फाइल्स’ (Congress Files) नामक यह वीडियो जारी किया है। इस वीडियो को देखने पर शुरुआत में ही यह बात पूरी तरह से क्लियर हो गई है कि बीजेपी कॉन्ग्रेस सरकार के दौर में हुए घोटालों की एक सीरीज जारी करने वाली है। इस सीरीज का यह पहला एपिसोड है। इस एपिसोड का टाइटल है, ‘कॉन्ग्रेस मतलब करप्शन’।

‘कॉन्ग्रेस फाइल्स’ में बीजेपी ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस ने देश में 70 सालों तक राज करते हुए घोटाले और भ्रष्टाचार से जनता की गाढ़ी कमाई के 48 खरब 20 अरब 69 करोड़ रुपए (₹4820690000000) की लूट की है। वीडियो में कहा गया है कि कॉन्ग्रेस सरकार में हुए घोटाले की इस रकम से देश की सुरक्षा से लेकर विकास तक के कई काम किए जा सकते थे।

यही नहीं, वीडियो में दावा किया गया है कि घोटाले की रकम इतनी बड़ी है कि इससे 24 आईएनएस विक्रांत, 300 राफेल विमान, 1000 मंगल मिशन बनाए या खरीदे जा सकते थे। लेकिन, कॉन्ग्रेस ने देश का बंटाधार कर दिया। कॉन्ग्रेस के भ्रष्टाचार और घोटाले की कीमत देश को चुकानी पड़ी। यही कारण है कि हमारा देश प्रगति और उन्नति की राह में कॉन्ग्रेस की वजह से पिछड़ गया।

यूपीए सरकार के घोटालों की लिस्ट

कॉन्ग्रेस फाइल्स (Congress Files) के इस पहले वीडियो में भाजपा ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में हुए घोटालों को लेकर भी बात की है। इसमें साल 2004 से लेकर 2014 तक हुए घोटालों की लिस्ट दिखाई गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए देश में एक के बाद एक घोटाले होते रहे। लेकिन मनमोहन सिंह नीरो (नीरो रोम साम्राज्य का सबसे क्रूर शासक था) की तरह बाँसुरी बजाते रहे।

वीडियो में बताया गया है कि मनमोहन सिंह सरकार में 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपए का कोयला घोटाला हुआ था। वहीं, 1 लाख 76 हजार करोड़ का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला, करीब 10 हजार करोड़ रुपए का मनरेगा घोटाला, 70 हजार करोड़ रुपए का कॉमनवेल्थ घोटाला हुआ था। यही नहीं, इटली से मँगाए गए 12 हेलीकॉप्टरों की खरीदी में 362 करोड़ रुपए की दलाली का भी आरोप लगाया है। वीडियो में कहा गया है कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन की कुर्सी के लिए 12 करोड़ रुपए के घूसकांड को अंजाम दिया गया था।

भाजपा ने दावा किया है कि यूपीए सरकार के समय अखबार या फिर कोई भी कोई भी न्यूज चैनल देखा जाए तो उसमें घोटाले और घूँसखोरी की खबरें जरूर सामने आतीं थीं। वीडियो के आखिर में कहा गया है, “कॉन्ग्रेस के घोटालों की यह तो सिर्फ झाँकी है, पिक्चर अभी बाकी है।” साथ ही बताया गया है कि कॉन्ग्रेस फाइल्स के अगले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि राजीव गाँधी की 2 करोड़ रुपए की पेंटिंग बेचने के किए कॉन्ग्रेस परिवार लोगों को धमकी दे रहा था।

निजामुद्दीन दरगाह के पास अवैध मजार पर चला बुलडोजर, नोटिस के बावजूद खादिमों ने नहीं किया था खाली: जमीन को लेकर वक्फ बोर्ड और DDA के बीच मुकदमा

दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन की दरगाह के पास मजार के रूप में किए गए अतिक्रमण को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस मजार के माध्यम से सड़क के फुटपाथ पर अतिक्रमण कर लिया गया था। शनिवार (1 मार्च 2023) को ध्वस्तीकरण के दौरान दिल्ली पुलिस, अर्ध सैनिक बल और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे।

मथुरा रोड के ऑपोजिट चक्कर वाली मस्जिद के पास स्थित एक दरगाह के पास की है। दरगाह के केयरटेकर यूसुफ बेग ने कहा कि सैयद अब्दुल्ला उर्फ भूरे शाह की दरगाह सदियों पुरानी है। यह 16वीं शताब्दी का एक दोमंजिला गुंबददार मुगलकालीन स्मारक है, जो सब्ज बुर्ज के पास एक भूखंड पर स्थित है।

बेग ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के द्वारा बताया गया था कि सड़क के फुटपाथ पर मजार का कुछ हिस्सा आ रहा है और इसे हटाना होगा। डिपार्टमेंट द्वारा बुलडोजर लाया गया और सड़क किनारे के हिस्से के साथ-साथ मजार के किनारे का पूरा हिस्सा तोड़ दिया गया।

इस अवैध निर्माण में मजार के आसपास खड़ा किया गया अवैध निर्माण और केयरटेकर का रहने का आवास भी शामिल है। हालाँकि, भूरे शाह के कथित कब्र को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया गया है। मजार की आड़ में आसपास के अवैध निर्माण को ही ध्वस्त किया गया है।

इसे हटाने के लिए PWD ने कई बार नोटिस दिया था, लेकिन दरगाह के खादिमों ने इसे खाली नहीं किया था। इतना ही नहीं दरगाह की जमीन को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली वक्फ बोर्ड के बीच मुकदमा भी चल रहा है। मामला अभी लंबित है।

बेग ने कहा कि यह दरगाह 500 साल पुरानी है और उस समय ना सड़क थी और फुटपाथ। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले एसडीएम से उनकी बात हुई तो तो अधिकारी ने कहा था कि इसका कुछ हिस्सा हटा लो और फिर 13 मीटर हटा दिया गया। इसके बाद भी फिर यह कार्रवाई की गई।

व्यस्त जाकिर हुसैन मार्ग के सामने वाले स्थल पर कार्रवाई के दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान सतर्क रहे। अधिकारियों का कहना है कि दरगाह निजामुद्दीन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, इसलिए सुरक्षाबलों की पर्याप्त तैनाती गई है। इस दौरान सुरक्षा बल आँसू गैस के गोले सहित तमाम तरह के उपायों से लैस थे।

रिजवान ने गला दबा कर दलित युवती को मार डाला, कपड़े से बाँध कर सीवर में फेंक दी लाश: निकाह के लिए बना रहा था दबाव

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रिज़वान नाम के युवक द्वारा सोनम नाम की एक दलित युवती की हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद रिज़वान ने मृतका की लाश को सीवर में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। मृतका और रिज़वान के बीच प्रेम संबंध होने के भी दावे किए जा रहे हैं। यह रिश्ता युवती के घर वालों को मंजूर नहीं था। हत्या की वजह रिज़वान का मृतका से निकाह न कर पाने की नाराजगी बताई जा रही है। घटना शनिवार (1 अप्रैल, 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला वाराणसी के थाना क्षेत्र जैतपुरा का है। यहाँ गोपाल बाग इलाके में ज्ञानचंद सोनकर नाम के व्यक्ति का लूम चलता है जहाँ वो कपड़े बनाने का काम करते हैं। इसी लूम में राजापुर का रहने वाला रिज़वान बुनकर के तौर पर काम करता था। लूम मालिक ज्ञानचंद के घर में 20 वर्षीया दलित लड़की सोनम झाड़ू-पोंछा आदि करने आया करती थी। सोनम मूल रूप से पड़ोसी जिले मिर्जापुर की रहने वाली थी जो अपने परिवार के साथ डिगिया मोहल्ले में किराये पर वाराणसी में रहती थी।

बताया जा रहा है कि इसी लूम में काम करने के दौरान रिज़वान और सोनम की आपस में बातचीत होने लगी थी। आरोप है कि रिज़वान सोनम से निकाह करना चाहता था, लेकिन सोनम के घर वाले रिज़वान के मुस्लिम होने की वजह से तैयार नहीं थे। इस बीच रिज़वान को इस बात का भी शक होने लगा था कि सोनम किसी और लड़के से बात करती है। घटना के दिन शनिवार को भी सोनम हर दिन की तरह मकान मालिक ज्ञानचंद के घर काम करने आई। इसी दौरान रिज़वान भी वहाँ पहुँच गया।

कहा जा रहा है कि मुलाकात के दौरान रिज़वान और सोनम में काफी बहस हुई। थोड़ी देर के झगड़े के बाद रिज़वान ने सोनम का गला दबा कर मार डाला। यह हत्या सोनम के ही दुपट्टे से गला घोंट कर की गई थी। सोनम के मरने पर रिज़वान ने उनकी लाश को कपड़े से बाँध कर ग्राउंड फ्लोर पर बने सीवर चैंबर में फेंक दिया। दावा यह भी किया जा रहा है कि रिज़वान ने खुद ही अपने लूम मालिक ज्ञानचंद को सोनम की हत्या की जानकारी दे दी थी। इस बीच सोनम के घर वाले उसे तलाशते हुए पहुँचे तो उन्हें सोनम की हत्या की जानकारी मिली।

आखिरकार सोनम के घर वालों ने जैतपुरा पुलिस स्टेशन में रिज़वान के खिलाफ तहरीर दी। बताया जा रहा है कि मृतका के परिजनों ने रिज़वान पर कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए सड़क पर धरना भी दिया। फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपित रिज़वान को हिरासत में ले लिया है। सोनम की लाश को छेनी-हथौड़ी से सीवर की टंकी तोड़ कर बरामद कर लिया गया है। पुलिस रिज़वान से पूछताछ के साथ मामले की जाँच कर रही है।

हनुमान चालीसा बजाने पर भीड़ ने घर में घुसकर मारा, माँस भी फेंका: यूपी के बांदा में तौफीक समेत 12 पर केस दर्ज, जाते हुए दे गए थे मारने की धमकी

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक व्यक्ति ने हनुमान चालीसा बजाने पर खुद को धमकी मिलने का आरोप लगाया है। पीड़ित का नाम सिद्धांत तिवारी है जिन्होंने वीडियो जारी करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित ने अपने घर के आगे माँस के टुकड़े भी फेंकने की बात कही है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। मामले में नामजद आरोपितों के नाम तौफीक और सानू हैं जो फिलहाल फरार हैं। घटना शुक्रवार (31 मार्च 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बांदा जिले के थानाक्षेत्र कोतवाली नगर का है। यहाँ अलीगंज चौकी क्षेत्र के हाथीखाना में पीड़ित सिद्धांत तिवारी अपने परिवार के साथ रहते हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में उन्होंने बताया है कि शुक्रवार को उनके घर में लगे साउंड पर हनुमान चालीसा बज रहा था। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के 15 से 20 लोग उनके घर में पहुँचे और साउंड सिस्टम में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि जाते-जाते हमलावरों ने दुबारा हनुमान चालीसा बजाने पर जान से मार डालने की भी धमकी दी।

खुद को मिली टुकड़े-टुकड़े में काटने की धमकी का जिक्र करते हुए सिद्धांत तिवारी ने बताया कि घटना के दौरान वो घर में बने गोदाम में अकेले थे इसलिए डर से चुप रहे। सिद्धांत तिवारी का आरोप है कि हमलावरों द्वारा उनके घर के आगे माँस के टुकड़े फेंके गए। सिद्धांत के साथ हुई घटना पर विश्व हिन्दू परिषद ने भी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। मुख्य आरोपित के तौर पर तौफीक और सानू के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने कुल 12 आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन सभी पर IPC की धारा 147, 452, 504, 506, 427 और 153A के तहत कार्रवाई हुई है।

इस बीच सिद्धांत तिवारी ने अपने साथ हुई घटना का वीडियो भी बना कर सोशल मीडिया पर डाल दिया। यह वीडियो अभी वायरल हो गया है।

अपने वीडियो में सिद्धांत तिवारी ने सवाल किया है कि उन्होंने हनुमान चालीसा बजा कर कौन सा अपराध कर दिया। बांदा पुलिस ने इस वीडियो पर FIR दर्ज कर के कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है।

महाराष्ट्र के जलगाँव में अब मूर्ति तोड़ने के बाद भड़की हिंसा, 12 संदिग्ध हिरासत में : 4 दिन पहले रामनवमी जुलूस पर हुआ था पथराव

महाराष्ट्र के जलगाँव में 2 समूहों के बीच हिंसा की खबर है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 12 संदिग्ध उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। हिंसा की शुरुआत एक मूर्ति को तोड़े जाने के बाद हुई है। यह घटना शनिवार (1 अप्रैल 2023) की है। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालात फिलहाल शांति और नियंत्रण में हैं। इससे पहले 30 मार्च को भी जलगाँव की ही एक मस्जिद के आगे DJ बजाने को ले कर विवाद हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कुल 56 आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नया मामला जलगाँव के अतरवाल गाँव का है। यहाँ शनिवार (1 अप्रैल 2023) को किसी अज्ञात व्यक्ति ने गाँव में लगी एक मूर्ति को तोड़ दिया। इस बात से गाँव के 2 पक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में हालात तनावपूर्व हो गए और दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो वो मौके पर पहुँची। गाँव में पुलिस फ़ोर्स की गाडियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक जलगांव IPS एम राजकुमार ने बताया कि हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। गाँव में एहतियातन फ़ोर्स की तैनाती की गई है। अब तक 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल मूर्ति तोड़ने वाले के बारे में अभी तक पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।

गौरतलब है कि 30 मार्च को भी जलगाँव में साम्प्रदायिक तनाव फैला था। यह विवाद एक मस्जिद के आगे से गुजर रहे जुलूस में बज रहे DJ की आवाज बंद करने को ले कर शुरू हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 2 केस दर्ज करते हुए कुल 56 लोगों को गिरफ्तार किया था।

उमेश पाल के शूटरों को आर्थिक मदद दी, हत्या के बाद उन्हें अपने घर में छिपाया: गैंगस्टर अतीक अहमद का बहनोई अखलाक मेरठ से गिरफ्तार

पुलिस ने प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में आरोपित गैंगस्टर अतीक अहमद के बहनोई अखलाक को गिरफ्तार किया है। उमेश पाल की दिन-दहाड़े हत्या करने के बाद गैंगस्टर अतीक अहमद का बेटा असद, शूटर मुस्लिम गुड्डू और साबिर मेरठ आए थे। यहाँ अखलाक ने इन्हें अपने घर में छुपाकर रखा था।

इसकी जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने शनिवार (1 अप्रैल 2023) की देर रात मेरठ के नौचंदी थाना इलाके में छापेमारी की। इसके बाद अखलाक को गिरफ्तार कर लिया। 

STF का कहना है कि अखलाक ने आरोपित शूटरों को अपने घर में छुपाने के साथ-साथ उनकी मदद भी की थी। अखलाक को उमेश पाल की हत्या की साजिश की जानकारी थी। वह साजिश रचने में भी शामिल था। इसके अलावा, उमेश पाल की हत्या में उनकी आर्थिक मदद भी की थी।

एसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि पूरी तरह छानबीन करने के बाद डॉक्टर अखलाक को गिरफ्तार किया गया और थाने लाकर उससे घंटों पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि उससे। कई अहम जानकारियाँ मिली हैं। टीम अखलाक को अपने साथ लेकर प्रयागराज रवाना हो गई है।

बता दें कि उमेश पाल की हत्या के मामले में शूटर असद, मुस्लिम गुड्डू, अरमान गुलाम और साबिर फरार चल रहे हैं। STF की जाँच में सामने आया कि अतीक की बहन और बहनोई मेरठ के भवानी नगर में रहते हैं और वहाँ शूटर छिप सकते हैं। अतीक के बहनोई की पोस्टिंग अब्दुल्लापुर सीएचसी में है।

इसके पहले भी अतीक के बहनोई अखलाक पर सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार नजर रख रही थीं। कई बार उससे पूछताछ भी की गई थी और हिरासत में भी लिया गया था। हालाँकि, इस बार अपराधियों को शरण देने, उन्हें आर्थिक मदद पहुँचाने सहित कई मामलों में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

अरबाज ने फरसे से मारा, उमर ने तमंचा चलाया: अलीगढ़ में दलित परिवार के साथ हुई मारपीट पर FIR दर्ज, आरोपित गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के 2 लोगों की पिटाई का मामला सामने आया है। पिटाई का आरोप गाँव के ही अरबाज़, उमर, सलमान, अजहरुद्दीन और राजा आदि पर लगा है। आरोप है कि आरोपितों ने पीड़ितों को न सिर्फ जातिसूचक गालियाँ दीं बल्कि हमले के लिए फरसे और तमंचे का भी प्रयोग किया। पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी कर के जाँच जारी होने की जानकारी दी है। घटना शुक्रवार (31 मार्च 2023) की है।

यह मामला अलीगढ़ के कोतवाली क्षेत्र मडराक का है। यहाँ जाटव समाज के पीड़ित अरुण कुमार ने 31 मार्च 2023 को थाने में शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि घटना के दिन उनके गाँव घासीपुर में उनके चाचा के मकान पर निर्माण कार्य कर रहा था। उसी समय अरबाज, राजा, उमर, सलमान और अजरुद्दीन आदि ने मिल कर पीड़ितों को गाली-गलौज की। इस दौरान पीड़ितों को जाति सूचक शब्द बोले गए। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ितों की जाति को अभद्र तरीके से बोलते हुए उन्हें सबक सिखाने के लिए ललकारा।

शिकायत में आगे बताया गया है कि जब पीड़ितों को बचाने कुछ अन्यलोग आए तो अरबाज ने उन सभी पर फरसे से हमला कर दिया। इसी समय उमर ने तमंचे से हमला करने की भी कोशिश की। संयोजगवश यह फायर नहीं हुआ। पीड़ित ने पुलिस से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की मॉंग की। इस शिकायत पर पुलिस ने अरबाज़, राजा, उमर, सलमान, अजहरुद्दीन और हसरूद्दीन के छोटे भाई पर FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर IPC की धारा 147, 323, 504 और SC/ST के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित परिवार के अनिकेत ने बताया कि जब वो अपने भाई के साथ क्रिकेट खेल रहे थे तब वहाँ कुछ मुस्लिम लोग आए और अपने साथ क्रिकेट खेलने के लिए कहने लगे। इंकार करने पर आरोपितों ने पहले जातिसूचक शब्दों के साथ गालियाँ दी फिर कुछ अन्य साथियों को बुला कर मारपीट की गई। पीड़ित ने बताया कि उन्हें पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग मिला और आरोपितों पर कार्रवाई हो रही है।

हमसे बात करते हुए पीड़ित अनिकेत ने यह भी बताया कि उनके गाँव घासीपुर में सवर्ण और अनुसूचित जाति के लोगों के बीच किसी भी तरफ का भेदभाव नहीं होता है। अनिकेत के मुताबिक एक ही मंदिर में हिन्दू समाज के सभी अंग पूजा करते हैं और एक दूसरे के सुख-दुःख में साथ रहते हैं। अनिकेत का दावा है कि इस से पहले भी उनके गाँव के एक मंदिर में मुस्लिम व्यक्ति ने पेशाब कर दिया था जिसे मानसिक रोगी बता कर बचाने का प्रयास किया गया था।

सासाराम में बम विस्फोट, बिहारशरीफ में गोलीबारी, मुंगेर में पथराव: बिहार के कई जिलों में हिंसा की खबरें

बिहार के सासाराम, बिहारशरीफ और मुंगेर में फिर से हिंसा शुरू होने की खबर रही है। बताया जा रहा है कि शनिवार (1 अप्रैल 2023) की एक विस्फोट में 6 लोग घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालाँकि, बिहार पुलिस ने इसे साम्प्रदायिक घटना मानने से इनकार कर दिया है। वहीं, बिहारशरीफ में गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हो गया है।

धमाका सासाराम के शेरगंज मुहल्ले में हुई है। रोहतास जिले के जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया, “सासाराम में एक बम विस्फोट हुआ था। घायलों को वाराणसी के बीएचयू अस्पताल रेफर किया गया है। हम अभी सभी एंगल से जाँच कर रहे हैं। विस्फोट का कारण अज्ञात है।”

वहीं, बिहार पुलिस ने रविवार (2 अप्रैल 2023) को तड़के ट्वीट कर कहा, “कल शाम 9 बजे 6 व्यक्तियों के जख्मी होने की सूचना के सत्यापन के दौरान पाया गया है कि वे अवैध विस्फोटक handling के दौरान स्वयं घायल हुए थे। घटना स्थल एक निजी मकान का अहाता है, जहाँ फॉरेंसिक टीम जाँच कर रही है। 2 गिरफ्तारी की गयी है। बल दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त हैं। अफ़वाह पर ध्यान न दें।”

पुलिस ने इसे अवैध विस्फोटक हैंडलिंग बताया है। आशंका जताई जा रही है कि यह विस्फोट बम बनाने के दौरान हुआ है। बता दें कि सासाराम रामनवमी से ही हिंसा की चपेट में है। रामनवमी की शोभायात्रा पर हमले के बाद शुरू हुई हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है।

इसके पहले बिहार पुलिस ने ट्वीट कर कहा था, “रोहतास के सासाराम में बम विस्फोट की घटना की सूचना प्राप्त हुई, जिसके जाँच के क्रम में पाया गया कि घटनास्थल एक झोपड़ी है। वहाँ से एक स्कूटी भी बरामद की गई है। FSL की टीम घटनास्थल की जाँच हेतु पहुँच रही है।”

एक अन्य ट्वीट में बिहार पुलिस ने लिखा था, “प्रथम दृष्टया यह साम्प्रदायिक घटना प्रतीत नहीं हो रहा है। किसी भी अफवाहों पर ध्यान न दें। शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करें।”

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहतास के जिला मुख्यालय सासाराम के सफ्फुलागंज इलाके में शनिवार शाम को एक बार फिर बमबाजी की गई। इसके बाद पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाते हुए घरों में छापेमारी की। इसमें 8 और लोगों को हिरासत में लिया गया है। 

उधर, बिहारशरीफ में भी शनिवार (1 अप्रैल 2023) को फिर से दंगाइयों ने एक धार्मिक स्थल को निशाना बना दिया। लहेरी थाना क्षेत्र के पहाड़पुरा मुहल्ले में दंगाइयों ने एक धार्मिक स्थान में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसके बाद फायरिंग की गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। इसके अलावा, कई स्थानों पर भी फायरिंग की बात कही जा रही है।

दरअसल, शनिवार की रात आठ बजे शुरू हुई हिंसा में मुहल्ले के ही रवींद्र प्रसाद के बेटे गुलशन कुमार को गोली लग गई। इसके बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। वहीं, नालंदा के डीएम शुभंकर और एसपी अशोक मिश्रा ने माहौल सामान्य बताया है।

वहीं, मुंगेर में भी शनिवार की रात मूर्ति विसर्जन को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर मारपीट और पथराव हुआ। मामले की भनक लगते ही पुलिस मौके पर पहुँची और लाठीचार्ज करके मामले को संभाला। पुलिस के मुताबिक सभी जगहों पर स्थिति नियंत्रण में है।

‘बैसाखी के नाम पर अश्लीलता, बॉयकॉट कर देंगे’: ऑस्ट्रेलिया में हिंदू-सिख जोड़े को खालिस्तानियों ने धमकाया, दंपत्ति ने कहा- इनके कारण डर से नींद नहीं आती

शनिवार (1 अप्रैल 2023) को ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तानी समर्थकों ने बैसाखी के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को बाधित कर दिया। घटना एडिलेड की है। जहाँ पंजाब ऑस्ट्रेलियाई एसोसिएशन ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया इंक द्वारा बैसाखी मेला आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी मनीष गुप्ता को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बैसाखी मेला आयोजित करने से नाराज कट्टरपंथियों ने आयोजकों में शामिल एक हिंदू-सिख जोड़े को परेशान भी किया। हरमीत कौर और राजेश ठाकुर ने आरोप लगाया है कि मेला आयोजित करने के लिए खालसा एड नाम के संगठन के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं खालिस्तानी समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर भी उन्हें धमकी दी गई। धमकियों से डरे दंपति का कहना है कि वे डर के मारे रातों को सो नहीं पा रहे हैं।

जोड़े ने 31 मार्च को खालसा एड संगठन द्वारा मारपीट किए जाने और धमकी देने का आरोप लगाया। कट्टरवादी संगठन ने जोड़े को उनका कारोबार नष्ट करने की भी धमकी दी है। दंपति ने दावा किया कि उन्हें सोशल मीडिया पर सरबजीत सिंह पिपली नाम के शख्स ने बॉयकॉट की धमकी दी है। हरमीत कौर का कहना है कि खालिस्तानी समर्थकों द्वारा लगातार धमकी दी जा रही है। खालिस्तानियों का कहना है कि बैसाखी का नाम लेकर इस तरह का समारोह आयोजित करना त्योहार और सिंहों का अपमान है।

पिछले साल भी दंपति को खालिस्तानी संगठन खालसा एड के लोगों ने धमकी दी थी। उन्होंने मेले का नाम बदलने को लेकर राजेश ठाकुर को फोन किया था। रिपोर्टों के मुताबिक फोन पर खालसा एड के गुरिंदरजीत सिंह जस्सर ने धमकी देते हुए कहा था कि बैसाखी सिखों का त्योहार है। इस नाम का इस्तेमाल कर के अन्य कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकते। जस्सर ने आरोप लगाया था कि इस बैसाखी के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में अश्लीलता फैलाई जा रही है।