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शाकाहारियों से नफरत और जैन समुदाय का मजाक: प्राप्ति एलिजाबेथ की ‘नकली हँसी’ देख नेटीजन्स को आया गुस्सा, बोले- दिमाग डॉक्टर को दिखाओ

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्राप्ति एलिजाबेथ (Prapti Elizabeth) का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह जैन समुदाय का मजाक उड़ाते हुए नजर आ रही हैं। इस वीडियो को ट्विटर यूजर आदित्य नायक ने 27 मार्च 2023 को शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा, “सभी शाकाहारी पुरुषों, खासकर जैनियों को अपने भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि इस दो-बिट राइस बैग ने उन्हें नकार दिया।”

दरअसल, प्राप्ति एलिजाबेथ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 15 दिसंबर 2022 को यह वीडियो शेयर किया था। लेकिन यह अभी वायरल हो रहा है। इसमें उसने शाकाहारी पुरुषों के साथ डेटिंग करने के बारे में अपने विचार रखे हैं। साथ ही पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “एक शाकाहारी, अकेले आदमी को टैग करें और उसे बताएँ कि समस्या क्या है।” उसने वीडियो में शाकाहारी जैन पुरुष का मजाक उड़ाते हुए कहा, “मुझे पूरी उम्मीद है कि आप सभी वेजी पुरुषों को अपनी तरह मिल जाएगी, लेकिन मैं ऐसी बिल्कुल नहीं हूँ। इस लॉस के लिए खेद है।” इसके बाद वह जोर-जोर से हँसने लगती है।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद एलिजाबेथ की जमकर आलोचना की जा रही है। साथ ही यूजर्स उसकी हँसी को रामायण सीरियल के एक किरदार की हँसी से जोड़ कर देख रहे हैं। कुछ लोग ऐसी नकली हँसी हँसने के लिए उन्हें डॉक्टर के पास जाने की सलाह दे रहे हैं।

ट्विटर और इंस्टाग्राम यूजर्स ने प्राप्ति एलिजाबेथ को जैन समुदाय का मज़ाक उड़ाने पर आड़े हाथों लिया। ट्विटर यूजर अदिति ने लिखा, “पेटा को अपने नियमित कंटेन्ट के बजाए इस वीडियो का प्रचार करना चाहिए… मुझे यकीन है कि 97% लोग इस वीडियो को देखकर ही मांसाहार छोड़ देंगे।” एक यूजर ने लिखा, “लक्की जैन।”

डॉक्टर मेघनाथ नाम के यूजर ने लिखा, “यह वीडियो मीट का नहीं, बल्कि नफरत का लगता है।”

ट्विटर यूजर ईशान जैन ने कहा, “कितना भाग्यशाली होगा वह जैन आदमी? जो इस जैसी महिला को डेट करने से बच गया।”

दिपेन्द्र जैन ने इंस्टा पर लिखा था, “तुम 2 कोड़ी के content creator, तुम्हारी औकात क्या है? मासूम पशुओं को मारकर खाते हो। दम है तो खुद को मारकर खाओ, तब बेचारे पशुओं का दर्द समझ आएगा। मैं इस अकाउंट की रिपोर्ट करने जा रहा हूँ और आप सभी से भी इसकी रिपोर्ट करने का अनुरोध करता हूँ।”

प्राप्ति एलिजाबेथ के इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट
एलिजाबेथ की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट

एलिजाबेथ कौन है?

प्राप्ति बी एलिजाबेथ एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, जो टाइम्स इंटरनेट में एक प्रोड्यूसर के रूप में काम करती हैं। वह तीन साल से अधिक समय से टाइम्स इंटरनेट के साथ जुड़ी हुई हैं। उसने 2014 में एक रिसर्च असिस्टेंट के रूप में अपना करियर शुरू किया। अगस्त 2015 में एक साल के करीब उसने ब्लूगैप के लिए काम किया। बाद में वह Scoop Whoop के साथ जुड़ गई। यह मीडिया इंडस्ट्री में उसका बड़ा ब्रेक था। उसने MensXP के साथ भी कुछ समय के लिए काम किया और फिर इंडिया टुडे ग्रुप जॉइन कर लिया। यहाँ उसने 5.8 साल तक काम किया। यही नहीं Jan.E.Man नाम की एक मलयालम फिल्म में भी उसने एक अभिनेत्री के रूप में काम किया, जो 2021 में रिलीज हुई थी।

‘मुझे पुलिस पर भरोसा है, बिहार के नेताओं पर नहीं’: यूट्यूबर मनीष कश्यप को पुलिस ले गई तमिलनाडु, एयरपोर्ट पर बताया- हिरासत में कैसा हो रहा बर्ताव

बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी को तमिलनाडु पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर अपने साथ ले गई। कश्यप मदुरै की अदालत में पेश किया जाएगा। आरोप है कि उन्होंने तमिलनाडु में बिहार के कुछ निवासियों के साथ हिंसक घटनाओं की भ्रामक खबरें, फोटो और वीडियो शेयर की थीं। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्होंने बिहार पुलिस के आगे आत्मसमर्पण कर दिया था। अब उन्हें तमिलनाडु पुलिस अपने साथ ले गई है।

तमिलनाडु पुलिस कश्यप से पूछताछ के लिए कोर्ट से 15 दिनों की रिमांड माँग सकती है। कश्यप पर तमिलनाडु में भी लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं। तमिलनाडु ले जाने के दौरान यूट्यूबर ने पटना एयरपोर्ट पर कहा कि पुलिस भी उनके साथ अच्छा व्यवहार कर रही है। हालाँकि, उन्होंने नेताओं पर अविश्वास जताया। उन्हें 31 मार्च को मदुरै कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

मनीष कश्यप ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। सिर्फ मजदूरों की आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है। बता दें कि भ्रामक खबरें फैलाने के आरोप में पूछताछ के लिए बिहार पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर लिया था। यह रिमांड सोमवार (27 मार्च 2023) को खत्म हो रही थी। इसके बाद तमिलनाडु पुलिस के अनुरोध पर प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया।

बता दें कि 18 मार्च 2023 को मनीष कश्यप के सरेंडर करते ही तमिलनाडु पुलिस बिहार पहुँच गई थी। गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा की टीम उनसे पूछताछ कर रही थी। बताया जा रहा है कि मनीष के साथ बिहार पुलिस की टीम भी तमिलनाडु गई है।

‘नवरात्रि में नहीं खुलेगी मीट की दुकान…आदेश है’ : BJP नेता का Video वायरल, मंडावली में शटर गिरवाए

सोशल मीडिया पर बीजेपी नेता रविंद्र सिंह (BJP leader Ravindra Singh) का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह नवरात्रि के दौरान एक मुस्लिम इलाके में चिकन की दुकानों को बंद करवाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो पश्चिम दिल्ली के विनोद नगर में मंडावली फजलपुर इलाके का है।

वायरल वीडियो में बीजेपी नेता को पुलिस और अन्य लोगों के साथ देखा जा सकता है। इसमें सिंह मीट की दुकानों के मालिकों से कह रहे हैं, “अभी नवरात्रि का समय है। इस समय मीट की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। सभी दुकानदार अपनी दुकानों को बंद रखें। नवरात्रि में मीट की कोई भी दुकान नहीं खुलेगी।” इसके बाद एक दुकानकार अपनी दुकान का शटर बंद कर देता है। थोड़ा आगे जाने के बाद बीजेपी नेता अन्य दुकानदारों से कहते हैं कि आप नवरात्रि को छोड़कर साल भर अपनी दुकानें खोल सकते हैं।

सोशल मीडिया पर जहाँ कुछ लोग इस कदम की सराहना कर रहे हैं। वहीं, कट्टरपंथी मुस्लिम और वामपंथी पत्रकार बीजेपी नेता पर निशाना साध रहे हैं। वामपंथी पत्रकार विनोद कापड़ी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “क्या ये आदमी दिल्ली पुलिस का नया कमिश्नर है? अगर नहीं है तो पुलिस इसकी गुंडागर्दी पर कार्रवाई करके दिखाइए।” इस ट्वीट में विनोद कापड़ी ने सीपी पुलिस और दिल्ली पुलिस को टैग भी किया है।

विनोद कापड़ी को जवाब देते हुए सुधीर चतुर्वेदी ने लिखा, “क्या गलत है इसमें। आदेश के तहत नवरात्रों में मांस का व्यापार अगर नौ दिन नहीं चलेगा, तो कौन सी आफत आ जाएगी। हिन्दू दुकानदार भी तो मुस्लिम त्योहारों में अपनी दुकानें बंद कर लेते हैं। वैसे भी निवेदन के साथ आदेश का पालन करवाया जा रहा है।”

इन्द्रपाल सिंह लिखते हैं, “कपटी जी क्या नवरात्रि में मीट दुकान बंद रखने से तुम्हारी खुद की दुकान तो बंद नहीं हो रही। सच बताना कहीं, भेड़िए की खाल में घुसे लक्कड़बग्घे तो नहीं हो।”

वहीं, फैजल लिखता है, “क्या इसके बारे में कुछ नियम है? बंद दुकानें मतलब उन लोगों की आजीविका का नुकसान होगा। साथ ही रमजान चल रहा है, ऐसे में रोजेदार हर दो दिन में नॉनवेज को अपनी डाइट में शामिल करना चाहते हैं।”

शम्स उर रहमान अलवी लिखता है, “भले ही इस पर कार्रवाई न हो, लेकिन विरोध करना जरूरी है। इसके खिलाफ एक औपचारिक शिकायत दर्ज करें।”

NCP नेता मोहम्मद फैजल को वापस मिली सांसदी, ‘हत्या के प्रयास’ में सजा पाकर हुए थे ‘अयोग्य’ करार: लक्षद्वीप में उपचुनाव रद्द

लक्षद्वीप से राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के सांसद मोहम्मद फैजल की अयोग्यता रद्द कर दिया गया है। लोकसभा सचिवालय ने अपने पुराने आदेश को रद्द कर फैजल की लोकसभा सदस्यता बहाल कर दी है। फैजल की हाल में लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहली ही लोकसभा सचिवालय ने आदेश जारी कर दिया।

बता दें कि एनसीपी सांसद को केरल हाईकोर्ट द्वारा 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद लोकसभा सचिवालय ने उन्हें सांसदी के अयोग्य ठहरा दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव कराने की भी घोषणा कर दी। आज बुधवार (29 मार्च 2023) को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले ही लोकसभा सचिवालय ने अपने पुराने फैसले को रद्द कर फैजल की सांसदी को बहाल कर दिया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को भी निस्तारित कर दिया। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने भी उस सीट पर उपचुनाव के अपने फैसले को रद्द कर दिया।

लोकसभा सचिवालय के इस फैसले पर मोहम्मद फैजल ने कहा कि सदस्यता को बहाल करने में देरी सराहनीय नहीं है। उन्होंने कहा, “मेरी सजा घोषित होने के अगले ही दिन लोकसभा सचिवालय ने जल्दबाजी में मुझे अयोग्य घोषित करने का निर्णय लिया। कम-से-कम मेरी रद्द सदस्यता को बहाल करने में भी इतनी तेजी दिखानी चाहिए थी।

दरअसल, हत्या के प्रयास के एक मामले में फैजल को लक्षद्वीप की एक अदालत ने मोहम्मद फैजल सहित चार लोगों को 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी। यह मामला साल 2009 में एक व्यक्ति के हत्या के प्रयास से जुड़ा है। लक्षद्वीप के सेशन कोर्ट द्वारा 11 जनवरी 2023 को सजा सुनाई।

इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 13 जनवरी 2023 को एक अधिसूचना जारी करके दो बार के सांसद मोहम्मद फैजल को अयोग्य ठहरा दिया। फैजल की सांसदी जाने के बाद चुनाव आयोग ने उस सीट पर लोकसभा उपचुनाव की घोषणा कर दी।

मोहम्मद फैजल ने इस निर्णय के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। 25 जनवरी 2023 को केरल हाईकोर्ट की एकल बेंच ने मोहम्मद फैजल की सजा को निलंबित कर दिया। न्यायाधीश बेचू कुरियन जोसेफ ने कहा कि सांसद के पास के पास कोई घातक हथियार नहीं मिला था और नहा ही पीड़ित को गंभीर चोट लगी थी।

केरल हाईकोर्ट के फैसले को लक्षद्वीप सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सु्प्रीम कोर्ट ने इस मामले को स्वीकार करते हुए 29 मार्च 2023 को सुनवाई की तारीख तय की। हालाँकि, सुनवाई शुरू होने से पहले ने लोकसभा सचिवालय ने अपना फैसला पलट दिया और चुनाव आयोग ने भी उपचुनाव को रद्द कर दिया।

बता दें कि ऐसे ही एक मामले में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी सदस्यता रद्द कर दी गई है। उन्हें मिले आवास को भी खाली करने का नोटिस दिया गया है। इसको लेकर देश भर में बवाल जारी है। इस बीच मोहम्मद फैजल का मामला सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस के नेताओं में एक उम्मीद जगी है।

जहाँगीरपुरी में नहीं निकलेगी ‘रामनवमी’ पर शोभा यात्रा’: दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया, 2022 में कट्टरपंथियों ने किया था श्रद्धालुओं पर हमला

रामनवमी का त्योहार इस साल गुरुवार (30 मार्च 2023) को मनाया जाएगा। देश के कई हिस्सों में इस अवसर पर रैली निकाली जाती है। हालाँकि, दिल्ली के जहाँगीरपुरी में रामनवमी के अवसर पर श्री राम भगवान प्रतिमा यात्रा को मंजूरी नहीं दी गई है। इसी इलाके में 16 अप्रैल 2022 को हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई रैली को कट्टरपंथियों ने निशाना बनाया था। रैली पर पत्थरबाजी की गई थी जिसमें 8 पुलिसकर्मी समेत एक नागरिक घायल हो गया था।

दिल्ली पुलिस ने पिछले साल की घटना को ध्यान में रखते हुए जहाँगीरपुरी में रामनवमी शोभा यात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी। दिल्ली पुलिस की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि दंगा प्रभावित जहाँगीरपुरी इलाके में भगवान श्रीराम की प्रतिमा यात्रा यानी रामनवमी रैली निकालने की इजाजत नहीं होगी। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि पिछले साल यहाँ भारी लॉ एंड ऑर्डर की समस्या उत्पन्न हो गई थी। इसलिए इस बार शोभायात्रा की इजाजत नहीं दी गई है।

दिल्ली पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए यात्रा की इजाजत नहीं दी। आदेश में कहा गया है कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस विशेष कार्यक्रम के लिए समूह को पहले कोई अनुमति नहीं दी गई। अर्थात यात्रा पारंपरिक नहीं है। केवल जहाँगीरपुरी इलाके के लिए इस यात्रा की अनुमति से इनकार किया गया है। यात्रा की इजाजत न मिलने से सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई है।

इसी इलाके में स्थित नेताजी सुभाष प्लेस के एक पार्क में नमाज पढ़ने के लिए पहली बार मुस्लिमों के एक ग्रुप ने दिल्ली पुलिस से इजाजत माँगी थी। दिल्ली पुलिस ने इसे भी अस्वीकार कर लिया। पुलिस ने नमाजियों को पहले की तरह मस्जिद या अपने घरों में नमाज पढ़ने की सलाह दी। पुलिस ने कहा कि यहाँ पहले कभी खुले में नमाज नहीं पढ़ा गया इसलिए इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।

बता दें साल 2022 की हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान मुस्लिमों के एक समूह ने यात्रा पर हमला कर दिया था। यात्रा की सुरक्षा में तैनात 8 पुलिसकर्मी इस हमले में घायल हो गए थे। पत्थरबाजी के दौरान तीन राउंड फायरिंग की भी जानकारी सामने आई थी। फायरिंग में एक पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे।

वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने वालों को हो सकती है 5 साल जेल: रेलवे ने दी चेतावनी, 39 पत्थरबाज गिरफ्तार

भारत की सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने के बाद से यात्रियों के लिए सफर बेहद आसान और आरामदायक हो गया है। लेकिन जैसे-जैसे केंद्र सरकार अधिक मार्गों पर वंदे भारत ट्रेन शुरू कर रही है, पथराव की घटनाएँ भी लगातार बढ़ रही हैं। इसको लेकर दक्षिण मध्य रेलवे ने मंगलवार (28 मार्च 2023) को चेतावनी दी है कि अब वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव करने वाले लोगों को पाँच साल तक की सजा हो सकती है।

दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ट्रेनों पर पथराव एक अपराध है। अपराधियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। दरअसल, रेलवे ने यह चेतावनी तेलंगाना में हाल ही में विभिन्न जगहों पर वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव की कई घटनाएँ सामने आने के बाद जारी की है। इन जगहों में काजीपेट, खम्माम, काजीपेट-भोंगीर और एलुरु-राजमुंदरी शामिल हैं। इस साल जनवरी से ऐसी नौ घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।

प्रेस रिलीज में दक्षिण मध्य रेलवे ने आगे कहा कि हाल के दिनों में वंदे भारत ट्रेनों को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव करने के आरोप में कई मामले दर्ज होने के बाद अब तक 39 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पथराव की कुछ घटनाओं में 6 से 17 साल के बच्चे भी शामिल थे। एससीआर (SCR) ने कहा कि इसलिए, यह समाज के प्रत्येक माता-पिता, शिक्षक और बुजुर्गों की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को ऐसी गतिविधियों से दूर रखने के लिए उन्हें अच्छी शिक्षा दें और उनका मार्गदर्शन करें। इसके साथ ही रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ ने जनता से रेलवे संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाने और पथराव जैसी असामाजिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने की अपील की।

गौरतलब है कि इस साल 3 जनवरी की शाम वंदे भारत एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा लौट रही थी। इसी दौरान, मालदा जिले के कुमारगंज के पास अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पत्थर फेंके। पथराव के कारण ट्रेन के कोच सी-13 का दरवाजे को नुकसान हुआ साथ ही विंडो में दरार आ गई।

इसके कुछ दिन बाद ही आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में ‘वंदे भारत’ ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। फिर मैसूर और चेन्नई के बीच चलने वाली ट्रेन नंबर 20608 पर कृष्णराजपुरम-बेंगलुरु छावनी रेलवे स्टेशनों के बीच पत्थरबाजी हुई। इस पत्थरबाजी से ट्रेन की दो खिड़कियाँ क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसको लेकर दक्षिण पश्चिम रेलवे, बेंगलुरु डिवीजन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दक्षिण पश्चिम रेलवे के बेंगलुरु डिवीजन में जनवरी 2023 में पथराव के 21 मामले और फरवरी 2023 में 13 मामले दर्ज किए हैं।

शौहर निकम्मा, जेठ अय्याश… बिस्तर पर पटक कर कपड़े फाड़े: महिला ने AMU प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज कराया तीन तलाक केस, दहेज माँगने का आरोप

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले (Aligarh, Uttar Pradesh) में ट्रिपल तलाक का नया मामला सामने आया है। पीड़िता ने 27 मार्च 2023 को अपने शौहर खालिद के खिलाफ फोन पर तीन तलाक देने और दहेज में स्कॉर्पियो कार और 20 लाख रुपए माँगने का आरोप लगाते हुए FIR कराई। शिकायत में AMU (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) के प्रोफेसर भी को भी नामजद किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला अलीगढ़ के थाना क्षेत्र क्वार्सी का है। यहाँ की रहने वाली पीड़िता का निकाह 27 जनवरी 2013 को कानपुर के किदवई नगर क्षेत्र के जुही लाल कालोनी निवासी खालिद हनीफ से हुआ था। AMU में कंप्यूटर विभाग का प्रोफेसर सैफुल इस्लाम इस निकाह में गवाह था।

शिकायत के मुताबिक, निकाह अच्छे गेस्ट हाउस में हुआ और लड़की के अब्बा ने उसे महँगे जेवरात आदि देकर विदा किया। पीड़िता का आरोप है कि हर तरह से ससुराल की सेवा करने के बाद भी उसके ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज़ की माँग करते रहे। इनमें AMU प्रोफेसर सैफुल भी शामिल था।

शिकायत में आगे कहा गया है कि पीड़िता का शौहर हनीफ और जेठ तारिक शराबी हैं। उन पर जुआ और सट्टा खेलने के आरोप हैं। निकाह से पहले लड़की के घर वालों को हनीफ के बारे में सही जानकारी नहीं दी थी। उसके घरवालों ने बताया था कि हनीफ एक बड़ी कम्पनी में काम करता है।

इस बीच पीड़िता के शौहर हनीफ ने दिसंबर 2014 में दिल्ली के शाहीन बाग़ में एक फ्लैट खरीदा। इसमें हनीफ ने पीड़िता के अब्बू अर्थात अपने ससुर से भी 10 लाख रुपए उधार के रूप में लिए थे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि हनीफ ने यह उधारी भी उसके अब्बू को नहीं चुकाई और पैसे हड़प लिए।

पीड़िता ने अपने जेठ तारिक को भी अय्याश बताया है। वह अपनी पहली बीवी रश्मि उर्फ़ फातिमा को 3 तलाक दे चुका है। बाद में उसने दूसरी बीवी से तौर पर रीना उर्फ़ आमना से निकाह किया। पीड़िता ने अपने जेठ तारिक पर खुद पर भी बुरी नजर रखने का आरोप लगाया है। आरोप है कि तारिक पीड़िता को नहाते और वॉशरूम जाते हुए झाँका करता था।

महिला ने आरोप लगाया कि 1 सितम्बर 2022 को रात 10 बजे तारिक ने पीड़िता के कमरे में घुसकर उसे प्रपोज तक कर दिया था। इस दौरान उसने पीड़िता को पाने के बाद अपनी दूसरी बीवी को छोड़ देने की बात कही थी। 7 साल के बेटे की माँ पीड़िता ने जब मना किया, तब तारिक ने उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे बिस्तर पर पटक दिया था।

शिकायत में आरोप है कि जब पीड़िता अपने जेठ की हरकतों का विरोध करती थी तो उसकी पिटाई होती थी। इस पिटाई में उसका शौहर भी शामिल रहता था। आखिरकार महिला ने अपने मायके वालों को पूरे मामले की जानकारी दी। दोनों घर वालों की पंचायत हुई।

इस पंचायत में लड़की के ससुराल वालों ने आश्वासन दिया कि उसे जल्दी दिल्ली ले जाया जाएगा। इसके बाद ससुरालवालों ने उसे 12 सितम्बर 2022 को उसके मायके भेज दिया। जाते-जाते पीड़िता के सारे गहने आदि भी अपने पास रख लिए। इसके बाद ससुराल वालों ने पीड़िता की खोज-खबर लेनी बंद कर ली।

बार-बार विनती के बाद आखिरकार 12 फरवरी 2023 को लड़की के मायके और ससुराल वालों के बीच फिर पंचायत प्रोफेसर सैफुल इस्लाम के घर हुई। इस पंचायत में पीड़िता के शौहर ने उसे अपने साथ रखने से साफ़ मना कर दिया। महिला को साथ रखने के लिए उसके अब्बा से 10 लाख रुपए की माँग की। इंकार करने पर लड़की के अब्बा को बेइज्जत कर भगा दिया गया।

पीड़िता के मुताबिक, 18 फरवरी 2023 को उसके शौहर हनीफ ने मोबाइल पर नेट कालिंग करके उसे तीन तलाक दे दिया। 2 दिन बाद 20 फरवरी को हनीफ ने अपने वकील के माध्यम से भी तलाक का नोटिस भिजवा दिया। पुलिस ने इस मामले में शौहर हनीफ, जेठ तारिक, निशा, आमना, नूरी, सादिया, अमान, आदिल के साथ AMU प्रोफेसर सैफुल इस्लाम और उसकी बीवी फरीन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी के अनुसार, इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498-A, 323, 354, 506 के साथ दहेज़ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 और ट्रिपल तलाक कानून की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की गई है।

224 सीटें, 58282 बूथ, 5 करोड़ वोटर: कर्नाटक में एक चरण में ही पूरा होगा विधानसभा चुनाव, EC ने जारी की तारीख

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election 2023) के तारीखों की घोषणा कर दी है। राज्य के विधानसभा की कुल 224 सीटों पर एक ही चरण में मतदान होगा। मतदान की तारीख 10 मई 2023 घोषित की गई है। वहीं, चुनाव नतीजों की घोषणा 13 मई को की जाएगी। चुनाव का नोटिफिकेशन 13 अप्रैल को जारी किया जाएगा।

चुनावों में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 20 अप्रैल 2023 है। वहीं, नामांकन पत्रों की जाँच 21 अप्रैल तक पूरे कर लिए जाएँगे। इसके बाद 24 अप्रैल 2023 तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। वहीं, कुल 224 सीटों में से 36 आदिवासी और 15 सीटें दलित समुदाय के लिए आरक्षित हैं।

राज्य में पारदर्शी और साफ-सुथरा चुनाव कराने के लिए कुल 58,282 मतदान केंद्र बनाए जाएँगे। इस तरह एक मतदान केंद्र पर औसतन 883 मतदाता होंगे। इनमें से आधे मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग की सुविधा है। वहीं, 1320 मतदान केंद्रों का प्रबंधन महिला अधिकारी को दिया गया है।

चुनाव आयोगकी तैयारियों की बारे में बात करते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि कर्नाटक के सभी 19 जिलों में 171 अंतरराज्यीय चेकपोस्ट बनाए जाएँगे। इसके जरिए चुनाव में धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल पर नकेल पर नकेल कसी जाएगी। इसके लिए चुनाव आयोग टीमों को मजबूत कर रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राज्य के चुनावों के दौरान धनबल पर लगाम कसने के लिए 2400 स्टेटिक सर्विलांस टीमें निगरानी रखेंगी। सभी जिलों से लगने वाली अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर दूसरे राज्यों की सीमा से लगने वाली वाली पुलिस से तालमेल और समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जाएगी।

राज्य में कुल 5 करोड़ 21 लाख मतदाता हैं। इनमें 16,976 मतदाता ऐसे हैं, जो 100 साल से ऊपर के हैं, 80 साल से ज्यादा उम्र के 12.15 लाख वोटर्स हैं। इसके अलावा, 5.55 लाख मतदाता विकलांग और 4,699 मतदाता तीसरे लिंग के हैं। इस बार राज्य के विधानसभा चुनावों में 9.17 लाख मतदाता पहली बार मतदान करेंगे।

बता दें कि साल 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भाजपा को 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। वहीं, 80 सीटें जीतकर कॉन्ग्रेस दूसरे स्थान पर थी। जनता दल सेक्युलर (JDS) को 37 सीटें मिली थीं। भाजपा को इस चुनाव में 36.3 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि कॉन्ग्रेस को 38.1 और जेडीएस को 18.3 प्रतिशत वोट मिले थे।

उस दौरान येदियुरप्पा ने सरकार बनाई, लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाए। इसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। बाद में कॉन्ग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन की सरकार बनाई और JDS के एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने। हालाँकि, 14 महीने बाद ही सरकार गिर गई। इसके बाद बोम्मई के नेतृत्व में फिर भाजपा की सरकार बनी।

मदरसे में सो रहा था नाबालिग छात्र, ‘मौलवी’ ने पीछे से आकर रेप किया: मुँह दबाकर दी धमकी, शिकायत के बाद गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक मदरसे के सीनियर छात्र ( रिपोर्ट्स के मुताबिक मौलवी) पर अपने जूनियर नाबालिग बच्चे से अप्राकृतिक दुष्कर्म का आरोप लगा है। आरोपित का नाम अल्तमस नोमान है जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कुकर्म के बाद नोमान ने बच्चे को मुँह बंद रखने की भी धमकी दी थी। लगभग 19 वर्षीय आरोपित सीनियर छात्र इस मदरसे में अपने जूनियर बच्चों को पढ़ाता भी है। 14 साल के पीड़ित छात्र को मेडिकल जाँच के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना सोमवार (27 मार्च 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला अलीगढ़ जिले के थाना रोरवर का है। मूल रूप से जिला मुजफ्फरनगर का रहने वाला नोमान यहाँ के अरबिया मुफक्ता उलूम मदरसे में दीन की तालीम लेता है। वह कुछ अन्य छात्रों के साथ उसी मदरसे में रहता है। मदरसा संचालक की कभी-कभार गैर मौजूदगी में नोमान अन्य छात्रों को पढ़ाता भी है। सोमवार की रात उसी मदरसे में पढ़ने वाला एक नाबालिग छात्र सो रहा था। तभी नोमान छात्र के पास पहुँचा और उसे दबोच लिया। बच्चे ने शोर मचाना चाहा तो नोमान ने उसका मुँह दबा दिया।

आरोप है कि इसके बाद नोमान ने पीड़ित छात्र के साथ कुकर्म किया। कुकर्म के बाद नोमान ने बच्चे को धमकाते हुए किसी से कुछ न बताने और मुँह बंद रखने को कहा। अगले दिन मंगलवार को डरा-सहमा बच्चा घर पहुँचा तो परिवार वालों ने उसके गुमसुम रहने की वजह पूछी। थोड़ी देर के बाद बच्चे ने अपने परिजनों को नोमान की करतूत बता दी। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित बच्चे के परिवार वाले रोरावर थाने पहुँचे और नोमान के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर के मौलवी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोप यह भी है कि नाराज लोगों ने मौलवी की पिटाई भी की है। पीड़ित छात्र का मेडिकल करवाया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। मदरसा संचालक के मुताबिक सभी छात्र रात में 10 बजे तरावीह की नमाज़ के बाद खाना खा कर सोने के लिए हॉल में चले गए थे। घटना के बाद आरोपित को मदरसे से निकाल दिया गया है। मदरसा संचालक के मुताबिक उन्होंने आरोपित नोमान को पीड़ित के परिजनों को ‘जो चाहे वो करने’ के लिए सौंप दिया था। ऑपइंडिया के पास मदरसा संचालक का बयान मौजूद है।

स्कर्ट-टॉप पहन TISS के छात्रनेता गए भाषण देने, प्रोफेसर ने रोका तो आँसू निकले: कहा- कम कपड़े पहनने की आदत है

मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) में अजीब कपड़े पहन कर मंच पर पहुँचे छात्र संघ के अध्यक्ष को संस्थान से बाहर कर दिया गया। छात्र संघ अध्यक्ष का नाम प्रतीक परमे है जो मंच पर लड़कियों जैसे कपड़े पहन कर पहुँच गए थे। प्रतीक परमे ने इंस्टिट्यूट के इस फैसले से खुद को मानसिक तनाव में बताया जिसे दूर करने के लिए वो गोवा चले गए हैं। यह घटनाक्रम शनिवार (25 मार्च 2023) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रतीक परमे सेंटर फॉर हेल्थ एंड मेंटल हेल्थ से मास्टर द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। वह असम के गोगामुख के रहने वाले हैं। प्रतीक अपने गाँव की आबादी को जनजातीय बहुल और कम कपड़ों में भी सहज बताते हैं। वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के छात्रसंघ अध्यक्ष भी हैं। 25 मार्च को उन्हें छात्र संघ के प्रतिनिधि के रूप में आंबेडकर मेमोरियल लेक्चर के लिए मंच पर बुलाया गया था। यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से शुरू होने वाला था जो 7 बजे शुरू हुआ।

परमे के अनुसार, कार्यक्रम से 5 मिनट पहले उन्हें कहा गया कि वो इस तरह के इवेंट में ऐसे कपड़ नहीं पहन सकते। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रतीक बूट के साथ ब्लैक टॉप और स्कर्ट पहन कर पहुँचे थे। उनके इन्हीं कपड़ों पर एक फैकेल्टी मेंबर ने आपत्ति जताई। उस सदस्य ने कार्यक्रम की गंभीरता बताई और प्रतीक को 5 मिनट का समय देते हुए कपड़े बदल कर आने को कहा।

प्रतीक का कहना है कि ये सुन कर उनके आँसू निकल आए। उन्होंने खुद को अपमानित महसूस किया और कायर्कम से बाहर चले गए। प्रतीक ने बताया कि प्रोफेसर की बात को सुन कर वो असहज हो गए और कुछ भी बोलने की हालत में नहीं थे। प्रतीक की गैरमौजूदगी में छात्र संघ को TISS के महासचिव ने सम्बोधित किया।

प्रतीक ने इस घटना के बाद खुद को मानसिक तनाव में बताया और कहा कि वो उत्तर-पूर्वी भारत से आते हैं जहाँ उन्हें कम कपड़े पहनने की आदत है। उन्होंने इस संबंध में इंस्टिट्यूट के वीमन एंड जेंडर डेवलपमेंट सेल को शिकायत दे दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि वो इससे उबरने के लिए फ़िलहाल गोवा में समय बिता रहे हैं। प्रतीक सोशल मीडिया पर भी अपने लड़कियों की तरह पहने जाने वाले पोशाक के लिए चर्चित हैं। अपने इंस्टाग्राम पर वह अक्सर पोज भी दिया करते हैं। प्रतीक का कहना है कि वो खुद को वैसे ही दिखाएँगे जैसे वो चाहते हैं।