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मस्जिद के आगे से गुजरा रामनवमी का जुलूस, DJ सुन कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ भड़की: जलगाँव में पत्थरबाजी के बाद 45 गिरफ्तार, 4 घायल

महाराष्ट्र के जलगाँव से साम्प्रदायिक हिंसा की खबर है। यहाँ विवाद एक मस्जिद के आगे निकल रहे हिन्दुओं के जुलूस में DJ की आवाज को ले कर शुरू हुआ। कुछ ही देर में मामला हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान पत्थरबाजी की गई। घटना में कुछ लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। मामले में 2 FIR दर्ज हुए हैं जिसमें हिन्दू और मुस्लिम दोनों को आरोपित किया गया है। अब तक कुल 45 आरोपितों की गिरफ्तारी की खबर है। घटना मंगलवार (28 मार्च 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला जलगाँव के पालधी गाँव का है। विवाद की शुरुआत तब हुआ जब हिन्दू समाज का एक धार्मिक जुलूस गाँव की मस्जिद के आगे से गुजरा। इस जुलूस का नाम ‘दिंडी’ था जो नासिक जिले से निकल कर जलगाँव के रास्ते होते हुए वाणी जा रहा था। बताया जा रहा है कि इस जुलूस में DJ बज रहा था जिसमें कुछ धार्मिक गाने बजाए जा रहे थे। इन गानों पर मस्जिद और आस-पास के कट्टरपंथी मुस्लिम लोगों ने आपत्ति दर्ज की और इसे बंद करने को कहा।

जानकारी के मुताबिक हिन्दू पक्ष ने थोड़े समय के लिए म्यूजिक बंद कर दिया। थोड़ा आगे जाने के बाद फिर से म्यूजिक बजने लगा। आरोप है कि इसके चलते कुछ लोग उग्र हो उठे। पहले तो दोनों पक्षों में बहस हुई और बाद में विवाद इतना बड़ा कि पत्थर चलने लगे। इस घटना से आस-पास अफरातफरी मच गई। घटना की जानकारी पुलिस को हुई तो उसने मौके पर पहुँच कर हालात को संभाला और हमलावरों को तितर-बितर किया। पुलिस के अनुसार हालात पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। इस घटना में 4 लोग घायल हुए हैं जिनको इलाज के लिए भेजा गया।

दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे पर हमले के आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक अब तक इस मामले में 2 FIR दर्ज हुई है। एक केस में हिन्दू पक्ष के 9 लोगों को आरोपित किया गया है। वहीं दूसरी FIR में मुस्लिम पक्ष के 63 लोग नामजद हुए हैं। अब तक कुल 45 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। साथ ही मामले की जाँच चल रही है। दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे पर हमले के आरोप लगाए जा रहे हैं। मुस्लिमों द्वारा अपने साथ लूटपाट के आरोपों को पुलिस ने गलत बताया है।

जहाँ हनुमान जयंती जुलूस पर हमला, दिल्ली के उसी जहाँगीरपुरी में रामनवमी का जुलूस: हिंदू-घृणा से सने लोग हुए अपच के शिकार

देश भर में रामनवमी धूमधाम से मनाई जा रही है। इस बीच मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति भी जारी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मुस्लिम इलाकों से जुलूस निकालने पर अंजाम भुगतने की धमकी दे रही हैं। वहीं, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने भी दिल्ली के सीमित इलाकों में ही भगवान राम का जुलूस निकालने की इजाजत दी है।

पिछले साल दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जयंती के जुलूस पर हमला कर दिया गया था। बाद मे बड़े पैमाने पर हिंदुओं को भी निशाना बनाया गया था। जहाँगीरपुरी इलाके के कई हिंदू डर से इलाका छोड़ दिए थे। रामनवमी के शोभा यात्रा के साथ भी यही हुआ था। अब रामनवमी पर जुलूस निकालने से हिंदुओं को रोक दिया गया है।

इस बार भी रामनवमी लोग उमंग और उत्साह से मनाए जा रहे हैं। पिछले साल के हनुमान जयंती की तरह इस बार भी हिंदुओं पर किसी तरह का हमला ना हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही हैं। हालाँकि, जहाँगीरपुरी के जिस इलाके में पिछले साल हिंदुओं पर हमले किए गए थे, उस तरफ जुलूस की इजाजत नहीं दी गई है।

हालाँकि, प्रशासन ने जहाँगीरपुरी के एक सीमित इलाके में ही रामनवमी का जुलूस निकालने की अनुमति दे दी है। इसके लिए पुलिस ने जहाँगीरपुरी के रामलीला मैदान के 200 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग की है। इस बैरिकेडिंग के बाहर कोई जुलूस आदि नहीं निकल सकता। हर आयोजक यह सीमा मानने के लिए बाध्य है। हालाँकि, हिंदू शांतिपूर्ण तरीके से भगवान राम का जन्मोत्सव मना रहे हैैं।

शोभा यात्रा को लेकर दिल्ली नॉर्थ-वेस्ट जिले के डीसीपी जीतेंद्र मीणा ने कहा, “पूरे ज़िले में पुलिस तैनात है। जहाँगीरपुरी में एहतियाती व्यवस्था की गई है। जुलूस या शोभा यात्रा की अनुमति नहीं है, लोग पार्क में शांतिपूर्वक रामनवमी मना सकते हैं।” इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

हालाँकि, सायमा जैसी कट्टरपंथी सोच रखने वाले लोग जहाँगीरपुरी में सीमित दायरे में भी राम नवमी मनाए जाने को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। सायमा ने रामनवमी मना रहे लोगों की तस्वीरें रिट्वीट करते हुए लिखा, “ये क्या है?”

शहजाद खान नाम के एक कथित पत्रकार ने लिखा, “जहाँगीरपुरी में रामनवमी जुलूस और रमज़ान प्रेयर दोनों की परमिशन पुलिस ने नहीं दी, लेकिन रामनवमी का जुलूस निकाला गया।”

उमर नाम के एक मुस्लिम यूजर ने लिखा, “देखिए कि रैली करने की अनुमति देने से पुलिस द्वारा इनकार करने के बाद भी वे अपना रास्ता बनाया?”

बता दें कि पिछले साल 16 अप्रैल को दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के जुलूस पर मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया था। जुलूस शांतिपूर्वक चल रहा था। इसी दौरान इलाके के जामा मस्जिद के पास अंसार शेख और उसके साथी ने जुलूस को रोक दिया। इस दौरान उन्होंने बहस करना शुरू कर दिया। बाद में जुलूस पर पथराव कर दिया गया।

प्राथमिकी के अनुसार, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन इस्लामवादियों ने आदेशों की अवहेलना की और वाहनों में आग लगा दी। उन्होंने हिंदू श्रद्धालुओं पर पत्थर और कांच की बोतलें भी फेंकी। बाद में सोनू चिकना नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा जुलूस पर गोलियाँ चलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

राम मंदिर के सामने पत्थरबाजी और बमबाजी, पुलिस की गाड़ियों को भी लगाई आग: रामनवमी पर महाराष्ट्र के संभाजीनगर में साम्प्रदायिक हिंसा

महाराष्ट्र के संभाजी नगर जिले में साम्प्रदायिक हिंसा की खबर है। यहाँ एक मंदिर के आगे मामूली सी बात से शुरू हुए झगड़े ने हिंसा का रूप ले लिया। इस दौरान हिन्दू और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने आ गए। हिंसा के दौरान पत्थरबाजी हुई और पुलिस तथा कुछ स्थानीय लोगों के वाहनों में आग लगा दी गई। घटना में कुछ पुलिस वालों सहित स्थानीय लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज करवाया जा रहा है। मौके पर भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात किया गया है। घटना बुधवार (29 मार्च 2023) की है।

यह मामला संभाजी नगर के किराड़पुर का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 29-30 मार्च को संभाजी नगर स्थित भगवान राम के एक मंदिर के आगे 2 युवकों में किसी बात को लेकर बहस हो गई। दोनों ही अलग-अलग समुदाय से हैं। थोड़ी ही देर में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए।

आरोप है कि इस दौरान न सिर्फ पत्थरबाजी की गई बल्कि बम भी फेंके गए। हालात को संभालने पहुँची पुलिस के वाहनों को भीड़ ने जला दिया और आस-पास खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुँचाया। बताया जा रहा है कि विवाद करने वालों में कई लोग ड्रग्स के नशे में थे।

इस घटना के दौरान इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी भी की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों को चिन्हित करके उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सामने आ रहे घटना के कुछ विजुअल में पुलिस को जलाए गए वाहनों को हटाते भी देखा जा सकता है।

सुदर्शन न्यूज के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके ने इस विजुअल को शेयर करते हुए राम मंदिर पर हमले का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपितों की गिरफ्तारी के बावत सवाल भी किया है।

स्थानीय सांसद इम्तियाज जलील का दावा है कि मंदिर को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। उन्होंने बताया कि न सिर्फ मंदिर बल्कि उसके सभी पुजारी और भक्त आदि पूरी तरह से सुरक्षित हैं। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री अतुल सावे ने भी मंदिर को पूरी तरह से सुरक्षित बताते हुए पुलिस से उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

फ़िलहाल संभाजी नगर में हालात काबू में बताए जा रहे हैं। पुलिस ने फुटेज आदि के आधार पर आरोपितों की पहचान शुरू कर दी है। प्रशासन का दावा है कि उपद्रवियों को गिरफ्तार करके कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

रमजान में भीड़ पढ़ रही थी दुनिया की सबसे बिजी सड़क पर तरावीह की नमाज… आटे के चक्कर में मर गए 11 पाकिस्तानी

पाकिस्तान में रमजान के दौरान आटे के लिए हुई छीना-झपटी में अकेले पंजाब प्रांत में ही 11 लोगों की जान चली गई है। ये लोग सरकार द्वारा बाँटे जा रहे फ्री का आटा लेना चाह रहे थे। ये मौतें अलग-अलग दिनों में अलग-अलग स्थानों में हुई हैं। मृतकों में महिलाएँ भी शामिल हैं। जब एक तरफ पाकिस्तान में आटे के लिए त्राहि-त्राहि मची है, तब उसी समय अमेरिका के टाइम्स स्क्वायर पर नमाज़ पढ़ी जा रही थी। इस कार्यक्रम में सैंडविच और पिज्जा बाँटा जा रहा था।

पहला मामला पाकिस्तान का है, जहाँ आटे की किल्लत ने जानलेवा रूप ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अकेले पंजाब प्रांत में फ्री का आटा पाने के चक्कर में अब तक 11 लोग जान से हाथ धो बैठे हैं। मरने वालों में औरतें भी शामिल हैं। 11 मौतों के अलावा 60 पाकिस्तानी घायल भी हुए हैं। यह मारामारी ख़ास तौर पर दक्षिणी पंजाब के साहीवाल, बहावलपुर, मुजफ्फरगढ़ और ओकारा जिलों में मची है। इसके अलावा फैसलाबाद, जेहनियाँ और मुल्तान में भी आटे की छीना-झपटी में हिंसक घटनाओं की खबर है।

बताया यह भी जा रहा है कि कई जगहों पर हालात को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा है। पुलिस ने आटा बाँट रहे सेंटरों पर जरूरी इंतजाम न होने का आरोप लगाया है। पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने फ्री आटा सेंटरों की अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे दुरुस्त करने का फरमान सुनाया है। बुधवार (29 मार्च 2023) को CM नकवी ने फ्री आटा सेंटरों को सुबह 6 बजे से खोलने के निर्देश दिए हैं।

पाकिस्तान में नहीं आटा, अमेरिका में पिज्जा बाँटा

पाकिस्तान में फ्री का आटा पाने के लिए सिर्फ एक प्रदेश में 11 लोग मर गए। लगभग इसी समय-काल में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में प्रसिद्ध जगह टाइम्स स्क्वायर पर नमाज़ के दौरान हजारों खाने के पैकेट बाँट दिए गए। इसमें पिज्जा, सैंडविच आदि शामिल हैं।

लगातार दूसरे साल इसी जगह पर हुई नमाज़ में अमेरिका के अलग-अलग शहरों से मुस्लिम लोग जमा हुए। तरावीह की इस नमाज़ के दौरान सड़क को काफी समय के लिए पूरी तरह से जाम कर दिया गया। आपको बता दें कि टाइम्स स्क्वायर दुनिया की सबसे व्यस्त सड़कों-पैदल यात्रियों के लिए मशहूर है। ‘सड़क जाम करो और नमाज पढ़ो’ वाला स्टाइल अब अमेरिका भी पहुँच गया है और टाइम्स स्क्वायर पर इसके आयोजकों का कहना है कि वो हर साल ऐसा करने के लिए प्रेरित हैं।

मस्जिद में लड़के का रेप… बुलाया था रमजान में दुआ के बहाने: जिस मौलवी को पूरी कुरान कंठस्त, वो हुआ गिरफ्तार

पाकिस्तान के गुजरात जिले में मस्जिद के एक मौलवी पर युवक के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म का आरोप लगा है। पीड़ित को रमज़ान के महीने में दुआओं का बहाना लेकर मस्जिद में बुलाया गया था। आरोपित मौलवी का नाम मोहम्मद रियाज़ है। पुलिस ने इस घटना की FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने आरोपित मौलवी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। सोमवार (27 मार्च 2023) को पुलिस ने आरोपित मौलवी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले में दर्ज FIR के मुताबिक यह घटना 9-10 मार्च 2023 की है। घटना थाना शाहीन चौक की है। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया है कि 9 मार्च की रात को जामा मस्जिद के मौलवी मुहम्मद रियाज ने उसे फोन करके अपने पास बुलाया। मौलवी ने रमजान के महीने में दुआएँ आदि पढ़ाने का बहाना बनाया था। रात में तरावीह की नमाज़ के बाद पीड़ित को मौलवी ने मस्जिद में ही सोने के लिए रोक लिया। आरोप है कि इस दौरान युवक को रियाज़ ने खाने में कुछ नशीला पदार्थ मिला कर दे दिया था।

पीड़ित ने बताया कि रात में वह बेसुध हो गया था। जब उसे सुबह होश आया तो पीड़ित ने देखा कि मौलवी रियाज़ उसका रेप कर रहा था। जब युवक ने मौलवी को रोकने की कोशिश को तो उसे मुँह बंद रखने की धमकी देने लगा। आरोप है कि मौलवी ने पीड़ित को रात भर गालियाँ दीं और पिटाई भी की।

युवक ने अपनी शिकायत में मौलवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस शिकयत पर पाकिस्तान पीनल कोड की धारा 377 के तहत FIR दर्ज की। आरोपित मौलवी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है। आरोपित मौलवी मस्जिद में लोगों को दीनी तालीम दिया करता था। वह कुरान में हाफिज बताया जा रहा है।

राहुल, गाँधी परिवार, भारत के लुटेरे… भौंकते रहो: ललित मोदी ने 3 ट्वीट में कॉन्ग्रेसियों की हवा निकाल दी

मोदी सरनेम को लेकर आजकल कॉन्ग्रेसी नेता कुछ ज्यादा ही उछल रहे हैं। ‘हर चोर का मोदी सरनेम क्यों’ मामले में राहुल गाँधी को जब से 2 साल की सजा सुनाई गई है, तब से उनकी पार्टी के नेता बिलबिलाए हुए हैं, कुछ भी अल-बल बक रहे हैं। अब लेकिन करारा जवाब मिला है… वो भी मोदी सरनेम वाले से ही, ललित मोदी की ओर से।

ललित मोदी ने 30 मार्च 2023 को 3 ट्वीट किए। तीनों में निशाने पर रहे राहुल गाँधी, उनकी पार्टी कॉन्ग्रेस और उनके भ्रष्टाचारी नेता लोग। पहली ही ट्वीट में ललित मोदी ने क्लियर कर दिया कि वो राहुल गाँधी पर केस करने वाले हैं लंदन की अदालत में। सासंदी छिनने के बाद आम आदमी कहते हुए उन्होंने राहुल गाँधी को चेतावनी भी दी कि कोर्ट में सॉलिड बचाव के साथ आना है।

ललित मोदी ने लिखा:

“मैं देख रहा हूँ कि हर ऐरा-गैरा और गाँधी मुझे भगोड़ा कह रहा। क्यों? कैसे? क्या अब तक मुझे कभी भी इसके लिए दोषी ठहराया गया? जबकि इसके विपरीत #Papu उर्फ राहुल गाँधी को तो सजा भी सुना दी गई है, अब वो एक सामान्य नागरिक है… वो यह बोल रहा है। और ऐसा लगता है कि सभी विपक्षी नेताओं के पास करने के लिए और कुछ नहीं है, इसलिए वे भी या तो गलत जानकारी रखते हैं या सिर्फ बदले की भावना रख कर ऐसा बोल रहे हैं।”

ललित मोदी ने इसी ट्वीट में अपने लिए फैसले पर बात की। उन्होंने लिखा कि वो राहुल गाँधी पर इंग्लैंड की अदालत में केस करेंगे। साथ ही कटाक्ष या चेतावनी भरे लहजे में यह भी लिखा कि राहुल को ठोस सबूतों के साथ आना होगा क्योंकि वो उत्सुक हैं उन्हें पूर्ण रूप से #मूर्ख बनते हुए देखने के लिए।

इसी ट्वीट में ललित मोदी ने कुछ कॉन्ग्रेसी नेताओं का नाम भी लिखा। इन नेताओं को गाँधी परिवार ने कैसे यूज किया, उसे उजागर किया। उन्होंने लिखा, “आरके धवन #सीताराम केसरी #मोती लाल वोहरा आदि सभी गाँधी परिवार के लिए पंचिंग बैग रहे हैं। #नारायण दत्त तिवारी को भी नहीं भूलना चाहिए।”

दूसरे ट्वीट में ललित मोदी ने कॉन्ग्रेसी नेताओं के भ्रष्टाचार पर वार किया। उन्होंने डायरेक्ट सवाल किया कि इन लोगों के पास विदेशों में संपत्ति कैसे है? खुद ही जवाब देते हुए “कमलनाथ से पूछो” वाला सूत्र भी दे दिया। इतना ही नहीं, ललित मोदी ने एक कदम आगे बढ़ कर यह भी लिख डाला कि वो इन संपत्तियों के पते और फोटो आदि भेज सकते हैं। इसके बाद उन्होंने लिखा:

“भारत की जनता को बेवकूफ मत बनाओ। असली धूर्त और बदमाश कौन है, सब जानते हैं। #गाँधी परिवार न हो गया मानो वे हमारे देश पर शासन करने के हकदार हैं। और हाँ, जैसे ही आप कड़े कानून पारित करेंगे, मैं वापस आ जाऊंगा। ? जय-हिंद”

IPL पर बोलते हुए ललित मोदी ने लिखा कि उन्होंने पिछले 15 सालों में आज तक एक पैसा भी लिया हो, यह साबित नहीं हुआ है। हाँ, यह स्पष्ट रूप से सिद्ध हो गया है कि उन्होंने इस दुनिया में सबसे बड़ा खेल आयोजन बनाया, जिसने 100 बिलियन डॉलर के करीब बिजनेस किया।

तीसरे और अंतिम ट्वीट में उन्होंने याद दिलाया कि एक कॉन्ग्रेसी नेता को यह नहीं भूलना चाहिए कि 1950 के दशक की शुरुआत से ही मोदी-परिवार ने उनके लिए और भारत देश के लिए इतना कुछ किया है जिसकी वे कभी कल्पना भी नहीं कर सकते। अपनी तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा कि जितना करने का सपना देखा था, उससे कहीं अधिक किया। अन्त में सबसे मारक लाइन ललित मोदी ने लिखी:

“इसलिए गाँधी परिवार की तरह घोटालेबाज, दागदार, भारत के लुटेरे… भौंकते रहो ? जय हिन्द।”

‘सलाखों के पीछे होंगे केजरीवाल, कानून घसीट कर लाएगा नीचे’: दिल्ली BJP के नए अध्यक्ष ने बताई पार्टी की रणनीति, बोले – राहुल ने चुराया गाँधी सरनेम

दिल्ली में हाल ही में हुए MCD के चुनावों में भाजपा को 104 सीटें मिलीं, जबकि 134 सीटें जीत कर AAP ने अपना मेयर बनाया। भाजपा पिछले 25 वर्षों में दिल्ली की सत्ता से बाहर है, अब MCD में भी उसे हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में पार्टी ने आदेश गुप्ता की छुट्टी कर के वीरेंद्र सचदेवा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। अब उन्हें पूर्णकालिक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी गई है। ऑपइंडिया ने उनसे कई मुद्दों पर बातचीत की और जानने की कोशिश की कि दिल्ली में भाजपा अब कैसे आगे बढ़ेगी?

आप RSS से जुड़े रहे हैं और भाजपा में भी आपने जमीनी काम किया है। ऐसे में आप अपने शुरुआती राजनीतिक करियर के बारे में बताएँ।
संघ के विचार से तो मेरा पूरा परिवार जुड़ा हुआ है। मेरे पिताजी भी स्वयंसेवक रहे हैं। मैं भी स्वयंसेवक हूँ। मेरी जो पहली राजनीतिक जिम्मेदारी थी, वो मुझे 1989 में मिली थी। तब मुझे सीतारमैय्या मंडल में 78 नंबर समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। लोकसभा का चुनाव आया, जो हम जीत नहीं पाए थे। लेकिन, मेरे काम को देखते हुए पार्टी ने मुझे जिम्मेदारी दी थी। उस समय जो यात्रा शुरू हुई, वो अब तक अनवरत जारी है। पार्टी जो काम देती है, वो मैं करता हूँ। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं है, पार्टी कौन सा कार्य सौंप रही है ये महत्वपूर्ण है।

क्या आपको नहीं लगता कि इस बार पार्टी ने आपको काँटों का ताज पहना दिया है? भाजपा पिछले 25 वर्षों से दिल्ली की सत्ता से बाहर है, अब MCD भी पार्टी के हाथ में नहीं रही। ऐसे में आपको नहीं लगता कि मुश्किल समय में एक चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी आपको दी गई है?
सबसे पहली बात तो ये कि मैं इसे ताज नहीं मानता। हम सब कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ता को जो कार्य दिया जाता है वो करते हैं। आपने कहा कि MCD में हम चुनाव हारे हैं। 15 वर्ष हमने दिल्ली की सेवा की, कुछ कारण रहे होंगे कि हमारी सीटें कम हुईं। लेकिन, इस चुनाव में एक बात साफ़ कर दी कि भले ही दिल्ली में हम सरकार बनाने में कामयाब नहीं रहे लेकिन दिल्ली की जनता का दिल हमने जीता। हमारी विरोधी पार्टी हमें 30-40 पर खत्म कर रही थी, लेकिन हम आज 106 पर हैं और उनसे ज्यादा दूर नहीं हैं। इसीलिए मैं कहता हूँ कि कुछ कारण रहे हैं जिन पर हमने समीक्षा भी की है। हमें लगता है कि हमें और बेहतर परिणाम की उम्मीद थी। क्योंकि, 10 सीटें ऐसी थीं जिन पर हम 500 से भी कम वोटों से हारे हैं। 14 सीटें ऐसी हैं, जिन पर हम 500-1000 के बीच वोटों से हारे हैं। अगर ये 24 सीटें हमारे पक्ष में होतीं तो परिणाम कुछ और होता। मैं इस चुनाव को हारा हुआ नहीं मानता। परिणाम हमारे अनुकूल नहीं आए, लेकिन भाजपा की हार नहीं हुई।

जैसा कि भाजपा के संगठन के कामकाज का तरीका रहा है, MCD में सीटें कम होने के बाद इस पर मंथन तो हुआ होगा, समीक्षा हुई होगी। इसमें क्या कुछ सामने आया?
हमारे हर चुनाव के बाद, चाहे उसका परिणाम कुछ भी हो, पक्ष में हो या विपक्ष में हो – हम उसकी समीक्षा ज़रूर करते हैं। इन्हीं समीक्षा बिंदुओं के ऊपर हमारी रणनीति तैयार की जाती है और हम आगे का काम करते हैं।

हाल ही में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री शराब घोटाला में जेल गए। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जेल में हैं। इन मुद्दों को जनता तक ले जाने के लिए भाजपा क्या कर रही है?
देखिए, अगर आप थोड़ा पीछे जाएँगे तो पाएँगे कि भाजपा संगठन पिछले 1 साल से दिल्ली की शराब एवं आबकारी नीति के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन कर रहा है। इसी का परिणाम है कि दोनों भ्रष्टाचारी आज जेल में हैं। वरना, दिल्ली के ये जो फ्रॉड चीफ मिनिस्टर हैं, जिन्हें मैं नकली मुख्यमंत्री कहता हूँ, ये तो सत्येंद्र जैन को भारत रत्न देने की बात कर रहे थे। अब कहाँ हैं सत्येंद्र जैन? आप जिनके बारे में कह रहे हैं कि हम आरोप लगा रहे हैं, असल में वो आरोपित नहीं बल्कि दोषी हैं। तभी उन्हें जमानत नहीं मिली। मनीष सिसोदिया ने फीडबैक के मामले में भी भ्रष्टाचार किया है। हम दिल्ली की जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं और आने वाले दिनों में आप देखेंगे कि अरविंद केजरीवाल भी सलाखों के पीछे होंगे। ये दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री हैं, जिनके दो-दो मंत्री जेल में हैं। फीडबैक यूनिट की रिपोर्ट आप देख लीजिए, इनके जो स्पेशल एडवाइजर सिन्हा थे – उन्होंने बताया है कि उन्हें इंस्ट्रक्शंस मिले थे कि सारी रिपोर्ट्स अरविंद केजरीवाल को दी जाए। इसका मतलब है कि सारे निर्देश वहीं से आ रहे थे। शराब घोटाले में इसी अरविंद केजरीवाल के बारे में IAS अधिकारी ने बताया है कि उन्हें CM आवास बुला कर शराब नीति में क्या-क्या बदलाव करना है ये बताया गया, सीएम के सामने। अरविंद केजरीवाल अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। मनीष सिसोदिया का साथ देने के लिए उन्हें जाना होगा।

लेकिन, अरविंद केजरीवाल अपने पास कोई मंत्रालय रखते ही नहीं हैं, फाइलों पर उनके हस्ताक्षर होते नहीं। भाजपा इस चीज को कैसे देखती है?
अरविंद केजरीवाल को लगता है कि वो ये कह कर बच सकते हैं कि फाइलों पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं, लेकिन जिस मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया उसके मुखिया वही हैं। और, मुखिया होने के नाते वो जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते। उन्हें ये जिम्मेदारी स्वीकार करनी पड़ेगी। अगर वो ऐसा नहीं करेंगे, तो भाजपा दिल्ली की जनता के साथ संघर्ष कर रही है और इसका परिणाम जल्द ही देखने को मिलेगा।

अरविंद केजरीवाल के मुकाबले दिल्ली भाजपा का चेहरा कौन है? वो अक्सर सुर्ख़ियों में रहते हैं, ऐसे में किसके नेतृत्व में भाजपा आगे बढ़ेगी? चेहरा कौन है? क्या आप ही पार्टी का चेहरा हैं?
मैंने व्यक्तव्य दे दिया है कि 2025 तक मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूँगा। विधानसभा चुनाव 2025 में होने हैं। मेरा लक्ष्य है कि भाजपा को चुनाव जिता कर किसी भाजपा कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाना। भाजपा का हर कार्यकर्ता सीएम बनने में सक्षम है, यहाँ चेहरों की कमी नहीं है। जो नकली चेहरे हैं, जो नकाब ओढ़े चेहरे हैं, जो भ्रष्टाचार में डूबे चेहरे हैं, उनका नकाब हम हटाएँगे ये तय है। हमारे यहाँ सामूहिक नेतृत्व होता है। भाजपा का हर कार्यकर्ता मिल कर इस सरकार को उखाड़ फेंकेगा।

इन चर्चाओं के बीच आप कॉन्ग्रेस को कहाँ देखते हैं? हाल ही में राहुल गाँधी को 2 साल की सज़ा हुई, उनकी संसद सदस्यता खत्म हुई और अब उन्हें सरकारी आवास खाली करने को कह दिया गया है। आपको लगता है कि इसके खिलाफ आंदोलन खड़ा कर के कॉन्ग्रेस अपने लिए सहानुभूति लहर पैदा करेगी? क्या दिल्ली में कॉन्ग्रेस फिर से खड़ा हो जाएगी?
कॉन्ग्रेस का खड़ा होना या न होना, ये उनका विषय है। उस पर मैं टिप्पणी नहीं कर सकता। रही बात राहुल गाँधी को सज़ा होने की तो ये निर्णय कोर्ट ने दिया है, भाजपा ने इसमें कुछ नहीं किया है। रही बार घर खाली कराने की तो ये है तय प्रक्रिया है। अगर आप सांसद नहीं रहे तो आपको सरकारी सुविधाएँ छोड़नी पड़ेंगी। जहाँ तक बात माफ़ी की है, खुद गाँधी नाम उन्होंने चुराया हुआ है। उसे हम क्या उम्मीद कर सकते हैं। जहाँ तक उनका ये बयान है कि ‘मैं सावरकर नहीं हूँ’, इस पर मैं कहना चाहता हूँ कि आप सावरकर बन भी नहीं सकते। उसके लिए त्याग, समर्पण और धैर्य चाहिए। देश के प्रति निष्ठा चाहिए, जो राहुल गाँधी और उनके परिवार में नहीं है। वीर सावरकर पर कुछ भी टिप्पणी करने से पहले राहुल गाँधी को खुद के परिवार की जन्मकुंडली देखनी चाहिए। मैं कॉन्ग्रेस को शुभकामनाएँ देता हूँ कि वो अच्छा करे (इस सवाल पर कि उसका प्रदर्शन आगे कैसा रहेगा)।

दिल्ली की प्रदेश भाजपा में गुटबाजी को लेकर चचाएँ होती हैं और कहा जाता है कि सब किसी मुद्दे पर एक साथ नहीं आ पाते। इससे आप कैसे निपटेंगे?
मैं ये बताना चाहता हूँ कि भारतीय जनता पार्टी में सिर्फ एक ही गुट है और वो है हमारी विचारधारा का गुट। उस गुट में हम सभी शामिल हैं और हम सबका कार्य है कि हम उस विचारधारा पर चलें, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। गरीब कल्याण हमारा उद्देश्य है। दिल्ली में लोकसभा की सातों सीटें जीतना और इस भ्रष्ट AAP सरकार को उखाड़ फेंकना हमारा लक्ष्य है।

आप पंजाबी समुदाय से आते हैं। इससे पहले दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष पद पूर्वांचल को जाता रहा है। आपके पास चुनौती है पंजाबियों और पूर्वांचलियों को एक साथ साधने की?
मुझे इस पर हैरानी होती है जब हम किसी व्यक्ति को जात-पात से जोड़ते हैं। इसमें मेरा क्या योगदान है, अगर मैं पंजाबी परिवार में पैदा हुआ? दिल्ली पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करती है। ये ऐसा प्रदेश है, जहाँ देश का प्राण बसता है। यहाँ जितने भी लोग हैं, हम सब भाई हैं और मेरा कार्य है सभी को एक सूत्र में पिरो कर चलना। एक ही माला के मोती सब हैं – कोई पूर्वांचल का होगा, कोई पंजाबी होगा, कोई वैश्य होगा, कोई उत्तराखंड-हिमाचल से होगा – ये विषय नहीं है। हम सब मोती हैं और एक माला में पिरो कर इसे बनाना हमारा लक्ष्य हैं।

आपने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी का चेहरा हैं, AAP अब सीधे उन पर हमला कर रही है। उन पर पोस्टर लगाए जा रहे हैं, कई भाषाओं में। इस पर FIR भी हुए। AAP की इस रणनीति को आप कैसे देखते हैं?
जिसे आप रणनीति बता रहे हैं, उसे मैं कमजोरी कहता हूँ। आपने जिस पोस्टर की बात की, दिल्ली में या पूरे भारत में पोस्टर लगाने की कोई पाबंदी नहीं है लेकिन आपको कानून का पालन करना पड़ेगा। दिल्ली के कानून के हिसाब से ये प्रावधान है कि पोस्टर पर अपना नाम, प्रिंटर का नाम और पता लिखा होना चाहिए। जिन पोस्टरों पर FIR दर्ज हुई है, उनमें इस कानून का उल्लंघन किया गया था। AAP पर पोस्टर के मामले पर नहीं, कानून के उल्लंघन पर मामला दर्ज हुआ। अरविंद केजरीवाल की मैं मानसिकता बताता हूँ, ये बड़े अच्छे भविष्यवक्ता हैं। इन्हें पता था कि सत्येंद्र जैन जेल जाने वाले हैं, उन्होंने सत्येंद्र जैन को भारत रत्न देने की माँग करते हुए पूरे मीडिया में माहौल बनाया। इन्हें पता था मनीष सिसोदिया जेल जाने वाले हैं, तो इन्होंने सिसोदिया को शिक्षा क्रांति का श्रेय देते हुए पद्मश्री देने की माँग की। आज मनीष सिसोदिया धार्मिक किताबें पढ़ रहे हैं। अरविंद केजरीवाल को भी पता है कि उन्हें कहाँ जाना है, इसीलिए वो सीधा-सीधा प्रधानमंत्री पर हमला कर रहे हैं। कल जब कानून अपना काम करेगा और अरविंद केजरीवाल को घसीट कर नीचे लाएगा, तब वो ये आरोप लगा सकें कि उन्होंने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की थी इसीलिए ऐसा किया गया – इसके लिए वो ग्राउंड तैयार कर रहे हैं। लेकिन, दिल्ली की जनता जानती है कि अरविंद केजरीवाल को अपना हश्र मालूम है।

भाजपा हमेशा से हिंदुत्व की पक्षधर रही है। आजकल खबरें चल रही हैं कि पार्टी मुस्लिमों के बीच अपनी पैठ बना रही है, खासकर पसमांदा समाज में। क्या इसके लिए कोई रणनीति बनी हुई है?
एक तो हिन्दू शब्द की अवधारणा समझने की ज़रूरत है। हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिन्दू है। उसका धर्म क्या है, ये विषय नहीं है। जहाँ तक बात है मुस्लिम समाज की, प्रधानमंत्री का एक ही मत है – सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास। जब हम सबके साथ की बात करते हैं तो इसमें हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सब शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने पसमांदा या बोहरा समाज की बात की, उससे उनका अभिप्राय समाज के हर उस वर्ग से है जो उपेक्षित है। वो मुस्लिम समाज में भी हो सकता है, हिन्दू या इसे में भी हो सकता है। सबको साथ लेकर उनका उत्थान करना हमारा लक्ष्य है। जो भी हमारे साथ जुड़ेगा, उनका स्वगात है। अगर आप दिल्ली नगर निगम के पिछले चुनाव के आँकड़े देखें, तो जिस मुस्लिम समाज को भाजपा के लिए अछूत माना जाता है, 70,000 से ज्यादा वोट हमें मुस्लिम समाज से मिला है। ये पहले के मुकाबले सुधार है और आगे और बढ़ेगा।

‘हिन्दुओं के खिलाफ भी दिए जाते हैं द्वेषपूर्ण भाषण, सेलेक्टिव न हो सुप्रीम कोर्ट’: हेट स्पीच पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल की दो टूक, SC ने सरकारों को कहा नाकाम

बुधवार (23 मार्च, 2023) को हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन भी सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका कर्ता की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने कुछ सेलेक्टिव खबरों के आधार पर याचिका दायर की है। तुषार मेहता ने कहा कि हिंदुओं के खिलाफ भी लगातार द्वेषपूर्ण भाषण दिए जा रहे हैं। कोर्ट को इसमें सेलेक्टिव नहीं होना चाहिए।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट शाहीन अब्दुल्ला की याचिका पर सुनवाई कर रही है। बुधवार को केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की पीठ ने मामले पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने हेट स्पीच को लेकर कई सख्त टिप्पणियाँ की। कोर्ट ने कहा कि हम इन याचिकाओं पर इसलिए सनवाई कर रहे हैं क्योंकि राज्य सरकारें समय पर कार्रवाई नहीं कर पा रही हैं। राज्य सरकारें इन मामलों में नाकाम और शक्तिहीन हो चुकी हैं।

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कहा गया कि हर दिन असामाजिक तत्व इस तरह के भाषण दे रहे हैं जिससे समाज में बैर की भावना पनप रही है। कोर्ट में तुषार मेहता और जजों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। तुषार मेहता ने हिंदुओं के खिलाफ दिए गए कई बयानों का उल्लेख किया। उन्होंने केरल के एक कार्यक्रम में फैलाए जा रहे हिंदू घृणा और तमिलनाडु में डीएमके नेता द्वारा ब्राह्मणों के वध की बात करने का उल्लेख किया।

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि याचिका कर्ता ने इन घटनाओं का उल्लेख अपनी याचिका में नहीं किया है। याचिका कर्ता अब्दुल्ला ने खास घटनाओं को ही अपने पेटिशन में शामिल किया है जो उनकी मंशा जाहिर करता है। कोर्ट को ऐसे मामलों में सेलेक्टिव नहीं होना चाहिए। इस पर जस्टिस जोसेफ ने कहा कि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। तुषार मेहता ने इसपर अदालत से इस तरह की टिप्पणी न करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे इस तरह के हेट स्पीचों को उचित ठहराया जाना माना जाएगा।

एसजी तुषार मेहता ने कहा कि यदि इन मामलों को वास्तव में कम करना है तो ऐसे मामलों में किसी खास धर्म, वर्ग या राज्य की बात न कर के सभी मामलों को एक साथ देखना होगा। कोर्ट ने 28 अप्रैल 2023 को ममले पर विचार करने की बात कही है।

जिस दिन अतीक को सुनाई गई उम्रकैद, उसी दिन MLA पूजा पाल के भाई पर बम से हमले का दावा: सज़ा देने वाले जज की सुरक्षा भी बढ़ी

बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में प्रमुख गवाह उमेश पाल के अपहरण मामले में गैंगस्टर अतीक अहमद समेत 3 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके बाद सजा सुनाने वाले जज को वाई कैटेगरी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसी बीच राजू पाल की पत्नी पूजा पाल (Pooja Pal) के भाई राहुल पाल ने पुलिस में शिकायत करके कहा है कि उन पर बम से हमला किया गया है।

राहुल पाल ने अपनी तहरीर में कहा है कि वह मंगलवार (28 मार्च 2023) की शाम को अपनी कार से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान प्रीतम नगर और नीवा नगर में क्षेत्र में उनकी कार पर बम से हमला किया गया। उस समय उनकी कार के पीछे धमाके की आवाज आई और जब उन्होंने पलटकर देखा तो धुँआ उड़ता दिखा। इसके बाद एक और धमाका हुआ।

घटना के अगले दिन यानी बुधवार (29 मार्च 2023) को राहुल पाल ने प्रयागराज के धूमनगंज पुलिस थाने में इसकी शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जाँच कर रही है। पुलिस इस मामले की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

बता दें कि मंगलवार को ही उमेश पाल के अपहरण केस में अतीक अहमद सहित तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं, 7 आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। उमेश पाल बसपा (BSP) विधायक राजू पाल की पत्नी पूजा पाल के मौसेरे भाई हैं। इस मामले में वह मुख्य गवाह थे। राजू पाल की सन 2005 में हत्या कर दी गई थी और उमेश पाल की इस साल फरवरी में। इन दोनों हत्या का आरोप अतीक अहमद पर है।

फैसला सुनाने के बाद हालात को देखते हुए जज डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। जज के साथ 8 सुरक्षाकर्मी रहेंगे, जिनमें दो कमांडो रहेंगे। इसी वर्ष परतापुर से सपा विधायक विजमा यादव को भी 22 साल पुराने एक मामले में दिनेश शुक्ला ने डेढ़ साल की सजा सुनाई है।

गुजरात के साबरमती जेल से प्रयागराज सुनवाई के लिए लाए गए अतीक अहमद को वापस साबरमती जेल भेज दिया गया है। वहीं, अतीक के भाई अशरफ को प्रयागराज कोर्ट में पेशी के बाद बरेली जिला जेल दिया गया है। वहीं, अशरफ ने सीएम योगी से गुजारिश की है कि उस पर दर्ज फर्जी मुकदमों का संज्ञान लें।

‘जेल में डालने की धमकी दी’: भोपाल में मंदिर में लाउडस्पीकर बजाने पर SDM ने संचालक को थमाई नोटिस, बोला प्रशासन – लोगों ने की शिकायत, दिया जा रहा धार्मिक रंग

मध्य प्रदेश के भोपाल में एक मंदिर संचालक को नोटिस देकर लाउडस्पीकर हटाने का आदेश दिया गया है। इसके बाद से मंदिर में भजन-कीर्तन और सुंदरकाण्ड का पाठ बंद है। हिंदू संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है। मंदिर पक्ष का कहना है कि नवरात्रि का त्योहार चल रहा है, ऐसे में मंदिरों में लाउडस्पीकर नहीं बजेंगे तो कहाँ बजेंगे। वहीं एसडीएम राजेश गुप्ता का कहना है कि इलाके के लोगों ने मंदिर में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजने की शिकायत दी थी।

मामला भोपाल के अवधपुरी स्थित खाम्बरा मंदिर का है। एसडीएम राजेश गुप्ता की तरफ से नोटिस प्राप्त होने के बाद मंदिर संचालक ने एक वीडियो जारी किया। वीडियो में संचालक नोटिस मिलने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। मंदिर संचालक का कहना है कि किसी की झूठी शिकायत पर एसडीएम ने बिना जाँच किए उनके खिलाफ नोटिस जारी कर दिया। मंदिर प्रबंधक को एसडीएम राजेश गुप्ता ने 20 मार्च 2023 को नोटिस दिया था। उन्हें 28 मार्च को ऑफिस में बुलाया गया था। मंदिर संचालक के बेटे लक्ष्य खामरा एसडीएम के सामने पेश हुए थे।

संचालक का कहना है कि लाउडस्पीकर पर भजन-कीर्तन और सुंदरकाण्ड का पाठ करने पर उन्हें और उनके बेटे को जेल में डालने की धमकी दी गई है। उन्होंने कहा है कि मंदिर के आस पास लोग नहीं रहते। दूसरी तरफ एसडीएम ने कहा है कि मामले को धार्मिक रंग दिया जा रहा है। जबकि उन्हें लोगों की शिकायत मिली थी। स्थानीय पार्षद ने भी तेज आवाज में लाउड स्पीकर बजाए जाने की शिकायत की थी। इसके बाद जाँच कराई गई। जाँच में तय ध्वनि मानकों से अधिक आवाज में लाउड स्पीकर का बजना पाया गया जिसके बाद नोटिस दी गई।

इधर नोटिस मिलने के बाद से मंदिर संचालकों के साथ-साथ स्थानीय हिंदू संगठनों ने भी नाराजगी जताई है। संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है कि नवरात्रि चल रही है। रामनवमी का त्योहार है। ऐसे में मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारी मस्जिदों पर बज रहे लाउडस्पीकरों को नहीं रोक पा रहे हैं। मंदिरों को नोटिस जारी कर रहे हैं। संगठन ने धमकी दी कि यदि नोटिस वापस नहीं ली गई तो सड़क पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा।