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पराँठा बनाने पर हुआ झगड़ा, लाश पंखे से लटकी मिली: आकांक्षा दुबे के बाद उड़िया अभिनेत्री की मौत, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे (Akanksha Dubey) की संदिग्ध मौत के गम से उनके फैंस अभी तक उबर नहीं पाए हैं। इसी बीच एक और अभिनेत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई है। उड़िया एक्ट्रेस-सिंगर रुचिस्मिता गुरु (Ruchismita Guru) अपने रिश्तेदार के घर पर मृत पाई गईं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रुचिस्मिता का शव रविवार (26 मार्च 2023) की रात उनके रिश्तेदार के घर में सीलिंग फैन से लटका मिला। वह ओडिशा के बलांगीर शहर के तलपाली में अपने परिवार के साथ रहती थीं। हाल ही में एक शॉट वेकेशन के लिए एक्ट्रेस सुड़ापाड़ा में अपने रिश्तेदार के घर पर रहने के लिए आई थी।

सूचना मिलने पर बलांगीर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में ले लिया। एक्ट्रेस के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने परिवार के सदस्यों को एक्ट्रेस की मौत की सूचना दी।

रुचिस्मिता गुरु ने कई एल्बम में काम किया था। वह एक्टिंग के साथ-साथ सिंगिंग की दुनिया में भी सक्रिय थीं। इसके अलावा उन्होंने कई स्टेज शो में भी परफॉर्म किया था। रुचिस्मिता की माँ का कहना है कि बेटी से उनकी आलू का पराँठा बनाने को लेकर कहासुनी हुई थी।

रुचिस्मिता की माँ ने बताया, “मैंने उसे रात आठ बजे आलू का पराँठा बनाने को कहा था, लेकिन उसने कहा कि वह रात को 10 बजे बनाएगी। इसी बात को लेकर हमारे बीच झगड़ा हुआ था।” कहा जा रहा है कि एक्ट्रेस ने इससे पहले भी कई मौकों पर आत्महत्या करने का प्रयास किया था।

वहीं, स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि सिंगर के एक युवक से कथित प्रेम संबंध को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था। हालाँकि, अभी तक इस बारे में कोई पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, पुलिस एक्ट्रेस की मौत की वजह पता लगाने के लिए जाँच में जुटी है।

बता दें कि 25 मार्च 2023 को भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे आकांक्षा दुबे के सुसाइड करने की खबर सामने आई थी। आकांक्षा दुबे के मेकअप आर्टिस्ट राहुल और हेयर आर्टिस्ट रेखा मौर्या का कहना है कि उन्हें किसी चीज का तनाव नहीं था और वो न ही परेशान थीं। एक्ट्रेस की माँ मधु दुबे ने इस मामले में सिंगर समर सिंह सहित चार के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। मधु दुबे ने आरोप लगाया है कि समर सिंह करीब तीन साल से उनकी बेटी को टाॅर्चर कर रहा था। फिल्म में काम करने के पैसे नहीं देता था। जब आकांक्षा उससे काम के पैसे माँगती तो वह उससे मारपीट करता था। दूसरों की फिल्म और गाने में काम करने से भी उसे रोकता था।

AAP सांसद ने राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा के रिलेशनशिप पर लगाई मुहर, दी बधाई: लोगों ने पूछा – अब शादी का फैसला कन्फर्म?

बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा और ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ से सांसद राघव चड्ढा के रिलेशन को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चाएँ हो रहीं हैं। इस बीच AAP के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा ने परिणीति और राघव चड्ढा को उनके मिलन के लिए बधाई दी है। इसे इन दोनों के रिलेशनशिप में मुहर की तरह देखा जा रहा है।

दरअसल, परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा को मुंबई के एक रेस्टॉरेंट में डिनर करते देखा गया था। इसके बाद से उनकी रिलेशनशिप की बातें हो रहीं हैं। वहीं अब सांसद संजीव अरोड़ा ने परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा की फोटो शेयर की है। इस फोटो के साथ उन्होंने लिखा है, “मैं राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा को हार्दिक बधाई देता हूँ। आशा करता हूँ कि दोनों का साथ प्यार आनंद और कंपेनियनशिप से भरपूर रहे। मेरी शुभकामनाएँ।”

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा के इस ट्वीट पर नेटिजेन्स अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। एक यूजर ने पूछा “किस बात की बधाई दे रहे हो भाई?”

एक अन्य यूजर ने कहा, “कैसे लिबिर-लिबिर चटाई हो रही है। सीधा प्रमोटेड ट्वीट।”

कुमार विक्रांत सिंह नामक यूजर ने कहा, “संसद में दूल्हे राजा काले लिबास में राजनैतिक विरोध जताते हुए। राघव चड्ढा यूँ ही नहीं कहते कि, मुझसे यहाँ राजनीति की बात कीजिए। परिणीति की नहीं। बधाई हो।”

सौरभ नामक यूजर ने लिखा, “इसके बस का और कुछ तो था नहीं। राजनीति में आया है तो कुछ तो फायदा उठाए।”

अंजू चोपड़ा नामक यूजर ने लिखा, “परिणीति चोपड़ा प्लीज कह दो ये सब झूठ है।”

एक यूजर ने मीम शेयर करते हुए लिखा, “अब केजरीवाल चड्ढा को भी जेल में डालेगा।”

नितिन नामक यूजर ने लिखा, “अपने ही साथी के बारे में प्रमोटेड ट्वीट कौन करता है गॉसिप के लिए।” इसके साथ ही उन्होंने अरविंद केजरीवाल की एक फ़ोटो शेयर की। इसमें लिखा था, “उन्होंने लगभग हाँ कर दिया।”

लंच और डिनर करते स्पॉट हुए थे राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा

बता दें कि दोनों को मुंबई के एक रेस्टोरेंट में साथ डिनर के लिए जाता देखा गया था। दोनों ने इस दौरान सफेद रंग की शर्ट पहनी हुई थी। इसके अलावा एक और वीडियो सामने आई है जिसमें कहा जा रहा है कि वो दोनों बांद्रा में भी लंच के लिए साथ गए।

एक वीडियो में देखा जा सकता है कि रात के समय राघव चड्ढा और परिणीति गाड़ी से निकलकर डिनर के लिए जा रहे हैं। पैपराजी लगातार उन्हें आवाज देते हैं। हालाँकि वो सुनने की बजाय उन्हें अनदेखा करके आगे बढ़ जाते हैं। वहीं परिणीति थोड़ी देर रुकती हैं, पोज देती हैं और उसके बाद राघव भी फोटो खिंचाते हैं।

इस बारे में राघव चड्ढा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने शर्माते हुए कहा, “आप मुझसे राजनीति पर सवाल करिए, परिणीति पर नहीं।”

जब उनसे सवाल किया गया कि जो परिणीति के बारे में सवाल कर रहे हैं उनको आप क्या जवाब देंगे। इस पर राघव ने मुस्कुराते हुए कहा कि आपको जवाब देंगे। उनसे आगे यह पूछा गया कि आपकी मुस्कुराहट से और कयास लगेंगे, तो राघव ने थैंक्यू कहकर बात खत्म कर दी और कार में बैठकर चले गए।

भाई से गले मिल कर रोया, उम्रकैद की सज़ा सुनते ही बेहोश हो गया अतीक अहमद: वकीलों ने लगाए ‘फाँसी दो, फाँसी दो’ के नारे

प्रयागराज जिले की MP-MLA कोर्ट ने उमेश पाल अपहरण के 28 फरवरी 2006 के केस में माफिया अतीक अहमद को 2 अन्य साथियों सहित उम्रकैद की सजा सुनाई है। हालाँकि इसी केस में आरोपित अतीक के छोटे भाई अशरफ को बरी कर दिया गया है। इस फैसले के बाद उमेश पाल और अतीक अहमद दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट में अपील करने का ऐलान किया। जहाँ उमेश पाल का परिवार अशरफ की रिहाई से नाखुश है तो वहीं अतीक के वकील ने इस सजा को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है।

कहा जा रहा है कि कोर्ट में अतीक अहमद की सजा मुकर्रर होते ही वो कोर्ट रूम में बेहोश हो गया और भाई से गले मिल रोया भी। जबकि प्रयागराज कोर्ट में उसके ही आगे वकीलों ने ‘फाँसी दो-फाँसी दो’ की नारेबाजी की।

दोनों पक्ष जाएँगे हाईकोर्ट

अतीक अहमद को मिली सजा पर उमेश पाल की माँ ने उसे फाँसी के लायक बताया। उन्होंने कहा कि कई साल तक फैसले का इंतजार करना पड़ा। उमेश पाल की माँ ने शांति देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा विश्वास जताया है। वहीं उमेश पाल की पत्नी जया देवी ने अशरफ को बरी किए जाने के फैसले को समाज के लिए नुकसानदेह बताया है। उन्होंने अपने वकील से बात कर के इस फैसले को हाईकोर्ट में चैलेन्ज देने की जानकारी दी। उमेश पाल के वकील ने भी हाईकोर्ट में सजा को चुनौती देने का एलान किया है। वकील ने कहा कि घटना में अशरफ की पिस्टल शामिल थी ऐसे में अशरफ को बरी करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

अतीक के वकील भी जाएँगे हाईकोर्ट

अतीक अहमद को मिली उम्रकैद की सजा पर उनके वकील दयाशंकर मिश्रा की भी प्रतिक्रिया सामने आई। दयाशंकर ने अतीक अहमद को मिली उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही। वकील दयाशंकर ने अपील को अधिकार बताया है। गौरतलब है कि 100 केसों में नामजद अतीक को पहली बार कोई सजा सुनाई गई है।

उमेश पाल के 8 गवाह अतीक के 51 गवाहों पर भारी पड़े

उमेश पाल के वकील ने बताया कि उनकी तरफ से 8 गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी थी। वहीं अतीक अहमद ने अपने पक्ष में 51 गवाह पेश किए। हालाँकि अतीक के गवाहों में अधिकतर लोग आपराधिक प्रवित्ति के बताए जा रहे हैं। अंत में कोर्ट ने उमेश पाल के गवाहों को विश्वसनीय माना।

मिल रही जानकारी के मुताबिक फ़िलहाल अभी अतीक अहमद को प्रयागराज की नैनी जेल में ही रखा जाएगा। अब पुलिस उमेश पाल हत्याकांड में दर्ज हुए नए केस में उस से जल्द ही पूछताछ कर सकती है। इस बाबत पुलिस टीम अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का रिमांड भी लेने की तैयारी कर रही है।

उद्धव ठाकरे, बेटे आदित्य और MP संजय राउत को दिल्ली हाईकोर्ट का समन, मानहानि के मुकदमे में फँसे: ‘सामना’ में गलत जानकारी देने का आरोप

दिल्ली हाईकोर्ट ने मानहानि के एक मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य ठाकरे और राज्यसभा एमपी संजय राउत को समन जारी किया है। शिवसेना नेता राहुल रमेश शेवाले ने तीनों पर दीवानी मानहानि (Civil defamation) का मामला दर्ज कराया था। इसे लेकर कोर्ट ने तीनों नेताओं को समन जारी किया है। मामले की सुनवाई 17 अप्रैल, 2023 को होगी।

राहुल शेवाले ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के मुखपत्र सामना में लिखे एक लेख को लेकर आपत्ति जताई थी। पिछले दिनों लिखे गए एक लेख में राहुल शेवाले का जिक्र किया गया था। जिसके बाद शिवसेना नेता ने छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया। मामले में जस्टिस जालान ने उद्धव, आदित्य और संजय राउत के साथ-साथ गूगल और ट्विटर को भी 30 दिनों के भीतर जवब दाखिल करने को कहा है।

शेवाले ने इस कंटेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने की भी माँग की है।

‘सामना’ में क्या छपा था?

आरोपों के मुताबिक कुछ महीने पहले ‘सामना’ में “राहुल शेवाले का कराची में होटल, रियल एस्टेट का कारोबार!” हेडिंग के साथ एक लेख छपा था। इसमें दावा किया गया था कि शेवाले पाकिस्तान के कराची स्थित एक होटल के मालिक हैं। शेवाले ने इस खबर को तथ्यहीन बताते हुए अदालत का रुख किया था। उनका दावा है कि लेख में प्रकाशित जानकारी गलत है।

बता दें कि मानहानि दो तरह की होती है। एक सिविल (दीवानी) जो राहुल शेवाले ने किया है और दूसरा आपराधिक मानहानि (Criminal Defamation)। सिविल मानहानि के मामले में दोषी व्यक्ति को आर्थिक दंड (मुआवजा) देना पड़ता है। जबकि आपराधिक मानहानि के लिए कारावास की सजा का भी प्रावधान है। आपराधिक मामले में सांसद/विधायक को अयोग्य करार दिए जाने का खतरा होता है। राहुल गाँधी आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी पाए गए हैं।

फिलीपींस में सिख दंपति को घर में घुस ताबड़तोड़ मारी गोली, तुरंत मौत: घटना का पूरा CCTV वीडियो सामने आया

फिलीपींस (Philippines) की राजधानी मनीला में शनिवार रात (25 मार्च 2023) अज्ञात हमलावर ने पंजाबी जोड़े की गोली मारकर हत्या कर दी। ये पंजाब के जालंधर के रहने वाले थे। दंपति की पहचान सुखविंदर सिंह (41) और किरणदीप कौर (33) के रूप में हुई है। उनकी हत्या करने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुखविंदर के बड़े भाई लखवीर सिंह भी अपने भाई के साथ रहते थे। कुछ दिन पहले ही वह एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए विदेश से वापस अपने गाँव आए थे। जालंधर के मेहसमपुर गाँव में मृतक दंपति के परिजनों को सोमवार (27 मार्च 2023) देर शाम इस घटना के बारे में पता चला।

सोशल मीडिया पर उनकी हत्या करने का वीडियो वायरल हो गया है। इसमें साफ दिखाई दे रहा है कि हमलावर ने सुखविंदर को 3 गोलियाँ मारकर और उसकी पत्नी को 2 गोलियाँ मारकर उनकी हत्या कर गई। मृतक के भाई ने बताया कि उनका परिवार पिछले 19 साल से मनीला में फाइनेंस का कारोबार कर रहा था। सुखविंदर की किरणदीप से तीन साल पहले ही शादी हुई थी। वह भी पाँच महीने पहले मनीला में शिफ्ट हो गई थी। उनकी किसी के साथ कोई पुरानी रंजिश नहीं थी।

लखवीर ने बताया, “हम उसे (सुखविंदर सिंह) रविवार (26 मार्च 2023) से बार-बार फोन कर रहे थे, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे रहा था। मैंने अपने चाचा को उनके घर आने के लिए कहा, जहाँ उन्होंने मेरे भाई और उसकी पत्नी को खून से लथपथ पाया।”

लखवीर ने आगे कहा, “मेरे परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। हम चाहते हैं कि भारतीय अधिकारी इस मामले को फिलीपींस में अपने समकक्ष के समक्ष उठाएँ, ताकि इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।”

बता दें कि यह कोई पहली घटना नहीं है, जब फिलीपींस में भारत के लोगों की हत्या कि गई हो। इस साल जनवरी में भी मोगा के एक कबड्डी कोच गुरप्रीत सिंह गिंदरू (43) की राजधानी मनीला में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पाखरवाड़ गाँव के ग्रामीणों ने बताया था कि गुरप्रीत करीब चार साल पहले रोजी-रोटी कमाने के लिए फिलीपींस गया था। कारोबार चलाने के अलावा वह मनीला में युवाओं को कबड्डी की कोचिंग भी देता था।

‘प्रतिबंधित या आतंकी संगठन नहीं है सनातन संस्था: बॉम्बे हाईकोर्ट ने संगठन के सदस्यों को दी जमानत, सबूत पेश नहीं कर पाई महाराष्ट्र ATS

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (24 मार्च, 2023) को टिप्पणी की कि सनातन संस्था कोई प्रतिबंधित आतंकी संगठन नहीं है। हाईकोर्ट सनबर्न टेरर अटैक कॉन्सपिरेसी 2017 और नालासोपारा आर्म्स हॉल केस 2018 मामले में आरोपितों के जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने एटीएस द्वारा आरोपित बनाए गए संस्था के दो सदस्यों को जमानत दे दी। कोर्ट की तरफ से कहा गया कि आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

स्पेशल कोर्ट द्वारा जमानत अर्जी ठुकराए जाने के बाद आरोपित लीलाधर उर्फ विजय लोधी और प्रताप हाजरा ने हाईकोर्ट में अपील की थी। इस अपील पर जज सुनील शुकरे और कमल खाता की बेंच ने सुनवाई की। महाराष्ट्र एटीएस ने यूएपीए के तहत लीलाधर और प्रताप हाजरा को गिरफ्तार किया था। एटीएस की तरफ से आरोप लगाए गए थे कि लोधी सनातन संस्था का हिस्सा था जिनका मकसद हिंदू राष्ट्र की स्थापना करना है।

एटीएस ने आरोप लगाया था कि लीलाधर लोधी, प्रताप हाजरा और उनके साथियों ने कच्चे बम तैयार किए थे। आतंकवाद निरोधक दस्ते ने वर्ष 2018 में महाराष्ट्र के नालासोपारा में वैभव राउत के घर से कई कच्चे बम बरामद किए थे। इस मामले में प्रताप हाजरा,लीलाधर लोधी और वैभव राउत समेत कई लोगों को आरोपित बनाया गया था।

कोर्ट ने अपनी सुनवाई के दौरान कहा कि मिले बम लीलाधर और प्रताप हाजरा के ही हैं, इसका स्पष्ट सबूत नहीं है। क्योंकि, जिस घर से बम बरामद हुए उसका मालिक कोई और है। एटीएस ने आरोप लगाए थे कि सनातन संस्था के सदस्यों को विस्फोटक और फायर आर्म का इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी गई थी। कोर्ट ने इस पर कहा कि एटीएस द्वारा इसपर कोई भौतिक सबूत पेश नहीं किया गया। जिससे पता चले प्रशिक्षण शिविर वास्तव में लगाए गए थे।

इसके अलावा एटीएस ने संस्था के सदस्यों पर सनबर्न फेस्टिवल 2017 के दौरान हमले की साजिश का आरोप लगाया था। आरोप था कि हाजरा ने मोबाइल के जरिए सनबर्न फेस्ट हमला साजिश के मुख्य आरोपित से बात की थी। कोर्ट ने कहा कि हाजरा का फोन 2020 में जब्त हुआ। हो सकता है कि 2017 में उस नंबर का इस्तेमाल कोई और कर रहा हो। कोर्ट द्वारा इस संबंध में सबूत माँगे जाने पर एटीएस पर्याप्त सबूत पेश करने में असमर्थ रहा। इसके बाद कोर्ट ने 50-50 हजार के निजी मुचलके पर लोधी और हाजरा को जमानत दे दी गई।

अदालत ने जोर देते हुए कहा कि सनातन संस्था को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 2004 के तहत प्रतिबंधित नहीं किया गया है। न ही इसका किसी आतंकी संगठन से कुछ लेनादेना है। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार यह एक चैरिटेबल ट्रस्ट है। जिसका मकसद आध्यात्मिक ज्ञान को बढ़ावा देना है। इसकी स्थापना 23 मार्च 1999 को हुई थी। भक्तराज महाराज के साथ मिलकर जयंत बालाजी अठावले ने इसकी स्थापना की थी।

बिना अनुमित खाली फ़्लैट में लगाया टेंट, नमाज के लिए बाहर से बुलाई भीड़: स्वरा-Wire गिरोह ने फैलाया प्रोपेगंडा, यूपी पुलिस को बदनाम करने की साजिश

‘अल जजीरा’ और ‘द वायर’ के लिए काम करने वाले पत्रकार मीर फैज़ल ने मंगलवार (28 मार्च, 2023) को एक भ्रामक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने उत्तर प्रदेश के नोएडा की एक सोसाइटी में मुस्लिमों को नमाज़ पढ़ने से रोके जाने की बात कही है। फैज़ल ने पुलिस पर भी टेंट आदि उखाड़ देने का आरोप लगाया है। फैज़ल के इस ट्वीट पर स्वरा भास्कर ने नमाज़ का विरोध करने वालों की हरकत को शर्मनाक बताया है।

वहीं, ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की पत्रकार नेहा यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस को इस्लामॉफ़ोबिक बताया है। ऑपइंडिया की जमीनी पड़ताल में ये तमाम दावे सच्चाई से परे मिले।

यह मामला नोएडा के बिसरख थानाक्षेत्र में आने वाले सुपरटेक इको विलेज- 2 का है। लगभग डेढ़ मिनट के इस वीडियो में सोसाइटी के अंदर कुछ लोग जमा दिख रहे हैं। मौके पर पुलिस की गाड़ी भी पहुँची हुई है। भीड़ आपस में एक दूसरे से बहस करती दिख रही है। पुलिस को देखते ही कुछ लोग जाने लगे तो बाकी लोगों ने उन्हें कहीं न जाने की सलाह दी। स्वरा भास्कर ने भीड़ को लानत भेजते हुए इस हरकत को तुच्छता कहा है।

‘हिंदुस्तान टाइम्स की पत्रकार नेहा यादव ने तो उत्तर प्रदेश पुलिस पर इस्लामोफोबिया तक का आरोप जड़ दिया। नेहा यादव ने पुलिस पर देश के संवैधानिक ढाँचे को बिगाड़ने का भी आरोप लगाया।

नेहा यादव का ट्वीट

नमाज़ न पढ़ना मुस्लिम समुदाय का फैसला

मीर फैसल द्वारा शेयर वीडियो पर प्रोपोगेंडा फैला रहे कुछ लोगों के दावे के उलट नोएडा पुलिस का बयान सामने आया है। ग्रेटर नोएडा के DCP ने बताया है कि एक खाली पड़े कमर्शियल मार्किट के तीसरी मंजिल पर नमाज़ अदा की जाती थी। इस दौरान सोसाइटी के ही लोगों की मौजूदगी हुआ करती थी। हिन्दू समुदाय का आरोप है कि नमाज पढ़ने के लिए कुछ बाहरी लोग भी आ रहे थे। पुलिस का कहना है कि हिन्दू समाज के लोगों ने बाहरी लोगों का विरोध किया था न कि सोसाइटी के स्थानीय लोगों का।

इन सबके साथ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब उस स्थान पर नमाज़ न पढ़ने का फैसला खुद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने लिया है। मौके पर शाँति व्यवस्था कायम है।

नहीं थी आयोजन की आधिकारिक अनुमति

ऑपइंडिया द्वारा स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के मुताबिक सोसाइटी में नमाज़ के आयोजकों ने अपने आयोजन के लिए कोई भी आधिकारिक अनुमति नहीं ली थी। इसके बावजूद मौके पर बाकायदा टेंट आदि लगा दिए गए थे। खाली पड़े फ्लोर में लगे इस टेंट में कई लोगों के जमा होने लायक व्यवस्था की गई थी।

हमें बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों से सोसाइटी की खाली जगह पर वहीं के स्थानीय लोग नमाज पढ़ा करते थे। इस बार बाहरी लोगों को बुलाने पर स्थानीय लोगों ने विरोध व्यक्त किया। जब हमने इस बावत SHO बिसरख से बात की तो उन्होंने बताया कि मामले का सोसाइटी के लोगों की सर्व सहमति से शांति और सौहार्दपूर्ण समाधान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के तनाव, अभद्रता आदि के आरोप निराधार हैं।

रमजान में फिर जलाई गई कुरान, तुर्की के झंडे में आग भी लगाई: डेनमार्क में हुई घटना पर इस्लामी देश भड़के, कहा- मुस्लिमों को उकसाया जा रहा

यूरोपीय देश डेनमार्क में एक बार फिर कुरान जलाने की घटना सामने आई है। इससे पहले इसी साल जनवरी में भी यहाँ कुरान जलाई गई थी। कुरान जलाने वाले लोगों ने तुर्की का झंडा भी जलाया। तुर्की, सऊदी अरब, पाकिस्तान, जॉर्डन समेत कई इस्लामिक देशों ने इस घटना की निंदा की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘पैट्रियटर्न गेर’ नामक संगठन ने शुक्रवार (24 मार्च 2023) को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में तुर्की दूतावास के सामने कुरान जलाने की इस घटना को अंजाम दिया। यही नहीं इन लोगों ने तुर्की के झंडे को भी जलाया है। संगठन ने इस पूरी घटना को अपने फेसबुक पेज पर भी लाइव किया।

कुरान जलाने की घटना सामने आने के बाद से इस्लामिक देश बौखलाए हुए हैं। इसको लेकर तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा है, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में इस तरह की घटना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। रमजान के पवित्र इस्लामी महीने में किए गए इस कृत्य से एक बार फिर स्पष्ट रूप से पता चला है कि यूरोप में इस्लामोफोबिया, भेदभाव और जेनोफोबिया खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। पहले की घटनाओं से इन लोगों ने कोई सीख नहीं ली।”

वहीं, सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा है, “कोपेनहेगन में तुर्की के दूतावास के सामने एक संगठन द्वारा पवित्र कुरान को जलाने की हम कड़ी निंदा करते हैं। सऊदी अरब बातचीत, सहिष्णुता और सम्मान के मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत पर बल देता है। नफरत और उग्रवाद को हम अस्वीकार करते हैं।”

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने कहा है, “यह घटना किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जाएगा। रमजान के पवित्र महीने में यह नस्लवादी और मुस्लिमों को भड़काने वाला काम है। इस घटना ने न केवल हिंसा को उकसाया है बल्कि महजब का भी अपमान किया है।”

कतर ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि रमजान के महीने में कुरान को जलाने की इस घटना ने पूरी दुनिया के दो अरब से भी अधिक मुस्लिमों को उकसा दिया है।

वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जाहरा बलोच ने एक बयान में कहा है, “इस तरह की घटनाएँ जानबूझकर की जा रही हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटना मुस्लिमों और उनकी आस्था के खिलाफ बढ़ती नफरत, नस्लवाद और इस्लामोफोबिया का उदाहरण है। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात, मोरक्को, बहरीन समेत कुछ अन्य इस्लामिक देशों ने इसकी निंदा की है।

जनवरी में भी जलाई गई थी कुरान

इससे पहले डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन और स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में स्थित तुर्की दूतावास के सामने इसी साल जनवरी में कुरान जलाने की घटना सामने आई थी। कुरान जलाने वाले व्यक्ति की पहचान रासमस पलुदान के रूप में हुई थी। पलुदान के पास डेनमार्क और स्वीडन दोनों देशों की नागरिकता है। दोनों ही देश पड़ोसी हैं। इसलिए वह आसानी से दोनों में जाकर इस घटना को अंजाम दिया था।

पोर्न स्टार निकला अमेरिका का जज, अब नौकरी से निकाला गया: पैसे लेकर बेचता था फोटो-वीडियो, हस्तमैथुन का भी वीडियो सामने आया

अमेरिका के एक जज को मूनलाइटिंग के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया है। उसे अपने वर्किंग पीरियड के बाद पोर्न स्टार के रूप में काम करते हुए पाया गया। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, 33 वर्षीय ग्रेगरी ए लोके (Gregory A. Locke) न्यूयॉर्क सिटी (एनवाईसी) के पूर्व जज हैं। लोके ने एडल्ट प्लेटफॉर्म OnlyFans ओनलीफैंस और http://JustFor.Fans पर एक पोर्न स्टार के रूप में कई वीडियो और फोटो पोस्ट की है।

पिछले हफ्ते अधिकारियों ने उनके गैर-पेशेवर व्यवहार के कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया। बताया जा रहा है कि जज ने अपने काम के बाद के घंटों के दौरान एक पोर्न स्टार के रूप में काम किया। लेके ने अपनी वीडियो और फोटो को देखने के लिए लोगों से प्रति माह 987 रुपए ($12) वसूले। उसने 100 से अधिक एडल्ट पोस्ट तैयार किए, जिनमें हार्डकोर पोर्नोग्राफी और व्यभिचार दिखाया गया था।

ग्रेगरी ए लोके का JustFor.Fans पर एक और एक्स-रेटेड अकाउंट भी है, जहाँ वह 821 रुपए ($9.99) चार्ज करता है। उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई बोल्ड फोटो भी शेयर की हैं।

OnlyFans पर ग्रेगरी ने अपने बायो में लिखा है, “व्हाइट कॉलर प्रोफेशनल दिन में रात में बहुत अनप्रोफेशनल। हमेशा शौकिया, हमेशा फूहड़।” ग्रेगरी ए लोके के अकाउंट में दर्जनों तस्वीर और वीडियो हैं। उन्होंने ओनलीफैन्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मैं सिर्फ एक पुरुष द्वारा मुझे गर्भ धारण कराकर मजदूर दिवस मनाना चाहता हूँ।”

फोटो साभार: डेली मेल

कैमरे पर हस्तमैथुन करने से पहले उन्होंने नवंबर 2022 में लिखा, “अगर मैं इसे बाहर नहीं जाने देता, तो मैं कभी भी काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता।” इसके अलावा उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “देखो मैं संभोग सुख के दौरान किस तरह से अपने काम के बीच में पोर्न देख रहा हूँ।”

हालाँकि, शहर के अधिकारी लोके के इस काम से पूरी तरह से अनजान थे। उन्हें यह भी नहीं पता था कि वह ऑनलाइन अपनी अश्लील वीडियो और फोटो भी पोस्ट करता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि लोके ने अपने वैकल्पिक ट्विटर अकाउंट पर इस बात को कभी भी नहीं छुपाया कि वह एक जज भी है। सोशाल मीडिया पर उसने दावे के साथ कहा कि वह पोर्न इंडस्ट्री में काम करते हुए भी एक जज है और कानून का पालन करता है।

बता दें कि लोके के गैर पेशेवर व्यवहार को न्यूयॉर्क सिटी के अधिकारियों ने बहुत गंभीरता से लिया था। सिटी काउंसिलवॉमन विकी पलाडिनो ने बताया, “इस शहर को हर लेवल पर अपनी कोर्ट में पूर्ण विश्वास होना चाहिए। लोके जैसे व्यक्तियों को कानूनी पदों पर नियुक्त करना हमारे संस्थानों की व्यावसायिकता और निष्पक्षता में लोगों के विश्वास को खत्म करता है।”

‘UP पुलिस के हवाले मत करो’ : SC में खारिज हुई अतीक अहमद की याचिका, ‘जान का खतरा’ बता लगाई थी गुहार

प्रयागराज एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने से पहले अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा। अतीक अहमद ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर जान को खतरा बताया था। याचिका में माँग की गई थी कि उसे यूपी पुलिस के हवाले न किया जाए। इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अतीक अहमद की सुरक्षा का ख्याल राज्य सरकार रखेगी।

अतीक अहमद की तरफ से दी गई याचिका पर जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट दखल नहीं दे सकती। सभी नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। इस दौरान अतीक की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि विधानमंडल में नेताओं द्वारा दिए गए बयान से अतीक के सुरक्षा को लेकर चिंता है। ऐसे में वो सुरक्षा की माँग कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी।

दरअसल, गुजरात के साबरमती जेल से उत्तर प्रदेश के नैनी जेल लाए गए अतीक अहमद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुनवाई की माँग की थी। इस याचिका में उसने गुजरात के साबरमती जेल से यूपी के नैनी जेल ट्रांसफर किए जाने का विरोध किया था।

याचिका में कहा गया था कि यूपी पुलिस अहमदाबाद में ही उनसे पूछताछ कर सकती है। साथ ही अर्जी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की बात कही गई थी। दरअशल, अतीक को एनकाउंटर का डर सता रहा है। सुप्रीम कोर्ट को दी गई याचिका में इस बात का भी जिक्र था।

दूसरी तरफ उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद को कोर्ट में पेश किया गया है। माफिया अतीक को उमेश पाल अपहरण केस में कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। साथ ही 17 साल पुराने केस में भी सबी 10 आरोपितों को दोषी करार दिया गया है।