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‘हनुमान पहले इंटरनेशनल आतंकी, बिना वीजा दूसरे देश में घुसे’: खालिस्तानी ने हिंदू देवता का किया अपमान, कहा- भिंडरावाले हमारा संत

एक टिकटॉक यूजर ने 26 मार्च 2023 को एक अज्ञात स्थान पर हुए खालिस्तानी प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया। वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरवाले को आतंकी कहे जाने से आहत एक खालिस्तानी हिंदुओं देवता बजरंग बली के लिए ‘आतंकवादी’ शब्द का इस्तेमाल कर रहा है। वीडियो को कनाडा के रहने वाले खालिस्तान समर्थक प्रीतम सिंह ने पोस्ट किया है।

वीडियो में खालिस्तानी वक्ता कह रहा है, “यदि तुम लोग (भारतीय) और तुम्हारी मीडिया हमारे संत जरनैल सिंह भिंडरावाले को आतंकवादी बुलाएगी तो तुम्हें भी सुनना और जवाब देना होगा। तुम्हारे हनुमान पहले अंतरराष्ट्रीय आतंकी थे। उन्होंने अवैध रूप से सीमा पार की। उन्होंने वीजा नहीं लिया और न ही किसी दूसरे देश की संप्रभुता का ख्याल रखा। उनका विवाद सिर्फ एक व्यक्ति (रावण) से था, लेकिन उन्होंने पूरी लंका जला दी। लंका के नागरिकों को डराया। आप इसे आज तक लंका दहन के नाम से मनाते हैं।”

वीडियो में खालिस्तानी आगे कहता है, “जब आप इसे (खालिस्तान) को किसी का व्यक्तिगत मामला बताते हैं तो याद रखें रावण से हनुमान जी का विवाद भी निजी था। फिर आम लोगों को नुकसान क्यों पहुँचाया गया? क्यों उनके घरों को जलाया गया? आपको यह सुनना पड़ेगा और हम आपको सुनाते रहेंगे कि आपने दुनिया के पहले टेररिस्ट को एक अन्य देश में भेजा और आप गर्व से इस पूरी घटना को हर साल मनाते हैं।”

वीडियो को पोस्ट करने वाला प्रीतम सिंह कट्टर खालिस्तान समर्थक है। उसके अकाउंट से पहले भी खालिस्तान का समर्थन करने वाले पोस्ट साझा किए गए हैं। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह कार्यक्रम अमृतपाल सिंह के खिलाफ जारी कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था या यह वीडियो खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SJF) के किसी कार्यक्रम का है, क्योंकि इसमें रेफरेंडम 2020 के पोस्टर भी दिख रहे हैं।

बता दें यह पहला मौका नहीं है जब खालिस्तानियों ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की है। इसके पहले अप्रैल 2022 में पंजाब के पटियाला स्थित माँ काली के मंदिर पर हुए हमले के दौरान माँ दुर्गा को लेकर अपमानजनक बातें कही गई थीं। एक निहंग सिख ने प्रो पंजाब टीवी से बातचीत के दौरान देवी दुर्गा का अपमान किया था।

डायन, डार्लिंग, बेडरूम… राहुल गाँधी की दुर्गति देख स्मृति ईरानी पर कुंठा निकाल रहे काॅन्ग्रेसी, अब तक नहीं पची अमेठी की हार

स्मृति ईरानी भारत सरकार में महिला एवं बाल विकास के साथ-साथ अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भी सँभाल रही हैं। उनसे कॉन्ग्रेस पार्टी की खुन्नस छिपी नहीं है। अब सफल अभिनेत्री के रूप में खुद को स्थापित करने के बाद स्मृति ईरानी राजनीति में आईं और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी वो केंद्रीय मंत्री थीं। लेकिन, कॉन्ग्रेस की खुन्नस इस बात से है कि उन्होंने 2019 में गाँधी परिवार के गढ़ कहे जाने वाले अमेठी से पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गाँधी को हरा दिया।

2014 में इसी सीट पर स्मृति ईरानी को हार मिली थी, लेकिन अगले 5 वर्ष उन्होंने जनता को समर्पित किए और मंत्रालय के कार्य के साथ-साथ अमेठी में भी कई विकास परियोजनाओं के किर्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास BV ने स्मृति ईरानी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है। अदालत द्वारा 2 साल की सज़ा सुनाए जाने के बाद राहुल गाँधी की लोकसभा सदस्यता चली गई है, जिसका गुस्सा कॉन्ग्रेस स्मृति ईरानी पर निकाल रही है।

श्रीनिवास BV का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो कह रहे हैं, “स्मृति ईरानी गूँगी-बहरी हो गई हैं। मैं उनको कहना चाहता हूँ – उसी डायन को, महँगाई डायन को डार्लिंग बना कर बेडरूम में बिठाने का कार्य किया है।” एक महिला के लिए इस तरह की आपत्तिजनक और अश्लील शब्दावली का प्रयोग करना कॉन्ग्रेस पार्टी की मानसिकता को दिखाता है। चाटुकारिता का आलम ये है कि अपने ‘मालिक’ के लिए वो एक महिला को सार्वजनिक रूप से गालियाँ बकने में लगे हुए हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रीनिवास BV ने ये बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से पहले स्मृति ईरानी महँगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करती हैं। ऐसे शब्द तब इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जब राहुल गाँधी महिला सशक्तिकरण से लेकर फेमिनिज्म तक की बातें करते हैं। आज भी स्मृति ईरानी अक्सर कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी की हर करतूत की पोल खोलती रहती हैं, सोशल मीडिया से, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के – एक महिला द्वारा ऐसा किया जाना कॉन्ग्रेस नेताओं को रास नहीं आ रहा है।

हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब स्मृति ईरानी को लेकर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई हो। 2015 में कॉन्ग्रेस नेता नीलमणि सेन डेका, जो असम के कृषि मंत्री रहे हैं, उन्होंने नलबारी में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में यहाँ तक कह दिया था कि कई लोग स्मृति ईरानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी पत्नी के रूप में भी जानते हैं। 2019 में कॉन्ग्रेस नेता ने स्मृति ईरानी की तस्वीर शेयर करते हुए उन पर ‘रेप गुरु के सामने झुकने’ का आरोप लगाया था।

इसी तरह, 2020 में शशांक भार्गव नामक कॉन्ग्रेस नेता ने कहा था कि पहले स्मृति ईरानी काफी चूड़ियाँ पहन कर घूमती रहती थीं, वो पीएम मोदी की करीबी हैं और उन्हें चूड़ियों के अलावा और भी बहुत कुछ दे सकती हैं। एक महिला के लिए ऐसी भाषा? उन्होंने कहा था कि मोदी जो चाहें स्मृति ईरानी से ले लें, और महँगाई कम कर दें। इसी तरह, कॉन्ग्रेस नेता अजय राय ने कहा था कि स्मृति ईरानी ‘लटके-झटके’ दिखाने के लिए अमेठी बार-बार आती हैं।

राहुल गाँधी के समर्थन में काले कपड़ों में प्रोटेस्ट, सड़क से संसद तक बवाल: RJD नेता ने कहा- सामूहिक रूप से इस्तीफा दें विपक्षी सांसद, नीतीश करें नेतृत्व

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की संसद सदस्यता रद्द होने के बाद सड़क से लेकर संसद तक बवाल हो रहा है। इसके विरोध में संसद और संसद के बाहर विपक्षी दलों के नेता काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हंगामे के बाद संसद को स्थगित कर दिया गया है। वहीं, बिहार में RJD अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसका नेतृत्व करने के लिए कह रही है।

राहुल गाँधी की सदस्यता रद्द के विरोध में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हम काले कपड़े में आज संसद आए। हम देश को यह दिखाना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक-एक करके देश में लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं। जिस तरह से राहुल गाँधी को लोकसभा से निष्कासित किया गया है, सभी विपक्षी दल उसके खिलाफ हैं।

वहीं, कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर पहुँच कर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन कर रही है। जंतर-मंतर पर भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है। वहीं, संसद के दोनों सदनों में हंगामे के बाद इसे शाम के 4 बजे के लिए स्थगित कर दिया गया है। लोकसभा में विपक्षी दलों के सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला पर कागज भी फेंके।

इस बीच मौका देखते हुए बिहार की सरकार में साझेदार लालू प्रसाद यादव की राजद (RJD) ने नीतीश कुमार को बिहार बाहर करने का पासा फेंक दिया है। राजद विधायक वीरेंद्र यादव ने विपक्षी दलों के सांसदों से विरोध में शामिल होने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से ‘लोकतंत्र पर खतरे’ के खिलाफ लड़ाई में ‘राष्ट्र का नेतृत्व’ करने का आग्रह किया। .

भाई वीरेंद्र के नाम से पहचाने जाने वाले वीरेंद्र यादव ने कहा, “मैंने विपक्ष के सभी सांसदों से इस्तीफा देने और सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ने की अपील की है। लोकतंत्र को बचाने के लिए सांसदों को यह कदम उठाने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाया जाता है।

‘दुबे सर इज वेटिंग… सब कुछ शांतिपूर्वक तरीके से होगा’: UP पुलिस की गाड़ी में अतीक अहमद, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

माफिया और गैंगस्टर अतीक अहमद (Atiq Ahmed) को यूपी पुलिस की एक टीम साबरमती जेल से प्रयागराज ले जा रही है। जहाँ पेशी के लिए उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। रविवार (26 मार्च 2023) को पुलिस जब अतीक अहमद को साबरमती जेल से लेकर बाहर आई थी तब उसने कहा था- “ये लोग मेरी हत्या कराना चाहते हैं।”

अतीक अहमद का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मीम की बाढ़ आ गई। नेटीजन्स यूपी पुलिस द्वारा अतीक अहमद के संभावित एनकाउंटर से लेकर गाड़ी पटलने तक को लेकर मीम शेयर कर रहे हैं।

एक यूजर ने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे और अतीक अहमद की फोटो शेयर की है। इस फोटो में विकास दुबे को यह कहते हुए दिखाया गया है, “अब तक उसकी गाड़ी क्यों नहीं पलटी।” साथ ही यह दिखाने की कोशिश की है कि विकास दुबे मृत्यु के बाद अतीक की प्रतीक्षा कर रहा है। फोटो के साथ कैप्शन में लिखा भी है, “दुबे सर इंतजार कर रहे हैं।”

एक अन्य यूजर ने हिंदी फीचर फिल्म ‘हेरा फेरी’ के एक सीन को शेयर करते हुए लिखा है, “विकास दुबे स्वर्ग से कह रहा है, अब तक उसे आ जाना चाहिए था।”

एक यूजर ने रामायण में राम-रावण युद्ध से पहले के एक सीन को ट्वीट करते हुए लिखा, “अतीक अहमद सोच रहा होगा, यही रात अंतिम, यही रात भारी।”

सुप्रिया नामक यूजर ने सिंघम फ़िल्म का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें प्रकाश राज को अतीक अहमद और अजय देवगन को यूपी पुलिस के रूप में दिखाया गया है।

आइए एक नजर डालते हैं कुछ अन्य मीम पर…

बता दें कि यूपी पुलिस मंगलवार (28 मार्च 2023) को अतीक अहमद को प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश करेगी। अतीक के भाई अशरफ अहमद की भी कोर्ट में पेशी होनी है। वह फिलहाल बरेली जेल में बंद है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही उसे भी प्रयागराज जेल में लाया जा सकता है। अतीक अहमद के प्रयागराज जेल में हो रहे ट्रांसफर को लेकर गाड़ी पलटने की भी चर्चाएँ जोरों पर हैं।

क्यों लाया जा रहा है प्रयागराज

दरअसल, उमेश पाल बसपा विधायक रहे राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह थे। राजू पाल की हत्या के एक साल बाद 28 फरवरी 2006 को अतीक अहमद ने उमेश पाल का अपहरण कर लिया था। आरोप है कि अतीक और उसके भाई अशरफ ने राजू पाल की हत्या मामले में उमेश पाल को धमकाया और इसके बाद डरा कर कोर्ट में उनकी गवाही दर्ज करा ली। यह सब जब हो रहा था तब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। दवाब के चलते पुलिस ने उमेश पाल की शिकायत पर मुकदमा नहीं लिखा।

हालाँकि इसके बाद प्रदेश में सरकार बदलने पर मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में कोर्ट की सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब 28 मार्च 2023 को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। यही नहीं, उमेश पाल हत्याकांड में भी अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ आरोपित है। ऐसे में यूपी पुलिस दोनों से इस मामले में भी पूछताछ करेगी।

दाँत उखाड़े, अंडकोष कुचला, थप्पड़ मारकर खून निकाला: तमिलनाडु में SSP के खिलाफ जेल के कैदियों ने दी शिकायत, कलेक्टर करेंगे आरोपों की जाँच

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के अंबासमुद्रम में एएसपी बलवीर सिंह (ASP Balveer Singh) पर 10 नौजवानों ने थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया है। आरोप सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक हत्या के प्रयास के आरोपितों से पूछताछ के दौरान एएसपी ने उनके दाँत उखाड़ लिए और 2 आरोपितों के अंडकोष को कुचल दिया गया।

मामला सामने आने के बाद तिरुनेलवेली कलेक्टर केपी कार्तिकेयन को जाँच की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस की तरफ से यह भी बताया गया कि मामले की जाँच डीएसपी सतह के अधिकारी भी कर रहे हैं। पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक तकरीबन 10 लोगों को वेंकटेशन नाम के शख्स के साथ मारपीट और हत्या की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 23 मार्च 2023 को उनसे पूछताछ की गई थी।

दक्षिण तमिलनाडु के पत्रकार थिनाकरन राजमणि (Thinakaran Rajamani) ने ट्विटर पर पीड़ितों की तस्वीरें और वीडियो शेयर कीं। पोस्ट किए गए वीडियो में पीड़ित थर्ड डिग्री यातना के बारे में बता रहे हैं। टूटी हुई दाँत व चोट के निशान दिखा रहे हैं। एक आरोपित ने बताया, “कस्टडी में लेने के बाद बलवीर सिंह ने अपनी यूनिफॉर्म उतार दी। 2 पुलिस वालों को मेरे हाथ पकड़ने के लिए कहा और एक बड़े पत्थर से मेरे दाँत को तोड़ डाला। टूटे दाँत को मेरे मुँह में रख कर थप्पड़ बरसाए गए। होठों से खून बहने के बाद मुझे छोड़ा गया।”

पीड़ित ने बताया कि दूसरों को भी इसी तरह की यातना दी गई। उनके दाँत सरौता जैसे हथियार से निकाले गए। पीड़ित ने बताया कि एसएसपी ने गिरफ्तार लोगों में से एक के अंडकोष पर प्रहार कर उसे कुचल दिया। दावा है कि आरोपितों ने अपने एक साथी को छोड़ने की विनती की। उसकी नई शादी हुई थी। जब एएसपी को यह बात बताई गई तो उसने नव विवाहित के अंडकोष को भी कुचल दिया।

वीडियो जारी कर एएसपी पर आरोप लगाने वालों ने सुरक्षा की भी माँग की है। पीड़ितों का कहना है कि इस बात को जाहिर करने के लिए पुलिस उनपर अत्याचार कर सकती है। हिरासत में कथित प्रताड़ना का सामना करने वाले 10 लोगों को वैवाहिक विवाद, प्रेम प्रसंग को लेकर हुए झगड़े, पैसा उधार देने, सीसीटीवी कैमरे तोड़ने जैसे अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया था।

बता दें बलवीर सिंह 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। जिन्होंने आईआईटी-बॉम्बे से बीई (Bachelors in Engineering) की डिग्री हासिल की है। उन्हें 15 अक्टूबर, 2022 को अंबासमुद्रम में एएसपी के रूप में तैनात किया गया था।

BJP नेता पर पहले फेंका देसी बम, फिर गर्दन काटकर मार डाला: बाइक पर सवार होकर आए थे हमलवार, पुडुचेरी की घटना

केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में भाजपा के पदाधिकारी सेंथिल कुमारन की रविवार (26 मार्च 2023) की रात हत्या कर दी गई। जिस समय उनकी हत्या की गई, उस समय वे एक दुकान पर चाय पी रहे थे। किन लोगों ने उनकी हत्या की है, इसका अभी पता नहीं चला है।

सेंथिल कुमारन रविवार की रात करीब 9 बजे विल्लियानूर-पुडुचेरी रोड पर सड़क के किनारे बनी एक दुकान पर भाजपा कार्यकर्ताओं से बात करते हुए चाय पी रहे थे। इसी समय तीन बाइक पर सवार चेहरे ढँके 7 हमलावर हथियारों के साथ आए। अज्ञात हमलावरों ने सेंथिल कुमारन पर देशी बम फेंका और बाद में चाकू से उनका सिर काटकर हत्या कर दी।

बीजेपी नेता सेंथिल कुमारन की हत्या की खबर फैलते ही घटनास्थल पर 500 से ज्यादा लोग जमा हो गए। एडीजीपी आनंद मोहन के साथ ही कई सीनियर अधिकारी पर मौके पर पहुँच गए। इसके बाद शव को जब्त कर उसे पोस्टमार्टम के लिए काथिरगाम सरकारी अस्पताल भेज दिया गया। मारे गए सेंथिल कुमारन की पत्नी पुनीता, एक बेटी कनिष्क (17) और एक बेटा किशन कुमारन (16) है।

सेंथिल कुमार पुडुचेरी के गृह मंत्री नामचिवयम के दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। सेंथिल कुमारन पहले कॉन्ग्रेस में थे। इसके बाद नमचिवयम के साथ ही वे भी भाजपा में शामिल हो गए थे। पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए 4 टीमों का गठन किया है। पुलिस चाय की दुकान के आसपास के वीडियो फुटेज भी खंगाल रही है।

हत्या का क्या कारण है, अभी यह सामने नहीं आया है। 42 साल के सेंथिल कुमारन वह मंगलम निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रभारी थे। इसके अलावा वे एक रियल एस्टेट व्यवसायी भी थे। उनका अन्य व्यवसाय भी था। प्रथम दृष्ट्या ऐसा लगता है कि सेंथिल कुमारन की हत्या का कारण राजनीतिक या व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता हो सकता है।

बता दें कि फरवरी 2023 में भारत घूमने आई 64 साल की एक महिला से 34 साल के मेहराज-उल-अशकीन भट ने रेप किया था। इसके बाद महिला ने थाने में शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद मेहराज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

इससे पहले दिसंबर 2022 में गोवा घूमने आई एक रूसी महिला के साथ होटल के कमरे में रूम बॉय शकील और सैनुद्दीन को बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपित नेपाल के बर्दिया के रहने वाले थे। गोवा पहुँचने के पहले ही दिन उन्होंने महिला के साथ हैवानियत की थी। महिला अपने 2 दोस्तों के साथ होटल में ठहरी हुई थी।

इसी तरह साल फरवरी 2020 में अपने बच्चे से मिलने केरल आई विदेशी महिला के साथ इंसाफ और अंसारुद्दीन ने बलात्कार किया था। 46 वर्षीय विदेशी महिला एमजी रोड पर स्थित एक होटल में ठहरी थी, जहाँ मोहम्मद इंसाफ और अंसारुद्दीन भी रुके थे। यहीं इन दोनों ने पूरी घटना को अंजाम दिया था।

‘मुस्लिमों को अपने घरों में रमजान की नमाज पढ़ने से रोका, यूपी पुलिस ने लगा दिया जुर्माना’: जुबैर-सायमा गिरोह का प्रोपेगंडा, जानिए असल में हुआ क्या

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लिबरल गिरोह की खुन्नस नई नहीं है। उनके शासनकाल में जिस तरह यूपी पुलिस ने अपराधियों का सफाया किया है, उससे वामपंथियों के एक वर्ग को मिर्ची लगी है। इस्लामवादी भी खुश नहीं हैं। ऐसे में वो यूपी पुलिस को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। अब सोशल मीडिया पर ये लोग ये शेयर कर रहे हैं कि मुरादाबाद में मुस्लिमों को अपने घर में भी नमाज नहीं पढ़ने दिया जा रहा है।

ये लोग दावा कर रहे हैं कि पुलिस अपने घर में नमाज पढ़ने वाले मुस्लिमों को भी रोक रही है और उन पर कार्रवाई कर रही है, सिर्फ इसीलिए क्योंकि हिन्दू संगठनों और कार्यकर्ताओं को ये पसंद नहीं आ रहा। ALTNews का संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने भी सोशल मीडिया पर यही फैलाया कि यूपी पुलिस मुस्लिमों को रमजान के दौरान घर में भी नमाज नहीं पढ़ने दे रही। इसकी सच्चाई हम जानेंगे, लेकिन उससे पहले प्रोपेगंडा फ़ैलाने वालों को जानिए।

‘मुरादाबाद में मुस्लिमों को रमजान में घर में भी नमाज नहीं पढ़ने दे रही यूपी पुलिस’ – प्रोपेगंडा

‘रेडियो मिर्ची’ की RJ सायमा ने इस फेक न्यूज़ को कोट करते हुए लिखा,, “साफ़-साफ़ ज़हर फैलाया जा रहा है। कहाँ हैं यहाँ का न्यायालय? कहाँ है इन्साफ़? कहाँ है इंसानियत? गुंडों को पकड़ने की जगह उनकी मनमानी चलाई जा रही है।” उन्होंने पत्रकार विनोद कापड़ी के जिस ट्वीट को कोट किया, उसमें लिखा था, “मुरादाबाद के कुछ मुस्लिम रमजान के दिनों पर होने वाली तरविह की नमाज़ अपने ही घर में अपने ही घर के गोदाम में कर रहे थे। बजरंग दल ने ना सिर्फ़ इस नमाज़ को रुकवा दिया बल्कि अब इन मुस्लिमों को 5-5 लाख रुपए का नोटिस भी थमा दिया गया है। इतना उत्पीड़न? इतना अत्याचार?”

मोहम्मद जुबैर ने पहले तो गोदाम को ‘घर’ लिख कर ऐसे दिखाया जैसे ये मुस्लिम अलग-अलग अपने-अपने घरों में नमाज पढ़ रहे हों और उन्हें रोक दिया गया हो। साथ ही उसने उस ट्वीट को रीट्वीट किया, जिसमें पूछा गया था कि क्या अब एक मुस्लिम अपने घर में भी नमाज नहीं पढ़ सकता? जब यूपी पुलिस के बयान से उसकी पोल खुल गई, तब वो कहने लगा कि अधिकतर मस्जिद भरे हुए हैं, ऐसे में गोदामों में ये सब मजहबी कार्यक्रम क्यों नहीं हो सकते?

खुद को पत्रकार बताने वाले सदफ आफरीन ने लिखा, “पहले नमाज़ न पढ़ने देने का नोटिस, फिर जुर्माना! अब खुद के घर मे नमाज़ पढ़ना इतना बड़ा अपराध हो गया है कि मजिस्ट्रेट पर्थम ने 5–5 लाख का नोटिस थमा दिया! मुरादाबाद प्रशासन से बस छोटा सा सवाल – किस कानून के अंतर्गत ये जुर्माना लगाया गया है?” हालाँकि, सच्चाई ये है कि इस मामले में किसी पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है। ये लोग ऐसा दिखा रहे जैसे ‘बजरंग दल’ के कहने पर पुलिस ने कार्रवाई की हो।

इसी तरह, सोशल मीडिया पर खुद को मुस्लिमों का ठेकेदार बताने वाले कई लोगों ने ऐसे ट्वीट्स शेयर किए और यूपी पुलिस को बदनाम किया। जहाँ तक कानूनी नोटिस देने की बात है, इसका अधिकार संविधान हर व्यक्ति को देता है। नोटिस भेजे जाते हैं, नोटिस का जवाब दिया जाता है। अदालत में तय होता है कि कौन गलत है और कौन सही। इसमें पुलिस का रोल जाँच का होता है, जो बाद में निष्कर्ष देती है। लेकिन, ये कहना कि फलाँ ने केस कर दिया तो ये लोकतंत्र की हत्या है, बिल्कुल उचित नहीं है।

जानिए क्या है सच्चाई, यूपी पुलिस को बदनाम करने की साजिश

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया है कि असल में मामला क्या है। दरअसल, ये मामला कटघर क्षेत्र में लाजपत नगर चौकी के अंतर्गत आने वाले इलाके का है। यहाँ ‘ज़ाकिर आयरन स्टोर’ चलाने वाला ज़ाकिर हुसैन का गोदाम भी है। नमाज वाले जिस प्रकरण का जिक्र किया जा रहा है, वो शनिवार (25 मार्च, 2023) का है। ज़ाकिर हुसैन ने इसी गोदाम में रमजान के तीसरे दिन तरावीह (कुरान के हिसाब से सुन्ना दुआ) पढ़ने का कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें 25-30 लोग उपस्थित थे।

यूपी पुलिस ने ये भी जानकारी दी है कि ये इलाका हिन्दू बहुल है, मिश्रित है। इसीलिए, स्थानीय लोगों ने गोदाम में भीड़ द्वारा खुलेआम नमाज पढ़े जाने का विरोध किया और पुलिस में शिकायत की। यूपी पुलिस ने नमाज रोकी नहीं, बल्कि अपनी मौजूदगी में तरावीह को पूर्ण कराया – स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद। जब यूपी पुलिस ने अपनी मौजूदगी में इस्लामी तरावीह को पूर्ण करवाया, फिर कैसे कहा जा रहा है कि ‘नमाज पढ़ने से रोका गया’?

हालाँकि, इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने नमाजियों को ये निर्देश दिया कि वो इस मजहबी कार्यक्रम को सामूहिक रूप से परंपरागत रीति-रिवाज के हिसाब से चिह्नित मजहबी स्थानों, या फिर व्यक्तिगत रूप से अपने घरों में ही पढ़ें। जाकिर हुसैन ने ने थाने में इस बाबत लिखित सहमति भी दे दी है। यूपी पुलिस ने सतर्कता के लिहाज से आवश्यक निरोधात्मक कार्यवाही किए जाने की भी जानकारी दी है। साफ़ है, वामपंथी झूठ बोल कर योगी सरकार को बदनाम कर रहे हैं।

बेनकाब हुई अतीक अहमद की बेगम, देखिए बिना बुर्के वाली तस्वीरें: गुर्गों से कहा था- उमेश पाल को मारकर इज्जत वापस लानी है

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड मामले में फरार शाइस्ता परवीन की बिना बुर्के वाली फोटो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसके पहले कहा जा रहा था कि शाइस्ता की बिना नकाब वाली तस्वीर उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह से पुलिस को उसकी तलाश में परेशानी हो रही थी। दावा है कि शाइस्ता की बिना बुर्के वाली तस्वीरें पुलिस के हाथ लगी है।

पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक शाइस्ता परवीन की कुछ तस्वीरें एक एलबम से हाथ लगी हैं। वायरल तस्वीरों में से एक किसी शादी समारोह की बताई जा रही है। जिसमें शाइस्ता खाना खाती नजर आ रही है। यह तस्वीर पुरानी लग रही है। वहीं कई मीडिया घरानों और सोशल मीडिया पर उनकी एक अन्य तस्वीर भी वायरल है जिसमें उनका चेहरा स्पष्ट नजर आ रहा है।

बता दें शाइस्ता पर उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप है। उमेश पाल की हत्या के तुरंत बाद अतीक की बीवी शाइस्ता मीडिया के सामने आई थी और अपने बेटों व शौहर की बेगुनाही का दावा कर रही थीं। उमेश पाल हत्याकांड की जाँच कर रही यूपी पुलिस को शाइस्ता के खिलाफ हत्याकांड में शामिल होने के सबूत मिले तो वह अंडरग्राउंड हो गईं।

पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में शामिल कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उन्होंने हर साजिश में शाइस्ता के शामिल होने का खुलासा किया था। बताया गया कि वह वीडियो कॉल की मीटिंग्स में भी हिस्सा लेती थी। हत्या से पहले अतीक की बीवी शूटर साबिर के साथ देखी गई थी। एक अन्य वीडियो में शाइस्ता इनामी शूटर अरमान के साथ भी देखी गई थी। यह वीडियो तब का बताया जा रहा है जब उसने मेयर पद का चुनाव लड़ा था।

आरोपितों ने जानकारी दी थी कि उमेश पाल की हत्या से ठीक पहले उसने शूटर्स को मैसेज भेजा था। शाइस्ता ने शूटरों से कहा था, “इंशाअल्लाह, उमेश को मारकर हमें कामयाब होना है। यह हक की लड़ाई है। इसे जीतना ही होगा। जो जीतेगा, वही जी सकेगा।” वीडियो कॉल पर बैठकों में शामिल शाइस्ता कहती थी, “उमेश पाल को मारकर हमें अपनी इज्जत वापस लानी है। हमारा नाम गूंजना चाहिए। उसे मारकर कामयाब होना है। इंशाअल्लाह ऐसा होगा।

पुलिस ने शाइस्ता के बारे में जानकारी देने वाले को 25 हजार का इनाम देने का ऐलान किया है। सूचना देने वाले की पहचान भी गुप्त रखे जाने की बात कही गई है। पुलिस को आशंका है कि वह कहीं विदेश न भाग जाए। पुलिस उसे विदेश भागने से रोकने के लिए लुकआउट नोटिस जारी करने वाली है।

अतीक अहमद की वैन पलटते-पलटते बची, टक्कर से गाय की मौतः एनकाउंटर का डर ऐसा कि साथ-साथ चल रही माफिया की बहन

उत्तर प्रदेश का माफिया डॉन अतीक अहमद गुजरात की साबरमती जेल से यूपी के प्रयागराज लाने के दौरान बाल-बाल बचा। खबर है कि उसकी गाड़ी मध्यप्रदेश के शिवपुरी के रामनगर टोल प्लाजा से निकलने के बाद खराई चेकपोस्ट पहुँची थी जहाँ एक गाय पुलिस वैन के सामने आ गई। गाय के टकराते ही वैन पलटने वाली थी लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं जबकि उस गाय की वहीं मौत हो गई। घटना की पूरी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

ये घटना उस समय घटी जब मीडिया पहले से ही ‘कार पलटने’ और एनकाउंटर की बातें हेडलाइन में लिख रहा है। ऐसे में अतीक अहमद के परिजन इस तरह उसकी जेल शिफ्ट किए जाने पर डरे हुए हैं। उन्होंने अतीक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है और काफिले के पीछे-पीछे अपनी गाड़ी लेकर आ रहे हैं। इसमें अतीक की बहन आयशा नूरी भी हैं। नूरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोर्ट का अतीक को लेकर जो भी निर्णय आएगा वो उसे मानने को तैयार हैं लेकिन फिलहाल उन्हें उसकी सुरक्षा की चिंता है।

बता दें कि अतीक अहमद को भारी सुरक्षा के बीच 1300 किलोमीटर का सफर तय करके साबरमती से प्रयागराज लाया जा रहा है। पुलिस वैन कहाँ पहुँची- इस बारे में मीडिया पल पल खबरें दे रहा है। कुछ लोग अतीक की वापसी के बाद गाड़ी पलटने की बात कह रहे थे और पुराने एनकाउंटर याद कर रहे थे। हालाँकि जब अतीक से इन विषयों पर पूछा गया तो उसने कहा कि उसे किसी चीज का डर नहीं है। इतना ही नहीं बीच रास्ते में पेशाब करने के लिए गाड़ी से उतरते टाइम भी उसे मूँछ पर ताव देते देखा गया।

‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ की धुन पर रैली निकाल रहे थे हिंदू, मदरसे के पास बरसने लगे पत्थर: इस्लामी टोपी पहनी भीड़ की पत्थरबाजी का देखिए Video, राजस्थान की घटना

राजस्थान के जयपुर के जमवारामगढ़ में रविवार (26 मार्च 2023) को निकाली गई हिंदू रणभेरी रैली पर पथराव कर दिया गया। पत्थरबाजी की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल पैदा हो गया। हालात सामान्य करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी। मामले में अब तक 12 से ज्यादा पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया गया है।

हिंदू नव वर्ष को लेकर निकाली जा रही बाइक रैली को जमवारामगढ़ के रायसर इलाके के ताला गाँव में निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि रास्ते में पड़ने वाले मदरसे से मुस्लिमों की भीड़ ने रैली में शामिल लोगों पर पत्थर बरसाए। अचानक हुए इस हमले से निपटने के लिए पुलिस को अतिरिक्त फोर्स की मदद लेनी पड़ी। रैली में मौजूद साधूराम जाट ने रायसर थाने में पत्थरबाजी को लेकर केस दर्ज कराया है। पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि शांतिपूर्वक निकाली जा रही रैली में देश भक्ति (मेरा रंग दे बसंती चोला) के गाने बजाए जा रहे थे। अचानक इस्लामी टोपी पहनी भीड़ रैली में शामिल लोगों पर पत्थर फेंकने लगती है। पुलिस वालों को भी पत्थरों से निशाना बनाया जा रहा है। पत्थर चलाने वालों में बच्चे भी शामिल हैं। बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने वीडियो शेयर करते हुए राजस्थान की सरकार पर निशाना साधा।

राठौर ने लिखा, “जयपुर ग्रामीण के जमवारामगढ़ में शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकाल रहे बहुसंख्यक समुदाय के लोगों पर मदरसे से पथराव और हमले की यह घटना कॉन्ग्रेस सरकार के तुष्टिकरण की राजनीति का नतीजा है। शासन-प्रशासन ऐसे मदरसों और उपद्रवियों पर तत्परता से कठोर कार्रवाई करे। राज्य सरकार भी सुन ले कि बहुसंख्यक समाज के प्रति उसके संवेदनहीन रवैये से जनाक्रोश बढ़ रहा है।”

भाजपा नेता ने लिखा कि राजस्थान में पीएफआई की मानसिकता खूब फली-फूली है। हिंदुओं की शोभायात्राओं, धार्मिक आयोजनों और रैलियों पर समुदाय विशेष के पथराव जैसी घटनाएँ बढ़ी हैं। बता दें कि हिंदू नववर्ष के अवसर पर हर साल इलाके से हिंदू रणभेरी रैली निकाली जाती है।