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उद्धव ठाकरे गुट को 3 दिन में दूसरा झटका: वरिष्ठ नेता के बेटे के बाद अब पूर्व मंत्री भी आ गए CM शिंदे के साथ, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा – गठबंधन पर ऐतराज था तो 3 साल सत्ता में क्यों रहे?

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में शिवसेना को लेकर एकनाथ शिंदे बनाम उद्धव ठाकरे के बीच विवाद पर सुनवाई चल रही है। इस बीच उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए उनके करीबी माने जाने वाले नेता दीपक सावंत भी शिंदे के शिवसेना में शामिल हो गए हैं। दो दिन पहले ही भूषण देसाई ने भी पाला बदलकर शिंदे के शिवसेना का दामन थाम लिया था।

महाराष्ट्र की सत्ता जाने के बाद से उद्धव ठाकरे और उनके गुट की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 17 फरवरी 2023 को शिवसेना का नाम और पार्टी चिन्ह शिंदे गुट को मिल जाने के बाद परेशान उद्धव ठाकरे को उनके करीबी भी छोड़ते जा रहे हैं। बुधवार (15 मार्च, 2023) को महाराष्ट्र के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ दीपक सावंत भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे के पास जा चुकी शिवसेना में शामिल हो गए।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दीपक सावंत का पार्टी में स्वागत किया। शिंदे ने कहा कि उनके अनुभव का फायदा हम सभी को मिलेगा। सीएम शिंदे ने खुद दीपक सावंत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। सोमवार (13 मार्च 2023) को उद्धव ठाकरे के करीबी सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई ने भी एकनाथ शिंदे के शिवसेना की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। उन्होंने कहा था कि एकनाथ शिंदे हिंदुत्व के विचार को आगे बढ़ा रहे हैं इसलिए मुझे उनपर भरोसा है।

दूसरी तरफ शिंदे बनाम उद्धव विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में जारी सुनवाई बुधवार (15 मार्च, 2023) को पूरी नहीं हो सकी। उम्मीद की जा रही है कि गुरुवार (16 मार्च) को 9वें दिन सुनवाई पूरी होगी। बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम पर कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि जब शिंदे गुट के विधायकों को कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन से ऐतराज था तो तीन सालों तक सत्ता में शामिल क्यों रहे?

सुनवाई कर रही पीठ ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा महाराष्ट्र में विश्वास मत बुलाए जाने के फैसले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विश्वास मत बुलाए जाने से सरकार गिरने का डर होता, है ऐसे में राज्यपाल को अपनी शक्ति का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।

कोर्ट में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का बचाव करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी। उन्होंने कहा शिवसेना विधायक दल ने एकनाथ शिंदे को नेता चुना था। इसलिए राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए बुलाया था। 25 जून 2022 को 38 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र राज्यपाल के पास पहुँचा था। बताया गया कि उनकी जान को खतरा है। छोटी पार्टियों के 38 विधायक और निर्दलीय समेत 47 विधायकों ने राज्यपाल को धमकियों की जानकारी दी थी।

भाजपा विधायक दल की तरफ से 28 जून 2022 को राज्यपाल को चिट्ठी भेजी थी। इस पर देवेंद्र फडणवीस के हस्ताक्षर थे। इसमें लिखा था कि ठाकरे सरकार के पास बहुमत नहीं है। आरोप लगाया गया था कि ठाकरे सरकार दल-बदल कानून और शक्तियों का दुरुपयोग करके कुछ विधायकों को अयोग्य घोषित करने की कोशिश कर रही है। इसी लेटर में राज्यपाल से फ्लोर टेस्ट की माँग की गई थी।

NIMHR के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक की बर्खास्तगी को लेकर ABVP का प्रदर्शन, ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद PMO की टीम ने की थी पूछताछ

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक के खिलाफ अब छात्र संगठन भी आगे आए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने उसकी बर्खास्तगी की माँग को लेकर मंगलवार (14 मार्च 2023) को प्रदर्शन किया। NIMHR अपनी तरह का देश का इकलौता संस्थान है और मध्य प्रदेश के सीहोर में स्थित है। मोहम्मद अशफाक की करतूतों को लेकर ऑपइंडिया ने सबसे पहले रिपोर्ट प्रकाशित की थी। उसके बाद उसके खिलाफ जाँच शुरू हुई थी।

ऑपइंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट आप इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं

एबीवीपी ने मंगलवार को सीहोर के लुनिया चौराह से पुराने जिला पंचायत भवन स्थित NIMHR परिसर तक विरोध रैली निकाली। मोहम्मद अशफाक का पुतला फूँकते हुए उसकी तत्काल बर्खास्तगी की माँग की। एवीबीपी के जिला संयोजक शुभम व्यास ने कहा कि मोहम्मद अशफाक के मनमानी से संस्थान की शौक्षणिक गुणवत्ता नष्ट हो गई है। उस पर आर्थिक फर्जीवाड़े का भी आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए।

एबीवीपी के प्रांतीय मंत्री आयुष पाराशर ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा कि मोहम्मद अशफाक के पद पर बने रहने से जाँच प्रभावित हो सकती है। वह वैसे भी प्रोबेशन पर है। इसलिए हमारी माँग है कि ​उसे बर्खास्त कर मामले की निष्पक्ष जाँच हो। उन्होंने बताया कि इस संबंध में ABVP की ओर 12 मार्च 2023 को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार को भोपाल में एक ज्ञापन भी दिया गया था। उस समय भी मोहम्मद अशफाक की तत्काल बर्खास्त की माँग की गई थी।

पाराशर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने मोहम्मद अशफाक के खिलाफ चल रही जाँच की निगरानी करने और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। उन्होंने कहा, “ऑपइंडिया में इस संबंध में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद यह मामला हमारे संज्ञान में आया था। उसके बाद से ही इस मुद्दे पर हम सक्रिय हैं। यदि जल्द मोहम्मद अशफाक पर कार्रवाई नहीं हुई तो हम आंदोलन और तेज करेंगे।”

केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपते एबीवीपी कार्यकर्ता

उल्लेखनीय है कि मोहम्मद अशफाक के खिलाफ NIMHR के छात्रों ने 16 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को एक पत्र भेजा था। ऑपइंडिया ने 23 जनवरी 2023 को इस संबंध में विस्तार से रिपोर्ट प्रकाशित की थी। हमने बताया था कि छात्रों ने डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक पर संस्थान को मनमाने तरीके से संचालित करने, कक्षा लेने, ऐतिहासिक हिंदू चरित्रों की विकलांगता के संदर्भ में गलत व्याख्या करने, छात्रों को करियर बर्बाद करने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। संस्थान से जुड़े छात्रों और पूर्व कर्मचारियों ने ऑपइंडिया से बातचीत में भी इन आरोपों की पुष्टि की थी। हालाँकि मोहम्मद अशफाक ने ऑपइंडिया से बातचीत में अपने खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई शिकायत से अनभिज्ञता प्रकट की थी। उन्होंने कहा था कि कम अटेंडेंस के कारण कुछ छात्रों को परीक्षा में शामिल होने से रोका गया है। संभव है कि ऐसे छात्रों ने ही शिकायत की होगी।

इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद दिल्ली से पीएमओं की जाँच टीम के सीहोर जाने और मोहम्मद अशफाक से पूछताछ करने की रिपोर्टें मीडिया में आई थी। यह बात भी सामने आई थी कि विजिलेंस की टीम उसके खिलाफ आर्थिक गबन के आरोपों की भी जाँच कर रही है। उसे ग्वालियर में निर्माणाधीन डिसेबल स्पोर्ट सेंटर के उपनिदेशक के अतिरिक्त पदभार से मुक्त करने की बात भी सामने आई थी। सीहोर के विधायक सुदेश राय ने भी केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार को पत्र लिखकर उसका ट्रांसफर करने की माँग की थी।

मोहम्मद अशफाक के खिलाफ सीहोर विधायक का पत्र

हालाँकि संस्थान से जुड़े कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर ऑपइंडिया से बातचीत में कहा है कि मोहम्मद अशफाक को बचाने की कोशिश हो रही है। हम इस दावे की पुष्टि नहीं करते। लेकिन जिस तरह से करीब डेढ़ महीने के बाद भी सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार और NIMHR के डायरेक्टर राजेश कुमार यादव ने ऑपइंडिया के सवालों पर चुप्पी साध रखी है, उससे इस तरह की आशंकाओं को बल मिलता है।

गौरतलब है कि NIMHR केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन आता है। मंत्रालय में संयुक्त सचिव (DEPwD) पद पर तैनात राजेश कुमार यादव के पास अभी संस्थान के निदेशक का दायित्व है। उन पर यह जिम्मेदारी मिलने के बाद से एक बार भी संस्थान में नहीं आने का आरोप है। इसकी पुष्टि मोहम्मद अशफाक ने भी ऑपइंडिया से बातचीत में की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि से उपजे इस संस्थान की शुरुआत सीहोर में 2019 में हुई थी। फिलहाल पुराने जिला पंचायत भवन से इसका संचालन हो रहा है। भोपाल-इंदौर हाइवे पर सीहोर जिले के सैकड़ाखेड़ा गाँव में करीब 25 एकड़ जमीन पर संस्थान का कैंपस तैयार हो रहा है।

मेरठ में छिपा था उमेश पाल हत्याकांड में शामिल गुड्डू मुस्लिम, STF के पहुँचने से 20 मिनट पहले हुआ फरार, अतीक अहमद के सरकारी बॉडीगार्ड रहे एहतेशाम की भी तलाश

प्रयागराज में दिन-दहाड़े हुए उमेश पाल हत्याकांड में शामिल गुड्डू मुस्लिम मेरठ में छिपा हुआ था। 12 मार्च, 2023 को जब तक एसटीएफ की टीम उसे पकड़ पाती, वह फरार हो चुका था। उमेश पाल मर्डर मामले में गुड्डू मुस्लिम के साथ-साथ अतीक का बेटा असद, गुलाम, अरमान और साबिर भी फरार चल रहे हैं। सभी पर 5 लाख रुपए का इनाम रखा गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एसटीएफ की टीम बमबाज गुड्डू मुस्लिम तक पहुँच चुकी थी। 12 मार्च को मेरठ स्थित एक ठिकाने पर छापा मारा गया लेकिन ठीक 20 मिनट पहले गुड्डू मुस्लिम वहाँ से फरार हो गया। जिस मकान में गुड्डू छिपा हुआ था उसके मालिक से पूछताछ की जा रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, अतीक और उसके गुर्गों की तलाश में यूपी एसटीएफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और यूपी पुलिस की टीम दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात समेत 13 राज्यों में दबिश दे रही है। इसके अलावा नेपाल और थाईलैंड में भी छापा मारा जा रहा है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए शूटर्स बार-बार अपना लोकेशन बदल रहे हैं।

अतीक के सरकारी सुरक्षाकर्मी रहे एहतेशाम पर भी हत्याकांड में शामिल होने का शक

खबरों के अनुसार पुलिस को उमेश पाल हत्याकांड में एहतेशाम के भी शामिल होने का शक है। एहतेशाम माफिया अतीक की सुरक्षा में तैनात यूपी पुलिस का जवान था। साल 2005 में बसपा विधायक राजूपाल हत्या कांड में नाम आने के बाद अतीक और उसके भाई अशरफ को गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसके बाद से ही एहतेशाम फरार है।

पुलिस लाइन में रिपोर्ट न करने की वजह से एहतेशाम की नौकरी चली गई और उसके बाद से ही वह फरार है। माना जाता है कि एहतेशाम पुलिस की नौकरी छोड़कर माफिया अतीक के गैंग में शामिल हो गया था। पुलिस को उमेश पाल हत्याकांड में भी एहतेशाम के शामिल होने का शक है। इसलिए उसकी तलाश तेज कर दी गई है। बताया जा रहा है कि एहतेशाम पर भी इनाम की घोषणा हो सकती है।

बिहार के सीतामढ़ी में 20 साल के युवक का चेहरा-सीना-पेट सब गोद दिया, कूड़े में मिली लाश: दैनिक भास्कर का दावा- 100 से ज्यादा बार चाकू से वार

बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक युवक की लाश मिलने के बाद आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान 20 साल के चिंटू कुमार के तौर पर हुई है। वह 14 मार्च 2023 से लापता था। बुधवार 15 मार्च को उसका शव झाड़ियों के पास कूड़े में मिला।

चिंटू का चेहरा, छाती, पेट सब कुछ चाकू से गोदा हुआ था। लाश का सिर वाला हिस्सा जमीन में गड़ा हुआ था। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार 100 से ज्यादा बार चाकू से वार कर इस हत्या को अंजाम दिया गया है। घटना सीतामढ़ी के पुनौरा धाम थाना क्षेत्र की है। लाश मिलने के बाद मृतक के परिजनों ने सड़क को जाम कर दिया। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने जाम हटवा दिया था। कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

मृतक के भाई पिंटू ने बताया कि चिंटू पुराने बर्तन आदि खरीद-बेचकर परिवार चलाता था। लगभग 1 माह पहले उसकी शादी हुई थी। होली के दिन मोहल्ले के ही रमा महतो से उसका झगड़ा होने के बात कही जा रही। हालाँकि मृतक के घर वाले चिंटू की किसी से भी दुश्मनी होने से इनकार कर रहे हैं। मंगलवार को मोहल्ले के कुछ लड़के चिंटू को बारात के नाम पर साथ ले गए। जब चिंटू लौट कर नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू की गई। आख़िरकार उसका शव पिनौरा धाम में क्षत-विक्षत हालत में मिला।

सफाई करने वाले एक व्यक्ति ने सबसे पहले शव खाने की जूठी पत्तलों के नीचे दबा देखा। उसके सिर को जमीन में दबा दिया गया था। मृतक की माँ ने अपने ही मोहल्ले में रहने वाले रमा महतो और उसके भाई पर हत्या का शक जताया है। मृतक के परिजनों का दावा है कि हत्या के बाद रमा महतो के परिवार के सभी सदस्य कहीं भाग गए हैं। मृतक के परिवार वालों ने आरोपितों को फाँसी देने की माँग की। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने सीतामढ़ी के अम्बेडकर चौक को जाम कर दिया। सड़क पर टायर जलाए और वाहनों का आवागमन बंद कर दिया।

द सीतामढ़ी नाम के फेसबुक पेज पर इस विरोध-प्रदर्शन का वीडियो शेयर हुआ है। भीड़ में मौजूद एक महिला ने सीतामढ़ी को असुरक्षित बताते हुए कभी किसी को चाकू लगने तो कभी किसी का सामान छिन जाने की बात कही। पीड़ितों ने प्रशासन पर भी कार्रवाई में हीलाहवाली का आरोप लगाया। मृतक चिंटू की रिश्तेदार एक महिला ने सीतामढ़ी प्रशासन को कमजोर बताते हुए पब्लिक से पैसा खाने का आरोप लगाया। महिला ने कहा कि लगातार घटनाएँ हो रहीं हैं और हत्यारे खुले घूम रहे हैं। इस विरोध में पुलिस प्रशासन हाय-हाय के साथ जिला प्रशासन मुर्दाबाद नारे भी लगे।

प्रभात खबर ने हेड क्वार्टर डीएसपी रामकृष्ण के हवाले से बताया है कि घटना में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द कर ली जाएगी। उन्होंने बताया है कि पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। किसी भी हाल में अपराधी बच नहीं सकेंगे। ऑपइंडिया ने आधिकारिक जानकारी के लिए सीतामढ़ी पुलिस की वेबसाइट पर दर्ज पुनौरा थाने का नंबर मिलाया तो उस पर कॉल करने की सुविधा नहीं थी।

चचेरे भाई से निकाह नहीं करना चाहती थी सोमैया बेगम, छाती में पेंचकस घोंप मार डाला: अदालत ने चाचा तारूस खान को ठहराया दोषी

20 साल की सोमैया बेगम की हत्या के मामले में इंग्लैंड की अदालत ने उसके चाचा मोहम्मद तारूस खान को दोषी ठहराया है। चचेरे भाई से निकाह करने से इनकार करने पर सोमैया की हत्या की गई थी। वह बॉयोमेडिकल छात्रा थी। उसका शव जुलाई 2022 में बरामद किया गया था।

जांच में धारदार हथियार से उसकी हत्या की बात सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 1 हफ्ते की तलाश के बाद 6 जुलाई को सोमैया का शव वेस्ट यॉर्कशायर के ब्रैडफोर्ड स्थित उसके घर से 1 मील दूर मिला था। उसकी छाती में 11 सेंटीमीटर लंबा पेचकस जैसा औजार धँसा मिला था। साथ ही मारपीट के भी निशान मिले थे। उसकी गर्दन भी टूटी हुई थी। ऐसा लग रहा था कि बेरहमी से उसकी हत्या की गई है।

हत्या से पहले सोमैया अपने एक अन्य चाचा दाऊद और दादी के साथ रह रही थी। अदालत में गवाह के तौर पर पेश हुई सोमैया की चाची ने बताया कि सोमैया के पिता यासीन खान चाहते थे कि वह पाकिस्तान जाकर अपने चचरे भाई के साथ निकाह करे। जब आज शादी तय की गई थी तब सौमैया 16 साल की थी। उसने शादी से मना कर दिया था और कानून की मदद ली थी। इससे सोमैया के पिता नाराज थे। इसके बाद वह अपनी दादी और चाचा के पास रहने आ गई थी।

अदालत में पुलिस ने जानकारी दी कि जाँच के दौरान पाया गया कि सोमैया के चाचा मोहम्मद तारूस खान ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए ऑनलाइन रबर बैग सर्च किया था। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट को दी गई जानकारी के मुताबिक की सोमैया की हत्या की प्लानिंग काफी पहले से चल रही थी। उसी कड़ी में तारूस खान ने 25 जून 2022 में हत्या से पहले उसके तीन बेडरूम वाले घर की चाबियों का एक सेट गायब कर दिया था। अदालत में पेश किए गए सबूतों के आधार पर मोहम्मद तारूस खान को हत्या का दोषी पाया गया।

एक से शादी, एक को मार कर जंगल में फेंका, कई को बेचा: ST बन जनजातीय लड़कियों को फँसाता था अरबाज आलम, बीवी भी करती थी मदद

झारखंड के साहिबगंज में जनजातीय युवती सुशीला हांसदा की हत्या मामले में गिरफ्तार अरबाज आलम को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार वह कई जनजातीय लड़कियों को अलग-अलग शहरों में बेच चुका है। इन लड़कियों को वह खुद को ST बताकर प्रेमजाल में फँसाता था। उसकी बीवी रेहिना भी जनजातीय वर्ग से ही आती है। निकाह से पहले उसका नाम मिसलता टुडू था। बताया जाता है कि अरबाज के अपराधों में वह भी मददगार रही है।

12 जनवरी 2022 को 26 साल की सुशीला की जली हुई लाश जंगल में मिली थी। करीब 14 महीने बाद इस मामले में अरबाज, उसकी बीवी सहित चार को गिरफ्तार किया गया था। यह बात सामने आई थी कि सुशीला को अरबाज बेचना चाहता था। जब इसकी भनक सुशीला को लग गई तो उसने पहले उसकी हत्या कर दी। फिर जंगल में लाश को ठिकाने लगा दिया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार अरबाज ने पुलिस के आगे अपना गुनाह कबूल किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जनजातीय लड़कियों को अपने जाल में फँसाने के लिए अरबाज कई हथकंडे अपनाता था। खुद को लड़कियों के समुदाय का ही बताता था। इसके लिए वह सोशल मीडिया का भी प्रयोग करता था। उसने कई फर्जी नाम से प्रोफाइल बना रखे थे। अब तक पुलिस को उसके आर्यन मुर्मू, आर्यन सोरेन और आर्यन हेंब्रम जैसे नाम रखने की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक अरबाज की बीवी रेहिना उर्फ मिसलता अपने शौहर के गलत कामों में पूरा साथ दिया करती थी।

रेहिना उर्फ मिसलता शादीशुदा और बाल-बच्चेदार थी। उसने अपने पति और बच्चों को छोड़ कर अरबाज से शादी की थी। शादी बाद अरबाज ने उसका नाम बदल दिया। धीरे-धीरे वह अरबाज के अपराधों में भी शरीक हो गई। फिलहाल वह भी पुलिस की गिरफ्त में है। सुशीला भी शादीशुदा थी जो अपने पति से अलग रहा करती थी। अरबाज ने सुशीला से भी शादी का वादा किया था।

जाँच के दौरान झारखंड पुलिस ने अरबाज द्वारा पहले से बेची गई 2 जनजातीय लड़कियों को आज़ाद भी करवाया है। दोनों को उत्तर प्रदेश के बरेली में उनसे कहीं अधिक उम्र के लोगों के हाथ बेच दिया गया था। बचाई गई एक लड़की दुमका जिले की है तो दूसरी गोड्डा की। सुशीला का वह 50 हजार रुपए में सौदा करने की फिराक में था।

लाहौर का जो ज़मान पार्क आज बना इमरान खान का ‘किला’, कभी था ‘सुंदर दास पार्क’: समृद्ध हिन्दुओं के थे बड़े-बड़े घर, अब पठानों का है कब्जा

पाकिस्तान के लाहौर स्थित ज़मान पार्क क्षेत्र फ़िलहाल चर्चा में है। इसका कारण है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का आवास यहीं पर है। उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में सशस्त्र बल के जवान गोलीबारी कर रहे हैं और आँसू गैस के गोले छोड़ रहे हैं। वहीं उनकी पार्टी PTI के कार्यकर्ता लगातार पुलिस से भिड़े हुए हैं। पुलिस इमरान खान के घर उन्हें गिरफ्तार करने आई है, लेकिन समर्थन उसे अंदर घुसने ही नहीं दे रहे।

वहीं इमरान खान को डर है कि उनका अपहरण कर के उनकी हत्या कराई जा सकती है। जनसंख्या के मामले में लाहौर दुनिया का 26वाँ सबसे बड़ा शहर है और पाकिस्तान में दूसरा। कभी सिख साम्राज्य के रणजीत सिंह की राजधानी लाहौर ही हुआ करती थी। वो अलग बात है कि पाकिस्तान द्वारा पोषित खालिस्तानी इसे अपने खालिस्तान के नक़्शे में शामिल नहीं करते, जबकि पूरे भारत को तबाह करने की बातें करते रहते हैं।

माजिद शेख ने ‘The Dawn’ में 16 सितंबर, 2018 को प्रकाशित एक लेख में पुराने नक्शों का हवाला देकर बताया था कि आज जिसे ज़मान पार्क कहते हैं, वो क्षेत्र अंग्रेजों के समय में ‘PLH (पंजाब लाइट हॉर्स)’ ग्राउंड हुआ करता था। वहाँ एक फायरिंग रेंज भी था। ये क्षेत्र एचिसन कॉलेज के पीछे और मायो गार्डन्स के दक्षिण में स्थित है। 1857 के आसपास के नक़्शे में यहाँ किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं दिखता। PLH की स्थापना सन् 1867 में हुई थी।

लाहौर में फ़ौज की त्वरित तैनाती के लिए इसकी ज़रूरत अंग्रेजों को महसूस हुई थी। ब्रिटिश काल के समय पंजाब के लाहौर और अमृतसर सहित कई इलाकों में निगरानी के लिए इसका इस्तेमाल किया गया। 1947 में पाकिस्तान बनने के बाद इस रेजिमेंट को खत्म कर दिया गया। मायो गार्डन्स के दक्षिण में एक ‘सुंदर दास रोड’ भी है। असल में 1936 में इसका नाम ‘सुंदर दास पार्क’ था। इस कॉलोनी के मध्य में एक वृत्ताकार क्रिकेट ग्राउंड 1936 के नक़्शे में दिखता है।

माजिद खान, जावेद बुर्की और इमरान खान इस मैदान में अपने करियर के शुरुआती दौर में खेल चुके हैं। फिर पता चलता है कि असल में 1942 में यहाँ 6 समृद्ध हिन्दू परिवारों के घर थे, जो आपस में रिश्तेदार भी हुआ करते थे। इनमें से एक सूरी परिवार था, जिसके मुखिया का नाम था राय बहादुर सुंदर दास सूरी। वो पंजाब के स्कूलों के चीफ इंस्पेक्टर थे और बच्चों की शैक्षिक ज़रूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी उनकी ही थी।

लाहौर स्थित गवर्नमेंट कॉलेज के प्रोफेसरों लाला लाजपत राय और रुचिराम साहनी के साथ वो काम कर चुके थे। ‘Aitchison College’ के परिसर को विस्तार देने में भी उनकी बड़ी भूमिका थी। लाहौर में ‘सेन्ट्रल मॉडल स्कूल’ और ‘ल्यालपुर स्कूल एंड कॉलेज’ की स्थापना का श्रेय उन्हें ही जाता है। ये बाद में कृषि विश्वविद्यालय बन गया। विभाजन के समय यहाँ 15 समृद्ध हिन्दू परिवार रहते थे। विभाजन के बाद जनरल बुर्की ने पठानों को यहाँ बसाया।

मुग़ल काल में ये पठान वजीरिस्तान से जालंधर में बस गए थे और विभाजन के बाद फिर पाकिस्तान चले गए। जालंधर पठान परिवार के मुखिया के नाम पर इसका नाम ज़मान पार्क पड़ा। 1935 के नक़्शे से पता चलता है कि जेल रोड-लाहौर कैनाल-फिरोजपुर रोड वाला इलाका सरकारी अस्पतालों, जेलों और सरकारी इमारतों का था। इसमें मेन्टल हॉस्पिटल, महिला जेल और सेन्ट्रल जेल था। बाबा शाह जमाल की एक मजार भी यहाँ दिखती है।

सिख साम्राज्य के समय सिख सरदार शोबा सिंह की फ़ौज यहाँ रहती थी। शोबा सिंह लाहौर के शासक थे, रणजीत सिंह के 1799 में गद्दी सँभालने से पहले। इस परिसर में कई ईंट-भट्टे भी थे। पकिस्तान के लोग आज अपने सिख और हिन्दू इतिहास की सच्चाई से पीछा छुड़ाना चाहते हैं। ज़मान पार्क के पठान परिवारों में से पाकिस्तान को कई क्रिकेटर, सैन्य अधिकारी और डॉक्टर मिले हैं। खुद ज़मान खान के बेटों हुमायूँ, जावेद और फवाद ने भी क्रिकेट खेला था। पाकिस्तान में इसे सबसे शांत और समृद्ध लोगों का रिहायशी इलाका माना जाता है।

‘लालू की बेल के बाद ज़हरीला लड्डू खिलाने आए राजद नेता’: बिहार विधानसभा के बाहर भिड़े RJD-BJP विधायक, राज्यपाल से होगी शिकायत

बिहार विधानसभा के बाहर धरना दे रहे भाजपा विधायकों और राजद के विधायकों के बीच धक्का मुक्की हो गई। नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती को जमानत मिलने की खुशी में राजद विधायक धरना दे रहे भाजपा विधायकों को लड्डू खिलाने पहुँचे थे। भाजपा विधायकों ने इस पर आपत्ति जताते हुए जानबूझकर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं भाजपा विधायक लखेंद्र पासवान ने राजद विधायकों पर जहर वाला लड्डू खिलाने का आरोप लगा दिया।

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में आरोपित लालू यादव, राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती को 50-50 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी। खबर पटना पहुँची तो राजद विधायक जश्न मनाने लगे। एक दूसरे को लड्डू खिलाया जाने लगा। इधर नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा समेत भाजपा के विधायक भ्रष्टाचार और बीजेपी एमएलए लखेंद्र पासवान का निलंबन वापस लेने की माँग पर विधानसभा के गेट पर धरना दे रहे थे।

भाजपा विधायकों का आरोप है कि राजद के विधायक धरना स्थल पर पहुँच गए और भाजपा नेताओं को जबरन लड्डू खिलाने का प्रयास करने लगे। इसे लेकर भाजपा और राजद विधायकों के बीच धक्का-मुक्की हुई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि आरजेडी विधायक मनोज यादव हाथ में लड्डू का डब्बा लेकर बीजेपी विधायकों के नजदीक पहुँचे हुए हैं।

वीडियो में देखा जा सकता है कि बीजेपी के विधायक मनोज यादव पर भड़क जाते हैं फिर नोक-झोंक शुरू हो जाती है। इस बीच लड्डू के डिब्बे पर पर हाथ लग जाता है और लड्डू बिखर जाता है। नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने राजद विधायकों पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लड्डू खिलाने के बहाने धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने इस घटना की शिकायत राज्यपाल से भी करने की बात कही है।

भाजपा विधायक लखेंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि महागठबंधन के नेता फूड पॉइजनिंग वाला जहर युक्त लड्डू खिलाकर विपक्षी नेताओं को जान से मारने की साजिश कर रहे हैं। बता दें कि मंगलवार (14 मार्च, 2023) को सदन में माइक तोड़ने का आरोप लगाते हुए विधायक लखेंद्र पासवान समेत भाजपा के दो विधायकों को विधानसभा से सस्पेंड कर दिया गया था। जिसके खिलाफ विधानसभा के बाहर भाजपा के सभी विधायक प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती के जमानत की खबर आ गई।

‘विदेशी धरती पर जाकर किया देश का अपमान, बोला झूठ’: स्मृति ईरानी ने ‘टुकड़े-टुकड़े’ के नारे पर राहुल गाँधी को घेरा, पूछा – सदन से भाग क्यों रहे?

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गाँधी पर उनके इंग्लैंड में दिए गए बयान के लिए हमला बोला। स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनका द्वेष अब भारत के प्रति द्वेष में बदल चुका है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नेता ने ऐसे देश में जाकर विदेशी ताकतों का आह्वान किया जिनका इतिहास भारत को गुलाम बनाने का रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गाँधी पर हमलावर स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गाँधी ने विदेशी धरती पर देश का अपमान किया है। राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट और इलेक्शन कमीशन जैसे संस्थाओं का भी अपमान किया। स्मृति ईरानी ने पूछा कि क्या भारत को अपमानित करना लोकतंत्र है? क्या सदन के अध्यक्ष का अपमान लोकतंत्र है?

स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गाँधी विदेश जाकर देश में बोलने की आजादी नहीं होने की बात करते हैं। वे कहते हैं भारत के विश्वविद्यालयों में बोलने की आजादी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो साल 2016 में दिल्ली के एक विश्वविद्यालय में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ के नारे लगाए गए थे और आपने भी वहाँ जाकर नारे लगाने वालों का समर्थन किया था, वह क्या था?

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लंदन में विदेशी संस्था के सामने राहुल गाँधी ने झूठ बोला। देश के संसद का अपमान किया। उन्हें सदन से भागना नहीं चाहिए बल्कि सदन में आकर देश से माफी माँगनी चाहिए। बता दें कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी बुधवार (15 मार्च 2023) को विदेश से दिल्ली लौट आए हैं।

इसके पहले राहुल गाँधी ने कैम्ब्रिज में अपने संबोधन के दौरान अपने ही देश पर कीचड़ उछाला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि संसद में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता। उनकी माइक बंद कर दी जाती है। राहुल ने आरोप लगाया था कि भारत में सिखों और मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया है। राहुल के इन बयानों के बाद से ही भाजपा उनपर हमलावर है

जेल में बंद, फिर भी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का TV पर आया इंटरव्यू: सलमान खान को धमकाया-मूसेवाला पर भी बोला, पंजाब पुलिस ने कहा- यह हो नहीं सकता

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पंजाब की बठिंडा जेल में बंद है। बावजूद उसका एक इंटरव्यू टीवी पर आया है। एबीपी न्यूज ने 13 मार्च 2023 को यह इंटरव्यू टेलीकास्ट किया है। इसमें बिश्नोई सिद्धू मूसेवाला की हत्या पर बात कर रहा है। अभिनेता सलमान खान को धमकी दे रहा है। लेकिन पंजाब प्रशासन जेल के भीतर इस इंटरव्यू को शूट किए जाने के चैनल के दावे को गलत बता रहा है।

वैसे यह स्पष्ट नहीं है कि यह इंटरव्यू कब शूट किया गया था। ऑपइंडिया इस दावे की पुष्टि नहीं करता कि यह इंटरव्यू हालिया है और बठिंडा जेल के भीतर ही शूट किया गया है। करीब 57 मिनट का यह इंटरव्यू जगविंदर पटियाल ने किया है। इंटरव्यू की शुरुआत में ही एबीपी ने बताया है कि वह यह इंटरव्यू जेल के अंदर से दिखा रहे हैं।

पहला सवाल ​ही लॉरेंस बिश्नोई से पूछा गया है कि वह जेल में रहकर भी ऐसे कैसे एबीपी से कनेक्ट हो सकता है। जवाब में बिश्नोई बताता है कि जेल में लूज प्वाइंट्स होते हैं। जिससे वह मैनेज कर लेता है। वह मोबाइल फोन तक अपनी पहुँच भी स्वीकार करता नजर आता है।

इंटरव्यू में लॉरेंस बिश्नोई ने खुद को देशभक्त और मूसेवाला को खालिस्तानी बताया है। मूसेवाला के पिता पर बेटे की मौत पर राजनीति करने और व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने का आरोप लगाया है।

मैंने नहीं की सिद्धू मूसेवाला की हत्या

इंटरव्यू में लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाब पुलिस पर खुद को फँसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने सिद्धू मूसेवाला की हत्या नहीं की और न ही वो इस साजिश में शामिल था। गैंगस्टर के अनुसार यह योजना उसके सहयोगियों गोल्डी बराड़ और सचिन द्वारा बनाई गई थी। हत्या की वजह मूसेवाला द्वारा उसके सहयोगी गुरलाल की हत्या में भूमिका निभाना था। बकौल लॉरेंस, मूसेवाला की हत्या के लिए पैसे बिहार में शराब तस्करी कर जुटाए गए थे। हालाँकि बिश्नोई ने यह भी कहा कि सिद्धू मूसेवाला कोई संत नहीं था और वो कभी ड्रग्स, खालिस्तान या पाकिस्तान के खिलाफ नहीं बोलता था।

मूसेवाला को मीडिया कर रहा महिमामंडित

मूसेवाला की हत्या में इमरान खुर्जा नाम के व्यक्ति ने भी भूमिका निभाई थी। बाद में इमरान को एक मुठभेड़ में पुलिस ने मार गिराया था। लॉरेंस बिश्नोई ने मूसेवाला के पिता पर अपने बेटे की मौत पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उसने दावा किया कि कुछ दिनों बाद मूसेवाला के पिता चुनाव भी लड़ सकते हैं। लॉरेंस ने मीडिया पर मूसेवाला को महिमामंडित करने का भी आरोप लगाया।

तोड़ देंगे सलमान का गुरूर

अपने मन में सलमान खान के लिए बचपन से गुस्सा बताते हुए लॉरेस बिश्नोई ने कहा कि बेहतर होगा कि काले हिरण को मारने वाले सलमान उनके समाज से माफ़ी माँग लें। अब तक सलमान खान द्वारा माफ़ी न माँगे जाने से नाराज गैंगस्टर ने कहा कि कभी न कभी वो सलमान खान का गुरूर तोड़ देगा। अंत में लॉरेंस ने कहा कि अगर उसे सुधरने का मौका मिलेगा तो वो देश के लिए कुछ भी कर सकता है। साथ ही उसने गौशाला बनाने की भी इच्छा जताई।

पंजाब प्रशासन का इनकार

जेल के भीतर से इंटरव्यू के दावे का पंजाब के प्रशासनिक अधिकारी खंडन कर रहे हैं। एंटी-गैंगस्टर्स टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के सहायक महानिरीक्षक संदीप गोयल के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू जेल के अंदर का नहीं है। उन्होंने बताया कि बठिंडा जेल की जिस सेल में बिश्नोई बंद है, वो हाई सिक्योरिटी के साथ फोन डेड जोन में है। वहाँ नेटवर्क काम नहीं करता। वहीं पंजाब पुलिस के एक अन्य प्रवक्ता के मुताबिक जेल से इंटरव्यू दिए जाने की बातें अफवाह हैं, क्योकि लॉरेंस 24 घंटे सुरक्षा निगरानी में है।