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सीधे नहीं सुन सकते आपकी याचिका, पहले HC जाइए: मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- केस में हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे

शराब नीति मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है। मनीष सिसोदिया ने अपनी गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सिसोदिया की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और जमानत की माँग की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजीआई की बेंच ने मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट जाने की सलाह दी।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सिसोदिया के वकील एएम सिंघवी से कहा, “आपने याचिका में अर्णब गोस्वामी और विनोद दुआ के केस का हवाला दिया। दोनों केस बिलकुल अलग हैं। आपको निचली अदालत से बेल लेनी चाहिए। एफआईआर रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। ये मामला दिल्ली में हुआ इसका अर्थ ये नहीं इसे सीधे सुप्रीम कोर्ट ले आया जाए।”

बता दें कि मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी को चुनौती दी थी जिसपर सीजीआई की बेंच ने सुनवाई की और मनीष सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी को फटकार लगाई।

कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दिल्ली के डिप्टी सीएम की गिरफ्तारी और सीबीआई की कार्रवाई को चैलेंज किया था। सिंघवी ने सर्वोच्च न्यायालय से इस पर शीघ्र सुनवाई की अपील की थी। सीजेआई ने याचिका स्वीकार करते हुए मंगलवार की शाम सुनवाई की। सुनवाई के दौरान CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मनीष सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आपको पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए था। आप सीधे सुप्रीम कोर्ट से जमानत क्यों माँग रहे हैं।

कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की परंपरा अच्छी नहीं है। कोर्ट के फैसले पर आम आदमी पार्टी ने कहा है कि हम इसका सम्मान करते हैं और जमानत लेने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डाली जाएगी।

इसके पहले दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई (CBI) ने सोमवार (27 फरवरी, 2023) दोपहर को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान जाँच एजेंसी ने CBI के स्पेशल जज एमके नागपाल से सिसोदिया की 5 दिन की कस्टडी माँगी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सिसोदिया को 4 मार्च तक की रिमांड पर भेज दिया था। सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को IPC की धारा 120-B (आपराधिक साजिश रचने के आरोप में) तथा 477-A (धोखाधड़ी करने की कोशिश करने के आरोप में) व भ्रष्टाचार अधिनियम निवारण की धारा-7 के तहत गिरफ्तार किया है।

MLA-शिक्षक-ठेकेदार-गवाह की हत्या, बेल पाकर बार-बार आ जाता है बाहर: कौन है अतीक अहमद का खासमखास गुड्डू मुस्लिम, यूपी पुलिस की वॉन्टेड लिस्ट में टॉप पर

प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में हुई उमेश पाल की हत्या में अतीक अहमद के बाद जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है वो है गुड्डू मुस्लिम। यह नाम सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा है। पुलिस की वॉन्टेड लिस्ट में फिलहाल गुड्डू मुस्लिम टॉप मोस्ट बताया जा रहा है। उसका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। अभी तक उसके कई काले कारनामे आ चुके हैं जिसमें बम बनाना, धमकाना और हत्या आदि शामिल है। माना जा रहा है कि अभी गुड्डू का और आपराधिक इतिहास सामने आना बाकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम अतीक अहमद का काफी पुराना खासमखास है। आज के 15 साल पहले जब गुड्डू किसी मामले में जेल गया था तब अतीक अहमद ने ही उसकी जमानत करवाई थी। गुड्डू का उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहार के उदयभान जैसे माफियाओं से अच्छा कनेक्शन बताया जा रहा है। गुड्डू को बम बनाने का एक्सपर्ट बताया जा रहा है। उमेश पाल पर हमले के दौरान बमबाजी की गई थी जो CCTV फुटेज में रिकॉर्ड भी हुई थी। इसके अलावा वह अतीक अहमद के लिए लखनऊ में टेंडर भी मैनेज करवाया करता था। गुड्डू ने कुछ पैसा जमीन के कारोबार में भी लगाया है।

गुड्डू के मुंबई भाग जाने की जानकारी सामने आ रही है। दावा किया जा रहा है कि सन 1990 के दशक में सबसे दुर्दांत माफिया रहे श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ भी गुड्डू मुस्लिम रह चुका है। तब वह श्रीप्रकाश शुक्ला का शागिर्द था। स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) द्वारा श्रीप्रकाश के इनकाउंटर के बाद गुड्डू ने अतीक अहमद का साथ पकड़ लिया। अतीक और उसका याराना लगभग 2 दशक पुराना बताया जा रहा है। गुड्डू के बारे में यहाँ तक कहा जा रहा है कि वह बाइक पर चलते हुए भी बम बाँध कर उसे टारगेट पर फेंक सकता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम राजू पाल की हत्या में भी शामिल रहा था। उसके खिलाफ CBCID ने चार्जशीट भी दाखिल की और वह बिहार में गिरफ्तार भी हुआ था। कुछ समय जेल में रहने के बाद गुड्डू की जमानत हो गई थी। तबसे वह खुद अपराध करने के बजाए शूटरों को निर्देश दिया करता था। एक लम्बे समय के बाद किसी अपराध में गुड्डू मुस्लिम की सीधी संलिप्तता सामने आई है।

गुड्डू मुस्लिम का नाम 25 साल पहले लखनऊ में लामार्टीनियर स्कूल के गेम्स टीचर फैड्रिक जे गोम्स की हत्या में सामने आया था। हालाँकि, पुलिस कोर्ट में यह सिद्ध नहीं कर पाई और गुड्डू मुस्लिम गोम्स की हत्या के आरोप में बरी हो गया था। गोम्स हत्याकांड में हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में गुड्डू ने लखनऊ के अंदर हुई अयोध्या के ठेकेदार संतोष सिंह की हत्या की बात भी कबूली थी। राजू पाल की हत्या में उसका नाम सामने आने के बाद गुड्डू को बिहार के बेऊर जेल के आगे से गिरफ्तार किया गया था। कुछ समय बाद इस मामले में भी उसे जमानत मिल गई थी।

बड़े आतंकी हमले की फिराक में था सरफराज, पाकिस्तान-हॉन्गकॉन्ग से ट्रेनिंग लेकर आया था: 5वीं पास लेकिन फर्राटे से बोलता है अंग्रेजी, 4 बार किया निकाह

भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने वाले संदिग्‍ध आतंकवादी सरफराज मेमन (Sarfaraz Memon) को इंदौर से हिरासत में लिया गया है। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर वीडियो शेयर कर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के इनपुट के आधार पर इंदौर पुलिस ने सरफराज मेमन को हिरासत में लिया है। पूरे मामले की गंभीरता से जाँच की जा रही है।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि शांति के टापू मध्य प्रदेश में कानून का राज है और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। पुलिस संदिग्ध आतंकी सरफराज से सख्ती से पूछताछ कर रही है, जाँच में जो तथ्य सामने आएँगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंदौर में ग्रीन पार्क कालोनी के फातिमा अपार्टमेंट में रहने वाले सरफराज (अब्बा का नाम एहमद मेमन) के बारे में मुंबई से जानकारी मिली थी। मुंबई एटीएस ने इंटेलिजेंस को ईमेल कर बताया कि सरफराज हांगकांग-चीन और पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर भारत आया है। वह देश में एक बड़े हमले की फिराक में है। इसके बाद इंटेलिजेंस ने जानकारी जुटाई और सरफराज को पकड़ लिया। सोमवार (27 फरवरी, 2023) देर रात उससे चंदन नगर थाने में पूछताछ की, लेकिन आतंकी गतिविधियों संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली।

मंगलवार (28 फरवरी, 2023) को मुंबई एटीएस और एनआईए भी पूछताछ के लिए इंदौर पहुँची। NIA के मुताबिक, सरफराज भारत के लिए मुसीबत बन सकता है। हालाँकि, अलर्ट के बाद इंदौर में बम निरोधक दस्ता भी सक्रिय हो गया है और स्निफर डॉग को लेकर जगह-जगह जाँच कर रहा है।

अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि सरफराज 12 साल हॉन्गकॉन्ग में रहा है। इस बीच वह भारत भी आता रहा। सरफराज पाँचवीं पास है। मुंबई में उसका जन्म हुआ था। 1995 में उसका परिवार इंदौर आया था, जहाँ सरफराज के अब्बा एक बेकरी में काम करते थे। इस दौरान वह हॉन्गकॉन्ग चला गया। वहाँ उसने चार बार निकाह किया। वह हिंदी, अंग्रेजी और चीनी भाषा फर्राटे से बोलता है।

‘लड़की का हाथ पकड़ कर प्यार का इजहार करना यौन उत्पीड़न नहीं’: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिक्शा चालक को दी जमानत, चेताया – दोबारा ऐसा मत करना

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि लड़की का हाथ पकड़कर प्यार का इजहार करना यौन उत्पीड़न नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपित रिक्शा चालक को अग्रिम जमानत दे दी। रिक्शा चालक पर नाबालिग लड़की ने हाथ पकड़कर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में जस्टिस भारती डांगरे ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि पीड़िता के बयान से साफ है कि आरोपित का इरादा लड़की का यौन उत्पीड़न करने का नहीं था। इसलिए उसे अग्रिम जमानत दी जाती है।

10 फरवरी 2023 को हुई सुनवाई में फैसला सुनाते हुए कहा है कोर्ट ने कहा है, “पीड़ित लड़की द्वारा लगाए गए आरोपों में यह सामने आया है कि प्रथम दृष्टया किसी भी तरह से यौन उत्पीड़न का मामला नहीं है। आरोपित ने यौन शोषण के इरादे से लड़की का हाथ नहीं पकड़ा था। यदि यह मान भी लिया जाए कि आरोपित ने अपने प्यार का इजहार किया है, तब भी पीड़ित लड़की के बयान से कोई यौन शोषण करने के इरादे का पता नहीं चलता है। इसलिए आरोपित जमानत का हकदार है। किसी भी कारण से उसकी हिरासत की जरूरत नहीं है।”

यौन शोषण के आरोपित को जमानत देने के साथ ही कोर्ट ने उसे चेतावनी भी दी है। कोर्ट ने कहा है, “आरोपित को चेतावनी दी जाती है कि वह इस तरह की हरकत दोबारा नहीं करेगा। यदि वह ऐसा करता पाया जाता है तो गिरफ्तारी से बचने के लिए उसे दी गई जमानत रद्द कर दी जाएगी।”

क्या है मामला

दरअसल, यह पूरा मामला 1 नवंबर, 2022 का है। पीड़िता के पिता ने अपनी 17 साल की लड़की के यौन शोषण करने के आरोप में रिक्शा चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पीड़िता के पिता का कहना था कि आरोपित उनके घर के पास ही रहता था। वह उनके परिवार को जानता था। उनकी बेटी उसके रिक्शा में बैठकर ही स्कूल और ट्यूशन जाती थी। हालाँकि, बाद में उसने रिक्शा से स्कूल जाना बंद कर दिया।

घटना के दिन यानी कि 1 नवंबर, 2022 को आरोपित ने पीड़िता को रोककर अपने रिक्शा में बैठने के लिए कहा। हालाँकि, पीड़िता ने इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपित ने पीड़िता का हाथ पकड़ लिया और अपने प्यार का इजहार कर दिया। यही नहीं, आरोपित ने जोर देकर पीड़िता को रिक्शा में बैठने के लिए कहा, ताकि वह उसे घर छोड़ आए। हालाँकि, लड़की मौके से भाग गई और घर जाकर पूरी घटना बताई। इसके बाद पीड़िता के पिता ने एफआईआर दर्ज कराई थी।

बता दें कि ऐसे ही एक मामले में मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि एक बार ‘आई लव यू’ कहना लड़की का अपमान नहीं बल्कि प्यार का इजहार है। कोर्ट ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट के आरोपित को बरी करने का फैसला सुनाया था।

नहीं मिल रहा प्याज का भाव, दुःखी किसानों ने PM मोदी से लगाई गुहार: ‘किसान आंदोलन’ वाले कहते थे – मंडी ही बेस्ट, ‘कृषि कानूनों’ से ऐसे मिल सकती थी मदद

केंद्र सरकार द्वारा साल 2020 में लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ उत्तर भारत के ​किसानों ने कई म​हीनों तक आंदोलन किया। किसान इसे वापस लेने की माँग पर अड़े रहे। उन्होंने मंडी सिस्टम को किसानों के लिए अच्छा बताया। वहीं, केंद्र सरकार चाहती थी कि मंडी से बिचौलिए हट जाएँ, ताकि किसानों को सीधा फायदा पहुँच सके। लेकिन उनकी वजह से अब म​हाराष्ट्र के किसानों को मंडी के बिचौलिए के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वे मंडी में प्याज के उचित दाम नहीं मिलने से बेहद दुखी हैं और मोदी सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में लगातार गिरावट के विरोध में किसानों ने सोमवार (27 फरवरी, 2023) को लासलगाँव और नंदगाँव कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) में प्याज की ब्रिकी रोक दी। करीब डेढ़ घंटे के आंदोलन के बाद नंदगाँव मंडी में नीलामी फिर से शुरू हो गई। लेकिन देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगाँव में अभी तक यह प्रक्रिया फिर से शुरू नहीं हो सकी है। किसानों ने कहा कि उन्हें मंत्री दादा भुसे (District Guardian Minister Dada Bhuse) ने एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष अपनी माँगों को उठाने का भरोसा दिलाया है।

दरअसल, लासलगाँव (एपीएमसी) में किसानों ने प्याज की नीलामी प्रक्रिया इसलिए रोक दी है, क्योंकि उन्हें पहले की तरह दाम नहीं मिलने पर काफी नुकसान हो रहा है। सोमवार को जब लासलगाँव मंडी खुली तो प्याज की न्यूनतम कीमतें 200 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुँच गईं। इस दौरान प्याज का अधिकतम मूल्य 800 रुपए प्रति क्विंटल और औसत मूल्य 400 से 450 रुपए क्विंटल रहा। प्याज की इन ताजा कीमतों को लेकर किसानों में काफी रोष है। वे इसका विरोध करते हुए धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए हैं।

एक किसान ने समाचार एजेंसी एएनआई ​को बताया, “हमें प्याज उगाने के लिए प्रति एकड़ 50000 रुपए की लागत आती है, जबकि प्याज बेचकर हम केवल 10000 से 20000 रुपए ही कमा पाते हैं। अब ऐसा वक्त आ गया है कि जब हम आत्महत्या पर करने का विचार कर रहे हैं। मोदी सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए।”

इस वक्त महाराष्ट्र के किसान मोदी सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं, जबकि सरकार उनके हितों को ध्यान में रखते हुए ​ही नए कृषि कानून लाई थी। इसके आने के बाद किसान सीधे तौर पर कंपनियों से डील कर सकते थे। उन्हें किसी मंडी सिस्टम या बिचौलिए के जरिए अपना माल बेचने की जरूरत नहीं थी। लेकिन उस वक्त आंदोलन कर रहे किसानों का कहना था कि सरकार के इस कदम से खेती प्राइवेट बन जाएगी और इससे उन्हें कोई फायदा नहीं होगा।

किसानों ने दावा किया था कि मंडी में जो एजेंट हैं, वो उनके ही लोग हैं। यानी उनके बीच में से निकलकर ही एजेंट बने हैं। उनका उनसे अलग लेवल का संबंध है। अगर किसी किसान को खेती के लिए पैसे चाहिए या फिर परिवार में किसी तरह की इमरजेंसी होने पर मदद चाहिए तो ये आढ़ती ही किसानों की मदद करते हैं। फिर चाहे उधार देना हो या फिर फसल का दाम एडवांस में दे देना हो मंडियों में मौजूद आढ़ती उनकी मदद करते हैं।

गौरतलब है कि किसानों का आंदोलन नहीं रुकने के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2021 को देश को संबोधित करते हुए इसे वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने आंदोलनरत किसानों से अपने-अपने घर लौटने का आग्रह किया। साथ ही किसानों के एक वर्ग को इन कानूनों के बारे में नहीं समझा पाने के लिए देश से माफी भी माँगी।

‘दौ कौड़ी की औरत…जेल में डलवा दूँगा’ : जिस ‘बिकनी गर्ल’ को कॉन्ग्रेस ने दिया था टिकट, उसे अब प्रियंका गाँधी का PA दे रहा धमकी

बिग बॉस 16 से मशहूर हुईं अर्चना गौतम ने प्रियंका गाँधी के करीबी संदीप सिंह के खिलाफ गंभीर इल्जाम लगाए हैं। उन्होंने फेसबुल लाइव आकर कहा कि संदीप ने उन्हें ‘दो कौड़ी की औरत’ का है।

अर्चना ने खुलासा करते हुए बताया कि रायपुर सत्र के दौरान संदीप ने उनको धमकी दी और उन्हें जेल में डालने को भी कहा। वह कहती हैं कि प्रियंका गाँधी के पीए को औरतों से बात करने की तमीज नहीं है।

लाइव में वह बोलीं, “पार्टी ज्वाइन की है मैंने प्रियंका दीदी के लिए की है। तुम जैसे नल्लों के लिए नहीं की है। पूरी पार्टी तुम्हारे खिलाफ है। कोई कुछ बोलता नहीं है क्योंकि किसी में गुदा नहीं है। मैं बोलूँगी। करके दिखाओ तुम मेरा बाल भी बाका। जो तुम कुतर-कुतर कर पार्टी खा गए हो न। ये जो बड़े-बड़े अधिवेशन हो रहे हैं। कोई फायदा नहीं है इनका क्योंकि ये नालायक-नल्ले लोग जब तक पार्टी में रहेंगे तब तक पार्टी नहीं बढ़ सकती। पूरे स्टाफ को निकाला जाए क्योंकि ये लोग SC-ST कम्युनिटी के लोगों को बढ़ावा नहीं देते। इनको एक आशंका है होती है कि कहीं हम लोग ऊपर न चले जाए। ये चाहते हैं हम आज भी जूते तले रहें। अरे भैया हम जूते तले नहीं रहते। हम सीना चौड़ा करके चलते हैं। तुम जैसे आए और गए… जो तुम मुझे कह रहे हो न कि मुझे थाने में करवाओगे। बैठी हूँ मुझे थाने में करवाकर दिखा।”

बिग बॉस कंटेस्टेंट का आरोप है कि संदीप ने उन्हें दो कौड़ी की और कहा और धमकी दी कि अगर वो ज्यादा बोलीं तो उन्हें जेल के पीछे डाल दिया जाएगा। इसके बाद अर्चना ने संदीप से कहा कि अगर उनमें दम है तो वो अर्चना को जेल में डालकर दिखाएँ।

बता दें कि अर्चना को कॉन्ग्रेस ने हस्तिनापुर से अपना प्रत्याशी उतारा था। हालाँकि बिकिनी गर्ल नाम से फेमस अर्चना को बहुत कम (1519) वोट मिले और उन्हें हार का मुँह देखना पड़ा। इसके अलावा बिग बॉस में भी वो अपने लड़ाकू व्यवहार के कारण ही चर्चा में रही थीं।

₹40 लाख की गाड़ी से उतरे, फुटपाथ से चुरा कर ले गए गमले: G20 मेहमानों के स्वागत के लिए लगाए गए थे, वीडियो देख लोग बोले – ‘रईस चोर’ पर एक्शन लो

हरियाणा के गुरुग्राम में लग्जरी कार से उतर कर शख्स ने फुटपाथ पर सजावट के लिए रखे गमले व लगाए गए पौधे चोरी कर लिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। भाजपा प्रवक्ता रमन मलिक ने वीडियो पोस्ट करते हुए गुरुग्राम पुलिस से इस रईस चोर पर एक्शन की माँग की है। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब फुटपाथ पर सजाए गए पौधों पर लोगों ने हाथ साफ किया हो।

चोरी की यह घटना गुरुग्राम के शंकर चौक के पास की बताई जा रही है। भाजपा प्रवक्ता रमन मलिक द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक काले रंग की लग्जरी कार फुटपाथ पर फूल के पौधों के पास आकर रुकती है। कार से 2 लोग नीचे उतरते हैं और फुटपाथ से चुन-चुनकर पौधे उठाने लगते हैं। दोनों मिलकर कई पौधे उठाते हैं और इसे कार के पिछले हिस्से में रख लेते है। कार का दरवाजा बंद होता है और दोनों चले जाते हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने ट्विटर पर पोस्ट किए इस वीडियो में गुरुग्राम पुलिस समेत कई अधिकारियों को टैग किया है। उन्होंने लिखा कि 40 लाख रुपए की कार में आए इस शख्स को G-20 समिट के मद्देनजर ब्यूटीफिकेशन के लिए लगाए गए पौधे चोरी करते देखा जा सकता है। उन्होंने पौधे चुराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। ‘गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी’ ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में आया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ऐसी ही एक घटना उत्तर प्रदेश के आगरा से भी सामने आई थी। यहाँ भी G-20 समिट के लिए रोड पर सजाए गए 66 गमले चोरी हो गए थे। आगरा पुलिस के मुताबिक शहर की सड़कों और पार्कों को सजाने के लिए रखे गए गमलों को प्रीतम श्रीवास्तव और सोनू ने चुराए थे। 14 और 15 फरवरी को आगरा के चोरों ने अपने घरों को सजाने के लिए गमलों की चोरी की थी। पुलिस ने आरोपित प्रीतम को गिरफ्तार भी कर लिया था।

दरअसल, देश के कई राज्यों में G-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। इसी के तहत शहरों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। जिसके तहत सड़कों के दोनों तरफ फुटपाथ पर खास किस्म के पौधे लगाए जा रहे हैं। जिससे शहर की सुंदरता और निखारी जा सके। हालाँकि कुछ लोग इसमें सरकार और प्रशासन की मदद करने के बदले गमलों और पौधों पर हाथ साफ कर रहे हैं।

सड़क के किनारों के अलावा वर्टिकल गार्डन से भी गमलों की चोरी नई बात नहीं है। अक्टूबर 2019 में भी दिल्ली के वर्टिकल गार्डन से पौधों की चोरी का एक वीडियो वायरल हुआ था। लोगों ने पौधों की चोरी करने वाले को जमकर कोसा था। वीडियो वायरल होने के बाद शख्स ने माफी माँगी थी।

‘निकाह की बजाए 7 फेरे ही ले लो’: शादी में अभिनेत्री ने पहना लहँगा और चूड़ियाँ तो भड़के पाकिस्तानी, कहा – इंडिया वालों को कॉपी करना बंद करो

पाकिस्तानी एक्ट्रेस उशना शाह (Pakistani actress Ushna Shah) ने गोल्फ प्लेयर हमजा आमीन से निकाह कर लिया है। सोशल मीडिया पर उनके निकाह की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हो रही हैं। उशना ने सोमवार 27 फरवरी 2023 को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर निकाह की एक खूबसूरत वीडियो और फोटो शेयर की। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा, “मैंने नैनोंवाला महाराजा से निकाह कर लिया है। आई लव यू, हस्बैंड।”

इसके बाद उन्होंने अपने निकाह में शरीक होने के लिए अपने सभी दोस्तों और परिवार के लोगों का आभार व्यक्त किया। एक्ट्रेस ने कहा, “दुनिया के अलग-अलग कोने में रहने वाले मेरी बहन महा, चचेरे भाई और दोस्त मेरे निकाह में शामिल हुए। मैं इन सभी का आभार व्यक्त करती हूँ।” वीडियो के बैकग्राउंड में शाहिद कपूर और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘पद्मावत’ का गाना ‘नैनोंवाले ने छेड़ा मन का प्याला’ चल रहा है।

इस खास दिन और जिंदगी की नई शुरुआत के लिए जहाँ एक ओर एक्ट्रेस को ढेरों शुभकामनाएँ मिल रही हैं। वहीं, दूसरी और एक्ट्रेस के मुल्क के लोग उन्हें इंडियन ब्राइडल लुक में देखकर भड़क गए हैं।

सोनम महाजन लिखती हैं कि ट्रोल्स इस बात से भी नाखुश हैं कि अभिनेत्री ने चूड़ा की तरह दिखने वाली लाल चूड़ियाँ पहनी हैं और अपने शौहर को महाराजा बता रही हैं। मेरी नजर में, उशना ब्राइडल के लुक में बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं। लाहौर में जन्मी और कनाडा में पली-बढ़ी उशना ने हाफ पश्तून और हाफ ऑस्ट्रियाई गोल्फर हमजा अमीन से निकाह किया है।

इसके बाद सोनम एक और वीडियो शेयर करती हैं और लिखती हैं कि यह आंटी इसलिए भी बहुत परेशान हैं, क्योंकि उशना शाह ने अपनी शादी में परफॉर्म करने के लिए एक सिख सिंगर को इनवाइट किया था। लोगों को ये लग रहा था कि ये मुस्लिमों की शादी नहीं है।

दरअसल, उशना शाह ने अपने निकाह में लाल रंग का लहँगा और चूड़ियाँ पहन रखी थीं। जब उनकी ब्राइडल एंट्री हुई, तब उनको सिर के ऊपर चुनरी रखकर लाया गया। उनकी ज्वैलरी में माँग टीका और माँग पट्टी भी शामिल है। ​वीडियो में उशना और हमजा अमीन भारतीय संस्कृति की तरह एक-दूसरे को वरमाला पहने हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद वह अपने शौहर के साथ जमकर डांस करती हुई भी दिखाई दीं। लेकिन एक्ट्रेस के निकाह का यह वीडियो पाकिस्तानी आवाम को बिल्कुल अच्छा नहीं लगा और वे उन्हें ट्रॉल करने लगे।

फोटो साभार: उशना शाह का इंस्टाग्राम

पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि शादी के लाल जोड़े में एक्ट्रेस पाकिस्तानी नहीं बल्कि भारतीय दुल्हन की तरह लग रही हैं। वो पाकिस्तानी कल्चर भूल गई हैं। मुस्लिम ट्रोल्स ने कहा कि ये कियारा और सिद्धार्थ बनने की कोशिश कर रहे हैं। बेफ्रिक रहो नहीं बन पाओगे। दूसरे ने कहा कि इंडिया वालों को कॉपी करना छोड़ दो।

फोटो साभार: उशना शाह का इंस्टाग्राम

एक मुस्लिम ट्रोल ने लिखा, “छी… इंडियन दुल्हन।” एक और ने कहा कि इंडियन दुल्हन बनने का इतना शौक था। शुक्र है निकाह की बजाए सात फेरे नहीं लिए तुमने।

फोटो साभार: उशना शाह का इंस्टाग्राम

बता दें कि निकाह के एक दिन बाद भी ट्रोल्स एक्ट्रेस की फोटो और वीडियो पर भद्दे कमेंट्स कर रहे हैं। कह रहे हैं कि हिंदू स्टायल, आज तक इससे बुरी दुल्हन नहीं देखी।

Sunroof वाली गाड़ी लेनी है या नहीं: वीडियो देख करें डिसाइड, झरने का पानी SUV के अंदर, इंटरनेट पर बहस चालू

महिंद्रा स्कॉर्पियो के मॉडल स्कॉर्पियो एन (Mahindra Scorpio N) का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कार के सनरूफ से पानी कार के अंदर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग सनरूफ वाली कार न खरीदने की बात कह रहे हैं।

दरअसल, यह वीडियो अरुण पवार नामक यूट्यूबर ने रविवार (26 फरवरी 2023) को अपने यूट्यूब अकाउंट पर अपलोड किया था। वीडियो को उन्होंने कैप्शन देते हुए लिखा है, “अब कभी सनरूफ वाली गाड़ी नहीं खरीदूँगा।”

53 सेकंड का यह वायरल वीडियो किसी पहाड़ी इलाके का नजर आ रहा है। इसमें यूट्यूबर अरुण पवार झरने को देखकर अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो एन धोने की बात करते हुए सुने जा सकते हैं।

हालाँकि वह सनरूफ कार को जब झरने के नीचे लेकर जाते हैं तब थोड़ी ही देर बाद झरने का पानी सनरूफ और स्पीकर से होते हुए कार के अंदर गिरता हुआ दिखाई देता है। इसके बाद यूट्यूबर कार को झरने के नीचे से हटा लेते हैं। इस वीडियो को अब तक 5 लाख 60 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है। वहीं वीडियो को 44 हजार से अधिक लाइक व 2 हजार से अधिक कमेंट मिल चुके हैं।

अरुण पवार अलग-अलग ब्रांड की कार के वीडियो बनाकर अपलोड करते रहते हैं। यूट्यूब पर उनके 16 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। वहीं, अरुण के इंस्टाग्राम पर भी इस वीडियो को 3 लाख 41 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है। इस वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रहीं हैं।

कार के सनरूफ और स्पीकर से गिरते हुए पानी को देखने के बाद एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, “स्पीकर नहीं, वो शॉवर है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “इसीलिए फॉर्च्यूनर में सनरूफ नहीं आता।”

एक यूजर ने कहा, “डॉ फ़िक्सिट का उपयोग नहीं किया। देखा लापरवाही का नतीजा।”

एक इंस्टाग्राम यूजर ने कहा, “वादियों में कार का इंटीरियर भी धुल गया। नेचुरल वाश ने अपना काम कर दिया। अब कपड़ा खुद मार लेना भाई।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “बुलेट फ्रूफ तो है। लेकिन वाटरप्रूफ नहीं।”

एक यूजर ने लिखा, “बस इसलिए ही मैंने महिंद्रा कार नहीं खरीदी। मैं अपनी साइकिल के साथ ही खुश हूँ।”

एक यूजर ने लिखा, “गाड़ी मिडिल क्लास वाली और शौक अंबानी वाला। सॉरी भाई, होता है-होता है।”

कंगाल पाकिस्तान कैसे मनाएगा रमजान? महँगाई के कारण इफ्तार की थाली से गायब होगा चावल, ऊपर से आम जनता पर टैक्स का बोझ

पाकिस्तान के अख़बार डॉन ने साल 2023 में होने वाले रमजान में पाकिस्तानियों के लिए मौजूदा आर्थिक संकट को बड़ी मुसीबत के तौर पर बताया है। अख़बार का मानना है कि इस से निम्न और मध्यम वर्ग के लोग ज्यादा प्रभावित होंगे। इसी के साथ दावा किया गया है कि पिछले साल 2022 के मुकाबले इस साल लोग अपनी खरीदारी में कटौती कर सकते हैं। इसी लेख में सरकार से भी यह उम्मीद की गई है कि वो रमज़ान के महीने में आम लोगों के लिए सस्ते रेट पर सामान उपलब्ध करवाए।

गौरतलब है कि रमज़ान महीने में लगभग 12 घंटे घंटे भूखे-प्यासे रह कर मुस्लिम इफ्तार पार्टी में अपना रोजा तोड़ते हैं। हालाँकि, पाकिस्तान के मौजूदा हालात को देखते हुए इस बात की संभावना काफी कम लग रही है कि वह रमज़ान के महीने में भी महँगाई पर लगाम लगा पाएगी। टैक्स आदि में छूट देने की स्कीम किसी इन हालातों को और भी बद से बदतर बना सकती है। इसी के साथ मौजूदा सामानों में 10 से 15% की छूट लोगों को आकर्षित नहीं कर पाएगी, जब तक भावों में यह गिरावट 30 से 40% तक न हो।

कराची रिटेल ग्रॉसर्स समूह के महासचिव फरीद कुरैशी ने मीडिया संस्थान ‘डॉन’ को बताया कि वो रमज़ान के लिए 2 टाइप के राशन पैक कर रहे हैं। इसमें पहले बैग का दाम 4000 पाकिस्तानी रुपए है। इस पैकिंग में आटा, चीनी, चावल, दाल और चाय है। वहीं दूसरा पैक पहले पैक से 2000 रुपए महँगा है। हालाँकि, इसमें पहले के मुकाबले सामान भी ज्यादा है। 6000 रुपए के इस पैक में नमक, तेल, घी, चना और सेवई भी है।

फरीद कुरैशी के मुताबिक, साल 2022 के रमज़ान में उन्होंने सामानों को 40 से 50% कम रेट पर बेचा था। चावल काफी महँगा होने के चलते फरीद ने उसे अपनी पैकिंग में जगह नहीं दी है। फरीद कुरैशी का कहना है कि पहले 150 से 300 रुपए किलो की दर पर मिलने वाला चावल अब 300 से 500 रुपए प्रति किलोग्राम के रेट से बिक रहा है। वहीं फेडरल बी नामक इलाके के एक चिकन डीलर के मुताबिक, बढ़ी हुई महंगाई के चलते माँस की बिक्री भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि पहले हफ्ते में एक ग्राहक औसतन 2 से 3 पक्षी खरीदता था पर अब महँगाई बढ़ने पर यह खरीद सप्ताह में 1 पक्षी पर सिमट गई है।

कॉलोनी में राशन बेचने वाले एक दुकानदार का कहना है कि मौजूदा हालत को देखते हुए सामान उधार देने में दिक्कत आती है। दुकानदार का दावा है कि उधार ले जाने वाले कई बार पैसे देते ही नहीं हैं और कुछ अन्य लोग पैसे देर से चुकाते हैं, क्योंकि उनको मिला वेतन महीना खत्म होने से पहले ही खत्म हो जाता है। मीडिया संस्थान ‘डॉन’ का मानना है कि पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस बार इफ्तारी करवाने वाली संस्थाओं पर लम्बी लाइनें दिख सकती हैं।

आर्थिक समस्या में होते हुए भी इफ्तारी और सेहरी जैसे कार्यक्रम करवाने वाली संस्थाओं को अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा के चलते पीछे हटना मुश्किल है।