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जिनसे अपनी पार्टी नहीं संभल रही, वो नीतीश चले BJP को 100 पर समेटने: यहाँ जितनी पार्टी उतने PM उम्मीदवार, कुछ खामोश खिलाड़ी भी राह में रोड़ा

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार पूर्व प्रधानमंत्री एडडी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल की तरह बनना चाहते हैं। दरअसल बिहार में लगभग 18 सालों से मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार अब प्रधानमंत्री के सपने देख रहे हैं। ये सपने वे अपने जदयू के भरोसे पूरा नहीं कर सकते तो वे गठबंधन बनाने की बात कर रहे हैं।

दरअसल 1990 का दशक गठबंधन का दशक था। इस दौरान जनता फ्रंट में कई दलों के साथ एचजी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल प्रधानमंत्री बने, लेकिन दोनों एक साल का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए। आपसी खींचातान में दोनों को इस्तीफा देना पड़ा था। रविशंकर भी नीतीश कुमार को वही याद याद दिला रहे हैं।

नीतीश कुमार आजकल भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाने के लिए देश भर में घूम रहे हैं और विपक्षी दलों के नेताओं से मिल रहे हैं। अपने महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए वे उस पार्टी के साथ भी हाथ मिला लिए, जिसका विरोध करके वे पिछले 10 सालों तक भाजपा से साथ रहे। लेकिन, दूसरी बार भाजपा से नाता तोड़कर वे लालू प्रसाद यादव के खेमे में जा पहुँचे हैं।

नीतीश कुमार के इस कदम को मौकापरस्ती का नाम दिया गया। हालाँकि, राजनीति में मौकापरस्ती या विरोधी जैसा कोई शब्द नहीं होता। वहाँ होता है सिर्फ सत्ता। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की JDU और तेजस्वी यादव की RJD का गठबंधन इसी सत्ता के बँटवारे पर आधारित है। बिहार में जब वे दूसरी बार राजद के साथ मिले थे, कहा जाता है कि अंदरखाने में डील हुई थी कि नीतीश कुमार 2024 के पहले बिहार की बागडोर तेजस्वी को सौंप देंगे और वे केंद्र की राजनीति की ओर बढ़ेंगे।

ये बात कुछ सच भी लगती है कि क्योंकि समय-समय उनके मुखर विरोधी राजद उन्हें पीएम मैटेरियल बताते रहता है। राजद-जदयू के पहली बार के गठबंधन में ये सामंजस्य नहीं दिखता था और नीतीश कुमार के खिलाफ उनके सहयोग राजद की तरफ से आते रहते थे। नीतीश कुमार प्रधानमंत्री के सपने अब सिर्फ देख नहीं रहे हैं, बल्कि अब उसे जी रहे हैं। इसके लिए वे विपक्ष के नेताओं से लगातार मिल भी रहे हैं।

कुछ दिन पहले नीतीश कुमार सीपीआई एमएल के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी शामिल हुए। यहाँ से उन्होंने यह कहकर कॉन्ग्रेस को संदेश भेजा कि अगर सभी विपक्षी दल साथ आ गए तो भाजपा को 100 सीटें लानी भी मुश्किल हो जाएँगी। उन्होंने कॉन्ग्रेस को आने के लिए भी कहा। हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने उनके बयान को महत्व दिया और कहा कि कॉन्ग्रेस भी यही चाहती है। सवाल ये था पहले ‘आई लव यू’ कौन कहे?

कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा ने नीतीश कुमार का जवाब देते हुे कहा था कि जो उनकी मंशा है, वही कॉन्ग्रेसे की है। उन्होंने कहा, हालाँकि, स्थिति उन दो प्रेमियों की तरह है जो अपना समय यह तय करने में लगा रहे हैं कि पहले आई लव यू किसको बोलना चाहिए। कभी-कभी ऐसा होता है, जब अनुभवहीन प्रेमी पहले कदम उठाने से हिचकता है।”

अब यहाँ सबसे बड़ा सवाल ये ही कि अनुभवहीन प्रेमी कौन है। कौन अनुभवी है। जदयू या कॉन्ग्रेस? यहाँ कॉन्ग्रेस ही खुद को अनुभवी कहेगी। ऐसे में नीतीश के नेतृत्व को स्वीकार करने की संभावना बेहद कम है। राहुल गाँधी पिछले कुछ महीनों की कन्याकुमारी से कश्मीर तक की अपनी 3500 किलोमीटर तक की यात्रा पूरी किए हैं। ऐसे में कॉन्ग्रेस राहुल गाँधी के सिवाय किसी और को स्वीकार नहीं करेगी। 24 फरवरी 2023 को रायपुर में होने वाली कॉन्ग्रेस के 85वें अधिवेशन में यह साफ भी हो जाएगा।

पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भी तृणमूल कॉन्ग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ ऐसा ही पहल किया था। उस समय भी नेतृत्व को लेकर सवाल उठा था और कॉन्ग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कर दिया था कि वह किसी नेतृत्व में काम नहीं करेगी, बल्कि विपक्ष को कॉन्ग्रेस के नेतृत्व में काम करना चाहिए।

बात सिर्फ नीतीश कुमार और राहुल गाँधी की होती तो संभवत: समाधान निकल भी आता है, लेकिन यहाँ तो जितनी पार्टी उतने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार, टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी, बसापा की मुखिया मायावती से लेकर तेलंगाना के मुखिया केसीआर खुद ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। ऐसे में किसी एक छत्र के नेता इन नेताओं का इकट्ठा होना टेढ़ी खीर नजर आ रहा है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी बिल्कुल खामोश हैं। उनके विपक्षी चंद्रबाबू नायडू पहले कह दिया है कि इस बार का चुनाव उनका आखिरी होगा। यानी वे अब सक्रिया राजनीति में नहीं रहेंगे। ऐसे में उनके लिए साथ या विरोध बेमानी बन जाता है। केसीआर अलग ही चौथा मौर्चा बना रहे हैं। ऐसे में पूरे विपक्ष को एकछत्र के नीचे आने की आशा कम ही है।

इतने सब कद्दावर नेताओं के बीच नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी कितनी ताकतवर है, उसका अंदाजा इस बात से भी से लगा सकता है कि उपर कहे गए नेताओं में अधिकांश नेता ना सिर्फ अपनी-अपनी पार्टी सर्वेसर्वा और निर्विवाद नेता हैं, बल्कि अपने-अपने राज्यों में बहुमत की सरकार भी चला रहे हैं। इधर नीतीश कुमार के नेतृत्व उनकी ही पार्टी के नेता स्वीकार नहीं कर रहे तो दूसरे दलों की संभावना और भी कम हो जाती है। नीतीश कुमार के लिए जीतनराम माँझी, आरसीपी सिंह के बाद अब उपेंद्र कुशवाहा समस्या बन गए हैं।

अगर पार्टी के अंदरूनी विरोध को छोड़ भी दें तो उनकी पार्टी जदयू का ऐसा कोई परफॉरमेंस नहीं है, जिससे विपक्षी नेता उन्हें राजनीति का चाणक्य मानकर उन्हें नेतृत्व को स्वीकार कर लें। नीतीश कुमार खुद भाजपा की नैया में बैठकर चुनाव की नदी पार करते रहे हैं और अहसान की कुर्सी संभालते रहे हैं। भाजपा के अलग होने के बाद यह काम राजद कर रही है, लेकिन बिना सहारे के जदयू अपंग जैसी है।

नीतीश कुमार का बिहार में कितना प्रभुत्व है इसका पता इससे भी चल जाता है कि नरेंद्र मोदी के उदय के बाद साल 2013 में उन्होंने भाजपा से नाता तोड़ लिया और साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अकेले उतरे। बिहार की कुल 40 सीटों में वे सिर्फ दो सीटें जीतने में कामयाब रहे।

साल 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव महागठबंधन के नाम से वे राजद, कॉन्ग्रेस और कम्युनिष्ट पार्टी के साथ लड़े। इसमें सबसे अधिक राजद को हुआ। यह चुनाव राजद के मृतसंजीवनी की तरह था। इसमें राजद 80 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इसके बाद जदयू को 71 सीटें मिली। इसके बाद वे 2017 में गठबंधन से अलग होकर साल 2019 का चुनाव फिर भाजपा के साथ लड़े। इसमें उन्हें 16 सीटें मिलीं।

इस तरह नीतीश कुमार उस राज्य में ही कोई प्रभाव नहीं है, जहाँ वे पिछले 18 सालों से वे मुख्यमंत्री हैं। दूसरे राज्यों में तो उनका ना ही नाम है और ना ही जनाधार। ऐसे में कोई नेता उनका नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार नहीं होगा। हालाँकि, पिछले कुछ दिनों यह कहकर कि वे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं, सिर्फ भाजपा को हटाने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट कर रहे हैं, अपनी छवि सबसे बड़ी भाजपा विरोधी के तौर पर बनाना चाह रहे हैं।

इसके साथ ही खुद को एक ऐसे नेता के तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं तो ईमानदार है और उसे किसी पद की चाहत नहीं है, ताकि किसी भी रूकावट की स्थिति में अंतिम विकल्प के तौर पर उनके नाम पर विचार किया जा सके। हालाँकि, इसकी भी संभावना नगण्य है, लेकिन राजनीति चौसर की बिसात है जहाँ नींद में सोते हुए व्यक्ति को जगाकर कह दिया जाता है कि वे प्रधानमंत्री पद का शपथ ग्रहण करे। रविशंकर इन्हीं इंद्र कुमार गुजराल की स्थिति का हवाला नीतीश कुमार को दे रहे हैं कि देखो गठबंधन का क्या हश्र होता कि सरकार 1 साल भी नहीं चल पाती।

महाशिवरात्रि पर महाकाल की नगरी ने बनाया गिनीज बुक रिकॉर्ड: 18 लाख दीयों से जगमगाया क्षिप्रा तट, 2 दिन में 15 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

महाशिवरात्रि पर महाकाल की नगरी उज्जैन दीयों की रोशनी से जगमगा उठी। शनिवार (18 फरवरी, 2023) को क्षिप्रा नदी के तट पर आयोजित हुए शिव ज्योति अर्पणम कार्यक्रम में एक साथ 18 लाख 82 हजार दीये जलाने का विश्व रिकॉर्ड बना। यही नहीं, महाशिवरात्रि के दिन दर्शन करने आए करीब 8 लाख लोगों ने महाकाल मंदिर से रिकॉर्ड 150 क्विंटल लड्डू की खरीददारी की है।

शिव ज्योति अर्पणम कार्यक्रम में एक साथ 21 लाख दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया था। हालाँकि, 18 लाख 82 हजार 299 दीये ही जल सके। लेकिन, इसके बाद भी यह रिकॉर्ड, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया।

दीये जलाने के लिए पहले से ही खास इंतजाम किए गए थे। हूटर बजते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीया जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद क्षिप्रा नदी के तट पर मौजूद लोगों ने दिए जलाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते घाट दीपक की रोशनी से जगमगा उठे।

इस दौरान घाटों की बिजली बंद कर दी गई थी। इससे दीयों की रोशनी साफ देखी गई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने दीये जलाने का विश्व रिकॉर्ड बनने के बाद सीएम शिवराज को सर्टिफिकेट सौंपा। इससे पहले दीये जलाने का विश्व रिकॉर्ड अयोध्या के नाम था। यह रिकॉर्ड दीपावली पर 24 अक्टूबर 2022 को बनाया गया था। तब राम नगरी में एक साथ 15 लाख 76 हजार दीये जलाए गए थे।

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “मैं उज्जैन वासियों का अभिनंदन करता हूँ। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तरक्की कर रहा है। मध्य प्रदेश किसी से कम नहीं है। महाकाल महाराज की कृपा मध्य प्रदेश पर बरस रही है। भगवान महाकाल की नगरी में सब कुछ अलौकिक है। आज से विक्रम उत्सव का भी शुभारंभ हो रहा है, जो वर्ष प्रतिपदा तक चलेगा। महाशिवरात्रि का पावन पर्व है। चारों तरफ आनंद की वर्षा हो रही है, इस आनंद में हम डूबे हुए हैं।”

दो दिन में 15 लाख लोगों ने किए दर्शन, बिक गए 150 क्विंटल लड्डू

उज्जैन के महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर 9 लाख से अधिक लोगों ने दर्शन किए। वहीं इससे पहले दिन यानी शुक्रवार (17 फरवरी 2023) को भी करीब 6 लाख लोगों ने दर्शन किए थे। इस तरह से दो दिन में 15 लाख से अधिक लोगों ने दर्शन किए। माना जा रहा है कि इतने अधिक दर्शनार्थियों को दर्शन की सुविधा करीब महाकाल लोक बन जाने से ही संभव हो सकी। महाकाल लोक करीब 800 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ।

इसके अलावा, महाशिवरात्रि में महाकाल मंदिर में प्रसाद के लिए बनाए गए 32 लड्डू विक्रय केंद्र से करीब 150 क्विंटल लड्डू की बिक्री हुई है। इससे एक दिन में महाकाल मंदिर समिति को करीब 54 लाख रुपए की आय हुई है।

पिछले 20 सालों में नहीं हुआ ऐसा… ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट तो जीता भारत, लेकिन KL राहुल निशाने पर: पूर्व क्रिकेटर बोले – कई प्रतिभाओं से छीना जा रहा मौका

भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली में हुए ‘बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2023’ के दूसरे मैच में जीत दर्ज कर ली। रवींद्र जडेजा इस मैच के हीरो रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में 7 विकेट लिए। उनके अलावा अक्षर पटेल का भी खासा योगदान रहा, जिन्होंने इस बार बल्ले से कमाल करते हुए 74 रनों की पारी खेली थी। कुल मिला कर मैच में रवींद्र जडेजा ने 10 विकेट लिए और रविचंद्रन आश्विन के खाते में 6 विकेट गए। ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी दूसरी पारी में मात्र 113 रनों पर ढह गई।

इधर इस मैच में भारत की जीत के बावजूद केएल राहुल की चर्चा हो रही है, जो अपने करियर के खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं। सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने हाल ही में अभिनेता सुनील शेट्टी की बेटी आथिया से शादी की थी। इस सीरीज की तीन पारियों में उनके बल्ले से अब तक मात्र 38 रन ही निकले हैं। इससे पहले भी उनका फॉर्म कुछ अच्छा नहीं चल रहा था। इस कारण उन पर मीम्स की बौछार हो रही है और लोग उनके मजे ले रहे हैं।

केएल राहुल को टीम से बाहर निकाल कर शुभमन गिल या अन्य युवाओं को मौका देने के पक्ष में सबसे ज़्यादा मुखर पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद हैं। उन्होंने कई ट्वीट्स कर के बताया कि कैसे मयंक अग्रवाल को भी इतने मौके नहीं मिले। शिखर धवन का औसत भी केएल राहुल से बेहतर है। उन्होंने टीम प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर एक खिलाड़ी को इतने मौके क्यों दिए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में भारतीय क्रिकेट टीम के किसी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज ने इतने कम औसत से रन नहीं बनाए।

उन्होंने कहा कि केएल राहुल को टीम में बनाए रखने प्रतिभाशाली क्रिकेटरों से मौके छीनने के बराबर है। कई ऐसे इन फॉर्म बल्लेबाज हैं, जो इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान धवन और मयंक के औसत गिनने के अलावा गिल के फॉर्म की भी बात की। उन्होंने घरेलू में अच्छा प्रदर्शन कर रहे सरफराज खान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जहाँ कुलदीप जैसों को परफॉर्म करने के बावजूद अगले मैच में बाहर कर दिया जाता है, केएल राहुल को मौका दिया जा रहा है जो फ़िलहाल भारत के शीर्ष 10 ओपनरों में भी नहीं आते हैं।

भावुक माहौल के बीच बागेश्वर धाम में वैवाहिक बंधन में बँधे 125 जोड़े, इनमें 58 अनाथ लड़कियाँ: माँ के चरणों में दंडवत दिखे पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम में रविवार (18 फरवरी 2023) को सामूहिक कन्या विवाह संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित इस विवाह सम्मेलन में 125 जोड़े विवाह बंधन में बंध गए। इसमें शामिल हुई 125 लड़कियों में से 58 ऐसी लड़कियाँ थीं, जिनके माता या पिता का निधन हो चुका है। शादी के बाद विदाई के दौरान, लड़कियों समेत बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी भावुक नजर आए।

ऐसी थी तैयारियाँ

बागेश्वर धाम में बीते 4 वर्षों से ‘कन्या विवाह’ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष हुए इस सामूहिक विवाह की तैयारियाँ महीनों पहले शुरू हो गईं थीं। इसके लिए सभी जोड़ों के लिए अलग-अलग पंडाल या विवाह मंडप बनाए गए थे। वर-वधु के परिजनों को पहले ही मंडप नंबर दे दिया गया था। यही नहीं, धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लड़कियों के लहँगे और लड़कों की शेरवानी भी पहले ही उनके परिजनों को दे दी थी।

परिणय सूत्र में बाँधने के लिए सभी 125 जोड़े सुबह 7 से ही बागेश्वर धाम पहुँचना शुरू हो गए थे। इसके बाद करीब 10 बजे से शादी की रस्मों की शुरुआत हुई। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी कन्याओं का कन्यादान करते हुए रस्मों को आगे बढ़ाया। बैंड-बाजे की धमक और मंत्रोच्चारण गूँज के साथ वर-वधु शादी के बंधन में बंध गए।

इस मौके पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्होंने गरीबी बेहद करीब से देखी है। गरीबी से ही उन्हें गरीब कन्याओं के विवाह की प्रेरणा मिली। बागेश्वर बालाजी की कृपा से कन्याओं के विवाह का यह क्रम चलता रहेगा।

बागेश्वर धाम से मिली गृहस्थी की सामग्री

विवाहित जोड़ों को बागेश्वर धाम सेवा समिति की ओर से गृहस्थ की पूरी सामग्री दी जाती है। इसमें टीवी, फ्रिज, कूलर, बेड, सोफा, अलमारी, गैस सिलेंडर, बर्तन साड़ी, सोने-चाँदी के आभूषण सहित 70 सामग्री उपहार में दी गई। इस दौरान किन्नर समाज ने भी आशीर्वाद देते हुए सभी जोड़ों को 5-5 साड़ियाँ बतौर उपहार भेंट की।

इस कार्यक्रम के दौरान, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास की महाराज, इंग्लैंड से आए राजराजेश्वर महाराज, किशोर दास महाराज, अनिरुद्धाचार्य महाराज के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, अभिनेता गोविंद नामदेव, वन मंत्री विजय शाह, ब्रिटेन राजपरिवार के प्रतिनिधि साइमन ओवन्स समेत कई अन्य हस्ती मौजूद रहे।

पूरियाँ बेले, माँ के चरणों में दिखे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

बागेश्वर धाम में बीते 4 सालों से अन्नपूर्णा भंडारा चल रहा है। इस भंडारे में हर रोज हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। ‘कन्या विवाह’ के इस कार्यक्रम के लिए भंडारे की अलग से व्यवस्था की गई थी। इस दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भंडारे का लिए खाना बना रही महिलाओं के साथ पूरियाँ बेलते दिखाई दिए। यही नहीं, उनकी एक फोटो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस फोटो में वह अपनी माँ को दंडवत प्रणाम करते दिखाई दे रहे हैं।

भावुक हुआ ‘बागेश्वर धाम’

125 कन्याओं के विवाह के बाद जब विदाई का समय आया तो बागेश्वर धाम में मौजूद हर आँखें नम दिखाई दी। दरअसल, विदाई के पहले तक वहाँ सब कुछ सामान्य चल रहा था। हर ओर खुशियाँ हुई थीं। लेकिन विदाई के दौरान जब लड़कियों ने रोना शुरू किया तो उनके परिजनों सहित इस विवाह सम्मेलन का हिस्सा बनने आए लाखों लोग भावुक नजर आए। यही नहीं, ‘बेटियों’ को रोता देख बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी भावुक हो गए।

मुख़्तार अंसारी की बहू के iPhone में दुबई-UAE के नंबर: सख्ती के बाद दिया पासवर्ड, पुलिस के पहुँचते फोन कर दिया था लॉक

जेल में बंद बाप-बेटे गैंगस्टर मुख्तार अंसारी और सुभाजपा विधायक अब्बास अंसारी के बाद अब निकहत अंसारी को मुश्किलें बढ़ गई हैं। निकहत अब्बास की बीवी हैं और वह चित्रकूट जेल में अवैध तरीके से उनसे मिलती थीं। पुलिस को निकहत के मोबाइल से विदेशों के नंबर मिले हैं। उनका दुबई का कनेक्शन सामने आया है।

निकहत को 10 फरवरी 2023 को चित्रकूट जेल के डिप्टी जेलर के कमरे में अपने शौहर के साथ मिलने और समय बिताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से पुलिस निकहत और उनके ड्राइवर नियाज अहमद से लगातार पूछताछ कर रही थी। पूछताछ में निहकत अपने iPhone का पासवर्ड पुलिस को नहीं दे रही थी।

गैंगस्टर मुख्तार की बहू से उत्तर प्रदेश SIT, STF और साइबर टीमों ने लभग 8 घंटे तक पूछताछ की। हालाँकि, सख्ती के बाद उन्होंने अपने दोनों मोबाइलों का पासवर्ड दिया। इसमें दुबई और यूएई के नंबर मिले। पुलिस टीम ने उनके नंबर का कॉल डिटेल तो कई विदेशी नंबरों पर बातचीत मिली।

दरअसल, जेल में अपने शौहर से मिलने जब निकहत गई थी, इन्हीं दो फोन को लेकर वह गई थी। जैसे ही पुलिस निकहत तक पहुँची, उन्होंने अपने दोनों फोन लॉक कर दिए। बार-बार कहने के बावजूद निकहत अपने आईफोन का पासवर्ड नहीं दे रही थी। आईफोन के खुलने के साथ ही पुलिस को कई सनसनीखेज जानकारियाँ मिली हैं।

मोबाइन जाँच करने के बाद पुलिस को पता चला है कि आईफोन पर UAE और दुबई से थे। अब निकहत के आईफोन के फेस ऐप को भी खंगालने में जुटी है। पुलिस को शक है कि अब्बास फेस ऐप के जरिए जेल से ही अपना कारोबार चलाता था। फेस के जरिए ही उस पर धमकी देने से लेकर अपने गुर्गों से संपर्क करने तक का आरोप है।

पुलिस ने फिलहाल निकहत और ड्राइवर नियाज को रिमांड पर लिया है। नियाज हमेशा निकहत के साथ रहता था। निकहत किसके मिल रही है, किससे बात कर रही है इन सब चीजों की उससे जानकारी होती है। गिरफ्तारी के वक्त नियाज ने अपना मोबाइल को भी गायब कर दिया था। पुलिस उसके मोबाइल को बरामद करने में जुटी है।

निकहत अंसारी पर अपने शौहर को जेल से भगाने की साजिश रचने का भी आरोप है।

रिपोर्ट के मुताबिक, छापे के दौरान जब महिला पुलिसकर्मियों ने निकहत को पकड़ा तो उन्होंने पुलिसकर्मियों का हाथ झटक दिया था निकहत ने हाथ पकड़ने वाली महिला पुलिसकर्मी को धमकाते हुए कहा था कि ‘मैं खुद चल रही हूँ, घसीटने की कोशिश की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा’। निकहत के पास दो मोबाइल और सऊदी अरब की करेंसी बरामद हुई थी। 

बता दें कि बीवी के रोज जेल में घंटों बिताने की घटना सामने आने के बाद अब्बास अंसारी को चित्रकूट से कासगंज जेल भेज दिया गया है। अब्बास मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पिछले तीन महीने से चित्रकूट जेल में बंद थे।  

बच्ची का यौन शोषण कर रहा था मौलवी, गंदी-गंदी बातें भी करता था: छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार, अरबी की ट्यूशन लेने जाती थी कक्षा 4 की छात्रा

छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक नाबालिग बच्चे के साथ अश्लीलता का मामला सामने आया है। आरोप मदरसे में अरबी पढ़ाने वाले एक मौलवी पर लगा है जिसका नाम मोहम्मद मेराज है। आरोप है कि मोहम्मद मेराज पिछले काफी समय से 9 साल की पीड़िता को गंदे तरीके से छू रहा था और गंदी-गंदी बातें किया करता था। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित कई अन्य धाराओं में केस दर्ज करते हुए मौलवी मेराज को गिरफ्तार कर लिया है। घटना शनिवार (18 फरवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना सुपेला थानाक्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि क्लास 4 में पढ़ने वाली पीड़िता बच्ची मौलवी के पास अरबी भाषा का ट्यूशन पढ़ने जाया करती थी। यहाँ पढ़ाने वाला मौलवी मेराज काफी समय से पीड़िता से बैड टच कर रहा था। मौलवी की इस हरकत से बच्ची न सिर्फ गुमसुम बल्कि डरी-सहमी भी रहने लगी थी। आख़िरकार एक दिन उसने मौलवी की करतूत अपने घर वालों से बता दी। मामले की जानकारी होते ही बच्ची के अब्बा उसे ले कर थाने पहुँचे और मोहम्मद मेराज के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।

शिकायत में इस बात का भी जिक्र है कि मौलवी मोहम्मद मेराज नाबालिग पीड़िता से गंदी-गंदी बातें भी किया करता था। सुपेला थाना पुलिस ने पीड़िता के अब्बा की शिकायत पर मेराज के खिलाफ IPC की धारा 354 और 509 के साथ 12 पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक दुर्ग के मुताबिक, आरोपित मौलवी मेराज को गिरफ्तार कर के पूछताछ की जा रही है रही है। पुलिस आरोपों के समर्थन में सबूत भी जुटा रही है। पुलिस ने परिजनों से भी ऐसे मामलों में थोड़ा अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।

गौरतलब है कि इसी माह फरवरी में देहरादून की एक अदालत ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोपित मदरसे मौलाना को 20 साल की कैद की सजा सुनाई थी। फरवरी महीने में ही सहारनपुर के ही एक मदरसे में पढ़ने वाले एक छात्र ने दूसरे छात्र से रेप के प्रयास में विफल रहने पर उसकी गर्दन काट कर हत्या कर दी थी। एक अन्य घटनाक्रम में जनवरी 2023 में गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक मदरसे के हाफिज पर 12 साल के नाबालिग छात्र से अप्राकृतिक कुकर्म का आरोप लगा था।

जनवरी 2023 में ही बिहार के नवादा जिले के एक मदरसे में पढ़ने गई नाबालिग लड़की को मौलवी शहादत हुसैन अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था।

सीरिया की राजधानी में इजरायल ने दागी ताबड़तोड़ मिसाइलें, 15 की मौत: इसी इलाके में है इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर, कई वरिष्ठ अधिकारियों के घर

इजरायल (Israel) ने रविवार (19 फरवरी 2023) को तड़के सीरिया की राजधानी दमिश्क (Damascus, Syria) में मिसाइल दागी। इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं। इस इलाके में सीरिया की सिक्योरिटी एजेंसी इंटेलीजेंस हेडक्वॉर्टर स्थित है। इसके साथ ही यहाँ कई वरिष्ठ अधिकारियों के घर भी हैं।

सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, इजरायल द्वारा दागी की गई मिसाइल काफर सोउसे में की गई, जो एक 10 मंजिला इमारत पर जाकर गिरी। सीरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इजरायल ने गोलन हाइट्स की तरफ से हवाई हमला किया। मंत्रालय के अनुसार, यह हमला रिहायशी इलाके में की गई है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इजरायल यह हमला किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाकर किया था या कोई अन्य कारण था।

इससे पहले सीरिया में शुक्रवार (17 फरवरी 2023) को एक और हमला हुआ था, जिसमें 53 लोग मारे गए थे। सीरिया की सरकारी मीडिया ने इसके लिए खूंखार आतंकी संगठन ISIS को जिम्मेदार बताया था। रविवार को किए गए हमले को लेकर इराजयल की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया है।

सीरिया में किसी भी एयर स्ट्राइक को लेकर आमतौर पर इजरायल बयान नहीं जारी करता है। इजराइल डिफेंस फोर्सेज के मुताबिक, वो उन जगहों पर हमला करती है, जहाँ इजरायल के खिलाफ काम करने वाले आतंकी गुट रहते हैं या फिर जहाँ बड़ी मात्रा में इन गुटों के हथियार रखे होते हैं।

इजरायल ईरान समर्थित लेबनान के हिज्बुल्लाह आतंकवादी संगठन को लगातार निशाना बनाता है। सीरिया में साल 2011 में शुरू हुए युद्ध के बाद इजरायल सीरिया पर सैकड़ों हमले कर चुका है। इजरायल इसमें आतंकियों और सीरियाई सैनिकों को निशाना बनाता है। इजरायल का कहना है कि वह अपनी सीमा पर ईरान के प्रभाव को स्वीकार नहीं करेगा। इस आतंकी संगठन से उसे लगातार खतरा बना रहता है।

इससे पहले इजरायल ने जनवरी में भी सीरिया पर हवाई हमला किया था। सीरियाई सेना ने इसकी जानकारी दी थी। इस हमले में दो सैनिक मारे गए थे, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। पिछले साल अगस्त में भी इजरायल ने सीरिया के 2 हवाईअड्डों को निशाना बनाया था। इसमें 6 सीरियाई सैनिकों और 2 आतंकी मारे गए थे। ईरान समर्थक हिज़्बुल्लाह के शीर्ष कमांडर इमाद मोगनियाह को 2008 में काफ़र सूसा में ही एक बमबारी में मार दिया गया था।

बता दें कि लेबनान का हिजबुल्ला समूह शिया मुस्लिमों का आतंकवादी संगठन है। इसके साथ ही यह एक राजनीतिक पार्टी भी है। ईरान और सीरिया के शिया बहुल मुल्क होने के कारण इस आतंकी संगठन को दोनों देशों का समर्थन हासिल है। 1982 में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने लेबनान में घुसे इजरायली लोगों को मारने के लिए हिजबुल्ला की स्थापना की थी।

अभी बजट बना रहा हूँ… शराब घोटाले में पूछताछ के लिए CBI के सामने पेश नहीं हुए मनीष सिसोदिया, BJP ने पूछा – चोर नहीं हो तो डर कैसा?

दिल्ली के शराब घोटाला मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया था। हालाँकि सिसोदिया ने कहा है कि सीबीआई (CBI) उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, इसलिए दिल्ली का बजट तैयार करने के लिए 1 सप्ताह का समय चाहिए। सीबीआई ने उनकी इस माँग को मंजूर करते हुए नई तारीख देने की बात कही है। वहीं, भाजपा ने तंज कसते हुए कहा है कि बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीआई ने समन जारी करते हुए मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए रविवार (19 फरवरी, 2023) को बुलाया था। इस बुलावे को लेकर मनीष सिसोदिया ने कहा है, “मैंने हमेशा सीबीआई के साथ सहयोग किया है। लेकिन दिल्ली के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है क्योंकि हमें बजट तैयार करना है। बजट फरवरी के अंत तक केंद्र सरकार को भेजना है। मुझे पता था कि वे गिरफ्तार करेंगे। इसलिए मैंने सीबीआई से बजट को अंतिम रूप देने के लिए समय की माँग की है।”

उन्होंने यह भी कहा है कि वह 24 घंटे बजट बनाने में व्यस्त रहते हैं। वह कोशिश कर रहे हैं कि फरवरी के अंत तक बजट तैयार हो जाए। बजट बनाने के बाद आबकरी नीति से जुड़े हर सवाल का जवाब देंगे। फरवरी के बाद उन्हें कभी भी बुलाया जाए वह हाजिर हो जाएँगे। उन्हें लगता है कि सीबीआई के अफसर इस बात को जरूर समझेंगे।

मनीष सिसोदिया की इस माँग को लेकर सीबीआई ने कहा है, “दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सीएम मनीष सिसोदिया सीबीआई मुख्यालय में जाँच में शामिल नहीं हो रहे हैं। सीबीआई जल्द ही नई तारीख जारी करेगी।”

इससे पहले, शनिवार (18 फरवरी 2023) को मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा था, “सीबीआई ने कल फिर बुलाया है। मेरे ख़िलाफ इन्होंने CBI, ED की पूरी ताक़त लगा रखी है। घर पर रेड, बैंक लॉकर तलाशी, कहीं मेरे ख़िलाफ़ कुछ नहीं मिला। मैंने दिल्ली के बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा का इंतज़ाम किया है। ये उसे रोकना चाहते हैं। मैंने जाँच में हमेशा सहयोग किया है और करूँगा।”

फिलहाल, भाजपा मनीष सिसोदिया पर हमलावर है। भाजपा प्रवक्ता हरीश खुराना ने कहा है, “मनीष सिसोदिया ने सीबीआई से एक हफ्ते का समय माँगा है। सीबीआई समय देती है या नहीं यह उनके ऊपर है। लेकिन हमारा मानना है कि इनका असल मकसद सवालों से भागना है। आप कल तक कहते थे कि घोटाला हुआ ही नहीं है। लेकिन अब आपकी बॉडी लैंग्वेज घबराई-घबराई लग रही है।”

बीजेपी प्रवक्ता हरीश खुराना ने आगे कहा है, “आपको लग रहा है कि सीबीआई बहुत कठिन सवाल पूछने वाली है। जवाब तैयार करने के लिए आपको समय चाहिए। इसके लिए आपने बजट का बहाना बताते हुए समय माँग लिया है। हमारा मानना है कि बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी। एक न एक दिन तो आपको पेश होना ही है और सवालों के जवाब देना ही पड़ेगा।”

दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष सुनील यादव ने भी मनीष सिसोदिया पर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “अगर चोर नहीं हो और नई शराब नीति में कोई चोरी नहीं की तो दिल्ली के शराब मंत्री मनीष सिसोदिया जाँच से डरे हुए क्यों हैं? बजट का बहाना बनाकर जाँच एजेंसियों को सहयोग क्यों नहीं कर रहे। इसका मतलब साफ है चोरी बहुत बड़े स्तर पर हुई है और मास्टरमाइंड अरविंद केजरीवाल सहित सब जेल में होंगे।”

तनवीर आलम ने सैन्य अधिकारी की नाबालिग बेटी का किया बलात्कार, बेटे के साथ भी कुकर्म, पत्नी से अश्लील हरकतें: सिंगिंग एप से हुई थी जान-पहचान

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सैनिक क्षेत्र में तैनात एक सैन्य अधिकारी ने एक मुस्लिम युवक पर अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप और नाबालिग बेटे के साथ भी अप्राकृतिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। आरोपित का नाम तनवीर आलम है जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि तनवीर पीड़ित सैनिक की पत्नी से सिंगिंग एप के जरिए मिला था। पुलिस ने केस दर्ज कर के तनवीर की तलाश शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला देहरादून के थानाक्षेत्र कैंट का है। यहाँ JCO पद पर पोस्टेड पीड़ित सैन्य अधिकारी अपने परिवार के साथ सेना के सरकारी क्वार्टर में रहते हैं। पीड़ित के बेटे की उम्र 10 साल जबकि बेटी की उम्र 15 साल बताई जा रही है। शिकायत में बताया गया है कि पीड़ित की पत्नी ने अप्रैल 2022 में एक सिंगिंग एप डाउनलोड किया था। इसी एप के माध्यम से बिहार के छपरा जिले की इस्लाम कॉलोनी में रहने वाले तनवीर आलम से महिला का परिचय हुआ। कुछ दिनों की दोस्ती के बाद पीड़ित की पत्नी और तनवीर में अश्लील बातें होने लगीं।

शिकायत में पीड़ित ने आगे बताया कि कुछ समय पूर्व वह सेना का एक कोर्स करने महाराष्ट्र चला गया। पति की गैर मौजूदगी में महिला ने तनवीर को अपने पास देहरादून बुला लिया। तनवीर महिला के साथ पीड़ित के ही सरकारी आवास पर रहने लगा। यहाँ पीड़ित के बच्चों का दावा है कि आरोपित तनवीर को उन्होंने अपनी माँ के साथ कई बार गंदी हरकतें करते देखा था। इसी के साथ तनवीर ने पीड़ित की नाबालिग बेटी से भी रेप किया। जब बच्ची ने इसकी शिकायत अपनी माँ से की तब इसे अनसुना कर दिया गया।

आरोप है कि कुछ समय बाद तनवीर आलम ने पीड़ित के नाबालिग बेटे के साथ भी अप्राकृतिक कुकर्म किया। शिकायत में सैन्य अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया है कि तनवीर आलम उनके नाबालिग बच्चों पर इस्लाम कबूल करने का भी दबाव बना रहा था। पुलिस की जाँच में यह बात भी सामने आ रही है कि पीड़ित सैन्य अधिकारी और उनकी बीवी के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हैं। फ़िलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। कैंट थाने के इंस्पेक्टर विनय कुमार के मुताबिक मामले में जाँच और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। फ़िलहाल तनवीर आलम फरार है।

स्वरा-फहद की शादी से AMU में जश्न, वलीमे की हो रही तैयारी: बरेली के मौलाना ने शादी को बताया ‘नाजायज’, कहा- लड़की को मुस्लिम बनना जरूरी

अक्सर विवादों में रहने वाले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में स्वरा भास्कर और उनके शौहर सपा नेता फहद के रिसेप्शन की तैयारियाँ चल रही हैं। यह दावत AMU छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष फैज़ुल हसन की तरफ से दी जा रही है। रिशेप्शन में लगभग 50 से 100 के बीच कुछ ख़ास लोगों बुलाया गया है। हालाँकि, इस्लामी मौलाना स्वरा और फहद के निकाह को जायज नहीं मानते हैं।

फैज़ुल हसन ने रविवार (19 फरवरी 2023) को कहा कि स्वरा और फहद के निकाह का कुछ लोगों द्वारा विरोध भी हो रहा है, लेकिन उन दोनों ने पूरे कानूनी तौर-तरीकों से ही एक-दूसरे को अपनाया है। AMU कैम्पस को हर किसी का बताते हुए फैज़ुल ने कहा कि वो आपस में चर्चा करके दावत वाली जगह की घोषणा करेंगे।

हालाँकि, अपनी पर्सनल सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल पर एक दिन पहले शनिवार (18 फरवरी 2023) को फैज़ुल ने यह दावत अपनी तरफ के बजाए, वकील डॉ फारुख खान की तरफ से देने की बात कही। फारुख खान AMU के पूर्व छात्र नेता हैं। बता दें कि सपा नेता फहद भी AMU के छात्र रहे हैं। फैजुल कहा कहना है कि इसी नेता कैंपस में वलीमा रखा गया है।

वहीं, AMU के पूर्व उपाध्यक्ष ने नदीम अंसारी ने कैंपस में इस आयोजन का विरोध है। उन्होंने कहा कि कैंपस मे शादी की पार्टी करना जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एक शिक्षण संस्थान है। कैंपस में ये सब चीजें शोभा नहीं देतीं। उन्होंने कहा कि वे इसका विरोध करेंगे।

इस्लाम को स्वरा और फ़हद का निकाह कबूल नहीं

स्वरा भास्कर और सपा नेता फहद के वलीमे की तैयारियाँ फैज़ुल जैसे छात्र नेता जोर-शोर से भले ही कर रहे हों, लेकिन इस्लामी मौलानाओं की नजर में ये निकाह गैर इस्लामी है। बरेली दरगाह आला हजरत के प्रचारक मौलाना शहाबुद्दीन ने भी इसे नाजायज कहा है।

शहाबुद्दीन ने कहा कि शरीयत-ए-इस्लामिया का सीधा-सीधा नजरिया है और हुकुम है कि अगर लड़की गैर-मुस्लिम है और उसने इस्लाम मजहब कबूल नहीं किया और मुस्लिम लड़के से शादी करना चाहती है तो कुरान और हदीस के अनुसार जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए लड़की को इस्लाम कबूलना ही होगा।

कुछ समय पूर्व ऐसी निकाह को लेकर ऑपइंडिया से उत्तर प्रदेश में सीतापुर जिले के लहरपुर कस्बे में स्थित दारुल उलूम रहमानिया मदरसे के मौलाना और जमीयत-उल-हिंद के जिला महासचिव वकील अहमद काशमी ने खुल कर अपनी राय रखी थी।

तब जमीयत-उल-हिंद के मौलाना वकील अहमद काशमी ने साफ तौर पर कहा था कि इस्लाम में केवल ऐसे निक़ाहों को मान्यता है, जिसमें मियाँ और बीवी दोनों मुस्लिम हों। कासमी के अनुसार शरीयत ऐसे जोड़ों को कतई कबूल नहीं करती, जिसमें कोई भी एक किसी अन्य मत या मज़हब को मानने वाला/वाली हो।

उन्होंने ने ऐसे बेमेल रिश्तों को इस्लाम की बदनामी करने वाला बताते हुए लोगों के खुद से बनाए मनमाने कानून बताया। कासमी का दावा है कि गैर मत-मज़हब वाले रिश्ते दूसरी दुनिया में भी कबूल नहीं होते।