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श्रद्धा के टुकड़े करने वाला आफताब करेगा हायर स्टडी, कहा- पेंसिल और नोटबुक दी जाए: साकेत कोर्ट ने जारी किया नोटिस

आफताब अमीन पूनावाला की याचिका पर साकेत कोर्ट ने जेल प्रशासन और दिल्ली पुलिस से जवाब माँगा है। याचिका में उसने चार्जशीट की कॉपी और वीडियो व्यवस्थित तरीके से देने की माँग की है। श्रद्धा वाकर की हत्या के आरोपित आफताब ने हायर स्टडी के लिए पेंसिल और नोटबुक की भी डिमांड की है। साथ ही अपना एजुकेशनल सर्टिफिकेट दिलाने की माँग की है।

आफताब के वकील एमएस खान की तरफ से दी गई याचिका में कोर्ट से कहा गया है कि उपलब्ध कराया गया चार्जशीट पढ़ने योग्य नहीं है। चार्जशीट जिस पेन ड्राइव में दिया गया है] वह ओवरलोडेड है। पेन ड्राइव में उपलब्ध फुटेज भी साफ नहीं है। याचिका में माँग की गई है कि फुटेज और चार्जशीट की कॉपी अलग-अलग पेन ड्राइव में उपलब्ध कराई जाए।

आफताब की तरफ से दी गई दूसरी याचिका में कहा गया है कि जाँच अधिकारी उसकी पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी सर्टिफिकेट वापस दें। आफताब का कहना है कि वह आगे पढ़ाई करना चाहता है इसलिए उसे इनकी आवश्यकता है। इन्हीं याचिकाओं पर जेल प्रशासन और जाँच अधिकारी से जवाब माँगा गया है। लिखित मटेरियल और सर्टिफिकेट उपलब्ध कराए जाने पर कोर्ट बुधवार (15 फरवरी, 2023) को सुनवाई करेगी। जबकि साफ चार्जशीट और फुटेज उपलब्ध कराए जाने पर अदालत में शुक्रवार (17 फरवरी, 2023) को सुनवाई होगी।

बता दें आफताब ने अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा की हत्या कर शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे। लाश के टुकड़ों को उसने फ्रिज में रखा था और एक-एक कर टुकड़ों को ठिकाने लगा दिया था। आफताब के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 24 जनवरी, 2023 को 6629 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की थी। इसके मुताबिक श्रद्धा को मारने के बाद आफताब ब्लेड, हथौड़ा, प्लास्टिक लेने गया था। सामान लेकर लौटने के बाद उसने शव को बाथरूम में काटना शुरू किया। पहले श्रद्धा की कलाई काटकर पॉलीथीन में रखी और फिर अगले पाँच दिन में शव के 17 टुकड़े कर दिए। इन 17 टुकड़ों में दोनों हाथ-पाँव के 6-6 टुकड़े शामिल थे। इसके अलावा सिर, धड़, अंगूठों को भी काट डाला गया था।

TATA की एयर इंडिया ने की सबसे बड़ी डील! 250 एयरबस-220 बोइंग विमान खरीदेगी, अमेरिका-फ्रांस-ब्रिटेन सब हुए मुरीद

एयर इंडिया (Air India) की कमान हाथों में लेने के बाद अब टाटा समूह (Tata Group) इस विमानन कंपनी के बेड़े का आकर बढ़ाने और संचालन को विस्तार देने में जुट गई है। इसी कड़ी में अमेरिका और फ्रांस की कंपनियों के साथ करार किया गया है। यह एविएशन सेक्टर की सबसे बड़ी डील बताई जा रही है।

एयर इंडिया फ्रांस की एयरबस (AirBus) से 250 और अमेरिकी विमान निर्माता बोइंग (Boing) से 220 यात्री विमान खरीदेगी। एयर इंडिया के इस कदम से एविएशन सेक्टर में भारत की प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर बढ़ी है। अमेरिका (America), फ्रांस (France) और ब्रिटेन (Britain) के राष्ट्राध्यक्षों ने डील को लकर खुशी जाहिर की है।

फोटो क्रेडिट -CNBC आवाज

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा है कि एयर इंडिया बोइंग से 220 एयरक्राफट खरीदने जा रही है। इस डील से 44 राज्यों में करीब 10 लाख अमेरिकी जॉब पैदा होंगी। इस डील की वजह से अब कईयों को अपनी चार साल की डिग्री को पूरा करने की जरूरत नहीं है। यह घोषणा भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होती आर्थिक साझेदारी को भी दर्शाता है।

वही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्वीट कर कहा, ”एयरबस और टाटा संस ने जिस कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए, वह भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी में एक नया चरण है। फ्रांस और हमारे उद्योग में आपके विश्वास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद।”

दूसरी ओर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी इस समझौते को लेकर खुशी जताई। उन्होंने अपने बयान में कहा, “यह दशकों में भारत के साथ सबसे बड़े निर्यात सौदों में से एक है और यूके के एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए एक बड़ी जीत है। विंग्स का निर्माण ब्रॉटन में और इंजन का निर्माण डर्बी में होगा। यह सौदा देश भर में नौकरियाँ पैदा करेगा और हमारी पाँच प्राथमिकताओं में से एक- अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।”

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (14 फरवरी 2023) को कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन हब बनने को तैयार है। यह समझौता भारत की एविएशन सेक्टर की सफलताओं को बताता है। भारत सरकार इस सेक्टर को मजबूत करने पर खास ध्यान दे रही है। अगले 15 वर्षों में भारत को दो हजार विमानों की जरूरत होगी। भारत में ‘मेक इन इंडिया-मेक फार द व‌र्ल्ड’ को लेकर अवसरों के नए द्वार खुल रहे हैं।

फिटनेस के लिए इंजेक्शन, विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच इगो प्रॉब्लम… स्टिंग में फँसे चेतन शर्मा, टीम इंडिया की बात बाहर

चेतन शर्मा का एक स्टिंग सामने आया है। वे टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर हैं। इसमें उन्होंने बताया है कि भारतीय क्रिकेटर खुद को फिट रखने के लिए इंजेक्शन लेते हैं। साथ ही विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच इगो प्रॉब्लम की बात कही है। बताया है कि हार्दिक पांड्या भविष्य में कप्तान होंगे और रोहित शर्मा के लिए अब टी20 टीम में जगह नहीं बनती।

यह स्टिंग ऐसे वक्त में सामने आया है जब भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरिज चल रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उनके खिलाफ एक्शन ले सकता है, क्योंकि चयनकर्ता अनुबंध से जुड़े होते हैं और उन्हें मीडिया से बात करने की मनाही होती है। पिछले महीने दोबारा चीफ सेलेक्टर बनाए गए शर्मा पर यह स्टिंग ‘जी मीडिया’ ने किया है।

स्टिंग में किए गए दावे

  • भारतीय क्रिकेटर फिट रहने के लिए इंजेक्शन लेते हैं। उन्हें पता है कि कौन से इंजेक्शन डोपिंग में नहीं आते हैं। खिलाड़ी 80 फीसदी फिटनेस पर भी खेलने को तैयार हैं। वे इंजेक्शन लेते हैं और खेलना शुरू करते हैं।
  • विराट कोहली और रोहित शर्मा के बीच कोई लड़ाई नहीं है। लेकिन इगो प्रॉब्लम है। दोनों बड़े फिल्मी सितारों की तरह हैं। आप कह सकते हैं, अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र।
  • टीम इंडिया के खिलाड़ी सेलेक्टर के टच में रहते हैं। रोहित मुझसे फोन पर आधा-आधा घंटा बात करता है। हार्दिक पांड्या मेरे घर आते रहते हैं।
  • जसप्रीत बुमराह को 2022 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जबरदस्ती टीम में शामिल गया था। उसकी चोट इतनी गंभीर है कि यदि वे ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप का एक भी मैच खेलते, तो वह कम से कम एक साल के लिए बाहर हो जाते।
  • सौरव गांगुली और विराट कोहली के बीच अहंकार की लड़ाई है। गांगुली ने रोहित का पक्ष नहीं लिया। लेकिन उन्होंने विराट को कभी पसंद नहीं किया।
  • T20 में शुभमन गिल जैसों को मौका देने के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे मजबूत प्लेयर्स को ‘आराम’ दिया जाता है। हार्दिक पंड्या लंबे समय में कप्तान के रूप में कार्यभार संभालेंगे। रोहित शर्मा अब T20 टीम का हिस्सा नहीं होंगे।
  • मैं टीम में सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, दीपक हुड्डा, शुभमन गिल और अन्य 15-20 खिलाड़ियों को लेकर आया हूँ।

नागपुर के बाद अयोध्या में भी बनाएगा RSS मुख्यालय, माँगी जमीन: मीडिया रिपोर्टों को संघ ने नकारा, कहा- पहले से ही बना हुआ है बड़ा कार्यालय

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अयोध्या में अपना दूसरा बड़ा मुख्यालय बनाने की तैयारी कर रहा है। संघ ने इस बाबत राज्य के आवास विकास परिषद से 100 एकड़ जमीन के लिए आवेदन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि संघ ने ग्रीन फील्डशिप योजना (नव्य अयोध्या) में जमीन की माँग की है। अभी संघ का मुख्यालय नागपुर में है और यह एक एकड़ में फैला हुआ है। अगर संघ का आवेदन स्वीकार हो जाता है तो यह मुख्यालय, नागपुर मुख्यालय से करीब 100 गुणा ज्यादा बड़ा होगा।

हालाँकि, RSS ने इन खबरों को सिरे से नकार दिया है और इसे फेक न्यूज़ बताया है।

संघ 2025 में अपनी शताब्दी वर्ष मनाने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि इसी को ध्यान में रखते हुए आरएसएस अयोध्या (Ayodhya) में अपना नया भव्य मुख्यालय बनाना चाहता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मुख्यालय में आरएसएस कार्यकर्ताओं के रहने की भी व्यवस्था होगी। इसके आलावा आरएसएस शताब्दी वर्ष में अयोध्या में बड़ा कार्यक्रम करने की तैयारी कर रहा है। हालाँकि, RSS के ताज़ा बयान की मानें तो पहले ही वहाँ एक बड़ा प्रांतीय कार्यालय बन चुका है, ऐसे में ये खबरें सही नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि अभी आरएसएस का मुख्यालय नागपुर (Nagpur) के रेशीमबाग में स्थित है। 27 दिसंबर, 1925 को आरएसएस की स्थापना की गई थी। वर्ष 2025 में संगठन 100 साल का हो जाएगा। दिल्ली के झंडेवालान में भी आरएसएस का बड़ा केंद्र है। यह लगभग 3 एकड़ में फैला हुआ है। संघ के कुछ अधिकारी झंडेवालान केंद्र में भी रहते हैं।

जैसा कि हमने बताया, अयोध्या के साकेतपुरी कॉलोनी में पहले ही एक विशाल प्रांतीय मुख्यालय बनकर तैयार हो चुका है। इसका नाम साकेत निलयम रखा गया है और यह एक लाख वर्ग फीट में फैला हुआ है। यह राम मंदिर से महज तीन से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही संघ के कार्यकर्ताओं की आवाजाही यहाँ लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में अयोध्या में संघ की गतिविधि और बढ़ने की उम्मीद है।

‘सेना का इस्तेमाल कर के हर जुर्म पर पर्दा डालती है BJP, शहीदों के खून का करती है सौदा’: गुलाम के बयान पर बोले CM नीतीश – मिलूँगा तो पूछूँगा

बिहार में जनता दल यूनाइटेड के नेता गुलाम रसूल बलियावी ने भारतीय सेना में 30 प्रतिशत मुस्लिम रिजर्वेशन की माँग की है। उन्होंने भाजपा पर सेना के शौर्य का फायदा उठाने का इल्जाम लगाया। वहीं समाधान यात्रा पर निकले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बोलने की आदत होती है। उनपर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।

JDU नेता ने ANI को दिए गए अपने ताजा बयान में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपने हर जुर्म पर पर्दा डालने के लिए सेना का सहारा लेती है। उन्होंने भाजपा पर वोट के लिए सेना के शहीदों के खून का सौदा करने का इल्जाम लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पाकिस्तान का डर दिखाकर बहुसंख्यकों के बीच मुस्लिमों के प्रति नफरत का भाव पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि सेना में 30 प्रतिशत मुस्लिमों को आरक्षण दे दो पाकिस्तान को बढ़िया से ठंडा कर देंगे। बलियावी ने कहा कि मुस्लिमों के बच्चों को पता है और वीर अब्दुल हमीद ने भी बताया है कि उनके टैंकों को कैसे तोड़ा जाता है।

इसके पहले भी रविवार (12 फरवरी, 2023) को गुलाम रसूल बलियावी ने बिहार के नवादा में सेना के शौर्य पर सवाल उठाया था। बलियावी ने कहा था कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान के आतंकियों से निपटने में डर लगता है तो सेना में 30 प्रतिशत मुस्लिमों को जगह दे दो।

जेडीयू नेता गुलाम रसूल बलियावी के विवादित बयान पर नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया आई है। बलियावी के बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कौन क्या बोलता है मैं इस पर ज्यादा धयान नहीं देता। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बोलने की आदत होती है वे बोलते रहते हैं। मेरा ध्यान क्षेत्र के काम पर है। उन्होंने कहा कि मैं बाद में उनसे (बलियावी) से मिलकर पूछूँगा कि वे क्या कह रहे हैं।

‘सीरिया वाले शरणार्थियों को बाहर निकालो, ये लूट रहे हमारी घरें-दुकानें’: भूकंप के बाद तुर्की के लोगों में आक्रोश, मरने वालों की संख्या 37000 के पार

तुर्की (Turkey) और सीरिया (Syria) में हाल ही में आए भूकंप से हजारों लोगों की मौत हो गई है और मृतकों का आँकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर तुर्की में लाखों सीरियाई शरणार्थियों के प्रति तुर्कों के बीच नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। कुछ लोग सीरियाई शरणार्थियों पर अराजकता और तबाही के बीच लूटपाट का आरोप लगा रहे हैं।

यही वजह है कि एक मुस्लिम-बहुसंख्यक देश तुर्की में सीरियाई लोगों के खिलाफ घृणा के मामले बढ़ रहे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप प्रभावित कस्बों और शहरों में, कुछ तुर्कों ने सीरियाई लोगों पर क्षतिग्रस्त दुकानों और घरों से चोरी करने का आरोप लगाया है। ट्विटर पर सीरियाई विरोधी स्लोगन ट्रेंड कर रहा है। तुर्क लोग ‘हम सीरियाई नहीं चाहते हैं’, ‘अप्रवासियों को वापस भेजो’, ‘अब कोई स्वागत नहीं’ जैसे स्लोगन को ट्रेड करवा रहे हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक आपातकालीन शिविरों में शरण लिए हुए सीरियाई भूकंप पीड़ितों को कथित तौर पर आश्रय शिविरों से बाहर निकाल दिया गया है। एक सीरियाई व्यक्ति ने मेर्सिन शहर में अपने हमवतन लोगों के लिए विशेष रूप से आश्रय स्थापित किया था, उसे भी तुर्को द्वारा नस्लवादी टिप्पणी का सामना करना पड़ा। 

नाम न बताने की शर्त पर एक सीरियाई व्यक्ति ने अफसोस जताते हुए कहा कि अरबी बोले जाने पर लोग उनपर चिल्लाने लगते हैं। इसलिए, उन्होंने बचाव स्थलों पर जाना बंद कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि लोग कलह पैदा करने के लिए लगातार उन पर लूटपाट का आरोप लगाते हैं।

तुर्की और सीरिया में भूकंप के कारण मरने वालों की आधिकारिक संख्या 37,000 से अधिक हो गई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशँका है। स्थानीय निवासियों और सहायता सहायता कर्मियों के अनुसार हजारों विस्थापितों को भोजन और आपातकालीन आश्रय प्रदान करने में कई क्षेत्रों में कई दिनों की देरी हुई है। इसके अलावा, लूटपाट की खबरें आई हैं। कुछ विदेशी सहायता टीमों ने बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण अस्थायी रूप से अपने काम को रोक दिया है।

तुर्की के न्याय मंत्री ने घोषणा कर कहा है कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने लूटपाट के आरोप में 48 लोगों को बिना पहचान के आधार पर गिरफ्तार किया है। राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdoğan) ने लुटेरों से सख्ती से निपटने का संकल्प लिया है।

उल्लेखनीय है कि 2011 में सीरिया में गृहयुद्ध छिड़ने के बाद से तुर्की ने लगभग 40 लाख सीरियाई शरणार्थियों को अपने यहाँ शरण दी और उन्हें घर उपलब्ध कराया है। इनमें से अधिकांश शरणार्थी देश के दक्षिण में सीरियाई सीमा के पास रहते हैं। गज़ियान्तेप (Gaziantep) शहर भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुआ है और यहाँ लगभग 500,000 सीरियाई लोग रहते हैं, जो आबादी का 25% है।

हालाँकि, सीरियाई लोगों के प्रति आक्रोश कोई नई घटना नहीं है, वो बात अलग है कि भूकंप ने मौजूदा तनाव को बढ़ा दिया है। ताजा मामले अरब दुनिया के देशों के बीच मौजूद मतभेदों को रेखांकित करते हैं, भले ही वे इस्लाम के बैनर तले एकता का दिखावा करते रहे हों।

यहाँ तक कि तुर्की गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, इसने सीरियाई शरणार्थियों पर पिछले एक दशक में 40 अरब डॉलर से अधिक खर्च किया है। कुछ तुर्की लोग सीरियाई लोगों को सस्ते मजदूर मानते हैं जिन्होंने नौकरियों पर कब्जा कर लिया है और सेवाओं का इस्तेमाल किया है।

साहिल ने प्रेमिका को गला दबा कर मार डाला, अगले ही दिन दूसरी लड़की से रचा ली शादी: ढाबे के फ्रिज में पड़ी हुई थी लाश, 5 साल से थे संबंध

दिल्ली में प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की गला दबाकर हत्या करने के बाद अगले दिन दूसरी लड़की के साथ शादी रचा ली। कातिल की पहचान साहिल गहलोत के तौर पर हुई है। जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि साहिल और उसकी प्रेमिका निक्की के बीच 5 सालों से प्रेम संबंध थे। साहिल दूसरी शादी की तैयारी कर रहा था लेकिन निक्की इसका विरोध कर रही थी जिसकी वजह से इस अपराध को अंजाम दिया गया।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मंगलवार (14 फरवरी, 2023) की सुबह उन्हें नजफगढ़ के मित्राऊ के पास स्थित एक ढाबे के फ्रिज में लड़की के लाश मिलने की सूचना दी गई। पुलिस की टीम ने लाश बरामद कर ढाबे के मालिक साहिल गहलोत को उसके गाँव से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान साहिल ने बताया कि साहिल और निक्की 5 सालों से एक दूसरे को जानते थे। साहिल ने बताया कि हत्या वाली रात भी उसका प्रेमिका के साथ झगड़ा हुआ था।

दरअसल, 10 फरवरी को उसकी शादी एक अन्य लड़की से होने वाली थी। प्रेमिका निक्की इस शादी का विरोध कर रही थी। ‘आज तक’ की रिपोर्ट के अनुसार, निक्की ने दूसरी शादी करने पर साहिल को फँसाने की धमकी भी दी थी। रिपोर्टों के अनुसार, लड़की की हत्या 9-10 फरवरी की रात हुई। हत्या दिल्ली के कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास कार के अंदर की गई। हत्या गला दबाकर की गई। कत्ल के बाद लड़की की लाश को मित्राउ गाँव ले जाया गया, जहाँ ढाबे में रखे एक फ्रिज में उसे छिपा दिया गया। अगले दिन (10 फरवरी) साहिल ने शादी कर ली।

पुलिस का कहना है कि लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आरोपित से पूछताछ की जा रही है। सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर आगे की जाँच की जाएगी।

मोदी घृणा, कश्मीर पर दुष्प्रचार और भी बहुत कुछ: जानिए उस संगठन के बारे में, जो मुस्लिम कैदियों के हिजाब के नाम पर माँगता है डोनेशन – फेसबुक पर 800+ विज्ञापन

क्या आपने फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (instagram) या किसी अन्य सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म पर एक विज्ञापन देखा है, जहाँ एक संगठन अमेरिका में मुस्लिम कैदियों के लिए डोनेशन माँग रहा है? हमारी टीम के एक सदस्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह विज्ञापन देखा और हमने यह जाँच करने का फैसला किया कि इसके पीछे आखिर है कौन।

टीम के सदस्य भारतीय अदालतों में लंबित मामलों पर जानकारी सर्च कर रहे थे, जिसके बाद उनके सामने इस तरह का विज्ञापन आने लगे। टीम के सदस्य द्वारा सर्च की गई और हाल के कंटेंट का अमेरिका में जेल में बंद अपराधियों या अमेरिका में या भारत के बाहर कहीं भी जेल में बंद मुस्लिमों से कोई लेना-देना नहीं था।

‘इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका (ICNA) काउंसिल फॉर सोशल जस्टिस’ खुद को संयुक्त राज्य अमेरिका से बाहर स्थित एक सामाजिक न्याय/मानवाधिकार संगठन के रूप में पेश करता है। विज्ञापन ने हमारा ध्यान आकर्षित किया, जहाँ उसने अमेरिकी जेलों में बंद मुस्लिम कैदियों के लिए हिजाब खरीदने के लिए पैसे माँगे। यह वह विज्ञापन है जो हमारे सामने आया था।

साभार: फेसबुक

ग्राफिक्स में लिखा था, “सलाखों के पीछे मुस्लिम महिलाएँ अपने बालों को ढकने के लिए हिजाब माँग रही हैं। इसमें आगे लिखा था, “यह एक मुस्लिम महिला के रूप में अपनी पहचान को मजबूत करने का एक तरीका है। हमारी मदद करें, उनकी मदद करें।”

जब हमने विज्ञापन पर क्लिक किया, तो यह हमें संगठन के डोनेशन पेज पर ले गया, जिसमें दावा किया गया है कि अमेरिका में जेल की 10 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। संगठन अमेरिका में सलाखों के पीछे मुस्लिमों को ‘मुफ्त धार्मिक सामग्री वितरित करने’ के लिए एक मुस्लिम कैदी सहायता परियोजना (MPSP) चलाता है। वे ‘कुरान, इस्लामी साहित्य, हिजाब, प्रार्थना मैट को जेलों में वितरित करते हैं।’ दिलचस्प बात यह है कि डोनेशन पेज पर वीडियो में एक कैदी ने खुद को ‘नया मुस्लिम’ बताया।

यह संभव है कि संगठन अमेरिकी जेलों में एक धर्मांतरण कार्यक्रम चला रहा हो और दान के माध्यम से एकत्रित धन का इस्तेमाल करके कैदियों को इस्लाम में परिवर्तित कर रहा हो।

डोनेशन कैदियों को इस्लाम-केंद्रित सामग्री देने का आह्वान करता है

फेसबुक एड लाइब्रेरी के अनुसार, डोनेशन एकत्र करने के लिए संगठन के पास भारत में 39 अलग-अलग सेटों में 200 से अधिक सक्रिय विज्ञापन चल रहे हैं। भारत के लिए हालिया जन अभियान 10 फरवरी, 2023 को शुरू हुआ है। विज्ञापनों में धार्मिक पुस्तकें, स्वच्छ जेल प्रार्थना कक्ष, हिजाब, प्रार्थना के लिए कालीन और ईद के भोजन के लिए दान की माँग की गई है। हमें एक भी ऐसा विज्ञापन नहीं मिला जो भारत में चलता हो और उनकी शिक्षा या पुनर्वास के बारे में बात करता हो।

इसका उद्देश्य मुस्लिम कैदियों को और धार्मिक बनाने पर है। कुल मिलाकर अकेले Facebook विज्ञापन लाइब्रेरी में संगठन के 800+ विज्ञापन थे। संगठन ने बिना ज्यादा स्पष्टीकरण के मुसलमानों के जन्मदिन मनाने के लिए धन इकट्ठा करने वाले कार्यक्रम भी चलाए हैं।

कई फंडरेजर इसके फेसबुक पेज पर जन्मदिन मनाने के लिए थे (साभार: फेसबुक)

संगठन का मोदी विरोधी अभियान

संगठन का एक और खतरनाक पहलू है। वह अब भारत के आंतरिक मामलों में धीरे-धीरे हस्तक्षेप कर रहा है, जो चिंता पैदा करता है। संगठन अमेरिका में मुस्लिम कैदियों के लिए धन दान करने के लिए भारत के मुसलमानों को आकर्षित करने के लिए विज्ञापन चला रहा है। वे व्यूअर से सहानुभूति हासिल करने के लिए मोदी विरोधी नैरेटिव का इस्तेमाल कर रहे हैं।

हमें ट्विटर पर ‘मोदी’ के नाम की चर्चा वाली नौ पोस्ट मिलीं। सबसे हालिया एक बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के बारे में था। इसमें भारत सरकार द्वारा डॉक्यूमेंट्री पर लगाए गए प्रतिबंध के बारे में बात की गई है। पोस्ट में, संगठन ने दावा किया कि गुजरात 2002 के दंगों में मुसलमान का नरसंहार किया गया था। बेशक, वे गोधरा में एक ट्रेन को जलाने का कभी जिक्र नहीं करेंगे, जिसके परिणामस्वरूप 59 निर्दोष हिन्दुओं की मौत हो गई, जिसने दंगों को भड़का दिया था।

आईसीएनए ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार किया (स्रोत: ट्विटर)

पुरानी पोस्टों ने इस नैरेटिव को प्रचारित किया था कि अमेरिका में हिंदुत्व फैल रहा है। एक अन्य पोस्ट में, संगठन ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को निरस्त करने की बात की और इसे ‘कश्मीर का काला दिवस‘ ​​बताया। संगठन ने अक्टूबर 2022 के एक पोस्ट में कश्मीर को आजाद करने की बात कही थी।

संगठन वर्षों से कश्मीर के बारे में दुष्प्रचार कैसे कर रहा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह अपने सोशल मीडिया पोस्ट के लिए स्टॉक इमेज का उपयोग कर रहा है, जिसका कश्मीर या भारत से कोई लेना-देना नहीं है। इस पोस्ट पर एक नज़र डालें। इस पोस्ट में एक इमेज है जिसे istockphoto.com से लिया गया है। यह फोटोग्राफर एड्रियन हिलमैन द्वारा क्लिक किया गया 2011 का शॉट है।

आईसीएनए ने भारत के खिलाफ प्रचार करने के लिए स्टॉक इमेज का इस्तेमाल किया (स्रोत: आईसीएनए का ट्विटर/आईस्टॉकफोटोज)

इसकी वेबसाइटों पर पोस्ट भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी बयानों से भरे हुए हैं। उदाहरण के लिए एक पोस्ट में, उन्होंने दंगाइयों के घरों के विध्वंस के बारे में बात की और दावा किया कि यह एक मुस्लिम विरोधी अभियान था। इसने मुस्लिम विरोधी नैरेटिव बनाने के लिए हिंदुओं और हिंदुत्व को दोषी ठहराया।

संगठन कौन चलाता है?

डॉ ज़ाहिद बुखारी ICNA CSJ के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक है। वह पाकिस्तान में पैदा हुआ था और अक्सर सोशल मीडिया पर भारत विरोधी बयान साझा करता है। उसने कुख्यात हिंदू-विरोधी प्रोफेसर ऑड्रे ट्रस्चके (Audrey Truschke) की रिपोर्ट भी साझा की है।

राजस्थान में हिंदू दर्जी कन्हैया लाल की जघन्य हत्या के बारे में बात हो या भाजपा के पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ बयान या फिर कथित ‘निर्दोष मुसलमानों’ पर हमला करने के लिए हिन्दुओं को दोषी ठहराने तक, पाकिस्तान में जन्मे बुखारी ने सोशल मीडिया पर हिन्दुओं के खिलाफ सुनियोजित प्रोपेगेंडा फ़ैलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है।

एक तरफ ‘जल, जीवन हरियाली मिशन’, दूसरी तरफ CM नीतीश के कार्यक्रम के लिए उजाड़ दिया पूरा उद्यान: जमुई में उद्घाटन के अगले ही दिन बंद हो गई थी स्मार्ट क्लास

बिहार के मुख्यमंत्री समाधान यात्रा पर हैं। 16 फरवरी, 2023 को सीएम नीतीश कुमार बेगूसराय पहुँचने वाले हैं। जिले भर में कई जगहों पर उनका कार्यक्रम होना है। उनमें से एक कार्यक्रम स्थल है बेगूसराय सदर प्रखंड। सदर प्रखंड परिसर में सीएम नीतीश के कार्यक्रम का पंडाल सजाने के लिए कई पेड़ काट दिए गए हैं।

सीएम नीतीश कुमार खुद जल-जीवन-हरियाली अभियान चला रहे हैं ऐसे में उन्हीं के कार्यक्रम के लिए हरियाली नष्ट कर दी गई। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 फरवरी को नीतीश कुमार के दौरे से पहले ब्लॉक अफिस परिसर में लगाए गए लगभग 10 पेड़ों को काट डाला गया। बताया जा रहा है कि पंडाल बनाने के लिए जिस स्थान को मैदान बनाया गया है वहाँ आम और पुराने पीपल के पेड़ थे। रिपोर्ट के मुताबिक ब्लॉक ऑफिस परिसर में पेड़ों की छाया में बैठने के लिए चबूतरों और उनकी सिंचाई के लिए नल भी लगवाए गए थे।

2016-17 में ब्लॉक परिसर को पार्क जैसा बना दिया गया था। प्रखंड को पार्क की तरह सजाने में सदर बीडीओ रविशंकर कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी। अब सब उजड़ चुका है। अपनी हरियाली के लिए विख्यात प्रखंड कार्यालय पेड़ों के न रहने पर वीरान हो गया है।

पिछले महीने (3 जनवरी, 2023) को पटना के ज्ञान भवन में जल-जीवन-हरियाली दिवस कार्यक्रम भी आयोजित हुआ था। कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने अपने अधिकारियों को जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बचे हुए काम को मिशन मोड में पूरा करने की हिदायत दी थी। बता दें जल-जीवन-हरियाली अभियान बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। यह नीतीश कुमार के महत्वकांक्षी अभियानों में से एक है।

जमुई में उद्घाटन के अगले ही दिन बंद हुई 3डी स्मार्ट क्लास

पिछले दिनों समाधान यात्रा पर जमुई पहुँचे सीएम नीतीश कुमार ने 3डी स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया था। सीएम के जाते ही बिजली आपूर्ति न होने के कारण स्मार्ट क्लास बंद हो गया। स्कूल में बच्चे दोबारा पुराने तरीके से पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्मार्ट क्लास बंद होने पर अधिकारियों ने समय कम होने की सफाई दी है। अधिकारियों का कहना है कि समाधान यात्रा के मद्देनजर जल्दीबाजी में काम किए गए जिससे आधी-अधूरी तैयारी के साथ स्मार्ट क्लास का उद्घाटन कराया गया।

कानपुर में माँ-बेटी के जिंदा जल मरने में SDM हिरासत में: दावा- बिना चेतावनी चलाई JCB, गौरव दीक्षित बताया जा रहा सूत्रधार

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में सोमवार (13 फरवरी, 2023) को अपनी झोपड़ी पर बुलडोजर चलने के विरोध में एक माँ-बेटी ने आत्मदाह कर लिया। इस मामले में आरोपितों को नामजद किया गया है, जबकि लगभग 26 लोगों अज्ञात में आरोपित हैं। अब तक हुई कार्रवाई में JCB ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं मौके पर मौजूद थाना प्रभारी को उनके पद से हटाते हुए SDM और लेखपाल को सस्पेंड किया गया है। आगजनी की इस घटना में 22 बकरियाँ भी जल ईं हैं।

पीड़ित परिवार ने गौरव नाम के व्यक्ति को मुख्य आरोपित बताते हुए मुआवजे के तौर पर 2 भाइयों को 1-1 करोड़ रुपयों के साथ जमीन और सरकारी नौकरियों की माँग की है। ताज़ा खबर ये है कि इस मामले में SDM को भी गिरफ्तार कर लय गया है।

पड़ोसी अशोक दीक्षित ने की थी अतिक्रमण की शिकायत

इस मामले में मृतका के बेटे शिवम ने FIR दर्ज करवाई है। शिवम के मुताबिक अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि उन्हीं के गाँव के अशोक दीक्षित ने अतिक्रमण की शिकायत अधिकारियों से की थी। इस FIR में अशोक दीक्षित को उनके भाई अनिल दीक्षित सहित नामजद किया गया है। इस गाँव मड़ौली के निर्मल दीक्षित और विशाल का नाम भी FIR में दर्ज है। इन चारों पर 1012 अज्ञात लोगों के साथ माँ-बेटी (प्रमिला और नेहा) के जलने और उनके घर पर बुलडोजर चलने के समय घटनास्थल पर मौजूद होने और घर पर JCB चलवाने में सहयोगी होने का आरोप है।

विपक्षी की ही होती थी सुनवाई

अपनी शिकायत में शिवम का आरोप है कि विपक्षी अनिल दीक्षित की शिकायत पर अधिकारी फ़ौरन सुनवाई करते थे। शिकायत के अनुसार इसी साल 14 जनवरी को SDM जनेश्वर प्रसाद बिना किसी नोटिस के पीड़ित का पक्का मकान गिरवा चुके थे। तब के फूस का छप्पर छोड़े जाने की जानकारी देते हुए शिवम ने लिखा है कि उसे खुद से हटाने के लिए उन्हें 5 से 10 दिनों का समय दिया गया था। इस दौरान भी थाना प्रभारी दिनेश कुमार गौतम 10 से 12 सिपाहियों के साथ मौजूद थे।

अपने खिलाफ हुई इस कार्रवाई की शिकायत जब पीड़ित ने जिले के DM और ADM से करनी चाही तब उसकी सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि उलटे उसी परिवार पर अकबरपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवा के जेल भेजने की धमकी देते हुए भगा दिया गया।

100 वर्षों से रहने का दावा

जिस जगह पर SDM के नेतृत्व में भारी प्रशासनिक बल अतिक्रमण हटाने गया था उस जगह पर पीड़ित पक्ष 100 साल से ज्यादा समय से रहने का दावा कर रहा है। शिवम के मुताबिक उसी जगह उनके बाबा भी रहा करते थे। पीड़ित ने इसी जगह 20 साल से पक्के निर्माण में अपने माता-पिता के साथ रहने का दावा किया है।

बिना चेतावनी के चली JCB

घटना के दिन का जिक्र करते हुए शिवम ने अपनी शिकायत में लिखा है कि 13 फरवरी को दोपहर 3 बजे वो माता-पिता और बहन के साथ झोपड़ी में आराम कर रहा था। इस दौरान उसी झोपड़ी में 22 बकरियाँ और गोवंश भी बँधे थे। तभी SDM जनेश्वर प्रसाद, कानूनगो, लेखपाल अशोक सिंह और SHO रूरा लगभग 10 से 15 सिपाहियों को ले कर अचानक पहुँच गए। इन सभी के साथ पीड़ित के ही गाँव के अशोक दीक्षित, अनिल दीक्षित, सनेश और विशाल JCB ले कर पहुँचे।

JCB को दीपक नाम का ड्राइवर चला रहा था। आरोप है कि झोपडी में मौजूद किसी को भी अलर्ट किए बिना JCB झोपडी पर चलवा दी गई।

SDM ने कहा कि कोई बचने न पाए

पीड़ित ने अपनी शिकायत में आगे बताया है कि उनके गाँव के पड़ोसियों द्वारा प्रशासनिक अधिकरियों की मौजूदगी में जब उनकी झोपडी गिरी तब SDM जनेश्वर ने झोपडी में आग लगाने के लिए वहाँ मौजूद लोगों को ललकारा। शिकायत के मुताबिक आग लेखपाल अशोक सिंह ने लगाई और SDM ने कहा कि कोई जिन्दा न बचने पाए। शिवम के मुताबिक वो जैसे-तैसे जलती झोपडी से बाहर निकला तो SHO दिनेश गौतम ने उसे अपने साथी सिपाहियों के साथ बुरी तरह पीटा।

इसी FIR के मुताबिक शिवम की माँ प्रमिला और बहन नेहा जलती झोपडी से बाहर नहीं निकल पाईं और जल कर राख हो गईं। वहीं पीड़ित के पिता झोपडी से निकलने के दौरान बुरी तरह झुलस गए।

इन धाराओं में ये हुए आरोपित

इस शिकायत पर SDM जनेश्वर प्रसाद, SHO दिनेश गौतम, JCB ड्राइवर दीपक, लेखपाल अशोक सिंह, कानूनगो के साथ 12 से 15 पुरुष व महिला सिपाहियों को नामजद किया गया है। इन सभी के अलावा अनिल, निर्मल और अशोक दीक्षित के साथ पीड़ित के ही गाँव मड़ौली के विशाल भी FIR में आरोपित के तौर पर दर्ज हुए हैं। इन सभी के अतिरिक्त 10 से 12 अन्य अज्ञात लोग भी दर्ज हैं जो पीड़ित के आरोपित पड़ोसियों के साथ छप्पर पर JCB चलवाने में शामिल बताए जा रहे हैं।

सभी आरोपितों पर IPC की धारा 302, 307, 436, 429, 323 और 34 के तहत कार्रवाई हुई है।

गौरव दीक्षित है मुख्य सूत्रधार

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित व शिकायतकर्ता शिवम दीक्षित से बात की। शिवम ने हमें बताया कि उसके गाँव का एक गौरव दीक्षित नाम का युवक ही इस पूरी घटना का सूत्रधार है, जिसने SDM और प्रशासन को दबाव में लिया था। हमें बताया गया कि गौरव जम्मू में भारतीय सेना में तैनात है। शिवम का दावा है कि गौरव गाँव में लगभग हर प्रकार के अवैध हथियार रखता है लेकिन उसे प्रशासन इस मामले में बचाने की कोशिश कर रहा है।

शिवम का कहना था कि जब पहले वो अपनी शिकायत प्रशासन को देते थे तो प्रशासनिक अधिकारी गौरव का नाम होने पर कोई भी कार्रवाई न करने की धमकी देते थे।

1-1 करोड़ रुपए, 5 बीघा जमीनें और 2 सरकारी नौकरी की माँग

ऑपइंडिया से बात करते हुए शिवम ने कहा कि वो 2 भाई हैं। उन्हें और उनके भाई को 1-1 करोड़ रुपए आर्थिक सहायता के साथ 5-5 बीघे जमीन का सरकारी पट्टा और दोनों भाइयों को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। शिवम का कहना था कि अभी तक उन्हें प्रशासन की तरफ से कुछ भी नहीं दिया गया। हालाँकि उन्होंने कमिश्नर द्वारा 5 लाख रुपए के चेक का भरोसा देने की जानकारी दी। शिवम खुद BSC के छात्र हैं जबकि उनका भाई हाईस्कूल में पढ़ रहा।

वहीं मृतका बहन की उम्र 23 साल बताते हुए शिवम ने उन्हें LLB की छात्रा बताया।

घायल पिता को दिखना बंद

शिवम का कहना था कि घटना के बाद उनके पिता को दिखाई देना बंद हो चुका है। केस में नामजद गाँव के चारों आरोपितों ने दीक्षित जाति और एक ही परिवार का बतया। विवाद की एक वजह के तौर पर शिवम ने अपने भाई के साथ आरोपितों के पहले हुए विवाद को बताया।