Tuesday, July 16, 2024
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‘बिकाऊ है BBC, PM मोदी पर प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री के लिए चीन से फंडिंग’: UK की मैगजीन का खुलासा – अमेरिका में प्रतिबंधित कंपनी से आ रहा पैसा

महेश जेठमलानी द्वारा पोस्ट की गई ‘द स्पेक्टेटर रिपोर्ट’ का शीर्षक है- 'बीबीसी अभी भी प्रतिबंधित हुआवै से पैसा ले रहा है।'

बीबीसी की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री को लेकर बीजेपी सांसद और सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी (Mahesh Jethmalani) ने बड़ा दावा किया है। राज्यसभा सांसद जेठमलानी ने बीबीसी पर चीनी कंपनी से पैसा लेकर भारत विरोधी डॉक्यूमेंट्री बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार (31 जनवरी, 2023) को ‘spectator.co.uk‘ की एक रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए कहा, “बीबीसी इतना भारत विरोधी क्यों है? क्योंकि इसे भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए चीन की कंपनी हुआवेई (Huawei) से पैसों की सख्त जरूरत है (बीबीसी एक फेलो ट्रैवलर, कॉमरेड जयराम?)।”

जेठमलानी ने इस विवाद को ‘कैश-फॉर-प्रोपेगेंडा डील’ करार दिया है और बीबीसी को बिकाऊ बताया है। दिवंगत एडवोकेट राम जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने अपने ट्वीट में चीन की जिस टेक्नोलॉजी कंपनी Huawei का नाम लिया है, वह पहले ही सुरक्षा चुनौतियों को लेकर संदेह के घेरे में रहा है।

महेश जेठमलानी द्वारा पोस्ट की गई ‘द स्पेक्टेटर रिपोर्ट’ का शीर्षक है- ‘बीबीसी अभी भी प्रतिबंधित हुआवै से पैसा ले रहा है।’ यह रिपोर्ट बीबीसी की संदिग्ध नई कॉर्पोरेट साझेदारी के बारे में बात करती है, उनमें से एक हुआवै के साथ है। यह चीन की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी है। इसे वर्ष 2019 में अमेरिका और 2020 में यूके ने 5जी नेटवर्क के लिए सुरक्षा चिंताओं को लेकर प्रतिबंधित कर दिया गया था।

अपने दूसरे ट्वीट में एडवोकेट ने कहा कि बीबीसी का भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का एक लंबा इतिहास रहा है। 2021 में बीबीसी ने बिना जम्मू-कश्मीर के भारत का नक्शा जारी किया था। बाद में उसने भारत सरकार से इसके लिए माफी माँगी थी और नक्शे को सही किया था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ बनाई गई यह विवादित डॉक्यूमेंट्री भी उनके दुष्प्रचार का हिस्सा है।

उल्लेखनीय है बीबीसी ने ‘इंडिया : द मोदी क्वेश्चन’ शीर्षक से दो पार्ट में बनाई गई विवादित डॉक्यूमेंट्री सीरीज में गुजरात दंगों को लेकर पीएम मोदी के कार्यकाल पर हमला किया है। इसको लेकर बीते दिनों केंद्र सरकार ने ट्विटर और यूट्यूब से डॉक्यूमेंट्री से संबंधित लिंक हटाने का आदेश जारी किया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूब वीडियो के लिंक वाले 50 से ज्यादा ट्वीट्स को ब्लॉक किया गया था। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने की कोशिश करार दिया था।

इस डॉक्यूमेंट्री में गोधरा कांड में इस्लामवादियों की भूमिका पर पर्दा डालने की कोशिश की गई है। गोधरा कांड में 59 हिंदू मारे गए थे। यही नहीं, BBC की विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी और जेएनयू (JNU) में काफी बवाल भी हुआ था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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