Home Blog Page 2115

कोलकाता से मोहम्मद सद्दाम और सईद अहमद गिरफ्तार: ISIS के लिए कर रहे थे मुस्लिम युवकों की भर्ती, टेरर फंडिंग में भी लिप्त

कोलकाता में इस्लामिक स्टेट (IS) से जुड़े होने के संदेह में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दोनों को कोलकाता से हावड़ा को जोड़ने वाले विद्यासागर सेतु से गिरफ्तार किया है। दोनों संदिग्धों की पहचान मोहम्मद सद्दाम और सईद अहमद के तौर पर हुई है। दोनों पर कोलकाता के पूर्वी ढलान से आईएस में मुस्लिमों की भर्ती करने, हथियार गोला-बारूद और विस्फोटक जमा करने और आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के आरोप लगे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसटीएफ कई दिनों से सद्दाम और सईद पर नजर रखी हुई थी। खूफिया एजेंसियों को इनपर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिली थी। एजेंसियों को मुखबिरों से जानकारी मिली कि दोनों खिदिरपुर में किसी गुप्त बैठक में शामिल होने के लिए निकले हैं। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने बाइक पर जा रहे सद्दाम और सईद को विद्यासागर सेतु से गिरफ्तार कर लिया। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी।

उनके घर से डेबिट कार्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, लैपटॉप और जिहाद को बढ़ावा देने वाले सबूत मिले हैं। इन सबकी जाँच की जा रही है।

पुलिस ने जानकारी दी कि गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। कोलकाता की निचली अदालत ने उन्हें 19 जनवरी तक एसटीएफ की कस्टडी में भेज दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी में एक आलिया यूनिवर्सिटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है जबकि दूसरा उसके साथ रहता था।

शुरुआती जाँच से पता चला है कि दोनों आईएस में शामिल करने के लिए मुस्लिम नौजवानों का ब्रेनवॉश कर रहे थे। साथ ही अपने नेटवर्क को बड़ा करने के लिए धन जुटा रहे थे। दोनों मुस्लिमों को देश के खिलाफ लड़ाई छेड़ने के लिए सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो और पोस्ट शेयर करते थे। अधिकारियों को शक है कि कुछ नौजवान उनके बातों में आ गए हैं। एजेंसियों को शक है कि उनके पीछे किसी बड़े इस्लामी आतंकी संगठन का हाथ है जो पाकिस्तान या किसी अन्य देश से ऑपरेट कर रहे हैं।

‘नग्न घूमते रहते हैं जैन मुनि, बहन-बेटियों को झुकानी पड़ती है नज़र’: JMM नेता ने माँगा पशु बलि का अधिकार, कहा – जनजातीय समाज का है सम्मेद शिखर, होगा आंदोलन

झारखंड के पारसनाथ पहाड़ी में स्थित जैन समाज की आस्था के केंद्र सम्मेद शिखर को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद को नई हवा देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने कहा है कि पार्श्वनाथ पर्वत पर जनजातियों का हक है, इसके लिए जनजातीय वर्ग आंदोलन करेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनजातीय संगठन पारसनाथ पहाड़ी को मराँग बुरु देवता बताते हुए पहाड़ी में पशु बलि के अधिकार की माँग रहे हैं। इन माँगों को आगे बढ़ाते हुए, जेएमएम विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने कहा है कि पारसनाथ पर्वत शुरू से ही जनजातियों का रहा है। उन्होंने कहा कि जैन समुदाय सम्मेद शिखर पर अपना अधिकार जता रहा है, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। देश भर के जनजातीय इसका विरोध करेंगे।

लोबिन हेम्ब्रम ने आगे कहा है कि पारसनाथ की पहाड़ियों में जनजातियों को अधिकार देने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री को 25 जनवरी तक का समय दिया गया है। यदि समय रहते अधिकार नहीं मिलते तो 30 जनवरी को उलिहातु (बिरसा मुंडा की जन्मस्थली) और 2 फरवरी को भोगनाडीह (संताल विद्रोह जहाँ से शुरु हुआ) में अपनी माँगों के लिए उपवास करेंगे। इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए 10 जनवरी को जनजातीय वर्ग पारसनाथ में एकजुट होगा।

उन्होंने आगे कहा है, “आज यह हाल क्यों हुआ। उस जगह पर सालों से जनजातीय समाज के लोग रह रहे है। लेकिन उस 10 किलोमीटर की परिधि में उन्हें बलि चढ़ाने से रोका जा रहा है। यहाँ तक कि जंगलों से लकड़ी तक नहीं काटने दी जा रही। जमीन हमारी पहाड़ हमारे और कब्जा किसी और का यह अब नहीं चलेगा।”

झामुमो विधायक हेम्ब्रम ने यह भी कहा है कि गिरिडीह में जैन मुनि नग्न होकर घूमते हैं, इससे बहन-बेटियों और बहुओं को सर झुका कर चलना पड़ता है। लेकिन किसी ने भी इस पर सवाल नहीं उठाया। धार्मिक भावनाओं को देखते हुए उनका सम्मान किया।

बता दें कि जैन समाज के लोगों के विरोध प्रदर्शन और उनकी माँगों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने का ऐलान किया गया था। इस मामले को लेकर केंद्र सरकार ने एक कमेटी बनाई है और झारखंड सरकार से कहा है कि इस समिति में वह 2 सदस्यों को शामिल करे। इस समिति में एक सदस्य स्थानीय जनजातीय समुदाय से शामिल किया जाए। 

‘हमें जानवर समझा’: कपड़े उतरवा कर ब्रा-अंडरवियर में महिलाओं को खड़ा करवाया, रोती निकलीं बाहर: एयर होस्टेस के लिए ‘कुवैत एयरवेज’ का इंटरव्यू

कुवैत की एक एयरलाइन में एयर होस्टेस की भर्ती के लिए आयोजित इंटरव्यू को लेकर चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। कहा जा रहा है कि इंटरव्यू के दौरान महिलाओं को अपने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया। साक्षात्कार के लिए पहुँची महिलाओं में से एक ने कहा कि उनकी जाँच जानवरों की तरह की जा रही थी। एक महिला तो रोते हुए कमरे से बाहर चली गई थी।

स्पैनिश मीडिया के हवाले से प्रकाशित ‘डेली स्टार‘ की रिपोर्ट के मुताबिक, मैड्रिड एयरपोर्ट के पास मेलिया बाराजस होटल में ‘कुवैत एयरवेज’ के लिए इंटरव्यू का आयोजन हुआ। इस दौरान महिला आवेदकों से ब्रा और अंडरवियर में प्रस्तुत होने के लिए कहा गया। 23 साल की महिला आवेदक मारियाना ने दावा किया कि साक्षातकार के दौरान महिला जो नोटपैड पर आवेदकों के बारे में लिख रही थी उसने अंडरवियर में उम्मीदवारों का इंस्पेक्शन किया।

निरीक्षण के बाद सबसे पहले उन लोगों को रिजेक्ट किया गया, जिनका वजन ज्यादा था। उसके बाद उन्हें निकाला गया, जिन्होंने चश्मे पहने थे या जिनके शरीर पर नजर आने वाले निशान थे। साक्षात्कार के दौरान एक महिला ने ऐलान किया कि उनलोगों को भर्ती नहीं किया जाएगा, जिनके शरीर पर किसी तरह का निशान है।

मारियाना ने कहा कि सात भाषाओं की जानकार लड़की को इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि उसकी भौंह के ऊपर एक छोटा सा निशान था। इंटरव्यू में शामिल हुई 23 साल की बियांका नाम की उम्मीदवार ने स्थानीय मीडिया को बताया कि इंटरव्यू में उससे पहले वाली एक उम्मीदवार रोते हुए बाहर आई थी। उस उम्मीदवार को उसकी ड्रेस ऊपर उठाने के लिए कहा गया था। उसने ड्रेस ऊपर किया लेकिन इंटरव्यू लेने वाले और अधिक देखना चाहते थे। आखिरकार महिला को ब्रा और अंडरवियर में सामने आना पड़ा।

बियंका ने कहा, “एक महिला ने मुझसे मुँह खोलने के लिए कहा और अंदर झाँकने लगी जैसे मैं कोई कुत्ता हूँ। महिला ने मेरे दाँत देखने के लिए अपनी आँखें लगभग मेरे मुँह के भीतर ही घुसा दीं थी। इस व्यवहार से मुझे बेहद अपमानित महसूस हुआ। बियंका ने कहा कि उसे चिड़ियाघर के किसी जानवर सा महसूस हो रहा था।

रिपोर्ट के अनुसार एक तीसरी उम्मीदवार मारिया (19 साल) ने बताया कि कुछ आवेदकों से वजन कम करने के लिए कहा गया जबकि कुछ को वजन बढ़ाने के लिए कहा गया। जानकारी के मुताबिक इन आरोपों पर फिलहाल कुवैत एयरवेज या Meccti Ltd. की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

TRF ने जारी की कश्मीरी पंडितों की नई हिट लिस्ट, MHA घोषित कर चुका है आतंकी संगठन: इस हफ्ते मारे जा चुके हैं 6 हिन्दू

आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार (5 जनवरी 2023) को द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) को आतंकी संगठन घोषित किया था। इसके बाद अब, आतंकी संगठन ने एक ‘हिट-लिस्ट’ जारी करते हुए कहा है कि जिन लोगों के नाम लिस्ट में हैं उन पर आतंकी हमले किए जाएँगे। टीआरएफ पाकिस्तानी आतंकी संगठन ‘लश्कर ए तैयबा’ का सहयोगी संगठन है

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार (7 जनवरी 2023) को आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट की इस लिस्ट में कश्मीरी हिंदू सरकारी कर्मचारियों के नाम हैं। इस लिस्ट के साथ, टीआरएफ ने इन लोगों की हत्या करने की धमकी दी है। इस धमकी भरी लिस्ट के सामने आने के बाद, सुरक्षा व जाँच एजेंसियाँ अलर्ट पर हैं। साथ ही, साथ ही कश्मीरी हिंदू सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार (5 जनवरी, 2023) को ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ पर बैन लगाया था। इस बैन को लेकर गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि शेख सज्जाद गुल टीआरएफ का एक कमांडर है जिसे गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम, 1967 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया। टीआरएफ की गतिविधियाँ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा हैं। इसके सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए हैं।

गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, टीआरएफ सोशल मीडिया के सहारे जम्मू-कश्मीर के लोगों को उकसाकर आतंकी संगठनों में शामिल कर रहा था। इसके अलावा, आतंकियों की घुसपैठ व पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए भी लोगों को तैयार कर रहा था। 

यही नहीं, गृह मंत्रालय ने कहा है कि, द रेजिस्टेंस फ्रंट पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन है। यह संगठन साल 2019 में प्रतिबंधित संगठन लश्कर की शाखा के रूप में सामने आया था। लश्कर-ए-तैयबा 26/11 आतंकी हमले से लेकर अनेकों देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

बता दें कि हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। नए साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी 2023 को ही आतंकियों ने राजौरी जिले के डाँगरी में 3 हिंदू घरों को निशाना बनाते हुए फायरिंग की थी। इस फायरिंग में 4 लोग मारे गए थे। वहीं, 6 अन्य घायल हुए थे। इसके बाद, 2 जनवरी को डाँगरी में ही हिंदू घरों के पास बम धमाका हुआ था। इस धमाके मेंएक बच्चे सहित 2 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 5 अन्य घायल हो गए थे।

हिन्दू नाम से फेक आईडी बना कर ब्राह्मणों-RSS को गाली देता था अफजल, जाति के नाम पर लड़ाने की कोशिश: यूथ कॉन्ग्रेस के आईटी सेल में है संयोजक

गुजरात में यूथ कॉन्ग्रेस आईटी सेल के संयोजक अफजल लखानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है। आरोप है कि अफजाल सोशल मीडिया पर हिंदू नाम से फेक आईडी बना कर सनातन धर्म, जाति और संस्थाओं को बदनाम करने वाले पोस्ट किया करता था। अफजल इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ को लेकर भी विवादित बयान दे चुका है। इसके लिए उसे गिरफ्तार भी किया गया था।

हिंदू सेना और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक व्यक्ति ने अफजल के खिलाफ जामनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद गुजरात के जामनगर पुलिस ने अफजल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

अफजल पर दर्ज एफआईआर की एक कॉपी ऑपइंडिया के पास भी उपलब्ध है। दर्ज कराए गए एफआईआर के मुताबिक, अफजल ने ‘जिगर ठक्कर’ नाम से फर्जी आईडी बनाई। इस आईडी का इस्तेमाल वह हिंदुओं खासकर ब्राह्मणों और आरएसएस के बारे में अपमानजनक टिप्पणी पोस्ट करने के लिए करता था।

फोटो साभार: फेसबुक

जिगर ठक्कर नाम से किए गए सभी पोस्ट निराधार, दुर्भावनापूर्ण और गलत जानकारियों से भरे हुए हैं। मुस्लिम आरोपित ने हिंदू ठक्कर समुदाय को सोच समझकर चुना। आरोप है कि आईडी का इस्तेमाल दूसरे जाति के लोगों को ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काने व दुश्मनी पैदा करने की कोशिश के लिए भी किया जाता था।

इतना ही नहीं, ‘जिगर ठक्कर’ नाम के अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को एक आतंकवादी संगठन बताया गया। इस पोस्ट में जिगर ठक्कर बने अफजल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है।

फोटो साभार: फेसबुक

जिगर ठक्कर नाम के अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में RSS पर धार्मिक आयोजनों में ज़हर घोलने का आरोप लगाया गया था।

फोटो साभार: फेसबुक

शिकायतकर्ता ने कहा है, “इस फर्जी अकाउंट से जाति और धर्म को लेकर किए गए पोस्ट से मेरी भावनाएँ आहत हुई हैं और मैं इससे अपमानित महसूस कर रहा हूँ।” शिकायत करने वाले ने पुलिस को इन सभी पोस्ट के स्क्रीनशॉट उपलब्ध करवा दिए हैं। जामनगर पुलिस ने अफजल लखानी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 298, 499, 500, 501 और 505(2) के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस आईटी सेल में काम करने वाले अफजल लखानी ने पीएम मोदी की माँ हीरा बा के निधन के बाद अपने फेसबुक पेज पर पीएम और उनकी माँ के बारे में भद्दी और अपमानजनक पोस्ट की थी। इसके लिए अफजल के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार भी किया गया था। अफजल फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ अब दूसरी शिकायत भी दर्ज हो गई है।

‘हिंदू समाज में तुम्हारी वैल्यू नहीं, हमसे निकाह कर मुस्लिम बन जा’: MP में नाबालिग लड़कियों को धमकी, वाहिद और अमान ने की अश्लील हरकत

मध्य प्रदेश के महू में नाबालिग हिंदू लड़कियों को निकाह और धर्मांतरण की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोपितों की पहचान वाहिद और अमान के तौर पर बताई गई है। इन पर लड़कियों को शादी कर मुस्लिम बनने की धमकी देने और अश्लील हरकत करने का आरोप है।

‘नई दुनिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िताओं की उम्र 16 साल है। घटना महू के ट्रेंचिंग मैदान की है। महू पुलिस ‘मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, पॉक्सो एक्ट’ के तहत मामला दर्ज कर आरोपित युवकों की तलाश कर रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़िताओं ने शिकायत में कहा है कि आरोपित युवकों ने अश्लील हरकतें करते हुए उन पर शादी का दबाव बनाया। शादी से इनकार करने पर आरोपितों ने उनसे कहा है कि हिंदू समाज में तुम्हारी कोई वैल्यू नहीं है, हमसे शादी करके मुस्लिम बन जाओ। कथित तौर पर इसी दौरान वाहिद ने एक लड़की को जबरन पकड़ लिया। जब दूसरी लड़की ने इसका विरोध किया तो अमान ने उसे भी दबोच लिया। पीड़िताओं का कहना है कि दोनों युवकों ने उन्हें धमकी देते हुए कहा है कि अगर उनकी बात नहीं मानी और धर्म बदलकर शादी नहीं की तो समाज में मुँह दिखाने लायक नहीं रहेंगी।

इससे पहले मध्य प्रदेश के भोपाल से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया था। इस मामले में आरोपित फैजल सैय्यद अब्बास और पीड़िता का गर्भपात कराने वाले डॉक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 दिसंबर, 2022 को दलित लड़की ने थाने में फैजल सैय्यद अब्बास नाम के शख्स के खिलाफ शिकायत दी। लड़की ने अपनी शिकायत में कहा कि फैजल नाम के शख्स ने शान पंडित बनकर उससे दोस्ती की।

आरोपित के पास शान पंडित नाम से फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया हुआ था, जिससे पीड़िता को उसपर यकीन हो गया। तीन साल पहले आरोपित ने उसे जन्मदिन के बहाने होटल में बुला लिया। जहाँ पहली बार उसके साथ दुष्कर्म हुआ।

पीड़िता ने बताया कि दुष्कर्म के बाद फैजल ने अपनी असलियत लड़की को बता दी। उसने कहा, “मेरा नाम फैजल अब्बास है मैं कोई हिंदू नहीं हूँ। मैंने तुम्हारा वीडियो बना लिया है अब मैं तुम्हें जब भी, जहाँ बुलाऊँगा, तुम्हें आना पड़ेगा। अगर तुमने यह सब बातें किसी को भी बताई, तो ये वीडियो तुम्हारे घर वालों को दिखा दूँगा, इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दूँगा।”

सुनील शेट्टी साहब, एक सेब नहीं, पूरा बागान ही सड़ा हुआ है… मोदी-योगी के सामने रोने से नहीं, खुद को बदलने से होगा काम: हिन्दुओं को बदनाम करना बंद कर दे बॉलीवुड

हाल ही में जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब अपने राज्य के लिए निवेश जुटाने हेतु मुंबई पहुँचे तो उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से भी मुलाकात की, जहाँ ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ का मुद्दा भी गूँजा। अभिनेता सुनील शेट्टी ने उनसे गुहार लगाई कि इसे रोका जाए। सीएम योगी ने कई फ़िल्मी हस्तियों से मुलाकात की, ताकि यूपी को फिल्म फ्रेंडली स्टेट बनाया जा सके और वहाँ ज्यादा से ज्यादा फिल्मों व सीरीज की शूटिंग हो। नोएडा में विशाल ‘फिल्म सिटी’ भी बन रही है।

2022 में बॉलीवुड का रहा बुरा हाल, दक्षिण की डब फिल्मों ने किया कमाल

साल 2022 में एक के बाद एक कई फ़िल्में फ्लॉप हुईं। आमिर खान जैसे बड़े अभिनेता की ‘लाल सिंह चड्ढा’ तमाम प्रोमोशंस के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम हो गई। रणबीर कपूर की ‘शमशेरा’ और अक्षय कुमार की ‘सम्राट पृथ्वीराज’ से YRF को जबरदस्त घाटा हुआ। साल का अंत होते-होते रणवीर सिंह की ‘सर्कस’ के पिटने से निर्देशक रोहित शेट्टी का हिट स्ट्रीक भी टूट गया। ऋतिक रोशन-सैफ अली खान की ‘विक्रम वेदा’ और वरुण धवन की ‘भेड़िया’ का भी हाल अच्छा नहीं रहा।

यहाँ हम ‘ब्रह्मास्त्र’ की बात नहीं करेंगे, क्योंकि इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन आज भी संदेह के दायरे में है। खाली थिएटरों और भारी-भरकम बजट के बावजूद इसे फिल्म इंडस्ट्री ने हिट बता डाला। इन फिल्मों के फ्लॉप होने का सबसे बड़ा कारण रहा ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ का ट्रेंड, जो उन्हीं दर्शकों ने चलाया जो कभी सिनेमाघरों में इन फिल्मों का आनंद लेने जाते थे। हालाँकि, दक्षिण भारत की फिल्मों ने लगातार कमाल किया और हिंदी बेल्ट में भी अच्छी कमाई की।

उदाहरण के तौर पर तेलुगु फिल्म ‘RRR’ और कन्नड़ मूवी ‘KGF 2’ को देख लीजिए। दोनों ही फिल्मों ने 1200 करोड़ रुपए के आसपास का कारोबार दुनिया भर में किया। तमिल फ़िल्में ‘विक्रम’ और ‘PS 1’ के अलावा कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा’ ने भी 500 करोड़ रुपए के आँकड़े को छुआ। तेलुगु फिल्म ‘कार्तिकेय 2’ भी 120 करोड़ रुपए से अधिक कमा कर सरप्राइज हिट रही। बॉलीवुड में सिर्फ ‘द कश्मीर फाइल्स’ ही बड़ी हिट रही।

कश्मीरी पंडितों के घाटी में नरसंहार पर बनी विवेक अग्निहोत्री निर्देशित इस फिल्म ने दुनिया भर में 350 करोड़ रुपए बटोरे। फिल्म असली इतिहास पर बनी थी, इसने ‘पॉलिटिकली करेक्ट’ होने की जगह सच्चाई दिखाई। जबकि बॉलीवुड की फिल्मों में तो इस्लामी आक्रांताओं का गुणगान होता आया है। ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ के ट्रेंड के पीछे कोई साजिश या संगठन नहीं है, बल्कि लोगों ने खुद इंडस्ट्री की हस्तियों के रवैये को देख कर इसे चलाया।

‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ पर सुनील शेट्टी की चिंता

सुनील शेट्टी ने मुंबई की बैठक में सीएम योगी के सामने कहा, “सब्सिडी की तकलीफ नहीं हो रही है, ऑडिएंस की तकलीफ हो रही है। दर्शकों को सिनेमाघरों में बुलाना बहुत ज़रूरी है। ये एक हैशटैग जो चल रहा है ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ का, आपके कहने से ये रुक भी सकता है। लोगों तक ये पहुँचाना बहुत ज़रूरी है कि हम सब अच्छा काम भी बहुत कर चुके हैं। एक सड़ा हुआ सेब तो हर जगह होता ही है, लेकिन हम सबको आप उसमें नहीं गिन सकते।”

सुनील शेट्टी ने माना कि दर्शकों के बीच ये बात घर कर गई है कि बॉलीवुड या हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का मतलब है कि यहाँ अच्छे लोग नहीं हैं। उन्होंने ‘बॉर्डर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि बॉलीवुड में अच्छी फ़िल्में भी बनी हैं। बकौल सुनील शेट्टी, ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ ट्रेंड को रोकने की ज़रूरत है और इस पर मंथन करना होगा कि इसे कैसे हटाया जा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पहले शुक्रवार को थिएटरों के बाहर भीड़ लगती थी तो लोग कहते थे कि ये फिल्म चलेगी।

उन्होंने इस लेबल को हटाने के लिए योगी आदित्यनाथ को नेतृत्व करने की अपील की और कहा कि बॉलीवुड में 99% लोग ऐसे नहीं हैं और सब दिन भर ड्रग्स नहीं लेते। उन्होंने दावा किया कि भारत को दुनिया भर से जोड़ने में भारत की फिल्मों और संगीत का खासा योगदान रहा है। उन्होंने सीएम योगी से ये भी गुहार लगाई कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी ये बात पहुँचाएँ। बकौल सुनील शेट्टी, बॉलीवुड के अधिकतर लोग अच्छे काम से भी जुड़े हैं।

सुनील शेट्टी का ये कहना बिलकुल जायज है कि कुछ लोगों के गलत काम करने से पूरी की पूरी इंडस्ट्री गलत नहीं हो जाती, लेकिन क्या इस बात को उन्होंने अपने फ़िल्मी साथियों को समझाया? एक अपराध की घटना के बाद पूरा का पूरा भारत फिर बुरा कैसे हो जाता है? कठुआ की घटना के बाद शिल्पा शेट्टी, करीना कपूर, विशाल डडलानी, स्वरा भास्कर, सोनम कपूर, कल्कि कोचलिन और कोंकणा सेन शर्मा जैसे लोग पूरे भारत के लिए ‘I am Hindustan, I am Ashamed’ किए लिख सकते हैं? क्या बॉलीवुड की गंदगी सामने आने पर इन्होंने ‘Bollywood Is Ashamed’ वाला प्लाकार्ड लहराया कभी?

‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ से बचना है तो इंडस्ट्री को खुद पहल करनी होगी, दूसरा कोई कुछ नहीं कर सकता

सुनील शेट्टी ने अगर पहले अपनी ही इंडस्ट्री के लोगों से ये सवाल पूछा होता तो आज ये नौबत ही नहीं आती। बॉलीवुड में ‘रेप कल्चर’ का महिमामंडन, मुस्लिम अपराधियों को हिन्दू बना देना, इस्लामी आक्रांताओं का गुणगान करना, ब्राह्मण को जोकर, बनिया को सूदखोर और ठाकुरों को बलात्कारी बताना, हिन्दुवादिओं को गुंडा दिखाना – ये सब कई दशकों से चला आ रहा था तब किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाए? इंडस्ट्री अब भी बच सकती है, बस ये बदलाव करे:

  1. इस्लामी आक्रांताओं का महिमामंडन करना बंद कीजिए: कभी मुगलों का गुणगान तो कभी मुस्लिम गुंडों का जायज बताना – बॉलीवुड को ये बंद करना पड़ेगा। साथ ही जिस ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती को अजमेर में गरीब हिन्दुओं का धर्मांतरण कर पृथ्वीराज चौहान के खिलाफ माहौल बनाने के लिए भेजा गया था, जिसके शागिर्दों ने मंदिर में गाय काटी, जिसके वंशजों ने कई लड़कियों का बलात्कार किया और जिस दरगाह से कन्हैया लाल के हत्यारों के तार जुड़े – वहाँ मत्था टेकना बंद करना पड़ेगा।
  2. हिन्दुओं को बदनाम करना बंद कीजिए: अब तक न जाने कितनी ही फिल्मों में हमने ‘Hindu Goons’ वाल कॉन्सेप्ट देखा होगा। यानी, मारपीट करने वालों को भगवा कपड़े पहना दो। मेन विलेन को भगवान का भक्त बताओ, आरती-पूजा करते दिखाओ और हीरो को ‘सेक्युलर’, जो 786 में विश्वास रखता हो और मंदिर जाना उसे आधुनिक न लगता हो। रामनामी कपड़ों में अश्लील डांस भी इसका एक उदाहरण है। पंडितों-बनियों को एक खास प्रकार के रोल में दिखाना इसका उदाहरण है।
  3. भारतीय संस्कृति और परंपरा को प्रमोट कीजिए: दक्षिण भारत की फिल्मों में अक्सर वहाँ की परंपरा और संस्कृति को आगे बढ़ाया जाता है, जबकि बॉलीवुड विदेशी चीजों के प्रति लोगों में आकर्षण पैदा करता है और हमेशा दिखाता है कि हमारी स्थानीय चीजें महत्व विहीन हैं। क्या मंदिरों, ऋषि-मुनियों, हमारे समृद्ध इतिहास और परंपराओं की बातें करना हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का काम नहीं? लेकिन नहीं, ये लोग उनके प्रति हीन भावनाएँ पैदा करते हैं।
  4. अति-आत्मविश्वास में लोगों को अपने जूते के नीचे समझना खत्म करें बॉलीवुड वाले: करीना कपूर कहती हैं कि जिन्हें नहीं देखना है वो उनकी फ़िल्में न देखें। इसी तरह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से घमंड भरे बयान आते रहते हैं, जिससे ऐसा लगता है कि जनता उनके जूतों के तले में रहती है। दक्षिण भारत में रजनीकांत, चिरंजीवी, मोहनलाल या शिवा राजकुमार जैसे अभिनेताओं से उन्हें सीखना चाहिए कि विनम्र कैसे रहा जाता है, बड़ी फैन फॉलोविंग के बावजूद।
  5. नेपोटिज्म को खत्म कर के सुदूर इलाकों की प्रतिभाओं को भी मौका मिले: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सामने आया कि किस कदर यूपी-बिहार की प्रतिभाओं के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अन्याय होता है। आज के अधिकतर बड़े अभिनेता-अभिनेत्री किसी न किसी फ़िल्मी खानदान से ताल्लुक रखते हैं। अगर आप बाहरी प्रतिभाओं की कदर नहीं कीजिएगा तो आपका मिटना तय है। भारत एक विशाल देश है और फिल्म इंडस्ट्री सबकी है, चंद लोग इसे अपनी बपौती नहीं समझ सकते।

इस तरह, बॉलीवुड खुद इन 5 मुख्य चीजों का ध्यान रख कर खुद को बचा सकता है। ऐसे में उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने गिड़गिड़ाना नहीं पड़ेगा। बॉलीवुड को अगर कोई बचा सकता है तो वो है बॉलीवुड। अगर किसी ने इंडस्ट्री में गलत किया है तो बाकियों के पास साहस भी होना चाहिए गलत को गलत बोलने का। सुनील शेट्टी जाकर अपने उन साथियों से पूछे – ‘भारत में किसी अपराध के होने पर भारतीय होने में शर्म आती है तो बॉलीवुड के कारनामों पर कभी बॉलीवुड से होने में शर्म क्यों नहीं आती?’

आपस में लड़ रहे शार्क: अशनीर ग्रोवर बोले- मैंने हिट कराया Shark Tank, नमिता-अनुपम ने कहा- टॉक्सिक लोग बाहर रहें

सोनी टीवी (Sony TV) का प्रसिद्ध शो शार्क टैंक के सीजन-2 (Shark Tank 2) में BharatPe के पूर्व प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) नहीं हैं। हालाँकि, उन्हें छोड़कर सारे पुराने शार्क हैं। हालाँकि, इस सीजन में वापस आने वाले शार्क का कहना है कि शो में कोई किसी को मिस नहीं कर रहा है और ना ही आगे करेगा।

हालाँकि, अनुपम मित्तल और नमिता थापर ने अशनीर ग्रोवर को रिप्लेस करने को लेकर कहा कि अच्छा है कि ऐसे टॉक्सिक लोगों को शो से बाहर रखा जाए। वहीं, अनुपम मित्तल ने अशनीर पर चुटकी लेते हुए कहा कि पिछले सीज़न में संस्थापकों का अपमान होते देखना दुर्भाग्यपूर्ण था।

उन्होंने कहा, “आखिरी बार जो हुआ था… उद्यमियों की काफी बेइज्जती हुई थी।” बता दें कि शार्क टैंक के पहले सीजन में अशनीर ग्रोवर ने सबसे ज्यादा सुर्खियाँ बटोरी थीं। वे शो के दौरान कई बार अनफ़िल्टर्ड, स्ट्रॉन्ग और कभी-कभी असभ्य शार्क बन जाते थे। उनकी फेमस लाइन थी, ‘यह सब दोगलापन है’। इस कारण सीजन-2 में लोग उन्हें मिस कर रहे हैं।

कुछ दिन पहले एक साक्षात्कार में अशनीर ग्रोवर ने कहा था कि उन्होंने ही शो के पहले सीजन को हिट कराया था और सोनी को 10 करोड़ रुपए की फ्रैंचाइजी बना दिया। अशनीर के इस पुराने बयान पर अनुपम ने कहा कि इस शो को ना तो किसी ने बनाया है और ना ही इसके इमेज को कोई बिगाड़ सकता है।

अनुपम ने कहा, “मैजिक सिर्फ एक चीज में है कि हम लोग किस तरह मिलकर शो को आगे बढ़ाते हैं। यहाँ आकर जिस तरह से लोग पिच करेंगे, वही ऑडियंस को पसंद आएगा। यह शो किसी शार्क के बारे में नहीं है, यह शो इंडिया के बारे में है जहाँ हर कोने में टैलेंट पनप रहा है।”

हालाँकि, “हाल ही में एक पॉडकास्ट में बात करते हुए अशनीर ग्रोवर ने कहा, “हालाँकि, मैं ये नहीं बोल रहा हूँ कि बाकी लोग कोई कम हैं, लेकिन मैं ज्यादा था। क्या करें? मैंने डोमिनेट कर दिया शो।” उन्होंने यह भी कहा था कि बाकी अन्य जजों को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अनफॉलो कर दिया है।

Shark Tank 2 में अशनीर ग्रोवर को अमित जैन से रिप्लेस किया गया है। इनमें शादी डॉट कॉम के संस्थापक अनुपम मित्तल, एमक्योर फर्मास्यूटिकल कंपनी की मालकिन नमिता थापर, शुगर कॉस्मेटिक्स की फाउंडर विनीता सिंह, लेंसकार्ट के पीयूष बंसल और boAT के को-फाउंडर अमन गुप्ता, कारदेखो के सह-संस्थापक अमित जैन शामिल हैं।

10 महीने में ही पंजाब की AAP सरकार का दूसरा विकेट गिरा: भगवंत मान के मंत्री फौजा सिंह का इस्तीफा, वायरल हुआ था जबरन वसूली का ऑडियो

पंजाब में फौजा सिंह सरारी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। 10 महीने पुरानी आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार से विदा होने वाले सरारी दूसरे कैबिनेट मंत्री हैं। इससे पहले विजय सिंगला को बर्खास्त किया गया था। सरारी की जगह डॉक्टर बलबीर सिंह को कैबिनेट में जगह मिली है। मुख्यमंत्री भगवत सिंह मान की मौजूदगी में राज्यपाल ने शनिवार (7 जनवरी 2023) को राजभवन में उन्हें शपथ दिलाई।

फौजा सिंह के पास खाद्य और बागवानी मंत्रालय था। इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा है कि वे आप के वफादार सिपाही बने रहेंगे। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इससे संबंधित उनका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था।

सितंबर 2022 में यह ऑडियो वायरल हुआ था। उस समय मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर थे। दावा किया गया था कि ऑडियो में सरारी ठेकेदारों से वसूली की प्लानिंग कर रहे थे। ऑडियो बाहर आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने फौजा सिंह को शो कॉज नोटिस जारी किया था। इस नोटिस का उन्होंने क्या जवाब दिया, जवाब दिया भी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।

उस वक्त फौजा सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था। उन्होंने लीक ऑडियो के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया था। अब उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा देने की बात कही है।

इसके पहले भष्टाचार के आरोपों की वजह से स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को बर्खास्त किया गया था। सिंगला पर विभाग द्वारा जारी टेंडर में कमीशन लेने के इल्ज़ाम लगे थे। इसके बाद सिंगला को जेल में भी रहना पड़ा था। हालाँकि सिंगला को आम आदमी पार्टी से बर्खास्त नहीं किया गया। गौरतलब है कि पंजाब के अलावा दिल्ली की आप सरकार के मंत्रियों पर भी भष्टाचार के आरोप हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन महीनों से सलाखों के पीछे हैं। पार्टी ने उनका भी इस्तीफा नहीं लिया है।

‘यदि नाम में खान होता तो’: एयर इंडिया की फ्लाइट में पेशाब पर राजदीप सरदेसाई कर रहे थे प्रोपेगेंडा, विवेक अग्निहोत्री ने लताड़ा

हाल ही में ‘एयर इंडिया’ की फ्लाइट में एक व्यक्ति द्वारा महिला पर पेशाब करने का मामला सामने आया था। फिलहाल, आरोपित गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है। वहीं, इस मामले पर धर्म की राजनीति भी शुरू हो गई है।

दरअसल, टीवी एंकर और ‘गिद्ध पत्रकारिता’ के लिए मशहूर राजदीप सरदेसाई ने आरोपित के धर्म को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि यदि आरोपित मिश्रा की जगह खान होता तो क्या होता। इस ट्वीट पर, ‘द कश्मीर फाइल्स’ के डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने राजदीप सरदेसाई को करारा जवाब दिया है।

विवेक अग्निहोत्री ने कहा है कि देश में कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने ट्वीट किया, “प्रिय राजदीप, कानून सबके लिए समान है। चाहे वह आरफा हो या राजदीप। यह मीडिया (आपके अनुसार, गिद्ध मीडिया) है जो भेदभाव करता है। मुझे यकीन है कि अगर यह (आरोपित) एक खान होता, तो आप अब तक उसे पीड़ित बता चुके होते। प्लीज सोचें और जवाब दें।”

बता दें कि टीवी एंकर राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट कर कहा था, “बहुत अधिक नशे में धुत जिस व्यवसायी को विमान में सह-यात्री पर पेशाब करते पाया गया, वह शेखर मिश्रा है। क्या होता अगर उसका नाम खान होता? अंदाजा लगाइए कि प्राइम टाइम और सोशल मीडिया पर आक्रोश का रथ कौन चला रहा होगा? मिश्रा या खान… कानून और प्रतिक्रिया सभी के लिए बराबर होनी चाहिए। सहमत?”

गौरतलब है कि राजदीप सरदेसाई ने 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर हुए हमले को ‘अ ग्रेट डे (एक महान दिन)’ कहा था। सरदेसाई ने संसद भवन पर हुए हमले पर बात करते हुए बताया था कि जब आतंकी पार्लियामेंट पर हमला कर रहे थे तब वह संसद के बगीचे में पिकनिक मना रहे थे।

इससे जुड़ा राजदीप सरदेसाई का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उन्हें कहते हुए सुना गया था कि पत्रकार गिद्धों की तरह व्यवहार करते हैं। उन्होंने बताया था कि कैसे संसद पर हमले की एक्सक्लुसिव स्टोरी ने टीम को उस शराब और कबाब को भुला दिया, जिसे लेकर वह पिकनिक मनाने की प्लानिंग कर रहे थे। उन्होंने कहा था, “यह एक महान दिन था। हम गिद्धों की तरह हैं। हम इन पलों को भुनाते हैं।” 

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2022 को न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में शंकर मिश्रा नामक व्यक्ति ने शराब के नशे में धुत होकर 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर पेशाब कर दिया था। मामला हाल ही में उजागर हुआ था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। फिलहाल, उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में, पुलिस से लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) तक सख्त नजर आ रहे हैं। आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।