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‘हिन्दू विरोधी और क्रूर नहीं था औरंगजेब’: NCP नेता ने शरद पवार के भतीजे के बयान का किया समर्थन, अजित पवार ने कहा था – संभाजी धर्मवीर नहीं

महाराष्ट्र में इन दिनों छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब को लेकर सियासी पारा गर्म है। महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने छत्रपति संभाजी महाराज पर टिप्पणी की थी जिसे लेकर उनकी चौतरफा आलोचना होने लगी। इसी बीच अजित पवार के बचाव में एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड उतर आए हैं। जितेंद्र आव्हाड ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि अगर औरंगजेब क्रूर या हिंदू विरोधी होता तो वह उस मंदिर को भी तोड़ देता जहाँ संभाजी महाराज की आँखें निकाल दी गई थीं।

“छत्रपति संभाजी धर्मवीर थे या नहीं?” – महाराष्ट्र की सियासत में इस सवाल पर घमासान मचा हुआ है। इस पर तर्क और कुतर्क रखे ही जा रहे थे कि नेता प्रतिपक्ष अजित पवार के बचाव में उतरे एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने औरंगजेब को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी। जितेंद्र ने कहा, “छत्रपति संभाजी महाराज को बहादुरगढ़ लाया गया, जहाँ उनकी आँखें निकाल दी गईं। बहादुरगढ़ किले के पास एक विष्णु मंदिर था। अगर औरंगजेब क्रूर या हिंदू विरोधी होता तो वह उस मंदिर को भी तोड़ देता।”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड के बयान पर पलटवार किया। सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि एनसीपी छत्रपति संभाजी महाराज का अपमान कर रही है और औरंगजेब की तारीफ कर रही है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने महाराष्ट्र में कई मंदिरों को तोड़ा और महिलाओं पर अत्याचार किया।

इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा था कि छत्रपति संभाजी महाराज धर्मवीर नहीं थे, बल्कि स्वराज्य रक्षक थे। इसके बाद से ही पूरे महाराष्ट्र में अजित पवार के इस बयान की आलोचना शुरू हो गई थी। मामले के बीच ही एनसीपी के दूसरे नेता ने एक कदम आगे बढ़ते हुए औरंगजेब को लेकर दावा कर दिया कि वह क्रूर और हिंदू विरोधी नहीं था।

क्या कहता है इतिहास?

छत्रपति शिवाजी महाराज के बड़े बेटे संभाजी महाराज 1689 की शुरुआत में हुए मुगल-मराठा युद्ध में पकड़े गए। संभाजी राजे और कवि कलश को औरंगजेब के पास पेश करने से पहले बहादुरगढ़ ले जाया गया था। औरंगजेब ने शर्त रखी थी कि संभाजी राजे धर्म -रिवर्तन कर इस्लाम अपना लें तो उनकी जान बख्श दी जाएगी। संभाजी राजे ने यह शर्त मानने से इनकार कर दिया। 40 दिन तक औरंगजेब के अंतहीन अत्याचारों के बाद 11 मार्च, 1689 को फाल्गुन अमावस्या के दिन संभाजी महाराज की मृत्यु हो गई।

असहनीय यातनाओं को सहते हुए भी संभाजी राजे ने धर्म के प्रति अपनी निष्ठा नहीं छोड़ी। इसलिए इतिहास ने उन्हें धर्मवीर की उपाधि दी।

हाजी जान मोहम्मद ने 60वें बच्चे के जन्म के साथ किया नए साल का स्वागत, अल्लाह का शुक्रिया अदा किया: कहा – और बेगम लाऊँगा, 100 बच्चे पैदा करने हैं

पाकिस्तान (Pakistan) के क्वेटा में रहने वाले हाजी जान मोहम्मद के घर नए साल पर 60वें बच्चे ने जन्म लिया। इसके बाद भी हाजी और बच्चे पैदा करना चाहता है। उसने कहा कि वह और बच्चों के लिए चौथा निकाह करेगा। बताया जा रहा है कि हाजी जान मोहम्मद के 60 बच्चे उसकी तीन बीवी से पैदा हुए हैं, जबकि उसके 5 बच्चों की मौत हो चुकी है। जान मोहम्मद के 55 बच्चे जीवित और स्वस्थ हैं।

जान मोहम्मद ने मीडियाकर्मियों को बताया कि नए साल के मौके पर उसके घर में एक और बच्चे का जन्म होने से वह बहुत खुश है। उन्होंने उस बच्चे का नाम हाजी खुश खल खाँ रखा है। जान की तीनों बीवी और सभी बच्चे एक ही घर में रहते हैं। वह पेशे से कंपाउंडर हैं और अपना क्लीनिक चलाता है। अभी भी उसकी ख्वाहिश है कि उसके और बच्चे हों और इसके लिए वह चौथी बीवी तलाश कर रहा है। बीते दिनों 60 बच्चों के अब्बा ने कहा था कि वह 100 बच्चे पैदा करना उसका लक्ष्य है।

वह इतने सारे बच्चे देने के लिए अल्लाह का शुक्रगुजार है। सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल होने के बाद यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं। एक यूजर ने हाजी के मजे ​लेते हुए कहा कि बस अब 15 ही और बचे है। वो भी कर लोगे तो घर में ही प्राइमरी स्कूल खोल सकते हो सब के लिए और एक मैथ्स टीचर, साइन्स टीचर, पीटी टीचर और सोशल स्टडीज की टीचर से शादी कर लो।

एस राजभर ने लिखा, “आगे चलकर एक नया पाकिस्तान बनाएँगे हाजी साहब।”

सात्विक लिखते हैं, “देश कंगाली के रास्ते पर है, हाजी जान मोहम्मद आबादी बढ़ाने के रास्ते।”

चंदन सिंह ने लिखा, “बहुत बढिया, लगे रहो, तालिबान को दूसरे मुस्लिमों से लड़ने के लिए और लड़ाकों की जरूरत है।”

रक्षित ने लिखा, “आश्चर्य किस बात का, उनका लक्ष्य तय है कि उन्हें दुनिया पर कब्जा करना है चिंता तो दूसरों को करनी है कि जब ये उनसे तादाद में ज्यादा होंगे तो तुम्हारी आने वाली पीढ़ियों का क्या भविष्य होगा।”

होटल में नए साल की पार्टी, कमरा नंबर 104, शराब और झगड़ा: कार में घिसटने और नग्न लाश मिलने से पहले भी दिल्ली में हुआ था बहुत कुछ

दिल्ली में नए साल पर कार से घसीटी गई लड़की की मौत के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। मृत लड़की के स्कूटी लेकर होटल से निकलने के CCTV फुटेज सामने आए हैं। कहा जा रहा है कि लड़की ने होटल में पार्टी के लिए दो कमरे बुक किए थे। उसके दोस्त आए थे, जिसमें लड़के भी थे। होटल में झगड़ा होने की बात भी कही जा रही। पुलिस होटल में मौजूद रहे लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

इससे पहले यह बात सामने आई थी कि मृत लड़की अपनी एक दोस्त के साथ स्कूटी पर होटल से निकली थी। एक्सीडेंट के बाद यह लड़की मौके से डरकर भाग गई थी। टक्कर मारने के बाद लड़की कार के साथ करीब 12 किलोमीटर तक घसीटती रही। होटल मैनेजर अनिल ने दावा किया है कि दोनों लड़कियाँ 31 दिसंबर 2022 की शाम 7.30 बजे के आसपास होटल पहुँची थीं। उन्होंने, होटल का कमरा नंबर 104 बुक कराया था। उनसे मिलने के लिए कुछ लड़के भी होटल आए थे। इसके बाद, दोनों ने लड़ना-झगड़ना शुरू कर दिया।

मैनेजर ने यह भी दावा किया है कि इस होटल में आए उसे एक महीना ही हुआ है। इस दौरान उसने पहले भी मृतका को यहाँ अपने दोस्त के साथ आते देखा था। नाइट शिफ्ट के स्टाफ ने उनके झगड़े को रोकने की कोशिश की थी। झगड़ा शांत न होने पर मैनेजर ने उन दोनों को नीचे जाने को कह दिया था। नीचे जाने के बाद भी दोनों लड़कियाँ लड़तीं रहीं। उनके साथ 5-7 लोग थे। दोनों एक-दूसरे को गालियाँ दे रहीं थीं। इससे, आसपास के लोग वहाँ जमा हो गए थे। वहाँ खड़े लोगों ने उन्हें मना किया तो दोनों स्कूटी में बैठकर करीब 1:15 बजे वहाँ से चली गईं।

होटल के एक अन्य स्टाफ रोहित ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में दावा किया कि दोनों लड़कियाँ पार्टी कर रही थीं। उन्होंने शराब पी रखी थी। काफी देर तक लड़ाई-झगड़ा चलता रहा। उन्हें समझाने की कोशिश भी की गई। फिर दोनों यहाँ से चली गईं। वहीं, होटल के सामने दोनों लड़कियों के झगड़ने का वीडियो भी सामने आया है।

घटना का CCTV सामने आने के बाद, पुलिस ने मृत युवती के साथ नजर आई लड़की से संपर्क किया है। साथ ही, पुलिस ने होटल में युवती के साथ देखे गए लड़कों को भी हिरासत में लिया है। इस बारे में पुलिस ने कहा है, “कुछ लड़के होटल में लड़कियों के साथ देखे गए थे। उन लड़कों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। लड़कों के लिए एक अलग कमरा बुक था। होटल के कर्मचारियों ने उन्हें लड़की से बात करते हुए देखा था।”

पोस्टमार्टम में बलात्कार की पुष्टि नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि प्रारंभिक मेडिकल जाँच में पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान या घाव नहीं मिले हैं। जिसको लेकर कहा जा रहा है कि मृतका के साथ बलात्कार नहीं हुआ। वहीं, डीसीपी हरेंद्र सिंह ने भास्कर से हुई बातचीत में इसे नकारते हुए कहा है कि यह सिर्फ कयास हैं। अभी रिपोर्ट आने का इंतजार करना होगा।

लड़की का शव नग्नावस्था में हुआ था बरामद

बता दें कि नए साल पर युवती स्कूटी से अपने घर लौट रही थी। तभी, एक कार से उसका एक्सीडेंट हुआ। एक्सीडेंट में युवती कार के निचले हिस्से में फँस गई, लेकिन आरोपितों ने कार नहीं रोकी। इस कारण युवती 10-12 किलोमीटर तक लगातार घिसटती चली गई। इस हादसे में, युवती के पैर भी कट चुके थे। सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने दिल्ली के कंझावला थाना क्षेत्र से लड़की का शव नग्नावस्था में बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

‘जैसे भारत के सामने सरेंडर किया था, दोबारा यही हाल कर देंगे’: Pak ने धमकाया तो तालिबान नेता ने शेयर कर दी 1971 युद्ध की तस्वीर

तालिबान के नेता यासिर अहमद (Yasir Ahmad) ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। दरअसल, पाकिस्तान के गृह मंत्री राना सनाउल्लाह (Rana Sanaullah) ने अफगान तालिबान को धमकी देते हुए कहा था कि अगर ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP)’ ने अपने हमले नहीं रोके तो पाकिस्तान, अफगानिस्तान में इन्हें घुसकर मारेगा। इसी के जवाब में तालिबान के नेता ने पाकिस्तान को चेतावनी दी और 1971 में भारतीय सेना के हाथों पाकिस्तान की शर्मनाक हार की फोटो पोस्ट कर दी।

यासिर अहमद ने एक ट्वीट में यह ऐतिहासिक फोटो पोस्ट की है। ये तस्वीर भारतीय सेना की वीरता का प्रतीक है। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आमिर अब्दुल्लाह खान नियाजी ने भारतीय सेना के समक्ष सरेंडर दस्तावेजों पर साइन किए थे। पाकिस्तानी सेना के सरेंडर के बाद विश्व पटल पर एक नए देश बांग्लादेश का उदय हुआ था।

इसी फोटो के बहाने यासिर अहमद ने पाकिस्तान का मजाक उड़ाते हुए कहा, “पाकिस्तान के गृह मंत्री जी, यह बड़े से बड़े साम्राज्यों का कब्रिस्तान है। अफगानिस्तान कोई सीरिया या पाकिस्तान नहीं है। हम पर हमला करने की सोचना भी मत, नहीं तो भारत के सामने जिस तरह से सरेंडर किया था, वही शर्मनाक हाल दोबारा होगा।”

दरअसल, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के संबंध बीते कुछ वक्त से खराब हो गए हैं। दोनों देशों में तल्खी का कारण तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) है। TTP लगातार पाकिस्तान में हमले को अंजाम दे रहा है। TTP अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर यानि डूरंड रेखा (Durand Line) को भी नहीं मानता। इस वजह से दोनों देशों के बीच यहाँ आए दिन झड़प होते रहते हैं। इसी के मद्देनजर पाकिस्तान के गृह मंत्री ने अफगानिस्तान को गुरुवार (27 दिसम्बर, 2022) को चेतावनी दी थी।

उन्होंने कहा था, “TTP के आतंकी पाकिस्तान में हमले के बाद भागकर अफगानिस्तान में छुप जाते हैं। अगर अफगानिस्तान ने इन आतंकियों को पनाह देना बंद नहीं किया तो हम अफगानिस्तान में घुसकर इन्हें मारेंगे। हमे पता है कि अफगानिस्तान में इनके ठिकाने कहाँ हैं। इन्हें हथियार भी वहीं से मिलता है।” वहीं अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी पाकिस्तान के गृह मंत्री के बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। मंत्रालय ने कहा था कि अफगानिस्तान में TTP को कहीं पनाह नहीं दिया जाता है। ये आरोप बेबुनियाद हैं। फिर भी पाकिस्तान ने अगर हमला किया तो उन्हें मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

ओडिशा में तीसरे रूसी नागरिक की संदिग्ध मौत, जहाज पर मृत पाए गए चीफ इंजीनियर: इससे पहले सांसद और उनके दोस्त की मिली थी लाश

ओडिशा में एक और रूसी नागरिक की लाश मिली है। मृतक की पहचान मिलाकोव सर्गेई के रूप में हुई है जो जगतसिंहपुर जिले के पारादीप बंदरगाह पर ठहरे जहाज में मृत पाए गए हैं। इसके पहले भी ओडिशा में एक रूसी सांसद समेत 2 रूसी नागरिक मृत पाए गए हैं। जिसकी जाँच जारी है। राज्य में 15 दिनों के अंदर यह तीसरी घटना है जब किसी रूसी नागरिक को मृत पाया गया है।

ओडिशा में मंगलवार (3 जनवरी, 2023) को मिलाकोव सर्गेई जहाज ‘एम बी अलदना’ के मुख्य इंजीनियर थे। जहाज बांग्लादेश के चटगाँव बंदरगाह से मुंबई जा रहा था। सुबह लगभग 4.30 बजे रूसी नागरिक जहाज के अपने कक्ष में मृत अवस्था में मिले। फिलहाल उनके मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पारादीप पोर्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष पी एल हरानंद ने रूसी इंजीनियर की मौत की पुष्टि करते हुए मामले की जाँच जारी होने की बात कही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने जहाज के मास्टर के हवाले से इतना कहा कि सर्गेई की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही सर्गेई की मौत के सही वजह सामने आ सकेंगे।

दिसंबर 2022 में सांसद और उनके दोस्त की मौत

रूसी सांसद पावेल एंटोव की फाइल तस्वीर (साभार जागरण)

आपको बता दें इसके पहले भी दिसंबर 2022 में ओडिशा के रायगड़ा में एक रूसी सांसद और उनके साथी की मृत्यु हो गई थी। 22 दिसंबर को 61 वर्षीय रूसी नागरिक व्लादिमीर बाइडेनोव अपने कमरे में मृत पाए गए थे। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। उसके एक दिन बाद, यानी 24 दिसंबर को 65 साल के सांसद पावेल एंटोव होटल की तीसरी मंजिल से गिर गए थे। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।

क्यों उठ रहे हैं सवाल?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी सांसद पावेल एंटोव और उनके मित्र व्लादिमीर बाइडेनोव दोनों रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के आलोचक रहे हैं। संदेह का दूसरा कारण रूसी सांसद के मौत मामले में विसरा सुरक्षित न रखे जाने को लेकर भी सवाल उत्पन्न हो रहे हैं। दोनों को दफ़नाने की जगह जलाया गया था, हालाँकि रूसी राजदूत ने साफ़ किया था कि ईसाई मजहब के एक समूह में ऐसा होता है। संदेह का तीसरा कारण है तीनों की मौत ओडिशा में होना। दिसंबर 2022 में हुई दोनों मौतों की जाँच राज्य पुलिस और सीआईडी की टीम कर रही है।

इसमें इंटरपोल की भी मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। दिसंबर महीने में दो दिनों के भीतर दो रूसी नागरिकों की मौत के लगभग 10 दिनों बाद एक और रूसी नागरिक की मौत से संदेह और गहराता जा रहा है।

झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ जैन मुनि ने किया प्राण-त्याग, 10 दिनों से अनशन पर बैठे थे: सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने के खिलाफ है समाज

झारखंड में स्थित जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे मुनि सुज्ञेयसागर महाराज का निधन हो गया है। वह राज्य सरकार के जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाए जाने के फैसले के खिलाफ 25 दिसंबर, 2022 से जयपुर के सांगानेर स्थित जैन समाज के मंदिर में आमरण अनशन कर रहे थे। दसवें दिन यानी मंगलवार (3 जनवरी, 2022) को उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज सुबह उनकी ‘डोल यात्रा’ सांगानेर संघीजी मंदिर से निकाली गई। इस दौरान आचार्य सुनील सागर सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे। कहा जा रहा है कि जैन मुनि काे जयपुर के सांगानेर में समाधि दी गई। ‘अखिल भारतीय जैन बैंकर्स फोरम’ के अध्यक्ष भागचन्द्र जैन ने बताया कि सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के बाद से मुनि ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। उन्होंने सम्मेद शिखर को बचाने के लिए बलिदान दिया है। मुनीश्री सम्मेद शिखर से भी जुड़े हुए थे। इन्हें सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी जाएगी।

सोशल मीडिया पर भी लोग मुनि सुज्ञेयसागर महाराज के इस तरह से जाने से दुःखी नजर आए। हर्ष लिखते हैं, “मुनीश्री सुज्ञेयसागर जी महाराज ने सम्मेद शिखर को बचाने के लिए जो बलिदान दिया है, उसे सम्पूर्ण समाज जगत कभी नहीं भूलेगा। मुनीश्री सुज्ञेयसागर महाराज के बलिदान पर कोटि-कोटि नमन। इन्हें जयपुर के सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी जाएगी।”

झारखंड के गिरिडीह जिले में पारसनाथ पहाड़ी पर स्थित सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी है। पारसनाथ पहाड़ी दुनिया भर के जैन धर्मावलंबियों के बीच सर्वोच्च तीर्थ सम्मेद शिखर के रूप में प्रसिद्ध है।

गौरतलब है कि जैन समाज के लोग झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित जैन तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल में बदलने का फैसला वापस लेने की माँग कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने हाल ही में दिल्ली के प्रगति मैदान में इकट्ठे होकर इंडिया गेट की ओर मार्च किया। उनका कहना है कि वे झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ राष्ट्रपति भवन में ज्ञापन देंगे। इसके अलावा जैन समाज के लोगों ने मुंबई में भी सड़कों पर उतरकर मार्च निकाला।

नेताओं की जुबान पर एक्स्ट्रा लगाम से सुप्रीम कोर्ट का इनकार: कहा- नागरिकों के समान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मंत्री के बयान के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने विधायक, सांसद और मंत्रियों के बोलने की स्वतंत्रता पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने से इनकार किया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि इन्हें भी अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत नागरिकों की तरह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समान अधिकार प्राप्त है। साथ ही अनुच्छेद 19(2) के तहत पहले से ही बोलने की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध भी हैं।

सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने मंगलवार (3 जनवरी 2023) को 4:1 की बहुमत के साथ यह फैसला सुनाया। पीठ में जस्टिस अब्दुल नजीर, बीआर गवई, एएस बोपन्ना, वी रामासुब्रमण्यम और बीवी नागरत्ना शामिल थीं। इनमें से केवल जस्टिस नागरत्ना का विचार अन्य जजों से अलग था।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार पीठ ने बहुमत के साथ कहा कि मंत्री के बयान के लिए सामूहिक जिम्मेदारी के सिद्धांत के तहत सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। जस्टिस नागरत्ना का भी मानना था कि अनुच्छेद 19(2) के तहत अतिरिक्त प्रतिबंध नहीं लगाए जा सकते। लेकिन, उनका यह कहना था कि यदि कोई मंत्री आधिकारिक क्षमता में अनर्गल बयान देता है तो इसके लिए सरकार के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

जस्टिस नागरत्ना का कहना था कि यदि मंत्रियों का बयान सरकार के रुख के अनुरूप नहीं हैं, तो इसे व्यक्तिगत टिप्पणी माना जाएगा। उन्होंने विवादित बयानों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि अनुच्छेद 19(1)(ए) और 21 के तहत मौलिक अधिकार संवैधानिक अदालतों में अलग तरीके से लागू नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक पदों पर बैठे हुए लोगों द्वारा दिए गए भाषण या अभद्र भाषा के उपयोग से खुद को आहत महसूस करता है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।

सुनवाई के दौरान पीठ ने अधिक प्रतिबंध से इनकार करते हुए कहा कि संसद इस पर विचार कर सकती है। यह भी एक कहा कि आत्मनियंत्रण का एक अलिखित नियम है, जिसके तहत माना जाता है कि उच्च पदों पर बैठे लोग मर्यादाओं का पालन करेंगे। कोई ऐसी बात न करेंगे जिससे किसी भी वर्ग को ठेस लगे। लेकिन धीरे-धीरे यह आत्मनियंत्रण खत्म होता जा रहा है।

क्या है मामला

साल 2016 में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक किशोरी और उसकी माँ के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था। इस बलात्कार को उस समय की समाजवादी सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया था। इसके बाद, बलात्कार पीड़िता के पिता ने आजम खान के बयान के खिलाफ याचिका दायर की थी। हालाँकि, अपने इस बयान के लिए आजम खान माफी माँग ली थी। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का फैसला किया था।

जहाँ हुआ जगद्गुरु का जन्म, वहीं के वामपंथी मंत्री ने किया उनका अपमान: कहा – मनुस्मृति आधारित क्रूर जाति-व्यवस्था के समर्थक थे शंकराचार्य

केरल के मंत्री और वामपंथी नेता एमबी राजेश (MB Rajesh) ने आदि गुरु शंकराचार्य को लेकर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ‘शंकराचार्य मनुस्मृति पर आधारित क्रूर जाति व्यवस्था के समर्थक थे। केरल के वर्कला स्थित शिवगिरि मठ के एक कार्यक्रम के दौरान राजेश ने यह बयान दिया। राजेश दरअसल श्री नारायण गुरदेव और शंकराचार्य की तुलना कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने शंकराचार्य को जाति व्यवस्था का पक्षधर बता दिया।

राजेश ने अपने बयान में कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य जातिवादी व्यवस्था के पक्षधर थे। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग समाज में जाति व्यवस्था का शिकार बने और इसके लिए शंकराचार्य भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर श्री नारायण गुरु ने जाति व्यवस्था को खत्म करने का काम किया। उन्होंने कहा कि इस मामले पर श्री नारायण गुरु ने शंकराचार्य की आलोचना भी की थी। मंत्री ने इसके साथ ही कहा कि केरल में अगर कोई आचार्य हैं तो वह श्री नारायण गुरु हैं, न कि शंकराचार्य।

वहीं भाजपा नेता और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने राजेश के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि वेदांत दार्शनिक आदि शंकराचार्य और संत व समाज सुधारक श्री नारायण गुरु दोनों देश के एक ही परंपरा के थे। उन्होंने कहा कि राजेश हिंदू धर्म में विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजेश के बयान की निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका बयान प्राचीन भारतीय परंपराओं और दर्शन के प्रति कम्युनिस्टों की असहिष्णुता को दर्शाता है। इसे झूठा प्रचार करार देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सौ कम्युनिस्टों के घोषणापत्र भी आदि शंकराचार्य और श्री नारायण गुरु द्वारा प्रचारित दर्शन से मेल नहीं खा सकते।

उन्होंने दावा किया कि भक्तों ने स्वामी चिदानंदपुरी की शिक्षाओं से महसूस किया है कि शंकराचार्य के विजन का अन्य भारतीय संन्यास परंपराओं से कोई लेना-देना नहीं है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पंडित एस चिदानंदपुरी स्वामी ने हाल ही में शंकराचार्य और श्री नारायण गुरुदेव के कार्यों में समानता का उल्लेख किया था और दोनों को एकसमान बताया था। उनके बयान से कथित तौर पर वामपंथी नाराज हो गए थे, जिसके चलते राजेश ने बयान दिया।

बता दें कि आदि शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत के ज्ञान और दर्शन को प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भगवद्गीता, उपनिषद और ब्रह्मसूत्र के सिद्धांतों को भी बताया। उन्हें एक दार्शनिक के रूप में जाना जाता है। एकता और आध्यात्मिकता पर दिए गए उनके ज्ञान को लोग आज भी सराहते हैं।

कैंसर (गला+स्तन) की दोहरी मार झेल रहीं मार्टिना नवारितोवला: कभी लिएंडर पेस की रहीं पाटर्नर, 59 टाइटल जीत रचा था इतिहास

पूर्व टेनिस खिलाड़ी और इस खेल के सबसे बड़े दिग्गजों में से एक गिनी जाने वाली मार्टिना नवरातिलोवा (Martina Navratilova) एक बार फिर से कैंसर की चपेट में आ गई हैं। वर्ष 2010 में उन्हें पहली बार स्तन कैंसर (Breast Cancer) कैंसर का पता चला था। उन्होंने उस वक्त 6 माह में ही कैंसर को हरा दिया था। हालाँकि, इस बार उन्हें कैंसर की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उनमें गला व स्तन कैंसर दोनों का पता चला है।

‘Tennis.com’ की रिपोर्ट के अनुसार, “इतिहास की सबसे महान एथलीटों में से एक मार्टिना नवरातिलोवा में स्टेज 1 के गले के कैंसर (Throat Cancer) का का पता चला है। इसके अलावा, जाँच के दौरान पता चला कि उन्हें स्तन कैंसर भी है। दोनों कैंसर अपने प्रारंभिक चरण में हैं। अच्छे परिणाम की उम्मीद है।” वो भारतीय टेनिस दिग्गज लिएंडर पेस की डबल्स में पार्टनर रही हैं।

मार्टिना नवरातिलोवा ने कहा, “इस बार कैंसर की दोहरी मार है, जो कि गंभीर है। लेकिन, इसे ठीक किया जा सकता है। मैं बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रही हूँ। मुझे कुछ समय के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन मुझसे जितना बन सकेगा, मैं इससे लड़ूँगी।” नवरातिलोवा ने टेक्सास के फोर्ट वर्थ में नवंबर 2022 के डब्ल्यूटीए फाइनल के दौरान गले की समस्या का पता चला था। उसी दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि उन्हें फिर से स्तन कैंसर हो गया है। बाद में जब बायोप्सी कराई गई तो पता चला कि उन्हें गले का कैंसर भी है।

मार्टिना का इलाज इसी महीने शुरू किया जाएगा। डॉक्टरों को उम्मीद है कि वह कैंसर से उबर जाएँगी। वैसे भी वह इससे पहले भी कैंसर को हरा चुकी हैं। मार्टिना विश्व की दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रहीं हैं। वह रिकॉर्ड 331 सप्ताह तक दुनिया की नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी रहीं थी। चेकोस्लोवाकिया में पैदा हुईं मार्टिना नवरातिलोवा के नाम कई रिकॉर्ड हैं। उन्होंने 18 महिला सिंग्लस ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं। इसके अलावा उन्होंने महिला युगल में 31 और मिश्रित युगल में 10 टाइटल अपने नाम किए हैं। वर्ष 1994 में वह रिटायर हो गईं थीं।

मार्टिना फ़िलहाल अमेरिका में रहती हैं और टेनिस मैचों में कमेंट्री करती हैं। हालाँकि, कैंसर का पता चलने का बाद वह अब आगामी ऑस्ट्रेलियन ओपन में कमेंट्री नहीं कर पाएँगी। मार्टिना ने टेनिस खेलने के दौरान 59 टाइटल अपने नाम किया था।

होटल में लड़ाई, स्कूटी पर साथ, लेकिन एक्सीडेंट होते ही भाग निकली: दिल्ली में लड़की को कार से घसीटे जाने के मामले में CCTV से नया मोड़

दिल्ली में रविवार (1 जनवरी 2022) की रात स्कूटी सवार एक लड़की कार में फँसकर कई किलोमीटर तक घिसटती रही और उसकी मौत हो गई। इस मामले में सीसीटेव फुटेज से नई जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक स्कूटी पर दो लड़की सवार थीं। दूसरी एक्सीडेंट के बाद भाग निकली थी।

दिल्ली के कंझावला में हुई इस घटना को लेकर पुलिस ने कहा है कि एक्सीडेंट वाले रास्ते के सीसीटीवी फुटेज की जाँच से पता चला है कि मृतका अपनी स्कूटी पर अकेली नहीं थी। हादसे के वक्त उसके साथ एक अन्य लड़की भी थी। एक्सीडेंट में वह घायल हो गई और डर के कारण वहाँ से भाग गई। वहीं, मृत लड़की का पैर कार के एक्सल में फँस गया और वह 10-12 किलोमीटर तक सड़क पर घिसटती रही।

एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार (2 जनवरी 2022) को पुलिस ने मृतका के साथ स्कूटी में बैठी युवती को ढूँढ़ लिया। अब पुलिस उसके बयान दर्ज करने की तैयारी में है। फिलहाल, उसने पुलिस को बताया है कि यह एक एक्सीडेंट था। घटना से पहले दोनों एक होटल में आयोजित बर्थडे पार्टी में गईं थीं।

रिपोर्ट में होटल के मैनेजर के हवाले से बताया गया है कि दोनों लड़की शाम 7.30 बजे के करीब आई थी और 1.15 बजे के करीब होटल से निकलीं। इनसे मिलने इनके कुछ दोस्त भी आए थे। आपस में लड़ाई के बाद होटल स्टाफ ने इन्हें बाहर निकाल दिया था। मैनेजर के अनुसार होटल के बाहर भी दोनों लड़की के बीच झगड़ा हुआ। आसपास के लोगों ने रोका तो दोनों स्‍कूटी पर बैठकर चली गईं।

पुलिस को एक्सीडेंट वाले रास्ते के कई सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इनमें से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में, स्कूटी पर दो लड़कियों को बैठे हुए देखा जा सकता है। पुलिस की जाँच में सामने आया है कि आरोपित सड़क के दूसरी ओर कार चला रहे थे। इसलिए, दो-दो परमानेंट पुलिस पिकेट्स होने के बाद भी वह बच गए। यही नहीं, उन्होंने पुलिस पिकेट्स से ठीक पहले यू-टर्न ले लिया था।

बता दें कि सोमवार (2 जनवरी 2022) को मृतका का पोस्टमार्टम हुआ था। दिल्ली पुलिस के स्‍पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) सागर प्रीत हुड्डा ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपितों के खिलाफ धाराएँ बढ़ाई जा सकती हैं। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय भी सख्त नजर आ रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस को मामले की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने का निर्देश दिया है।

इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान दीपक खन्ना अमित खन्ना, कृष्णन, मिथुन और मनोज मित्तल के रूप में हुई। पुलिस को शक है कि आरोपित नशे में थे। फिलहाल, उनकी ब्लड रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने कार अपने दोस्त से ली थी।