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इरम, शहनाज और अब अमरीना… बरेली की मुस्लिम युवती ने हिंदू बन पप्पू संग की शादी, कहा- तीन तलाक का डर खत्म हुआ

उत्तर प्रदेश के बरेली की एक और मुस्लिम युवती ने हिंदू के साथ सादी की है। इस युवती का नाम है अमरीना। हिंदू धर्म अपनाकर अमरीना ने अपना नया नाम राधिका रखा है। पप्पू के साथ शादी की है। बताया है कि भगवान में पहले से ही उसकी आस्था थी। अब तीन तलाक का डर भी खत्म हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 वर्षीय अमरीना बिजनौर की रहने वाली है। वह सोमवार (26 दिसबंर 2022) को बरेली के अगस्तय मुनि आश्रम मंदिर में घर वापसी कर राधिका बन गई। इसके बाद आचार्य पंडित केके शंखधार ने पप्पू के साथ उसकी हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई। पंडित शंखधर इससे पहले 64 मुस्लिम लड़कियों की शादी हिंदू युवकों से करा चुके हैं। राधिका ने बताया कि उसके परिवार वाले उसे लगातार धमकी दे रहे थे। लेकिन उसने प्यार की खातिर अपना घर, धर्म और परिवार छोड़ दिया है। अब वह हमेशा हिंदू बनकर रहेगी।

राधिका ने कहा, “मैं बालिग हूँ। आधार कार्ड में मेरी जन्म तारीख 9 अगस्त 2000 है। हिंदुओं में तीन तलाक नहीं देते। यहाँ तो पता नहीं कब तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया जाए। हमारे पड़ोस के रहने वाली एक युवती का निकाह पाँच साल पहले हुआ था। उसके शौहर ने उसे पीट-पीटकर 3 तलाक देकर घर से निकाल दिया था। मैंने अपनी मर्जी से शादी की है। मेरा निर्णय मेरे भविष्य के लिए सुखद होगा। मेरे पति पप्पू जहाँ चाहेंगे, मैं वहाँ अपना गुजर-बसर कर लूँगी।”

राधिका और पप्पू कैसे मिले

राधिका का पति पप्पू बरेली से सटे रामपुर के एक गाँव में रहता है। दो साल पहले अक्टूबर में एक मिस्ड कॉल से दोनों की दोस्ती शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दरअसल, अमरीना के फोन पर एक दिन अनजान युवक का फोन आया। जब युवती ने उसे कॉल बैक किया तो पप्पू ने फोन उठाया। उसने कहा कि कॉल गलती से लग गई थी। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बात होने लगी। करीब दो वर्ष पहले इनके प्रेम संबंधों को लेकर परिवार वालों ने विरोध शुरू कर दिया। पप्पू के अनुसार, उन दोनों ने जिंदगी भर साथ रहने का निर्णय ले किया था। इसलिए उन्होंने घर छोड़ दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले 30 नवंबर को बरेली की शहनाज और इरम सैफी ने भी इसी तरह हिंदू युवकों से शादी की थी। शहनाज ने अपना नाम सुमन तो इरम ने स्वाति रखा था। शहनाज के धर्म परिवर्तन कर प्रेमी अजय से शादी करने के बाद टुकड़े-टुकड़े करने की धमकी दिए जाने की भी खबर आई थी। नव विवाहित दंपती ने जान का खतरा जताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

इस 26 जनवरी से दुरुस्त होगा इतिहास: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बिहार में बड़ा ऐलान, कहा- नई किताबों में बच्चों को देंगे सही ज्ञान

इस वसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) से नई शिक्षा नीति के तहत देश भर में छात्र अब भारतीय इतिहास का सही संस्करण पढ़ेंगे। इसकी घोषणा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बिहार में की है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 26 जनवरी 2023 से देश भर के छात्रों को भारतीय इतिहास का सही संस्करण पढ़ाया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।

प्रधान मंगलवार (27 दिसंबर 2022) को बिहार के सासाराम जिले के जमुहार में स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (GNSU) में आयोजित भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR) और अखिल भारतीय इतिहास संकल्प योजना के अधिवेशन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

अपने संबोधन के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पुस्तकों को सही तथ्यों के साथ फिर से प्रकाशित किया जा रहा है। नई पुस्तकें दुनिया को भारतीय इतिहास के बारे में स्पष्टता प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश के सही इतिहास, भाषा और संस्कृति को समझने का मौका देगी।

देश भर के छात्रों को वसंत पंचमी के अवसर पर 26 जनवरी 2023 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय इतिहास का सही संस्करण पढ़ाया जाएगा। प्रधान ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा को प्राथमिकता दी गई है। नई तथ्यों के साथ पुस्तकें प्रकाशित की जा रही हैं। नई किताबें डिजिटल मोड में भी उपलब्ध होंगी।

अपने संबोधन के दौरान प्रधान ने भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता सँभाले जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “हमें G-20 को भारत का उत्सव बनाना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि G-20 भारत की समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने रखने का सुनहरा अवसर है।

आपको बता दें कि साल 2020 में केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) को मंजूरी दी थी। इसके तहत कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। इसी के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया था।

एक और ‘कंथारा’: सबरीमाला, भगवान अय्यप्पा और 8 साल की बच्ची… वामपंथियों को जिस ‘Malikappuram’ ने हराया, उन्हीं की कहानी

साउथ की ‘कंथारा’ फिल्म के बाद दक्षिण सिनेमा की एक और फिल्म का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। इस फिल्म का नाम ‘मलिकप्पुरम’ है, जो बड़े पर्दे पर 30 दिसंबर 2022 को रिलीज होने वाली। इस फिल्म में भगवान अय्यपा के प्रति एक 8 साल की बच्ची की श्रद्धा को दिखाया गया है।

सबरीमाला में भगवान अय्यप्पा के समकक्ष देवता मलिकप्पुरथम्मा या मंजामाथा का लोगों पर उतना ही भावनात्मक प्रभाव है जितना अय्यप्पन का। मलयालम की नई आगामी फिल्म देवी मलिकप्पुरम की कहानी और अवधारणा पर आधारित है, जिसमें नए मलयालम नायक उन्नी मुकुंदन नजर आएँगे हैं। फिल्म दक्षिण से अगली ‘कंथारा’ हो सकती है लेकिन इस बार ये केरल से होगी।

जब आप सबरीमाला तीर्थयात्रा पर जाने के लिए अय्यप्पा की पवित्र मुद्रा (बैज चेन) पहनते हैं, उस क्षण से सभी महिलाएँ आपके लिए “मलिकप्पुरम” होती हैं। आप उन्हें देखते हैं, आप उन्हें पवित्र देवता की तरह देखते हैं और पवित्र मुद्रा की चेन बैज पहनने वाले सभी को “अयप्पा स्वामी” ही कहा जाता है। तो जब तक आप सबरीमाला तीर्थयात्रा पूरी नहीं कर लेते और मुद्रा चेन बैज को सरेंडर नहीं कर देते, तब तक आप सभी महिलाओं में माँ मलिकप्पुरम को देखती हैं। जहाँ तक ​​सबरीमाला का संबंध है, ‘मलिकप्पुरम’ की यही पवित्र अवधारणा है। माना जाता है कि भगवान अय्यप्पा भगवान शिव और भगवान विष्णु के मोहिनी (महिला) के रूप में पैदा हुए थे।

विश्वास और ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार, मलिकप्पुरम मदुरा, तमिलनाडु के श्री मधुरा मीनाक्षी अम्मन का अवतार है और पंथलम साम्राज्य के पारिवारिक देवता भी हैं। भगवान अय्यप्पा पंथला साम्राज्य के राजकुमार थे और उन्होंने सिंहासन और राज्य को छोड़ दिया और वन (सबरीमाला) में चले गए और हमेशा के लिए योगध्यान प्राप्त कर लिया। पंथलम राजा माना जाता है।

केरल के एक राजनीतिक स्पेक्ट्रम में भी, मलिकप्पुरम फिल्म का अपना महत्व है। केरल सरकार द्वारा मंदिर की प्रथा के विरुद्ध युवा महिलाओं को सबरीमाला जाने की अनुमति देने के फैसले के बाद, लाखों महिलाएँ अपनी आस्था और परंपराओं की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर आईं।

सबरीमाला को गिराने के लिए कुछ साल पहले हुई सरकार की साजिश के खिलाफ दुनिया ने केरल की सड़कों पर उन ‘मलिकप्पुरम’ की ताकत देखी है। केरल राज्य भर में उनकी, मलिकप्पुरम की प्रार्थना रैली (नामजप यात्रा) ने केरल सरकार को पैरों पर आने के लिए मजबूर कर दिया और उनका दृढ़ संकल्प टूट गया।

कॉन्ग्रेस कर रही थी राहुल गाँधी की सुरक्षा में चूक का दावा, CRPF ने बताया- खुद तोड़ा 113 बार प्रोटोकॉल, भारत जोड़ो यात्रा में भी किया उल्लंघन

कॉन्ग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राहुल गाँधी की सुरक्षा बढ़ाने की माँग की थी। दावा किया था कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिल्ली में उनकी सुरक्षा में चूक हुई थी। लेकिन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने बताया है कि 2020 के बाद से राहुल गाँधी ने 113 बार सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ा है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी कई मौकों पर तय सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन किया है।

केन्द्रीय बल का कहना है कि राहुल की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। वर्ष 2020 के बाद से उन्होंने खुद 113 बार नियमों का उल्लंघन किया है। समाचार एजेंसी ANI ने CRPF के हवाले से कहा है, “राहुल गाँधी के लिए सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के दौरे के दौरान सीआरपीएफ द्वारा राज्य पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाती है।”

साथ ही CRPF ने बताया है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान दिल्ली में भी सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया था। दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा कर्मियों की पर्याप्त तैनाती की थी। CRPF ने कहा है कि राहुल गाँधी की ओर से निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कई मौकों पर देखा गया है। इस तथ्य से उन्हें समय-समय पर अवगत भी कराया गया है। केन्द्रीय बल ने यह भी बताया है कि उन्होंने दिल्ली में भी इसका उल्लंघन किया था।

कॉन्ग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह को चिट्ठी लिखकर राहुल गाँधी की सुरक्षा में चूक का मामला उठाया था। उन्होंने कहा था कि 24 दिसंबर 2022 को राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ यात्रा के दौरान दिल्ली में सुरक्षा में चूक हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस भीड़ को नियंत्रित नियंत्रित नहीं कर सकी। इस दौरान उनकी सुरक्षा में कई बार सेंध लगी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा।

मोदी सरकार ने राजस्थान को दिए ₹1022 करोड़, 2.5 लाख घरों में पहुँचानी थी बिजली: कॉन्ग्रेस सरकार ने कुछ नहीं किया, बजट लैप्स

राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार की लापरवाही का अंजाम वहाँ की जनता को भुगतना पड़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लोगों के घरों में बिजली का कनेक्शन लगाने के लिए जारी बजट को भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार इस्तेमाल नहीं कर पाई और वह बजट लैप्स हो गया। इसका यह परिणाम हुआ कि प्रदेश के 2.5 लाख घर अंधेरे में ही रह गए।

दरअसल, पंडित दीनयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत केंद्र की मोदी सरकार ने प्रदेश की ढाणियों के 2.5 लाख घरों तक बिजली पहुँचाने के लिए 26 जुलाई 2021 को 1022 करोड़ रुपए का बजट दिया था। इसके लिए केंद्र ने दिसंबर 2021 तक काम पूरा करने की शर्त रखी थी, लेकिन राज्य सरकार इन पाँच महीनों में काम ही शुरू नहीं कर पाई।

केंद्र सरकार की जाँच में खुलासा हुआ है कि राज्य सरकार ने इसके लिए मार्च 2022 तक समय बढ़ाने का आग्रह किया। केंद्र इसके लिए भी तैयार हो गया। इसके बाद भी काम शुरू नहीं हुआ और राज्य सरकार इस बजट का उपयोग नहीं कर पाई।

इस योजना के तहत गाँवों में किसानों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाने थे। इस योजना में 60 प्रतिशत पैसा केंद्र सरकार द्वारा और 40 प्रतिशत पैसा राज्य सरकार द्वारा खर्च किया जाना था। हालाँकि, राज्य सरकार इसे पूरा करने में विफल रही। बता दें कि व्यक्तिगत खर्च पर बिजली कनेक्शन कराने मे 70 हजार से एक लाख रुपए की लागत आती है।

इस योजना के तहत सरकार ने साल 2018 तक कनेक्शन लगाए गए थे। इसके बाद भी ढाणियों के करीब ढाई लाख घरों तक कनेक्शन नहीं पहुँच पाया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने इसके लिए बजट जारी किया। इसमें 433 करोड़ रुपए जोधपुर, 433 करोड़ रुपए अजमेर और शेष राशि जयपुर डिस्कॉम को दी गई।

पाँच महीने में काम को पूरा करने की शर्त के बावजूद तत्कालीन ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। दिसंबर 2021 में जब भंवर सिंह भाटी ऊर्जा मंत्री बने तो जनवरी में इसके बारे में उन्हें पता चला। इसके बाद जब तक काम शुरू होता, उससे पहले ही बजट लैप्स हो गया।

नाम- तौसीफ, काम- DTC बस में महिलाओं की सुरक्षा, किया- महिला मार्शल से रेप: नशीला पदार्थ पिलाकर दिया अंजाम, Video वायरल करने की देता था धमकी

दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में तैनात मार्शल का काम यात्रियों, खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा करना है। लेकिन DTC के एक बस मार्शल पर साथी महिला मार्शल से रेप करने का आरोप लगा है। आरोपित मार्शल की पहचान तौसीफ के तौर पर हुई है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

तौसीफ पर आरोप है कि उसने महिला मार्शल को जन्मदिन पर अपने घर बुलाया। नशीला पदार्थ पिलाकर रेप किया। इसका वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह महिला मार्शल का लगातार यौन शोषण कर रहा था।

महिला पत्रकार मीनाक्षी शरियान ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए तौसीफ की तस्वीर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है, “DTC की बस में मार्शल के रूप में तैनात तौसीफ ने महिला के साथ रेप किया व वीडियो बनाया। तौसीफ को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह महिलाओं की सुरक्षा करेगा, लेकिन उसने रेप किया।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेप के दौरान बनाए वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर तौसीफ महिला मार्शल का लगातार यौन शोषण कर रहा था। महिला बदनामी के डर से उसका अत्याचार सहती रही। लेकिन जब तौसीफ की प्रताड़ना नहीं रुकी तो उसने अपने पति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद दिल्ली के खजूरी खास थाने में इस संबंध में रिपोर्ट लिखाई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर तौसीफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

उत्तर पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस ने बुधवार (28 दिसंबर 2022) को बताया कि पीड़िता घोंडा की रहने वाली है। आज डीटीसी बस में महिला मार्शल है। काम के दौरान वह पुरुष मार्शल तौसीफ के संपर्क में आई। धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हो गई। इसके बाद तौसीफ ने दिल्ली के खजूरी खास स्थित अपने घर पर उसे जन्मदिन की पार्टी में बुलाया था।

महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि तौसीफ ने इस दौरान उसे धोखे से नशीला पदार्थ पिला दिया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद महिला मार्शल की काउंसिलिंग कराई जा रही है। आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

PFI को नए नाम से जिंदा करने की प्लानिंग, देश-विदेश से जुटाया जा रहा था फंड: केरल में 56 ठिकानों पर NIA ने मारी रेड

केरल में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार (29 दिसंबर 2022) तड़के 56 ठिकानों पर छापेमारी की गई। रिपोर्टों के अनुसार प्रतिबंध के बाद पीएफआई को नए नाम से खड़ा करने की प्लानिंग थी। अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों के संपर्क में होने और आतंकी गतिविधियों के लिए देश-विदेश से फंड जुटाने की कोशिश होनी की बात भी कही जा रही है।

केरल में पीएफआई से जुड़े लोगों के ठिकानों पर NIA की रेड सुबह चार बजे शुरू हुई और ख़बर लिखे जाने तक जारी थी। छापेमारी PFI के उन सदस्यों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई जो देश के खिलाफ साज़िश रच रहे थे। इनमें वे ओवर ग्राउंड वर्कर भी शामिल हैं जो आधिकारिक तौर पर पीएफआई के सदस्य नहीं हैं, लेकिन उसके लिए काम करते हैं। सितंबर 2022 में बैन किए जाने के बाद से केरल में पीएफआई के खिलाफ एनआईए की यह 5वीं रेड है। NIA सूत्रों की मानें तो केरल में ही PFI के सबसे ज्यादा सक्रिय सदस्य हैं और बैन किए जाने के बाद भी अपनी गतिविधियाँ जारी रखे हुए हैं।

जाँच एजेंसियों के मुताबिक PFI को किसी दूसरे नाम से दोबारा खड़ा करने की कोशिश की जा रही थी। इसके साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी गतिविधियों की भी प्लानिंग की जा रही थी। इसके लिए देश और विदेश से धन जुटाए जा रहे थे। NIA ने तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, एर्नाकुलम, अलप्पुझा और मलप्पुरम जिलों समेत कई अन्य स्थानों पर दबिश दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अकेले एर्नाकुलम में 8 जगहों और तिरुवनंतपुरम में 6 स्थानों पर NIA की टीम ने रेड मारी है।

बता दें कि पीएफआई का गठन वर्ष 2006 में केरल में हुआ था। यह संगठन तीन मुस्लिम संगठनों केरल नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु के मनिता नीति पसरई को मिलाकर बनाया गया था। साल 2009 में इसने एक राजनीतिक मोर्चा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया भी बना लिया था।

भारत सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) को देश विरोधी और गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाया। जिसके बाद सितंबर 2022 में सरकार ने PFI और उससे जुड़ी 8 संस्थाओं को 5 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।

रिसर्च के लिए लैब भेजा जाएगा राहुल गाँधी का अमोघ वस्त्र, ‘हाथ’ की जगह सुपर ह्यूमन का ‘टीशर्ट’ होगा कॉन्ग्रेस का चुनाव चिह्न!

‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ है टाइप से ‘राहुल गाँधी को ठंड क्यों नहीं लगती’ वाला प्रश्न इस समय उफान पर है। या यूँ कहें कि कॉन्ग्रेसियों ने इसे जबरन एक जरूरी प्रश्न बना दिया है। इसकी वजह है राहुल गाँधी का वह ‘सफेद टीशर्ट’, जिसे वह अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में पहन रहे हैं। हो सकता है कॉन्ग्रेसी भविष्य में इस टीशर्ट की प्रदर्शनी लगाएँ। इस टी-शर्ट को ‘ठंड से बचने का अचूक उपाय’ बताएँ। इसकी नीलामी कर करोड़ों कमाएँ।

कॉन्ग्रेसी अपने आराध्य ‘राहुल गाँधी’ की तुलना भगवान श्रीराम से भी कर चुके हैं। ऐसे में उनके द्वारा पहने गए अमोघ वस्त्र ‘टीशर्ट’ को रिसर्च के लिए लैब भी भेजा जा सकता है। बुधवार को कॉन्ग्रेसियों ने इस टीशर्ट को ट्विटर पर ट्रेंड करा दिया था मानो टीशर्ट न हुआ कोई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दा हो गया। इसी टीशर्ट के बहाने कॉन्ग्रेसी राहुल को सुपर ह्यूमन तक बता रहे हैं। सलमान खुर्शीद ने कुछ दिन पहले कहा था कि वह ठंड से ठिठुर रहे हैं और जैकेट पहन रहे हैं, लेकिन राहुल राहुल गाँधी सुपर ह्यूमन हैं। राहुल गाँधी टीशर्ट में बाहर जा रहे हैं।

कॉन्ग्रेसी राहुल के टीशर्ट को लेकर इतने आह्लादित हो चुके हैं कि किसी दिन यह भी खबर आ सकती है कि पार्टी ने चुनाव आयोग में अपने चुनाव चिह्न को बदलने के लिए आवेदन किया है। आवेदन में कॉन्ग्रेसी यह गुहार लगा रहे हैं कि वह अपना चुनाव चिह्न ‘हाथ’ से बदलकर ‘राहुल गाँधी का टीशर्ट’ करना चाहते हैं।

कॉन्ग्रेस के स्थापना दिवस पर बुधवार (29 दिसंबर 2022) को राहुल कॉन्ग्रेस दफ्तर पहुँच गए थे। कड़ाके की ठंड में वह अपने सफेद दिव्य टीशर्ट पहनकर दफ्तर पहुँचे थे। ऐसे में उनसे किसी ने इस टीशर्ट के बारे सवाल पूछ लिया। उन्होंने कहा कि अभी टीशर्ट ही चल रहा है। जब टीशर्ट नहीं चलेगा, तब देखेंगे। राहुल गाँधी की बात से तो यही समझ आया कि वह इस ठंड इसी टीशर्ट के साथ सार्वजनिक जगहों पर दिखाई देंगे।

उन्हें टीशर्ट पहनने के बाद ठंड लगती है या नहीं से बड़ा सवाल यह है कि वह 52 साल की उम्र में यह दिखावा क्यों कर रहे हैं। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उनसे पूछा गया था कि वह यह टीशर्ट क्यों पहन रहे हैं। उन्होंने कहा था कि देश के गरीबों, किसानों, छात्रों से यह बात क्यों नहीं पूछी जाती कि उन्हें क्यों ठंड नहीं लगती? अब उन्हें कौन बताए कि इनलोगों को ठंड लगती है और वे गर्म कपड़े भी पहनते हैं।

चंदा कोचर के बेटे की हाई प्रोफाइल वेडिंग कैंसल होने के चर्चे, जैसलमेर में शादी फंक्शन के लिए बुक थे 2 आलीशान होटल और 150 लग्जरी कार

आईसीआईसीआई बैंक लोन घोटाले में गिरफ्तार बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर के बेटे अर्जुन की हाई प्रोफाइल शादी कैंसल हो गई है। शादी के फंक्शन जैसलमेर में होने थे। इसके लिए दो आलीशान होटल और करीब 150 लग्जरी कारें बुक किए गए थे जो अब रद्द कर दिए गए हैं।

चंदा और उनके पति दीपक कोचर को CBI ने 23 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए करोड़ों रुपए के लोन के मामले में हुई थी। आरोप है कि जब चंदा कोचर ने ICICI बैंक की कमान संभाली तो उन्होंने वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया था, जो बाद में नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) हो गए। NPA को साधारण भाषा में कहें तो ये पैसे डूब गए।

कोचर दंपति ने सीबीआई द्वारा अपनी गिरफ़्तारी को कोर्ट में चुनौती दी थी। कोचर दंपति ने गिरफ्तारी को चैलेंज करते हुए एक याचिका दायर की थी। साथ ही कोर्ट से इस पर तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट की तरफ से कहा गया था कि याचिका तत्काल सुनवाई के लायक नहीं है।

ख़बरों के मुताबिक याचिका रद्द होने के बाद अर्जुन कोचर की शादी भी कैंसिल करनी पड़ी है। अर्जुन की शादी के लिए मुंबई की एक इवेंट कंपनी की तरफ से जैसलमेर में होटलों को बुक किया गया था। होटलों से जुड़े लोगों ने जानकारी दी है कि मुंबई की जिस इवेंट कंपनी ने इस हाई प्रोफाइल वेडिंग के लिए होटल बुक किए थे, उनकी तरफ से सभी बुकिंग कैंसिल कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार इस शादी के लिए जैसलमेर के 2 आलीशान होटलों को बुक किया गया था। इसके अलावा शादी में मेहमानों को एयरपोर्ट से लाने और जैसलमेर की सैर करवाने के लिए 150 लग्जरी गाड़ियों की भी व्यवस्था की गई थी। सूत्रों के मुताबिक तीन महीने पहले से ही जैसलमेर में विवाह की तैयारी चल रही थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक चंदा कोचर के बेटे अर्जुन की शादी एक बिजनेस घराने से संबंध रखने वाली संजना नाम की लड़की के साथ तय हुई है। 7 जनवरी 2023 को मुंबई के ताज होटल में शादी की प्री पार्टी आयोजित की गई थी। इसके लिए मेहमानों को दावत भी दे दी गई थी। यह पार्टी मुंबई के ताज होटल में होनी थी।

बेटे अर्जुन के अलावा चंदा कोचर और दीपक कोचर को एक बेटी भी है। बेटी आरती की शादी साल 2014 में हो चुकी है। बेटे अर्जुन (26 साल) ने अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।

4 मौके, 5 नेता और भारत का सबसे अमीर शख्स… PM मोदी के कारण मिली कामयाबी?- गौतम अडानी ने दिया जवाब

अडानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडानी (Gautam Adani) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और वे एक ही राज्य से आते हैं, इसलिए कुछ लोग उन पर पीएम मोदी की मेहरबानी का आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि उनके औद्योगिक सफर की शुरुआत तब हुई, जब कॉन्ग्रेस के नेता राजीव गाँधी (Rajiv Gandhi) प्रधानमंत्री थे।

गौतम अडानी ने कहा कि राजीव गाँधी की एक्जिम पॉलिसी के कारण उनका एक्सपोर्ट हाउस शुरू हुआ। नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के आर्थिक सुधार के कारण उन्हें बहुत लाभ हुआ। उन्होंने बताया कि 1995 में जब गुजरात में केशुभाई पटले मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने मुंडरा पर पहला पोर्ट बनाया था। उन्होंने अपने औद्योगिक सफर को चार भागों में भाँटा है।

नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनने को लेकर गौतम अडानी ने इंडिया टुडे को बताया कि उनके आने के साथ ही गुजरात में तेजी से विकास हुआ और उद्योग-धंधे लगे। उनकी नीतियों के कारण गुजरात के अविकसित क्षेत्रों का भी विकास हुआ। उससे उद्योग और रोज़गार का विकास हुआ तथा आर्थिक बदलाव आया।

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ निराधार आरोप लगाए जाते हैं कि पीएम मोदी के कारण उनकी तरक्की हुई। उन्होंने बताया कि गौतम अडानी लोकतांत्रिक भारत की उपज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हार मानना अडानी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे योजनाबद्ध तरीके से काम करते हैं और बिजनेस मॉडल के तहत कंपनी शुरू करते हैं।

उन्होंने बताया कि उनके सारे उद्योग-धंधे काबिल और पेशेवर लोग चलाते हैं। वह दिन-प्रतिदिन के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते। उनका काम सिर्फ दिशा दिखाना, पूँजी आवंटित करना और सभी के कामों की समीक्षा करना है। इसे ही उन्होंने अपनी सफलता का मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें नए उद्योग-धंधे लगाने के लिए सोचने के बारे में समय मिल जाता है।

बता दें कि गौतम अडानी दुनिया के दुनिया के तीसरे सबसे धनी व्यक्ति हैं। फोर्ब्स मैगजीन के अनुसार, उनका कुल नेटवर्थ 125.8 अरब डॉलर (करीब 10,410 अरब रुपए) है। वह भारत में आधारभूत ढाँचा के विकास के क्षेत्र के सबसे बड़े उद्योगपति माने जाते हैं। गौतम अडानी को यहाँ तक पहुँचने के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़े हैं।

60 वर्षीय गौतम अडानी 16 साल की उम्र में कारोबार में हाथ आजमाने के लिए सन 1978 में मुंबई आ गए थे। यहाँ उन्होंने हीरे का कारोबार शुरू किया। इस काम वे लंबे समय तक नहीं कर पाए और तीन साल बाद यानी 1981 में वे गुजरात वापस लौट गए। वहाँ उन्होंने अपने बड़े भाई की प्लास्टिक फैक्ट्री में काम शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने आगे का रास्ता तय करना शुरू कर दिया।